बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास में NMDC का सहयोग, ग्रामीणों को मिलेंगे 1,000 तिरपाल
-चार स्पीड बोट से बचाव अभियान में मदद, राहत सामग्री और पेयजल की व्यवस्था में भी दिया साथ
रायपुर। बस्तर में बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और जनजीवन को सामान्य बनाने के प्रयासों में एनएमडीसी (NMDC) जिला प्रशासन के साथ मिलकर सहयोग कर रहा है। सितंबर 2026 में आई बाढ़ से इंद्रावती नदी के आसपास के गांवों में व्यापक जलभराव हुआ था, जिससे कई परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए एनएमडीसी की ओर से करीब एक हजार तिरपाल वितरित किए जा रहे हैं।
बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप ने बाढ़ प्रभावितों के लिए आयोजित तिरपाल वितरण कार्यक्रम के दौरान एनएमडीसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय कंपनी ने जिला प्रशासन को तत्काल सहयोग का आश्वासन दिया और प्रभावित ग्रामीणों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाढ़ के दौरान फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए एनएमडीसी ने जिला प्रशासन को चार स्पीड बोट उपलब्ध कराई थीं। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों के लिए राशन सामग्री और पेयजल की व्यवस्था में भी सहयोग दिया गया।
राहत अभियान के तहत 28 अक्टूबर को जनपद पंचायत बस्तर के कृष्पाल गांव में सांसद श्री महेश कश्यप तथा एनएमडीसी स्टील प्लांट, नगरनार के कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख श्री प्रमोद कुमार ने 200 तिरपाल वितरित किए। वहीं, 29 अक्टूबर को बड़े चकवा ग्राम पंचायत और घाटगनौरा गांव में भी 200 तिरपाल वितरित किए गए। शेष प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए 600 अतिरिक्त तिरपाल वितरित करने की योजना है। वितरित किए जा रहे 18×24 फीट आकार के तिरपाल प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने में मददगार होंगे।इस अवसर पर श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि बस्तर के लोगों ने प्राकृतिक आपदा का साहस के साथ सामना किया है और अब वे अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के पुनर्वास और जनजीवन को सामान्य बनाने के प्रयासों में सहभागी बनना एनएमडीसी के लिए संतोष का विषय है।
एनएमडीसी की ओर से राहत एवं पुनर्वास के लिए जारी यह सहयोग बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने और उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाने के प्रयासों का हिस्सा है।


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