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हिसार . हरियाणा के हिसार जिले में एक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना रविवार रात नारनौंद अनुमंडल के बास गांव के निकट जींद-भिवानी रोड पर हुई । पुलिस ने बताया कि विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक और कार की आमने-सामने की टक्कर में कार में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों वाहनों की टक्कर में दो मोटरसाइकिलें भी टकरा गईं और इस दौरान एक व्यक्ति मारा गया। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि ट्रक सड़क पर ही पलट गया।
उन्होंने बताया कि घटना के दौरान भिवानी निवासी गोविंदा अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ घर लौट रहे थे। पुलिस ने बताया कि गोविंदा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य (डॉली, रजनी, राधेश्याम, और साहिल) की मौत हो गई । उन्होंने बताया कि हादसे में जींद जिले के धमतान साहिब निवासी मंजीत की भी मौत हो गयी जो मोटरसाइकिल पर सवार था। पुलिस ने बताया कि बास गांव के निवासी सुरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी दूसरी मोटरसाइकिल पर थे। उन्हें भी गंभीर चोटें आईं हैं और हांसी के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। - गांधीनगर(गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि अतीत में सरकारी योजनाओं का लाभ कुछ चुनिंदा जागरूक नागरिकों और बिचौलियों द्वारा उठाया जाता था, लेकिन अब सरकार ने पात्र लोगों के घरों तक सुविधाएं पहुंचा दी हैं। गांधीनगर में पीएमजेएवाई-एमए(प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मा अमृतम) योजना कार्ड वितरित करने के कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कुपोषण से निपटने की जरूरत को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कुपोषण से लड़ना जरूरी है ‘‘क्योंकि जब बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तभी देश स्वस्थ रहेगा।''मोदी ने कहा, ‘‘पूर्ववर्ती सरकारों के तहत, वे एक योजना की घोषणा करने के लिए बड़े सभागार केंद्र में बैठक किया करते थे, दीप प्रज्जवलित करते थे और नेता अच्छे भाषण देते थे, बस यही सब होता था। इसके बाद कुछ जागरूक नागरिक और बिचौलिये इस तरह की योजनाओं का लाभ उठाते थे। यह लाभ शायद ही जरूरतमंद लोगों तक पहुंच पाता था।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यह परंपरा बदल दी।उन्होंने कहा, ‘‘अब, सरकार घर-घर जाती है, लाभार्थियों की पहचान करती है और पात्र लोगों को योजना का लाभ देती है।'
- नयी दिल्ली। बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने सोमवार को कहा कि देश में 2030 तक 65 प्रतिशत बिजली उत्पादन क्षमता हरित ईंधन आधारित होगी। उन्होंने हरित ऊर्जा पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक सम्मेलन में कहा कि भारत ने बिजली उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन यानी हरित ईंधन की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है। सिंह ने कहा कि देश में 2030 तक 90 गीगावॉट से अधिक सौर उपकरण विनिर्माण क्षमता होगी। वर्तमान में यह क्षमता 20 गीगावॉट है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 15-20 गीगावॉट सौर उपकरण विनिर्माण क्षमता निर्माणाधीन है। भारत में उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना-दो के तहत 40 गीगावाट क्षमता वाले संयंत्र होंगे। मंत्री ने उद्योग जगत से उच्च दक्षता वाले सौर उपकरणों के विनिर्माण का भी आग्रह किया।उन्होंने कहा कि देश में पहले ही 170 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (बड़ी पनबिजली योजनाओं सहित) है, जबकि अन्य 80 गीगावॉट निर्माणाधीन है। देश की 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने की योजना है।मंत्री ने कहा, ‘‘हम न केवल 65 प्रतिशत (नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित बिजली) तक पहुंचेंगे, बल्कि क्षमता इससे अधिक होगी...हमने 2030 तक हरित स्रोतों से कुल क्षमता का 50 प्रतिशत हासिल करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन कुल उत्पादन क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से अधिक होगी।'' सिंह ने कहा कि विकासशील देशों के लिए बिजली तक पहुंच अधिक महत्वपूर्ण है।इस अवसर पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा (एमएनआरई) सचिव इंदु शेखर चतुर्वेदी ने बताया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की 19,500 करोड़ रुपये की पीएलआई की दूसरी किस्त के लिए बोलियां लाने की योजना है। उन्होंने कहा, ''अब अगर आप पीएलआई-दो (19,500 करोड़ रुपये) के दिशानिर्देश पहले ही प्रकाशित किए जा चुके हैं।'' इससे पहले, सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ''कार्बन उत्सर्जन के मामले में तटस्थता प्राप्त करने और जलवायु से संबंधित प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन, वित्त पोषण और प्रौद्योगिकी की जरूरत है...।''
- हैदराबाद ।हैदराबाद का कोशिका और आणविक जीव विज्ञान केन्द्र ने 54 लाख लोगों को शामिल कर विश्व का सबसे बड़ा और विविध जीनोमिक अध्ययन किया है। इसने मानव जीनोम में 12 हजार दो सौ 22 स्थलों की पहचान की है जो लंबाई से संबंधित है। हाल ही में नेचर साइंस जर्नल में 'मानव की लंबाई से जुड़ा अध्ययन प्रकाशित किया गया है। यह अध्ययन अन्य लक्षणों और रोगों पर जीन के प्रभाव की जांच का भी रास्ता खोलेगा।इस महत्वपूर्ण अध्ययन के निष्कर्ष से मानव शरीर के विकास को समझने में मदद मिलेगी।
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नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने राज्य आपदा मोचन कोष-एसडीआरएफ के केंद्रीय हिस्से की दूसरी किस्त के रूप में 17 करोड 20 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। मॉनसून के मौसम में बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर राहत उपाय करने के वास्तें इस वित्तीय वर्ष के लिए यह नागालैंड को अग्रिम रूप से जारी की जाने वाली राशि है।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा प्रयास रहता है। मंत्रालय का कहना है कि केंद्र सरकार पहले ही चालू वित्त वर्ष के दौरान 24 राज्यों को एसडीआरएफ के केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त के रूप में 8 हजार 764 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है। विभिन्न राज्यों में भीषण बाढ़ और भू-स्खलन को देखते हुए दूसरी किस्त के रूप में 827 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी जारी की जा चुकी है। - आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के मई गांव में सोमवार को एक युवक की उसके चचेरे भाईयों ने कथित रूप से पीट-पीट कर एवं गला घोंट कर हत्या कर दी । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि मरने वाले युवक की पहचान ओमवीर के रूप में की गयी है। उन्होंने बताया कि विवाद के बाद ओमवीर के ताऊ के आरोपी लड़कों ने उसे घेर लिया और उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा तथा गला घोंट कर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गये। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। (प्रतीकात्मक फोटो)
- गांधीनगर। गुजरात सरकार ने दीपावली से पहले सीएनजी और पीएनजी पर लगने वाले वैट में दस प्रतिशत की कटौती की। साथ ही उज्ज्वला योजना के 38 लाख लाभार्थियों को हर साल दो सिलेंडर मुफ्त देने की घोषणा की है। संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी), पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पर वैट में कमी और केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर साल दो मुफ्त तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर से राज्य सरकार पर 1,650 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। राज्य सरकार की तरफ से यह घोषणा उस समय की गई है, जब गुजरात में विधानसभा चुनाव होने है।गुजरात के मंत्री जीतू वघानी ने कहा, ‘‘सरकार ने सीएनजी और पीएनजी पर वैट दस प्रतिशत घटा दिया है। इससे गृहिणी महिलाओं, ऑटो रिक्शा चालकों और सीएनजी से चलने वाले वाहनों का उपयोग करने वालों को मदद मिलेगी।'' उद्योग के सूत्रों के अनुसार, गुजरात में सीएनजी और रसोई में इस्तेमाल होने वाले पीएनजी पर वैट 15 प्रतिशत था। इस कमी के बाद अब कर की दर घटकर पांच प्रतिशत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे सीएनजी की कीमतों में छह रुपये प्रति किलोग्राम और पीएनजी की दरों में पांच रुपये प्रति घन मीटर की कमी आएगी।
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नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने आज AGMUT कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी जितेंद्र नारायण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मंत्रालय को 16.10.2022 को अंडमान और निकोबार पुलिस से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तत्कालीन मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण, IAS (AGMUT: 1990) और अन्य द्वारा एक महिला के कथित यौन उत्पीड़न के संबंध में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में जितेंद्र नारायण, IAS (AGMUT: 1990) की ओर से गंभीर कदाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग की संभावना के संकेत को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानून के अनुसार तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। तदनुसार, जितेंद्र नारायण, IAS (AGMUT: 1990) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का आदेश दिया गया है।
पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार सरकार अपने अधिकारियों की रैंक और स्थिति पर ध्यान दिये बिना उनके अनुशासनहीनता के कृत्यों के प्रति, खासकर महिलाओं की गरिमा से जुड़ी घटनाओं के संबंध में, शून्य सहिष्णुता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और अंडमान एवं निकोबार पुलिस की एसआईटी द्वारा आपराधिक मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है। -
नई दिल्ली। कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव में आज पार्टी के सभी नेताओं और सदस्यों ने मतदान किया। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका वाड्रा, पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, पी. चिदम्बरम और जयराम रमेश सहित कई नेताओं ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में वोट डाले। अध्यक्ष पद के लिए पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खडगे और शशि थरूर के बीच मुकाबला है। मतगणना 19 अक्तूबर को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि सरकार ने पिछले आठ सालों में कोयला क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई सुधार किये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कोयला खण्डों के आवंटन के बाद जल्दी कोयला उत्पादन करने पर कोयला खान मालिकों को प्रोत्साहन राशि दे रही है। आज नई दिल्ली में पहले राष्ट्रीय कोयला सम्मेलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद श्री जोशी ने ये जानकारी दी। सम्मेलन का विषय है:- भारतीय कोयला क्षेत्र, आत्मनिर्भर भारत की ओर सतत् खनन। कोयला मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 के दौरान देश के कोयला क्षेत्र में आठ दशमलव आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 772 मिलियन टन कोयला का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। उन्होंने बताया कि कोयले की नीलामी की चौथी किस्त पूरी हो चुकी है और पांचवीं किस्त की प्रक्रिया चल रही है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 16 हजार करोड़ रुपये की 12वीं किस्त राशि जारी की। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन 2022 का उद्घाटन करते हुए श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के जीवन में बदलाव लाने की पहल है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य किसानों, कृषि-स्टार्टअप और सभी पक्षों को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि देश में कृषि-स्टार्टअप किसानों को फसल उत्पादन बढ़ाने, मिट्टी की जांच और तकनीक का इस्तेमाल कर कृषि को उन्नत बनाने में मदद कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज समय की मांग है कि कृषि के लिए तकनीक पर आधारित आधुनिक तौर-तरीके अपनाये जायें। उन्होंने कहा कि 22 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किये जा चुके हैं ताकि किसान अपनी जमीन की सेहत और उर्वरक क्षमता के बारे में जान सकें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरिया उत्पादन और तरल नैनो यूरिया के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने कि दिशा में काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। श्री मोदी ने कहा कि नैनो यूरिया कृषि के लिए सस्ता पड़ेगा और आज से यूरिया को एक ही नाम भारत नाम से बेचा जायेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि एक बूंद, अधिक फसल योजना के तहत सरकार सिंचाई के लिए फव्वारों के इस्तेमाल को महत्व दे रही है। इससे पानी बचाने में मदद मिलेगी और मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी बनी रहेगी। श्री मोदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सरकार ने किसान और बाजार के बीच के अंतर को कम कर दिया है। किसान रेल और कृषि उड़ान के माध्यम से किसान अब न केवल बड़े शहरों से जुड़ रहे हैं बल्कि कृषि निर्यात बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की ओर भी बढ़े हैं।प्रधानमंत्री ने विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया। यही कारण है कि एथनॉल मिश्रित बायो ईंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में बेहतरीन प्रौद्योगिकी और नवाचार उपलब्ध कराने के लिए समर्पित है।प्रधानमंत्री ने रसायन और उर्वरक मंत्रालय के छह सौ प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों का उद्घाटन किया। इसके तहत देश में उर्वरक खुदरा दुकानों को चरणबद्ध तरीके से प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों में बदला जाएगा। ये केंद्र किसानों की कई जरूरतों को पूरा करेंगे। तीन लाख 30 हजार से अधिक खुदरा उर्वरक दुकानों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों में बदलने की योजना है। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना - एक राष्ट्र एक उर्वरक का भी शुभारंभ किया।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कृषि स्टार्ट-अप, संगोष्ठी और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में 300 स्टार्ट-अप अपने नवाचारों को प्रदर्शित कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने एक ई-पत्रिका इंडियन एज़ का विमोचन भी किया।कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दो हजार से अधिक कृषि से जुड़े स्टार्टअप काम कर रहे हैं और किसानों को कृषि क्षेत्र में होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर रहे हैं। श्री तोमर ने कहा कि सरकार कृषि स्टार्टअप की संख्या को दस हजार तक ले जाने का प्रयास कर रही है। श्री तोमर ने कहा कि अब तक पात्र किसान परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है।रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार में देश में कृषि अनुसंधान को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि भारत नैनो यूरिया का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। मंडाविया ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर बाजार मुहैया करा रही है ताकि उन्हें अपनी उपज का बेहतर और उचित मूल्य मिल सके। -
गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम के एक गांव में पिछले सप्ताह पटाखा विस्फोट में घायल हुये एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यहां के नखरोला गांव में बुधवार को हुए विस्फोट में भगवान दास नामक व्यक्ति के परिवार के चार सदस्यों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गये । उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत तक जल गए 40 वर्षीय भगवान दास की शुक्रवार की रात एम्स में मौत हो गयी जबकि उनके बेटे मनीष और बेटी छवि की रविवार को मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मनीष (20) का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा था और छवि (12) को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने कहा कि अन्य तीन घायलों की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार, भगवान दास शादियों और अन्य कार्यों में उपयोग के लिए पटाखों की आपूर्ति करता था। -
जयपुर। समाज में बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं से परेशान एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने बालिकाओं, खास तौर पर दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का बीड़ा उठाया है और इसके लिए वह विशेष तकनीक की मदद भी ले रही हैं। अलवर जिले के राजगढ़ में खरखड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत 40 वर्षीय शिक्षिका आशा सुमन ने पहली बार 2015 में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया और यहीं से उन्हें बिना हथियारों के, लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की प्रेरणा मिली। वह मानती हैं कि दिव्यांग लड़कियों को यौन उत्पीड़न का खतरा अधिक होता है इसलिए उन्हें ऐसी स्थिति में अपनी रक्षा करने के लिए प्रशिक्षित करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसी लड़कियों के सामने आने वाली चुनौती को महसूस करते हुए शिक्षिका ने 2019 में अपने खर्च पर मुंबई में आत्मरक्षा का एक विशेष प्रशिक्षण लिया और फिर दूसरों को प्रशिक्षित करने लगीं।
शिक्षिका आशा सुमन ने पिछले तीन वर्षों में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आईं ऐसी 300 से अधिक लड़कियों को प्रशिक्षित किया है। अधिकतर लड़कियों ने राज्य शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविरों में भाग लिया। अन्य लड़कियों को उनके द्वारा अलवर में प्रशिक्षित किया गया। जयपुर में दिव्यांग, दृष्टिबाधित लड़कियों के लिये 6 से 15 अक्टूबर तक आयोजित, आत्मरक्षा संबंधी राजकीय प्रशिक्षण शिविर में 11 दृष्टिबाधित बालिकाओं सहित 55 दिव्यांग बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण अलवर की आशा सुमन और झालावाड़ की एक अन्य प्रशिक्षक कृष्णा वर्मा ने दिया। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये 2021 में शिक्षिका सुमन को राजस्तरीय शिक्षक सम्मान दिया गया। उन्हें महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने के लिये जिला प्रशासन ने इंदिरा शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया है। -
औरंगाबाद (महाराष्ट्र) । आज के दौर में जब भूमि को लेकर विवाद आम बात हो गई है ऐसे में महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के एक गांव में 32 एकड़ जमीन बंदरों के नाम पंजीकृत होने का एक दुर्लभ मामला सामने आया हे। उस्मानाबाद के उपला गांव में लोग बंदरों को खास सम्मान देते हैं। वे उनके दरवाजे पर आने पर उन्हें खाना देते हैं और कभी-कभी शादी समारोह शुरू करने से पहले भी उनका सम्मान किया जाता है। उपला ग्राम पंचायत के भूमि अभिलेखों के अनुसार, 32 एकड़ भूमि गांव में रहने वाले सभी बंदरों के नाम है। गांव के सरपंच बप्पा पड़वाल ने कहा, ‘‘ दस्तावेज में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि भूमि बंदरों की है, हालांकि जानवरों के लिए यह प्रावधान किसने और कब किया, इसका कुछ पता नहीं है।'' उन्होंने बताया कि पहले बंदर गांव में किए जाने वाले सभी अनुष्ठानों का हिस्सा होते थे।पड़वाल ने बताया कि गांव में अब करीब 100 बंदर हैं और पिछले कुछ वर्षों में उनकी संख्या कम हो रही है क्योंकि जानवर एक स्थान पर लंबे समय तक नहीं रहते। उन्होंने बताया कि वन विभाग ने जमीन पर वृक्षारोपण का किया और भूखंड पर एक मकान भी था, जो अब ढह गया है। सरपंच ने कहा, ‘‘ पहले, जब भी गांव में शादियां होती थीं तो बंदरों को पहले भेंट दी जाती थी और उसके बाद ही समारोह शुरू होता था। हालांकि अब हर कोई इस प्रथा का पालन नहीं करता है।'' उन्होंने बताया कि जब भी बंदर दरवाजे पर आते हैं तो ग्रामीण उन्हें खाना खिलाते हैं। कोई भी उन्हें खाने के लिए मना नहीं करता। -
ठाणे (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कथित तौर पर ‘ऑनलाइन डेटिंग' धोखाधड़ी में 6.33 लाख रुपये गंवा दिए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल 24 मई को 48 वर्षीय व्यक्ति को फोन पर एक नंबर से संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें ‘ऑनलाइन डेटिंग' का प्रस्ताव दिया गया था। उसने जब उस नंबर पर फोन किया तो एक व्यक्ति ने उसकी ऑनलाइन प्रोफाइल बनाने के लिए 38,200 रुपये मांगे। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम दीपक बताया था। चीताल्सर थाने के एक अधिकारी ने व्यक्ति की शिकायत के हवाले से बताया कि उससे कई मौकों पर आरोपी ने किसी न किसी बहाने से कुल 6,33,626 रुपये का भुगतान कराया। उन्होंने बताया कि पैसे देने के बाद जब पीड़ित को उसके फोन का कोई जवाब नहीं मिला तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत शुक्रवार को मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सांड और नीलगाय के हमले में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिजन को अब चार लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा क्योंकि राज्य सरकार ने ऐसी घटनाओं को आपदा की घटनाओं की सूची में शामिल किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के जरिये राज्य आपदा की सूची में यह नयी प्रविष्टि की गयी है। इस सप्ताह के अंत में जारी अधिसूचना में सांड और नीलगाय के हमले के कारण हुई मौतों को राज्य आपदा घोषित किया गया है। अब तक बेमौसमी अत्यधिक बारिश, आकाशीय बिजली गिरने, तूफान, लू, नौका दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर की सफाई के दौरान मौत, गैस के उत्सर्जन, बोरवेल में गिरने, मानव-पशु संघर्ष और कुएं में डूबने से हुई मौतों को इस सूची में शामिल किया गया था। नदी, झील, तालाब, नहर, खाई और झरने को पहले ही राज्य आपदा (राज्य आपदा) के रूप में वर्गीकृत किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य आपदा घटना के मामले में मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। सरकार का यह निर्णय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस वर्ष हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में विपक्ष ने राज्य में भाजपा सरकार पर हमला करने के लिए आवारा मवेशियों की समस्याओं का उल्लेख किया था।
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के 2019 के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 11,84,494 आवारा मवेशी हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। सड़कों पर आने-जाने वालों के लिए खतरा पैदा करने के अलावा ये घूमने वाले जानवर फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। विभाग ने एक योजना भी शुरू की है जिसके तहत कोई व्यक्ति आवारा मवेशियों को अपने घर या खेत में रख सकता है और उसे प्रतिदिन 30 रुपये प्रति पशु का भुगतान किया जाता है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत वर्तमान में कुल 1.38 लाख आवारा मवेशियों को रखा गया है। सिंह ने कहा था, "अच्छी संख्या में आवारा मवेशी कम दूध देने वाली प्रजातियों के हैं जो गरीब परिवारों को दिए जा सकते हैं जो उनकी देखभाल कर सकते हैं और दूध प्राप्त कर सकते हैं।" उन्होंने कहा था कि बड़े आश्रय गृह बनाने की योजना है और ताकि हर जिले में कम से कम दो हजार या अधिक मवेशी रखे जा सकें। -
चतरा. झारखंड में चतरा जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के बरवा कोचवा गांव में रविवार को घर की पुताई के लिए मिट्टी की खुदाई के दौरान हुए हादसे में मिट्टी के ढेर में दबकर तीन युवतियों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य घायल हो गयी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गांव की युवतियां दीपावली पर घर की पुताई के लिए दूधिया मिट्टी लाने जंगल गई थीं। उन्होंने बताया कि खुदाई के दौरान हुए हादसे में मिट्टी के ढरे में दबकर तीन युवतियों की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से युवतियों को मिट्टी के ढेर से बाहर निकाला और चारों युवतियों को इलाज के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र प्रतापपुर लाया गया। लेकिन इस दौरान तीन युवतियों की रास्ते में मौत हो गई। सदर अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ एस.एन. सिंह ने बताया कि मृतकों में मुनक कुमारी (18), आरती कुमारी (15), पिंकी कुमारी (18) शामिल हैं। -
अगरतला. त्रिपुरा वन विभाग ने पशुओं और इंसानों के बीच टकराव की घटनाओं को कम करने के मकसद से हाथियों की गतिविधि पर नज़र रखने के लिए उन्हें जीपीएस संचालित रेडियो कॉलर का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह जानकारी उप मुख्य वन्यजीव वार्डन केजी रॉय ने दी है। कर्नाटक में बेंगलुरू स्थित कंपनी को हाथियों के गले में रेडियो कॉलर लगाने का जिम्मा सौंपा गया है और काम के इस साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। रॉय ने कहा, “ रेडियो कॉलर हमें हाथियों की गतिविधि का पता लगाने में मदद करेगा और अगर वे इंसानी बस्तियों के आसपास पाए जाते हैं तो हम उन्हें वापस जंगल में भेजने के उपाय कर सकते हैं।” साल 2019 से मानव और हाथियों के बीच टकराव की कम से कम 50 घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं।
उप मुख्य वन्यजीव वार्डन ने कहा, “ हमने अबतक ऐसे 30 मामलों का निपटान कर दिया है और अन्य मामलों को भी जल्द निपटा दिया जाएगा।” इससे पहले हाथी और इंसानी टकराव को कम करने के लिए पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों ने भी रेडियो कॉलर का इस्तेमाल किया था। रॉय ने बताया कि राज्य सरकार ने हाथियों के हमलों को रोकने के लिए खेतों में मधुमक्खी पालन परियोजना शुरू की है और जंगलों में बांस तथा केले उगाने के लिए कदम उठाए हैं। - हैदराबाद। केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों के जरिये अब तक 25 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं। रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर जनगांव में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी के तहत लाभार्थियों को इन खातों के जरिए रकम भेजी जाती है। इन 50 करोड़ जन-धन खातों में से आधे महिलाओं के हैं। उन्होंने कहा, ''जन-धन खाते खोलते समय लोग सवाल उठा रहे थे कि क्या हमारे देश में इसकी आवश्यकता है? आज हमने जन धन खातों के माध्यम से गरीब लोगों को कल्याणकारी योजनाओं के मद में 25 लाख करोड़ रुपये वितरित किए हैं। यह एक उपलब्धि है।'' रेड्डी ने कहा कि आज गरीबों के जन-धन बैंक खातों में 1.75 लाख करोड़ रुपये जमा हैं।
- नयी दिल्ली। रेलवे के लिए स्वदेश निर्मित पहले अल्युमीनियम माल ढुलाई रेक को ओडिशा के भुवनेश्वर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रेक पहले की तुलना में हल्का है, लेकिन इसकी क्षमता अधिक माल ढुलाई की है। रेलवे ने बताया कि बेस्को लिमिटेड वैगन डिवीजन और अल्युमीनियम क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंडाल्को के सहयोग से निर्मित वैगन का वजन घटाने के लिए इसका प्रति क्विंटल कार्बन फुटप्रिंट भी कम है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस रेक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे के अनुसार, यह रेक मौजूदा स्टील रेक की तुलना में 180 टन हल्का है, जिसके परिणामस्वरूप समान दूरी के लिए गति में वृद्धि तो होती ही है, बिजली की खपत भी कम होती है। यह पारंपरिक रेक की तुलना में प्रति ट्रिप 180 टन अतिरिक्त पेलोड ले जा सकता है और अपरदन प्रतिरोधी होने के कारण, इसके रखरखाव की लागत कम होगी। रेलवे ने कहा कि नये रेक का पुनर्विक्रय मूल्य 80 प्रतिशत है और सामान्य रेक की तुलना में यह 10 साल अधिक चलता है, हालांकि, इसकी विनिर्माण लागत 35 प्रतिशत अधिक है, क्योंकि अधिरचना पूर्ण रूप से अल्युमीनियम की होती है। इस रेक के कारण इसके सेवाकाल के दौरान आठ से 10 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आयेगी यानी केवल एक रेक के वैगन से कार्बन उत्सर्जन में कुल 14,500 टन की कमी आयेगी। रेली मंत्री ने कहा, ‘‘ इन वैगन से कार्बन उत्सर्जन में 14500 टन की कमी आयेगी। ये क्षरण रोधी वैगन कम ऊर्जा खपत करते हैं, लेकिन इनकी माल ढोने की क्षमता अधिक है। ये शतप्रतिशत पुन:चक्रित (रिसाइकिल) करने योग्य हैं और ये वैगन 30 साल बाद भी यथावत बने रहेंगे। ये वैगन जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में हमें सक्षम बनाएंगे।'' हिंडाल्को की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रेलवे आगामी सालों में एक लाख वैगन शामिल करने की योजना बना रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में सालाना 25 लाख टन की कमी आयेगी। हिंडाल्को की ओर से जारी बयान के मुताबिक मालगाड़ी के इस नये रेक से एक बार में 180 टन अधिक भार की ढुलाई की जा सकेगी और इसके क्षरण रोधी होने से रखरखाव खर्च में कमी आयेगी। कंपनी ने कहा कि इस वैगन के विनिर्माण में कहीं भी वेल्डिंग का इस्तेमाल नहीं किया गया है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सतीश पाई ने कहा कि भारत के पहले अल्युमीनियम मालवाहक रेक की शुरुआत हमारी क्षमता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
- गाजियाबाद (उप्र)। गाजियाबाद नगर निगम ने पिटबुल, रॉटवीलर और डोगो अर्जेंटीनो जैसी खूंखार प्रजातियों के कुत्तों को पालने पर पाबंदी लगा दी है। नगर निगम ने शनिवार को पालतू कुत्तों के संबंध में कई दिशा-निर्देश जारी किए, जिनमें आगामी एक नवंबर से पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस की व्यवस्था लागू करने का फैसला भी शामिल है। भाजपा नेता और नगर निगम पार्षद संजय सिंह ने रविवार को बताया, ‘‘पिटबुल, रॉटवीलर और डोगो अर्जेंटीनो जैसी खूंखार प्रजातियों के कुत्तों को पालने की इजाजत अब नहीं दी जाएगी। इनके लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। अगर कोई इन प्रजातियों के कुत्तों को खरीदता है तो वह खुद इसके लिए जिम्मेदार होगा। गाजियाबाद में कुत्तों की इन तीनों प्रजातियों पर पाबंदी लगा दी गई है।'' सिंह ने बताया कि उन्होंने पिटबुल, रॉटवीलर और डोगो अर्जेंटीनो प्रजातियों के कुत्तों को पालने पर पाबंदी लगाने का प्रस्ताव पेश किया था जिसे नगर निगम के सदन ने पारित कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिन लोगों के पास इन प्रजातियों के कुत्ते हैं उन्हें दो महीने के अंदर उनकी नसबंदी करानी होगी।महापौर आशा शर्मा ने बताया कि शनिवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में कुत्तों की नसबंदी को अनिवार्य घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बिना नसबंदी कराए प्रमाण पत्र के लिए पंजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर कुत्ते की उम्र छह महीने है तो उनके मालिक को शपथ पत्र पर यह आश्वासन देना होगा कि जब कुत्ते की उम्र एक साल हो जाएगी तो वह उसकी नसबंदी कराएगा। गौरतलब है कि इससे पहले कानपुर नगर निगम और पंचकूला नगर निगम ने भी पिटबुल और रॉटवीलर प्रजातियों के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगाया था। महापौर ने बताया कि आगामी एक नवंबर से शहर में कुत्ता पालने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा और कुत्ता मालिकों को दो महीने के अंदर पंजीयन कराना होगा। उन्होंने बताया कि अब एक परिवार सिर्फ एक ही कुत्ता रख सकेगा और कुत्ते को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने से पहले उसे मुखौटा लगाना अनिवार्य होगा ताकि वह किसी को काट ना सके। इसके अलावा, बहुमंजिला इमारतों से कुत्ते को बाहर ले जाने के लिए सिर्फ सर्विस लिफ्ट का ही इस्तेमाल करना होगा। इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर दोषियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में शहर में कुत्तों द्वारा लोगों को काटे जाने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। शर्मा ने बताया कि शहर में 10 से ज्यादा बच्चों को कुत्ते काट चुके हैं। संजय नगर कॉलोनी के रहने वाले बच्चे कुश त्यागी पर पिटबुल प्रजाति के कुत्ते ने हमला किया था और उसके चेहरे पर 150 टांके लगाए गए थे। चार दिन पहले भी इसी प्रजाति के कुत्ते ने एक अन्य लड़के पर हमला किया था। उन्होंने बताया कि नगर निगम के सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी कुत्ता मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें बोर्ड बैठक में पारित किए गए नियमों के बारे में जानकारी दें।
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नयी दिल्ली। केंद्र सरकार का कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम अब अपने अंतिम चरण में है और स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि वह अब से और कोविड-19 टीके नहीं खरीदेगी। इसी के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4,237 करोड़ रुपये (वर्ष 2022-23 में टीककरण के लिए आवंटित बजट का करीब 85 फीसदी) वित्त मंत्रालय को वापस कर दिये हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि 1.8 करोड़ से अधिक टीके की खुराकें अब भी केंद्र और सरकार के भंडारण गृहों में मौजूद हैं, जो छह महीने तक टीकाकरण अभियान चलाने के लिहाज से पर्याप्त हैं। कोविड-19 के मामले घटने के कारण टीका लगवाने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। यदि सरकार के पास टीका खत्म हो जाता है, तो भी यह बाजार में उपलब्ध होगा। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ छह महीने बाद कोई निर्णय लिया जाएगा कि टीकों की खरीद सरकारी माध्यम से की जाए या इस उद्देश्य के लिए बजट आवंटित किया जाये, लेकिन यह निर्भर करेगा कि उस समय देश में कोरोना वायरस की स्थिति क्या है।'' पिछले साल 16 जनवरी से शुरू हुए देशव्यापी टीकाकरण अभियान के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सहायता के लिए उन्हें कोविड-19 टीके मुफ्त में मुहैया कराए। सरकार ने सभी वयस्कों को मुफ्त में बूस्टर खुराक देने के लिए अमृत महोत्सव नाम से 75 दिवसीय कोविड टीकाकरण अभियान चलाया, लेकिन टीके की अधिक मांग नहीं दिखी। सूत्रों ने कहा, ‘‘इसे ध्यान में रखकर और भंडारित टीकों के खराब (एक्सपायर) होने की तिथि पास आता देख, अब से और टीका नहीं खरीदने का निर्णय लिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2022-23 में टीकाकरण के लिए आवंटित 5000 करोड़ रुपये की कुल बजट राशि में बचे 4237.14 करोड़ रुपये वित्त मंत्रालय को वापस कर दिये।'' रविवार सुबह सात बजे तक देश में लोगों को लगाई गई टीके की खुराक की संख्या 219.32 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि देश की 98 फीसदी वयस्क आबादी कोविड-19 टीके की कम से कम एक खुराक लगवा चुकी है, जबकि 92 फीसदी लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। इसके अलावा देश के 15 से 18 साल के 83.7 फीसदी किशोरों को भी टीके की एक खुराक लग चुकी है, जबकि 72 फीसदी किशोर दोनों खुराक लगवा चुके हैं। किशोरों को टीके लगवाने की शुरुआत तीन जनवरी को हुई थी। 12 से 14 वर्ष के वर्ग में 87.3 फीसदी लोगों को पहली खुराक लग चुकी है, जबकि 68.1 फीसदी को टीके की दोनों खुराकें लग चुकी हैं। 18 वर्ष और इससे अधिक उम्र के पात्र लोगों में से 27 फीसदी लोग बूस्टर खुराक लगवा चुके हैं।
- मन्दसौर (मप्र)। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में रविवार शाम को गांधी सागर बांध में डूबने से तीन महिलाओं की मौत हो गई और दो लापता हैं, जबकि दो बच्चों को बचा लिया गया है। मन्दसौर के जिलाधिकारी गौतम सिंह ने बताया कि जिले के गांव टोलाखेड़ी की कुछ महिलाएं खेती वगैरह के काम से गांधी सागर बांध के डूब क्षेत्र को पैदल पार करके गई थीं। उन्होंने बताया कि वहां से पैदल लौटते वक्त इनमें से पांच महिलाओं एवं दो बच्चों के डूबने की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद इनमें से दोनों बच्चों को बचा लिया गया है, जबकि तीन महिलाओं के शव अब तक बरामद हुए हैं और दो अन्य महिलाएं लापता हैं, जिनकी गोताखोरों द्वारा तलाश की जा रही है। सिंह ने बताया कि गांधी सागर बांध के डूब क्षेत्र के उस पार बने हुए टापू पर आने-जाने के लिए ग्रामीणों ने मुरम डालकर रास्ता बनाया था। इस रास्ते में कमर तक पानी था। अधिकारी ने बताया कि ये महिलाएं एवं बच्चे शाम को आते वक्त एक दूसरे का हाथ पकड़ कर आ रहे थे कि एक महिला फिसल गई और गहरे पानी में गिर गई। उसे बचाने में दूसरी महिलाएं भी डूब गईं।(प्रतीकात्मकक फोटो)
- नयी दिल्ली/अमृतसर। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रविवार रात भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट अमृतसर क्षेत्र में एक ‘क्वाड-कॉप्टर' ड्रोन को मार गिराया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस सीमा पर पिछले तीन दिन में इस तरह की यह दूसरी घटना है। अधिकारियों ने बताया कि 12 किलो वजन वाले ड्रोन में चार ‘प्रोपेलर' थे। बीएसएफ की 22वीं बटालियन के जवानों ने अमृतसर सेक्टर में रानिया सीमा चौकी के पास रात करीब सवा नौ बजे ड्रोन को गोली चलाकर मार गिराया। ड्रोन से कुछ सामान भेजा जा रहा था, जिसे बरामद कर लिया गया है। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।गौरतलब है कि पंजाब के गुरदासपुर सेक्टर में 13-14 अक्टूबर की दरम्यानी रात हुई ऐसी ही एक घटना में बीएसएफ ने एक बड़े (क्वाड कॉप्टर) पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया था।
- लातेहार (झारखंड)। लातेहार में शनिवार शाम सदर प्रखंड के धरधरी नदी रेलवे पुल पर सेल्फी लेते समय एक युवक की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई और उसके दो अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक की पहचान मोहम्मद नाजिर और घायलों की पहचान फिरदौस व रिजवान के रूप में हुई है। उन्होंने कह कि बेंदी और लातेहार रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे पुल पर तीनों युवक घूमने गए थे और इस दौरान सेल्फी भी ले रहे थे। पुलिस ने बताया कि इस बीच अपलाइन से तेजी से आ रही मालगाड़ी ने तीनों युवकों को चपेट में ले लिया जहां नाजिर की मौत घटनास्थल पर ही हो गई तथा उसके दो साथियों का इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है।



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