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- -आर.बी.सी. 6-4 के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायतारायपुर । जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं से हुई जनहानि के पांच मामलों में प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के प्रावधानों के तहत कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक प्रकरण में मृतकों के निकटतम वैध वारिसों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाएगी।अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरसाबहार तहसील के ग्राम टाकमुण्डा निवासी स्वर्गीय अमर साय की मधुमक्खी के काटने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती कौशल्या बाई को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।इसी प्रकार फरसाबहार तहसील के ग्राम बारो निवासी स्वर्गीय मनसुखनी बाई की आग से झुलसने के बाद उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में उनके पिता श्री रामसाय राम को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।बगीचा तहसील के ग्राम नटकेला निवासी स्वर्गीय आकृति पैंकरा की बिच्छू के काटने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनके माता-पिता श्री बालमुकुन्द पैंकरा एवं श्रीमती कौशिल्या पैंकरा को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।इसी तरह बगीचा तहसील के ग्राम बुटंगा निवासी स्वर्गीय हीरामुनी बाई की स्टॉप डेम में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में उनके पिता श्री शिवचरण राम को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।वहीं, फरसाबहार तहसील के ग्राम जोरण्डाझरिया निवासी स्वर्गीय सुखसागर यादव की आंधी-तूफान के दौरान पेड़ की डाली गिरने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती दुती बाई को 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है।जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदाओं एवं आकस्मिक जनहानि से प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता के साथ पूरी की जा रही हैं, ताकि संकट की घड़ी में पात्र परिवारों को शीघ्र आर्थिक संबल मिल सके।
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जिला मुख्यालय बालोद के पर्यावरण पार्क में किया गया वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, वनमण्डलाधिकारी, अपर कलेक्टर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों अधिकारी-कर्मचारियों महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों सहित आम नागरिकों ने किया पौधरोपणबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि आज का दिन संपूर्ण बालोद जिले वासियों के लिए ऐतिहासिक एवं अत्यंत गौरवमयी है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिले वासियों के द्वारा आज किया गया काम वास्तव में अतुलनीय है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के पर्यावरण पार्क में आयोजित पौधरोपण समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर आप सभी ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के अलावा हमारे माताओं एवं बहनों के प्रति भी सम्मान प्रकट करने का कार्य किया है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि आप सभी जिले वासियों का यह कार्य सदैव चीरस्मरीणय बनकर आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। जिला मुख्यालय बालोद के पर्यावरण पार्क में आज आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकात कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों, मितानिनों एवं आम नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर संपूर्ण जिले में आज वृहद पैमाने पर पौधरोपण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होने पर जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने पिछले वर्ष वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर संपूर्ण जिले में रोपे गए 01 लाख 74 हजार पौधों में से अधिकांश पौधे जीवित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने संपूर्ण जिले वासियों से रोपे गए सभी पौधों की देख-रेख हेतु समुचित उपाय करने की भी अपील की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी करने हेतु जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों के अलावा जिला प्रशासन, वन विभाग सहित जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों एवं संपूर्ण जिले वासियों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिले वासियों को पवित्र सावन माह के आगमन की भी बधाई दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिला प्रशासन के प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती चैधरी ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के विशेष प्रयासों से जिले में आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण अभियान सभी के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से सराहना की है। श्रीमती चैधरी ने कहा कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के कुशल नेतृत्व में बालोद जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय साय के वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर जल संचयन में भी वृद्धि के परिकल्पना को मूर्त रूप देने का कार्य किया जा रहा है वह बहुत ही सराहनीय है और आने वाली पीढ़ी को सदैव प्रेरणा देती रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि हम बालोदवासी आज रोपे गए पौधों का अपने बच्चे की तरह समुचित देखभाल करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन करते हुए वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने जिला प्रशासन के इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हेें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में डाॅ. पदम जैन, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो, उप वनमण्डलाधिकारी श्री एमसी डाहिरे, श्री किशोरी साहू सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों एवं महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा आम नागरिकगण उपस्थित थे। -
*महापौर मीनल चौबे के अनुरोध पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर नगर निगम को वार्डो में जलभराव की समस्या दूर करने आवश्यक नाली निर्माण कार्य सहित विकास कार्य तत्काल करवाने लगभग 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान करने की सहमति व्यक्त कर प्रस्ताव भेजने किया निर्देशित*
*महापौर मीनल एवं पार्षदों ने राशि तत्काल स्वीकृत करने पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया,अन्य विषयों पर पार्षदों ने विचार रखे, उपमुख्यमंत्री नेउन्हें किया आश्वस्त*रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम में सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी पार्षद दल के , नगर निगम रायपुर के समस्त पार्षदों ने महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव से सौजन्य भेंट कर राजधानी रायपुर शहर में विभिन्न मदों के अंतर्गत स्वीकृत एवं संचालित विकास कार्यों के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करते हुये उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।बैठक के दौरान महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम में जोन स्तर पर आयोजित बैठकों का उल्लेख करते हुए शहर में जलभराव एवं पेयजल व्यवस्था से संबंधित वार्ड स्तरीय आवश्यक कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने तत्काल सहमति व्यक्त करते हुए लगभग 10 करोड़ रूपये तक के आवश्यक विभागीय कार्य प्रस्ताव रायपुर नगर निगम में अविलम्ब तैयार कर उन्हें राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को तात्कालिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रशासनिक तौर पर भेजने के निर्देश दिए.महापौर श्रीमती मीनल चौबे के रायपुर नगर निगम को अतिरिक्त राशि देने तत्काल लगभग 10 करोड़ की राशि स्वीकृत करने प्रमुख रूप से स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड क्रमांक 44 में अम्बा मन्दिर एवं गद्दा लाईन के पास नाली निर्माण कार्य, भक्त माता कर्मा वार्ड क्रमांक 67 में कराके बार से कुशालपुर चौक तक नाली निर्माण कार्य, शहीद पंकज विक्रम वार्ड क्रमांक 58 में देवी लक्ष्मी हॉस्पिटल के पास नाली निर्माण कार्य, पण्डित मोतीलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 9 में श्मशानघाट में शेड निर्माण कार्य, रानी दुर्गावती वार्ड क्रमांक 49 में श्रीराम मन्दिर के पास नाला निर्माण कार्य एवं अन्य वार्डो में विकास कार्यों हेतु नगर निगम रायपुर में तत्काल विभागीय कार्य प्रस्ताव बनाकर राशि स्वीकृति हेतु राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भेजने चर्चा में सहमति व्यक्त की गयी।बैठक में उपस्थित रायपुर नगर निगम के सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों एवं जनसमस्याओं से उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव को अवगत कराया।रायपुर नगर निगम भाजपा पार्षद दल के सचेतक एवं डीडी नगर वार्ड क्षेत्र के पार्षद श्री आशु चंद्रवंशी ने रायपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था के केंद्रीयकरण को लागू करने से पूर्व इसकी विस्तृत समीक्षा एवं सभी पक्षों पर विचार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू एवं जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा ने रायपुर नगर निगम में जोनों के अधिकारों में हो रही कटौती के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का ध्यान आकृष्ट किया। वहीं जल विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू ने रायपुर शहर के लिए अतिरिक्त फिल्टरप्लांट एवं नई पानी टंकी की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।बैठक में रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, वित्त विभाग अध्यक्ष श्री महेंद्र खोडियार, वार्ड पार्षद श्री प्रदीप वर्मा, श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, एल्डरमैन श्री मित्रसेन धीमान, श्री ऋषि साहू सहित रायपुर नगर निगम के अन्य जनप्रतिनिधियों ने विचार व्यक्त करते हुए अपने सुझाव उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव को दिए ।उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव ने रायपुर नगर पालिक निगम के जनप्रतिनिधियों के सभी विचारों को गंभीरतापूर्वक सहृदयता से सुना तथा सभी उनकी सभी मांगों एवं सुझावों पर विभागीय स्तर पर आवश्यक चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लेने का उन्हें आश्वासन दिया। - -70 हजार से ज्यादा लोगों ने ली तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग, COTPA उल्लंघन पर 10.97 लाख रुपए जुर्मानारायपुर। तंबाकू के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चल रही मुहिम अब सिर्फ जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं रही है। राज्य में तंबाकू की रोकथाम से लेकर इसे छोड़ने के लिए काउंसलिंग, उपचार, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने और कानून के उल्लंघन पर कार्रवाई तक एक साथ काम किया जा रहा है। इसी समेकित प्रयास का असर है कि वर्ष 2025-26 में 70,440 लोगों ने तंबाकू छोड़ने के लिए काउंसलिंग ली, जबकि 6,563 लोगों को काउंसलिंग के साथ फार्माकोथेरेपी उपलब्ध कराई गई। युवाओं को तंबाकू से दूर रखने के लिए 4,577 नए शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया, जिससे राज्य में ऐसे संस्थानों की संख्या बढ़कर 14,948 हो गई है।अभियान का विशेष फोकस युवाओं को तंबाकू से दूर रखने पर रहा। Tobacco Free Educational Institution (ToFEI) अभियान के तहत वर्ष के दौरान 4,577 नए शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया। पूर्व में घोषित 10,371 संस्थानों को मिलाकर राज्य में अब 14,948 शिक्षण संस्थान तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। इनमें शासकीय एवं निजी स्कूलों के साथ कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान शामिल हैं।तंबाकू नियंत्रण अभियान में कानून के प्रभावी पालन पर भी विशेष जोर दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध के उल्लंघन पर वर्ष के दौरान 7,783 चालान कर 10,97,670 रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को तंबाकू उत्पाद बेचने अथवा उनसे खरीदने के मामलों में 1,088 चालान तथा शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध 1,187 चालान किए गए।तंबाकू नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कृषि, शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग को भी जोड़ा गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय कानून प्रवर्तन प्रशिक्षण में 84 प्रतिभागियों, जबकि Tobacco Free Educational Institution से संबंधित प्रशिक्षण में 90 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिला स्तर पर भी वर्ष के दौरान 123 प्रशिक्षण गतिविधियों में 15,113 प्रतिभागियों की भागीदारी रही।तंबाकू सेवन से जुड़े मौखिक स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। इसके तहत 34 दंत चिकित्सकों को तंबाकू मुक्ति केंद्रों की सेवाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया। वहीं वर्ष 2025-26 में मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 8,79,253 OPD सेवाएं और 3,60,263 दंत प्रक्रियाएं की गईं। कार्यक्रम के अनुसार OPD में 92 प्रतिशत उपलब्धि रही, जबकि दंत प्रक्रियाओं का निष्पादन निर्धारित लक्ष्य के 100 प्रतिशत से अधिक रहा।तंबाकू नियंत्रण में जागरूकता, तंबाकू मुक्ति काउंसलिंग, उपचार, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने और COTPA के प्रभावी क्रियान्वयन को एक साथ जोड़कर छत्तीसगढ़ ने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समेकित कार्यप्रणाली विकसित की है। यही समन्वित प्रयास राज्य की इस पहल को तंबाकू नियंत्रण की दिशा में एक प्रभावी कदम के रूप में सामने लाता है।
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महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों को किया सख्त निर्देशित
*जोन कमिश्नर मानसून में किसी भी मुक्तिधाम परिसर में जलभराव की समस्या आने पर तत्काल जलभराव की समस्या दूर करने आवश्यक व्यवस्था वहाँ पहुंचकर करेंगे*रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोन कमिश्नरों को आज से प्रारम्भ सावन के पवित्र माह के दौरान शिव भक्त कावड़ियों की राजधानी शहर रायपुर में पवित्र कावड़ यात्रा के मार्गो में खुले में मांस का विक्रय तत्काल अपने - अपने जोन क्षेत्र के मार्गो में कड़ाई के साथ प्रतिबंधित करने के सख्त निर्देश दिए हैँ.आज ऑनलाइन बैठक लेकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने राजधानी शहर रायपुर के लाखेनगर चौक से महादेवघाट रायपुरा मार्ग के क्षेत्र का विशेष ध्यान प्रतिदिन सावन माह के दौरान सतत मॉनिटरिंग करते हुए रखने एवं खुले में मांस विक्रय करते पाए जाने पर सम्बंधित पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैँ.महापौर ने ऑनलाइन मीटिंग में जोन कमिश्नरों को जोन अंतर्गत किसी भी मुक्तिधाम परिसर में मानसून के दौरान जल का भराव होने पर तत्काल वहाँ पहुंचकर जलभराव की समस्या दूर करने त्वरित आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता से करवाने स्पष्ट निर्देशित किया है. - -धमतरी में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक- बाढ़ आपदा से निपटने के दिए पुख्ता निर्देश-मंत्री ने हितग्राहियों को सौंपे स्वामित्व कार्ड और जाति प्रमाण पत्ररायपुर /छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष धमतरी में कल आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वामित्व कार्ड और भूमि डायवर्सन जैसे जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने 5 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड तथा 5 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र का वितरण भी किया।मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने संभावित बाढ़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाए। राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की सुरक्षा के लिए संसाधन और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित हो।बैठक के दौरान मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिल का वितरण समय पर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। वहीं, कृषि विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि मानसून और बोआई के इस मौसम में किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ आम जनता तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में 200 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल, नेत्र एवं ट्रॉमा सेंटर के साथ-साथ कुरूद में 100 बिस्तरीय अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज का निर्माण प्रगति पर है। इसी तरह सड़क, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम, नालंदा परिसर, रेलवे, औद्योगिक पार्क और पर्यटन विकास के कार्यों को आगामी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में पुलिस अधीक्षक, वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत सीईओ सहित जिले के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंदों को मिल रहा सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन-जशपुर के सुनील पांडेय की बदली जिंदगी, कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का प्रेरक सफररायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप गरीब और आवासविहीन परिवारों का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। यह योजना केवल एक मकान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार भी प्रदान कर रही है।जशपुर जिले के तपकरा निवासी सुनील पांडेय की कहानी इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल है। कभी उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के मौसम में टपकती छत, भीगता सामान और असुरक्षित वातावरण उनके लिए हर साल बड़ी परेशानी बन जाता था। परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का सपना आर्थिक अभाव के कारण अधूरा ही रह जाता था ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुनील पांडेय को पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त सहायता के माध्यम से उन्होंने अपना नया घर बनवाया। आज उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहा है।सुनील पांडेय बताते हैं कि पक्का घर मिलने के बाद उनके परिवार की सबसे बड़ी चिंता समाप्त हो गई है। अब बरसात का मौसम डर नहीं, बल्कि सुकून लेकर आता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल एक घर ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और नए विश्वास के साथ जीवन जीने का अवसर भी दिया है।प्रधानमंत्री आवास योजना प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है। पक्के आवास के माध्यम से गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य का मजबूत आधार मिल रहा है, जिससे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिल रही है।
- -चार ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 8.44 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति-बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार को मिलेगा नया संबलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जशपुर जिले को एक और महत्वपूर्ण सौगात मिली है। राज्य शासन ने वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान के अंतर्गत जिले के चार प्रमुख ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए कुल 8 करोड़ 44 लाख 68 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। शासन के इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में उत्साह और खुशी का माहौल है।राज्य शासन द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार बुलडेगा से रेचवाघाट पहुंच मार्ग (1.20 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 1 करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस सड़क के निर्माण से ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा दैनिक आवागमन में आने वाली परेशानियां दूर होंगी।इसी प्रकार खुंटापानी से सलियामुड़ा पहुंच मार्ग (3 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 3 करोड़ 46 लाख 67 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मार्ग कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क बनने से विद्यार्थियों को विद्यालय, मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों तथा किसानों को कृषि उपज के परिवहन में बेहतर सुविधा मिलेगी।कोसमभावना से बनगांव पहुंच मार्ग (1.20 किलोमीटर) के निर्माण, जिसमें पुल-पुलिया का निर्माण भी शामिल है, के लिए 1 करोड़ 43 लाख 84 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से विशेषकर बरसात के दौरान आवागमन बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान होगा और ग्रामीणों को पूरे वर्ष सुरक्षित आवागमन का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त बुलडेगा मेन रोड से सुकबासुपारा होते हुए भिंजपुर पहुंच मार्ग (2.50 किलोमीटर) के निर्माण के लिए 2 करोड़ 30 लाख 40 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के अनेक गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ग्रामीणों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों और मरीजों का आवागमन सुगम होगा तथा स्थानीय व्यापार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सड़क निर्माण कार्यों से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
- -संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा के 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत अम्बिकापुर होते हुए रायपुर पहुँचेगा पवित्र कलश-प्रदेश महामंत्री व जयंती कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक अखिलेश सोनी ने बताया : 31 जुलाई दिन को कलश पूजन का कार्यक्रम आयोजित कर कलश स्थापना की जाएगीरायपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के निमित्त आयोजित 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत वाराणसी से पवित्र माटी एवं जल लेकर निकला भाजपा का प्रतिनिधिमण्डल कल 31 जुलाई को राजधानी पहुँचेगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं संत रविदास जयंती कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक अखिलेश सोनी ने यह जानकारी दी।भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री सोनी ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि संत रविदास के समरस समाज के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह पवित्र कलश अगले चरण में प्रदेश के सभी जिलों में जाएगा। श्री सोनी ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ने समाज से भेदभाव को मिटाकर बंधुत्व और समरसता का मार्ग दिखाया था। उनकी 650वीं जयंती के इस ऐतिहासिक अवसर पर वाराणसी से लाई गई पवित्र माटी का स्वागत अभियान प्रदेश के प्रत्येक जिले में निरंतर चलाया जाएगा। श्री सोनी ने बताया कि अम्बिकापुर में भव्य स्वागत के पश्चात यह यात्रा जगह-जगह जन-अभिनंदन स्वीकार करते हुए बिलासपुर पहुँचेगी। बिलासपुर में रात्रि विश्राम के बाद कल 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे बंजारी माता मंदिर रायपुर पहुँचेगा एवं शहर की प्रमुख स्थानों से होते हुए दोपहर 1 बजे यह यात्रा राजधानी रायपुर स्थित श्री राम मंदिर पहुँचेगी जहाँ पूज्य साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति में पवित्र कलश, वाराणसी की माटी का विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया जाएगा। श्री राम मन्दिर में पूजन के पश्चात यह पवित्र कलश प्रदेश भाजपा के सभी संगठन जिलों में दर्शन एवं पूजन हेतु पहुँचाया जाएगा, ताकि पूरे प्रदेश में समरसता और सद्भाव का वातावरण निर्मित हो सके।कलश वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय होंगे शामिलश्री सोनी ने बताया कि 31 जुलाई राम मंदिर में विशेष पूजा कार्यक्रम के पश्चात 4 अगस्त पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम में कलश वितरण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश के साधु-संत एवं विभिन्न समाजों के समाज प्रमुख उपस्थित रहेंगे। ये कलश प्रदेश के 36 संगठन जिला के जिलाध्यक्षों को सौंपे जाएंगे, जिसके बाद प्रदेश के 479 मण्डलों में कलश वितरण का कार्यक्रम होगा। श्री सोनी ने बताया कि पूरे प्रदेश में आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम का गठन किया गया है जो समरसता अभियान को जनअभियान बनाने में जुटी हुई है।
- -प्रदेश में एनॉलॉग पनीर पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश, मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से 34 लाख से अधिक लोगों की हुई स्वास्थ्य जांचरायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बस्तर अंचल में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके माध्यम से लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंची हैं तथा गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हुआ है। रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार प्रारंभ किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा 10,938 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है। इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और सामुदायिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि रणनीतिक कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि मलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों को दर्शाती है।मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव सम्पन्न हुए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक नागरिकों को समयबद्ध आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे दुर्घटना, प्रसूति एवं अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सकी।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए HLL Lifecare Limited के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, आईटी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली एवं गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी विश्वसनीय और समयबद्ध जांच सुविधियां उपलब्ध हो रही हैं।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक तकनीकी एवं पैरामेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा प्रदेश के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी शिक्षा एवं प्रशिक्षण के नए अवसर प्राप्त होंगे।प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग एवं विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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-महिला स्व-सहायता समूहों, FPO और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार-मंत्री टंक राम वर्मा
-धमतरी को मिली बड़ी सौगात: कृषि विज्ञान केंद्र में माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पणरायपुर / कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में स्थापित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर (कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर) किसानों, युवाओं और नए उद्यमियों को कम लागत पर आधुनिक मशीनरी, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग और कौशल प्रशिक्षण की साझा सुविधा प्रदान करते हैं। बिना बड़ी मशीनें खरीदे, उद्यमी यहाँ अपने कच्चे माल (जैसे फल, सब्जी, मसाले या मिलेट्स) से जूस, अचार, सॉस व अन्य उत्पाद बनाकर उनकी गुणवत्ता और बाजार का परीक्षण कर सकते हैं। धमतरी जिले में कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता को नई पहचान देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), धमतरी में नवनिर्मित ‘माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर’ का भव्य लोकार्पण राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उपजों का वैज्ञानिक विधि से प्रसंस्करण (Processing) करना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका अब सिर्फ तकनीक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन्हें ग्रामीण उद्यमिता के पावरहाउस के रूप में विकसित किया जा रहा है। 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' से ग्रामीण युवाओं, स्व-सहायता समूहों और एफपीओ (FPO) को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।मंत्री श्री वर्मा ने इन्क्यूबेशन सेंटर में स्थापित आधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक सिखाकर स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इसे जिले के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इस सेंटर से स्थानीय कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे धमतरी के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की नई राहें खुलेंगी। तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान किसानों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण एवं स्वच्छता आधुनिक पैकेजिंग व लेबलिंग FSSAI के मानक एवं नियम,विपणन और ब्रांडिंग के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।इस कार्यक्रम में धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाए, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता, खाद्य प्रसंस्करण विभागाध्यक्ष, जिला व्यापार उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान और महिला समूहों की सदस्याएं उपस्थित थीं। - -धमतरी में जिला स्तरीय 'शाला प्रवेशोत्सव' आयोजित; नवप्रवेशी बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागतरायपुर / नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर धमतरी स्थित मराठा मंगल भवन में जिला स्तरीय 'शाला प्रवेशोत्सव' का आयोजन किया गया। समारोह में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा के साथ भावुक व आत्मीय स्वागत किया गया। जिले के प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें एवं शाला गणवेश प्रदान किए। सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया। दिव्यांग विद्यार्थियों को आवश्यक सहायक किट वितरित कर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। इसी तरह शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। आज का विद्यार्थी ही कल का वैज्ञानिक, शिक्षक, चिकित्सक और राष्ट्र निर्माता बनेगा। विद्यार्थियों में उत्साह भरने के लिए उन्होंने संत और तीन मजदूरों की एक प्रेरक कथा साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक मजदूर की सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य ने साधारण से पत्थर तोड़ने के काम को 'बांध निर्माण' जैसे महान राष्ट्रसेवा के कार्य में बदल दिया। उन्होंने कहा कि काम केवल हाथों से नहीं, बल्कि उद्देश्य और सोच से बड़ा बनता है। मंत्री श्री वर्मा ने विद्यार्थियों से केवल अंक लाने तक सीमित न रहकर ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से समाज सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।मंत्री श्री वर्मा ने नूतन विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर 'न्योता भोजन' किया, जिससे विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति अपनापन और उत्साह का संचार हुआ।जिले के प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में डिजिटल शिक्षा, मजबूत अधोसंरचना, छात्रवृत्ति और पारदर्शी योजनाओं के जरिए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से पढ़ाई से दूर न रहे। कार्यक्रम में कलेक्टर ने स्वागत भाषण देते हुए जिले में विकसित की जा रही शैक्षणिक अधोसंरचना, नवाचारों और समावेशी माहौल की जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी ने विभागीय उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष तथा महापौर ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू,अन्यजनप्रतिनिधि,अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
- -जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत-कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान-50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन का हुआ भूमिपूजन-पुसौर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सवरायपुर / रायगढ़ जिले के नगर पंचायत पुसौर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव-2026 उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन का भूमिपूजन किया। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि विद्यालय में पहला कदम किसी भी बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत होता है। शिक्षा केवल व्यक्ति का जीवन ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की दिशा और दशा बदलने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित जीवन और सतत मेहनत के बल पर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय किया। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन का लक्ष्य अभी से निर्धारित करने और उसी दिशा में समर्पित होकर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह तय होना चाहिए कि जीवन में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के द्वार खुले हैं और ऐसे अवसरों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित होने वाले विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को आईएएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली भेज रही है, जहाँ उनके अध्ययन और आवास का संपूर्ण व्यय सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के मार्ग में आर्थिक अभाव कभी बाधा नहीं बन सकता।मंत्री श्री चौधरी ने शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान जिन शिक्षकों के बच्चे शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, उनका मंच से सम्मान भी किया गया। उन्होंने प्राचार्यों और शिक्षकों का आह्वान किया कि वे ऐसे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय विकसित करें, जहाँ अभिभावक स्वयं अपने बच्चों का प्रवेश दिलाने के लिए उत्सुक हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पुसौर में नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी।कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि विद्यालय को बच्चों के लिए आनंददायक और प्रेरणादायी बनाना है। उन्होंने अभिभावकों से घर में बच्चों के अध्ययन के लिए एक अलग स्थान निर्धारित करने और प्रतिदिन उनसे विद्यालय में सीखी गई नई बातों पर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और आत्मीयता विकसित होगी।कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पूर्ण दृष्टिबाधित छात्रा कामिनी यादव को 86 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों का भी सम्मान किया गया।इस अवसर पर छात्राओं को साइकिल तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में न्योता भोज का आयोजन भी किया गया। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी सहभागिता ने शाला प्रवेशोत्सव को एक जनउत्सव का स्वरूप प्रदान किया।कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी मोहित सतपथी, जिला पंचायत सदस्य श्री ब्रजेश गुप्ता, श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक एवं श्रीमती लक्ष्मी जीवन पटेल, नगर पंचायत पुसौर के उपाध्यक्ष श्री उमेश साव, जनपद पंचायत पुसौर की उपाध्यक्ष श्रीमती खीरमती चौहान, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया भूमिपूजन, मरीजों को मिलेंगी निजी अस्पताल जैसी सुविधाएंरायपुर / स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने आज जिला चिकित्सालय दुर्ग परिसर में सर्जिकल विंग प्रथम तल (फेज-2) के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। लगभग 4 करोड़ 85 लाख 43 हजार रुपये की लागत से बनने वाले इस अत्याधुनिक सर्जिकल विंग में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि नए सर्जिकल विंग में 7 आधुनिक पेइंग रूम बनाए जाएंगे, जहां मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन में दो विशाल वेटिंग हॉल, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग, टेलीविजन सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी, जिससे मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके परिजनों को भी बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जिला अस्पताल में पेइंग वार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों को निजी अस्पतालों का विकल्प चुनना पड़ता था। अब डिलीवरी के बाद यदि कोई परिवार जच्चा-बच्चा को चिकित्सकों की निगरानी में सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण में रखना चाहता है, तो उन्हें अलग पेइंग रूम की सुविधा उपलब्ध होगी।मंत्री श्री यादव ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व जिला अस्पताल में पेइंग वार्ड संचालित होता था, जहां शहर के अनेक परिवार अपने मरीजों एवं प्रसूताओं को भर्ती कराते थे। उस समय अलग किचन सहित कई विशेष सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन बाद में यह व्यवस्था समाप्त हो गई थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों तथा प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से पेइंग वार्ड की सुविधा पुनः प्रारंभ करने का आग्रह किया था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि नए पेइंग वार्ड में मरीजों को होटल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे अस्पताल परिसर में ही चिकित्सकों की सतत निगरानी में सुरक्षित रह सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में जिला अस्पताल में अलग एमआरआई सेंटर तथा सीटी स्कैन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे जिलेवासियों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री श्याम शर्मा, छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन डॉ. आशिष मिंज, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए.के. भट्टाचार्य सहित स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित थे।
- -बच्चों के सुरक्षित कल के लिए धमतरी में साझा हुए पेरेंटिंग के नए मंत्ररायपुर । बच्चों के सर्वांगीण विकास, उनके अधिकारों की सुरक्षा और एक संवेदनशील पारिवारिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से धमतरी में ‘समझदार पालक-सशक्त प्रदेश’ विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल पर आयोजित इस कार्यशाला में समाज, जनप्रतिनिधियों और 40 से अधिक अभिभावकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के दो दिवसीय प्रवास के दौरान रूद्री रोड स्थित परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और व्यक्तित्व विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला में अभिभावकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी संवाद के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी और जिम्मेदारी उनके माता-पिता हैं। अपने बच्चों के लिए तो हर माँ 'देवकी' होती है, लेकिन समाज का दायित्व है कि राह से भटके और बेसहारा बच्चों के लिए 'यशोदा' बनकर भी मिसाल कायम करें।रायपुर की मनोवैज्ञानिक डॉ. गार्गी पांडे ने बताया कि माता-पिता का आचरण बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य की नींव रखता है। उन्होंने बच्चों के बदलते व्यवहार को समझकर उनके साथ दोस्ताना संवाद स्थापित करने के व्यावहारिक सुझाव दिए। बच्चों के कानूनी अधिकार की विशेषज्ञ सुश्री दिव्यांशी शर्मा ने बच्चों के चार मूलभूत अधिकारों और बाल संरक्षण आयोग की शक्तियों से अभिभावकों को अवगत कराया। नगर निगम महापौर ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम संस्कारित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अभिभावकों से बच्चों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, बाल कल्याण समिति के सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- रायपुर। नारायणपुर जिले में आयुष विभाग की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रही हैं। यहाँ यूनानी और आयुर्वेदिक औषधियों के साथ-साथ पंचकर्म और शिरोधारा जैसी प्राचीैन तकनीकों के सटीक समन्वय से ऐसे मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है, जो लंबे समय से दर्द और लाचारी का सामना कर रहे थे। यूनानी चिकित्सा अधिकारी के समर्पित प्रयासों से कई मरीज न केवल गंभीर बीमारियों से उबरे हैं, बल्कि अब सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।नारायणपुर निवासी 45 वर्षीया श्रीमती इश्वरी यादव बीते लंबे समय से दोनों घुटनों के असहनीय दर्द, सूजन और गतिहीनता से बेहाल थीं। उठने-बैठने और चलने-फिरने से मजबूर इश्वरी जी को डॉक्टरों ने नी-रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) कराने की सलाह दे दी थी। सर्जरी के डर और अनिश्चितता के बीच वे आयुष विभाग पहुँचीं, जहाँ डॉ. ने यूनानी-आयुर्वेदिक औषधियों के साथ नियमित शिरोधारा चिकित्सा से उनका इलाज शुरू किया।इस समन्वित उपचार का असर ऐसा रहा कि धीरे-धीरे उनका दर्द और सूजन पूरी तरह खत्म हो गई। बिना किसी ऑपरेशन के स्वस्थ हुईं इश्वरी आज न केवल अपनी दिनचर्या आसानी से पूरी कर रही हैं, बल्कि नारायणपुर में अपना होटल भी सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। कुछ ऐसी ही राह 55 वर्षीय श्री प्रमोद पाण्डेय की भी रही, जो मधुमेह (शुगर) के कारण शरीर में अत्यधिक कमजोरी, नसों में झुनझुनी, पैरों के भारीपन और मानसिक तनाव से ग्रस्त थे। स्थिति यह हो गई थी कि वे 100 मीटर भी पैदल चलने में असमर्थ थे।आयुष विभाग में यूनानी और आयुर्वेदिक दवाओं के साथ शिरोधारा थेरेपी के माध्यम से उनके शरीर में नई ऊर्जा का संचार किया गया। इस इलाज से न केवल उनका तनाव और घबराहट दूर हुई, बल्कि उनके नर्वस सिस्टम और चलने-फिरने की क्षमता में भी अभूतपूर्व सुधार आया। 35 वर्षीया श्रीमती अर्पना नाग के लिए गर्भावस्था के दौरान शुरू हुआ दाहिने पैर का दर्द और झुनझुनी प्रसव (LSCS) के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा था। अगले 7-8 महीनों तक उनका उठना-बैठना और चलना पूरी तरह प्रभावित रहा।जब वे आयुष केंद्र पहुँचीं, तो डॉ. साहू ने यूनानी-आयुर्वेद के साथ पंचकर्म थेरेपी का प्रयोग किया। इस इलाज का असर इतना त्वरित रहा कि मात्र एक सप्ताह के भीतर उन्हें 50 प्रतिशत से अधिक राहत मिल गई और लगातार दो महीने के उपचार के बाद वे पूरी तरह निरोग हो गईं। महिलाओं में होने वाली जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी आयुष चिकित्सा वरदान सिद्ध हो रही है। 50 वर्षीया श्रीमती कल्पना शर्मा पिछले एक वर्ष से मेनोरेजिया (अत्यधिक व अनियमित मासिक रक्तस्राव) से पीड़ित थीं। एक महीने से लगातार हो रही ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में तीव्र दर्द और कमजोरी ने उन्हें बेहद लाचार कर दिया था।आयुष विभाग द्वारा दी गई विशेष यूनानी और आयुर्वेदिक औषधियाँ शुरू होने के मात्र 10 दिनों के भीतर ही उनका रक्तस्राव पूरी तरह नियंत्रित हो गया और वे पेट दर्द व कमजोरी से मुक्त हो गईं।नारायणपुर में आयुष विभाग के ये परिणाम यह साबित करते हैं कि यदि पारंपरिक पद्धतियों का सही और समन्वित उपयोग किया जाए, तो बिना किसी जटिल सर्जरी के भी असाध्य रोगों का स्थायी समाधान संभव है। डॉ. साहू के मार्गदर्शन में मिल रहा यह सुरक्षित, प्रभावी और सुलभ इलाज नारायणपुर जिले में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है।
- -खेल मैदानों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक, स्कूलों में '1098' हेल्पलाइन अंकित करना अनिवार्य-अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा-पॉक्सो मामलों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों की ट्रैकिंग पर विशेष जोर-स्कूलों में जर्जर शौचालयों की मरम्मत और बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने प्रदेश में बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। धमतरी जिला मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि खेल मैदानों का किसी भी स्थिति में व्यावसायिक उपयोग नहीं होना चाहिए। जिन मैदानों का अन्य प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल हो रहा है, उन्हें तत्काल मुक्त कराकर बच्चों के खेलकूद के लिए उपलब्ध कराया जाए।बैठक में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ सहित पुलिस, शिक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों की दीवारों और प्रमुख स्थलों पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा संबंधित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी का नाम व संपर्क विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा। पिछले तीन वर्षों में स्कूल छोड़ने वाले (ड्रॉपआउट) बच्चों का घर-घर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी बच्चा बाल श्रम, बाल विवाह या मानव तस्करी का शिकार न हो। इसी तरह बुनियादी सुविधाओं पर जोर देते हुए उन्होंने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए पृथक स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और बेहतर खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।पुलिस विभाग को पॉक्सो (POCSO) मामलों को लेकर समाज में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा प्रत्येक थाने में बाल कल्याण अधिकारी का विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और भयमुक्त वातावरण देना सरकार और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी है। बच्चों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ज्ञात हो कि धमतरी जिला में खेल एवं युवा कल्याण द्वारा जिले के 81 मिनी स्टेडियमों में खेल गतिविधियां जारी हैं तथा 36 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए 1,160 खिलाड़ियों को कोचिंग दी जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा 1,076 स्कूलों में से जर्जर शौचालयों के स्थान पर 34 बालिका व 84 बालक शौचालयों के निर्माण का प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा गया है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा जून 2026 में चलाए गए अभियान में 6 बालिकाओं और बाल श्रम में लगे 1 बालक का रेस्क्यू किया गया। पिछले तीन वर्षों में कुल 30 बच्चों का सफल पुनर्वास कराया जा चुका है।अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों के हितों से जुड़ी योजनाओं को संवेदनशीलता और पूरी जवाबदेही के साथ धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
- रायपुर । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों को मिले सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा राष्ट्रपति भवन में बस्तर के जनजातीय प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत और सम्मान देश की समृद्ध आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का सशक्त संदेश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा स्वयं अतिथियों का स्वागत करना और उन्हें भोजन परोसकर सम्मानित करना भारतीय संस्कृति की आत्मीयता और जनजातीय समाज के प्रति आदर का अनुपम उदाहरण है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा, ‘राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की पारंपरिक जनजातीय संस्कृति, वेशभूषा, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत का ऐसा भव्य स्वरूप देखने को मिला। यह केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।’उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करना बस्तर की सांस्कृतिक पहचान के लिए अत्यंत सम्मानजनक है। इससे प्रदेश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन पहुँचना और बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा ‘झिटकू-मिटकी’ पर आधारित कलाकृति राष्ट्रपति को भेंट करना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बस्तर की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराएं और सामाजिक जीवन हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से प्रदेश के कलाकारों, जनजातीय समाज और युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बस्तर पंडुम-2026 के सभी विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनजातीय प्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
- -लोकसभा में विधेयक पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार, कहा- निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूतीरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है।श्री चौधरी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन युवाओं के सपनों, उनकी मेहनत और उनकी योग्यता की रक्षा के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों-करोड़ों युवाओं के भविष्य का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा माफिया और अनुचित साधनों के माध्यम से होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए यह संशोधन अत्यंत आवश्यक था। इसके लागू होने से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी तथा ईमानदार एवं प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए यह एक नया अध्याय है। यह संशोधन परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा तथा संगठित परीक्षा अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री चौधरी ने इस युगांतकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है। यह विधेयक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो योग्यता, ईमानदारी और पारदर्शिता पर आधारित परीक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।
- -मुख्यमंत्री श्री साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशों पर राहत और बचाव कार्य तेजरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बारिश प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इसी का परिणाम है कि बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई से गर्भवती महिला, नवजात शिशु और पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया।ग्राम डल्ला की एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए उफनती तालपेरु नदी पार कर सुरक्षित रूप से बासागुड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। वहां समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलने से सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सका। इसी तरह ग्राम बांडागुड़ा से प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु को भी सुरक्षित रूप से तालपेरु नदी पार कर बासागुड़ा अस्पताल लाया गया। दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।इसके अलावा ग्राम लंकापल्ली में फंसे सात पर्यटकों का प्रशासन ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाया।जिला प्रशासन ने बताया कि बारिश के मौसम में दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि शाम 4 बजे तक इंद्रावती नदी का जलस्तर पुल के खतरे के निशान से 3.10 मीटर ऊपर दर्ज किया गया। इसके बावजूद प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और जनसेवा के संकल्प तथा प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के सतत मार्गदर्शन में बीजापुर जिले में राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे संकट की घड़ी में लोगों को समय पर सहायता मिल रही है।
- -अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुवा ने निगरानी व्यवस्था का लिया जायजा, हाथी मित्र दल के साथ की गश्तरायपुर। अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुवा ने आज कटघोरा वनमंडल के हाथी नियंत्रण केंद्र, चोटिया का निरीक्षण कर हाथियों की निगरानी व्यवस्था और मानव–हाथी द्वंद्व की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हाथी मित्र दल के सदस्यों के साथ क्षेत्र में गश्त की और हाथियों की वर्तमान गतिविधियों, उनके विचरण मार्गों तथा निगरानी प्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और हाथी मित्र दल के सदस्यों से चर्चा करते हुए कहा कि मानव–हाथी द्वंद्व की घटनाओं को रोकने के लिए हाथियों की लगातार निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और ग्रामीणों को समय पर सतर्क करना बेहद जरूरी है।श्री पिंगुवा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करें, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने हाथी मित्र दल की सराहना करते हुए कहा कि वन विभाग और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय बनाने में इस दल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सदस्यों से पूरी सतर्कता, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य जारी रखने का आह्वान किया। रात्रिकालीन गश्त और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हाथी मित्र दल के सदस्यों को टॉर्च और पानी की बोतलों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर कटघोरा वनमंडल अधिकारी (डीएफओ) श्री कुमार निशांत सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- -जलापूर्ति योजनाओं के संचालन व रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री-पीएचई द्वारा यूनिसेफ और एसीई के सहयोग से हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए कार्यशाला का आयोजनरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए ग्रामीण पाइपलाइन जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) में आयोजित कार्यशाला में महिला सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि जल आपूर्ति की योजनाओं के लंबे समय तक सुचारू संचालन के लिए बारिश के पानी का संचय और जल संरक्षण आवश्यक है। यह भूजल को रिचार्ज करने के साथ ही दीर्घ काल तक जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बनाए रखेगा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यशाला में सरपंचों से गांवों में हर घर नल से जल पहुंचने के बाद ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। उन्होंने नल जल योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए पंचायतों द्वारा की गई व्यवस्था के बारे में पूछा। उन्होंने गांवों में जलस्रोतों, जल की गुणवत्ता के नियमित परीक्षण तथा रखरखाव शुल्क की भी जानकारी ली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यूनिसेफ और एसीई (Action for Community Development) संस्था के सहयोग से इस एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 100 महिला सरपंच शामिल हुईं।कार्यशाला में हर घर जल प्रमाणित गांवों में नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण और मरम्मत पर व्यापक विचार-विमर्श और बेस्ट प्रेक्टिसेस पर गहन चर्चा की गई। महिला सरपंचों ने इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत अपनी-अपनी पंचायतों में जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा नल जल योजना के संचालन-संधारण के अनुभव साझा किए। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने महिला सरपंचों को नल जल योजनाओं के सफल, निर्बाध और दीर्घकालीन संचालन के गुर बताए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यशाला में कहा कि जल आपूर्ति के लिए उपयोग हो रहे जल स्रोतों की देखभाल और सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है। इसके टिकाऊपन (Sustainability) पर ही योजना की दीर्घकालीन सफलता निर्भर है। उन्होंने कहा कि नल जल योजनाओं के काम पूर्ण होने तथा पंचायतों को इसके हस्तांतरण के बाद इसका संचालन व संधारण ग्राम पंचायतों को करना है। जल जीवन मिशन हमारे घर और हमारे गांव के लिए योजना है। ग्राम पंचायतों को गांववालों के साथ मिलकर जल आपूर्ति की व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। श्री साव ने जल स्तर बनाए रखने तथा भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने स्टॉपडैम बनाने और बारिश के पानी को संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव के अवरोधों व अतिक्रमणों को हटाकर तालाबों को अच्छे से भरने की व्यवस्था सभी गांवों को करना चाहिए।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की निदेशक सुश्री रूबी मुखर्जी और यूनिसेफ की जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ सुश्री श्वेता पटनायक ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. मरकाम और अधीक्षण अभियंता श्री समीर गौड़ भी कार्यशाला में मौजूद थे।
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बिलासपुर. बिलासपुर में केंद्रीय जेल में दोहरे हत्याकांड का सजायाफ्ता एक कैदी बायोमास आधारित गैसीफायर प्लांट की भट्ठी में कथित तौर पर कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राहुल उर्फ विकेश कंवर की कथित आत्महत्या पिछले डेढ़ महीने के दौरान केंद्रीय जेल में किसी कैदी की मौत का पांचवां मामला है। जेल के एक अधिकारी ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह निवासी कंवर (46) 2016 से दोहरे हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को जेल की रसोई से जुड़ा लकड़ी और बायोमास-आधारित गैसीफायर प्लांट चालू था, तभी कंवर अचानक उस जगह की ओर भागा और भट्टी में कूद गया। उन्होंने बताया कि जब तक जेलकर्मी और अन्य कैदी उसे बाहर निकाल पाते, तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था और उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बिलासपुर के जिलाधिकारी संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और जेल के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल केंद्रीय जेल पहुंचे। पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका सटीक पता लगाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में बिलासपुर केंद्रीय जेल के भीतर किसी कैदी की मौत का यह पांचवां मामला है। अधिकारियों ने बताया कि 23 जून को एक सजायाफ्ता कैदी ने जेल के भीतर एक अन्य कैदी की हत्या कर दी थी। इसके बाद तीन अन्य कैदियों की अलग-अलग घटनाओं में बीमारी और दुर्घटनावश लगी चोटों के कारण मौत हो गई थी। - -बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, ग्रामीणों में खुशी की लहररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में ग्रामीण अधोसंरचना विकास को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में जिले के बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 89 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस सड़क का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।यह सड़क लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल थी। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क निर्माण से वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान होगा।नई सड़क बनने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। विशेष रूप से बारिश के मौसम में ग्रामीणों को होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी और गांवों की जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों तक पहुंच अधिक सुगम हो सकेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क संपर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत सड़क परियोजनाएं न केवल आवागमन को सुगम बना रही हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली सड़क निर्माण की यह स्वीकृति क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि वे शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा में सक्रिय हों।


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