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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में फिल्म द केरल स्टोरी दिखाए जाने पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी. वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से प्रदर्शन प्रमाणपत्र मिला है और कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार का दायित्व है। पीठ ने कहा की पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिबंध आदेश तर्कसंगत नहीं है। न्यायालय ने कहा कि स्वतंत्र अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार को जनभावनाओं पर नहीं छोड़ा जा सकता। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि फिल्म का प्रदर्शन कर रहे प्रत्येक सिनेमाहॉल को अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है। तमिलनाडु के संदर्भ में शीर्ष न्यायालय ने कहा कि राज्य या प्रशासन तंत्र ने द केरल स्टोरी का प्रदर्शन रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया था।
पश्चिम बंगाल में सिनेमाघरों में तीन दिन के प्रदर्शन के बाद इस फिल्म पर रोक लगा दी गयी थी, वहीं तमिलनाडु ने फिल्म का प्रदर्शन प्रतिबंधित नहीं किया, लेकिन वितरकों ने सुरक्षा कारणों से सिनेमाघरों से यह फिल्म वापस ले ली थी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह तीन देशों - जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर रवाना हो गये। यात्रा के पहले चरण में श्री मोदी जापान में, प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा के निमंत्रण पर, जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि जी-7 शिखर सम्मेलन में अनेक प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श होगा। इनमें परमाणु निरस्त्रीकरण, आर्थिक मजबूती और सुरक्षा, क्षेत्रीय मुद्दे, जलवायु और ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य तथा विकास संबंधी विषय शामिल है। इनके अलावा डिजिटीकरण तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर भी विचार होगा।
विदेश सचिव ने बताया कि हिरोशिमा में हो रहे शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी तीन औपचारिक सत्रों में होगी। दो सत्र 20 मई को आयोजित होंगे और तीसरा सत्र 21 मई को होगा। पहले सत्र में खाद्य, स्वास्थ्य, विकास और स्त्री पुरुष समानता पर बातचीत होगी। जबकि दूसरे सत्र का प्रमुख विषय जलवायु, ऊर्जा और पर्यावरण रहेगा। तीसरे सत्र को शीर्षक दिया गया है 'शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध विश्व की ओर'।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के अवसर पर अनेक विश्व नेताओं से द्विपक्षीय विचार-विमर्श करेंगे। जापान ने ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कोमोरोस, कुक आईलैंड, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया और वियतनाम को भी आमंत्रित किया है। संयुक्त राष्ट्र सहित कुछ प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी बैठक में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और हिरोशिमा में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण करेंगे। विदेश सचिव ने बताया कि हिरोशिमा में क्वाड नेताओं की बैठक आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।श्री क्वात्रा ने कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की नियमित भागीदारी स्पष्ट संकेत है कि शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरण संरक्षण सहित वैश्विक चुनौतियों के समाधान के प्रयासों में भारत को शामिल किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की वर्तमान जी-20 अध्यक्षता और दक्षिण देशों के हित को प्राथमिकता देने के संदर्भ में यह और भी महत्वपूर्ण है।यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 21 मई की शाम पापुआ न्यू गिनी के पोर्ट मोर्सबी पहुचेंगे। अगले दिन वे हिंद- प्रशांत द्वीप सहयोग मंच के तीसरे शिखर सम्मेलन की संयुक्त रूप से मेजबानी करेंगे। इस मंच में भारत और प्रशांत द्वीप के 14 देश शामिल है। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली पापुआ न्यू गिनी यात्रा होगी। वहां के गवर्नर जनरल और प्रधानमंत्री के साथ बैठक के अलावा श्री मोदी फिजी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्रियों से भी मिलेंगे।22 मई को श्री मोदी ऑस्ट्रेलिया में सिडनी पहुंचेंगे और 24 मई को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। गवर्नर जनरल डेविड हर्ली से भी उनकी भेंट का कार्यक्रम है। ऑस्ट्रेलिया में श्री मोदी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और व्यापार प्रमुखों के साथ भी बातचीत करेंगे। 23 मई को सिडनी में वे भारतवासियों से मिलेंगे। इस आयोजन में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के भी शामिल होने की आशा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के 28 तारीख को नवनिर्मित संसद भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रधानमंत्री से भेंट कर उन्हें नये संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। यह नया भवन आत्मनिर्भर भारत के उत्साह और ऊर्जा का प्रतीक है। संसद भवन 1927 में बनाया गया था, अब इसके लगभग सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। वर्तमान आवश्यकताओं के लिए इसमें जगह की कमी महसूस की जा रही थी। दोनों सदनों में सांसदों के बैठने की सुविधाजनक व्यवस्था नहीं थी, जिससे सुचारु कामकाज पर असर पड़ रहा था। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने सरकार से नए भवन के निर्माण का आग्रह करते हुए प्रस्ताव पारित किया।
इसके बाद दस दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन की आधारशिला रखी। रिकॉर्ड समय में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा किया गया। यह नवनिर्मित संसद भवन भारत की गौरवशाली लोकतांत्रिक परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को और समृद्ध करेगा। इसकी अत्याधुनिक सुविधाएं सांसदों के बेहतर कामकाज में मदद करेंगी। वर्तमान में लोकसभा में पांच सौ 43 और राज्यसभा में दो सौ 50 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नये भवन में लोकसभा में आठ सौ 88 और राज्यसभा में तीन सौ सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है। दोनों सदनों का संयुक्त सत्र केवल लोकसभा चैंबर में होगा। इस स्थिति में एक हजार दो सौ 80 सांसद यहां बैठ सकेंगे। -
बेंगलुरु/नई दिल्ली। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को सिद्धारमैया को कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री नामित किया। इस शीर्ष पद के प्रबल दावेदार एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद, सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सिद्धारमैया और शिवकुमार 20 मई को दोपहर साढ़े 12 बजे मनोनीत मंत्रियों के समूह के साथ शपथ लेंगे। सिद्धरमैया दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यहां इंदिरा गांधी भवन में हुई कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों की बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और दो अन्य केंद्रीय पर्यवेक्षकों- महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे और एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह ने भी भाग लिया। सुरजेवाला के अनुसार, शिवकुमार ने कर्नाटक में कांग्रेस विधायक दल के नए नेता के रूप में सिद्धरमैया को चुनने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्यों ने आम सहमति से इसका समर्थन किया। इसके बाद, सिद्धारमैया ने शिवकुमार और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ यहां राजभवन में राज्यपाल गहलोत से मुलाकात की और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। चुनाव परिणामों की घोषणा के एक दिन बाद 14 मई को सीएलपी की बैठक हुई थी जिस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नए मुख्यमंत्री का फैसला करने के लिए अधिकृत करते हुए एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित किया गया था। उस दिन आए तीन केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने भी विधायकों की राय ली थी, जिसे उन्होंने खरगे के साथ साझा किया था। राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनावों में कांग्रेस ने 135 सीट जीतकर शानदार जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले जनता दल (सेक्युलर) ने क्रमशः 66 और 19 सीट हासिल की। इससे पहले दिन में, कांग्रेस ने तीन दिनों की मैराथन बैठकों और गहन मंथन के बाद आज ऐलान किया कि कर्नाटक की सत्ता का ताज सिद्धरमैया के सिर पर सजेगा और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। कई दिनों तक चली अनिश्चितता पर विराम लगाते हुए पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने यह घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार नयी सरकार में एकमात्र उपमुख्यमंत्री होने के साथ अगले लोकसभा चुनाव तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी बने रहेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में समान विचारधारा वाले दलों के नेताओं को आमंत्रित किए जाने की जानकारी देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि सिद्धरमैया और शिवकुमार के साथ कई और मंत्री भी शपथ लेंगे। सिद्धरमैया और शिवकुमार को कर्नाटक में कांग्रेस के लिए बड़ी 'पूंजी' बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों की जोड़ी का विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण योगदान रहा। सत्ता में हिस्सेदारी के फार्मूले से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लिए एकमात्र फार्मूला सत्ता में जनता की साझेदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पद का फैसला करने के लिए हुई लंबी चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमारी पार्टी लोकतांत्रिक है। हम तानाशाही में नहीं, सहमति बनाने में विश्वास करते हैं।'' कांग्रेस के संगठन महासचिव ने कर्नाटक में अपनी पार्टी की जीत का श्रेय प्रदेश की जनता को दिया और कहा कि यह चुनाव स्पष्ट रूप से गरीबों और अमीरों के बीच था तथा गरीब एवं मध्य वर्ग कांग्रेस के साथ खड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार का भी जीत में महत्वपूर्ण योगदान रहा। वेणुगोपाल के मुताबिक, कांग्रेस की जीत की शुरुआत पिछले साल ‘भारत जोड़ो यात्रा' के समय से ही हो गई थी औ इस सफलता का बड़ा श्रेय राहुल गांधी के प्रचार एवं मार्गदर्शन को भी जाता है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि खरगे ने बुधवार देर रात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं वेणुगोपाल और सुरजेवाला के साथ मंत्रणा की और फिर सिद्धरमैया और शिवकुमार को इस फार्मूले पर राजी किया गया। इस फार्मूले पर सहमति बनने के बाद सिद्धरमैया और शिवकुमार ने बृहस्पतिवार सुबह खरगे से उनके आवास पर मुलाकात की। सुरजेवाला ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर जारी की, जिसमें खरगे विजयी मुद्रा में दोनों नेताओं का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं। कर्नाटक में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने के लिए पिछले तीन दिनों से कांग्रेस में गहन मंथन का दौर जारी था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस मंत्रणा का हिस्सा रहे। सिद्धरमैया कुरुबा समुदाय से आते हैं और वह मई 2013 से मई 2018 के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। कभी जनता दल और जनता दल (सेक्युलर)का हिस्सा रहे सिद्धरमैया दो बार राज्य के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। पिछली विधानसभा में वह नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। वह पिछले करीब तीन वर्षों से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वह प्रदेश में कांग्रेस की पिछली कुछ सरकारों में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि शिवकुमार को उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी देने के साथ ही उन्हें कुछ महत्वपूर्ण विभाग भी सौंपे जा सकते हैं। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पिछड़ जाने के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पार्टी के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मैं सहमत हुआ। हम कर्नाटक के लोगों के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमें काम करना है। यह हमारी जिम्मेदारी है।'' कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने जा रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया के सामने कई चुनौतियां रहेंगी, जिनमें मंत्रिमंडल गठन, विभागों का बंटवारा और पांच ‘गारंटी' के वादे को पूरा करना प्रमुख हैं। सिद्धरमैया को शिवकुमार को भी साथ लेकर चलना होगा।
शपथ लेने के बाद सिद्धरमैया के सामने जो पहली चुनौती है, वह एक ऐसा मंत्रिमंडल गठित करना है, जिसमें सभी समुदायों, क्षेत्रों और गुटों के अलावा नए और पुरानी पीढ़ी के विधायकों को साधा जा सके। कर्नाटक मंत्रिमंडल में अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं और ऐसे में कई विधायक मंत्री बनने के इच्छुक हैं, जिसके चलते सिद्धरमैया के हाथ में एक कठिन कार्य होगा। उपमुख्यमंत्री पद के लिए कई दावेदार थे। हालांकि, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि शिवकुमार ही उपमुख्यमंत्री होंगे। बताया जाता है कि पार्टी के इस फैसले से कुछ नेता नाराज हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी परमेश्वर ने आज पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को आगाह किया कि यदि उपमुख्यमंत्री पद किसी दलित को नहीं दिया गया तो उसकी प्रतिकूल प्रतिक्रिया होगी और पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी होगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैं मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दोनों ही पदों का आकांक्षी था लेकिन अब हमें आलाकमान के फैसले का पालन करना है, इसलिए यह देखना है कि वे आने वाले दिनों में क्या करेंगे। फिलहाल उन्होंने दो के लिए घोषणा की है और हमें यह देखना एवं इंतजार करना होगा कि वे कैसे मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान न्याय करेंगे।'' लिंगायत के 39 विधायक, वोक्कालिगा के 21, अनुसूचित जाति के 22, अनुसूचित जनजाति के 15, मुस्लिम समुदाय के नौ और कुरुबा के आठ विधायक समेत अन्य भी मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण भूमिकाएं देने की मांग कर रहे हैं। - मुंबई। महाराष्ट्र में पुणे-अहमदनगर मार्ग पर एक जून 1948 को चलाई गई राज्य परिवहन की पहली बस के परिचालक लक्ष्मण केवटे का बुधवार रात निधन हो गया। वह 99 साल के थे। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि केवटे ने मुंबई से 275 किलोमीटर दूर अहमदनगर जिले के मालीवाड़ा इलाके स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ट्वीट कर केवटे के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा, “राज्य परिवहन (एसटी) की यात्रा शुरू करने वाले केवटे की जीवन यात्रा भले ही थम गई हो, लेकिन एसटी के इतिहास में उनका काम हमेशा याद किया जाएगा।” केवटे का जन्म 17 अगस्त 1924 को हुआ था। उन्होंने एक जून 1948 को राज्य परिवहन में परिचालक के रूप में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की थी। यह वही ऐतिहासिक तारीख है, जब राज्य परिवहन ने आजादी के बाद महाराष्ट्र में अपनी पहली बस सेवा शुरू की थी। परिवहन निगम के एक अधिकारी ने कहा कि केवटे ने सरकारी परिवहन निगम के साथ 36 साल तक काम किया। वह 30 अप्रैल 1984 को सेवानिवृत्त हुए थे। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद भी वह परिवहन निगम की गतिविधियों में सक्रिय रहे।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि गुलामी के कालखंड में जहां कितनी ही पांडुलिपियां और पुस्तकालय जला दिए गए वहीं आजादी के बाद अपनी धरोहरों को संरक्षित करने के जो प्रयास होने चाहिए थे, वह भी नहीं किए। राजधानी स्थित प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय प्रदर्शनी 2023 का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘गुलामी के सैकड़ों वर्षों के लंबे कालखंड ने भारत का एक नुकसान यह भी किया कि हमारी लिखित और अलिखित बहुत सारी धरोहर नष्ट कर दी गईं। हमारी कितनी ही पांडुलिपियां और पुस्तकालय गुलामी के कालखंड में जला दिए गए। यह केवल भारत का ही नहीं, पूरी दुनिया और पूरी मानवजाति का नुकसान था।'' उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से आजादी के बाद अपनी धरोहरों को संरक्षित करने के जो प्रयास होने चाहिए थे, वह हो नहीं पाए। लोगों में धरोहरों के प्रति जागरूकता की कमी ने इस संकट को और ज्यादा बढ़ा दिया... इसलिए आजादी के अमृत काल में भारत ने जिन 'पंच प्राणों' की घोषणा की है और उनमें प्रमुख है ‘अपनी विरासत पर गर्व'।'' आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में 47वें अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (आईएमडी) का जश्न मनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस वर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का विषय 'संग्रहालय, स्थिरता और कल्याण' है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में राष्ट्रीय संग्रहालय के एक ‘वर्चुअल वॉकथ्रू' का उद्घाटन किया। यह संग्रहालय भारत के अतीत से संबंधित उन ऐतिहासिक घटनाओं, व्यक्तित्वों, विचारों और उपलब्धियों को उजागर करने और प्रदर्शित करने का एक व्यापक प्रयास है, जिन्होंने भारत के वर्तमान के निर्माण में योगदान दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय प्रदर्शनी के शुभंकर, ‘ग्राफिक नोवेल- संग्रहालय में एक दिन', भारतीय संग्रहालयों की निर्देशिका, कर्तव्य पथ के पॉकेट मानचित्र और संग्रहालय कार्ड का भी विमोचन किया।
- नई दिल्ली। पहले चरण में श्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने आज नई दिल्ली में बताया कि जी-7 सम्मेलन में कई मुद्दों पर चर्चा होगीI इनमें परमाणु निरस्त्रीकरण, आर्थिक मजबूती तथा सुरक्षा, क्षेत्रीय मुद्दे, जलवायु और ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य तथा विकास शामिल हैं। सम्मेलन में कई सत्रों के दौरान डिजिटलीकरण तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों पर भी चर्चा होगी।विदेश सचिव ने बताया कि हिरोशिमा में सम्मेलन में भारत तीन औपचारिक सत्र में भाग लेगा। दूसरा सत्र 20 मई और तीसरा सत्र 21 मई को आयोजित होगा। पहले सत्र में खाद्य, स्वास्थ्य, विकास और स्त्री-पुरूष समानता के बारे में चर्चा होगी। दूसरा सत्र जलवायु, ऊर्जा और पर्यावरण पर होगा। तीसरे सत्र का विषय है - शांति, स्थिर और समृद्ध विश्व की ओर।शिखर सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री जी-7 के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। जापान ने आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कोमोरोस, कुक आइलैंड, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, विएतनाम और संयुक्त राष्ट्र सहित कुछ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को भी आमंत्रित किया है।श्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे तथा हिरोशिमा में महात्मा गांधी की आवक्ष मूर्ति का अनावरण करेंगे। विदेश सचिव ने बताया कि क्वाड समूह के सभी देशों के नेताओं के साथ हिरोशिमा में बैठक आयोजित करने की योजना चल रही है। श्री क्वात्रा ने कहा कि जी-7 के शिखर सम्मेलनों में भारत की नियमित रूप से भागीदारी शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरण संरक्षण सहित वैश्विक चुनौतियों के समाधान के हर गंभीर प्रयास में भारत की बढती हिस्सेदारी को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जी-20 की भारत की वर्तमान अध्यक्षता के परिपेक्ष्य में यह और भी महत्वपूर्ण है।दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 21 मई को पापुआ न्यू गिनी पहुंचेंगे। वे पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मार्पे के साथ संयुक्त रूप से हिंद-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच की मेजबानी करेंगे। इस मंच में भारत और प्रशांत द्वीप समूह के 14 देश शामिल हैं। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पापुआ न्यू गिनी की पहली यात्रा होगी।प्रधानमंत्री मोदी पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल बोब डाडे तथा प्रधानमंत्री जेम्स मार्पे के साथ बैठकें सहित कई द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे फिजी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्रियों के साथ भी परस्पर बातचीत करेंगे।तीसरे चरण में श्री मोदी 22 मई को आस्ट्रेलिया जाएंगे। वे 24 मई को आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। श्री मोदी, ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और कारोबारी प्रमुखों के साथ बातचीत करेंगे। वे 23 मई को सिडनी में एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी श्री मोदी के साथ इस कार्यक्रम में शामिल रह सकते हैं।
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नई दिल्ली। संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को स्वतंत्र प्रभार का विधि और न्याय मंत्री का कार्यभार दिया गया है। श्री मेघवाल केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के स्थान पर विधि मंत्री के रूप में काम करेंगे। राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार श्री रिजिजू अब पृथ्वी विज्ञान का कार्यभार संभालेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाह पर विभागों में परिवर्तन किया है।
प्रोफेसर एस पी सिंह बघेल को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है। इससे पहले प्रोफेसर बघेल कानून और न्याय राज्य मंत्री का पदभार संभाल रहे थे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ओडिसा में आठ हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की रेल परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान श्री मोदी ने पुरी और हावड़ा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी को रवाना किया। यह रेलगाड़ी पांच सौ से अधिक किलोमीटर की दूरी तय करते हुए ओडिसा में खोर्धा, कटक, जाजपुर, भद्रक, बालासोर जिलों और पश्चिम बंगाल में मेदनीपुर और पूरबा जिलों से होकर गुजरेगी। यह रेलगाड़ी यात्रियों को तीव्र, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराएगी और यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। यह पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। यह रेलगाड़ी 20 मई से नियमित रूप से चला करेगी। यह वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन चलेगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस आधुनिक भारत और लोगों की आकांक्षाओं का प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत से देश की गति और प्रगति प्रदर्शित होती है। प्रधानमंत्री ने पुरी और कटक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए शिलान्यास किया। पुनर्विकसित स्टेशनों पर सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी और यहां रेलयात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा। श्री मोदी ने ओडिसा में रेल नेटवर्क के शत-प्रतिशत विद्युतीकृत खंड का लोकार्पण किया। उन्होंने संबलपुर-तितलागढ़ रेललाइन के दोहरीकरण, मनोहरपुर-राउरकेला-झारसुगुड़ा-जांगा के बीच नई ब्रॉडगेज रेललाइन तथा बिच्छुपली-झारतरभा के बीच नई बॉ़र्डगेज रेललाइन का भी लोकार्पण किया। इनसे यातायात की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा। ओडिसा में इस्पात, विद्युत और खनन क्षेत्र में तीव्र औद्योगिक विकास के कारण यातायात बढ़ रहा है। इन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ के कारण दबाव में कमी लाने में मदद मिलेगी। -
प्रयागराज। प्रयागराज में मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में पढ़ाई कर रहे 2 छात्र दीपेंद्र सिंह और विकास मौर्य गंगा नदी में नहाते समय डूब गए। दोनों बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र हैं। सुबह दोनों दोस्तों के साथ प्रयागराज के शिवकुटी इलाके में स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर के पास गंगा में नहाने उतरे थे। अचानक नहाते समय पैर फिसल गया और दोनों छात्र गहरे पानी में समा गए।
मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों की गंगा में डूबने के बाद शिवकुटी पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश की जा रही है। हालांकि अभी तक दोनों का पता नहीं चल पाया है। मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए हैं। दीपेंद्र सिंह राजस्थान के अलवर के रहने वाला और विकास मौर्या मऊ रहने वाला था। दोनों मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। उनके परिवार को हादसे की जानकारी दी गई है। उनके परिवार प्रयागराज आएंगे। -
शाजापुर। शाजापुर में मक्सी-उज्जैन मार्ग पर बुधवार रात करीब साढ़े 3 बजे एक बस और ट्राले में आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, एक मां-बेटी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। 13 घायलों को उज्जैन ले जाया गया है। बस माधवगढ़ (जालौन, उत्तर प्रदेश) से अहमदाबाद जा रही थी। मृतक UP के रहने वाले थे। घटनास्थल पर जान गंवाने वालों में दो महिलाएं एक ही परिवार की थीं। दोनों शादी में शामिल होने गुजरात के अहमदाबाद जा रही थीं। दोनों बस में आगे की सीट पर बैठी हुई थीं।
मक्सी थाने के SI दीपेश व्यास ने बताया कि दोंगता के पास बस और उज्जैन की ओर से आ रहे ट्राले में सामने-सामने भिड़ंत हो गई। राम जानकी पति परमात्मा शरण और मीरा बाई पति गणेश प्रसाद प्रजापति और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई। सुमित्रा देवी (35) और राधा (12) दोनों मां-बेटी ने अस्पताल में दम तोड़ा। केस दर्ज कर लिया गया है। शवों को शाजापुर जिला अस्पताल भिजवाया गया है। 60 से 62 सवारी सफर कर ही थी, जिनके नाम हमें पता चले हैं। हादसे की जानकारी लगते ही तराना, कायथा और मक्सी का बल मौके पहुंच गया था। -
झालावाड़ । झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के 2 स्टूडेंट की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में एक की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला असनावर थाना इलाके के तेलियाखेड़ी का है। अस्पताल चौकी के हेड कॉन्स्टेबल राजेंद्र ने बताया कि तीनों स्टूडेंट बुधवार रात करीब ढाई बजे खाना खाने के लिए अकलेरा की ओर ढाबे पर गए थे।
वापस लौटते समय अंधेरे की वजह से बुलेट सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में तीनों घायल हो गए। वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी और तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रशांत (21) पुत्र सतवीर सिंह रावत निवासी हनुमानगढ़ और प्रवीण (28) पुत्र अजय सिंह राजपूत निवासी चूरू को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, विमल पुत्र सज्जन सिंह निवासी जाट झुंझुनूं को घायल होने पर जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया। -
कटरा/जम्मू. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में इस वर्ष अब तक 33 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने माता के दर्शन किये हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं से यह संख्या चार लाख अधिक है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग ने कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं में इजाफे को लेकर विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रा में उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। गर्ग ने कहा, “इस वर्ष एक जनवरी से 15 मई तक 33 लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कही अधिक हैं। बोर्ड सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।” अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल साढ़े चार महीनों में लगभग 29 लाख तीर्थयात्री मंदिर पहुंचे थे। 2022 में कुल तीर्थयात्रियों का वार्षिक आंकड़ा 91.24 लाख पर पहुंच गया था, जो पिछले नौ वर्षों में सबसे अधिक था।
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पिथौरागढ़ (उत्तराखंड. ) धारचूला से नौ दिन के अंतराल के बाद बुधवार को 71 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना होने के साथ ही आदि कैलाश की तीर्थयात्रा फिर शुरू हो गयी है। धारचूला आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह ने बताया, ‘‘बर्फबारी और भूस्खलन के कारण गारबाधार में पिछले नौ दिन से सड़क अवरूद्ध थी।'' सिंह ने बताया कि आदि कैलाश चोटी के रास्ते में कुटी गांव के आगे जमी बर्फ साफ कर दी गयी है और अब श्रद्धालु पवित्र चोटी के दर्शन कर सकेंगे। राज्य सरकार आदि कैलाश यात्रा को कैलाश मानसरोवर यात्रा के विकल्प के रूप में विकसित कर रही है जो कोविड—19 महामारी के कारण 2020 से स्थगित चल रही है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कुछ शहरों में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी)-यूजी के दिनों को कम से कम चार दिन और बढ़ाया है। साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी)-यूजी की दूसरे संस्करण की परीक्षा 21 से 31 मई के बीच आयोजित होनी है। एनटीए की वरिष्ठ निदेशक (परीक्षा) साधना पराशर ने कहा, ‘‘कुछ शहरों में अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक है। उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के वास्ते सीयूईटी परीक्षाएं अब एक और दो जून तथा पांच और छह जून को भी होगी। सात और आठ जून को दो ‘रिज़र्व' (आरक्षित) दिन रखे गए हैं। आने वाले दिनों में एनटीए इन अतिरिक्त दिनों के लिए ‘सिटी इंटिमेशन स्लिप' जारी करेगा।'' एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘सिटी इंटिमेशन स्लिप', ‘एडमिट कार्ड' के बराबर नहीं है।इस साल सीयूईटी-यूजी के लिए करीब 14 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 41 प्रतिशत अधिक हैं। आवेदकों की संख्या के मामले में सीयूईटी-यूजी देश की दूसरी सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। सीयूईटी-यूजी के पहले साल (2022 में) 12.50 लाख छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया था और 9.9 लाख ने आवेदन जमा किए थे।
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देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को 20 मई को शुरू होने वाली हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए ऋषिकेश से प्रहले जत्थे को रवाना किया। चमोली जिले में 15 हजार फीट से अधिक की उंचाई पर स्थित दुनिया के सबसे उंचे गुरूद्वारे हेमकुंड साहिब के लिए यात्रा का पहला जत्था रवाना करने से पहले राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे के ऋषिकेश परिसर में मत्था टेका तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। हेमकुंड साहिब गुरूद्वारे की यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह यात्रा हम सबके लिए श्रद्धा, भक्ति और विश्वास के साथ जीवन को धन्य बनाने की यात्रा है। इस यात्रा में आने वाले हर यात्री को उन्होंने 'ब्रांड एंबेसडर' बताया और इस बात पर खुशी जताई कि पवित्र गुरूद्वारे के लिए अब तक दो हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा पर जाने से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाने की अपील की। धामी ने कहा कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा भी चरम पर है, और इस वर्ष पिछले साल से भी अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पिछले साल करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किए थे। उन्होंने केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब के लिये रोपवे का शिलान्यास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके बन जाने से यात्रा सहज एवं सुगम होगी। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन शुरू होने के बाद भी हेमकुंड साहिब की यात्रा और सुगम होगी। हेमकुंड साहिब सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह की तपस्थली मानी जाती है। हिमाच्छादित पर्वत श्रंखलाओं के मध्य हेमकुंड सरोवर के समीप हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा स्थित है। यहां पहुंचने के लिए बदरीनाथ के निकट गोविंद घाट से पुलना गांव तक मोटर मार्ग से तथा उसके आगे लगभग 17 किलोमीटर की कठिन दूरी पैदल तय करनी पड़ती है ।
- नयी दिल्ली। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी एसएएससीओएफ का कहना है कि भारत की लगभग 19 प्रतिशत आबादी को इस वर्ष मॉनसून के दौरान सामान्य से कम बारिश और लगभग 13 प्रतिशत आबादी को सामान्य से अधिक बारिश का सामना करना पड़ सकता है। ‘साउथ एशियन सीजनल क्लाइमेट आउटलुक फोरम' (एसएएससीओएफ) के अनुसार मॉनसून के दौरान भारत की लगभग 18.6 प्रतिशत आबादी को सामान्य से कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है। इसके अनुसार उत्तर में सामान्य से कम बारिश होने की 52 प्रतिशत संभावना है और देश के मध्य भागों में सामान्य से कम वर्षा की 40 प्रतिशत संभावना है। एसएएससीओएफ ने कहा कि भारत में कुल 12.7 प्रतिशत लोगों को सामान्य से अधिक बारिश का सामना करना पड़ सकता है। उसने कहा कि भारत के दक्षिणी और पूर्वी भागों में सामान्य से अधिक बारिश होने का 50 प्रतिशत अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पिछले महीने कहा था कि भारत में अल नीनो की स्थिति के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में सामान्य बारिश होने का अनुमान है। निजी पूर्वानुमान एजेंसी, ‘स्काईमेट वेदर' ने देश में ‘‘सामान्य से कम'' मॉनसून बारिश होने की संभावना जताई थी। (file photo)
- अनूपपुर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में बुधवार को एक तालाब में डूबने से दो लड़कियों समेत एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना उस समय हुई जब परिवार के सदस्य कोतमा कस्बे के पास सीतामढ़ी में पिकनिक मना रहे थे। भालूमाड़ा थाना प्रभारी अजित पवार ने बताया कि मृतकों की पहचान शैलेंद्र सिंह (26), अवनी सिंह (11) और खुशी सिंह (12) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।(सांकेतिक फोटो)
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नयी दिल्ली। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बुधवार को जनता तक अपनी पहुंच बढ़ाने को बेहतर बनाने के लिए एक दिवसीय मंथन सत्र आयोजित किया। इस दौरान खासकर उन लोगों से संवाद मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनकी पहुंच टेलीविजन और अखबारों तक नहीं है। सौ से अधिक सरकारी संचार अधिकारियों को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचितों तक पहुंचने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत के एक बड़े हिस्से को टेलीविजन और समाचार पत्रों की सुविधाओं उपलब्ध नहीं है और भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे समाज के उस वर्ग तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि आईआईएस सरकार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और चिंतन शिविर ने अधिकारियों को सहयोग और आत्मनिरीक्षण करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया है। ठाकुर ने कहा कि मीडिया का परिदृश्य और जिस तरह से लोग सूचनाओं का इस्तेमाल करते हैं, वह तेजी से बदल रहा है और 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए सूचना प्रसार के विभिन्न तरीकों को अपनाने की आवश्यकता है।
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कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों से मिली शिकायतों और उनके मुद्दों पर ध्यान देने के लिए पार्टी नेताओं की एक समिति बनाने का फैसला किया है। तृणमूल कांग्रेस महासचिव बनर्जी 25 अप्रैल से ‘तृणमूल-एह नबजोवार' नामक जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और पूरे राज्य की यात्रा कर लोगों से मिल रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘अभिषेक बनर्जी ने दुर्गापुर अधिवेशन शिविर (कल रात) में लोगों की चिंताओं पर समीक्षा बैठक की जो उन्हें यात्रा के दौरान पता चल रही हैं। उन्होंने कार्यों को यथासंभव जल्दी सुलझाने को कहा है।'' बनर्जी ने बैठक में कहा कि नेताओं की एक समिति बनाई जाएगी जो लंबित विषयों की स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखेगी। बनर्जी ने 25 अप्रैल को कूच बिहार जिले से अपना अभियान शुरू किया था और अब तक आठ जिलों में 2,000 किलोमीटर से अधिक यात्रा कर चुके हैं। उनका अभियान जून के तीसरे सप्ताह में दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप में समाप्त होगा।
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नयी दिल्ली. महिलाओं के लिये शुरू की गई बचत योजना महिला सम्मान प्रमाणपत्र से मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस नहीं कटेगा। इसपर जो भी ब्याज मिलेगा, उस आय पर प्राप्तकर्ता को कर स्लैब के हिसाब से कर देना होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 16 मई को डाकघर बचत योजना के लिये स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) प्रावधान को अधिसूचित किया है। इसके तहत लड़की या किसी महिला के नाम पर खाता खोला जा सकता है। महिला सम्मान प्रमाणपत्र योजना चालू वित्त वर्ष में शुरू की गयी। इसमें अधिकतम दो लाख रुपये जमा किये जा सकते हैं। इसपर सालाना 7.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। जमा राशि दो साल में परिपक्व होगी। नांगिया एंडरसन इंडिया के भागीदार नीरज अग्रवाल ने कहा कि सीबीडीटी की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र पर मिलने वाला ब्याज एक वित्त वर्ष में अगर 40,000 रुपये से अधिक नहीं है तो इस पर टीडीएस नहीं कटेगा। अग्रवाल ने कहा, ‘‘योजना के तहत 7.5 प्रतिशत ब्याज पर दो लाख रुपये की जमा राशि पर एक साल में 15,000 ब्याज बनेगा। दो साल में यह 32,000 रुपये होगा। ऐसे में कहा जा सकता है कि चूंकि किसी एक वित्त वर्ष में ब्याज 40,000 रुपये से कम है, ऐसे में टीडीएस नहीं कटेगा। -
नयी दिल्ली. सरकार खरीफ सत्र में किसानों को मौजूदा कीमतों पर मृदा पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक सब्सिडी पर कुल 1.08 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। उर्वरक एवं रसायन मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खरीफ सत्र 2023-24 के लिए किसानों को फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर 38,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस तरह खरीफ सत्र के लिए सरकार का कुल सब्सिडी व्यय बढ़कर 1.08 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। इसके पहले यूरिया पर 70,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा बजट में पहले ही की जा चुकी है। मांडविया ने मंत्रिमंडल में लिए गए इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘अप्रैल, 2023- मार्च, 2024 के खरीफ सत्र में उर्वरक सब्सिडी पर कुल 1.08 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।'' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उर्वरकों की अधिकतम खुदरा कीमतों (एमआरपी) में इस अवधि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। फिलहाल यूरिया की कीमत 276 रुपये प्रति बोरी है जबकि डीएपी 1,350 रुपये प्रति बोरी पर बिक रही है। उर्वरक सब्सिडी से करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
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उरी . जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती शहर उरी को रेल मार्ग से जोड़े जाने की घोषणा से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जिन्हें उम्मीद है कि ट्रेन सेवा शुरू होने से न केवल उनकी यात्रा आसान होगी, बल्कि यहां व्यापार और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि उत्तर रेलवे ने 50 किलोमीटर लंबी बारामूला-उरी रेलवे लाइन पर काम शुरू करने की योजना का खुलासा किया है, जिसके लिए निविदा जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इस बाबत रेल अधिकारी ‘फाइनल लोकेशन सर्वे' (एफएलएस) करने की तैयारी कर रहे हैं। बारामूला से उरी तक रेलवे लाइन के विस्तार से बारामूला, श्रीनगर और बनिहाल क्षेत्र के लिये रेल सपंर्क में सुधार की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने श्रीनगर से 102 किमी दूर स्थित उरी शहर को रेल मार्ग से जोड़े जाने के कदम का स्वागत किया है। स्थानीय भाजपा नेता मीर मुश्ताक ने कहा, ‘‘उरी के लिए 50 किलोमीटर लंबी रेल लाइन की घोषणा के लिए हम उपराज्यपाल और केंद्रीय रेल मंत्री को धन्यवाद देते हैं। लोगों को इससे काफी फायदा होगा।'' उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
स्थानीय कारोबारी मोहम्मद शफी ने कहा, ‘‘यह एक स्वागत योग्य कदम है। इससे कारोबार और पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिक लोगों के यहां घूमने आने से कारोबार बढ़ेगा। रेल मार्ग से जुड़ जाने के बाद देश के अन्य भागों से उरी आना आसान हो जाएगा।-file photo
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मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के निवासियों को मॉनसून के दौरान मौसम से जुड़ी अद्यतन जानकारी उनके मोबाइल फोन पर मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने यह जानकारी दी। बीएमसी की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम की जानकारी देने के वास्ते एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और उसके पास ऐसी प्रणाली है जिसके जरिए मौसम से जुड़ी जानकारी उसी समय दी जा सकती है। बयान में कहा गया, ‘‘आपात स्थिति में नागरिकों को एसएमएस के जरिए सतर्क किया जाएगा।''
बीएमसी के आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने विभिन्न एजेंसियों के साथ आपदा प्रबंधन तथा मॉनसून से जुड़ी तैयारियों को लेकर एक बैठक की। बयान के अनुसार चहल ने सभी विभागों और एजेंसियों को मॉनसून के दौरान पेश आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वय बढ़ाने को कहा है। -
चकरोही सीमा (आर एस पुरा)। जम्मू-कश्मीर के आर एस पुरा सीमा क्षेत्र में भारत के बासमती समृद्ध कृषि क्षेत्रों ने एक नई तकनीक अपनाई है, जिसमें उन्नत रिपर्स का उपयोग पराली जलाने के खतरे से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। कृषि विभाग (डीओए) ने पराली को काटने और उसे चारे में बदलने के लिए संशोधित रिपर्स की पेशकश की है।
रिपर एक कृषि उपकरण है जिसका उपयोग मिट्टी को ढीला करने या वायु समृद्ध करने के लिए किया जाता है।
बीज गुणन फार्म चकरोही के प्रबंधक राकेश खंजूरिया ने कहा, ‘‘रिपर्स के इस्तेमाल से न केवल खेत में आग और प्रदूषण खत्म होगा, बल्कि मवेशियों के लिए चारा भी पैदा होगा।'' खंजूरिया ने कहा कि नई तकनीक के इस्तेमाल से न केवल प्रदूषण, खेतों में आग लगने और मिट्टी में मौजूद खनिजों और कीड़ों को नष्ट होने से रोका जा सकता है, बल्कि क्षेत्र के मवेशियों के लिए चारा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार पैदा होता है। अधिकारियों ने कहा कि प्रदूषण के बजाय चारा बनाने के लिए रिपर्स की शुरुआत न केवल पूरे जम्मू-कश्मीर में बल्कि पंजाब और हरियाणा में भी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली, हरियाणा और पंजाब, जहां इस तरह की घटनाएं तेजी से हो रही हैं, उन्हें इसे (पराली काटने की रिपर तकनीक) अपनाना चाहिए। इसका उपयोग पूरे जम्मू-कश्मीर में किया जाना चाहिए। इससे प्रदूषण नियंत्रित होगा और मशरूम और डेयरी उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा।'' जम्मू-कश्मीर के चकरोही में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो तरफ की उपजाऊ कृषि भूमि में 850 एकड़ में बोई गई गेहूं की 13 किस्मों को काटने के लिए किसान और कटाई करने वाले काम कर रहे हैं, जो कि पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण एक साल पहले तक सोचना मुश्किल था। कटाई का 70 प्रतिशत काम हो चुका है।
जम्मू से लगभग 50 किलोमीटर दूर चकरोही-जोरा कृषि क्षेत्र में सीमा बाड़ के दोनों किनारों पर लगभग 1,000 एकड़ में फैले बीज गुणन फार्म के बारे में कहा जाता है कि यह गेहूं, बासमती, तेल, चारा और सब्जियों के सबसे अच्छे बीज उगाता है। उन्नत रिपर की शुरुआत स्थानीय लोगों के लिए आय सृजन और डेयरी उद्योग और पशु मालिकों के लिए कम लागत वाले चारे का स्रोत बन गई है। खंजूरिया ने कहा, ‘‘आज कृषि विभाग द्वारा शुरू की गई तकनीक - रिपर ने लोगों को सस्ती दर पर उनके घर पर चारा उपलब्ध कराने में मदद की है। वे इसका उपयोग डेयरी उद्यम शुरू करने के लिए कर रहे हैं और लाभान्वित भी हो रहे हैं और अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं।





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