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- 0- फायर मॉक ड्रिल के साथ ट्रेनिंग में अध्यक्ष, मुख्य समन्वयक व सचेतक भी रहे साथरायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के मुख्य सामाजिक भवन में लगातार विविध गतिविधियां और आयोजन होते रहते हैं और यहां आमजनों सहित सभासदों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। इन परिस्थितियों में भवन में आग लगने जैसी दुर्घटना हुई, तो उससे कैसे निपटा जाए, यही दिखाने, बताने व समझाने के लिए मंडल भवन में फायर मॉक ड्रिल के साथ फायर फाइटिंग ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसमें मंडल के उच्च पदाधिकारियों सहित तमाम कर्मचारियों- अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी ने तय नियमों के अनुसार आग बुझाने का प्रशिक्षण भी लिया।महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि मंडल भवन की सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए स्थानीय फायर फाइटर्स ने अग्निशमन का प्रदर्शन किया। साथ ही अग्निशमन यंत्र के उपयोग के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी दी। सबसे पहले भवन में आग ही न लगे, इसके बारे में बुनियादी सावधानियां बरतने कहा गया। फायर फायटर्स ने गैस सिलेंडर में आग लगने, खुले मैदान में आग लगने पर आग बुझाने और आग लगने पर बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया गया।अग्निशमन टीम के एक्सपर्ट ने बताया कि आग लगने पर लोगों को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि संयम बरतते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यस्थल पर काम खत्म होने के बाद बिजली संबंधित हर उपकरणों को बंद कर देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका लगभग पूरी तरह खत्म हो जाए। सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने कहा कि समय-समय पर फायर माकड्रिल करने से मंडल के कर्मचारी आग बुझाने के गुर को अच्छी तरह सीख जाएंगे। आपात स्थिति में निपटने में कर्मचारी खुद ही सक्षम होंगे। इस अवसर पर विशेष रूप से अध्यक्ष अजय मधुकर काले, प्रबंधक बी. नंदिनी नायडू, मेस प्रभारी मंजरी भखाडे़, श्रद्धा जोशी, प्रकाश गुरुव, सनत यदु, किशोर साहू, तेजनारायण साहू सहित अनेक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- 0- उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारीबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम में चार प्रमुख सड़कों के डामरीकरण के लिए पांच करोड़ 93 लाख 45 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम के कोरबा जोन में सुनालिया ब्रिज से पॉवर हाउस रोड फाटक अंडर ब्रिज रोड तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 12 लाख 55 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। कोरबा जोन में ही पॉवर हाउस रोड फाटक से पुराने बस स्टैंड अंडर ब्रिज तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 56 लाख 90 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। विभाग ने कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत जैन चौक से घंटा घर सड़क तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 25 लाख रुपए तथा घंटा घर से कोसाबाड़ी चौक तक डामरीकरण कार्य के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए मंजूर किए हैं।--
- 0- अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारीबिलासपुर. सीजन 2026 को देखते हुए किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और वितरण में गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन कर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में उड़नदस्ता दल ने आज विकासखंड मस्तूरी के जोंधरा क्षेत्र में संचालित कृषि केंद्रों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। मेसर्स प्रजापति खाद भंडार में बिल और वास्तविक वितरण में अंतर, स्टॉक और दर प्रदर्शित नहीं करना तथा आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने जैसे उल्लंघन पाए गए। इसके चलते प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 21 दिनों के लिए उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसी तरह मेसर्स चंदेल ट्रेडर्स में भी स्टॉक और दर प्रदर्शित नहीं करना, निर्धारित प्रारूप में बिल जारी न करना तथा बिना पॉस मशीन के उर्वरक विक्रय जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इस पर भी 21 दिनों के लिए बिक्री पर रोक लगाई गई है।संभागीय संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.के. राठौर ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक का वितरण केवल पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाएगा और स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। जिले में हर विकासखंड के लिए 4 सदस्यीय उड़नदस्ता दल गठित किया गया है, जो सहकारी और निजी विक्रेताओं के स्टॉक का नियमित निरीक्षण करेगा। साथ ही जिला स्तर पर भी निरीक्षण जारी रहेगा।किसानों की सुविधा एवं शिकायत के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 07752-470814 पर संपर्क किया जा सकता है।--
- 0- राजस्व शिविर बने राहत का जरिया, सैकड़ों आवेदनों का मौके पर निपटाराबिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चल रहे राजस्व पखवाड़ा के प्रथम चरण में जिलेभर में शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। अब तक 1161 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 807 का निराकरण तत्काल कर दिया गया है। न्यायालयीन प्रकृति के कामों के लिए समय सीमा दी गई है।जिला बिलासपुर में राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविरों में आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में सभी 12 तहसीलों के अंतर्गत ग्रामों में शिविर लगाकर आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं और उनका मौके पर ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत दिनों में 949 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 667 का निराकरण किया गया, जबकि 282 आवेदन शेष थे। वहीं 8 अप्रैल को आयोजित शिविरों में 212 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 140 का निराकरण किया गया और 67 आवेदन लंबित हैं।इस प्रकार जिले में अब तक कुल 1161 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 807 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 349 आवेदन शेष हैं, जिन पर तेजी से कार्यवाही जारी है। तहसीलवार स्थिति पर नजर डालें तो बिलासपुर, तखतपुर, बिल्हा और पचपेड़ी जैसे क्षेत्रों में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जहां निराकरण की गति भी संतोषजनक रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर आम जनता को राहत प्रदान करें। जिलाप्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों की न केवल संख्यात्मक जानकारी, बल्कि उनके निराकरण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
- 0- आम नागरिकों के राजस्व संबंधी समस्याओं का किया जा रहा है त्वरित निराकरणबालोद. राज्य शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण बालोद जिले की भाँति जिले के राजस्व अनुविभाग गुरूर एवं डौण्डीलोहारा के राजस्व ग्रामों में भी नियमित रूप से 01 अप्रैल से प्रारंभ राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान शिविरों में आम नागरिकों के नामांतरण, बटवारा, नक्शा सुधार, त्रुटि सुधार, आय, जाति, निवास एवं अन्य राजस्व प्रकरणो से संबधित आवेदन स्वीकार किये जा रहे है तथा पात्र प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत तीन महिनों में 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026, 04 मई से 18 मई 2026 तथा 01 जून से 15 जून 2026 तक शिविरों का आयोजन किया जाएगा।शिविरों की सूचना संबंधित ग्रामों में मुनादी एवं अन्य माध्यमो से पूर्व में दी जाएगी जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण जन शिविर का लाभ उठा सकें। राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा समस्त नागरिको से अपील की गई कि वे अपने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु निर्धारित तिथियों में आयोजित शिविरो में उपस्थित होकर शासन की इस जन हितकारी पहल की लाभ उठाने की अपील की जा रही है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर श्री रामकुमार सोनकर ने बताया कि आम नागरिकों को शिविर आयोजन की सूचना मुनादी एवं अन्य माध्यमों से नियमित रूप से दी जा रही है। इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि डौण्डीलोहारा अनुविभाग में राजस्व पखवाड़ा का सफल आयोजन सुनिश्चित करने हेतु उनके साथ-साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा नियमित रूप से शिविरों का विजिट कर शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
- बालोद. भारत सरकार द्वारा किसानों के किसान आईडी कार्ड बनाने हेतु एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसान पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने हेतु किसानों को किसान आईडी बनाना अनिवार्य है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसान आईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विभिन्न कृषि अनुदान, सेवा सहकारी समितियों में कृषि ऋण रासयनिक उर्वरक जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा, किसान अपना डिजिटल किसान आईडी बनवाने के लिए बी-1, आधार कार्ड, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर लेकर लोक सेवा केन्द्र अथवासेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसान आई डी बना सकते है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किश्त उन्हीं किसानों को प्राप्त होगा जिनका किसान आई डी बना है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील कि है कि वे अपना डिजिटल किसान आईडी अति शीघ्र बनाए जिससे शासन की योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
- बालोद. जिला प्रशासन की पहल पर शुरु की गई पीएम राहत योजना बालोद जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को चिन्हित अस्पतालों में त्वरित और पूरी तरह कैशलेस (निःशुल्क) इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़िता को त्वरित चिकित्सा सहायता और पीएम राहत योजना के तहत वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर कीमती जान बचाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। हाल ही में घटित अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में पुलिस की तत्परता, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल तकनीक (ई-डार पोर्टल) के समन्वय से पीड़ितों को निशुल्क इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है।बालोद जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन बालोद और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। इस मामले में पुलिस की तत्परता और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कीमती जान बचाने और उसे बेहतर उपचार दिलाने में सफलता मिली है। पीएम राहत योजना अंतर्गत बालोद जिले में 04 जिंदगियों को नया जीवन मिला है। पिछले 20 दिनों में बालोद पुलिस और प्रशासन की तत्परता से 04 गंभीर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ई-डार पोर्टल और पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस (निःशुल्क) उपचार प्रदान किया गया है। जिसमें 15 मार्च को बस-ट्रक टक्कर में अज्ञात यात्री के गंभीर चोट का इलाज, 01 अप्रैल को 12 वर्ष के सूर्यकांत ठाकुर के पैर में गंभीर चोट, 05 अप्रैल को महेश कुमार साहू के जबड़े में फ्रेक्चर एवं 06 अप्रैल को शेखसमीर के कलाई में फ्रेक्चर का पीएम राहत योजना के तहत निःशुल्क उपचार किया गया।उल्लेखनीय है कि पीएम राहत योजना डिजिटल इंडिया और स्वास्थ्य सुरक्षा का अनूठा संगम है। जिसमें गोल्डन ऑबर सहायता अंतर्गत पुलिस द्वारा पीडित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना। ई-डार पोर्टल अंतर्गत दुर्घटना स्थल पर ही फील्ड ऑफिसर द्वारा डिजिटल आईडी जनरेट करना। टीएमएस 2.0 मैपिंग अंतर्गत निजी एवं सरकारी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज एवं प्रशासन द्वारा 24 घंटे के भीतर उपचार की अनुमति प्रदान करना है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि पीएम राहत योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को जीवन सुरक्षा प्रदान करना है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का कोई भी नागरिक धन के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न रहे। अब तक कई मरीजों ने इस योजना का लाभ उठाकर नया जीवन प्राप्त किया है। उन्होंने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल ट्रैकिंग और कैशलेस स्वास्थ्य योजनाओं का यह संगम बालोद जिले के लिए एक मिसाल है। जिला प्रशासन बालोद सभी नागरिकों से अपील करता है कि सड़क पर सावधानी बरतें। सुरक्षित वाहन चलाएं। दुर्घटना की स्थिति में घबराएं नहीं, पुलिस और प्रशासन आपकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है। पीएम राहत और ईडार पोर्टल जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित कर रही है कि घायल व्यक्ति को ’गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिले और धन की कमी आए न आए। प्रशासन की यह सुदृढ व्यवस्था आपके और आपके अपनों की जान बचाने के लिए चैबीसों घंटे सक्रिय है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीज या उनके परिजन स्वास्थ्य संबंधी किसी भी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर या संबंधित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। सड़क दुर्घटना की स्थिति में नागरिकों से अनुरोध है कि वे पीएम राहत योजना का लाभ उठाने एम्बुलेंस/चिकित्सा आपातकालीन सेवा 108 एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष 112 एवं 100 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
- 0- जल संरक्षण को बढ़ावा देने युवाओं की भागीदारी पर जोरबिलासपुर. जिले की समस्त 486 ग्राम पंचायतों में शासन के निर्देशानुसार रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “मोर गांव मोर पानी” एवं “मोर तरिया” अभियान के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान “नवा तरिया-आय के जरिया” थीम के अंतर्गत नए तालाब (तरिया) निर्माण हेतु संभावित स्थलों का चिन्हांकन प्लॉट एवं जीआईएस टूल के माध्यम से किए जाने की जानकारी दी गई तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।हितग्राहियों को योजना अंतर्गत प्राप्त होने वाली राशि की जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को सामग्री आपूर्ति एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो सकें।कार्यक्रम में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जियो टैगिंग, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया गया। साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की जानकारी भी दी गई। उक्त आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।
- 0- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का मिला लाभरायपुर। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा जनपद पंचायत धरसीवां में हितग्राही स्व. ईश्वर यादव की नॉमिनी को 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गोढ़ी, तहसील धरसीवां निवासी स्वर्गीय ईश्वर यादव की नॉमिनी श्रीमती पूर्णिमा बाई यादव को योजना के तहत 2,00,000 रुपये की बीमा दावा राशि प्रदान की गई। यह राशि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के माध्यम से प्रदान की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धरसीवां श्री आशीष केशरवानी एवं नरेगा कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जया मिश्रा एवं बैंक शाखा प्रबंधक श्री नवीन शर्मा उपस्थित रहे।
- 0- जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु ने ग्रहण की सदस्यतारायपुर। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के समक्ष जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु ने रेडक्रॉस सोसाइटी में वार्षिक सदस्य के रूप में सदस्यता ली। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सदस्यता राशि ग्रहण की। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानव समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है।संस्था से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता प्रदान की जाती है, जिसमें संरक्षक सदस्य के लिए 25,000 रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12,000 रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1,000 रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर रेडक्रॉस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।
- 0- अतिरिक्त सर्वेयर जनरल मोहन कुमार स्टालिन ने कलेक्टर डॉ. गौरव से की सौजन्य मुलाकातरायपुर। अतिरिक्त सर्वेयर जनरल श्री मोहन कुमार स्टालिन ने आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह से कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट कर सर्वे ऑफ इंडिया के तहत चल रहे ड्रोन सर्वे और जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट करने के काम पर चर्चा की। सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा देश के अधिकांश राज्यों में ड्रोन के जरिए सर्वे किया जा रहा है। इससे गांवों के जमीन के रिकॉर्ड सही और अपडेट किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को फायदा मिलेगा।श्री स्टालिन ने बताया कि ड्रोन सर्वे से जमीन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर भू-अभिलेख विभाग को दी जा रही है, जिससे रिकॉर्ड पारदर्शी और सही बन रहे हैं। श्री मोहन ने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को बताया कि रायपुर में यह काम साल 2022 से चल रहा है और अगले 2-3 महीनों में इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
- 0- पीएम किसान, बीज-खाद वितरण व खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षारायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि, उद्यानिकी एवं पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त बैठक ली। बैठक में विभिन्न योजनाओं और आगामी खरीफ 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री में जिला लक्ष्य का 99 प्रतिशत प्राप्त कर चौथे स्थान पर है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने शेष कार्य को 7 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए।क्षेत्र आच्छादन, दलहन-तिलहन के रकबे तथा जैविक प्रमाणीकरण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जैविक प्रमाणीकरण में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। बीज वितरण की समीक्षा में बताया गया कि लक्ष्य के विरुद्ध 142 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। वहीं बीज उत्पादन लक्ष्य से कम रहने पर कलेक्टर ने बीज निगम के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। खाद वितरण की भी समीक्षा की गई।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। साथ ही आधार सीडिंग की समीक्षा में बताया गया कि 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में 214 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को बनाए रखने के निर्देश दिए।बैठक में APC बैठक के एजेंडे की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही खरीफ 2026 में धान के रकबे में कमी लाने के प्रस्तावित कार्यक्रम तथा संस्थागत बीज की मांग के विरुद्ध अग्रिम उठाव की रणनीति पर चर्चा की गई।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं के कार्य समयसीमा में पूर्ण करें जिससे किसानों को अधिकतम लाभ मिले। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- अब तक 3900 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 225 बैचों में 3900 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के 45 से अधिक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- 0- मंत्री यादव ने निर्माण कार्य एजेंसी विभागों के अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक0- दुर्ग जिले में लगभग 500 करोड़ के निर्माण कार्य स्वीकृत0- धमधा नाका ओेवरब्रिज गुढ़ियारी (रायपुर) ब्रिज के तर्ज पर बनेगादुर्ग. प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि तथा विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज यहां लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में निर्माण कार्य एजेंसी विभागों के अधिकारियों की बैठक में निर्माण कार्यों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दुर्ग जिले में लगभग 500 करोड़ रूपए लागत की विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इन कार्यों में सड़क, पुल, पुलिया, भवन, आडिटोरियम, केनाल रोड, नवीन विश्राम भवन, जेल तिराहा से मिनी माता चौक तक सड़क चौड़ीकरण एवं प्लाईओवर ब्रिज निर्माण, चण्डी मंदिर रोड, अग्रसेन चौक से दुर्ग-धमधा अण्डरब्रिज तक के कार्य, सड़कों के संधारण, चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य शामिल है।उन्होंने सड़कों के संधारण, चौड़ीकरण एवं ट्रैफिक नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिाकरियों से विस्तारपूर्वक चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के संयुक्त बैठक में आपसी समन्वय और तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के कार्यों में तेजी लाकर जनता को शीघ्र लाभ पहुंचना सुनिश्चित करें। मंत्री श्री यादव ने कहा कि निर्माण कार्य एजेंसी विभाग पुराने स्वीकृत निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण करायें। इसी प्रकार वर्तमान बजट में विभागों को जो निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं, ऐसे कार्यों का टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों से कार्य स्वीकृति पश्चात् मंत्रालय स्तर एवं वित्त विभाग संबंधी समस्याएं की जानकारी भी ली। साथ ही आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दुर्ग केनाल रोड निर्धारित मापदण्ड के अनुसार बनायी जाए। उक्त निर्माण हेतु अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही हेतु राजस्व विभाग द्वारा आवश्यक पहल किया जाए। मंत्री श्री यादव ने चण्डी मंदिर सड़क निर्माण, ब्रम्हकुमारी संस्थान से मुख्य सड़क मार्ग, दुर्ग-धमधा सड़क मार्ग, दुर्ग नंदिनी रोड, संगीत महाविद्यालय, पेंशनर भवन एवं नवीन विश्राम भवन दुर्ग आदि के संबंध में जानकारी ली।इसी प्रकार धमधा नाका ओवर ब्रिज निर्माण हेतु आवश्यक पहल करने तथा धमधा नाका ओवर ब्रिज को गुढ़ियारी (रायपुर) ब्रिज के तर्ज पर बनाने सेतु विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया हैं। मंत्री श्री यादव ने बोरसीभांठा में पौधरोपण के संबंध में जानकारी ली। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बोरसीभांठा के 12 एकड़ जमीन में पौधरोपण किया जाना है। इस हेतु 65 लाख रूपए स्वीकृति हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया है। मंत्री श्री यादव ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को पेयजल हेतु पाईपलाईन विस्तार के साथ ही दुर्ग नगर निगम अंतर्गत पानी सप्लाई की व्यवस्था सुव्यवस्थित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर में साइंससिटी निर्माण पर जोर देते हुए राजस्व विभाग के अधिकारियों को शासकीय निर्माण कार्यों हेतु नक्शा-खसरा सहित जमीन शीघ्रतापूर्वक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता श्री बी.के. पटेरिया, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम भिलाई-3/भिलाई श्री महेश राजपूत, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, पीएचई, आरईएस, सेतु विभाग, विद्युत विभाग, उद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए भिलाई नगर विधानसभा अंतर्गत जनहित के विभिन्न कार्यों के लिए 61.00 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित इन कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत राशि से भिलाई नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इसमें शासकीय स्वामी आत्मानंद विद्यालय खुर्सीपार में पेयजल हेतु वाटर कूलर लगाने के लिए 1.00 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। वार्ड क्रमांक 42 गौतम नगर खुर्सीपार में डोमशेड निर्माण हेतु 10.00 लाख रूपए तथा इसी वार्ड के विभिन्न स्थानों पर सीमेंटीकरण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार, वार्ड क्रमांक 44 लक्ष्मी नारायण नगर में नारद मुनि के घर से बड़े नाले तक नाली निर्माण हेतु 10.00 लाख रूपए तथा प्रजापति फैंसी स्टोर से बालाजी टेलर तक सीमेंटीकरण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वार्ड क्रमांक 58 सर्वेश्वर धाम मंदिर के सामने मंच व शेड निर्माण हेतु 9.90 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वार्ड क्रमांक 41 छावनी इंडस्ट्रियल एरिया के अंतर्गत राजू नगर में डोमशेड सहित मंच निर्माण हेतु 7.00 लाख रूपए तथा इसी वार्ड में एक अन्य स्थान पर मंच निर्माण कार्य के लिए 3.10 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।
- दुर्ग. जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम-आशा योजना) के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी शुरू कर दी गई है। योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये है। शासन ने पंजीयन की सीमा 20 अपै्रल 2026 तक बढ़ा दी गई है। खरीफ वर्ष 2025-26 की फसलों अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफल्ली एवं रबी वर्ष 2025-26 की फसलों चना, मसूर एवं सरसों के लिए किसान 20 अप्रैल 2026 तक समितियों के माध्यम से अपना पंजीयन करवा सकेंगे। इसके लिए इन फसलोें की बुवाई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ ़ऋण पुस्तिका, बी.-1, पी.-2, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा कर एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन करा सकते है।इसी प्रकार योजना अंतर्गत रबी फसल हेतु की गई गिरदावरी/डी.सी.एस. अपूर्ण होने के कारण उपार्जन हेतु फसल एवं रकबा के सत्यापन में कठिनाई को ध्यान में रखते हुए फसल एवं रकबा के सत्यापन हेतु राजस्व विभाग के पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र कृृषक द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर प्रमाण पत्र को मान्य करते हुए फसल एवं रकबा का सत्यापन कर उपार्जन की कार्यवाही अधिसूचित सेवा सहकारी समितियों द्वारा की जाएगी। कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाईयों से अपील की जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतिक्षा किये बिना जल्द से जल्द अपने सेवा सहकारी समिति केन्द्रों पर जाकर पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण करावें तथा योजना अंतर्गत सम्मिलित फसलों के विक्रय हेतु क्षेत्र के अधिसूचित उपार्जन केन्द्रों से संपर्क करें।--
- 0- पैरालीगल वालेंटियर्स की टीमों ने आमजन को दी स्वास्थ्य व अधिकारों की जानकारीदुर्ग. विश्व स्वास्थ्य दिवस के पावन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा एक व्यापक, प्रभावी स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दुर्ग, पाटन, भिलाई-3 एवं धमधा क्षेत्र के पैरालीगल वॉलंटियर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचकर स्वास्थ्य एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।शिविर के अंतर्गत पैरालीगल वॉलंटियर्स की टीमों ने स्वास्थ्य केन्द्रोें, गाँवों, शहरों, स्कूलों, कॉलेजों तथा मोहल्लों में घर-घर जाकर बच्चों, बुजुर्गों एवं युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। साथ ही, आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा तथा विभिन्न प्रकार की विधिक सलाह के बारे में भी जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि दुर्ग जिले के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग में निःशुल्क अधिवक्ता एवं विधिक परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य तथा नशामुक्त जीवन के लाभों के साथ-साथ एनडीपीएस एक्ट, छ.ग. आबकारी अधिनियम, घरेलू हिंसा, महिला अधिकार, बाल संरक्षण एवं अन्य महत्वपूर्ण विधिक विषयों पर भी जानकारी दी गई।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि आमजन ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य एवं विधिक विषयों पर खुलकर संवाद किया। शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि “स्वस्थ जीवन एवं न्यायपूर्ण समाज, दोनों ही एक सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं” तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य एवं अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग का यह प्रयास समाज में स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुआ है।
- रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले के सभी ग्राम पंचायतों में मंगलवार को रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्यरत श्रमिकों एवं ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम के दौरान “नवा तरिया आय के जरिया” पहल की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि नवा तरिया के निर्माण से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से विशेष रूप से महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने हेतु हितग्राहियों को प्रेरित किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी, किस्तों के प्रावधान एवं निर्माण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी भी साझा की गई।जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीणों को जनभागीदारी के तहत प्रत्येक घर में सोखता गड्ढा निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में “वीबी जीरामजी अभियान” का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए ग्रामीणों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।--
- 0- आचार्य मिश्र ने कलेक्टर को ऐतिहासिक महत्व के ताम्रपत्र एवं पांडुलिपियों की दी जानकारीरायपुर. सुप्रसिद्ध इतिहासकार आचार्य रमेंद्रनाथ मिश्र को “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत भारतीय सांस्कृतिक धरोहर एवं प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह अवसर जिले के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। इस अवसर पर जिला प्रशासन रायपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिस्वरंजन द्वारा आचार्य मिश्र के निवास पर पहुँचकर उन्हें सम्मानित किया गया। अधिकारियों के कर-कमलों से प्राप्त यह सम्मान आचार्य मिश्र के वर्षों के शोध, तप एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आचार्य मिश्र के दुर्लभ संग्रहालय एवं ग्रंथालय का अवलोकन भी किया। इस दौरान बाबू रेवाराम ‘पण्डित’ द्वारा रचित तवारीख हैहयवंशी राजाओं की (1858) की पांडुलिपि, पंडित सुंदरलाल शर्मा की देश की एकमात्र हस्तलिखित जेल पत्रिका “श्री कृष्ण जन्म स्थान”, रानी दुर्गावती कालीन दुर्लभ गीता की पांडुलिपि, वर्ष 1845 से 1905 तक की “कोलकाता रिव्यू” सहित ताड़पत्र एवं संस्कृत की विभिन्न पांडुलिपियाँ प्रदर्शित की गईं। इसके अतिरिक्त बस्तर भूषण पंडित केदारनाथ ठाकुर, बाबू प्यारेलाल गुप्त एवं यतियतन लाल की हस्तलिखित दैनिक डायरियाँ भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
- -हितग्राहियों को राशन वितरण में न हो किसी प्रकार की परेशानी :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपु । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज शासकीय उचित मूल्य दुकान रायपुर प्रगति महिला स्व. सहायता समूह ठाकुर प्यारेलाल वार्ड डंगनिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकान में हितग्राहियों से बातचीत की एवं राशनकार्ड, तौल मशीन व राशन की जांच की।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि आप सभी को तीन महीने का राशन एक मुश्त दिया जाएगा।साथ ही कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत हितग्राहियों को समय पर एवं निर्धारित मापदंडों के अनुसार राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए एवं हितग्राहियों को राशन वितरण में न हो किसी प्रकार की परेशानी । राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -प्रेस क्लब के आयोजन हेतु नया साउंड सिस्टमरायपुर। प्रेस क्लब में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वरिष्ठ पत्रकार श्री संदीप तिवारी के सौजन्य से प्रेस क्लब को एक आधुनिक साउंड सिस्टम प्रदान किया गया।इस अत्याधुनिक साउंड सिस्टम के माध्यम से अब प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रमों की गुणवत्ता और बेहतर होगी, जिससे पत्रकार साथियों एवं आमंत्रित अतिथियों को उत्कृष्ट ध्वनि व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े एवं निवेदिता साहू सहित वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट दीपक पांडे, सत्येंद्र कर, मुकेश वर्मा, अख्तर हुसैन तथा बड़ी संख्या में प्रेस क्लब के सदस्य उपस्थित रहे।प्रेस क्लब परिवार ने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए वरिष्ठ पत्रकार श्री संदीप तिवारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह योगदान क्लब की गतिविधियों को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
- रायपुर। कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में उज़्बेकिस्तान यात्रा के प्रमुख निष्कर्षों को साझा करने एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के सतत प्रयासों का हिस्सा है।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। तत्पश्चात अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रोफेसर हुलास पाठक ने 28 फरवरी से 10 मार्च तक माननीय कुलपति के नेतृत्व में किए गए उज़्बेकिस्तान भ्रमण के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस यात्रा के दौरान कृषि, एग्रीबिजनेस, ग्रामीण विकास, उद्यमिता एवं नवाचार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं तथा भविष्य में सहयोग की व्यापक संभावनाएँ सामने आई हैं।इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य उज़्बेकिस्तान यात्रा से प्राप्त अनुभवों को, विभागाध्यक्षों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचाना तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय अवसरों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही, छात्रों को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के अवसरों में भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं अनुसंधान तंत्र से संबंधित संभावित सहयोग क्षेत्रों पर भी चर्चा की गई। इसमें छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ तथा विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहे।संगोष्ठी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही वित्तीय सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों को उड़ान योजना के तहत विदेशों में शोध एवं प्रशिक्षण के अवसरों तथा प्राध्यापकों को उत्कर्ष योजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग हेतु वित्तीय सहायता के बारे में अवगत कराया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को कम करते हुए अधिक से अधिक शिक्षकों एवं छात्रों को वैश्विक मंच पर अवसर प्रदान करना है।कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने तथा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया।अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुभव विद्यार्थियों के करियर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जी. के. दास ने छात्रों को अपनी क्षमता पहचानने एवं वैश्विक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों एवं अधिकारियों ने भी छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय अवसरों का लाभ उठाकर अपने कौशल का विकास करें और विश्वविद्यालय तथा राज्य का गौरव बढ़ाएँ।इस संगोष्ठी में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संजय द्विवेदी द्वारा किया गया तथा अंत में डॉ. सुनील नायर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की वैश्विक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
- -निरंतर साफ-सफाई कराने के दिए निर्देशरायुपर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह आज शहर के दौरे के दौरान रोहणीपुरम, डीडी नगर सहित अन्य क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया। रोहणीपुरम में नालियों की सफाई नहीं होने और सड़कों के किनारे कचरा पाए जाने पर नाराजगी जताई। कलेक्टर ने सभी नालियों की नियमित सफाई और कचरे के उठाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के वार्डों में नालियों की साफ-सफाई अच्छे से की जाए। कहीं पर भी जाम की स्थिति न रहे। कचरे के जमाव से नालियां जाम होंगी और संक्रामक बीमारी फैलने की संभावना बनी रहेगी। नगरीय निकाय के जोन स्तर के अधिकारी दौरे पर निकलेंगे और साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखेंगे। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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- राजस्व पखवाड़ा 1 से 15 अप्रैल तक
-लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण पर जोर, राजस्व अभिलेखों को अपडेट रखने के निर्देश-दुरुस्ती के बाद हितग्राही को कलेक्टर ने प्रदान किया बी-1 दस्तावेजरायपुर / रायपुर शहर में आज अपने धुंआधार निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह चंगोराभाठा स्थित पटवारी कार्यालय (हल्का नंबर 59) पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में लंबित एवं निराकृत आवेदनों की विस्तृत जानकारी ली और नक्शा, खसरा, बी-1 सहित अन्य राजस्व अभिलेखों का अवलोकन किया।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अभिलेख अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखे जाएं, ताकि आमजनों को आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित एवं समयसीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने श्री रामनारायण सिन्हा को दुरुस्ती के पश्चात बी-1 की प्रति भी प्रदान की। श्री सिन्हा ने बताया कि उन्होंने पूर्व में अपनी जमीन गिरवी रखकर बैंक से ऋण लिया था, जो अब पूर्ण रूप से चुकता हो चुका है तथा एनओसी भी प्राप्त हो गई थी, लेकिन बी-1 में आवश्यक सुधार नहीं हुआ था।उन्होंने बताया कि राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत पटवारी कार्यालय में आवेदन करने पर उनका कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया गया और बिना किसी परेशानी के उन्हें संशोधित बी-1 प्राप्त हो गया। उन्होंने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन तथा एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। - बिलासपुर /जिला स्तरीय गौधाम समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में गौसंरक्षण और गौधाम संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत गौधामों के संचालन, नए प्रस्तावों की स्थिति और अपूर्ण आवेदनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिए गए।जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक जिला अध्यक्ष श्री धीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, सदस्य श्री रमाकांत पांडे, श्री इतवारी धीवर, श्री रामकृष्ण साहू, डॉ. जी.एस. तंवर सचिव एवं संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं तथा डॉ. बी.पी. सोनी जिला नोडल अधिकारी, गौधाम योजना सहित विकासखंड स्तरीय समिति के पदाधिकारी और स्वीकृत गौधामों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 39 गौधामों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 गौधाम राज्य शासन द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 4 गौधाम वर्तमान में संचालित हैं, जबकि कनई खोंधरा का गौधाम शुरू होना शेष है। इसके अलावा 12 नए गौधामों के प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनमें रहंगी, पराघाट, निरतू, नेवरा, छतौना, मौपका, लावर, किरारी भरनी, घुटकू, खजुरी नवागांव एवं काठाकोनी शामिल हैं।बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। केवल विकासखंड कोटा के 3 प्रस्ताव पूर्ण होने पर उन्हें स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया गया। इनमें लालपुर गौधाम (गिरजा बंद गौ सेवा समिति), कुरुवार गौधाम (ग्राम पंचायत कुरुवार) एवं खैरा गौधाम (ग्राम पंचायत खैरा) शामिल हैं। वहीं, ग्राम जाली की गोरी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालन में असहमति जताने तथा खैरा के भवानी महिला स्व सहायता समूह एवं श्री कृष्णा गौधाम सेवा समिति के प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण संबंधित प्रस्ताव निरस्त किए गए। लालपुर कोटा में भी दो आवेदनों में से गिरजा बंद गौ सेवा समिति के प्रस्ताव को पूर्ण पाए जाने पर अनुशंसित किया गया, जबकि बैगा बाबा आश्रम का आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया।बैठक में सुरभि गौधाम कनई खोंधरा एवं हरदी कला टोना में पशु शेड पूर्ण होने और संचालकों द्वारा संचालन की सहमति देने पर उनके संचालन को अनुमोदित किया गया।इसके अतिरिक्त लाखासर गौधाम में 201, ओकर में 86 तथा जैतपुर में 54 गायों के संरक्षण की जानकारी देते हुए इन स्थानों पर सेक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गौधामों के सुव्यवस्थित संचालन और गौवंश संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।



























