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सिलवासा. दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में एक 19 वर्षीय लड़की की उसकी मां के पूर्व लिव-इन पार्टनर ने कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मृतका की पहचान अंकिता राजपूत के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया, “अंकिता की मां आरोपी के साथ रिश्ते में थी और तीनों एक ही घर में रह रहे थे। हालांकि, आरोपी के अभद्र व्यवहार के कारण मां-बेटी सिलवासा लौट आईं।” अधिकारी ने बताया, “आरोपी शनिवार सुबह महिला को ढूंढते हुए आया लेकिन उसने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। बाद में उसने (आरोपी) कमरा बाहर से बंद पाया। जब अंकिता अपने ट्यूशन से वहां पहुंची, तो उसने उससे दरवाजे की चाबी मांगी। लेकिन अंकिता ने चाबी देने से मना कर दिया। गुस्से में आकर उसने उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया। असम के मूल निवासी और यहां एक निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत आरोपी को सिलवासा के सयाली इलाके से पकड़ा गया।
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लेह/जम्मू. लद्दाख के पैंगोंग झील में 13,862 फुट की ऊंचाई पर भारत की पहली ‘फ्रोजेन-लेक' मैराथन 20 फरवरी को आयोजित होगी और इस आयोजन के लिए ‘उचित कार्य योजना' लागू किये जाने के वास्ते सेना तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को शामिल किया गया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। लुकुंग गांव से शुरू होने वाली 21 किलोमीटर दूरी की यह मैराथन मान गांव में समाप्त होगी। अधिकारियों ने कहा कि भारत और विदेश के 75 चयनित एथलीट इस दौड़ में भाग ले रहे हैं, जिन्हें दुनिया की सर्वाधिक ऊंचाई पर "फ्रोजेन-लेक मैराथन" के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को उजागर करने के लिए मैराथन को "आखिरी दौड़" कहा जा रहा है। इसका आयोजन लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद-लेह, पर्यटन विभाग और लेह जिला प्रशासन के सहयोग से एडवेंचर स्पोर्ट्स फाउंडेशन ऑफ लद्दाख (एएसएफएल) द्वारा किया जा रहा है। लेह के जिला विकास आयुक्त श्रीकांत बालासाहेब सुसे ने बताया, "सतत विकास और कार्बन तटस्थ लद्दाख के संदेश के साथ आयोजित किये जा रहे इस चुनौतीपूर्ण कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। भारतीय सेना और आईटीबीपी को भी उचित कार्य योजना को निष्पादित करने के लिए शामिल किया गया है।'' भारत और चीन की सीमा पर सर्दियों के दौरान तापमान शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच जाता है और इसके कारण 700 वर्ग किलोमीटर में फैली पैंगोंग झील जम जाती है। सुसे ने कहा, "पर्यटक ज्यादातर चादर ट्रेक (जांस्कर में) और हिम तेंदुए को देखने के लिए सर्दियों के दौरान लद्दाख जाते हैं और हम उम्मीद कर रहे हैं कि ‘फ्रोजेन-लेक' मैराथन अन्य हिस्सों, खासकर चांगथांग क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगी।" उन्होंने कहा, "पचहत्तर एथलीट के चयनित समूह में लद्दाख के बाहर से 50 एथलीट शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थानीय एथलीट के अलावा चार अंतरराष्ट्रीय धावक इस मैराथन में भाग ले रहे हैं। हमने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की है, जिसका सख्ती से पालन किया जाएगा।" जिला विकास आयुक्त ने कहा, "आयोजन से एक दिन पहले प्रतिभागियों की चिकित्सा जांच की जाएगी, जबकि पूरे 21 किलोमीटर के हिस्से को मेडिकल टीम द्वारा कवर किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर हम हवाई मार्ग से निकासी के लिए तैयार हैं।
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चांदीपुर (अगरतला). केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि त्रिपुरा आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, माकपा और टिपरा मोथा की "तिहरी मुसीबत" का सामना कर रहा है और भाजपा की डबल इंजन सरकार ही राज्य को इससे बचा सकती है। शाह ने यह भी कहा कि त्रिपुरा में लंबे समय तक आदिवासियों को धोखा देने वाला वाम दल अब लोगों को ‘‘धोखा'' देने के लिए एक आदिवासी नेता को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश कर रहा है। उन्होंने यहां उनाकोटी जिले में एक रैली में कहा, ‘‘यदि आप इस ‘तिहरी मुसीबत' से बचना चाहते हैं, तो ‘डबल इंजन' वाली भाजपा सरकार को वोट दें।'' जितेंद्र चौधरी माकपा के शीर्ष आदिवासी नेताओं में से एक हैं और त्रिपुरा में वाम-कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में आने की स्थिति में उन्हें मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। माकपा और कांग्रेस 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को होने वाले चुनाव में मिलकर लड़ रही हैं।
शाह ने कहा कि कांग्रेस और वाम दल का एकसाथ आना इस बात का संकेत है कि उन्होंने चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हार मान ली है। सिपाहीजाला जिले के विश्रामगंज में एक अन्य रैली में गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस, माकपा और टिपरा मोथा की ‘तिहरी मुसीबत' को वोट देने से त्रिपुरा में 'जंगल राज' की वापसी का रास्ता खुलेगा। शाह ने कहा, “त्रिपुरा में कांग्रेस और वामपंथी सरकारों के दौरान कई घोटाले हुए, जबकि भाजपा सरकार ने पिछले पांच वर्षों में राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया है।” कांग्रेस और वाम दलों पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज दुनिया भर में वामपंथियों का कोई नामोनिशान नहीं बचा है, जबकि देश में कांग्रेस का भी कुछ ऐसा ही हश्र हुआ है। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार के वैश्विक निवेशक सम्मेलन के सफल आयोजन की सराहना करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि यह राज्य भारत का विकास इंजन बनने के लिए सक्षम भी है और तैयार भी है। यहां आयोजित तीन दिवसीय 'उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन-2023' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि कुछ देशों ने उत्तर प्रदेश की वृद्धि और विकास के लिए अपनी रुचि दिखाई है। राज्य की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर भारत का विकास इंजन बनने के लिए सक्षम भी है और तैयार भी है। मुर्मू ने कहा, ''मैं इस सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ और उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूं। इस आयोजन की सफलता के लिए मुख्यमंत्री जी, उनकी टीम के सभी सदस्यों और राज्य के सभी निवासियों को बहुत-बहुत बधाई देती हूं।'' राष्ट्रपति ने कहा, ''मुझे बताया है कि 2018 में आयोजित उत्तर प्रदेश निवेशक सम्मेलन के फलस्वरूप राज्य में भारी मात्रा में निवेश आया, इस सफलता के लिए मैं राज्य सरकार को बधाई देती हूं। राज्य में पिछली सफलता के आधार पर एक और बड़ा निवेशक सम्मेलन बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है।'' मुर्मू ने कहा,'' 2019 के प्रयागराज के कुंभ के शानदार आयोजन लिए मुख्यमंत्री और उनकी टीम की पूरे विश्व में प्रशंसा हुई, उसी प्रकार निवेशकों के इस कुंभ की सफलता के साथ-साथ विश्व में शांति मिले, यह मेरी मंगल कामना है।'' उन्होंने कहा, "उप्र जनसंख्या के लिहाज से शीर्ष पर है, देश में आर्थिक योगदान में भी प्रथम है। मैं इसके लिए राज्य के किसानों और उद्यमियों की सराहना करती हूं।'' इससे पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रपति का स्वागत और अभिनंदन किया। पटेल ने कहा कि यह वैश्विक सम्मेलन उत्तर प्रदेश को उत्कृष्ट प्रदेश बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति का प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत किया और राज्य की विशेषताएं बताई। योगी ने कहा कि पूरी दुनिया में पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का जो सम्मान बढ़ा, उसका लाभ इस भव्य आयोजन में मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री की नीतियों और उत्तर प्रदेश में उसके अनुपालन की चर्चा करते हुए कहा कि इस वैश्विक निवेश महाकुंभ में उत्तर प्रदेश को 33 लाख 50 हजार करोड़ रुपये निवेश करने के प्रस्ताव मिले हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किये जा रहे वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023 के समापन सत्र में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति अपने दो दिवसीय उत्तर प्रदेश के दौरे पर रविवार को यहां पहुंचीं। यहां चौधरी चरण सिंह विमानतल पर पहुंचने पर राष्ट्रपति का पटेल और आदित्यनाथ ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को एक ट्वीट में यह जानकारी दी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023 के समापन-सत्र में शामिल होने के बाद अपने सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। सोमवार को वह यहां बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दसवें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। दिल्ली लौटने से पहले वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती में भी उनके शामिल होने का प्रस्ताव है। -
नागपुर. महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्य अपनी मांगों को लेकर सोमवार को नागपुर शहर में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर रविवार को नागपुर दक्षिण-पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले फडणवीस के कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी। महिला एसएचजी की सदस्य मानदेय जारी करने की मांग को लेकर फडणवीस के गृहनगर नागपुर शहर में एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। उनका दावा है कि राज्य सरकार द्वारा मानदेय रोक दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले निहाल पांडे ने रविवार को कहा कि सोमवार सुबह उपमुख्यमंत्री फडणवीस के आवास के पास संविधान चौक से त्रिकोणी पार्क तक रैली निकाली जाएगी। पांडे ने कहा, "महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी, ताकि फडणवीस की आंखें खुल सकें।
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लखनऊ। रेल और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां वैश्विक निवेशक सम्मेलन (जीआईएस) में कहा कि ‘अमृत भारत स्टेशन' के तहत उत्तर प्रदेश के 150 रेलवे स्टेशन को विश्व स्तर का बनाया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जीआईएस-23 की दुनिया भर में चर्चा होने का दावा करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि में उत्तर प्रदेश का महत्त्वपूर्ण योगदान है, इसी वजह से जी-20 के महत्वपूर्ण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जब रेल बजट आता था तो उत्तर प्रदेश के हिस्से में 1000-1100 करोड़ रुपए आवंटित होते थे, लेकिन इस बार के बजट में मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश के हिस्से में 16 गुना बढ़ोतरी की है। वैश्विक निवेशक सम्मेलन (जीआईएस-23) के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश में रेल ढांचा और नेटवर्क विकास को लेकर रेलवे और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच 17,507 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, “रेल और सड़क के बिना हम जनता की आंक्षाओं की पूर्ति नहीं कर पाएंगे। उत्तर प्रदेश में चार लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व प्रदेश में एक्सप्रेस-वे और सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि 560 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेस-वे पर काम चल रहा है एवं प्रदेश में 59 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर काम पूरा हो चुका है।
उनके अनुसार साथ 250 आरओबी को चिन्हित कर लिया गया है, जिन पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के सदस्य (अवसरंचना) रूप नारायण शंकर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 8,000 किमी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया जा चुका है तथा फरवरी के अंत तक उत्तर प्रदेश के पूरे रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो जाएगा। रेलवे के प्रबंध निदेशक रवींद्र जैन ने कहा कि देश में दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं जिनमें एक पश्चिम कॉरिडोर है तो दूसरा पूर्वी कॉरिडोर।
उन्होंने कहा कि पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक हजार 58 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है और उसके पूरा होने से उत्तर प्रदेश के रेल के नेटवर्क में आमूलचूल परिवर्तन आ जाएगा। -
जयपुर. अपनी सरकार द्वारा समाज के वंचित तबके के लिए किए गए कामों को प्रमुखता से सामने रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार ने 'वंचितों को वरीयता' दी है और वह 'विरासत भी, विकास भी' का मंत्र लेकर आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि अब भारत ने विकसित बनने का संकल्प लिया है और विकसित भारत बनने के लिए भारत का तीव्र विकास बहुत जरूरी है। मोदी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के एक खंड का उद्घाटन करने के बाद धनाड़ (दौसा) में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। सभा में जोरदार भीड़ उमड़ी और मंच पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं गजेन्द्र सिंह, भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनियां, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा, सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, जसकौर मीणा तथा रंजीता कोहली, प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया, प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ मौजूद थे। मोदी ने कहा, ‘‘पिछले नौ वर्षों में हमने उन क्षेत्रों एवं उन वर्गों पर भी विशेष ध्यान दिया है जो विकास से वंचित थे। हमने वंचितों को वरीयता दी है। गरीब हो, दलित हो, पिछड़े हो, आदिवासी हो, छोटे किसान हो, हर वर्ग का हमने ध्यान रखा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘गरीब परिवारों को पहली बार शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में हमने आरक्षण दिया है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को संवैधानिक सुरक्षा मिले, इसके लिए हमारी सरकार ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है।'' मोदी ने कहा, ‘‘ हमने डाक्टरी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई स्थानीय भाषा में करवाने पर जोर दिया है। ‘आल इंडिया मेडिकल कोटे' में ओबीसी के लिए आरक्षण नहीं था, हमने यह भी सुनिश्चित किया है।'' उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों से केंद्र सरकार सड़क, रेल, गरीबों के लिए घर, हर घर में जल, बिजली ऐसे हर बुनियादी ढांचे पर पैसा खर्च कर रही है। उनका कहना था कि इस बार के बजट में भी गांव, गरीब की सुविधाएं बढ़ाने के लिए सबसे अधिक बल बुनियादी ढांचे पर दिया गया है। मोदी ने कहा, ‘‘ आज देश विरासत भी विकास भी इस मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेश दर्शन योजना को तहत भी राजस्थान में काम किया गया है। भाजपा सरकार ने यहां मेहंदीपुर बालाजी और धौलपुर में मचकुंड धाम का विकास भी किया है। अपने आस्था स्थलों का विकास भी भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में है।'' तीव्र विकास की महत्ता को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा,‘‘राजस्थान की यह धरती शूरवीरों की धरती है। यहां बच्चे-बच्चे का सपना रहा है कि भारत दुनिया में किसी से भी कम न हो। आपके इसी सपने को पूरा करने के लिए अब भारत ने विकसित बनने का संकल्प लिया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अब भारत ने विकसित बनने का संकल्प लिया है। विकसित भारत बनाने के लिए भारत का तेज विकास बहुत जरूरी है।'' मोदी ने कहा,‘‘आज राजस्थान और देश के विकास का उत्सव है। आज देश में बन रहे सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण हुआ है।'' सभा में उमड़ी भीड़ से उत्साहित नजर आ रहे मोदी ने कहा,‘‘आज मैं राजस्थान में डबल इंजन सरकार के लिये उत्साह देख रहा हूं.. चारों तरफ वह ही मुझे नजर आ रहा है। यहां दौसा में भी यह उत्साह साफ साफ दिख रहा है। एक बार फिर आप सभी को एक्सप्रेस वे के लिये, नई सड़क परियोजनाओं के लिए मैं बहुत बहुत बधाई देता हूं और इतनी विशाल तादाद में आप विकास के काम लिये जुड़े यही भारत के उज्जवल भविष्य का संकेत है।'' राज्य की कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा,‘‘कांग्रेस ने यहां क्या हाल बना दिया है, कांग्रेस कैसे सरकार चला रही है, यह राजस्थान के लोगों से छिपा नहीं है। अभी कुछ दिन पहले बजट सत्र के दौरान जो कुछ हुआ, उसकी चर्चा हर तरफ है।''
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हरिद्वार। आईआईटी-रुड़की का 21 वर्षीय छात्र यहां रविवार को नहाते समय गंगा नदी में डूब गया। छात्र का शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। श्यामपुर पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल ने कहा कि राजस्थान के नागौर निवासी सिद्धार्थ अन्य छात्रों और एक प्रोफेसर के साथ परियोजना के सिलसिले में हरिद्वार में थे।
उन्होंने कहा कि वे सब चंडी घाट स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन आश्रम में ठहरे हुए थे। विनोद ने कहा कि रविवार की सुबह गंगा किनारे पांच छात्र गए, जिनमें से दो नदी में नहाने के लिए उतर गये। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि नहाते समय नदी जल की तेज धारा की चपेट में आकर सिद्धार्थ बह गया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ का शव बरामद करके उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।फाइल फोटो
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राजकोट। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि गुजरात में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) इस साल अक्टूबर तक पूरी तरह से काम करने लगेगा। मांडविया ने कहा कि राजकोट एम्स का 60 प्रतिशत विकास कार्य पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल अक्टूबर या नवंबर में इसे राष्ट्र को समर्पित करने की संभावना है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘नए-नए उपकरण आ रहे हैं और संकाय में भर्तियां होने के साथ लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
हम लोग राजकोट एम्स को अक्टूबर तक पूरी तरह से संचालन योग्य बनाने के लिए प्रयासरत हैं।'' मांडविया ने कहा कि एम्स का बुनियादी ढांचा कार्य अभी जारी है और छात्रों का तीसरा बैच आ गया है। उन्होंने कहा कि राजकोट उन 22 स्थानों में से एक है, जहां लोगों को उच्च गुणवत्ता के डॉक्टर एवं छात्रों से तृतीयक (उच्च गुणवत्ता वाली) स्वास्थ्य सेवा देने के उद्देश्य से प्रमुख आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने 31 दिसंबर, 2020 को राजकोट एम्स की आधारशिला रखी थी। उन्होंने कहा था कि इस एम्स से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा एवं मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और गुजरात में रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसकी वेबसाइट के अनुसार, एम्स राजकोट 750 बेड का अस्पताल होगा, जिसमें कई विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ सुपर स्पेशियलिटी विभाग होंगे। परियोजना के निर्माण पर 1,195 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें 185 करोड़ रुपये आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए आवंटित किए गए हैं। -
जयपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित किया। दौसा में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने 18,100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण रिमोट दबाकर किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड 247 किलोमीटर लंबा है, जिसे 12,173 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इस खंड के चालू हो जाने से दिल्ली से जयपुर का यात्रा समय पांच घंटे से घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जायेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री 247 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी जिन्हें 5940 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जाना है। इन परियोजनाओं में 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित होने वाला बांदीकुई से जयपुर का 67 किमी लंबा चार लेन वाला शाखा-मार्ग, लगभग 3775 करोड़ रुपये से विकसित होने वाला कोटपूतली से बाराओदानियो और लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले लालसोट-करौली खंड के दो लेन वाले पक्के किनारे (पेव्ड शोल्डर) शामिल हैं।
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को योग और भारतीय औषधियों के पारंपरिक रूपों को ऐसी भाषा में लोकप्रिय बनाने का आह्वान किया जिसे दुनिया समझ सके। मोदी ने एक ट्विटर यूजर की प्रतिक्रिया के जवाब में यह बात कही जिसने आज लिखा कि पहले से कहीं अधिक अब आधुनिक स्वास्थ्य एवं दुनिया को यकीन दिलाने के लिए योग और इसके लाभ को वैज्ञानिक रूप से साबित करने की आवश्यकता है।
इसके जवाब में मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘बिल्कुल ठीक कहा। योग और भारतीय औषधि के पारंपरिक रूपों को इस भाषा में लोकप्रिय बनाएं ताकि दुनिया उसे समझ सके। मुझे खुशी है कि हमारे लोगों में इसके लिए बहुत अधिक जागरूकता है।''
उन्होंने 12000 फुट की ऊंचाई से एयरो इंडिया 2023 के अभ्यास के दौरान देश में विकसित मीडियम अल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस टीएपीएएस यूएवी से आसमान से ली गई जमीनी एवं हवाई तस्वीरों पर भी टिप्पणी की। प्रधानमंत्री ने एयरो इंडिया अभ्यास की हवाई तस्वीरों पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को टैग करते हुए लिखा, ‘‘बेहद दिलचस्प।'' -
लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि काशी, अयोध्या, मथुरा और सारनाथ से लोगों की जो परंपराएं और भावनाएं जुड़ी हैं, वह सभी भारतीयों को एकसूत्र में बांधती हैं। लोकभवन में उनके सम्मान में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लखनऊ में उनके प्रथम आगमन पर उनका जिस गर्मजोशी से स्वागत किया गया, वह अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा, “नैमिषारण्य, गोरखपुर, मगहर और उत्तर प्रदेश के कई अन्य पवित्र स्थल भारत की फलती फूलती आध्यात्मिक शक्ति के गवाह हैं। इस तरह के पवित्र स्थलों से निकलने वाली आध्यात्मिक ऊर्जा हमारे देश को सदियों तक ताकत प्रदान करती रहेगी।” राष्ट्रपति ने कहा कि प्रयागराज में कुम्भ प्राचीन काल से एक बड़ा धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन रहा है। वर्ष 2017 में यूनेस्को ने प्रयागराज कुम्भ मेला को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता दी। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के तट पर बसा लखनऊ, जो एक ओर हमारी पुरानी परंपराओं से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर यह संस्कृति, साहित्य, राजनीति और कला का एक बड़ा केंद्र रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “ अर्थव्यवस्था के विकास के साथ यह भी आवश्यक है कि आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति समावेशी हो। समाज के सभी वंचित तबकों और महिलाओं को समावेशी विकास के दायरे में लाना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण के जरिए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा। महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के इतिहास में उत्तर प्रदेश का अनूठा रिकॉर्ड है।” राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में उत्तर प्रदेश की आबादी उतनी है जितनी विश्व की आबादी में भारत की हिस्सेदारी। राज्य सरकार बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा, “इस देश का सबसे बड़ा कार्यबल और सबसे बड़ी युवा आबादी को इस राज्य में अपनी प्रतिभाओं का उपयोग करने के लिए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।” राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि भारता का एक उज्ज्वल भविष्य है क्योंकि इस तरह के बड़े राज्य के मेहनती और समर्पित लोग एक नए भारत का निर्माण करने के लिए काम कर रहे हैं। इस अवसर पर, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विभिन्न क्षेत्र से लोग उपस्थित थे। -
मुंबई. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई में 18 वर्षीय एक छात्र ने रविवार को परिसर में स्थित एक छात्रावास भवन की सातवीं मंजिल से कूद कर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह छात्र अहमदाबाद का रहने वाला था और बीटेक (केमिकल) पाठ्यक्रम का प्रथम वर्ष का छात्र था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि परिसर में जब सुरक्षा प्रहरियों ने युवक को खून से लथपथ पाया, तब यह घटना प्रकाश में आई। उन्होंने बताया कि मृतक ने कोई ‘सुसाइड नोटा' नहीं छोड़ा है और प्रथम दृष्टया उसने छात्रावास भवन की सातवीं मंजिल से छलांग लगाई थी। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बुधन सांवत ने कहा, ‘‘प्राथमिक सूचना के आधार पर, हमने दुर्घटनावश हुई मौत का एक मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
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लखनऊ। लखनऊ रेलवे स्टेशन पर सात वर्ष पहले भीख मांगने वाली एक वृद्ध महिला को भरपेट खाना खिलाने के बाद हरदोई जिले के विक्रम पांडेय के मन में भूखों का पेट भरने का जो जज्बा पैदा हुआ, वह अब 'इंडियन रोटी बैंक' (आईआरबी) के रूप में एक आंदोलन की शक्ल ले चुका है। ‘भूखा न सोए कोई-रोटी बैंक हरदोई' नारे के साथ पांडेय के शुरू किये गये इस सफर में लोग जुड़ते गए और अब तक देश के करीब 14 राज्यों में आईआरबी काम कर रहा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई करने वाले हरदोई के निवासी विक्रम पांडेय (38) आईआरबी के संस्थापक हैं। बीते पांच फरवरी को आईआरबी ने अपना सातवां स्थापना दिवस मनाया। विक्रम पांडेय ने कहा कि ''करीब सात वर्ष पहले रेलवे स्टेशन पर एक महिला मुझसे भीख में पैसे मांग रही थी, मैंने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया, लेकिन महिला ने कई बार अपने भूखे होने की दुहाई दी तो मैं उसे एक ठेले पर ले गया वहां उसने जल्दी-जल्दी छह-सात पूडि़यां खाईं।
वह वाक़ई बहुत भूखी थी।'' पांडेय ने कहा “'उस दिन मैं दिल्ली जा रहा था और रास्ते भर उस महिला की भूख और असमर्थता के बारे में सोचता रहा। दिल्ली से वापसी के बाद मैंने अपने कुछ दोस्तों की मदद से छह फरवरी, 2016 को - ''भूखा न सोए कोई, रोटी बैंक हरदोई'' नारे के साथ भूखों को खाना खिलाने की शुरुआत की।'' यह इंडियन रोटी बैंक की स्थापना का दिन था।
पांडेय ने बताया कि ''शुरुआत में कुछ स्थानीय अधिकारियों ने मेरा हौसला बढ़ाया और फिर मैं दोस्तों के सहयोग से भूखों को रोटी बांटने लगा। इस अभियान में लोग जुड़ते गये और कुछ ही समय बाद ''खाओ पियो रहो आबाद-रोटी बैंक फर्रुखाबाद'' की शुरुआत की। इसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ वह लगातार जारी रहा।
आईआरबी संस्थापक ने कहा कि ''अब 14 राज्यों में 100 से अधिक जिलो में इंडियन रोटी बैंक की शाखाएं हैं और तक़रीबन 12 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में आईआरबी के स्वयंसेवकों ने लोगों को रोटी पहुंचाने में तत्परता दिखाई और उसकी खूब सराहना हुई। पांडेय ने कहा कि '' मेरा सपना भारत के सभी जिलों में रोटी बैंक की एक यूनिट खोलने का है।''
उन्होंने बताया, ''उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत 14 राज्यों में हमारी 100 से अधिक इकाइयां काम रही हैं। सभी इकाइयों में उत्साही युवकों को आईआरबी समन्वयक जोड़ते हैं और हर इकाई के स्वयंसेवक सप्ताह में निर्धारित एक दिन अलग-अलग परिवारों से रोटी एकत्र करते हैं। किसी परिवार से 10 तो किसी परिवार से 75 रोटी भी मिल जाती है।''
आईआरबी की कार्यशैली के बारे में विक्रम पांडेय ने बताया कि ''संस्था के स्वयंसेवक हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी से रोटियां दान में लेते हैं और चार-चार रोटी, सूखी सब्जी, अचार और मिर्च रखकर पैकेट तैयार कर लेते हैं। इन पैकेट को रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, सार्वजनिक स्थलों पर भिखारियों, भूखों और जरूरतमंदों को बांटते हैं।'' उन्होंने बताया कि खाने का पैकेट बनाने का कार्य महिला कार्यकर्ता करती हैं जबकि स्वयंसेवक साइकिल, बाइक और गाड़ियों से रोटी के पैकेट बांटते हैं।
संगठन के लोग सब्जी खुद बनाते हैं। आईआरबी, लखनऊ के समन्वयक जियामऊ के निवासी मोहित शर्मा ने बताया कि हमें यहां 50-60 परिवारों से औसत तीन सौ रोटियां मिल जाती हैं और उन्हें पैकेट में रखकर जरूरतमंदों में बांटते हैं। विक्रम पांडेय ने बताया कि देश भर में आईआरबी की टीम को प्रति सप्ताह औसतन 50 हजार से अधिक रोटियां मिलती हैं। लखनऊ में महिला कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय का काम गरिमा रस्तोगी करती हैं।
रस्तोगी ने बताया कि हम लोग परिवारों से रोटी, सब्जी और अन्य सामग्री जुटाने के साथ-साथ खाने की ताजगी और शुद्धता का भी ध्यान रखते हैं। सूचना मिलने पर किसी समारोह में बचे हुए शुद्ध खाने का भी उपयोग जरूरतमंदों को बांटने में करते हैं। विक्रम पांडेय कांग्रेस पार्टी में भी सक्रिय हैं, हालांकि उन्होंने रोटी बांटने के अभियान को अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बना लिया है। विक्रम के पिता शैलेश पांडेय हरदोई में अधिवक्ता हैं और उनकी मां एक गृहिणी हैं।
पांडेय का दावा है कि वह सिर्फ जनसहयोग से अपनी संस्था चलाते हैं। उन्होंने कहा कि “सरकार, शासन-प्रशासन से एक रुपये का कोई सहयोग नहीं लेता हूं और न ही किसी से चंदा या कोई अनुदान लेता हूं।'' जिन राज्यों में आईआरबी की शाखाएं हैं, उन राज्यों में और जिला इकाइयों में विक्रम पांडेय ने समन्वयकों की तैनाती की है जो सेवाभाव से इस अभियान में जुटे हैं। पांडेय ने कहा कि इंडियन रोटी बैंक को वाट्सएप ग्रुप के जरिये नेटवर्क संचालित करने में सफलता मिली है और हमारी नाइजीरिया और नेपाल में भी शाखा खुल चुकी है। गुजरे सात वर्षों में बहुत से लोग इंडियन रोटी बैंक से जुड़े और बाद में अलग भी हो गये।
आईआरबी के उत्तर प्रदेश समन्वयक की भूमिका निभा चुके बलिया के राम बदन चौबे ने कहा कि ''मैं आईआरबी से जुड़ा था लेकिन अब अलग होकर बलिया में अपने स्तर से भूखों को रोटी देने का काम करता हूं।'' विक्रम पांडेय ने बताया कि आईआरबी से बहुत से लोग उत्साह में जुड़ते हैं और सफलता मिलने के बाद अलग हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ता तो रोटी बांटकर ही पार्षद बन गये और फिर अभियान से अलग हो गये। -
बाराबंकी। बाराबंकी जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में कावड़िये समेत दो युवकों की मौत हो गयी और अन्य चार व्यक्ति घायल हो गये। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। इन हादसों के बाद पुलिस ने यातायात मार्ग में परिवर्तन किया है। पुलिस ने बताया कि शनिवार को थाना कोतवाली क्षेत्र में बाराबंकी-अयोध्या राजमार्ग पर गोविंद रावत (33) अपने साथियों के साथ कांवड़ लेकर आ रहा था तभी लखनऊ की ओर से आ रहे ट्रक ने गोविंद को टक्कर मार दी।
गोविंद की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। इस घटना के बाद साथी कांवड़ियों ने हंगामा किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और स्थिति पर काबू पाया। वहीं, सफदरगंज थाना क्षेत्र के मौलाबाद गांव के पास बदोसराय मार्ग पर शनिवार को तेज रफ्तार कार ने एक वैन को टक्कर मार दी।
इस हादसे में वैन चालक राम सिंह (36) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि वैन में सवार प्रियांशु (13), राशि (12), कार चालक भीमसेन (35) व सौरव (12) घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने भीमसेन की स्थिति गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सफदरगंज थाना प्रभारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि वैन चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शनिवार रात से विभिन्न मार्गों पर यातायात मार्ग में परिवर्तन किया है और जिले की सीमाओं पर बैरियर लगा दिए हैं। शिवरात्रि पर्व के मौके पर पुलिस ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए 18 फरवरी की रात तक इसका पालन पुलिस शुरू कर दिया है। अब गोंडा व बहराइच से आने वाले सभी भारी वाहन अयोध्या होकर लखनऊ की ओर जायेंगे। -
नयी दिल्ली। सत्यापित नंबरों की पहचान करने में लोगों की मदद करने, साइबर ठगी और खुद को सरकारी अधिकारी के रूप में पेश कर की जाने वाली धोखाधड़ी से उन्हें बचाने के लिए दिल्ली पुलिस ‘कॉलर आईडी' सत्यापन मंच ‘ट्रूकॉलर' के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने वाली है।
पुलिस ने कहा कि दिल्लीवासियों को जागरूक करने और साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एक संयुक्त जागरुकता अभियान चलाने के अतिरिक्त ट्रूकॉलर जल्द ही ऐप की सरकारी निर्देशिका सेवाओं पर दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों के आधिकारिक नंबर प्रदर्शित करने में मदद करेगा। पुलिस उपायुक्त सुमन नलवा (जनसंपर्क अधिकारी) ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान ट्रूकॉलर ने बहुत सहायता की थी।
दरअसल, उस वकत ऑक्सीजन सिलेंडर,अन्य आवश्यक उपकरण, दवाएं और कोविड-19 के इलाज से जुड़े अन्य आवश्यक वस्तुएं बेचने की आड़ में किये गये बहुत सारे घोटाले और धोखाधड़ी की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि इस सूचना पर हमारे अधिकारियों ने उन जालसाजों के नंबर की पहचान की और ट्रूकॉलर को सतर्क किया, जिन्होंने उन असत्यापित नंबर को ‘स्पैम' के रूप में प्रदर्शित किया।
नलवा ने कहा, ‘‘अब हम उनके साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं जिससे वे दिल्ली पुलिस के सभी आधिकारिक नंबर को सत्यापित करेंगे क्योंकि बहुत बार फर्जीवाड़ा करने वाले खुद को पुलिस के अधिकारी के रूप में पेश करके जनता से उगाही करते हैं। ये ‘फर्जी अधिकारी' अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीर प्रदर्शित करते हैं।'' -
शिमला/हमीरपुर। जंगली जानवरों की समस्या और सिंचाई की कमी के कारण हिमाचल प्रदेश की निचले पर्वतीय क्षेत्र में खाली पड़े खेत अब फलों से लदे पेड़ों से लबालब हैं। इन वीरान खेतों का एक बागवानी परियोजना के तहत कायाकल्प हो गया है। इस परियोजना के तहत ‘कंपोजिट सोलर फेंसिंग' (सोलर बाड़बंदी) और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी मुहैया कराई जाती है।
शिमला-हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैहडरू गांव ऐसे गांवों में से एक है जो अनार के हरे-भरे बागों से जीवंत हो उठा है। गांव के किसान प्रकाशचंद और रमेशचंद बहुत खुश हैं कि उनके मौसमी और अनार के पौधों ने अब फल देने शुरू कर दिए हैं। बागवानी करने वाले मदनलाल ने कहा कि उनका परिवार वन्यजीवों द्वारा फसल बर्बाद किए जाने से परेशान रहता था।
हालांकि, स्थिति तब बदली जब परिवार ने फलों की पैदावार करने का फैसला किया। इसी तरह एक अन्य किसान रामचंद ने कहा कि फलों की फसल ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी और अब वे बड़े पैमाने पर फलों की खेती करने के लिए तैयार हैं। यह बदलाव ‘हिमाचल प्रदेश सब-ट्रॉपिकल होर्टिकल्चर, इरिगेशन एंड वैल्यू एडिशन (शिवा) पायलट परियोजना' का नतीजा है जिसमें जंगली जानवरों से फलों की रक्षा करने के लिए सोलर बाड़ लगाने तथा कृषि उपकरणों पर सब्सिडी मुहैया कराने का प्रावधान है।
हिमाचल प्रदेश में करीब 75 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि वर्षा पर आधारित है और जंगली जानवरों की समस्या के कारण सैकड़ों किसानों ने खेतीबाड़ी छोड़ दी थी। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा, ‘‘पायलट परियोजना के तहत एशियन डेवलेपमेंट बैंक (एडीबी) ने चार जिलों में कुल 200 हेक्टेयर जमीन पर चार फलों-अमरूद, लीची, अनार और खट्टे फलों की जांच के लिए 75 करोड़ रुपये की परियोजना तय की और नतीजे बहुत सुखद थे।''
बागवानी विभाग के अधिकारियों ने इस परियोजना के तहत कैहडरू गांव में मौसमी और अनार की खेती करने का फैसला किया। विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने कहा कि विभाग ने हमीरपुर जिले में इस परियोजना के तहत ‘एक कलस्टर, एक फल' की रणनीति अपनाई जिसके तहत बड़े पैमाने पर अनार के साथ मौसमी के पौधे लगाए गए। यह परियोजना एडीबी के साथ मिलकर लागू की जा रही है जिसने शुक्रवार को इसके लिए 1,072 करोड़ रुपये के ऋण को स्वीकृति दे दी। -
देवघर। झारखंड के देवघर जिले में अज्ञात व्यक्तियों के साथ हुई मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र ने कहा कि यह घटना रांची से लगभग 250 किलोमीटर दूर देवघर शहर के श्यामगंज रोड पर बीती रात करीब 12.30 बजे हुई, जब अज्ञात व्यक्तियों ने एक स्थानीय मछली व्यापारी के घर पर हमला कर दिया।
उन्होंने कहा कि उक्त व्यापारी ने कुछ दिन पहले उस पर हुए एक अन्य हमले के बाद प्रशासन से सुरक्षा मांगी थी। मृतक पुलिसकर्मियों की पहचान साहेबगंज जिले के निवासी कांस्टेबल रवि कुमार मिश्रा और संतोष यादव के रूप में हुई है। दोनों पुलिसकर्मियों को व्यापारी की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था।
उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों ने पुलिसकर्मियों पर गोलियां चलाईं और उन्होंने जवाबी कार्रवाई की लेकिन शहीद हो गए, जबकि मछली व्यापारी के घर में मौजूद तीन अन्य लोग इस घटना में घायल हो गए। उन्होंने कहा कि घायलों की हालत स्थिर बताई गई है। अधिकारी ने कहा कि घटना के सिलसिले में तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। -
राजगढ़. मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में तेज रफ्तार ट्रक ने एक वाहन को पीछे से टक्कर मार दी, जिसके चलते दो लोगों की मौत हो गयी और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। नरसिंहगढ़ थाने के एक अधिकारी ने बताया कि एसयूवी में सवार पांच लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन अन्य गंभीर रुप से घायल हो गए। हादसा शनिवार शाम नरसिंहगढ़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर हुआ। उन्होंने बताया कि घायलों को नरसिंहगढ़ के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल भेज दिया गया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार हुए वाहन चालक की तलाश की जा रही है।
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नयी दिल्ली। देश के सात प्रमुख शहरों में 2019 के बाद से 1,000 वर्ग फुट क्षेत्र वाले फ्लैट का औसत मासिक किराया 23 प्रतिशत तक बढ़ गया है। संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक ने यह जानकारी दी है। एनारॉक की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 और 2022 के बीच देश के प्रमुख आवास बाजारों में औसत मासिक किराया 23 प्रतिशत तक बढ़ा है। यह आकलन 1,000 वर्ग फुट क्षेत्र वाले मानक 2बीएचके इकाई के औसत किराये पर आधारित है।
नोएडा के सेक्टर-150 में औसत किराये में सबसे अधिक 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में किराया वर्ष 2019 में 15,500 रुपया हुआ करता था लेकिन पिछले साल यह लगभग 19,000 रुपये प्रति माह हो गया। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, "वर्ष 2022 के दौरान किराये में काफी बढ़ोतरी देखी गई।
कोविड-19 महामारी के दौरान दो साल तक गिरावट रहने के बाद शीर्ष सात शहरों में किराये की मांग बढ़ी है। ज्यादातर कंपनियां हाइब्रिड मोड सहित अपने सभी कर्मचारियों को कार्यालय में वापस बुला रही हैं।'' उन्होंने कहा कि किराये की मांग 2023 में भी बढ़नी जारी रहेगी। पुरी ने कहा कि जो लोग अपने गृहनगर या अन्य क्षेत्रों से शहर वापस लौट रहे हैं, वे पहले घर को किराये पर लेना पसंद कर रहे हैं। वे आगे चलकर घर खरीदने पर भी विचार कर सकते हैं। -
पणजी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐतिहासिक श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर के जीर्णोद्धार पर गोवा सरकार को बधाई देते हुए कहा है कि यह मंदिर युवाओं को आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ेगा और इससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पणजी से 35 किलोमीटर दूर उत्तर गोवा जिले के नार्वे गांव में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा तीन शताब्दी पहले बनवाए गए मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा होने के बाद शनिवार को इसका उद्घाटन किया। गोवा सरकार के पुरालेख एवं पुरातत्व विभाग ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘बिचोलिम के नार्वे में स्थित पुनर्निर्मित श्री सप्तकोटेश्वर देवस्थान हमारे युवाओं को हमारी आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ेगा। इससे गोवा में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।'' केंद्रीय मंत्री शाह ने भी जीर्णोद्धार के बाद ऐतिहासिक मंदिर को फिर से खोलने पर गोवा सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘कई आक्रमणकारियों के हमलों के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था।
एक बड़े तीर्थ स्थान के रूप में यह भारत भर से पर्यटकों को आकर्षित करेगा।'' प्रधानमंत्री के ट्वीट के जवाब में सावंत ने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी इस अमृतकाल में आपके लगातार सहयोग से गोवा सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि राज्य में पर्यटन को और बढ़ावा मिल सके।'' -
नयी दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने वर्ष 2021-22 में अपने लक्ष्य पूरा करने वाले चयनित विनिर्माताओं को उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) देना शुरू कर दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जीएक्स समूह की फर्म जीएक्स इंडिया पीएलआई योजना के तहत प्रोत्साहन राशि पाने के लिए पहली चयनित इकाई है।
सरकार ने स्थानीय स्तर पर विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए पीएलआई योजना शुरू की है। इसके तहत चुनी गई कंपनियों को सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। पीएलआई योजना में चयनित दूरसंचार उपकरण विनिर्माता जीएक्स टेलीकॉम ने इस योजना के तहत दूरसंचार विभाग से प्रोत्साहन राशि मिलने की पुष्टि की है। जीएक्स इंटरनेशनल ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी परितोष प्रजापति ने कहा, “वर्ष 2023 के लिए हमारा लक्ष्य भारत में तैयार, भारत में निर्मित (मेड इन इंडिया) उत्पादों को विकसित करना है।
इससे भारत को वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कुशलता-आधारित रोजगार पैदा होंगे।” जीएक्स समूह के बिक्री प्रमुख संबित स्वैन ने कहा कि वैश्विक बाजार में भारत में निर्मित दूरसंचार उपकरणों की मांग बढ़ी है और समूह को चालू वित्त वर्ष में निवेश और बिक्री लक्ष्यों को पूरा करने का विश्वास है। कंपनी की क्षमता जीपीओएन उपकरण की 3.5 लाख इकाइयों का निर्माण करने की है। इन उपकरणों का उपयोग ब्रॉडबैंड नेटवर्क में किया जाता है। -
श्योपुर. मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में 12 चीतों का दूसरा जत्था दक्षिण अफ्रीका से 18 फरवरी को आने की उम्मीद है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। छह माह पहले आठ चीतों को नामीबिया से यहां लाया गया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) जे एस चौहान ने बताया कि मौजूदा योजना के मुताबिक 18 फरवरी को 12 और चीतों को केएनपी लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कूनो ले जाने से पहले चीतों को दक्षिण अफ्रीका से ग्वालियर लाया जाएगा। फिलहाल 12 चीतों के जत्थे में नर और मादा चीतों की संख्या की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक चीतों को एक महीने के लिए पृथक-वास में रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को अपने 72 वें जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए आठ चीतों (पांच मादा तथा तीन नर) के पहले जत्थे को केएनपी के बाड़ों में छोड़ा था। चीतों का पहला जत्था फिलहाल जंगल में पूरी तरह से खुला छोड़े जाने से पहले बड़े बाड़ों में है। भारत में इस प्रजाति के विलुप्त होने के लगभग सात दशक बाद चीतों को देश में फिर से बसाया जा रहा है।
देश में अंतिम चीते की मृत्यु 1947 में वर्तमान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुई थी और इस प्रजाति को 1952 में भारत से विलुप्त घोषित कर दिया गया था। -
नयी दिल्ली. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव सिंगापुर में पिछले साल दिसंबर में गुर्दे का प्रत्यारोपण करवाने के बाद शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी लौटे। राजद अध्यक्ष बीमार थे और सिंगापुर में इलाज करवाने गए थे। वह शनिवार शाम को दिल्ली पहुंचे और उन्हें लेने उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती आईं, जो स्वयं राज्यसभा की सदस्य हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव कुछ दिनों तक मीसा भारती के घर पर ही रहेंगे। इससे पहले लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने पिता को गुर्दा दान किया था। अपने पिता की स्वदेश वापसी पर रोहिणी ने भावुक संदेश ट्विटर पर साझा किया।
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लखनऊ. केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो सपना है, उसे पूरा करने में सबसे ज्यादा सामर्थ्य किसी राज्य में है तो वह उत्तर प्रदेश में है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन-2023 के दूसरे दिन "ई-मोबिलिटी, व्हीकल्स एंड फ्यूचर मोबिलिटी" विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस के मद में हमारे यहां 16 लाख करोड़ रुपये का आयात होता है और इससे हमारी अर्थव्यवस्था से 16 लाख करोड़ रुपये बाहर जा रहे हैं। गडकरी ने कहा, ‘‘अब हमको ऊर्जा का आयात करने वाला नहीं, ऊर्जा का निर्यात करने वाला देश बनाना है। यही हमारे प्रधानमंत्री जी का आत्मनिर्भर भारत बनाने का सपना है। इस सपने को पूरा करने का सबसे ज्यादा सामर्थ्य किसी राज्य में है तो वह उत्तर प्रदेश में है और योगी जी के नेतृत्व में यह सपना जरूर पूरा होगा।'' उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश के लिए सर्वोत्तम गंतव्य है, यहां प्रचुर जल संसाधन, ऊर्जा, मानव संसाधन और शानदार कनेक्टिविटी से ई मोबिलिटी के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ई-मोबिलिटी के सेक्टर में उत्तर प्रदेश में निवेश कर उद्यमी पर्यावरण संरक्षण, रोजगार निर्माण और गरीबी दूर करने में भागीदारी बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में भागीदार बन सकते हैं। निवेशक सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए गडकरी ने कहा, ‘‘पहली बार औद्योगिक विकास, कृषि विकास का विचार कर काफी बड़ा निवेश देश के इतिहास में उत्तर प्रदेश में लाने का काम योगी आदित्यनाथ ने किया और उनका यह दृष्टिकोण उत्तर प्रदेश की तस्वीर को बदल देगा।'' गडकरी ने कहा कि वह अक्सर इस बात को दोहराते हैं कि आंखें दान की जा सकती हैं, लेकिन जीवन में विकास की दृष्टि दान नहीं की जा सकती। निवेशक सम्मेलन के जरिये रोजगार निर्माण करने की दृष्टि के लिए योगी की बार-बार प्रशंसा करते हुए गडकरी ने कहा कि ‘‘वैश्विक निवेशकों को बुलाकर उत्तर प्रदेश को देश का विकसित राज्य बनाने का जो सपना योगी जी का है, उस दृष्टि से योगी जी की गाड़ी और उत्तर प्रदेश की गाड़ी एक्सप्रेस हाई-वे पर तेज गति से दौड़ रही है।'' गडकरी ने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश की जनता की गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी से जुड़ी तकलीफ निश्चित रूप से दूर होगी। उन्होंने कृषि क्षेत्र की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि अगर हम सभी दृष्टि से प्रयास करेंगे तो हमारा किसान अन्नदाता नहीं, ऊर्जादाता बनेगा। देश में ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण को बड़ी समस्या करार देते हुए गडकरी ने कहा कि खुद वह और दयाशंकर सिंह (उप्र सरकार के परिवहन मंत्री) जिस विभाग के मंत्री हैं, उस विभाग का वायु प्रदूषण में 40 प्रतिशत योगदान है। प्रदूषण दूर करने में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि 2030 तक देश में दो करोड़ इलेक्ट्रिक वाहन हो जाएंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर जोर देते हुए कहा कि यदि डीजल बस पर 100 रुपये खर्च होता है, तो इसके अनुपात में इलेक्ट्रिक बस पर केवल 10 रुपये की बिजली लगेगी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कंडक्टर पैसा अपनी जेब में रखता है और बस से डीजल भी चोरी होता है, लेकिन इलेक्ट्रिक बसों से कोई चोरी नहीं हो सकती। उन्होंने लंदन परिवहन का मॉडल अपनाने की अपील की। गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो लाख बसें आएंगी और वातानुकूलित बस लखनऊ से दिल्ली जाएगी। गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी की जरूरत पर जोर देते हुए राज्य सरकार को इस दिशा में नीति बनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और उत्तर प्रदेश बैटरी उद्योग का केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि वाहन उद्योग में लागत भी कम हो रही है इसके लिए कबाड़ नीति लाई गई है, 15 लाख वाहनों को कबाड़ में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय बजट में राज्य सरकारों को भी योजना लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह पुरानी गाड़ियों को भंगार में डाल दें। गडकरी ने कहा कि यदि 45 लाख पुराने वाहन कबाड़ में तब्दील होंगे तो ऑटोमोबाइल कंपोनेंट 30 प्रतिशत सस्ते हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी देश को एल्युमिनियम, रबर, प्लास्टिक आदि का आयात करना पड़ता है। आयात से एल्युमिनियम 145 रुपये प्रति किलोग्राम पड़ता है जबकि कबाड़ से 80 रुपये प्रति किलोग्राम मिल जाता है। कच्चा माल सस्ता होगा तो ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। उन्होंने एक जिले में तीन कबाड़ इकाई खुलने की संभावना जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि वे ‘कबाड़, प्रशिक्षण इकाई और चालक प्रशिक्षण इकाई का क्लस्टर बनाएं, उनका मंत्रालय पूर्ण सहयोग देगा। उन्होंने ई-रिक्शा शुरू करने के अपने प्रयास की याद दिलाते हुए सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के हवाले से कहा कि लोहिया (डॉक्टर राम मनोहर लोहिया) ने कहा था कि वह जिंदगी भर साइकिल रिक्शा में नहीं बैठेंगे, क्योंकि आदमी आदमी को खींचता है। गडकरी ने कहा कि एक करोड़ आदमी किसी दूसरे आदमी को ढोने का काम करता था और इनमें से 90 प्रतिशत लोग अब ई-रिक्शा चला रहे हैं और कम से कम रोज 1000 रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने देश की इस अमानवीय प्रथा के बंद होने पर खुशी जताई। सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर हम समाज से एक कदम आगे चलने की स्थिति में नहीं होंगे तो समय हमें एक कदम पीछे धकेल देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही ई मोबिलिटी और उसके भविष्य में क्या संभावनाएं है, हमें उसे लेकर आगे बढ़कर सोचना पड़ेगा। इस सत्र में परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे।



























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