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जयपुर. राजस्थान के टोंक जिले के देवली थाना क्षेत्र में मंगलवार को नहर में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि कल्याणपुरा ग्राम के गांवड़ी पंचायत में विद्यालय के पास बने एक गहरे नहर में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गईं। उन्होंने बताया कि दो बच्चियों के शवों को बाहर निकाल लिया गया है जबकि एक की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि तीनों बच्चियां 8 से 12 साल आयुवर्ग की हैं।
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बसंती पंचमी पर जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांके बिहारी कमर में फेंटा बांधकर भक्तों के संग होली खेलेंगे। बांकेबिहारी मंदिर में श्रृंगार आरती दर्शनों के बाद भक्तों पर गुलाल लुटाया जाएगा। मंदिर में अबीर-गुलाल के बादल छाएंगे और देशभर से आने वाले भक्त अपने आराध्य के प्रसाद रूपी गुलाल में सराबोर होकर धन्य होंगे। इसी के साथ बसंती पंचमी से ब्रज की होली का भी शुभारंभ हो जाएगा।
मंदिर के सेवायत गोस्वामियों द्वारा चांदी के थालों में लाल, हरा, बसंती, गुलाबी और पीले रंग का गुलाल भक्तों पर डाला जाएगा। मंदिर के सेवायत शंशाक गोस्वामी ने बताया कि -बसंती पंचमी से ही श्रीबांकेबिहारी महाराज को कपोलों (गालों) पर गुलाल लगाकर और कमर में गुलाल का फेंटा बांधकर तैयार कर दिया जाता है।
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज बसंती पोशाक धारण कर प्रतीकात्मक रूप से भक्तों संग गुलाल की होली खेलेंगे। उन्होंने बताया कि बसंती पंचमी से ही मंदिर में होली के गायन के साथ ही ब्रज में 40 दिन का होली उत्सव भी प्रारंभ हो जाता है, वहीं प्रसिद्ध शाहजी मंदिर में 26 जनवरी को बसंती पंचमी पर ठाकुर राधारमणलाल भक्तों को -बसंती कमरे में विराजमान होकर दर्शन देंगे। वर्ष में बसंती पंचमी के अवसर पर दो दिन और श्रावण मास के अंत में त्रयोदशी एवं चतुर्दशी को दो दिन खुलने वाले इस बसंती कमरे के दर्शन करने के लिए हजारों लोग आते हैं। विदेशी श्रद्धालु भी इस -बसंती कमरे की आभा देखने के लिए बड़ी संख्या में उमड़ते हैं। बसंती कमरे के दर्शनों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कमरे की सजावट में चार चांद लगाने वाले प्राचीन झाड़ों की मरम्मत एवं साफ-सफाई कराई जा रही है। शाहजी मंदिर के प्रबंधक प्रशांत शाह ने बताया कि -बसंती कमरा 26 और 27 जनवरी को खुलेगा।
बसंती कमरे में ठाकुर राधारमणलाल जू को भव्य छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को बेहतर माहौल उपलब्ध करने के साथ दिव्य दर्शन कराने के लिए सभी तैयारियां अंतिम दौर में चल रही हैं। इसी के साथ बसंतोत्सव मनाने के लिए वृंदावन के शिक्षण संस्थान और सामाजिक संस्थाओं ने भी विभिन्न तैयारियां शुरू कर दी हैं। -
नयी दिल्ली. महंगाई की वजह से हर कोई परेशान है। और इस दौर में बात पाकिस्तान की करें तो वहां लोग आटे के लिए भी तरस रहे हैं। लोगों के खाने के लाले पड़े हैं। आज की तारीख में अगर आप बैट्री रिक्शा लेकर एक किलोमीटर भी जाना चाहते हैं तो कम से कम 10 रुपये तो देने ही होंगे। ऐसे में आपको जानकर हैरानी होगी कि आजादी के तुरंत बाद अगर आपको अमृतसर से रावलपिंडी जाना हो तो केवल चार रुपये के किराए में ही पहुंच सकते हैं। 1947 का एक ट्रेन टिकट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
टिकट रावलपिंडी से अमृतसर तक का है। इसपर अंग्रेजी भाषा में सारी डीटेल लिखी गई है। इस टिकट की कीमत केवल 36 रुपये 9 आने की है। टिकट भी थर्ड एसी का था। बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर पुराने बिल और टिकट वायरल हो रहे हैं। बीते दिनों एक शख्स ने 1987 का एक बिल पोस्ट किया था जिसके मुताबिक कोई शख्स 8 रुपये में शाही पनीर के मजे ले सकता था, वो भी बड़े रेस्टोरेंट में।
टिकट वाली पोस्ट को भी 16 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। इसके अलावा 4 हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर किया है। तस्वीर पर लोग अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'डॉ.साब यह बहुत ही दुर्लभ टिकट हैं,इसको अभी तक सम्हाल के रखना बहुत ही बड़ी बात है,यह तो म्यूजियम में रखने के लिए हैं,सभी इस धरोहर को देख सकें !' एक दूसरे यूजर ने लिखा, 'टिकट आज तक सहेज कर रखने वाले बहुत बहुत बधाई।बहुत महंगी थी रेल यात्रा उस समय,आज की अपेक्षा दैनिक मजदूरी 15 पैसा प्रति दिन के हिसाब से लगभग 27 दिन की मजदूरी के बराबर । -
भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को भोपाल में अक्षय पात्र फाउण्डेशन की प्रदेश की सबसे बड़ी रसोई का उद्घाटन करेंगे, जिसमें प्रतिदिन 50 हजार स्कूली बच्चों को प्रधानमंत्री पोषण कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन मध्यान्ह भोजन परोसा जाएगा। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष (संचालन एवं परियोजना) भरतर्षभ दास ने मंगलवार का यहां पत्रकार वार्ता में बताया कि देश में कोई भी बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित ना रहे, इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर फाउंडेशन द्वारा कार्य किया जा रहा है और देशभर में फाउंडेशन की यह 66 वीं रसोई होगी। उन्होंने बताया कि उक्त रसोई के जरिए शासकीय स्कूलों के 50 हजार बच्चों को प्रतिदिन मध्यान भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। अक्षय पात्र देश भर में 15 राज्यों में 20 हजार से अधिक विद्यालयों के करीब 22 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध कराता है। दास ने बताया कि अक्षय पात्र की रसोई में मशीनों के जरिए रोटी, सब्जी, दाल व चावल तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल में करीब 150 कर्मचारी प्रतिदिन भोजन बनाने के कार्य में जुटेंगे।
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कल इच्छामृत्यु के बारे में अपने 2018 के आदेश में संशोधन किया है। न्यायालय ने मरणासन्न रोगियों से लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया को रोगियों, उनके परिवारों और डॉक्टरों के लिए कम बोझिल बनाने का प्रावधान किया है। उच्चतम न्यायालय ने उस शर्त को हटा दिया जिसमें एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को लाइफ स्पोर्ट से हटाने के लिए मजिस्ट्रेट की स्वीकृति अनिवार्य थी। न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि दस्तावेज़ पर अब "लिविंग विल" पर दो साक्ष्यों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाएंगे। पीठ ने यह भी कहा कि गवाह और नोटरी इस बात की तसल्ली करेंगे कि दस्तावेज़ को स्वेच्छा से और बिना किसी दबाव या प्रलोभन या मजबूरी के और सभी की पूरी समझ के साथ निष्पादित किया गया है। अग्रिम निर्देश के रूप में लिविंग विल एक कानूनी दस्तावेज है जो एक व्यक्ति अपनी इच्छाओं को व्यक्त करने में असमर्थ होने की स्थिति में करना चाहता है या नहीं करना चाहता है। इच्छामृत्यु, दर्द या पीड़ा खत्म करने के लिए जानबूझकर किसी व्यक्ति का जीवन समाप्त करने की प्रक्रिया है।
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नई दिल्ली। सरकार ने संसद के बजट सत्र से पूर्व 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक संसद परिसर में दोपहर 12 बजे से होगी। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा। सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सेंट्रल हॉल में लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त संबोधन से होगा। सत्र के पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण दोनों सदनों में रखा जायेगा। आम बजट पहली फरवरी को पेश किया जायेगा। बजट सत्र 6 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान 66 दिनों में 27 बैठकें होंगी। सत्र का पहला भाग 14 फरवरी तक होगा। दूसरा भाग 13 मार्च से शुरू होगा।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र को संबोधित करेंगी। इसका प्रसारण शाम सात बजे से आकाशवाणी के संपूर्ण राष्ट्रीय नेटवर्क पर किया जायेगा। दूरदर्शन पर इसका प्रसारण पहले हिन्दी में और बाद में अंग्रेजी भाषा में होगा। इसके बाद क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसका प्रसारण किया जायेगा। आकाशवाणी पर रात साढ़े नौ बजे से क्षेत्रीय भाषाओं में राष्ट्रपति के संबोधन का प्रसारण किया जायेगा।
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नई दिल्ली । केंद्र सरकार स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर अधिक केन्द्रित होकर आपदा की स्थिति में इसके प्रबंधन की क्षमता मजबूत करने के लिये प्रतिबद्ध है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय आपात चिकित्सा दल के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस पहल से देश में और यहां रहने वाले समुदायों को आपदा से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आपात चिकित्सा दल के क्षमता निर्माण, मानकीकरण और राष्ट्रीय तथा राज्य आपात चिकित्सा दलों की कार्यसूची तैयार करने से काफी मदद मिलेगी, और उन्हें किसी भी हादसे की स्थिति में घटनास्थल पर कार्रवाई के लिए तेजी से तैनात किया जा सकेगा।
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नई दिल्ली । मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसि आज से भारत की तीन दिन की यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचेंगे। राष्ट्रपति सिसि भारत के 74वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। उनके साथ पांच मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल भी आ रहा है। मिस्र के राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में पहली बार आमंत्रित किया गया है। मिस्र की सेना का एक सैन्य दल भी गणतंत्र दिवस परेड में भागीदारी करेगा। इससे पहले मिस्र के राष्ट्रपति अक्तूबर 2015 में तीसरे भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन में भागीदारी करने और सितम्बर 2016 में भारत के राजकीय दौरे पर आये थे। भारत और मिस्र इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना का 75वां वर्ष मना रहा है। 2022-23 में जी-20 में भारत की अध्यक्षता के दौरान मिस्र को एक 'अतिथि देश' के रूप में आमंत्रित किया गया है।
राष्ट्रपति सिसि का राष्ट्रपति भवन में कल भव्य स्वागत किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शाम को यात्रा पर आये राष्ट्राध्यक्ष के सम्मान में राजकीय भोज की मेजबानी करेंगी। राष्ट्रपति सिसि द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और आपसी हितों के वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता और एक द्विपक्षीय बैठक करेंगे। विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर राष्ट्रपति सिसि से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति सिसि अपनी यात्रा के दौरान एक व्यवसायिक कार्यक्रम में भारत के व्यवसायिक समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे। -
भोपाल | मध्य प्रदेश में 19 नगरीय निकायों के चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किये गये जिनमें 183 पार्षद पदों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की जबकि 143 वार्डों में कांग्रेस विजयी हुई है। प्रदेश के 19 नगरीय निकायों में से भाजपा ने 11 और कांग्रेस ने आठ निकायों में बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के गृह क्षेत्र राघोगढ़ नगर परिषद सहित 19 शहरी निकायों के कुल 343 वार्डो में चुनाव हुए थे। राज्य चुनाव आयोग के सचिव राकेश सिंह के अनुसार पांच जिलों में 19 नगरीय निकायों के तहत 343 पार्षद पदों में से 183 पर भाजपा ने जबकि 143 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि राघोगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस ने 16 और भाजपा ने आठ वार्डो में जीत हासिल की।
प्रदेश के 19 नगरीय निकायों में से भाजपा ने 11 और कांग्रेस ने आठ निकायों में बहुमत हासिल किया है।इन नगरीय निकायों के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ था। - जयपुर| लेखिका नीलांजना भौमिक मुंबई की लोकल में अपनी यात्राओं के दौरान महिलाओं को सब्जियां काटते और आटा गूंधते देखती हैं और पाती हैं कि वे भी पूरा दिन अपने-अपने दफ्तरों में काम करने के बाद घर के कामकाज भी करने को मजबूर हैं। उस वक्त ‘लाइज आवर मदर्स टोल्ड अस : द इंडियन वूमन्स बर्डन' की लेखिका को महसूस हुआ कि इन महिलाओं के पास घरेलू सहायिका रखने का या फिर घर के इन कामों से इंकार करने का कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि ना कहने की यह क्षमता ‘विशेषाधिकार' के स्थान से आती है। भौमिक ने कहा, ‘‘जब हम कहते हैं कि कोई हमसे यह बोझ उठाने को नहीं कह रहा है, हम यह अपनी मर्जी से कह रहे हैं, हम यह बात बेहद विशेषाधिकार वाले दृष्टिकोण के आधार पर कह रहे हैं। हमारे पास विकल्प है, लेकिन भारत में ज्यादातर महिलाओं के पास विकल्प नहीं है। वे ना नहीं कह सकती हैं, वह नहीं कह सकती हैं कि मैं अपनी नौकरी छोड़कर पति के पीछे-पीछे देशभर नहीं घूमना चाहती हूं।'' वह जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन आयोजित सत्र में बोल रही थीं।उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मां ने भी ट्रेन से यात्रा की है, वह पुलिसकर्मी थीं, लेकिन मुझे पता था कि मेरी मां ऐसा नहीं करेंगी। यही वह स्थिति है, जहां विशेषाधिकार आता है। हमने समावेशीकरण कर दिया है कि हमारे पास सबकुछ है, हमें यह सबकुछ करना चाहिए। लेकिन देश की ज्यादातर महिलाओं के लिए यह विकल्प नहीं है।'' संयुक्त राष्ट्र महिला, भारत की देश की उपप्रतिनिधि कांता सिंह के साथ इस सत्र में भौमिक ने देश में बेटी पर बेटे को प्राथमिकता देने पर भी बातचीत की। भौमिक ने कहा कि माता-पिता के बीच यह सामान्य है कि वे बेटी पर बेटे को प्राथमिकता देते हैं, और इससे महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ रहा है।
- नयी दिल्ली| दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में मार्च के अंत तक छह ‘शुष्क दिवस' (ड्राई डे) घोषित किए हैं। इन दिनों पर दिल्ली की 550 से अधिक शराब की दुकानें बंद रहेंगी। दिल्ली सरकार के सोमवार को जारी एक बयान के मुताबिक, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को बार और रेस्तरां में भी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। होटल, क्लब और रेस्तरां को तीन राष्ट्रीय अवकाशों- गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती पर शराब परोसने की अनुमति नहीं है। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार आगामी ‘शुष्क दिवस' गणतंत्र दिवस, गुरु रविदास जयंती (पांच फरवरी), स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती (15 फरवरी), महा शिवरात्रि (18 फरवरी), होली (आठ मार्च) और राम नवमी (30 मार्च) हैं। बयान में कहा गया है कि दिल्ली सरकार हर तीन महीने में ‘शुष्क दिवस' की सूची जारी करती है।पिछले साल एक सितंबर को आबकारी नीति 2021-22 की जगह लेने वाली मौजूदा पुरानी आबकारी व्यवस्था के तहत साल में 21 ‘शुष्क दिवस' हैं। आबकारी नीति 2021-22 के तहत ‘शुष्क दिवस' की संख्या घटाकर केवल तीन कर दी गई थी, जिससे धार्मिक त्योहारों पर शराब की दुकानों के खुलने को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से तीखे हमले किए गए। अक्टूबर 2022 में दिल्ली सरकार ने दशहरा, दिवाली, ईद मिलाद-उन-नबी और वाल्मीकि जयंती को ‘शुष्क दिवस' घोषित किया था। जुलाई 2022 में उपराज्यपाल वी के सक्सेना द्वारा नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार ने अपनी आबकारी नीति 2021-22 को वापस ले ली थी। आबकारी नीति 2021-22 17 नवंबर 2021 से 31 अगस्त 2022 तक लागू थी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को अपने आधिकारिक आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी। भारत सरकार नवाचार, समाज सेवा, शैक्षिक, खेल, कला एवं संस्कृति और वीरता की छह श्रेणियों में बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती है। इसके तहत प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण-पत्र दिया जाता है। इस वर्ष बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर से 11 बच्चों को पीएमआरबीपी-2023 के लिए चुना गया है। पुरस्कार पाने वालों में 11 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के 6 लड़के और 5 लड़कियां शामिल हैं।
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पोर्ट ब्लेयर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में ‘‘विकृत वैचारिक राजनीति'' के कारण ‘‘आत्मविश्वास की कमी और हीनभावना'' रही जिसकी वजह से देश के सामर्थ्य को कमतर आंका गया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने ‘‘दुर्गम और अप्रासंगिक'' मानकर हिमालयी, पूर्वोत्तर और द्वीपीय क्षेत्रों की दशकों तक उपेक्षा की तथा उनके विकास को नजरअंदाज किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि आजादी के बाद देश के स्वाधीनता आंदोलन के इतने बड़े नायक को भुला देने का प्रयास किया गया। नेताजी की याद में दिल्ली के इंडिया गेट पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने, आजाद हिंद सरकार के गठन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले पर तिरंगा फहराने, उनके जीवन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने सहित कई अन्य कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजादी के बाद भुला देने का प्रयास हुआ, आज देश उन्हें पल-पल याद कर रहा है।'' इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हिस्सा ले रहे प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर बनाए जाने वाले नेताजी राष्ट्रीय स्मारक के प्रतिरूप का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख, अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल देवेंद्र कुमार जोशी सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे देश की पहले की सरकारों में, खासकर विकृत, वैचारिक राजनीति के कारण दशकों से जो आत्मविश्वास की कमी और हीनभावना रही, उसके कारण देश के सामर्थ्य को हमेशा कमतर आंका गया।'' उन्होंने कहा, ‘‘चाहे हमारे हिमालयी राज्य हों, विशेषकर पूर्वोत्तर के राज्य हों या फिर अंडमान निकोबार जैसे समुद्री द्वीप क्षेत्र.... इन्हें लेकर यह सोच रहती थी कि ये तो दूरदराज के दुर्गम और अप्रासंगिक इलाके हैं। और इसी सोच के कारण ऐसे क्षेत्रों की दशकों तक उपेक्षा हुई। उनके विकास को नजरअंदाज किया गया। अण्डमान निकोबार द्वीप समूह इसका भी साक्षी रहा है।'' प्रधानमंत्री ने सिंगापुर, मालदीव और सेशेल्स का उदाहरण देते हुए कहा कि अपने संसाधनों के सही इस्तेमाल से ये देश और द्वीपीय क्षेत्र पर्यटन के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं और आज पूरी दुनिया से लोग इन देशों में पर्यटन के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा ही सामर्थ्य भारत के द्वीपों के पास भी है जो दुनिया को बहुत कुछ दे सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कभी पहले ध्यान ही नहीं दिया गया। हालात तो यह थे कि हमारे यहां कितने द्वीप हैं, कितनी टापू हैं, इसका हिसाब किताब तक नहीं रखा गया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले लोग अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने यहां आते थे लेकिन आज लोग यहां इतिहास को जानने और जीने के लिए भी पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यहां के द्वीप हमारी समृद्ध आदिवासी परंपरा की धरती भी रहे हैं। अपनी विरासत पर गर्व की भावना, इस परंपरा के लिए भी आकर्षण पैदा कर रही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े स्मारक और अन्य प्रेरणा स्थल देशवासियों में यहां आने के लिए उत्सुकता पैदा करते हैं। आने वाले समय में यहां पर्यटन के और असीम अवसर पैदा होंगे।'' इस द्वीप समूह में इंटरनेट सेवाओं के विस्तार कार्यों का उल्लेख करते प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत में अण्डमान निकोबार द्वीप समूह ने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी थी, उसी तरह भविष्य में यह क्षेत्र देश के विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जो सक्षम होगा, सामर्थ्यवान होगा और आधुनिक विकास की बुलंदियों को छूएगा।'' अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के सबसे बड़े द्वीप का नामकरण प्रथम परमवीर चक्र विजेता के नाम पर किया गया। इसी प्रकार आकार की दृष्टि से अन्य द्वीपों का नामकरण किया गया। इन द्वीपों का नाम जिन परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखा गया है उनमें मेजर सोमनाथ शर्मा, सूबेदार और मानद कप्तान (तत्कालीन लांस नायक) करम सिंह, एम.एम., सेकंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह, कैप्टन जी.एस. सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल (तत्कालीन मेजर) धन सिंह थापा, सूबेदार जोगिंदर सिंह, मेजर शैतान सिंह, सीक्यूएमएच. अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरजी तारापोर, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर होशियार सिंह, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, नायब सूबेदार बाना सिंह, कप्तान विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार और सूबेदार मेजर सेवानिवृत्त (मानद कप्तान) ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव शामिल हैं। मोदी ने कहा, ‘‘इन 21 द्वीपों को अब परमवीर चक्र विजेताओं के नाम से जाना जाएगा। आज के इस दिन को आजादी के अमृत काल के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी। हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए ये द्वीप एक चिरंतर प्रेरणा का स्थल बनेंगे।'' उन्होंने कहा कि ये काम देशहित में बहुत पहले हो जाने थे, क्योंकि जिन देशों ने अपने नायक-नायिकाओं को समय रहते जनमानस से जोड़ा वो विकास और राष्ट्र निर्माण की दौड़ में बहुत आगे गए। उन्होंने कहा, ‘‘आज आजादी के अमृत काल में भारत यही काम कर रहा है, जी-जान से कर रहा है।
इस अवसर पर शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे विश्व में किसी भी देश ने अपने देश के लिए लड़ने वाले जवानों के नाम पर अपने द्वीपों का नाम रख कर उनको सम्मानित करने का काम नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत के प्रधानमंत्री की यह पहल जिसके तहत अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के 21 बड़े द्वीपों को हमारे परमवीर चक्र विजेताओं के नाम के साथ जोड़ कर, उनकी स्मृति को जब तक यह पृथ्वी रहेगी तब तक चिरंजीव करने का प्रयास सेना का उत्साह बढ़ाएगा।'' शाह ने अण्डमान स्थित सेल्युलर जेल को आजादी की लड़ाई का एक बहुत बड़ा तीर्थ स्थान बताया और कहा कि देश के इसी हिस्से को सबसे पहले स्वतंत्रता प्राप्त होने का सम्मान मिला। उन्होंने कहा, ‘‘आज 21 द्वीपों को नाम नहीं दिया गया है बल्कि 21 वीरों के पराक्रम को नमन करते हुए 21 दीप जलाने का काम प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है।'' अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के ऐतिहासिक महत्व और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने रॉस द्वीप का नामकरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप के तौर पर किया था। इसी प्रकार नील द्वीप का नाम बदलकर शहीद द्वीप और हेवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप किया गया था। -
मुंबई. महाराष्ट्र में कई सुधारवादियों की भूमि रहे कोल्हापुर में एक युवक ने अपनी 45 वर्षीय विधवा मां की जीवनसाथी की आवश्यकता और सामाजिक लांछन से लड़ने के लिए उसकी दूसरी शादी कराई। युवराज शेले (23) ने पांच साल पहले एक सड़क दुर्घटना में अपने पिता को खो दिया था।
शेले ने बताया, “जब मैं महज 18 साल का था, तब अपने पिता को खोना मेरे लिए बड़ा सदमा था। लेकिन मेरे पिता की मौत का सबसे ज्यादा असर मेरी मां पर पड़ा, जिन्हें अकेलेपन से जूझना पड़ा और सामाजिक रूप से खुद को अलग-थलग महसूस करना पड़ा।” शेले ने महसूस किया कि उनके पिता की मौत के बाद उनकी मां को सामाजिक कार्यक्रमों में आमंत्रित किये जाने की संख्या में काफी अंतर आ गया और इसने उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित किया। शेले जब अपने परिवार का गुजारा करने लगा, तब उसे अपनी मां के लिए एक जीवनसाथी की जरूरत का एहसास हुआ क्योंकि वह पड़ोसियों के साथ कम बातचीत करती थी और घर पर अकेली ही रहती थी। शेले ने बताया, “मेरी मां ने मेरे पिता से लगभग 25 साल पहले शादी की थी। अगर कोई आदमी अपनी पत्नी को खो देता है, तो समाज सोचता है कि उसके लिए पुनर्विवाह करना स्वाभाविक है। मुझे आश्चर्य हुआ कि एक महिला पर यही चीज क्यों नहीं लागू होती और मैंने उन्हें पुनर्विवाह के लिए मनाने का फैसला किया।” शेले ने बताया कि पारंपरिक मूल्यों वाले कोल्हापुर जैसे शहर में अपने करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों को मनाना आसान नहीं था। हालांकि, शेले ने कुछ दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद से अपनी मां के लिए वर ढूंढ़ने का कठिन काम शुरू किया। शेले ने बताया, “सौभाग्य से मारुति घनवत के बारे में हमें कुछ संपर्कों के माध्यम से पता चला। हमने शादी के प्रस्ताव पर चर्चा की और उनके साथ शुरुआती बातचीत के बाद रिश्ता तय हो गया। वह अभी भी मेरे लिए एक विशेष दिन है, क्योंकि मैं अपनी मां के लिए ए नया जीवनसाथी ढूंढ पाया।” घनवत ने बताया, “मैं कुछ सालों से एकाकी जीवन जी रहा था। रत्ना से मिलने और उससे बात करने के बाद मुझे लगा कि मैं इस परिवार के साथ रह सकता हूं और वे सच्चे लोग हैं। रत्ना के लिए पुनर्विवाह एक कठिन निर्णय था, क्योंकि वह अपने पूर्व पति को भूलने के लिए तैयार नहीं थी।” रत्ना ने बताया, “मैंने शुरू में इस पूरी कवायद का विरोध किया था। मैं अपने पति को भूलने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। लेकिन इस मुद्दे पर बात करने के बाद मुझे यकीन हो गया। मैंने खुद से यह भी पूछा कि क्या मैं वास्तव में अपने शेष जीवन के लिए अकेले रहना चाहता हूं,।” रत्ना ने दो हफ्ते पहले शादी की है। -
अहमदाबाद. भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद (आईआईएमए) के नए निदेशक आईआईएम-लखनऊ के प्रोफेसर भरत भास्कर होंगे। संस्थान ने सोमवार को एक मार्च से पांच साल के लिए भास्कर को नियुक्त करने की घोषणा की। वर्तमान निदेशक एरोल डिसूजा का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होगा। अंतरिम तौर पर संचालन मंडल ने प्रोफेसर अरिंदम बनर्जी को एक फरवरी से 28 फरवरी, 2023 तक निदेशक-प्रभारी नियुक्त किया है। नए निदेशक की घोषणा सोमवार को एक बैठक के बाद आईआईएमए संचालन मंडल (बोर्ड ऑफ गवर्नर्स) के अध्यक्ष पंकज पटेल ने की। इस पद के लिए 13 उम्मीदवारों के नामों को छांटा गया था और उनमें से भास्कर का चयन किया गया। पटेल ने कहा, ‘‘अहमदाबाद का भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएमए) एक प्रमुख वैश्विक प्रबंधन संस्थान के रूप में अपनी समृद्ध विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जिसे शुरुआत से ही इसके सभी निदेशकों के नेतृत्व और ज्ञान द्वारा आकार दिया गया है, जिसमें प्रोफेसर एरोल डिसूजा भी शामिल हैं। मैं उनके कार्यकाल के दौरान संस्थान और इसके लोगों के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उनका धन्यवाद करना चाहूंगा।'' उन्होंने कहा कि भास्कर को प्रौद्योगिकी के प्रोफेसर के रूप में भारत और दुनियाभर में काम करने का व्यापक अनुभव है। आईआईएमए ने पांच सदस्यीय समिति बनाकर सितंबर में नए निदेशक की तलाश शुरू की थी।
प्रोफेसर भास्कर भारत और विश्व स्तर पर उद्योग, अनुसंधान, शिक्षण और परामर्श में लगभग तीन दशकों के अनुभव के साथ एक अनुभवी सूचना प्रौद्योगिकी अगुवा हैं। उन्होंने मार्च, 2017 से मार्च, 2022 तक आईआईएम रायपुर के निदेशक के रूप में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार द्वारा जनता के दर्शन के लिए यहां हवाई अड्डे पर बीजू पटनायक के डकोटा विमान को रखने के प्रयासों के साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेबी ऑस्टिन कार को कटक के ओडिया बाजार में उनके जन्मस्थान ‘जानकीनाथ भवन' में लाने की मांग की जा रही है। महान स्वतंत्रता सेनानी ने 1930 से 1941 तक इस कार का इस्तेमाल किया था और कथित तौर पर कोलकाता से बर्मा तक की यात्रा की थी लेकिन कार का कोई अता पता नहीं है। कटक स्थित नेताजी फाउंडेशन ने सोमवार को दावा किया कि ऐसी मीडिया रिपोर्टें हैं कि वाहन 2014 में धनबाद के बरारी कोक प्लांट में स्थित था। नेताजी फाउंडेशन ने कटक के कलेक्टर भबानी शंकर चयनी को एक ज्ञापन भी भेजा है। फाउंडेशन के संयोजक जिनेश दास और बिकी चक्रवर्ती ने कहा, “ओडिशा सरकार कोलकाता से बीजू बाबू का डकोटा लेकर आई है। वह नेताजी की कार भी वापस ला सकती है तथा इसे उनके जन्मस्थान पर प्रदर्शित कर सकती है। यह हमारे देश के महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि होगी।” राष्ट्रवादी नेता के जन्मदिन 23 जनवरी को देश पराक्रम दिवस के रूप में मनाता है। इस वर्ष आज महान नेता की 126वीं जयंती मनाई गई।
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कोलकाता. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि उनके दक्षिणपंथी संगठन और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का समान लक्ष्य भारत को एक महान राष्ट्र बनाना है। आरएसएस और स्वतंत्रता सेनानी की विचारधारा समान नहीं होने को लेकर जारी बहस के बीच भागवत ने यह बयान दिया। भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में नेताजी के योगदान की सराहना करते हुए भागवत ने सभी से बोस के गुणों व शिक्षाओं को आत्मसात करने और देश को ‘‘विश्व गुरु'' बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम नेताजी को केवल इसलिए याद नहीं करते क्योंकि हम स्वतंत्रता संघर्ष में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए उनके आभारी हैं, बल्कि इसलिए भी कि उनके गुणों को आत्मसात करें कि उनका भारत को महान बनाने का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। हमें इसे हासिल करने के लिए काम करना होगा।'' भागवत ने कहा कि स्थिति और रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल एक ही है।
उन्होंने कहा, सुभाष बाबू (नेताजी) ने कांग्रेस से जुड़े रहने के दौरान ‘सत्याग्रह' तथा ‘आंदोलन' के मार्ग का अनुसरण किया, लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि यह काफी नहीं है और स्वतंत्रता के लिए लड़ने की जरूरत है तो उन्होंने इस दिशा में कदम उठाया। रास्ते अलग-अलग हैं, लेकिन लक्ष्य एक हैं।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘अनुसरण करने के लिए सुभाष बाबू के आदर्श हमारे सामने मौजूद हैं। उनके जो लक्ष्य थे, वही हमारे भी लक्ष्य हैं...।'' उन्होंने कहा कि नेताजी ने कहा था कि भारत को दुनिया के लिए काम करना चाहिए और ‘‘हमें यही लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करना है।'' भागवत ने दावा किया कि देश ने बोस और उनके बलिदानों के साथ न्याय नहीं किया। उन्होंने कहा कि नेताजी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने द्वारा चुने गये मार्ग को लेकर आलोचना का सामना किया, लेकिन यह उन्हें उनके पथ से नहीं डिगा सका। उन्होंने कहा कि नेताजी की तरह आरएसएस भी राष्ट्र निर्माण के विचार को बढ़ावा देता है। -
नयी दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि इकाइयों को आधार सत्यापन से पहले संबंधित लोगों को पूरी बातें समझाकर उनसे कागज पर या इलेक्ट्रॉनिक रूप से सहमति लेनी होगी। प्राधिकरण ने ऑनलाइन सत्यापन कार्य से जुड़ी इकाइयों के लिये जारी नये दिशानिर्देश में यह कहा है।
साथ ही उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि जो आंकड़े लोगों से लिये जाएं, वे उससे अच्छी तरह अवगत हों और साथ ही आधार सत्यापन के उद्देश्य को भी समझें। यूआईडीएआई ने कहा है कि सत्यापन करने वाली इकाइयों के लिये जरूरी है कि वे लोगों को पूरी बात बताकर उनसे आधार सत्यापन को लेकर सहमति लें।
प्राधिकरण के अनुसार जो सहमति ली जाए, उसके दस्तावेज और सत्यापन से जुड़ी चीजें नियमन के तहत निर्धारित सीमा तक ही रखी जाए। यूआईडीएआई ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘और उक्त समयावधि की समाप्ति के बाद जो चीजें हटाने की जरूरत है, उन्हें अधिनियम के अनुसार किया जाए।''
विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘यूआईडीएआई ने यह भी कहा कि सत्यापन करने वाली इकाइयों को लोगों के प्रति विनम्र होना चाहिए और उन्हें संबंधित लोगों को आधार संख्या की सुरक्षा और गोपनीयता के बारे में आश्वस्त करना चाहिए।'' यूआईडीएआई ने इकाइयों से यह भी कहा कि वे आधार संख्या का भंडारण तभी करें जब वे उसके लिये अधिकृत हैं। और अगर उन्हें यह करना है, तो वे निर्धारित नियमों के अनुसार करें। -
नयी दिल्ली। श्री जगन्नाथ यात्रा पर्यटक ट्रेन बुधवार से अपनी आठ दिवसीय यात्रा शुरू करेगी, जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों से होकर गुजरेगी। रेलवे ने सोमवार को यह जानकारी दी। ओडिशा के पुरी मंदिर पर केंद्रित पर्यटक ट्रेन रेलवे की महत्वाकांक्षी भारत गौरव पहल के तहत चलाई जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि एसी ट्रेन बुधवार को दिल्ली सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी, इस ट्रेन में कुल 10 एसी थ्री-टियर कोच होंगे, जिसमें कुल 600 यात्री बैठ सकते हैं। पर्यटकों को गाजियाबाद, अलीगढ़, टूंडला, इटावा, कानपुर और लखनऊ स्टेशनों पर ट्रेन में चढ़ने का विकल्प होगा। यात्रा का पहला पड़ाव वाराणसी में होगा, जहां पर्यटक काशी विश्वनाथ मंदिर, इसे जोड़ने वाले गलियारे में जाएंगे और गंगा के तट पर होने वाली ‘आरती' देखेंगे।
ट्रेन फिर झारखंड के जसीडीह रेलवे स्टेशन पहुंचेगी जहां से पर्यटक बैद्यनाथ धाम मंदिर के दर्शन के लिए आगे बढ़ेंगे। इसके बाद यह पुरी की यात्रा करेगी जहां होटलों में दो रात ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। ओडिशा में पर्यटक जगन्नाथ मंदिर जाएंगे और फिर उन्हें बसों से कोणार्क में सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर में कलिंग काल के दौरान बनाए गए मंदिरों में ले जाया जाएगा। बिहार का गया आखिरी गंतव्य होगा जहां विष्णुपद मंदिर के दर्शन किए जाएंगे। ट्रेन अपने सफर के आठवें दिन एक फरवरी को दिल्ली लौटेगी। -
प्रयागराज। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने सोमवार को यहां कहा कि मठ मंदिर शक्ति, भक्ति और संस्कार का केंद्र रहे हैं तथा इन्हीं केंद्रों को पुनः स्थापित करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
माघ मेला में विश्व हिंदू परिषद के शिविर में सोमवार को अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए राय ने कहा कि आस्था के इन्हीं केंद्रों को हिंदू समाज के एकत्रीकरण का केंद्र बनाकर समाज के समक्ष खड़ी चुनौतियों से निपटा जा सकता है।
बैठक को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जिवेशवर मिश्र ने कहा, “वैदिक सनातन जीवन मूल्यों की रक्षा, मठ मंदिरों के अधिग्रहण को रोकना, समान नागरिक संहिता एवं धर्मांतरण को रोकने के लिए संतों से संपर्क कर हम हिंदू समाज में जागरण का व्यापक अभियान चलाएंगे।” बैठक में अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी और संगठन के केंद्रीय मंत्रियों समेत 100 से अधिक धर्माचार्य से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। -
नयी दिल्ली। रेलवे दक्षिण भारत में तीन और वंदे भारत ट्रेन शुरू कर सकता है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। नयी सेवाओं के लिए जिन मार्गों पर विचार किया जा रहा है, वे तेलंगाना में काचीगुडा से कर्नाटक में बेंगलुरु और तेलंगाना में सिकंदराबाद से आंध्र प्रदेश में तिरुपति और महाराष्ट्र में पुणे तक हैं।
कर्नाटक और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावना है, जबकि आंध्र प्रदेश में 2024 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने मिशन दक्षिण के तहत 2024 में होने वाले अगले संसदीय चुनाव में दक्षिणी राज्यों में अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। रेलवे ने इस साल नवंबर में चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर मार्ग पर दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु के क्रांतिवीर संगोली रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के पांचवें रेक को हरी झंडी दिखाई।
अधिकारियों ने कहा कि हाल में शुरू सिकंदराबाद-विजाग वंदे भारत एक्सप्रेस 100 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ चल रही है। सूत्रों ने कहा कि दक्षिण मध्य रेलवे के रेलवे खंडों को इन गंतव्यों के लिए वंदे भारत ट्रेन के रखरखाव के लिए सिकंदराबाद, हैदराबाद और विजयवाड़ा खंड में कम से कम एक कोचिंग डिपो के बुनियादी ढांचे को अद्यतन करने के लिए कहा गया है।
भारतीय रेलवे की इस साल के अंत तक 75 वंदे भारत ट्रेन चलाने और अगले तीन वर्षों में 400 ट्रेन चलाने की योजना है। अब तक नागपुर-बिलासपुर, दिल्ली-वाराणसी, गांधीनगर-मुंबई और चेन्नई-मैसूर सहित विभिन्न मार्गों पर वंदे भारत ट्रेन शुरू की गई हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रमुख ‘मेक-इन-इंडिया' पहल के तहत चेन्नई के पेरंबूर में इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है।फाइल फोटो
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नयी दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को भारत और विदेशों में चुनावों में ‘गहरे फर्जी विमर्श' की प्रवृत्ति पर चिंता जताई और कहा कि इसके जरिए ‘विघटनकारी तत्व' जनता की धारणा को बदलने और लोगों को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया मंचों को अपने एल्गोरिद्म पावर (कलन विधि की शक्ति) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का इस्तेमाल कर ‘सक्रियता' से फर्जी विमर्शों का पता लगाना चाहिए, खासकर भारत जैसे देश के अधिकार क्षेत्र में जहां चुनावी चक्र निश्चित और सुस्पष्ट है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यहां चुनाव आयोग द्वारा ‘प्रौद्योगिकी का उपयोग और चुनाव निष्ठा' विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह टिप्पणी की।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कुमार ने इस बात पर भी चिंता जताई कि मंचों के सर्च रिजल्ट्स में समान अवसर नहीं बनाए जा रहे हैं ताकि कम से कम आधिकारिक तौर पर सत्यापित संस्करणों को नकली सामग्री के समान प्रमुखता के साथ दिखाया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘सीईसी ने प्रवर्तन एजेंसियों की तरह गहराई से फर्जी विमर्शों का पता लगाने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया मंचों पर डालने का काम किया है।''
उन्होंने कहा, ‘‘यह कल्पना करना मुश्किल है कि अगर प्रवर्तन एजेंसियां कहती हैं कि वे तब तक कार्रवाई नहीं करेंगे जब तक कि उन्हें अपराध की सूचना नहीं दी जाती है और खुफिया रोकथाम उनकी जिम्मेदारी नहीं है। अपने संबोधन के दौरान कुमार ने कुछ प्रमुख सवाल भी उठाए, मसलन स्पष्ट और प्रणाली का पता लगाने योग्य नकली सामग्री की पहचान करना और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अपलोड और प्रसारित होने से रोकना किसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन प्रौद्योगिकी को बदनाम करने की ‘प्रवृत्ति' का भी जिक्र किया। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपने हवाले से प्रसारित की जा रही ।
यह दो दिवसीय सम्मेलन निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित किए जाने वाले तीन सम्मेलनों की श्रृंखला में दूसरा है। अंगोला, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, ऑस्ट्रेलिया, चिली, क्रोएशिया, डोमिनिका, फिजी, जॉर्जिया, इंडोनेशिया, किरिबाती, मॉरीशस, नेपाल, पैराग्वे, पेरू, फिलीपींस और सूरीनाम सहित 17 देशों से लगभग 43 प्रतिभागियों तथा आईएफईएस, अंतरराष्ट्रीय आईडीईए जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन इस सम्मेलन में शामिल हैं। -
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सड़क यातायात उल्लंघन के लिए काटे गए चालान ने एक निवारक के रूप में काम किया है, जिसकी वजह से पिछले पांच वर्षों में शिमला जिले में सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौते में 30 प्रतिशत से भी अधिक की कमी देखी गई है। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में शिमला में 354 सड़क हादसों में कुल 167 लोग मारे गए, जबकि 2018 में कुल 526 दुर्घटनाओं में 245 लोगों की जान गई थी। पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच काटे गए चालानों की संख्या में 30.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शिमला की पुलिस अधीक्षक मोनिका भुटुंगरू ने कहा कि चालान काटने के अलावा दुर्घटनाओं के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रभावी निगरानी, बेहतर यातायात प्रबंधन और सख्त कानूनी कदम उठाए जाने के कारण सड़क हादसों की संख्या में कमी आई है।
उन्होंने आगे कहा, “सड़क हादसों में कमी लाने के लिए हमने नशे की हालत में गाड़ी चलाने वालों, तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों, गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करने वालों और आदतन यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से चालान काटने पर ध्यान केंद्रित किया। हमने बर्फबारी से प्रभावित इलाकों में सड़क हादसे अधिक होने के कारणों पर भी गौर फरमाया और निवारक उपाय किए।”
अधिकारी के मुताबिक, मोटर वाहन अधिनियम के तहत वर्ष 2022 में सबसे अधिक 1,83,612 चालान काटे गए, जिनमें नशे में गाड़ी चलाने के लिए काटे गए 3,448, गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करने के लिए काटे गए 5159 और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के लिए काटे गए 586 चालान शामिल हैं। -
नयी दिल्ली। भारत में लोकप्रिय पयर्टन स्थलों से इतर स्थानों को लेकर पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ी है। पिछले साल तेलंगाना का माधापुर, तमिलनाडु के रामेश्वरम और वैल्लूर, मेघालय का चेरापूंजी और महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ शीर्ष पसंदीदा पर्यटक स्थल बनकर उभरे हैं।
ऑनलाइन रिहाइश मुहैया कराने वाली कंपनी एयरबीएनबी के सोमवार को जारी आंकड़ों से यह रुझान सामने आया है। इससे पता चलता है कि वर्ष 2022 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा में भी मजबूत पुनरुद्धार हुआ है और यह चलन 2023 में भी जारी रहने की संभावना है। एयरबीएनबी के मुताबिक, भारतीयों ने दुनियाभर के सबसे लोकप्रिय शहरों को खोजा। इसके अलावा एकल यात्रा 2022 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सबसे लोकप्रिय रूझान के रूप में सामने आई।
एयरबीएनबी ने कहा कि कम-चर्चित जगहों की यात्राएं करने के रूझान से स्थानीय समुदायों को लाभ मिला और पर्यटन पुनरुद्धार में भी मदद मिली। इसमें कहा गया कि घरेलू स्तर पर भारतीयों ने तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मेघालय और तेलंगाना जैसे राज्यों में घूमने का मन बनाया। वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में भारतीय पर्यटकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा जानकारी दुबई, लंदन, पेरिस, टोरंटो और न्यूयॉर्क जैसे शहरों के बारे में जुटाई।
आतिथ्य के मामले में एयरबीएनबी पर लोगों ने सबसे ज्यादा अंक दिल्ली, गोवा, केरल, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश को दिए। वहीं, 2022 में घरेलू स्थानों पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले स्थलों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता थे। एयरबीएनबी के महाप्रबंधक (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, हांगकांग और ताइवान) अमनप्रीत बजाज ने कहा, ‘‘ऐसा अनुमान है कि यात्री इस वर्ष बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर जाएंगे और भारत में उन स्थलों की यात्रा करेंगे जो मशहूर पर्यटन स्थलों में नहीं गिने जाते।
यात्रा की बढ़ती इच्छा एक सकारात्मक संकेत है।'' आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2022 में सर्वाधिक संख्या में बुकिंग मुंबई, नयी दिल्ली, गुवाहाटी, गोवा और हैदराबाद के लिए हुई।फाइल फोटो



























