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नयी दिल्ली। दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि सरकार वर्ष 2023 में डिजिटल प्रौद्योगिकियों की मदद से रेहड़ी-पटरी वालों को 5,000 रुपये तक की सूक्ष्म ऋण सुविधा देने पर खास जोर देगी। वैष्णव ने डिजिटल इंडिया पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ''2023 में रेहड़ी-पटरी वालों की 3,000 रुपये से 5,000 रुपये तक छोटी ऋण जरूरतों को पूरा करने के लिए सरल तरीके से ऋण सुविधाएं मुहैया करने पर खास ध्यान दिया जाएगा।''
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक नागरिक को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए देश के सभी हिस्सों तक 4जी और 5जी दूरसंचार सेवाएं पहुंचाने को लगभग 52,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंत्री ने कहा कि देश इस साल स्वदेशी रूप से विकसित 4जी और 5जी प्रौद्योगिकियों को लागू होते देखेगा।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुसार देश में बहुत जल्द एक इलेक्ट्रॉनिक चिप विनिर्माण संयंत्र की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (स्वनिधि) योजना को सूक्ष्म-ऋण सुविधा के रूप में जून 2020 में शुरू किया गया था। इस योजना का मकसद कोविड-19 महामारी के चलते हुए नुकसान की भरपाई के लिए रेहड़ी पटरी वालों को सशक्त बनाना है। -
मुंबई। मुंबई के सांताक्रूज में शनिवार तड़के एक बार में छापेमारी कर 69 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार लोगों में 44 ग्राहक, 21 कर्मचारी और चार कलाकार शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “प्रतिष्ठान से 14 महिलाओं को मुक्त कराया गया और 3.5 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। वहां एक नृत्य कार्यक्रम की वीडियो क्लिप मिलने के बाद पुलिस की सामाजिक सेवा शाखा ने छापेमारी की।” उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र होटल, रेस्तरां एवं बार रूम में महिलाओं के अश्लील नृत्य पर रोक अधिनियम, 2016 व भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। -
जूनागढ़। गुजरात में जूनागढ़ जिले के गिर वन्यजीव अभयारण्य में शेरों का अपने वाहनों से पीछा कर उन्हें कथित तौर पर परेशान करने और मोबाइल फोन से वीडियो बनाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक वन अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना में शामिल छह लोगों में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जो राजस्थान के रहने वाले हैं।
वन अधिकारियों के अनुसार, जूनागढ़ जिले में सासन गिर के पास गिर वन्यजीव अभयारण्य में दो सप्ताह पहले इस घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्ड किये जाने की संभावना है। एक वीडियो में, कुछ लोगों को दो वाहनों पर शेरों के झुंड का पीछा करते हुए देखा जा सकता है। कुछ आरोपियों ने गांव की सड़क पर खतरनाक तरीके से शेरों के करीब गाड़ी चलाते हुए अपने मोबाइल फोन से वीडियो शूट किया।
जूनागढ़ वन्यजीव मंडल की मुख्य वन संरक्षक अराधना साहू ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने कहा, ‘‘तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया, क्योंकि शेरों को परेशान करना एक गैर-जमानती अपराध है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।'' उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियां उन वीडियो के आधार पर की गईं जो वायरल हुए और वन विभाग के संज्ञान में आई। साहू ने कहा, ‘‘हमने उनमें से तीन को पूछताछ के लिए बुलाया था और उन्हें हिरासत में लिया है।'' -
जयपुर। राजस्थान के अजमेर जिले में पुरानी रंजिश के चलते अज्ञात बदमाशों ने एक पूर्व पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया। गंज थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने शनिवार को बताया कि यह घटना अजमेर जिले के पुष्कर कस्बे के बंसेली गांव में हुई जहां पूर्व पार्षद सवाई सिंह (70) और उनके दोस्त दिनेश तिवारी (68) को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी।
उन्होंने बताया कि कि दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान सवाई सिंह की मौत हो गई, जबकि उनके दोस्त का इलाज चल रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना पुरानी रंजिश का नतीजा लग रही है। मामले की जांच की जा रही है। -
नई दिल्ली। भारत और जापान की वायुसेनाएं 12 से 26 जनवरी तक पहला द्विपक्षी अभ्यास करेंगी। दोनों देशों के बीच होने वाला यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की सैन्य ताकत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा संबंधों को दर्शाता है। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के बीच 'वीर गार्जियन-2023' नामक यह अभ्यास जापान के हयाकुरी एयरबेस पर आयोजित किया जाएगा।
भारतीय वायुसेना ने शनिवार को कहा कि अभ्यास में उसकी तरफ से चार सू-30 एमकेआई विमान, दो सी-17 विमान और एक आईएल-78 विमान हिस्सा लेंगे। जेएएसडीएफ के चार एफ-2 और चार एफ-15 विमान अभ्यास में हिस्सा लेंगे।
आईएएफ ने एक बयान में कहा, “देशों के बीच वायु रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, भारत और जापान संयुक्त हवाई अभ्यास 'वीर गार्जियन-2023' आयोजित करने के लिए तैयार हैं।” -
शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)। विवाह नहीं कर पाने से दुखी प्रेमी जोड़े ने झोपड़ी में फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुवाया थाना क्षेत्र के रहने वाले रोहित (22) का पड़ोसी गांव लक्ष्मीपुर में रहने वाली लड़की (17) से प्रेमसंबंध था। दोनों एक ही बिरादरी के थे और दोनों शादी करना चाहते थे, लेकन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे।
उन्होंने बताया कि विवाह नहीं होने से दुखी होकर झोपड़ी में रह रहे रोहित ने प्रेमिका को शुक्रवार रात में बुलाया और झोपड़ी की मुंडेर की बल्ली में तार की मदद से दोनों ने फांसी लगा ली। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। -
नयी दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की 2021-22 में 96 फीसदी से अधिक की आय चुनावी बॉण्ड से हुई। पार्टी की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, इन बॉण्ड से पार्टी की आय 2020-21 में 42 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 528.14 करोड़ रुपये हो गयी है। चुनावी बॉण्ड राजनीतिक दलों को चंदा देने का एक वित्तीय तरीका होता है।
शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021-22 में टीएमसी की 545.74 करोड़ रुपये की कुल आय में से 528.14 करोड़ रुपये की आय चुनावी बॉण्ड से हुई। इसमें यह भी कहा गया है कि पार्टी के प्राथमिक सदस्यों से शुल्क/सब्सक्रिप्शन/संग्रहण से 14.36 करोड़ रुपये मिले। रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी ने 2020-21 में चुनावी बॉण्ड से 42 करोड़ रुपये की आय दिखाई है।
पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पार्टी का खर्च भी बढ़ा है। वर्ष 2020-21 में टीएमसी का खर्च 132.52 करोड़ रुपये था, जो 2021-22 में बढ़कर 268.33 करोड़ रुपये हो गया। यह रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपी गयी है। -
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 में प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन तट पर होने वाले दुनिया के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ को भव्य बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में श्रद्धालुओं को आसान और आरामदायक यात्रा की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के बेड़े में पांच हजार नयी बसें शामिल करने का फैसला लिया गया है।
लखनऊ में शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के अनुसार, परिवहन निगम ने महाकुंभ से पहले 5,000 नयी बसें खरीदने की योजना बनाई है और इस कड़ी में मार्च 2023 तक विभाग 1,575 बसों की खरीद करेगा। बयान में कहा गया है, “साल 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने वाला कुंभ मेला 2019 से ज्यादा भव्य होगा। मेले के क्षेत्रफल में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
यही नहीं, इस बार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 40 करोड़ के आसपास पहुंच सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से तैयारियों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।” यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक संजय कुमार ने बयान में कहा कि बसों की खरीद को लेकर विभाग ने जो लक्ष्य तय किया है, उसके मुताबिक मार्च 2023 तक 1,575 बसों की खरीद कर ली जाएगी।
कुमार ने बताया कि इसके बाद अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच यूपीएसआरटीसी अपने स्रोत और शासकीय सहयोग से दो हजार नयी बसें खरीदेगा। वहीं, अप्रैल 2024 से दिसंबर 2024 के बीच यानी महाकुंभ से पहले के आठ महीनों में बाकी 1,500 बसों का भी क्रय कर लिया जाएगा। कुमार के मुताबिक, “नयी बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। इनमें सफर बेहद सुविधाजनक और आरामदेह होगा। 5,000 बसों के क्रय के लिए सरकार को दो हजार करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।”
कुमार के अनुसार, परिवहन निगम पुरानी और खस्ताहाल हो चुकी बसों को बेचने की योजना भी बना रहा है। उन्होंने कहा, “जो बसें खस्ताहाल हो चुकी हैं, उन्हें योजनाबद्ध तरीके से सेवा से हटाया जा रहा है। रोडवेज के इस निर्णय से मुसाफिरों को आरामदायक सफर मिलेगा। साथ ही नयी बसें होने से यात्री समय पर अपने गंतव्य तक भी पहुंच सकेंगे।” मालूम हो कि यूपीएसआरटीसी के बेड़े में अभी 11,200 बसें हैं।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ही महाकुंभ से पहले नयी बसों के क्रय की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि लगभग 2,000 बसें खरीदी जा चुकी हैं और जल्द ही इन्हें सड़क पर उतार दिया जाएगा। सिंह के मुताबिक, जो बसें खस्ताहाल हो चुकी हैं, उन्हें नीलाम किया जाएगा और इससे जो राशि प्राप्त होगी, उसका इस्तेमाल भी नयी बसों की खरीद में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाकुंभ 2025 से पहले नयी बसें खरीदने के लिए परिवहन निगम ने जो प्रस्ताव शासन को भेजा था, उसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए उस पर आगे बढ़ने के निर्देश दिए थे।
सिंह ने कहा, “नयी बसों का इस्तेमाल विशेष तौर पर लंबी दूरी से यात्रियों को महाकुंभ में लाने के लिए किया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में महाकुंभ में आ रहे श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी। प्रयागराज तक आने-जाने के लिए प्रत्येक मार्ग पर हर 10 मिनट पर बसें मिलेंगी।” सिंह के अनुसार, “साल 2019 के कुंभ में जहां 4,200 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, वहीं 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ के लिए सरकार ने 6,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यही नहीं, महाकुंभ का मेला 3,700 हेक्टेयर जमीन पर लगाए जाने की योजना है।”फाइल फोटो
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फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा पांच साल के लड़के का अपहरण किए जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने टीमें गठित कर चंद घंटों के भीतर बालक को सकुशल बरामद कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बच्चे को अगवा करने वाले आरोपी युवक ने पूछताछ में कबूल किया है कि दो बेटियों के जन्म के बाद पत्नी की बेटे की चाह को पूरा करने के लिए उसने इस घटना को अंजाम दिया था।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रणविजय सिंह के मुताबिक, शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के रॉयल गार्डन स्टेशन रोड निवासी सनी राम का बेटा विकास बृहस्पतिवार शाम अपने घर के बाहर खेल रहा था। उन्होंने बताया कि विकास खेलते-खेलते सड़क पर आ गया और तभी वहां से गुजर रहे युवक ने उसे उठा लिया और अपने साथ ले गया।
सिंह के अनुसार, काफी देर बाद जब विकास घर नहीं लौटा तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश के लिए टीमें गठित कीं और शुक्रवार को उसे सकुशल बरामद कर लिया। सिंह के मुताबिक, बच्चे को अगवा कर ले जाने वाले आरोपी युवक ने पूछताछ में अपना नाम आकाश बताया है। वह आगरा के जैतपुर बाह का रहने वाला है। सिंह के अनुसार, आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसकी दो बेटियां हैं और पत्नी की बेटे की चाह को पूरा करने के लिए उसने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया है।फाइल फोटो
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अमरेली। गुजरात के अमरेली जिले में गिर वन संभाग में एक खुले कुएं में गिरने से एक शेर और शेरनी की मौत हो गई। एक वन अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। गिर (पूर्व) के वन उप संरक्षक (डीसीएफ) राजदीप सिंह झाला ने बताया कि शेर-शेरनी की उम्र पांच से नौ साल के बीच थी और वे इलाके में घूम रहे थे तभी वे शुक्रवार सुबह खंभा तालुका में कोटदा गांव में एक किसान के कुएं में गिर गए।
उन्होंने कहा, ‘‘किसान को जैसे ही घटना की सूचना मिली उसने हमें सूचित किया। हालांकि जब तक वन विभाग की बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंचती तब तक शेर और शेरनी की डूबने से मौत हो गई थी। शवों को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारी ने कहा कि 2007-08 के बाद से गिर पूर्वी संभाग में कम से कम 11,748 कुओं में मुंडेर बनाकर उन्हें सुरक्षित किया गया है ताकि पशुओं को उनमें गिरने से रोका जा सके। - नयी दिल्ली। दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से पांच डिग्री कम है और इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। घने कोहरे के कारण पालम में दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास पालम वेधशाला में सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता 25 मीटर थी।रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि कोहरे के कारण 36 ट्रेन एक से सात घंटे की देरी से चल रही हैं।मौसम कार्यालय के अनुसार, दृश्यता जब शून्य और 50 मीटर के बीच रह जाती है तो उस समय ‘बहुत घना’ कोहरा होता है। वहीं, 51 और 200 मीटर के बीच दृश्यता की स्थिति में ‘घना’, 201 और 500 मीटर के बीच ‘मध्यम’ और 501 तथा 1,000 मीटर के बीच दृश्यता की स्थिति में ‘हल्का’ कोहरा होता है।दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला ने न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। लोधी रोड, आयानगर और रिज मौसम केंद्रों में न्यूनतम तापमान क्रमश: दो डिग्री सेल्सियस, 3.4 डिग्री और 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। आईएमडी ने कहा कि सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता 100 प्रतिशत दर्ज की गई।मौसम विभाग ने दिन में मुख्यत: आसमान साफ रहने, मध्यम से घने कोहरे और दिन में ठंड की स्थिति का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
- नयी दिल्ली। विभिन्न केंद्रों के एक अध्ययन के अनुसार ‘कोवैक्सीन’ टीका लगवाने वालों की तुलना में ‘कोविडशील्ड’ लेने वाले लोगों में सार्स-कोव-2 वायरस व इसके चिंताजनक स्वरूपों के खिलाफ ज्यादा अच्छी प्रतिरक्षा पाई गई है। यह अध्ययन शुक्रवार को ‘मेडआरजिव’ सर्वर पर पोस्ट किया गया है। अभी इसकी समीक्षा नहीं की गई है।अध्ययन में यह भी पता चला है कि दोनों टीकों ने सेरोनिगेटिव और सेरोपोसिटिव व्यक्तियों या फिर कोविड -19 संक्रमण से उबरने वाले लोगों में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण एंटीबॉडी स्तर प्राप्त किएजून 2021 से जनवरी 2022 के बीच, शोधकर्ताओं ने शहरी व ग्रामीण बेंगलुरु और पुणे में चार स्थानों पर 18-45 आयु वर्ग के 691 प्रतिभागियों पर यह अध्ययन किया।प्रतिभागियों को 28 दिन के अंतराल पर या तो कोवैक्सीन की दो खुराक दी गईं या तीन महीने के अंतराल पर कोविशील्ड की दो खुराक दी गईं। अध्ययन में पाया गया कि ‘कोवैक्सीन’ टीका लगवाने वालों की तुलना में ‘कोविडशील्ड’ लेने वाले लोगों में सार्स-कोव-2 वायरस व इसके चिंताजनक स्वरूपों के खिलाफ ज्यादा बेहतर प्रतिरक्षा पैदा हुई।
- देहरादून/जोशीमठ। जोशीमठ में भू-धंसाव की चपेट में ज्योतिर्मठ परिसर भी आ गया है। परिसर के भवनों, लक्ष्मी नारायण मंदिर के आसपास बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने बताया कि मठ के प्रवेश द्वार, लक्ष्मी नारायण मंदिर और सभागार में दरारें आई हैं। इसी परिसर में टोटकाचार्य गुफा, त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी मंदिर और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की गद्दी स्थल है।ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मठ भी इसकी चपेट में आ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुंचाने और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से जमीन धंसने के संकेत मिल रहे थे। लेकिन समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचे। कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना बेहद चिंताजनक है। ऐतिहासिक एवं पौराणिक सांस्कृतिक नगर जोशीमठ खतरे में हैं। एक सप्ताह से जमीन धंसने से 500 से अधिक मकान प्रभावित हुए हैं। मकानों में दरारें आ गई हैं।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हिमालय में जो कुछ हो रहा है, उसको लेकर लंबे समय से चिंता व्यक्त की जा रही थी। इसकी अनदेखी होते रही, जिसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। जमीन धंसने को लेकर अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सही कारण का पता लगाना चाहिए।विज्ञापन शंकराचार्य ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जोशीमठ के हालातों की जानकारी देंगे, ताकि सकारात्मक पहल हो सके। प्राथमिकता से पीड़ितों का पुनर्वास कराया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके सभी कार्यक्रम स्थगित हो गए हैं। वह स्वयं प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने जोशीमठ जाएंगे। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि पहाड़ों के नीचे से बनाई जा रही सुरंगों से जोशीमठ धंस रहा है। इन परियोजनाओं को बंद करने की मांग पूर्व प्रोफेसर ब्रह्मलीन ज्ञानस्वरूप सानंद ने उठाई थी।
- जोशीमठ । सामरिक महत्व का बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ भू-धंसाव की जद में आ चुका है। राजमार्ग पर आईं बड़ी-बड़ी दरारें चिंता का कारण बन गई हैं। यदि दरारें नहीं थमीं तो हाईवे का एक बड़ा हिस्सा कभी भी जमींदोज हो सकता है। ऐसे हालात में भारतीय सेना चीन की सीमा से कट सकती है। सीमांत जिले चमोली के जोशीमठ से बदरीनाथ की दूरी करीब 46 किमी है। बदरीनाथ से आगे का रास्ता चीन सीमा की ओर जाता है। चीन सीमा पर घुसपैठ की चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार का जोर सीमा पर सड़कों का नेटवर्क तैयार करने पर है। इसके साथ ही बदरीनाथ हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य भी चल रहा है। मकसद यही है कि सड़कें इतनी चौड़ी और सुविधाजनक हों कि संकट की स्थिति में भारतीय सेना अपने पूरे साजो सामान के साथ सहजता और तेजी के साथ सीमा पर पहुंच सके।हालांकि विकल्प के तौर पर बन रहे हेलंग बाइपास का निर्माण भी हो रहा है, लेकिन फिलहाल उसके निर्माण पर भी रोक लग गई है। जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव ने प्रभावित परिवारों की ही नहीं बल्कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की पेशानी पर भी बल डाल दिए हैं।कहां तो बीआरओ यह प्रयास कर रहा है कि हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू हो ताकि सेना चीन बॉर्डर पर सहजता से पहुंच सके, लेकिन इस भू-धंसाव का असर हाईवे पर साफ दिखाई दे रहा है। हाईवे में गहरी दरारें आ गई हैं। पिछले दो दिनों में दरारें कुछ ज्यादा गहरी हुई हैं। देहरादून से अध्ययन करने जोशीमठ पहुंचे विशेषज्ञ दल ने भी राजमार्ग का मुआयना किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूस्खलन यदि रुका नहीं तो किसी भी समय यह हाईवे को भारी नुकसान हो सकता है। यदि ऐसा हुआ तो हमारी सेना चीन की सीमा से कट जाएगी। इस लिहाज से यह चिंता का विषय है। ये बेहद संवेदनशील मामला है।विशेषज्ञ जोशीमठ का भ्रमण कर रहे हैं। वे देख रहे हैं कि कहां कितनी गहरी दरारें आई हैं। राजमार्ग के हालात देखकर वे चिंतित हैं । कोई भी यह बताने को तैयार नहीं है कि आखिर यह कैसे हो रहा है?
- जोशीमठ । उत्तराखंड के हिमालयी शहर जोशीमठ के सिंगधर वार्ड में शुक्रवार की शाम को एक मंदिर ढह गया, जिसने एक बड़ी आपदा के डर के साए में रह रहे लोगों को और अधिक चिंतित कर दिया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी।.स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब यह घटना हुई, तो उस वक्त मंदिर के भीतर कोई नहीं था, क्योंकि करीब 15 दिन पहले इसमें बड़ी दरार आने की घटना के बाद इसे खाली कर दिया गया था।.आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि मंदिर ध्वस्त होने की वजह से कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और करीब 50 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। वहीं, इस घटना ने बड़ी आपदा के डर के साए में रह रहे लोगों को और अधिक चिंतित कर दिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले मंदिर में बड़ी दरारें आई थीं, इसलिए उसे खाली कर दिया गया था। अंत में शुक्रवार की शाम को मंदिर ढह गया।आपदा प्रबंधन के निदेशक पंकज चौहान ने कहा कि मंदिर ढहने के बाद वहां मौजूद घरों से जो लोग निकाले गए हैं। उन लोगों के अलावा 60 अन्य परिवारों को दूसरे स्थान पर भेजा गया है। पंकज चौहान ने कहा कि वे लोग विष्णु प्रयाग जल विद्युत परियोजना के कर्मचारियों के लिए बनी कॉलोनी में रहते थे। बताते चलें कि इस क्षेत्र में मारवाड़ी इलाका सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 3 दिन पहले भी एक हादसा हुआ था. क्षेत्र के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि पानी का तेज बहाव अब भी जारी है।स्थानीय नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष ऋषि प्रसाद ने बताया कि औली रोपवे सेवा को भी नीचे एक बड़ी दरार आने के बाद बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उक्त इलाके में एक साल से भी ज्यादा समय से जमीन धंस रही है, लेकिन पिछले एक पखवाड़े में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। इस बीच, पुनर्वास की मांग को लेकर लोगों ने शुक्रवार को जोशीमठ के तहसील कार्यालय पर धरना दिया.। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में कहा कि विशेषज्ञों का एक दल समस्या के सभी पहलुओं का अध्ययन करने के लिये जोशीमठ में मौजूद है और शहर को बचाने के लिये सब कुछ किया जाएगा।
- नई दिल्ली। देश में 2007 से 2022 के बीच कालाजार के मामलों में 98.7 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2007 में इसकी संख्या 44 हजार 533 थी जो 2022 में घटकर 834 रह गयी। देशभर में 632 ऐसे प्रखंड हैं जहां दस हजार की आबादी के बीच कालाजार के मामले एक से भी कम रहे हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि सरकार ने कालाजार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बीमारी इस वर्ष के अन्त तक देश से पूरी तरह खत्म हो जायेगी।
- नई दिल्ली। भारत 12 और 13 जनवरी को वर्चुअल माध्यम से एक विशेष शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा। नई दिल्ली में पत्रकारों को जानकारी देते हुए विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि 'वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट' का विषय है 'आवाज और उद्देश्य की एकता'। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को एक ही मंच पर साझा किया जाएगा।यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सभा विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा भारत के वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत से प्रेरित है। इसमे 120 से अधिक देशों को आमंत्रित किया जा रहा है। श्री क्वात्रा ने कहा कि कोविड महामारी और यूक्रेन में चल रहे संघर्ष जैसे हालिया वैश्विक घटनाक्रमों ने दुनिया को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भारत यह सुनिश्चित करेगा कि सम्मेलन में साझी की गई सूचनाओं और जानकारी का वैश्विक स्तर पर उचित संज्ञान लिया जाए। भारत की अध्यक्षता में G20 सम्मेलनों में इन सूचनाओं पर विचार विमर्श करने का अवसर मिलेगा।
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इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में बृहस्पतिवार को 55 वर्षीय कारोबारी की जिम में कसरत के दौरान कथित रूप से दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। यह घटना जिम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि रेस्त्रां कारोबार से जुड़े प्रदीप रघुवंशी (55) को विजय नगर क्षेत्र के एक जिम में कसरत के दौरान कथित रूप से दिल का दौरा पड़ा और वह चंद सेकंड के भीतर निढाल होकर जमीन पर गिर पड़े।
सूत्रों ने बताया कि रघुवंशी को नजदीक के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विजय नगर पुलिस थाने के प्रभारी रवींद्र गुर्जर ने जिम में दिल के दौरे से रघुवंशी की मौत की पुष्टि की, लेकिन कहा कि इस बारे में दिवंगत कारोबारी के परिजनों की ओर से पुलिस थाने को कोई औपचारिक सूचना नहीं दी गई है।
बहरहाल, रघुवंशी का सोशल मीडिया अकाउंट देखकर पता चलता है कि वह जिम में नियमित कसरत करते थे और इस दौरान वजन भी उठाते थे। उनकी जिम के एक ट्रेनर ने बताया कि बृहस्पतिवार को 10 मिनट की "वार्म-अप" कसरत के बाद रघुवंशी को दिल का दौरा पड़ा और वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े।फाइल फोटो
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नयी दिल्ली। सरकार ने नए स्नातक एवं स्नातकोत्तर तकनीकी वस्त्र डिग्री कार्यक्रमों तथा निजी और सार्वजनिक संस्थानों को तकनीकी वस्त्रों में कुशल बनाने के साथ मौजूदा पारंपरिक डिग्री कार्यक्रमों को अद्यतन करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। तकनीकी वस्त्रों में प्रशिक्षु सहायता अनुदान के लिए सामान्य दिशानिर्देशों (जीआईएसटी) के तहत संबंधित विभागों के बी.टेक विद्यार्थियों को ‘इंटर्नशिप' देने पर चुनी गई कंपनियों को प्रति छात्र प्रति माह 20,000 रुपये तक का अनुदान भी दिया जाएगा।
कपड़ा सचिव रचना शाह ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्म्लेन में कहा कि हमारा उद्देश्य तकनीकी कपड़ा क्षेत्र में एक कुशल कार्यबल तैयार करना और क्षेत्र में छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए उद्योग को प्रोत्साहित करना है। यह 1,480 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन का हिस्सा है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘इसमें सार्वजनिक वित्त पोषित और एनआईआरएफ रैंकिंग वाले निजी संस्थान भी शामिल होंगे।
तकनीकी वस्त्रों में पूर्ण पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम को 20 करोड़ रुपये और स्नातक के लिए 10 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। स्नातक स्तर पर एक अनिवार्य विषय और कुछ ऐच्छिक विषयों के लिए 7.5 करोड़ तक का अनुदान दिया जा सकता है।'' वैश्विक तकनीकी वस्त्र बाजार का मूल्य 260 अरब डॉलर है। इसमें भारत की हिस्सेदारी लगभग 20 अरब डॉलर आंकी गई है। -
नयी दिल्ली। विभिन्न क्षेत्रों को कोयले की आपूर्ति दिसंबर, 2022 में 5.28 प्रतिशत बढ़कर 7.89 करोड़ टन रही। बृहस्पतिवार को कोयला मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। एक साल पहले इसी महीने में 7.49 करोड़ टन कोयला आपूर्ति की गई थी।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) से कोयले की आपूर्ति 3.57 प्रतिशत बढ़कर 6.27 करोड़ टन, सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) से 17.89 प्रतिशत बढ़कर 67.2 लाख टन और कैप्टिव (निजी) खानों/अन्य से कोयला आपूर्ति 8.85 प्रतिशत बढ़कर 94.6 लाख टन हो गई। आलोच्य अवधि के दौरान बिजली क्षेत्र को कोयला आपूर्ति 4.26 प्रतिशत बढ़कर 6.56 करोड़ टन रही।
इस दौरान देश का कुल कोयला उत्पादन 10.81 प्रतिशत बढ़कर 8.28 करोड़ टन हो गया। एक साल पहले समान अवधि में यह 7.47 करोड़ टन था। सीआईएल का उत्पादन पिछले महीने 10.30 प्रतिशत बढ़ा जबकि एससीसीएल और निजी खानों/अन्य का उत्पादन क्रमशः 19.12 प्रतिशत और 9.01 प्रतिशत बढ़ा। वहीं 28 कोयला खदानों ने 100 प्रतिशत से अधिक का उत्पादन किया जबकि चार खानों का कोयला उत्पादन स्तर 80 और 100 प्रतिशत के बीच रहा। घरेलू कोयला उत्पादन में कोल इंडिया का हिस्सा 80 प्रतिशत से अधिक है। -
कासगंज (उप्र)। कासगंज रेलवे स्टेशन पर महिला यात्री की चप्पल उतारने ट्रेन के डिब्बे पर चढ़े युवक की करंट की चपेट में आकर मौत हो गयी। रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को कासगंज से फर्रुखाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या-दो पर खड़ी थी। इसी दौरान एक महिला यात्री की चप्पल लेकर बंदर ट्रेन के डिब्बे की छत पर चढ़ गया। यात्रियों के शोर मचाने पर बंदर चप्पल छोड़कर भाग गया।
जानकारी के अनुसार, एक युवक चप्पल उतारने के लिए बोगी पर चढ़ा था और इसी दौरान वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे स्टेशन के अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि चप्पल लेने डिब्बे की छत पर चढ़े युवक की करंट की चपेट में आकर जान चली गई। मृतक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। -
विदेशी विवि को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए यूजीसी से मंजूरी लेनी होगी : यूजीसी अध्यक्ष
नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए यूजीसी से मंजूरी लेनी होगी, प्रारंभ में इन्हें 10 साल के लिये मंजूरी दी जायेगी तथा उन्हें दाखिला प्रक्रिया, फीस ढांचा तय करने की छूट होगी। कुमार ने यूजीसी (भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों का परिसर स्थापित करने एवं परिचालन करने) संबंधी नियमन 2023 पर संवाददाताओं से चर्चा के दौरान यह बात कही। कुमार ने कहा, ‘‘ भारत में परिसर स्थापित करने वाले विदेशी विश्वविद्यालयों को अपनी स्वयं की प्रवेश प्रक्रिया तैयार करने की छूट होगी । ये संस्थान फीस ढांचा तय कर सकते हैं।'' यूजीसी के अध्यक्ष ने बताया कि यूरोप के कुछ देशों के विश्वविद्यालयों ने भारत में परिसर स्थापित करने में रूचि दिखायी है। उन्होंने कहा कि चूंकि विदेशी विश्वविद्यालय भारत सरकार से वित्त पोषित संस्थान नहीं हैं, ऐसे में उनकी दाखिला प्रक्रिया, फीस ढांचे के निर्धारण में यूजीसी की भूमिका नहीं होगी। कुमार ने कहा, ‘‘विदेशी विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके भारतीय परिसरों में प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता, उनके मुख्य परिसर में दी जाने वाली शिक्षा के समान ही गुणवत्तापूर्ण हो।'' उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालय, भारत में शैक्षणिक संस्थानों के साथ गठजोड़ करके परिसर स्थापित कर सकते हैं। यूजीसी के अध्यक्ष ने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए यूजीसी की मंजूरी की जरूरत होगी तथा उन्हें शुरू में 10 साल के लिए ही मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ विदेश से कोष का आदान-प्रदान विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत होगा।'' कुमार ने कहा कि भारत में परिसर स्थापित करने वाले विदेशी विश्वविद्यालय केवल परिसर में प्रत्यक्ष कक्षाओं के लिए पूर्णकालिक कार्यक्रम पेश कर सकते हैं, ऑनलाइन माध्यम या दूरस्थ शिक्षा माध्यम से नहीं। यह पूछे जाने पर कि क्या इन विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों में आरक्षण नीति लागू होगी, कुमार ने कहा कि दाखिले संबंधी नीति निर्धारण के बारे में निर्णय विदेशी विश्वविद्यलय करेंगे तथा इसमें यूजीसी की भूमिका नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया और छात्रों की जरूरतों का आकलन करने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति की व्यवस्था हो सकती है, जैसा कि विदेशों में विश्वविद्यालयों में होता है। - नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह घरेलू प्रवासी मतदाताओं के लिए ‘रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' (आरवीएम) के शुरुआती मॉडल के प्रदर्शन के सिलसिले में निर्वाचन आयोग द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होगी। निर्वाचन आयोग से जुड़े कामकाज के लिए गठित, भाजपा के निर्वाचन आयोग विभाग के प्रमुख सदस्य ओम पाठक ने कहा, ‘‘हम जा रहे हैं और पार्टी की तरफ से इसमें भागीदारी करेंगे।'' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने, इसे और अधिक समावेशी बनाने तथा घरेलू प्रवासियों के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए निर्वाचन आयोग ने जो कदम उठाया है, वह स्वागत योग्य है। पाठक ने कहा, ‘‘लेकिन यह कैसे होगा, कब होगा और इसकी क्या प्रक्रिया होगी, यह चर्चा का विषय है। आयोग द्वारा बुलाई गई बैठक में हम जाएंगे। आयोग की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन को देखने के बाद पार्टी इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करेगी।'' प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस द्वारा निर्वाचन आयोग की इस कवायद पर सवाल उठाए जाने के बारे में भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं कहना है क्योंकि यह उनकी समस्या है। उन्होंने कहा, ‘‘उनकी मर्जी है। वे जो चाहें, करें। हमारा निर्वाचन आयोग के कार्यकलापों और उसके द्वारा किए जा रहे चीजों के प्रबंधन में पूरा विश्वास है। हम चाहें हारे या जीतें, यह निर्वाचन आयोग की वजह से नहीं होता है। यह हमारी अपनी वजह से होता है।'' कांग्रेस ने आयोग की इस कवायद पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि इससे चुनाव प्रणाली में विश्वास कमतर होगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग को सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव प्रणाली में पूरी पारदर्शिता के साथ विश्वास बहाल हो। निर्वाचन आयोग ने चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से गत बृहस्पतिवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि उसने घरेलू प्रवासी मतदाताओं के लिए ‘रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन' का एक शुरुआती मॉडल तैयार किया है और इसके प्रदर्शन के लिए राजनीतिक दलों को 16 जनवरी को आमंत्रित किया गया है। आयोग की यह पहल अगर कामयाब रहती है तो प्रवासी मतदाताओं को मतदान के लिए अपने गृह राज्य/नगर जाने की जरूरत नहीं होगी और वे जहां हैं, वहीं से मतदान कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने मान्यताप्राप्त सभी आठ राष्ट्रीय दलों और 57 राज्य स्तरीय पार्टियों को शुरुआती मॉडल दिखाने के लिए 16 जनवरी को बुलाया है। इस मौके पर आयोग की तकनीकी विशेषज्ञ समिति के सदस्य भी मौजूद रहेंगे।
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भारत में बुनियादी ढांचा के लिये अलग से कानून बनाने की जरूरत: आईआईएफसीएल प्रबंध निदेशक
नयी दिल्ली भारत में सभी पक्षों के हितों की रक्षा के लिए अलग से बुनियादी ढांचा कानून बनाने की जरूरत है। आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक पी आर जयशंकर ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को साकार करने के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र को बढ़ावा देना होगा। जयशंकर ने कहा, ''बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाएं बहुत लंबी अवधि की होती हैं और कई पीढ़ियों तक चलती हैं। हम महसूस करते हैं कि एक समग्र समाधान बुनियादी ढांचा कानून बनाने में निहित है, जो सभी पक्षों के हितों की रक्षा करे।'' उन्होंने भारतीय अवसंरचना वित्त कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) के 18वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। जयशंकर ने कहा कि कई विकसित देशों में इस तरह के कानून हैं और शायद वक्त आ गया है कि भारत भी इस बारे में सोचे। इससे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बैंक और वित्तीय संस्थान ग्रीनफील्ड बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। - नई दिल्ली। वायरल श्वसन संक्रमण के कारण सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की सेहत में सुधार हो रहा है। अस्पताल ने यह जानकारी दी है। सर गंगाराम अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘वायरल श्वसन संक्रमण के बाद भर्ती कराईं गईं सोनिया गांधी की हालत स्थिर है और उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार भी हो रहा है।’’कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष 76 वर्षीय सोनिया गांधी को वायरल श्वसन संक्रमण के कारण बुधवार को गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती कराने के समय सोनिया गांधी की पुत्री प्रियंका गांधी वाद्रा उनके साथ थीं। file photo











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