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- - राज्य पुलिस अकादमी में व्याख्यान.रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने सुभाषचन्द्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चन्द्रखुरी रायपुर में व्याख्यान देते हुए कहा कि समाज से अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन आवश्यक है, जो वैज्ञानिक सोच व जागरूकता से संभव है । विज्ञान की शिक्षा, एवं प्रौद्योगिकी के कारण देश में वैज्ञानिक उपलब्धियां बढ़ रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक का प्रभाव बढ़ है ,पर उसके बाद भी देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है जिनमे डायन /टोनही के संदेह में प्रताड़ित महिलाओं की संख्या अधिक है.। जादू टोना ,टोनही जैसे अंधविश्वास से जिससे बचाव ,राहत के लिए आम जन में जागरूकता के साथ लिए शिकायतों पर संज्ञान लेकर तुरंत कार्यवाही आवश्यक हैं.। प्रदेश में सन 2005 से राज्य टोनही प्रताड़ना निरोधक कानून बना हुआ है, जिसके गांव गांव में प्रचार,प्रसार तथा और शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही से पीड़ितों को राहत मिलेगी.।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि सामाजिक अंधविश्वासों पर चर्चा, तर्क और विश्लेषण जारी रहना समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए जरूरी है.। वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सम्बंध तर्कशीलता से है, वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमारे अंदर अन्वेषण की प्रवृत्ति विकसित करता है,तथा विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करता है, इसलिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हमारे संविधान का महत्वपूर्ण अंश है ।किसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाये, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमायी हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में है। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास व कुरीतियों के विरूद्ध सभी को एकजुट होकर आगे आना चाहिए। पुलिस भी इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.।डॉ. मिश्र ने कहा कि विभिन्न प्राकृतिक आपदायें हर गांव में आती है, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती है। वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते है। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते है। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। कोरोना जैसी महामारी का हल व उपचार वैक्सीन बनाने एवं उसे लोगों तक उपलब्ध कराने में चिकित्सा विज्ञान की बड़ी भूमिका रही है। . उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुनः प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगड़ने पर उसे ताबीज पहिनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चहिए।डॉ. मिश्र ने प्रशिक्षार्थी पुलिस अधिकारियों से विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण अंचल में छोटे बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से डराया व भ्रमित किया जाता है. जबकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता.।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन (टोनही )के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। टोनही,डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को टोनही/डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। अनेक मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई है अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती है। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी महिला , या पुरुष के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, आसाम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही है जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए. झारखंड में 7000 ,बिहार में 1679 छत्तीसगढ़ में 1357,ओडिशा 388 में ,राजस्थान 95 में,आसाम में 102 मामलों की प्रमाणिक जानकारी है।जबकि कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला. पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं ।डॉ. मिश्र ने कहा कि आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं का वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्में थे।डॉ. मिश्र ने कहा कि भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। इस अधिनियम के आधार पर भी संज्ञान लिया जाए.।डॉ मिश्र ने कहा लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा में तथाकथित बाबाओं के चक्कर में फंसने की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है। डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को स्वयं आगे आना चाहिए.।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले के विकासखण्ड- नगरी की गाड़ाघाट व्यपवर्तन के वियर गेट एवं नहरों का मरम्मत व नहरों का सी.सी. लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 96 लाख 32 हजार रुपये स्वीकृत किये हैं। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 177 हेक्टेयर के विरूद्ध 145 हेक्टेयर हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 15.28 हेक्टेयर अतिरिक्त सहित कुल 192.28 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
- रायपुर। बढ़ते बिजली बिल और सरचार्ज से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। यह योजना महज छूट तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक बोझ से दबे परिवारों को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।योजना के तहत उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज में 100 प्रतिशत माफी मिल रही है। साथ ही, केवल 10 प्रतिशत राशि जमा कर शेष भुगतान आसान किस्तों में करने की सुविधा इसे और भी सुलभ बनाती है। “मोर बिजली ऐप” और नजदीकी वितरण केंद्रों के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया भी सरल रखी गई है।मनेन्द्रगढ़ की शाहीन बेगम इसकी जीवंत मिसाल हैं। करीब 48 हजार रुपये के बकाया में 23 हजार रुपये से अधिक की छूट मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में लगभग 28 लाख उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने वाली इस योजना के तहत करीब 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है। यह पहल सरकार और नागरिकों के बीच भरोसे की नई नींव भी मजबूत कर रही है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। धमतरी जिले में इस योजना का व्यापक असर देखने को मिल रहा है, जहाँ हजारों उपभोक्ता वर्षों पुराने बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।धमतरी निवासी श्री बी. एस. विशाल के परिवार के लिए बिजली का बकाया बिल एक मानसिक तनाव बन चुका था। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते बिल की राशि बढ़ती गई, जिससे बिजली कटने का डर हमेशा बना रहता था। जब शासन की समाधान योजना की घोषणा हुई, तो उनके पुत्र डेनियल विशाल ने विभागीय शिविर में संपर्क किया।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की प्रक्रिया इतनी सरल थी कि उन्हें जल्द ही योजना का लाभ मिला। डेनियल ने बताया कि बकाया मूल राशि में भारी छूट और सरचार्ज की शत-प्रतिशत माफी ने हमारे परिवार को नई शुरुआत करने का मौका दिया है। अब हम नियमित रूप से बिल चुकाने की स्थिति में हैं। यह योजना हम जैसे आम लोगों के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा उपहार है।विद्युत विभाग द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, जिले में योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह है। इस योजना के लिए अब तक 4,652 पात्र उपभोक्ताओं की पहचान की जा चुकी है। इसमें से 4,115 उपभोक्ताओं ने ऑफलाइन माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। आवेदन के बाद 537 परिवारों को पहले ही बकाया मुक्त कर प्रत्यक्ष लाभ दिया जा चुका है।योजना की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका फायदा पहुँचे। गरीबी रेखा से नीचे के उपभोक्ता को बकाया मूल राशि पर अधिकतम 75 प्रतिशत तक की भारी छूट दिया जा रहा है। इसी तरह घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता को मूल बकाया राशि में 50 प्रतिशत तक की राहत दिया जा रहा है। सभी पात्र श्रेणियों के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (अधिभार) को 100 प्रतिशत माफ कर दिया गया है। उपभोक्ता को केवल 10 प्रतिशत प्रारंभिक राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद शेष राशि को वह अपनी सुविधा अनुसार निर्धारित किस्तों में जमा कर सकता है।यह योजना 12 मार्च 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। विद्युत विभाग द्वारा गांव-गांव और वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में छूट न जाए। जनसंपर्क माध्यमों और स्थानीय मुनादी के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना केवल एक वित्तीय रियायत नहीं है, बल्कि यह सुशासन की उस सोच का प्रतीक है जहाँ सरकार अपने नागरिकों की बुनियादी समस्याओं को संवेदनशीलता से हल करती है। इस पहल से न केवल बिजली विभाग के राजस्व में सुधार होगा, बल्कि प्रदेश के हजारों घरों में फिर से खुशहाली की रोशनी फैलेगी।
- रायपुर । अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक का सफर निराशा, संघर्ष और कठिनाइयों से निकलकर आशा, सफलता और ज्ञान की ओर जाने का प्रतीक है। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से पूरी की जा सकती है। 22 वर्षीय अरविंद हेमला का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही आर्थिक तंगी, अशिक्षा और सामाजिक चुनौतियों से जूझते रहे। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था।कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। इस घटना ने अरविंद को पूरी तरह अकेला और असहाय बना दिया। युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गए। धीरे-धीरे वे इस रास्ते में उलझते चले गए, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लेकिन समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता उन्हें केवल भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। राज मिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की। आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में एक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अपने परिश्रम और लगन से उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में भी सफलतापूर्वक वापसी की है।राज्य सरकार की पुनर्वास नीति हिंसा की राह छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।
- -विशेष आवास परियोजना से मिला पक्का आशियानारायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने वाले नक्सलियों को नई जिंदगी दे रही है। छत्तीसगढ सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पितों को 5 लाख तक की सहायता, कौशल प्रशिक्षण, और सम्मानजनक जीवन प्रदान कर नक्सल-मुक्त बस्तर के सपने को साकार कर रही है। कोण्डागांव जिले के फरसगांव के सुदेर पंचायत चिंगनार के श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड फरसगांव के दूरस्थ ग्राम पंचायत चिंगनार, जो मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, कभी इस क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा का माहौल था। अब इन क्षेत्रों में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शांति और विकास स्थापित हो रहा हैं। इसी गांव में रहने वाले श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पवन कुमार पूर्व में माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। उस दौर में उनका जीवन असुरक्षित और कठिनाइयों से भरा हुआ था। उनका परिवार जंगल किनारे एक झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही सुरक्षित भविष्य की कोई उम्मीद।समय के साथ उन्होंने यह महसूस किया कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश की ओर ले जाता है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए माओवादी संगठन से नाता तोड़ लिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन द्वारा विशेष परियोजना आवास (आत्मसमर्पित परिवार) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। शासन की सहायता से उन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 40 हजार रुपये, द्वितीय किश्त में 55 हजार रुपये तथा अंतिम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये की राशि दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की गई। इन सभी सहायता राशि और योजनाओं के समुचित उपयोग से पवन कुमार ने निर्धारित समय में अपना पक्का घर पूर्ण कर लिया। यह घर केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की मजबूत नींव है। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और भविष्य को लेकर आश्वस्त है।इसके अतिरिक्त शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। और बेहतर भविष्य के लिए भी नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -बाजे गाजे के साथ लड्डुओं से तौलकर विभिन्न समाजों एवं संगठनों ने उप मुख्यमंत्री का किया सम्मान-यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की जीत - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-आज बस्तर के गांवों में लोग अपने आंगन में खुलकर हंस रहे हैं, अब वहां डर नहीं, विकास की बातें हो रही हैं - श्री शर्मारायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देश के लिए ऐतिहासिक क्षण तब आया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च को सदन में शस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा की। लगभग चार दशकों से इस समस्या से जूझ रहे छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प, रणनीति और सतत प्रयासों से यह बड़ी सफलता हासिल की।इस अभियान में भारतीय सेना, पुलिस और समस्त सशस्त्र बलों के जवानों के अदम्य साहस, समाज की जागरूक भागीदारी, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं की भूमिका और सबसे बढ़कर बस्तर के नागरिकों के सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के समुचित प्रयासों से ही सशस्त्र नक्सलवाद का अंत संभव हो सका और अब बस्तर में खुशहाली की नई शुरुआत हो रही है।सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ बनने के बाद उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र कवर्धा पहली बार पहुंचे। जहां पर स्थानीय महामाया चौक में कवर्धा के लोगों ने उनके लिए भव्य ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग बाजा-गाजा, ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल हुए, पूरे शहर में जश्न का वातावरण नजर आया। सभी को गर्व था कि कभी नक्सल प्रभावित कबीरधाम जिले के साथ अब पूरे छत्तीसगढ़ से भय और आतंक को दूर करने में उनके अपने माटी पुत्र का बड़ा योगदान रहा है।इस कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज, यादव समाज, ठाकुर समाज, कुर्मी समाज, साहू समाज, सतनामी समाज, निर्मलकर समाज, गुप्ता समाज, अहिरवार समाज, लोधी समाज, पटेल समाज, गोंड समाज, केसरवानी गुप्ता समाज, सेन समाज, गंधर्व समाज, स्वर्णकार समाज, जैन समाज, वैष्णव समाज सहित सभी समाजों ने भव्य रैली का स्वागत कर इस असंभव से लगने वाले लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। जहां स्थानीय जिला प्रेस क्लब, यूथ क्लब, हरीतिमा परिवार, प्राइवेट स्कूल संघ, नाथ योगी समाज, फाइटर क्लब, जिला क्रिकेट संघ, ज्वाइन हैंड ग्रुप, ट्रक मालिक संघ, पतंजलि योग समिति, सीनियर सिटीजन समिति एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने भी शामिल होकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर सभी ने गृह मंत्री श्री विजय शर्मा को लड्डुओं से तौलकर उनका सम्मान किया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने गायत्री मंदिर और गुरुद्वारे में जाकर प्रदेश की शांति और समृद्धि की प्रार्थना की और लोगों के साथ भारतमाता चौक पर नक्सल अभियान में शहीद हुए अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी के प्रेम से अभिभूत हूँ। मुझे नहीं पता था कि आप सब नक्सल समस्या को इतनी गंभीरता से समझते हैं। यह वास्तव में अत्यंत संवेदनशील विषय रहा है, और जो लोग इससे पीड़ित रहे हैं, उनकी पीड़ा को शब्दों में समझा भी नहीं जा सकता। माओवाद एक आयातित विचार है, जिसका उद्देश्य केवल बंदूक की नली से सत्ता स्थापित करना रहा है, जबकि भारत का लोकतंत्र प्राचीन काल से ही सशक्त रहा है, जिसकी झलक आज भी बस्तर के समाज में दिखाई देती है।उन्होंने नक्सल हिंसा की भयावहता का उल्लेख करते हुए कहा कि भोले-भाले लोगों को बहलाकर उनके हाथों में बंदूक थमा दी गई। स्कूल, सड़क और तालाबों के किनारे बारूद बिछाए गए। शिक्षा दूत, सुरक्षा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, शासकीय कर्मचारी और निर्दोष ग्रामीणों तक की निर्मम हत्या की गई। सैकड़ों लोग इन विस्फोटों में अपंग हो गए, उनके मानवाधिकारों की रक्षा कौन करेगा? जब बस्तर के ऐसे पीड़ितों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, तब उन्होंने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त किया जाएगा और जब गृह मंत्री संकल्प लेते हैं, तो वह तय समय में पूरा होता है।उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं है, इसमें सेना, पुलिस और सभी सुरक्षा बलों के जवानों का साहस, समाज का सहयोग, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं का योगदान और सबसे बड़ा श्रेय बस्तर के नागरिकों को जाता है। सभी के सामूहिक प्रयास से ही यह संभव हो पाया है। यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की जीत है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने शस्त्र छोड़ने वालों के लिए लाल कारपेट बिछाकर स्वागत किया और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की। हमने संवाद के लिए वीडियो कॉल तक को माध्यम बनाया। उन्होंने आगे कहा कि आज बस्तर के गांवों में लोग अपने आंगन में खुलकर हंस रहे हैं। अब वहां डर नहीं, विकास की बातें हो रही हैं। गांवों के मेले और बाजारों में रौनक लौट आई है, यह बदलाव ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में दशकों से लंबित कई बड़े निर्णय जैसे राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 निर्धारित समय में पूरे हुए। उसी श्रृंखला में नक्सल समस्या का समाधान भी संभव हुआ है। उन्होंने इस भव्य सम्मान के लिए कवर्धा के लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
- - लोक निर्माण विभाग ने मंजूर किए 448 करोड़-रायगढ़ जिले में तीन, धमतरी और बलौदाबाजार में बनेंगे दो-दो बाईपासरायपुर ।मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने तथा तेज व सुव्यवस्थित यातायात के लिए लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नौ बाईपास सड़कों के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने स्थानीय लोगों की मांगों व जरूरतों को देखते हुए इन बाईपास सड़कों के लिए प्राथमिकता से राशि मंजूर करने के निर्देश दिए थे।लोक निर्माण विभाग द्वारा रायगढ़ जिले में तमनार बाईपास मार्ग के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 6 किमी बायपास सड़क का निर्माण किया जाएगा। विभाग ने रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास मार्ग) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपए मंजूर किए हैं। खरसिया के बायपास क्रमांक-3 कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए भी 7 करोड़ 22 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।विभाग ने धमतरी जिले में 4 किमी लंबाई के भखारा बाईपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपए तथा 1.50 किमी लंबाई के नारी बायपास मार्ग के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं। बलौदाबाजार में लटुवा, पनगांव होते हुए 15 किमी लंबे बलौदाबाजार बायपास सड़क के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपए एवं 7 किमी लंबे रिसदा बायपास मार्ग के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपए तथा बेमेतरा जिले में 1.20 किमी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए की भी मंजूरी दी है। “राज्य शासन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध, तेज और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ट्रैफिक का दबाव कम करने बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। इससे आवागमन और अधिक स्मूथ, तेज एवं व्यवस्थित होगा। हम प्रदेश के समग्र विकास के लिए आधुनिक और मजबूत सड़क अधोसंरचना लगातार विकसित कर रहे हैं।”- श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज गायत्री नगर रायपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में मंदिर ट्रस्ट को एम्बुलेंस प्रदान किए। उन्होंने अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रदत्त 6 लाख 80 हजार की लागत के एम्बुलेंस की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया। इस वाहन का उपयोग श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट में किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुश्री अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री ने सुश्री अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- -राज्यपाल रमेन डेका ने कराई जांच, अधिकारियों-कर्मचारियों को किया प्रेरितरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर आज लोक भवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में होम्योपैथिक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 60 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिजनों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर इसका लाभ उठाया। शिविर में चिकित्सकों ने रक्तचाप, मधुमेह, आर्थराइटिस, रक्त संबंधी समस्याएं, सनस्ट्रोक, चिकनपॉक्स सहित विभिन्न बीमारियों के लिए होम्योपैथिक दवाइयां निःशुल्क प्रदान की गईं। चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।राज्यपाल श्री डेका स्वयं शिविर में पहुंचकर अपने रक्तचाप (बी.पी.) एवं वजन की जांच कराई। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से बीमारियों की समय रहते पहचान संभव होती है और बेहतर उपचार किया जा सकता है।इस स्वास्थ्य शिविर में रायपुर होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के चिकित्सकों और स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाइयां वितरित कीं तथा जीवनशैली से जुड़ी उपयोगी सलाह भी दी। लोकभवन में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर को अधिकारियों-कर्मचारियों और उनके परिजनों ने उपयोगी पहल बताते हुए सराहना की।
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महासमुंद / भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 16 मार्च 2026 से 29 मार्च 2026 के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से यूरिया के अनियमित वितरण के मामलों में जिले के कुल 106 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि इनमें 86 निजी तथा 20 सहकारी संस्थाएं शामिल हैं, जिनके द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 का उल्लंघन करते हुए यूरिया का विक्रय अनियमित रूप से किया गया। इस पर संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उप संचालक कृषि श्री कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने और किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराने के लिए मैदानी अधिकारियों द्वारा निजी एवं सहकारी संस्थाओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को निर्धारित दर पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके। - - अब तक 75 हजार पशुओं का किया गया टीकाकरणमहासमुंद / राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका बीमारी की रोकथाम के लिए जिले में 30 अप्रैल 2026 तक सघन टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले भर में गाय, भैंस सहित सभी खुर वाले पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है।भारत शासन द्वारा वर्ष 2019 से नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत इस अभियान का संचालन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में खुरपका-मुंहपका बीमारी जैसी संक्रामक बीमारी पर नियंत्रण पाना और उसे पूरी तरह समाप्त करना है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि अब तक टीकाकरण के 6 चरण सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 7वां चरण का टीकाकरण जारी है। जिसमें विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा घर-घर पहुंचकर पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में कुल 1,91,341 गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशु उपलब्ध हैं, जिनमें से अब तक लगभग 75,000 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। शेष पशुओं का टीकाकरण अभियान सतत जारी है।उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यधिक संक्रामक विषाणु जनित रोग है, जो संक्रमित पशुओं के संपर्क, दूषित उपकरण, चारे एवं पानी के माध्यम से तेजी से फैलता है। इस रोग से प्रभावित पशुओं के खुर एवं मुंह में छाले हो जाते हैं, जो फटने पर घाव में बदल जाते हैं। इसके कारण पशु लंगड़ाने लगता है, दुग्ध उत्पादन में कमी आती है तथा गर्भवती पशुओं में गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही मुंह में घाव होने के कारण पशु भोजन नहीं कर पाता, जिससे उसके वजन में भी कमी आती है।पशु चिकित्सा विभाग की उप संचालक डॉ. अंजना नायडू ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें और अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें।
- महासमुंद / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति तथा जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने विद्यार्थियों को बेहतर कैरियर चयन के अवसर प्रदान करते हुए उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाना तथा उनके बहुमुखी व्यक्तित्व का विकास करना है।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय ने बताया कि इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक राज्य के उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाती है। इन विद्यालयों के लिए विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क की प्रतिपूर्ति भी शासन द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत इच्छुक संस्थाओं से रूचि की अभिव्यक्ति के प्रारूप में प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। संबंधित संस्थाओं को अपने प्रस्ताव जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में जमा करना होगा, जहां संस्था स्थित है। प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026, अपरान्ह 05ः00 बजे निर्धारित की गई है।योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं संस्थाओं के लिए निर्धारित मापदण्ड विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध हैं, जहां से इच्छुक संस्थाएं आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- -उड़ीसा को सीधे जोड़ेगी सड़क, नरसिंग़ नाथ की दूरी होगी 25 किमी कममहासमुंद / जिला महासमुंद के बहुप्रतीक्षित बिहाझर-गांजर-रेवा मार्ग के निर्माण हेतु राज्य शासन द्वारा आमजन की लंबे समय से चली आ रही मांग एवं जनभावनाओं के अनुरूप त्वरित निराकरण करते हुए कुल राशि 7415.29 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील निर्णय से जिले में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के जनहित के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप यह स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन की त्वरित पहल, जनप्रतिनिधियों की मांग एवं आम नागरिकों की आवश्यकता को देखते हुए इस परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा एवं रफ्तार मिलेगी। इसके पूर्व केनाल लिंकिंग रोड 3 किलोमीटर एवं साराडीह-बरोंडा रोड 5 किलोमीटर को स्वीकृति मिल चुकी है।बिहाझर-गांजर-रेवा मार्ग की कुल लंबाई 25.9 किलोमीटर होगी, जिससे क्षेत्र में आवागमन सुगम एवं सुदृढ़ होगा। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री चंद्रशेखर चंद्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत योजना के तहत दो-लेन डामरीकृत सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई 7.00 मीटर होगी, जिसके दोनों ओर 1.50 मीटर चौड़ी पटरी का प्रावधान रहेगा। इसके साथ ही ग्राम क्षेत्रों में सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. ड्रेन निर्माण भी किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।इस परियोजना में भू-अर्जन एवं युटिलिटी शिफ्टिंग हेतु 1290.18 लाख रुपये तथा 76 नग पुल-पुलिया निर्माण के लिए 661.80 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह मार्ग उड़ीसा राज्य से सीधा संपर्क स्थापित करेगा, जिससे अंतरराज्यीय आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल नरसिंगनाथ जाने वाले यात्रियों की दूरी लगभग 25 किलोमीटर कम हो जाएगी। मार्ग के निर्माण से लगभग 40 ग्रामों के निवासियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा तथा व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी एवं कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।
- पेयजल संकट से निपटने बड़ा फैसला, 30 जून तक नलकूप खनन पर रोकबिलासपुर/ जिले में गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नए नलकूप एवं ट्यूबवेल खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 6 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नए नलकूप/ट्यूबवेल खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाता है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है, जिसमें बताया गया है कि भू-जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। इस स्थिति को नियंत्रित करने तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-3 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।आदेश के तहत बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर एवं कोटा को 6 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था नए नलकूप खनन नहीं कर सकेगी। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर निगम एवं नगर पंचायतों जैसी शासकीय एजेंसियों को केवल पेयजल आपूर्ति हेतु आवश्यकता अनुसार नलकूप खनन की अनुमति दी गई है। इसके लिए उन्हें पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन संबंधित कार्यों की जानकारी अधिकृत अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा।जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर एवं कोटा को अधिकृत किया गया है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप अनुमति देने की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
- राजस्व शिविरों में नक्शा, खसरा व प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों का त्वरित निपटाराराजस्व पखवाड़ा में शिविरों से ग्रामीणों को त्वरित राहतरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में जिले में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।इसी क्रम में आज आरंग एवं धरसीवां, अभनपुर तहसील के विभिन्न ग्रामों में राजस्व शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में भैंसा, तुलसी, अमसेना, बाना, गुमा, गुल्लू, परसतराई, गिधौरी, कुकेरा, अकोली, मनोहरा, देवरी, चरौदा, रवेली, नेउरडीह, कुकरा, जरौड, गिधौरी, अकोली, सहित अन्य ग्रामों के ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।शिविर के दौरान नक्शा बटांकन, बी-1, खसरा संबंधित प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया गया। साथ ही आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि लोक सेवा केंद्र के माध्यम से की गई, ताकि निर्धारित समय-सीमा में उनका शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
- -तीसरा सफल सिजेरियन, स्वस्थ शिशु का जन्म-महासमुंद / सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक और सफलता हासिल की है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव ने इस सफलता पर चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और सरायपाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। यहां चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक तीसरा सिजेरियन (C-section) ऑपरेशन करते हुए 26 वर्षीय महिला नरगिस का सुरक्षित प्रसव कराया, जिसमें उन्होंने 3.200 किलोग्राम वजनी स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. के. वी. किरण कुमार, डॉ. कुणाल नायक, स्टाफ नर्स प्रगति शर्मा एवं समीर पटेल की टीम ने कुशलतापूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन की सफलता स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती गुणवत्ता और विशेषज्ञता को दर्शाती है।प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की निगरानी में सुरक्षित हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में मिल रही बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं के मिलने से आमजन खुश हैं।
- अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण एवं सांसद निधि कार्यों की समीक्षा बैठकरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने निर्देश दिए हैं कि बारिश से पहले आवश्यक निर्माण कार्य से पूर्ण करने का प्रयास किया जाएं, ताकि वर्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने विशेष रूप से सीसी रोड, नाली एवं अन्य निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ बारिश के पहले समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर आज सभाकक्ष में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण एवं सांसद विकास निधि के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। कलेक्टर ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के निर्माण कार्यों में शीघ्र प्रगति लाई जाए। उन्होंने कहा कि रंग मंच एवं मंगल भवन के जो कार्य स्वीकृत हुए हैं, उन्हें जून माह तक पूर्ण किया जाए।कलेटर ने कहा कि कार्य पूर्ण होने पर निर्धारित समय पूर्णतः प्रमाण पत्र प्रदान करना सुनिश्चित किया। उन्होंने प्रधिकरण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से किए जाने पर जोर दिया।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर सोमवार को तालपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षाविद और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक एवं भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद किया गया। स्थापना दिवस पर लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए पार्षद सविता ढवस ने कहा कि निचले पायदान पर खड़े व्यक्तियों के उत्थान के लिए दिया गया उनका योगदान हम सभी को प्रेरित करते हैं। आज हम डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की बदौलत ही भाजपा का स्थापना दिवस मना रहे हैं। वे भारत माता के गौरव थे।आरएसएस के जिला सेवा प्रमुख तोरणलाल सिन्हा ने इस अवसर पर जनसंघ की नींव डालने वाले दोनों पितृपुरुषों की प्रेरणा से भाजपा को खड़ा करने वाले भारत रत्न और भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को भी याद किया। उन्होंने दीनदयाल के एकात्म मानववाद और संघ की पृष्ठभूमि पर अपने विचार रखे। पार्षद सविता ढवस ने तोरणलाल का सम्मान भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतमाता और जनसंघ के दोनों पितृपुरुषों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की गई। इस मौके पर विनोद अग्रवाल, नरेंद्र त्रिपाठी, बूथ अध्यक्ष इंद्रपाल कौर विरदी, नमिता गोयल, जयश्री अग्रवाल, झनक सिंग पवार, बीएल अग्रवाल, शरद बोखड़, केएस देशमुख, एमआर चोपकर, रविन्द्रकुमार धनेश्वर, विनय पवार, भावना देशमुख, मधु सिन्हा एवं अन्य उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । कृषि विभाग की आत्मा योजना अंतर्गत तहसील कुमरदा क्षेत्र के कृषकों को अन्य जिलों में प्रगतिशील कृषकों के फार्म एवं खेतों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान किसानों को खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के युवा किसान श्री सौरभ जंघेल के फार्म हाउस का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें मशरूम उत्पादन एवं जैविक खेती के माध्यम से आय बढ़ाने के तरीके बताए गए। साथ ही गण्डई क्षेत्र में पड़त भूमि पर की जा रही ड्रैगन फ्रुट की खेती का भी अवलोकन कराया गया तथा इसके उत्पादन से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। किसानों को कबीरधाम जिले के कृषक श्री रूपेश जायसवाल के खेतों का भी भ्रमण कराया गया, जहां 27 एकड़ में खरबूजा, 12 एकड़ में पपीता एवं टमाटर सहित अन्य फसलों की उन्नत खेती की जा रही है। किसानों को बताया गया कि रबी सीजन में इन फसलों को धान के विकल्प के रूप में अपनाकर बेहतर आमदनी प्राप्त की जा सकती है। लोहारा विकासखंड के भ्रमण के दौरान किसान समूहों द्वारा सामूहिक खेती, बाजार सुविधा, कीट एवं रोग नियंत्रण आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर नोडल अधिकारी श्री सुदेश कुमार पटेल सहित अन्य कृषि अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक आदर्श कन्या शाला के भवन निर्माण हेतु 121.16 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह विद्यालय बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में सुदृढ़ बनाने हेतु जिले का एक पुराना एवं महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान है। नवीन भवन निर्माण से छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। लोक निर्माण विभाग संभाग राजनांदगांव द्वारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर भवन निर्माण कार्य हेतु कार्यादेश जारी कर दिया गया है। निर्माण स्थल पर स्थित अत्यंत पुराने एवं जर्जर आवासीय भवन, जो कर्मचारियों के निवास के लिए अनुपयुक्त हो चुके थे, को वर्तमान में डिस्मेंटल किया जा रहा है। जर्जर भवनों के हटने के पश्चात शीघ्र ही नवीन स्कूल भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार आगामी खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी, डायवर्सन, जमाखोरी, अधिक कीमत पर विक्रय एवं अमानक उर्वरकों के विक्रय सहित अन्य अवैध कार्यों को रोकने तथा संबंधित व्यक्ति व फर्म के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय उडऩदस्ता दल का गठन किया गया है। इसके साथ ही शिकायतों के निवारण के लिए जिले में उर्वरक कन्ट्रोल रूम बनाया गया हैं, जिसका टोल फ्री नम्बर 07744-224109 है।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि राजनांदगांव विकासखंड उडऩदस्ता दल के नोडल अधिकारी सहायक संचालक कृषि डॉ. बीरेन्द्र अनंत, डोंगरगांव एवं छुरिया विकासखंड उडऩदस्ता दल के नोडल अधिकारी अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री संतलाल देशलहरे, डोंगरगढ़ विकासखंड उडऩदस्ता दल के नोडल अधिकारी सहायक संचालक कृषि श्रीमती संध्या कोचरे को नियुक्त किया गया है। उडऩदस्ता दल द्वारा उर्वरक से संबंधित शिकायतों, गोपनीय सूचना के निवारण एवं अवैध गतिविधियों की तत्काल सूचना प्राप्त होने पर एफसीओ 1985 के तहत त्वरित कार्रवाई की जाएगी। -
रायपुर। प्रेस क्लब द्वारा आयोजित “खेल मड़ई” श्रृंखला के अंतर्गत आज स्वर्गीय योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी एवं प्रसिद्ध फोटोग्राफर राजकुमार बक्शी रहे। वहीं प्रेस क्लब परिवार के सदस्य वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी और नरेंद्र बंगाले तथा फोटो जर्नलिस्ट संगठन के अध्यक्ष दीपक पांडे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
स्वर्गीय योगेश यदु की स्मृति में आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 48 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनके बीच 24 मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 14 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।
शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि राकेश चतुर्वेदी ने फोटोग्राफी को पत्रकारिता की आत्मा बताते हुए कहा कि एक प्रभावी तस्वीर ही खबर को जीवंत बनाती है। उन्होंने कहा कि शतरंज जैसे बौद्धिक खेल पत्रकारों की सोच और विश्लेषण क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे इस तरह के आयोजन अत्यंत सार्थक हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी ने स्वर्गीय योगेश यदु को याद करते हुए उन्हें एक जिंदादिल और उत्कृष्ट फोटो जर्नलिस्ट बताया। उन्होंने उनकी छत्तीसगढ़ी भाषा पर पकड़ और सरल स्वभाव को पत्रकारों के लिए प्रेरणादायक बताया।
विशिष्ट अतिथि नरेंद्र बंगाले और दीपक पांडे ने प्रेस क्लब में फोटो जर्नलिस्टों की बढ़ती सहभागिता पर प्रसन्नता जताते हुए ऐसे आयोजनों के लिए क्लब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पत्रकारिता की सभी विधाओं को साथ लेकर चलने की पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि अल्प समय में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी द्वारा किए जा रहे आयोजन सराहनीय और रिकॉर्ड स्थापित करने वाले हैं। उन्होंने पत्रकारों के हित और कल्याण के लिए हो रही गतिविधियों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर स्वर्गीय योगेश यदु की पत्नी हेमा यदु, वरिष्ठ पत्रकार राजेश दुबे, प्रदीप दुबे सहित वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट संतोष साहू (सीनियर), जावेद भाई, मनोज देवांगन, प्रदीप दास, हेमंत मानिकपुरी, त्रिलोचन एवं किशन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों द्वारा उद्घाटन मैच खेलकर प्रतियोगिता की शुरुआत की गई। प्रतियोगिता के पहले दिन कुल 6 मुकाबले खेले गए, जिनके विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं:
1. संदीप तिवारी ने हिमांशु शर्मा को हराया।
2. राजेन्द्र निगम ने संजय वर्मा को हराया।
3. टीकम वर्मा, मनोज नायक, अमृतेश्वर सिंह व स्टार जैन को वाकओवर मिला। -
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने दी भाजपा स्थापना दिवस की बधाई
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रवेश अध्यक्ष किरण देव ने सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा के स्थापना दिवस की बधाई दी है। श्री देव ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता राष्ट्र को पहली प्राथमिकता देता है। जन सेवा को प्रभु सेवा मानकर कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हमारे पितृ पुरुषों ने राष्ट्र के विकास के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, कुशाभाऊ ठाकरे, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास में भाजपा के पितृ पुरुषों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल, 1980 को हुआ, परन्तु इसका इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता प्राप्ति तथा देश विभाजन के साथ ही देश में एक नई राजनीतिक परिस्थिति उत्पन्न हुई। श्री देव ने कहा कि भाजपा का एक संविधान है जो अपने संविधान के तहत सालभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है। हम दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के कार्यकर्ता है। यह हमारे लिए गौरव का विषय है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा है भारतीय जनता पार्टी एक सुदृढ़, सशक्त, समृद्ध, समर्थ एवं स्वावलम्बी भारत के निर्माण हेतु निरंतर सक्रिय है। पार्टी की कल्पना एक ऐसे राष्ट्र की है जो आधुनिक दृष्टिकोण से युक्त एक प्रगतिशील एवं प्रबुद्ध समाज का प्रतिनिधित्व करता हो तथा प्राचीन भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति तथा उसके मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए महान ‘विश्वशक्ति’ एवं ‘विश्व गुरू’ के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो। इसके साथ ही विश्व शांति तथा न्याययुक्त अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को स्थापित करने के लिए विश्व के राष्ट्रों को प्रभावित करने की क्षमता रखे।








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