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- लखनऊ। अयोध्या में अगले साल एक जनवरी तक राम मंदिर तैयार होने की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा के एक दिन बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने शुक्रवार को दोहराया कि मंदिर का निर्माण समय पर पूरा होगा और 2024 के जनवरी महीने में इसे भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।ट्रस्ट के सचिव राय ने कहा, "अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है और 2023 के अंत तक मूल गर्भगृह का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "हमने दिसंबर 2023 में मंदिर के निर्माण की समयसीमा तय की है और जनवरी 2024 से इसे भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।" राय ने कहा, "राम मंदिर के लिए समारोह 2023 के दिसंबर में शुरू होंगे और 2024 में मकर संक्रांति (14 जनवरी) तक जारी रहेंगे।'' मंदिर ट्रस्ट की योजनाओं की जानकारी देते हुए राय ने कहा, ‘‘योजना के तहत 2024 में मकर संक्रांति पर मंदिर के गर्भगृह में रामलला की मूर्ति स्थापित की जाएगी।’’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त, 2020 को मंदिर निर्माण के लिए "भूमि पूजन" किया था। पिछले साल 23 अक्टूबर को अपनी यात्रा के दौरान यहां अस्थायी मंदिर में रामलला की पूजा-अर्चना करने के बाद प्रधानमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की थी। मोदी ने राम कथा पार्क में भगवान राम और देवी सीता का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक भी किया था।ट्रस्ट के अधिकारियों ने पिछले साल अगस्त में बताया था कि ‘प्लिंथ’ का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा था कि एक आयताकार, दो मंजिला परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया जाएगा, जिसमें मंदिर और उसके प्रांगण के क्षेत्र सहित कुल आठ एकड़ भूमि शामिल होगी तथा इसके पूर्वी हिस्से में बलुआ पत्थर से बना एक प्रवेश द्वार होगा।उन्होंने बताया था कि मंदिर के गर्भगृह में राजस्थान की मकराना पहाड़ियों के सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि संगमरमर की नक्काशी का काम चल रहा है और नक्काशीदार संगमरमर के कुछ ब्लॉक पहले ही अयोध्या लाए जा चुके हैं।मंदिर निर्माण के अलावा प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर की ओर जाने वाली सड़क को चौड़ा करने के लिए दुकानों और मकानों को भी तोड़ा जा रहा है।उच्चतम न्यायालय ने 2019 में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में नई मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि प्रदान करने के लिए भी कहा था।
- रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में प्रशिक्षण के दौरान एक प्लेन मंदिर के गुंबद से टकरा कर क्रैश हो गया। जिससे प्लेन में मौजूद पायलट और प्रशिक्षु गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में सीनियर पायलट की मौत हो गई। पायलट कैप्टन विमल कुमार 54 साल के थे। वे बिहार के पटना के रहने वाले थे। रीवा एसपी नवनीत भसीन ने बताया कि रीवा जिले में प्रशिक्षण के दौरान एक विमान के मंदिर से टकरा जाने से एक पायलट की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया।मीडिया रिपोर्टस के अनुसार निजी प्रशिक्षण कंपनी का प्लेन मंदिर की गुंबद और बिजली के तारों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। घटना चौरहटा थाने के उमरी गांव के मंदिर के पास हुई। इस हादसे में एक पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक पायलट गंभीर रूप से घायल है। जिसे संजय गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हादसे में प्लेन के परखच्चे उड़ गए।प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण कोहरा बताया जा रहा है। उमरी हवाई अड्डे में पल्टन कंपनी का प्लेन छात्रों को प्रशिक्षण देता था। गुरुवार की रात को 11.30 बजे पायलट कैप्टन विमल कुमार जयपुर के रहने वाले छात्र सोनू यादव को प्रशिक्षण दे रहे थे। प्लेन उड़ान भरने के बाद मंदिर के गुंबद से टकरा गया। जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ और प्लेन क्षतिग्रस्त हो गया। धमाके की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकले तो प्लेन क्षतिग्रस्त मिला। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए संजय गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जिसमें पायलट की गुरुवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि छात्र की हालत गंभीर है, जिसका इलाज जारी है।फिलहाल, हादसे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। संभावना जताई जा रही है कि कोहरे के कारण पायलट मंदिर का गुंबद नहीं देख पाया और उससे टकरा गया। कलेक्टर मनोज पुष्प, डीआईजी नवनीत भसीन शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली।
- शिरडी। देश और दुनिया में प्रसिद्ध शिरडी के साईं मंदिर में साईं भक्तों ने बीते साल 400 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा चढ़ाया है। श्री साई मंदिर ट्रस्ट के सीईओ राहुल जाधव के मुताबिक कुल 400 करोड़ 17 लाख 64 हजार 201 रुपये बीते साल दान के रूप में प्राप्त हुए हैं। 25 दिसंबर के बाद नए साल के मौके पर ही 17 करोड़ 81 लाख रुपये से अधिक की राशि का दान आया। नववर्ष अवसर के कुछ दिनों में आठ लाख से अधिक भक्तों ने शिरडी मंदिर में दर्शन किए। 400 करोड़ से अधिक की राशि में से 167 करोड़ 77 लाख एक हजार 27 रुपये दान पेटी में आए। दान काउंटर पर कटवाई जाने वाली रसीदों से 74 करोड़ 3 लाख 26 हजार 464 रुपये आए। ऑनलाइन पेमेंट, मनी ऑर्डर, चेक आदि से 144 करोड़ 45 लाख 22 हजार 497 रुपये की राशि दान के रूप में मिली। सोने, चांदी आदि के आभूषणों का मूल्य भी कुल दान में शामिल है। श्री साई मंदिर ट्रस्ट के पीआरओ एकनाथ गोंदकर के अनुसार, नववर्ष के अवसर पर बेंगलुरु के राजा दत्ता और शिवानी दत्ता ने 928 ग्राम सोने का मुकुट श्री साईं बाबा के लिए चढ़ाया है। इसकी कीमत 46 लाख 70 हजार 624 रुपए है।साईं मंदिर में शिर्डी के साईं मंदिर में भक्तों द्वारा यह चढ़ावा चढ़ाने की रीत काफी पुरानी है। कोरोना काल के दौरान के दो सालों को छोड़ दिया जाए तो इस मंदिर पर भक्त अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार रहते हैं। मन्नत पूरी होने पर मन्नत मांगने के लिए दूर-दूर से भक्तों का जत्था महाराष्ट्र के शिरडी साईं मंदिर में आता है। हर साल यहां कई करोड़ का चढ़ावा भक्तों द्वारा चढ़ाया जाता है। साल 2014-15 की बात करें तो इस साल 316 करोड़ 91 लाख 61हजार 685 रुपए नकद स्वरूप में दान दिए गए थे। जबकि 73 लाख 41हजार 414 रुपए के सोने और चांदी के आभूषण साईं बाबा को चढ़ाए गए थे। कुल मिलाकर इस वर्ष के लिए यह आंकड़ा 324 करोड़ 65 लाख तीन हजार 99 रुपये था।वहीं साल 2015-16 के दौरान साईं मंदिर को 306 करोड़ 44 लाख 67 हजार 205 रुपये नगद स्वरूप में मिले थे। जबकि 7 करोड़ 16 लाख 15 हजार 979 रुपए सोने और चांदी के गहनों के रूप में मिले थे। इस साल के लिए यह रकम कुल मिलाकर 313 करोड़ 60 लाख 83 हजार 184 रुपये थी। साल 2016-17 के वर्ष में साईं मंदिर को 339 करोड़ 28 लाख 38 हजार 877 रूपए नकद स्वरूप में प्राप्त हुए थे। जबकि 8 करोड़ 34 लाख 10 हजार 428 रुपये सोने और चांदी के आभूषणों के रूप में प्राप्त हुए थे। उस साल यह रकम कुल 347 करोड 62 लाख 49 हजार 305 रुपये थी।भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले इस चढ़ावे का इस्तेमाल मंदिर ट्रस्ट जनहित के कामों में करता है। मंदिर ट्रस्ट में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की तनख्वाह के अलावा ट्रस्ट की तरफ से अस्पताल और एजुकेशन संस्थान चलाया जाता है। जिसका पूरा खर्च ट्रस्ट की तरफ से उठाया जाता है। यहां समाज के सभी वर्गों के इलाज और पढ़ाई का ध्यान रखा जाता है। मंदिर ट्रस्ट हर साल साढ़े चार सौ करोड़ रुपए इन तमाम सुविधाओं को मुहैया करवाने के लिए खर्च करता है।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम -यूएपीए के तहत द रेजिस्टेंस फ्रंट-टीआरएफ को एक आतंकी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि द रेजिस्टेंस फ्रंट आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ऑनलाइन माध्यम से युवाओं की भर्ती कर रहा है। द रेजिस्टेंस फ्रंट गैर कानूनी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रॉक्सी गुट के रूप में 2019 में अस्तित्व में आया।
मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि यह संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को फैलाने, आतंकियों की भर्ती करने, इनकी घुसपैठ कराने और पाकिस्तान से हथियारों तथा मादक पदार्थों की तस्करी करने में संलिप्त है। द रेजिस्टेंस फ्रंट भारत के विरुद्ध आतंकी गुटों में शामिल होने के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को उकसाने के लिए सोशल मीडिया मंचों पर मनोवैज्ञानिक अभियान चलाने में भी संलिप्त है। मंत्रालय ने कहा कि द रेजिस्टेंस फ्रंट के कमांडर शेख सज्जाद गुल एक कुख्यात आतंकवादी है। -
बेलगावी (कर्नाटक)। जिले के चिंचनूर में बृहस्पतिवार को तड़के तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही एक गाड़ी पेड़ से टकरा गई, जिससे तीन महिलाओं समेत कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और छठे व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, जिले के रामदुर्ग तालुक में हुल्कुंद गांव से कुछ लोग सावदत्ती स्थित रेणुका यल्लम्मा मंदिर जा रहे थे। तभी चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क के किनारे लगे एक पेड़ से टकरा गया। कर्नाटक के सिंचाई मंत्री गोविंद कारजोल ने प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। -
नागपुर. भारत इस साल स्वदेश निर्मित पोत ‘समुद्रयान' के जरिये समुद्र की 500 मीटर की गहराई में तीन खोजकर्ताओं को भेजेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चेन्नई में राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान के इंजीनियर इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। यहां भारतीय विज्ञान कांग्रेस के इतर एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने का अनुरोध करते हुए एक न्यूज़ एजेंसी को बताया कि हालांकि, समुद्र में 6,000 मीटर की गहराई तक ‘समुद्रयान' भेजने की योजना में देरी हो सकती है क्योंकि उन गहराई पर दबाव झेलने में सक्षम ‘टाइटेनियम स्पियर' की खरीद में कठिनाई सामने आ सकती है। अधिकारी ने कहा, ‘‘ये विशिष्ट प्रौद्योगिकियां हैं और कोई भी देश इन्हें देने के लिए तैयार नहीं है। यूक्रेन संघर्ष ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।'' भारत अगले साल के अंत तक मानव अंतरिक्ष यान भी हासिल करना चाहता है।
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नागपुर। पद्मश्री पुस्कार से सम्मानित राहीबाई पोपेरे ने कहा है कि देश के हर गांव में ‘बीज बैंक' होने चाहिए और प्रत्येक घर में “रसायन मुक्त” भोजन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र में अहमदनगर की अकोला तहसील के कोंभलने गांव की निवासी पोपेरे को स्वदेशी बीजों का उपयोग करके पारंपरिक खेती में उनकी भूमिका के लिए सराहा जाता है।
समर्थकों के बीच प्यार से ‘बीज माता' कहलाने वाली पोपेरे ने बुधवार को महिला विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, “हम प्रकृति को भूल गए हैं और इसलिए प्रकृति हमें भूल गई है। बारिश का अब कोई मौसम नहीं रह गया है। हम प्रकृति के अनुसार फसल नहीं बो रहे हैं। हम बेमौसम फसल उगा रहे हैं। हम बदल गए हैं और इसलिए प्रकृति बदल गई है।”
उन्होंने प्राकृतिक खेती की वकालत करते हुए कहा, “हर गांव में एक राहीबाई पोपेरे और एक बीज बैंक होना चाहिए। हर घर में खाने की थाली रसायन मुक्त होनी चाहिए।” संस्कार भारती की अध्यक्ष कंचन गडकरी समारोह की मुख्य अतिथि रहीं। -
नयी दिल्ली. सरकार देशभर में भारतीय मानक समय (आईएसटी) को अनिवार्य रूप से अपनाने के लिए एक व्यापक नीति लाने की योजना बना रही है। उपभोक्ता मामलों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि इस पहल का मकसद सभी नेटवर्क और कंप्यूटर का आईएसटी के साथ सामंजस्य सुनिश्चित करना है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दूरसंचार सेवाप्रदाता, इंटरनेट सेवाप्रदाता, बिजली ग्रिड, बैंक, शेयर बाजार जैसी संस्थाएं आईएसटी को अपनाएं। इस समय सभी दूरसंचार और इंटरनेट सेवाओं को आईएसटी को अनिवार्य रूप से नहीं अपनाया जा रहा है। वे वैश्विक उपग्रह प्रणाली (जीएनएसएस) जैसे अन्य स्रोत से जुड़े सर्वर का इस्तेमाल कर रहे हैं। उपभोक्ता मामलों का विभाग (डीओसीए) पहले ही राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (एनपीएल) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ एक परियोजना पर काम कर रहा है, ताकि आईएसटी के लिए सटीक समय का पता लगाया जा सके और उसका प्रसार किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत ‘‘आईएसटी को अनिवार्य रूप से अपनाने'' के लिए एक व्यापक नीति और मानकों की रूपरेखा तैयार करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत मूल्यांकन करने के लिए क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों का अध्ययन करने और परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। -
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस साल होने वाले पंचायत चुनाव से पहले जनवरी से अप्रैल तक मध्याह्न भोजन में चिकन और मौसमी फल शामिल करने के लिए 371 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक अधिसूचना के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत फिलहाल मध्याह्न भोजन में प्रदान किए जा रहे चावल, आलू, सोयाबीन और अंडे के अलावा, चार महीने तक हर सप्ताह चिकन और मौसमी फल प्रदान किए जाएंगे।
स्कूल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि अप्रैल के बाद यह प्रावधान जारी रहने की संभावना नहीं है। तीन जनवरी की अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक छात्र को अतिरिक्त पोषण प्रदान करने पर प्रति सप्ताह 20 रुपये की राशि खर्च की जाएगी और यह प्रक्रिया 16 सप्ताह तक चलेगी। राज्य द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 1.16 करोड़ से अधिक छात्र मध्याह्न भोजन योजना के लाभार्थी हैं। इसपर होने वाला 60 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार जबकि 40 फीसद केंद्र सरकार उठाती है। हालांकि, 371 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन पूरी तरह से राज्य द्वारा किया गया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य सरकार चार महीने बाद एक और राशि आवंटित करेगी तो स्कूल विभाग के अधिकारी ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस कदम से राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। भाजपा ने पूछा कि इस साल होने वाले पंचायत चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले ऐसा निर्णय क्यों लिया गया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष पर “हर चीज में राजनीति देखने” का आरोप लगाया।
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा, “चुनाव से पहले स्कूली बच्चों को चिकन परोसने का निर्णय टीएमसी सरकार के हृदय परिवर्तन पर सवाल उठाता है। गरीब बच्चों को इन वस्तुओं से वंचित क्यों रखा गया और हाल तक केवल चावल और दाल ही दी गई? पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण इस फैसले से वोट सुरक्षित करने के राजनीतिक मकसद की बू आ रही है।” टीएमसी के राज्यसभा सदस्य शांतनु सेन ने कहा कि पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा आम लोगों के पक्ष में खड़ी रहती हैं और यह फैसला “उस तथ्य की पुष्टि करता है।”
उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस एक जन-केंद्रित पार्टी है और यह भाजपा की तरह नहीं है जो हर मुद्दे पर राजनीति करना चाहती है। कोविड महामारी और लॉकडाउन के दौरान, हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चे मध्यान्ह भोजन से वंचित न रहें और स्कूलों में नियमित रूप से चावल, दाल, आलू, सोयाबीन वितरित किया। मुश्किलों के बावजूद हमने मध्याह्न भोजन बंद नहीं किया।” -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्या नडेला से मुलाकात के बाद बृहस्पतिवार को कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत की प्रगति प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के युग की शुरुआत कर रही है। भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आए नडेला ने मोदी से मुलाकात की और वादा किया कि डिजिटल इंडिया की संकल्पना को साकार करने में कंपनी देश की मदद करेगी। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आपसे मिलकर खुशी हुई सत्या नडेला। प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत की प्रगति प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के एक युग की शुरुआत कर रही है। हमारे युवा ऐसे विचारों से भरे हुए हैं, जिनमें ग्रह को बदलने की क्षमता है।'' माइक्रोसॉफ्ट के शीर्ष अधिकारी नडेला ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात को ‘‘गहरी समझ विकसित करने वाली'' बताया। उन्होंने डिजिटल रूपांतरण के जरिये टिकाऊ एवं समावेशी आर्थिक वृद्धि पर सरकार के जोर की सराहना भी की। नडेला ने ट्वीट किया, ‘‘डिजिटल रूपांतरण के जरिये टिकाऊ और समावेशी आर्थिक वृद्धि पर सरकार द्वारा गहराई से ध्यान देना प्रेरणादायी है। हम डिजिटल इंडिया की संकल्पना को साकार करने और दुनिया का मार्गदर्शक बनाने में भारत की मदद को उत्सुक हैं।'' उन्होंने लिखा, ‘‘गहरी समझ विकसित करने वाली मुलाकात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार। -
बांदा. उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र में मवई बुजुर्ग गांव के बाईपास पर एक डंपर की टक्कर लगने से उसमें फंसकर स्कूटी सवार एक महिला करीब तीन किलोमीटर तक घिसटती रही। एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घर्षण के कारण डंपर और स्कूटी में आग लग गई, जिससे महिला की जलकर मौत हो गई।
शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) श्यामबाबू शुक्ला के मुताबिक, कृषि विश्वविद्यालय, बांदा में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक पुष्पा सिंह (35) बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे सब्जी खरीदकर अपनी स्कूटी से जा रही थीं, तभी रास्ते में मवई बुजुर्ग गांव के बाईपास के नजदीक एक डंपर ने उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। शुक्ला के अनुसार, टक्कर से सिंह डंपर के अगले हिस्से में फंसकर स्कूटी समेत करीब तीन किलोमीटर तक घिसटती चली गईं। उन्होंने बताया कि इससे स्कूटी और डंपर में आग लग गई और सिंह जिंदा जल गईं। एसएचओ ने बताया कि वर्ष 2020 में सहायक लेखाकार पद पर तैनात रहे रंजीत कुमार की मृत्यु हो गई थी। उन्हीं के स्थान पर उनकी पत्नी पुष्पा की नियुक्ति हुई थी। शुक्ला ने बताया कि डंपर के चालक को पकड़ लिया गया है और डंपर को जब्त कर लिया गया । एसएचओ ने बताया कि डंपर के चालक ने पूछताछ में बताया कि उसे स्कूटी डंपर में फंस जाने की जानकारी हो गयी थी, लेकिन महिला के भी फंसने से वह अनभिज्ञ था। शुक्ला ने बताया कि चालक ने बताया कि भय की वजह से उसने डंपर नहीं रोका और आग लग जाने के बाद वह भागा, लेकिन बाद में पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों की माने तो हादसे के दौरान किसी ने उसकी (महिला की) चीख-पुकार नहीं सुनी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि मृत महिला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि महिला की मौत हादसे के बाद जलने से हुई। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम हो चुका है और रिपोर्ट पुलिस को भेज दी गयी है। -
वड़ोदरा. गुजरात के वडोदरा से 75 दुर्लभ ‘विंटेज' (पुरानी) कारों में उनके मालिक और अन्य लोग लक्ष्मी विलास महल से केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए बृहस्पतिवार को रवाना हुए। जैसे ही यह काफिला 19वीं शताब्दी के महल से निकला और सड़क पर पहुंचा, उन पर फूलों की वर्षा की गई,वहीं मुख्य द्वार के दोनों ओर खड़े लड़के और लड़कियों ने सलामी दी। काफिले के अन्य मार्गों पर भी लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने मुस्कुराते चेहरों के साथ हाथ हिला कर कार सवार लोगों का अभिवादन किया। इन पुरानी कारों में 1930 की ‘शेवरले डिपोट हैक' भी शामिल है,जिसके आगे का हिस्सा हरे रंग है। इसके अलावा काले रंग की ‘ ब्रूइक एट ' और ‘डॉज' भी पुराने कारों के काफिले में शामिल थीं। वर्ष 1958 की ‘एमजी' भी इसका हिस्सा बनी जो बेंगलुरु के संतोष की है। 1938 की ‘आर्म्सस्ट्रांग सिडले' तथा 1948 ‘हमर' भी लोगों को इसमें देखने को मिली। शेवरले के मालिक कोयंबटूर के केके चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘ मैंने मैसूरू के एक व्यक्ति से बीस वर्ष पहले यह कार खरीदी थी। हमारे गैराज में कारीब 35 कार हैं, इस शेवरले को पिछले एक वर्ष में तैयार किया गया है। हम इसे वडोदरा में और आजादी का अमृत महोत्सव में इसे केवड़िया ले जाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।'' ‘21 गन सेल्यूट हेरिटेज एंड कल्चरल ट्रस्ट' के अध्यक्ष मदन मोहन ने कहा, "यह आयोजन विंटेज कार प्रेमियों को हमारे देश और इसकी विरासत का जश्न मनाने के लिए साथ लेकर आया है और पुणे से लेकर असम तक के लोग अमृत महोत्सव यात्रा में शामिल होने के लिए आए हैं।'' संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम ‘21 गन सेल्यूट हेरिटेज एंड कल्चरल ट्रस्ट' ने पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया है और इसे गुजरात पर्यटन विभाग का सहयोग मिला है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर वडोदरा राज्य के तत्कालीन राजा समरजीतसिंह गायकवाड़ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। गायकवाड़ ने कहा, ‘‘यह बहुत गर्व की बात है कि यह विंटेज यात्रा आजादी के 75 साल पर हो रही है और पैलेस भी एक विरासत है और इस तरह दो खूबसूरत चीजें भारत का जश्न मनाने के लिए एक साथ आई हैं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि रक्षा बलों में युद्धक भूमिका से लेकर चिकित्सा सेवा तक महिला सशक्तीकरण को काफी बढ़ावा दिया गया है और सैन्य इंजीनियर सेवाओं (एमईएस) में और अधिक संख्या में महिलाओं को आना चाहिए। राष्ट्रपति ने सैन्य इंजीनियर सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात के दौरान यह बात कही।
राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, मुर्मू ने कहा, ‘‘निर्माण के क्षेत्र में युवा अधिकारियों के रूप में एमईएस अधिकारियों का प्रमुख कर्तव्य पर्यावरण की देखभाल करना भी है। हमें सतत विकास के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का अधिक उपयोग करना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि एमईएस बड़ी संख्या में सौर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं को पूरा करके कार्बन प्रभाव को कम करने में काफी योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि वे नई निर्माण सामग्री का नवाचार और उसका उपयोग कर सकते हैं, जो निवासियों को खतरनाक रसायनों से बचाती है। मुर्मू ने कहा, ‘‘निर्माण क्षेत्र बहुत गतिशील है और तकनीकें बहुत तेजी से बदल रही हैं। यह क्षेत्र आर्थिक वृद्धि और विकास में प्रमुख भूमिका निभाता है। ऐसे में एमईएस अधिकारी परियोजना प्रबंधन के आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर बुनियादी ढांचे के विकास में अपना काफी योगदान दे सकते हैं।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे सैनिक देश और देशवासियों के लिये बलिदान देने के लिये हमेशा तत्पर रहते हैं। आपको मातृभूमि के वीर बेटे एवं बेटियों को समर्थन देने के लिये गौरवान्वित महसूस करना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि वह इस बात पर जोर देना चाहेंगी कि एमईएस में अधिक संख्या में महिलाओं को आने की जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमने सशस्त्र बलों में महिलाओं की हिस्सेदारी में बढ़ोत्तरी देखी है। चाहे रक्षा बलों में युद्धक भूमिका हो या चिकित्सा सेवा हो... महिला सशक्तीकरण को काफी बढ़ावा दिया गया है। उम्मीद करते हैं कि यह सकारात्मक बदलाव सैन्य इंजीनियर क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा।'' राष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपने भविष्य की परियोजनाओं में अत्याधुनिक तकनीकों जैसे कि मशीन लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमता का उपयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने इस पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि एमईएस ने गुजरात के गांधीनगर में अब तक का पहला ‘3डी प्रिंटेड' आवास का निर्माण पूरा कर लिया है। उन्होंने एमईएस अधिकारियों से बड़ी संख्या में ऐसी तकनीकों के उपयोग को लेकर प्रयास करने का अनुरोध किया, जो लागत प्रभावी हैं और बर्बादी से बचने में सहायता करती हैं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में जबरदस्त शीत लहर के चलते बृहस्पतिवार को मौसम की सबसे सर्द सुबह दर्ज की गई, जब पारा तीन डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। यह बीते दो वर्ष में जनवरी में दिल्ली में दर्ज सबसे न्यूनतम तापमान भी है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार को दिल्ली में कई पहाड़ी इलाकों से ज्यादा ठंड दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान डलहौजी (4.9 डिग्री सेल्सियस), धर्मशाला (5.2 डिग्री सेल्सियस), कांगड़ा (3.2 डिग्री सेल्सियस), शिमला (3.7 डिग्री सेल्सियस), देहरादून (4.6 डिग्री सेल्सियस), मसूरी (4.4 डिग्री सेल्सियस) और नैनीताल (6.2 डिग्री सेल्सियस) के मुकाबले कम रहा। विभाग के अनुसार, दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में बृहस्पतिवार को सुबह घना कोहरा छाया रहा। राष्ट्रीय राजधानी में सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रह गई। विभाग के मुताबिक, शून्य से 50 मीटर तक दृश्यता ‘बहुत घने कोहरे', 51 मीटर से 200 मीटर तक ‘घने कोहरे', 201 मीटर से 500 मीटर तक ‘मध्यम कोहरे' और 501 मीटर से 1000 मीटर तक दृश्यता ‘हल्के कोहरे' की श्रेणी में आती है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोहरे के कारण कम से कम 12 ट्रेन डेढ़ से छह घंटे की देरी से चल रही हैं, जबकि दो रेलगाड़ियों के समय में बदलाव करना पड़ा है। दिल्ली हवाई अड्डा ने भी कोहरे के मद्देनजर अलर्ट जारी करते हुए कहा कि कम दृश्यता में उड़ानों का परिचालन बरकरार रखने के लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। हवाई अड्डा की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है, “फिलहाल सभी उड़ानों का परिचालन सामान्य है। हालांकि, उड़ानों के बारे में ताजा जानकारियों के लिए यात्रियों से संबंधित विमानन कंपनियों से संपर्क करने का आग्रह है।” दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में बृहस्पतिवार को पारा तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को वहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस और मंगलवार को 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, लोधी रोड, आयानगर और रिज के मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान क्रमशः 2.8 डिग्री सेल्सियस, 2.2 डिग्री सेल्सियस और 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के लिए बृहस्पतिवार और शुक्रवार के वास्ते ‘ऑरेंज अलर्ट' जारी किया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), मौसम संबंधी चेतावनी के लिए चार रंग के अलर्ट का इस्तेमाल करता है, जिनमें हरा (कार्रवाई की आवश्यकता नहीं), पीला (ध्यान दें और नवीनतम जानकारी रखें), नारंगी (तैयार रहें) और लाल (कार्रवाई करें) रंग शामिल हैं। आईएमडी के अनुसार, अगले 24 घंटे तक शीत लहर और ठंड का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं। हालांकि, सात जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत के एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में आने के कारण सर्दी से थोड़ी राहत मिल सकती है। आईएमडी के मुताबिक, मैदानी इलाकों में शीतलहर की घोषणा तब की जाती है, जब न्यूनतम तापमान लुढ़ककर चार डिग्री सेल्सियस पर पहुंच जाए या फिर 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे और सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो जाए। वहीं, न्यूनतम तापमान के घटकर दो डिग्री सेल्सियस हो जाने या सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस से कम रहने पर ‘भीषण' शीतलहर की घोषणा की जाती है। इसी तरह, एक ठंडा दिन तब होता है, जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस से कम या इसके बराबर होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस कम होता है। एक अत्यधिक ठंडा दिन तब होता है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम होता है।
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 13 जनवरी को 'गंगा विलास क्रूज़' को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। ट्वीट में कहा गया है, ''उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बांग्लादेश होते हुए असम से डिब्रूगढ़ तक दुनिया के सबसे लम्बे क्रूज पर्यटन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 जनवरी को हरी झंडी दिखाएंगे।''
हालांकि प्रशासन के पास प्रधानमंत्री कार्यालय से मोदी का कोई औपचारिक कार्यक्रम अभी नहीं आया है, लेकिन जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वाराणसी के मण्डलायुक्त कौशल राज शर्मा और जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने इस सिलसिले में संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग और अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
मण्डलायुक्त शर्मा ने बृहस्पतिवार को बताया कि आगामी 13 जनवरी को वाराणसी से डिब्रूगढ़ तक चलने वाले विश्व के सबसे लंबे क्रूज को रवाना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस क्रूज को रविदास घाट के सामने जेटी बोर्डिंग पॉइंट से हरी झंडी दिखायी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक गंगा विलास क्रूज कुल 3200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
क्रूज द्वारा की जाने वाली यह दुनिया की सबसे लंबी यात्रा होगी। सूत्रों के अनुसार यह सफर कुल 50 दिनों का होगा और इस दौरान यह जलयान भारत और बांग्लादेश की 27 नदी प्रणालियों से होकर गुजरेगा। सूत्रों के अनुसार रास्ते में यह क्रूज 50 से अधिक जगहों पर रुकेगा, जिनमें विश्व विरासत स्थल भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह जलयान राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभयारण्यों से भी होकर गुजरेगा, इनमें सुंदरबन डेल्टा और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भी शामिल हैं। -
भुवनेश्वर/बेरहामपुर (ओडिशा)। ओडिशा की प्रसिद्ध चिल्का झील में इस वर्ष सर्दी के मौमस में 10.93 लाख प्रवासी पक्षी आए ,जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.4 प्रतिशत अधिक हैं। एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई।
बुधवार को हुई गणना के अनुसार इस वर्ष झील में कुल 11,31,929 पक्षी आए,जिनमें से 10.93 लाख प्रवासी पक्षी हैं। इस हिसाब से पिछले वर्ष के मुकाबले कम से कम 57,000 पक्षी इस वर्ष अधिक आए। गणना के दौरान पक्षियों की कुल 184 प्रजातियां पाई गईं। प्रवासी पक्षियों के अलावा सर्वेक्षण में झील में 38,880 स्थानीय पक्षी देखे गए।
झील में नलबाना पक्षी अभयारण्य में गणनाकारों को कुल 3,42,897 पक्षी मिले। कुल 134 लोगों को गणना के काम में लगाया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि झील को 21 हिस्सों में बांटा गया था। दो इकाइयां सड़क मार्ग से और 19 नौका से गईं। प्रत्येक इकाई का प्रमुख एक पक्षी विशेषज्ञ था इसमें तीन से पांच सदस्य और एक स्थानीय गाइड था। -
नोएडा (उप्र)। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में साइबर ठगों ने एक व्यापारी से पांच क्विंटल गुड़ खरीदने के नाम पर 2.15 लाख रुपए की ठगी की। थाना सेक्टर 58 के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि सेक्टर 56 निवासी अवनीश कुमार गुड़ का कारोबार करते हैं, उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि कुछ दिन पहले किसी ने उन्हें फोन किया तथा अपने आप को सेना की कैंटीन का कर्मचारी बताया।
उन्होंने शिकायत के आधार पर बताया कि व्यक्ति ने व्यापारी से कैंटीन के लिए पांच क्विंटल गुड़ खरीदने की बात कही और करीब 45 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। उन्होंने बताया कि व्यक्ति ने ऑनलाइन पैसे देने की बात कही तथा एक लिंक भेजा और उसके जरिए एक रुपए भेजने को कहा। व्यापारी ने अपनी शिकायत में कहा कि जैसे ही उन्होंने लिंक खोला उनके खाते से 2.15 लाख रूपए निकल गए। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। -
बेंगलुरु। माइक्रोसॉफ्ट के कार्यकारी चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्या नडेला ने कहा है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और प्रौद्योगिकी खर्च अनुपात के लिहाज से भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल हो सकता है। उन्होंने बृहस्पतिवार को माइक्रोसॉफ्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह बात कही। नडेला ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘कुल अर्थव्यवस्था, आर्थिक वृद्धि और प्रौद्योगिकी खर्च की बात करें तो इसके बीच का अंतर घट रहा है।
सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में भारत का प्रौद्योगिकी खर्च अब विकसित दुनिया की बराबरी कर रहा है।'' नडेला ने यहां ‘फ्यूचर रेडी टेक समिट' के बाद मीडिया से कहा, ‘‘हमारे आंकड़ों के मुताबिक भारत (सकल घरेलू उत्पाद और प्रौद्योगिकी खर्च का अनुपात) कम से कम दुनिया के शीर्ष दस में निश्चित रूप से है। अगर ऐसा है, तो सवाल यह है कि अब आगे क्या होगा। इस प्रौद्योगिकी खर्च का नतीजा क्या है।
क्या यह वैसा ही है।'' भारत के बढ़ते प्रौद्योगिकी खर्च में माइक्रोसॉफ्ट की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘...अगर भारत की जीडीपी ‘एक्स' है और इसका कुछ प्रतिशत (प्रौद्योगिकी खर्च के चलते हुए) उत्पादकता लाभ से है, तो दुनिया को इसका फायदा मिल सकता है... यह लोगों के सोचने, लिखने के बारे में है... भुगतान के लिए सबसे कम लागत वाला तरीका है।'' नडेला ने इससे पहले ‘फ्यूचर रेडी टेक समिट' में कहा कि प्रौद्योगिकी हर किसी के उपयोग के बारे में है और भारत इसमें योगदान कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके दृष्टिकोण और सभी सरकारी कार्यक्रमों, योजनाओं और इंडिया स्टैक (भारत में प्रौद्योगिकी के प्रसार) में संक्षिप्त बातचीत करने का मौका मिला। वास्तव में मैं जिस चीज को महसूस कर रहा हूं, वह इंडिया स्टैक का जादू है।'' उन्होंने कहा कि योजनाएं या नीति और प्रौद्योगिकी एक साथ विकसित हो रही हैं। शिखर सम्मेलन में इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने भी भाग लिया।
नडेला ने कहा कि वह भारत से यह सीखते हैं कि आम आदमी अपनी जरूरतों के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने छह अनिवार्यताओं को भी सूचीबद्ध किया जो प्रौद्योगिकीविदों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये हैं - क्लाउड पर स्थानांतरण, डेटा को एकीकृत करना और एआई मॉडल को मंच के रूप में लागू करना, फ्यूजन टीमों को सशक्त बनाना, अपने कार्यबल को फिर से सक्रिय करना, सहयोगी व्यावसायिक प्रक्रियाओं को अपनाना और सुरक्षा को प्राथमिकता देना। - तिरुवनंतपुरम । केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में हाल ही में दुनिया का ताड़ के पत्तों का पहला पांडुलिपि संग्रहालय खोला गया है, जिससे राज्य सांस्कृतिक और शैक्षणिक रूप से और अधिक समृद्ध हुआ है। यह संग्रहालय भारत की धरती पर यूरोपीय शक्तियों को हराने वाले एशिया के पहले साम्राज्य त्रावणकोर की लोकप्रिय कहानियों का खजाना समेटे हुए है।दुनिया के पहले, ताड़ के पत्तों वाले पांडुलिपि संग्रहालय की उपलब्धि पाने वाले इस संस्थान में, 19वीं सदी के आखिर तक लगभग 650 बरस राज करने वाले त्रावणकोर साम्राज्य के प्रशासनिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ राज्य के मध्य में कोच्चि की सीमाओं और आगे उत्तर में मालाबार की झलक मिलती है। अधिकारियों ने बताया कि यह संग्रहालय राज्य की सांस्कृतिक संपदा बढ़ाने के अलावा शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक विद्वानों के लिए भी महत्वपूर्ण है।संग्रहालय में पांडुलिपियों के अलावा कोलाचेल के प्रसिद्ध युद्ध की भी जानकारी उपलब्ध है, जिसमें त्रावणकोर के वीर राजा अनिजाम तिरुनल मार्तंड वर्मा (1729-58) ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी को पराजित किया था। कोलाचेल वर्तमान में तमिलनाडु के कन्याकुमारी से 20 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।सन् 1741 में त्रावणकोर के राजा की जीत से डच का भारत में विस्तार रुक गया और मार्तंड वर्मा के राज में त्रावणकोर एशिया का पहला ऐसा राज्य बन गया, जिसने किसी यूरोपीय ताकत की विस्तारवादी सोच को रोका हो।पिछले सप्ताह खुले इस संग्रहालय में 187 पांडुलिपियां हैं, जो प्राथमिक स्रोतों पर आधारित कहानियों की खान हैं। ये दस्तावेज ताड़ के साफ और स्पष्ट पत्तों पर लिखे गए हैं, जो रिकॉर्ड कक्षों के कोनों पर सुसज्जित हैं। उस दौर में विवरण लिखने से पहले ताड़ के इन पत्तों को उपचारित किया गया था।पहले चरण में पूरे राज्य से इकट्ठे किए गए 1.5 करोड़ ताड़ के पत्तों के विशाल भंडार से छंटाई करने के बाद यह अभिलेख सामग्री चुनी गई थी। संग्रहालय में बांस की खपच्चियां और तांबे की प्लेटें भी हैं। यह संग्रहालय तीन सौ साल पुरानी इमारत में स्थित है।राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय) डॉ. वेणु ने कहा कि गैलरी में त्रावणकोर साम्राज्य के जटिल भूमि प्रबंधन, ऐतिहासिक घोषणाओं और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बारे में जानकारी उपलब्ध है।डॉ. वेणु नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय के महानिदेशक भी रह चुके हैं।ताड़ के पत्तों का संग्रह जल्द ही शहर में एक आधुनिक इमारत में भेजा जाएगा, जहं वैज्ञानिक संग्रहण और अध्ययन की भी सुविधा होगी।
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नयी दिल्ली. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने बुधवार को आवासीय कल्याण संघों, संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को सलाह दी कि वे सुरक्षा कर्मियों को बिजली के हीटर, कंबल और गर्म कपड़े मुहैया कराएं ताकि वह खुले में आग जलाने से बचें । प्रदूषण नियंत्रण निकाय ने एक परामर्श में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, दिल्ली में भीषण शीत लहर चल रही है। इससे सुरक्षा कर्मी खुद को गर्म रखने के लिए खुले स्थानों पर आग जलाते हैं। खुले में जलाई गई आग वायु प्रदूषण का एक स्रोत है।” परामर्श में कहा गया है, “खुले में आग जलाने से रोकने और स्थानीय तथा शहर स्तर के प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए, डीपीसीसी सभी आरडब्ल्यूए, सरकारी और निजी कार्यालयों, स्कूलों, स्टेडियमों, पर्यटक स्थलों, सुरक्षा कर्मियों के संघों और अन्य व्यक्तिगत संस्थानों को सलाह देता है कि सुरक्षा कर्मियों को गर्म ‘किट' प्रदान कराएं।” एक व्यक्तिगत ‘किट' में एक स्वेटर, ऊन की जर्सी या गर्म जैकेट, मोजे, सर्दियों के दस्ताने, ऊनी टोपी, इलेक्ट्रिक हीटर, कंबल और एन-95 मास्क शामिल हो सकते हैं।
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नयी दिल्ली. एनटीपीसी की नवीकरणीय ऊर्जा इकाई एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लि. (एनजीईएल) ने हरित ऊर्जा आधारित बिजली परियोजनाओं के विकास के लिये हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) के साथ समझौता किया है। एनटीपीसी ने बुधवार को कहा कि समझौते के तहत उसकी इकाई एनजीईएल, एचपीसीएल को 24 घंटे 400 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति भी करेगी। बयान के अनुसार, ‘‘एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लि. ने नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बिजली परियोजनाओं के विकास तथा 24 घंटे 400 मेगावॉट बिजली आपूर्ति के लिये हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. के साथ पक्का समझौता किया है।'' दोनों कंपनियों ने मंगलवार को दिल्ली में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इस मौके पर एनटीपीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह और एचपीसीएल के कार्यकारी निदेशक (जैव ईंधन और नवीकरणीय ऊर्जा) शुभेन्दु गुप्ता समेत दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सियाचिन में पहली महिला सैन्य अधिकारी की तैनाती की बुधवार को प्रशंसा की और कहा कि यह भारत की नारी शक्ति की भावना को दिखाता है। इंजीनियर्स कोर की कैप्टन शिवा चौहान को सियाचिन ग्लेशियर में अग्रिम चौकी पर तैनात किया गया है। दुनिया की सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर महिला सैन्य अधिकारी की पहली बार तैनाती हुई है। मोदी ने ट्वीट किया है, ‘‘इससे सभी भारतीयों को गर्व महसूस होगा, यह भारत की नारी शक्ति की भावना को दर्शाता है।'' सेना के अधिकारियों ने बताया कि महिला अधिकारी की तैनाती सियाचिन में 15,600 फुट की ऊंचाई पर कुमार पोस्ट पर तीन महीने के लिए हुई है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जल जीवन मिशन राज्य में प्रत्येक घर में जल पहुंचाने का प्रमुख विकास पैमाना है। पहले अखिल भारतीय वार्षिक राज्य मंत्रिस्तरीय जल सम्मेलन को आज वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में जल राज्यों का विषय होता है और जल संरक्षण के लिए सभी राज्यों के प्रयासों से देश के सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि अब तक 25 हजार अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जा चुका है।
श्री मोदी ने जनता और सामाजिक संगठनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए जल संरक्षण अभियानों में उनकी अधिकतम भागीदारी का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोग किसी अभियान से जुडते हैं तब उन्हें उस कार्य की गंभीरता के बारे में जानकारी होती है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग जब इस अभियान से जुडे तब उनमें स्वच्छता के प्रति चेतना भी जागृत हुई। श्री मोदी ने कहा कि ग्राम पंचायतों को जल जीवन मिशन को अपने हाथों में लेना चाहिए और मिशन पूरा होने के बाद उन्हें यह प्रमाणित भी करना चाहिए कि उनके गांवों में पर्याप्त और स्वच्छ जल उपलब्ध हो गया है। प्रधानमंत्री ने प्रति बूंद अधिक फसल अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत इस अभियान से अब तक देश की 70 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत लाई जा चुकी है।प्रधानमंत्री मोदी ने जल संरक्षण के लिए वन क्षेत्र बढाने के महत्व को रेखांकित करते हुए वन मंत्रालय और जलशक्ति मंत्रालय के बीच सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नमामि गंगे मिशन को मॉडल बनाते हुए दूसरे राज्य भी नदियों के संरक्षण के लिए अभियान शुरू कर सकते हैं।जल शक्ति मंत्रालय ने पहले अखिल भारतीय वार्षिक राज्य मंत्रिस्तरीय जल सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें सभी राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का विषय है - वर्ष 2047 के लिए जल दृष्टिकोण। -
नयी दिल्ली. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने बुधवार को कहा कि वाहन स्क्रैपिंग (कबाड़ में बदलना) के लिए 11 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली (एनएसडब्ल्यूएस) से जोड़ा गया है। मंत्रालय ने कहा कि इन राज्यों को स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम (वी-वीएमपी) के लिए एनएसडब्ल्यूएस से जोड़ा गया है, ताकि वाहन कबाड़ क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित किया जा सके। मंत्रालय ने बयान में कहा कि 14 नवंबर, 2022 तक 117 निवेशकों में से 36 आवेदनों को संबंधित राज्य सरकारों ने मंजूरी दी है। इन निवेशकों ने पंजीकृत वाहन कबाड़ सुविधाओं (आरवीएसएफ) के लिए रुचि दिखाई थी। बयान में कहा गया है कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम, गोवा, उत्तराखंड और चंडीगढ़ को वी-वीएमपी के लिए एनएसडब्ल्यूएस में शामिल किया गया है।
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पन्ना . मध्यप्रदेश के पन्ना बाघ अभयारण्य के किशनगढ़ परिक्षेत्र में कथित तौर पर करंट लगने से एक बाघ और एक लकड़बग्घा की मौत हो गयी। एक वन अधिकारी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। पन्ना बाघ अभयारण्य के क्षेत्र संचालक बृजेन्द्र झा ने बताया कि तीन-चार जनवरी की दरम्यानी रात को सूचना प्राप्त हुई कि किशनगढ़ परिक्षेत्र के अंतर्गत बीट बसुधा में एक नर बाघ और एक मादा लकड़बग्घा की करंट लगने से मृत्यु हो गई है। उन्होंने कहा कि इस बाघ की उम्र दो वर्ष थी। झा ने बताया कि संभत: करंट के तार सुअर को मारने के लिए लगाये गये थे, जिसकी चपेट में बाघ और लकड़बग्घा आ गये और उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि बाघ और लकड़बग्घे के सभी अंग सुरक्षित पाये गये हैं।
झा ने बताया कि इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और करंट वाली तार लगाने वाले व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।

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