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- सिवान। बिहार के सिवान जिला के पचरुखी थाना अंतर्गत पड़ौली गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 531 से गुजर रहे एक अनियंत्रित अज्ञात ट्रक ने गुरुवार को नौ वर्षीय एक बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। इस घटना में 17 वर्षीय एक किशोर सहित तीन बच्चे जख्मी हो गए ।पचरुखी थाना प्रभारी ददन सिंह ने बताया कि मृतक बच्चे का नाम अभय कुमार (नौ) जो कि रमेश सिंह का पुत्र था। शव का पोस्टमार्टम जिला सदर अस्पताल में कराए जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजन को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में जख्मी 17 वर्षीय एक किशोर और दो अन्य बच्चे जिनकी उम्र 10 वर्ष और 11 वर्ष है, को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंह ने बताया कि चारों उस समय उक्त ट्रक की चपेट में आ गए जब वे शौच के लिए जा रहे थे । उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया ।
- नई दिल्ली। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) ने दिल्ली स्थित एक फर्म द्वारा www.urbankhadi.com का इस्तेमाल करने के खिलाफ आदेश दिया है। फर्म गैर कानूनी रुप से “खादी” ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर रही है। डब्ल्यूआईपीओ संयुक्त राष्ट्र संघ की एक विशेष एजेंसी है जो दुनिया भर में ब्रांड संरक्षण के लिए काम करती है। एजेंसी के प्रशासनिक पैनल आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन सेंटर ने अपने फैसले में कहा है कि हर्ष गाबा के स्वामित्व वाली फर्म "ओम सॉफ्ट सॉल्यूशंस" ने "गलत नीयत" से डोमेन www.urbankhadi.com को पंजीकृत और इस्तेमाल किया। जिससे कि वह खादी ब्रांड का इस्तेमाल कर फायदा उठा सके।डब्ल्यूपीआईओ पैनल ने यह आदेश खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की एक याचिका पर दिया है। जिसे केवीआईसी ने "ओम सॉफ्ट सॉल्यूशंस" के खिलाफ दायर की थी। फर्म खादी ब्रांड का दुरुपयोग अपने कपड़ों के कारोबार में कर रही थी। पैनल ने केवीआईसी के तर्कों को स्वीकार करते हुए कहा "श्री हर्ष गाबा ने अनुचित व्यावसायिक लाभ प्राप्त करने के लिए जानबूझ कर जनता को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की www.urbankhadi.com खादी इंडिया का एसोसिएट है।" पैनल ने कहा, "यह स्पष्ट है कि विवादित डोमेन नाम में प्रतिवादी का कोई वैध हित नहीं हो सकता है। कोई भी "खादी" शब्द का इस्तेमाल तब तक नहीं कर सकता है जब तक कि वह खादी के साथ अपने एसोसिएशन की अनुमति नहीं लेता है। फैसले में कहा गया है….“शिकायतकर्ता (केवीआईसी) द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य इस अनुमान को बल देते हैं कि विवादित डोमेन नाम www.urbankhadi.com का पंजीकरण और इस्तेमाल बुरे नियत से किया गया था। इस आधार पर पैनल आदेश देता है कि विवादित डोमेन नाम को शिकायतकर्ता केवीआईसी को स्थानांतरित किया जाए।”पैनल ने "ओम सॉफ्ट सॉल्यूशंस" के उस तर्क को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया कि "खादी" शब्द को कोई सुरक्षा नहीं मिली और किसी के पास "खादी" नाम का इस्तेमाल करने का एक्सक्लूसिव अधिकार नहीं था। "शिकायतकर्ता (केवीआईसी) के पास कई खादी ट्रेडमार्क पंजीकरणों का स्वामित्व है। शिकायतकर्ता ट्रेडमार्क "खादी" और "खादी इंडिया" का भी मालिक है ... विवादित डोमेन नाम www.urbankhadi.com में केवीआईसी का ट्रेडमार्क शामिल है और यह भ्रामक रूप से शिकायतकर्ता (केवीआईसी) के ट्रेडमार्क के समान या करीब-करीब उस जैसा है "। फैसले पर केवीआईसी के अध्यक्ष, विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि डब्ल्यूआईपीओ का आदेश न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी खादी ब्रांड नाम के उल्लंघन के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि केवीआईसी खादी की पहचान को बचाए रखने और उसकी वैश्विक लोकप्रियता के लिए सभी जरूरी उपाय करेगा। उन्होंने कहा कि केवीआईसी ने "खादी" ब्रांड नाम के किसी भी दुरुपयोग को रोकने के लिए कई देशों में ट्रेडमार्क "खादी" को पंजीकृत किया है क्योंकि इसके दुरूपयोग से हमारे कारीगरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है।
- नयी दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में दक्षिण पश्चिम मॉनसून जुलाई में सामान्य रहने की संभावना है। जुलाई के पूर्वानुमान में, विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि प्रथम सप्ताह में अच्छी बारिश होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन महीने के दूसरे हफ्ते के दूसरे हिस्से से इसके जोर पकड़ने की संभावना है। विभाग ने कहा, ‘‘देश में जुलाई 2021 में मासिक बारिश कुल मिलाकर सामान्य (दीर्घ अवधि औसत का 94 से 106 प्रतिशत) रहने की संभावना है।'' विभाग मौसम के दूसरे हिस्से के लिए बारिश का पूर्वानुमान जुलाई के अंत में या अगस्त की शुरूआत में जारी करेगा।
- मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र के एक गांव में ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जिसने रिश्तों की मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। यहां पर एक 50 वर्षीय सास ने अपने 25 वर्षीय दामाद से प्रेम विवाह रचा लिया है। पति और पुत्री के आपत्ति जताने पर घर में जमकर हंगामा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और शांतिभंग में चालान कर दिया।क्या है पूरा मामलाभौराकलां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने अपनी पुत्री की शादी की थी। पुत्री की शादी के बाद उसका अपने दामाद से प्रेम हो गया। इसी प्रेम-प्रसंग के चलते दोनों दस माह पूर्व घर से फरार हो गए थे। परिजनों ने उनके फरार होने के बाद किसी तरह की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। बताया जाता है कि दस माह बाद दोनों लौटे और कोर्ट मेरिज करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि अब वह दोनों पति-पत्नी हैं। इस बात को लेकर महिला के पति और उसकी पुत्री ने आपत्ति जताई तो घर में हाईवोल्टेड ड्रामा शुरू हो गया। घटना की सूचना आसपास के लोगों ने स्थानीय पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। थाने आने के बाद भी दोनों एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाते रहे। मामले को बढ़ता देख पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया।गांव में बना है चर्चा का विषयसास द्वारा अपने से आधी उम्र के दामाद संग शादी रचाने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में दोनों के परिजनों ने उनसे किनारा कर लिया है। हर कोई दोनों के इस रिश्ते को कलंकित मान रहा है।क्या कहते हैं अधिकारीभौराकलां थानाध्यक्ष जितेन्द्र तेवतिया ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक सास ने अपने दामाद से शादी रचा ली गई है और वह जबरन घर में घुस गए हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास किया गया, लेकिन जब सास-दामाद ने एक-दूसरे से अलग होने से इनकार कर दिया तो दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया गया है।
- नयी दिल्ली।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी समय से परे जाकर मरीजों का इलाज करने और सदी की सबसे बड़ी चुनौती से देश को बाहर निकालने में मदद करने के लिए बृहस्पतिवार को डॉक्टरों की प्रशंसा की। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (नेशनल डॉक्टर्स डे) के मौके पर हर्षवर्धन ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये प्रख्यात चिकित्सकों, आयुर्विज्ञान के प्रोफेसरों और चिकित्सा जगत की हस्तियों को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने महामारी के दौरान जान गंवाने वाले डॉक्टरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, ‘‘सामान्य तौर पर इस दिन को अधिक हर्षोल्लास और उत्साह से मनाया जाना चाहिए लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता बल्कि चिकित्सा जगत की कई महान आत्माओं के जाने से दुखी हूं जिनमें से अधिकतर समय से पहले चले गए।'' स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान में हर्षवर्धन को उद्धृत करते हुए कहा गया,‘‘उनकी क्षति दुर्भाग्यपूर्ण है और बावजूद इसके चिकित्सा जगत के लिए यह गर्व और प्रेरणा का मामला है। इतिहास गवाह रहेगा कि जब भी मानवता को बचाने की जरूरत पड़ी डॉक्टर कर्तव्य निर्वहन के लिए आगे आए।'' उन्होंने कहा कि अगर चिकित्सा समुदाय में साथी नागरिकों की पीड़ा के प्रति करुणा नहीं होती तो इस महामारी की कहानी अधिक निराशाजनक होती। हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘कई डॉक्टर घर में आराम से रहने का विकल्प चुन सकते थे लेकिन आप में से किसी ने भी ऐसा नहीं किया। इसके उलट हमने देखा कि वृद्ध और सेवानिवृत्त डॉक्टर स्वेच्छा से जरूरत के समय मदद के लिए सामने आए।'' स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘हमने मेडिकल विद्यार्थियों, युवाओं में उत्साह देखा जिन्होंने कुछ साल पहले ही वयस्क अवस्था में कदम रखा है, जिन्हें खतरों की जानकारी है लेकिन देश को सदी की इस सबसे बड़ी चुनौती से निकालने में मदद के लिए वे तत्पर रहे।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बृहस्पतिवार को चिकित्सक दिवस के मौके पर कहा कि देश में कोविड-19 महामारी से निपटने में चिकित्सक समुदाय ने बड़ा योगदान दिया है। भूषण ने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) द्वारा आयोजित एक डिजिटल समारोह में कहा, ‘‘आपके (डॉक्टरों के) प्रयास इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होंगे। मैं डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को सलाम करता हूं जिनके बिना इस दौर से पार पाना संभव नहीं होता।'' कार्यक्रम का आयोजित चिकित्सक दिवस के अवसर पर किया गया था जिसमें महामारी के दौरान जान गंवाने वाले स्वास्थ्य पेशेवरों को श्रद्धांजलि दी गयी। स्वास्थ्य सचिव ने कहा, ‘‘पिछले एक साल में भारत महामारी से लगातार लड़ता रहा है और चिकित्सा बिरादरी इससे निपटने के लिए डटकर खड़ी रही। वास्तविक चुनौतियां जमीनी स्तर पर डॉक्टरों के सामने थीं।'' भूषण के साथ ही नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल और एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने भी समारोह में भाग लिया। पॉल ने कहा, ‘‘हम सभी ने इन चुनौतीपूर्ण हालात से निपटने में अथक प्रयास किये हैं और पेशेवर भावनाओं को ऊंचा रखा। मैं कोरोना शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं तथा उनकी सेवाओं, बलिदान और देशभक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करता हूं।'' गुलेरिया ने टीकाकरण कार्यक्रम को विस्तार देने की जरूरत बताई और कहा कि महामारी में सबसे बड़ा सबक यह सीखने को मिला है कि सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है।
- भोपाल।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कोरोना-19 से निपटने में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की तारीफ करते हुए उनसे आह्वान किया कि वे कोराना वायरस रोधी टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करें। चौहान ने यहां मिंटो हॉल में ‘डॉक्टर्स डे' पर आयोजित संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जिस प्रकार चिकित्सक साथियों ने कोरोना वायरस संक्रमण नियंत्रण में भूमिका निभाई है उसी प्रकार टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करने में भी आपसे सहयोग की अपेक्षा है। टीकाकरण के संबंध में व्याप्त भ्रम और भय दूर करने में चिकित्सकों का जनसामान्य से संवाद महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने चिकित्सकों से सोशल मीडिया पर इस संबंध में लोगों में जागरूकता फैलाने की अपील की।चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण अभी गया नहीं है। इंग्लैंड और अन्य कुछ देशों में पुन: लॉकडाउन की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति में प्रदेश-वासियों को कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने के लिए प्रेरित करना होगा। इसमें प्रदेश के सभी चिकित्सक हरसंभव सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना वैज्ञानिकों द्वारा व्यक्त की गयी है। इस लहर का सामना करने, बचाव और रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह तैयार है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि चिकित्सकों का सेवा-भाव, मानवता के प्रति लगन हमें चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञ बनाती है। उन्होंने कहा, "आपने हर चुनौती को किया स्वीकार, मध्य प्रदेश सरकार आपका आभारी है।
- अमेठी ।उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में 25 वर्षीय महिला ने अपनी ढाई साल बच्ची की फांसी लगाकर कथित तौर पर हत्या करने के बाद फंदे पर लटककर खुदकुशी कर ली। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि अमेठी जिले के शिवरतन गंज क्षेत्र में सुशीना बानू (25) और उसकी ढाई वर्षीय पुत्री कनीज फातिमा के शव सुबह फांसी से लटकते पाये गये। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि महिला ने पहले अपनी बेटी को फांसी दी और उसके बाद आत्महत्या कर ली। सूत्रों ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्ट्या यह आत्महत्या की घटना लग रही है लेकिन फिर भी हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
- जयपुर।भारतीय रेलवे ने जयपुर-दिल्ली डबलडेकर स्पेशल सहित उन 36 ट्रेनों को फिर शुरू करने का फैसला किया है जिन्हें लॉकडाउन में यात्री भार के कारण पूरी तरह से रद्द कर दिया गया था। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट शशि किरण के अनुसार यात्रियों की सुविधा को देखते हुए जयपुर-दिल्ली सराय रोहिला-जयपुर डबलडेकर स्पेशल ट्रेन समेत सहित 36 स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन फिर से शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू किया जा रहा है, उनमें सीकर-लोहारू प्रतिदिन स्पेशल रेलसेवा छह जुलाई से, फुलेरा-रेवाड़ी प्रतिदिन स्पेशल रेलसेवा पांच जुलाई से, सीकर-रेवाड़ी प्रतिदिन स्पेशल रेलसेवा छह जुलाई से, जयपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला प्रतिदिन स्पेशल रेलसेवा पांच जुलाई से फिर शुरू होगी। इसी तरह बीकानेर-दिल्ली सराय रोहिल्ला द्वि-साप्ताहिक स्पेशल (मंगल व शनि को) रेलसेवा छह जुलाई से तथा जोधपुर-इंदौर प्रतिदिन स्पेशल रेलसेवा पांच जुलाई से शुरू होगी। वहीं रेलवे ने विशाखापट्नम -भगत की कोठी (जोधपुर)-विशाखापट्नम साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल रेलसेवा का संचालन आठ जुलाई से शुरू करने का फैसला किया है। यह ट्रेन विशाखापट्नम से प्रत्येक बृहस्पतिवार को सुबह 05.25 बजे रवाना होकर दूसरे दिन 14.10 बजे जयपुर होते हुए 20.00 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी।
- ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बृहस्पतिवार को यहां एक सरकारी कार्यक्रम में मंच से नीचे गए, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। यह घटना ग्वालियर में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में हुआ। इस दौरान मंच पर केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित कई नेता बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंच पर संबोधन के लिए जैसे ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का नाम पुकारा गया और जब वह मंच पर बने ‘पोडियम' की ओर जाने लगे तो उनका पैर फिसल गया और वह मंच से नीचे गिर गए। इस बारे में ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने बताया, ‘‘ऊर्जा मंत्री को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर उनकी सभी जांचें की गईं। फिलहाल उनकी स्थिति ठीक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मंच पर उनका पैर लड़खड़ा गया, जिस कारण वह गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में जांच के बाद उनकी स्थिति ठीक है और किसी जरूरी बैठक के लिए राजधानी भोपाल भी रवाना हो गए हैं।
- मुंबई। बम्बई उच्च न्यायालय ने उद्योगपति गुलशन कुमार की हत्या के मामले में अब्दुल रउफ उर्फ दाउद मर्चेन्ट की आजीवन कारावास की सजा बहाल रखी है। लेकिन उसे लूटपाट के आरोप से मुक्त कर दिया गया है।महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में दो अन्य अभियुक्तों- रमेश तौरानी और अब्दुल रशीद को सत्र न्यायालय द्वारा बरी किये जाने को भी चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने तौरानी को बरी किये जाने को सही ठहराया है, लेकिन अब्दुल रशीद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान 27 लाख साठ हजार से अधिक कोविड टीके लगाए गए। इसके साथ ही राष्ट्रव्यापाी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 33 करोड़ 57 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं।स्वास्थ्य मत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान 48 हजार 786 कोविड के नये मामलों की पुष्टि हुई। सक्रिय मामलों की संख्या कम हो रही है और यह पांच लाख 23 हजार 257 रह गई है। संक्रमण की दर 1.72 प्रतिशत है। पिछले 24 घटों के दौरान 61 हजार 588 मरीज स्वस्थ हुए। अब तक दो करोड़ 94 लाख 88 हजार से अधिक रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। मंत्रालय ने बताया है कि आज 49 वें दिन नये मामलों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी है। स्वस्थ होने वालों की दर 96.97 प्रतिशत हो गई है। इसी दौरान एक हजार पांच लोगों की मृत्यु हुई। साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर पांच प्रतिशत से नीचे बनी हुई है और यह 2.64 प्रतिशत रह गई इै।दैनिक पॉजिटिविटी दर दो दशमलव पांच चार प्रतिशत है जो कि आज लगातार 24वें दिन पांच प्रतिशत से नीचे है। मंत्रालय ने बताया है कि जांच का दायरा बढ़ाया गया है। कुल 41 करोड़ बीस लाख कोविड नमूनों की जांच की जा चुकी है। कल 19 लाख 21 हजार कोविड़ जांच की गई।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के छह साल में देश ने प्रौद्योगिकी को अपनाने में तेजी से प्रगति की है। श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने लोगों का जीवन बदल दिया है। डिजिटल इंडिया के छह साल पूरे होने के अवसर पर एक समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया की मदद से न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन का सपना पूरा होगा।श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया, आत्मानिर्भर भारत की एक साधना और 21वीं सदी में भारत को मजबूत बनाने का नारा बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजी लॉकर इस बात का अच्छा उदाहरण साबित हुआ है कि डिजिटल इंडिया कितना प्रभावी रहा। अब डिजिलॉकर में स्कूल और कॉलेज के दस्तावेज, आधार, पैन और वोटर आईडी कार्ड समेत सभी जरूरी दस्तावेज आसानी से और सुरक्षित तरीके से रखे जा सकेंगे।
- नई दिल्ली। यूरोपीय संघ के आठ देशों ने कोविशील्ड को स्वीकृत टीकों की सूची में शामिल कर लिया है। इन देशों में जर्मनी, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रिया, स्विटजरलैंड, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड और स्पेन शामिल हैं। इस कदम से कोविशील्ड टीका लगा चुके लोगों को इन देशों की यात्रा प्रतिबंधों से छूट मिलेगी।भारत ने कल कहा था कि वह यूरोपीय संघ के डिजिटल कोविड प्रमाण पत्र को तभी मान्यता देगा जब यूरोपीय संघ भी भारतीय टीकों-कोविशील्ड और को-वैक्सीन को मान्यता देगा। यूरोपीय संघ के देशों में यात्रा के लिए आज से ग्रीन पास की जरूरत होगी। जिन लोगों ने टीकों की दोनों डोज ले ली हैं उन्हें अनिवार्य रूप से क्वारंटीन में रहने के नियम से छूट मिलेगी।
- बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज इलाके के गांव संजरपुर निवासी प्राथमिक विद्यालय के पूर्व अध्यापक ने सूदखोरों (ब्याज पर पैसा देने वालों) से परेशान हो जहर खा कर आत्महत्या कर ली । पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आत्महत्या से पहले उन्होंने आरोपियों के नाम लिखकर सुसाइड नोट छोड़ा था।पुलिस के अनुसार मंगलवार की शाम गंभीर हालत में चंद्रपाल (65) अपने गन्ने के खेत में पड़े मिले थे ,परिवार वालों ने उन्हें इलाज हेतु जिला अस्पताल बरेली में भर्ती कराया था जहां बुधवार को उनकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि पूर्व अध्यापक की जेब में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें बरेली के किन व्यक्तियों द्वारा लेन देन का मामला लिखा हुआ पाया गया हैं । पुलिस ने बताया कि सूदखोरों का पता लगाया जा रहा है।
- मैसूर। संस्कृत समाचार पत्र ‘सुधर्मा' के संपादक के वी संपत कुमार का मैसूर में बुधवार दोपहर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके परिवार से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। संपत कुमार 64 साल के थे। बताया जाता है कि ‘सुधर्मा' विश्व का एकमात्र संस्कृत समाचार पत्र है। संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार में योगदान और कई चुनौतियों के बावजूद समाचार पत्र का प्रकाशन जारी रखने के लिए संपत कुमार और उनकी पत्नी के एस जयलक्ष्मी को 2020 में ‘पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार ‘सुधर्मा' की शुरुआत कुमार के पिता वरदराजा अय्यंगर ने 15 जुलाई 1970 को की थी। संपत कुमार ने बाद में यह बीड़ा अपने कंधों पर उठाया और समाचार पत्र के रिपोर्टर, संपादक तथा प्रकाशक के रूप में कार्य किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘श्री के वी संपत कुमार जी एक प्रेरणादायी शख्सियत थे जिन्होंने संस्कृत के संरक्षण और खासकर युवाओं में उसे लोकप्रिय बनाने के लिए अथक प्रयास किया। उनका जुनून और समर्पण प्रेरणादायी है। उनके निधन की खबर से दुखी हूं। उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संपत कुमार के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘के वी संपत कुमार जी का जीवन संस्कृत भाषा के संरक्षण व संवर्धन के प्रति समर्पित रहा। संस्कृत भाषा को आम बोलचाल का हिस्सा बनाने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका निधन संस्कृत व पत्रकारिता जगत के लिए बड़ी क्षति है। प्रभु दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें।'' कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी संपत कुमार के निधन पर शोक जताया है।
- अवैध संबंधों में हुई थी विवाहिता की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तारकानपुर। यूपी के गांव खनिगवां में महिला की हत्या अवैध संबंधों के चलते उसके कथित प्रेमियों ने की थी। पुलिस ने घटना का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। एक और आरोपी की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।एएसपी (पश्चिमी) कपिल देव सिंह ने बताया कि बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के गांव खनिगवां निवासी रवि कुमार की पत्नी सीमा उर्फ रेनू (35) की सोमवार की रात धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मंगलवार की सुबह उसका शव झोपड़ी के पीछे 20 मीटर दूर पड़ा मिला था।एएसपी (पश्चिमी) कपिल देव सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। उन्होंने मामले के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की थी। पूरे मामले में अवैध संबंधों में हत्या की बात सामने आ रही थी। घटना का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही कर दिया।बेहटा गोकुल थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार राय ने बताया कि मृतका के पुत्र सचिन ने आरोपी विशाल, आरोपी अरविंद और आरोपी अंकित के घर आने जाने और घटना की रात भी घर आने की जानकारी दी थी। इसी आधार पर एफआईआर भी दर्ज की गई थी। आरोपी विशाल और आरोपी अंकित को गिरफ्तार कर लिया गया है।बेहटा गोकुल थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार राय ने बताया कि आरोपी विशाल के अवैध संबंध सीमा उर्फ रेनू के साथ थे। इधर, कुछ समय से सीमा उर्फ रेनू की नजदीकियां आरोपी अंकित और आरोपी अरविंद के साथ भी हो गई थीं। एक दिन तीनों कथित प्रेमियों को आपस में चर्चा के दौरान इसका पता चला तो सभी ने मिलकर हत्या की योजना बना ली। इसके बाद सोमवार रात झोपड़ी से बाहर बुलाकर रेनू की हत्या कर दी गई।-file photo
- खंडवा। मध्यप्रदेश में एक महिला अवैध संबंध के चक्कर में पति की ही कातिल बन गई। शामली में एक महिला ने अपने प्रेमी जीजा के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या करा दी। सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा सीएसपी ललित गठरे ने किया। इस दौरान एफएलसी अधिकारी मुजाल्दे और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई भी मौजूद थे।सीएसपी ने बताया कि आरोपी महिला शबाना का आरोपी जीजा से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस बात की जानकारी होने पर आरोपी शबाना का पति संजू आए दिन अपनी पत्नी से मारपीट करता था। ऐसे में एक दिन आरोपी ने अपने प्रेमी जीजा के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। सीएसपी ललित गठरे ने बताया कि एक रात आरोपी शबाना ने पहले पति संजू का गला दबाया फिर सिलबट्टे से मारा। इसके बाद दोनों हाथों की नसें ब्लेड से काट दी। संजू की मौत होने के बाद उसे चटाई में लपेटकर तालाब किनारे फेंक आए। जब लोगों ने शव देखा तो पुलिस को खबर दी। सनसनीखेज हत्याकांड के लिए एसपी ने सीएसपी ललित गठरे के नेतृत्व में टीम गठित की और फिर हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
- अजीबो-गरीब मकसद का खुलासाकन्नूर। केरल में लैपटॉप की चोरी करने में किसी चोर को महारत हासिल होना कोई असामान्य बात नहीं है लेकिन अपनी प्रेमिका की खातिर मेडिकल के विद्यार्थियों से पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए उनका लैपटॉप चुराना सुनने में अजीब लग सकता है। एक चोर के इस अजीबो-गरीब मकसद का खुलासा उस वक्त हुआ जब पुलिस ने पड़ोस के तमिलनाडु से इंजीनियरिंग के एक छात्र, 25 वर्षीय आरोपी तमिल सेल्वम को सोमवार को यहां परियरम मेडिकल कॉलेज अस्पताल से हाल में हुई लैपटॉप चोरी के सिलसिले में गिरफ्तार किया।अस्पताल के स्नातकोत्तर मेडिकल विद्यार्थी की शिकायत पर पुलिस ने इस आरोपी को सलेम से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने विभिन्न राज्यों में सैकड़ों मेडिकल विद्यार्थियों के लैपटॉप चुराए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, आरोपी के बयान के मुताबिक, उसे और उसकी प्रेमिका को 2015 में अपने गृह राज्य में कुछ मेडिकल विद्यार्थियों से समस्या हुई थी। उन्होंने बताया, मेडिकल समुदाय के कुछ लोगों ने उसकी प्रेमिका के साथ कथित तौर पर दुव्र्यवहार किया था और तभी से आरोपी सेल्वम मेडिकल छात्रों को निशाना बना रहा था। उसने ऐसा दावा किया है। ऐसा बताया गया कि उसका मकसद मेडिकल छात्रों की कीमती वस्तुओं को चुराकर और उन्हें बेचकर उनको मानसिक परेशानी देना था। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने बताया है कि वह चोरी के सिलसिले में अन्य राज्यों में भी पुलिस की हिरासत में रहा है। उन्होंने कहा, हमें पक्का नहीं पता है कि उसके दावे कितने सच हैं। हमें पहले चीजों को प्रमाणित करना होगा। हम उसे हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर और ब्योरों के खुलासे की उम्मीद कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि आरोपी को रविवार को गिरफ्तार किया गया और स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया जिसने उसे जेल भेज दिया।
- जींद। जींद में एक युवक ने अपनी मां की कथित तौर पर हत्या करके पुलिस और परिजनों को जानकारी दिए बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया। यह जानकारी पुलिस ने दी।शहर थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार के अनुसार हिसार जिले के गामड़ा गांव निवासी विनोद (22) अपनी मां व बहन सपना के साथ शहर के शर्मा नगर में रहता था। उन्होंने बताया कि सपना ने शहर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उसके पिता आजाद की करीब 15 साल पहले मौत हो गई थी और ढाई साल पहले उसकी मां बिमला उसे साथ लेकर जींद में किराये के मकान में डेयरी चलाने लगी। शहर थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने सपना की शिकायत के हवाले से बताया कि उसका छोटा भाई आरोपी विनोद गांव में ही दादा धर्मपाल और दादी रोशनी के पास रहता था। सपना के मुताबिक आरोपी विनोद अपने विवाह के लिए लगातार अपनी मां पर दबाव डाल रहा था। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले अट्टा-सट्टा अपने रिश्ते के बदले बहन का रिश्ता देने की शर्त में शादी की बात सामने आयी तो मां ने इससे इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार इसी के कारण से आरोपी विनोद अपनी मां के साथ अक्सर झगड़ा करता था।थाना प्रभारी श्री कुमार के अनुसार मंगलवार सुबह आरोपी विनोद दादा-दादी के बुलाने की बात कहकर सपना को गांव में छोड़ आया और खुद किसी काम के सिलसिले में गुरुग्राम जाने की बात कहकर निकल गया। उन्होंने शिकायत के हवाले से बताया, आरोपी विनोद शाम को फोन करके भैंस के दूध नहीं देने की बात कहकर सपना को वापस जींद ले आया। गेट बंद होने के चलते आरोपी विनोद दीवार फांदकर अंदर घुसा और बाहर आकर कहा कि मां ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सपना का आरोप है कि जब उसने अंदर जाकर देखना चाहा तो आरोपी विनोद ने कुछ नहीं दिखाया। बाद में आरोपी अपने दोस्त आरोपी आंशु के साथ मिलकर मां के शव को कपड़े में बांधकर गांव ले गया और वहां पर रिश्तेदारों को सूचित किए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि सपना ने भाई आरोपी विनोद पर मां की हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी विनोद और उसके दोस्त आरोपी आंशु के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके आगे की जांच शुरू कर दी है।
- नयी दिल्ली। केंद्र ने राज्यों को कहा कि पांबदियों को हटाना और राहत देना अहम है लेकिन इसे ध्यानपूर्वक किया जाना चाहिए और कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित रखने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 28 जून को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा कि एकरूपता लाने के लिए जरूरी है कि पाबंदियों को लागू करने या ढील देने के मौजूदा ढांचे का अनुपालन जारी रहे, जो बीमारी के बोझ और स्वास्थ्य आधारभूत अवसंरचना पर आधारित है । यह अब भी महत्वपूर्ण है। भूषण ने उन लक्षित कार्यों को भी सूचीबद्ध किया है जिन्हें राज्यों द्वारा लागू करने की जरूरत है जिनमें जिले को प्रशासन इकाई मानकर मामलों की नियमित निगरानी और नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाने और स्वास्थ्य अवसरंचना को अद्यतन बनाने का कार्य शामिल है। उन्होंने कहा कि संक्रमण दर की गणना सप्ताह में जांचे गए कुल नमूनों में संक्रमितों के आधार पर किया जाना चाहिए जो जिले में संक्रमण के फैलने का एक अहम संकेतक है। उच्च संक्रमण दर होने पर सख्त निषिद्ध और पांबदी नियमों को लागू किया जाना चाहिए ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।पत्र में उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रत्येक जिले को उपलब्ध बिस्तरों के अनुपात में भर्ती मरीजों का विश्लेषण करना चाहिए ताकि उपलब्ध स्वास्थ्य अवंसरचना का आकलन किया जा सके और सुनिश्चित किया जा सके कि उनपर भारी दबाव न आ जाए और मरीजों की भर्ती सुनिश्चित हो सके। अधिक बिस्तरों पर मरीजों की भर्ती संकेत है कि जिले को उपलब्ध बिस्तरों को अपग्रेड करने के लिए खास कदम उठाने की जरूरत है जबकि संक्रमण को नियंत्रित करने के कार्य भी तेजी से करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अवंसचना को अद्यतन करने में काफी समय लगता है (महीना या इससे ज्यादा) इसलिए जिले को नियमित आधार पर मामलों का विश्लेषण कर और मरीजों की संख्या में संभावित वृद्धि का आकलन कर इस अवसंरचना को उन्न्त करने की योजना बनानी चाहिए। स्वास्थ्य सचिव ने पत्र में कहा कि जिलों को प्राथमिकता देने के लिए गहन अनुवर्ती कार्य करने की जरूरत है। राज्य और केंद्रशासित प्रदेश उन जिलों की पहचान कर सकते हैं जहां पर अधिक पाबंदी की जरूरत है जबकि बाकी जिलों में कम साप्ताहिक मामलों और उपलब्ध बिस्तरों के अनुपात में मरीजों की कम संख्या के आधार पर पाबंदियों में अधिक ढील दे सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि जिन जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर अधिक है और बिस्तर अधिक भरे हुए हैं वहां पर गहन निगरानी की जरूरत है, ऐसे में राज्य, राज्य मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त करने पर विचार कर सकते हैं। पत्र में कहा गया कि जिला नोडल अधिकारी जिलाधिकारी/नगर आयुक्त से समन्वय कर नए मामलों के क्लस्टर की पहचान करने और जरूरी निषिद्ध नियमों को लागू करने का काम करेगा। स्वास्थ्य सचिव ने साफ तौर पर लिखा है कि जिन इलाके में पाबंदी लगाई गई है वहां पर यह न्यूनतम 14 दिनों तक लागू रहेगा जबकि जिले के बाकी इलाके जहां पर प्रतिबंध की कार्रवाई नहीं की गई, वहां पर ढील दी जा सकती है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य अनुसंधान क्षेत्र में भारत और नेपाल के बीच समझौता ज्ञापन को बुधवार को अनुमति प्रदान कर दी । एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस समझौता ज्ञापन के बारे में अवगत कराया गया ।एक सरकारी बयान के अनुसार, इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) एवं नेपाल स्वास्थ्य अनुसंधान परिषद (एनएचआरसी) के बीच क्रमश: 17 नवंबर, 2020 तथा 4 जनवरी, 2021 को हस्ताक्षर किये गये थे । इसमें कहा गया है कि इस एमओयू का उद्देश्य सीमा-पार स्वास्थ्य मुद्दों, आयुर्वेद/पारंपरिक औषधि एवं चिकित्सा पादपों, जलवायु परिवर्तन एवं स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों, मानसिक स्वास्थ्य, जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री, उष्णकटिबंधीय रोगों (डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, जेई आदि) जैसे क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान क्रियाकलापों पर सहयोग करना है। बयान के अनुसार, इसके अलावा इंफ्लूएंजा, क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री, स्वास्थ्य अनुसंधान आचार नीति, ज्ञान के आदान-प्रदान के जरिये क्षमता निर्माण, कौशल विकास तथा सहयोग सहित स्वास्थ्य अनुसंधान से संबंधित सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों जैसे पारस्परिक हित से जुड़े विषयों पर संयुक्त अनुसंधान कार्य में सहयोग किया जायेगा । इसमें कहा गया है कि प्रत्येक पक्ष अपने देश में इस एमओयू के तहत अनुमोदित अनुसंधान के घटकों का वित्तपोषण करेगा या संयुक्त रूप से तीसरे पक्ष से वित्त पोषण (थर्ड पार्टी फंडिंग) के लिए आवेदन करेगा। बयान के अनुसार मंजूर की गयी सहयोगात्मक परियोजनाओं के तहत वैज्ञानिकों के आदान-प्रदान के लिए भेजने वाला पक्ष यात्रा करने वाले वैज्ञानिकों की यात्रा की लागत का वहन करेगा जबकि मेजबान पक्ष वैज्ञानिक/शोधकर्ताओं के ठहरने और रहने का व्यय करेगा। file photo
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीके से पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम होने का कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है। मंत्रालय ने कहा कि टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया कि ‘कोविड-19 टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ दल' (एनईजीवीएसी) ने स्तनपान कराने वाली सभी महिलाओं को भी टीका लगवाने का सुझाव दिया है और कहा है कि यह सुरक्षित है तथा टीका लगवाने से पहले या उसके बाद स्तनपान बंद करने की कोई जरूरत नहीं है। मंत्रालय की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब मीडिया में कोविड-19 टीकाकरण को लेकर नपुंसकता और बांझपन की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसी खबरें भी सामने आई जिनमें कहा गया कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए टीका लगवाना सुरक्षित नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने वेबसाइट पर डाले गए प्रश्नोत्तर में स्पष्ट किया है कि उपलब्ध किसी भी टीके से पुरुषों या महिलाओं में प्रजनन क्षमता प्रभावित होने का साक्ष्य नहीं मिला है। बयान में कहा गया कि सभी टीकों और उनके घटकों का परीक्षण पहले पशुओं पर किया गया तथा उसके बाद मानवों पर किया गया ताकि किसी भी दुष्प्रभाव का पता लगाया जा सके। टीकों के प्रभाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही उनके इस्तेमाल की मंजूरी दी गई। बयान में कहा गया, “इसके अतिरिक्त, कोविड-19 टीकाकरण से प्रजनन क्षमता प्रभावित होने की अफवाह पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है जिससे साबित हो सके कि टीका लगवाने से पुरुषों में नपुंसकता या महिलाओं में बांझपन जैसी समस्या हो सकती है। टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं।” हाल में दिए गए एक साक्षात्कार में ‘टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह' के कार्यकारी समूह के अध्यक्ष डॉ एन के अरोड़ा ने ऐसी आशंकाओं पर स्पष्टीकरण दिया था। उन्होंने कहा था कि पोलियो टीकाकरण के दौरान भी ऐसी ही अफवाहें फैलाई गई थीं। उन्होंने कहा था कि सभी टीके वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद बनते हैं और इस प्रकार का दुष्प्रभाव किसी में नहीं होता।
- नयी दिल्ली। केंद्र ने राजस्थान, त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल और केरल सहित 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर उन जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं जहां 21 से 27 जून के बीच संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक रही। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पत्र में कहा कि देश में लगतार संक्रमण के मामलों में कमी आ रही है और ऐसे में जरूरी है कि जिला और उप जिला स्तर पर हालात पर कड़ी निगरानी रखी जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 29 जून को लिखे पत्र में कहा, ‘‘इसलिए, पूरे राज्य में नियंत्रित और सतर्कता के साथ पाबंदियों में ढील और गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए।'' यह पत्र राजस्थान, मणिपुर, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, ओडिशा, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, केरल, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और असम को भेजा गया है। पत्र में कहा गया है, ‘‘इसलिए, आपसे अनुरोध किया जाता है कि कृपया कर इन जिलों में संक्रमण दर कम करने के लिए और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं और उसके अनुरूप हस्तक्षेप करें।'' भूषण ने पत्र में कहा, ‘‘जिला कार्य योजना के तत्वों, जैसे मामलों की निगरानी, वार्ड और ब्लॉक वार संकेतों की समीक्षा, प्रभावी निगरानी और त्वरित आधार पर संक्रमित को पृथक करना या अस्पताल में भर्ती कराना, 24 घंटे आपात केंद्र का संचालन, कमान प्रणाली और निषिद्ध क्षेत्र में सख्त मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) की रणनीति को भी विस्तृत तरीके से और सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।'' गौरतलब है कि 21 से 27 जून के बीच कुछ राज्यों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक रही। इनमें राजस्थान के भरतपुर, राजसमंद, बारां, चितौड़गढ़, सीकर, धौलपुर, मणिपुर के पश्चिमी इम्फाल और तेंगनाउपाल, सिक्किम के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी जिला, त्रिपुरा के उनाकोटी और धलाई, पश्चिम बंगाल का जलपाईगुड़ी, पुडुचेरी का माहे, ओडिशा के भद्रक और बालेश्वर, केरल के कोल्लम, त्रिशूर, पलक्कड, मलाप्पुरम और तिरुवनंतपुरम और असम के मोरीगांव और नलबाड़ी जिले शामिल हैं।
- नयी दिल्ली। शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में बुधवार को एक घर में सिलेंडर में विस्फोट होने से 45 वर्षीय महिला और उसके दो बेटों और एक बेटी की दम घुटने से मौत हो गई। दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार मध्यरात्रि को सिलेंडर में धमाके की सूचना मिली थी जिसके बाद दमकल की नौ गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक विस्फोट के कारण घर की छत का एक हिस्सा ढह गया। उन्होंने बताया कि घर के सामने के हिस्से में गैस स्टोव मरम्मत की दुकान थी। दमकल सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया, “एलपीजी गैस सिलेंडर में रिसाव होने के कारण एक घर में आग लग गई जिसके धुएं में दम घुटने से चार लोगों की मौत हुई जबकि अन्य व्यक्ति झुलस गया और उसे हेडगेवर अस्पताल भेजा गया।” पुलिस ने बताया कि घटना में मुन्नी देवी और उनके बेटे नरेश (23), ओमप्रकाश (22) और बेटी सुमन (18) की मौत हो गई जबकि लाल चंद (29) आग में 30 फीसदी जल गया है। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त आर एस सुंदरम ने कहा, '' पुलिस की मदद से घर के दरवाजे और खिड़कियों को तोड़कर अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने पांचों सदस्यों को बाहर निकाला। सभी को एम्बुलेंस के जरिए डॉ हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित किया।'' उन्होंने कहा कि अपराध जांच दल को भी मौका मुआयना के लिए भेजा गया। साथ ही कहा कि बिजली के शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने का संदेह है। पुलिस के मुताबिक, गैस स्टोव मरम्मत की दुकान के मालिक और उसकी भांजी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।


























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