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नोएडा (उत्तर प्रदेश) mगौतमबुद्ध नगर जिले के बिसरख थाना क्षेत्र निवासी उद्यमी पति-पत्नी ने कर्ज से परेशान होकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि बिसरख थाना क्षेत्र में स्थित ‘फ्यूजन होम्स सोसायटी' में रहने वाले लोहा उद्यमी दीपक गुप्ता (60) और उनकी पत्नी मृदुला गुप्ता (59) ने अपने घर में आत्महत्या कर ली है। बिसरख थाना के प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों से सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस को मृदुला का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ और दीपक का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिला। उन्होंने बताया कि आज सुबह हुई इस घटना के वक्त दंपती के बेटा-बहू और बेटियां घर में ही थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि शुरूआती जांच में पता चला है कि गुप्ता की ईकोटेक-12 लोहे का सामान बनाने की फैक्टरी है और वह कर्ज में डूबे होने के कारण काफी तनाव में थे। उन्होंने बताया कि पुलिस इस संबंध में सभी पहलुओं से जांच कर रही है। -
नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों और उनसे संबद्ध कालेजों एवं संस्थानों से राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में सूचना का प्रसार करने तथा विभिन्न हितधारकों को समर्पित वेब पोर्टल पर नि-क्षय मित्र का पंजीकरण कराने को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सात नवंबर को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं कालेजों के प्राचार्यो को लिखे पत्र में कहा कि देशभर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) लागू किया जा रहा है । पत्र में कहा गया है कि एनटीईपी के तहत सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं/डाक्टरों द्वारा अधिसूचित सभी क्षय (टीबी) रोगियों को जांच एवं उपचार की नि:शुल्क सुविधा प्रदान की जाती है तथा प्रत्यक्ष नकद अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से पोषण संबंधी सहयोग के लिये 500 रूपये प्रति माह दी जाती है। वर्ष 2025 तक देश से टीबी के उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिये सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में एनटीईपी के तहत ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान' शुरू किया था । जैन ने कहा कि नि-क्षय 2.0 को प्रभावी तरीके से लागू करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नि-क्षय मित्र का पंजीकरण कराने के लिये एक वेब पोर्टल एवं एक आनलाइन लिंक तैयार किया गया था । इस पर इच्छुक अधिकारी/संगठन नि-क्षय मित्र के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं तथा किसी इलाके या टीबी मरीजों की संख्या तय कर सकते हैं जिन्हें वे समर्थन देना या गोद लेना चाहते हैं । इसके अलावा वे पोषण सहित अन्य तरह के समर्थन देने का उल्लेख भी कर सकते हैं । इस पोर्टल पर नि-क्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कराने वाले सहयोग की अवधि का भी उल्लेख कर सकते हैं जो कम से कम छह महीने से अधिकतम तीन वर्ष होगा । जैन ने अपने पत्र में उच्च शिक्षण संस्थानों और उनसे संबद्ध कालेजों एवं संस्थानों से आग्रह किया कि वे इस कार्यक्रम के बारे में सूचना का प्रसार करें और विभिन्न हितधारकों को इसे समर्थन देने तथा नि- क्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कराने के लिये प्रेरित करें ।
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बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 का उद्घाटन करेंगे, जिसका निर्माण लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि टर्मिनल 2 के उद्घाटन के साथ ही हवाई अड्डे पर चेक-इन और आव्रजन के लिए काउंटरों की संख्या के साथ ही यात्रियों को संभालने की क्षमता दोगुनी हो जाएगी, जिससे लोगों को काफी सुविधा होगी। हवाई अड्डा वर्तमान समय में सलाना 2.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता है जो अब बढ़कर सालाना लगभग पांच-छह करोड़ यात्री हो जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि टर्मिनल 2 को गार्डन सिटी बेंगलुरु के लिए एक सम्मान के रूप में डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि यात्री 10,000 वर्ग मीटर से अधिक हरित दीवारों, लटकते बगीचों और बाहरी उद्यानों से होकर गुजरेंगे। उन्होंने कहा कि इन उद्यानों को स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके भारत में बनाया गया है।
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नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर शहर में आवारा कुत्तों को खाना देने पर तीन लोगों ने 33 वर्षीय पशु कार्यकर्ता से कथित तौर पर मारपीट की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना रविवार देर रात मनकापुर इलाके में हुई जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मनकापुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि जब पीड़ित विकास कृष्ण मालवार आवारा जानवरों को खाना खिला रहा था तो तीनों आरोपी मौके पर पहुंचे और इसका विरोध किया। आरोपियों ने मालवार को बुरी तरह पीटा। अधिकारी ने बताया कि मालवार को गंभीर चोटें आईं और पुलिस ने बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच करने पर पाया कि हमले में पीड़ित के दोनों कानों को नुकसान पहुंचा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मंगलवार को संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- - हीरों से जडि़त इस सिंहासन में 55 किलो चांदी और 5 किलो सोने का प्रयोगमथुरा (उप्र)। राधारानी के एक भक्त ने मथुरा के बरसाना में हीरे और सोने-चांदी से जडि़त सिंहासन भेंट किया है। हीरों से जडि़त इस सिंघासन में 55 किलो चांदी और पांच किलो सोने का प्रयोग किया गया है। गुरुवार की सुबह राधारानी ने इस सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। इस सिंहासन को दिल्ली के श्री ब्रज हरि संकीर्तन मंडल के बब्बू भैया ने भेंट किया है। इसको तैयार करने में छह महीने का समय लगा और दिल्ली के दस ज्वैलर्स ने तैयार किया है। भक्त सिंहासन में राधा रानी को विशेष उत्सव में देख सकेंगे।संकीर्तन मंडल के सदस्य बृज बिहारी शर्मा ने बताया कि बब्बू भैया 52 वर्षों से बिना रुपये लिए घरों में भजन कीर्तन का गायन कर रहे हैं। श्रीजी (राधारानी) की प्रेरणा से हीरों से जडि़त स्वर्ण-रजत सिंहासन बनवाने का निर्णय लिया गया। सिंहासन को बनवाने के लिए प्रस्ताव बब्बू भैया ने संकीर्तन मंडल के समक्ष रखा तो सभी ने इसे बनवाने का निर्णय लिया। सिंहासन बनाने में करीब छह करोड़ रुपये की लागत आई है।लोगों से चंदा एकत्र कर इसे बनवाया गया है। इसमें 10 लाख के हीरे जड़े हैं। सिंहासन का निर्माण कराकर राधारानी के चरणों में बुधवार दोपहर समर्पित किया गया। गुरुवार को राधारानी ने नव निर्मित सिंहासन में विराजमान होकर भक्तों पर कृपा बरसाई। इस दौरान मंदिर को भव्य फूल बंगला भी सजाया जाएगा। राधारानी के विराजमान होने की खुशी में मंदिर परिसर में दो दिनों तक भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।सिर्फ विशेष उत्सव में विराजमान होंगी राधा रानीवहीं मंदिर के रिसीवर संजय गोस्वामी का कहना है कि सिंहासन चार फीट चौड़ा और पांच फीट ऊंचा है। उसको मंदिर में बने तहखाने में रखा जाएगा और सिर्फ विशेष उत्सव पर ही बाहर लाया जाएगा। भक्त होली, राधा अष्टमी ,सावन का महीना ऐसे मौके पर दर्शन कर सकेंगे। सिंहासन के वजन और सुरक्षा कारणों की वजह से रोजाना राधा रानी को इसमें विराजमान संभव नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि राधा रानी अपने पिता ब्रसभानु का महल है। यहां पर राधा रानी बाल स्वरूप में कान्हा के साथ विराजमान है।भक्तों की अटूट श्रद्धा है बरसाना की राधा रानी मेंब्रहमांचल पर्वत पर स्थित राधा रानी के मंदिर में दर्शन करने के लिए प्रतिदिन भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। उनके प्रति लोगों में अटूट श्रद्धा है। भक्तों का ऐसा मानना है कि भगवान श्री कृष्ण तो ब्रज को छोड़कर चले गए लेकिन आज भी राधा-रानी ब्रज में ही वास करती हैं। इसी वजह से ब्रजवासी भगवान कृष्ण का नाम लेने से पहले राधा रानी का नाम लेते हैं। भगवान श्री कृष्ण की अति प्रिय राधा रानी को ब्रज की सरकार कहा जाता है। मथुरा के बरसाना में राधा रानी का महल है, जो श्री जी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए आज एक सौ साठ उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल घाटलोदिया सीट से और गृह राज्यमंत्री हर्ष सांघवी माजुरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार होंगे। पार्टी ने क्रिकेट खिलाड़ी रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा को जामनगर उत्तर से और हार्दिक पटेल को वीरमगाम निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। श्री यादव ने बताया कि विजय रूपाणी, नितिन पटेल, भूपेंद्र चूडास्मा, सौरभ पाटे और आरसी फालदू सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे और उन्होंने इस संबंध में पार्टी को पत्र लिखा है।आज की सूची में पार्टी ने मौजूदा 38 विधायकों के टिकट काट दिये हैं। -
ऋषिकेश. उत्तराखंड के चीला-मोतीचूर वन्यजीव गलियारे में पहली बार एक बाघ का आवागमन दर्ज किया गया है। वन्यजीव गलियारे के निदेशक साकेत बडोला ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले सप्ताह एक बाघ राजाजी बाघ अभयारण्य के पूर्वी छोर के जंगल से पश्चिमी छोर की तरफ आया और चीला और मोतीचूर के बीच लगे कैमरे में उसके आने की तस्वीर पहली बार कैद हुई। बडोला ने बताया कि ऋषिकेश-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोतीचूर के सामने बने फ्लाईओवर के नीचे अंडरपास बनाये गए थे, जिनका प्रयोग हाथी से लेकर अन्य वन्यजीव तो कर रहे थे लेकिन इसमें बाघों का आवागमन दर्ज नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि चीला जोन में बाघों की आबादी काफी होने के बावजूद बाघ इस गलियारे का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे लेकिन अब पहली बार किसी बाघ ने गलियारे का इस्तेमाल किया और वह कैमरे में भी कैद हो गया। वन अधिकारी ने कहा कि बाघ जब भी कहीं आवागमन करता है तो वह अपने पेशाब तथा अन्य प्रकार की गंध छोड़ता चलता है, जिससे अन्य बाघों के भी गलियारे के प्रति आकर्षित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अगर यह हुआ तो अभयारण्य के पश्चिमी भाग के मोतीचूर, कांसरो, बेरिवाड़ा, धौलखंड सहित समीपवर्ती वन प्रभागों में आने वाले समय में बाघों की आबादी बढ़ने की उम्मीद लगाई जा सकती है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कहा कि 2040 तक देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत दोगुना होने का अनुमान है, जिसके कारण कोयले की मांग भी बढ़ती रहेगी। कोयला और खान मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने वाले जोशी ने जोर देकर कहा कि इस समय भारत में प्रति व्यक्ति बिजली खपत कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में दसवां हिस्सा भी नहीं है। कोयला मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा कि कोयले की मांग कम से कम अगले 25-30 वर्षों तक बनी रहेगी। बयान में आगे कहा गया कि पहले पांच चरणों में 64 कोयला खदानों की नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है।
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नयी दिल्ली. भारत में महिला क्रिकेट के विकास में 1970 के दशक में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महेंद्र कुमार शर्मा का उम्र संबंधी समस्याओं से जूझने के बाद पुणे में निधन हो गया। वह 74 बरस के थे। उन्होंने मंगलवार को अंतिम सांस ली।
भारत की पूर्व कप्तान शुभांगी कुलकर्णी ने शर्मा के निधन की पुष्टि की, जो शुरुआती पांच वर्षों के लिए भारतीय महिला क्रिकेट संघ (डब्ल्यूसीएआई) की संस्थापक सचिव थीं। शुभांगी ने कहा, ‘‘ महिला क्रिकेट में उनका योगदान बहुत बड़ा है। जब वह 20 वर्ष के थे तब उन्होंने डब्ल्यूसीएआई को पंजीकृत कराया। इसके कुछ वर्षों के बाद 1975 में देश में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित किया गया था। यह मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया था।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया। वह महिला क्रिकेट के अस्तित्व में आने के बाद शुरुआती पांच-छह वर्षों में जो हासिल कर पाये वह अभूतपूर्व था। संघ के संचालन के लिए कभी-कभी उन्हें अपने पिता से धन मांगना पड़ता था और तो कभी किसी से उधार लेना पड़ता था। 2006 में महिला क्रिकेट के बीसीसीआई की छत्रछाया में आने की सबसे ज्यादा खुशी उन्हें ही हुई थी।'' महिला क्रिकेट को अस्तित्व में लाने का श्रेय शर्मा को ही जाता है क्योंकि उन्होंने 1973 में लखनऊ में सोसायटी अधिनियम के तहत डब्ल्यूसीएआई को पंजीकृत किया था। बीसीसीआई ने 2006 में महिला क्रिकेट की कमान संभाली थी लेकिन शर्मा के नेतृत्व में भारत ने 1978 में पहली बार महिला विश्व कप की मेजबानी की । भारत ने 1997 में दूसरी बार महिला विश्व कप की मेजबानी की। इस विश्व कप का फाइनल ईडन गार्डन में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। शर्मा के प्रयासों से ही भारतीय महिला टीम ने 1976 में बेंगलुरु में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। -
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 500 रुपये और 1000 रुपये मूल्य के नोटों को चलन से बाहर करने के केंद्र सरकार के 2016 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई बुधवार को 24 नवंबर तक स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति एस ए नजीर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सुनवाई स्थगित की। इससे पहले अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमानी ने मामले में समग्र हलफनामा दायर करने के लिए समय मांगा था। पीठ में न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना, न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना भी शामिल रहे। वेंकटरमानी ने संपूर्ण हलफनामा तैयार नहीं कर पाने के लिए खेद जताया और एक सप्ताह का समय मांगा। याचिकाकर्ता विवेक नारायण शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि संविधान पीठ से सुनवाई स्थगित करने के लिए कहना बहुत असामान्य बात है। एक पक्षकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम ने कहा कि यह असहज करने वाली स्थिति है। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि सामान्य रूप से संविधान पीठ इस तरह काम नहीं करती और यह बहुत असहज करने वाला है। शीर्ष अदालत ने केंद्र को हलफनामा दायर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया।
पीठ केंद्र के 8 नवंबर, 2016 के नोटबंदी करने के फैसले को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2016 को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार के फैसले की वैधता और अन्य संबंधित विषयों को आधिकारिक निर्णय के लिए पांच न्यायाधीशों की बड़ी पीठ को भेजा था। -
चेन्नई। कर्नाटक में मांड्या के एक मंदिर से चोरी हुई भगवान बालाजी की एक प्राचीन मूर्ति तमिलनाडु के गोबीचेट्टीपलायम में एक मकान से बरामद कर ली गयी है। राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की मूर्ति शाखा ने बुधवार को यह जानकारी दी। मूर्ति शाखा पुलिस ने बताया कि मध्य जोन के अतिरिक्त पुलिस उपाधीक्षक बालमुरुगन की देखरेख में इंस्पेक्टर इलांगो के नेतृत्व में जांच अभियान चलाया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि बालाजी की मूर्ति मांड्या में एक मंदिर के आरोपी पुजारी ने कुछ साल पहले चुरायी थी तथा गोबीचेट्टीपलायम के आरोपी वकील को बेच दी थी। पूछताछ के दौरान आरोपी वकील ने स्वीकार किया कि वह कनिष्ठ वकील के तौर पर काम कर रहा था। उनका वरिष्ठ वकील मांडया में एक मंदिर के पुजारी को जानता था। आरोपी पुजारी की वित्तीय हालत खराब थी तथा उसने पैसों के बदले में मूर्ति देने का सौदा किया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मूर्ति की कीमत करोड़ों रुपये में है। जब्त की गयी 22.8 किलोग्राम वजनी, 58 सेंटीमीटर ऊंची और 31 सेंटीमीटर चौड़ी मूर्ति को कुंबकोणम की अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया।
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नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के लिए संशोधित अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देश जारी किए जिसके तहत अब भारतीय टेलीपोर्ट विदेशी चैनल को अपलिंक कर सकते हैं। सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारत में सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि नए दिशानिर्देशों के तहत टेलीविजन चैनल के लिए हर दिन 30 मिनट के लिए राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित से जुड़ी सामग्री प्रसारित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नए दिशानिर्देशों के तहत कार्यक्रमों के सीधे प्रसारण की अनुमति खत्म कर दी गई है। हालांकि, सीधा प्रसारण किए जाने वाले कार्यक्रमों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा। दिशानिर्देशों के अनुसार एक से अधिक टेलीपोर्ट या उपग्रह की सुविधाओं का उपयोग कर किसी चैनल को अपलिंक किया जा सकता है, हालांकि मौजूदा नियमों के तहत सिर्फ एक ही टेलीपोर्ट या उपग्रह के जरिए चैनल को अपलिंक किया जा सकता है। इन दिशानिर्देशों को 11 साल के बाद संशोधित किया गया है।
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नोएडा (उप्र)। नोएडा में सेक्टर 39 थानाक्षेत्र के हरिभजन बस्ती में एक व्यक्ति की नई- नवेली दुल्हन घर से फरार हो गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव बालियान ने बताया कि बस्ती के गुड्डू ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है कि सात दिन पहले उसकी शादी हुई थी और वह अपनी पत्नी को लेकर बस्ती स्थित अपने घर पहुंचा। बालियान ने बताया कि युवक का आरोप है कि सात दिन बाद उसकी नई- नवेली दुल्हन घर से लापता हो गई है। उनके अनुसार पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। इस बीच, पीड़ित ने शक जाहिर किया है कि उसकी पत्नी किसी व्यक्ति के साथ घर से चली गई है। बालियान के अनुसार पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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नयी दिल्ली। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले गैर-मुसलमानों, यथा.. हिन्दुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाईयों को नागरिकता कानून, 1955 के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान करने का अधिकार नौ राज्यों के गृह सचिवों और 31 जिलाधिकारियों को भी दिया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय की वर्ष 2021-22 (एक अप्रैल से 31 दिसंबर, 2021 तक) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के इन अल्पसंख्यक समुदायों के 1,414 विदेशियों को नागरिकता कानून, 1955 के तहत भारत की नागरिकता प्रदान की गई है।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिन्दुओं, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाईयों को विवादित नागरिकता (संशोधन) कानून, 2019 के स्थान पर नागरिकता कानून, 1955 के तहत भारत की नागरिकता देने के अलग मायने हैं। नागरिकता (संशोधन) कानून, 2019 (सीएए) में भी अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले गैर-मुसलमानों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है। लेकिन, सीएए के तहत अभी तक सरकार द्वारा नियम नहीं बनाए गए हैं, इसलिए अभी तक इस कानून के तहत किसी विदेशी को भारत की नागरिकता नहीं दी गई है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, केन्द्र ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिन्दुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाईयों को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार 2021-22में और 13 जिला कलेक्टरों और दो राज्यों के गृह सचिवों को सौंपा। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इसके साथ ही 29 जिलों के कलेक्टरों और नौ राज्यों के गृहसचिवों को उपरोक्त श्रेणी के आव्रजकों (अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिन्दुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाईयों) को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार दिया गया है।'' गुजरात के आणंद और मेहसाणा जिलों के जिला कलेक्टरों को यह अधिकार पिछले महीने दिया गया।
अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले गैर-मुसलमानों (हिन्दुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाईयों) को नागरिकता कानून, 1955 के तहत जिन नौ राज्यों में पंजीकरण या देशीकरण के माध्यम से नागरिकता प्रदान की जा सकती है, वे हैं... गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र। दिलचस्प बात यह है कि असम और पश्चिम बंगाल राज्यों में जहां विदेशियों को नागरिकता देने का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, वहां किसी भी जिलाधिकारी को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार नहीं दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारों के विकेन्द्रीकरण से उपरोक्त श्रेणी के लोगों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और इससे जुड़े फैसले स्थानीय स्तर पर लिए जा सकेंगे। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘एक अप्रैल, 2021 से 31 दिसंबर, 2021 तक इस मंत्रालय सहित तमाम प्रशासन द्वारा नागरिकता के कुल 1,414 प्रमाणपत्र दिए गए हैं। इनमें से 1,120 प्रमाणपत्र नागरिकता कानून, 1955 के प्रावधान पांच के तहत पंजीकरण के माध्यम से जबकि 294 प्रमाणपत्र कानून के प्रावधान छह के तहत देशीकरण के माध्यम से दिए गए हैं। सीएए के तहत, केन्द्र की नरेंद्र मोदी नीत सरकार 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के गैर मुसलमान आव्रजकों... यथा हिन्दुओं, सिखों, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाईयों.. को भारतीय नागरिकता देना चाहती है। गौरतलब है कि दिसंबर 2019 में संसद में सीएए पारित होने और उसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद देश के कुछ हिस्सों में इसका भीषण विरोध हुआ था। इन प्रदर्शनों, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और इसी से जुड़े फरवरी, 2020 के दिल्ली दंगों में कई लोगों की मौत हुई। हालांकि, इस कानून को अभी तक लागू नहीं किया गया है क्योंकि सीएए के तहत नियमों को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। किसी कानून को लागू करने के लिए उसके तहत नियम बनाया जाना अनिवार्य है। -
नवादा। बिहार के नवादा में कर्ज के चलते एक ही परिवार के 5 लोगों ने जान दे दी। न्यू एरिया मोहल्ले के केदार लाल गुप्ता ने बुधवार की देर रात अपनी पत्नी और 4 बच्चों के साथ जहर खा लिया, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। जहर खाने के बाद सभी जमीन पर तड़पते रहे। बेटे ने बताया कि हमने कर्ज के चलते जहर खा लिया है। पुलिस ने 2 लोगों को हिरासत में लिया है। मरने वालों में से घर के मुखिया 50 वर्षीय केदार लाल गुप्ता, 47 वर्षीय पत्नी अनिता कुमारी, बेटा 16 वर्षीय प्रिंस, बेटी 20 वर्षीय शबनम कुमारी, बेटी 17 वर्षीय गुडिय़ा कुमारी शामिल है। बेटी साक्षी को गंभीर हालत में पावापुरी विंस रेफर किया गया है।
पुलिस के अनुसार बेटी साक्षी ने बताया कि पापा ने 4-5 लोगों से 12 लाख रुपए का कर्ज ले रखा था। पापा रोज ब्याज भी देते थे। कर्ज को लेकर घर में झगड़े होते थे। मृतक घर के मुखिया केदार लाल गुप्ता शहर के विजय बाजार में फल का दुकान चलाते थे। और उन पर काफी कर्ज था। महाजन बार-बार परेशान करता था। तंग आकर शहर की कृषि फार्म की मजार के पास जाकर सभी ने जहर खा लिया जिसके कारण 5 की मौत हो गई।
मृतक प्रिंस कुमार मरने से पहले बताया कि बाजार से कुछ लोगों से कर्ज लिया था और हम लोग को काफी प्रताडि़त कर रहा था हम लोग पैसा वापस करने को लेकर थोड़ा समय मांगा, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे और बार-बार धमकी दे रहे थे, जिसको लेकर हम लोगों ने जहर खा लिया।
मरने से पहले घर के मुखिया केदार लाल गुप्ता ने बताया कि महाजन के द्वारा रुपए वापस करने को लेकर गाली गलौज और धमकी दिया जा रहा था। जिससे तंग आकर परिवार के साथ जहर खा लिया। वहीं इस घटना की सूचना पुलिस को दिया गया पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर सभी को सदर अस्पताल लाया जिसमें 5 की मौत हो गई। वहीं एक बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने पावापुरी रेफर कर दिया है। -
दिहीमंडल (हावड़ा). ताम्रलिप्त या तामलुक के प्राचीन बंदरगाह से रूपनारायण नदी के दूसरी तरफ एक छोटा सा फुटबॉल का मैदान है जिसमें एक कारीगर समुद्र में खेने के लिए हाथ से नौका तैयार कर रहे हैं। पंचानन मंडल इस तरह की नाव बनाने वाले अंतिम जीवित शिल्पकार हैं। जानेमाने मानव विज्ञानी और समुद्र विज्ञानी स्वरूप भट्टाचार्य के लिए यह परियोजना एक सपने के सच होने जैसी है जिसे ब्रिटेन के ‘विलुप्त सामग्री ज्ञान कार्यक्रम' के तहत वित्तपोषित किया जा रहा है। उन्होंने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी' से कहा, ‘‘किसी को सही-सही नहीं पता कि वी-आकार की ये नौका बनाने की तकनीक कब विकसित हुई जो यूरोप की वाइकिंग बोट जैसी दिखने वाली लेकिन उससे बिल्कुल अलग है। लेकिन हम जानते हैं कि खाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से नौकाओं का इस्तेमाल होता रहा है। हालांकि अब कई दशकों से इस तरह की नौकाओं की जगह मोटर चालित नावों ने ले ली है और इनके निर्माण की तकनीक भी विलुप्त होती जा रही है।'' पंचानन मंडल (70) के नेतृत्व में कारीगरों के एक दल ने बड़ी संख्या में मछुआरों को आकर्षित किया है जिनके लिए प्राचीन नौका बनाने की कोशिश गर्व का विषय है। तीसरी शताब्दी ईसापूर्व में विकसित ताम्रलिप्त बंदरगाह का उल्लेख यूनानी भूगोलशास्त्री टोलेमी और रोमन दार्शनिक प्लीनी की रचनाओं में मिलता है। इस बंदरगाह ने न केवल प्राचीन बंगाल के लिए बल्कि पूरे भारत में मौर्य साम्राज्य के लिए भी प्रवेश द्वार के रूप में कार्य किया। यह स्वाभाविक ही था कि स्थानीय लकड़ी के साथ-साथ जंगलों से प्राप्त सागौन का उपयोग करने वाला नाव-निर्माण उद्यम अति प्राचीनकाल से विकसित हुआ। हैदराबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुचंद्र घोष ने कहा, ‘‘हमारे पास बंगाल की खाड़ी में जहाज चलने के, ताम्रलिप्त बंदरगाह से श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया के विभिन्न क्षेत्रों में इनके चलने के साक्ष्य हैं।'' परियोजना में शामिल अन्य लोगों में एक्सेटर विश्वविद्यालय के पुरातत्वविद् प्रोफेसर जॉन पी कूपर और हरियाणा के केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वसंत शिंदे शामिल हैं। भट्टाचार्य ने बताया कि मंडल और उनकी टीम द्वारा बनाई जा रही नाव साढ़े पैंतीस फुट लंबी और बीच में साढ़े नौ फुट चौड़ी है। हालांकि, प्राचीन काल में ऐसी 100 फुट तक की बड़ी नावों का निर्माण किया जा सकता था। अक्टूबर की शुरुआत में शुरू हुई नाव परियोजना के इस सप्ताह पूरा होने की उम्मीद है और एकल मस्तूल तथा चौकोर पाल वाली नौका का लोथल में राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय में ले जाने से पहले कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में रूपनारायण नदी में जलावतरण किया जा सकता है। स्थानीय प्रौद्योगिकी, जो अब तक जहाज-निर्माताओं द्वारा अपने बेटों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के रूप में सौंपी जाती रही थी, उसकी रिकार्डिंग कर उसे डिजिटाइज़ किया जाएगा और इस ज्ञान को ब्रिटिश संग्रहालय में संरक्षित किया जाएगा ताकि भविष्य से सीखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सके।
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नयी दिल्ली. गृह मंत्रालय ने देशभर में 576 भाषाओं और बोलियों का मातृभाषा सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। गृह मंत्रालय की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक स्वदेशी मातृभाषा के वास्तविक रूप को संरक्षित करने और उसका विश्लेषण करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में एक ‘वेब' संग्रह स्थापित करने की योजना बनाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए स्वदेशी भाषाओं से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करने का काम जारी है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण (एमटीएसआई) परियोजना का काम 576 मातृभाषाओं की ‘फील्ड वीडियोग्राफी' के साथ सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।'' गृह मंत्रालय के अनुसार, भारतीय भाषा सर्वेक्षण (एलएसआई) एक नियमित शोध गतिविधि है। इस परियोजना के तहत पहले के प्रकाशनों के क्रम में, एलएसआई झारखंड का काम पूरा हो गया है और एलएसआई हिमाचल प्रदेश का काम पूरा होने वाला है। एलएसआई तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय कार्य जारी है। रिपोर्ट में कहा गया, मातृभाषाओं के ‘स्पीच डेटा' का संग्रह करने के उद्देश्य से इसकी वीडियो को ‘एनआईसी सर्वर' पर साझा किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि आगामी जनगणना में उन्नत भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी सहित कई नई पहल की गई हैं।
जनगणना का काम कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण रोक दिया गया था। वर्ष 2011 की जनगणना के बाद से 31 दिसंबर 2019 तक देश में हुए क्षेत्राधिकार परिवर्तन को भू-संदर्भित ‘डेटाबेस' में अद्यतन किया गया है और इसे आगे भी अद्यतन किया जा रहा है। -
पटना. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य के 1,800 स्वास्थ्य केंद्रों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट निपटान के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन करने में विफल रहने पर उन्हें बंद करने के लिए नोटिस जारी कर रहा है। बीएसपीसीबी के अध्यक्ष अशोक कुमार घोष ने कहा कि राज्य के छह जिलों में इन केंद्रों को निपटान के लिए निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 15 दिनों की मौहलत के साथ ‘‘बंद करने का प्रस्तावित निर्देश'' दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि ये 1800 स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं या केंद्र राज्य में सामान्य जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधाओं (सीबीडब्ल्यूटीएफ) में चिकित्सा अपशिष्ट के वैज्ञानिक भंडारण, परिवहन और उपचार से संबंधित मानदंडों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो बीएसपीसीबी उन्हें बंद करने का आदेश देगा।'' घोष ने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी ' को बताया, ‘‘बोर्ड बिजली वितरण कंपनियों से इन स्वास्थ्य इकाइयों को ऐसी परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति बंद करने का भी अनुरोध करेगा।'' उन्होंने कहा कि पटना में सबसे अधिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है, इसके अलावा भोजपुर, बक्सर, नालंदा, रोहतास और कैमूर जिले भी इसमें शामिल हैं। घोष ने कहा कि बोर्ड को यह ‘‘कठोर कदम'' उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि बार-बार याद दिलाने के बावजूद, चिकित्सा केंद्रों ने इसमें बदलाव नहीं किया। बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘संबंधित जिलाधिकारियों (डीएम) को उनके संबंधित जिलों में इन दोषी चिकित्सा केंद्रों को नोटिस भेजे जाने की सूचना दी गई है।'' बीएसपीसीबी के वैज्ञानिक डॉ नवीन कुमार ने कहा कि कचरा निपटान नियमों का पालन न करने से मानव और पर्यावरण को गंभीर खतरा हो सकता है। कुमार ने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी ' से कहा, ‘‘राज्य में सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों को जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 का पालन करना आवश्यक है। नियमों का पालन न करना एक गंभीर अपराध है।
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सिंगापुर. फोर्ब्स के नवंबर अंक में प्रकाशित 20 एशियाई महिला उद्यमियों की सूची में तीन भारतीयों को शामिल किया गया है। इस सूची में उन महिलाओं को शामिल किया गया, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के चलते पैदा हुई अनिश्चितता के बीच अपने कारोबार को बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। इस सूची में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की चेयरपर्सन सोमा मंडल, एमक्योर फार्मा की कार्यकारी निदेशक नमिता थापर और होनासा कंज्यूमर की सह-संस्थापक तथा मुख्य नवाचार अधिकारी गजल अलघ के नाम शामिल हैं। फोर्ब्स ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सूची में शामिल कुछ महिलाएं शिपिंग, रियल स्टेट और निर्माण जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं, जबकि अन्य प्रौद्योगिकी, दवा और जिंस जैसे क्षेत्रों में नवाचार कर रही हैं। सूची में शामिल अन्य महिलाएं ऑस्ट्रेलिया, चीन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ताइवान और थाईलैंड से हैं।
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नयी दिल्ली .ट्रॉपिकल मेडिसिन (दुर्लभ बीमारियों से संबंधित चिकित्सा) के क्षेत्र में काम करने वाले दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक संगठन ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हाइजीन' (एएसटीएमएच) ने एक भारतीय चिकित्सक-वैज्ञानिक को 2022 के प्रतिष्ठित बैली के. एशफोर्ड पदक से सम्मानित किया है। भारतीय वैज्ञानिक को 2022 के ‘फेलो ऑफ अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हाइजीन' (एफएएसटीएमएच) पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के चेन्नई स्थित राष्ट्रीय क्षयरोग अनुसंधान संस्थान में आईसीईआर-भारत कार्यक्रम के वैज्ञानिक निदेशक डॉ सुभाष बाबू को 30 अक्टूबर को अमेरिका के सियेटल में आयोजित एएसटीएमएच की वार्षिक बैठक में पुरस्कृत किया गया। आईसीईआर-भारत द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ट्रॉपिकल मेडिसिन में उल्लेखनीय कार्य के लिए हर वर्ष एक या अधिक अनुसंधानकर्ताओं को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। आईसीईआर, आईसीएमआर के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) तथा अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिसीजेस (एनआईएआईडी) के बीच दोनों देशों की अनुसंधान साझेदारी के तहत काम करता है। इस पुरस्कार के 82 साल के इतिहास में पहले कभी किसी भारतीय वैज्ञानिक को या भारतीय संस्थान में किये गये अनुसंधान कार्य के लिए यह पुरस्कार नहीं दिया गया। डॉ बाबू को बैली के. एशफोर्ड पुरस्कार के अलावा 1995 से ट्रॉपिकल मेडिसिन में प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए एफएएसटीएमएच भी प्रदान किया गया है। एएसटीएमएच के अध्यक्ष डॉ डेनियल बॉश ने विभिन्न रोगों के उपचार के लिए डॉ सुभाष बाबू के अनुसंधान की सराहना करते हुए कहा, ‘‘क्षयरोग (टीबी) रोधी उपचार पद्धति की प्रतिक्रिया में टीबी में टाइप-2 के मधुमेह के असर पर उनके मूल कार्य का टीबी के क्षेत्र में और वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक असर रहा है।
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मथुरा. उत्तर प्रदेश में मथुरा जनपद के नौहझील थाना क्षेत्र में दो खिलाड़ियों सहित तीन युवकों की एक सड़क हादसे में मृत्यु हो गई तथा चालक एवं उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। नौहझील थाना प्रभारी प्रदीप यादव ने बताया कि सोमवार को ब्रजनगर के बाजना गांव के जेवलिन खिलाड़ी गर्वित (20) अपने साथी खिलाड़ी मित्र, रबूपुरा के करन (21) के साथ निकटवर्ती जेवर से स्पोट्र्स का सामान खरीदने गया था। थाना प्रभारी के अनुसार उनके साथ कस्बे के टोली मोहल्ले का शकील (36) अपने लिए ईंटों का सौदा करने गया था। उन्होंने बताया कि ये सभी अर्टिगा कार से गए थे तथा उनके साथ कार चालक एवं एक अन्य युवक भी था। उनके मुताबिक शाम को वापसी के समय जिकरपुर गांव के समीप उनकी कार नौहझील से कुछ पहले पंक्चर हो गई और चालक अपने भाई के साथ पहिया बदलने लगा एवं बाकी लोग पहिया लग जाने का इंतजार करने लगे। थाना प्रभारी के अनुसार तभी नोएडा की ओर से आती एक तेज रफ्तार कार ने उन सभी को रौंद दिया, जिससे गर्वित एवं शकील की तो मौके पर ही मौत हो गई तथा करन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चालक एवं उसके भाई को घायलावस्था में नोएडा के कैलाश हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है।
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गुवाहाटी. असम सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत स्कूली शिक्षकों के 8,000 खाली पदों को समाप्त करेगी क्योंकि सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहले ही बड़ी संख्या में संविदा शिक्षक काम कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने कहा कि राज्य सरकार ने 2020 में निम्न प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत काम कर रहे 11,206 संविदा शिक्षकों को नियमित वेतनमान और अन्य लाभ की पेशकश की थी। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार पद सृजित कर सकती है।
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बहराइच (उत्तर प्रदेश) जिला पुलिस तपेदिक रोग से ग्रस्त 26 वर्षीय युवती का झाड़फूंक से इलाज करने के बहाने उसके साथ कथित रूप से बलात्कार करने के आरोपी तांत्रिक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की हालत गंभीर होने के कारण उसे इलाज के लिए फिर से लखनऊ भेज दिया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने मंगलवार को बताया कि कोतवाली देहात क्षेत्र निवासी एक महिला ने सोमवार को पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि तांत्रिक ने उनकी बेटी के साथ बलात्कार किया है। उन्होंने कहा, जांच में पता चला कि बीते दिनों युवती को खून की उल्टियां होने पर चिकित्सकीय जांच में बहराइच व लखनऊ के डॉक्टरों ने बताया कि उसे तपेदिक रोग है। इसके बाद युवती और उसका परिवार कुछ लोगों की सलाह पर तांत्रिक के संपर्क में आए। एएसपी ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर पर बलात्कार सहित भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर इसकी तहकीकात की जा रही है। अधिकारी ने कहा, आरोपी तांत्रिक को थाने बुलाकर उससे पूछताछ की जा रही है और जांच में जो साक्ष्य मिलेंगे उनके आधार पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपी तांत्रिक की उम्र करीब 60 साल है। -
नयी दिल्ली. भारत के निजी क्षेत्र द्वारा विकसित पहले रॉकेट ‘विक्रम-एस' का प्रक्षेपण 12 से 16 नवंबर के बीच किया जा सकता है। हैदराबाद के अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने मंगलवार को यह घोषणा की। स्काईरूट एयरोस्पेस के इस पहले मिशन को ‘प्रारंभ' नाम दिया गया है जिसमें तीन उपभोक्ता पेलोड होंगे और इसे श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लांचपैड से प्रक्षेपित किया जा सकता है। स्काईरूट एयरोस्पेस के सीईओ और सह-संस्थापक पवन कुमार चांदना ने कहा, ‘‘अधिकारियों ने प्रक्षेपण के लिए 12 नवंबर से 16 नवंबर की संभावित अवधि बताई है, अंतिम तारीख मौसम के हालात के हिसाब से तय की जाएगी।'' इस मिशन के साथ स्काईरूट एयरोस्पेस अंतरिक्ष में रॉकेट का प्रक्षेपण करने वाली, भारत की पहली निजी अंतरिक्ष कंपनी बन सकती है। इस तरह 2020 में निजी क्षेत्र के लोगों के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने के बाद एक नयी शुरुआत होगी। स्काईरूट एयरोस्पेस के मुख्य परिचालन अधिकारी एन भरत डाका ने एक बयान में कहा, ‘‘विक्रम-एस रॉकेट एकल चरण वाला उपकक्षीय प्रक्षेपण यान है जो तीन उपभोक्ता पेलोड लेकर जाएगा और अंतरिक्ष यानों की विक्रम श्रृंखला में अनेक प्रौद्योगिकियों के परीक्षण तथा उन्हें मान्यता देने में मदद करेगा।'' स्काईरूट के रॉकेट का यह नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। हैदराबाद से संचालित यह कंपनी अंतरिक्ष में वाणिज्यिक उपग्रहों को भेजने के लिए अत्याधुनिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान का निर्माण करती है।
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नयी दिल्ली. अमेरिका में ‘व्हाइट हाउस कोरोना वायरस प्रतिक्रिया समन्वयक' डॉ. आशीष झा ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 कुछ मायनों में हमेशा रहेगा लेकिन महामारी का सबसे बुरा दौर ‘‘बिल्कुल'' खत्म हो चुका है। ‘20वें हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट' को संबोधित करते हुए झा ने कहा कि टीकाकरण और पूर्व में संक्रमण की चपेट में आने के कारण आबादी में उच्च स्तर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को देखते हुए, ‘‘भले ही हमें इस महामारी के खराब रूप का सामना करना पड़ जाए लेकिन इसका सबसे बुरा दौर गुजर चुका है।'' झा ने कहा, ‘‘कोविड खत्म नहीं हुआ है और कुछ मायनों में यह हमेशा हमारे साथ रहेगा और हमें बस इससे बचाव करना जारी रखना है।'' प्रतिरोधक क्षमता को मात देने वाले वायरस के और स्वरूप उभरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अच्छी बात यह है कि जैसे-जैसे वायरस स्वरूप बदल रहा है वैसे ही मनुष्य भी खुद को बदल रहे हैं। हम टीकों को अद्यतन करने जैसी चीजों में सक्षम हैं और हम वायरस के साथ जीने में भी सक्षम हो गए हैं। हम इससे निपटने में खुद को असहाय नहीं पाते हैं।


























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