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ईस्ट रदरफोर्ड. पांच बार के चैम्पियन ब्राजील पर 2 . 1 से मिली जीत में दोनों गोल करने वाले एर्लिंग हालैंड का मन नॉर्वे की गलियों में घूम रहा है जहां हजारों की तादाद में फुटबॉलप्रेमी साथ में 'वाइकिंग रो' जश्न मना रहे हैं। हालैंड ने इस असाधारण जीत के बाद कहा ,'' नॉर्वे की सड़कों को देखो । मैने पहले ऐसा कभी नहीं देखा । काश मैं ओस्लो में होता और उन लोगों के साथ जश्न मना रहा होता ।'' लेकिन नॉर्वे फुटबॉल टीम के लिये अच्छा है कि वह अमेरिका में हैं और फीफा विश्व कप में दनादन गोल करके 55 लाख के करीब आबादी वाले अपने देश को जश्न मनाने के मौके लगातार दे रहे हैं । हालैंड के इस विश्व कप में अब अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी और फ्रांस के किलियान एमबाप्पे के समान सात गोल हो गए हैं । ओस्लो में टाउन हॉल के बाहर चौक पर करीब 50000 प्रशंसक मौजूद थे जिन्होंने गले में नॉर्वे फुटबॉल का स्कार्फ पहन रखा था । नॉर्वे के युवराज हाकॉन रॉयल पैलेस के बाहर प्रशंसकों से मिले और मैच के बाद 'वाइकिंग रो' में भी हिस्सा लिया । अब दुनिया भर में लोकप्रिय हुए 'वाइकिंग रो' में सभी प्रशंसक जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी 'वाइकिंग लॉन्गबोट' (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से 'रो!' चिल्लाते हैं। नॉर्वे टीम के घरेलू मैदान उलेवाल स्टेडियम में आतिशबाजी की गई जहां हजारों की संख्या में दर्शक मैच देखने के लिये मौजूद थे । कोच स्टेल सोलबाकेन ने कहा ,'' पूरा देश साथ में नाव चला रहा है । ओस्लो समेत सभी शहरों में जश्न मनाया जा रहा है । 'रोइंग' इसका सूचक है कि हम सभी साथ साथ हैं ।''
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जकार्ता. चंद्रिका पुजारी और जॉयश्री देवी की दमदार जीत से भारत ने रविवार को अंडर-19 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। शुरूआती दौर में विश्व मुक्केबाजी फ्यूचर्स कप की स्वर्ण पदक विजेता चंद्रिका ने मंगोलिया की लखाम त्सेंडबाटार को लड़कियों के 51 किलोग्राम वर्ग में एकतरफा मुकाबले में 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। विश्व मुक्केबाजी फ्यूचर्स कप की रजत पदक विजेता जॉयश्री ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कियों के 54 किलोग्राम वर्ग में चीनी ताइपे की चेन निंग होंग के खिलाफ दूसरे दौर में रेफरी द्वारा मुकाबला रोकने (आरएससी) से जीत दर्ज की। सोमवार को भारत के अंडर-23 पुरुष वर्ग के चार मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे।
एशियाई चैंपियन विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत उज्बेकिस्तान के अमीरबेक इस्माइलोव के खिलाफ करेंगे। इसके बाद गंगा (55 किग्रा) का मुकाबला मंगोलिया के अमगलानबातार बुलगनखू से होगा। सागर जाखड़ (60 किग्रा) जापान के कोइची नाकायामा से भिड़ेंगे जबकि दिन के अंतिम मुकाबले में हितेश (70 किग्रा) का सामना चीनी ताइपे के जुन-झांगलिन से होगा। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने अंडर-19 और अंडर-23 दोनों वर्गों में मजबूत टीम उतारी है। दोनों आयु वर्गों में भारत के 20-20 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। यह चैंपियनशिप भारत के उभरते हुए मुक्केबाजों के लिए एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी प्रतिभा और क्षमता को परखने का महत्वपूर्ण मंच है। - मियामी गार्डन्स। लियोनेल मेस्सी का गोल करने का सिलसिला जारी है और वह इतनी सहजता से गोल करते हैं कि यह आसान सा लगता है । इसके साथ ही अर्जेंटीना की लगातार दूसरा विश्व कप जीतने की उम्मीदें भी कायम है हालांकि केप वर्दे ने एकबारगी उसके लिये खतरे की घंटी बजा दी थी । विश्व कप में अपने प्रदर्शन से फुटबॉलप्रेमियों का दिल जीतने वाले केप वर्दे को अतिरिक्त समय में 3 . 2 से हराकर अर्जेंटीना ने अंतिम 16 में जगह बनाई। मेस्सी ने केप वर्दे के खिलाफ 29वें मिनट में विश्व कप के अपने कैरियर का 20वां गोल किया । वह विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में 20 गोल के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं जबकि फ्रांस के काइलियान एमबाप्पे उनसे दो गोल पीछे हैं। बाद में मीडिया कॉन्फ्रेंस में मेस्सी की तस्वीर देखी गई, जिसमें उनके सिर पर एक बड़ा सा निशान था । केप वर्दे के एक खिलाड़ी से टक्कर के दौरान उन्हें घुटने से चोट लगी थी। उन्होंने स्पेनिश में कहा ,''इसमें दर्द हो रहा है लेकिन मैं ठीक हूं ।''इस साल टूर्नामेंट में मेस्सी ने सातवां गोल दागा और 'गोल्डन बूट' की दौड़ में एमबाप्पे उनसे एक गोल पीछे हैं । पिछले आठ विश्व कप मैचों में मेस्सी 12 गोल कर चुके हैं । मेस्सी का विश्व कप में लगातार गोल करने का सिलसिला 2022 में मिली खिताबी जीत से चला आ रहा है । उन्होंने मैच के बाद कहा ,'' हमने अच्छा प्रदर्शन किया और जहां गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारना होगा ।'' मेस्सी के साथ अर्जेंटीना और इंटर मियामी के लिये खेलने वाले रौद्रिगो डि पॉल ने कहा ,'' मेरे लिये उसकी दोस्ती सबसे अहम चीज है और मैं खुशकिस्मत हूं कि इन पलों में उसके साथ मैदान पर हूं ।' मेस्सी ने मार्तिनेज के पास पर केप वर्दे के स्टार गोलकीपर वोजिन्हा को छकाते हुए यह गोल दागा ।मेस्सी और एमबाप्पे के अलावा नॉर्वे के एर्लिग हालैंड और इंग्लैंड के हैरी केन भी पांच पांच गोल करके विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने के गोल्डन बूट पुरस्कार की दौड़ में हैं । फ्रांस के उस्मान डेम्बेले, स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल , ब्राजील के विनिशियस जूनियर और सेनेगल के इस्माइला सार ने चार चार गोल किये हैं । सार दौड़ से बाहर हैं क्योंकि सेनेगल बाहर हो चुकी है । नॉर्वे, इंग्लैंड और फ्रांस अंतिम 16 में हैं । केप वर्दे को हराकर अर्जेंटीना भी वहां पहुंच चुका है । मेस्सी ने कभी गोल्डन बूट नहीं जीता । विश्व कप 2022 में सात गोल करके वह एमबाप्पे से एक गोल पीछे रह गए थे जबकि 2014 में चार गोल करके संयुक्त तीसरे स्थान पर थे । अगर टूर्नामेंट के बाद शीर्ष पर टाई रहता है तो फीफा पहले टाइब्रेकर के रूप में यह देखेगा कि कितने गोल में मदद की है और दूसरा टाइब्रेकर यह होगा कि मैदान पर किसने कम समय बिताया है । एमबाप्पे गोल में सहायता के मामले में मेस्सी से 2 . 0 से आगे हैं ।
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बेंगलुरु. भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने बृहस्पतिवार को माना कि विश्व कप और एशियाई खेलों के बीच केवल 20 दिन का अंतराल चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी टीम शारीरिक चुनौतियों पर काबू पाने में सक्षम है। एशियाई खेल (19 सितंबर से शुरू होंगे) के लिए जापान जाने से पहले एफआईएच महिला विश्व कप 14 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम के वावरे में खेला जाएगा। मारिन ने कहा, ''जैसा 2018 में हुआ था (जकार्ता एशियाई खेलों में, जिसमें भारत ने रजत पदक जीता था), वैसा ही (एफआईएच) विश्व कप इस बार एशियाई खेलों में हमारी मदद कर सकता है।'' मारिन की कोचिंग में ही भारत ने तोक्यो 2020 ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था।
बेंगलुरु खेल पत्रकार संघ द्वारा विश्व खेल पत्रकार दिवस के मौके पर आयोजित एक पैनल चर्चा में कोच मारिन ने कहा, ''हमें अच्छी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग पर ध्यान देना होगा। लेकिन हमारे लिए बहुत सारे मैच खेलना भी जरूरी है। इससे लड़कियों को रणनीति को बेहतर ढंग से समझने और विरोधी टीम की रणनीति के हिसाब से खुद को ढालने में मदद मिलेगी। '' भारत के पूर्व कप्तान और 1980 मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले एमएम सोमैया ने कहा कि महाद्वीपीय चैंपियनशिप से पहले होने वाला विश्व कप तैयारी के लिए एक बेहतरीन मौका होगा। उन्होंने कहा, ''पुरुषों में हमारी विश्व रैंकिंग आठवीं और महिलाओं में नौवीं है। इसलिए, ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना जरूरी है। '' 'भारतीय हॉकी: बड़ा साल, बड़ी उम्मीदें' विषय पर बोलते हुए सोमैया ने कहा, ''कप का प्रारूप भी बदल गया है और इसमें तीन चरण हैं जिसका मतलब है कि हमें हर मैच पर ध्यान देना होगा। '' -
दुबई. भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन ने बुधवार को जारी आईसीसी की पुरुषों की टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में अपने साथी खिलाड़ी अभिषेक शर्मा को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। किशन (876 रैंकिंग अंक) के शीर्ष पर पहुंचने में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विश्व कप में बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उन्हें कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था। अभिषेक (869) लगभग 12 महीने तक शीर्ष पर रहे। किशन और अभिषेक से पहले भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 848 अंक के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
नवीनतम सूची में भारत के नए उपकप्तान तिलक वर्मा (747) छठे स्थान पर बने हुए हैं जबकि पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव एक स्थान नीचे आठवें स्थान पर खिसक गए हैं। गेंदबाजों में भारत के वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह एक-एक स्थान के नुकसान से क्रमशः तीसरे और छठे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान के राशिद खान शीर्ष पर बने हुए हैं। पुरुषों की टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में ट्रेविस हेड शीर्ष पर पहुंच गए हैं जबकि जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए। भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल एक स्थान के फायदे से छठे पायदान पर हैं जबकि यशस्वी जायसवाल एक स्थान नीचे खिसककर नौवें स्थान पर हैं। शीर्ष 10 से बाहर बल्लेबाजों में ऋषभ पंत 13वें स्थान के साथ सबसे अच्छी रैंकिंग वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। गेंदबाजों में बुमराह भारत के शीर्ष खिलाड़ी हैं। - 0- सार्थक स्कूल के छात्र सत्यांशु स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 में बिखेरेंगे जलवा0- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और समाज कल्याण विभाग ने दी बधाई, कहा- प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहींरायपुर। धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय ‘सार्थक स्कूल’ के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का चयन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (Special Olympics Bharat) की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में हो गया है। सत्यांशु आगामी 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 (Special Olympics Gothia Trophy 2026) अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।सत्यांशु दीप की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल धमतरी जिले, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव का विषय है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल कौशल का यह उत्कृष्ट उदाहरण यह साबित करता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का परचम लहरा सकते हैं।विद्यालय परिवार के अनुसार, सत्यांशु ने यह मुकाम अपने कड़े व नियमित अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है। उनकी यह शानदार सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करेगी।समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित और अनुदानित इन विशेष विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, जीवनोपयोगी कौशल और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सत्यांशु का यह चयन विभाग की इन कोशिशों की सार्थकता को प्रमाणित करता है। इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता सत्यांशु की कड़ी मेहनत, लगन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। मैं सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि वे स्वीडन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।कलेक्टर ने आगे कहा कि सत्यांशु की सफलता यह गहरा संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि धमतरी जिले में समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने सत्यांशु के उज्ज्वल भविष्य और आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने सत्यांशु के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई दी है, जिनके निरंतर सहयोग, अटूट विश्वास और संबल ने सत्यांशु को इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूरे धमतरी जिले को विश्वास है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु दीप अपने खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का मान और बढ़ाएंगे।
- नई दिल्ली। टीम इंडिया ने ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते हैं। 23 से 29 जून 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, चीन, अमेरिका, जापान, फ्रांस, कोरिया और अन्य 16 वर्ल्डस्किल्स सदस्य देशों के लगभग 600 प्रतियोगियों, विशेषज्ञों, अनुवादकों और अधिकारियों ने भाग लिया। टीम इंडिया का यह प्रदर्शन इस वर्ष के अंत में शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत की मजबूत तैयारियों का संकेत माना जा रहा है।भारतीय खिलाड़ियों में कर्नाटक के पवन भद्रावती सुरेश ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, बिहार के मौसम कुमार गिरि ने क्लाउड कंप्यूटिंग और दिल्ली की विष्णुप्रिया सुनील ने हेल्थ एंड सोशल केयर में स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के हर्ष रमेश पवार ने 3डी डिजिटल गेम आर्ट में रजत पदक हासिल किया, जबकि हरियाणा की मुस्कान ने पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग (चित्रकला एवं साज-सज्जा) में कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय प्रतिभागियों ने अन्य कई श्रेणियों में भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का परिचय दिया।केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतियोगियों ने न केवल पदक जीते, बल्कि वैश्विक मानकों और प्रतियोगिता प्रणाली का महत्वपूर्ण अनुभव भी हासिल किया, जिससे शंघाई में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत की तैयारी और मजबूत हुई।भारतीय दल ने 15 प्रतियोगियों और 15 विशेषज्ञों सहित 30 सदस्यीय टीम के साथ 15 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। इनमें 3डी डिजिटल गेम आर्ट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्यूटी थेरेपी, ब्रिकलेइंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, फ्लोरिस्ट्री, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी, हेयरड्रेसिंग, हेल्थ एंड सोशल केयर, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग, रेस्टोरेंट सर्विस, वॉल एंड फ्लोर टाइलिंग और वेब टेक्नोलॉजीज शामिल थीं। वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के प्रारूप पर आधारित ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में प्रतिभागियों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता सूचना प्रणाली के माध्यम से किया गया। इससे भारतीय प्रतियोगियों को प्रतियोगिता के दबाव, अंतरराष्ट्रीय उपकरणों और वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव मिला, जो आगामी वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में भारत की भागीदारी स्किल इंडिया मिशन के व्यापक विजन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल से लैस करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। प्रशिक्षण अवसंरचना, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, उद्योग साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के माध्यम से भारत लगातार अपने कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा है।
- मुंबई. महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सोमवार को कहा कि अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका होगी कि वह अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप में भारत के लिए पारी का आगाज करेंगे। रोहित और विराट कोहली (उपलब्ध होने पर) दोनों भारत के लिए सिर्फ एक प्रारूप में खेलते हैं, वे 14-19 जुलाई तक इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करेंगे। गावस्कर ने कहा कि रोहित जानते हैं कि अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए उनकी स्थिति क्या है। सोनी स्पोर्ट्स द्वारा आयोजित एक बातचीत में गावस्कर ने कहा,''रोहित शर्मा के बारे में कब बात नहीं हुई है? रोहित शर्मा के बारे में हमेशा से बहुत बात होती रही है। '' उन्होंने कहा, ''वह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है। मुझे लगता है कि जाहिर तौर पर अहम लोगों और रोहित शर्मा के बीच साफ तौर पर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ है।वह अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है और विश्व कप तक के अगले डेढ़ साल में उन्हें बस लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है। '' गावस्कर ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी प्रतिभा और काबिलियत के कारण कोई दबाव महसूस करते हैं। इंग्लैंड (दौरा) उनके लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका है कि डेढ़ साल बाद भी वह भारत के लिए पारी का आगाज करते रहेंगे।'' गावस्कर ने कहा कि किसी भी भारतीय खिलाड़ी का आकलन कभी खत्म नहीं होता और सीनियर बल्लेबाजों को पता होता है कि उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा। उन्होंने कहा, ''जब आप पदार्पण करने वाले युवा खिलाड़ी होते हैं, तो आप पर नजर रखी जाती है कि आप अंतरराष्ट्रीय (क्रिकेट के) दबाव को कैसे संभालते हैं, क्या आपमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का मिजाज और काबिलियत है।''उन्होंने कहा, ''भारतीय क्रिकेट में ऐसा होता है कि शुरुआत से ही खिलाड़ियों पर लगातार नजर रखी जाती है और यह दबाव लगभग कभी खत्म नहीं होता। इसलिए इन खिलाड़ियों के लिए यह निगरानी या आलोचना कोई नयी बात नहीं होगी। '' उन्होंने कहा, ''वे जानते हैं कि दबाव को कैसे संभालना है और उन्हें पता है कि एकमात्र तरीका है रन बनाते रहना, जो कैच मिलें उन्हें पकड़ना, रन-आउट करना और साथ ही कप्तान को सलाह देने के लिए तैयार रहना क्योंकि वे खुद कप्तान रह चुके हैं और उनके पास अनुभव है। '' गावस्कर ने कहा कि रोहित और कोहली के मामले में, उनकी शारीरिक क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, जिसे वे दोनों आसानी से संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा, ''जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है और आप 35 साल के पार जाते हैं, तो आपके स्वभाव के बजाय आपकी शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उनके पास जो अनुभव है, उससे वे इसे आसानी से संभाल लेंगे। '' इस बीच गावस्कर ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के समय पर हैरानी जताई।
- नयी दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड में चल रहे टी20 विश्व कप में शीर्ष एशियाई टीम के तौर पर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है जबकि पुरुष टीम को सीधे क्वालीफाई करने के लिए इस साल के आखिर में विश्व रैंकिंग में महाद्वीप की शीर्ष टीम बनना होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को क्वालीफिकेशन मानदंडों की घोषणा की । क्रिकेट ओलंपिक में सौ साल बाद लौट रहा है और पुरूष तथा महिला वर्गों में छह छह टीमें भाग लेंगी । आईसीसी ने कहा, ''ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड), भारत और दक्षिण अफ्रीका ने चल रहे आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में क्रमश: ओशियाना, यूरोप, एशिया और अफ्रीका से शीर्ष रैंकिंग वाली टीम के तौर पर छह टीम वाली महिला स्पर्धा के लिए क्वालीफाई किया है। '' आईसीसी ने कहा, ''मौजूदा वनडे विश्व चैंपियन भारत का भले ही टी20 विश्वड कप का सफर उम्मीद से जल्दी खत्म हो गया लेकिन उसने एशिया का कोटा हासिल किया। '' भारतीय टीम रविवार को अपने आखिरी ग्रुप मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई थी। आईसीसी ने कहा, '' यह टीम किसी एक आईओसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (एनओसी) के बजाय कई कैरेबियाई देशों का प्रतिनिधित्व करती है इसलिए यह सीधे ओलंपिक खेलों में हिस्सा नहीं ले सकती। '' वहीं पुरुषों के लिए अलग-अलग महाद्वीपों से चार कोटा स्थान रैंकिंग से तय होंगे ।आईसीसी ने कहा ,'' आईसीसी पुरूष टी20 टीम रैंकिंग में महाद्वीपों के आधार पर सबसे ऊंची रैंकिंग वाली राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को ये चार कोटा स्थान आवंटित किये जायेंगे ।'' कट आफ की तारीख 31 दिसंबर 2026 रखी गई है ।मेजबान अमेरिका को पुरुष और महिला वर्ग में एक कोटा मिलेगा क्योंकि क्वालीफिकेशन अवधि के दौरान उसने रैंकिंग में 15 या उससे बेहतर स्थान पर रहने के आईसीसी के मानदंडों को पूरा किया है । 'फाइनल ओलंपिक ग्लोबल क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट' महिला और पुरूष वर्ग में अलग से आयोजित किया जायेगा जिसकी तारीखें बाद में तय होंगी । रैंकिंग के आधार पर क्वालीफाई नहीं कर सकी लेकिन पात्रता रखने वाली अगली आठ शीर्ष रैंकिंग वाली टीमें महिला और पुरूष वर्ग में एक स्थान के लिये मुकाबला करेंगी । अगर वेस्टइंडीज उन आठ टीमों में शामिल होती है जिन्होंने अभी तक क्वालीफाई नहीं किया है, तो आईसीसी एक 'वेस्टइंडीज नेशंस रीजनल टूर्नामेंट' आयोजित करेगा। इससे यह तय होगा कि फाइनल क्वालीफायर में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कौन सी एनओसी करेगी । फाइनल क्वालीफायर में महाद्वीपीय प्रतिनिधित्च की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी ।आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि क्वालीफिकेशन प्रक्रिया की घोषणा एक अहम पड़ाव है क्योंकि यह खेल एक सदी बाद ओलंपिक में वापसी कर रहा है और यह क्रिकेट खेलने वाले देशों के लिए दुनिया के सामने खेल को दिखाने का एक शानदार मौका होगा। शाह ने कहा, ''ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की वापसी हमारे खेल के लिए एक ऐतिहासिक पल है और दुनिया के सामने क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का एक जबरदस्त मौका है। इस क्वालीफिकेशन प्रक्रिया की पुष्टि लॉस एंजिलिस 2028 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दुनिया भर के सदस्यों को ओलंपिक मंच तक पहुंचने का एक साफ और रोमांचक रास्ता मिलता है। '' उन्होंने कहा, ''ओलंपिक खेल बहु स्पर्धा खेलों का शिखर हैं और लॉस एंजिलिस 2028 में क्रिकेट को शामिल करने से हर क्षेत्र के खिलाड़ियों और प्रशंसकों को प्रेरणा मिलेगी। यह एक ऐतिहासिक पल है और हमारे सदस्यों के लिए एक बड़ा मौका है क्योंकि हम खेल को आगे बढ़ा रहे हैं और इसे दुनिया भर में नए दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं। ''
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अर्लिंगटन. लियोनेल मेस्सी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया जबकि जियोवानी लो सेल्लो मौजूदा विश्व कप में इस स्टार स्ट्राइकर के अलावा गोल करने वाले अर्जेंटीना के पहले खिलाड़ी बने जिससे मौजूदा चैंपियन ने जॉर्डन को 3-1 से हराकर ग्रुप चरण में तीनों मैच जीतकर क्लीन स्वीप किया। विश्व कप में अपने पहले मैच में खेल रहे लो सेल्सो ने 19वें मिनट में फ्री किक पर गोल करके अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई। मेस्सी ने स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद एक गोल दागा। इस तरह से मेस्सी लगातार सात विश्व कप मैचों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस स्टार स्ट्राइकर ने अपना 19वां गोल करके विश्व कप में सर्वाधिक गोल के अपने रिकार्ड को भी आगे बढ़ाया। मेस्सी ने 80वें मिनट में पेनल्टी बॉक्स के ठीक बाहर फाउल होने के बाद फ्री किक पर गोल किया।
इस टूर्नामेंट में छह गोल के साथ शीर्ष पर चल रहे मेस्सी अर्जेंटीना के उन नौ खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्हें शुरुआती लाइनअप में नहीं रखा गया था क्योंकि उसकी टीम ग्रुप जे में पहले ही पहला स्थान सुनिश्चित कर चुकी थी। मेस्सी ने अपने 39वें जन्मदिन के तीन दिन बाद 60वें मिनट में मैदान पर प्रवेश किया और फिर गोल करने में ज्यादा देर नहीं लगाई। उन्होंने सोमवार को इसी स्टेडियम में विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड तोड़ा था। मेस्सी ने अल्जीरिया और ऑस्ट्रिया के खिलाफ जीत में अर्जेंटीना के सभी पांच गोल किए थे, जिसमें विश्व कप में उनकी पहली हैट्रिक और फिर सोमवार को रिकॉर्ड बनाने वाले मैच में दो गोल शामिल थे। उन्होंने लगातार सात विश्व कप मैचों में गोल किए हैं। इससे पहले 39 वर्षीय मेस्सी फ्रांस के स्ट्राइकर जस्ट फॉन्टेन और ब्राजील के महान खिलाड़ी जैरज़िन्हो के साथ विश्व कप के लगातार छह मैचों में गोल करने वाले केवल तीन खिलाड़ियों में से एक थे। पहले हाफ में, लोटारो मार्टिनेज ने 31वें मिनट में पेनल्टी किक पर गोल करके अर्जेंटीना को 2-0 की बढ़त दिला दी। जॉर्डन की तरफ से एकमात्र गोल मूसा अल्तमारी ने 55वें मिनट में किया। अर्जेंटीना ने अपने पिछले नौ विश्व कप मैचों में सात जीत और दो ड्रॉ हासिल किए हैं। वह शुक्रवार को वह राउंड ऑफ 32 में केप वर्दे के खिलाफ खेलेगा, जो नॉकआउट राउंड में जगह बनाने वाला सबसे छोटा देश है। यह मैच मियामी में खेला जाएगा, जो मेस्सी की मेजर लीग सॉकर टीम का घरेलू मैदान है। -
डबलिन. पैरा बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत ने अंतरराष्ट्री स्तर पर अपना शानदार प्रदर्शन बरकरार रखते हुए ब्रिटिश एंड आयरिश इंटरनेशनल में पुरूषों के एकल एसएल3 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता । भगत ने फाइनल में हमवतन नितेश कुमार को 23 . 21, 21 . 14 से हराया । उन्होंने मिश्रित युगल एसएल3. एसएल5 में मनीषा रामदास के साथ कांस्य पदक हासिल किया ।
तोक्यो पैरालम्पिक चैम्पियन कृष्णा नागर ने मिश्रित युगल एसएच 6 में नित्या श्री के साथ रजत पदक जीता । वहीं पुरूष युगल और एकल में कांस्य पदक हासिल किया . -
पणजी. भारत ने पांचवीं एशिया कप ब्रिज चैम्पियनशिप में तीन रजत और एक कांस्य पदक जीते जबकि हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया और आस्ट्रेलिया ने चार टीम वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया । भारत को टीम वर्गों में रजत और कांस्य पदक मिला जबकि युगल वर्ग में दो रजत पदक मिले । हांगकांग ए, इंडोनेशिया, चीन ए और आस्ट्रेलिया ने पुरूष , महिला, मिश्रित और सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीते । भारत के लिये युगल में सवलीन थडानी और साधना गुप्ता ने जबकि सीनियर वर्ग में सुबीर मजूमदार और सुजीत कुमार भट्टाचार्य ने रजत पदक जीते । भारत की सीनियर बी टीम को भी रजत पदक मिला ।
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भुवनेश्वर. केरल की लंबी कूद की खिलाड़ी एंसी सोजन ने राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैम्पियनशिप में शनिवार को लंबी कूद में अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा । 25 वर्ष की एंसी ने 6 . 88 मीटर की कूद लगाई । पेरिस विश्व चैम्पियनशिप 2003 की पदक विजेता अंजू का रिकॉर्ड 6 . 83 मीटर का था जो उन्होंने 2004 एथेंस ओलंपिक में बनाया था ।
- चेन्नई। सलामी बल्लेबाज तनिष्का शर्मा के शानदार अर्धशतक और जाह्नवी वीरकर तथा मैत्री मनियार की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारत ने बुधवार को यहां अंडर-19 महिला टी20 मुकाबले में श्रीलंका को 11 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और दूसरे ही ओवर में दीक्षा कटरगड्डा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद तनिष्का शर्मा ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए आठ चौकों की मदद से 56 गेंदों में 58 रन बनाए। तनिष्का ने इरा जाधव (21 गेंदों में 26 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। कुमारी पलक ने 18 गेंदों में 21 रन और काश्वी कंडिकुप्पा ने 12 रन का योगदान देकर टीम को 20 ओवर में 6 विकेट पर 134 रन तक पहुंचाया। इसके बाद जाह्नवी (14 रन पर तीन विकेट) और मैत्री (26 रन पर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी ने भारत ने श्रीलंका को 20 ओवर में आठ विकेट 123 रन पर रोक दिया। श्रीलंका के लिए विमोक्षा बालासूर्या ने 52 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 61 रन की शानदार पारी खेली।उन्होंने सलामी जोड़ीदार संजना कविंदी (14) और मनुडी नानायक्कारा (24) के साथ उपयोगी साझेदारियां कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। काश्वी कंडिकुप्पा (24 रन पर एक विकेट) ने सातवें ओवर में संजना को आउट कर भारत को सफलता दिलाई। इसके बाद 16वें ओवर में मैत्री ने मनुडी का विकेट लेकर श्रीलंका का स्कोर दो विकेट पर 95 रन कर दिया। मैत्री ने 18वें ओवर में खतरनाक साबित हो रहीं विमोक्षा बालासूर्या को भी पवेलियन भेज दिया। इसके बाद श्रीलंकाई टीम दबाव में आ गई और लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। तीसरा और अंतिम टी20 मैच शनिवार को खेला जाएगा।
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नयी दिल्ली।'' केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने भरोसा जताया है कि भारतीय तलवारबाज आगामी एशियाई खेलों में पदक जीतने के साथ ही 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर सकते हैं। पूर्व खेल मंत्री रहे रीजीजू ने कहा कि तलवारबाजी खेल में युवाओं को आकर्षित करने की क्षमता है और भारत में इसे अधिक लोकप्रिय बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब वह खेल मंत्री थे, तब उन्होंने तलवारबाजी को प्राथमिकता दी थी। इस खेल में काफी प्रगति हुई है। उन्हें उम्मीद है कि आगामी एशियाई खेलों ( जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक) में भारत के तलवारबाजी में पदक जरूर जीतेगा। रीजीजू ने कहा, "आज हमने एशियाई चैंपियनशिप की मेजबानी की है। भारत भविष्य में विश्व चैंपियनशिप की भी मेजबानी कर सकता है। मुझे लगता है कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारत से दो-चार खिलाड़ी तलवारबाजी में क्वालिफाई करेंगे, क्योंकि वे जिस तरह से अभ्यास और प्रदर्शन कर रहे हैं, वह बहुत उत्साहजनक है।'' उन्होंने कहा कि भारत में इस खेल को लोकप्रिय बनाने की बड़ी संभावना है।
उन्होंने कहा, "भारत में इस चैंपियनशिप की मेजबानी करना बड़ी उपलब्धि है। मुझे बताया गया कि कई भारतीय खिलाड़ी सिर्फ एक या दो अंकों के अंतर पदक जीतने से चूक गये, लेकिन उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।'' रीजीजू ने कहा, '' भविष्य में तलवारबाजी पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि यह बहुत रोचक खेल है। ओलंपिक में इसके 12 स्वर्ण पदक दांव पर होते हैं और इसमें फॉइल, एपी और सेबर जैसी स्पर्धाएं शामिल हैं जो युवाओं को आकर्षित कर सकते हैं और यह खेल और लोकप्रिय होगा।" उन्होंने भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा के एशियाई खेलों की टीम से बाहर किए जाने के मुद्दे पर कहा कि सरकार खेल संघों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती। मनिका बत्रा को चयन मानदंड पूरा नहीं करने के कारण भारतीय टेबल टेनिस महासंघ द्वारा टीम से बाहर किया गया था। उन्होंने खेल मंत्री से चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। रीजीजू ने कहा "हम खिलाड़ियों और खेल के प्रचार की बात कर सकते हैं, लेकिन खेलों के आंतरिक प्रशासन में हम हस्तक्षेप नहीं करते हैं।'' -
सुहल (जर्मनी). भारत के युवा निशानेबाज प्रीतम केंद्रे ने अपने कौशल और एकाग्रता का शानदार नमूना पेश करते हुए रविवार को यहां आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। भारत ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता, जिससे उसके पदकों की कुल संख्या 11 हो गई। इनमें पांच स्वर्ण पदक भी शामिल हैं। अपने दूसरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग ले रहे 16 वर्षीय प्रीतम ने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 251.3 का स्कोर बनाकर तटस्थ खिलाड़ी टिमोफेई एलेनिकॉव और नॉर्वे के जेन्स ओस्टली को पीछे छोड़ते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। पुणे के इस निशानेबाज ने हाल ही में अपनी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की थी। प्रीतम ने कहा, ''मैं स्वर्ण पदक जीत कर बेहद खुश हूं। प्रतियोगिता के दौरान मेरा पूरा ध्यान अपनी तकनीक और प्रत्येक शॉट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर था। उन्होंने कहा, ''विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। मैं 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में लगातार सुधार करना चाहता हूं और देश के लिए लगातार पदक जीतना चाहता हूं।'' प्रीतम और उनके साथी पीयूष शर्मा क्वालीफाइंग राउंड में क्रमशः 628.2 और 629.0 का स्कोर बनाकर क्रमशः तीसरे और पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचे थे। प्रीतम दूसरी सीरीज के बाद छठे स्थान पर थे, जबकि पीयूष ने बढ़त बना ली थी। प्रीतम ने हालांकि इसके बाद अच्छा प्रदर्शन किया। पीयूष ने भी पदक की उम्मीद बनाए रखी थी लेकिन वह चौथे एलिमिनेशन राउंड के बाद शीर्ष तीन में जगह बनाने से सिर्फ 0.1 अंक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। प्रीतम ने इसके बाद भी एकाग्रता बनाए रखी और आखिर में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
भारतीय पुरुष टीम हालांकि रैंकिंग में जगह नहीं बना पाई क्योंकि टीम के तीसरे सदस्य अभिनव साव को अयोग्य घोषित कर दिया गया। उनके उपकरण आईएसएसएफ के मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। भारत ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में अंजलि भागवत, परिशा गुप्ता और निथिला क्रिस्टोफर के संयुक्त प्रयास से कांस्य पदक जीता। इन तीनों ने कुल मिलाकर 1713 अंक बनाए। अंजलि इस स्पर्धा के व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय निशानेबाज थीं। उन्होंने 577 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए क्वालीफाई किया। फाइनल में हालांकि वह छठा स्थान ही हासिल कर पाई। - नयी दिल्ली/ भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली से रविवार को जब पूछा गया कि वह फिर से सफेद जर्सी पहनकर मैदान में लौटना चाहेंगे तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अपने नए लांच किए गए जूतों की बिक्री कम होना पसंद करेंगे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वापसी नहीं करेंगे। पिछले वर्ष टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले कोहली अब केवल एक प्रारूप में ही खेलते हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 9,230 रन बनाए थे। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने नए जूतों की कीमत भी अपने टेस्ट रन के बराबर रखी है। 'वन8 ग्लोबल' के प्रीमियर कार्यक्रम में उनसे मजाक में पूछा गया कि क्या वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी करना चाहेंगे ताकि उनके लाल रंग के जूतों की बिक्री और मुनाफा बढ़ सके। ये जूते टेस्ट क्रिकेट में उनके योगदान और समर्पण से प्रेरित हैं। इस पर कोहली ने हंसते हुए कहा, ''मैं कम बिक्री होना पसंद करूंगा। मैं इससे (टेस्ट क्रिकेट से) आगे बढ़ चुका हूं। '' उनके इस जवाब पर मौजूद लोगों की हंसी छूट गई।इस बातचीत के दौरान कोहली ने अपने 'कभी हार नहीं मानने' वाले रवैये पर भी बात की जिसके साथ वह हमेशा खेलते रहे हैं। अपनी बात समझाते हुए उन्होंने उदाहरण के तौर पर 2022 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न में खेली गई अपनी यादगार मैच जीताने वाली पारी का जिक्र किया। कोहली ने कहा, ''मैं ऐसा ही हूं। मुझे ऐसी स्थितियां पसंद हैं जब लोगों को लगता है कि मैच हाथ से निकल गया है और फिर किसी तरह आप खेल को वापस अपनी तरफ मोड़ लेते हैं। '' उन्होंने कहा, ''बहुत छोटी उम्र से ही मैं परिस्थितियों को इसी नजरिए से देखता आया हूं। और मैंने कभी भी, आखिर तक, यह नहीं माना कि हम मैच हार गए हैं या हम जीत नहीं सकते। और इसी वजह से कई जादुई पल देखने को मिले हैं। '' कोहली ने कहा, ''मेरे लिए जो घटना हमेशा सबसे खास रहेगी, वह मेलबर्न में पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया मैच है। बाद में मुझे बताया गया था कि उस समय हमारी जीत की संभावना लगभग तीन प्रतिशत थी। लेकिन मैंने कभी इस तरह नहीं सोचा। यहां तक कि एक प्रतिशत भी काफी होता है। अगर मौका है, तो मौका है। जब तक मैच वास्तव में हार नहीं जाए, तब तक सब कुछ खत्म नहीं होता। '' कोहली अपने शुरुआती दिनों में अपने आक्रामक और बेबाक रवैये के लिए जाने जाते थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या 18 साल की उम्र वाले कोहली अपनी आज के व्यक्तित्व की किसी खास खूबी को देखकर हैरान होंगे तो उन्होंने कहा, ''शायद वह खुद को इतना शांत कभी सोच भी नहीं सकते थे। उसे शायद उम्मीद होती कि मैं अब भी उतना ही उग्र और जोश से भरा इंसान रहूंगा। '' उन्होंने कहा, ''लेकिन चीजें बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ी हैं। आज हम जो कर रहे हैं और जहां हैं, उसे देखकर मुझे गर्व महसूस होता। मुझे लगता है कि मैं किसी भी कमरे में फक्र से प्रवेश कर सकता हूं। मुझे इस बात की कोई झिझक नहीं होगी कि मैं कौन हूं और क्या करने की कोशिश कर रहा हूं। '' उन्होंने कहा, ''बस अपने विजन और दिल की बात पर भरोसा करना और उसे पूरा विश्वास के साथ निभाना, ये ऐसी बातें हैं जिन पर मुझे गर्व होगा। '' मैदान पर कोहली ने बल्ले से शानदार निरंतरता बनाए रखी है और हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय मुक्केबाजों ने चेक गणराज्य में हुए आमंत्रण 56वीं ग्रां प्री उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक जीते जिनमें आठ स्वर्ण पदक शामिल हैं। पांच सदस्यों वाली महिला टीम ने चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर शानदार शुरुआत की।
ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा) और प्रिया घंघास (60 किग्रा) ने फाइनल में सर्वसम्मति से जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीते। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) ने रजत पदक जीतकर महिला टीम के शानदार प्रदर्शन को पूरा किया।
पुरुष टीम ने भी महिलाओं की तरह सफलता हासिल करते हुए चार स्वर्ण पदक जीते। जादूमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) अपने वर्ग में चैंपियन बने। लवलीना ने फाइनल में इटली की मेलिसा जेमिनी को 5-0 से हराया जबकि प्रीति ने फ्रांस की जेसा मार्सेल को इसी अंतर से मात दी। साक्षी ने फ्रांस की मेसून बौरेग को 5-0 से हराया और प्रिया ने चेक गणराज्य की पसंदीदा खिलाड़ी बारबोरा मैक्सोवा पर शानदार जीत हासिल की। जादूमणि ने फाइनल में इंग्लैंड के अब्दुल बर्टन को 4-1 से हराया जबकि सचिन और अंकुश ने क्रमशः हंगरी के वेरेस रोहलैंड और चेक गणराज्य के फ्लोरियन डेनियल पर 5-0 से बड़ी जीत हासिल की। नरेंद्र ने कड़े मुकाबले वाले हैवीवेट फाइनल में अर्मेनिया के डेविड चालोयन को 3-2 से हराया।
आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) को अपने खिताबी मुकाबलों में करीबी हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि सुमित कुंडू (70 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता। - नई दिल्ली। भारत की मुक्केबाज प्राची की अगुवाई में भारतीय टीम ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2026 (स्टेज-2) में शानदार प्रदर्शन किया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में बेहतरीन जीत दर्ज करते हुए भारतीय मुक्केबाजों ने देश के लिए छह पदक पक्के कर लिए हैं। 57 किग्रा वर्ग में प्राची ने पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपे की शिह यी वू को कड़े मुकाबले में 4-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। यह भारतीय दल की सबसे उल्लेखनीय जीतों में से एक रही। 48 किग्रा वर्ग की दुनिया की नंबर-1 महिला मुक्केबाज मीनाक्षी इस प्रतियोगिता में 51 किग्रा वर्ग में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कजाकिस्तान की अलुआ बाल्किबेकोवा को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह दिन की सबसे प्रभावशाली जीतों में शामिल रही।पुरुष वर्ग में दीपक (70 किग्रा) ने संयमित प्रदर्शन करते हुए अजरबैजान के नबी इस्गांडारोव को 5-0 से शिकस्त दी। वहीं, निखिल (55 किग्रा) ने भी अजरबैजान के अमीन मम्मादजादा को 5-0 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। इन नतीजों के साथ भारत के छह पदक सुनिश्चित हो गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय मुक्केबाजों की लगातार बढ़ती ताकत को दर्शाता है।65 किग्रा वर्ग में सनेह ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन पोलैंड की किंगा क्रोवका के खिलाफ 0-5 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। इससे पहले चौथे दिन के मुकाबलों में अभिनाश जामवाल (65 किग्रा) को किर्गिस्तान के मिर्जोखिद इमामनाजरोव के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ उनका अभियान भी समाप्त हो गया।भारतीय टीम का लगातार शानदार प्रदर्शन यह दर्शाता है कि उसके पास विभिन्न भार वर्गों में मजबूत प्रतिभा मौजूद है। कई मुक्केबाजों के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद अब टीम की नजर फाइनल में जगह बनाने और स्वर्ण पदक जीतने पर होगी। गुरुवार को प्रतियोगिता के चौथे दिन मीनाक्षी ने 51 किग्रा वर्ग में पोलैंड की नतालिया कुक्जेवस्का को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में भी दमदार जीत दर्ज कर पदक सुनिश्चित किया।
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गुआंगडोंग (चीन). भारत ने बृहस्पतिवार को यहां विश्व टीम स्नूकर चैंपियनशिप में दबदबा बनाते हुए गत चैंपियन हांगकांग चीन को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारत ने सात साल पहले म्यांमा में चैंपियनशिप जीती थी और अब शनिवार सुबह को होने वाले फाइनल में उसका सामना मेजबान चीन 'ए' और कोरिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। युगल मुकाबले में थोड़ी परेशानी के बावजूद पंकज आडवाणी और आदित्य मेहता जीत गए। आडवाणी ने चेयुंग का वाई को 74-1 से और आदित्य मेहता ने वांग युचेन को 67-9 से पछाड़ा। भारतीय जोड़ी को युचेन और वान नानसेन सिन मान से 59-68 से हार मिली। लेकिन आडवाणी ने युचेन को 74-0 से पराजित किया।
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रॉटरडम. मनप्रीत सिंह ने अपना 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर सबसे अधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड बनाया, जबकि भारत ने यहां एफआईएच हॉकी प्रो लीग के अपने दूसरे मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को 3-1 से हराया। भारत की ओर से मनदीप सिंह (सातवें), शिलानंद लाकड़ा (13वें) और नीलकांत शर्मा (35वें) ने एक-एक गोल दागा, जबकि जर्मनी की तरफ से एकमात्र गोल राफेल हार्टकॉफ (45वें) ने किया। भारतीय मिडफील्डर हार्दिक सिंह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
भारत ने अच्छी शुरुआत की और शुरू से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा जिसका फायदा उसे सातवें मिनट में मिला जब मनदीप ने गोल करके टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। लाकड़ा ने पहला क्वार्टर खत्म होने से पहले ही शानदार शॉट लगाकर जर्मन गोलकीपर अलेक्जेंडर स्टैडलर को हतप्रभ किया और भारत को 2-0 से आगे कर दिया। दूसरे क्वार्टर में जर्मनी ने भारत के हाफ में घुसने की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने दमदार खेल का नजारा पेश किया। जर्मनी को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन पहला अमित रोहिदास ने बचा दिया और दूसरा गोलकीपर मोहित ने नाकाम कर दिया, जिससे भारत की बढ़त बरकरार रही। भारत ने तब अपनी बढ़त को 3-0 तक कर दिया जब नीलकांत ने अकेले ही दौड़ते हुए जर्मन डिफेंडरों को पछाड़कर गेंद को गोल में डाल दिया। तीसरे क्वार्टर में महज 20 सेकंड शेष रहते हुए हार्टकोफ ने 45वें मिनट में अपनी टीम के लिए पहला गोल दागा। जर्मनी की टीम ने इसके बाद आक्रामक रवैया अपनाया और चौथे क्वार्टर में लगातार हमले किए लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उन्हें नाकाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। -
लखनऊ/ कप्तान शुभमन गिल और इशान किशन के शतक के बाद अर्शदीप सिंह की अगुआई में तेज गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बुधवार को यहां अफगानिस्तान को 170 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली। भारत के 403 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करे हुए अफगानिस्तन की टीम अर्शदीप (45 रन पर तीन विकेट), गुरनूर बरार (60 रन पर तीन विकेट) और प्रिंस यादव (56 रन पर दो विकेट) की तेज गेंदबाजी तिकड़ी के सामने कभी लक्ष्य के करीब पहुंचने की स्थिति में भी नहीं दिखी और अंतत: 44.3 ओवर में 232 रन पर सिमट गई। अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने 89 गेंद में आठ चौकों से सर्वाधिक 79 रन बनाए जबकि सेदिकुल्लाह अटल (42) और रहमानुल्लाह गुरबाज (41) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। गिल ने बेहद गर्मी और पैर में जकड़न के बावजूद 154 रन की शानदार पारी खेली जबकि इशान किशन ने एकदिवसीय शतक के तीन साल के इंतजार को खत्म करते हुए 125 रन बनाए जिससे भारत ने 402 रन का स्कोर खड़ा किया। टीम हालांकि 49.5 ओवर में सिमट गई। गिल और किशन ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 141 गेंद में 224 रन की तूफानी साझेदारी करके भारत के मजबूत स्कोर की नींव रखी। गिल ने 110 गेंद की अपनी पारी में 22 चौके और दो छक्के मारे जबकि किशन ने 79 गेंद का सामना करते हुए 14 चौके और सात छक्के जड़े। अफगानिस्तान की ओर से नांगेयालिया खरोटे (76 रन पर चार विकेट) और राशिद खान (48 रन पर तीन विकेट) की स्पिन जोड़ी ने सात मिलकर सात विकेट चटकाकर मेहमान टीम को अंतिम ओवरों में वापसी दिलाने की कोशिश की। लक्ष्य का पीछा करने उतरे अफगानिस्तान को पिछले मैच के शतकवीर रहमानुल्लाह गुरबाज ने 33 गेंद में 41 रन की पारी खेलकर एक बार फिर तेज शुरुआत दिलाई। गुरबाज सातवें ओवर में भाग्यशाली रहे जब पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की गेंद को हवा में लहराकर अर्शदीप सिंह को कैच बैठे लेकिन यह नोबॉल हो गई। गुरबाज हालांकि जीवनदान का फायदा नहीं उठा सके और अगले ओवर में गुरनूर बरार की गेंद पर विकेटकीपर लोकेश राहुल को कैच दे बैठे। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का मारा। गुरबाज के आउट होने के बाद रन गति में गिरावट आई और दबाव के बीच सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान (21) अर्शदीप की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में प्रिंस के हाथों लपके गए। बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव और ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर ने बीच के ओवरों में रन गति में अंकुश लगाया। अफगानिस्तान के रनों का शतक 20वें ओवर में पूरा हुआ।
सेदिकुल्लाह ने धीमी शुरुआत के बाद वाशिंगटन पर चौका और कुलदीप पर छक्का जड़ा। उन्होंने गुरनूर पर भी चौका मारा लेकिन फिर वाशिंगटन की सीधी गेंद को चूककर पगबाधा हो गए। कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (04) भी गुरनूर की गेंद को विकेटों पर खेल बैठे।
रहमत शाह ने इसके बाद मोर्चा संभाला। उन्होंने गुरनूर और वाशिंगटन पर चौके जड़ने के अलावा प्रिंस पर भी लगातार दो चौके मारे। प्रिंस ने खरोटे (06) को बोल्ड करके अपना एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विकेटों का खाता खोला।
राशिद (12) ने आते ही प्रिंस पर दो चौके मारे लेकिन अर्शदीप की गेंद पर थर्ड मैन पर रोहित को कैच दे बैठे। अर्शदीप ने अगले ओवर में अल्लाह गजनफर (01) को भी आउट किया।
रहमत ने इससे पहले कुलदीप की गेंद पर एक रन के साथ 52 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।
अफगानिस्तान के रनों का दोहरा शतक 37वें ओवर में पूरा हुआ।
गुरनूर ने मोहम्मद सलीम (09) को बोल्ड करके अपना तीसरा विकेट हासिल किया जबकि प्रिंस ने रहमत को आउट करके अफगानिस्तान की पारी का अंत किया। दार्विश रसूली (06) रिटायर्ड हर्ट हुए। इससे पहले भारत ने अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले अपने प्रयोगों को जारी रखते हुए रोहित शर्मा (48) के साथ पारी का आगाज करने के लिए यशस्वी जायसवाल (04) को उतारा। बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज जायसवाल इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और दूसरे ही ओवर में मोहम्मद सलीम की गेंद पर खरोटे को कैच दे बैठे। रोहित ने अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाई। पूर्व कप्तान गेंद को बहुत अच्छे से मारे रहे थे और बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहे थे लेकिन राशिद खान (48 रन पर तीन विकेट) की गुगली ने उन्हें चकमा दे दिया और गेंद उनके बल्ले के अंदरूनी हिस्से से लगकर विकेटों से जा टकराई। गिल और किशन ने इसके बाद पारी को संभाला। दोनों ने सटीक और बेहतरीन स्ट्रोक खेले जिससे मुश्किल हालात के बावजूद बल्लेबाजी बहुत आसान लग रही थी। गिल ने बिलाल सामी पर शानदार ड्राइव से चौका लगाते हुए 77 गेंद में अपना नौवां एकदिवसीय शतक पूरा किया जो कप्तान के रूप में उनका पहला शतक है। किशन ने भी इसी ओवर में लगातार तीन चौकों के साथ 71 गेंद में अपना दूसरा शतक जड़ा। उन्होंने पिछला शतक दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ दोहरे शतक के रूप में बनाया था। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की पारी में ताकत और नए तरह के शॉट की झलक दिखी। उन्होंने कुछ शानदार पुल शॉट खेले। किशन ने अपना दूसरा अर्धशतक सिर्फ 19 गेंद में पूरा किया। वह 37वें ओवर में खरोटे (76 रन पर चार विकेट) की गेंद पर लगातार दो छक्कों के बाद अगली गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में स्थानापन्न खिलाड़ी इकराम अलीखिल को कैच दे बैठे। शतक के करीब पहुंचते-पहुंचते भीषण गर्मी का असर गिल पर दिखने लगा। भारतीय कप्तान को 34वें ओवर के बाद पीठ के इलाज की जरूरत पड़ी और वह काफी थके हुए लग रहे थे। गिल की शानदार पारी का अंत निराशाजनक तरीके से हुआ जब वह खरोटे की गेंद को रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में दार्विश रसूली को कैच दे बैठे। गिल के आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। टीम ने अगली ही गेंद पर लोकेश राहुल (00) का विकेट गंवाया जबकि श्रेयस अय्यर (26) अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। अफगानिस्तान ने आखिरी चरण में कुछ हद तक वापसी की जब भारत ने आखिरी 10 ओवर में सात विकेट गंवाए। -
कंसास सिटी. लियोनेल मेस्सी की पहली विश्व कप हैट्रिक के दम पर गत चैम्पियन अर्जेंटीना ने ग्रुप चरण के पहले मैच में अल्जीरिया को 3 . 0 से हरा दिया । अब मेस्सी के 16 विश्व कप गोल हो गए हैं जिससे वह जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोसे के साथ सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में बराबरी पर आ गए हैं । इंटर मियामी के अपने साथी रौद्रिगो डि पॉल के पास के दम पर मेस्सी ने शुरूआती मिनटों में पहला गोल दागा । दूसरा गोल दूसरे हाफ की शुरूआत में किया और तीसरा आखिरी मिनटों में दागा जिसके बाद दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया । अर्जेंटीना के लिये सर्बिया और मोंटेनीग्रो के खिलाफ विश्व कप में पदार्पण के 20 साल बाद मेस्सी ने यह गोल दागा है । उन्होंने तब अपने पहले विश्व कप मैच में भी गोल किया था । पिछली बार कतर में हुए विश्व कप में अर्जेंटीना को पहले मैच में सउदी अरब ने हराया था लेकिन उसके बाद अपने अभियान को ढर्रे पर लाकर तीसरा विश्व खिताब जीता । अगले सप्ताह 39 वर्ष के होने जा रहे मेस्सी के खेल को देखकर कहीं नहीं लगा कि टूर्नामेंट से पहले वह जांघ की मांसपेशी में चोट से जूझ रहे थे । उनके नाम और भी गोल हो सकते थे लेकिन एक आफ साइड हो गया और दूसरा शॉट क्रॉसबार से टकरा गया । अब अर्जेंटीना का सामना सोमवार को आस्ट्रिया से और 27 जून को जोर्डन से होगा । वहीं अल्जीरिया सोमवार को जोर्डन से और 27 जून को आस्ट्रिया से खेलेगा ।
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नयी दिल्ली/ ओेलंपियन सी ए भवानी देवी यहां 19 से 24 जून तक होने वाली सीनियर एशियाई तलवारबाजी चैम्पियनशिप में भारत की 24 सदस्यीय टीम का हिस्सा होगी । भारतीय टीम में 12 पुरूष और 12 महिला खिलाड़ी हैं । चैम्पियनशिप में 30 से अधिक देशों के 400 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे और यह जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका होगा । भवानी देवी ने कहा ,''इतने बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी करना भारतीय तलवारबाजी के लिये काफी महत्वपूर्ण है । घरेलू दर्शकों के सामने खेलना फख्र की बात है और इससे खेल की लोकप्रियता भी बढेगी ।'' प्रतिस्पर्धा फॉइल, एपी और साबरे श्रेणियों में खेली जायेगी ।
भारतीय टीम :
महिला :
फॉइल : जॉयज अशिता स्टालिनराज, नाओरेम मीना देवी, सोनिया देवी
एपी : तनिष्का खत्री, प्राची लोहान, मितवा चौधरी
साबरे : सीए भवानी देवी, श्रेया गुप्ता, जेफरलिन जानी सिमला, श्रुति जोशी
पुरूष :
फॉइल : सचिन हरियाणा, सनासम हेमाश सिंह, आदित्य हरियाणा , तेजस मनोज पाटिल
एपी : श्रेजिन राजेंद्रन एस, जोसेफ बेनेट, शौर्य अश्विनी, ए कूवाक्कल जोशी
साबरे : करण सिंह, जी निधि कुमारेश पद्मा, विशाल थापर और लक्ष्य बडसेर ।
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अंताल्या. भारतीय रिकर्व तीरंदाजों की नयी पीढ़ी ने रविवार को तीरंदाजी की दिग्गज टीम दक्षिण कोरिया को एक ही दिन में दो बार हराकर यहां तीरंदाजी विश्व कप के तीसरे चरण में ऐतिहासिक रूप से दो स्वर्ण पदक जीते और शानदार अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। पेरिस ओलंपियन धीरज बोम्मादेवरा इस अभियान के स्टार बनकर उभरे। उन्होंने पहले 17 साल की कुमकुम मोहोद के साथ मिलकर रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल में ओलंपिक चैंपियन को हराकर उलटफेर किया और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता दक्षिण कोरिया के ली वू सियोक को रोमांचक फाइनल में 7-3 से हराकर अपना पहला व्यक्तिगत तीरंदाजी विश्व कप स्वर्ण पदक जीता। इस तरह उन्होंने यादगार 'स्वर्णिम डबल' पूरा किया। यह पहला मौका था जब भारत ने रिकर्व तीरंदाजी में अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी मानी जाने वाली दक्षिण कोरिया को हराकर एक ही विश्व कप चरण में दो स्वर्ण पदक जीते। इस प्रदर्शन की बदौलत भारत पदक तालिका में चीन (तीन स्वर्ण, एक कांस्य) के बाद दूसरे स्थान पर रहा जबकि कोरिया चौथे स्थान (1-2-1) पर खिसक गया। मेक्सिको तीसरे स्थान पर रहा। इन दो जीत ने रिकर्व स्पर्धा में भारत की वापसी को भी दिखाया जिसमें उसने लगातार विश्व कप में दो बार कोरियाई खिलाड़ियों को हराया है। पिछले महीने शंघाई विश्व कप में दीपिका कुमारी, कुमकुम और अंकिता भकत की महिला तिकड़ी ने सेमीफाइनल में रिकॉर्ड 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को चौंकाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। चौबीस वर्षीय धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम ने रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल में किम जे देओक और ओह ये जिन को 5-1 (37-36, 37-36, 39-39) से हराया। उन्होंने दुनिया की सबसे कामयाब जोड़ियों में से एक के खिलाफ गजब का संयम और जज्बा दिखाया। धीरज और 17 साल की कुमकुम पर कोरियाई टीम के खिलाफ खेलने का कोई दबाव नहीं दिखा। कोरियाई टीम में किम शामिल थे जो तोक्यो ओलंपिक में आन सान के साथ मिश्रित टीम स्वर्ण पदक विजेता के अलावा पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली दक्षिण कोरियाई पुरुष टीम के सदस्य भी रहे हैं। धीरज और मौजूदा सत्र में विश्व कप में पदार्पण करने वाली कुमकुम ने पूरे मुकाबले में धैर्य बनाए रखा। उन्होंने कोरियाई खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी और दबाव में निर्णायक निशाने लगाए। पेरिस ओलंपियन और दुनिया के 16वें नंबर के तीरंदाज धीरज ने मुकाबले के आखिरी तीर पर परफेक्ट 10 के स्कोर से भारतीय जोड़ी की जीत सुनिश्चित की। कुल मिलाकर दोनों ने तीन-तीन बार 10 का स्कोर किया। कुमकुम ने तीन बार नौ अंक भी जुटाए जबकि धीरज ने दो बार नौ और एक बार आठ अंक पर निशाना लगाया। दोनों तीरंदाजों का यह विश्व कप मिश्रित टीम स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक है।
वर्ष 2024 में अंकिता भकत और 2025 में भजन कौर के साथ र्मिश्रित टीम कांस्य पदक जीतने वाले धीरज ने अंतत: स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कुमकुम ने लगातार दूसरी बार विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता। वह शंघाई में जीत हासिल करने वाली भारत की महिला रिकर्व टीम का हिस्सा थीं और चीन के खिलाफ शूट ऑफ में जीत दिलाने वाला तीर चलाया था। संयोग से विश्व कप चरण में पर भारत का पिछला रिकर्व मिश्रित टीम स्वर्ण भी 2022 में अंताल्या में ही आया था जब रिद्धि फोर और तरुणदीप राय ने शूट ऑफ में ग्रेट ब्रिटेन की ब्रायोनी पिटमैन और एलेक्स वाइज को हराया था। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने अच्छी शुरुआत की जब दिग्गज किम ने सिर्फ सात और ओह ने नौ अंक हासिल किए। कोरिया ने शुरुआती दो तीर से 16 अंक बनाए। कुमकुम ने नौ अंक से शुरुआत की और धीरज ने आठ अंक बनाए। दूसरे प्रयास में किम के 10 और ओह ने नौ अंक के साथ वापसी करते हुए कुल स्कोर 35 अंक किया। इसके बाद कुमकुम ने नौ और धीरज ने 10 अंक हासिल किए जिससे उनका स्कोर 36 हो गया।
बाद में हुई माप में कुमकुम के तीर के अंक नौ से बढ़कर 10 हो गए जबकि किम के शुरुआती तीर के अंक आठ कर दिए गए जिससे भारत ने 37-36 से सेट जीत लिया और 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे सेट में कोरियाई टीम दो बार नौ अंक से शुरुआत की जबकि भारतीय तीरंदाजों ने भी दो बार नौ अंक से 18 अंक जुटाए। किम ने दूसरे प्रयास में भी नौ अंक हासिल किए जबकि ओह ने भी इतने ही अंक के साथ कुल स्कोर 36 हो गया।
इसके बाद कुमकुम ने नौ अंक हासिल किए जिससे धीरज को सेट जीतने के लिए परफेक्ट 10 अंक की जरूरत थी। सेना के तीरंदाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अधिकतम अंक जुटाए जिससे भारत ने दूसरे सेट 37-36 से जीतकर बढ़त 4-0 कर दी। स्वर्ण पदक पक्का करने के लिए भारत को सिर्फ एक सेट ड्रॉ कराने की जरूरत थी।
तीसरे सेट में किम और ओह ने दो बार 10 अंक हासिल करके अच्छी शुरुआत की जबकि कुमकुम ने 10 और धीरज ने नौ अंक जुटाए। किम ने दूसरे प्रयास में फिर से 10 का स्कोर किया लेकिन ओह नौ अंक ही जुटा सकीं जिससे कोरिया का कुल स्कोर 39 रहा। भारत का स्कोर पहले दो तीर के बाद 19 था लेकिन दबाव के बावजूद कुमकुम ने 10 का स्कोर किया और ऐसा लगा कि धीरज का तीर नौ अंक पर लगा लेकिन जांच के बाद उसे 10 अंक कर दिया गया और भारत ने 39-39 के स्कोर के साथ सेट बराबर करके खिताब जीत लिया। इस बीच कुमकुम ने लगातार दूसरा विश्व कप स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले पिछले महीने शंघाई में उन्होंने भारत को महिला टीम का खिताब दिलाने में मदद की थी जिसमें उन्होंने चीन के खिलाफ शूट-ऑफ में जीत दिलाने वाला तीर चलाया था। कुमकुम ने कहा कि उन्होंने विरोधी के बजाय प्रक्रिया पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, ''मुझे खुद पर पूरा भरोसा था। मैंने बस प्रक्रिया पर ध्यान दिया और इस बारे में नहीं सोचा कि मेरे सामने कौन खड़ा है।'' कुमकुम ने कहा, ''मुझे लगता है कि मैंने शंघाई की तुलना में आज बेहतर निशाने लगाए लेकिन निश्चित रूप से वहां मिले स्वर्ण पदक ने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया।'' अपनी युवा साथी के बारे में धीरज ने कहा, ''सच कहूं तो जब मैं उसके साथ खेलता हूं तो उससे बहुत कुछ सीखता हूं।'' उन्होंने कहा, ''मैं अपना अनुभव तो साझा करता ही हूं लेकिन उसके निडर रवैये से और भी अधिक सीखता हूं। वह इस सोच के साथ निशाना लगाती है कि सामने कौन है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।'' धीरज ने कहा, ''हमारा टीम मंत्र है - 'जब तक खेल खत्म नहीं हो जाए तब तक हार नहीं माननी चाहिए।' हमने आखिरी तीर तक संघर्ष किया। हम आगे थे या पीछे इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। हमने सिर्फ उन चीजों पर ध्यान दिया जो जरूरी थीं। यह पूरी तरह से टीम के बीच तालमेल की बात थी।'' फिर कुछ घंटों बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में दुनिया में 18वें नंबर के भारतीय सेना के तीरंदाज धीरज ने बेहतर रैंकिंग वाले कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ शांत रहकर शानदार प्रदर्शन किया और अपने करियर का सबसे अहम दिन यादगार बनाया। धीरज ने शुरुआती दो सेट 30-29 और 29-28 से जीतकर 5-1 की बढ़त बना ली जबकि तीसरा सेट 27-27 से बराबरी पर छूटा। चौथे सेट में ली ने वापसी की। उन्होंने दो बार 10 और एक बार 9 का स्कोर करके सेट 29-27 से जीता जबकि धीरज परफेक्ट स्कोर नहीं बना पाए जिससे अंतर कम होकर 3-5 हो गया। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय नहीं बिगड़ने दी। 5-3 की बढ़त के साथ धीरज ने शानदार फाइनल सेट खेलकर मुकाबला अपने नाम किया। उन्होंने लगातार तीन बार 10 (जिसमें एक 'एक्स' भी शामिल था) का स्कोर करके स्वर्ण पदक पक्का किया। यह स्वर्ण पदक इसलिए भी खास था क्योंकि इसने विश्व कप स्वर्ण पदक मैच में किसी कोरियाई खिलाड़ी को हराने के लिए भारतीय रिकर्व तीरंदाज के 14 साल के इंतजार को खत्म कर दिया। इससे पहले 2012 में अंताल्या में दीपिका कुमारी ने यह कारनामा किया था।
धीरज ने जर्मनी के मोरित्ज वीजर को कड़े मुक़ाबले वाले सेमीफाइनल में 6-4 से हराकर शानदार वापसी की।
धीरज पहला सेट 26-27 से हार गए। अगले दो सेट 28-28 से बराबरी पर छूटे, जिससे तीन सेट के बाद भारतीय खिलाड़ी 2-4 से पीछे हो गया। अब धीरज पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने तीन बार 10 का स्कोर करके चौथा सेट 30-27 से जीता और स्कोर 4-4 से बराबर कर लिया। फैसले वाले सेट में दबाव के बीच वीजर का दूसरा तीर भटककर पांच पर लगा। हालांकि धीरज ने अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने 9, 10 और 9 का स्कोर करके सेट 28-23 से जीता और अपना पहला विश्व कप फाइनल पक्का किया। वहीं इस प्रदर्शन ने कंपाउंड टीम के बदलते हाल को भी दिखाया। हाल के समय में ऐसा पहली बार हुआ है जब वे बिना किसी पदक के लौटे हैं जबकि पिछले कुछ सत्र में इस स्पर्धा में उनका दबदबा रहा था। भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने मेक्सिको के पुएब्ला में सत्र के पहले विश्व कप में महिलाओं की टीम स्वर्ण पदक जीता था और पिछले महीने शंघाई में साहिल जाधव ने कांस्य पदक हासिल किया था। जिस टीम ने हांग्झोउ एशियाई खेलों में कंपाउंड के सभी पांच स्वर्ण पदक जीते थे, उसके नतीजों में आई गिरावट को नजरअंदाज़ करना मुश्किल होता जा रहा है, खासकर तब जब तीन महीने से भी कम समय में आइची-नागोया एशियाई खेल होने वाले हैं। कोच राहुल बनर्जी ने कहा, ''कंपाउंड तीरंदाजों के लिए यह वाकई चिंता की बात है। यह अजीब बात है कि जब रिकर्व का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है, तो कंपाउंड में गिरावट दिख रही है। हमने 2008-2012 के दौरान भी कुछ ऐसा ही देखा था जब रिकर्व का दबदबा था। बाद में कंपाउंड का दबदबा शुरू हुआ। हमें कोई रास्ता निकालना होगा। सही योजना की जरूरत है। ''




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