विश्व रेबीज दिवस 2026 "साथ मिलकर होंगे मजबूत, रेबीज-मुक्त बनेगा भारत"
0- भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड की पहल
बालोद. हर साल 28 सितंबर को दुनिया भर में 'विश्व रेबीज दिवस' (वर्ल्ड रेबीज डे) मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को रेबीज जैसी घातक बीमारी के प्रति जागरूक करना और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए मिलकर प्रयास करना है। इसी क्रम में, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (भारत सरकार) के अंतर्गत आने वाले भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड (ए डब्लू बी आई) के अध्यक्ष डॉ. मुथुकुमारसामी बी. ने एक विशेष अपील जारी की है।
इस वर्ष का विषय (थीम) "स्ट्रांग टूगेदर" (साथ मिलकर मजबूत)
वर्ष 2026 के विश्व रेबीज दिवस का मुख्य विषय "स्ट्रांग टूगेदर" रखा गया है। यह विषय दर्शाता है कि आम नागरिक, पशु चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, स्थानीय निकाय और पशु कल्याण संगठन जब मिलकर काम करेंगे, तभी भारत को रेबीज से पूरी तरह मुक्त कराया जा सकता है।
वर्ष 2030 तक रेबीज उन्मूलन का राष्ट्रीय लक्ष्य
भारत सरकार ने 'नेशनल एक्शन प्लान फॉर डॉग-मीडिएटेड रेबीज एलिमिनेशन' के तहत वर्ष 2030 तक कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश भर में निम्नलिखित 6 प्रमुख गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है:
व्यापक टीकाकरण (मास डॉग वैक्सीनेशन)
आवारा और पालतू कुत्तों को रेबीज-रोधी टीका(एंटी-रेबीज वैक्सीन) लगाने के लिए विशेष अभियान चलाना।
पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी प्रोग्राम)
शहरी निकायों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कुत्तों की नसबंदी व जनसंख्या प्रबंधन को मानवीय तरीके से लागू करना।
पालतू पशुओं और मवेशियों का टीकाकरण
पालतू कुत्तों, बिल्लियों, गाय-भैंसों और अन्य पशुओं को समय पर रेबीज का टीका लगवाने के लिए पशुपालकों व किसानों को प्रोत्साहित करना।
जागरूकता अभियान
स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्टर-पंपलेट बांटकर लोगों को जागरूक करना। किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने की जानकारी देना।
प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण
पशु डॉक्टरों, पैरा-वेट्स और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं को रेबीज रोकथाम और सुरक्षित टीकाकरण का प्रशिक्षण देना।
युवाओं व समुदाय की भागीदारी
विद्यालयों और समुदायों में संवाद सत्र आयोजित कर जानवरों के प्रति दयालुता और जिम्मेदारी से देखभाल करने की भावना को बढ़ावा देना।
नागरिकों और संस्थाओं से अपील
भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने सभी राज्य पशु कल्याण बोर्डों, जिला पशुपालन विभागों, नगर निगमों, स्वयंसेवी संस्थाओं और देश के जागरूक नागरिकों से कल 28 सितंबर को इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है।
बोर्ड ने अनुरोध किया है कि इस अवसर पर आयोजित टीकाकरण और जागरूकता कार्यक्रमों की तस्वीरें, वीडियो और संक्षिप्त रिपोर्ट बोर्ड के साथ साझा करें, ताकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके।
रेबीज एक जानलेवा बीमारी है लेकिन समय पर सही देखभाल और टीकाकरण से इसका 100% बचाव संभव है। आइए मिलकर एक रेबीज-मुक्त भारत का निर्माण करें।











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