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- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बुधवार को अपनी त्योहारी ऑफर के तहत सोने के आभूषण और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के एवज में कर्ज पर ब्याज दर में 1.45 प्रतिशत कमी की। बैंक ने एक बयान में कहा कि पीएनबी अब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) पर 7.20 प्रतिशत और सोने के आभूषणों के बदले 7.30 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज देगा। इसके अलावा, पीएनबी ने आवास ऋण पर भी ब्याज दर में कटौती की है। यह अब 6.60 प्रतिशत से शुरू होती है, जबकि ग्राहक 7.15 प्रतिशत की दर से कार ऋण और 8.95 प्रतिशत के ब्याज पर व्यक्तिगत ऋण (पर्सनल लोन) का लाभ उठा सकते हैं। बैंक का दावा है कि यह उद्योग में सबसे कम दर में से है। त्योहारी सीजन के दौरान बैंक आवास ऋण और वाहन ऋण के समान, सोने के आभूषण और एसजीबी ऋण पर सेवा शुल्क/प्रोसेसिंग शुल्क में पूर्ण छूट की पेशकश कर रहा है। बैंक ने गृह ऋण पर मार्जिन भी घटा दिया है। कर्ज लेने वाले ग्राहक अब संपत्ति मूल्य के 80 प्रतिशत तक ऋण ले सकेंगे।
- नयी दिल्ली। दिल्ली परिवहन विभाग ने 140 लॉ फ्लोर, वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के लिए बुधवार को निविदा जारी की। इसका उद्देश्य सरकारी बसों के बड़े में वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी करना और शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखना है। परिवहन विभाग ने एक नोटिस में कहा है कि दिल्ली सरकार की क्लस्टर योजना के तहत 140 बसों के संचालन के लिए पात्रता अनुरोध और प्रस्ताव जारी किया गया है। इस महीने की शुरुआत में विभाग ने क्लस्टर योजना के तहत 190 लो फ्लोर, वातानुकूलित बसों के लिए निविदा जारी की थी। एक सरकारी दस्तावेज़ में कहा गया है दिल्ली सरकार ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आसपास के कुछ इलाकों के लिए सार्वजनिक परिवहन का पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक रूप से टिकाऊ नेटवर्क स्थापित करने के खातिर एक कार्यक्रम शुरू किया है ताकि यात्रियों को सरकारी बसों में सफर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्लस्टर योजना के तहत बेड़े में अब तक 3,000 से अधिक सीएनजी बसों को शामिल किया गया है और अब, अधिक इलेक्ट्रिक बसों को लाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि वाहनों के प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) शहर में करीब 3,600 लो फ्लोर बसें चलाती है। दिल्ली में डीटीसी की और क्लस्टर योजना के तहत बसें चलती हैं। विभाग के अधिकारी ने बताया कि नई बसों में जीपीएस, पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे जैसी नयी विशेषताएं होंगी। उन्होंने बताया कि अगर बोली कामयाब रही तो ये बसें अगले साल मध्य तक सड़कों पर आ जाएंगी। एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में कम से कम 11000 बसों की जरूरत है।
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नयी दिल्ली । डाक विभाग ने मंगलवार को डाक जीवन बीमा पॉलिसी -ईपीएलआई बांड का डिजिटल संस्करण जारी किया। अब अंशधारकों की पहुंच डिजिलॉकर के जरिये इस पॉलिसी तक होगी। डॉक विभाग ने कहा कि डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) पॉलिसी बांड अब ‘इलेक्ट्रॉनिक रूप' में उपलब्ध होंगे। सभी लेनदेन के लिए इसकी डिजिटल प्रति को वैध दस्तावेज माना जाएगा। डॉक विभाग के सचिव विनीत पांडेय ने ईपीएलआई बांड की शुरुआत करते हुए कहा कि यह विभाग का डिजिलॉकर के साथ पहला एकीकरण है। ईपीएलआई बांड डिजिलॉकर के साथ सहयोग में उपलब्ध होगा। इसका विकास इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी (मेइटी) मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ई-संचालन प्रभाग ने किया है। -
नयी दिल्ली । ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया वंचित समुदाय के छात्र-छात्राओं को डिजिटल रूप से सशक्त करने के लिए कदम उठाएगी। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि वह वंचित समुदाय के 20,000 विद्यार्थियों को उनके बेहतर भविष्य के लिए डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराएगी। कंपनी अपनी ‘डेलिवरिंग स्माइल' पहल के तहत करीब 150 छोटे-बड़े गैर-लाभकारी संगठनों के साथ भागीदारी में एक लाख विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव लाएगी। अमेजन इंडिया ने बयान में कहा, ‘‘हम छोटे-बड़े गैर-लाभकारी संगठनों के साथ भागीदारी में सीधे 20,000 छात्र-छात्राओं को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराएंगे। इससे देशभर में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव आएगा। -
नयी दिल्ली ।सार्वजनि।क क्षेत्र की भारतीय कंटेनर निगम लि. (कॉनकॉर) की रणनीतिक बिक्री चालू वित्त वर्ष में नहीं होगी। इसका कारण यह है कि रेलवे की जमीन उपयोग नीति को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने यह कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी रणनीतिक बिक्री को पूरा होने में रुचि पत्र (ईओआई) जारी होने की तारीख से करीब एक साल लगता है। कॉनकॉर के लिये निजीकरण के बाद रेल भूमि के उपयोग को लेकर रेल मंत्रालय द्वारा नीति को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इसीलिए अबतक रुचि पत्र जारी नहीं किया गया है। पांडेय ने कहा, ‘‘कंटेनर निगम लि. की रणनीतिक बिक्री इस साल नहीं होगी। इसमें रुचि पत्र जारी होने से लेकर पूरी प्रक्रिया में नौ महीने से एक साल का समय लगता है। हमें उम्मीद कर रहे थे कि रुचि पत्र जारी कर दिया जाएगा लेकिन यह जमीन की नीति से जुड़ा है। जैसे ही हम इसका समाधान कर देते हैं, हम कदम बढ़ाएंगे।'' उल्लेखनीय है कि नवंबर, 2019 में मंत्रिमंडल ने कॉनकॉर में प्रबंधन नियंत्रण के साथ कुल 54.80 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 30.8 प्रतिशत हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री की मंजूरी दी थी। सरकार हिस्सेदारी बिक्री के बाद 24 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार रखेगी। प्रस्तावित निजीकरण वाले अन्य केंद्रीय लोक उपक्रमों के बारे में पांडेय ने कहा कि उन्हें सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि., पोत परिवहन निगम, बीईएमएल, नीलांचल इस्पात निगम लि., पवन हंस और बीपीसीएल की बिक्री चालू वित्त वर्ष में पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में सरकार वित्तीय बोली के चरण में पहुंच गयी है। जबकि अन्य पांच केंद्रीय लोक उपक्रमों के मामले में जांच-परख और शेयर खरीद समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिये 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। -
नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को फॉस्फेटिक और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर 28,655 करोड़ रुपये की शुद्ध सब्सिडी की घोषणा की ताकि रबी की बुवाई के सीजन में किसानों को ये पोषक तत्व सस्ती कीमत पर मिल सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में अक्टूबर, 2021 से मार्च, 2022 की अवधि के लिए पीएंडके उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दे दी है। रबी (सर्दियों की बुवाई) का मौसम अक्टूबर में शुरू होता है। एक सरकारी बयान के अनुसार एनबीएस के तहत एन (नाइट्रोजन) की प्रति किलो सब्सिडी दर 18.789 रुपये, पी (फास्फोरस) के लिए 45.323 रुपये, के (पोटाश) के लिए 10.116 रुपये और एस (सल्फर) के लिए 2.374 रुपये तय की गई है। सरकार ने कहा कि ‘‘रोलओवर की कुल राशि 28,602 करोड़ रुपये होगी।''
इसके तहत 5,716 करोड़ रुपये की संभावित अतिरिक्त लागत के लिए डीएपी पर अतिरिक्त सब्सिडी को विशेष एकमुश्त पैकेज भी प्रदान किया है। बयान में कहा गया है कि कुल सब्सिडी की जरूरत 35,115 करोड़ रुपये होगी।
सीसीईए ने एनबीएस योजना के तहत गन्ने के शीरे (0:0:14.5:0) से प्राप्त पोटाश को शामिल करने को भी मंजूरी दी। बयान के अनुसार, ‘‘बचत में कटौती के बाद रबी 2021-22 के लिए आवश्यक शुद्ध सब्सिडी 28,655 करोड़ रुपये होगी।'' जून में भी, सीसीईए ने डीएपी और कुछ अन्य गैर-यूरिया उर्वरकों के लिए सब्सिडी में 14,775 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की थी। सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में उर्वरक सब्सिडी के लिए लगभग 79,600 करोड़ रुपये आवंटित किए थे और अतिरिक्त सब्सिडी के प्रावधानों के बाद यह आंकड़े बढ़ सकते हैं। लाभों की जानकारी देते हुए, सरकार ने मंगलवार को कहा कि अतिरिक्त सब्सिडी से रबी सत्र 2021-22 के दौरान किसानों को सभी पीएंडके उर्वरकों को रियायती / सस्ती कीमतों पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा। यूरिया के मामले में केंद्र ने अधिकतम खुदरा मूल्य तय किया है और सब्सिडी के रूप में एमआरपी और उत्पादन लागत के बीच के अंतर की प्रतिपूर्ति की है। -
नयी दिल्ली। ब्रिटेन की सुपर बाइक कंपनी ट्रायम्फ मोटरसाइकिल्स ने भारत में अपनी नयी स्ट्रीट स्क्रैंबलर बाइक उतारी है। इसकी शोरूम कीमत 9.35 लाख रुपये है। इस बाइक में 900 सीसी का इंजन लगा है जो 65 पीएस की पावर पैदा करता है। कंपनी ने कहा कि इसके अलावा बाइक में तीन राइडिंग मोड (रोड, रेन और ऑफ-रोड) हैं। साथ ही बाइक में टॉर्क-एसिस्ट क्लच, डिस्टिंक्टिव एलईडी रियर लाइट, यूएसबी चार्जर की खूबियां जुड़ी हैं। - नयी दिल्ली। टाटा पावर सोलर को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) से 100 मेगावॉट की वितरित ग्राउंड-माउंटेड सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 538 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। टाटा पावर की प्रमुख एकीकृत सौर कंपनी और पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी टाटा पावर सोलर सिस्टम्स लि. को ईईएसएल के लिए 100 मेगावॉट की ग्राउंड-माउंटेड सौर परियोजनाओं के निर्माण के लिए "अनुबंध पत्र" (एलओए) मिला है। कंपनी के एक बयान में कहा गया है कि परियोजनाओं का कुल ऑर्डर मूल्य 538 करोड़ रुपये है।बयान के मुताबिक परियोजनाओं के चालू होने की तारीख 12 महीने निर्धारित की गयी है।ईईएसएल के परियोजना स्थल महाराष्ट्र में हैं। टाटा पावर को सौंपे गए कार्यों में इंजीनियरिंग, डिजाइन, आपूर्ति, निर्माण, परीक्षण, संचालन एवं रखरखाव और सौर परियोजनाओं को चालू करना आदि शामिल हैं। टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने कहा, "हम वितरित ग्राउंड-माउंटेड सौर ईपीसी परियोजनाओं के लिए ईईएसएल से नया अनुबंध मिलने पर उत्साहित हैं। यह सौर ऊर्जा क्षेत्र और परियोजना कार्यान्वयन क्षमताओं में टाटा पावर की मजबूत साख को दिखाता है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि सरकार बिजली उत्पादकों (जेनको) की कोयले की मांग को पूरा करने का भरपूर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कोयला आपूर्ति अभी 19.5 लाख टन प्रतिदिन की है जिसे बढ़ाकर 20 लाख टन प्रतिदिन करने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा, कोयला मंत्रालय में हम इस ईंधन की मांग को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को आपूर्ति 19.5 लाख टन रही है। इसमें से 16 लाख टन कोयला कोल इंडिया ने तथा शेष सिंगरेली कोलियरीज कंपनी ने भेजा। कुल मिलाकर 19.5 लाख टन की आपूर्ति की गई।' कोयला मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जबकि देश के बिजली संयंत्र कोयला संकट से जूझ रहे हैं।जोशी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह देश के इतिहास में सबसे अधिक आपूर्ति है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह जारी रहेगी।'' जोशी ने कोयले के वाणिज्यिक खनन की तीसरे चरण की नीलामी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘2020-21 अक्टूबर या उससे पहले हम 20 लाख टन की आपूर्ति पर पहुंचने का प्रयास करेंगे। यह भी एक रिकॉर्ड होगा।'' मंत्री ने सभी हितधारकों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी हितधारकों तथा देश के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि बिजली उत्पादन के लिए जितने भी कोयले की जरूरत होगी कोयला मंत्रालय उसे उपलब्ध कराएगा।'' उन्होंने कहा कि मानसून लौटने के साथ अब कोयला आपूर्ति और सुधरेगी। जोशी ने कहा, ‘‘अभी कोल इंडिया के पास 22 दिन का भंडार है। आप जानते हैं कि मानसून लौट रहा है। ऐसे में आपूर्ति और सुधरेगी।'' मंत्री ने कहा कि अगले 30-40 साल निश्चित रूप से कोयले का भविष्य है। उन्होंने कहा कि यह कोयला ब्लॉकों की तीसरे चरण की नीलामी के लिए उपयुक्त समय है। पूरी दुनिया और भारत के कुछ हिस्सों में कोयले के भविष्य को लेकर चर्चा चल रही है। कोयला सचिव ए के जैन ने भी कहा कि यह कोयले के वाणिज्यिक खनन के लिए तीसरे चरण की नीलामी को उपयुक्त समय है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय कोयले की आपूर्ति को लेकर चर्चा चल रही है। ‘‘साथ ही कोयले की मांग भी है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) को महारत्न का दर्जा दे दिया है। इस कदम से कंपनी की वित्तीय और परिचालन स्वायत्तता के साथ कुशलता बढ़ेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘सरकार ने पीएफसी को महारात्न का दर्जा दिया है। इससे कंपनी की वित्तीय और परिचालन स्तर पर स्वायत्तता और कुशलता बढ़ेगी।'' वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला लोक उपक्रम विभाग ने मंगलवार को इस आशय का आदेश जारी किया।पीएफसी का गठन 1986 में हुआ था। यह बिजली क्षेत्र के लिये बुनियादी ढांचा वित्तपोषण प्रदान करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। महारत्न का दर्जा मिलने से कंपनी के निदेशक मंडल के पास वित्तीय निर्णय का दायरा बढ़ जाएगा।महारत्न कंपनी का निदेशक मंडल वित्तीय संयुक्त उद्यम और पूर्ण अनुषंगी इकाइयों को लेकर इक्विटी निवेश का फैसला कर सकता है। साथ ही देश और विदेश में विलय और अधिग्रहण का निर्णय कर सकता है। हालांकि, इसके लिये सीमा संबंधित कंपनी के नेटवर्थ के 15 प्रतिशत तक सीमित है। यह एक परियोजना में अधिकतम 5,000 करोड़ रुपये तक हो सकता है। साथ ही निदेशक मंडल मानव संसाधन प्रबंधन और प्रशिक्षण से संबंधित योजनाओं का क्रियान्वयन कर सकता है। वे प्रौद्योगिकी के स्तर पर संयुक्त उद्यम या रणनीतिक गठबंधन से जुड़ सकते हैं। केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने पीएफसी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीएफसी को महारत्न का दर्जा बताता है कि सरकार को बिजली क्षेत्र के संपूर्ण विकास में कंपनी की रणनीतिक भूमिका को लेकर पूरा भरोसा है। पीएफसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर एस ढिल्लन ने कहा कि कंपनी का पिछले तीन साल में वित्तीय प्रदर्शन शानदार रहा है और इसी कारण उसे महारत्न का दर्जा मिला है।
- नयी दिल्ली। देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में अगस्त में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। निम्न तुलनात्मक आधार तथा विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इन क्षेत्रों का उत्पादन कोविड-पूर्व स्तर को पार कर गया है। औद्योगिक उत्पादन में विनिर्माण क्षेत्र का भारांश 77.63 प्रतिशत है।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर 9.7 प्रतिशत रही। इस दौरान खनन क्षेत्र का उत्पादन 23.6 प्रतिशत तथा बिजली क्षेत्र का 16 प्रतिशत बढ़ा। अगस्त, 2020 में औद्योगिक उत्पादन 7.1 प्रतिशत घटा था।अगस्त, 2021 में आईआईपी 131.1 अंक रहा, जो पिछले साल समान महीने में 117.2 अंक रहा था। अगस्त, 2019 में यह 126.2 अंक था। आंकड़ों से पता चलता है कि औद्योगिक उत्पादन सुधरा है और यह महामारी पूर्व के अगस्त, 2019 के स्तर को पार कर गया है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह अप्रैल-अगस्त में आईआईपी में 28.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में आईआईपी में 25 प्रतिशत की गिरावट आई थी। कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले साल मार्च से औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। उस समय इसमें 18.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। अप्रैल, 2020 में लॉकडाउन की वजह से औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने से औद्योगिक उत्पादन 57.3 प्रतिशत घटा था। आर्थिक गतिविधियां खुलने के बाद सितंबर, 2020 में कारखाना उत्पादन एक प्रतिशत बढ़ा था। अक्टूबर में इसमें 4.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। नवंबर, 2020 में इसमें 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जबकि दिसंबर, 2020 में यह 2.2 प्रतिशत बढ़ा था। इसके बाद जनवरी में आईआईपी में 0.6 प्रतिशत तथा फरवरी में 3.2 प्रतिशत की गिरावट आई। मार्च में यह 24.2 प्रतिशत बढ़ा। अप्रैल में एनएसओ ने आईआईपी के आंकड़ों को रोक लिया था। मई, 2021 में आईआईपी 27.6 प्रतिशत तथा जून में 13.6 प्रतिशत बढ़ा था।इस साल जुलाई में आईआईपी में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। सरकार ने 25 मार्च, 2020 को कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी स्तर पर लॉकडाउन लगाया था। अगस्त, 2020 में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 7.6 प्रतिशत तथा खनन क्षेत्र के उत्पादन में 8.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। अगस्त, 2020 में बिजली क्षेत्र का उत्पादन 1.8 प्रतिशत घटा था। निवेश का संकेतक माने जाने वाले पूंजीगत सामान क्षेत्र का उत्पादन अगस्त, 2021 में 19.9 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल पहले समान महीने में यह 14.4 प्रतिशत घटा था। अगस्त, 2021 में टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़ा जबकि अगस्त, 2020 में यह 10.2 प्रतिशत घटा था। इसी तरह गैर-टिकाऊ सामान क्षेत्र का उत्पादन 5.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले समान महीने में इसमें तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी।
- मुंबई। बैंक, वाहन और टिकाऊ उपभोक्ता सामान कंपनियों के शेयरों में लिवाली से सेंसेक्स मंगलवार को 149 अंक की बढ़त के साथ 60,284 अंक के अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स में लगातार चौथी कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 148.53 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,284.31 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 60,332 अंक से 59,885 अंक के दायरे में रहा।इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 46 अंक यानी 0.26 प्रतिशत के लाभ से 17,991.95 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी का भी यह नया रिकॉर्ड है। सेंसेक्स की कंपनियों में टाइटन का शेयर सबसे अधिक पांच प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया। बजाज ऑटो, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, नेस्ले इंडिया, आईटीसी, एक्सिस बैंक तथा टाटा स्टील के शेयर भी लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, टीसीएस तथा सन फार्मा के शेयरों में गिरावट आई। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 1,095 अंक या 1.84 प्रतिशत चढ़ चुका है। वहीं निफ्टी 345 अंक या 1.95 प्रतिशत के लाभ में रहा है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 0.65 प्रतिशत तक चढ़ गए।एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा, ‘‘दिन में कारोबार के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में काफी गतिविधियां देखने को मिलीं। दोपहिया वाहनों तथा टिकाऊ उपभोक्ता कंपनियों के शेयर भी मांग में रहे। हालांकि, आईटी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली का सिलसिला चला। कारोबार के अंतिम घंटे में एल्युमीनियम की अगुवाई में धातु शेयरों में लिवाली से बाजार को समर्थन मिला।'' जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘तिमाही नतीजों के सत्र की कमजोर शुरुआत से आईटी शेयरो में बिकवाली रही। इसके लिए कमजोर वैश्विक रुख से भी यहां धारणा प्रभावित हुई। इससे घरेलू बाजार ज्यादातर समय नकारात्मक दायरे में रहा।'' उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा टिकाऊ उपभोक्ता सामान कंपनियों के शेयरों को मिले जबर्दस्त समर्थन से बाजार अंतत: सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ। अन्य एशियाई बाजारों में चीन के शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग के हैंगसेंग, जापान के निक्की तथा दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट का रुख था। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 16 पैसे टूटकर 75.52 प्र्रति डॉलर पर बंद हुआ।
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मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को लघु वित्त बैंक (एसएफबी) के लिए विशेष दीर्घकालिक रेपो परिचालन (एसएलटीआरओ) योजना के संबंध में संशोधित परिचालन दिशानिर्देश जारी किए। पिछले सप्ताह घोषित मौद्रिक नीति में केंद्रीय बैंक ने एसएलटीआरओ योजना को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाने की बात कही थी। इससे पहले योजना 31 अक्टूबर 2021 तक ही थी। आरबीआई ने कहा कि लघु वित्त बैंक आम लोगों और छोटे व्यवसायों को कर्ज देने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं और इसलिए रेपो दर पर तीन वर्ष के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एसएलटीआरओ सुविधा उन्हें 31 दिसंबर 2021 तक जारी रहेगी। इसके तहत प्रति कर्जदार 10 लाख रुपये तक के नए ऋण दिये जा सकते हैं। आरबीआई ने सोमवार को एक बयान में कहा कि तरलता समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत पात्र सभी एसएफबी इस योजना में भाग ले सकते हैं।
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इंदौर। जीवनरक्षक दवाओं की मांग में उछाल से मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 में अप्रैल से सितंबर के दौरान इंदौर के विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) से निर्यात करीब 12.25 प्रतिशत वृद्धि के साथ लगभग 6,359 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इस बहुउत्पादीय सेज से 5,665 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया,“इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच इंदौर सेज से हुए निर्यात में करीब 60 फीसद भागीदारी दवाओं, खासकर जीवनरक्षक औषधियों की रही।” उन्होंने बताया कि फिलहाल इंदौर सेज में फार्मा, पैकेजिंग सामग्री, इंजीनियरिंग, वस्त्र निर्माण और खाद्य प्रसंस्करण समेत अलग-अलग क्षेत्रों के 60 संयंत्र चल रहे हैं। इनमें से 20 इकाइयां अकेले फार्मा क्षेत्र की हैं। यह सेज हालांकि इंदौर के पास धार जिले की औद्योगिक नगरी पीथमपुर में स्थित है। लेकिन 1,100 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में फैली इस जगह को आधिकारिक तौर पर "इंदौर सेज" के नाम से ही जाना जाता है। - नई दिल्ली। मोटर वाहन उद्योग में इस समय बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। हालांकि, जापान की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा ने अपने फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन मिराई के साथ एक जबरदस्त कारनामा कर दिया है। हाइड्रोजन से चलने वाली 2021 टोयोटा मिराई ने बिना दोबारा ईंधन भरे फ्यूल सेल वाहन द्वारा सबसे लंबी दूरी तय करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।टोयोटा की हाइड्रोजन से चलने वाली मिराई ने दक्षिणी कैलिफोर्निया के राउंडट्रिप दौरे के दौरान एक सिंगल, पांच मिनट की पूरी फिलिंग पर 1360 किमी की यात्रा पूरी की। इस रिकॉर्ड को पूरा करने में दो दिन का समय लगा। रिकॉर्ड बनाने की कोशिश के दौरान गिनीज वर्ल्ड रिकॉड्र्स द्वारा बारीकी से निगरानी की गई। 5 मिनट में फुल टैंक ईंधन भरने के बाद, मिराई के टैंक को सील कर दिया गया और यात्रा की शुरुआत और आखिर दोनों में अधिकारी द्वारा इसकी पुष्टि की गई।दो दिवसीय यात्रा 23 अगस्त, 2021 को कैलिफोर्निया के गार्डेना में टोयोटा टेक्निकल सेंटर (टीटीसी) में शुरू हुई। यहां टोयोटा का फ्यूल सेल डेवलपमेंट ग्रुप मौजूद है। पहले दिन, इस कार ने दक्षिण को ओर सैन य्सिड्रो के लिए यात्रा की और फिर उत्तर में सांता बारबरा के निकली। इस दौरान इसने प्रशांत तट राजमार्ग से सांता मोनिका और मालिबू समुद्र तट होते हुए सफर तय किया। चालकों ने जीपीएस द्वारा 761 किमी की यात्रा दर्ज की और फिर टोयोटा टेक्निकल सेंटर (टीटीसी) लौट आए।दूसरे दिन इस कार के जरिए स्थानीय ड्राइविंग की गई और ईंधन खत्म होने तक 600 किमी की यात्रा पूरी की गई। इस दौरान कार को लॉस एंजिल्स और ऑरेंज काउंटी के बीच सैन डिएगो फ्रीवे पर सुबह और दोपहर में भीड़-भाड़ वाले समय में चलाया गया। ईंधन खत्म होने से पहले कार टीटीसी पर वापस लौट आई और कुल 1360 किमी की दूरी तय किया।टोयोटा मोटर उत्तरी अमेरिका के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट बॉब कार्टर ने कहा कि, "2016 में, टोयोटा मिराई उत्तरी अमेरिका में खुदरा बिक्री के लिए उपलब्ध पहला प्रॉडर्शन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन था और अब नेक्स्ट जेनरेशन मिराई ड्राइविंज रेंज के लिए रिकॉर्ड बना रही है। इस रोमांचक टेक्नोलॉजी में लीडर बनने पर हमें गर्व है, जो हमारे पोर्टफोलियो में जीरो-उत्सर्जन वाहनों की बढ़ती लाइनअप में से एक है।"
- नयी दिल्ली। सरकार ने घाटे में चल रही एयर इंडिया में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा समूह को 18,000 करोड़ रुपये में बेचने की पुष्टि को लेकर सोमवार को आशय पत्र जारी किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले हफ्ते टाटा समूह की स्वामित्त्व वाली कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2,700 करोड़ रुपये नकद भुगतान करने और एयरलाइन के ऊपर कर्ज में से 15,300 करोड़ रुपये की जिम्मेदारी लेने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। उसके बाद, अब टाटा को एक आशय पत्र (एलओआई) जारी किया गया है जिसमें सरकार की एयरलाइन में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की इच्छा की पुष्टि की गई है। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा, ‘‘आज आशय पत्र जारी कर दिया गया है।'' आशय पत्र के बाद शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। टाटा समूह को एयर इंडिया के संचालन को संभालने से पहले लेन-देन से जुड़ी शर्तों को पूरा करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, ‘‘आम तौर पर एलओआई की स्वीकृति के 14 दिनों के भीतर, शेयर खरीद समझौते (एसपीए) पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि एसपीए पर जल्द हस्ताक्षर किए जाएंगे।'' पांडेय ने कहा कि सौदा दिसंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। एसपीए पर हस्ताक्षर के बाद, नियामक मंजूरी दी जाएगी जिसके बाद संचालन हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पांडेय ने कहा, ‘‘जब वे स्वीकृति पत्र देंगे, तो वे ईवी (उपक्रम मूल्य) के 1.5 प्रतिशत की भुगतान सुरक्षा देंगे जो कि 270 करोड़ रुपये है। 270 करोड़ रुपये बैंक गारंटी के तौर पर भुगतान सुरक्षा के रूप में होगा जो हमें स्वीकृति पत्र के साथ प्राप्त होगा।'' उन्होंने कहा कि सौदे का नकद हिस्सा नियंत्रण सौंपे जाने के दिन आएगा जो दिसंबर के अंत तक होगा।
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने सोमवार को ब्याज दर में 0.10 प्रतिशत तक की कटौती की। बैंक के इस कदम से आवास, वाहन ऋण और अन्य कर्ज सस्ते होंगे। बैंक ने एक बयान में कहा कि रेपो से संबद्ध ब्याज दर (आरएलएलआर) को 6.90 प्रतिशत से घटाकर 6.80 प्रतिशत कर दिया गया है। नयी दर 11 अक्टूबर, 2021 से प्रभाव में आ गयी हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘इसके अलावा कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) में भी 0.10 प्रतिशत की कटौती की गयी है। इस कटौती के बाद एक दिन के लिये एमसीएलआर आधारित ब्याज दर 6.70 प्रतिशत, एक महीने के लिये 6.80 प्रतिशत, तीन महीने के लिये 7.10 प्रतिशत और छह महीने के 7.15 प्रतिशत होगी। एक साल के लिये एमसीएलआर 0.05 प्रतिशत कम कर 7.25 प्रतिशत कर दिया गया है।'' इससे पहले, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने त्योहारों के दौरान आवास, कार और सोने पर कर्ज के लिये प्रसंस्करण शुल्क से छूट देने की घोषणा की थी। रेपो दर आधारित ब्याज दर कम होने से आवास ऋण पर ब्याज कम होकर 6.8 प्रतिशत, कार ऋण के लिये 7.05 प्रतिशत और स्वर्ण ऋण पर 7.0 प्रतिशत हो गया है।
- नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय ने आज विद्युत वितरण कंपनियों पर नियमित अवधि के बाद विद्युत लेखा तैयार कराए जाने का आज्ञा पत्र जारी किया। ऊर्जा कुशलता ब्यूरो ने विद्युत मंत्रालय की अनुमति से इस बारे में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम-2001 के प्रावधानों के अंतर्गत विनियम जारी किया है। अधिसूचना के अनुसार 60 दिन के भीतर प्रमाणित ऊर्जा प्रबंधक के जरिए विद्युत वितरण कंपनियों को त्रैमासिक आधार पर ऊर्जा का लेखा तैयार करना होगा। इसके अलावा, स्वतंत्र अधिकृत ऊर्जा अंकेषक (ऑडिटर) द्वारा वार्षिक ऊर्जा ऑडिट भी कराना होगा। इन दोनों की रिपोर्ट सार्वजनिक क्षेत्र में प्रकाशित की जाएंगी। ऊर्जा लेखांकन रिपोर्ट में विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली की खपत और विभिन्न क्षेत्रों में संप्रेषण और वितरण हानि की विस्तृत सूचना प्रदान करनी होगी। यह अधिक नुकसान और बिजली चोरी वाले क्षेत्रों की पहचान करेगा और सुधारात्मक कार्रवाई किए जाने के कदमों की जानकारी भी देगा। नुकसान और चोरी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। रिपोर्ट में दिया गया डेटा, बिजली के नुकसान में कमी लाने के समुचित उपाय करने के लिए विद्युत वितरण कंपनियों को मददगार होगा। विद्युत वितरण कंपनियां प्रभावी रूप से समुचित अवसंरचना को उन्नत बनाने और मांग के प्रबंधन की योजना बना सकेंगी। ऊर्जा मंत्रालय ने कहा है कि इस पहल से पेरिस समझौता लक्ष्य हासिल करने में भारत की जलवायु कार्रवाइयों में योगदान मिलेगा।
- मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्रों में तेजी रही और दोनों सूचकांक रिकार्ड ऊंचाई पर बंद हुए। मुख्य रूप से वाहन, बिजली और बैंक शेयरों में तेजी से बाजार को मजबूती मिली। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स एक समय कारोबार के दौरान 60,476.13 के रिकार्ड स्तर तक चला गया था। अंत में यह 76.72 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,135.78 की रिकार्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.75 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ अबतक के रिकार्ड स्तर 17,945.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 18,041.95 अंक तक चला गया था। सेंसेक्स के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में मारुति का शेयर रहा। इसके अलावा पावर ग्रिड, आईटीसी, एनटीपीसी, एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक बैंक और एचडीएफसी बैंक में भी प्रमुख रूप से तेजी रही। दूसरी तरफ, टीसीएस को सर्वाधिक 6 प्रतिशत का नुकसान हुआ। कंपनी का दूसरी तिमाही का परिणाम बाजार उम्मीद के अनुरूप नहीं रहने से शेयर नीचे आया। कंपनी ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद वित्तीय परिणाम की घोषणा की थी। उसका एकीकृत शुद्ध लाभ सितंबर 2021 को समाप्त तिमाही में 14.1 प्रतिशत बढ़कर 9,624 करोड़ रुपये रहा। एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार टीसीएस का दूसरी तिमाही का परिणाम बाजार की उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। कंपनी की कर पूर्व आय और कमाई उम्मीद के मुकाबले कम रही। टीसीएस के अलावा टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.76 प्रतिशत तक नीचे आये। आनंद राठी के इक्विटी शोध प्रमुख (बुनियादी) नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख के साथ घरेलू बाजार में शुरूआत अच्छी रही। कोविड संक्रमण के मामलों में कमी के साथ आठ देशों में टीका ले चुके लोगों के लिये यात्रा से जुड़े नियमों में ढील से धारणा को बल मिला। उन्होंने कहा, ‘‘दोपहर कारोबार में भी बाजार अच्छी स्थिति में थी। ब्याज दर से संबद्ध वाहन, रियल्टी और जन उपयोगी सेवाओं से संबद्ध शेयरों में तेजी रही। कारोबारियों की धारणा देश के निर्यात में अच्छी वृद्धि के आंकड़े से भी बल मिला। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान निर्यात 197 अरब डॉलर पहुंच गया है।'' सोलंकी के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की अक्टूबर में अबतक शुद्ध रूप से 1,997 करोड़ रुपये की लिवाली की खबर से भी धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग और तोक्यो लाभ में रहें जबकि शंघाई नुकसान में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में ज्यादातर में दोपहर कारोबार में गिरावट का का रुख रहा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.12 प्रतिशत बढ़कर 84.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 37 पैसे टूटकर 75.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गयी।--
- नयी दिल्ली। सेमीकंडक्टर के संकट के बीच वाहन विनिर्माता डीलरों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते इस त्योहारी सीजन में डीलरों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है। वाहन डीलरों के संघों के महासंघ (फाडा) के अध्यक्ष विन्केश गुलाटी ने यह राय जताई है। गुलाटी ने कहा, ‘‘चिप का संकट जारी है। ऐसे में विनिर्माताओं को उत्पादन के मुद्दों से जूझना पड़ रहा है। वे अपने डीलर भागीदारों को आपूर्ति घटा रहे हैं।'' नवरात्रि के पहले दिन से वाहन डीलरों के लिए 42 दिन के व्यस्त सत्र की शुरुआत हुई है। आपूर्ति की कमी की वजह से डीलर अपने ग्राहकों को उनकी पसंद के वाहन की आपूर्ति के लिए इंतजार करने को लेकर भरोसा नहीं दिला पा रहे हैं। कई मॉडलों की भारी मांग के बीच डीलरों के पास बुकिंग रद्द हो रही हैं। वहीं डीलरों के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं होने की वजह से मौके पर खरीद में भी कमी आ रही है। गुलाटी ने कहा, ‘‘बिक्री के लिहाज से त्योहारी सत्र हमारे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। औसतन इन दो माह में हम अपनी सालाना बिक्री का 40 प्रतिशत हासिल करते हैं। यह वह समय होता है जबकि हम शेष साल के परिचालन के लिए कमाई और बचत कर पाते हैं। इस साल हमें पर्याप्त संख्या में वाहन नहीं मिल रहे। ऐसे में हमें नुकसान का अंदेशा है।'' उन्होंने कहा कि यात्री वाहन खंड में ज्यादातर मॉडलों के लिए ‘इंतजार की अवधि' पूर्व के एक से तीन माह की तुलना में काफी अधिक बढ़ चुकी है। डीलरशिप पर वाहन नहीं होने से मौके पर बिक्री भी प्रभावित हुई है। गुलाटी ने कहा, ‘‘हमारे आंकड़ों के अनुसार 50 से 60 प्रतिशत खरीदार पहले से बुकिंग कराते हैं। वहीं शेष 40 प्रतिशत शोरूम पर आकर तत्काल वाहन खरीदते हैं। लेकिन अभी हमारे लिए यह अध्याय बंद है।'' पूरी स्थिति को काफी चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि इन 42 दिन में उद्योग सामान्य बिक्री हासिल कर पाया, तो उसे काफी भाग्यशाली माना जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें बड़े नुकसान का अंदेशा है। त्योहारी सीजन में हमारी खुदरा बिक्री 4 से 4.5 लाख इकाइयां रहती है। लेकिन इस बार इसके 3 से 3.5 लाख इकाई रहने का ही अनुमान है। यदि हम यह आंकड़ा भी हासिल कर पाए, तो काफी भाग्यशाली होंगे।
- नयी दिल्ली। वाहन ईंधन कीमतों में वृद्धि का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। पेट्रोल के दाम 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल के 35 पैसे प्रति लीटर और बढ़ गए हैं। इससे गांधीनगर और लेह जैसे स्थानों पर डीजल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर गया है। इससे पहले शनिवार को मुंबई में डीजल ने शतक लगाया था। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के दाम 30 पैसे प्रति लीटर और बढ़ाए गए हैं। वहीं डीजल की कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। वाहन ईंधन कीमतों में लगातार छठे दिन वृद्धि हुई है। इससे वाहन ईंधन के दाम नयी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। दिल्ली में पेट्रोल का दाम 104.14 रुपये प्रति लीटर के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया है। वहीं मुंबई में पेट्रोल अब 110.12 रुपये प्रति लीटर के भाव बिक रहा है। मुंबई में अब डीजल 100.66 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं दिल्ली में यह 92.82 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। स्थानीय करों की वजह से विभिन्न राज्यों में वाहन ईंधन के दाम भिन्न होते हैं।मुंबई और हैदराबाद के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर तथा संघ शासित प्रदेश लेह में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया है। गांधीनगर में अब डीजल 100.21 रुपये प्रति लीटर और लेह में 100.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है। भोपाल, रायपुर और जयपुर जैसी अन्य राज्यों की राजधानियों में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक बिक रहा है। लगातार मूल्यवृद्धि के बाद अब एक राज्य की राजधानी को छोड़कर अन्य स्थानों पर पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है। देहरादून, चंडीगढ़ और गुवाहाटी भी इस सूची में शामिल हो गए हैं। सिर्फ रांची एकमात्र राजधानी है जहां पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से कम है। लगातार पांच दिन से पेट्रोल के दाम 30 पैसे प्रति लीटर बढ़ रहे हैं। वहीं डीजल कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो रही है। ओपेक प्लस ने उत्पादन में चार लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक की बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। एक महीने पहले ब्रेंट कच्चे तेल का दाम 72 डॉलर प्रति बैरल था। शुद्ध आयातक होने की वजह से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप होती है।
- नयी दिल्ली। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांता पांडेय ने कहा है कि एयर इंडिया के निजीकरण के बाद सरकार अब अलायंस एयर सहित उसकी चार अन्य सहायक कंपनियों और 14,700 करोड़ रुपये से अधिक की भूमि-भवन जैसी गैर-प्रमुख संपत्ति के मौद्रिकरण पर काम शुरू करेगी। सरकार ने आठ अक्टूबर को घोषणा की थी कि टाटा संस ने 18,000 करोड़ रुपये में कर्ज से लदी राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया के अधिग्रहण की बोली जीती है। इसमें 2,700 करोड़ रुपये का नकद भुगतान और 15,300 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज शामिल है। इस सौदे के दिसंबर अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। पांडेय ने कहा, ‘‘दीपम अब एयर इंडिया की सहायक कंपनियों के मौद्रिकरण के लिए एक योजना पर काम करेगा। ये सहायक कंपनियां भारत सरकार की एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) के पास हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘अनुषंगियों कंपनियों की बिक्री शुरू नहीं हो सकी क्योकि ये सभी एक-दूसरे से जुड़ी हैं। जब तक एयर इंडिया की बिक्री नहीं हो जाती, हम अन्य चीजों पर आगे नहीं बढ़ सकते।'' एयर इंडिया की बिक्री के लिए सरकार ने 2019 में एयर इंडिया समूह के कर्ज और गैर-प्रमुख संपत्तियों को रखने के लिए एक विशेष उद्देश्यीय कंपनी एआईएएचएल का गठन किया था। एयर इंडिया की चार अनुषंगी कंपनियां - एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड, एयरलाइन एलाइड सर्विसेज लिमिटेड, एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड और होटल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड हैं।
- नयी दिल्ली। सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों में नरमी के लिए रविवार को खाद्य तेलों के व्यापारियों पर 31 मार्च तक स्टॉक या भंडारण की सीमा लगा दी है। हालांकि, कुछ आयातकों-निर्यातकों को इससे छूट दी गई है। एनसीडीईएक्स मंच पर आठ अक्टूबर से सरसों तेल के वायदा कारोबार पर पहले ही रोक लगा दी गई है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल के दौरान घरेलू खुदरा बाजारों में खाद्य तेलों के दाम 46.15 प्रतिशत तक चढ़े हैं। वैश्विक कारकों के अलावा घरेलू बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से खाद्य तेलों के दाम बढ़ रहे हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘केंद्र के इस फैसले से घरेलू बाजार में खाद्य तेल कीमतों में नरमी आएगी। इससे देशभर में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।'' सभी राज्यों को जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकारें तथा संघ शासित प्रदेश उपलब्ध स्टॉक तथा उपभोग के रुख के आधार पर खाद्य तेलों तथा तिलहनों के भंडारण की सीमा पर फैसला करेंगे। हालांकि, कुछ आयातकों तथा निर्यातकों को स्टॉक की सीमा से छूट दी गई है। यह छूट उन निर्यातकों को होगी जिनके पास विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी आयातक-निर्यातक कोड होगा और वे यह बता सकेंगे कि उनके पास पूरा या कुछ स्टॉक निर्यात के उद्देश्य से है। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा ऐसे आयातकों को इससे छूट मिलेगी जो यह बताने में सक्षम होंगे कि खाद्य तेलों तथा तिलहनों के संदर्भ में उनके भंडार का कुछ हिस्सा आयात किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों से घरेलू बाजार में भी खाद्य तेलों के भाव बढ़े हैं। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोया तेल का औसत दाम इस साल नौ अक्टूबर को 154.95 रुपये किलो था, जो एक साल पहले की समान अवधि के 106 रुपये से 46.15 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह सरसों तेल का दाम 129.19 रुपये से 43 प्रतिशत बढ़कर 184.43 रुपये पर प्रति किलो पर पहुंच गया है। इस अवधि में वनस्पति का दाम 43 प्रतिशत बढ़कर 95.5 रुपये से 136.74 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।सूरजमुखी का तेल 38.48 प्रतिशत बढ़कर 170.09 रुपये प्रति किलो तथा पाम तेल 38 प्रतिशत बढ़कर 132.06 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। भारत अपनी 60 प्रतिशत खाद्य तेल जरूरत को आयात से पूरा करता है।
- मुंबई। भारतीय रोजगार बाजार में सितंबर में सालाना आधार पर 57 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नौकरी जॉबस्पीक की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रोजगार बाजार का रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला सितंबर में लगातार तीसरे महीने जारी रहा। कुल 2,753 रोजगार नियुक्ति के साथ यह सूचकांक कोविड-पूर्व के स्तर सितंबर, 2019 की तुलना में 21 प्रतिशत बढ़ा है। नौकरी जॉबस्पीक एक मासिक इंडेक्स है जो माह-दर-माह नौकरी डॉट कॉम वेबसाइट पर रोजगार सूची के आधार पर नियुक्ति गतिविधियों की गणना और उसे रिकॉर्ड करता है। नौकरी जॉबस्पीक का उद्देश्य विभिन्न उद्योगों, शहरों और अनुभव के स्तर पर भर्ती गतिविधि को मापना है। साल-दर-साल आधार पर अधिकांश क्षेत्रों ने आईटी (138 प्रतिशत) और आतिथ्य (82 प्रतिशत से अधिक) के नेतृत्व में महत्वपूर्ण वार्षिक वृद्धि प्रदर्शित की। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारतीय संगठनों के बीच डिजिटल रूपांतरण की हालिया लहर से तकनीकी पेशेवरों की मांग बढ़ी है। आईटी-सॉफ्टवेयर / सॉफ्टवेयर सेवा क्षेत्र में साल-दर-साल आधार पर सितंबर, 2021 में 138 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आतिथ्य यानी होटल (82 प्रतिशत) और खुदरा (70 प्रतिशत से अधिक) जैसे क्षेत्र महामारी से सबसे अधिक प्रभावित थे। सितंबर में देशभर में कई होटल और स्टोरों के फिर से खुलने के साथ वार्षिक आधार पर महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। सितंबर, 2020 की तुलना में शिक्षा (53 प्रतिशत), बैंकिंग/वित्तीय सेवाओं (43 प्रतिशत) और दूरसंचार/आईएसपी (37 प्रतिशत से अधिक) क्षेत्रों में भी नियुक्ति गतिविधि बढ़ी हैं। सितंबर में महानगरों ने 88 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जिसने दूसरी श्रेणी के शहरों को पीछे छोड़ दिया। इन शहरों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई। नौकरी जॉबस्पीक की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त के 2,673 की तुलना में सितंबर नियुक्तियों में तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नौकरी डॉट कॉम के मुख्य कारोबार अधिकारी, पवन गोयल ने कहा, ‘‘भारत में नियुक्ति में कई गतिविधियां ऐसी हो रही हैं जो पहले कभी नहीं देखी गईं। आईटी पेशेवरों की मांग के कारण त्योहारी सत्र की शुरुआत में उद्योगों में सुधार होते देखना वास्तव में खुशी की बात है।
- नयी दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार को फिर वृद्धि हुई। इससे मुंबई में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है। मुंबई पहला ऐसा महानगर बन गया है, जहां डीजल ने शतक लगाया है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के दाम 30 पैसे प्रति लीटर और बढ़ाए गए हैं। वहीं डीजल की कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। वाहन ईंधन कीमतों में लगातार पांचवें दिन वृद्धि हुई है। इससे वाहन ईंधन के दाम नयी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। मुंबई में अब डीजल 100.29 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं दिल्ली में यह 92.47 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। दिल्ली में पेट्रोल का दाम 103.84 रुपये प्रति लीटर के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया है। वहीं मुंबई में पेट्रोल अब 109.83 रुपये प्रति लीटर के भाव बिक रहा है। स्थानीय करों की वजह से विभिन्न राज्यों में वाहन ईंधन के दाम भिन्न होते हैं। बुधवार से पेट्रोलियम विपणन कंपनियां लागत में वृद्धि का बड़ा बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं। लगातार चार दिन से पेट्रोल के दाम 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल कीमतों में 35 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो रही है। ओपेक प्लस ने उत्पादन में चार लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक की बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। एक महीने पहले ब्रेंट कच्चे तेल का दाम 72 डॉलर प्रति बैरल था। शुद्ध आयातक होने की वजह से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप होती है।












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