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- -*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से प्रभावित परिवारों को मिल रहा सम्मानजनक जीवन का संबल*रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और छत्तीसगढ़ नक्सलवाद, आत्मसमर्पण, पीड़ित, राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की अनुशंसा पर बीजापुर जिले के नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य श्री राजेश कुमार आलम को शासकीय सेवा में अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है।कलेक्टर एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, जिला बीजापुर के निर्देशानुसार श्री राजेश कुमार आलम को नियमित चतुर्थ श्रेणी (अर्दली) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। उन्हें जिला कार्यालय, बीजापुर में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।यह नियुक्ति नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शासकीय सेवा मिलने से श्री आलम और उनके परिवार को स्थायी आजीविका का सहारा मिलेगा तथा वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। राज्य सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता देने के साथ उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ऐसे प्रयासों से प्रभावित परिवारों में शासन के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है और शांति, पुनर्वास तथा विकास की राह को नई मजबूती मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ राहत, पुनर्वास, रोजगार और विकास को प्राथमिकता दे रही है। बीजापुर में दी गई यह अनुकम्पा नियुक्ति इसी संवेदनशील और जनकल्याणकारी सोच का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
- -’45 गांवों के 50 हितग्राहियों को लगभग 1 लाख फिंगरलिंग मछली बीज का वितरण’-जल संरक्षण संरचनाएं अब बन रहीं आय और रोजगार का माध्यम’रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शासन की योजनाओं का प्रभावी अभिसरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले में वीबी-जी राम जी योजना के तहत निर्मित आजीविका डबरी एवं नवा तरिया को मत्स्य पालन से जोड़कर ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा रहे हैं। जिले के अम्बिकापुर विकासखंड में 28 ग्राम पंचायतों की 35 आजीविका डबरियों और 2 नवा तरिया में लगभग 1 लाख फिंगरलिंग मछली बीज का संचयन किया गया है।मत्स्य विभाग द्वारा शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, दरिमा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया। इस पहल के तहत 45 गांवों से जुड़े 50 हितग्राहियों को मछली बीज प्रदान किया गया, जिसे उनके गांवों में निर्मित आजीविका डबरी एवं नवा तरिया में संचयित किया जाएगा।आजीविका डबरी एवं नवा तरिया का निर्माण केवल जल संरक्षण और ग्रामीण परिसंपत्ति निर्माण तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जा रहा है। मत्स्य पालन शुरू होने से उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्रामीणों को अपने गांव में ही आर्थिक गतिविधि का अवसर मिलेगा।मत्स्य बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान से हितग्राहियों पर शुरुआती लागत का भार कम हुआ है। इसके साथ ही मत्स्य विभाग द्वारा मछली बीज संचयन, मछलियों की देखभाल, पोषण, प्रबंधन एवं उत्पादन से संबंधित आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, ताकि जल संरचनाओं से बेहतर मत्स्य उत्पादन प्राप्त किया जा सके।जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को विभिन्न विभागों की गतिविधियों से जोड़कर उनके प्रभाव को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वीबी-जी राम जी योजना के तहत निर्मित जल संरचनाओं में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने से एक ही परिसंपत्ति का उपयोग जल संरक्षण के साथ-साथ आय संवर्धन के लिए भी किया जा रहा है।इन संरचनाओं में मत्स्य पालन से उत्पादन बढ़ने पर आने वाले समय में ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।लगभग 1 लाख फिंगरलिंग मछली बीज के संचयन से अम्बिकापुर विकासखंड की आजीविका डबरियों एवं नवा तरिया में मत्स्य पालन गतिविधियों को व्यापक आधार मिला है। यह पहल दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित जल संरचनाओं का योजनाबद्ध उपयोग कर जल संरक्षण, रोजगार, मत्स्य उत्पादन और आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।जिला प्रशासन के प्रयासों से आजीविका डबरी एवं नवा तरिया अब ग्रामीण विकास की ऐसी परिसंपत्तियों के रूप में विकसित हो रही हैं, जो जल संसाधन संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूत आधार प्रदान करेंगी।
- -’कच्चे खपरैल मकान से पक्के आशियाने तक पहुंचा परिवार, मिला सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन’रायपुर । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत धरदेई निवासी श्री भूपेन्द्र कुमार कर्ष की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।श्री भूपेन्द्र कुमार कर्ष, पिता श्री अलग राम, उम्र 48 वर्ष, कृषि एवं मजदूरी का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे लंबे समय तक अपनी पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र के साथ मिट्टी एवं खपरैल से बने कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और मकान की जर्जर स्थिति के कारण परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में परिवार के लिए एक पक्का और सुरक्षित घर बनाना उनके लिए वर्षों पुराना सपना था।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता के आधार पर ग्राम पंचायत धरदेई द्वारा वर्ष 2024-25 में श्री भूपेन्द्र कुमार कर्ष के आवास का अनुमोदन किया गया। आवास स्वीकृत होने के बाद शासन से प्राप्त किस्तों के माध्यम से उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया। ग्राम पंचायत में संचालित स्व-सहायता समूहों ने सेंटरिंग सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग किया। वहीं अटल डिजिटल सुविधा केंद्र तथा ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने भी आवास निर्माण में आवश्यक सहयोग प्रदान किया।आवास निर्माण के दौरान श्री कर्ष को 90 दिवस की मजदूरी की सहायता राशि भी प्राप्त हुई, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला। शासन की सहायता, स्थानीय स्तर पर मिले सहयोग और स्वयं की मेहनत से उनका पक्का मकान तैयार हुआ। आज श्री भूपेन्द्र कुमार कर्ष अपने परिवार के साथ सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।कच्चे और खपरैल मकान से पक्के आवास तक का यह सफर श्री कर्ष के परिवार के लिए केवल एक घर मिलने की उपलब्धि नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य और सम्मानपूर्ण जीवन की नई शुरुआत है। पक्की छत मिलने से जहां परिवार को मौसम की परेशानियों से राहत मिली है, वहीं उनके भीतर अपने भविष्य को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ा है। श्री भूपेन्द्र कुमार कर्ष ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद वे अपने परिवार के लिए पक्का घर बना पाएंगे। शासन की सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना आज हकीकत बन चुका है।
- -’18 अगस्त से 24 सितंबर तक चलेगा अभियान, जशपुर जिले में 2766 सत्रों के माध्यम से 78,370 बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक’रायपुर। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और उत्तरजीविता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। जिला चिकित्सालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह एवं डॉ. गीतांजलि तिवारी ने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। अभियान 18 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक संचालित होगा।जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि शिशु संरक्षण माह के दौरान प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को वी.एच.एन.डी. सत्र आयोजित किए जाएंगे। अभियान में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए तथा 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आई.एफ.ए. सिरप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिशु संरक्षण माह केवल विटामिन-ए अनुपूरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बच्चों की उत्तरजीविता बढ़ाने तथा उनके समग्र स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने का अभियान है।अभियान के दौरान निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक के साथ आई.एफ.ए. सिरप की एक बोतल प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही ड्यू बच्चों का टीकाकरण, वजन जांच, पोषण संबंधी परामर्श तथा बच्चों की आयु के अनुरूप संतुलित एवं पौष्टिक आहार की जानकारी दी जाएगी।आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित सत्रों के माध्यम से पात्र बच्चों को पूरक पोषण आहार की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार एवं पोषण पुनर्वास के लिए पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाएगा।शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत अगस्त में 18, 21, 25 एवं 29 अगस्त तथा सितंबर में 1, 5, 8, 11, 16, 18, 21 एवं 24 सितंबर को निर्धारित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में बच्चों को विटामिन-ए एवं आयरन सिरप देने के साथ उनका वजन भी लिया जाएगा।बच्चों की आयु एवं लंबाई के आधार पर कम वजन वाले बच्चों की पहचान कर आवश्यकतानुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में 14 दिनों के लिए भर्ती कर उपचार एवं पोषण पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी। केंद्र में बच्चे के भर्ती होने पर उसकी मां को कार्य क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी। जिले में कुल 2766 सत्र आयोजित होंगे। इनमें पत्थलगांव में 485, फरसाबहार में 360, कांसाबेल में 288, बगीचा में 630, कुनकुरी में 320, दुलदुला में 129, लोदाम में 324 तथा मनोरा में 230 सत्र शामिल हैं।अभियान के तहत जिले में कुल 78,370 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विकासखंडवार लक्ष्य में पत्थलगांव के 19,571, फरसाबहार के 8,456, कांसाबेल के 5,982, बगीचा के 15,848, कुनकुरी के 9,294, दुलदुला के 3,420, जशपुर के 9,580 तथा मनोरा के 6,219 बच्चे शामिल हैं।डॉ. गीतांजलि तिवारी ने बताया कि विटामिन-ए अनुपूरण एवं एनीमिया नियंत्रण से बाल मृत्यु में कमी लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसी तरह कुपोषण की रोकथाम, शीघ्र एवं पूर्ण स्तनपान तथा समय पर ऊपरी आहार शुरू करना बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उत्तरजीविता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने पात्र बच्चों को निकटतम वी.एच.एन.डी. सत्र में लेकर जाएं और विटामिन-ए, आयरन सिरप, टीकाकरण, वजन जांच तथा पोषण संबंधी सेवाओं का लाभ अवश्य उठाएं।
- -विद्या साहू ने सीजी पीएससी परीक्षा में चयनित होकर सपनों को दी नई उड़ान-दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत मिली एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशिरायपुर। जब हौसले मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सामाजिक, आर्थिक और दिव्यांगता जैसी चुनौतियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। दिव्यांगता शरीर की सीमा हो सकती है, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और बुलंद हौसलों के सामने सपनों की कोई सीमा नहीं होती। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के ग्राम तेलीखाम्ही की दिव्यांग विद्या साहू ने अपनी मेहनत, लगन, दृढ़ संकल्प और मजबूत हौसलों के साथ अपने सपनों का नई उड़ान दी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है। एक हाथ से 70 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा में छठे प्रयास में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयनित होकर सफलता का इतिहास रचा है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता के बाद शासन की ओर से समाज कल्याण विभाग की क्षितिज अपार संभावनाएं अंतर्गत दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें 01 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।इस अवसर पर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे ने विद्या को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साथ ही बेटी की सफलता पर विद्या के माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि स्वयं निरक्षर होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा और बेटी को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक और सकारात्मक संदेश है। कलेक्टर ने कहा कि विद्या की सफलता उनकी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। शासन द्वारा प्रदान की गई प्रोत्साहन राशि उनकी उपलब्धि को सम्मान देने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बनेगी। उन्होंने विद्या को निरंतर प्रयास कर और ऊंचा मुकाम हासिल करने प्रोत्साहित किया।एसएसपी ने कहा कि विद्या की उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जिले के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा देने का सपना देख रहे हैं। विद्या ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता हासिल कर सकता है।विद्या साहू ने कहा कि शासन की क्षितिज अपार संभावनाएं अंतर्गत दिव्यांग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि “सीजी पीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में चयन मेरा सपना था, जिसे मैंने कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया। यह मेरा छठा प्रयास था। इससे पहले भी मैं साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थी, लेकिन इस बार सफलता हासिल करने में सफल रही। चयन के बाद शासन द्वारा प्रदान की गई 01 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मेरे लिए बेहद उत्साहवर्धक है।” उन्होंने कहा कि “दिव्यांगता कभी भी लक्ष्य प्राप्ति की राह में अंतिम बाधा नहीं बन सकती। जीवन में चुनौतियां आती हैं, लेकिन हर चुनौती के साथ समाधान का रास्ता भी होता है। आवश्यकता है कि हम अपने लक्ष्य पर विश्वास रखें, निरंतर प्रयास करें और कभी हार न मानें।” उन्होंने इस प्रोत्साहन एवं सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।विद्या ने बताया कि वे लोरमी क्षेत्र के ग्राम तेलीखाम्ही की निवासी हैं और किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता श्री सुदर्शन साहू किसान हैं तथा माता श्रीमती सरोजनी साहू हैं। परिवार में उनके दो भाई जितेन्द्र एवं भोलाराम भी हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा शिक्षा के महत्व को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। परिवार के सहयोग, आत्मविश्वास और लगातार मेहनत ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने की ताकत दी। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण श्री नदीम काजी उपस्थित रहे।
- -विधायक लता उसेण्डी ने 7.50 लाख रूपए के निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजनरायपुर । सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत मंगलवार को कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कोण्डागांव जिले में विभिन्न शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया। इस दौरान शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहलई में 42 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं।कार्यक्रम के दौरान विधायक लता उसेंडी ने ग्राम मोहलई में कुम्हार समाज भवन के पास 2.50 लाख रुपये की लागत से रंगमंच निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही डीएमएफ मद से हाईस्कूल मोहलई में 5 लाख रुपये की लागत से प्रयोगशाला के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लता उसेंडी ने कहा कि राज्य सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से छात्राओं को निःशुल्क साइकिल उपलब्ध करा रही है। साइकिल मिलने से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और वे नियमित रूप से स्कूल पहुंच सकेंगी। उन्होंने पालकों से बच्चों को समय पर विद्यालय भेजने और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही विद्यार्थियों से अपने निर्धारित लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान किया।इस अवसर पर जनपद पंचायत कोण्डागांव के उपाध्यक्ष श्री टोमेंद्र ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदई नाग, जनपद सदस्य श्रीमती कल्पना कोर्राम, सरपंच मोहलई श्री मालतु राम सोढ़ी, सरपंच मुनगापदर श्रीमती फूलमती कश्यप, सरपंच करणपुर सुश्री महादई कश्यप, श्री दीपेश अरोरा, श्री संतोष पात्रे, श्री हितेन्द्र झा, पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती सुनीता नाग, श्री महेंद्र पारख, श्री प्रेमसिंग नाग, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री बालसिंह बघेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री जगमोहन भोयर सहित प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विभिन्न ग्रामों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- -क्विज के जरिए छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों से रूबरू हुए स्कूली बच्चे एआई कैमरे ने बढ़ाया प्रदर्शनी का आकर्षण-टाउन हॉल की छायाचित्र प्रदर्शनी के चौथे दिन विद्यार्थियों ने मंच पर आत्मविश्वास के साथ दिए सवालों के जवाब- 21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनीरायपुर । राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी के चौथे दिन विद्यार्थियों और आम नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। स्वतंत्रता संग्राम, छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों एवं जनजातीय नायकों के संघर्ष, ‘वंदे मातरम‘ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से जानने के साथ ही विद्यार्थियों ने ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मंच पर आकर सवालों के जवाब देने की गतिविधि ने विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया।प्रदर्शनी में आयोजित प्रश्नोत्तरी की खास बात यह रही कि इसे केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि विद्यार्थियों को खेल-खेल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और जनजातीय नायकों के जीवन, संघर्ष और योगदान से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्होंने किताबों में स्वतंत्रता संग्राम के बारे में पढ़ा है, लेकिन इस तरह प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपने प्रदेश के नायकों के बारे में जानना उनके लिए नया और बेहद रोचक अनुभव रहा। प्रदर्शनी में कंप्यूटर के माध्यम से विशेष रूप से तैयार की गई प्रश्नोत्तरी विद्यार्थियों के लिए खास आकर्षण बनी रही। इसमें तीन टीमों को छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पहचानने की चुनौती दी गई। विद्यार्थियों को संबंधित सेनानी के नाम का एक क्लू दिया जाता था और इसके बाद टीमों को बारी-बारी से एक-एक अक्षर बताने का अवसर दिया जाता था। जैसे-जैसे सही अक्षर सामने आते जाते, नाम पूरा होने लगता था।जो टीम सबसे अधिक सही अक्षर बताकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम सबसे पहले पहचान लेती, उसे विजेता घोषित किया जाता। इस पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों में उत्सुकता, प्रतिस्पर्धा और सीखने की ललक साफ दिखाई दी। सही उत्तर मिलने पर विद्यार्थियों और दर्शकों ने तालियों के साथ प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।प्रदर्शनी परिसर में आयोजित छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच-बीच में उद्घोषक द्वारा छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम और पर्यटन से जुड़े सवाल पूछे गए। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों का दर्शकों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच इस तरह की प्रश्नोत्तरी ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया। एक ओर मंच पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और लोक कला की मनोहारी प्रस्तुतियां हो रही थीं, वहीं दूसरी ओर दर्शक और विद्यार्थी सवालों के जवाब देकर अपने ज्ञान को परख रहे थे। इस अभिनव संयोजन ने प्रदर्शनी में आने वाले लोगों के अनुभव को और अधिक रोचक एवं ज्ञानवर्धक बना दिया।प्रदर्शनी में एआई तकनीक से लैस स्वचालित कैमरा भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस सुविधा के माध्यम से आगंतुक अपनी तस्वीर खिंचवाकर उसे छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि में देख सकते हैं। विशेष बात यह है कि तैयार तस्वीर इतनी स्वाभाविक दिखाई देती है कि मानो संबंधित व्यक्ति वास्तव में उसी पर्यटन स्थल पर मौजूद हो।इसके अलावा अलग-अलग पारंपरिक वेशभूषाओं के साथ तस्वीरें खिंचवाने की सुविधा भी उपलब्ध है। बच्चों, विद्यार्थियों और युवाओं में इसे लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। आधुनिक एआई तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का यह प्रयोग प्रदर्शनी को अन्य आयोजनों से अलग पहचान दे रहा है।प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि मंच पर आकर सवालों के जवाब देना उनके लिए बेहद अच्छा अनुभव रहा। एक छात्र ने कहा कि पहले मंच पर आकर जवाब देने में झिझक होती थी, लेकिन प्रश्नोत्तरी में भाग लेने से आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने कहा कि इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में ऐसी कई जानकारियां मिलीं, जिनसे वे पहले परिचित नहीं थे।एक छात्रा ने कहा कि प्रदर्शनी में आकर उसे छत्तीसगढ़ के उन वीरों और जनजातीय नायकों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। उसने कहा कि यदि वे इस प्रदर्शनी में नहीं आते तो बहुत कुछ महत्वपूर्ण सीखने से वंचित रह जाते। विद्यार्थियों ने कहा कि प्रश्नोत्तरी के कारण इतिहास पढ़ना और उसे याद रखना भी आसान और रोचक लगा।विद्यार्थियों के साथ पहुंचे शिक्षकों ने भी प्रदर्शनी की सराहना की। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए इतिहास को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे चित्रों, प्रश्नोत्तरी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आधुनिक तकनीक के माध्यम से समझाना अधिक प्रभावी है। इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जनजातीय नायकों और राज्य की सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने का अवसर मिल रहा है।एक शिक्षक ने कहा कि प्रश्नोत्तरी में बच्चों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि जब सीखने की प्रक्रिया को मनोरंजक और सहभागितापूर्ण बनाया जाता है तो विद्यार्थी उसमें अधिक रुचि लेते हैं। मंच पर आकर जवाब देने से उनमें आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी मिट्टी, इतिहास और विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, वीर सेनानियों और जनजातीय नायकों के संघर्ष एवं बलिदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र और ऐतिहासिक सामग्री प्रदर्शित की गई है। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े प्रसंग भी प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसके साथ ही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम‘ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को भी छायाचित्रों और जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभावना जागृत करने में ‘वंदे मातरम‘ की भूमिका से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परिचित कराया जा रहा है।प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा के साथ वर्तमान छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, शिक्षा, आवास, कृषि, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, रोजगार और विकास से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी भी छायाचित्रों के माध्यम से दी जा रही है।प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को जनसंपर्क विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। आगंतुकों को स्वतंत्रता संग्राम, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन, विकास और शासन की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।आगंतुकों को छत्तीसगढ़ राज्य की विकास यात्रा पर आधारित ’जनमन’ पत्रिका’ तथा बुकलेट का भी वितरण किया जा रहा है। इससे प्रदर्शनी देखने के बाद भी लोग राज्य की उपलब्धियों और विकास योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी अपने साथ ले जा रहे हैं।कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10ः30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा, छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों और जनजातीय नायकों का संघर्ष, ‘वंदे मातरम‘ की 150 वर्षों की यात्रा, राज्य की विकास यात्रा, छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी और एआई तकनीक से पर्यटन एवं विरासत का अभिनव अनुभव, इन सभी का एक ही मंच पर समावेश प्रदर्शनी को विशेष और आकर्षक बना रहा है।
- -छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की समस्त योजनाओं की पात्र आबंटित संपत्तियों पर लागू होगी छूट–अध्यक्ष अनुराग सिंह देवरायपुर/ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (CGHB) द्वारा आवंटियों को विलंब अवधि की ब्याज राशि और बकाया जल प्रभार (Water Charges) के सरचार्ज पर 50 प्रतिशत की विशेष छूट एकमुश्त भुगतान (One-Time Settlement) योजना के तहत दी गई थी, जिसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपने हितग्राहियों को बड़ी सौगात दी है। मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बकायादार हितग्राहियों को दाण्डिक ब्याज में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की।यह छूट मंडल की समस्त योजनाओं में निर्मित एवं निर्माणाधीन आबंटित संपत्तियों पर लागू होगी। हालांकि, विशेष आवासीय योजना के अंतर्गत OTS-1 एवं OTS-2 में आबंटित संपत्तियां इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी। पात्र हितग्राही अपनी आबंटित संपत्ति की संपूर्ण बकाया राशि एकमुश्त जमा कर दाण्डिक ब्याज अर्थात विलंबित अवधि के ब्याज में 50 प्रतिशत छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि मंडल द्वारा पूर्व में भी निर्मित भवनों के विरुद्ध बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर दाण्डिक ब्याज में 50 प्रतिशत छूट का लाभ 31 मार्च 2026 तक दिया गया था। इस योजना को हितग्राहियों से अच्छा प्रतिसाद मिला। मंडल की निधि में तरलता बनाए रखने तथा हितग्राहियों को बकाया राशि एकमुश्त जमा करने की सुविधा देने के उद्देश्य से पुनः यह योजना लागू की गई है।अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि कई हितग्राहियों द्वारा जलप्रदाय शुल्क (वाटर चार्जेस) समय पर जमा नहीं किए जाने के कारण लंबित राशि पर सरचार्ज भारित हो रहा था। हितग्राहियों द्वारा लगातार सरचार्ज में छूट देने का अनुरोध किया जा रहा था। हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडल ने अपनी आबंटित संपत्तियों पर लंबित जलप्रदाय शुल्क का एकमुश्त भुगतान करने पर भारित सरचार्ज में भी 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। इससे हितग्राहियों को बकाया राशि के निपटारे में राहत मिलेगी और वे सरचार्ज में छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में मंडल द्वारा संबंधित इकाइयों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने हितग्राहियों से इस सुविधा का लाभ उठाते हुए अपनी बकाया राशि का शीघ्र एकमुश्त भुगतान करने की अपील की।
- -मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक निर्देशरायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली । बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही अन्य सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों से जिलेवार जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक भी जरूरी दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंचें, जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा बैठक मे सेवाओं को और अधिक बेहतर एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखने, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले, इसके लिए कार्ययोजना के अनुसार अमल करने को कहा गया। इसके साथ ही चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
- -केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने चार दिवसीय प्रतियोगिता का किया उद्घाटन, पांचों संभागों के 540 खिलाड़ियों ने किया आकर्षक मार्चपास्ट-स्कूली छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतिरायपुर / रिमझिम फुहारों के बीच खुशनुमा और उत्साहपूर्ण माहौल में मंगलवार को पेण्ड्रा के फिजिकल कॉलेज मैदान में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर 18 से 21 अगस्त तक चलने वाली चार दिवसीय प्रतियोगिता के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की। उद्घाटन समारोह में खेल प्रतिभाओं के उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक मार्चपास्ट ने पूरे वातावरण को खेलमय बना दिया।प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा से 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 540 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभागी अपनी खेल प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल नियमों का पूर्ण पालन करते हुए सच्चे अनुशासन, निष्ठा और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने खेल के गौरव, राज्य के सम्मान और खेल भावना की उच्च परंपराओं को अक्षुण्ण रखने का आह्वान किया।उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों एवं अतिथियों का जीपीएम की धरती पर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि अब खेल को देखने का नजरिया बदल गया है। खेल में हम या तो जीतते हैं या सीखते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल को ऐसे खेलें कि वह पढ़ाई बन जाए और पढ़ाई को ऐसे पढ़ें कि वह खेल बन जाए।श्री साहू ने खिलाड़ियों को तनाव और अवसाद से मुक्त होकर पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता में जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और संघर्ष की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिम्नास्टिक, कबड्डी, क्रिकेट और ताइक्वांडो की स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। जिम्नास्टिक में बालक एवं बालिका, कबड्डी में बालिका, क्रिकेट में बालक तथा ताइक्वांडो में बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।प्रतियोगिता के अंतर्गत जिम्नास्टिक की स्पर्धाएं जिम्नास्टिक हॉल, गुरुकुल गौरेला, क्रिकेट की स्पर्धाएं फिजिकल कॉलेज मैदान, गुरुकुल पेण्ड्रा, ताइक्वांडो की स्पर्धाएं जनपद सभागार पेण्ड्रा तथा कबड्डी की स्पर्धाएं कबड्डी प्रशिक्षण केन्द्र पेण्ड्रा में आयोजित की जा रही हैं।उद्घाटन समारोह का सबसे आकर्षक दृश्य पांचों संभागों से आए खिलाड़ियों का मार्चपास्ट रहा। केसरिया, पीला, नीला, हरा, लाल और सफेद रंग की आकर्षक पोशाकों में सजे खिलाड़ियों की टुकड़ियों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ मार्चपास्ट किया। खिलाड़ियों के जोश और उमंग से पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर समारोह में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया।कार्यक्रम के दौरान कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता की सफलता की कामना की।फिजिकल कॉलेज मैदान पेण्ड्रा में भविष्य में आयोजित होने वाले खेल एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुंदर, सुसज्जित और बड़े मंच के निर्माण की घोषणा भी की गई। सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने 10 लाख रुपये तथा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने 5 लाख रुपये, इस प्रकार कुल 15 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता की सफलता की कामना की। उन्होंने आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतियोगिता से संबंधित खेल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। आयोजक मंडल की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए स्कूली खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है। चार दिनों तक चलने वाली विभिन्न खेल स्पर्धाओं में खिलाड़ी न केवल अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना की सीख भी प्राप्त करेंगे।उद्घाटन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा श्री राकेश जालान, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला श्री मुकेश दुबे, जनपद पंचायत गौरेला अध्यक्ष श्री शिवनाथ बघेल, जनपद पंचायत मरवाही अध्यक्ष श्रीमती जानकी कुशरो, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं प्रतिभागी खिलाड़ी उपस्थित रहे।
- -मुख्य सचिव श्री विकासशील ने दिए सड़क सुरक्षा उपायों के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देशरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।दुर्घटना में घायलों का इलाज प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 108 एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता की सख्त मॉनिटरिंग और ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिकों (गुड सेमेरिटन) को यथाशीघ्र प्रोत्साहन एवं सम्मान राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए।अधिक दुर्घटना वाले 8 जिलों पर विशेष फोकस किया गया, जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं विश्लेषण के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट्स में समय-सीमा के भीतर सुधार करने और सुधार के बाद दुर्घटनाओं में आई कमी का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव ने जोर दिया कि बाद में सुधार करने से बेहतर है कि सड़कों की शुरुआती डिजाइन ही सही हो। सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सुगम यातायात प्रबंधन से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी बनी रहे। सभी जिलों के कलेक्टरों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।बैठक की शुरुआत में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) श्री प्रदीप गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, जनसंपर्क और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिले के 10 पीएमश्री विद्यालयों में अंशकालिक संगीत प्रशिक्षक की सेवाएं ली जाएंगी। इन पदों पर नियुक्ति अधिकतम 31 मार्च 2027 तक के लिए की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को न्यूनतम 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा। अंशकालिक संगीत प्रशिक्षक के पद के लिए आवेदक के पास संगीत विषय में स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। इस पद के लिए इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन 27 अगस्त 2026 तक जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, द्वितीय तल, जिला पंचायत भवन,बिलासपुर-495001, छत्तीसगढ़ के पते पर भेज सकते हैं।आवेदन केवल डाक, स्पीड पोस्ट अथवा कोरियर के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। कार्यालय में सीधे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन पत्र अमान्य माने जाएंगे। एक आवेदक बिलासपुर जिले में संचालित पीएमश्री विद्यालयों में से केवल एक विद्यालय के लिए आवेदन कर सकेगा। एक से अधिक विद्यालयों के लिए आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में समिति द्वारा अंतिम प्राप्त आवेदन पर ही विचार किया जाएगा। पद से संबंधित आवश्यक योग्यता, नियम एवं शर्तें तथा आवेदन पत्र का प्रारूप जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के द्वितीय तल, जिला पंचायत भवन में चस्पा किया गया है। इसके अलावा विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रारूप www.bilaspur.gov.in पर भी उपलब्ध है।
- -डूमरतराई थोक मार्केट से मिठाइयों के तीन और हाईवे किंग रेस्टोरेंट से पनीर-ग्रेवी के नमूने लिए गएरायपुर / नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल (आईएएस) के निर्देशानुसार ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ प्रवर्तन कार्यवाही एवं जागरूकता अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच एवं नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है।अभियान के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल थोक मार्केट, डूमरतराई, रायपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए पैक्ड मिठाइयों के रसगुल्ला, गुलाब जामुन एवं सोन केक के तीन लीगल सैंपल लिए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।इसी क्रम में हाईवे किंग रेस्टोरेंट से पनीर एवं वेज ग्रेवी के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट के किचन में वेज एवं नॉन-वेज सेक्शन अलग-अलग पाए गए। हालांकि, खाद्य सामग्रियों का रख-रखाव उचित एवं व्यवस्थित नहीं पाया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा तत्काल किचन को बंद कर खाद्य सामग्रियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थित तरीके से रखने के निर्देश दिए गए।खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य भंडारण एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। लिए गए सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- बालोद । एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डदेही के परियोजना अधिकारी ने बताया कि कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र भुसरेंगा 02 में आंगनबाड़ी सहायिका के 01 रिक्त पद पर भर्ती हेतु 29 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक वेबसाईट https://aww.e-bharti.in/ पर 29 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
- रायपुर । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायपुर द्वारा युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2 सितंबर 2026 को रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला रोजगार कार्यालय, सिविल लाईन्स, रायपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा।उपसंचालक डॉ. शशीकला अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की 8 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा कुल 877 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें Life Insurance Corporation of India, Parishram Human Resource, Kalpataru Projects International Ltd., Team Skills, Global HR Solution and Job Consultant, IndiaHelpPoint.com, Puskal Agrotecc Limited एवं Elmech Industries शामिल हैं।विभिन्न रिक्त पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, डिप्लोमा एवं कृषि उत्तीर्ण आवेदक शामिल हो सकते हैं। रोजगार मेले में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थियों को रोजगार विभाग के पोर्टल erojgar.cg.gov.in अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन के लिए अभ्यर्थी का रोजगार पंजीयन नंबर होना आवश्यक है। जिन अभ्यर्थियों का रोजगार पंजीयन नहीं हुआ है, वे पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार एप के माध्यम से अपना रोजगार पंजीयन करा सकते हैं।रोजगार मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थल पर अपनी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित समस्त दस्तावेज, रोजगार पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज की स्वयं की फोटो साथ लाना आवश्यक है। रोजगार मेले में उपलब्ध रिक्तियों एवं पदों की विस्तृत जानकारी रोजगार विभाग के पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर प्राप्त की जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर संपर्क किया जा सकता है।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना तखतपुर अंतर्गत तखतपुर के दीनदयाल उपाध्याय वार्ड क्रमांक 10, केन्द्र क्रमांक 2 में रिक्त आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 19 अगस्त से 02 सितंबर 2026 तक आवेदन किये जा सकते है। ई-भर्ती ऑनलाईन लिंक https://aww.e-bharti.in/login में जाकर अनिवार्य दस्तावेजों की फाइल अपलोड करते हुए आवेदन कर सकते है। नियत समय के बाद प्राप्त आवेदन पर किसी प्रकार का विचार नही किया जायेगा।
- -20 अगस्त को कोरीडेम कोटा में होगा राज्य स्तरीय अभ्यासबिलासपुर / जिले में बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 20 अगस्त को राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा प्रशिक्षण मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।मॉक एक्सरसाइज 20 अगस्त 2026, गुरुवार को सुबह 10.30 बजे कोरीडेम, कोटा में आयोजित की जाएगी। इस दौरान बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विभिन्न विभागों और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों, आपसी समन्वय तथा त्वरित कार्रवाई की क्षमता का अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास के माध्यम से संभावित बाढ़ आपदा के दौरान किए जाने वाले राहत एवं बचाव कार्यों की व्यवस्थाओं को परखा जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने का अभ्यास किया जाएगा।मॉक एक्सरसाइज से पूर्व 18 अगस्त को टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTEx) का आयोजन किया जाएगा। इसमें बाढ़ आपदा की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा आपात स्थिति में की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से आम नागरिकों को आपदा की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से मॉक एक्सरसाइज के दौरान शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बिलासपुर ने आम नागरिकों से अपील की है कि मॉक एक्सरसाइज के दौरान होने वाली गतिविधियों को लेकर किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करें।
- -प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने प्रदान किया प्रशस्ति पत्ररायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी में क्षेत्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले आठ अधिकारी एवं कर्मचारियों को आयोजित सम्मान समारोह में प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने सम्मानित किया। डंगनिया मुख्यालय स्थित सेवाभवन के सभाकक्ष में आयोजित समारोह में उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया। सम्मानित अधिकारी-कर्मचारियों का चयन वर्षभर के दौरान तकनीकी दक्षता, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, नवाचार, विद्युत प्रणाली की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता बनाए रखने तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उल्लेखनीय कार्य निष्पादन के आधार पर किया गया।सम्मानित होने वालों में खेदामारा के परीक्षण सहायक श्रेणी 01 श्री जे. कृष्णामूर्ति को सेमरिया 220 केवी उपकेंद्र के सर्किट ब्रेकर के एक पोल बस्ट होने पर सूझबूझ से बड़े उपकरणों को बचाने के लिये सम्मानित किया गया। अंबिकापुर के सिविल संभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर श्री सुमित कुमार सिंह को तिल्दा, कुसमी एवं सोनगरा के 132 केवी उपकेंद्रों के लिए वन भूमि आबंटन में उल्लेखनीय प्रयास के लिए पुरस्कृत किया गया।महासमुंद के 132/33 केव्ही उपकेंद्र झलप एवं बागबाहरा की सहायक अभियंता सुश्री लता जगत को 63 एमव्हीए ट्रांसफार्मरों की समयबद्ध स्थापना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में विद्युत प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने सम्मानित किया गया। भिलाई के कर्मशाला संभाग के परिचारक श्रेणी-दो (ला.) श्री वेदराम यादव को जटिल ट्रांसमिशन संरचनाओं एवं 220 केव्ही टावरों के लिए विशेष टेम्पलेट तैयार कर निर्माण कार्य को सरल बनाने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।रायगढ़ के अति उच्च दाब (निर्माण) उपसंभाग के परिचारक श्रेणी-एक (लाईन) श्री सत्य प्रकाश राठौर को ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों के बीच घरघोड़ा-बरौद 132 केव्ही लाइन निर्माण कार्य समय से पूर्व पूर्ण कराने तथा रायपुर के अति उच्च दाब (निर्माण) संभाग के लाइन सहायक श्रेणी-दो श्री हीरा सिंह ध्रुव को एनएमडीसी बचेली के लिए 132 केव्ही लाइन निर्माण में विभिन्न विभागों एवं स्थानीय लोगों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर कार्य को सफल बनाने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।बिलासपुर के 132 केव्ही उपकेंद्र तिफरा की सहायक अभियंता सुश्री वीणा ध्रुव को नौ उपकेंद्रों का अतिरिक्त दायित्व निभाते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्य निष्पादन तथा नवीन पावर ट्रांसफार्मरों की सफल चार्जिंग में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। रायपुर मुख्यालय की प्रबंधक (वित्त) श्रीमती अमृता व्यास को एपीआई आधारित मशीन-टू-मशीन भुगतान प्रणाली विकसित कर भुगतान प्रक्रिया के सफल डिजिटलीकरण के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री के.एस. मनोठिया, कार्यपालक निदेशक (वित्त) श्री एम.एस. चौहान, कार्यपालक निदेशक (लाइन) श्री संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री वी.के. दीक्षित, मुख्य अभियंता (भार प्रेषण) श्रीमती शारदा सोनवानी, मुख्य अभियंता (उपकेंद्र) श्री अब्राह्म वर्गीस, मुख्य अभियंता (परियोजना) श्री प्रसन्ना गोसावी, मुख्य अभियंता (एचआर) श्रीमती रश्मि वर्मा उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने किया तथा अंत में अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौधरी ने आभार व्यक्त किया।
- - दिशा समिति की बैठक में आजीविका, आवास, जैविक खेती, स्वच्छता, सिंचाई, सड़क और कुपोषण की स्थिति की हुई विस्तृत समीक्षा, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देशरायपुर / सांसद लोकसभा क्षेत्र बिलासपुर एवं केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए श्री साहू ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उनकी आय में वृद्धि के लिए स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राहियों को आवास निर्माण में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के लंबित कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने कहा। पीएम जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाए जा रहे संपर्क मार्गों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय समन्वय से निर्माण में आ रही बाधाओं का शीघ्र निराकरण करने और सड़कों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।श्री साहू ने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले की विशिष्ट पहचान विष्णुभोग धान-चावल की उत्पादकता बढ़ाने, प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने तथा बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने कहा, ताकि किसानों को स्थानीय उत्पाद का अधिक लाभ मिल सके।स्वच्छता की समीक्षा के दौरान उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण और स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित वास्तविक एवं अद्यतन जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराने पर भी विशेष जोर दिया।जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए जल निकायों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। श्री साहू ने पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए सघन टीकाकरण अभियान चलाने, कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने तथा टीबी उन्मूलन और मलेरिया नियंत्रण के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी विशेष जोर दिया।केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त अधिकांश प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित हैं। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया कि नक्शा-बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, त्रुटि सुधार सहित सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की निर्बाध और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने कहा।श्री साहू ने मत्स्य पालन, श्रम विभाग सहित सभी विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं की उपलब्धियों एवं प्रगति से समिति को अवगत कराया।बैठक में बताया गया कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत जिले में कुल 64 हजार 174 जॉबकार्डधारी परिवार पंजीकृत हैं। श्रम बजट वर्ष 2026-27 में अब तक 9 लाख 96 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। बिहान समूह से जुड़ी 18 हजार 148 दीदियों को लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल किया जा चुका है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में अब तक 46 हजार 151 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। गौरेला विकासखंड में संचालित पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत 1,080 आवासों में से 865 आवास पूर्ण हो चुके हैं। सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत 36 हजार 924 हितग्राहियों को पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है।कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 में निर्धारित 58 हजार 693 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 53 हजार 99 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूर्ण हो चुकी है।जिले में 839 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जहां 23 हजार 993 बच्चे दर्ज हैं। बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक 3 लाख 16 हजार 675 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 24 हजार 248 लोगों के कार्ड बनना शेष है। श्री साहू ने शेष पात्र लोगों के कार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिए।जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 563 योजनाओं में से 245 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। योजना के अंतर्गत 84 हजार 901 घरों के लक्ष्य के विरुद्ध 69 हजार 808 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें 55 हजार 800 क्रियाशील नल कनेक्शन शामिल हैं।जिले में 209 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं तथा कुल 1 लाख 16 हजार 319 राशन कार्डधारक हैं। बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में विधायक कोटा श्री अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला श्री मुकेश दुबे, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पेंड्रा श्री राकेश जालान, अध्यक्ष जनपद पंचायत गौरेला श्री शिवनाथ बघेल, अध्यक्ष जनपद पंचायत मरवाही श्रीमती जानकी कुशरो, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
- -लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की-कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने कहा, हर 15 दिनों में करें प्रगति की समीक्षा-सभी ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने कहा, काम नहीं करने वालों को ब्लैकलिस्ट कर अनुबंध निरस्त करने के निर्देशरायपुर।. राज्य शासन बस्तर में सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों की प्रगति की लगातार समीक्षा के साथ ही इन्हें तेजी से पूर्ण करने कार्यों की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ बस्तर परिक्षेत्र के अभियंताओं और ठेकेदारों की बैठक लेकर निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में भारत सरकार के आर.आर.पी. (Road Requirement Plan) और आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के अंतर्गत प्रगतिरत सड़कों और पुल-पुलियों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सभी कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने बैठक में ठेकेदारों से चर्चा कर कार्यस्थलों में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने इनके त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। श्री बंसल ने लोक निर्माण विभाग के बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों में काम कर रहे ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वालों को ब्लैकलिस्ट कर उनके अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में सभी मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में दो-तीन दिन कार्यस्थलों का दौरा कर निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से समन्वय कर टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जांच कर नियमित भुगतान भी करने को कहा। श्री बंसल ने अनुबंध के अनुसार कार्यक्षेत्रों में सभी ठेकेदारों से प्लांट व मशीनरी लगवाने को कहा। उन्होंने प्लांट व मशीनरी नहीं लगाने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।विभागीय सचिव ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन सबमिशन (Submission) की जानकारी ली। उन्होंने द्रुतगामी सड़कों तथा पहुंचविहीन गांवों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित सड़कों व पुलों के प्राक्कलन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत नए कार्यों में भू-अर्जन और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से की जा सके। उन्होंने निर्माण कार्यों, आयोजनों एवं कार्यक्रमों के बिलों का भुगतान तत्परता से एक माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच तथा न्यायालयीन मामलों के निपटारे की प्रगति की भी समीक्षा की।श्री बंसल ने बरसात के बाद पेच रिपेयर के कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू करने 30 सितम्बर तक एजेंसियों के निर्धारिण के लिए निविदा की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुचारू आवागमन के लिए सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों के माध्यम से परफॉमेंस गांरटी वाली सड़कों की भी तत्परता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु की समाप्ति के बाद बाढ़ एवं अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत के काम सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, उप सचिव सुश्री अंशिका पाण्डेय, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एम.एल. उरांव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी, श्री डी.के. माहेश्वरी और सुरेश भूपल सहित बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -सरल भाषा में पुस्तक प्रकाशित करने का दिया सुझावरायपुर /राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति के सदस्यों से सौजन्य मुलाकात की। इस विशेष भेंट के दौरान डॉ. सलीम राज ने आम नागरिकों की सहूलियत और बेहतर समझ के लिए यूसीसी के विभिन्न पहलुओं पर सरल भाषा में एक पुस्तक प्रकाशित करने के विचार से समिति को अवगत कराया, ताकि राज्य का हर नागरिक इसके प्रावधानों को आसानी से समझ सके।यूसीसी समिति के प्रमुख सदस्यों ने राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से यूसीसी के ड्राफ्ट हेतु अपने सुझाव साझा करने का विशेष आग्रह किया है।राज्य में यूसीसी (Uniform Civil Code) समिति ने अपनी कार्यप्रणाली पूरी सक्रियता से प्रारंभ कर दी है। राज्य के आम नागरिक समान नागरिक संहिता को लेकर अपने विचार या सुझाव देना चाहते हैं, तो निम्नलिखित आधिकारिक पता एवं माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। ई-मेल (E-mail) के माध्यम से नागरिक अपने सुझाव सीधे इस [email protected] पर भेज सकते हैं। इसी तरह वेब पोर्टल (Web Portal) के माध्यम से समिति के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन https://ucc.cgstate.gov.in/ सुझाव दर्ज करा सकते हैं।राज्य के नागरिक डाक / पत्राचार (Postal Address) द्वारा अपने लिखित सुझाव कार्यालय, समान नागरिक संहिता (UCC) समिति कमरा नंबर - 202, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स,रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001 के पते पर स्पीड पोस्ट या साधारण डाक से अथवा स्वयं उपस्थित होकर लिखित आवेदन/ज्ञापन व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते हैं।
- बालोद ।अग्निवीर थलसेना भर्ती 2026-27 अंतर्गत लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बालोद के उपसंचालक श्री व्हीके केडिया ने बताया कि जिले के ऐसे अभ्यर्थी जिन्होनें जून 2026 में आयोजित लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है, उन्हें निःशुल्क शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि निःशुल्क शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थी रोजगार विभाग की वेबसाईट https://erojgar.cg.gov.in में अग्निवीर भर्ती 2026-27 शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण (निःशुल्क) में क्लिक कर ऑनलाईन आवेदन कर सकतें हैं। इसके साथ ही अभ्यर्थी इस संबंध में अधिक जानकारी जिला रोजगार कार्यालय बालोद के दूरभाष क्रमांक 07749-299509 में भी संपर्क कर सकते हैं।
- बालोद । जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सत्र 2026-27 में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदाय योजना अंतर्गत जिले के संकुल समन्वय केंद्रों एवं विद्यालयों में डिपो द्वारा पाठ्य पुस्तक वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही निजी विद्यालय डिपो में स्वयं जाकर पाठ्यपुस्तक प्राप्त कर चुके है। प्राप्त पुस्तकों को विद्यालयों द्वारा टीबीसी सीजी एप के माध्यम से स्कैनिंग कर छात्र-छात्राओं को वितरण किया गया है। कुछ विद्यालयों में कुछ विषयों की पाठ्यपुस्तकों की कमी होने पर अतिशेष पाठ्य पुस्तक प्राप्त विद्यालयों द्वारा समायोजन कर वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में 14 अगस्त 2026 की स्थिति में डिपो द्वारा प्राप्त कुल 07 लाख 57 हजार 310 पाठ्यपुस्तकों में से 06 लाख 51 हजार 164 पाठ्यपुस्तकों का स्कैनिंग एवं वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि डिपो द्वारा प्राप्त पुस्तकों की स्कैनिंग एवं स्कैनिंग पश्चात् बच्चों को वितरण की कार्यवाही तीव्रता से की जा रही है। अधिकतर बच्चों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही सभी विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों का समुचित वितरण का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा।
- आईएफसी क्लस्टर के तहत स्व सहायता समूह की 26 दीदियों को किया गया 875 चूजा वितरणबालोद। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मूल प्रावधानों एवं ग्रामीण महिलाओं के सर्वांगीण सशक्तीकरण के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में बालोद जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के कुशल मार्गदर्शन एवं सतत प्रेरणा से जिले में स्व-सहायता समूहों की दीदियों को स्थायी आजीविका से जोड़ने का कार्य तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण निर्धन परिवारों को संगठित कर स्व-सहायता समूहों से जोड़ना, संस्थागत ढांचा मजबूत करना, एवं बहु-आयामी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से उनकी वार्षिक आय बढ़ाकर उन्हें गरीबी से बाहर निकालना है। इसी सोच के अनुरूप जिले में इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में बालोद विकासखंड अंतर्गत वृंदावन संकुल स्तरीय संगठन जमरूवा (सिवनी) को इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया गया है। इस क्लस्टर में मुख्य रूप से 03 क्लस्टर हर्राठेमा, देवारभाट एवं मुल्लेगुड़ा शामिल हैं, जिनके अंतर्गत लगभग 1000 ग्रामीण परिवारों को आजीविका संवर्धन हेतु आच्छादित किया जा रहा है। आईएफसी का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण महिला परिवार को कम से कम 02 से 03 पूरक आजीविका गतिविधियों (जैसे- कृषि, पशुपालन, कड़कनाथ, बैकयार्ड कुक्कुट पालन, उद्यानिकी आदि) से जोड़कर उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय एवं स्थायी वृद्धि करना है। सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू ने बताया कि इंटिग्रेटेड फार्मिंग कलस्टर के तहत बिहान से जुडी दीदियों के सतत एवं सवहनीय आजीविका सवर्धन हेतू 17 अगस्त को 21 स्व सहयता समूह की 26 सदस्यों को उन्नत किश्म का 30 दिवसीय चूजा आईएफसी के प्रावधान के अनुरूप प्रदाय कराया गया है। कार्यक्रम के दौरान दीदियों को केवल चूजा वितरण ही नहीं किया गया, बल्कि आजीविका के इस साधन से अधिकतम लाभ अर्जित करने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। बिहान कैडर एवं विशेषज्ञों द्वारा दीदियों को चूजों के शुरुआती 30 से 40 दिनों की विशेष देखरेख एवं प्रबंधन, संतुलित दाना एवं स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, समय पर टीकाकरण, रोग प्रतिरोधक उपचार एवं शेड प्रबंधन के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित व जागरूक किया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ष्बिहान योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल समूह तक सीमित न रखकर उन्हें स्वावलंबी उद्यमी बनाना है। उन्होंने कहा कि बैकयार्ड पोल्ट्री और आईएफसी मॉडल से ग्रामीण दीदियों की दैनिक एवं मासिक आय में नियमित बढ़ोतरी होगी, जिससे वे ’लखपति दीदी’ की संकल्पना को साकार करते हुए अपने परिवार के सामाजिक व आर्थिक स्तर को ऊँचा उठा सकेंगी। इस अवसर पर विकासखंड के बिहान स्टाफ, संकुल स्तरीय संगठन की पदाधिकारी दीदियाँ एवं स्व-सहायता समूहों की सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों का विशेष प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले के सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से विभागवार प्राप्त आवेदनों एवं इसके निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों के निराकरण के पश्चात् संबंधित आवेदकों से दूरभाष से संपर्क कर उनके आवेदनों के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन 1076 के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सीएम हेल्पलाइन छत्तीसगढ़ शासन के नागरिक केन्द्रीत शिकायत प्रणाली है। यह प्रणाली नागरिकों को सरल तरीके से अपनी शिकायत दर्ज कराने तथा अपनी शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से निराकरण प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली नागरिकों के शिकायत के पंजीयन, शिकायत की स्थिति जानने तथा शिकायतों के त्वरित कार्रवाई हेतु सरल एवं सुगम माध्यम उपलब्ध कराती है। श्रीमती मिश्रा ने सभी अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के निराकरण के पश्चात एल1 लेवल पर ही उनका फीडबैक लेने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में ’सुघ्घर छत्तीसगढ’़ अभियान के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को ’सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान में शामिल विभिन्न 31 जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण हेतु की जा रही कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाॅब कार्ड बनाने हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों को जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुविभागीय अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों की समस्या के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए जरूर उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके संबंध में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने की भी जानकारी दी। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी से जिले में केन्द्रीय विद्यालय के संचालन हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी लेेते हुए इसके लिए त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में उन्होंने ओएनजीसी के लिए स्थान आबंटित करने के प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी लेते हुए इसके लिए शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिला चिकित्सालय बालोद में रेडियोलाॅजिस्ट की नियुक्ति के संबंध में की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरूर के पोस्टमार्टम भवन के व्यवस्था को दुरूस्त करने हेतु किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को शीघ्र सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को उच्च न्यायालय से संबंधित सभी प्रकरणों का विशेष प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में स्वामित्व योजना के प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सर्वाइकिल कैंसर की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बालिकाओं के टीकाकरण के कार्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके जिले के शत प्रतिशत बालिकाओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने टीबी मुक्त भारत अभियान के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सघन अभियान चलाकर इस अभियान को पूरा करने को कहा। श्रीमती मिश्रा ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से ’आदि कर्मयोगी अभियान’ के अंतर्गत जिले के चयनित ग्रामों में आदि सेवा केन्द्रों में जन सुनवाई शिविरों के आयोजन के संबंध में भी जानकारी ली।














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