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- पेरिस. यानिक सिनर पेरिस मास्टर्स का खिताब जीतने के बाद फिर से दुनिया के नंबर एक पुरुष टेनिस खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने फाइनल में फेलिक्स ऑगर अलियासिमे को 6-4, 7-6 (4) से हराया। इटली के चार बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन सिनर ने छह बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन कार्लोस अल्काराज़ की जगह शीर्ष स्थान हासिल किया है। सिनर ने फाइनल में ब्रेक प्वाइंट का एक भी मौका नहीं गंवाया और एक भी सेट गंवाए बिना टूर्नामेंट जीता। सिनर ने कहा, ‘‘पिछले कुछ महीने शानदार रहे हैं। मैंने एक खिलाड़ी के तौर पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश की और इस तरह का नतीजा देखकर मुझे बेहद खुशी होती है। यह साल शानदार रहा।''
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नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को भारत महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर को 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि देने का ऐलान किया। शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र की रहने वाली रेणुका ठाकुर विश्व चैंपियन भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने खिताब जीतने पर रेणुका ठाकुर से फोन पर बात की। इसके साथ ही उन्होंने पूरी भारतीय टीम को अपना पहला विश्व कप जीतकर इतिहास रचने के लिए बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य को रेणुका ठाकुर की उपलब्धि पर गर्व है, जिन्होंने विश्व स्तर पर हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।” इसी के साथ मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अन्य लड़कियां अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रेणुका से प्रेरणा लेंगी।परसा गांव की रहने वाली रेणुका के परिवार ने भारत की ऐतिहासिक विश्व कप जीत का जमकर जश्न मनाया। रेणुका की मां सुनीता ठाकुर बेटी की उपलब्धि से उत्साहित नजर आईं। उन्होंने बताया कि रेणुका बचपन में कपड़े से बनी गेंद से खेलती थीं।सुनीता ठाकुर ने कहा, “ईश्वर सभी को रेणुका जैसी बेटी दे। हम सभी माता-पिता से कहना चाहते हैं कि अगर आपकी बेटियां आगे बढ़ना चाहती हैं, तो उन्हें कभी पीछे न खींचे। उनका साथ दें, उन्हें प्रोत्साहित करें।”क्रिकेटर के भाई विनोद ठाकुर ने कहा, “मुझे अपनी बहन पर गर्व है। हमने पूरा मैच देखा। उनकी गेंदबाजी और विकेट हासिल करने की क्षमता असाधारण थी। हमने उन्हें फोन पर बधाई दी है।” भारत ने रविवार को नवी मुंबई में खेले गए फाइनल मैच को 52 रन से अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 7 विकेट खोकर 298 रन बनाए। इसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट (101) की शतकीय पारी के बावजूद 45.3 ओवरों में महज 246 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने सर्वाधिक 5 विकेट हासिल किए।सोमवार को हुई : -
चक दे इंडिया के कबीर खान की याद दिलाते हैं अमोल मजूमदार
नयी दिल्ली/ लगभग पांच दशक के इंतजार के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जब पहली बार विश्व कप थामा तो खिलाड़ियों के साथ पूरा देश खुशी से झूम उठा लेकिन वहीं मैदान पर खड़े एक इंसान की आंखों में आंसू, चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ संतोष का भाव था मानो यह जीत कई पुराने जख्मों पर मरहम लगा गई । यह थे भारतीय महिला टीम के कोच अमोल मजूमदार । घरेलू क्रिकेट में 20 सत्र और 11000 से अधिक प्रथम श्रेणी रन बनाने के बावजूद भारत की जर्सी पहनने का उनका सपना अधूरा ही रहा । बतौर खिलाड़ी कई बार दिल टूटा , कई मलाल रह गए लेकिन इस जीत ने उनके सफर को मुकम्मिल कर दिया । कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जीत के बाद ‘गुरू' मजूमदार के पैर छूए और गले लगकर रो पड़ी तो टीवी के आगे नजरे गड़ाये जीत का जश्न देख रहे हर क्रिकेटप्रेमी की आंख भी भर आई । इसी महीने अपना 51वां जन्मदिन मनाने जा रहे मजूमदार की कहानी शाहरूख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया' के हॉकी कोच कबीर खान की याद दिलाती है जो हर कयास को गलत साबित करके टीम को विश्व कप दिलाता है और यह जीत उसके अतीत के कई घावों पर मरहम भी लगा जाती है । जीत मिलने के बाद वह जश्न के बीच अपने भीतर जज्बात के तूफान को समेटने की कोशिश करता नजर आता है लेकिन चेहरे पर सुकून साफ दिखाई देता है । मजूमदार ने फाइनल में जीत के बाद कहा, ‘‘ मैंं उनसे (भारतीय खिलाड़ियों) यही कहता था कि हम हार नहीं रहे हैं। बस उस बाधा को पार करने से चूक जा रहे हैं। हम उन तीनों मैचों (लीग चरण में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ मैच) में काफी प्रतिस्पर्धी रहे और ये सभी मैच काफी करीबी थे।'' दो साल पहले टीम के कोच बने मजूमदार की नजरें हमेशा से इस विश्व कप पर थी लेकिन तब यह असंभव सा लग रहा था क्योंकि भारतीय महिला क्रिकेट कठिन दौर से गुजर रहा था । खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं थी लेकिन नतीजे नहीं मिल रहे थे। पिछले पांच साल में रमेश पोवार, डब्ल्यू वी रमन और फिर पोवार कोच रह चुके थे । रमन के कार्यकाल में भारत आस्ट्रेलिया में 2020 में टी20 विश्व कप के फाइनल में जरूर पहुंचा लेकिन उसके अलावा वैश्विक स्पर्धाओं में निराशा ही हाथ लगी । यही नहीं टीम के भीतर गुटबाजी, विश्वास की कमी और अनुशासनहीनता की भी खबरें गाहे बगाहे आ रही थी । मजूमदार के आने से पहले करीब दस महीने तक भारतीय टीम के पास पूर्णकालिक कोच नहीं था । पोवार को दिसंबर 2022 में हटा दिया गया था और बीच में रिषिकेश कानिटकर तथा नूशीन अल कादिर अंतरिम तौर पर काम देख रहे थे । सबसे पहले उन्होंने अपनी टीम का भरोसा जीता । सभी खिलाड़ियों से स्पष्ट संवाद रखा । अच्छे प्रदर्शन पर पीठ थपथपाई तो बुरे दौर में साथ खड़े दिखे । आलोचनाओं के बीच अपने खिलाड़ियों के लिये ढाल बनकर खड़े नजर आये और यहीं से नींव पड़ी विश्वास के ऐसे रिश्ते की जिसकी परिणिति विश्व कप ट्रॉफी के रूप में ‘गुरूदक्षिणा' के साथ हुई । पूरे टूर्नामेंट में टीम एकजुट नजर आई । खिलाड़ी एक दूसरे की सफलता का जश्न मनाते और कठिन दौर में एक दूसरे का सहारा बने दिखे । एक चैम्पियन टीम बनने के लिये आखिर पहली शर्त को यही होती है । बतौर खिलाड़ी भी मजूमदार ने अपने हुनर का लोहा मनवाया था । नब्बे के दशक में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय अंडर 19 टीम के उपकप्तान रहे मजूमदार को ‘नया तेंदुलकर' कहा जाने लगा था । तेंदुलकर की ही तरह शारदाश्रम स्कूल में रमाकांत आचरेकर के शिष्य रहे मजूमदार ने 1994 . 95 में भारत ए के लिये राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के साथ खेला । लेकिन भारत के लिये खेलने का सपना पूरा नहीं हो सका जबकि उनके समकालीन तेंदुलकर, द्रविड़ और गांगुली भारतीय क्रिकेट के लीजैंड बन गए । मुंबई टीम के दिग्गजों में से रहे मजूमदार बाद में वह असम और आंध्र के लिये भी खेले । मुंबई के लिये 1993 . 94 रणजी सत्र में पदार्पण करने वाले मजूमदार ने हरियाणा के खिलाफ 260 रन बनाये थे जो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण पर सबसे बड़ी पारी का विश्व रिकॉर्ड था । बाद में इसे 2018 में अजय रोहेरा ने तोड़ा । मुंबई टीम के मुख्य कोच रह चुके मजूमदार राजस्थान रॉयल्स, भारत की अंडर 19 और अंडर 23 टीमों , नीदरलैंड क्रिकेट टीम और भारत दौरे पर दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच रह चुके हैं । कोच कबीर खान ने विश्व कप फाइनल मुकाबले से पहले मशहूर ‘70 मिनट' वाली स्पीच दी थी , वहीं मजूमदार ने अपने खिलाड़ियों से सिर्फ इतना कहा कि इतिहास रचने के लिये बस एक रन अधिक बनाना है । टीम पर विश्वास इतना कि ग्रुप चरण में लगातार तीन हार के बावजूद किसी खिलाड़ी पर ठीकरा नहीं फोड़ा । लगातार कहते रहे कि टूर्नामेंट लंबा है और टीम अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी । उनकी 15 जांबाज खिलाड़ियों ने अपने कोच के हर भरोसे को सही साबित कर दिखाया । -
-भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराया
- इतिहास में 52 साल के सूखे को किया खत्म
मुंबई। भारत ने शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के हरफनमौला खेल से रविवार को यहां महिला आईसीसी वनडे विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार इस खिताब को जीत कर इतिहास रच दिया। शेफाली ने पारी का आगाज करते हुए 78 गेंद में 87 रन की आक्रामक पारी खेलने के बाद अपनी स्पिन गेंदबाजी से सुने लुस और मारिजान काप (चार) जैसी अनुभवी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई तो वहीं बीच के ओवरों में विकेटों के पतन के बीच 58 गेंद में 58 रन का योगदान देने वाली दीप्ति ने लगातार दूसरे मैच में शतक जड़ने वाली दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट (101) सहित पांच विकेट झटकर मैच का पासा पलट दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर सात विकेट पर 298 रन बनाने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 246 रन पर रोककर इस टूर्नामेंट के इतिहास में 52 साल के सूखे को खत्म किया। वोल्वार्ड्ट 41वें ओवर तक एक छोर से डटी रही लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट के पतन से जरूरी रनगति बढ़ने से दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों पर दबाव हावी हो गया। दीप्ति की गेंद पर जैसे ही हरमनप्रीत ने नाडिन डि क्लार्क (18) का कैच पकड़ा वैसे ही दर्शकों की नीली जर्सी के समंदर से पटे स्टेडियम में खुशी की लहर दौड़ गयी।भारतीय खिलाड़ियों ने भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश की लेकिन पूरा स्टेडियम जब ‘वंदेमातरम, मां तुझे सलाम और लहरा दो सरकशी का परचम लहरा दो'.. गाने को एक सुर में गाना शुरू किया तो यहां मौजूद किसी के लिए भी भावनाओं को काबू में रखना मुश्किल था। स्टेडियम में मौजूद पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और वीवीएस लक्ष्मण भी भारतीय तिरंगे को लहराते दिखे।
शानदार लय में चल रही सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के चोटिल होने से टीम में आई शेफाली ने कहा था कि शायद भागवन ने उनके लिए कुछ अच्छी योजना बनाई है। उन्होने सेमीफाइनल में कम स्कोर की निराशा को पीछे छोड़ते हुए फाइनल में इसे सही साबित किया तो वहीं दीप्ति ने भी टूर्नामेंट में 22 विकेट लेने के साथ 200 से अधिक रन बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया। भारत के लिए सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (58 गेंद में 45) और विकेटकीपर रिचा घोष (24 गेंद में 34 रन) ने अहम योगदान दिये। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का पीछा सधे हुए अंदाज में शुरू किया, ताजमिन ब्रिट्स (35 गेंद में 23 रन) ने क्रांति गौड़ के खिलाफ चौके से हाथ खोलने के बाद रेणुका सिंह की गेंद पर छक्का जड दिया। लौरा वोल्वार्ड्ट आठवें ओवर में गेंदबाजी के लिए आयी अमनजोत कौर के खिलाफ लगातार गेंदों पर चौके के साथ पिछले मैच की शानदार पारी को आगे बढ़ना जारी रखा। ब्रिट्स ने अगले ओवर में दीप्ति पर चौके साथ पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी पूरी लेकिन ब्रिट्स रन चुराने की कोशिश में अमनजोत के शानदार थ्रो पर रन आउट हो गयी। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 169 रन की शानदार पारी खेलने वाली वोलवार्ड्ट ने दीप्ति के खिलाफ छक्का जड़ आक्रामक तेवर दिखाये। श्री चरणी ने अपने पहले ही ओवर में ऐनेक बॉश को पगबाधा कर दक्षिण अफ्रीका को दूसरा झटका दिया।
सुने लुस ने दूसरे छोर से राधा के खिलाफ लगातार दो चौके लगाये वोल्वार्ड्ट के खिलाफ अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की लेकिन शेफाली ने गेंद से जादू बिखरते हुए अपने शुरुआती दो ओवरों में लुस और काप को आउट कर भारत का बड़ी सफलता दिलाई। उन्होंने अपनी गेंद पर लुस का कैच लपकने के बाद काप को विकेट के पीछे रिचा घोष के हाथों कैच करवाया।
भारतीय गेंदबाजों ने इसके बाद शिकंजा कसना शुरू किया जिससे दक्षिण अफ्रीका ने 22वें से 29वें ओवर तक सिर्फ 25 रन बनाये और इसका फायदा 30वें ओवर में दीप्ति शर्मा को मिला जिन्होंने सिनालो जाफ्ता (16) को राधा के हाथों कैच कराया। एनेरी डर्कसन ने राधा की नोबॉल पर छक्का लगाने के बाद फ्री हिट पर भी गेंद को दर्शको के पास भेजकर 32वें ओवर से 17 रन बटोर कर दबाव कम कर दिया। दीप्ति ने 36वें ओवर में रेणुका की गेंद पर डर्कसन का आसान कैच टपकाकर जीवनदान दिया लेकिन उन्होंने इस बल्लेबाज को 40वें ओवर बोल्ड कर छठे विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी को तोड़कर ज्यादा नुकसान होने से बचा लिया। वोल्वार्डट ने इसी ओवर में एक रन चुराकर लगातार दूसरे मैच में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने अपने अगले ओवर में वोल्वार्ड्ट को अमनजोत के हाथों कैच करा कर मैच में भारत का शिकंजा कस दिया। भारत के खिलाफ लीग मैच में नाबाद 84 रन की पारी खेलने वाली डि क्लार्क ने एक बार फिर आक्रामक तेवर दिखाने शुरू किये थे लेकिन दूसरे छोर से उन्होंने किसी का साथ नहीं मिला और उनके आउट होते ही भारत ने खिताबी सूखे को खत्म किया। बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर शेफाली ने मंधाना के साथ पहले विकेट के लिए शतकीय (106 गेंद में 104 रन) और जेमिमा रोड्रिग्स (37 गेंद में 24 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 62 गेंद में 62 रन की साझेदारी कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने धीमी होती पिच पर बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी से भारत को 300 रन से अंदर रोक दिया। चोटिल सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल की जगह टीम में आयी शेफाली की इससे पहले सर्वश्रेष्ठ पारी श्रीलंका के खिलाफ 2022 में 71 रन की थी। उन्होंने 21वें ओवर में सुने लुस की गेंद पर ऐनेक बॉश से मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए सात चौके और दो छक्के लगाये। भारतीय टीम 26वें ओवर के बाद लगातार अंतराल पर विकेट गंवाते रही जिससे टीम शानदार शुरूआत के बावजूद रन गति को तेज करने में नाकाम रही। दीप्ति शर्मा इस दौरान वनडे विश्व कप में 15 विकेट और 200 रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया जबकि रिचा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए तीन चौके और दो छक्के जड़े। दक्षिण अफ्रीका के लिए आयोबोंगा खाका सबसे सफल गेंदबाज रही। उन्होंने 58 रन देकर तीन विकेट लिये।
भारत ने शुरुआती 10 ओवर में बिना किसी नुकसान के 64 रन के साथ इस विश्व कप में पावरप्ले का अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। पावरप्ले के बाद भारत की रनगति पर थोड़ा अंकुश लगा लेकिन नाडिन डि क्लार्क (52 रन पर एक विकेट) की गेंद पर शेफाली ने अपनी पारी का पहला छक्का जड़ दबाव कम किया। मंधाना ने 18वें ओवर में क्लो ट्रायोन की गेंद पर चौके से साथ पहले विकेट के लिए 104 गेंद में शतकीय साझेदारी पूरी की। वह हालांकि इसी ओवर में दो गेंद बाद ही विकेटकीपर सिनालो जाफ्ता को कैच देकर पवेलियन लौट गयी। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विजयी गाथा लिखने वाली का स्वागत दर्शकों ने शोर मचाकर किया। शेफाली ने इसी ओवर में एक रन चुराकर लगभग तीन साल के अंतराल पर वनडे में अपना पहला अर्धशतक पूरा करने के बाद 25वें ओवर में लुस की गेंद पर उनके सिर के ऊपर से पारी का दूसरा छक्का लगाकर टीम के स्कोर को 150 रन पर पहुंचा दिया। पारी की शुरुआत में तीन ओवर में 29 रन लुटाने वाली खाका ने इसके बाद लगातार दो ओवरों में शेफाली और जेमिमा को चलता कर मैच में दक्षिण अफ्रीका की वापसी की कोशिश की। शेफाली ने कवर क्षेत्र में लुस को आसान कैच दिया तो वहीं जेमिमा के करारे प्रहार पर वोल्वार्ड्ट ने शानदार कैच लपका। कप्तान हरमनप्रीत कौर (29 गेंद में 20 रन) और दीप्ति ने इसके बाद सतर्कता बरती जिससे भारत ने 27वें से 32वें ओवर के बीच 17 रन ही बटोरे। दीप्ति ने काप के खिलाफ टूर्नामेंट का पहला छक्का जड़कर रनगति को पटरी पर लाने की कोशिश लेकिन म्लाबा ने हरमनप्रीत को बोल्ड कर खतरनाक होती इस साझेदारी को तोड़ा। अमनजोत कौर (14 गेंद में 12 रन) डि क्लार्क की गेंद पर उन्हीं को कैच देकर पवेलियन लौटी तो वहीं रिचा ने क्रीज पर आते ही छक्का लगाकर खाता खोला जिससे टीम ने 44वें ओवर में 250 रन पार कर लिये। रिचा ने इसके बाद खाका, डि क्लार्क और म्लाबा के खिलाफ लगातार ओवरों में चौके जड़ने के बाद काप की गेंद को दर्शकों के पास भेजा तो वहीं दीप्ति ने 48वें ओवर में 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। रिचा अगले ओवर में खाका का तीसरा शिकार बन गयी।
इससे पहले बारिश के कारण मैच दो घंटे देर से शुरू हुआ लेकिन ओवरों में कटौती नहीं की गयी। - कोलकाता । अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ‘जीओएटी भारत दौरे 2025' पर हैदराबाद भी जायेंगे जिसे केरल में अर्जेंटीना टीम का प्रस्तावित दोस्ताना मैच रद्द होने के बाद कार्यक्रम में शामिल किया गया है । अर्जेंटीना टीम का कोच्चि में प्रस्तावित दोस्ताना मैच रद्द हो गया है । केरल के खेलमंत्री वी अब्दुरहमान ने पहले कहा था कि यह मैच 17 नवंबर को होगा । नये कार्यक्रम के तहत अब मेस्सी देश के चारों कोनों पूर्व (कोलकाता), दक्षिण (हैदराबाद), पश्चिम (मुंबई) और उत्तर (दिल्ली) जायेंगे । इस दौरे के आयोजक सताद्रू दत्ता ने कहा ,‘‘ अब वह दक्षिण भारत भी जायेंगे । दक्षिण भारत के लाखों फुटबॉलप्रेमियों को यह तोहफा होगा । इसके साथ ही भारत के हर कोने को इसमे शामिल किया गया है । मैं चाहता हूं कि पूरा भारत इसका हिस्सा हो । केरल का मैच रद्द होने के कारण दक्षिण भारत के लोगों को मेस्सी को देखने के मौके से वंचित नहीं किया जाना चाहिये ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ दक्षिण भारत के लोग हैदराबाद जाकर उन्हें देख सकते हैं । हैदराबाद के कार्यक्रम की बुकिंग एक सप्ताह के भीतर शुरू होगी । यह कार्यक्रम गाचिबोली या राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होगा ।'' संशोधित कार्यक्रम के बारे में दत्ता ने कहा कि अहमदाबाद चरण की जगह हैदराबाद ने ली है । अहमदाबाद में होने वाला प्रायोजकों का कार्यक्रम अब मुंबई में होगा । उन्होंने कहा ,‘‘ मेस्सी 12 दिसंबर की मध्यरात्रि या 13 दिसंबर को तड़के पहुंचेंगे । वह मियामी से दुबई आकर एक या दो दिन आराम करेंगे जिसके बाद निजी जेट से कोलकाता आयेंगे ।'' इससे पहले वह 2011 में वेनेजुएला के खिलाफ एक मैत्री मैच के लिये भारत आये थे । इस बार उनके साथ उनके साथी खिलाड़ी लुईस सुआरेज और रौड्रिगो डि पॉल भी आ रहे हैं । मेस्सी 13 दिसंबर को कोलकाता से हैदराबाद जायेंगे और 14 दिसंबर को मुंबई पहुंचेंगे । वह 15 दिसंबर को दिल्ली जायेंगे जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे । केरल में होने वाला मैच जरूरी मंजूरी मिलने में विलंब के कारण फीफा की अगली विंडो तक स्थगित कर दिया गया है ।
- नवी मुंबई। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम आईसीसी वनडे विश्व कप में इतिहास रचने से एक जीत दूर है और ऐसे में प्रशंसकों के बीच इस मैच को लेकर जबरदस्त उत्साह है लेकिन टिकट नहीं मिलने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच फाइनल रविवार को खेला जाना है और सेमीफाइनल में सात बार की चैम्पियन आस्ट्रेलिया को रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करके पांच विकेट से हराने वाली मेजबान टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है । सेमीफाइनल में भारतीय टीम के प्रदर्शन के बाद फाइनल के लिये डी वाई पाटिल स्टेडियम के बाहर टिकट के लिये प्रशंसकों की भीड़ देखी जा सकती है । स्टेडियम में दर्शकों को आकर्षित करने के लिए टिकट की कीमत महज 100 रुपये थे शुरू थी लेकिन शनिवार दोपहर तक स्टेडियम में दर्शकों के लिए टिकट उपलब्ध नहीं थे।ठाणे जिले के पंडियन परिमल ने बताया कि वह सुबह ही स्टेडियम आ गये थे लेकिन यहां किसी को टिकट नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सुबह नौ बजे से ही यहां आया हूं लेकिन यहां काफी भीड है और किसी को टिकट नहीं मिल रहा है। ऑनलाइन माध्यम से भी टिकट नहीं मिल पा रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोग आये है इसमें कम से कम दो तीन प्रशंसकों को भी टिकट मिलना चाहिये। '' वहीं एक अन्य प्रशंसक शिफ्तैन इफ्तार ने कहा कि वह दो दिनों से टिकट के लिए यहां आ रहे है लेकिन यहां कोई भी जवाब नहीं मिला। महिला प्रशंसक भी स्टेडियम के बाहर टिकट खरीदने का इंतजार करते दिखी। मुंबई से आयी प्रशंसक किशोरी धौलपुरिया ने टिकटों की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘ हमें यहां कुछ भी जानकारी नहीं दी जा रही है। हम धूप और बारिश में यहां खड़े है लेकिन तीन दिन से कोशिश के बावजूद टिकट का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। टिकटों की उपलब्धता की स्थिति जानने के लिए जब स्टेडियम के प्रबंधकों से बात करने कोशिश की गयी लेकिन उन से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। कक्षा नौवीं की छात्र लावण्या ने भी इसी तरह की शिकायत करते हुए कहा कि वह टीम को ट्रॉफी जीतते देखना चाहती है लेकिन टिकट नहीं मिल पा रहा है। क्रिकेट खेलने वाली पूर्वा ने कहा कि उनका सपना भारत को चैंपियन बनते देखने का है लेकिन टिकट नहीं मिलने के कारण लगता है कि यह अधूरा ही रह जायेगा ।
- पणजी.। भारत के ग्रैंडमास्टर रौनक साधवानी और एस एल नारायणन को शनिवार को यहां विश्व शतरंज विश्व कप के पहले दौर की पहली बाजी में क्रमश: दक्षिण अफ्रीका के डैनियल बैरिश और पेरू के स्टीवन सालास रोजस ने ड्रॉ पर रोक दिया। पहले दौर के चुने गए 156 खिलाड़ियों के मुकाबले में ज्यादातर नतीजे रैंकिंग के हिसाब से हुए। लेकिन कुछ उलटफेर भी देखने को मिले। चार खिलाड़ी खेलने नहीं आए तो उनके प्रतिद्वंद्वियों को वॉकओवर मिल गया। भारत के एलीट खिलाड़ी विश्व चैंपियन डी गुकेश, अर्जुन एरिगेसी, आर प्रज्ञानानंदा, पी हरिकृष्णा, विदित गुजराती और निहाल सरीन सभी को दूसरे दौर में सीधे प्रवेश मिला है। दूसरे दौर में 128 खिलाड़ी होंगे। हर दौर नॉकआउट प्रारूप में होगा।
- नवी मुंबई,। दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने भारत के खिलाफ महिला विश्व कप फाइनल मैच से पहले शनिवार को कहा कि उनकी टीम ने लीग चरण में भारत को हराया जरूर था लेकिन खिताबी मुकाबले का माहौल बिल्कुल अलग स्तर का होगा। तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचे भारत ने दक्षिण अफ्रीका को इस वैश्विक प्रतियोगिता में 2005 में हराया था। इसके बार इन दोनों टीमों के बीच 2017, 2022 और 2025 में हुए मैचों दक्षिण अफ्रीका ने जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका की कप्तान ने अपनी बात को सही साबित करने के लिए भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में अविश्वसनीय नाबाद 127 रनों की पारी का हवाला दिया। मौजूदा टूर्नामेंट की शीर्ष स्कोरर (470) वोल्वार्ड्ट ने कहा, ‘‘नॉकआउट चरण लीग चरण से पूरी तरह अलग है। हमने देखा है कि लोग नॉकआउट मैचों में कुछ बहुत खास करने में सक्षम होते हैं जैसा कि हमने परसों रात जेमी से देखा था।'' वोल्वार्ड्ट ने खुद भी इंग्लैंड के खिलाफ 169 रन की पारी खेलकर टीम का सेमीफाइनल में जीत दिलाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हम अब लीग चरण में भारत के खिलाफ मिली जीत के बारे में सोच रहे हैं। हम जानते हैं कि हमें वास्तव में अच्छा क्रिकेट खेलना होगा। भारत एक बहुत मजबूत टीम है और उनकी टीम शानदार जीत के साथ यहां आयी है। इसलिए उनका आत्मविश्वास बहुत ऊंचा होगा।'' उन्होंने कहा कि स्टेडियम भारतीय दर्शकों से पटा पड़ा होगा और ऐसे में उनके लिए परिस्थितियां और कठिन होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ दर्शक भारत समर्थन कर रहे होंगे, शायद पूरा स्टेडियम भरा हुआ हो। यह एक बहुत कठिन मैच होने वाला है। यह एक बहुत ही रोमांचक अवसर होगा, लेकिन भारत पर भी दबाव होगा। महिला विश्व कप के फाइनल में यह पहला मौका है जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम फाइनल में नहीं है।वोल्वार्ड्ट ने कहा, ‘‘यह सिर्फ दिखाता है कि महिलाओं का खेल कितना विकसित हो रहा है और कैसे विभिन्न देश नयी संसाधनों का उपयोग करने और वास्तव में अच्छी गुणवत्ता वाले क्रिकेटर विकसित करने में सक्षम हो रहे हैं।
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नयी दिल्ली. भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी और दो बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन रोहन बोपन्ना ने शनिवार को पेशेवर टेनिस को अलविदा कह दिया जिससे एटीपी टूर पर उनके दो दशक से अधिक के कैरियर पर विराम लग गया । 45 वर्ष के बोपन्ना ने आखिरी बार इस सप्ताह पेरिस मास्टर्स में खेला जिसमे वह कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक के साथ पहले दौर में हार गए । कर्नाटक के कूर्ग के रहने वाले बोपन्ना ने ‘ अलविदा ..लेकिन अंत नहीं ' शीर्षक से अपने भावुक बयान में लिखा,‘‘ आधिकारिक रूप से खेल से विदा ले रहा हूं ।'' उन्होंने लिखा ,‘‘ भारत के छोटे से शहर कूर्ग से सफर की शुरूआत करने से लेकर , सर्विस दमदार बनाने के लिये लकड़ी के टुकड़े कांटने, स्टेमिना बढाने के लिये कॉफी के बागानों के बीच से जॉगिंग करने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े कोर्ट पर दूधिया रोशनी में अपने सपनों को पूरा करने तक । सब सपने जैसा लगता है ।'' बोपन्ना ने पेरिस ओलंपिक के बाद अंतरराष्ट्रीय कैरियर से संन्यास ले लिया था । उन्होंने 2023 में डेविस कप से विदा ली थी और आखिरी बार लखनऊ में मोरक्को के खिलाफ खेला था ।
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वेलिंगटन. न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को तीसरे वनडे क्रिकेट मैच में 222 रन पर समेटने के बाद दो विकेट से हराकर श्रृंखला 3 . 0 से जीत ली । न्यूजीलैंड ने 32 गेंद बाकी रहते आठ विकेट पर 226 रन बनाये । जाक फोकेस 14 और ब्लेयर टिकनेर 18 रन बनाकर नाबाद रहे । न्यूजीलैंड ने पहला मैच चार विकेट से और दूसरा पांच विकेट से जीता था ।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने जोफ्रा आर्चर, ब्रायडन कार्स और जैमी ओवरटन से सारे ओवर करा लिये थे लिहाजा निर्णायक आखिरी ओवरों में सैम कुरेन और आदिल रशीद के ही विकल्प बचे थे । इंग्लैंड के बल्लेबाज श्रृंखला में तीसरी बार नाकाम रहे और टीम 50 ओवरों के भीतर ही आउट हो गई । एक समय पर पहले दस ओवर के भीतर उसके चार विकेट 44 रन पर गिर गए थे । इस महीने से आस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली एशेज श्रृंखला से पहले जैमी स्मिथ, बेन डकेट, जो रूट और जैकब बेथेल का खराब फॉर्म चिंता का सबब है । स्मिथ पांच और डकेट आठ रन ही बना सके जबकि रूट दो और बेथेल 11 रन बनाकर आउट हुए । ब्रूक भी छह रन का योगदान ही दे पाये । जोस बटलर ने 38 रन बनाये । ओवरटन और कार्स ने आठवें विकेट के लिये 58 रन जोड़े । -
नवी मुंबई. आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में रविवार को यहां जब मैदान पर उतरेगी तो उसे पिछले सात में से छह मैच जीत कर पहली बार इस टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में पहुंची दक्षिण अफ्रीका की कड़ी चुनौती से पार पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। यह मुकाबला सिर्फ एक खिताब के लिए जंग नहीं हैं, बल्कि महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है क्योंकि इस फाइनल से नया विश्व चैंपियन मिलने वाला है। भारतीय टीम तीसरी बार (2005 और 2017 के बाद) इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है, जबकि दक्षिण अफ्रीका की टीम पहली बार खिताबी मुकाबले में पहुंची है। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं और जबरदस्त आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगी। भारत पर एक समय लीग चरण से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन बल्लेबाजों ने अहम समय पर लय हासिल कर टीम को खिताबी मुकाबले में पहुंचाया तो वहीं दक्षिण अफ्रीका को अपने अभियान के दौरान लीग चरण के शुरुआती मैच में इंग्लैंड और आखिरी मैच में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था। इन दोनों मैचों के अलावा उसने हर मुकाबले में दबदबे वाला प्रदर्शन किया। मेजबान भारत ने सेमीफाइनल में सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया है। टीम ने जीत के लिए मिले 339 रन के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर अपने बढ़ते मनोबल और बल्लेबाजी में असाधारण प्रतिभा का नमूना पेश किया। टीम के ज्यादातर बल्लेबाज लय में है और डीवाई पाटिल स्टेडियम की बल्लेबाजों की मुफीद पिच पर किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने का माद्दा रखते हैं। टीम ने लीग चरण के अहम मैच में न्यूजीलैंड और फिर सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्रमश तीन विकेट पर 340 और पांच विकेट पर 341 रन बनाकर इसे साबित भी किया है। सेमीफाइनल में भारतीय जीत की नायिका रहीं जेमिमा रोड्रिग्स (नाबाद 127 रन) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (89 रन) से टीम इस तरह की एक और पारी की उम्मीद करेगी तो वहीं शीर्ष क्रम में स्मृति मंधाना भी शानदार लय में है। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों बल्लेबाजों की सूची में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वुलवार्ड्ट (470 रन) के बाद 389 रन के साथ दूसरे स्थान पर है। मंधाना को हालांकि शीर्ष क्रम पर प्रतिका रावल (308 रन) की कमी खलेगी जो चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गयी है। उनकी जगह टीम में शामिल हुई युवा शेफाली वर्मा सेमीफाइनल में बल्ले से उपयोगी योगदान देने में नाकाम रही लेकिन वह किसी भी गेंदबाजी के खिलाफ तेजी से रन बना सकती है। शेफाली विश्व कप के लिए रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में भी नहीं थी ऐसे में वह इस चयन को सही साबित करने की पूरी कोशिश करेंगी। हरफनमौला दीप्ति शर्मा, विकेटकीपर रिचा घोष और अमनजोत कौर ने टूर्नामेंट में कई मौकों पर तेजी से रन जुटाये हैं और फाइनल में भी उन्हें इसे जारी रखना होगा। भारत की असल चिंता गेंदबाजी है और खासकर इस मैदान पर गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गेंदबाजों ने काफी रन लुटाए थे। दीप्ति (17 विकेट) ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज है और टीम को बीच के ओवरों में उनसे कसी हुई गेंदबाजी की उम्मीद होगी। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर पर पावरप्ले और आखिरी ओवरों में विकेट निकालने का बड़ा दारोमदार होगा। श्री चरणी ने सेमीफाइनल में अहम समय पर दो ओवर में दो विकेट चटकाकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलिया की पारी की धार कुंद की थी लेकिन खिताबी मुकाबले में इस युवा गेंदबाज के अलावा अनुभवी राधा यादव से भी टीम बीच के ओवरों में विकेट की उम्मीद करेगी। भारतीय टीम फाइनल में युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की जगह हरफनमौला अरुंधती रेड्डी या स्नेह राणा को एकादश में शामिल कर सकती है। दक्षिण अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया की स्पिनरों ने परेशान किया था ऐसे भारतीय टीम को उनकी इस कमजोरी का फायदा उठाने का तरीका ढूंढना होगा। भारत को घरेलू मैदान का फायदा मिलेगा और दर्शकों का शोर टीम के लिए ‘बारहवें खिलाड़ी' का काम करेगा।
दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड की मजबूत टीम को 125 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी क्षमता साबित की है। उनकी यह जीत बताती है कि वे किसी भी टीम को पछाड़ने की ताकत रखते हैं। प्रोटियाज टीम की कप्तान और सलामी बल्लेबाज वोल्वार्ड्ट इस समय विश्व की सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड तोड़ 169 रन बनाने वाली वोल्वार्ड्ट फाइनल में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती होंगी। अनुभवी हरफनमौला मरिजान काप का प्रदर्शन शानदार रहा है और उन्होंने सेमीफाइनल में पांच विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त किया था। उनकी तेज गेंदबाजी और मध्यक्रम की बल्लेबाजी टीम को संतुलन प्रदान करती है। दक्षिण अफ्रीका ने पूरे टूर्नामेंट में एक अनुशासित गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण इकाई के रूप में प्रदर्शन किया है। नादिन डी क्लार्क और क्लो ट्रायोन जैसी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर टीम को मुश्किलों से निकाला है। टीम लीग चरण में भारत पर मिली जीत से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी। भारत के खिलाफ डी क्लार्क और ट्रायोन ने आक्रामक साझेदारी कर मैच का रुख मोड़ा था। डी क्लार्क ने इस मुकाबले में 54 गेंद में नाबाद 84 रन की यादगार पारी खेली थी। यह विश्व कप के पिछले तीन मैच में दक्षिण अफ्रीका की भारत के खिलाफ तीसरी जीत थी। भारत ने नवी मुंबई में बड़े लक्ष्य का पीछा करने का रिकॉर्ड बनाया है ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का विकल्प चुन सकती है। लेकिन फाइनल का दबाव लक्ष्य का पीछा करने को कठिन बना सकता है। मैच पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है और तीन नवंबर को इसके लिए रिजर्व-डे रखा गया है। रिजर्व-डे को भी अगर मैच नहीं हो पाता है दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जायेगा। इसकी संभावना हालांकि कम है। घरेलू परिस्थितियों के कारण भारतीय टीम को फाइनल में जीत का दावेदार माना जा सकता है लेकिन जो भी टीम दबाव को झेलकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी, वही इतिहास रचेगी और महिला क्रिकेट की नयी विश्व विजेता बनेगी। टीमें :
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), उमा छेत्री (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), हरलीन देयोल, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, अमनजोत कौर, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, राधा यादव। दक्षिण अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान), एनेके बॉश, तजमिन ब्रिट्स, नादिन डी क्लार्क, एनेरी डर्कसन, सिनालो जाफ्ता, मारिजान काप अयाबोंगा खाका, मसाबाता क्लास, सुने लुस, कराबो मेसो, नॉनकुलुलेको म्लाबा, तुमी सेखुखुने, नोंडुमिसो टंगारियोन। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा। -
नयी दिल्ली. युवा शतरंज खिलाड़ी इलमपार्थी ए आर बृहस्पतिवार को बोस्निया और हर्जेगोविना में जीएम4 बिजेलजीना 2025 शतरंज महोत्सव में अपना अंतिम नॉर्म हासिल करने के बाद भारत के 90वें ग्रैंडमास्टर बन गए। चेन्नई के 16 वर्षीय खिलाड़ी इलमपार्थी ने दिसंबर 2023 में वियतनाम में हनोई टूर्नामेंट में अपना पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म और इसके बाद 2024 में सिंगापुर इंटरनेशनल ओपन में उन्होंने दूसरा नॉर्म हासिल किया। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष नितिन नारंग ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘भारत के लिए 90वां ग्रैंडमास्टर। देश के 90वें ग्रैंडमास्टर बनने के लिए सभी जरूरी योग्यता पूरी करने पर इलमपार्थी ए आर को बधाई। आपको और भी कई उपलब्धियां और देश को गौरवान्वित करने में निरंतर सफलता की कामना करता हूं। '' इलमपार्थी ने रिल्टन कप (2024-25) के दौरान 2500 ईएललो रेटिंग का आंकड़ा पार किया और बोस्निया में अंतिम नॉर्म ने उनके ग्रैंडमास्टर खिताब को पक्का कर दिया। पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने ‘एक्स' पर लिखा, ''इलमपार्थी को ग्रैंडमास्टर के रूप में घोषित करते हुए खुशी हो रही है। वह कुछ मौकों पर खिताब से चूक गए थे, लेकिन हर बार उन्होंने वापसी की और कड़ी मेहनत की। ''
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नवी मुंबई. जेमिमा रोड्रिग्स की 127 रन की नाबाद शतकीय पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर आईसीसी महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंचने के बाद खुशी के आंसू पोछते हुए भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि इस टीम पर फक्र है और बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘‘हम यही चर्चा कर रहे थे कि किसी भी परिस्थिति में हों, टीम के लिए डटे रहना है। हमारे पास टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी परिस्थिति से मैच में जीत दिला सकते हैं। '' उन्होंने रोड्रिग्स की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘वह ऐसी खिलाड़ी है जो हमेशा टीम के लिए बेहतर करना चाहती है। वह हमेशा जिम्मेदारी लेना चाहती है। पिच पर हमने अच्छी साझेदारी की। उसके काफी श्रेय जाता है जिसने संयम बनाए रखा और टीम के लिए बल्लेबाजी करती रही। '' हरमनप्रीत ने फाइनल के बारे में कहा, ‘‘आज हम अच्छा खेले, नतीजे से खुश हूं। हमने अगले मैच के बारे मेंअभी से बात करना शुरू कर दिया है। घरेलू सरजमीं पर विश्व कप खेलना विशेष है। एक और मैच है और हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। '' ‘प्लेयर ऑफ द मैच' रोड्रिग्स ने कहा, ‘‘इस पारी का श्रेय ‘जीसस' को। उनके बिना यह संभव नहीं था। अपने माता-पिता की शुक्रगुजार हूं। मुझे पांच मिनट पहले ही पता चला कि मैं नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने जा रही हूं। पिछली बार मैं विश्व कप में जगह नहीं बना पाई थी लेकिन इस बार मुझे मौका मिला। '' शतक जड़ने के बाद भी रोड्रिग्स ने इसका जश्न नहीं मनाया तो इस उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे बारे में नहीं था, मैं भारत के लिए यह मैच जीतना चाहती थी। पहले भी कई अहम मैचों में हार चुके थे तो इसमें जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाना चाहती थी। आज मेरे अर्धशतक या शतक की बात नहीं थी बल्कि भारत को जीत दिलाने की बात थी। '' ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली ने कहा, ‘‘अच्छा मुकाबला रहा। बल्लेबाजी में अच्छा नहीं कर पाए, अच्छी गेंदबाजी नहीं कर पाए। मैदान पर कई मौके गंवाए। अंत में हमें हार मिली। ''
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नवी मुंबई. जेमिमा रौड्रिग्स के बल्ले से रन निकलते रहे और एक ऐसी पारी उन्होंने खेल डाली जो क्रिकेट की किवदंतियों में शुमार हो जायेगी । जीत के बाद उनके जज्बात का सैलाब भी रूक नहीं सका । जेमिमा ने अपने शतक पर जश्न नहीं मनाया । उनके चेहरे पर मुस्कुराहट और खुशी के आंसू विजयी शॉट लगाने के बाद ही नजर आये । भारत ने रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करके सात बार की चैम्पियन आस्ट्रेलिया को हराकर दूसरी बार महिला विश्व कप फाइनल में जगह बनाई और इस जीत की गाथा लिखी जेमिमा ने । मैच खत्म होने के बाद एक क्षण को वह जड़वत खड़ी रही । दूधिया रोशनी में उनकी आंखों की नमी साफ नजर आ रही थी । यह मैच जिताने वाला शतक ही नहीं था बल्कि जिम्मेदारी निभाने का भाव भी इसमे समाहित था । ईसामसीह पर अगाध आस्था रखने वाली जेमिमा ने विश्व कप के नॉकआउट मैच के इतिहास की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली । मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करते हुए जेमिमा ने कहा ,‘‘ आखिर में बस मैं बाइबिल में लिखी हुई वह बात याद कर रही थी कि चुपचाप खड़े रहो और खुदा मेरे लिये लड़ेगा ।'' इस मैच से पहले तक अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाने के लिये आलोचना झेल रही मुंबई की जेमिमा ने विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए 127 रन की पारी खेली । भीगी पलकों के साथ उन्होंने कहा ,‘‘ इस टूर्नामेंट में हर दिन मैं रोई हूं । मानसिक रूप से अच्छा नहीं कर पा रही थी । मुझे पता था कि मुझे अच्छा खेलना है और ईश्वर सब ठीक करेंगे । शुरूआत में सिर्फ खेलती गई और खुद से बाते करती रही ।'' ईश्वर में अटूट आस्था रखने वाले परिवार से आई जेमिमा ने कहा ,‘‘ मैं बस खड़ी रही और वह मेरे लिये लड़े । मेरे भीतर बहुत कुछ चल रहा था लेकिन मैने संयम बनाये रखने की कोशिश की । मैं ईसामसीह को धन्यवाद देना चाहती हूं । मैं खुद यह नहीं कर सकती थी ।'' उन्होंने वीआईपी दीर्घा में बैठे अपने परिवार की ओर हवा में चुंबन दिया । अपने पिता और कोच इवान को धन्यवाद दिया । उन्होंने कहा ,‘‘ मैं अपनी मां, पिता और कोच और मुझ पर भरोसा रखने वाले हर इंसान को धन्यवाद देना चाहती हूं । यह महीना काफी कठिन था और यह सपने जैसा लग रहा है । दीप्ति लगातार मेरी हौसलाअफजाई करती रही । रिचा आई और मुझे उठा लिया ।'' जेमिमा ने कहा ,‘‘ मेरे साथी खिलाड़ी मेरा हौसला बढाते रहे । मैं इस पारी का श्रेय नहीं ले सकती । मैने खुद कुछ नहीं किया । दर्शकों में से हर एक ने मेरी हौसलाअफजाई की और हर रन पर मेरा उत्साह बढाया ।''
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नई दिल्ली। विश्व चैंपियन ग्रैंडमास्टर गुकेश डी के नेतृत्व में मजबूत भारतीय दल और ओलंपियाड विजेता टीम फिडे विश्व कप 2025 में अपना दबदबा दिखाने के लिए तैयार है। फिडे विश्व कप का भारत में 23 साल बाद आयोजन हो रहा है। इस विश्व कप में भारतीय दल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
विश्व कप के मौजूदा संस्करण में ग्रैंडमास्टर गुकेश डी, ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी और ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद को शीर्ष तीन वरीयताएं दी गई हैं। डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी चार वरीयताओं के साथ सर्वोच्च रैंकिंग वाले विदेशी खिलाड़ी होंगे। दो बार के पूर्व चैंपियन अमेरिका के लेवोन अरोनियन गोवा में खेलने वाले एकमात्र पूर्व विजेता होंगे और उन्हें प्रतियोगिता में 15वीं वरीयता दी गई है।20,00,000 डॉलर की पुरस्कार राशि वाला फिडे विश्व कप 2025 एकल-एलिमिनेशन नॉक-आउट प्रारूप में होगा। प्रत्येक दौर में दो क्लासिकल गेम होंगे और यदि आवश्यक हो तो टाईब्रेकर होगा। टाईब्रेकर में दो रैपिड गेम होंगे, जबकि रैपिड गेम के अंत में कोई परिणाम नहीं निकलने पर सिंगल-बिडिंग आर्मगेडन का इस्तेमाल किया जाएगा।इस आयोजन में कैंडिडेट्स 2026 के लिए भी तीन स्थान उपलब्ध हैं, जो अगले विश्व चैम्पियनशिप चक्र के लिए गुकेश के प्रतिद्वंद्वी का फैसला करेंगे। जर्मनी के जीएम अनीश गिरी और जीएम मैथियास ब्लूबाम पहले ही फिडे स्विस टूर के माध्यम से कैंडिडेट्स इवेंट के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं और यदि उनमें से कोई या गुकेश शीर्ष तीन में आते हैं, तो कैंडिडेट्स का स्थान स्टैंडिंग में अगले खिलाड़ी को दिया जाएगा।विश्वनाथन आनंद ने शेनयांग (चीन) और हैदराबाद (भारत) में खेले गए विश्व कप के पहले दो संस्करण जीते थे। इन दोनों संस्करणों में राउंड-रॉबिन-कम-नॉक-आउट प्रारूप का पालन किया गया था। 2005 से, विश्व कप में एकल राउंड एलिमिनेशन प्रणाली का पालन किया जाता है, जिसमें 2021 से खिलाड़ियों की कुल संख्या बढ़कर 206 हो गई है। इसमें शीर्ष 50 रैंक वाले खिलाड़ियों को पहले राउंड में बाई मिलती है।तीसरी वरीयता प्राप्त प्रज्ञानंदा 2023 के पिछले संस्करण में फाइनल तक पहुंचे थे। उनके दूसरे दौर में 126वीं रैंकिंग वाले स्लोवाकिया के जान सुबेलज के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करने की संभावना है। हमवतन रौनक साधवानी तीसरे दौर के संभावित प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं।गुकेश के दूसरे दौर के प्रतिद्वंद्वी कजाकिस्तान के काजीबेक नोगेरबेक होने की संभावना है, जबकि अर्जुन का सामना उसी चरण में ब्राजील के क्रिकोर मेखिटेरियन से हो सकता है। भारत की उम्मीदें विदित गुजराती, पी. हरिकृष्णा, अरविंद चितंबरम, निहाल सरीन, और कार्तिकेयन मुरली जैसे अन्य खिलाड़ियों पर टिकी होंगी, और ये सभी केवल दूसरे दौर में ही खेलेंगे।फिडे महिला विश्व कप चैंपियन भारत की दिव्या देशमुख वाइल्ड कार्ड एंट्री मिलने के बाद खेलेंगी। दिव्या अपने अभियान की शुरुआत ग्रीक ग्रैंडमास्टर स्टैमाटिस कौरकुलोस अर्दिटिस के खिलाफ करेंगी। जीत के बाद अगले दौर में उनका सामना हमवतन निहाल सरीन से होगा।अर्जेंटीना के 12 साल के फॉस्टिनो ओरो इस प्रतियोगिता में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। उन्हें वाइल्ड कार्ड से प्रवेश मिला है। वे पहले दौर में क्रोएशिया के ग्रैंडमास्टर एंटे ब्रिकिक से भिड़ेंगे, और अगर राउंड ऑफ 16 तक पहुंच जाते हैं, तो उनके ग्रैंडमास्टर बनने की संभावना बढ़ जाएगी। जॉर्जिया के इगोर एफिमोव विश्व कप में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वह 65 साल के हैं। पहले राउंड से बाहर होने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 3500 डॉलर मिलेंगे, जबकि विजेता को 120,000 डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। विश्व कप का आयोजन 30 अक्टूबर से 27 नवंबर, 2025 तक गोवा में हो रहा है -
सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराया
रोड्रिग्स की यादगार पारी से भारत फाइनल में
मुंबई/जेमिमा रोड्रिग्स ने अपने जीवन की यादगार पारी खेली और उनकी नाबाद 127 रन की पारी की बदौलत भारत ने गुरुवार को यहां सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर महिला विश्व कप के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। अब दो नवंबर को फाइनल में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा जिससे टूर्नामेंट को नया विजेता मिलेगा। रोड्रिग्स 14 चौके जड़ित 134 गेंद की नाबाद शतकीय पारी ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज फोबे लिचफील्ड के शतक पर भारी पड़ गई जिससे भारत ने नौ गेंद रहते 341 रन बनाकर महिला वनडे में रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा कर गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पराजित कर दिया। भाग्य ने भी रोड्रिग्स का अच्छा साथ दिया जिन्हें कई बार जीवनदान मिला और उन्होंने इनका पूरा फायदा उठाते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर (89 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी निभाई जिसकी बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के दो चरण में 15 मैच से चले आ रहे अपराजित अभियान को समाप्त किया। जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत और रोड्रिग्स की आंखों में खुशी के आंसू थे।
लिचफील्ड (119 रन) के शतक ने जहां बड़े स्कोर की नींव रखी तो वहीं एलिस पैरी (77 रन) और एश्ले गार्डनर (63 रन) के अर्धशतकों ने स्कोर को मजबूती दी जिससे एक गेंद पहले सिमटने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लिए 339 रन का लक्ष्य दिया। भाग्य भी भारतीय टीम के साथ था, ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्ररक्षकों ने कैच करने के कई मौके गंवाए जिसका फायदा मेजबान टीम को मिला। रोड्रिग्स और हरमनप्रीत ने संयम से खेलते हुए तीसरे विकेट के लिए 156 गेंद में 167 रन की भागीदारी निभाई जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। हरमनप्रीत ने 88 गेंद में 10 चौके और दो छक्के जड़े।
फॉर्म में चल रही प्रतिका रावल के चोटिल होने के कारण अंतिम एकादश में शामिल हुईं शेफाली वर्मा (10) दूसरे ही ओवर में किम गार्थ की गेंद पर पगबाधा हो गईं। मेजबान टीम ने फिर पावरप्ले में अपनी स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना (24 रन) का विकेट गंवा दिया। गार्थ की गेंद पर विकेटकीपर हीली ने कैच लपका लेकिन अंपायर ने इसे वाइड करार दिया। पर हीली ने रिव्यू लेने का फैसला किया जिसमें गेंद मंधाना के बल्ले के किनारे से छूती हुई दिखी और ऑस्ट्रेलिया को 10वें ओवर में अहम विकेट मिल गया। इस समय भारत का स्कोर 59 रन था। रोड्रिग्स ने अपनी पारी के दौरान कट शॉट और स्वीप शॉट लगाने के साथ बीच बीच में एक दो रन लेकर सतर्कता से पारी को आगे बढ़ाया। तो वहीं हरमनप्रीत ने अर्धशतक पूरा करते ही आक्रामकता बरतते हुए तहलिया मैकग्रा पर एक्स्ट्रा कवर में और एशले गार्डनर पर काउ कॉर्नर पर छक्का जड़ा। भारत ने 30 ओवर में दो विकेट पर 189 रन बना लिए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया का स्कोर इस समय दो विकेट पर 193 रन था। इस तरह टीम को 20 ओवर में जीत के लिए 150 रन की दरकार थी और उसके आठ विकेट बाकी थे। रोड्रिग्स जब 82 रन पर थी तब उन्हें हीली ने अलाना किंग की गेंद पर जीवनदान दिया।
हरमनप्रीत को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशानी हो रही थी और पर कुछ देर बाद उन्होंने अनाबेल सदरलैंड की गेंद को पुल किया लेकिन यह उनके बल्ले के ऊपर हिस्से से लगकर हवा में चली गई और गार्डनर ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। भारत को 36वें ओवर में तीसरा झटका 226 रन पर लगा। दीप्ति शर्मा (24 रन, 17 गेंद, तीन चौके) और रिचा घोष (26 रन, 16 गेंद, दो चौके, दो छक्के) ने अंत में उपयोगी योगदान दिया। इससे पहले अगर बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी (49 रन देकर दो विकेट) ने 3-0-9-2 के तीसरे स्पैल में शानदार गेंदबाजी नहीं की होती तो ऑस्ट्रेलियाई टीम इससे भी विशाल स्कोर तक पहुंच गई होती। श्री चरणी ने बेथ मूनी (24) और फॉर्म में चल रही एनाबेल सदरलैंड (03) को आउट किया। श्री चरणी ने भारत को पारी पर नियंत्रण लाने में मदद की क्योंकि अन्य भारतीय गेंदबाजों को पिच पर संघर्ष करना पड़ रहा था जिस पर उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही थी। वहीं कुछ गलतियां क्षेत्ररक्षण में भी हुईं जिससे मेजबान टीम के लिए चीजें और मुश्किल हो गईं। बल्कि श्री चरण के इस स्पैल से ऑस्ट्रेलियाई रन गति धीमी हुई। मेहमान टीम दो विकेट पर 220 रन के स्कोर से छह विकेट पर 265 रन तक पहुंच गई लेकिन इसके बाद गार्डनर की 45 गेंद में चार चौके और इतने ही छक्के जड़ित पारी ने टीम को 300 रन के पार करा दिया। टीम एक गेंद रहते 338 रन के स्कोर पर सिमट गई। लिचफील्ड ने 93 गेंद की पारी के दौरान 17 चौके और तीन छक्के जड़े। पैरी ने 88 गेंद में छह चौके और दो छक्के जमाए। लिचफील्ड और पैरी ने दूसरे विकेट के लिए 133 गेंद में 155 रन की साझेदारी निभाई। पारी की शुरूआत में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे ओवर में एलिसा हीली का कैच छोड़कर उन्हें जीवनदान दिया। हालांकि अंतिम एकादश में वापसी करने वाली ऑस्ट्रेलियाई कप्तान छठे ओवर में सस्ते में आउट हो गईं। लिचफील्ड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 77 गेंद में तीसरा वनडे शतक जड़ दिया जिससे ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़े स्कोर की नींव पड़ी। यह 22 वर्षीय खिलाड़ी अभी तक टूर्नामेंट में केवल एक अर्धशतक ही लगा सकी थी। लेकिन उनकी बल्लेबाजी को देखकर ऐसा लगा जैसे वह शानदार फॉर्म में हों। लिचफील्ड ने मैदान के हर कोने पर शॉट लगाए और हर तरह के शॉट लगाए। रिवर्स स्वीप खेलने की इस महारथी ने 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर श्री चरणी की गेंद पर सीधा शॉट लगाया जो अमनजोत कौर के हाथ में जाता दिखा जिससे वह वापस लौट गईं, लेकिन अंपायरों ने उन्हें वापस बुला लिया क्योंकि गेंद टर्फ से टकराने के बाद शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़ी क्षेत्ररक्षक के हाथों में चली गई थी। लिचफील्ड की शानदार पारी का अंत अमनजोत कौर की गेंद पर हुआ जिसे वह डीप फाइन लेग में खेलना चाह रही थीं लेकिन इससे उनके मिडिल स्टंप उखड़ गए। पैरी उनका अच्छा साथ निभा रही थीं और उन्होंने अर्धशतक जड़कर टीम के लिए अहम योगदान दिया। वह राधा यादव की गेंद पर बोल्ड हुईं। भारतीय गेंदबाजों को अनुशासित रहने की जरूरत थी लेकिन क्रांति गौड़ लाइन एवं लेंथ में अनिरंतर रहीं तो रेणुका सिंह अपनी चिर परिचित इन स्विंग नहीं हासिल कर पाईं। भारत की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली दीप्ति (73 रन देकर दो विकेट) को आखिरी क्षणों में दो विकेट मिले। बारिश ने पारी के शुरू में थोड़ी देर के लिए खलल डाला था। -
मेलबर्न. आस्ट्रेलिया के 17 वर्ष के क्रिकेटर बेन आस्टिन की यहां अभ्यास के दौरान गले में गेंद लगने से मौत हो गई जिससे 2014 में फिल ह्यूज की मौत की दुखद यादें ताजा हो गई । आस्टिन को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया । उन्हें फर्नट्री गली में अभ्यास के दौरान गेंद गले और सिर में लगी थी । वह टी20 मैच से पहले नेट अभ्यास कर रहे थे । उन्हें हादसे के बाद वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी । फर्नट्री गली क्रिकेट क्लब ने बृहस्पतिवार को उनकी मौत की पुष्टि की ।
क्लब ने कहा , हम बेन की मौत से बहुत दुखी हैं । उसके परिवार, दोस्तों और जानने वालों के प्रति हमारी संवेदनायें ।'' अभ्यास के वक्त उन्होंने हेलमेट पहना था लेकिन ‘नेकगार्ड ' नहीं । इस हादसे के बाद एक बार फिर हर स्तर पर खेल में सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग की मांग जोर पकड़ने लगी है । इससे पहले क्रिकेट विक्टोरिया ने बेन के पिता जेस आस्टिन के हवाले से परिवार की ओर से एक बयान जारी किया था । बयान में कहा गया ,‘‘ हम अपने चहेते बेन के निधन से बेहद दुखी हैं । ट्रेसी और मेरे लिये बेन लाड़ला बेटा था और कूपर तथा जाश का चहेता भाई था । वह हमारे परिवार और दोस्तों के जीवन का उजाला था । इस हादसे ने उसे हमने छीन लिया । उसे क्रिकेट से प्यार था और यह खेल उसके जीवन की खुशी था ।'' इसमें यह भी कहा गया ,‘‘ हम उस गेंदबाज के भी साथ खड़े हैं जो उस समय नेट्स पर गेंदबाजी कर रहा था । इस हादसे ने दो युवाओं को प्रभावित किया है । उसके और उसके परिवार के साथ भी हमारी संवेदनायें हैं । बेन हमेशा हमारी यादों में रहेगा ।'' नवंबर 2014 को सिडनी में आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज ने दम तोड़ा था जब एक प्रथम श्रेणी मैच के दौरान उन्हें बल्लेबाजी करते समय बाउंसर कान के पास लगा था । -
कैनबरा. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव कुछ शानदार शॉट के साथ लय में वापसी करते दिखे, लेकिन खराब मौसम और बारिश के कारण बुधवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच रद्द करना पड़ा। बारिश के कारण 9.4 ओवर के खेल के बाद जब दूसरी बार खेल रोका गया तब सूर्यकुमार 24 गेंद में 39 रन बनाकर नाबाद थे। उन्होंने शानदार लय में चल रहे उपकप्तान शुभमन गिल (20 गेंदों पर नाबाद 37) के साथ दूसरे विकेट के लिए 35 गेंद में 62 रन की साझेदारी के साथ बड़े स्कोर की नींव तैयार कर दी थी। भारत ने खेल रोको जाने से पहले एक विकेट पर 97 रन बना लिये थे।
भारतीय कप्तान ने कई आकर्षक शॉट लगाये लेकिन बारिश के कारण वह और गिल अर्धशतक पूरा करने से दूर रह गये। इस साल 110 से कम स्ट्राइक रेट से महज 100 रन बनाने वाले सूर्यकुमार ने जोश हेजलवुड की गेंद को अपने चिर-परिचित अंदाज में स्क्वायर लेग के ऊपर से छह रनों के लिए भेज कर यह दिखाया कि वह लंबे समय तक इस प्रारूप के शीर्ष बल्लेबाज क्यों रहे हैं। मनुका ओवल की पिच से गेंद को अच्छी उछाल रही थी और सूर्यकुमार ने इसका फायदा उठाते हुए नाथन एलिस के खिलाफ 10वें ओवर की शुरुआती दो गेंदों पर चौका जड़ा और फिर तीसरी गेंद को दर्शकों के दर्शन कराये। इसके एक गेंद बाद ही हालांकि बारिश फिर से शुरू हो गयी और मैच को रोकना पड़ा। गिल ने दूसरे छोर से आक्रमण और धैर्य का शानदार मिश्रण दिखाया। उन्होंने वामहस्त स्पिनर मैथ्यू कुहनेमन के खिलाफ काऊ कॉर्नर (डीप मिडविकेट और लांग लेग के बीच में) पर दर्शनीय छक्का जड़ा। गिल ने इस छक्के के अलावा चार दिलकश चौके भी जड़े। इससे पहले 4.4 ओवर के बाद भी बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा था। बारिश के पहले व्यवधान के बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ तो मैच को 18 ओवर प्रति टीम कर दिया गया था। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया था जिसके बाद अभिषेक शर्मा (14 गेंद में 19 रन) ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई। एलिस ने हालांकि उन्हें खतरनाक होने से पहले ही चलता कर टीम को पहली सफलता दिलाई। -
नई दिल्ली। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 150 छक्के लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं। सूर्या ने यह आंकड़ा ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध कैनबरा में जारी पहले टी20 मैच में छुआ। सूर्यकुमार यादव ने मनुका ओवल में खेले जा रहे बारिश से प्रभावित मुकाबले के 9.3 ओवर में नाथन एलिस की गेंद पर छक्का लगाया। इसी के साथ सूर्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 150 छक्के पूरे करने वाले विश्व के पांचवें बल्लेबाज बन गए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले बल्लेबाजों में रोहित शर्मा शीर्ष पर हैं, जिन्होंने साल 2007 से 2024 के बीच 159 मुकाबलों में 205 छक्के लगाए। रोहित इस फॉर्मेट में 200 छक्के लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।इस लिस्ट में यूएई के मोहम्मद वसीम दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 91 टी20 मुकाबलों में अब तक 187 छक्के लगाए हैं। 122 टी20 मुकाबलों में 173 छक्के लगाने वाले न्यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल तीसरे स्थान पर हैं। इंग्लैंड के जोस बटलर 144 टी20 मुकाबलों में 172 छक्के लगाने के साथ इस फेहरिस्त में चौथे स्थान पर मौजूद हैं।बता दें कि मनुका ओवल में खेले जा रहे इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर फील्डिंग का फैसला लिया।जसप्रीत बुमराह को टी20 सीरीज के पहले मैच में चुना गया है। अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर और जितेश शर्मा को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया है। हालांकि, हर्षित राणा इस मुकाबले का हिस्सा हैं।भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मैच 31 अक्टूबर को मेलबर्न में खेला जाएगा। तीसरा मुकाबला 2 नवंबर को होबार्ट में आयोजित होगा। चौथा मैच 6 नवंबर को गोल्ड कोस्ट में खेला जाना है, जबकि पांचवां और अंतिम मैच 8 नवंबर को ब्रिस्बेन में आयोजित होगा। - नयी दिल्ली. भारत ने आगामी वर्षों में महाद्वीपीय और वैश्विक प्रतियोगिताओं के आयोजन के अपने प्रयासों के तहत 2028 एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप और 2026 एशियाई रिले की मेजबानी के लिए बोलियां पेश की हैं। भारत अगर इन प्रतियोगिताओं की मेजबानी हासिल करने में सफल रहा तो यह पहली बार होगा जब देश इन दो महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेगा। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने 2028 एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भुवनेश्वर को मेजबान शहर के रूप में प्रस्तावित किया है, जबकि 2026 एशियाई रिले के लिए स्थल अभी तय नहीं हुआ है। एएफआई के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने 2028 एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भुवनेश्वर को मेजबान शहर के तौर पर बोली प्रस्तुत की है। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम परिसर में स्थित इंडोर सुविधा के अलावा भारत में कोई अन्य स्थल इस आयोजन की मेजबानी नहीं कर सकता।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हमने 2026 एशियाई रिले के लिए अभी तक स्थल पर निर्णय नहीं लिया है।''एएफआई एशियाई रिले के लिए उत्तर भारत के किसी शहर पर विचार कर रहा है, जिसके अप्रैल में आयोजित होने की संभावना है। इस योजना में हालांकि बदलाव हो सकता है। भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम परिसर में अत्याधुनिक इनडोर सुविधा का उद्घाटन 2024 में किया गया था। इसमें 200 मीटर का रनिंग ट्रैक, 100 मीटर का अभ्यास ट्रैक, लंबी कूद, त्रिकूद, पोल वॉल्ट और गोला फेंक के लिए निर्धारित क्षेत्र के अलावा खिलाड़ियों के लिए अभ्यास क्षेत्र और एक जिम भी है। यहां लगभग 2000 दर्शकों के बैठने का भी इंतजाम है। इस सुविधा में पूर्णकालिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों के लिए 60 ‘ट्विन-शेयरिंग (एक कमरे में दो लोग)' कमरे और एक डाइनिंग हॉल भी है। एशियाई रिले के उद्घाटन सत्र का आयोजन 2024 बैंकॉक में हुआ था जहां भारत ने चार गुणा 400 मीटर मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जबकि इसी स्पर्धा के पुरुष और महिला वर्ग में रजत पदक हासिल किया था। एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन हर दो साल में होता है। इसका आगाज 2004 में तेहरान में हुआ था। ईरान ने इस प्रतियोगिता की सबसे अधिक चार बार मेजबानी की है। भारत ने तेहरान में ही आयोजित 2024 सत्र में तीन स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीता था। तजिंदरपाल सिंह तूर (पुरुष गोला फेंक), ज्योति याराजी (महिला 60 मीटर बाधा दौड़) और हरमिलन बैंस (महिला 1500 मीटर) ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीता, जबकि अंकिता ध्यानी (महिला 3000 मीटर) को रजत पदक मिला। एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 सत्र छह से आठ फरवरी तक चीन के तियानजिन में आयोजित की जाएगी। भारत ने औपचारिक रूप से 2028 विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप के साथ-साथ 2029 या 2031 में होने वाली सीनियर विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए भी अपनी रुचि व्यक्त की है।
- कोलकाता. सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मंगलवार को कहा कि वह ‘फिट' हैं और भारतीय टीम में वापसी के लिए ‘तैयार' हैं। उन्होंने सत्र के पहले दो रणजी ट्रॉफी मैच में शानदार प्रदर्शन करके वापसी का अपना मजबूत दावा पेश किया। बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने मंगलवार को गुजरात के खिलाफ मैच में आठ विकेट लिए और ईडन गार्डन्स पर अपनी टीम की 141 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। गुजरात की दूसरी पारी में पांच विकेट लेने के बाद शमी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘काफी कड़ी मेहनत की है और मेरा मानना है कि किस्मत भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। हर कोई देश के लिए खेलना चाहता है। इसलिए मैं (फिर से) इसके लिए तैयार हूं।''उन्होंने कहा, ‘‘मेरी प्रेरणा फिट और भारतीय टीम के लिए हर समय उपलब्ध रहना है। मैदान पर मैं अच्छा प्रदर्शन करता रहूंगा और बाकी चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है।'' इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘यह राहत की बात है। मानसिक रूप से, शारीरिक रूप से, यह बहुत अच्छा लगता है क्योंकि आप इतने मुश्किल समय (चोट) से वापस आ रहे हैं और उसके बाद आप मैदान पर बने रहते हैं।'' शमी को ऑस्ट्रेलिया के सीमित ओवरों के दौरे के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया था जिसके बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और इस सीनियर क्रिकेटर के बीच बयानबाजी हुई थी। हालांकि इस तेज गेंदबाज ने इस बात पर जोर दिया है कि टखने की सर्जरी से ठीक होने के बाद वह पूरी तरह फिट हैं और खेल के सभी प्रारूप के लिए उपलब्ध हैं। जब उनसे मंगलवार को भारतीय टीम में वापसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने विवाद से दूर रहना पसंद किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा किसी ना किसी विवाद में फंसा रहता हूं।आप लोगों की वजह से (हंसते हुए)। यह एक गलतफहमी है।'' शमी ने साथ ही कहा कि उन्होंने क्यूरेटर से ईडन गार्डन्स में घास वाली पिच तैयार करने को कहा था क्योंकि उनका मानना है कि बंगाल का तेज गेंदबाजी आक्रमण भारतीय घरेलू क्रिकेट में सबसे अच्छे तेज गेंदबाजी आक्रमण में से एक है। बंगाल के मुख्य कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने भारतीय टीम में वापसी के लिए शमी का समर्थन किया।उन्होंने कहा, ‘‘मोहम्मद शमी को किसी से प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। वह खुद में एक प्रमाण पत्र है। उन्हें अपने प्रशंसकों, मीडिया और सबसे बड़े चयनकर्ता का समर्थन है जो सबसे ऊपर (भगवान) है।''
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नई दिल्ली। भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानुष शाह और दिया चितले की जोड़ी ने पहली बार डब्ल्यूटीटी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रच दिया है। नवीनतम डब्ल्यूटीटी सीरीज़ फाइनल्स रेस रैंकिंग के अनुसार मंगलवार को शाह–चितले की जोड़ी इस साल के अंत में होने वाले हांगकांग (चीन) में निर्धारित टूर्नामेंट (10 से 14 दिसंबर) के लिए जगह पक्की करने वाली पांचवीं मिश्रित युगल टीम बन गई।
आईटीटीएफ की नवीनतम रैंकिंग में भारतीय जोड़ी आठवें स्थान परडब्ल्यूटीटी स्टार कंटेंडर मस्कट (17 से 22 नवंबर) के बाद की फाइनल रेस रैंकिंग से सात सर्वश्रेष्ठ जोड़ियां सीधे क्वालीफाई करेंगी, जबकि आठवां स्थान मेज़बान देश के वाइल्डकार्ड जोड़ी को मिलेगा। विश्व टेबल टेनिस महासंघ (आईटीटीएफ) की नवीनतम रैंकिंग में भारतीय जोड़ी आठवें स्थान पर है। इस सीज़न में उन्होंने कई शानदार प्रदर्शन किए हैं।अप्रैल में हुए डब्ल्यूटीटी कंटेंडर ट्यूनिस में उन्होंने जापान की मिवा हारिमोटो और सोरा मात्सुशिमा को फाइनल में हराकर खिताब जीता — जो उनका सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब रहा। इसके बाद जुलाई में हुए यूएस स्मैश में उन्होंने जापान की सत्सुकी ओडो और कोरिया के ओह जुनसंग को मात दी, वहीं डब्ल्यूटीटी कंटेंडर ब्यूनस आयर्स में उन्होंने सत्सुकी ओडो और जापान के ही हीरोतो शिनोजुका को हराकर प्रभावशाली जीत दर्ज की।इस वर्ष प्रतियोगिता में पुरुष और महिला एकल वर्ग में 16-16 खिलाड़ी लेंगे भागगौरतलब है कि डब्ल्यूटीटी फाइनल्स की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। इस वर्ष भी प्रतियोगिता में पुरुष और महिला एकल वर्ग में 16-16 खिलाड़ी भाग लेंगे। कुल 13 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि वाली इस प्रतियोगिता में इस बार पुरुष और महिला युगल की जगह मिश्रित युगल इवेंट को शामिल किया गया है।मिश्रित युगल वर्ग में दो ग्रुप (प्रत्येक में चार जोड़ियां) बनाए जाएंगे। ग्रुप चरण के बाद सेमीफाइनल खेले जाएंगे और सभी मुकाबले बेस्ट ऑफ फाइव (5 गेम्स) प्रारूप में होंगे।इस ऐतिहासिक अवसर पर दिया चितले ने एक बयान में कहा, “फाइनल्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलना अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है, और उससे भी बड़ा गर्व है कि हम पहले भारतीय हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। यह पल सिर्फ हमारा नहीं है — यह भारतीय टेबल टेनिस की प्रगति का प्रतीक है। हम पूरी कोशिश करेंगे कि इसे यादगार बना सकें।” - नयी दिल्ली. दो बार की ओलंपिक पदक विजेता स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने यूरोपीय चरण से पहले पैर में लगी चोट से पूरी तरह उबरने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 2025 के सत्र की बाकी बची बीडब्ल्यूएफ टूर प्रतियोगिताओं से हटने का फैसला किया है। हैदराबाद की 30 वर्षीय शटलर ने कहा कि यह निर्णय उनकी सहयोगी टीम और चिकित्सा विशेषज्ञों से परामर्श करने के बाद लिया गया। इन चिकित्सा विशेषज्ञों में प्रसिद्ध खेल हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ पारदीवाला भी शामिल हैं। सिंधू ने सोमवार को एक बयान में कहा,‘‘अपनी टीम के साथ विचार विमर्श करने और डॉक्टर पारदीवाला से सलाह लेने के बाद हमने महसूस किया कि मेरे लिए 2025 में शेष सभी बीडब्ल्यूएफ टूर प्रतियोगिताओं से हटना सबसे अच्छा होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय चरण से पहले मेरे पैर में जो चोट लगी थी वह अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हुई है। चोट लगना किसी भी खिलाड़ी के करियर का अहम हिस्सा होता है हालांकि इसे स्वीकार करना आसान नहीं होता है। इस तरह की परिस्थितियां आपके धैर्य की परीक्षा लेती हैं और आपको मजबूत होकर वापसी करने के लिए प्रेरित भी करती हैं।'' पिछले साल पेरिस ओलंपिक में शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद यह साल भी सिंधू के लिए अच्छा नहीं रहा। वह कई प्रतियोगिताओं के पहले दौर में बाहर हो गई और इस दौरान एक भी खिताब नहीं जीत सकी।
- नवी मुंबई. फॉर्म में चल रही सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल घुटने और टखने की चोट के कारण सोमवार को आईसीसी महिला वनडे विश्व कप के बाकी मैचों से बाहर हो गईं जिससे भारतीय टीम को करारा झटका लगा है। शेफाली वर्मा को प्रतिका की जगह टीम में शामिल किया गया। शेफाली ने पिछला एकदिवसीय मैच एक साल पहले खेला था। बांग्लादेश के खिलाफ डीवाई पाटिल स्टेडियम में भारत के अंतिम लीग मैच के दौरान प्रतिका का दाहिना टखना मुड़ गया था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने एक बयान में कहा, ‘‘बांग्लादेश के खिलाफ लीग मैच में क्षेत्ररक्षण करते समय प्रतिका रावल के दाहिने टखने में चोट लगने के बाद शेफाली वर्मा को उनकी जगह टीम में शामिल किया गया है। ''21वें ओवर की आखिरी गेंद पर जब प्रतिका गेंद रोकने के लिए डीप मिडविकेट से दौड़ीं तो उनका दाहिना पैर गीले मैदान में फंस गया और वह दर्द से कराहते हुए गिर पड़ीं। भारतीय खिलाड़ी भाग कर प्रतिका के पास पहुंची और एक स्ट्रेचर भी मैदान में लाया गया लेकिन यह 25 साल की खिलाड़ी सहयोगी स्टाफ की मदद से मैदान से बाहर चली गईं। प्रतिका पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रही हैं और उन्होंने छह पारियों में 51.33 के औसत से 308 रन बनाए हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला विश्व कप शतक लगाया। इस दौरान वह महिला वनडे में संयुक्त रूप से सबसे तेज 1000 रन बनाने वाली खिलाड़ी भी बनीं। प्रतिका ने शीर्ष क्रम में स्मृति मंधाना के साथ अच्छी भागीदारियां कीं।भारत बृहस्पतिवार को सेमीफाइनल में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा जबकि फाइनल रविवार को होगा। आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा को सीधे अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है। 21 वर्षीय इस सलामी बल्लेबाज का वनडे रिकॉर्ड सामान्य है, उन्होंने 29 मैचों में 23 के औसत से 644 रन बनाए हैं। प्रदर्शन में निरंतरता की कमी के कारण शेफाली वनडे टीम में अपनी जगह नहीं बना पाईं। हालांकि उन्होंने छोटे प्रारूप में अपनी जगह बरकरार रखी है। रिचा घोष की फिटनेस पर भी संदेह बना हुआ है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस विकेटकीपर बल्लेबाज की उंगली में चोट लग गई थी और इसके बाद वह बांग्लादेश के खिलाफ मैच से बाहर हो गईं थीं।
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जोहानिसबर्ग. कप्तान तेम्बा बावुमा पिंडली की चोट से उबर गए हैं और उन्हें भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए सोमवार को दक्षिण अफ्रीका की टीम में शामिल किया गया। यह श्रृंखला 14 नवंबर से शुरू होगी और इसके मैच गुवाहाटी और कोलकाता में खेले जाएंगे।
बावुमा हाल ही में पाकिस्तान में हुई दो मैचों की श्रृंखला में नहीं खेल पाए थे। उस श्रृंखला में भाग लेने वाले अधिकतर खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है। बावुमा मैच अभ्यास की कमी पूरा करने के लिए दो नवंबर से दक्षिण अफ्रीका ए और भारत ए के बीच बेंगलुरु में होने वाले चार दिवसीय मैच में भाग ले सकते हैं। इस मैच से ऋषभ पंत भी चोट से वापसी करेंगे। दक्षिण अफ्रीका ने साइमन हार्मर, केशव महाराज और सेनुरन मुथुस्वामी के रूप में अपने तीन प्रमुख स्पिनरों को टीम में शामिल किया है जिन्होंने पाकिस्तान में ‘टर्निंग ट्रैक' पर बड़ा प्रभाव डाला था और वे भारतीय बल्लेबाजों को उनकी धरती पर परेशान कर सकते हैं। यह देखना अभी बाकी है कि भारत किस तरह की पिचें तैयार करता है क्योंकि इस महीने की शुरुआत में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसने पूरी तरह से टर्न लेने वाली पिचों का चयन नहीं किया था। कागिसो रबाडा, ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश, मार्को यानसन और वियान मुल्डर तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। पहला टेस्ट मैच 14 नवंबर को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में शुरू होगा जिसके बाद टीम गुवाहाटी जाएगी जहां एसीए स्टेडियम 22 नवंबर से अपने पहले टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुकरी कॉनराड ने कहा, ‘‘हमने पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला में भाग लेने वाली टीम के अधिकतर खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। उन खिलाड़ियों ने असली जज्बा दिखाया और पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए श्रृंखला बराबर करने के लिए कड़ी मेहनत की।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत में भी इसी तरह की चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं और उन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी एक बार फिर हमारे लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।'' भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम: तेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन मार्करम, रेयान रिकेल्टन, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरिन, डेवाल्ड ब्रेविस, जुबैर हमजा, टोनी डी ज़ोरज़ी, कॉर्बिन बॉश, वियान मुल्डर, मार्को यानसन, केशव महाराज, सेनुरन मुथुसामी, कागिसो रबाडा, साइमन हार्मर।





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