- Home
- छत्तीसगढ़
- बिलासपुर. कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर जिले के किसान अब कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के ग्राम कछार के प्रगतिशील किसान श्री तिहारू राम साहू इसकी एक उत्कृष्ट मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपनी खेती में नैनो डीएपी का उपयोग कर न केवल उर्वरक लागत में कमी लाई, बल्कि फसल उत्पादन और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हासिल किया।किसान श्री तिहारू राम साहू ने बताया कि वे पहले पारंपरिक डीएपी उर्वरक का उपयोग करते थे, जिससे लागत अधिक आती थी।कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नैनो डीएपी का प्रयोग किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधों का विकास संतुलित रहा तथा उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि वे लगभग सवा एकड़ में सब्जी के साथ अन्य फसलों की खेती करते है। नैनो डीएपी के उपयोग से खेतों में फसले लहलहा रही है। उन्होंने सभी किसानों से नैनो डीएपी का उपयोग करने की अपील की है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नैनो डीएपी एक आधुनिक एवं प्रभावी उर्वरक है, जो पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक दक्षता के साथ उपलब्ध कराता है। इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की खपत कम होती है। विभाग द्वारा किसानों को नैनो डीएपी एवं अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री तिहारू राम साहू की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी नैनो डीएपी के उपयोग की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
- रायपुर. आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। छात्रवृत्ति के लिए आवेदन विभागीय पोर्टल https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ पर ऑनलाइन किए जा सकते हैं।छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन नवीनीकरण हेतु 20 जून 2026 से तथा नवीन आवेदन हेतु 1 अगस्त 2026 से पंजीयन प्रारंभ किया जाएगा। छात्रवृत्ति राशि आधार सीडेड बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से जमा की जाएगी। साथ ही नवीन आवेदकों के लिए एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (One Time Registration) प्राप्त करना आवश्यक होगा एवं विद्यार्थी द्वारा आवेदन करते समय सक्रिय एवं आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी सुनिश्चित करना अनिवार्य है।पात्रता के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है।विभाग ने सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों के प्राचार्यों तथा छात्रवृत्ति प्रभारियों से समय-सीमा के भीतर आवेदन परीक्षण एवं स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिल सके।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 से 5 उरला में 88 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1, 2, 3 एवं शासकीय प्राथमिक शाला देवातिल्दा में 201 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 नूरडीह में 113 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र बाजारपारा एवं अड़सेना तिल्दा नेवरा में 121 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र घासपारा एवं वाल्मीकि नगर में 98 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र डंगनिया एवं बंजारी नगर में 119 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई व पूरे जिले में आज कुल 740 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
- बिलासपुर. जिले में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री एवं किसानों के बीच कृत्रिम अभाव की स्थिति को रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर लगातार निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम द्वारा विकासखंड बिल्हा के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान द्वारा यूरिया एवं सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक निरीक्षक श्री गौतम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया एवं 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी।साथ ही संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने तथा निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा एवं उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड बिल्हा में इस प्रकार की जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूर्णतः पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
- 0- स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था विकसित करने प्रशासन की अपीलबिलासपुर. जिले में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 106 बड़े संस्थानों का बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) के रूप में पंजीयन किया गया है। यह पंजीयन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ऑनलाइन पोर्टल पर किया गया है। इससे बड़े स्तर पर निकलने वाले कचरे के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता अभियान तभी सफल होगा जब सभी संस्थान और नागरिक इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने पंजीयन कराने वाले संस्थानों को बधाई देते हुए अन्य पात्र संस्थानों से भी नियमों का पालन करने और स्वच्छ बिलासपुर के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि कचरे का सही प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। उन्होंने संस्थानों से अपने परिसर में गीले और सूखे कचरे को अलग करने तथा जैविक कचरे के प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया |जिला प्रशासन द्वारा शासकीय एवं निजी संस्थानों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बड़े आवासीय परिसरों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। नियमों के अनुसार बड़े क्षेत्रफल वाले परिसर, अधिक जल उपयोग करने वाले संस्थान अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों के लिए बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में पंजीयन अनिवार्य है।प्रशासन ने शेष पात्र संस्थानों से भी शीघ्र पंजीयन कराने और कचरे के पृथक्करण एवं वैज्ञानिक प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
- बालोद. राज्य शासन द्वारा जारी पदोन्नति सूची के तहत बालोद में पदस्थ तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा को डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नत करते हुए जिला कबीरधाम में नई पदस्थापना दी गई है। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज आयोजित समय.सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री शर्मा को पौधा भेंट कर अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने श्री शर्मा के प्रशासनिक कौशल की सराहना की और कवर्धा में उनके नए एवं उच्च दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशीए अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर शिक्षाविद और राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रीराम गर्ग व छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जगदलपुर में डॉ. मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय सहित पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने इस मौके पर कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की अखण्डता और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने नारा दिया था— एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के उस अधूरे सपने और संकल्प को पूरा किया गया है। श्री देव ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का साधन माना। स्वतंत्रता के समय देश के विभाजन के संकट के दौरान बंगाल के हिंदुओं की रक्षा और पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक थी।प्रदेश भाजपा कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) स्थित "स्मृति मंदिर" में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पक्ष कार्यक्रम प्रभारी नंदन जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक मितुल कोठारी, प्रदेश आईटी सेल संयोजक सुनील पिल्लई सहित प्रदेश पदधिकारियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।भाजपा जिला कार्यालय (एकात्म परिसर) में आयोजित संस्मरण कार्यक्रम में प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक त्रय सुनील सोनी, पुरन्दर मिश्रा व मोतीलाल साहू, शहर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेशसिंह ठाकुर, भाजपा प्रदेश मंत्री द्वय जयंती पटेल व अमित साहू सहित आयोग, निगम-मण्डलों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस स्मृति सभा के दौरान पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को बूथ स्तर तक ले जाने और देश सेवा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जोन-01 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक 04 कोसा नगर एवं वार्ड क्रमांक 17 आकाशगंगा क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर चालानी कार्रवाई की।अभियान के दौरान सड़क पर सामग्री रखकर आवागमन बाधित करने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया। इसमें मौर्या ट्रेडर्स पर 4 हजार रुपये, सतगुरू ट्रेडर्स पर 4 हजार रुपये तथा अभिषेक गुप्ता पर 2 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। वहीं सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग एवं भंडारण पाए जाने पर नंदकुमार साह से 1 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।इसी तरह सीएम पोर्टल के प्राप्त आवेदन के साथ वार्ड क्रमांक 18 कांट्रेक्टर कालोनी चौहान प्लाजा कॉम्प्लेक्स में संचालित आनंद गुप्ता द्वारा चार्ट सेंटर का संचालन किया जा रहा है । निरीक्षण में सिंगल यूज प्लास्टिक ग्लास एवम् अनुज्ञप्ति लाइसेंस एवं साफ सफाई सही नहीं पाए जाने पर 7000 का चलानी कारवाही किया गया साथ ही बिना लाइसेंस के दुकान संचालित नहीं करने की समझाईस दी गई है।इस प्रकार निगम की टीम ने कुल 18 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई की। निगम अधिकारियों ने संबंधित व्यापारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में सड़क बाधा उत्पन्न करने या सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करते पाए जाने पर और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने नागरिकों एवं व्यापारियों से शहर को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने के अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
- -31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन, 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे कर सकते हैं आवेदनरायपुर ।बच्चों की असाधारण प्रतिभा, नवाचार, साहस और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है।प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का सर्वोच्च बाल सम्मान माना जाता है, जो उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।विभागीय जानकारी के अनुसार 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार के लिए पात्र हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अभिभावक, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं और अन्य व्यक्ति भी योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं।सभी आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के नवाचारी, प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी बच्चों से इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया है।आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिएawards.gov.in पर विजिट किया जा सकता है।
- -आधुनिक खेती से सालभर में 7 लाख रुपये की आयरायपुर । कभी परंपरागत खेती तक सीमित रहे बीजापुर जिले के ग्राम पोलेम के किसान कन्हैया आत्रम आज आधुनिक बागवानी तकनीक अपनाकर आर्थिक समृद्धि की नई मिसाल बन गए हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत उद्यानिकी विभाग के सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने 2000 वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित किया, जिससे उनकी खेती की तस्वीर ही बदल गई।शेडनेट हाउस में कन्हैया आत्रम करेला, खीरा, तरोई और बरबटी जैसी सब्जियों की उन्नत खेती कर रहे हैं। इस खेती से उन्हें अब तक लगभग 2 लाख रुपये का उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसमें सभी खर्च निकालने के बाद 1.80 लाख रुपये की शुद्ध आय हुई। वहीं खुले खेत में लाल मिर्च की खेती से उन्होंने करीब 7 लाख रुपये का उत्पादन हासिल किया। लगभग 2 लाख रुपये की लागत के बाद उन्हें 5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।कन्हैया आत्रम का कहना है कि उद्यानिकी विभाग की योजनाओं, अनुदान और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन ने उन्हें आधुनिक खेती अपनाने का आत्मविश्वास दिया। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह साबित कर रही है कि वैज्ञानिक खेती अपनाकर कम क्षेत्र में भी बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
-
राजनांदगांव ।श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए पात्र विद्यार्थियों से 3 जुलाई 2026 तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए है। योजना का लाभ ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्रथम दो संतानों को दिया जाएगा, जिनका श्रमिक पंजीयन कम से कम एक वर्ष पूर्ण (पुराना) कर चुका हो तथा जिनके बच्चे इस सत्र में कक्षा 6वीं से प्रवेश ले रहे हो। प्राप्त आवेदनों में पात्र विद्यार्थियों का चयन मंडल द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को प्रदेश के उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक पूर्णत: नि:शुल्क शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा सहित गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण प्रदान किया जाएगा। जिससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त हो सके। आवेदन श्रम विभाग के श्रमेव जयते ऐप एवं पोर्टल या निकटतम विकासखंड के जनपद में संचालित श्रम संसाधन केन्द्र, च्वाईस सेंटर अथवा कार्यालय श्रम पदाधिकारी जिला- राजनांदगांव के माध्यम से किए जा सकते है। योजना के लिए आवेदन करते समय श्रमिक पंजीयन कार्ड, छात्र-छात्राओं का मूल निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, कक्षा 5वीं की उत्तीर्ण अंकसूची तथा वर्तमान कक्षा में अध्ययनरत होने संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक परिवारों से अपील की है कि इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ निर्माण कार्य से जुडे पंजीकृत श्रमिक निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करें।
-
महासमुंद / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 30 जून 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह रोजगार मेला शासकीय आईटीआई, ग्राम लभराखुर्द, महासमुंद में प्रातः 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा।
उपसंचालक रोजगार डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड, स्टार आदर्श होम हेल्थ केयर सर्विस सोसायटी एनआईटी लिमिटेड, प्रेम सोलर एनर्जी एंड इंटरप्राइजेज, यूनिक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड तथा एलआईसी महासमुंद द्वारा भर्ती की जाएगी। विभिन्न कंपनियों में 10वीं, 12वीं एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए कुल 425 रिक्त पदों पर चयन किया जाएगा।
रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक एवं पात्र आवेदकों को अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज फोटो के साथ निर्धारित स्थल पर उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होने हेतु छत्तीसगढ़ रोजगार एप अथवा रोजगार विभाग की वेबसाइट https://erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य किया गया है। पदवार योग्यता, वेतनमान, कार्यस्थल एवं अन्य विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद से संपर्क कर सकते हैं अथवा रोजगार विभाग की वेबसाइट पर अवलोकन कर सकते हैं। -
- अब 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध
- सेवा सेतु से एक ही मंच पर सेवाओं के संचालन से नागरिकों को मिल रहा अनेक सुविधाओं का लाभ
मोहला । छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में लोक सेवा केन्द्रों का उन्नयन सेवा सेतु केन्द्र के रूप में किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, नाम परिवर्तन संबंधी राजपत्र अधिसूचना तथा भू-नकल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में जिले के सभी तहसील कार्यालयों में सेवा सेतु केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही लगभग 107 ग्राम पंचायतों में सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।
सेवा सेतु के माध्यम से शासन की विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नागरिकों तक सरल, सुगम और समयबद्ध तरीके से पहुंच रहा है। सभी सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की गई है, जिससे आम नागरिकों को तय अवधि के भीतर सेवाओं का लाभमिल रहा है।
एक ही प्लेटफॉर्म पर सेवाओं के संचालन से नागरिकों को अनेक लाभप्राप्त हो रहे हैं। अलग-अलग विभागों और पोर्टलों पर निर्भरता कम हुई है तथा एक ही स्थान पर सेवाओं की उपलब्धता से समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बचत हो रही है। इससे सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनी है। सेवा सेतु के माध्यम से आय प्रमाण-पत्र, मूल निवास, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, नाम परिवर्तन अधिसूचना तथा भू-नकल संबंधी सेवाओं का भी व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।
पूर्व में ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं। आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया, जिसमें अब 441 से अधिक सेवाएं शामिल की गई हैं। इनमें 54 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का एकीकरण किया गया है। तीस से अधिक विभाग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। पूर्व में नाम परिवर्तन संबंधी गजट नोटिफिकेशन के लिए नागरिकों को आवेदन करने राजनांदगांव जाना पड़ता था, जिससे समय एवं आर्थिक संसाधनों का अतिरिक्त व्यय होता था। अब यह सुविधा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है। नागरिक अपने जिले अथवा निकटतम सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर आसानी से इस सेवा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं पंचायत स्तर की सेवाओं को भी सेवा सेतु पोर्टल से जोड़ा गया है। इसके तहत विवाह प्रमाण-पत्र सेवा अब पंचायत स्तर पर ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधा मिल रही है
तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सेवा सेतु को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। अब नागरिक घर बैठे व्हाट्सएप के माध्यम से सरकारी सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने के साथ ऑनलाइन सेवाओं तक आसानी से पहुंच बना पा रहे हैं। सेवा सेतु केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि शासन और नागरिकों के बीच भरोसे का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की निगरानी आसान हुई है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही दोनों को मजबूती मिली है। डिजिटल सुशासन की दिशा में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई है, जो नागरिकों को घर के निकट, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने में प्रभावी भूमिका निभा रही है। - रायपुर। प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में 'सहयोग केंद्र' पहुँचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी विभिन्न समस्याओं व शिकायतों को गंभीरता से सुना। श्री देवांगन ने कार्यकर्ताओं की मांगों और जनसमस्याओं के आवेदन स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित व समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश दिए। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने इस दौरान कहा कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करना और जनता को राहत पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'सहयोग केंद्र' में जनसुनवाई के इस कार्यक्रम के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, सहयोग केन्द्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने और प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज उपस्थित थे।
- मोहला । जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी अंतर्गत जिला मुख्यालय मोहला में गत दिवस “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के विकसित भारत संकल्प यात्रा” के तहत जनजागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं, स्व-सहायता समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए।पदयात्रा का शुभारंभ जनपद पंचायत मोहला परिसर से किया गया। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मां छूरिया मंदिर प्रांगण तक पहुंची। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े संदेशों वाले नारे एवं बैनर लेकर लोगों को जागरूक किया। स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक रैली में भाग लेते हुए स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया। वहीं महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने भी जनजागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।रैली के दौरान नागरिकों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 (SWM Rules 2026) के संबंध में जानकारी दी गई। लोगों को घरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरे का उचित प्रबंधन करने, गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और जनसहभागिता से ही स्वच्छ एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।मां छूरिया मंदिर प्रांगण में आयोजित समापन कार्यक्रम में स्वच्छता एवं नशा मुक्ति विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती भारती चंद्राकर ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने तथा नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है और स्वच्छता एवं नशा मुक्त समाज इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान दें तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करें। साथ ही युवाओं और समाज के सभी वर्गों से नशा मुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया गया। जनजागरूकता पदयात्रा के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को जागरूक करने का सफल प्रयास किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि समाज के सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
- -विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे कमार परिवार, मिली सुविधाओं की नई रोशनीमहासमुंद / प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से महासमुंद जिले की विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के जीवन में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित कमार परिवार अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। यहां स्थापित बहुउद्देशीय केन्द्र से कमार जनजातियों को आसानी से सुविधाएं और सहुलियत पहुंच रही है।योजना के तहत जिले के कमार बहुल ग्राम धनसूली में साल 2024 में बहुउद्देशीय केंद्र बनाने की स्वीकृति मिली थी। धनसूली में कमार की जनसंख्या 86 हैं वहीं गांव में कमार परिवार की संख्या 20 है। जुलाई 2025 से गांव में बहुउद्देशीय केंद्र संचालित संचालित हो रहा है। इन केंद्रों में आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन की सुविधा उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देकर उनके भविष्य की मजबूत नींव तैयार की जा रही है। वहीं इस भवन में बने स्वास्थय परीक्षण केंद्र में कमार परिवारों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और निःशुल्क दवाई वितरण भी की जाती है।योजना की शुरुआत में जिला प्रशासन द्वारा कमार जनजाति की बस्तियों का व्यापक सर्वेक्षण कराया गया था। सर्वे में सामने आया कि बड़ी संख्या में परिवार आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते और जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों से वंचित थे। साथ ही कई बस्तियों में सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।सर्वे के आधार पर तैयार कार्ययोजना के अनुसार शासन द्वारा दो बहुउद्देशीय केंद्रों की स्वीकृति दी गई, जो अब संचालित हो रही है। इन केंद्रों को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए खेल परिसर, ओपन जिम और किचन गार्डन जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पिथौरा विकासखंड के भिथीडीह में नवीन आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन भी प्रारंभ कर दिया गया है।
- महासमुंद / आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए जिले में संभावित बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को आर्मी अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेना के सहयोग, संसाधनों की उपलब्धता तथा समन्वय व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, जम्मू कश्मीर रायफल के मेजर श्री ऋत्विक सिंग, गोरखा रायफल के मेजर श्री अंकुर तिवारी, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि मानसून के दौरान जिले के संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए सभी विभागों को पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों, नावों, संचार व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन टीमों की तत्परता की जानकारी भी ली। कलेक्टर ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों की सूची तैयार कर सतत निगरानी रखने, सुरक्षित स्थानों की पहचान कर वहां लोगों को पहुँचाने की पूर्व योजना बनाने, बचाव कार्यों हेतु उपकरणों एवं नावों को क्रियाशील रखने एवं प्रशिक्षित बचाव कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आमजन से भी मौसम संबंधी चेतावनियों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में स्थापित वर्षा मापक यंत्रों की जांच कर उन्हें कार्यशील स्थिति में लाने और जिन स्थानों पर ये यंत्र नहीं हैं वहाँ शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 1 जून 2026 से जिले में 24×7 नियंत्रण कक्ष वर्षा ऋतु की समाप्ति तक जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक 30 (आवक-जावक कक्ष) में कार्यशील रहेगा। इस आपदा नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07723-223305 तथा ईमेल आईडी उेंउनदकण्बह/दपबण्पद है। आपदा नियंत्रण कक्ष के संचालन हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।कलेक्टर ने संवेदनशील एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में आवश्यक खाद्यान्न, नमक, केरोसीन तथा जीवन रक्षक दवाइयों का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के साथ पेयजल के स्रोतों की सफाई एवं ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। नगरीय क्षेत्रों में नालों की नियमित सफाई एवं जल निकासी हेतु पंपों की व्यवस्था, बड़ी नदियों के जलस्तर की सतत निगरानी तथा जलाशयों से जल प्रवाह की सूचना समय पर निचले क्षेत्रों को प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने राहत शिविरों में भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य परीक्षण आदि की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और बाढ़ से होने वाली क्षति की दैनिक जानकारी निर्धारित प्रारूप में राहत आयुक्त कार्यालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पोर्टल पर समय पर अपलोड करने को कहा।
- -सिधमा के ज्ञानेश्वर को मिली आवागमन की बड़ी सुविधा-ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार और आजीविका तक पहुंच हुई आसानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीण अंचलों में आवागमन की तस्वीर बदल रही है। दूरस्थ गांवों तक सुरक्षित, नियमित और सुलभ परिवहन सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित कर रही है।सरगुजा जिले के ग्राम सिधमा निवासी श्री ज्ञानेश्वर, जो बर्तनों की साफ-सफाई और पॉलिश का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थियों में से एक हैं। उनके अनुसार पहले नियमित परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण रोज काम पर जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बस तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और कई बार निजी साधनों या अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था।मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू होने के बाद उनकी दिनचर्या काफी सरल हो गई है। अब वे प्रतिदिन समय पर अपने कार्यस्थल तक पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। इस सुविधा का लाभ केवल श्रमिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को भी मिल रहा है, जिन्हें विभिन्न कार्यों के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है।श्री ज्ञानेश्वर बताते हैं कि पहले आवागमन ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन अब बस सेवा शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिली है। गांव के लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं, जिससे उनके दैनिक कार्यों में सुविधा आई है। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन नेटवर्क को मजबूत करते हुए अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है। बेहतर परिवहन व्यवस्था के कारण अब ग्रामीणों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका के अवसरों तक पहुंच पहले से अधिक सहज हो गई है, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिल रही है।
- रायपुर ।चावल पापड़ उद्योग से आत्मनिर्भरता तक विद्यावती बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणाराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत ननकट्ठी की श्रीमती विद्यावती चौधरी एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरी हैं। उन्होंने न केवल स्वयं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ाया, बल्कि अपने गांव की अनेक महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की नई कहानी लिखी है। आराध्या स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष एवं एफएलसीआरपी के रूप में कार्यरत श्रीमती विद्यावती चौधरी ने समूह की बचत एवं आंतरिक ऋण सुविधा का सदुपयोग करते हुए चावल पापड़ निर्माण और सिलाई केंद्र की शुरुआत की। सीमित संसाधनों और छोटे स्तर पर शुरू किए गए इस प्रयास में समूह की महिलाएं घर-आंगन में मिलकर चावल पापड़ तैयार करती थीं। मेहनत, अनुशासन और गुणवत्ता को आधार बनाकर महिलाओं ने अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार में पहचान दिलाई।समूह की महिलाएं प्रतिदिन सामूहिक रूप से पापड़ निर्माण का कार्य करती हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए गुणवत्तापूर्ण चावल पापड़ों की मांग लगातार बढ़ती गई, जिससे यह छोटा प्रयास धीरे-धीरे एक सफल ग्रामीण उद्यम के रूप में विकसित हो गया। आज समूह के उत्पाद स्थानीय बाजारों में लोकप्रिय हैं और इससे प्रतिमाह हजारों रुपये की आय अर्जित हो रही है।इस उद्यम ने महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर उल्लेखनीय बदलाव लाया है। नियमित आय के माध्यम से परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गई है। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अब परिवार एवं समाज में अपने निर्णय स्वयं लेने की दिशा में सशक्त हुई हैं।श्रीमती विद्यावती चौधरी की सफलता यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। उनके नेतृत्व में ननकट्ठी की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, सामूहिकता और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। बिहान मिशन के सहयोग से संचालित यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वावलंबन का सशक्त मंच बन गई है। ननकट्ठी की महिलाएं आज अपने उत्पादों के साथ गर्व से खड़ी हैं और "लखपति दीदी" बनने के सपने को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
- -मरीजों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं, अनियमितताएं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई-नियमों के पालन और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सतर्करायपुर / राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार सतर्क और सक्रिय है। इसी कड़ी में जीपीएम जिला प्रशासन के निर्देश पर डी.डी. हॉस्पिटल, सेमरा तिराहा पेंड्रारोड का स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन तथा मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।जांच में सामने आया कि मृतक मरीज ज्योति सोनवानी एक्लेम्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, जिसका उपचार चिकित्सा महाविद्यालय स्तर की स्वास्थ्य संस्था में किया जाना आवश्यक था। इसके बावजूद मरीज को अस्पताल में भर्ती कर उपचार किए जाने को नियमानुसार उचित नहीं पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है।निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि नर्सिंग होम अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आपातकालीन सेवाओं के लिए चौबीसों घंटे चिकित्सक की उपलब्धता अनिवार्य है, किंतु 17 एवं 18 जून 2026 को अस्पताल में मरीजों की देखरेख के लिए कोई चिकित्सक एवं पर्याप्त दक्ष स्टाफ उपलब्ध नहीं था। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि मरीजों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया, जहां सर्जरी के बाद कई मरीज भर्ती पाए गए। ऐसी संवेदनशील परिस्थिति में ऑन ड्यूटी चिकित्सक का अनुपस्थित होना अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। जांच में यह भी सामने आया कि शल्य चिकित्सा कार्यों के लिए आवश्यक स्त्री रोग विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सक, निश्चेतना विशेषज्ञ तथा अन्य प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई थी। साथ ही भर्ती मरीजों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए आवासीय चिकित्सा अधिकारी की व्यवस्था भी नहीं पाई गई।आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों से निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त लगभग एक लाख पचास हजार रुपये की राशि लिए जाने संबंधी शिकायत भी जांच के दौरान सामने आई। स्वास्थ्य विभाग ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच प्रारंभ कर दी है। प्रशासन का स्पष्ट मत है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के पहुंचना चाहिए।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि अस्पताल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के अंतर्गत निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है। अस्पताल प्रबंधन को तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य संस्थाओं की नियमित निगरानी जारी रहेगी तथा निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन संकल्प के अनुरूप जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई-धमधा तहसील में अवैध कब्जा हटाकर शासन की जमीन सुरक्षित, भू-माफियाओं को स्पष्ट संदेश—शासकीय भूमि पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहींरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय भूमि की सुरक्षा और भू-माफियाओं के विरुद्ध अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दुर्ग जिले में जिला प्रशासन लगातार कड़ी कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन में प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के लिए जिले में कोई स्थान नहीं है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।इसी क्रम में धमधा तहसील के ग्राम बसनी में लंबे समय से शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर शासन की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा शासकीय भूमि पर झटका तार लगाकर तथा खरीफ एवं रबी फसलों की खेती कर अवैध कब्जा किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।तहसीलदार धमधा द्वारा हल्का पटवारी से प्रतिवेदन प्राप्त कर राजस्व प्रकरण में विस्तृत जांच और सुनवाई की गई। तथ्यों की पुष्टि होने पर संबंधित कब्जाधारियों के विरुद्ध विधिवत बेदखली आदेश पारित किया गया। आदेश के पालन में 22 जून 2026 को राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत बसनी के संयुक्त प्रयास से व्यापक कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया।तहसीलदार श्रीमती मीना साहू ने बताया कि कार्रवाई के दौरान सेवाराम लोधी द्वारा शासकीय खसरा नंबर 1077 की 20 डिसमिल तथा खसरा नंबर 1188 की 0.34 हेक्टेयर भूमि पर किए गए कब्जे को हटाया गया। इसी प्रकार राजकुमार लोधी के कब्जे से 7 डिसमिल तथा राजकपूर लोधी के कब्जे से 13 डिसमिल शासकीय भूमि मुक्त कराई गई। वहीं शिवकुमार मौर्य द्वारा खसरा नंबर 1077 की 8 डिसमिल भूमि तथा खसरा नंबर 1076 की 0.19 हेक्टेयर भूमि पर किए गए अवैध कब्जे और लगाए गए झटका तार को भी हटाकर भूमि को शासन के पक्ष में सुरक्षित किया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और विधिसम्मत ढंग से संपन्न हुई, जिसमें राजस्व निरीक्षक धमधा, राजस्व निरीक्षक पेण्ड्रावन, हल्का पटवारी एवं ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भू-माफियाओं, अवैध कब्जाधारियों और शासकीय भूमि का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस निर्णायक पहल से ग्रामीणों में संतोष और विश्वास का माहौल है तथा शासकीय भूमि को संरक्षित करने के इस कदम की व्यापक सराहना की जा रही है।
- संशोधित समाचारअनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को मिलेगा आर्थिक संबल, जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि वितरण का लक्ष्यरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा। साय सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और हर युवा को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया 20 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि नवीन आवेदन 1 अगस्त 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। राज्य सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध और सुव्यवस्थित बनाते हुए जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके और उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रहे।योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के समय स्थायी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पूर्व वर्ष की अंकसूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बना रही है। इसी उद्देश्य से छात्रवृत्ति की राशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में जमा की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों को बिना किसी विलंब के राशि प्राप्त होगी।वर्ष 2026-27 से छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) को अनिवार्य किया गया है। साथ ही नई संस्थाओं के संस्था प्रमुखों एवं छात्रवृत्ति प्रभारियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है। यह कदम पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ सही समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना न केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करेगी।राज्य शासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा सकें।
- -अल-नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने राज्य सरकार मुस्तैद, किसानों को अल-नीनो से बचाने किए जा रहे हैं उपाय: मंत्री श्री नेताम-किसानों की चिंता दूर कर रही छत्तीसगढ़ सरकार, अल-नीनो में दलहन-तिलहन और कम अवधि की फसलों पर फोकसरायपुर / अल-नीनो के प्रभाव से इस बार मानसून कमजोर रहने की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। सूखे की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कम अवधि वाली फसलों, दलहन-तिलहन पर जोर, बीज सुरक्षा और फसल बीमा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है। इस आशय की जानकारी कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी। बैठक वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक अनुसंधान डॉ. विवके त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मंत्री श्री नेताम ने बताया किप्रदेश में 22 जून तक औसत वर्षा महज 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से 58.3 मिलीमीटर कम है। खरीफ बोनी का लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर है, लेकिन अभी तक केवल 2 प्रतिशत क्षेत्र में ही बोनी हो पाई है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार ने किसानों को संभावित घाटे से बचाने के लिए कई ठोस उपाय शुरू कर दिए हैं।कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि कृषि विभाग ने कम अवधि वाली धान के किस्मों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहनी और तिलहनी फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीजों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। उच्चहन भूमि में अनाज के साथ दलहन-तिलहन फसलों को अंतरवर्तीय फसल के रूप में लगाने की सलाह दी जा रही है। धान की जगह दलहन-तिलहन फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए करते हुए राज्य बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। सूखे प्रभावित 15 जिलों के लिए 1,22,095 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 48,449 क्विंटल किसानों तक पहुंच चुका है।श्री परदेशी ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के साथ नैनो उर्वरक और लाभकारी फसलों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।सरकार ने बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर फसल नुकसान की भरपाई के लिए बीमा प्लान को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए हैं। ताकि किसानों को आर्थिक क्षति से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अल-नीनो के प्राभाव कम होने वाली दलहन-तिलहन और कम अवधि की फसलों पर फोकस किया जा रहा है। साथ हीइंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर अनुसंधान विभाग द्वारा अल-नीनो को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है।
- -वीबी जी राम जी, आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति संबंधित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चारायपुर / प्रदेश में 24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा के सफल आयोजन एवं अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। शासन की मार्गदर्शिका एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर उनके निराकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा होगी।ग्राम सभाओं में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी। विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों से अपील की है कि ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।
- -1 पोकलेन और 6 हाईवा जब्तरायपुर। राज्य में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सख्त और 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। सीएम के कड़े रुख के बाद प्रदेश भर में खनिज माफियाओं के हौसले पस्त हैं। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने बीते दो दिनों में एक बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस विशेष अभियान के तहत अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1 पोकलेन मशीन और 6 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया है।खनिज अमले द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सारंगढ़ तहसील क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान गौण खनिज साधारण रेत का अवैध परिवहन करते हुए 02 हाईवा (वाहन क्रमांक CG-07-CR-7715 एवं CG-13-AQ-0321) को रंगे हाथों पकड़ा गया। इन दोनों वाहनों को जब्त कर सारंगढ़ थाने की सुरक्षा में सौंप दिया गया है। इसी तरह मंगलवार की कार्रवाई के तहत तहसील सारंगढ़ के ही अंतर्गत दोबारा किए गए निरीक्षण में गौण खनिज चूना पत्थर का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 02 और हाईवा (वाहन क्रमांक CG-13-BB-2721 एवं CG-13-BB-2321) पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भी सारंगढ़ थाने की सुपुर्दगी में रखा गया। खनिज विभाग की टीम ने उप तहसील कोसीर क्षेत्र के ग्राम पंचायत पासीद में औचक निरीक्षण (सरप्राइज रेड) किया। इस कार्रवाई ने रेत माफियाओं में हड़कंप मचा दिया। मौके पर साधारण रेत के अवैध उत्खनन में सीधे तौर पर संलिप्त 01 पोकलेन मशीन को जब्त कर स्थानीय ग्राम सरपंच की सुपुर्दगी में दिया गया। इसके साथ ही रेत के अवैध परिवहन में लगे 02 अन्य हाईवा (वाहन क्रमांक CG-06-HD-6457 एवं CG-11-BK-6697) को जब्त कर कोसीर थाने की सुरक्षा में खड़ा कराया गया है।खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21 के कड़े प्रावधानों के तहत की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य की संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी रसूखदार या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।












.jpg)














