ब्रेकिंग न्यूज़

 हर बच्चे का बचपन, हम सबकी जिम्मेदारी

0- दुर्ग में कानून की जानकारी से बच्चों को सुरक्षा, साहस और अधिकारों की पहचान
दुर्ग. किसी बच्चे के लिए विद्यालय केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि सपने देखने, आगे बढ़ने और अपने भविष्य को आकार देने का स्थान होता है। लेकिन इन सपनों की राह में यदि असुरक्षा, शोषण, बाल विवाह या इंटरनेट की दुनिया में छिपे खतरे आ जाएं, तो बच्चे को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि सही जानकारी, सुरक्षा और समय पर सहायता की भी आवश्यकता होती है। इसी सोच के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने सुरक्षित बचपन अभियान के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों तक कानून और उनके अधिकारों की जानकारी पहुंचाने की पहल की है।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर के समन्वय में संचालित इन प्रयासों का केंद्रबिंदु एक सरल, लेकिन महत्वपूर्ण विचार है - बच्चे अपने अधिकारों को जानें, खतरे को पहचानें और जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने से न डरें।
अभियान की थीम “जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण हर बच्चे का अधिकार” है, जबकि इसका मूल संदेश है - “हर बच्चे का बचपन, हम सबकी जिम्मेदारी।” यह संदेश केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों, परिवारों, विद्यालयों और समाज के बीच साझा जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान है।
इसी उद्देश्य से चंद्रशेखर हायर सेकेंडरी स्कूल दुर्ग, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी/अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दीपक नगर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसा नगर भिलाई, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महमारा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बिरझापुर, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चंदखुरी एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला उतई क्रमांक 2 में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों श्री भानू प्रताप सिंह त्यागी, श्रीमती कामिनी जायसवाल, श्रीमती ऐश्वर्या दीवान, श्रीमती प्रज्ञा अग्रवाल, श्री शाश्वत दुबे, श्रीमती अंजली सिंह, श्रीमती महिमा शर्मा, कु. आरती ध्रुव, कु. आकांक्षा सिंह, श्री राहुल सोरी, श्री पंकज शर्मा, कु. मुस्कान शर्मा ने सहभागिता की। पैनल अधिवक्ताओं, साइबर क्राइम ऑफिसर और पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने भी बच्चों तक विधिक जानकारी पहुंचाने में योगदान दिया।
कानून की जानकारी, बच्चों की अपनी भाषा में
इस अभियान की विशेषता यह है कि बाल संरक्षण जैसे गंभीर विषयों को केवल कानूनी प्रावधानों तक सीमित न रखते हुए बच्चों के दैनिक जीवन से जोड़कर समझाने पर बल दिया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत छह विषय निर्धारित किए गए हैं - “मेरा बचपन, मेरा अधिकार”, “कानून जानो, बचपन बचाओ”, “सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन”, “बोलो, बताओ, बचाओ”, “ना बाल विवाह, ना बाल शोषण” तथा “जागरूक बचपन, सशक्त भारत”। इन विषयों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों से परिचित कराया जा रहा है। विद्यालयों में चयनित विषयों पर विशेष जागरूकता गतिविधियों के जरिए बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि असुरक्षित परिस्थितियों को पहचानना, अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाना और किसी विश्वसनीय व्यक्ति अथवा सक्षम प्राधिकारी से सहायता मांगना उनके अधिकारों का हिस्सा है।
जागरूकता से आत्मविश्वास तक
सुरक्षित बचपन की दिशा में पहला कदम यह है कि बच्चा यह समझ सके कि उसकी सुरक्षा, गरिमा और सम्मान महत्वपूर्ण हैं। उसे यह पता हो कि किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहना उसकी मजबूरी नहीं है और सहायता मांगने के लिए उचित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। इसी क्रम में बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता तथा बाल संरक्षण से संबंधित सहायता-व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी जा रही है। अभियान का प्रथम चरण दुर्ग जिले के अधिकाधिक विद्यालयों तक पहुंचने और बच्चों में अधिकारों के प्रति समझ विकसित करने पर केंद्रित है। बाल विवाह, बाल शोषण और ऑनलाइन जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ यह पहल बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में समाज की सामूहिक भूमिका को भी रेखांकित करती है।
सुरक्षित बचपन अभियान का संदेश स्पष्ट है - बच्चे केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की ऐसी जिम्मेदारी हैं, जिनकी सुरक्षा और सम्मान आज सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जब बच्चे अपने अधिकारों को पहचानेंगे, अपनी बात कहने का साहस जुटाएंगे और सहायता के रास्तों से परिचित होंगे, तभी जागरूकता वास्तविक सुरक्षा में बदल सकेगी। हर बच्चे का बचपन सुरक्षित हो, हर बच्चे की आवाज सुनी जाए और हर बच्चे को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले - यही इस पहल का उद्देश्य है।
 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english