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- राजनांदगांव। एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना डोंगरगांव अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पदों पर पूर्ति के लिए https://aww.e-bharti/in पर ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित की गई है। इसके तहत आंगनबाड़ी केन्द्र भटगुना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 3 पद, आसरा में सहायिका के 6 पद एवं भोथली में सहायिका के 1 पद के लिए 20 मार्च 2026 तक तथा आंगनबाड़ी केन्द्र अरसीटोला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 2 पद के लिए 27 मार्च 2026 तक ऑनलाईन पोर्टल आवेदन आमंत्रित की गई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना डोंगरगांव से प्राप्त की जा सकती है।--
- दुर्ग। छत्तीसगढ़ विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 8वें दिन प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विपक्ष के सवालों का प्रभावी और तथ्यात्मक जवाब दिया। विधानसभा के पटल पर सदस्यों द्वारा शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों तथा जम्बूरी कैम्प से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जिनका मंत्री गजेन्द्र यादव ने विस्तारपूर्वक और स्पष्ट रूप से उत्तर दिया। मंत्री बनने के बाद पहली बार प्रश्नकाल में ही उन्होंने तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए विभागीय कार्यों की स्थिति स्पष्ट की। उनके जवाबों की प्रभावशीलता और स्पष्टता को देखते हुए विपक्ष के सदस्यों ने भी उनकी सराहना की।कांग्रेस से खरसिया विधायक उमेश पटेल ने सदन में पूछा की बालोद जिले के दूधली में हुए स्काउट गाइड के रोवर रेंजर जंबूरी कार्यक्रम में किस-किस कार्य के लिए कितना कितना खर्च किया गया ? सामग्री वार जानकारी मांगे। कौन से फर्म को कितने का टेंडर दिया गया ? क्या शर्त तय करने के लिए समिति बनी थी ? क्या चहेतों को लाभ दिलाने के लिए टेन्डर बदलने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है ?स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया की बालोद जिले में हुए स्काउट गाइड के रोवर-रेंजर जंबूरी कार्यक्रम में क्रीडांगन (एरीना निर्माण), शौचालय निर्माण, जल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था, आवास हेतु टेंट, कार्यक्रम हेतु डोम, बेरिकेट, भोजनालय एवं प्रिंटिंग आदि कार्य के लिये अद्यतन राशि रूपये 2,00,00,000.00 (अक्षरी दो करोड़ रूपये) मात्र का खर्च किया गया है। जानकारी संलग्न प्रपत्र अनुसार दिया। जम्बूरी कार्य के लिए मेसर्स अमर भारत किराया भण्डार रायपुर को राशि रूपये 5,18,88,860.00 (अक्षरी पाँच करोड़ अठ्ठारह लाख अठ्ठासी हजार आठ सौ साठ रूपये मात्र) का टेंडर दिया गया था। शर्त तय करने के लिए समिति का गठन किया गया था। इस कार्य हेतु किसी भी फर्म को लाभ दिलाने के लिए टेन्डर बदलने संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने सदन में सवाल किया की प्रदेश के कितने स्कूलों को वोकेशनल कोर्स की सामग्री खरीदी के लिये वर्ष 2024-25 से 31.01.2026 तक की अवधि तक में समग्र शिक्षा मिशन में कितनी कितनी राशि जारी की गई है, इसका उन्होंने जिलेवार ब्यौरा मांगे।स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने सदन में जवाब देते हुए बताया की प्रदेश में सत्र 2024-25 में स्कूलों को वोकेशनल कोर्स की सामग्री खरीदी के लिये कोई भी राशि जारी नहीं की गयी है। सत्र 2025-26 में 1285 स्कूलों को वोकेशनल कोर्स के लिये ऑफिस एक्स्पेंसेस/कोंटिजेंसी मद में प्रति विद्यालय 02-02 लाख आहरण सीमा जारी की गई थी। जिलेवार ब्योरा प्रस्तुत किये। क्रमशः दूसरे सवाल के जवाब में मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया की स्कूलों द्वारा भण्डार कय नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किए जाने की या बाजार मूल्य से अधिक राशि पर खरीदी करने की शिकायतें स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है। इसे दृष्टिगत रखते हुए राज्य स्तर पर 06 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। वर्तमान में जांच प्रक्रियाधीन है।--
- 0- नगर निगम स्वास्थ्य विभाग सलाहकार समिति की बैठक अध्यक्ष गायत्री सुनील चद्राकर ने ली0- नाले, नालियों की सफाई, स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी, नालो को अतिक्रमण मुक्त कर सफाई करने पर दिये निर्देशरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग विभागीय सलाहकार समिति की बैठक नगर निगम मुख्यालय मे स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चद्राकर ने विभाग की सचिव निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही सहित समिति सदस्य जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, श्री अम्बर अग्रवाल, पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, स्वच्छ भारत मिशन नोडल अधिकारी श्री योगेश कडु, सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियो की उपस्थिति में हुई।बैठक में गर्मी के दिनो मे हिट वेव के दौरान पीलिया और डायरिया जैसे जलजनित रोगो, गर्मी के तत्काल बाद बारिश की अवधि में मच्छरजनित रोगो डेंगू मलेरिया आदि की जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु कारगर रोकथाम करने ठोस उपाय किये जाने पर गहन चर्चा और विचार विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिये गये। नाले नालियो की पूर्ण सघन सफाई अभियान चलाकर समी वार्डो मे करने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष ने निर्देशित किया । इसके साथ ही नालो, नालियों को अतिक्रमण मुक्त करके गंदे पानी का निकास सुगम बनाकर सुव्यवस्थित सफाई बारिश के पूर्व अभियान चलाकर करवाने निर्देशित किया गया। नागरिको में स्वच्छता को लेकर सघन जनजागरण अभियान चलाकर रामकी कपनी के साथ मिलकर मेहनत की पराकाष्ठा कर रायपुर शहर को स्वच्छ रैंकिंग में बेहत्तर रैक दिलवाने सकल्प लेकर कार्य करने निर्देशित किया गया। वार्डो में पार्षदो से समन्वय रखकर सफाई व्यवस्था को जनअपेक्षित तरीके से सुधारने के चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिये गये। एंटी लार्वा और फॉगिंग अभियान व्यापक तरीके से प्रभावशाली ढंग से नागरिको के मध्य चलाने के निर्देश दिये गये।
- 0- अधीक्षण अभियंता श्री सजय बागडे को नगर निगम के प्रभारी मुख्य अभियंता का कार्यभार प्रदत्तरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने आदेश जारी कर प्रशासनिक व्यवस्था अंतर्गत अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू को नगरोत्थान योजना, योजना शाखा, नालदा परिसर योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल प्रदाय, अमृत मिशन, फिल्टर प्लांट, सामान्य प्रशासन विभाग, निर्वाचन एवं जनगणना कार्य प्रथम अपीलीय अधिकारी सूचना अधिकार, जाति प्रमाण पत्र शाखा आईएसबीटी, रायपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी के अपर आयुक्त का प्रभार सौपा है।प्रभारी अपर आयुक्त श्रीमती कृष्णा देवी खटिक को प्रधानमंत्री आवास योजना, जल प्रदाय, अमृत मिशन फिल्टर प्लाट के प्रमार से मुक्त कर दिया गया है। प्रभारी अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय को नगरोत्थान योजना, योजना शाखा नालदा परिसर योजना, प्रथम अपीलीय अधिकारी सूचना अधिकार आईएसबीटी रायपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी के प्रगार से मुक्त कर दिया गया है।आयुक्त ने नगर निगम अधीक्षण अभियता श्री सजय बागडे को नगर निगम रायपुर के प्रभारी मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थ कर 15 वें वित्त आयोग (तीनो घटक सहित) एवं अनटाईट फंड, आईटी (डाटा सेंटर), अमृत मिशन, जल एवं फिल्टर प्लांट, विद्युत विभाग, प्रधानमंत्री आवास, योजना शाखा, लोक निर्माण विभाग (अधोसरचना मद), सेन्ट्रल लाईब्रेरी, उद्यान एवं संस्कृति पर्यटन विभाग, एसबीएम, मोटर कर्मशाला, नगरोत्थान योजना, योजना शाखा, नालदा परिसर योजना, सी. डी.पी. सांसद एवं विधायक मद, डी.एमएफ मद, केन्द्र प्रवर्तित एवं राज्य प्रवर्तित योजना का कार्य सौपा दिया है। प्रभारी मुख्य अभियता श्री संजय बागडे समीक्षा बैठक की जानकारी, टी एल की विभिन्न बैठकों की जानकारी एकत्र कर व सकलित कर फोल्डर तैयार करायेगे और निदान 1100 जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मंत्री, सांसद, विधायक एवं अन्य विशिष्ट व्यक्तियों से प्राप्त शिकायत पत्रों पर कार्यवाही एवं निराकरण का कार्य करायेंगे। सबंधित विभाग के कार्यपालन अभियंता अपनी नस्तियों को संबंधित अधीक्षण अभियता के माध्यम से मुख्य अभियंता को प्रस्तुत करेगे।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज जोन-3 अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नवीन डामर रोड, बैकुंठधाम मैदान, उद्यानों और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निगम की संपत्तियों पर अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनसुविधाओं के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैकुण्ठधाम क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एक क्रिकेट कोच द्वारा निगम की स्वामित्व वाली जमीन पर अवैध कब्जा कर क्रिकेट कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा था। आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। जयंती उद्यान के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पाथवे, झरने और फव्वारों के आवश्यक संधारण के निर्देश दिए। साथ ही बाउंड्रीवाल तोड़कर अनाधिकृत प्रवेश करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही करने को कहा। शासकीय स्कूल के समीप कचरा डंपिंग स्थल का अवलोकन करते हुए आयुक्त ने पाया कि वहां कचरा एकत्रित होने से स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वार्ड का कचरा वहां जमा न रहे और प्रतिदिन कचरे का उठाव सुनिश्चित किया जाए।जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता के साथ उन्होंने क्षेत्र में निर्मित नवीन डामर सड़कों की गुणवत्ता भी परखी। निगम स्वामित्व के संपत्ति का बिना निगम के अनुमति निजी कार्यक्रमों में उपयोग पर प्रतिबंध लगाने हेतु निर्देशित किया गया है । इस तरह के कृत्य से आवागमन बाधित होने के साथ कचरा भी फैलता है, जिससे आसपास के लोगों को दिक्कत होती है और व्यवस्था खराब होती है । ऐसे टेंट संचालक और कार्यक्रम आयोजन कर्ताओं के खिलाफ आगामी समय में कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है। नियमानुसार शुल्क जमा कर नगर निगम के व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे, इस तरह से विधिवत कार्य करने से शहर की व्यवस्था में सुधार होगी । आवागमन बाधित नहीं होगी और दुर्घटनाओं से भी निजात मिलेगी । जागरूकता में कमी होने के कारण सफाई व्यवस्था में दिक्कत होती है, कार्यक्रम संचालित करने के पश्चात कहीं भी वेस्ट मटेरियल फेंक दिया जाता है, ऐसे लोग सावधान रहें इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी ।निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे एवं पार्षद प्रतिनिधि भोला साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।--
- 0- मच्छरजनित रोग शहर में कहीं भी फैलने ना पाए, इस हेतु सख्ती से मच्छर नियंत्रण अभियान चलाकर सतत मॉनिटरिंग करने कहा0- एंटी लार्वा ट्रीटमेंट सभी वार्डो में रोज सुबह अतिरिक्त टीमें लगाने, दिए निर्देशरायपुर. आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को राजधानी शहर रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों के अंतर्गत समस्त 70 वार्डों में रहवासियों को मच्छरों पर कारगर नियंत्रण पाने के सम्बन्ध में सख्त निर्देश दिए. महापौर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के सम्बंधित अधिकारीगण सख्त मॉनिटरिंग करते हुए यह हर हाल में सुनिश्चित करें कि मच्छरों के नियंत्रण हेतु रायपुर में सभी वार्डों में प्रभावी अभियान व्यापक रूप से धरातल पर चले. रायपुर के किसी भी वार्ड की किसी भी बस्ती, मोहल्ले, कॉलोनी में मच्छर जनित रोग कदापि नहीं फैलना चाहिए. स्वास्थ्य अधिकारी और सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण सभी वार्डों को शत - प्रतिशत कवरेज करके रामकी कम्पनी के सफाई वाहनों की प्रतिदिन वार्डों में कड़ी निगरानी करवाकर डोर टु डोर कचरा कलेक्शन शत - प्रतिशत क्षेत्र कवर करवाकर किया जाना सुनिश्चित करें, ताकि इसके सकारात्मक परिणाम स्वच्छ रैंकिंग बेहतर बनने के रूप में रायपुर शहर को प्राप्त हो सकें.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने महापौर कार्यालयीन कक्ष में नगर निगम वित्त विभाग अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही सहित सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में शहर की वर्तमान सफाई व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए रायपुर की सफाई व्यवस्था को राजधानी शहर के अनुरूप सुधारने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी वार्डों में सुबह लगभग 4 घण्टे तक किये जाने वाले एंटी लार्वा ट्रीटमेंट अभियान को अतिरिक्त बढ़ाकर छह घण्टे तक करने,व्यापक तौर पर कीटनाशक दवा अतिरिक्त टीमें लगाकर मच्छरों पर सभी वार्डों में कारगर नियंत्रण प्राप्त करने सख्त मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी नालों और नालियों की तले तक पूर्ण सघन सफाई अभियान चलाकर सभी 70 वार्डों में जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु करने निर्देशित किया है, ताकि नाली से गुजरने वाली पाईप लाईनों का सफाई पूर्ण व्यवस्थित होने पर पता लगाया जा सके और उन्हें तत्काल बाहर सुरक्षित शिफ्ट करवाने और पाईप लाईन लीकेज के प्राप्त होने वाले प्रकरणों पर शत - प्रतिशत तत्काल निराकरण की कार्यवाही की जा सकेमहापौर ने कहा कि नालियों की तले तक सफाई ना होने की स्थिति में नाली के भीतर से गुजर रही पुरानी पाईप लाइनों में संभावित लीकेज होने पर उसका पानी लोगों के घरों में आने की आशंका बनी रह सकती है, जो पूर्ण तले तक सभी नालियों और नालों की पूर्ण व्यवस्थित सफाई होने से निश्चय ही समाप्त हो सकेगी, यह कार्य जनहित में प्राथमिकता के साथ किया जाए.
- -नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : श्री रामविचार नेताम-“संकल्प” से ही हासिल करेंगे विकास की सिद्धि-मत्स्य बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अब देश में 5वें स्थान पर-नवा रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय के अध्ययन के लिए आ रहे देश-विदेश के विशेषज्ञ-बीजापुर में बनेगा 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालयरायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रूपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रूपए, मछली पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39,568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रूपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित व्यय के लिए 447 करोड़ 30 लाख रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रूपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए शामिल हैं।कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूलभाव खेती-किसानी से जुड़ा है। यह हमारी आत्मा में बसी हुई है। राज्य में 70-80 प्रतिशत लोगों की कृषि पर निर्भरता है। छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश भी है। राज्य में विश्व स्तरीय जनजातीय संग्रहालय बनाकर हमने इतिहास में जगह नहीं पाने वाले जनजातीय नायकों को स्थान दिया है। हमारे इस विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय के अध्ययन के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और अधिकारी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर अमन-चैन और खुशहाली के रास्ते की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हमने “संकल्प” की थीम पर तैयार किया है। इस “संकल्प” से ही हम राज्य के विकास की सिद्धि को हासिल करेंगे।श्री नेताम ने सदन में कहा कि कृषि उन्नति योजना के माध्यम से हम राज्य के किसानों का धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को हर साल 10 हजार रूपए की आदान राशि दे रहे हैं। इससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए गए कल्याणकारी फैसलों से खेती अब लाभ का व्यवसाय हो गया है। साथ ही खेती का रकबा बढ़ रहा है, किसान समृद्ध और किसान खुशहाल हो रहे हैं।आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में खाद्य पोषण सुरक्षा और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों एवं पड़ती भूमि में मसूर, तिवरा, चना जैसे दलहनी फसलों की खेती के लिए उन्नत बीज तैयार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक फसली जमीन को दो फसली बनाने के काम को अभियान के रूप लेना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देने हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहले भी हमारी सरकार ने गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया है, शेष जिलों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरसों, अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की जा रही है।श्री नेताम ने सदन में बताया कि किसानों के लिए हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने कम पानी में अधिक फसल लेने की तकनीकों की जानकारी भी दी जा रही है। किसानों को “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।श्री नेताम ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सभी काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध का उत्पादन बढ़ाने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में हरे चारे के विकास के लिए 7.50 करोड़, चिलिंग प्लांट के लिए 50 लाख, शूकर वितरण के लिए 5 करोड़ और बकरी वितरण के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य बीजों के उत्पादन में बेहतर काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ इसके उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर अब 6वें से 5वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि धमधा के राजपुर में मत्स्य कॉलेज के लिए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए इस बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।श्री नेताम ने अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि वनांचलों में बड़ी संख्या में आश्रम-छात्रावासों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। विगत दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनके निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की अति पिछड़ी जनजातियों को आत्मनिर्भर बनाने कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में बीजापुर में 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय बनाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से हमारी सरकार प्रदेश के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस योजना के तहत अनेक गांवों का कायाकल्प हुआ है।कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री पुन्नुलाल मोहले, व्यास कश्यप, मोतीलाल साहू, कवासी लखमा, धर्मजीत सिंह, जनक ध्रुव, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, धरमलाल कौशिक, रामकुमार यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, सुश्री लता उसेंडी, श्रीमती अंबिका मरकाम, श्रीमती भावना बोहरा और श्रीमती सावित्री मंडावी ने भाग लिया।
- -समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी-जीएसटी 2.0 से आम जनता को राहत, कर राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि-पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शीरायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें वित्त विभाग के लिए 9 हजार 630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 01 हजार 247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और समावेशी विकास के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देना है।आवास, पर्यावरण और नवा रायपुर के विकास पर सरकार का फोकसछत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आवास एवं पर्यावरण विभाग की मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव सुरक्षित और सम्मानजनक आवास पर टिकी होती है, इसलिए राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 442 करोड़ रुपये की 3219 संपत्तियां लंबे समय से अविक्रित थीं और मंडल पर शासकीय कॉलोनी निर्माण के लिए 735 करोड़ रुपये का ऋण था। राज्य शासन ने ऋण के एकमुश्त भुगतान के लिए बजट में व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है। इसके तहत अब तक 1410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपये में विक्रय किया जा चुका है। भविष्य की परियोजनाओं के लिए मंडल ने मांग आधारित निर्माण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत पर्याप्त बुकिंग मिलने के बाद ही नए आवासों का निर्माण शुरू किया जाएगा।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा बेहतर वित्तीय स्थिति में आने उपरांत प्रदेश भर में नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में 3069 करोड़ के 78 नवीन प्रोजेक्ट की लॉचिंग की गई है जिसके अंतर्गत 16782 नवीन प्रापर्टी निर्माण का लक्ष्य है। जल्द ही मंडल द्वारा शेष जिलों में भी नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जावेगा। मंडल के इस प्रयास को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बुकिंग प्रारंभ करने के लिए राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन नवम्बर 2025 में किया गया, जिस दौरान 305 करोड़ की 1477 संपत्ति की बुकिंग केवल तीन दिनों में प्राप्त हुई।पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि विगत दोे वर्ष में पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परिवहन के दौरान कच्चे माल, फ्लाई ऐश एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के उड़ने एवं गिरने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) जारी किया गया है, जिसमें फ्लाई ऐश के समुचित प्रकार से ढककर परिवहन किये जाने का प्रावधान है। उक्त एस.ओ.पी. 01 अगस्त 2024 से प्रभावशील है। एस.ओ.पी. के उल्लंघन की लगातार मानिटरिंग की जा रही है तथा उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाती है।उद्योगों द्वारा जनित फ्लाई ऐश के निष्पादन के मानिटरिंग हेतु जी.पी.एस. तथा जियोटैगिंग के साथ फ्लाई ऐश के परिवहन/भू-भराव की मानिटरिंग हेतु इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट एण्ड मानिटरिंग सिस्टम (आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस.) विकसित किया गया है। आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस. प्रारंभ होने के पश्चात् प्रदेश में कुल 1 लाख 44 हजार 291 ट्रीप की गई है।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राज्य में स्थापित होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण की रियल-टाईम निगरानी करना और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से CG Nigrani पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर कुल 124 उद्योगों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है। इन उद्योगों में IoT आधारित डिवाइस लगाये गये हैं, जो Continuous Emission Monitoring System (CEMS), Effluent Quality Monitoring Systems और Continuous Ambient Air Quality Monitoring System के माध्यम से डेटा एकत्रित करते हैं। यह सिस्टम 17 प्रकार के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों में स्थापित किया गया है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि CG Nigrani सिस्टम की मदद से उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण के स्तर की लगातार ऑनलाईन निगरानी प्रारंभ की गई है। यदि किसी उद्योग का उत्सर्जन निर्धारित अनुमेय सीमा (Permissible Limit) से अधिक हो जाता है तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है। इसके अलावा यदि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है तो इस सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य केवल आधुनिक विकास की दिशा में ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से सिरपुर क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में HNLU, IIIT, IIM, जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हो रहे हैं। हमने यह प्रयास किया कि नवा रायपुर को न केवल राज्य का बल्कि देश के शैक्षणिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये। यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि NIFT] NIELIT] NFSU जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना भी नवा रायपुर में होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और बहुत शीघ्र इसके कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। इस तरह के संस्थान आने से न केवल राज्य के छात्रों को लाभ मिलेगा बल्कि पूरे देश में नवा रायपुर शैक्षणिक केन्द्र के रूप में अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज करायेगा।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने संकल्प पत्र में राज्य राजधानी क्षेत्र स्थापित करने का उल्लेख किया था। यह हमारे लिये हर्ष और गर्व दोनों का विषय है कि हमने राज्य राजधानी क्षेत्र अधिनियम बनाकर इस सदन के माध्यम से उसे पारित कराया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ राज्य राजधानी क्षेत्र का गठन भी हो चुका है। जिसका आज विधानसभा में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पहली बैठक हुई है।वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी) विभागछत्तीसगढ़ विधानसभा में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से जीएसटी 2.0 लागू कर, कर की दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी राजस्व संग्रह के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 1 अप्रैल 2025 से पेट्रोल पर 1 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। वहीं राज्य में आंतरिक ई-वे बिल की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे लगभग 26 प्रतिशत व्यापारियों को लाभ होगा और अनुपालन लागत में करीब 54 प्रतिशत की कमी आएगी।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि करदाताओं की सुविधा के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 6 नए क्षेत्रीय कार्यालय और 3 नई सर्किल शाखाएं शामिल हैं। इसके अलावा व्यापारियों को जीएसटी संबंधी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय जीएसटी कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है।मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि जीएसटी के आठ वर्ष पूरे होने पर सरकार ने जीएसटी 2.0 के रूप में व्यापक कर सुधार लागू किए हैं, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है। खाने-पीने की वस्तुओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है, कपड़ों पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है और सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे 1000 वर्गफुट का घर बनाने पर लगभग 1.5 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके अलावा मोटरसाइकिल, कार, फ्रिज, टीवी और एसी जैसे उपभोक्ता उत्पादों पर भी जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। इससे मोटरसाइकिल पर 8 से 12 हजार रुपये, छोटी कार पर 60 हजार से 1 लाख रुपये और टीवी-एसी पर 3 हजार से 25 हजार रुपये तक की बचत संभव हुई है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे टूथपेस्ट, साबुन, साइकिल, रसोई गैस, डिटरजेंट और बर्तनों पर टैक्स घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे एक मध्यमवर्गीय परिवार को सालाना 25 से 40 हजार रुपये तक की बचत हो रही है। कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए भी राहत दी गई है। ट्रैक्टर पर करीब 1.20 लाख रुपये और हार्वेस्टर पर लगभग 1.90 लाख रुपये की राहत दी गई है, वहीं कृषि उपकरण, खाद और बीजों पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी 2.0 का उद्देश्य केवल कर व्यवस्था को सरल बनाना नहीं है, बल्कि आम जनता के खर्च को कम करना, किसानों और कारीगरों को सशक्त बनाना और छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को नई गति देना है।पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शी: वित्त मंत्री ओपी चौधरीछत्तीसगढ़ विधानसभा में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि पंजीयन विभाग राज्य का तीसरा सबसे बड़ा राजस्व अर्जक विभाग है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यह विभाग जटिल प्रक्रियाओं, पुरानी व्यवस्थाओं और तकनीकी पिछड़ेपन से प्रभावित रहा, जिसके कारण आम नागरिकों को रजिस्ट्री कराने के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे और बिचौलियों की भूमिका बढ़ जाती थी। कई स्थानों पर रजिस्ट्री कार्यालयों में नागरिकों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधा के लिए रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे जिलों में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही वीजा सेंटर की तर्ज पर 10 स्मार्ट रजिस्ट्री ऑफिस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें नवा रायपुर, तिल्दा और रायगढ़ में कार्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। आम जनता को राहत देने के लिए पारिवारिक दान पत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारा नामे में पंजीयन शुल्क घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है। साथ ही गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर सौदा होने की स्थिति में अतिरिक्त पंजीयन शुल्क समाप्त किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी और पारदर्शिता, प्रौद्योगिकी तथा जनसुविधा के माध्यम से छत्तीसगढ़ को सुशासन का आदर्श राज्य बनाने का लक्ष्य है।वित्त विभागछत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में वित्त विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए “छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड” का गठन किया गया है। इस फंड में वर्तमान में 50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है तथा आगामी वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में संचित शोधन निधि का आकार 8 हजार 875 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो कुल अवशेष ऋणों का लगभग 7 प्रतिशत है। इसी तरह राज्य सरकार की गारंटी वाले ऋणों की देनदारियों के प्रबंधन के लिए गारंटी मोचन निधि में अब तक 1 हजार 32 करोड़ रुपये निवेशित किए गए हैं तथा बजट में 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग के बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के लिए प्रावधान किया गया है। इसमें पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और एनपीएस में नियोक्ता अंशदान शामिल हैं।वित्त मंत्री ने बताया कि भविष्य के पेंशन दायित्वों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम 2025 लागू कर पेंशन फंड की स्थापना की है। वर्तमान में इस निधि में 1 हजार 121 करोड़ रुपये निवेशित हैं और आगामी वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सकारात्मक सोच के साथ हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है।
- -महा जन सुनवाई में दुर्ग संभाग के सभी जिलों से महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, संरक्षण अधिकारी, सखी केन्द्र प्रशासिका, विधिक प्राधिकरण एवं पुलिस प्रशासन का रहा सहयोग-आयोग की समझाईश पर अनावेदक 12 लाख रूपये बैंक कर्ज पटाने हुआ तैयार-अनावेदक शिक्षक ने अपनी पत्नी शिक्षिका से आयोग सुनवाई के दौरान सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि उन्हें दोबारा छेड़छाड़ या परेशान नहीं करेंगेदुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सदस्य श्रीमती दीपिका सोरी, सदस्य सरला कोसरिया द्वारा राज्य की महिलाओं को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक वृहद और संवेदनशील निर्णय लिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोग द्वारा आगामी 11 मार्च 2026 को दुर्ग संभाग के लिए महाजन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन प्रेरणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर पांच बिल्डिंग महिला एवं बाल विकास कार्यालय जिला-दुर्ग (छ.ग.) में किया जा रहा है। आज दुर्ग संभाग में 01 महाजन-सुनवाई व प्रदेश स्तर पर 384 वी एवं जिला स्तर पर 15 वी सुनवाई हुई। जिसमे दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले जिले दुर्ग/बालोद/बेमेतरा/कबीरधाम/मोहला-मानपुर-अंचौकी/खैरागढ़-छुईखदान-गंडई/राजनांदगांव (छ.ग.) के कुल 113 प्रकरणों की एक साथ सुनवाई की गई।इस महा जन-सुनवाई में दुर्ग संभाग के जिला दुर्ग प्रस्तुत 62 प्रकरण में से 30 नस्तीबद्ध, जिला बालोद के 04 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध, जिला बेमेतरा के 17 प्रकरण में से 04 नस्तीबद्ध, जिला कबीरधाम 04 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध, जिला राजनांदगांव 14 प्रकरण में से 04 नस्तीबद्ध एवं जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ चौकी 07 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध तथा जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई 05 प्रकरण में से 0 नस्तीबध्द किया गया। कुल 113 प्रकरण में से 41 प्रकरण नस्तीबद्ध किये गये। दोनो पक्षों के कुल 155 पक्षकारों ने पंजीयन कराया था बाकी पक्षकार अनुपस्थित रहें, जिसमें आगामी निराकरण हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया जायेगा।सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका उपस्थित रहीं। अनावेदकगण अनुपस्थित रहें। पिछली सुनवाई में आवेदिकागण ने बताया था कि कुछ देवार जाति की महिलाएं नकली किनर बनकर दुर्ग जिला में आंतक मचा रही है जो भटगांव में रहती है। भटगांव के अटल आवास बाम्बे आवास में रहती है जिसे आवेदिकागण पहचानती है, और उनको पहचान चिन्हांकित, शनाख्ती करने के लिए तैयार है। इन सभी नकली किनर का मेडिकल परीक्षण कराकर उनके खिलाफ कडी प्रतिबांधत्मक कार्यवाही करें। और सभी का फोटो समाचार पत्रो में प्रकाशित करे ताकि आम जनता को नकली किनर बनकर लूटपाट बंद करें। इस हेतु महिला थाना प्रभारी नीता राजपूत आवेदिकागण के साथ मिलकर काम करेगी। महिला थाना इंजार्ज नीता राजपूत व उनके साथ रक्षा टीम जोड़कर कार्यवाही करने का आदेश एस.पी. दुर्ग जारी करे। आर्डर शीट की छायाप्रति महिला थाना प्रभारी को निःशुल्क दिया जाता है। ताकि वह एक माह के अंदर जांच कर नकली किनर के खिलाफ कडी कार्यवाही करें अपनी रिपार्ट आयोग को प्रस्तुत करें ताकि प्रकरण नस्ती बध्द किया जा सके। इस हेतु एस.पी. दुर्ग मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करें। एसीपी उन्हें उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें।आवेदिका एवं अनावेदकगण उपस्थित। आगामी सुनवाई में थाना बेमेतरा में पत्र भेजा जाए। आगामी सुनवाई 6 अपै्रल को है। माननीय उच्च न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। आनावेदक शादी में दिए गए सभी समान को देने को तैयार है। इस हेतु बेमेतरा के संरक्षण अधिकारी का नियुक्त किया जाता है दो दिन के अंदर समान दिलाकर उनका पंचनामा बनाकर व विडियों ग्राफी बनाकर रिपोर्ट आयोग प्रेषित करें। महिला आरक्षक का भी सहयोग ले सकती है। ऑर्डर शीट की कापी निशुल्क प्रदाय की जायेगी। अनोवदकगण के व्दारा लगातार आवेदिका को दबाव डालकर हस्ताक्षर कराकर उस पत्र का दुर्पयोग आवेदिका के खिलाफ किया जा रहा है। और उसके नाबालिक बच्चे का छीनकर अनावेदगण ने रखा है। आवेदिका के मूल आवेदन की प्रति भी संरक्षण अधिकारी को दिया जाता है। जिसके आधार पर व आवेदिका का दहेज का समान वापस कराए अन्यथा प्रेषित करें। जिसके पश्चात आवेदिका के लिए आयोग की ओर से अनुशंसा पत्र दिया जाऐगा। आवेदिका समस्त अनावेदक के खिलाफ शारीरिक मानसिक प्रताड़ना का प्रकरण थाना बेमेतरा में एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है। इस प्रकरण को संरक्षण अधिकारी को दिया जाता है।एक और प्रकरण में उभय पक्ष उपस्थित अना. क्र. 1 उप. शासकीय उ.मा.वि. तारम्मटोला, अंम्बागढ चौकी में शिक्षक वर्ग-2 में पदस्थ है, जिसकी मासिक वेतन 60000 रू. है। शेष अनावेदकगण 2 से 5 समाज के पदाधिकारी है। आवेदिका ने बताया है कि आवेदिका एवं अनावेदक के दो बच्चे है, जिसे मिलने को अनावेदक नही देतो है। अनावेदक दूसरी विवाह करने की तैयारी कर रहा है, शादी का कार्ड भी छपा रखा है। इस आधार पर अना.क्र. 1 की सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जाती है। अना.क्र. 1 व उनके पिता ने आवेदिका के नाम पर ग्राम मुरेठी टोला में 10 डिसमील जमीन खरीदा था जिसकी वैधानिक उत्तराधिकारी केवल आवेदिका है उसे छीने का प्रयास अना. क्र. 1 व्दारा किया जा रहा है। तथा उसी घर पर घरेलू समान स्कूटी सहित अना.क्र. 1 ने अन्य अनावेदगण के साथ मिलकर ताला लगाकर आपने पास रखा है। आयेाग के व्दारा समझाईश देने पर इस बात पर सहमत है कि आवेदिका के नाम पर पुरा समान व स्कूटी को आवेदिका को सुपर्द करेंगे। मोहला मानपुर की संरक्षरण अधिकारी करेगी और अपना रिपार्ट आयोग में प्रेषित करेंगी। आवेदिका व अना. क्र 1 के आपसी राजीनामा से तलाक का प्ररकण न्यायालय मंे लगाया जायेगा और दो नाबालिक बच्चे है जिसे महीने में 02 बार मिल सकती है। जिस पर अना.क्र. 1 सहमत है इसका विस्तृत इकारनामा संरक्षण अधिकारी व्दारा बनाया जाऐगा इसका जो भी खर्च होगा जिसका खर्च दोनो पक्ष वहन करेंगे। आज की ऑर्डर शीट की छायाप्रति निशुल्क दिया जा रहा है। आपसी समझौता करने को तैयार नही होते है तो आयोग व्दारा सेवा समाप्ति हेतु अनुशंसा किया जायेगा।उभय पक्ष उपस्थित दोनो आपसी तलाक लेने के लिए तैयार है। आवेदिका का सोने की अंगूठी गुम जाने के कारण सोने की अंगूठी एवं 16000/- रू. अनावेदक व्दारा दिया जायेगा। इस प्रक्रिया में आपसी राजीनामा से तलाक बेमेतरा की संरक्षण अधिकारी उभय पक्ष का सहयोग करेंगी और इकारानामा तैयार करावेगी और तलाक का प्रकरण तैयार करवायेगी और अपना रिपोर्ट आयोग का प्रस्तुत करेंगी। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। संरक्षण अधिकारी को आज की ऑर्डर शीट की प्रति निःशुल्क दिया जाता है।अना. परमेश्वर उपस्थित। आवेदिका उपस्थित। शेष अनावेदकगण को थाने के माध्यम से नोटिस तामिल करावाकर प्रकरण रायपुर में 6 अपै्रल को रखा गया है। उभय पक्ष उपस्थित आवेदिका व अना. क्र. 1 आपस में मां बेटी है आवेदिका के पिता के जमीन का मुआवजा 1 करोड 80 हजार की पहली किश्त मिले है जिसमें आवेदिका 1/4 की हिस्सेदार है। अनावेदकगण व्दारा हिस्सा नही देना चाहते है ऐसी स्थिति में कलेक्टर दुर्ग को एक विस्तृत पत्र प्रेेेषित किया जायेगा जिसमें भूमि की शेष राशि का रोक लगाया जायेगा । अनावेदक क्र. 1 का खाता बैक ऑफ बडोदा में है। बैंक का ट्राजेक्शन रोकने के लिए मैनेजर को पत्र लिखकर रोक लगाई जाए। प्रकरण आगामी सुनवाई 6 अपै्रल को रायपुर में।अनावेदक प्राचार्य ने स्कूल छोड दिया है जिसके स्थान पर राजेश वर्मा उपस्थित। उन्होंने के सीएसबी रिजनल ऑफिस के अंतर्गत आता है। आवेदिका को समझाईश दिया गया कि इन सभी जगह पर आवेदिका तीनो स्थानों पर लिखित शिकायत करे और तीनों को पार्टी बनाते हुए आवेदन प्रस्तुत करेंगी। उभय पक्ष उपस्थित। अनावेदक क्र. 1 व 2 का अवैध संबंध में जिसका प्रमाण आवेदिका के पास है। अनावेदक क्र. 1 ने स्वीकार किया कि 52 हजार रूपये कमताा है। 30 लाख का कार व कॉम्लेक्स है तथा एक स्कूटी और बाईक है। आयेाग के समक्ष 5000 रूपये भरण पोषण देने को स्वीकार करता है। आवेदिका को दोनो अना.गण के विरूध्द अपराध दर्ज कराना चाहती है। लेकिन इसके पूर्व अना. क्र. 2 को उपस्थित होनेा अति आवश्यक है, जिसके लिए थाना भिलाई-3 को पत्र लिखा जाऐगा।एक प्रकरण न्यायालय में प्रचलित होने के कारण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित। प्रधानमंत्री आवास से संबंधित शिकायत पर यह ममाला यहां पर पहुंचा है कि दोनो पक्षों को अपना दस्तावेज फोटो ग्राफ्स साथ लेकर आयोग में दिनांक 6.4.2026 को उपस्थित होना है। उभय पक्ष उपस्थित दोनो पति पत्नि है। दोनो 2 वर्ष से अलग-अलग रह रहे है। अनावेदक प्रधान आरक्षक 597 है, जो गुंडरदेही थाना में पदस्थ है। जिसका मासिक वेतन 55000/- रू. है। 02 वर्षाे से अपने बच्चों को कोई भरण पोषण नही दिया है। इस पूरे मामले में बालोद की संरक्षण अधिकारी को नियुक्त किया जाता हैं वह पहले अगल अलग दोनो पक्षों की कांउसलिंग करेंगे और उनकी 5 शर्ताे लिखलाए । उभय पक्ष का पुत्र मयंक भी उपस्थित रहेंगा। दोनो पक्ष की सहमति बनने पर उनका विस्तृत इकारार नामा बालोद में शपथ पत्र तैयार कर महिला आयेाग रायपुर में 6 अपै्रल 2026 को बालोद की संरक्षण अधिकारी लेकर उपस्थित होंगी। आज की ऑर्डर शीट की छायाप्रति संरक्षण अधिकारी को दी गई।एक प्रकरण में ’’समय बढ़ाने की अनुशंसा की जाती है। 03 साल की अनुशंसा बढ़ाई जाती है। आवेदिका अपने 02 बच्चों के साथ, बी एड की परीक्षा उत्तीर्ण है। सहानुभुति पूर्वक इनके प्रकरण में उसे टीईटी अनिवार्यता की स्थील करते हुए अनुकंपा नियुक्ति की अनुशंसा करती है, टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण किये जाने हेतु 03 वर्ष का समय दिये जाने की आयोग अनुशंसा करती है ताकि आवेदिका अपने 02 बच्चों के पालन पोषण के लिए अपने अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार का लाभ ले सके।’’ आज के आर्डर शीट की कॉपी उभय पक्ष को दिया जाता है। आवेदिका को उनका पूरा समान अनावेदक के व्दारा दिया जा चुका है। दोनो के सहमति से तलाक का प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय में लगाने के लिए तैयार है इसलिए प्रकरण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित। दोनो के 02 वर्ष के बच्चें है। बच्ची की हित में उभय पक्ष ने यह तय किया है दिनांक 16.03.2026 को अनावेदकगण आयोग कार्यालय रायपुर में आयेगें और वहां आवेदिका व बच्चे को अनावेदक अपने साथ लेकर जाऐगा। आवेदिका के खाना बनाना अनावेदकगण को पंसंद नहीं है होने के कारण आवेदिका की सास व्दारा खाना बनाएगी और आवेदिका अपने व बच्चें के लिए अपनी पंसद की खाना बनाऐगी। आवेदिका को प्रतिमाह 10000/- रूपये अनावेदक व्दारा दिया जाऐगा। इस प्रकरण की निगराणी मंजु हिरवानी के व्दारा किया जाऐगा।एक प्रकरण में आयोग में उपस्थित अनावेदक एक माह के अंदर आवेदिका के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करने को तैयार है 06 अप्रैल को रजिस्ट्री के लिए रायपुर उपस्थित होगी। उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका अपनी बहु अना. क्र 1 को तीन वर्ष बच्चे के साथ रहकर हर माह 8 हजार देने को तैयार है परन्तु आनवेदिका अपने पति के साथ और आवेदिका सास के साथ रहने के लिए तैयार नही है और तलाक लेना चाहती है। इसके लिए अनावेदक न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत कर सकती है लेकिन आवेदिका के पोते से मिलने के लिए नही रोक सकती है। आवेदिका अपने पुत्र के साथ मिलकर हर माह 02 बार अपने पोते से मिल सकती है। अगर अनावेदकगण व्दारा मिलने से मना करेगे तो आवेदिका न्यायालय में प्रकरण लगा सकती है। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका ने अपना विस्तृत आवेदन दिया है और आज आयोग के समक्ष एक दस्तावेज प्रस्तुत किया है जिसमें इन अनावेदकगणों का हस्ताक्षर है इस आवेदिका को खिलाफ दिया गया शिकायत पत्र दिनंाक 17.9.2025 के मध्यम भाग में अंडरलाईन मार्किक में लिखा है कि महिला का चरित्र ठीक नही होने के कारण पूरा मोहल्ला आक्रोशित है। इस लाईन का लिखा जाना ही उपरोक्त लाईन को अपने शिकायत पत्र में लिखा गया है उसे अनावेदगकण व्दारा स्वीकार किया गया है। जिस पर इन सभी अनावेदकगणों के खिलाफ दीवानी व अपराधिक मामाला पंजीबध्द किया जा सकता है। क्योंकि सभी निर्वाचित सदस्यों है, इस स्तर पर अनावेदकगणों ने आयोग के समक्ष आवेदिका से माफी मांगी गया कि आवेदिका के चरित्र के खिलाफ लगाया था उसके लिए अनावेदकगण ने माफी मांगा।एक प्रकरण में आंगनबाडी के बाजू मंे आवेदिका ने मकान बनाया थां। जिसमें किसी भी अनावेदकगण ने मना नहीं किया था। अनावेदकगण आज भी इस बात को स्वीकर कर रहे है कि आवेदिका को प्रधानमंत्री आवास के लिए राशि प्राप्त हुआ है। अनावेदकगणों ने आं.बा. की दीवार से चिपककर बनाया गया है उसका शिकायत किया था। जिसके कारण प्रशासन के व्दारा मकान तोडा गया था। इससे स्पष्ट है कि अनावेदकगण ने मिलकर षडयंत्र रचकर आवेदिका के मकान तोडवाया है। और शासन के लगभग 2 लाख राशि आवेदिका व उनकी बहन को मिला था जो अनावेदकगणों के कारण नष्ट हो गया है, जिसके लिए सभी अनावेदकगणों दोषी है। आवेदिका सभी के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है । स्तर पर अनावेदकगण व्दारा आवेदिका के मकान निमार्ण करवाने में सहयोग राशि देंगे यदि राशि 15 दिन के अंदर नही देते व अनावेदकगण सहमति नामा देकर नहीं कार्यवाही करते है तो आवेदिका को यह अधिकार को कि अनावेदकगण के खिलाफ जिला कबीर धाम के थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करवा सकती है। आवेदिका गण उपस्थित। अनावेदक ने लिपिक के माध्यम से पत्र भेजा गया है कि वह रायपुर गया हुआ है। आवेदिका ने कहा कि अनावेदक रायपुर नहीं गया है वह दुर्ग जेडी कार्यालय में उपस्थित है। आनावेदक के उपस्थिति हेतु एस.पी. दुर्ग को एक पत्र भेजा जाऐगा जिसमें एक पुलिस कर्मचारी के साथ अनावेदक को आगामी सुनवाई तिथि में उपस्थिति हो । थाना प्रभारी जामुल अनावेदक को सुनवाई तिथि में उपस्थिति नही होते तो थाना प्रभारी को शोकास पत्र जारी किया जायेगा। उभय पक्ष उपस्थित। वर्तमान में अनावेदक रिटार्यट हो चुके है उनका घर का पता अभिलेख में दर्ज किया गया। आवेकिदा पक्ष की शिकायत गाली गलौच अभद्र व्यवहार का है क्योंकि इस माामलें में आंतरिक समिति की जांच नही हो सकती। आवेदिका को अधिकार है कि अनावेदक के खिलाफ थाना पुलगांव मंे जाकर अभद्र व्यवहार, गाली गलौच का एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है। उभय पक्ष उपस्थित अनावेदक ने बताया कि उसने जमीन के बटवारे के न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया है। आयोग के निर्णय के पश्चात आवेदिका को जो पास बुक मिली थी उसे 500000 रू. मिल चुका है। प्रकरण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित इस प्रकरण में महिला थाना प्रभारी उभय पक्ष का कांउसलिंग किया है और आवेदिका को समझाईश दिया गया है आवेदिका के बच्चों व उनके परिवार का छेडछाड करता है तो आवेदिका थाने में प्रकरण दर्ज करा करा सकती है। आवेदिका उपस्थित। अनावेदिका लगातार अनुपस्थित के कारण प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। उभय पक्ष उपस्थित। एक वर्श से पूर्व इस प्रकारण को विस्तार से सुना गया था लेकिन आनावेदक अपीनी चाल बाजी से बाज नही आ रहा है। अनावेदक को अनुमानित 1 करोड रूपये मिलने वाला है। अनावेदक अपने पत्नी को 10000 रू. मासिक देता है जिससे स्पष्ट होता है कि अनावेदक अपनी पत्नि को भरण पोषण देने की नियत नही रखता है।
- दुर्ग /दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जल महोत्सव 2026 में दुर्ग जिले के ग्राम चिरपोटी की सरपंच पूजा चंद्राकर को गांव में नल-जल प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। सरपंच पूजा चंद्राकर ने अपने गांव में हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ जल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रभावी रूप से जलकर लागू करते हुए गांव के लोगों को जल संरक्षण और जल प्रबंधन के प्रति जागरूक किया। उनके प्रयासों से गांव में जल जीवन मिशन का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। सरपंच द्वारा लगातार ग्रामीणों को इस योजना के महत्व के बारे में समझाया गया, जिससे गांव के सभी परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हो सका।
- -शिकायत या जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर करें संपर्कदुर्ग /जिले में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों, डिस्ट्रीब्यूटरों और गैस एजेंसियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।बैठक में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और इसकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी एलपीजी वितरक के पास गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।कलेक्टर ने बताया कि उज्ज्वला योजना के कनेक्शन को मिलाकर जिले में लगभग 4 लाख गैस कनेक्शन हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 9750 गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों को एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी न होने दी जाए।ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि वर्तमान में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर केवल विशेष अत्यावश्यक संस्थानों जैसे अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही सप्लाई किए जा रहे हैं। बैठक में जिले में डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिन उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, वे संबंधित गैस एजेंसी में जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें, ताकि भविष्य में परेशानी न हो। इस प्रक्रिया में फेस स्कैन और अंगूठे का सत्यापन किया जाएगा, जिसमें केवल एक मिनट का समय लगता है। जिला प्रशासन एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराने या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जिले में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। त्यौहार के बाद बुकिंग की संख्या बढ़ने के कारण कुछ स्थानों पर प्रतीक्षा हो सकती है, लेकिन आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।कलेक्टर अभिजीत सिंह ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। गैस सिलेंडरों की आपूर्ति गैस एजेंसियों के माध्यम से नियमानुसार नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग सिंह भदौरिया एवं आयल कंपनी के अधिकारी सहित खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए विधानसभा क्षेत्र पाटन एवं विधानसभा क्षेत्र दुर्ग शहर अंतर्गत दो विकास कार्य के लिए 29 लाख 99 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन हेतु निर्धारित क्रियान्वयन एजेंसी क्रमशः मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत पाटन तथा कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दुर्ग द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड पाटन अंतर्गत वार्ड क्र. 07 में विप्र भवन के पास सामुदायिक भवन के प्रथम तल में भवन निर्माण कार्य के लिए 20 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसी तरह विख दुर्ग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा यादव छात्रावास के पास स्थित सामुदायिक भवन में रसोई कक्ष एवं शौचालय निर्माण हेतु 09 लाख 99 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -कातुलबोड़ और उरला में अतिक्रमण साफ, राहगीरों को मिली राहतदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर कलेक्टर जनदर्शन में मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आज शहर के विभिन्न क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया गया। जिसके अंतर्गत वार्ड क्रमांक 60 कातुलबोड़ क्षेत्र में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। जनदर्शन में प्रस्तुत आवेदन में बताया गया था कि पुष्पक नगर मार्ग में फल-सब्जी के ठेले एवं अस्थायी दुकानों द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया था और आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने नगर पालिक निगम दुर्ग के संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश प्राप्त होते ही नगर निगम की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे लगाए गए ठेले एवं अन्य अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया गया, जिससे मार्ग को पुनः व्यवस्थित किया गया और आवागमन सुचारू हुआ। इसी प्रकार जनदर्शन में उरला क्षेत्र से प्राप्त एक अन्य शिकायत में शासकीय सार्वजनिक मार्ग पर अवैध निर्माण कर प्लेटफॉर्म एवं सीढ़ी बनाए जाने की जानकारी दी गई थी, जिसके कारण मार्ग प्रभावित हो रहा था। इस प्रकरण में भी कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि एवं सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतों पर तत्परता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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उपमुख्यमंत्री अरूण साव, महापौर मीनल चौबे ने 75 महिलाओं को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से रवाना किया
रायपुर - आज रायपुर रेल्वे स्टेशन मुख्य प्लेटफार्म नंबर 1 में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित दिनांक 13 मार्च 2026 को भारत मंडपम नई दिल्ली में भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में सम्मिलित होने छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न नगरीय निकायो की स्वसहायता समूहो की 75 महिलाओ को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बुके देकर स्वसहायता समूहो की 75 महिलाओ को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की विशेष बोगी से नई दिल्ली के लिए अमृत मित्र महोत्सव आयोजन में सम्मिलित होने रवाना किया। इस अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप, छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत रायस्त सहित छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरी, नगर पालिक निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त अमृत मित्र योजना श्री जसदेव सिंह बाबरा सहित छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण एवं नगर पालिक निगम रायपुर के अन्य संबंधित अधिकारियों, रेल्वे अधिकारियों, रेल्वे पुलिस अधिकारियों की रायपुर रेल्वे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 1 पर उपस्थिति रही।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिये यह गौरव का विषय है कि, अमृत मित्र महोत्सव में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों से 75 स्व-सहायता समूहों के महिलाओं द्वारा भाग लिया जा रहा है। इनमें रायपुर नगर पालिक निगम से 15 महिलाएं, बिलासपुर नगर पालिक निगम से 15 महिलाएं, लोरमी नगर पालिका से 15 महिलाएं, मुंगेली नगर पालिका से 15 महिलाएं, रतनपुर नगर पालिका से 7 महिलाएं एवं कोटा नगर पंचायत से 8 महिलाएं भाग लेंगी। आज समस्त महिलाएं नई दिल्ली के लिये रवाना हो रही है। दिनांक 13 मार्च 2026 को कार्यक्रम समाप्त होने के पश्चात महिलाओं को दिल्ली भ्रमण कराया जाना भी प्रस्तावित है। महिलाओं के लिये समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की गयी है।उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बताया कि अमृत मित्र महोत्सव में देश के सभी प्रदेशों से कुल 1000 स्व-सहायता समूह की महिलाएं भाग लेंगी। उक्त कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरी सेवाओं में सामुदायिक भागीदारी को सशक्त बनाना, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को राष्ट्रीय मंच देना, महिलाओं का सम्मान करना, राज्यों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का प्रस्तुतिकरण करना है।उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने समस्त 75 महिलाओ को शुभ यात्रा हेतु हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा वूमन फॉर ट्री अमृत मित्र योजना प्रारंभ की गयी है। जिसके अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा वृक्षारोपण का कार्य किया गया है एवं 1 वर्ष तक रोपित पौधों के संचालन एवं संधारण का कार्य किया जा रहा है, जिस हेतु प्रति माह प्रति महिला को 8 हजार रूपये मानदेय प्रदान किया जा रहा है। वूमन फॉर ट्री योजनांतर्गत कुल 444 परियोजनाएं राशि रु. 27.48 करोड़ की स्वीकृत की गयी है। योजनांतर्गत 1701 महिलाओं द्वारा कुल 1 लाख 61 हजार पौधे रोपित किये गये हैं। - रायपुर - आज रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार रायपुर नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता द्वारा रायपुर नगर निगम जोन क्रमांक 4 के क्षेत्र के अंतर्गत छत्तीसगढ़ कॉलेज, संत कँवरराम स्कूल, हिन्दू हाई स्कूल आदि भिन्न शिक्षण संस्थाओं के आसपास संचालित पान दुकानों का औचक निरीक्षण कर सम्बंधित पान दुकान संचालकों के पास से दुकान में विक्रय हेतु रखे गए गुटखा, तम्बाकू, सिगरेट, पान मसाला आदि नशे से सम्बंधित वस्तुओं के अनेक पाउच पैकेटस को स्थल पर तत्काल जप्त करने की कार्यवाही शासन के कोटपा एक्ट के प्रावधान अनुसार नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम और निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता की टीम द्वारा मिलकर की गयी और कोटपा एक्ट प्रावधान के अनुसार सम्बंधित पान दुकान संचालकों को भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की चेतावनी नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह और सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, श्री गुलाबचंद कर्ष एवं अन्य सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में दी गयी.दोबारा स्कूलों के आसपास नशे की वस्तुओं को विक्रय किये जाने पर शासन के कोटपा एक्ट के प्रावधान अनुसार नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने की स्पष्ट चेतावनी स्कूलों के आसपास लगाए जा रहे समस्त पान ठेलों के सम्बंधित संचालकों को दी गयी है.
- -प्रेस क्लब के लीगल सेल का गठन-तीन सदस्यीय लीगल टीम देगी विधिक सहायतारायपुर। पत्रकार हित में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायपुर प्रेस क्लब ने पत्रकार साथियों पर होने वाली यातायात चालान की असंगत एवं अन्यायपूर्ण कार्रवाई के मामलों में कानूनी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रेस क्लब लीगल सेल का गठन किया है।इस संबंध में रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता नाथू राम मानिकपुरी, भगवानू नायक , राम प्रसाद जायसवाल को लीगल सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रेस क्लब द्वारा उन्हें औपचारिक पत्र प्रदान कर इस दायित्व से अवगत कराया गया।अब पत्रकार साथियों के यातायात चालान से जुड़े मामलों को लोक अदालत सहित अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से निराकरण कराने का कार्य अधिवक्ता नाथू राम मानिकपुर,भगवानू नायक और उनकी टीम द्वारा किया जाएगा।इसके अलावा प्रेस क्लब के सदस्यों से जुड़े आपराधिक मामलों की लीगल एडवाइस देने के लिए भी नाथूराम मानिकपुर और उनकी टीम उपलब्ध रहेगी, इस संबंध में प्रेस क्लब के माध्यम से सदस्य संपर्क कर सकेंगेरायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि प्रेस क्लब की कोशिश है कि पत्रकार साथियों पर यातायात चालान के मामलों में यदि कहीं असंगत या अन्यायपूर्ण कार्रवाई हुई है तो उसे वैधानिक प्रक्रिया के तहत समझौता कराते हुए पत्रकारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जाए। उन्होंने बताया कि यह लीगल सेल वर्ष 2025 के बाद से हुए यातायात चालानों से जुड़े मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सहयोग प्रदान करेगी।प्रेस क्लब ने अपने सदस्यों से अनुरोध किया है कि जिन पत्रकार साथियों के यातायात चालान हुए हैं, वे इसकी सूचना प्रेस क्लब कार्यालय में दें तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि लीगल सेल के माध्यम से आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा सके।साथ ही रायपुर प्रेस क्लब ने सभी पत्रकार साथियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित व जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।रायपुर प्रेस क्लब द्वारा लीगल सेल के गठन कर सदस्यों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने की इस प्रयास का महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु , सयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े ने स्वागत किया,
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के प्रातः भ्रमण के दौरान दिये गये निर्देशानुसार अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाने की कार्यवाही की गई।निगम आयुक्त के प्रातः निरीक्षण के दौरान देखा गया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा निगम स्वामित्व की जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर क्रिकेट कोर्ट बनाया जा रहा था। इस पर निगम आयुक के निर्देशानुसार तत्काल कार्यवाही करते हुए जोन-3 आयुक्त, राजस्व विभाग एवं बेदखली टीम द्वारा बेदखली की कार्रवाई की गई है। टीम ने अवैध अतिक्रमण हटाकर निगम की जमीन को मुक्त कराया। आयुक्त ने कहा कि निगम भूमि का अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और इस प्रकार की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ऐसे अज्ञात लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नगर निगम भिलाई की इस कार्यवाही से यह संदेश गया है कि शहर की जमीन और संपत्ति का संरक्षण प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जायेगें। कार्यवाही के दौरान कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -राज्य शासन ने सभी निकायों को जारी किया परिपत्र-ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन, बेहतर स्वास्थ्य तथा स्वच्छता रैंकिंग सुधारने नगरीय प्रशासन विभाग की नई पहल-क्यूसीआई करेगी निकायों में साफ-सफाई का सर्वेक्षण और मूल्यांकनबिलासपुर. । ठोस व तरल अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन, नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य तथा शहरों की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नई पहल के तहत छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग प्रारंभ किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 10 मार्च को रायपुर में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में इसका शुभारंभ किया। इसके शुभारंभ के साथ ही राज्य शासन ने शहरों में स्वच्छता के नियमित मूल्यांकन हेतु छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग के क्रियान्वयन के लिए सभी नगरीय निकायों को परिपत्र जारी किया है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मंत्रालय से सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि राज्य शासन द्वारा सभी नगरीय निकायों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। इस हेतु सतत् सफाई व्यवस्था एवं ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के प्रस्तुत दावों के मूल्यांकन एवं सत्यापन के लिए "छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025-26" के अंतर्गत निकायों में सर्वेक्षण प्रारंभ किया जा रहा है।परिपत्र में बताया गया है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा पिछले वर्ष 12 अगस्त को बिलासपुर में आयोजित स्वस्छता समागम समारोह में राज्य में "छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025-26" शुरू करने की घोषणा की गई थी। विगत 17 सितम्बर को इस सर्वेक्षण के टूलकिट का अंग्रेजी संस्करण और 29 सितम्बर को हिन्दी संस्करण जारी किया गया है।"छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025-26" में सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन कार्य के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) को अधिकृत किया गया है। एजेंसी द्वारा इस साल 5 जनवरी को नियुक्त मूल्यांकनकर्ता नगरीय निकायों का स्थल निरीक्षण प्रारंभ करेंगे, स्वच्छता के लिए मौजूदा सुविधाओं का अवलोकन करेंगे तथा आवश्यक दस्तावेजी प्रमाण एकत्रित करेंगे। संपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल, जारी दिशा-निर्देशों एवं जारी टूलकिट के अनुरूप क्रियान्वित की जाएगी।नगरीय प्रशासन विभाग ने सर्वेक्षण अंतर्गत प्रस्तावित स्थल निरीक्षण के प्रभावी संचालन के लिए सभी नगरीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में सभी हितधारकों-नागरिकों, स्वच्छता कर्मियों, पर्यवेक्षकों, अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों एवं प्रबंधकों को सर्वेक्षण के पहले ही अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी सक्षम प्राधिकारियों को अपने-अपने निकायों में सर्वेक्षण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है जिससे मूल्यांकन कार्य सरल, पारदर्शी एवं निर्बाध रूप से संपादित हो सके। विभाग ने स्वच्छता लीग के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ ही नगरीय निकायों को राज्य स्तरीय सर्वेक्षण के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
- बिलासपुर /शासकीय उद्यान रोपणी करगीकलॉ विकासखण्ड कोटा में स्थित आम के मातृ वृक्षों में लगे फलों की नीलामी 15 मार्च 2026 को दोपहर 11.30 बजे से 2 बजे तक होगी। उद्यान अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार नीलामी प्रक्रिया बंद लिफाफा पद्धति से संपन्न होगी। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति नीलामी की तिथि के पूर्व किसी भी दिवस आम के पौधों में लगे फलों का अवलोकन कर सकते हैं। नीलामी शर्तों की विस्तृत जानकारी उद्यान अधीक्षक कार्यालय करगीकलॉ, विकासखण्ड कोटा से प्राप्त की जा सकती है।
- -जयंती स्टेडियम के सामने मैदान में होगा भव्य आयोजन-शासन-प्रशासन की सहभागिता से सजेंगे विकास के स्टाल, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावादुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न शहरों में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जा रहा है, इसी कड़ी में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के जयंती स्टेडियम के सामने मैदान में स्वदेशी मेले का आयोजन 13 मार्च से 19 मार्च 2026 के मध्य किया जा रहा है। भारतीय विपणन विकास केंद्र (सीबीएमडी), जो कि स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की एक इकाई है, के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाना है। प्राप्त निर्देशों के परिपालन में, राज्य के सभी प्रमुख विभागों को इस मेले में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में शासन के सभी प्रमुख विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम, खनिज साधन विभाग, ग्रामोद्योग विभाग, समाज कल्याण विभाग, कृषि, छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (जल जीवन मिशन), जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग, और आयुष, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मुख्य रूप से शामिल होंगे। इनके साथ ही महिला एवं बाल विकास, जेल विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, आवास एवं पर्यावरण विभाग, जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण/शहर), वाणिज्य एवं उद्योग विभाग (जिला व्यापार उद्योग केन्द्र), नगरीय निकाय परियोजना, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, कौशल विकास योजना तथा सहकारिता विभाग भी अपने स्टालों के माध्यम से जनमानस को विभागीय योजनाओं से अवगत कराएंगे। जिला प्रशासन इस सात दिवसीय मेले के सफल संचालन हेतु अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन की महत्त्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से वे अपने परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं। यह योजना न केवल महिलाओं के हाथों में आर्थिक ताकत दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान कर रही है।योजना से लाभान्वित दुर्ग जिले के बघेरा की हितग्राही अश्विनी दीदी भी आज अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस कर रही हैं। अश्विनी दीदी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए किसी ‘गुल्लक’ से कम नहीं है। वे इस राशि का उपयोग घर के छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में करती हैं और साथ ही उसमें से थोड़ा-थोड़ा बचाकर भविष्य के लिए सुरक्षित भी रखती हैं। उनका कहना है कि पहले अचानक किसी जरूरत के समय परेशानी हो जाती थी, लेकिन अब महतारी वंदन की राशि से उन्हें एक आर्थिक सहारा मिल गया है। यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन जरूरत के समय यह काफी मददगार साबित होती है। इससे उन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में भी आत्मविश्वास मिला है। अश्विनी दीदी मानती हैं कि सरकार की यह योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। वे इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने महिलाओं को आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा की नई ताकत दी है। महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए छोटी-छोटी खुशियों और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद बन रही है।
- -राज्य की चिन्हांकित 43 जनजातियों और उपजातियों की संस्कृति, परिधान और चित्रकला का प्रदर्शन-छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय कलाकार होंगे शामिल-सजेगा आदि रंग, परिधान और हाटरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में ’परम्परा से पहचान तक’ - आदि परब - 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी आज टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने दी।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर ‘आदि परब-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे l आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हाथों से बने वस्त्रों से तैयार ये परिधान जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आदि परब के तहत “आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव” भी आयोजित होगा। इस महोत्सव में जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में 155 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18-30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की दो श्रेणियों में होगी।दोनों श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दोनों आयु वर्गों के 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।श्री बोरा ने बताया कि आयोजन के दौरान “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के सहयोग से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी श्री डायमंड सिंह ध्रुव और श्री अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर ‘प्रयास’ संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।
- -खाद्य सचिव रीना कंगाले ने आयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक दिशानिर्देश-शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारीरायपुर /छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने सभी ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। इस अवसर पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को राज्य में एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।बैठक में ऑयल कंपनी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डर वर्तमान में केवल विशेष अत्यावश्यक संस्थाओं, जैसे अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थाओं को ही सप्लाई किए जा रहे हैं। इस पर खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने निर्देशित किया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएँ चल रही हैं, इसलिए शैक्षणिक संस्थाओं एवं छात्रावासों को गैस सिलेण्डर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।बैठक के दौरान सचिव श्रीमती कंगाले ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर 15 प्रतिशत कमर्शियल सप्लाई होटलों आदि को भी दिए जाने पर विचार किया जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी सीमित स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग तथा अवैध गैस रिफिलिंग की रोकथाम के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके।बैठक में राज्य में डीजल, पेट्रोल एवं सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तीनों डीजल-पेट्रोल डिपो में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इस पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डीजल और पेट्रोल की दैनिक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर भी नियमित निगरानी रखी जाए।खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने राज्य के उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और इन पेट्रोलियम पदार्थों की किसी प्रकार की कमी या शॉर्टेज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस सिलेण्डर की आपूर्ति नियमानुसार नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -राजीव नगर वार्ड क्रमांक 29 के वार्डवासियों ने बेदखली से पूर्व प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने की मांग की-जनदर्शन में आज 136 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहंुचे जनसामान्य लोगांे से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन मंे पहंुचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन मंे डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 136 आवेदन प्राप्त हुए।जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राप्त अनेक आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में संयोजक हुडको संघर्ष समिति ने पेयजल पाइपलाइन में लीकेज को सुधारने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि वार्ड क्रमांक 69,70 (हुडको) में पेयजल आपूर्ति की एमडीपी पाइपलाइन में लगातार लीकेज की समस्या आ रही है। वर्ष 2014-15 में बिछाई गई एमडीपी पाइपलाइन से 2021 में पानी की आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन लंबे समय तक खाली रहने के कारण पाइप की गुणवत्ता कमजोर हो गई है, जिससे करीब दो दर्जन जगहों पर पाइप फटने की शिकायते मिली है। समिति ने स्थायी समाधान के लिए एमडीपी की जगह डीआई पाइप लगाने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त भिलाई को निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।दीक्षित कालोनीवासियों ने कोसानगर भिलाई में किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग की। कालोनीवासियों ने बताया कि 15 फीट की कच्ची सड़क पर टीन शेड लगाकर कब्जा कर लिया गया है और आगे जाने वाले मार्ग पर लोहे का गेट, पानी की टंकी व बोरिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिसके कारण असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त भिलाई को निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम नगपुरा के ग्रामवासियों ने रेबीज टीका उपलब्ध कराने आवेदन दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुरा सहित जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों में रेबीज (कुत्ता काटने) का टीका उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंनेे बताया कि टीका नहीं मिलने के कारण पीड़ितों को उपचार के लिए सीधे जिला अस्पताल दुर्ग जाना पड़ता है। उन्होंने नगपुरा सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेबीज टीका उपलब्ध कराने की मांग की । इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।राजीव नगर वार्ड क्रमांक 29 वार्डवासियों ने बेदखली के पूर्व प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने आवेदन दिया। नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के वार्ड क्रमांक 29 राजीव नगर में रेलवे भूमि पर बसे लगभग 150 परिवारों ने संभावित बेदखली को लेकर चिंता जताई। बस्तीवासियों ने बताया कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं और वर्ष 2003 से बिजली कनेक्शन सहित नगर निगम की कई बुनियादी सुविधाएं भी मिल रही हैं। रेलवे विभाग द्वारा बेदखली की कार्रवाई की जाती है तो उससे पहले सभी प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास उपलब्ध कराया जाने की मांग की, ताकि गरीब परिवारों को बेघर होने की स्थिति का सामना न करना पड़े।
- रायपुर।धान के कटोरे कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अब एक नई फसल अपनी पहचान बना रही है - सुपर फूड मखाना, जिसे काला हीरा भी कहा जाता है। स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर मखाने की खेती अब राज्य में आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ हो रही है।मखाना उत्पादन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर एवं अध्यक्ष जनपद सदस्य आरंग, श्री रिंकू चंद्राकर ने की. मध्य प्रदेश के किसानो सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री चंद्रहास चंद्राकर ने कहा की केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के आर्थिक उन्नति के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड सेन्ट्रल सेक्टर स्कीम में शामिल हुआ है इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं.हमारे मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम जी के द्वारा मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने विशेष प्रयास किया जा रहा है श्री चंद्राकर ने कहा की छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यवसायिक उत्पादन आरंग ब्लॉक के ग्राम लिंगाडीह के किसान स्व. श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था। राज्य का प्रथम मखाना प्रसंस्करण केंद्र का उद्घाटन 5 दिसंबर 2021 को ग्राम लिंगाडीह में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया । अब मखाना उत्पादन में प्रदेश में आरंग का नाम अपनी अलग पहचान बना चुका है. कार्यक्रम के अध्यक्ष जनपद सदस्य श्री रिंकू चंद्राकर ने कहा किया हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रथम मखाना उत्पादन एवं संस्करण केंद्र हमारे क्षेत्र ग्राम लिंगाडीह में स्थापित हुआ है.छटेरा, निसदा एवं अन्य गांव में भी इसके विस्तार हेतु प्रयास किया जा रहे हैं हमारे इस केंद्र में न केवल हमारे प्रदेश के बल्कि अन्य प्रदेश के लोग भी यहां मखाना की खेती सीखने आ रहे हैं जो हमारे प्रदेश के लिए गर्व की बात है.मध्य प्रदेश के उमरिया जिला से 50 किसानों का एक भ्रमण दल कृषि विभाग के द्वारा मखाना की खेती के भ्रमण हेतु रायपुर जिला के आरंग ब्लॉक स्थित ओजस फॉर्म का भ्रमण किया। इस दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए।राष्ट्रीय मखाना महोत्सव 2024 एवं 2025 में सम्मानित मखाना उत्पादक किसान एवं ओजस फार्म दाऊजी मखाना के प्रबंधक श्री संजय नामदेव ने मखाना की खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ में 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और उत्पादन लगभग 10 क्विंटल के आसपास प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि 6 माह की अवधि वाले फसल में किसी भी प्रकार का कीट व्याधि का प्रकोप नहीं होता है और न ही किसी प्रकार की चरी और चोरी की समस्या रहती है। इंदिरा गाँधी कृषि विश्व विद्यालय के सब्जी विज्ञान के पी एच डी छात्र डॉ योगेंद्र चंदेल ने किसानों को मखाना की खेती के लिए आवश्यक तकनीक और संसाधनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती तालाब एवं खेत दोनों विधि से की जाती है अधिकतम उत्पादन के लिए धान की तरह खेत की मताई 1 मीटर की दुरी पर 55 दिन के नर्सरी की 4000 पौधो की रोपाई एक मीटर पौधा से पौधा एवं कतार से कतार की दुरी पर रोपाई समय समय पर नींदाई खाद प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से करने पर अधिकतम उत्पादन मिलता है मखाना की खेती प्रसंसकरण एवं विपणन के लिए हमारे द्वारा किसानों को प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है।ICAR-CIPHET (केंद्रीय कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान), लुधियाना, पंजाब से प्रशिक्षण प्राप्त शिव नारायण साहू ने मखाना के प्रोसेसिंग की जानकारी देते हुए बताया कि 1 किलो मखाना के बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी बाजार में कीमत ₹700 से लेकर ₹1000 तक होती है। उन्होंने बताया कि यदि किसान मखाना का उत्पादन कर स्वयं प्रसंस्करण कर पैकेजिंग करके भेजते हैं तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त हो सकता है।इस भ्रमण के दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में श्री शिव साहू से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा हो सकता है और यह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकता है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मखाना बोर्ड से इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है, और उन्हें इसके लिए सब्सिडी भी दी जाती है।इस भ्रमण में मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से भ्रमण दल प्रभारी श्री दहायत एवं भ्रमण दल में शामिल किसानों ने बताया कि वे मखाना की खेती के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्साहित हैं और इसे अपने खेतों में अपनाने के लिए तैयार हैं।







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