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- 0- एनपीएस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजनबिलासपुर. देश के किसानों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के आर्थिक सशक्तिकरण और उनके वृद्धावस्था को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया | ‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ शीर्षक वाली यह महत्वपूर्ण संगोष्ठी आज गुरुवार, 07 मई 2026 को बिलासपुर के व्यापार विहार रोड स्थित होटल आनंदा इम्पीरियल में प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित किया गया |इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाता-कृषक एवं सभी ग्रामीण जनों को जीवन में वित्तीय सुरक्षा एवं स्वतंत्रता प्रदान करना है। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक अग्रणी बैंक बिलासपुर श्री दिनेश ओरांव ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान में असंगठित क्षेत्र कामगारों के लिए अटल पेंशन योजना है जिसमे 1000 से 5000 तक की पेंशन मिलती है लेकिन आज के दौर में यह नाकाफी है इस आय वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप सशक्त बनाने के लिए एनपीएस (New Pension Scheme) एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी योजना है | आयोजन में पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण नई दिल्ली के उप-महाप्रबंधक (DGM) श्री मनोज कुमार तिवारी एवं श्री शुभम खंडेलवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे । उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System - NPS) की बारीकियों, उचित समय पर निवेश के दूरगामी लाभों और इसके माध्यम से भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के वैज्ञानिक तरीकों को स्लाइड के माध्यम से विस्तृत जानकारी दिया गया।खेती की अनिश्चितता के बीच पेंशन बनेगा मजबूत आधारभारत की लगभग 55 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, जिसमें से 86 प्रतिशत किसान सीमांत श्रेणी में आते हैं। भूमि के निरंतर बंटवारे और कृषि आय की अनिश्चितता के कारण वृद्धावस्था में वित्तीय चुनौतियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में पीएफआरडीए की यह पहल विशेष रूप से किसानों, छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूरों और गृहिणियों के लिए एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। एनपीएस (NPS) में कम निवेश से शुरू होने वाली बचत चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की शक्ति के कारण लंबी अवधि में एक विशाल कोष और स्थायी मासिक आय में परिवर्तित हो जाती है।प्रमुख हितधारकों की सहभागिताइस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि सहित विभिन्न बैंकों के प्रमुख, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, कोरबा.पेंड्रा,जांजगीर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), डीडीएम नाबार्ड, डायरेक्टर आरसेटी कोनी बिलासपुर, एनजीओ समर्पित बिलासपुर के पदाधिकारी, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के प्रतिनिधि और कृषकगण, आरसेटी के प्रशिक्षु तथा अंबिकापुर छग के प्रसिद्ध शिल्पकार शामिल थे।एनपीएस की विशेषताएं जो इसे बनाती हैं खास:18 से 85 वर्ष के नागरिक जो थोडा बचत कर ज्यादा पेंशन पाना चाहते हैंबाजार आधारित उत्कृष्ट रिटर्न: सुरक्षित निवेश के साथ विकास की संभावना।अनुशासित बचत: भविष्य के प्रति एक व्यवस्थित निवेश की आदत।कंपाउंडिंग का लाभ: लंबी अवधि में छोटी बचत का बड़ी पूंजी में परिवर्तन।एकमुश्त राशि व आजीवन आय: सेवानिवृत्ति पर संचित राशि का एक हिस्सा नकद और शेष से आजीवन पेंशन।बदलते सामाजिक परिवेश और एकल परिवार की बढ़ती व्यवस्था में यह योजना असंगठित क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद साथी सिद्ध होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार समय पर बोया गया बीज ही अच्छी फसल की गारंटी देता है, ठीक उसी प्रकार युवावस्था में शुरू किया गया एनपीएस निवेश वृद्धावस्था में सम्मानजनक एवं सशक्त आर्थिक जीवन का आधार बनता है।
- 0- शिविर में कुल 429 आवेदन प्राप्त हुएरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत ताराशिव में सुशासन तिहार 2026 के तहत पहले जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां अधिकारियों ने आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल ने बताया कि समाधान शिविरों के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस, जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे शिविरों से लोगों को अपने क्षेत्र में ही समाधान मिल रहा है, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरंजन, एसडीएम तिल्दा श्री आशुतोष देवांगन, महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, जिला खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा डॉ. शंकरलाल उइके, सीईओ जनपद श्री रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- 0- संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर, हितग्राहियों को सौंपी आवास की प्रतिकात्मक चाबी0- की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ ने पीडीएस दुकान का किया औचक निरीक्षणरायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धरसीवां जनपद के ग्राम पंचायत गोढ़ी में मंगलवार को आवास सह रोजगार दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन शामिल हुए। जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी, किश्तों के प्रावधान एवं निर्माण प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी ग्रामीण जनभागीदारी के तहत प्रत्येक घर में सोखता गड्डा निर्माण करवाएं।आवास दिवस के उपलक्ष्य में सीईओ श्री बिश्वरंजन ने हितग्राही श्रीमती अनीता वर्मा, श्रीमती सुनीता बाई, श्रीमती रंजीता वर्मा, श्रीमती कविता एवं श्रीमती दुलारी को प्रतिकात्मक चाबी सौंपी। कार्यक्रम के पश्चात उन्होंने गोढ़ी में चल रहे प्रधानमंत्री आवास एवं सोखता गड्डा निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।कार्यक्रम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों एवं ग्रामीणजनों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और आजीविका संवर्धन से जुड़ी जानकारी दी गई। "नवा तरिया आय के जरिया" पहल के तहत बताया गया कि नवा तरिया निर्माण से जल संरक्षण के साथ-साथ योजनाओं के अभिसरण से महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। ग्राम पंचायतों में स्थापित क्यूआर कोड से योजनाओं की जानकारी लेने हेतु हितग्राहियों को प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान वीबी जीरामजी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए ग्रामीणों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया।राशन की शिकायत पर पीडीएस दुकान का जिला पंचायत सीईओ ने किया औचक निरीक्षण- ग्राम गोढ़ी प्रवास के दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने पीडीएस दुकान का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संचालक को सही तरीके से राशन वितरण करने एवं व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सरपंच श्री राम खिलावन कनौजे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- बच्चे सीखेंगे पक्षी की पहचान और वेटलैंड का संरक्षण, 7 से 13 मई तक चलेगा शिविर0- जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने किया पक्षी संरक्षण स्थल का निरीक्षणरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार धरसीवां विकासखंड के ग्राम पंचायत गोढ़ी में रहवासी पक्षियों के पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए 7 दिवसीय ‘समर कैंप 2026’ का शुभारंभ जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने किया। ‘प्रकृति को समझें-पक्षियों को पहचानें-संरक्षण का हिस्सा बनें’ थीम पर आधारित यह शिविर फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के तकनीकी सहयोग से जिला पंचायत रायपुर, समग्र शिक्षा रायपुर एवं ग्राम पंचायत गोढ़ी द्वारा आयोजित किया जा रहा है।शिविर के प्रथम दिवस पर ‘नेम गेम’ के माध्यम से बच्चों ने अपना नाम व पसंदीदा जानवर बताकर परिचय दिया। प्रकृति के जीवों की नकल करने का खेल एवं ‘मुझे प्रकृति में क्या पसंद है’ विषय पर ड्राइंग गतिविधि कराई गई। बच्चों को वेटलैंड क्या है, इसकी जानकारी दी गई। आइस-ब्रेकिंग एक्टिविटी के माध्यम से प्रकृति से जुड़ाव स्थापित किया गया।शुभारंभ के बाद जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने गांव के उस तालाब का निरीक्षण किया जहाँ पक्षियों के संरक्षण का कार्य किया जाना है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि रहवासी पक्षियों के पुनर्वास एवं संरक्षण कार्य में वॉच टावर, कैंटीन सहित अन्य निर्माण कार्य सही तरीके से किए जाएं। इन कार्यों से ग्रामीणों की आजीविका बढ़े और भविष्य में आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। इससे ग्राम गोढ़ी की महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य अधिकारी, FES व युवान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- 0- औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश0- 27 अप्रैल से 11 मई तक चलेगा 15 दिवसीय सघन जांच अभियानरायपुर। प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराने की सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत राज्य शासन द्वारा 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक "सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार" थीम पर 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में गठित औषधि प्रकोष्ठ की टीमों ने 6 और 7 मई 2026 को राजधानी के विभिन्न थोक एवं फुटकर दवा दुकानों पर सघन छापेमारी की।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के अंतर्गत जिले में संचालित औषधि एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अभियान के दौरान फर्मों के आवश्यक अभिलेख, क्रय-विक्रय विवरण, भंडारण व्यवस्था तथा लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई।जांच टीम ने शिव मेडिकल हॉल बाजार चौक भनपुरी, भारत मेडिसिन सेंटर खम्हारडीह, गजेंद्र मेडिकल स्टोर्स हीरापुर, हिमानी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स हीरापुर, मधुलिका मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स बैरन बाजार, जय दुर्गा मेडिकल स्टोर्स मोवा, अमर मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, चंचल मेडिकल स्टोर्स, वेल क्योर फार्मा कॉर्प देवपुरी, अपिओस लाइफसाइंसेज देवपुरी, जेना केयर लाइफ साइंसेज प्रा.लि. देवपुरी, पराग लॉजिस्टिक्स, जोमेड हेल्थ केयर देवपुरी और नाथानी हेल्थ केयर देवपुरी का औचक निरीक्षण किया।इन संस्थानों में अल्प्राजोलम, कोडीन, ट्रामाडोल और अल्ट्रासेट जैसी स्वापक एवं मनःप्रभावी (Narcotic & Psychotropic) जी.एल.पी.-1 औषधियों के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की जांच की गई।निरीक्षण के दौरान कुछ फर्मों द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार जानकारी प्रस्तुत नहीं करने एवं अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण दलों को निर्देशित किया है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध, अमानक अथवा एक्सपायरी औषधि एवं खाद्य सामग्री की सूचना विभाग को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- 0- शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुए अर्जुनी सहित 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण0- जनप्रतिनिधि एवं आला अधिकारी हुए शामिल, शिविर में 636 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अर्जुनी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पंचायत अर्जुनी सहित अर्जुनी कलस्टर में शामिल आसपास के 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अंतर्गत आज स्कूल मैदान अर्जुनी में आयोजित शिविर में उपस्थित अतिथियों के द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत 05 हितग्राहियों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को जाल एवं आईस बाॅक्स, सहकारिता विभाग अंतर्गत 03 हितग्राहियों किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत 02-02 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं निक्षय पोषण किट का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत 04-04 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं छड़ी, राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना अंतर्गत 11 हितग्राहियों को अधिकार पत्र का वितरण किया गया। इसी तरह 02 हितग्राहियों को मनरेगा जाॅब कार्ड, 05 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र का वितरण किया।इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम अर्जुनी में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 721 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 636 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। शिविर में आज जनपद पंचायत गुरूर के उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रिका गंजीर एवं श्री तेजराम साहू, एसडीएम श्री आरके सोनकर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर के अलावा जनपद सदस्य श्रीमती लता लक्ष्मी साहू, श्रीमती सुभद्रा, ईशा साहू, तारादेवी यादव, तानसिंह देहारी, मीना फत्तेलाल साहू, गणेश्वरी खगेन्द्र एवं ग्राम पंचायत अर्जुनी के सरपंच श्रीमती हेमलता साहू, सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री राकेश साहू, सचिव श्री रामेन्द्र साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों तथा अर्जुनी कलस्टर में शामिल 20 ग्राम पंचायतों से हजारों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। श्री साहू ने शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने को कहा। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रिका गंजीर ने भीषण गर्मी के उपरांत भी शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर सराहना व्यक्त की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तायुक्त ढंग से शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गंजीर ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत संपूर्ण जीव-जगत के लिए पानी के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के अलावा इसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ दिलाई। उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को पानी के एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के अलावा जल संरक्षण के कार्य में अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। शिविर को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू ने कहा कि शासन के मंशानुरूप शिविर में आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को इस बात का विशेष ध्यान रखने को कहा। शिविर को जनपद सदस्य श्रीमती लता लक्ष्मी साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित करते हुए शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि अर्जुनी स्कूल मैदान में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम अर्जुनी, सोहपुर, सुर्रा, भानपुरी, बोड़रा, धनेली, रमतरा, पेंवरी, घोघोपुरी, बगदई, छेड़िया, भरदा, तार्री, धोबनपुरी, सोरर, कपरमेटा, धनोरा, टेंगना बर पारा, बोरतरा और भूलनडबरी सहित 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 461 आवेदन, महिला एवं बाल विकास विभाग के 33 आवेदन, खाद्य विभाग के 77, समाज कल्याण विभाग के 13, तहसील गुरूर को 35, कृषि के 03, शिक्षा विभाग के 06 एवं वन विभाग के 01 सहित विभिन्न विभागों से कुल 636 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 636 आवेदनों का निराकरण किया गया।
- बालोद. जिला मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) में प्रबंधन की संवेदनशीलता और बेहतर निर्णय से अस्पताल की सेवाएं निरंतर चालू है, जिससे किसी भी प्रसूता की स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा नहीं आ रही है । तकनीकी नियमों का पालन करते हुए प्रशासन ने एक संक्रमित महिला को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा, ताकि अस्पताल की सेवाएं निरंतर चालू रह सकें।सिविल सर्जन डॉ आर के श्रीमाली ने बताया कि अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता की रिपोर्ट 'पॉजिटिव' आने के बाद प्रबंधन के सामने दो रास्ते थे। मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार, संक्रमित मरीज के ऑपरेशन के बाद ओटी (OT) को 24 घंटे के लिए फ्यूमिगेट (संक्रमण मुक्त) करना अनिवार्य होता है। अस्पताल में वर्तमान में एक ही ओटी क्रियाशील है। यदि वहां संक्रमित मरीज का ऑपरेशन किया जाता, तो ओटी अगले 24 घंटे के लिए सील हो जाता। इससे अस्पताल में भर्ती अन्य प्रसूताओं के ऑपरेशन रुक जाते और उन्हें भी आपात स्थिति में रेफर करना पड़ता।प्रबंधन ने अन्य महिलाओं के आपरेशन को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि अस्पताल की सेवाएं ठप न हों। 'पॉजिटिव' मरीज को उच्च स्तरीय सुविधाओं वाले मेकाहारा अस्पताल (रायपुर) रेफर किया गया, जहाँ संक्रमित मरीजों के लिए पृथक व्यवस्था उपलब्ध है। इस निर्णय से बालोद अस्पताल का ओटी सील होने से बच गया और वहां भर्ती अन्य महिलाओं का समय पर सफल ऑपरेशन संपन्न हो सका। इससे न केवल संसाधनों का सही संतुलन बना, बल्कि कई परिवारों को अनावश्यक परेशानी से भी बचा लिया गया।
- 0- जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य को समयपूर्व करने पर कलेक्टर ने जिले के 50 प्रगणकों को दी बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद. जनगणना 2027 के राष्ट्रीय अभियान अंतर्गत कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में जिले के 50 प्रगणकों द्वारा मकान सूचीकरण के महत्वपूर्ण कार्य को समय-सीमा से पूर्व और शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ पूर्ण किया गया है। जनगणना 2027 के इस महत्वपूर्ण कार्य को समयपूर्व शतप्रतिशत पूरा करने पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी प्रगणकों को संयुक्त जिला कार्यालय में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने प्रगणकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि निर्धारित समय से पहले लक्ष्य प्राप्त करना आपकी उत्कृष्ट कार्यक्षमता और टीम भावना का परिचायक है। आप सभी ने जमीनी स्तर पर जिस बारीकी से काम किया है, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा, सहायक जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर, राज्य जनगणना नोडल अधिकारी श्री यशवर्धन सिन्हा, जनगणना शाखा प्रभारी श्री देवेन्द्र साहू आदि मौजूद थे।जनगणना 2027 अंतर्गत आज सम्मानित होने वाले प्रगणकों में डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम दानीटोला के प्रगणक श्री टिकेश कुमार, ककरेल के प्रगणक श्री हलधर प्रसाद साहू, देवपाण्डुम के प्रगणक श्री लालमनी साहू, रजही के प्रगणक श्री ओमप्रकाश सोयाम, जमरूवा के प्रगणक सीमा डामले, ठेमाबुजुर्ग के प्रगणक श्री गजेन्द्र कुमार रावटे, पेटेचुआ और रजोलीडीह के प्रगणक श्री धनीराम बारले शामिल हैं। इसी प्रकार दल्लीराजहरा के प्रगणक प्रेमलता कुलदीप, उत्तरा कोरेसी, राहुल कुमार बेलचंदन और उषा उर्वाशा शामिल हैं। चिखलकसा के प्रगणक प्राची, धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर, विजयलक्ष्मी सोनी, हेमंत गुप्ता, खुश्बू साहू और जेएस ठाकुर शामिल हैं। डौण्डीलोहारा के ग्राम दुर्गीटोला के प्रगणक श्री योगेन्द्र कुमार चुरेन्द्र, अर्जुन्दा तहसील के प्रगणक श्री राजेश कुमार सेवता, श्री लक्ष्मण कुमार साहू, श्री तोरण लाल देवांगन, बालोद तहसील अंतर्गत प्रगणक श्री मनीष कुमार देशमुख, श्री रविकुमार साहू, श्री भीखू राम निषाद, श्री विजेन्द्र पिल्ले और श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा, गुण्डरदेही तहसील के ग्राम खुटेरी रंग के प्रगणक सोनल साहू, गुण्डरदेही की प्रगणक नेहा गुप्ता, गुरूर तहसील के ग्राम रूपुटोला के प्रगणक श्री कमलकांत रत्न, पलारी के प्रगणक श्री तामेश्वर लाल साहू, श्रीमती लाकेश्वरी साहू, श्री मुकेश कुमार साहू, श्रीमती राधिका साहू, और श्री अभिनव जंघेल शामिल हैं। सम्मानित होने वाले प्रगणकों ने इस उपलब्धि का श्रेय जिला प्रशासन के सहयोग और निरंतर मिल रहे मार्गदर्शन को दिया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी ऊर्जा के साथ आगामी मुख्य जनगणना कार्य में जुटने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह मकान सूचीकरण का कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ है, उसी तरह जिले के अन्य लक्ष्य भी समय पर हासिल किए जाएंगे।
- 0- सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन निरंतर जारी0- शिविर में प्राप्त 256 आवेदनों में से 73 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के नगर पंचायत कार्यालय परिसर पलारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर हितग्राहियों एवं नगर वासियों के लिए सौगातों भरा रहा। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 256 आवेदनों में से 73 आवेदनों का निराकरण किया गया। इसके अलावा शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 05 शिशुओ का अन्नप्राशन एवं 03 गर्भवती माताओं का गोद भराई, समाज कल्याण विभाग द्वारा 03 हितग्राहियों को ध्वनि श्रवण यंत्र एवं 05 हितग्राहियों को छड़ी का वितरण, मत्स्य विभाग द्वारा 01 हितग्राहियों को आईस बकेट, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 हितग्राहियों को निक्षय पोषण आहार एव 01 आयुष्मान कार्ड का वितरण और नगर पंचायत पलारी द्वारा 06 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया गया। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ज्ञातव्य हो कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले के सभी नगरीय निकायों में निरंतर सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है।नगर पंचायत कार्यालय परिसर पलारी में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान नगर पंचायत पलारी के सभी 15 वार्डों से बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। शिविर में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री तेजराम साहू, श्री लखनलाल गुरूपंच, श्री नंदकुमार साहू, श्री राजेश सोनबेर, श्री मनीष गुरूपंच, श्री अर्जुन सोनगुर्द, श्री आशाराम, श्री महेश साहू, श्री प्रेम लाल गंगबेर, श्री यानेश साहू, श्री बसंत साहू, श्री गजेन्द्र महमल्ला, श्री संतोष कुर्रे, श्री हेमलाल साहू, श्री रोहित साहू, श्री जगनू साहू, श्री अशोक साहू, श्री संतोष गंगबेर एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री गिरीश साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित करते हुए अतिथियों ने सुशासन तिहार एवं जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने आम नागरिकों से शिविर में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपील की।
- 0- सुशासन तिहार के दौरान स्वामीत्व योजना अंतर्गत कृषक गोपाल राम साहू को अधिकार अभिलेख प्राप्त होने से मिला उन्हें जमीन का मालिकाना हकबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अर्जुनी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान ग्राम छेड़िया के कृषक श्री गोपाल राम साहू को स्वामीत्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेख प्राप्त होने से उन्हें उनके आवासीय भूमि का मालिकाना हक प्राप्त हो गया है। शिविर में अधिकार अभिलेख प्राप्त करने के पश्चात् किसान गोपाल राम बहुत ही अभिभूत नजर आ रहे थे। ग्राम अर्जुनी में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से उन्हें प्राप्त अधिकार अभिलेख से अब उनके लिए आवासीय ऋण एवं अन्य सुविधाओं के लाभ लेने हेतु मार्गप्रशस्त होने पर किसान श्री गोपाल राम बहुत ही प्रसन्नचित एवं गदगद नजर आ रहे थे।शिविर में अधिकार अभिलेख प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कृषक गोपाल राम ने कहा कि अब वे इस अधिकार अभिलेख के माध्यम से आवासी ऋण लेकर अपने सपने का आशियाना भी बना सकेंगे। जो उनके जैसे अनेक निम्न मध्यम वर्गीय किसानों के लिए एक बड़े सपने का साकार होने जैसा है। केन्द्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की सराहना करते हुए किसान गोपाल राम ने कहा कि इस योजना के माध्यम से सरकार हम जैसे निम्न मध्यम वर्गीय कृषकों को अपने जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने के अलावा हमारे एवं हमारे परिवार के लिए एक सुंदर घर का निर्माण करने के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। किसान गोपाल राम ने राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए सुशासन तिहार 2026 के आयोजन की भी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन के लोग हम आम जनों के बीच पहुँचकर हमारी वास्तविक समस्याओं से रूबरू होने के अलावा हमारे मांगों एवं समस्याओं का भी त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके अलावा मेरे जैसे अनेक नागरिकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है, जो कि बहुत ही सराहनीय कार्य है।--
- 0- गोढ़ी में उगा 3.7 किलो का शुगरबीट, बायोएथेनॉल उत्पादन को मिलेगा बढ़ावादुर्ग. छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए), रायपुर द्वारा राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से विगत 05 मई 2026 को जिले के बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स, ग्राम गोढ़ी में किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कवर्धा, बेमेतरा एवं दुर्ग जिले के गन्ना उत्पादक किसान तथा कृषि विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सीमा परोहा, निदेशक, एनएसआई कानपुर, डॉ. लोकेश बाबर, सहायक प्राध्यापक, एनएसआई तथा श्री सुमित सरकार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सीबीडीए की विशेष उपस्थिति रही।इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य गन्ना आधारित खेती में सफेद चुकंदर (शुगरबीट) को अंतरफसली के रूप में अपनाकर भूमि उपयोग दक्षता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना था। इस दौरान किसानों को शुगरबीट की खेती का प्रत्यक्ष भ्रमण कराया गया एवं फसल की खुदाई भी की गई, जिसमें शुगरबीट का औसत वजन लगभग 3.7 किलोग्राम पाया गया, जो इसकी सफल खेती की संभावनाओं को दर्शाता है। किसानों ने शुगरबीट के लिए शीघ्र मूल्य निर्धारण एवं प्रभावी विपणन तंत्र विकसित करने की मांग की, साथ ही किसानों द्वारा लाए गए गन्ना फसल के नमूनों पर विशेषज्ञों ने रोग प्रबंधन हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।अपने संबोधन में श्री सुमित सरकार ने बताया कि सीबीडीए राज्य में बायोडीजल, बायोएथेनॉल, कंप्रेस्ड बायोगैस एवं ग्रीन हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास हेतु कार्यरत है। इसी क्रम में, नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट के सहयोग से राज्य में पहली बार गन्ना एवं सफेद चुकंदर (शुगर बीट) की अंतरफसली खेती पर अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि गन्ना एक दीर्घकालीन फसल होने के कारण इसकी प्रारंभिक अवस्था में भूमि का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता, इसलिए शुगरबीट जैसी अल्पावधि फसल को अंतरफसली रूप में अपनाना किसानों के लिए लाभकारी है। उन्होंने बताया कि शुगरबीट लगभग 5-6 माह में तैयार हो जाती है और इसे गन्ने के साथ उगाकर अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे बायोएथेनॉल उत्पादन हेतु अतिरिक्त कच्चा माल उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।डॉ. सीमा परोहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गन्ना-शुगरबीट अंतरफसली खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का व्यवहारिक विकल्प है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का सफल परीक्षण राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र में किया जा चुका है तथा छत्तीसगढ़ में सीबीडीए के सहयोग से इसका प्रथम क्रियान्वयन हुआ है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आगामी समय में शुगरबीट के लिए उपयुक्त क्रय मूल्य निर्धारण की दिशा में पहल करने की बात कही। श्री संतोष कुमार मैत्री, सहायक परियोजना अधिकारी, सीबीडीए ने बताया कि राज्य में पहली बार गन्ना एवं शुगरबीट की अंतरफसली खेती पर ग्राम गोढ़ी में अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। एनएसआई से प्राप्त एलएस-6 किस्म के माध्यम से किए गए इस अध्ययन के प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक हैं, विशेषकर मुरुम भूमि में इसकी सफलता ने किसानों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। डॉ. लोकेश बाबर ने किसानों को शुगरबीट की खेती अपनाने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि यह कम लागत में अधिक लाभ देने वाली तकनीक है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनएसआई द्वारा किसानों को बीज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीमा परोहा ने सीबीडीए परिसर स्थित हर्बेरियम एवं आर्बाेरेटम का भ्रमण किया तथा ऊर्जा फसल नेपियर घास के क्षेत्र का अवलोकन किया, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन की संभावनाएं हैं। किसानों को विश्वास दिलाया गया कि यह पहल छत्तीसगढ़ को जैव ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ किसानों को “अन्नदाता” के साथ “ऊर्जा दाता” के रूप में स्थापित करेगी। अंत में, उपस्थित किसानों एवं अधिकारियों को सम्मान स्वरूप गमछा एवं टोपी प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया ।
- 0- 37 हजार से अधिक श्रमिकों को मिला काम, लक्ष्य से अधिक 100.59 प्रतिशत मानव दिवस सृजितदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में ’ग्राम रोजगार दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसे शासन के निर्देशानुसार चावल महोत्सव और आवास दिवस के साथ संयुक्त रूप से एक महाअभियान के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, रोजगार, आवास और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों एवं श्रमिकों तक पहुँचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण करना था।इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि मनरेगा के तहत जिले में मांग आधारित रोजगार निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है और वर्तमान में जिले के 866 प्रगतिरत निर्माण कार्यों में कुल 37,146 मजदूर कार्यरत हैं, जिनमें धमधा विकासखंड में 15,872, पाटन में 11,390 तथा दुर्ग विकासखंड में 9,884 श्रमिक प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025-26 के लिए जिले को प्राप्त 18,48,633 मानव दिवस सृजन के लक्ष्य के विरुद्ध 18,59,532 मानव दिवस सृजित कर 100.59 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि हासिल की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु भी जिले में 7,70,009 मानव दिवस सृजित किए गए हैं और स्वीकृत आवासों को 90 दिनों की समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है, साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हितग्राहियों को उनके बैंक खातों में अंतरित की गई राशि की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। जल संरक्षण की दिशा में “मोर गांव-मोर पानी” एवं “नवा तरिया-आय के जरिया” अभियान के तहत अब तक जिले में 130 अमृत सरोवर पूर्ण किए जा चुके हैं, जिनमें धमधा में 50, दुर्ग में 36 एवं पाटन में 37 सरोवर शामिल हैं, इसके अलावा 15 नए तालाब निर्माण प्रस्तावित हैं और आजीविका डबरी के 30 स्वीकृत कार्यों पर भी प्रगति जारी है। इस महाअभियान के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को निर्माण सामग्री आपूर्ति जैसे आजीविका कार्यों से जोड़ने, प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने तथा लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को स्थल पर ही पूर्ण करने की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत पुरई, धनोरा, बिरोदा, घोटवानी, दनिया, करगाडीह और खमरिया जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार से जुड़े पाया गया, जहाँ जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने मिलकर ग्रामीणों को उनके अधिकारों और योजनाओं के लाभ के प्रति जागरूक किया। जिला प्रशासन की इस पहल को ग्रामीण विकास में पारदर्शिता और जनभागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।--
- दुर्ग. राज्य शासन द्वारा 11 मई तक ’’सही दवा-शुद्ध आहार - यही छत्तीसगढ़ का आधार’’ थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।औषधि शाखा द्वारा अभियान के ग्यारहवे दिवस चतुर्थ चरण के द्वितीय दिवस 07 मई को कोटपा एक्ट के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्र करंजा भिलाई, जेवरा-सिरसा, समोदा में तम्बाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के बारे में जनजागरूकता लाते हुए जिन पान ठेलों एवं होटलों में कोटपा एक्ट के उल्लंघन पाए गए ऐसे 32 जगहों पर औषधि निरीक्षकों एवं पुलिस दल द्वारा नियमानुसार चालानी कार्यवाही की गई। कोटपा एक्ट के तहत् इस प्रकार की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। इसी तरह खाद्य शाखा द्वारा जिले में संचालित ढ़ाबाओं का रॉयल खालसा ढ़ाबा पुलगांव, ठाकरे ढ़ाबा एवं खन्ना ढ़ाबा अंजोरा, केडएम केडबी स्टेशन रोड दुर्ग एवं श्री सांई इंटरप्राईजेस दुर्ग की जांच/निरीक्षण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया गया, जिसमें संचालकों को वेज-नानवेज को अलग-अलग भण्डारण एवं तैयार करने के निर्देश व उचित साफ-सफाई के साथ व्यवसाय संचालित किये जाने एवं साथ ही साथ निर्देशित किया गया कि नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- 0- हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभबिलासपुर. मस्तूरी ब्लॉक के सीपत शासकीय हाई स्कूल प्रांगण में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 331 आवेदनों में से 201 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया। शेष आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा निर्धारित की गई। शिविर में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा आमजनों को शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही, विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए चेक, स्वीकृति आदेश एवं आवश्यक दस्तावेज वितरित किए गए।जिला पंचायतअध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि कहा कि समाधान शिविर शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे शिविरों से आमजन को सीधा फायदा मिल रहा है। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती सोनवानी ने कहा कि ग्रामीणों को अब अपनी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्री राजेन्द्र धीवर, श्री दीपक शर्मा,जनपद पंचायत सभापति श्री मनोज खरे, जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि श्री चंद्र प्रकाश सूर्या, एसडीएम शिवकुमार कंवर, सीईओ मस्तुरी जे.आर. भगत, सीपत तहसीलदार गरिमा ठाकुर,अबकारी विभाग से नवनीत तिवारी, जलसंसाधन विभाग एसडीओ शुभम साहू,पी एच ई विभाग अरूण भार्गव, विधुत विभाग कौशल जायसवाल सहायक यंत्री, मनेरगा कार्यक्रम अधिकारी रूचि विश्वकर्मा शामिल हुए।शिविर में 8 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 5 को श्रम कार्ड, 7 को मनरेगा जॉब कार्ड, 5 को आयुष्मान कार्ड, 3 किसान को ऋण पुस्तिका, 2 को मछली जाल का वितरण, 16 हितग्राहियों का महतारी वंदन ई केवाईसी, 112 लोगों का बीपी शुगर जांच सहित अन्य हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत हितग्राहियों के खाते भी खोले गए। राजस्व विभाग द्वारा को जाति प्रमाण पत्र, आय एवं निवास प्रमाण पत्र दिये गये। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत ग्राम के हितग्राही को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। शिविर में मस्तुरी विकासखण्ड अंतर्गत सीपत, गुड़ी, नरगोडा़, पोड़ी, जांजी सहित पंचायत के ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान देवेश शर्मा, राज्यवर्धन कौशिक,अभिलेष यादव, मदन पाटनवार, फिरत अनंत, जायसवाल, बलराम पाटनवार, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। समाधान शिविर कार्यक्रम का संचालन बी एल कुर्रे ने किया।
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सुशासन तिहार बना योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम
बिलासपुर/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में 1 मई से सुशासन तिहार का सफल आयोजन किया जा रहा है। गांव सहित नगरीय निकायों में भी जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासकीय योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोगों की समस्याओं का निराकरण करने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में 8 मई को तखतपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत विजयपुर में सुशासन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में क्षेत्र से लगे हुए ग्राम पोड़ीकला, परसाकापा, निगारबंद, पूरा, बहुरता, टिहुलाडीह, पड़रिया, चोरमा, पकरिया, बेलपान, टिकरी, दर्री, विजयपुर, लिम्हा, सिलतरा, ठाकुरकापा एवं करनकापा के ग्रामीण भी शामिल हो सकते है। साथ ही नगर निगम बिलासपुर क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्र 38, 39 एवं 41 के वार्डवासियों के लिए गुजराती समाज भवन टिकरापारा एवं नगर पालिका परिषद बोदरी में वार्ड क्र. 1,2,3 हेतु वार्ड क्रमांक 2 शासकीय प्राथमिक शाला बोदरी में शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इन शिविरों में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, ड्राईविंग लाईसेंस, स्वास्थ्य सेवाएं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने निकटतम शिविर में पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में इसका लाभ उठाएं और शासन की योजनाओं से जुड़कर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं। सुशासन तिहार-2026 का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। -
बिलासपुर/विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर बिलासपुर जूनियर रेडक्रॉस के 30 बच्चों एवं शिक्षकों के दल को शहर के नया बस स्टैंड से रायपुर के लिए रवाना किया गया। दल को डॉ. बी.एल. गोयल, चेयरमैन प्रबंध समिति रेडक्रॉस द्वारा हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान कराया गया। रायपुर रवाना हुआ यह दल विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में भाग लेकर बिलासपुर जिले का प्रतिनिधित्व करेगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सभी बच्चों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर सर्वश्री सौरभ सक्सेना, आदित्य पांडेय, लक्ष्मीनारायण मिश्रा, मनीष मिश्रा, धरम लाल साहू, रवि राज साहू, गीतेश्वरी चन्द्रा एवं सौखी लाल यादव उपस्थित रहे।
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2000 से अधिक छात्र-छात्राएँ, स्वयंसेवक एवं समाजसेवी होंगे शामिल
राज्यपाल रमेन डेका के संरक्षण में सेवा, रक्तदान व स्वास्थ्य जागरूकता का दिया जाएगा संदेश
रायपुर। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा, रायपुर द्वारा विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर 8 मई को राजधानी के अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम, मेकाहारा हॉस्पिटल परिसर, शासकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
यह आयोजन राज्यपाल एवं भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के अध्यक्ष श्री रमेन डेका के संरक्षण, मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन राज्य शाखा के चेयरमैन श्री तोमन साहू, वाइस चेयरमैन श्री रुपेश कुमार पाणिग्राही एवं कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल के नेतृत्व में किया जा रहा है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रूपल पुरोहित ने बताया कि इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 2000 से अधिक छात्र-छात्राएँ, रेड क्रॉस स्वयंसेवक, शिक्षकगण, रेड क्रॉस काउंसलर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा प्रतिभाएँ सहभागिता करेंगी। यह आयोजन सेवा, मानवता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं युवा सहभागिता को समर्पित है।
कार्यक्रम में समूह नृत्य, नाटक एवं प्रहसन, चित्रकला प्रतियोगिता तथा रेड क्रॉस के सिद्धांतों पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियाँ होंगी। इनके माध्यम से रक्तदान, अंगदान, प्राथमिक उपचार, महिला स्वास्थ्य जागरूकता, नशामुक्ति, आपदा प्रबंधन एवं मानव सेवा जैसे विषयों पर व्यापक जनजागरूकता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा एवं वरिष्ठ अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहेंगी।
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव करेंगे। समारोह में उत्कृष्ट प्रतिभागियों, समर्पित स्वयंसेवकों एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा।
राज्य शाखा के चेयरमैन श्री तोमन साहू ने प्रदेशवासियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं एवं स्वयंसेवकों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता, करुणा एवं सेवा का वैश्विक प्रतीक है। -
गुढियारी आगजनी के समय विश्वदीप द्वारा किए राहत कार्य सराहनीय, राजधानी की जनता रखेगी याद - कलेक्टर डॉ सिंह
रायपुर/ रेडक्रॉस सभाकक्ष में रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप को उनके नवीन दायित्व के लिए भावभीनी विदाई दी गई। श्री विश्वदीप को बीजापुर जिले में कलेक्टर के रूप में नई जिम्मेदारी मिली है।
इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी को सदैव जनता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे जिले, जिसे अब भारत सरकार द्वारा नक्सलमुक्त घोषित किया गया है, वहां विकास और नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। आशा है की आप ऐसा कार्य करेंगे जिससे बीजापुर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
डॉ सिंह ने कहा कि एक कलेक्टर को परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करना आना चाहिए। प्रशासनिक दायित्वों में कभी सौम्य व्यवहार की आवश्यकता होती है तो कभी कठोर निर्णय लेने की क्षमता भी जरूरी होती है।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लगभग 28 माह 3 दिन तक साथ कार्य किया, जिसमें अनेक बड़े आयोजन और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि श्री विश्वदीप की कार्यशैली सदैव जनहित और तत्परता से परिपूर्ण रही है।
उन्होंने विशेष रूप से गुढियारी आगजनी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में श्री विश्वदीप ने अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर ऑयल से भरे टैंकर के ढक्कन हटाने का साहसिक कार्य किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि आपके प्रशिक्षण का यह अंतिम दिन है और कल से आप कलेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे।
कलेक्टर डॉ सिंह ने विश्वास जताया कि श्री विश्वदीप को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहां कार्य करने की व्यापक संभावनाएं हैं और वे अपने अनुभव व क्षमता से इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।
निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने अपने उद्बोधन में कहा कि रायपुर में कार्य करने का अनुभव अद्भुत रहा। जिले में मुझे विभिन्न दायित्वों में कार्य करने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। रायपुर जिला पंचायत सीईओ तथा निगम आयुक्त के रूप में काम करने से सीखने का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ। लोकसभा, विधानसभा उपचुनाव, नगरीय निकाय चुनाव साथ ही एसआईआर के चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरी टीम के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। इसका पूरा श्रेय कलेक्टर डॉ सिंह और जिला एवं निगम टीम को जाता है। मैने यहां सीखा कि बड़े आयोजनों के समय किस प्रकार बिना दबाव में आए सफलतापूर्वक कार्य किया जाए।
श्री विश्वदीप ने कहा की कलेक्टर डॉ सिंह और पूरे जिले के टीम के साथ बहुत से प्रोजेक्ट में कार्य किया है। निश्चित रूप से यह अनुभव बीजापुर में काम आएगा। मैं कलेक्टर डॉ सिंह तथा जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। -
उज्बेक अध्ययन दल ने लिया कृषि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान अधोसंरचनाओं और सुविधाओं का जायजा
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की गई
रायपुर। भारत एवं उजबेकिस्तान के मध्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए उज़बेकिस्तान से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार अधोसंरचनाओं, सुविधाओं तथा गतिविधियांे का जायजा लिया। इस दौरान अध्ययन दल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संरचनाओं का अवलोकन भी किया। इस प्रतिनिधिमंडल में बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग के उप-कुलपति प्रो. अब्रोर जोरायेव तुरोबोविच तथा समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी आॅफ वेटरनरी मेडिसीन लाइवस्टाॅक एवं बायोटेक्नोलाॅजीस से अनुसंधान एवं नवाचार के उप-कुलपति प्रो. तयलाकोव तोलिब इसाकुलोविच सहित अन्य वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं वैज्ञानिक शामिल हैं। इस अवसर पर “भारत एवं उज्बेकिस्तान के मध्य द्विपक्षीय शैक्षणिक, अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग सुदृढ़ीकरण” विषय पर आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
कृषि महाविद्यालय रायपुर के सेमिनार हाॅल में कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान उजबेकिस्तान के बुखारा एवं समरकंद विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के साथ छात्र एवं संकाय विनिमय के साथ ही अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों एवं कृषि उद्यमिता विकास के संबंध में सार्थक विचार-विमश किया गया। इस दौरान दोनो देशों के मध्य शैक्षणिक संबंधों को और अधिक सदृढ़ करने के साथ-साथ नवीन अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में मिल-जुल कर कार्य करने पर प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक शिक्षण द्वारा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक अधोसंरचनाओं, शिक्षण सुविधाओं, संचालित पाठ्यक्रमों, संकाय सदस्यों, शैक्षणिक गतिविधियों आदि के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही संचालक अनुसंधान द्वारा विश्वविद्यालय में उपलब्ध अनुसंधान अधोसंरचनाओं, अनुसंधान सुविधाओं, अनुसंधान योजना एवं गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। औषधीय एवं सुगंधित पौधांे के उत्पादन, कृषि व्यवसाय एवं उद्यमिता, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन आदि विषयों पर भी विचार मंथन किया गया तथा आपसी सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की गई। विभिन्न विभागाध्यक्षों द्वारा विभागीय गतिविधियों प्रस्तुत की गई। बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय सहयोग के उप-कुलपति प्रो. अब्रोर जोरायेव तुरोबोविच द्वारा उनके विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं अनुसंधान अधोसंरचनाओं, सुविधाओं तथा गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई और कृषि विश्वविद्यालय के साथ द्विपक्षीय सहयोग की संभावानाओं को रेखांकित किया गया। समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी आॅफ वेटरनरी मेडिसीन लाइवस्टाॅक एवं बायोटेक्नोलाॅजीस से अनुसंधान एवं नवाचार के उप-कुलपति प्रो. तयलाकोव तोलिब इसाकुलोविच ने उनके विश्वविद्यालय के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और द्विपक्षीय सहयोग की रूप-रेखा बताई। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ट प्रभारी डाॅ. हुलास पाठक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी की रूप-रेखा प्रतिपादित की। कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डाॅ. आरती गुहे ने कार्यक्रम के अंत में अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उजबेकिस्तान के बुखारा एवं समरकंद विश्वविद्यालयों से आए अध्ययन दल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित विभिन्न अधोसंरचनाओं, सुविधाओं, अनुसंधान योजनाओं एवं गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में लगाई गई औषधीय एवं सगंध फसलों का अवलोकन किया तथा इसमें गहरी रूचि दिखाई। अध्ययन दल द्वारा टिशू कल्चर लैब में केला, गन्ना, बांस आदि फसलों के ऊतक प्रवर्धित पौधों में भी रूचि दर्शायी। उन्होंने कृषि संग्रहालय में प्रदर्शित प्रारूपों का भी अवलोकन किया। अध्ययन दल ने जैव उर्वरक प्रयोगशाला, जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला, डाॅ. आर. एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला तथा बायोटेक पार्क का भी अवलोकन किया और वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया।
गौरतलब है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व में कृषि विश्वविद्यालय के उच्चस्तरीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल ने विगत माह उजबेकिस्तान के तरमेज़, डेनाऊ, ताशकंद, बुखारा एवं समरकंद स्थित प्रमुख विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों एवं अनुसंधान केंद्रों का दौरा किया था एवं इन सभी संस्थानों के साथ शिक्षण, अनुसंधान, उद्यमिता विकास तथा प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में आपसी सहयोग हेतु समझौते किये गए थे। विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के साथ हस्ताक्षरित अनेक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण, एग्री-उद्यमिता सहयोग तथा दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी के नए अवसर विकसित हुए। इसी संवाद को बढ़ाने के लिए उज्बेकिस्तान से 8 सदस्यीय उच्चस्तरीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ पहुंचा है। कल यह दल रायपुर के आस-पास निजी क्षेत्र में स्थापित कृषि उद्यमिता विकास एवं अनुसंधान संस्थानों का दौरा करेगा। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम जनता को राहत पहुंचाने और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026” लागू की गई है। यह योजना घरेलू, बीपीएल एवं कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के भुगतान में राहत देने के साथ-साथ आसान समाधान उपलब्ध करा रही है।योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल का भुगतान एकमुश्त अथवा आसान किस्तों में करने की सुविधा दी गई है। विशेष बात यह है कि 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिलों पर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफी का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है।राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी उपभोक्ता आर्थिक कारणों से बिजली सुविधा से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ योजना को सरल और सुलभ बनाया गया है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं का पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पंजीयन की व्यवस्था विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध कराई गई है। उपभोक्ता “मोर बिजली” एप, CSPDCL की आधिकारिक वेबसाइट, नजदीकी बिजली कार्यालय तथा विशेष पंजीयन शिविरों के माध्यम से आसानी से अपना पंजीयन करा सकते हैं। यह योजना 12 मार्च 2026 से लागू है तथा योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। अब तक लाखों उपभोक्ता योजना से जुड़ चुके हैं और बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण कर उपभोक्ताओं को करोड़ों रुपए की राहत प्रदान की जा चुकी है। आंकड़ों की बात करें तो अब तक प्रदेश के 07 लाख 24 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया है। 1 लाख 63 हजार प्रकरणों का निराकरण कर कुल 06 करोड़ 22 लाख रूपये से अधिक की राहत प्रदान की जा चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 इसी जनहितकारी सोच का परिणाम है, जो लाखों उपभोक्ताओं के जीवन में राहत और विश्वास लेकर आई है।
- -वित्तमंत्री शिविर में पहुंचकर योजनाओं की जमीनी हकीकत की ली जानकारी, हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत बांटी गई सामग्री-प्रदेश सहित जिले के विकास के लिए सरकार हरसंभव मदद कर रही: वित्त मंत्रीरायपुर। प्रदेश के वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आज उत्तर बस्तर कांकेर जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने सुशासन तिहार एवं बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के अंतर्गत कांकेर विकासखण्ड के ग्राम माकड़ीखूना में आयोजित शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत सामग्री का वितरण किया।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के सहयोग से लंबे समय से चली आ रही माओवादी समस्या को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे जरूरतमंदों को आवास की सुविधा मिल रही है। वहीं महतारी वंदन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तेंदूपत्ता की खरीदी 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है, जिससे वन आश्रित परिवारों को लाभ मिल रहा है। सरकार प्रदेश सहित कांकेर जिले के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। साथ ही बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकास की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि बस्तर क्षेत्र, जो लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा, अब विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन कर रही है।कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जानकारी दी कि सुशासन तिहार और बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के तहत 14 अधोसंरचना एवं 31 व्यक्तिमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल सके।शिविर में विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। खाद्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को राशन कार्ड, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास की चाबी, मनरेगा के तहत जॉब कार्ड तथा व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी भी दी गई।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, नगरपालिका अध्यक्ष कांकेर श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, एसडीएम श्री अरुण वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।कांकेर प्रवास के दौरान वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने घड़ी चौक के समीप निर्माणाधीन नालंदा परिसर (सेंट्रल लाइब्रेरी) का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा शहर के मध्य विकसित हो रहे इस परिसर की सराहना की।
- -रायपुर में मानवता का महाकुंभ- राज्यपाल के संरक्षण में जुटेगा प्रदेशभर का युवा-सेवा, रक्तदान और अंगदान का संदेश लेकर आएँगे 2000 से अधिक प्रतिभागीरायपुर / भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में एक ऐतिहासिक राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल और रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री रमेन डेका के संरक्षण व मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम मानव सेवा ही सर्वाेच्च सेवा है के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ 8 मई 2026 को सुबह 10.30 बजे छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मुख्य अतिथ्य में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री माननीय श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा जी और राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रूपल पुरोहित ने बताया कि इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 2000 से अधिक छात्र-छात्राएँ, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं।कला और संस्कृति समूह नृत्य, नाटक, प्रहसन और चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से रेड क्रॉस के सिद्धांतों का प्रदर्शनकिया जाएगा। रक्तदान, अंगदान, नशामुक्ति, महिला स्वास्थ्य, प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियाँ होगी।8 मई 2026 को अपरान्ह 4.30 बजे पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे, अध्यक्षता शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव जी करेंगे। समारोह में समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्वयंसेवकों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।सोसायटी के चेयरमैन श्री तोमन साहू, वाइस चेयरमैन श्री रुपेश कुमार पाणिग्राही और कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल ने कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि करुणा और सेवा का वैश्विक प्रतीक है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के युवाओं को समाजहित में सक्रिय योगदान देने हेतु नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
- -उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की-अधिकारियों को दिए निर्देश - कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और दक्षता से काम करें मुख्य अभियंता कार्यालय, कार्य संस्कृति सुधारे-परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की खराब स्थिति पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा-सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की खुद मॉनिटरिंग करने के दिए निर्देशरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज विभागीय मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर सड़कों एवं पुल-पुलियों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में कहा कि सभी मुख्य अभियंता कार्यालय कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और दक्षता से काम करें। उन्होंने विभाग की कार्य संस्कृति में बदलाव लाते हुए फील्ड से लेकर कार्यालय तक तेज गति और जवाबदेही से काम करने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग करने और इनके खराब होने पर संबंधित ठेकेदारों से त्वरित मरम्मत कराने को कहा, ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की स्थिति खराब पाए जाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने ऐसी सड़कों का तत्काल ठेकेदारों से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता को भारत सरकार के साथ लगातार समन्वय कर स्वीकृतियों एवं कार्यों में तेजी लाने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की खुद मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने फील्ड पर निकलकर प्राथमिकता वाली सड़कों के कार्यों की प्रगति का हर सप्ताह निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नई सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए कलेक्टरों के साथ समन्वय कर भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने ब्लैक-स्पॉट्स दूर करने के साथ ही सड़कों व पुलों के निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्माण कार्यों और निर्माण सामग्रियों में गुणवत्ता पर जोर देते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि बहुत दिनों तक लंबित काम विभाग की छवि खराब करता है। इस तरह की स्थिति न बने। हर हाल में समय-सीमा में काम पूर्ण करने का प्रयास करें। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं के साथ ही सेतु संभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।
- रायपुर /माओवाद प्रभावित और अत्यंत सुदूर ग्राम पंचायत पुजारी कांकेर में पहली बार प्रशासन का ऐसा व्यापक शिविर आयोजित हुआ, जहां कभी जनताना सरकार की जन-अदालत लगती थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के “सुशासन तिहार-2026” के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ने ग्रामीणों में नई उम्मीद जगाई।शिविर में पहली बार सभी विभागों का अमला एक साथ गांव पहुंचा, जिसे देखने और योजनाओं का लाभ लेने बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। ग्रामीण पूरे समय शिविर में मौजूद रहे और स्थानीय भाषा में योजनाओं की जानकारी लेकर लाभ उठाने के लिए आवेदन भी किए।इस शिविर में पुजारी कांकेर सहित मारुड़बाका, नेलाकांकेर, संकनपल्ली, तिम्मापुर, ईलमिड़ी, सेमलडोडी, लंकापल्ली, एंगपल्ली, गलगम, उसूर, आवापल्ली, चिंताकोंटा, मुरदंडा, चेरकडोडी, नुकनपाल, पुसगुड़ी और मुरकीनार ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में प्राप्त आवेदनों में से 29 का मौके पर निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर कार्यवाही जारी है।शिविर में क्रेडा, जल जीवन मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष, कृषि, उद्यानिकी, वन, मत्स्य, विद्युत, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी विभागों ने योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त किए।मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संकल्प का परिणाम है कि आज पुजारी कांकेर जैसे क्षेत्र में प्रशासनिक अमला पहुंचा है, जहां कभी माओवाद के भय से साप्ताहिक बाजार भी बंद हो जाते थे। अब ग्रामीण खुलकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रख रहे हैं।शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायक उपकरण, बैशाखी, वाकिंग स्टिक, श्रवण यंत्र, मत्स्य जाल, आईस बॉक्स, मृदा परीक्षण प्रमाण पत्र सहित अन्य सामग्री वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोदभराई और नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। स्वास्थ्य विभाग ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य सलाह दी, वहीं पशुधन विकास विभाग ने पशुओं के उपचार एवं संक्रमण से बचाव संबंधी जानकारी प्रदान की।एसडीएम उसूर श्री भूपेन्द्र गावरे के नेतृत्व तथा सीईओ जनपद पंचायत उसूर श्री प्रभाकर चंद्राकर के समन्वय से शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- -आपसी सहमति से सुलझेंगे लंबित मामले-सुप्रीम कोर्ट की विशेष पहलः समाधान समारोह के जरिए घर बैठे आभासी (Virtual) माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकाररायपुर / आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने तथा आपसी सहमति से विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने के लिए भारत के सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत से होगी, जिसका समापन अगस्त माह में विशेष लोक अदालत के वृहद आयोजनों के साथ होगा।नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ 09 मई 2026 को किया जाएगा। विशेष लोक अदालत (सुप्रीम कोर्ट परिसर) 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 का किया जाएगा। पूर्व सुलह वार्ता (Pre-Litigation) इसकी प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारंभ हो चुकी है। इस बार की लोक अदालत की विशेषता यह है कि पक्षकार भैतिक (शारीरिक) उपस्थिति के साथ-साथ आभासी (Virtual) माध्यम से भी जुड़ सकते हैं। प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी आपसी सुलह कराने में सहयोग करेंगे। अपने लंबित मामलों को इस विशेष लोक अदालत में शामिल करने के लिए पक्षकारों को सर्वाेच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म भरना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तक भर सकेंगे।यहाँ करें संपर्क (सहायता केंद्र)किसी भी प्रकार की जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए पक्षकार निम्नलिखित केंद्रों और नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं1. सर्वाेच्च न्यायालय (वन स्टॉप सेंटर/वार रूम) में संपर्क नंबर 011-2311565652, 011-23116464 ईमेल[email protected] पता कक्ष क्रमांक 806 एवं 808, बी ब्लॉक, अतिरिक्त भवन परिसर, सुप्रीम कोर्ट में संपर्क किया जा सकता है।2. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर का पता जिला न्यायालय परिसर, रायपुर 0771-2425944, 91-8301508992 में नंबर संपर्क किया जा सकता है।विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी अधिवक्ताओं, वादीगणों और संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस समाधान समारोह में सक्रिय रूप से भाग लें। यह लंबित मामलों को बिना किसी कटुता के, आपसी समझौते के माध्यम से समाप्त करने का एक सुनहरा अवसर है।






















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