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- - बिलासपुर नगर वृत्त केे 81 प्रतिशत उपभोक्ताओं के बिजली बिल में आई कमीबिलासपुर । स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच फैली भ्रांतियों और अफवाहों को तुलनात्मक अध्ययन ने स्थिति स्पश्ट कर दिया है, बिलासपुर नगर वृत्त में जुलाई-2026 के दौरान स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। स्लैब-वार उपभोग आंकड़ों के अनुसार कुल 86,568 स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं में से 70,368 उपभोक्ता (लगभग 81 प्रतिशत) 400 यूनिट तक बिजली खपत की श्रेणी में रहे हैं।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिलासपुरबिलासपुर नगर वृत्त वृत्त के माह जून-जुलाई के खपत का तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें पता चला कि जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 25.56 मिलियन यूनिट (एमयू) रही, जो जून-2026 में दर्ज 35.94 मिलियन यूनिट (एमयू) की तुलना में 28.88 प्रतिशत कम है।जारी आंकड़ों के अनुसार जून-2026 की तुलना में जुलाई-2026 में कुल स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 86,568 पर स्थिर रही, किंतु उपभोक्ताओं के स्लैब-वार वितरण में उल्लेखनीय परिवर्तन दर्ज किया गया। 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या जून में 55,392 से बढ़कर जुलाई में 70,368 हो गई, जो 27.04 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं इस वर्ग की कुल बिजली खपत 10.00 मिलियन यूनिट से बढकर 12.28 मिलियन यूनिट हुई, जो कि जून की तुलना में 22.80 प्रतिषत अधिक है।इसी प्रकार 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 31,176 से घटकर 16,200 रह गई, जो 48.04 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। इस वर्ग की कुल बिजली खपत भी 25.93 मिलियन यूनिट से घटकर 13.27 मिलियन यूनिट दर्ज की गई।सर्वाधिक कमी 600 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के वर्ग में दर्ज की गई। इस श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या में 60.14 प्रतिशत की कमी तथा बिजली खपत में 53.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विभाग के अनुसार, बिजली खपत में आई यह कमी मुख्यतः मानसून सीजन के दौरान तापमान में गिरावट के कारण एयर कंडीषनर, कूलर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग में स्वाभाविक कमी का परिणाम है।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेषक श्री ए.के.अम्बस्थ ने बताया कि यह सभी आंकड़े स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं के वास्तविक मीटर रीडिंग पर आधारित हैं, जिससे स्पश्ट है कि स्मार्ट मीटर के सम्बन्ध में यह भ्रांती कि मीटर तेज चलता है, सर्वथा मिथ्या है, एवं इस बात कि पुश्टि होती है कि मीटर वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुसार खपत रिकार्ड करता है।
- -फेसिंग कार्य तत्काल प्रारंभ करने दिए निर्देश-चारा, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था पर दिया जोरबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बुधवार को जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत ग्राम जोगीपुर में निर्माणाधीन गौ अभ्यारण्य का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों एवं उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौ अभ्यारण्य में गौवंश के लिए चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार स्थान तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि पशुओं के संरक्षण एवं देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रहे। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अग्रवाल ने गौ अभ्यारण्य की चारों ओर फेंसिंग का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फेंसिंग पूर्ण होने से गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा आसपास के किसानों की फसलों को भी नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि निर्माणाधीन जोगीपुर अभ्यारण्य 184 एकड़ में फैला हुआ है। राज्य सरकार द्वारा इसके विकास के लिए प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रूपए की मंजूरी प्रदान की गई है। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कोटा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /राज्य व्यावसायिक परीक्षा (एससीवीटी) एवं हायर सेकण्डरी व आईटीआई की संयुक्त अध्यापन योजना में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की आईटीआई ट्रेड की परीक्षा (पुरानी प्रणाली एवं नई परीक्षा प्रणाली) माह अप्रैल 2026 की प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक परीक्षाएं 17 अगस्त 2026 से 24 अगस्त 2026 तक सम्पन्न होनी है।परीक्षा हेतु प्रवेश सत्र 2025-2026 में प्रवेशित एकवर्षीय व्यवसाय, सत्र 2025-2027 में प्रवेशित द्विवर्षीय व्यवसाय के प्रथम वर्ष एवं सत्र 2024-2026 में प्रवेशित द्विवर्षीय व्यवसाय के द्वितीय वर्ष के नियमित पात्र प्रशिक्षणार्थी एवं सत्र 2023-2025 में प्रवेशित द्विवर्षीय व्यवसाय के द्वितीय वर्ष, सत्र 2024-2026 में प्रवेशित द्विवर्षीय व्यवसाय के प्रथम वर्ष, सत्र 2024-2025 में प्रवेशित एकवर्षीय व छः माह व्यवसाय के पूरक पात्र प्रशिक्षणार्थी जिनके प्रयास शेष हैं तथा सत्र 2023-2024 के छः माह व्यवसाय एवं सत्र 2022-2024 के द्विवर्षीय व्यवसाय के पूरक पात्र प्रशिक्षणार्थी जिनके प्रयास शेष हैं, आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 7 अगस्त 2026 तक है।
- बिलासपुर, /शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझगाँव (कोटा) में सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा 9वीं की 37 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में श्री मोहित जायसवाल, श्री प्रभु सिंह जगत उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना से हुआ। इसके बाद छात्राओं कु. मानवी एवं कु. रोहिणी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य श्री शैलेश कुमार पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 12वीं की छात्रा कु. शिवांगनी एवं उनके साथियों ने आकर्षक कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। श्री मोहित जायसवाल ने छात्राओं को साइकिल मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें नियमित विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री प्रभु सिंह जगत ने साइकिल प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को बधाई देते हुए इसे उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्कूल की अधूरी बाउंड्री वाल के निर्माण की मांग को ज्ञापन भी सौंपा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता श्री शोभाराम पालके ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती पूनम सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर श्री सुलेश पांडेय, श्री बजरंग जायसवाल, श्री महाराज सिंह नायक, ग्राम सरपंच श्रीमती भगवती देवी, श्री उत्तम जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर संजय अग्रवाल ने किया सम्मानित, सुशासन एवं अभिसरण विभाग में नई जिम्मेदारी के लिए दी शुभकामनाएंबिलासपुर । जिला कार्यालय में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर श्री अभिषेक दीवान के रायपुर स्थानांतरण पर बुधवार को जिला कार्यालय में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। श्री दीवान का स्थानांतरण रायपुर स्थित सुशासन एवं अभिसरण विभाग में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) के रूप में हुआ है।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने श्री अभिषेक दीवान के लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कार्यकुशलता, सरल व्यवहार एवं समर्पित कार्यशैली से जिला प्रशासन की विभिन्न योजनाओं और दायित्वों के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने अनुभव और दक्षता से वहां भी उत्कृष्ट कार्य करेंगे।इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्री अग्रवाल ने श्री दीवान को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके सुखद, सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।संयुक्त कलेक्टर श्री अभिषेक दीवान ने अपने संबोधन में बिलासपुर में बिताए लगभग डेढ़ वर्ष के सेवाकाल की स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि जिले में कार्य करते हुए उन्हें अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सदैव सहयोग और आत्मीयता मिली। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिलासपुर की यादें उनके लिए सदैव विशेष रहेंगी। विदाई समारोह में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के रिकॉर्ड्स कार्यालय द्वारा मिशन निरंतर मिलाप के अंतर्गत पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों के लिए विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों की पेंशन संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना तथा विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं की जानकारी देना था।कार्यक्रम को सेवानिवृत्त जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल आशीष पांडे ने संबोधित किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों से संवाद करते हुए उन्हें शासन एवं सेना द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी तथा अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों को ऐसे कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में लगभग 38 पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों ने भाग लिया। मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की टीम ने पेंशन एवं स्पर्श पोर्टल से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। साथ ही जिन मामलों में विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता थी, उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं कार्रवाई सुनिश्चित की गई।उल्लेखनीय है कि मिशन निरंतर मिलाप के चरण-4 का शुभारंभ 17 जून 2026 को अतिरिक्त महानिदेशक (मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री) मेजर जनरल आर. प्रेम राज कुमार, एसएम, वीएसएम द्वारा किया गया था। इस चरण के अंतर्गत देश के मध्य एवं पूर्वी क्षेत्र के पूर्व सैनिकों तक पहुंचकर उनकी पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। यह अभियान लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय दक्षिण-पश्चिमी कमान एवं कर्नल ऑफ द मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व ब्रिगेडियर पी. सुनील कुमार, एसएम’, कमांडेंट, एमआईसी एंड एस द्वारा किया जा रहा है तथा इसका क्रियान्वयन लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक कुमार, चीफ रिकॉर्ड ऑफिसर के निर्देशन में किया जा रहा है।रेजिमेंट के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल आगामी एक वर्ष तक देशभर में निरंतर जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को उनके घर के निकट ही पेंशन संबंधी सहायता, मार्गदर्शन और शिकायतों के त्वरित निराकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
- कांकेर। कांकेर जिले में बुधवार को भालू के हमले में 38 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी बहन की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बहन घायल हो गई। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना दोपहर में नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला में हुई, जब तीनों भाई-बहन खेत में थे। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान हलाल खोर जुर्री (38) और चमरीन बाई (40) के रूप में हुई है, जबकि हमले में उनकी बहन खोरिन बाई (30) घायल हो गई। अधिकारी के मुताबिक, खोरिन को कांकेर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार को अपने एक बच्चे की मौत के बाद मादा भालू आक्रामक हो गई थी। उन्होंने बताया कि हमले के बाद भी भालू शवों के पास ही रही और उन पर पंजे मारती रही। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मृतकों के शव के पास मादा भालू दिखाई दे रही है। मौके पर मौजूद कांकेर के विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि जब वन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे, तब भालू शवों के पास ही मौजूद थी। उस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को उस इलाके से दूर रहने की सलाह दी गई है।
- रायपुर । लोककला और पंडवानी परंपरा को समर्पित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में आयोजित होने वाले 'आरुग सम्मान समारोह' के पोस्टर का विमोचन बुधवार को रायपुर प्रेस क्लब में किया गया।यह सम्मान समारोह 7 अगस्त को शहीद स्मारक, रायपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन अलीम बंसी, तीजन बाई के परिवारजनों द्वारा किया जा रहा है। समारोह में लोककला, संस्कृति और पंडवानी की विरासत को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों का सम्मान किया जाएगा तथा स्वर्गीय तीजन बाई के कला-साधना से जुड़े अविस्मरणीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा।पोस्टर विमोचन के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी , कोषाध्यक्ष दिनेश यदु सहित आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेशवासियों एवं कला प्रेमियों से बड़ी संख्या में समारोह में शामिल होकर स्वर्गीय तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की।
- -47 आजीविका डबरियां किसानों के लिए बनेंगी संबल, जल संरक्षण के साथ बढ़ेगी आय-विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत सिंचाई, मत्स्य पालन और कृषि गतिविधियों को मिलेगा नया आधाररायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किया गया 'मोर गांव-मोर पानी' महाअभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को एक बड़ा जनआंदोलन बना रहा है। इसके तहत सोख्ता गड्ढे, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब गहरीकरण और खेत-पोंड जैसी जल संरचनाएं बनाकर भूजल स्तर को बढ़ाया जा रहा है और ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 'मोर गांव-मोर पानी' अभियान के तहत 'नवा तरिया आय के जरिया' और अन्य जल संरचनाओं के माध्यम से भूजल संवर्धन और जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा और महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित मोर गांव-मोर पानी अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहा है। विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत जांजगीर-चांपा जिले में आजीविका आधारित जल संरचनाओं का निर्माण कर किसानों को कृषि एवं मत्स्य पालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।जांजगीर-चांपा जिले में अभियान के तहत कुल 47 आजीविका डबरियों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 35 डबरियों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्षा जल से भर चुकी इन डबरियों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है, जिससे खेती का रकबा बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है।आजीविका डबरियां अब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं रहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का सशक्त स्रोत भी बन रही हैं। वर्तमान में 14 डबरियों में मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डबरियों की मेड़ों पर दलहन, तिलहन तथा अन्य फसलों की खेती से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन और बेहतर आमदनी प्राप्त हो रही है। जिले में 4 डबरियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इससे किसान अब वर्षभर कृषि एवं मत्स्य पालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय में निरंतर वृद्धि कर रहे हैं। मोर गांव-मोर पानी अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। यह अभियान जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान कर रहा है।
- -ओवररेटिंग मामले में दो आबकारी उप निरीक्षक निलंबित-एक एडीईओ के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अनुशंसारायपुर/ आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ ने राज्य के विभिन्न जिलों में शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और नियंत्रण में लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए दो आबकारी उप निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। निलंबित अधिकारियों में बालोद जिले के गुरूर के श्री आशाराम शाक्य (आबकारी उप निरीक्षक) तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रोहासी स्थित देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान के प्रभारी श्री पी.माधव राव (आबकारी उप निरीक्षक) शामिल हैं। एक अन्य मामले में श्रीमती निलोफर जैन सहायक जिला आबकारी अधिकारी जो देश कम्पोजिट मदिरा दुकान अरकार जिला बालोद के प्रभारी सह मंडल प्रभारी का दायित्व था उनके शिथिल नियंत्रण, कर्तव्य की प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के कारण आबकारी आयुक्त द्वारा एडीईओ के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए सचिव वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग को पत्र जारी किया है।
- -छोटे किसान और स्वयं-सहायता समूहों की महिलाएँ ही ग्रामीण बदलाव की असली प्रेरक हैं": इंडिया रूरल कोलोक्वी 2026 में राहुल भगत-ग्रीन इकोनॉमिक ट्रांज़िशन (हरित आर्थिक बदलाव) पर एक रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें जलवायु-अनुकूल और समावेशी ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं के रास्ते बताए गए-छठे संस्करण में ज़मीनी स्तर के नेतृत्व, मजबूत स्थानीय शासन और समावेशी ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाने के लिए सरकार, समुदाय और विकास क्षेत्र के नेताओं को एक मंच पर लाया गयारायपुर / छठे 'इंडिया रूरल कोलोक्वी' (भारत ग्रामीण संगोष्ठी) के छत्तीसगढ़ चैप्टर की शुरुआत इस ज़ोरदार अपील के साथ हुई कि छोटे किसानों और महिलाओं के नेतृत्व वाले संस्थानों को ग्रामीण बदलाव की नींव के तौर पर पहचाना जाए। टीआरआई और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच यह सहयोग पूरे राज्य में समावेशी और सामुदायिक नेतृत्व में होने वाले ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को मज़बूत करता है।रायपुर में गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री के सचिव और 'गुड गवर्नेस एंड कन्वर्जेस' विभाग के सचिव, राहुल भगत ने कहा, "छोटे किसान और स्वयं-सहायता समूहों की महिलाएँ ग्रामीण बदलाव की असली प्रेरक हैं। पहला कदम उठाने का उनका साहस असंख्य लोगों को बदलाव लाने वाला (चेंजमेकर) बनने के लिए प्रेरित करता है।"इस चर्चा में नया रायपुर के ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं, नागरिक समाज संगठनों और विकास कार्यों से जुड़े लोगों को एक साथ लाने का काम किया गया। इससे पता चला कि कैसे मज़बूत ज़मीनी नेतृत्व, जवाबदेह संस्थान और सामुदायिक ज्ञान मिलकर ग्रामीण छत्तीसगढ़ के भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान 'ग्रीन इकोनॉमिक पाथवेज़ - छत्तीसगढ़' स्टडी रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें जलवायु-अनुकूल और समावेशी ग्रामीण अर्थव्यवस्था निर्माण के तरीकों पर प्रकाश डाला गया।मुख्य भाषण देते हुए, पद्मश्री पुरस्कार विजेता श्री बुद्री थाती ने स्थानीय समुदायों और प्रकृति के बीच तालमेल को फिर से स्थापित करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "जहाँ कभी बदलाव मुश्किल लगता था, वहाँ प्यार और सच्ची कोशिशों से बदलाव आया। हर इंसान प्यार चाहता है और उन्हें बस ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत होती है जो उन्हें सच में समझे।"मजबूत स्थानीय संस्थानों के महत्व पर बात करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि टिकाऊ ग्रामीण विकास ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम करने पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, "हर सरकारी योजना का असली क्रियान्वयन गांव के स्तर पर होता है। अगर गाँव के संस्थान मजबूत नहीं होंगे, तो विकास की गति सीमित ही रहेगी।"वर्ष 2016 में स्थापित ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर स्थानीय नेतृत्व पर आधारित समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहा है। वर्ष 2026 में अपने दूसरे दशक में प्रवेश करते हुए, यह लैंगिक समानता पर केंद्रित अपने दृष्टिकोण को और मजबूत कर रहा है तथा समुदाय-नेतृत्व वाले मॉडलों का विस्तार कर ग्रामीण भारत में समान और सतत विकास को आगे बढ़ा रहा है।इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, टीआरआई ने 'विकसित छत्तीसगढ़ के लिए जमीनी नेतृत्व' विषय पर भारत ग्रामीण संगोष्ठी के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया। नीति-निर्माताओं, विचारकों और जमीनी स्तर के प्रतिनिधियों ने इस बात पर अपने विचार साझा किए कि ग्रामीण बदलाव की अगली पीढ़ी का नेतृत्व कौन करेगा। इसमें यह भी चर्चा की गई कि सार्वजनिक संस्थान समुदायों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां कैसे तैयार कर सकते हैं।इस गोष्ठी का एक मुख्य आकर्षण 'ग्राम संवादः ग्रामीण भारत का भविष्य गढ़ते समुदाय' था। यह अपनी तरह की पहली चर्चा थी जिसमें नीतिगत चर्चाओं के केंद्र में समुदाय की आवाज़ को रखा गया। महिला लीडर्स, प्रगतिशील किसानों, चुने हुए प्रतिनिधियों और जमीनी स्तर के संस्थानों ने आजीविका बेहतर बनाने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और एक सशक्त समुदाय बनाने को ले कर अपने अनुभव साझा किए। साथ ही, उन्होंने असल जीवन की सच्चाइयों पर आधारित व्यावहारिक समाधान भी पेश किए। इन जानकारियों के आधार पर, 'समाधान मंथन पॉलिसी इनोवेशन लैब' ने अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों की टीमों को एक साथ लाकर सामुदायिक ज्ञान से प्रेरित नीतिगत प्रस्ताव तैयार किए। इन विचारों को सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, नागरिक समाज और समुदाय के प्रतिनिधियों की एक प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष रखा गया। इससे यह पता चला कि जमीनी स्तर के अनुभव किस तरह बड़े पैमाने पर लागू होने वाली सार्वजनिक नीति-निर्माण और ग्रामीण बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं।छत्तीसगढ़ संवाद में राज्य के ग्रामीण भविष्य को आकार देने में सामुदायिक नेतृत्व की शक्ति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान मजबूत स्थानीय शासन, उत्तरदायी सार्वजनिक संस्थाओं, समुदाय-आधारित नीतिगत समाधानों और विभिन्न क्षेत्रों के बीच साझेदारी पर चर्चा की गई। साथ ही, जमीनी स्तर के ज्ञान को समावेशी ग्रामीण परिवर्तन के लिए बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले तरीकों में बदलने पर भी जोर दिया गया।राहुल हीरेमठ, प्रोफेसर, आईआईएम रायपुर, सत्य लता मिरी, अध्यक्ष, जिला परिषद, जांजगीर चांपा, हिना अनिमेष नेताम, निदेशक, जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेनका चंद्राकर, उपायुक्त, जनजातीय विभाग, अश्विनी देवांगन, मिशन निदेशक, एसआरएलएम, डॉ. संजीव पाराशर, प्रभारी निदेशक, आईआईएम रायपुर ने भी विभिन्न सत्रों के दौरान अपना संबोधन दिया।भारत ग्रामीण संगोष्ठी के बारे में:ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) का प्रमुख आयोजन भारत ग्रामीण संगोष्ठी वर्ष 2026 में अपने छठे संस्करण के साथ वापस आ रहा है। एक वर्चुअल श्रृंखला के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन आज एक राष्ट्रीय, बहुराज्यीय मंच बन चुका है, जो नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों, नागरिक समाज संगठनों और समुदायों को एक साथ लाकर ग्रामीण भारत के लिए नए विचारों और ठोस कार्य योजनाओं पर चर्चा करता है। इस वर्ष आठ दिनों तक चलने वाली यह संगोष्ठी असम, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और नई दिल्ली में आयोजित होगी। इसमें आजीविका, सुशासन, जलवायु अनुकूलता, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और स्थानीय आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इन विचार-विमर्शों से प्राप्त सुझावों को ग्रामीण भारत के समृद्ध भविष्य के लिए व्यावहारिक कार्य योजनाओं में बदला जाएगा।
- -राज्य मंत्रिपरिषद से 79.70 एकड़ भूमि को मंजूरीरायपुर / छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर मुंगेली जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद ने मुंगेली जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत ग्राम चंद्रगढ़ी में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के प्रस्तावित हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना हेतु 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट (भारी मशीनरी) निर्माण संयंत्र होगा। यह संयंत्र ग्राम चंद्रगढ़ी (तहसील पथरिया) में स्थापित किया जाएगा, जो बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सार्वजनिक उपक्रम BEML के आने से स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ एमएसएमई (MSME), लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और स्पेयर पार्ट्स निर्माण जैसे सहायक उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा ने बताया कि ठम्डस् संयंत्र के लिए शुरुआत में रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 79.70 एकड़ उपयुक्त शासकीय भूमि की खोज कर प्रस्ताव शासन को भेजा, जिसे अब कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने इस उपलब्धि पर जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीईएमएल संयंत्र मुंगेली में आधुनिक विनिर्माण और इंजीनियरिंग गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा। यह निर्णय जिले में औद्योगिक विकास की पृष्ठभूमि तैयार करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने में मील का पत्थर साबित होगा।
- -छत्तीसगढ़ में स्थापित होगा पहला मातृ दूध कोष (मदर मिल्क बैंक)'माता यशोदा सम्मान' से सम्मानित होंगी 10 प्रेरणादायी माताएंरायपुर । विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) एवं राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एसएचएसआरसी) के सहयोग से 6 अगस्त 2026 को रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार के नए सभागार में आयोजित होगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री अमित कटारिया तथा आयुक्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं श्री संजीव झा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ दुग्ध के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, नवजात एवं शिशुओं के समुचित पोषण और बेहतर स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा विशेषज्ञों, नर्सिंग अधिकारियों, मितानिनों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।कार्यक्रम में राज्य की 10 ऐसी माताओं को 'माता यशोदा सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने मातृ दुग्ध का दान कर अथवा अन्य शिशुओं को स्तनपान कराकर मानवता और मातृत्व की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की है। ये वे शिशु हैं जिनकी माताओं में पर्याप्त दूध उपलब्ध नहीं हो सका अथवा जिनकी माता का निधन हो चुका है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन राज्य के पहले मातृ दूध कोष (मदर मिल्क बैंक) की स्थापना की घोषणा भी की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ऐसे नवजात एवं शिशुओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त मातृ दुग्ध उपलब्ध कराना है, जिन्हें किसी कारणवश अपनी माता का दूध प्राप्त नहीं हो पाता।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, संपूर्ण और प्राकृतिक आहार है। यह न केवल शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। विश्व स्तनपान सप्ताह के माध्यम से समुदाय में स्तनपान के प्रति सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने तथा माताओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया प्रतिनिधियों एवं आमजन से कार्यक्रम में सहभागिता कर स्तनपान के महत्व का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी जन-जागरूकता को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
- -20 खेलों के 156 खिलाड़ी शामिलरायपुर। राज्य के खिलाड़ियों का लंबा इंतजार आखिर आज खत्म हो गया। राज्य शासन ने बहुप्रतीक्षित उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची आज जारी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्त करने की नीति, 2007 के प्रावधानों के तहत राजपत्र में इस सूची को अधिसूचित किया गया है।विभाग द्वारा जारी सूची में 156 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनमें 20 खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। विगत 30 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को अनुमोदित कर राजपत्र में प्रकाशन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया था।उच्च स्तरीय समिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव सहित समिति के सदस्यों ने वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श तथा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम स्वरूप प्रदान किया था। विभाग ने आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर आज राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया है।
- -वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सम्मानित, 13,912 आवेदनों के सफल निराकरण से बनाया रिकॉर्डरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं को आमजन तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने की दिशा में लगातार उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सेवा सेतु केंद्र में कार्यरत वीएलई (Village Level Entrepreneur) श्री निर्दोष लकड़ा ने वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के टॉप ट्रांजैक्शन वीएलई बनने का गौरव प्राप्त किया है। रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने श्री निर्दोष लकड़ा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने में उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना है।वर्ष 2025-26 के दौरान श्री निर्दोष लकड़ा ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 13,912 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले को गौरवान्वित किया है, बल्कि प्रदेश में डिजिटल सुशासन की दिशा में एक नई मिसाल भी स्थापित की है। जिले में सेवा सेतु पोर्टल के प्रभावी संचालन के कारण अब ग्रामीण नागरिकों को आय, जाति, निवास, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र सहित अनेक शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। सेवाएं अब स्थानीय स्तर पर ही सहज, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध हो रही हैं।निर्दोष लकड़ा ने तकनीक का प्रभावी उपयोग, कार्य के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ हजारों ग्रामीण परिवारों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है। उनका सेवा केंद्र ग्रामीणों के लिए केवल एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि भरोसेमंद समाधान का माध्यम बन चुका है।सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री निर्दोष लकड़ा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का जीवन आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि जब लोगों का समय और संसाधन बचते हैं तथा उन्हें बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिलती हैं, तभी डिजिटल भारत और सुशासन का उद्देश्य साकार होता है। बलरामपुर जिले में सेवा सेतु पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन एवं डिजिटल सेवा विस्तार की मंशा को धरातल पर साकार करने का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है।
- -कैदियों के लिए कई नई सुविधाओं की दी स्वीकृतिरायपुर /जेल महानिदेशक (डीजी जेल) श्री हिमांशु गुप्ता द्वारा आज बिलासपुर स्थित केंद्रीय जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, कैदियों की समस्याएं सुनीं और जेल के सुदृढ़ीकरण तथा कैदियों के कल्याण हेतु विभिन्न आधुनिक सुविधाओं की स्वीकृति प्रदान की।निरीक्षण के दौरान डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता ने एक अनोखी पहल करते हुए कैदियों की अंग्रेजी की क्लास ली और उन्हें पढ़ाई तथा भाषा सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए। इसके साथ ही उन्होंने कैदियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।जेल में उद्योग संचालन के लिए कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन तथा एलईडी बल्ब एवं ट्यूबलाइट निर्माण हेतु मशीन सेटअप की स्वीकृति दी गई। कैदियों की शिक्षा के लिए स्मार्ट बोर्ड तथा जेल लाइब्रेरी के लिए प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्रों (टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस, हितवाद आदि) की उपलब्धता। कैदियों के लिए 20 नग आरओ वाटर प्यूरीफायर, पाकशाला (रसोई) हेतु ऑटोमेटिक रोटी मेकर मशीन तथा कैदियों के लिए 2,000 थाली सेट की व्यवस्था के निर्देश दिए। महिला जेल परिसर के लिए इन्वर्टर की स्वीकृति शामिल हैं। इस निरीक्षण के दौरान डीआईजी जेल श्री एस.एस. तिग्गा, जेल अधीक्षक श्री खोमेश मंडावी, जेल चिकित्सक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -प्रशासनिक सेवा जनविश्वास अर्जित करने का माध्यम, संवेदनशीलता और पारदर्शिता को बनाएं कार्यशैली का आधार-मुख्यमंत्री श्री साय से 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की सौजन्य मुलाकातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को उनके भावी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयन होना उपलब्धि अवश्य है, लेकिन वास्तविक सफलता तब है जब अधिकारी अपने पद का उपयोग जनसेवा, सुशासन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए करें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय, व्यवहार और कार्यशैली से आम नागरिक का शासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करते समय जनता की अपेक्षाओं और स्थानीय परिस्थितियों को समझना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारी यदि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्य करें, तो प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास स्वतः बढ़ता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वर भूमि और मजबूत ऊर्जा क्षमता उपलब्ध है। इन संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए राज्य को विकसित बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में लंबे समय तक नक्सलवाद बड़ी बाधा रहा, लेकिन सुरक्षा बलों के साहस, केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा जनविश्वास के कारण अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि उन्हें विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। ऐसे क्षेत्रों में केवल प्रशासनिक दायित्व निभाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भाव भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को चाहिए कि वे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।मुख्यमंत्री ने सुशासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर शासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े विषय आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़े होते हैं। भूमि, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों में लोगों को समय पर राहत मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासनिक अधिकारी की छोटी-सी पहल भी किसी परिवार की बड़ी समस्या का समाधान कर सकती है। इसलिए अधिकारी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और प्रत्येक प्रकरण को मानवीय दृष्टि से देखें।उन्होंने अधिकारियों को व्यवहार में विनम्रता और संयम बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों को सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। कई बार केवल धैर्यपूर्वक शिकायत सुन लेने से ही आधी समस्या समाप्त हो जाती है। यदि अधिकारी जनता से संवाद नहीं करेंगे, तो छोटी समस्याएं भी बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को जनता के प्रति सहज, सुलभ और उत्तरदायी रहना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी भी ली तथा उन्हें भविष्य में अपने पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास और सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण अब पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात सभी प्रशिक्षु अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ होकर शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 बैच में कुल सात अधिकारी शामिल हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर, संयुक्त संचालक श्रीमती मेनका प्रधान तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
- -डीएमएफ मद से तिल्दा ब्लॉक के 50 स्कूलों में 3.50 करोड़ से बनेंगे आधुनिक बालिका शौचालयरायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण अंचल की बेटियों को स्वच्छता, सम्मान और सुविधायुक्त शैक्षणिक माहौल प्रदान करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम उठाया है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप तिल्दा विकासखंड के 50 ग्राम पंचायतों के शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों के निर्माण के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि की वित्तीय एवं प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृत यह सौगात क्षेत्र में बालिका शिक्षा को नए आयाम देने के साथ ही स्वच्छता अभियान को धरातल पर और अधिक सशक्त बनाएगी।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार बेटियों के स्वाभिमान, बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव अक्सर बेटियों की पढ़ाई में रुकावट बनता था। तिल्दा ब्लॉक के 50 स्कूलों में डी एम एफ मद से स्वीकृत 7 लाख रुपये प्रति यूनिट की लागत से बनने वाले ये आधुनिक बालिका शौचालय केवल एक निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि यह हमारी बेटियों के सम्मान और उनकी उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। विकास का यह प्रवाह अनवरत जारी रहेगा।प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार सभी 50 ग्राम पंचायतों के विद्यालयों में 01-01 बालिका शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत तिल्दा जनपद क्षेत्र के जिन 50 गांवों के विद्यालयों का चयन किया गया है, उनमें छपोरा, कोहका, मोहरेंगा, खौना, आलेसुर, कोटा, बोईरझीटी, अल्दा, मानपुर, इल्दा, सतभावा, सरोरा, भिंभौरी के शासकीय विद्यालय में आधुनिक बालिका शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार मोतिमपुर कला, सगुनी, खपरीडीह खुर्द (चिंगरिया), ओटगन, सरफोंगा, छतौद, जंजगीरा, रजिया, भड़हा, बुडेरा, खमरिया (कोनारी), चांपा, सिनोधा,भरुवाडीह कला, खैरखूट(बलोदीखुर्द), जलसो के शासकीय विद्यालय में आधुनिक बालिका शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। सरारीडीह, छच्छानपैरी, किरना, तुलसी(अ), मुड़पार, नहरडीह, कुम्हारी, लखना खपरीकला, मूरा, ताराशिव, असौंदा, केशला, बुड़गहन(सुंदरा), भिलौनी, कठिया, बिठिया, घिवरा, धनसुली, तुलसी मानपुर और कुंदरू के शासकीय विद्यालय में आधुनिक बालिका शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।एक साथ 50 गांवों के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में 3.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की मंजूरी से पूरे तिल्दा क्षेत्र के ग्रामीणों, स्कूली छात्राओं और अभिभावकों में भारी उत्साह है। जनप्रतिनिधियों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा का आभार जताया है।मंत्री श्री वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना इन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए।
- -प्रदेश में स्थापित होंगे 1460 गौधामरायपुर / राज्य में घुमंतू और बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने, गौ-संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘गौधाम योजना’ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में कुल 1,460 गौधामों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।घुमन्तू एवं निराश्रित पशुधन के व्यवस्थापन हेतु शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग रायपुर ने गौधाम योजना के तहत 1460 गौधामों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रत्येक विकासखंड में उत्कृष्ट 10 गौठानों का चयन कर गौधाम विकसित किए जाएंगे। 408 आवेदनों में से 151 आवेदनों को प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। 88 गौधामों का पंजीयन पूर्ण अब तक किए जा चुके हैं। वर्तमान में संचालित 42 गौधामों में लगभग 5 हजार 109 निराश्रित पशुओं को संरक्षण दिया जा रहा है। संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) से मिली जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में ऐसे गौठानों का चयन किया गया है जो राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित हैं और जहां सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं पूर्ण हैं। गौधामों का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, पंजीकृत गौशालाओं, एनजीओ, एफपीओ और ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा। हाल ही में पशुधन विकास विभाग ने नियमों में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को गौधाम संचालन में प्राथमिकता दी है। इसके अलावा शहरी गौठानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।गौधाम स्थापना के लिए प्रक्रिया को काफी सख्त और पारदर्शी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति और कलेक्टर की अनुशंसा के बाद पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जाता है। भौतिक सत्यापन के बाद आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजे जाते हैं। आयोग की क्रियान्वयन समिति हर 3 महीने में होने वाली बैठक में इन आवेदनों की विस्तृत समीक्षा करती है। समीक्षा के पश्चात आवेदनों को अंतिम प्रशासकीय स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाता है, जिसके बाद अनुबंध और पंजीयन की कार्यवाही पूरी की जाती है।सरकार का मानना है कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति और कृषि व्यवस्था का मुख्य आधार है। ग्राम पंचायतों को संचालन का अधिकार मिलने और शहरी गौठानों को योजना में जोड़ने से भविष्य में गौधामों की संख्या में और वृद्धि होगी। वर्तमान में विभिन्न जिलों से नए गौधामों की स्थापना हेतु लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिन पर त्वरित कार्यवाही जारी है।
- -11.62 करोड़ रुपये की लागत से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेगी बिजलीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधानसभा की विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 97 गांवों में विद्युत विस्तार कार्य स्वीकृत किया गया है।लगभग 11.62 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना के माध्यम से सूरजपुर जिला के दूरस्थ गांवों और मोहल्लों तक विद्युत सुविधा पहुंचाई जाएगी, जिससे हजारों ग्रामीण परिवार लाभान्वित होंगे।राज्य शासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत कार्यों में विकासखंड भैयाथान के 36 गांवों के लगभग 109 मोहल्लों/पारों, विकासखंड ओड़गी के 32 गांवों के लगभग 68 मोहल्लों/पारों तथा विकासखंड सूरजपुर के 29 गांवों के लगभग 53 मोहल्लों/पारों में विद्युत विस्तार किया जाएगा।यह परियोजना विशेष रूप से उन ग्रामीण और जनजातीय बस्तियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां अब तक पर्याप्त विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। बिजली पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य, पेयजल व्यवस्था, कृषि आधारित गतिविधियों तथा ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य विकास की रोशनी को अंतिम छोर तक पहुंचाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति भटगांव विधानसभा के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि “हर घर और हर आंगन तक बिजली पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं साकार होंगी।”
- -मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित-चयनित कलाकारों को मिलेंगे प्रतिवर्ष 12 से 24 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशिरायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं । योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।प्रविष्टियां भेजने का पता –संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) – 492018प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर "मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026" स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।
- बालोद। बालोद जिले के गुरूर निवासी श्री नंदकिशोर शर्मा के घर अब बिजली का बिल शून्य आता है और यह सब मुमकिन हुआ है प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से, इस योजना से अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने के बाद से वे पूरी तरह से बेफिक्र हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बालोद जिले के आम नागरिकों के जीवन में उजियारा फैलाने के साथ-साथ आर्थिक बचत का बड़ा माध्यम बन रही है। योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठाते हुए जिले के गुरूर निवासी श्री नंदकिशोर शर्मा ने अपने घर की छत पर 03 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराया है, जिससे उनका बिजली का बिल शुन्य हो गया है। श्री नंदकिशोर शर्मा के घर 03 महीने पहले ही यह सोलर पैनल लगाया गया है, जिससे उनका बिजली बिल बिल्कुल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि पहले 04 से 05 हजार तक बिल आता था, लेकिन अब उनका बिजली का बिल पूरी तरह शुन्य हो गया है। योजना की सराहना करते हुए श्री नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी है। आवेदन के बाद वेंडर द्वारा घर का भौतिक निरीक्षण किया गया और लोन व सब्सिडी से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई। जिसके बाद बेहद कम समय में उनके घर पर पैनल स्थापित कर दिए गए। उन्हें इस योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। श्री शर्मा ने कहा कि यह योजना पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल है। बिना किसी प्रदूषण के सीधे सूर्य के प्रकाश से बिजली बनकर तैयार होती है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की भी प्रशंसा की और कहा कि वित्तीय सहायता मिलने से इस योजना को अपनाना बेहद आसान और किफायती हो गया है। श्री शर्मा ने योजना के बेहतर संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति प्रसन्नतापूर्वक आभार व्यक्त किया है।
- -स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और बच्चों से चर्चा कर उन्हें शिक्षा के महत्व एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में जानकारी दी गईबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा डौंडीलोहारा क्षेत्र में विशेष जागरूकता एवं सतत् मॉनिटरिंग अभियान संचालित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के विभिन्न वार्डों में बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986 के तहत बाल श्रम रेसक्यू अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनकी सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत टीम द्वारा विभिन्न वार्डों और सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया गया। जिसके अंतर्गत ऐसे बालक जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम है जो बाल मजदूरी कर रहे हैं एवं भिक्षावृत्ति करने को मजबूर है को चिन्हित कर विशेष रेसक्यू किया गया।इस दौरान क्षेत्र में एक बच्चे की स्थिति को संज्ञान में लेते हुए टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके तहत यह पाया गया कि वह बच्चा घुमंतू प्रवृत्ति का है जो कि स्थानीय नही है। वह महाराष्ट्र से अपने परिजनों के साथ यहाँ आया हुआ है। जिसे भिक्षावृत्ति की स्थिति से दूर रखने के लिए विशेष रेस्क्यू और संवेदीकरण अभियान चलाया गया। इस दौरान अभिभावकों से बच्चों को भिक्षावृत्ति नही कराने की बात कही गई। इसके अलावा नागरिकों को शिक्षा के महत्व एवं बच्चों के अधिकारों की जानकारी भी दी गई।
- -अपर कलेक्टर श्री लकरा एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर तथा श्री आशीष पेंद्रो ने दी आवश्यक जानकारी-30 अगस्त तक जनगणना पोर्टल में अनिवार्य रूप से आॅनलाईन एंट्री करने के दिए निर्देशबालोद। प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका आंकड़ों के संकलन एवं संचयन कार्य के संबंध में संयुक्त जिला कार्यालय के आॅडोटोरियम में प्रशिक्षण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर और श्री आशीष पेेंद्रो ने प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका आंकड़ों के संकलन एवं संचयन कार्य के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर, जिला परिवहन अधिकारी श्री योगेश भण्डारी एवं तहसीलदारों के अलावा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं विकासखण्ड एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।इस दौरान अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका आंकड़ों के संकलन एवं संचयन कार्य से संबंधित जानकारी 30 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जारी किए गए निर्देशों के आधार पर सभी अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक जानकारी 30 अगस्त 2026 तक जनगणना पोर्टल में अनिवार्य रूप से एंट्री करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान सभी अधिकारियों को नगर की नागरिक स्थिति, लोेकेशन कोड, विभिन्न जनगणनाओं में नगर की जनसंख्या एवं लिंगानुपात, नगर का स्थान, विवरण एवं जलवायु के अलावा नागरिक एवं अन्य सुविधा एवं आधारभूत अधोसंरचनाओं से जुड़ी सुविधाओं से संबंधित जानकारियों को जनगणना पोर्टल में आॅनलाईन एंट्री कार्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके अलावा शैक्षणिक सुविधाएं, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मनोरंजक सुविधाएं, उद्योग एवं बैंकिंग सुविधाएं, चिकित्सा सुविधाओं के अलावा नागरिक एवं अन्य सुविधाएं आदि के एंट्री के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस मौके पर अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने जनगणना के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी सावधानी के साथ त्रुटिरहित ढंग से कार्य का संपादन करने के निर्देश दिए।
- रायपुर / मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के अभिलेख कार्यालय द्वारा मिशन निरंतर मिलाप के अंतर्गत रायपुर में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों के लिए आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान टीम ने पूर्व सैनिकों की विभिन्न शिकायतों का निस्तारण किया तथा SPARSH से संबंधित अनेक समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। कार्यक्रम को जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (ZSWO) रायपुर कैप्टन अनिल कुमार शर्मा (सेवानिवृत्त) ने संबोधित किया।मिशन निरंतर मिलाप का उद्देश्य पूर्व सैनिकों की पेंशन संबंधी शिकायतों का उनके घर-द्वार पर जाकर समाधान करना है। कार्यक्रम में लगभग 42 पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों ने भाग लिया तथा पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सहायता प्राप्त की।मिशन निरंतर मिलाप के चरण-4 का औपचारिक शुभारंभ 17 जून 2026 को मेजर जनरल आर. प्रेम राज कुमार, एसएम, वीएसएम, अतिरिक्त महानिदेशक (मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री) द्वारा किया गया था। इसके अंतर्गत देश के मध्य एवं पूर्वी क्षेत्र को शामिल किया गया है।यह कार्यक्रम लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय दक्षिण-पश्चिमी कमान तथा कर्नल ऑफ द मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व ब्रिगेडियर पी. सुनील कुमार, एसएम, कमांडेंट, MIC & S द्वारा किया जा रहा है, जबकि मिशन का क्रियान्वयन लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक कुमार, चीफ रिकॉर्ड ऑफिसर के निर्देशन में किया जा रहा है।यह पहल आगामी एक वर्ष तक देशभर में निरंतर जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को उनके निवास स्थान के निकट ही प्रभावी पेंशन संबंधी सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।



























