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- मुंबई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के रूप में 3,000 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ कंपनी बॉन्ड बाजार विकास कोष गठित करने का फैसला किया। यह दबाव के समय में निवेश स्तर वाली कंपनियों के बॉन्ड की खरीद के लिये सुविधा प्रदाता के रूप में कार्य करेगा। इस कदम का मकसद कॉरपोरेट बॉड बाजार में प्रतिभागियों के बीच भरोसे के साथ बॉन्ड खरीद-बिक्री बाजार में नकदी को बढ़ाना है। सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने निदेशक मंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रस्तावित कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार विकास कोष (सीडीएमडीएफ) का शुरुआती कोष 3,000 करोड़ रुपये होगा। इसका योगदान म्यूचुअल फंड करेंगे।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने इस कोष के दस गुना उपयोग की अनुमति दी है। इस तरह उपलब्ध कोष का आकार बढ़कर 33,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार विकास कोष नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कंपनी (एनसीजीटीसी) की तरफ से प्रदान की जाने वाली गारंटी के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान कॉरपोरेट ऋण प्रतिभूतियों की खरीद के लिए धन जुटा सकता है।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपील अधिकरण ने आज गूगल के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा एंड्रायड मोबाइल मामले में जुर्माना लगाने को सही ठहराया है। अधिकरण ने प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा लगाए गए एक हजार 338 करोड़ रुपए के जुर्माने को बरकरार रखा है। प्रतिस्पर्धा आयोग ने पिछले वर्ष 20 अक्टूबर को एंड्रायड मोबाइल उपकरणों के संबंध में प्रतिस्पर्धा विरोधी कदमों के लिए गूगल पर यह जुर्माना लगाया था। गूगल ने अधिकरण के समक्ष इस फैसले को चुनौती दी थी। गूगल को जुर्माना भरने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
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नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को कहा कि गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक कि देश खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए घरेलू आपूर्ति को लेकर सहज महसूस नहीं करता। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अशोक के मीणा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं का उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है। बारिश के बाद भी इस साल गेहूं का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 11.2 करोड़ टन रहेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ताजा गेहूं की फसल की सरकारी खरीद शुरू हो गई है, और सोमवार को मध्य प्रदेश में लगभग 10,727 टन गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की गई है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देश भारत ने मई, 2022 में बढ़ती घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों के तहत गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। मीणा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जहां तक आम आदमी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार का संबंध है, गेहूं के निर्यात की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए, जब तक देश आपूर्ति को लेकर सहज महसूस नहीं करता, तब तक गेहूं पर निर्यात प्रतिबंध जारी रहेगा।'' उन्होंने कहा कि इस साल अनुमानित अधिक गेहूं उत्पादन भारतीय बाजार में सरकारी खरीद और सामान्य खपत दोनों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। कृषि मंत्रालय के दूसरे अनुमान के अनुसार, सरकार ने फसल वर्ष 2023-24 (जुलाई-जून) में रिकॉर्ड 11 करोड़ 21.8 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है। मीणा ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा, ‘‘बारिश चिंता का कारण है क्योंकि यह अनाज की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। बारिश का साथ देने वाला कारक यह है कि तापमान भी कम हो जाता है। पूर्ण परिपक्वता के लिए कम तापमान गेहूं की फसलों के लिए अच्छा होता है। इसलिए गेहूं के उत्पादन की अनुमानित मात्रा हासिल किये जाने की संभावना है।'' इसके चलते सरकार का तीन करोड़ 41.5 लाख टन का गेहूं खरीद का लक्ष्य भी हासिल किया जाएगा।
मीणा ने कहा कि एफसीआई ने गेहूं खरीद अभियान शुरू कर दिया है। 27 मार्च को मध्य प्रदेश में लगभग 10,727 टन गेहूं की खरीद की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश में पहली आवक शुरू हो गई है। लगभग 10,727 टन की खरीद हुई, हालांकि सोमवार को 5.56 लाख टन की भारी आवक हुई।'' पिछले साल इसी अवधि में इसी तारीख को खरीद की मात्रा शून्य थी। इस वर्ष कम अवधि की फसलों की कटाई के कारण आवक बहुत अधिक थी। देशभर के खरीद केंद्र खुले रहेंगे। पंजाब और हरियाणा में एक अप्रैल से खरीद शुरू हो जाएगी।
एफसीआई का लक्ष्य विपणन वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) में पंजाब से 1.32 करोड़ टन, हरियाणा से 75 लाख टन और मध्य प्रदेश से 80 लाख टन गेहूं की खरीद का है। यह पूछे जाने पर कि क्या बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल के लिए गुणवत्ता मानदंडों में ढील दी जाएगी, मीणा ने कहा, ‘‘यदि आवश्यक हुआ तो स्थिति का आकलन करने के लिए एक टीम भेजी जाएगी। हम टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेंगे।'' उन्होंने कहा कि सरकार को भरोसा है कि अनुमानित रिकॉर्ड उत्पादन हासिल कर लिया जाएगा और इस साल खरीद का लक्ष्य भी हासिल कर लिया जाएगा। गेहूं और गेहूं आटे की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत बफर स्टॉक से गेहूं की बिक्री के बारे में मीणा ने कहा कि फिलहाल इसे रोक दिया गया है क्योंकि कीमतें स्थिर हो गई हैं। बाजार में जिस मात्रा में गेहूं बेचा गया है उसके कारण (मंडी) कीमतें जनवरी के अंतिम सप्ताह में 30 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर अब 22-23 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई हैं। -
नयी दिल्ली. ताइवान की बैटरी कंपनी गोगोरो इंक ने अंतिम छोर तक के परिवहन की श्रेणी में बिजली से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जोमेटो और कोटक महिंद्रा प्राइम के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत जोमेटो के डिलिवरी साझेदारों को वे दोनों कंपनियां किफायती ऋण और बैटरी अदला-बदली की सेवा देंगी। गोगोरो के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी होरास ल्यूक ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत के शहरों में इलेक्ट्रिक परिवहनों का शहरी रूपांतरण शुरू हो चुका है। ऐसे में आवश्यक है कि हम डिलिवरी साझेदारों को इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों से जुड़ी सुविधाएं दें। गोगोरो, जोमेटो और कोटक ने इसीलिए यह साझेदारी की है।'' जोमेटो में फूड डिलिवरी के मुख्य परिचालन अधिकारी मोहित सरदाना ने कहा, ‘‘किफायती और भरोसेमंद बैटरी अदला-बदली समाधान के साथ इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन डिलिवरी साझेदारों के लिए लाभदायक साबित होते हैं और इनसे वायु प्रदूषण में भी कमी आती है।'
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नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि देश का वस्तु एवं सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 के अंत तक 760 अरब डॉलर से अधिक हो जाने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2021-22 में देश का कुल निर्यात 676 अरब डॉलर रहा था जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 500 अरब डॉलर था। गोयल ने यहां उद्योग मंडल एसोचैम के वार्षिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिस समय दुनिया मंदी, उच्च मुद्रास्फीति और बढ़ी हुई ब्याज दरों का सामना कर रही है, भारत बढ़िया प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल में नरेंद्र मोदी सरकार का ध्यान बुनियादी आधार खड़ा करने पर रहा है ताकि अर्थव्यवस्था कई वर्षों तक निर्बाध एवं सतत वृद्धि करती रहे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार में भारत के प्रदर्शन ने आलोचकों को गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं गर्व एवं प्रसन्नता से यह कह सकता हूं कि भारत ने चालू वित्त वर्ष में आज की तारीख में 750 अरब डॉलर का निर्यात आंकड़ा पार कर लिया है।'' उन्होंने उम्मीद जताई कि 31 मार्च को वित्त वर्ष के खत्म होने तक यह आंकड़ा 760 अरब डॉलर को पार कर जाएगा।
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नयी दिल्ली. जिंदल स्टेलनेस लिमिटेड (जेएसएल) अपना कच्चा माल आधार बढ़ाने के लिए इंडोनेशिया में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश कर एक निकल पिग आयरन (एनपीआई) स्मेल्टर इकाई लगाएगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया की कंपनी न्यू याकिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक संयुक्त उद्यम कंपनी के जरिये यह निवेश किया जाएगा। इस उद्यम में जेएसएल की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत होगी। उन्होंने कहा कि जेएसएल किसी विदेशी बाजार में निकल भंडार रखने वाले पहली भारतीय कंपनी है। कंपनी निकल की अपनी अधिकांश जरूरतों को स्टेनलेस स्टील कतरनों के जरिये पूरा करती है। जिंदल ने कहा, ‘‘निकल की दीर्घकालिक उपलब्धता बनाए रखने के लिए हमने न्यू याकिंग के साथ एक सहयोग समझौता किया है जिसके तहत हल्माहेरा द्वीप में एक औद्योगिक पार्क में एनपीआई स्मेल्टर संयंत्र के निर्माण एवं परिचालन पर निवेश किया जाएगा।'' उन्होंने इस परियोजना के अगले दो साल में पूरा होने की संभावना बताते हुए कहा कि इसकी सालाना एनपीआई उत्पादन क्षमता दो लाख टन की होगी।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लि. की पूर्ण अनुषंगी एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में ग्रीनको द्वारा स्थापित किये जा रहे हरित अमोनिया संयंत्र को 1,300 मेगावॉट हरित बिजली की आपूर्ति करेगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लि. ने ग्रीनको समूह की कंपनी ग्रीनको जीरो सी प्राइवेट लि. के साथ 1,300 मेगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति के लिये समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। यह बिजली आपूर्ति ग्रीनको के काकीनाडा में स्थापित किये जा रहे अमोनिया कारखाने को की जाएगी। समझौते पर एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लि. के मुख्य महाप्रबंधक राजीव गुप्ता और ग्रीनको समूह के संस्थापक और संयुक्त प्रबंध निदेशक महेश कोली ने दस्तखत किये। इस मौके पर दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को देश में लॉजिस्टिक लागत में कमी लाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सरकार का इसे 2024 के अंत तक एकल अंक यानी नौ प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य है, जिससे निर्यात को गति मिलेगी। उन्होंने यहां उद्योग मंडल एसोचैम के सालाना सत्र में यह भी कहा कि श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर 6.5 किलोमीटर जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन अगले महीने किया जाएगा। साथ ही एशिया की सबसे बड़ी सुरंग जोजिला के 2024 में पूरा होने की उम्मीद है। गडकरी ने कहा, ‘‘देश के उद्योग और कारोबार के समक्ष लॉजिस्टिक की ऊंची लागत बड़ी चुनौती है। अभी यह 16 प्रतिशत है। हमने इसे 2024 के अंत तक नौ प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है।'' उन्होंने कहा कि चीन में जहां लॉजिस्टिक लागत आठ प्रतिशत है, वहीं अमेरिका और यूरोपीय संघ में यह 12 प्रतिशत है। गडकरी ने कहा, ‘‘अगर हम लॉजिस्टिक लागत को कम कर नौ प्रतिशत पर ला सके, तो हमारा निर्यात 1.5 गुना बढ़ जाएगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसे हासिल करने के लिये सरकार सड़क मार्ग और रेलवे दोनों में सुधार पर ध्यान दे रही है। हम प्रमुख शहरों और केंद्रों के बीच की दूरी को कम करने पर ध्यान देने के साथ हरित राजमार्ग और औद्योगिक गलियारा बना रहे हैं।'' कुछ राजमार्ग परियोजनाओं का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा, ‘‘दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद लोग केवल 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई पहुंच सकते हैं। वहीं नागपुर से मुंबई पांच घंटे में और नागपुर से पुणे की यात्रा छह घंटे में हो सकेगी। इससे लॉजिस्टिक लागत कम करने में मदद मिलेगी।'' उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हम सोनमर्ग में जेड-मोड़ सुरंग बना रहे हैं। इस सुरंग का उद्घाटन अप्रैल में किया जाएगा।'' श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-मोड़ सुरंग सोनमर्ग और गगनगिर के बीच है। यह सुरंग बारहमासी संपर्क सुविधा प्रदान करेगी। मंत्री ने कहा, ‘‘हम एशिया की सबसे बड़ी सुरंग जोजिला में बना रहे है। जोजिला सुरंग का 65 से 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसका उद्घाटन 2024 में होगा।'' कुल 13.5 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग का निर्माण 4,900 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह श्रीनगर को लेह से जोड़ेगी। इससे हर मौसम में संपर्क सुविधा मिलेगी। फिलहाल, सर्दियों के शुरू होने के बाद भारी हिमपात के कारण सड़क वाहनों के आवागमन के लिए बंद रहती है।
ग्यारह हजार फुट ऊंची परियोजना पूरा करने की मूल समयसीमा दिसंबर, 2026 है। गडकरी ने यह भी कहा कि उनका मंत्रालय जम्मू-श्रीनगर के बीच नौ सुरंगों पर काम कर रहा है। -
नयी दिल्ली. होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मंगलवार को अपने स्कूटर एक्टिवा125 का नया संस्करण पेश किया। दिल्ली में इसकी शोरूम कीमत 78,920 रुपये है। एचएमएसआई के प्रबंध निदेशक, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अत्सुशी ओगाता ने एक बयान में कहा कि 2023 एक्टिवा125 अप्रैल से लागू होने जा रहे नए उत्सर्जन मानकों को पूरा करता है। यह स्कूटर सख्त उत्सर्जन मानक वाले इंजन के साथ उतारा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस नए मॉडल के साथ हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे ग्राहक नए मानकों पर खरा उतरने के साथ एक बेहतर अनुभव भी प्राप्त कर सकें।
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नयी दिल्ली. एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरएशिया इंडिया ने एक एकीकृत टिकट बुकिंग प्रणाली लागू की है जिसकी मदद से यात्री दोनों एयरलाइन के टिकट एक ही वेबसाइट से बुक कर सकते हैं। यह कदम एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ एयरएशिया इंडिया के विलय की प्रक्रिया का ही हिस्सा है। विलय के बाद सम्मिलित एयरलाइन किफायती दाम पर विमानन सेवा देने पर जोर देगी। मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, टाटा समूह की इन दोनों एयरलाइंस ने सोमवार से एक एकीकृत टिकट बुकिंग प्रणाली एवं वेबसाइट शुरू कर दी है। इस व्यवस्था के तहत एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरएशिया इंडिया की घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बुकिंग एक ही वेबसाइट पर की जा सकेगी।
- नयी दिल्ली.। सरकार कोयला खदानों के सातवें दौर की वाणिज्यिक नीलामी बुधवार को शुरू करेगी। इसमें 106 कोयला ब्लॉक रखे जाएंगे। कोयला मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह छठे दौर की नीलामी में शामिल 28 कोयला ब्लॉक के लिये समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। बयान के अनुसार, ‘‘कोयला मंत्रालय छठे दौर में नीलाम किये गये 28 कोयला खदानों के लिये समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। इसके साथ कोयला ब्लॉक के सातवें दौर की नीलामी 29 मार्च, 2023 को होगी।'' मंत्रालय के अनुसार, नीलामी में शामिल 28 कोयला खदानों की अधिकतम क्षमता (पीआरसी) 7.4 करोड़ टन सालाना है। अधिकतम क्षमता पर इन खदानों से सालाना 14,497 करोड़ रुपये का राजस्व अनुमानित है। इन खदानों के चालू होने से एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। बुधवार को शुरू सातवें दौर की नीलामी में शामिल 106 कोयला खदानों में से 95 गैर-कोकिंग कोयला खदान, एक कोकिंग कोयला खदान और 10 लिग्नाइट खदान हैं। निविदा दस्तावेजों की बिक्री 29 मार्च, 2023 से शुरू होगी। खदानों, नीलामी की शर्तों, समयसीमा आदि का विवरण एमएसटीसी नीलामी मंच पर देखा जा सकता है। नीलामी राजस्व हिस्सेदारी के आधार पर पारदर्शी तरीके से दो चरणों में ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे और नीलामी के अगले दौर की शुरुआत करेंगे। केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
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नयी दिल्ली। अडाणी समूह की कंपनी एनडीटीवी लि. ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व चेयरमैन उपेंद्र कुमार सिन्हा और वेल्सपन इंडिया लि. की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक दीपाली गोयनका को अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि उसके निदेशक मंडल ने सिन्हा और गोयनका की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है। दोनों को 27 मार्च, 2023 से गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति दो साल 26 मार्च, 2025 तक के लिए है।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से बड़े कर्जों पर समुचित नजर रखने और बड़ी कंपनियों के गिरवी रखे शेयरों के लिये पर्याप्त प्रावधान करने को कहा है। अमेरिका तथा यूरोप में कुछ बैंकों के विफल होने के बाद उत्पन्न वैश्विक वित्तीय हालात को देखते हुए मंत्रालय ने यह बात कही है। सूत्रों के अनुसार, समय पर कदम उठाने के लिये गिरवी रखी प्रतिभूतियों को लेकर एकीकृत बाजार आंकड़े की जरूरत है। इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हाल की बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों से गिरवी रखे शेयरों समेत कंपनियों को दिये गये कर्ज का भी प्रबंधन करने को कहा गया था। सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि कि बड़ी कंपिनयों के ऋण खातों के दबाव-परीक्षण को बढ़ाना विवेकपूर्ण होगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को यह भी सलाह दी गई थी कि वे बड़ी और कॉरपोरेट जमा के बदले छोटी-छोटी जमा पर ध्यान दें और विवेकाधीन मूल्य निर्धारण प्रणाली से दूर रहें। वित्त मंत्री ने पिछले सप्ताह विभिन्न वित्तीय मानकों के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों से ब्याज दर जोखिमों के बारे में सतर्क रहने और नियमित रूप से हालात को लेकर दबाव परीक्षण करने का आग्रह किया।
- नयी दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार कंपनियों से कहा है कि वह अवांछित कॉल और संदेशों पर रोक के लिए तत्काल कदम उठाएं। ट्राई ने भारती एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया के साथ अवांछित वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) का पता लगाने के मुद्दे पर समीक्षा बैठक की। ट्राई ने दूरसंचार परिचालकों से कहा कि वे बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बिना इस्तेमाल वाले टेंपलेट को साफ करने को कहें। बैठक के दौरान वोडाफोन आइडिया ने कृत्रिम मेधा/मशीन लर्निंग पर प्रस्तुतीकरण दिया। यह प्रणाली मोबाइल नंबरों से भेजे जाने वाले धोखाधड़ी वाले संदेशों का विश्लेषण करने और उसके तरीके का पता लगा सकती है। नियामक ने कहा कि वोडाफोन आइडिया को इसके पायलट की अनुमति दी जाएगी। इसकी सफलता के आधार पर ट्राई उद्योग में सिद्धान्त/नियमन लाएगा। एआई/एमएल के इस्तेमाल के जरिये यूसीसी का पता लगाने की प्रणाली के क्रियान्वयन की समीक्षा की सीमा एक मई है।
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नयी दिल्ली. फिक्स्ड ब्रॉडबैंड खंड में प्रतिस्पर्धा तेज करते हुए जियो ने सोमवार को 198 रुपये मासिक का शुरुआती स्तर का प्लान पेश किया है। इस प्लान को ब्रॉडबैंड बैक-अप प्लान का नाम दिया गया है। इसमें अधिकतम इंटरनेट की गति 10 मेगाबिट प्रति सेकंड की होगी। अभी तक जियो फाइबर कनेक्शन के लिए न्यूनतम मूल्य 399 रुपये मासिक था।
जियो के प्रवक्ता ने कहा कि हम ग्राहको की हर समय ‘कनेक्ट' रहने की जरूरत को समझते हैं। जियोफाइबर बैकअप के लिए हम घरों के लिए वैकल्पिक विश्वसनीय ब्रॉडबैंक कनेक्टिविटी की पेशकश करना चाहते हैं। कंपनी ने ग्राहकों ने इंटरनेट की रफ्तार को 30 एमबीपीएस या 100 एमबीपीएस करने का विकल्प भी देंगे। एक से सात दिन की इस सुविधा के लिए ग्राहकों से 21 से 152 रुपये देने होंगे। - नयी दिल्ली। सरकार ने जमाखोरी एवं सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए आयातकों, मिलों, स्टॉकिस्टों और व्यापारियों के पास मौजूद अरहर (तुअर) दाल के स्टॉक की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है। सोमवार को एक सरकारी बयान में कहा गया है कि सरकार घरेलू बाजार में बाकी दालों के स्टॉक की स्थिति पर भी करीब से नजर रख रही है ताकि आने वाले महीनों में कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि की स्थिति में जरूरी कदम उठाए जा सकें। बयान में कहा गया है कि यह निर्णय अच्छी मात्रा में आयात होने के बावजूद बाजार के कारोबारियों द्वारा स्टॉक जारी नहीं करने की खबरों के मद्देनजर लिया गया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव निधि खरे की अध्यक्षता वाली समिति राज्य सरकारों के साथ समन्वय में अरहर के स्टॉक की निगरानी करेगी। इससे पहले पिछले साल 12 अगस्त को सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत तुअर दाल के संबंध में स्टॉक खुलासा लागू करने के लिए एक परामर्श जारी किया था। इसके अलावा सुचारू और निर्बाध आयात की सुविधा के लिए सरकार ने गैर-एलडीसी (गैर-कम विकसित देशों) देशों से अरहर के आयात के लिए लागू 10 प्रतिशत शुल्क को हटा दिया है क्योंकि यह शुल्क एलडीसी से शून्य शुल्क वाले आयात के लिए भी प्रक्रियात्मक बाधाएं पैदा करता है। स्टॉक के खुलासे की निगरानी के लिए हाल में समिति का गठन बाजार में जमाखोरों और सटोरियों से निपटने के लिए सरकार की मंशा को बताता है। बयान में कहा गया है कि यह आने वाले महीनों में अरहर की कीमतों को नियंत्रण में रखने के सरकार के दृढ़ संकल्प को भी दर्शाता है।
- नयी दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने सोमवार को कहा कि थोक उपभोक्ताओं, संस्थानों और राज्य सरकारों को ई-नीलामी के जरिये रियायती दरों पर गेहूं की बिक्री फिलहाल रोक दी गई है क्योंकि अगले महीने से नई फसल की खरीद शुरू हो जाएगी। खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत एफसीआई ने ई-नीलामी के जरिये 15 मार्च तक 33 लाख टन गेहूं बेचा है, जिसमें से खरीदारों ने अब तक 31 लाख टन अनाज का उठाव कर लिया है। उन्हें 31 मार्च तक शेष मात्रा उठानी है। एफसीआई के प्रबंध निदेशक अशोक के मीणा ने कहा, ‘‘थोक उपभोक्ताओं के लिए गेहूं की पिछली ई-नीलामी 15 मार्च को की गई थी। नीलामी फिलहाल रोक दी गई है क्योंकि आने वाले दिनों में नई फसल की खरीद में तेजी आएगी।'' ओएमएसएस के तहत नाफेड और राज्य सरकारों जैसी संस्थाओं को गेहूं की बिक्री भी बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि गेहूं की नीलामी तभी शुरू होगी जब बाजार में हस्तक्षेप की जरूरत होगी। सरकार ने जनवरी में गेहूं और गेहूं आटे की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ओएमएसएस के तहत अपने बफर स्टॉक से खुले बाजार में गेहूं बेचने की योजना की घोषणा की थी। ओएमएसएस के तहत बिक्री के लिए कुल 50 लाख टन गेहूं आवंटित किया गया था। आवंटित मात्रा में से, एफसीआई को साप्ताहिक ई-नीलामी के माध्यम से 15 मार्च तक कुल 45 लाख टन गेहूं थोक उपयोगकर्ताओं को बेचने को कहा गया था। लगभग तीन लाख टन गेहूं राज्य सरकारों के लिए और दो लाख टन नाफेड जैसे संस्थानों के लिए इसे आटे के रूप में पीसने और फिर 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने के लिए दिया गया था। ओएमएसएस के तहत उचित और औसत (एफएक्यू) गुणवत्ता वाले गेहूं का आरक्षित मूल्य भी 2,150 रुपये प्रति क्विंटल की रियायती दर पर तय किया गया था, जबकि अंडर रिलैक्स्ड स्पेसिफिकेशंस (यूआरएस) गेहूं के लिए 2,125 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। एफसीआई खाद्यान्न की खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है।
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नयी दिल्ली. म्यूचुअल फंड के मौजूदा निवेशकों के पास घोषणा फॉर्म जमा कर नामित (नॉमिनी) का नाम देने या इससे बाहर आने के लिए 31 मार्च तक का समय है। ऐसा नहीं करने पर उनके खाते बंद कर दिए जाएंगे और निवेशक अपने निवेश को नहीं निकाल सकेंगे। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 15 जून, 2022 को जारी अपने परिपत्र में म्यूचुअल फंड उपभोक्ताओं के लिए एक अगस्त, 2022 या उसके बाद नामित का विवरण भरना या इसके विकल्प से बाहर आने की घोषणा करना अनिवार्य कर दिया था। बाद में अंतिम तिथि एक अक्टूबर, 2022 कर दी गई। सभी मौजूदा म्यूचुअल फंड खातों (संयुक्त खातों सहित) के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च, 2023 कर दी गई है, जिसके बाद खातों से निकासी को रोक दिया जाएगा। इस कदम के पीछे सेबी की मंशा समझाते हुए आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) निरंजन बाबू रामायणम ने कहा कि पूर्व के कई निवेश खाते हो सकते हैं, जो बिना किसी को नामित किए खोले गए हों। यदि खाता धारक के साथ कुछ अप्रिय हो जाता है, तो नामित व्यक्ति को संपत्ति का हस्तांतरण किया जा सकता है।
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नयी दिल्ली. बेमौसम बारिश से घरों में इस्तेमाल होने वाले एयर कंडीशनर (एसी) की बिक्री में गिरावट आई है। इस साल फरवरी मध्य में ही तापमान बढ़ने के बाद एसी की बिक्री में उछाल आना शुरू हो गया था। अब 15 मार्च के बाद एसी की बिक्री प्रभावित हुई है। हालांकि एसी विनिर्माता इसे अल्पकालिक ही मानते हैं और उन्हें उम्मीद है कि अप्रैल में लू शुरू होने के बाद एसी की बिक्री में आई गिरावट खत्म होगी और वह अपने बिक्री लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। एसी उद्योग ने 2022 में 82.5 लाख इकाइयों की रिकॉर्ड बिक्री हुई थी और इस साल बहुत जल्दी तापमान बढ़ने और ऐसे ही पूर्वानुमान के बाद एसी उद्योग में वृद्धि दोहरे अंक में होने की उम्मीद होने लगी थी। पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण उसकी एसी बिक्री में मामूली गिरावट आई है। कंपनी के एसी ग्रुप के कारोबार प्रमुख गौरव शाह ने बताया, “हालांकि, अभी बहुत गर्मी बाकी है और अगर असामान्य मौसम न हुआ तो उम्मीद है कि हम अपने लक्ष्य पा लेंगे।” बेमौसम बारिश के प्रभाव के बारे में पूछने पर दाइकिन इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) केजे जावा ने कहा, “बाजार धारणा पांच-छह दिन के लिए बदल सकती है। यह अस्थायी है। इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। बाजार में बहुत ज्यादा मांग आने वाली है। बाजार में इस साल लगभग 20 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि होगी।” हायर अप्लायंसेज इंडिया के अध्यक्ष सतीश एन एस ने कहा कि तापमान में गिरावट ने उन्हें अपनी रणनीति तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह में मौसम साफ हो जाएगा और एसी व फ्रिज की मांग बढ़ेगी।”
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सिएमा) ने कहा कि दूसरे चरण में बिक्री में झटका लगा है लेकिन यह अस्थायी है। सिएमा के अध्यक्ष एरिक ब्रेगेंजा ने कहा, “मई में बहुत तेज गर्मी होने वाली है। सभी रिपोर्ट यही संकेत दे रही हैं।” वोल्टास ने कहा कि मार्च के तीसरे सप्ताह में देश के कुछ हिस्सों में बारिश हुई है। जून तक चलने वाली और देश के कई हिस्सों में जुलाई तक चलने वाली इन उत्पादों की बिक्री का अनुमान लगाने के लिए यह बहुत जल्दबाजी होगी। टाटा समूह की फर्म ने कहा कि इन उत्पादों को पहले से ही रखना होगा, जिससे अचानक लू चलने के बाद इसे तुरंत बाजार में खपाया जा सके। -
नयी दिल्ली. सरकार ने साड़ी और लुंगी समेत कपड़ा क्षेत्र की 18 वस्तुओं का व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से इनको भी निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) के अंतर्गत लाभ देने का निर्णय लिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक अधिसूचना में कहा गया है कि शुल्क वापसी योजना- आरओडीटीईपी के अंतर्गत लाभ 23 मार्च से होने वाले निर्यात पर दिया जाएगा। आरओडीटीईपी के अंतर्गत, उत्पादन में काम आने वाले उत्पादों समेत अन्य पर लगाए गए केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न शुल्क, कर और उपकर निर्यातकों को वापस कर दिए जाएंगे। इसके अनुसार, आरओडीटीईपी के अंतर्गत 28 मार्च, 2023 से निर्यात के अंतर्गत 18 उत्पाद जोड़े जा रहे हैं।
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नई दिल्ली । हुंडई मोटर्स इस साल इंडियन मार्केट में अपनी नई माइक्रो एसयूवी कैस्पर को लॉन्च कर सकती है, जिसकी फिलहाल एआई3 (Hyundai Ai3) कोडनेम से टेस्टिंग हो रही है। हुंडई कैस्पर का मुकाबला माइक्रो एसयूवी सेगमेंट की टॉप सेलिंग टाटा पंच से होगा। आने वाले समय में हुंडई कैस्पर को अनवील किया जा सकता है। कैस्पर की शुरुआती कीमत 6 लाख रुपये हो सकती है। हालांकि, इस बारे में हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। हुंडई कैस्पर को की लंबाई 3595एमएम, चौड़ाई 1595एमएम और ऊंचाई 1575एमएम है। इस माइक्रो एसयूवी को K1 कॉम्पैक्ट कार प्लैटफॉर्म पर डिवेलप किया गया है। कैस्पर में एलईडी डीआरएल के साथ ही राउंड शेप हेडलैंप, लोअर बंपर में एलईडी रिंग, सिल्वर फिनिश स्किड प्लेट, वाइड एयर डैम, क्लैमशेल बोनट, डुअल टोन रूफ टेल्स, स्क्वॉरिश व्हील आर्चेज और मल्टी स्पोक अलॉय व्हील्ज के साथ ही ब्लैक प्लास्टिक क्लैडिंग बॉडी के चारों तरफ देखने को मिलेंगे। हुंडई कैस्पर में 1.1 लीटर का नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन देखने को मिलेगा, जो कि 69 पीएस पावर जेनरेट करता है। वहीं, 1.2 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन 82bhp तक की पावर जेनरेट करेगा। कैस्पर को 5 स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ऑप्शन में लॉन्च किया जाएगा। हुंडई कैस्पर में डुअल टोन इंटीरियर और बेहतरीन डैशबोर्ड के साथ ही एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कार प्ले सपोर्ट वाला 8 इंच टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम, मल्टीफंक्शनल स्टीयरिंग व्हील, कीलेस एंट्री, कनेक्टेड कार टेक्नॉलजी, रिवर्स पार्किंग कैमरा, डुअल एयरबैग्स समेत काफी सारे स्टैंडर्ड और सेफ्टी फीचर्स हैं।
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स्टार्टअप के वित्तपोषण के लिए सी-डॉट के पास है 700 करोड़ रुपये का कोष
नयी दिल्ली. भारत सरकार के दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास केंद्र सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्स (सी-डॉट) के पास स्टार्टअप के वित्तपोषण के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक का कोष है और सरकार ने नवाचार के लिए कोष का इस्तेमाल करने की कोई सीमा नहीं रखी है। संस्थान के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह कहा। सी-डॉट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं सी-डॉट प्रोजेक्ट बोर्ड के चेयरमैन राजकुमार उपाध्याय ने क्षेत्रीय नवाचार मंच से इतर कहा, ‘‘मंच पर पड़ोसी देशों के प्रतिनिधियों ने भारत के साथ प्रौद्योगिकी नवोन्मेष में दिलचस्पी दिखाई है। इससे स्वदेशी नवाचार का विस्तार देश की सीमा से पार जा सकेगा।'' उपाध्याय ने कहा, ‘‘नवोन्मेष को वित्तपोषित करने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाएं हैं। कुछ योजनाएं सी-डॉट के जरिये उपलब्ध हैं और स्टार्टअप के वित्तपोषण के लिए हमारे पास 700 करोड़ रुपये से अधिक का कोष है। हालांकि, उचित नवाचार को आर्थिक सहायता देने के लिए कोई सीमा नहीं है।'' भूटान, मालदीव, नेपाल, ईरान, श्रीलंका और बांग्लादेश के संचार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल सी-डॉट के परिसर में आया था। - नयी दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इन्फोसिस ने गुरुवार को अपने निदेशक मंडल से किरण मजूमदार शॉ की सेवानिवृत्ति की घोषणा की। यह आदेश 22 मार्च, 2023 को शॉ का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रभावी हो गया। एक बयान के अनुसार, इन्फोसिस के बोर्ड ने प्रमुख स्वतंत्र निदेशक पद के लिए नामांकन और पारिश्रमिक समिति की सिफारिश पर 23 मार्च से डी सुंदरम को चुना है। मजूमदार शॉ 2014 में इन्फोसिस बोर्ड की स्वतंत्र निदेशक चुनी गई थीं और 2018 में वह प्रमुख स्वतंत्र निदेशक चुनी गईं। वह नामांकन और पारिश्रमिक समिति एवं सीएसआर समिति की अध्यक्ष रहने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन एवं ईएसजी समितियों में भी रह चुकी हैं। इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा, “हम इन्फोसिस परिवार का हिस्सा बनने के लिए किरण का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने वर्षों तक बोर्ड का मार्गदर्शन किया।” सुंदरम इन्फोसिस के बोर्ड में 2017 से हैं।
- नयी दिल्ली। वाहन कंपनी होंडा कार्स इंडिया की एक अप्रैल से अपनी शुरुआती स्तर की कॉम्पैक्ट सेडान ‘अमेज' के दाम 12,000 रुपये तक बढ़ाने की योजना है। कंपनी ने कहा कि कीमतों में वृद्धि अगले महीने से लागू सख्त उत्सर्जन नियम के मद्देनजर की गई है। कीमतों में यह बढ़ोतरी मॉडल के अलग-अलग संस्करण के लिए भिन्न होगी। होंडा कार्स इंडिया के उपाध्यक्ष (विपणन एवं बिक्री) कुणाल बहल ने कहा, ‘‘अमेज के दाम एक अप्रैल से 12,000 रुपये तक बढ़ाए जाएंगे। यह वृद्धि कड़े उत्सर्जन नियमों के कारण उत्पादन लागत में बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर की जा रही है।'' उन्होंने कहा कि कंपनी मध्यम आकार की सेडान ‘सिटी' की कीमतों में कोई बदलाव नहीं करेगी।भारतीय वाहन उद्योग वर्तमान में अपने उत्पादों को अगले महीने से लागू होने वाले बीएस-छह उत्सर्जन मानदंड के दूसरे चरण के अनुरूप बनाने के लिए काम कर रहा है। इसी के मद्देनजर हीरो मोटोकॉर्प ने बीते 22 मार्च को अपने मॉडलों की कीमतों में अगले महीने से लगभग दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसी तरह, टाटा मोटर्स ने भी एक अप्रैल, 2023 से अपने वाणिज्यिक वाहनों के दाम पांच प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं।
- नयी दिल्ली। मारुति सुजुकी इंडिया के वाहनों के दाम अप्रैल से बढ़ने वाले हैं। कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा कि नियामक आवश्यकताओं और मुद्रास्फीति के असर को आंशिक रूप से कम करने के लिए उसे दामों में वृद्धि करनी पड़ रही है। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि मूल्य वृद्धि कितनी होगी।मारुति सुजुकी इंडिया ने शेयर बाजारों को भेजी जानकारी में कहा कि कुल मुद्रास्फीति और नियामक आवश्यकताओं की वजह से उसे लागत दबाव का लगातार सामना करना पड़ रहा है। कंपनी लागत को घटाने के हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन मूल्य वृद्धि का कुछ भार ग्राहकों पर डालने पर वह मजबूर है। कंपनी ने कहा कि वाहनों के दाम अप्रैल 2023 से बढ़ाए जाएंगे और यह मूल्य वृद्धि विभिन्न मॉडल के लिए भिन्न होगी। इससे पहले, होंडा कार्स, टाटा मोटर्स और हीरो मोटोकॉर्प समेत कई कंपनियां वाहनों के दामों में अप्रैल से वृद्धि करने की घोषणा कर चुकी है।

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