अगले माह रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में तेलुगुभाषी दिखाएंगे जनबल
आंध्र एसोसिएशन की स्वर्ण जयंती पर अगले माह 21-22 को हो रहे अखिल भारतीय सम्मेलन में भिलाई से उमड़ेगा समाज
— टी. सहदेव
भिलाई नगर। आंध्र एसोसिएशन, रायपुर की स्वर्ण जयंती पर अगले माह 21 और 22 तारीख को 11वें अखिल भारतीय तेलुगु सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। रायपुर स्थित श्री बालाजी विद्या मंदिर में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के तेलुगु समाज के प्रतिनिधि, विद्वान, प्रतिष्ठित व्यक्तित्व और ख्यातिप्राप्त कलाकार जुटेंगे। सम्मेलन में तेलुगु भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इस आयोजन में भिलाई-दुर्ग क्षेत्र से भी सैकड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह सम्मेलन केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में निवासरत लगभग आठ लाख तेलुगुभाषियों की सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक शक्ति को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी होगा।
*तेलुगु समाज को मिलेगा साझा मंच*
आयोजकों का उद्देश्य देशभर में फैले तेलुगु समाज को एक साझा मंच प्रदान करना, अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा एवं परंपराओं से जोड़ना है। सामाजिक दृष्टि से भी इस सम्मेलन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां विभिन्न संगठनों की भागीदारी के माध्यम से समाज की एकता और सामूहिक सहभागिता प्रदर्शित होगी। सम्मेलन में भिलाई-दुर्ग की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बालाजी मंदिर परिसर स्थित आंध्र भवन के कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें आंध्र एसोसिएशन, रायपुर के अध्यक्ष जी. स्वामी एवं सचिव टी. श्रीनिवास रेड्डी ने आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पी.वी. राव, सचिव पी.एस. राव तथा भिलाई के विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों को सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
*भिलाई से सैकड़ों लोगों के पहुंचने की तैयारी*
बैठक में छत्तीसगढ़ अग्निकुल क्षत्रिय समाज, गंजाम अग्निकुल क्षत्रिय समाज, प्रजा सेवा समिति, तेलुगु यादव समिति, वाड़बलिजा जातीय संघम, तेलुगु स्वर्णकार समाज, कलांजलि नाट्य संस्थान, भिलाई तेलुगु समाज, श्रीसाईंनाथ जन सेवा समिति और श्री कोदंडा रामालयम सहित लगभग 16 संगठनों के 60 से अधिक प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान सम्मेलन की तैयारियों, समाज की सहभागिता और अधिकाधिक लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा हुई। सम्मेलन में भिलाई-दुर्ग से बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से रायपुर पहुंचने की व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भाग लेने वालों की सुविधा के लिए बसों की व्यवस्था करने का सुझाव रखा गया, जिसे आंध्र एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. स्वामी ने स्वीकार कर लिया। इससे विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों और परिवारों की सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगीं दोनों शामें*
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्याएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें पारंपरिक नृत्य, संगीत, नाट्य प्रस्तुतियों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से तेलुगु समाज की कला एवं परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए तेलुगु संस्कृति की विविधता, ऐतिहासिक गौरव और कलात्मक समृद्धि को मंच पर जीवंत करेंगे। सम्मेलन के माध्यम से न केवल तेलुगु भाषा और साहित्य को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में बसे तेलुगुभाषियों के बीच आपसी संवाद, सामाजिक समन्वय और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। भिलाई-दुर्ग के सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से इस राष्ट्रीय आयोजन को व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद है।


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