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- दुर्ग/प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले में अपात्र पाए गए हितग्राहियों की सूची पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। जिले की स्थायी प्रतीक्षा सूची 2011, आवास प्लस सूची 2018 एवं मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची में शामिल ऐसे हितग्राही, जो विभिन्न कारणों से अपात्र पाए गए हैं तथा जिन्हें योजना के नियमानुसार लाभान्वित किया जाना संभव नहीं है, उनकी सूची को संबंधित ग्रामसभा एवं जिला स्तरीय अपीलीय समिति के अनुमोदन के पश्चात विलोपित किया जाना प्रस्तावित है।इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत दुर्ग जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थायी प्रतीक्षा सूची के 82, आवास प्लस सूची के 108 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची के 135, इस प्रकार कुल 325 अपात्र हितग्राहियों की सूची तैयार की गई है। संबंधित ग्रामसभा एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन के उपरांत जिला स्तरीय अपीलीय समिति से अनुमोदन प्राप्त करते हुए उक्त सूची को दावा-आपत्ति हेतु प्रकाशित किया गया है। प्रकाशित सूची का अवलोकन दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायत भवनों, जिला दुर्ग की आधिकारिक वेबसाइट https://durg.cg.gov.in तथा जिला पंचायत दुर्ग की आधिकारिक वेबसाइट zpdurg.com पर किया जा सकता है।दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने हेतु स्थल जिला पंचायत दुर्ग, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शाखा, प्रथम तल एवं जिला पंचायत की आवक-जावक शाखा निर्धारित किया गया है। हितग्राही अपनी दावा-आपत्ति जिला पंचायत की आवक-जावक शाखा में साधारण डाक, पंजीकृत डाक अथवा स्वयं उपस्थित होकर 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) सायं 5.30 बजे तक प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात प्राप्त किसी भी प्रकार के दावा आपत्ति पर विचार नही किया जाएगा।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 12 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान नंबर 411 सरस्वती नगर, तहसील व जिला दुर्ग निवासी योगेश चक्रधारी की विगत 04 सितम्बर 2022 को सांप के काटे जाने पर उनके परिजन मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ईलाज के दौरान योगेश की मृत्यु 05 सितम्बर 2022 को हुई थी। इसी प्रकार ग्राम लिमतरा तहसील अहिवारा जिला दुर्ग निवासी सौम्य सेन की मृत्यु विगत 01 जून 2024 को अमलेश्वर काली मंदिर के सामने तालाब में नहाने के दौरान पानी में डुबने से मृत्यु और ग्राम कुगदा तहसील भिलाई-03 जिला दुर्ग निवासी भरत यादव की मृत्यु विगत 03 अक्टूबर 2024 को सत्य नगर कुगदा के दम्मा तालाब में नहाने के दौरान पानी में डुबने से हुई थी।कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. योगेश चक्रधारी के पिता श्री कोमल चक्रधारी, स्व. भरत यादव के पत्नी श्रीमती दुरपति बाई और स्व. सौम्य सेन के पिता हरिहर सेन को क्रमशः 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- दुर्ग/ छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अधिनियम की धारा-9 की उप-धारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिलों के कलेक्टरों को इस अधिनियम के प्रयोजन हेतु अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। जारी आदेश के अनुसार दुर्ग जिले के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।
- दुर्ग/ जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे द्वारा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजनांतर्गत विकासखण्ड धमधा के ग्राम ढाबा में नवीन पंचायत भवन निर्माण के लिए 12 लाख 93 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग दुर्ग द्वारा प्रेषित तकनीकी स्वीकृति के आधार पर अनुशंसित कार्य को संपादित कराए जाने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्याे का संपादन कार्यकारी एजेंसी संबंधित ग्राम पंचायत होगी।
- -मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिला सम्मान और सहारा– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सामुहिक विवाह में वर्चुअल रूप से जुड़कर नव विवाहितों को दिया आशीर्वाद-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 272 जोड़ों की सामुहिक विवाह में शामिल होकर आशीर्वाद प्रदान कियारायपुर / मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामाजिक रिती-रिवाजों और अभुतपूर्व उत्साह के साथ कबीरधाम जिले के 272 जोड़े एक साथ सात फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए। मंगलवार को इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।सरदार पटेल मैदान में आयोजित इस समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल वधुओं के परिजन बनकर शामिल हुए। इस अवसर में उन्होंने बारात का स्वागत करने के साथ सभी को परघाते हुए समधी की तरह सभी का अभिवादन किया। वरों एवं उनके परिजनों का फूल माला के साथ स्वागत करते हुए सभी का गले लगाकर अभिनंदन किया। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करने वाले सभी नवदंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पंडित द्वारा वर-वधुओं को सात वचनों का संकल्प दिलाया गया, जिसके साथ ही विवाह की रस्में संपन्न हुईं। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मंच पर पहुंचकर सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक और सामग्री भेंट किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अनेक जोड़े एक साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियों को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की थी। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने उनकी बड़ी चिंता दूर की है। इस पहल से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नवदाम्पत वर एवं वधु को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से आज पूरे सम्मान के साथ कबीरधाम जिले के 272 बेटियों की विवाह पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपरा के साथ एक आदर्श विवाह के रूप में संपन्न कराया गया। आज हम सब इस सामुहिक विवाह के साक्षी बने और नवदाम्पत जोड़ों को एक साथ, एक स्थान और एक मंच पर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करने का अवसर भी हम सबकों मिला।उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को वर्तमान में 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें जीवन की नई शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में रायपुर के बाद सबसे अधिक नवजोड़ों का विवाह एक साथ संपन्न हो रहा है, जो इस जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यहां विवाह का यह आयोजन सार्वजनिक रूप से पूरे परंपरा और रीति-रिवाज के साथ किया जाता है, जिसमें पूरे जिले के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं और समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा रहता है। उन्होंने नवजोड़ों को संदेश देते हुए कहा कि सुखी जीवन का सबसे बड़ा सूत्र एक-दूसरे को समझना, सम्मान देना और हर परिस्थिति में साथ निभाना है। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया गया है, अब सभी नवदंपति अपने वचनों को निभाते हुए जीवनभर साथ चलें और अपने परिवार को आगे बढ़ाएं।पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि कवर्धा में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण है, जहां पूरे मंडप को दूल्हा–दुल्हनों से सजा हुआ देखकर अत्यंत खुशी और गर्व का अनुभव हो रहा है।इस अवसर पर कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री अनिल ठाकुर, श्री नितेश अग्रवाल, श्री मुकेश ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत श्री संतोष पटेल, श्री विदेशी राम धुर्वे, सभापति श्रीमती सुमित्रा पटेल, जनपद अध्यक्ष कवर्धा श्रीमती सुषमा बघेल, बोड़ला श्रीमती बालका वर्मा, पडरिया श्रीमती नंदनी साहू, सहसपुर लोहारा श्रीमती दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेंद्र साहू, सभापति श्री राज कुमार मरावी, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्रीमती दीपा धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गंगा साहू, सदस्य जिला पंचायत श्री रोशन दुबे, श्रीमती राजकुमारी साहू, श्रीमती ललिता धुर्वे सहित सभी जनप्रतिनिधि ने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।उपमुख्यमंत्री बेटिंयों के अभिभावक बनकर दुल्हों का किया स्वागत सत्कारमुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सरदार पटेल मैदान में सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। कवर्धा शहर के पुरानी मंडी से बैंड और डीजे सहित आतिशबाजी के साथ 272 दुल्हों की सामुहिक बारात निकाली गई। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू बेटियों की तरफ से उनके अभिभावक बनकर दुल्हों और वर पक्ष का महामाया मंदिर के पास माला पहनाकर स्वागत किया। वही वर पक्ष की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, पूर्व विधायक श्री सियाराम साहू, श्री नितेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि बारात में शामिल होकर दुल्हों का आत्मविश्वास बढ़ाया।बरातियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति ‘डंडा खेल’ और बैंड से हुआ भव्य परघौनी स्वागतछत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हुए आज सामूहिक विवाह के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति देखने को मिली, जहां बरातियों का स्वागत डंडा खेल के जरिए किया गया। पारंपरिक अंदाज में आयोजित इस ’परघौनी’ ने न सिर्फ शादी समारोह को खास बना दिया, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की झलक भी पेश की। वर पक्ष का जब बरात पहुंची, तो वधु पक्ष ने डंडा खेल की आकर्षक प्रस्तुति दी। डंडा खेल, जो छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, आमतौर पर शारीरिक चुस्ती और कलात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस खेल के जरिए वधु पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि विभाग दुर्ग द्वारा जिले में प्रतिबंधित गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीम द्वारा पाटन नगर पंचायत में स्थित विभिन्न विद्यालयों के आसपास पान ठेलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 विनियम 2011 के तहत निरीक्षण किया गया एवं निरीक्षण किये गये फर्मों में किसी प्रकार की जर्दायुक्त गुटखा नही पाये गये। खाद्य एवं औषधि विभाग दुर्ग द्वारा जिले में प्रतिबंधित गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया गया।अभिहीत अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियाँ एवं अन्य गंभीर रोग होने की आशंका अत्यधिक बढ़ जाती है। इन्हीं कारणों से राज्य में गुटखा एवं तंबाकू युक्त उत्पादों के विक्रय एवं भंडारण पर प्रतिबंध लगाया गया है। अभियान के अंतर्गत दुकानदारों, उपभोक्ताओं एवं आम नागरिकों को प्रतिबंध से संबंधित नियमों की जानकारी दी जा रही है तथा तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील की गई है कि वे स्वयं गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों से दूर रहें तथा दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री या भंडारण की सूचना विभाग को देकर सहयोग प्रदान करें।
- -33/11 केवी उपकेन्द्र निर्माण की रखी गई आधारशिला, 10 गांव होंगे लाभान्वित-5 एमवीए ट्रांसफार्मर और 3 नए फीडर से बढ़ेगी बिजली आपूर्ति की क्षमता-किसानों और 2 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा स्थायी विद्युत सुविधा का लाभरायपुर, / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम सेमो में 2 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की बड़ी सौगात दी। इस उपकेन्द्र के स्थापित होने से आसपास के 10 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे तथा लगभग 2 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और नियमित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। ग्राम सेमो में इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। यह उपकेन्द्र क्षेत्र में लंबे समय से बनी बिजली समस्या के समाधान के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं के द्वार भी खोलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल से क्षेत्रवासियों को बेहतर और स्थायी विद्युत सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए, गांवों और वनांचलों तक ले जाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह उपकेन्द्र न केवल बिजली की समस्या को दूर करेगा, बल्कि क्षेत्र के विकास की रफ्तार को भी तेज करेगा। लंबे समय से इस इलाके के लोगों को लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं से निजात मिलेगा। इस नई परियोजना के पूरा होने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि इस उपकेन्द्र में 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा यहां से 3 अलग-अलग 11 केवी फीडर निकाले जाएंगे, जिससे आसपास के 10 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस व्यवस्था से क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या दूर होगी, जिससे किसानों को विशेष रूप से राहत मिलेगी और कृषि कार्य के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों के साथ बैठकर उनकी समस्या शिकायतों को सुना और उसका निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणजन और विद्युत विभाग के अन्य अधिकरी उपस्थित थे।विकासखंड कवर्धा के ग्राम सेमो में नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्रवासियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करेगी। ग्राम सेमो में लगभग 2 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से 33/11 केवी उपकेन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इसमें 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी।इस उपकेन्द्र से कुल 3 अलग-अलग 11 केवी फीडर निकाले जाएंगे, जिनसे सोनबरसा, चारभांठा, गदहाभांठा, बारदी, बरदुली, सेमो, मानपुर, सिंघनपुरी, भेलवाभांवर और दुल्लापुर सहित 10 गांवों के उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। अभी इन गांवों में बिजली आपूर्ति 33/11 केवी उपकेन्द्र बिजई से संचालित 11 केवी सोनबरसा बस्ती फीडर और 11 केवी सोनबरसा पंप फीडर के माध्यम से की जाती है। क्षेत्र में लगभग 500 कृषि पंप होने के कारण अक्सर लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। जिससे अब समस्या का समाधान हो सकेगा।कृषि पंपों और औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने से ऊर्जा की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में नए उपकेन्द्र का निर्माण क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नए सब स्टेशन के निर्माण से लगभग 2 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है।33/11 केवी उपकेन्द्र सेमो के निर्माण से बिजई उपकेन्द्र पर दबाव कम होगा। खासकर बारिश के मौसम में कृषि उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर हो सकेगी।
- -पाईप लाईन लीकेज होने पर श्रेष्ठ तकनीकी रूप में तत्काल सुधारें और इस हेतु किये गए गड्ढे को तत्काल बन्द करें- अधिकारियो को दिए सख्त निर्देश-एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा और दीपक जायसवाल एवं अधिकारियों सहित किया निरीक्षण और कार्य समीक्षा-भाठागांव चौक से तिफरा चौक तक निर्माणाधीन सड़क डामरीकरण कार्य तेज गति से करवाकर शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देशरायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भाठागांव मार्ग में बार - बार पाईप लाईन लीकेज होने को लेकर गहन नाराजगी व्यक्त की है और पाईप लाईन लीकेज और गन्दा पानी की समस्या आने पर तत्काल स्पाट पर उसको श्रेष्ठ तकनीकी रूप में सुधार कर पाईप लाईन लीकेज सुधार हेतु सड़क पर किया गया गड्ढा तत्काल बन्द करवाने के निर्देश दिए हैँ, ताकि इससे संभावित सड़क दुर्घटना की आशंका ना रहने पाए. इस कार्य को प्राथमिकता से करवाने के निर्देश महापौर ने दिए हैँ.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग के अध्यक्ष श्री मनोज वर्मा और लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल सहित नगर निगम अधीक्षण अभियंता श्री इमरान खान और उप अभियंता श्री रमेश पटेल की उपस्थिति में भाठागांव चौक से तिफरा चौक तक 15वें वित्त आयोग मद से लगभग 3 करोड़ 43 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन सड़क डामरीकरण कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष अवलोकन कर स्थल समीक्षा की और निर्माणाधीन सड़क डामरीकरण कार्य को तत्काल गतिमान करते हुए सतत मॉनिटरिंग करवाकर उच्च स्तरीय गुणवत्ता सहित पूर्ण करवाना जनहित में जनउपयोग की दृष्टि से प्राथमिकता से सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया.
- -खिलौरा को मिली विकास की सौगात, राजस्व मंत्री ने किए डेढ़ करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजनरायपुर । राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा मंगलवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम खिलौरा पहुंचे, जहां उनके प्रथम आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम खिलौरा में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।लोकार्पित कार्यों में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रार्थना शेड, 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी, 3 लाख रुपये की लागत से रंगमंच उन्नयन, 5 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम अहाता तथा 5 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन (बाल समाज) शामिल हैं। वहीं, 10 लाख रुपये और 9.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पीडीएस भवन के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। पूरे प्रदेश में विकास कार्य तीव्र गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने से लोगों में खुशी और विश्वास का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर समृद्धि की बयार बह रही है। मंत्री श्री वर्मा ने उपस्थित स्कूली बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्य, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ बस्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताते हुए इससे जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण हो।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त प्रतीक के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रभावी संदेश देते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में भरोसे और सहभागिता का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों तक निरंतर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
- -भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन के निर्णय के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन का पुनर्मूल्यांकन कर उसमें रियायत प्रदान करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री को गजमाला पहनाकर प्रतिनिधिमंडल ने उनका सम्मान किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को भी राहत प्राप्त होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि इससे आम नागरिकों, किसानों, व्यवसायियों सहित सभी वर्ग के लोगों को सहूलियत मिले। उन्होंने कहा कि नई गाडलाइन दरों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेंद्र आहूजा, श्री दीपक रहेजा, श्री राजीव अग्रवाल, श्री विजय पिंजानी, श्री अजय अग्रवाल, श्री प्रतीक अग्रवाल, श्री मुलकराज शर्मा, श्री रजत चाबड़ा, श्री विलास सुतार, श्री विनोद छितिजा, श्री विजय मोटवानी, श्री सनी सेवलानी तथा श्री गौरव खेतपाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री कन्या विवाह में बौद्ध धर्म के जोड़ों को मिला मुख्यमंत्री का आशीर्वादरायपुर,। मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के राज्य स्तरीय आयोजन में आज सामाजिक समरसता और सर्वधर्म सद्भाव का सुंदर दृश्य देखने को मिला, जब बौद्ध धर्म के अनुयायी छह नवदंपत्तियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। बौद्ध परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुए इस विवाह ने मानवीय मूल्यों, करुणा और समानता के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।इस अवसर पर बौद्धाचार्य भंते श्री ओमप्रकाश सहारे ने बताया कि बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार महाकारुणिक भगवान गौतम बुद्ध एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। इसके पश्चात नवदंपत्तियों ने त्रिशरण और पंचशील ग्रहण कर धम्म वंदना, बुद्ध वंदना एवं संघ वंदना की तथा जयमंगल अष्टगाथा के पाठ के साथ जयमाला द्वारा एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सभी नवदंपत्तियों के पास जाकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य सभी वर्गों और धर्मों के परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान करना है, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारा और अधिक सुदृढ़ हो।इस सामूहिक विवाह में डोंगरगढ़ की आँचल टेम्बुलकर एवं आकाश इंदुलकर, छुरिया (राजनांदगांव) की देवनतीन एवं कृष्णा विजय शहरे, आकांक्षा रावत एवं अक्षय कोसरे, अंजली गेड़ाम एवं प्रताप कुमार, सुधा मेश्राम एवं अंकुश वासनिक तथा अर्चना गेड़ाम के विवाह बौद्ध परंपरा के अनुसार संपन्न हुए।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत बौद्ध धर्म के इन नवदंपत्तियों का विवाह सामाजिक समानता, धार्मिक सहिष्णुता और संवेदनशील शासन की सशक्त मिसाल बना, जिसने समरस और समावेशी छत्तीसगढ़ की भावना को और मजबूत किया।
- -मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता-राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की होगी स्थापना-प्रदेश में नवाचार, स्टार्ट-अप और कौशल आधारित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा-आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है छत्तीसगढ़रायपुर ।छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई श्री रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ श्री प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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-भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी और बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की होगी प्रस्तुति
-एडवेंचर स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार होगा छत्तीसगढ़ का शिमलारायपुर। छत्तीसगढ़ के शिमला और छोटा तिब्बत के नाम से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। यह महोत्सव रोपाखार जलाशय के समीप 13 से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन राज्य शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे।मैनपाट महोत्सव में लोक गीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 13 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी प्रस्तुति देंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी। 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी। 15 फरवरी को महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इसके साथ ही रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योतिश्री वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकार और स्कूली बच्चों के द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।जिला प्रशासन द्वारा मैनपाट महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस मौके पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जहां शासन की योजनाओं और स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा। महोत्सव स्थल पर एडवेंचर एक्टिविटी में पर्यटकों के लिए बोटिंग, साहसिक खेल और पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। फूड ज़ोन में सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा।मैनपाट के प्रमुख आकर्षणअंबिकापुर मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित मैनपाट एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जोकि समुद्र तल से 3,781 फीट की ऊंचाई पर है। मैनपाट में बड़ा तिब्बती समुदाय बसा है, जहां का थाकपो शेडुप्लिंग मठ मुख्य आकर्षण है। जलजली- यह एक भूगर्भीय आश्चर्य है जहाँ जमीन दलदली है और कूदने पर स्पंज की तरह हिलती है, इसे म्यूजिकल लैंड भी कहते हैं। उल्टा पानी- यहाँ का पानी ढलान के विपरीत दिशा में बहता है, जो एक अनसुलझा रहस्य है। इसके अलावा टाइगर पॉइंट, मछली पॉइंट, मेहता पॉइंट, सरभंजा जलप्रपात जैसे अनेक दर्शनीय स्थान हैं। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह-कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ शुभारंभरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है।कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है।कार्यक्रम में विधायक श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोतीलाल साहू, श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
- -मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ-18 करोड़ के लागत से बनेगा 100 बिस्तरयुक्त जिला अस्पताल भवन-52 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त और 71 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्तरायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्री प्रणव मरपच्ची ने की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
- सूरजपुर। सूरजपुर जिले के 143 विद्यालयों में छात्राओं को विद्यालय स्तर पर रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कराया जाना हैं। जिसके लिए जिले के 143 हाई स्कूल/हायर सकेण्डरी विद्यालयों में मास्टर ट्रेनर के माध्यम से आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाना है। 01 माह के प्रशिक्षक या ट्रेनर हेतु इच्छुक उम्मीदवार वांछित योग्याता व निर्धारित प्रारूप में 03 दिवस के भीतर सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री चंद्रपाल कुशवाहा के पास अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। अन्य जानकारी के लिए आवेदक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी में संपर्क कर सकतें हैं।
- जगदलपुर। जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल द्वारा सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक शाला फाफनी विकासखण्ड-बस्तर श्री अंशुराम कमार को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बस्तर के माध्यम से श्री अंशुराम कमार सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक शाला फाफनी विकासखण्ड-बस्तर के द्वारा नियमित शराब सेवन कर अध्यापन कार्य करने एवं शासकीय आदेशों एवं निर्देशों की अवहेलना करना तथा शासकीय कार्यों में लापरवाही किए जाने संबंधी प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के उपनियम के उल्लंघन का प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये जाने के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।निलंबन अवधि में श्री अंशुराम कमार सहायक शिक्षक एलबी का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बास्तानार निर्धारित किया जाता है। संबंधित को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
- -नव विवाहितों के सुखद दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी विधायक ने-समर्पित नक्सली युगल हिड़में और बामन ने भी अग्नि को साक्षी मानकर लिया सात फेरादंतेवाड़ा । आज माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर स्थित मेंढक डोबरा मैदान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माँ दंतेश्वरी को साक्षी मानकर 48 कुंडों में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ 191 जोड़े नव दांपत्य जीवन में बंधे। मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ऑनलाइन, वर्चुअल रूप से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को नव जीवन के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए उनके सुखमय, समृद्ध और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की। समारोह में विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी ने भी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराए गए, जिससे आदिवासी संस्कृति, सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता की सुंदर झलक देखने को मिली।इस दौरान नव दंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि माँ दंतेश्वरी के पावन प्रांगण में आयोजित यह मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह हमारे समाज की एक सुंदर और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। आज यहाँ 191 नवदंपति नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं, यह हम सभी के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। इस पवित्र स्थान पर विवाह होना स्वयं में सौभाग्य की बात है, क्योंकि मां दंतेश्वरी की कृपा और हमारे बुजुर्गों का आशीर्वाद आपके जीवन को सही दिशा देगा। उन्होंने आगे कहा कि जैसे आप सभी ने अब तक अपने माँ-बाप की सेवा और सम्मान किया है, उसी तरह अब अपने सास-ससुर को भी अपने माता-पिता समान मानकर उनकी सेवा करनी है। इसके अलावा ही वर को भी चाहिए कि वह अपनी वधु का सम्मान पूर्वक पालन-पोषण करे, उसकी भावनाओं का आदर करे और जीवन के हर मोड़ पर उसका साथ निभाए। पति-पत्नी एक-दूसरे के पूरक हैं, आपसी प्रेम, विश्वास और सहयोग से ही दांपत्य जीवन सुखमय बनता है। इसके साथ ही उन्होंने सभी के दांपत्य जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरे जीवन की कामना की।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य शासन ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ करके नवदंपत्तियों के लिए अभिभावकों जैसी भूमिका निभाई है। उन्होंने नव विवाहित युगलों से एक अच्छी बहु और अच्छा पति बनने का आग्रह करते हुए कहा कि परिवार को एक रखते हुए वरिष्ठ सदस्यों का ख्याल रखें। साथ ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुंजाम ने कहा कि आपकी खुशियों की इस घड़ी में शामिल होकर हमें गहरी खुशी हुई है। जीवन की हर महत्वपूर्ण घड़ी में राज्य शासन की योजनाएं आपका सहयोग करेंगी। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री वरुण नागेश ने बताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कुल 191 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। शासन की ओर से प्रति जोड़े 35 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से वर-वधु के खातों में अंतरित की गई। वहीं, प्रत्येक जोड़े के लिए 15 हजार रुपये की राशि आयोजन एवं साज-सज्जा पर व्यय की गई। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री संतोष गुप्ता,जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। यहां कन्या विवाह दुबे आचार्य जी के पंडितों द्वारा कराया गया। उल्लेखनीय है कि आयोजित हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह में आत्मसमर्पित नक्सली युगल हिडमें और बामन ने भी सात फेरे लेकर समाज के मुख्यधारा से स्वयं को जोड़ा। इसके अलावा इस विवाह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमित्रा वेको और पोंदुम के सरपंच ने भी अपना विवाह रचाया।
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-रागी की खेती में बढ़ी भागीदारी
धमतरी,। धमतरी जिले में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। पारंपरिक धान फसल के साथ-साथ अब किसान फसलचक्र परिवर्तन को अपनाते हुए दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाजों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। सरसों, चना, मक्का के साथ-साथ रागी (मंडुआ) की खेती में भी जिले में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह परिवर्तन न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखने और जल संरक्षण की दिशा में भी उपयोगी साबित हो रहा है।जिले में वर्तमान रबी मौसम के दौरान दलहन फसलों के अंतर्गत चना, अरहर एवं मसूर की खेती की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में दलहन फसलें लगभग 18,450 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई हैं, जिनमें चना का क्षेत्रफल लगभग 14,200 हेक्टेयर, अरहर 2,150 हेक्टेयर एवं मसूर लगभग 2,100 हेक्टेयर है। वहीं तिलहन फसलों में सरसों प्रमुख रूप से किसानों द्वारा अपनाई जा रही है। जिले में तिलहन फसलें लगभग 9,600 हेक्टेयर क्षेत्र में ली जा रही हैं, जिनमें सरसों का रकबा 8,300 हेक्टेयर तथा अन्य तिलहन फसलें 1,300 हेक्टेयर में बोई गई हैं।इसी कड़ी में मोटे अनाजों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले में रागी फसल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। रागी कम लागत में अधिक पोषण देने वाली एवं कम पानी में तैयार होने वाली फसल है, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिल रहा है। वर्तमान में धमतरी जिले में रागी फसल लगभग 1,250 हेक्टेयर क्षेत्र में ली जा रही है, जिसमें करीब 1,180 किसान रागी की खेती कर रहे हैं।जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी (म) , भटगांव ,सिरकट्टा आदि में रागी फसल की रोपाई का कार्य प्रगति पर है, जहां इस कार्य में महिला कृषकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खेतों में रागी की रोपाई कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।इस संबंध में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “धमतरी जिले में फसलचक्र परिवर्तन को प्रोत्साहित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। दलहन, तिलहन एवं रागी जैसी फसलों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि पोषण सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। रागी जैसी पोषक फसलों को अपनाने से जिले के किसान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का भी बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। महिला किसानों की भागीदारी जिले के लिए अत्यंत सराहनीय है।”जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बीज उपलब्धता एवं योजनाओं का लाभ देकर वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में धमतरी जिले को दलहन-तिलहन एवं मोटे अनाज उत्पादन का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। -
- बिलासपुर जिले के 175 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
-शासन की योजनाओं से निर्धन परिवारों को मिला संबल : श्री धरमलाल कौशिकबिलासपुर ।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश भर में किया गया। जिसमें 6 हजार 412 जोड़ों ने दांपत्य जीवन में प्रवेश किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने वर्चुअली जुड़कर सभी नव विवाहित जोड़ों को आर्शीवाद दिया। इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन स्व. श्री बी.आर. यादव बहतराई स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में जिले के 175 पात्र जोड़ों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित विधायक सर्वश्री श्री धरमलाल कौशिक, श्री दिलीप लहरिया, श्री अटल श्रीवास्तव सहित अन्य जन प्रतिनिधियों ने दंपत्तियों को शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद जीवन की कामना की।कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार निर्धन परिवार के बेटे और बेटियों की चिंता कर रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत निर्धन परिवारों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है और उनके एक बड़े दायित्व को सरकार पूरा कर रही है। उन्होंने वर-वधुओं को आर्शीवाद देकर उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से सरकार न केवल गरीबों को घर दे रही है बल्कि शौचालय, पानी, बिजली की व्यवस्था सहित उन्हें प्रतिमाह खाद्यान्न भी उपलब्ध करा रही है। रोजगार की उपलब्धता से उनके जीवन स्तर में सतत बदलाव आ रहा है। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए वरदान है। बहुत सारी बेटियों के हाथ आज पीले हो रहे हैं और मैं उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना करती हूं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याण योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकरात्मक बदलाव आ रहे है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए संवेदनशील पहल है। क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह का यह भव्य आयोजन पूरे प्रदेश में आयोजित किया गया है, जिससे निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने बेटियों के विवाह को सम्मानजनक बनाया है। शासन की ओर से प्रत्येक हितग्राही जोड़े को 35 हजार रुपये का चेक उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। इसके साथ ही परिवहन हेतु 1 हजार रुपये की सहायता राशि तथा विवाह के लिए वस्त्र, मंगलसूत्र एवं श्रृंगार सामग्री भी वितरित की गई।कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, बिल्हा जनपद अध्यक्ष श्री राम कुमार कौशिक, श्रीमती भारती माली, वंदना जेण्ड्रे सहित जिला व जनपद पंचायत बिल्हा के सदस्यगण उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से कार्यक्रम में एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, एसडीएम श्री मनीष साहू, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री सुरेश सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला बाल विकास विभाग की अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। -
- जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने दी आशीर्वाद
कांकेर । मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज जिले के शहीद शिवकुमार मंडावी खेल मैदान, गोविंदपुर में सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन किया गया, जिसमें 251 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी सहित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने नव-दम्पतियों को उनके सुखमय जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।सामूहिक कन्या विवाह को संबोेधित करते हुए विधायक श्री नेताम ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक सशक्त सहारा है, जो सामाजिक समरसता एवं बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बहुत अच्छी योजना है, समूह में मिलकर बाजे-गाजे के साथ खुशी भरे माहौल में विवाह सम्पन्न हो रहा है। सभी वर-वधु को सुखी जीवन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने सामूहिक कन्या विवाह में शामिल घराती-बराती का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह महती योजना है। राज्य सरकार द्वारा सामूहिक कन्या विवाह के लिए 35 हजार रूपए की मदद कन्या के उपहार सामग्री के लिए दी जाती है, जो वधु के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाती है। इसके अलावा 01 हजार रूपए परिवहन व्यय के लिए दिए जा रहे हैं। इस प्रकार 36 हजार रूपए की सहायता राशि सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। उन्होंने नव-दम्पत्तियों को सुखी वैवाहिक जीवन अपनी शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह में 251 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज के साथ विवाह संस्कार सम्पन्न कराया गया। इनमें कांकेर परियोजना के 43 वर-वधु, चारामा परियोजना के 30, नरहरपुर के 30, भानुप्रतापपुर के 30, अंतागढ़ के 38, दुर्गूकांेदल के 29, कोयलीबेड़ा के 20 और पखांजूर परियोजना 31 वर-वधु शामिल हैं। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती तेजेश्वरी सिन्हा, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती तारूणी ठाकुर, श्री सतीश लाटिया, श्री राजीव लोचन सिंह, राजा देवनानी, दिलीप खटवानी, अनूप शर्मा, एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन सहित नव दम्पत्तियों के परिजन, जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। - -छत्तीसगढ़ में उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक्स नवाचार को मिलेगा नया आयाम-सीओई एवं ईएसडीडी सेंटर की होगी स्थापनारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास की नई दिशा अपनाते हुए आधुनिक अधोसंरचना, पारदर्शी एवं प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली तथा निवेश-हितैषी नीतिगत ढांचे के माध्यम से एक अनुकूल औद्योगिक वातावरण का निर्माण किया है। राज्य शासन का निरंतर प्रयास है कि छत्तीसगढ़ को एक विश्वसनीय एवं आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करते हुए आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाए।इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में 10 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रातः 10.30 बजे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू होगा। इस समझौते के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओई) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ईएसडीडी) सेंटर की स्थापना हेतु एसटीपीआई द्वारा तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाएगा।समझौता ज्ञापन के अनुसार स्थापित किए जाने वाले सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओईएस) के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि में नवाचार, स्टार्ट-अप एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ईएसडीडी) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप एवं एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की समग्र सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।यह पहल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च कौशल आधारित रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करेगी। युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग लिंकज, क्लाउड एवं डेटा सेंटर सेवाएं तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे उच्च कौशल वाले स्थानीय युवाओं का महानगरों की ओर पलायन कम होगा।उल्लेखनीय है कि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) देशभर में 68 केंद्रों तथा 24 सेक्टर विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आईटी एवं स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने वाली अग्रणी संस्था है। एसटीपीआई को सॉफ्टवेयर निर्यात, डेटा सेंटर, इनक्यूबेशन एवं उच्च स्तरीय डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है।एसटीपीआई के साथ किया गया यह एमओयू छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय नवाचार प्लेटफॉर्मों एवं सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के सुदृढ़ नेटवर्क से जोड़ेगा। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता एवं औद्योगिक विकास की दिशा में एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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भिलाई-तीन। पदुमनगर कॉलोनी में सर्व हिंदू समाज की ओर से विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजय पांडे जी उपस्थित थे, जिन्होंने अपने दमदार उद्बोधन में हिंदू संस्कृति और परंपरा के बारे में विस्तार से बताया, जिसे सुनकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। मातृशक्ति के रूप में श्रीमती शकुंतला दास और संत समाज की ओर से भागवत आचार्य पंडित अयोध्या प्रसाद द्विवेदी उपस्थित थे। कार्यक्रम के बीच में नन्ही बालिका कुंवारी जूही द्वारा 'आरंभ है प्रचंड' गान की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी दर्शकों का मन जीत लिया और सभी उपस्थित जनों ने खूब सराहा। इसके साथ ही कार्यक्रम में चरोदा मार्शल आर्ट टीम की ओर से भूतपूर्व सैनिक दीपक दास के नेतृत्व में बालिकाओं ने आत्म-रक्षार्थ कराटे की कई विधियों की शानदार प्रस्तुति दी गई। जामुल स्थित हनुमान अखाड़ा द्वारा शानदार करतबाजी का प्रदर्शन किया गया जिसे दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला।
कार्यक्रम का संचालन हरिकेशव डडसेना के द्वारा किया गया और कार्यक्रम का समापन विनोद देवांगन द्वारा किया गया। विनोद देवांगन द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनों का हृदय से आभार प्रकट किया गया और कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाने के लिए सभी को साधुवाद प्रकट किया गया। साथी आने वाले समय में भी इसी तरह के कई और कार्यक्रम अन्य जगहों में भी करवाने की घोषणा विनोद देवांगन के द्वारा की गई। कार्यक्रम में प्रभाकर राव, नीरज चंद्राकर, अंशु पांडे, दयाशंकर पाल, राकेश शर्मा, देशबंधु शर्मा, दीपक निर्मलकर, नीरज साहू, केसरी वर्मा, मनीष यादव, रमेश कुमार यादव ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभाई जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक ने पंडित वीरेंद्र कुमार पाठक यह जानकारी दी। - दुर्ग / कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने एसआईआर के तहत कोई मेपिंग नहीं तथा तार्किक विसंगतियों के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के समस्त पूर्व/वर्तमान निर्वाचित जनप्रतिनिधियों/सांसद/विधायक/पूर्व सांसद/पूर्व विधायक/प्रमुख राजनीतिक दलों के संगठन के पदाधिकारी, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार गृहिता यथा पद्म श्री/पद्म विभूषण/पद्म भूषण एवं राज्य अलंकरण तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि को ई.आर.ओ. द्वारा जारी नोटिस के संबंध में जिला पंचायत, नगरीय निकायों, जनसंपर्क, सत्कार शाखा को दस्तावेज सत्यापन होने के संबंध में जिला निर्वाचन कार्यालय को 10 फरवरी तक सूचित करने के निर्देश दिये हैं। इसी प्रकार सर्व विभाग प्रमुख अधिकारियों को विभाग से संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों के दस्तावेज सत्यापन होने संबंधी जानकारी भी 10 फरवरी तक प्रस्तुत करने कहा गया है।























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