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- -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता रहा हैरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि केंद्र सरकार ने राज्य से नक्सल समस्या के उन्मूलन के लिए हर संभव सहयोग दिया है। श्री साय ने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक नक्सलवाद का प्रभावी सफाया रहा है। श्री साय शनिवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा एवं जन-समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आहूत प्रदेशस्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के गहरे आत्मीय संबंधों को रेखांकित किया और पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि राज्य निर्माण के समय नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले का सघन दौरा कर संगठन को मजबूती दी थी। यही कारण है कि उनका छत्तीसगढ़ से बहुत पुराना और अटूट नाता है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे निरंतर राज्य के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ स्वीकृत कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर सहित पूरे वनांचल क्षेत्र के वनवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। जो लोग नक्सल प्रभाव के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे, उन्हें अब बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और उन्नत जीवन शैली का अधिकार मिल रहा है। इसी क्रम में श्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर भी चर्चा की। श्री साय ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे ‘सेवा ही संकल्प’ अभियान के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर लाभार्थियों तक पहुँचें। श्री साय ने अपने सम्बोधन में वरिष्ठ भाजपा नेता शिवप्रकाश को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव असम्भव को सम्भव कर दिखाया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण भूकम्प की त्रासदी झेल चुके गुजरात का पुनरुत्थान है। उन्होंने गुजरात को देश के सबसे अग्रणी राज्यों में स्थापित कर एक मिसाल पेश की, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। देश की जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए प्रधानमंत्री ने भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। ‘मेक इन इंडिया‘ की सफलता और 24 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना धरातल पर दिख रहे बदलाव का प्रमाण है। आज देश में विश्वस्तरीय रेलवे, अत्याधुनिक हवाई अड्डे और मजबूत राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाया जा रहा है। केन्द्र सरकार की नीतियों के केंद्र में महिला सशक्तीकरण रहा है। जन-धन खातों के जरिए सीधे लाभ, राशन कार्ड में महिला को परिवार का मुखिया बनाना और तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति दिलाकर महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार दिया गया है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति का साहसिक कदम हो या भव्य राम मंदिर निर्माण के दशकों पुराने संकल्प की सिद्धि, सरकार ने देश की आस्था और सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। श्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वाेच्च पद पर रहते हुए भी नरेंद्र मोदी ‘संगठन सर्वाेपरि’ की भावना का पालन करते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों में सामान्य कार्यकर्ता की भाँति बैठना और सभी संगठनात्मक प्रोटोकॉल का पालन करना उनके अगाध समर्पण को दर्शाता है। ‘मन की बात‘ और ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे मंचों के जरिए प्रधानमंत्री समाज के हर वर्ग-बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक-से निरंतर जीवन्त सम्पर्क बनाए रखते हैं।भाजपा राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. कविता पाटीदार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा के ऐतिहासिक कार्यकाल के प्रति आभार व्यक्त करने तथा ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी अभियानों का विवरण साझा किया। डॉ. पाटीदार ने कहा कि यह अभियान मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा। इसमें हर गाँव, शहर, बूथ और परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। भाजपा राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. पाटीदार ने माहभर चलने वाले इस अभियान के कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि प्रत्येक बूथ पर हर परिवार दीप प्रज्जवलन कर प्रधानमंत्री श्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा समर्पण के प्रति आभार प्रकट करेगा और ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प लेगा। 25 करोड़ बच्चों के सपनों के भारत के तहत राष्ट्रव्यापी ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिता के तहत देशभर के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छात्रों के लिए मोदी सरकार के सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर भाषण व ड्राइंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इसी प्रकार नमो सेवा गाथा, आंगन का उत्सव, कहानी बदलाव की, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति यात्रा, वडनगर से वाराणसी जल जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा मेरा योगदान जिसके तहत 25 सेवा गतिविधियां, सेवा सेतु अभियान, रंगोली राष्ट्र, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज, जनसेवक महाकुंभ (पंचायत से पार्लियामेंट) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. पाटीदार ने सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस ‘सेवा महाभियान’ से जुड़कर 25 वर्षों के सेवा कार्यों में से एक कार्य चुनकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यशाला में संगठनात्मक विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और आगामी कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। श्री साय ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार विभिन्न 13 कार्यकर्माे पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश, जिला एवं मंडलस्तरीय संरचना निर्माण करने का निर्देश दिया। साथ ही श्री साय ने प्रदेश के पश्चात जिला एवं जिले के पश्चात मण्डल की कार्यशाला करने का निर्देश दिया। सभी 13 कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए जिसमें आशीर्वाद का दिया से लेकर अन्य सभी कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए वहीं मंत्रियों, सांसदों एवं पदाधिकारियों को दायित्व प्रदाय किए गए।भाजपा प्रदेश महामंत्री और कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक यशवंत जैन ने आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पार्टी हर साल ‘सेवा पखवाड़ा’ आयोजित करती रही है, लेकिन इस बार का आयोजन ऐतिहासिक और व्यापक होगा। श्री जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन सेवा और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए जितनी भी जनकल्याणकारी योजनाएँ लागू कीं, उनका मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी तक सेवा भाव को पहुंचाना और जन-जन में सेवा की भावना को स्थापित करना है। श्री जैन ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा 13 प्रमुख कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिनका आयोजन बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक किया जाएगा। अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया (17 सितंबर), आंगनबाड़ी सम्मान, सपनों का भारत प्रतियोगिता, सेवा ज्योति यात्रा (7 अक्टूबर), जन-जल सेवा यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए है।कार्यक्रम का संचालन भाजपा प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडेय ने किया एवं आभार प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने माना। इस दौरान कार्यशाला में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, जिलाध्यक्ष एवं भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहें।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी का दायित्व ग्रहण करने के बाद शनिवार को प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन पर राजधानी रायपुर में ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत किया गया। रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर उनके पहुँचते ही कार्यकर्ताओं ने जोरदार आतिशबाजी, ढोल-ताशों और नारों के साथ उनका गर्मजोशी से अभिवादन किया।विमानतल पर स्वागत के पश्चात श्रीमती चौधरी सीधे एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय पहुँचीं। यहाँ प्रदेशभर से जुटीं महिला मोर्चा की पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और गगनभेदी जयघोष के बीच उनका आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।एकात्म परिसर में स्वागत कार्यक्रम के उपरांत श्रीमती चौधरी भाजपा प्रदेश कार्यालय 'कुशाभाऊ ठाकरे परिसर' पहुँचीं। वहाँ उन्होंने स्मृति मन्दिर में पार्टी के पितृ पुरुषों एवं प्रेरणास्रोत महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।इस अवसर पर महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद श्रीमती चौधरी ने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दी गई इस महती जिम्मेदारी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता को राष्ट्रीय स्तर पर यह अवसर मिलना केवल भाजपा में ही संभव है। श्रीमती चौधरी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 'नारी शक्ति वन्दन' का दौर चल रहा है। संगठन में महिलाओं की भूमिका केवल भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नीतियों के क्रियान्वयन और राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा में अग्रणी हैं। श्रीमती चौधरी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं—जैसे महतारी वन्दन योजना, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी—को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाना महिला मोर्चा का प्रमुख ध्येय है। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, महिला मोर्चा महामंत्री शीतल नायक, कमलेश शाश्वत, संगीता शर्मा, पुनीता डहरिया, पुष्पलता चौहान, सविता चंद्राकर, शीलू साहू, अंजू त्रिपाठी, संतोषी दीवान, कुमुद बघेल, भारती बागल, गीतांजलि पटनायक, तिलेश्वरी धुरंधर, प्रतिज्ञा गुप्ता, प्रियंका गिरी, नीतू कोठारी, किरण सिंह, वंदना राठौर, प्रीति परगनिया, सत्यलता मिरी, प्रेमलता नागवंशी, माधुरी साहू सहित प्रदेश भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी, महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी, वरिष्ठ नेत्रीगण और रायपुर सहित विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- रायपुर - टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनहित में जनसुविधा हेतु मार्गो में सड़क यातायात सुगम और सुव्यवस्थित बनाने छत्तीसगढ़ शासन की लोककल्याणकारी मंशा के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़नदस्ता द्वारा सम्बंधित जोनों की नगर निवेश विभाग टीमों सहित मिलकर निरन्तर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है.टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत आज रायपुर नगर निगम जोन क्रमांक 8 के अंतर्गत क्षेत्र में एम्स हॉस्पिटल के सामने जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से मुख्य सड़क मार्ग जीईरोड टाटीबंध क्षेत्र में सड़क यातायात सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता टीम प्रहरी टीम, नगर निगम जोन क्रमांक 8 नगर निवेश विभाग टीम एवं रायपुर पुलिस कमिश्नरेट, यातायात पुलिस विभाग की टीम द्वारा अभियान चलाया गया और ठेलों को प्रमुख सड़क मार्ग से हटाने की कार्रवाई करते हुए सम्बंधित ठेला संचालकों को दोबारा ठेले सड़क मार्ग पर कदापि नहीं लगाने की कड़ी चेतावनी देते हुए स्थल पर सम्बंधित कब्जाधारी ठेला संचालकों पर लगभग 8000 रूपये का ई जुर्माना करने की कार्रवाई की गयी. टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत कार्रवाई से राहगीरों और वाहन चालकों को प्रमुख सड़क मार्ग जीई रोड टाटीबंध क्षेत्र के कब्जामुक्त होने पर यातायात जाम की समस्या से त्वरित राहत प्राप्त हुई.
- -महाराष्ट्र मंडल की वर्कशाप में अध्यक्ष सहित तमाम पदाधिकारियों ने कार्यक्षमता बढ़ाने के दिए अहम टिप्सरायपुर। अपने कार्यों को अपडेट किए बिना न तो आपकी तरक्की हो सकती है, न ही आपकी संस्था की। यदि अपने आपको को अपनी संस्था के लिए महत्वपूर्ण बनाए रखना है और कैरियर के दृष्टिकोण से अपनी संभावनाओं को भी प्रबल रखना है, तो आपको हमेशा अपने तय कार्यों को और भी बेहतर तरीके से करने और नए- नए कार्यों को सीखने के लिए जिज्ञासु होना पड़ेगा। महाराष्ट्र मंडल के सभी प्रकल्पों के सौ से अधिक कर्मचारियों- शिक्षक स्टाफ की कार्यशाला में इस आशय के विचार मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा।काले ने कहा कि जब हम अपने कार्यस्थल को मेरी संस्था, मेरा विद्यालय मानने लगेंगे, तो हमें वहां समस्या के साथ उसका समाधान भी नजर आने लगेगा। इससे हमारा काम प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारा कार्यस्थल जब हमें अपना लगने लगेगा तो स्वाभाविक है कि हम ‘ये मेरा काम- वो तेरा काम’ की मानसिकता से भी ऊपर उठ जाएंगे। स्टार्टअप कैरियर काउंसलर प्रसन्न निमोणकर ने एटीट्यूड और बिहेवियर पर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एटीट्यूड को घमंड के रूप में लेना गलत है और यह किसी शब्दकोष में लिखा भी नहीं है। अच्छे बिहेवियर से आपके आगे बढ़ने की संभावना भी बढ़ती है। इस मौके पर वरिष्ठ रंगसाधक अनिल कालेले ने कम्यूनिकेशन स्कील पर बेहद सारगर्भित संबोधन किया।मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने वर्किंग कल्चर और अपडेट विषय पर जीवन बीमा निगम में अपनी 37 वर्षों की नौकरी का अनुभव साझा करते हुए कहा कि बार-बार ऐसी स्थितियां- परिस्थितियां बनते रहती हैं, जब आपको अपने निर्धारित कार्यों से अलग, कार्यालय से बाहर फील्ड में काम करना पड़ता है, अपनी संस्था का प्रतिनिधित्व करना पड़ता है। यह कार्य आपको स्वस्फूर्त और पूरे जोश के साथ करना चाहिए। काम के दौरान बहुत सी गलतियां होती हैं और अधिक व्यस्तता के कारण बहुत से काम भी छूट जाते हैं, तो आपको विभागाध्यक्ष के साथ कार्यों का यथोचित बंटवारा कर गलतियों को खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए। संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने वर्कशॉप में ड्यूटी में अनुशासन के महत्व पर बिंदुवार जानकारी दी और बताया कि यह आपके टोटल परफार्मेंस को किस तरह अपग्रेड करता है।सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि जब भी आप करें, तो पूरी जवाबदेही से करें। हर सफलता के लिए कोई जिम्मेदार होता है, तो किसी विफलता, गड़बड़ी या सेवा में कमी का भी तो कोई न कोई जिम्मेदार है। यदि हम मन लगाकर काम करें, जवाबदेही से काम करें तो भविष्य में वो गलती नहीं होगी। अगर हम ड्यूटी निपटाकर घर जाने की जल्दबाजी में हैं, तो हमारे काम में क्वालिटी नहीं आ सकती और काम समय पर हो भी नहीं सकता। प्रबल इच्छाशक्ति के साथ टीमवर्क से काम करें, तो हमारे काम स्कूल के बच्चों के अभिभावकों, मेस के ग्राहकों व सभासदों को पसंद आएगा और उसका प्रतिसाद हमें भी मिलेगा।सुबोध टोले ने कहा कि संस्था में अपनी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए और उसमें आपके कार्यों में निरंतर गुणवत्ता बनी रहनी चाहिए। आपके परिणाममूलक कार्यों की निरंतरता ही संस्था में आपको विश्वसनीय बनाएगी। आपके कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही से ही संस्था में आपका प्रभाव बढ़ेगा। अपने कार्यों की समीक्षा करने पर ही आप अपने कार्य में सुधार करेंगे। महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने मंडल टीम से कहा कि समय के साथ आपके कार्यों में बदलाव जरूरी है। संस्था की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए ड्यूटी के अलावा एक- दूसरे के साथ सहयोग करना चाहिए। संस्था में आपका अनुशासन और अच्छा व्यवहार बाहरी लोगों को भी प्रभावित करता है। वर्कशाप की शुरुआत सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने टारगेट बेस्ड वर्किंग सिस्टम विषय पर मागदर्शन करने के साथ की।अंत में मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने आभार व्यक्त किया।
- -एक घंटा खेल के मैदान में’ एवं ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ की थीम पर हुआ आयोजनरायपुर । भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में मेजर ध्यानचंद की स्मृति में खेल दिवस समारोह का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रातः 8ः30 बजे से किया गया।’कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने की।’ कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ हॉकी के महान खिलाड़ी एवं भारतीय खेल जगत के प्रेरणास्रोत मेजर ध्यानचंद जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेट कर स्वागत किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को खेलकूद, योग एवं नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व एवं उनसे होने वाले शारीरिक तथा मानसिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा दैनिक जीवन में खेल एवं व्यायाम को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के खेल अधिकारी डॉ. राम कुमार ठाकुर द्वारा लिखित पुस्तक “Physical Education, First Aid, Yoga and Meditation: A Practical Perspective” का विमोचन कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया। पुस्तक में शारीरिक शिक्षा, प्राथमिक उपचार, योग एवं ध्यान से संबंधित विषयों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत आयोजित ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए समर्पित करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. आशुतोष दुबे, सूबेदार मेजर गोवर्धन शर्मा, डॉ. राम कुमार ठाकुर सहित विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।कार्यक्रम का आयोजन इस वर्ष ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ अभियान के अंतर्गत ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ की थीम पर किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में छात्र-छात्राओं के लिए एक घंटे के जुंबा एवं अन्य शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- -बस्तर में राखी ने बदली 'दुश्मनी' की परिभाषा-25 साल नक्सली संगठन में रहीं मीना ने जवानों की कलाई पर बांधी राखी-महिला पुलिसकर्मियों ने भी बढ़ाया भाईचारे का हाथरायपुर / कलाई आगे बढ़ी तो कुछ पल के लिए जैसे समय ठहर गया। सामने सुरक्षा बल का जवान था और हाथ में राखी लिए खड़ी थी वह महिला, जिसकी जिंदगी के करीब 25 साल जंगल, नक्सली संगठन और संघर्ष के बीच बीते थे। कभी जिस वर्दी को देखकर मन में टकराव और अविश्वास पैदा होता था, उसी वर्दी की कलाई पर इस बार उसने राखी बांधी। जवान ने भी बहन का रिश्ता स्वीकार किया, शगुन दिया और मिठाई खिलाई।भानुप्रतापपुर के सुरक्षा बल कैंप में रक्षाबंधन का यह दृश्य बस्तर की बदलती तस्वीर की कहानी कह रहा था। यह सिर्फ राखी बांधने का कार्यक्रम नहीं था। यह उस दूरी को पाटने की कोशिश थी, जो वर्षों के हिंसक संघर्ष ने समाज और सुरक्षा बलों के बीच पैदा कर दी थी।करीब 25 वर्षों तक नक्सली संगठन का हिस्सा रहीं मीना और अन्य पूर्व नक्सली महिलाओं के लिए यह पल सामान्य नहीं था। जंगल की जिंदगी में हथियार और संघर्ष उनका अतीत रहे हैं। लेकिन अब वही हाथ एक नए रिश्ते की शुरुआत कर रहे थे।सुरक्षा बल के कैंप में पहुंचीं पूर्व नक्सली महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधी। जवानों ने भी उन्हें बहन के रूप में स्वीकार किया। शगुन दिया, मिठाई खिलाई और इस रिश्ते को सम्मान दिया।यह तस्वीर इसलिए भी खास थी क्योंकि बस्तर में कई सालों तक सुरक्षा बल और नक्सली आमने-सामने रहे हैं। गोलियों और बारूदी सुरंगों के बीच बने इस तनाव के बीच एक राखी ने संवाद और विश्वास की एक नई जगह बनाई।इस आयोजन में महिला पुलिसकर्मियों ने भी हिस्सा लिया। कभी नक्सल हिंसा के खिलाफ अभियानों और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहे सुरक्षा बल के जवान और पूर्व नक्सली महिलाएं इस दिन किसी संघर्ष के दो पक्ष नहीं, बल्कि एक-दूसरे के भाई-बहन नजर आए।रक्षाबंधन के इस छोटे से आयोजन में संदेश बड़ा था—अगर हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे लोगों को समाज में स्वीकार्यता मिले और सुरक्षा बलों के साथ विश्वास का रिश्ता बने, तो नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति की राह और मजबूत हो सकती है।कांकेर एसपी श्री निखिल राखेचा ने इस पहल को नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में एक अनूठा प्रयास बताया।उन्होंने कहा, यह एक अनूठा प्रयास है कि नक्सलवाद की जो समस्या थी, उसके समाधान की दिशा में हम जो कदम बढ़ा रहे हैं, उसका यह प्रतीक स्वरूप रक्षाबंधन है। इस रिश्ते के धागे से रिश्ते सामान्य होंगे।एसपी ने कहा कि ऐसे प्रयास केवल त्योहार मनाने तक सीमित नहीं हैं। इनका उद्देश्य समाज में विश्वास बहाली को मजबूत करना और मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया को गति देना भी है।करीब ढाई दशक तक नक्सली संगठन का हिस्सा रहना किसी भी व्यक्ति की जिंदगी पर गहरी छाप छोड़ता है। जंगल की जिंदगी, संगठन की सोच और संघर्ष के बीच बीते वर्षों के बाद मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होता। ऐसे में राखी का यह धागा मीना और उनके साथ आई महिलाओं के लिए एक नए सामाजिक रिश्ते की शुरुआत जैसा था।जिस समाज और सुरक्षा व्यवस्था से कभी दूरी रही, उसी समाज के प्रतिनिधि जवान की कलाई पर राखी बांधना यह संकेत भी है कि अतीत की कड़वाहट को पीछे छोड़कर नई जिंदगी की ओर बढ़ने की कोशिश जारी है।बस्तर की कहानी लंबे समय तक नक्सली हिंसा, मुठभेड़, शहीद जवानों और भय के इर्द-गिर्द लिखी जाती रही। गांवों में बंदूक की मौजूदगी ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया। विकास की राह भी हिंसा के साए में आगे बढ़ती रही। लेकिन अब इसी बस्तर से कहानी के कुछ नए अध्याय सामने आ रहे हैं।हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटते लोग, गांवों में पहुंचती विकास की योजनाएं, बनती सड़कें, खुलते स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ सामाजिक विश्वास बहाली के प्रयास भी बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं। भानुप्रतापपुर का यह रक्षाबंधन उसी बदलाव की मानवीय तस्वीर है।राखी का धागा छोटा है, लेकिन इस आयोजन का संदेश बड़ा है। यह संदेश उन लोगों के लिए है जो कभी हिंसा के रास्ते पर चले गए थे कि वापसी का रास्ता खुला है। यह समाज के लिए संदेश है कि मुख्यधारा में लौटने वालों को स्वीकार करना जरूरी है। और यह सुरक्षा बलों के लिए भी एक मानवीय पहल है कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ विश्वास का रिश्ता भी बनाया जा सकता है।नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रक्षाबंधन का यह आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यहां राखी सिर्फ कलाई पर नहीं बंधी—यह भरोसे पर बंधी।छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शांति, विकास और विश्वास के साथ आगे बढ़ते बस्तर की यह तस्वीर बताती है कि किसी भी संघर्ष का अंत केवल बंदूक से नहीं होता। स्थायी शांति के लिए लोगों के बीच भरोसा लौटना भी उतना ही जरूरी है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संकल्प के साथ नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे प्रयासों के बीच यह पहल बस्तर के बदलते सामाजिक माहौल की एक भावुक तस्वीर पेश करती है।कैंप में राखी बंधने के बाद शायद सबसे बड़ा बदलाव यही था कि कुछ देर के लिए वहां किसी ने यह नहीं देखा कि सामने वाला कल कौन था।देखा तो सिर्फ इतना गया कि आज वह सामने खड़ा व्यक्ति कौन है—एक भाई, एक बहन और एक ऐसे समाज का हिस्सा, जो अपने अतीत से आगे बढ़कर शांति की ओर जाना चाहता है।बस्तर में कभी बंदूक रिश्तों के बीच खड़ी थी। इस रक्षाबंधन में उसी जगह एक धागा खड़ा था—रिश्तों का, भरोसे का और नए बस्तर का।
- -राष्ट्रीय खेल दिवस पर केटीयू में आयोजित हुए पारंपरिक व नवाचारी खेल- कुलपति, कुलसचिव संग विद्यार्थियों ने लिया हिस्सारायपुर । खेल केवल शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती का जरिया नहीं, बल्कि यह विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अंतिम क्षण तक संघर्ष कर विजय श्री हासिल करने का साहस प्रदान करता है। यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. दयाल ने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, धैर्य, उत्साह, सकारात्मकता और आपसी समन्वय जैसे जीवन-मूल्यों का बीजारोपण होता है। ये गुण न केवल व्यक्तित्व को संतुलित और बहुआयामी बनाते हैं, बल्कि आज के दौर में तनाव मुक्त जीवन जीने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में परिसर में विविध पारंपरिक एवं नवाचारी खेलों की धूम रही। इसमें विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने 'ओंकार दौड़', 'केंद्र कबड्डी', 'नेताजी की पहचान', 'मत चूको चौहान', 'शेर-आदमी-बंदूक' और 'सुदर्शन चक्र' जैसी स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम में कुलपति प्रो. दयाल के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने खेल भावना का परिचय देते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- -“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार।”-महतारी वंदन की 31वीं किस्त से मिली आर्थिक मदद, राखी और मिठाई की खरीदारी से आसान हुई त्योहार की तैयारियांरायपुर / भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार सरगुजा जिले की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल और खुशियों का संदेश लेकर आया है। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि त्योहार से पहले मिलने से महिलाओं को राखी, मिठाई और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीदारी में सहूलियत मिली है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पुहपुटरा निवासी श्रीमती कुसुम शुक्ला के लिए भी समय पर मिली यह राशि रक्षाबंधन की खुशियों को दोगुना करने वाली साबित हुई।कुसुम शुक्ला ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है। इस बार रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त की राशि मिलने से उन्होंने अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीदने की तैयारी कर ली है। समय पर मिली राशि ने त्योहार की खरीदारी को आसान बनाया और परिवार के साथ पर्व मनाने का उत्साह बढ़ाया है।वे कहती हैं कि महतारी वंदन योजना की राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपनी इच्छानुसार त्योहार मनाने और भाई-बहन के रिश्ते की खुशियों में आर्थिक रूप से सहभागी बनने का अवसर भी है।कुसुम शुक्ला ने कहा, “महतारी वंदन की राशि रक्षाबंधन से पहले मिलने से मैं बहुत खुश हूं। इस राशि से राखी और मिठाई खरीदकर अपने भाइयों के साथ खुशी से रक्षाबंधन मनाऊंगी। विष्णु भैया को हमारी तरफ से बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।”कुसुम शुक्ला बताती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं। घरेलू आवश्यकताओं के साथ त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में भी महिलाएं अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार खर्च कर पा रही हैं।उनके अनुसार, महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ यह आत्मविश्वास भी दिया है कि वे परिवार की खुशियों और महत्वपूर्ण अवसरों में अपना योगदान दे सकती हैं।कुसुम शुक्ला ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन से पहले योजना की राशि मिलना बहनों के लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा, “राखी बांधने से पहले पैसा मिल गया है। इससे राखी और मिठाई लेने में मदद मिलेगी। मैं बहुत खुश हूं। दीदी-बहनों की तरफ से विष्णु भैया को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।”कुसुम के लिए इस बार रक्षाबंधन की खुशी में एक खास भाव जुड़ा है। भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी के साथ महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल भी उनके उत्साह को बढ़ा रहा है। समय पर मिली राशि ने उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार त्योहार की खरीदारी करने का अवसर दिया है।महतारी वंदन योजना की नियमित सहायता महिलाओं के लिए आर्थिक सहारे के साथ आत्मविश्वास और सम्मान का आधार भी बन रही है। कुसुम शुक्ला की कहानी इसी बदलाव की तस्वीर है, जहां राखी के धागे में भाई-बहन के प्रेम के साथ विष्णु भैया के प्रति विश्वास और आभार का भाव भी जुड़ गया है।
- रायपुर । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकपरंपरा एवं संस्कृति के प्रतीक लोकपर्व भोजली तिहार के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को गाड़ा-गाड़ा बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि भोजली तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति श्रद्धा और आपसी भाईचारे का सुंदर प्रतीक है। यह पर्व हमारी ग्रामीण जीवनशैली और लोक आस्थाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि भोजली केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक एकता, सौहार्द और सामूहिक खुशियों की जीवंत अभिव्यक्ति है। इस पर्व की परंपराएं हमारी संस्कृति और लोक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का कार्य करती हैं। उन्होंने कामना की कि भोजली दाई की कृपा से प्रदेश में सुख-समृद्धि, हरियाली और खुशहाली बनी रहे तथा सभी परिवारों के जीवन में आनंद और उल्लास का संचार हो।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना ने दूरपति राठिया को दिया सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना-कच्चे मकान में बारिश, नमी और जहरीले जीव-जंतुओं का रहता था डर, अब पक्के घर में सुकून से बीत रहा जीवन-मेहनत-मजदूरी कर जीवन चलाने वाली एकल महिला के लिए पक्का आवास बना सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए केवल पक्की छत उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व लेकर आ रही है।रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत महलोई की निवासी दूरपति राठिया के जीवन में भी प्रधानमंत्री आवास योजना ने ऐसा ही सकारात्मक बदलाव लाया है। विधवा एवं एकल महिला दूरपति मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती हैं। सीमित आमदनी में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना ही उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में अपने संसाधनों से पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था।दूरपति लंबे समय तक मिट्टी के कच्चे मकान में रहती थीं। बरसात का मौसम उनके लिए परेशानी और चिंता लेकर आता था। बारिश के दौरान छत से पानी टपकता, घर के भीतर नमी और गंदगी फैल जाती तथा कच्ची दीवारों के कमजोर होने से मकान गिरने का खतरा बना रहता था। इसके साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं के घर में प्रवेश की आशंका भी बनी रहती थी। ऐसे कठिन हालात के बीच सुरक्षित छत का सपना उनके लिए दूर की बात लगती थी।मेहनत-मजदूरी के सहारे जीवन आगे बढ़ाते हुए दूरपति को उम्मीद थी कि एक दिन उन्हें भी पक्का घर मिल सकेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके इस सपने को पूरा करने का माध्यम बनी। योजना के अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत हुआ और शासन से प्राप्त सहायता राशि से पक्के मकान का निर्माण संभव हो सका। वर्षों से देखा जा रहा उनका सपना आखिरकार साकार हुआ।आज दूरपति अपने पक्के प्रधानमंत्री आवास में सुरक्षित और सम्मान के साथ जीवन-यापन कर रही हैं। जिस बारिश के मौसम में पहले उन्हें छत टपकने और कच्ची दीवारों के कमजोर होने की चिंता रहती थी, अब उसी मौसम में वह अपने सुरक्षित घर में निश्चिंत रहती हैं। जहरीले जीव-जंतुओं और मकान के क्षतिग्रस्त होने का डर भी काफी हद तक दूर हो गया है।पक्का आवास मिलने से दूरपति के जीवन में केवल भौतिक बदलाव ही नहीं आया, बल्कि उनके आत्मविश्वास और मनोबल में भी वृद्धि हुई है। उनके लिए यह घर सुरक्षा के साथ-साथ सम्मान और सुकून का प्रतीक बन गया है। नए घर के सामने खड़ी दूरपति के चेहरे की खुशी इस बदलाव की सबसे सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करती है।दूरपति राठिया ने पक्का आवास मिलने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने पक्के घर में रहना उनके लिए बेहद खुशी और सुकून का अनुभव है। उन्होंने बताया कि पहले बारिश के दिनों में घर को लेकर चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित छत का सहारा मिल गया है।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से छत्तीसगढ़ में ऐसे हजारों जरूरतमंद परिवारों को उनके सपनों का पक्का घर मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े परिवारों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। दूरपति राठिया की कहानी इसी विश्वास को मजबूत करती है कि सरकार की संवेदनशील पहल जब जरूरतमंद तक पहुंचती है, तो वर्षों का सपना भी सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाने में बदल जाता है।
- -29 अगस्त से 1 सितंबर तक जशपुर में ‘चेकमेट एट जशपुर 2026-शतरंज का खेल हमें धैर्य, एकाग्रता और जीवन जीने की कला सिखाती है - श्री अरुण साव-12 राज्यों के 175 से अधिक खिलाड़ी और कोच हो रहे शामिल* हुए शामिलरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज जशपुर में पहली बार आयोजित ‘चेकमेट एट जशपुर – अखिल भारतीय ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता 2026’ का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जशपुर जिला शतरंज संघ द्वारा 29 अगस्त से 1 सितम्बर तक जशपुर के पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में किया जा रहा है। इसमें देशभर के 12 राज्यों के 175 खिलाड़ी और कोच भागीदारी कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शतरंज परम्परा और संस्कृति से जुड़ा हुआ खेल है। शतरंज हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। यह जीवन में धैर्य रखना, कोई कदम आगे बढ़ाने से पहले सोचना और निर्णय लेने की सीख देती है। कठिन समय में धैर्य न खोना, एकाग्रता बनाए रखना, सोच-समझकर आगे चलना और हर चुनौती का सामना करना शतरंज सिखाती है। इसके 64 खानों और 32 मोहरो में जीवन का सीख छिपा है । वनवासी कल्याण आश्रम के श्री योगेश बापट, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जशपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी एवं कोच बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित थे।
- -“बहनों की खुशहाली एवं आत्मनिर्भरता का उपहार, विष्णु भैया की सरकार।”-काली माँ स्व-सहायता समूह से जुड़कर सुभद्रा ने लिया 1 लाख रुपए का ऋण, एक एकड़ में खीरे की खेती से बढ़ी आमदनी की उम्मीदरायपुर / ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बिहान से जुड़ने के बाद महिलाओं को समूह के माध्यम से ऋण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध हो रहा है, जिसका उपयोग वे कृषि, पशुपालन, मछली पालन, सब्जी उत्पादन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।इसी बदलाव की प्रेरक कहानी है अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सकालो की रहने वाली श्रीमती सुभद्रा मंडल की। काली माँ स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुभद्रा ने समूह के माध्यम से 1 लाख रुपए का ऋण लिया और इस राशि का उपयोग कर एक एकड़ भूमि में खीरे की खेती शुरू की। खेती के इस प्रयास के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।सुभद्रा मंडल बताती हैं कि पहले आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे खेती-बाड़ी को बड़े स्तर पर नहीं कर पाती थीं। परिवार की आमदनी सीमित थी और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद खेती में निवेश के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध नहीं हो पाती थी।वे बताती हैं कि खेती को आय के अतिरिक्त और स्थायी साधन के रूप में विकसित करने की इच्छा थी, लेकिन पूंजी के अभाव में यह संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में बिहान से जुड़ना उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया।सुभद्रा ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आर्थिक गतिविधि को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समूह के माध्यम से ऋण सुविधा प्राप्त होने पर उन्होंने कृषि को आजीविका का साधन बनाने का निर्णय लिया और एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की।वे कहती हैं कि ऋण ने उन्हें केवल खेती शुरू करने के लिए पूंजी ही उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि अपने दम पर कुछ करने का आत्मविश्वास भी दिया। अब वे अपनी मेहनत से उत्पादन बढ़ाकर परिवार की आय में योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।सुभद्रा मंडल का कहना है कि खीरे की खेती से प्राप्त होने वाली आमदनी से परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में खेती से होने वाले लाभ को दोबारा आजीविका गतिविधियों में निवेश कर आय के स्थायी साधन को और मजबूत करने की योजना है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपनी मेहनत और निरंतर प्रयासों से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना तथा ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ना है। उनके लिए खेती अब केवल पारंपरिक कार्य नहीं, बल्कि परिवार की आय बढ़ाने और बेहतर भविष्य तैयार करने का माध्यम बन गई है।सुभद्रा मंडल ने बिहान योजना से जोड़ने और आजीविका गतिविधि शुरू करने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने और अपनी मेहनत को आय के अवसर में बदलने का रास्ता मिला है। उन्होंने कहा कि समूह के माध्यम से मिला आर्थिक सहयोग उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार बना है। अब वे खेती के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सहयोग और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। महिलाएं इन संसाधनों का उपयोग स्थानीय परिस्थितियों और अपनी रुचि के अनुरूप आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं।सुभद्रा मंडल की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां स्व-सहायता समूह, संस्थागत ऋण और महिला की मेहनत ने मिलकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की है। एक एकड़ में शुरू हुई खीरे की खेती अब उनके परिवार के लिए अतिरिक्त आय और बेहतर भविष्य की उम्मीद बन गई है।
- -महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर मिला आत्मनिर्भरता का अवसर-आरएफ-सीआईएफ और बैंक ऋण से शुरू किया चिकन स्टोररायपुर / गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता केवल एक सपना नहीं, बल्कि सही अवसर, मार्गदर्शन और मेहनत के साथ हासिल की जा सकने वाली उपलब्धि है। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत मंझगवा की श्रीमती कमलेश यादव ने इसे अपनी मेहनत और लगन से साबित कर दिखाया है। कभी छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश आज अपनी मेहनत, हुनर और शासकीय योजनाओं से मिले सहयोग के बल पर ‘लखपति दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं।कमलेश यादव वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ीं और समूह की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास शुरू किए। स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आरएफ (रिवॉल्विंग फंड), सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) और बैंक ऋण के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कमलेश ने अपने गांव में चिकन स्टोर का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय के संचालन के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए सिलाई कार्य को भी जारी रखा।कमलेश ने एक ही आय के साधन पर निर्भर रहने के बजाय अपने हुनर और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग किया। चिकन स्टोर के व्यवसाय के साथ सिलाई कार्य से होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरंतर मेहनत, व्यवसाय के प्रति लगन और आय के विविध साधनों के कारण उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई।यह उपलब्धि कमलेश के लिए केवल आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत भी है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।कमलेश यादव बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग अपने व्यवसाय को खड़ा करने में किया और अपने हुनर को आय के साधन में बदलने का प्रयास किया।उनका कहना है कि स्वसहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दिया। आज अपनी मेहनत से अर्जित आय के कारण वे स्वयं को अधिक आत्मनिर्भर महसूस करती हैं और भविष्य में अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वसहायता समूह महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय संसाधनों, बैंक ऋण और आजीविका संबंधी अवसरों का लाभ लेकर महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और उन्हें आगे बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।कमलेश यादव की कहानी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने सरकारी सहयोग को अपनी मेहनत और हुनर के साथ जोड़कर एक छोटे व्यवसाय को आय का स्थायी साधन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बना सकती हैं।एक समय अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश यादव आज एक सफल ग्रामीण महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होना उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। ‘लखपति दीदी’ बनने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वसहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।अपनी सफलता के लिए कमलेश यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिल रहा सहयोग उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का रास्ता तैयार कर रहा है।कमलेश यादव की सफलता की कहानी यह बताती है कि जब महिला की मेहनत को समूह का साथ, शासन का सहयोग और अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है, तो वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकती है।
- -4.68 करोड़ के नए विकास कार्यों की घोषणा कीरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज जशपुर कम्युनिटी हॉल में 93 करोड़ 91 लाख 98 हजार रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें अमृत मिशन 2.0 के तहत 86 करोड़ 99 लाख 21 हजार रुपए की पेयजल योजना और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 6 करोड़ 92 लाख 77 हजार रुपए लागत के एसटीपी का निर्माण शामिल हैं।उन्होंने कार्यक्रम में जशपुर नगर के विकास के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपए के नए कार्यों की भी घोषणा की। इनमें जशपुर नगर पालिका कार्यालय के सामने शॉपिंग कॉम्पलेक्स के निर्माण के लिए एक करोड़ 40 लाख रुपए, देशपांडे पार्क एवं तालाब सौंदर्यीकरण के लिए डेढ़ करोड़ रुपए, मटन मार्केट के लिए एक करोड़ 48 लाख रुपए और शव वाहन के लिए 30 लाख रुपए की राशि शामिल है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि जशपुर के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जशपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय भी भूमिपूजन कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -चाम्पा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण-वरिष्ठ शिक्षकों, मेधावी विद्यार्थियों और रोजगार प्राप्त युवाओं का सम्मानरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम चाम्पा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही, वरिष्ठ शिक्षकों, 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्रों, पीएटी (PAT) में चयनित विद्यार्थियों और 'हम होंगे कामयाब' योजना के तहत रोजगार प्राप्त 9 युवाओं को सम्मानित किया।समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि नवनिर्मित सभाकक्ष से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शिक्षक-छात्र संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने आचरण से छात्रों का रोल मॉडल बनना चाहिए। छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुनून पैदा करें और उसे हकीकत में बदलने के लिए निरंतर कड़ी मेहनत करें। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह नीति कौशल विकास और विषय विशेषज्ञता हासिल करने में सहायक है।मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक का इस्तेमाल केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। सोशल मीडिया और एआई (AI) सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग आत्ममंथन और सृजनात्मक को कम कर देता है।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राज्यपाल के आगमन को चाम्पा गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं। उन्होंने छात्रों को असफलताओं से न घबराकर कड़ी मेहनत जारी रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी स्वर्गीय माता चम्पावती डेका की स्मृति में स्कूल परिसर में अमलताश का पौधा रोपा। राजस्व मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण किया।कार्यक्रम में 'बिहान' योजना की आजीविका दीदियों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। इस दौरान दीदियों ने उन्हें धान और चावल के बीजों से निर्मित हस्तनिर्मित राखी बांधी, जिसकी राज्यपाल ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।समारोह में शिक्षक व शिक्षाविद श्री एस.एम. पाध्ये, डॉ. निशा झा, डॉ. डी.एन. राय, और भूषण धुरंधर तथाप्रतिभावान छात्र जिज्ञासु वर्मा (12वीं स्टेट टॉपर), साक्षी वर्मा, अमित कुमार टंडन (10वीं), तथा पीएटी चयनित प्रवीण डहरिया, ममता साहू एवं मयंक वर्मा को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -राष्ट्रीय खेल दिवस पर छत्तीसगढ़ के गौरवशाली खेल इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को मिला नया मंच-फोटो प्रदर्शनी में प्रदेश की खेल विभूतियों के जीवन और योगदान की झलक, कॉफी टेबल बुक में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां संकलितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली खेल इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा कॉफी टेबल बुक ‘हमारे खिलाड़ी’ का विमोचन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो प्रदर्शनी में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की खेल विभूतियों के जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और खेल जगत में उनके योगदान से संबंधित छायाचित्रों एवं जानकारियों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदेश के खेल इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की इस पहल की सराहना की।खेलों पर आधारित इस विशेष फोटो प्रदर्शनी में शहीद राजीव पाण्डेय, शहीद पंकज विक्रम, शहीद कौशल यादव और शहीद विनोद चौबे सहित छत्तीसगढ़ की अनेक विभूतियों के जीवन और योगदान को छायाचित्रों एवं रोचक जानकारियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में वीर हनुमान सिंह के जीवन, उनकी खेल साधना और खेल जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के संघर्ष से सफलता तक के सफर को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया गया है। इसमें खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उन प्रेरक प्रसंगों को भी स्थान दिया गया है, जो नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा देने वाले हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉफी टेबल बुक ‘हमारे खिलाड़ी’ का भी विमोचन किया। इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के जीवन परिचय, खेल यात्रा, महत्वपूर्ण उपलब्धियों और उनके योगदान को आकर्षक छायाचित्रों के साथ संकलित किया गया है। यह पुस्तक प्रदेश की खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों को दस्तावेजीकृत करने के साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध खेल विरासत को नई पीढ़ी से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।फोटो प्रदर्शनी एवं कॉफी टेबल बुक ‘हमारे खिलाड़ी’ को खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास, प्रदेश की गौरवशाली खेल विभूतियों तथा वर्तमान खिलाड़ियों की उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्री विजय बघेल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू एवं श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिसोदिया सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।
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बलौदाबाजार/ कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2026 अंतर्गत कृषकों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के कीटनाशक विक्रय केन्द्रों का सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को 13 कृषि केंद्रों की जांच की गई। विभिन्न अनियमतता पर 6 केंद्रों को नोटिस जारी कर 7 से 10 दिवस के लिये विक्रय प्रतिबंधित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड पलारी के कीटनाशक निरीक्षक सुचिन कुमार वर्मा द्वारा ग्राम अमेरा में संचालित पटेल कृषि सेवा केन्द्र, जय दुर्गा कृषि केन्द्र, शिवराम कृषि सेवा केन्द्र, ग्राम छेरकापुर में वर्मा कृषि केन्द्र, साहू कृषि सेवा केन्द्र, विकासखंड सिमगा के कीटनाशक निरीक्षक ऑलिव मेरी कुजूर द्वारा कमल कृषि सेवा केन्द्र, हिरमी, विकासखंड भाटापारा के कीटनाशक निरीक्षक अवधेश उपाध्याय द्वारा नंदिनी कृषि केन्द्र सिंगारपुर तथा विकासखंड कसडोल के कीटनाशक निरीक्षक धनेश्वर साय द्वारा श्रीराम ट्रेडर्स, विनोद कृषि सेवा केन्द्र, कटगी, देवांगन कृषि केन्द्र, छांछी, विकासखण्ड-बलौदाबाजार के निरीक्षक लोकनाथ दीवान के द्वारा जोगी कृषि केन्द्र, बलौदाबाजार, रूपेश कृषि केन्द्र लवन, सिद्धिविनायक कृषि सेवा केन्द्र, लवन का निरीक्षण किया गया।इसमें से पटेल कृषि सेवा केन्द्र, जय दुर्गा कृषि केन्द्र, शिवराम कृषि केन्द्र अमेरा, वर्मा कृषि केन्द्र, छेरकापुर, साहू कृषि केन्द्र, छेरकापुर, कमल कृषि केन्द्र, हिरमी में निर्धारित प्रारूप में देयक कृषकों को नहीं दिये जाने, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करने, पी.सी. जमा नहीं किये जाने, प्रतिष्ठान में मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने जैसी अनियमितताएं पाई गई। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित फर्मों को कीटनाशी अधिनियम, 1968 के धारा 10 (डी), 10 4 (ए), धारा 15, 8(3), 35 (1) के अन्तर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और सात से लेकर दस दिवस के लिए किए विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। सभी संबंधितों से एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषप्रद नही पाए जाने की स्थिवि में संबंधित कृषि केन्द्रों के कीटनाशी लायसेंस के निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।उप संचालक कृषि दीपक नायक ने सभी कृषि आदान विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उर्वरक, बीज, कीटनाशक सहित अन्य कृषि आदान सामग्री के भंडारण एवं विक्रय से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेखों का नियमित रूप से संधारण करें। स्टॉक रजिस्टर एवं बिल बुक में प्रत्येक आवक और विक्रय का सही तथा अद्यतन विवरण दर्ज किया जाना अनिवार्य है। विभाग ने विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है। अधिकारियों ने जानकारी दिया है कि कृषि आदान सामग्री के भंडारण एवं विक्रय व्यवस्था की निगरानी आगे भी जारी रहेगी तथा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - महासमुंद /कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय लंगेह के आदेश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम मे० पीकाडली एग्रो इण्डस्ट्रीज लिमि० ग्राम बेलटुकरी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्री प्रतीक शुक्ला जिला परिवहन अधिकारी, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी, श्री गुलशन सिंगरौल केमिस्ट पर्यावरण विभाग, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक, विधिक मापविज्ञान विभाग, श्री फागूलाल नागेश खनिज अधिकारी, श्री शशिकांत भुवाल प्रबंधक उद्योग विभाग, श्री अलीम अहमद नियाजी श्रम उप निरीक्षक उपस्थित रहे। परिवहन विभाग की जांच में 02 ट्रक में पीयूसी लेप्स होने के कारण राशि 4000 रुपए वसूल किया गया। 01 ट्रक का त्रैमासिक कर लंबित था। जिसका राशि 3575 रुपए कर वसूल किया गया। विधिक मापविज्ञान विभाग की जांच में धर्मकांटा सत्यापित व मानकों के अनुकूल पाया गया, अन्य तौल उपकरणों की जांच सत्यापित बाटों के द्वारा नियमित तौर पर करने व विधिक मापविज्ञान अधिनियम 2009 के अधीन अन्य उपबन्धों के पालन हेतु निर्देशित किया गया है। उद्योग विभाग, पर्यावरण विभाग एवं खनिज विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, छ०ग० श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है।इसके पश्चात् खुशी स्टोन इण्डस्ट्रीज ग्राम अछोली का जांच किया गया। जिसमें श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों का बयान लिया गया। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। दस्तावेज उपलब्ध कराने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है। जे०पी० मिनरल्स ग्राम अछोली का जांच किया गया। जिसमें श्रम विभाग की जांच में श्रमिकों का बयान लिया गया। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है।
- -बिहान समूह से जुड़कर वनोपज संग्रहण और सब्जी उत्पादन से बढ़ा रहीं परिवार की आमदनीरायपुर। महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सहयोग का माध्यम बनने के साथ उन्हें परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने का संबल दे रही है। बस्तर जिले की तोकापाल निवासी श्रीमती रैबारी बघेल महतारी वंदन योजना से प्राप्त सहायता राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई में कर रही हैं। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहान समूह से जुड़कर वनोपज संग्रहण एवं साग-सब्जी उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। श्रीमती रैबारी बघेल बताती हैं कि वह बिहान समूह की सदस्य महिलाओं के साथ मिलकर वनोपज संग्रहण तथा साग-सब्जी उत्पादन का कार्य करती हैं। इस कार्य से उन्हें अपने घर के कामकाज के साथ रोजगार का अवसर मिला है और परिवार की आय में भी अतिरिक्त सहयोग हो रहा है। मेहनत से अर्जित आय में से वह नियमित रूप से कुछ राशि बैंक में बचत करती हैं, ताकि भविष्य में किसी जरूरत या मुश्किल समय में यह बचत परिवार के काम आ सके।रैबारी का कहना है कि महतारी वंदन योजना की सहायता राशि ने घरेलू जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद की है। इससे बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सुविधा मिलती है। वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए संकल्पबद्ध हैं और इसी उद्देश्य से परिवार की आय बढ़ाने के साथ बचत को भी प्राथमिकता दे रही हैं।रक्षाबंधन के पहले महतारी वंदन योजना की सहायता राशि मिलने पर श्रीमती रैबारी बघेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस अवसर पर राज्य शासन द्वारा महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता उनके लिए एक भाई का बहनों को आशीर्वाद देने के साथ-साथ सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली सहायता और बिहान समूह से जुड़कर प्राप्त हो रही आय ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ाया है। आज वह अपनी मेहनत से परिवार की जरूरतों में योगदान देने के साथ बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए भी बेहतर योजना बना पा रही हैं।
- -मोहला की ग्राम पंचायतों में अनूठे अंदाज में मनाया गया रक्षाबंधन, आवास हितग्राहियों को बांधा रक्षा सूत्र-प्रधानमंत्री आवास के अधूरे घरों को समय-सीमा में पूरा करने की दिलाई शपथरायपुर। रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा के बंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में इसे विकास और जिम्मेदारी के संकल्प से जोड़कर एक अनूठी पहल की गई। जनपद पंचायत मोहला की सभी ग्राम पंचायतों में रक्षाबंधन पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके अप्रारंभ एवं निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की शपथ दिलाई गई।ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में बिहान की दीदियों और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बिहान समूह की महिलाओं ने हितग्राहियों को रक्षा सूत्र बांधा और उनसे अपने अधूरे आवास को शीघ्र पूरा करने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर बांधा गया यह रक्षा सूत्र केवल स्नेह का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि परिवार को सुरक्षित और पक्का आशियाना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी का भी प्रतीक बना। हितग्राहियों ने निर्धारित समय में आवास पूर्ण कर अपने ‘पक्के घर’ के सपने को साकार करने का संकल्प लिया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मोहला सुश्री शुभांगी गुप्ता ने बताया कि यह अभिनव पहल रक्षाबंधन पर्व की भावनात्मक आत्मीयता को विकास कार्यों से जोड़ते हुए ‘रक्षा सूत्र के साथ विकास का संकल्प’ का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना केवल आवास निर्माण नहीं, बल्कि परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार देना है। इसलिए प्रत्येक हितग्राही अपने आवास को समय पर पूर्ण करे, यह सामूहिक जिम्मेदारी भी है। कार्यक्रम के दौरान बिहान की दीदियों ने प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों को आवास निर्माण जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आवास पूर्ण होने से परिवार को मिलने वाले लाभों और सुरक्षित पक्के घर के महत्व की जानकारी दी। ग्रामीणों ने भी इस पहल को उत्साहपूर्वक स्वीकार करते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर बांधा गया रक्षा सूत्र उन्हें अपने घर को पूरा करने के संकल्प की याद दिलाता रहेगा।
- -पार्वती बघेल घर बैठे कर रहीं अतिरिक्त आमदनी, छोटी बचत से संवार रहीं बेटी का भविष्य-रक्षाबंधन के पहले सहायता राशि देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया कृतज्ञतारायपुर। महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही है। योजना से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ बचत और स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। ऐसी ही प्रेरक कहानी बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम मेटावाड़ा निवासी श्रीमती पार्वती बघेल की है, जिन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि की छोटी-छोटी बचत कर सिलाई मशीन खरीदी और अब घर बैठे ग्रामीणों के कपड़े सिलाई कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।श्रीमती पार्वती बघेल बताती हैं कि उनका आठ सदस्यीय परिवार सात एकड़ पुश्तैनी कृषि भूमि पर खेती-किसानी कर जीवन यापन करता है। पति के साथ वह भी खेती के कार्यों में हाथ बंटाती हैं। इसके साथ ही घर में ब्लाउज, पेटीकोट सहित अन्य कपड़ों की सिलाई का काम करती हैं। पहले सिलाई के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं थी, लेकिन नियमित बचत से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। अब गांव के लोग अपने कपड़े सिलाई के लिए उनके घर लेकर आते हैं, जिससे उन्हें घर के कामकाज के साथ अतिरिक्त आमदनी का जरिया भी मिल गया है।पार्वती कहती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसने उन्हें बचत करने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दिया है। वह हर महीने प्राप्त सहायता राशि में से अपनी जरूरत के अनुसार खर्च करने के बाद कुछ राशि बचाने का प्रयास करती हैं। उनकी इच्छा है कि यह बचत भविष्य में उनकी छोटी बेटी की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं के काम आए। उन्होंने बताया कि खेती-किसानी परिवार की मुख्य आय का साधन है, लेकिन सिलाई कार्य से होने वाली अतिरिक्त आमदनी से छोटी-छोटी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सुविधा होती है। घर से ही काम मिलने के कारण परिवार और बच्चों की देखभाल करते हुए वह अपने हुनर का उपयोग कर पा रही हैं।रक्षाबंधन से पहले राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना की सहायता राशि प्रदान किए जाने पर श्रीमती पार्वती बघेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का पर्व है और इस अवसर पर मिली सहायता उन्हें बड़े भाई के रूप में बहनों के प्रति स्नेह और आशीर्वाद का एहसास कराती है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देने के साथ उन्हें अपने हुनर और मेहनत के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी दिया है।
- खैरागढ़ । रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीय रिश्ते का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर प्रदेश सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनकर उनके चेहरे पर खुशियां ला रही है। योजना की 31वीं किस्त मिलने से खैरागढ़ तहसील के ग्राम पांडादाह निवासी श्रीमती हेमलता ढीमर के लिए रक्षाबंधन का पर्व और भी खास हो गया है।हेमलता ढीमर बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में काफी सहूलियत मिलती है। छोटी-बड़ी घरेलू आवश्यकताओं के लिए अब उन्हें हर बार दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। योजना की राशि परिवार की जरूरतों के साथ-साथ महिलाओं के व्यक्तिगत खर्च और त्योहारों की तैयारियों में भी मददगार साबित हो रही है।रक्षाबंधन जैसे विशेष पर्व से पहले 31वीं किस्त की राशि मिलने से हेमलता के परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय मिलने वाली यह आर्थिक सहायता उनके लिए विशेष महत्व रखती है। इससे वे अपनी जरूरत के अनुसार खर्च कर सकती हैं और परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व उत्साहपूर्वक मना सकती हैं।हेमलता ने बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता के साथ आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती भी मिल रही है। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अपने छोटे-छोटे निर्णय स्वयं लेने का अवसर भी है।उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की महिलाओं के हित में संचालित महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। हेमलता ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता से प्रदेश की माताओं और बहनों को अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहयोग मिल रहा है।“बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान—महतारी वंदन से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल।”महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हेमलता ढीमर जैसी हितग्राहियों के अनुभव इस बात को रेखांकित करते हैं कि योजना की सहायता राशि महिलाओं के घरेलू जीवन में छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने से लेकर त्योहारों की खुशियों तक में उपयोगी साबित हो रही है।
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- देश के युवा ही भारत की असली शक्ति और स्वर्णिम भविष्य की नींव - डॉ. विजय शंकर मिश्रा
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और अन्य शीर्ष कांग्रेसी नेताओं पर तीखा और सीधा हमला बोला है। डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल सत्ता हासिल करने की लालसा में इस कदर अंधी हो चुकी है कि वह इसके लिए किसी भी निम्न और गंदे स्तर पर जाने को तैयार है। इसी सत्ता लोलुपता के कारण राहुल गांधी और उनकी पार्टी देश के किशोरों तथा नवयुवकों के अनमोल भविष्य को दाँव पर लगाने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस लगातार देश के युवाओं के बीच असंतोष फैलाने, उन्हें उकसाकर अराजकता फैलाने और पूरे राष्ट्र के माहौल को विषाक्त बनाने का षड्यंत्र रच रही है। जिस उम्र में किशोरों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, चरित्र निर्माण, सामाजिक अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, उस संवेदनशील उम्र में कांग्रेस उनके मनोमस्तिष्क में विष घोलने का काम कर रही है। देश के युवाओं को सही मार्गदर्शन, राष्ट्रभक्ति के विचार और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग दिखाने के बजाय, कांग्रेस उन्हें मुख्यधारा की पढ़ाई-लिखाई से भटकाकर अपनी संकीर्ण और गंदी राजनीति की भट्टी में झोंक रही है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि देश के युवा ही भारत की असली शक्ति और स्वर्णिम भविष्य की नींव हैं। यदि उनके मन में निराशा और आक्रोश का बीज बोया जाएगा, तो इससे सम्पूर्ण देश का विकास प्रभावित होगा। कांग्रेस अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने के लिए देश के इस विज़न को अंधकार में धकेलने का पाप कर रही है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए मांग की है कि राहुल गांधी और कांग्रेसी नेता अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए देश की युवा शक्ति का इस्तेमाल एक ढाल की तरह करना तुरन्त बन्द करें। युवाओं को भड़काने के बजाय उन्हें अपनी शिक्षा, कौशल विकास और करियर पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दें। डॉ. मिश्रा ने कहा कि आज का भारत और यहाँ का युवा पूरी तरह से जागरूक तथा विवेकशील है। वह कांग्रेस की इस विभाजनकारी नीति, नकारात्मक मानसिकता और भ्रामक बयानों को भली-भाँति समझ चुका है। देश का नवयुवक अब कांग्रेस की इस तुच्छ राजनीति के बहकावे में कदापि नहीं आएगा और राष्ट्र हित को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ेगा। - -कांग्रेस आदिवासियों के लिए बैठक करने के बजाय उनसे माफी मांगे : विकास मरकाम-भाजपा ने आदिवासी समाज को वास्तविक सम्मान और नेतृत्व दियारायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विकास मरकाम ने कांग्रेस पार्टी और पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस को आदिवासियों के नाम पर बैठक करने के बजाय विगत 5 वर्षों में उनके साथ हुए शोषण और अन्याय के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। श्री मरकाम गुरुवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत प्रेस ब्रीफ में पत्रकारों से रू-ब-रू थे।छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री मरकाम ने कहा कि कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में आदिवासियों के 32 फीसदी आरक्षण को छीनने का प्रयास किया गया। कांग्रेस से जुड़े के.पी. खाण्डे ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई और सरकार की कमजोर पैरवी के चलते आरक्षण रद्द हुआ। इसके बाद भूपेश सरकार ने खाण्डे को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाकर पुरस्कृत किया! बाद में भाजपा नेता श्रीमती विद्या सिदार एवं सामाजिक कार्यकर्ता योगेश ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़कर आदिवासियों के आरक्षण की रक्षा की। श्री मरकाम ने यह भी बताया कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने बस्तर, सरगुजा सहित पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय युवाओं को शत-प्रतिशत भर्ती का अधिकार दिया था। कांग्रेस की सरकार ने सत्ता में आते ही इस अधिकार को समाप्त कर आदिवासी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। 'हरा सोने' की उपेक्षा और योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाते हुए श्री मरकाम ने कहा कि तेंदूपत्ता को आदिवासियों का ‘हरा सोना’ माना जाता है और कांग्रेस शासन में तेंदूपत्ता की खरीदी मात्र 1-2 दिन ही की जाती थी। 5 वर्षों तक संग्राहकों को मिलने वाली बोनस राशि रोक दी गई। आदिवासियों के लिए संचालित चरण पादुका योजना को पूरी तरह बंद कर दिया गया। वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार अब संग्राहकों से 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से जब तक पत्ता उपलब्ध है, तब तक खरीदी कर रही है, जिससे आदिवासियों की आय में व्यापक बढ़ोतरी हुई है।छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री मरकाम ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को सिर्फ 'वोट बैंक' समझा। वर्ष 2002-03 में अजीत जोगी के कार्यकाल में आदिवासियों के सबसे बड़े संगठन आदिवासी विकास परिषद को दो टुकड़ों में बाँटा गया। भूपेश बघेल की सरकार के दौरान सर्व आदिवासी समाज के टुकड़े कर समाज में फूट डाली गई। नक्सलियों के महिमामण्डन और आदिवासियों के अपमान की चर्चा करते हुए श्री मरकाम ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश व प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाई जा रही है, तब कांग्रेस नेता हिड़मा जैसे दुर्दांत नक्सलियों को रोल मॉडल बताकर आदिवासी समुदाय की अस्मिता का अपमान कर रहे हैं। भाजपा ने आदिवासी समाज को वास्तविक सम्मान और नेतृत्व दिया है। आजादी के 75 वर्षों बाद पहली बार आदिवासी समाज से बहन श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया गया। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय और ओड़िशा में मोहन चरण माँझी के रूप में आदिवासी मुख्यमंत्री राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं। इसी प्रकार केंद्र सरकार में 5 आदिवासी कैबिनेट/केंद्रीय मंत्री सहित आदिवासी राज्यपाल देश की सेवा कर रहे हैं। श्री मरकाम ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास केवल 'फूट डालो और राज करो' का रहा है, जबकि भाजपा की संवेदनशील सरकारें आदिवासियों के स्वाभिमान, संरक्षण और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
- -छत्तीसगढ़ से विकास मरकाम समेत अजजा मोर्चा के प्रमुख नेता रहे मौजूदरायपुर/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय (नई दिल्ली) में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में डॉ. मन्नालाल रावत ने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, केंद्रीय मंत्रियों एवं देशभर से आए जनजाति समाज के प्रमुख नेताओं ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं।छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम सहित पूर्व सांसद कमलभान सिंह, अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, प्रदेश महामंत्री देवेंद्र माहला ने पदभार ग्रहण समारोह में डॉ. रावत का अभिनन्दन कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। छत्तीसगढ़ के अजजा नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. रावत के नेतृत्व में भाजपा अजजा मोर्चा देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान, अधिकारों के संरक्षण तथा केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने में और अधिक मजबूती के साथ कार्य करेगा।























