- Home
- देश
-
आइजोल. मिजोरम की राजधानी आइजोल में हिंसा से प्रभावित मणिपुर के आदिवासियों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए शनिवार को आयोजित रैली में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। रैली का आयोजन ‘जो री यूनिफिकेशन ऑर्गनिजेशन' (जोरो) द्वारा किया गया, जो एक प्रशासनिक प्रणाली के तहत सभी ‘जो' लोगों (चिन-कुकी-मिजो-जोमी) के पुन: एकीकरण की मांग करता है। जोरो के महासचिव एल रामदिनलियाना रेंथलई ने कहा कि अगर अत्याचार जारी रहे तो मिजोरम के मिजो युवा मणिपुर में अपने भाइयों की रक्षा के लिए वहां जाएंगे।
-
ठाणे. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक नेता की महाराष्ट्र के ठाणे जिले में लगभग छह लोगों के समूह ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
हिल लाइन थाने के वरिष्ठ निरीक्षक रंजीत डेरे ने बताया कि शुक्रवार रात उल्हासनगर की जय जनता कॉलोनी में शब्बीर शेख (45) नामक एक शख्स पर धारदार हथियार से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि शेख को चार महीने ही पहले ही शिंदे नीत शिवसेना की उल्हासनगर इकाई के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। पुलिस को शक है कि जीन्स निर्माण व्यवसाय से जुड़े शेख की हत्या पैसों के लिए की गई है।
अधिकारी ने बताया कि उक्त घटना में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस संदिग्धों की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। You
- भद्रवाह/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के किसान, भूखे बंदरों से अपने खेत को बचाने के लिए चावल, मक्का और गेहूं जैसी फसलों की बजाय औषधीय पौधों की खेती कर रहे हैं। वनों की कमी ने इन बंदरों को भोजन की तलाश में खेतों पर धावा बोलने के लिए मजबूर किया है, जिससे किसानों को काफी नुकसान होता है। इसके निपटने के लिये, आयुष मंत्रालय के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को चावल, गेहूं और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों के बजाय जड़ी-बूटियां उगाने की सलाह दी है, क्योंकि इससे न केवल उनकी फसलों की सुरक्षा होगी बल्कि अधिक मुनाफा भी होगा। डोडा में वन क्षेत्रों के पास स्थित गांवों के कई किसानों ने इस समाधान को अपनाया है और अब सुगंधित पौधों जैसे लैवेंडर और टैगेटस मिनुटा के साथ-साथ ट्रिलियम (नाग-चत्री), सोसुरिया कोस्टस (कुथ), इनुला (मन्नू), सिंहपर्णी (हांध), जंगली लहसुन और बलसम सेब (बान-काकरी) जैसे औषधीय पौधों की खेती कर रहे हैं।अधिकारियों ने कहा कि इन पौधों का स्वाद कड़वा होता है और इनमें तेज तीखी गंध होती है, जिससे ये बंदरों के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं। एक स्थानीय उद्यमी तौकीर बागबान ने कहा कि औषधीय और व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद बनाने वाली घरेलू कंपनियों की जड़ी-बूटियों की बढ़ती मांग के कारण किसान अब बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। बागबान ने कहा, ‘‘आयुष मंत्रालय के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मिट्टी, पानी और हवा की स्थिति के आधार पर उपयुक्त फसलों की खेती के लिए किसानों को शिक्षित कर रहे हैं। वे खेती के इस बदलाव को अंजाम देने में मदद करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और रोपण सामग्री भी प्रदान करते हैं।'' अधिकारी ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती के इस बदलाव ने किसानों के खेतों को पुनर्जीवित कर दिया है और समुदाय के बीच आशा की नयी किरण पैदा की है। जम्मू और कश्मीर के चिनाब क्षेत्र में 3,000 से अधिक किसान पहले से ही जड़ी-बूटियों और सुगंधित पौधों की खेती कर रहे हैं, जिनमें से 2,500 अकेले भद्रवाह में स्थित हैं। सरतिंगल गांव के किसान नवीद बट ने कहा, ‘‘इससे पहले, हमने बंदरों को डराने के लिए कुत्तों का उपयोग किया और यहां तक कि एयर गन का भी इस्तेमाल किया था।'' बट ने कहा, ‘‘लेकिन बंदरों को दूर रखना मुश्किल था और हम खेती छोड़ने वाले थे। लेकिन पिछले दो वर्षों से पारंपरिक मक्का से औषधीय पौधों की खेती की ओर जाने के बाद इन बंदरों को दूर रखा है। इसके अलावा, हम अच्छे लाभ की उम्मीद कर रहे हैं।'' केंद्र सरकार के वर्ष 1978 में जैव चिकित्सा अनुसंधान के लिए उनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद से बंदरों की आबादी में वृद्धि हुई है। कई लोगों के बंदरों की पूजा और भोजन देने से समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि, इन बंदरों का प्रभाव जम्मू- कश्मीर में चिनाब क्षेत्र जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में वन क्षेत्र के घटने के कारण सबसे अधिक महसूस किया जाता है। काही गांव की एक किसान शबनम बेगम (52 वर्ष) ने कहा, ‘‘फसल की चौबीसों घंटे रखवाली करना एक चुनौती है, खासकर जब हमारे खेत घर के करीब नहीं होते हैं।'' औषधीय पौधों की ओर रुख करके हमें एक नई उम्मीद मिली है। आयुष ने हमें एक नई उम्मीद दी है।''
- नयी दिल्ली ।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन किए जाने के बाद रविवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री संसद भवन के उद्घाटन को राज्याभिषेक समझ रहे हैं।उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘संसद लोगों की आवाज़ है! प्रधानमंत्री संसद भवन के उद्घाटन को राज्याभिषेक समझ रहे हैं।’’प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन किया और ऐतिहासिक राजदंड ‘सेंगोल’ को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समीप स्थापित किया।पारंपरिक परिधान में प्रधानमंत्री मोदी ने द्वार संख्या-एक से संसद भवन परिसर में प्रवेश किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी और बिरला ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
- नयी दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर एक विशेष स्मारक डाक टिकट और 75 रुपये का सिक्का जारी किया।उन्होंने नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित उद्घाटन समारोह में सिक्का और डाक टिकट जारी किया।केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सिक्के का वजन 34.65 ग्राम से 35.35 ग्राम के बीच होगा। अधिसूचना में कहा गया कि सिक्के के एक तरफ बीच में अशोक स्तंभ की छवि होगी, जिसके एक ओर देवनागरी लिपि में ‘भारत’ जबकि दूसरी ओर अंग्रेजी में ‘इंडिया’ लिखा होगा।
- फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले के नगला खंगर थाना क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे शनिवार को एक युवक के अंतिम संस्कार के दौरान जलती चिता में उसका दोस्त कूद पड़ा और उसकी मौत हो गयी । पुलिस क्षेत्राधिकारी सिरसागंज प्रवीण तिवारी ने बताया किनगला खंगर थानाक्षेत्र का 42 वर्षीय अशोक कैंसर से पीड़ित था, शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई । उन्होंने बताया कि दोपहर में अशोक का अंतिम संस्कार गांव में यमुना किनारे किया जा रहा था तभी उसका दोस्त 40 वर्षीय आनंद चिता में कूद गया । उन्होंने बताया कि मौजूद लोगों ने उसे चिता से निकाला और वे उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल फिरोजाबाद ले गये । पुलिस के अनुसान वहां से आनंद को गंभीर रूप से जली अवस्था में आगरा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया लेकिन आगरा मेडिकल पहुंचने से पूर्व ही उसकी मौत हो गयी । पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने किसी का कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है।
- नयी दिल्ली ।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद रविवार को सांसदों का आह्वान किया कि वे नए भवन में नए संकल्प के साथ प्रवेश करें तथा संसदीय अनुशासन, मर्यादा और गरिमा के नए मापदंड स्थापित करें। उन्होंने नए संसद भवन के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।बिरला ने कहा, ‘‘आजादी के अमृतकाल में संपूर्ण राष्ट्र इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पल का साक्षी बन रहा है। प्रधानमंत्री के दृढ़संकल्प और प्रेरक मार्गदर्शन से ढाई वर्ष से कम समय में भी यह भवन बनकर तैयार हुआ।’’उन्होंने कारीगरों और मजदूरों का भी आभार जताया।बिरला ने कहा, ‘‘भारत विश्व का प्राचीनतम लोकतंत्र है। लोकतंत्र की जननी के रूप में हमारी पहचान है। हमने सदनों की अच्छी परिपाटी स्थापित की है। लोगों का विश्वास लोकतंत्र के लिए बढ़ा है।’’मोदी ने कहा, ‘‘आज लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए विश्व भारत की ओर देखता है… हमारी संसद घरेलू और बाहरी चुनौतियों को अवसर में बदलने की ताकत रखती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सांसद मित्रों से अनुरोध है कि जब नए भवन में प्रवेश करें तो नए संकल्प के साथ प्रवेश करें। हम संसदीय अनुशासन, मर्यादा और गरिमा के नए मापदंड स्थापित करें।’’
- नयी दिल्ली. नरेन्द्र मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किये गये एक राष्ट्रीय सम्मेलन में शनिवार को केंद्रीय मंत्रियों ने लोगों की सोच और आम आदमी के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रधानमंत्री के ‘निर्णायक नेतृत्व' की सराहना की। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2047 तक राष्ट्र को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लोगों से मोदी के नेतृत्व में अपना विश्वास बनाये रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने भ्रष्टाचार से लड़ने के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। दूरदर्शन द्वारा आयोजित दिन भर के सम्मेलन में, मोदी सरकार की उपलब्धियों के बखान वाली ‘नौ साल--सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण' शीर्षक वाली एक पुस्तिका भी जारी की गई। कार्यक्रम में उद्योगपतियों, खेल जगत की शख्सियतों, अभिनेताओं और पर्यावरणविदों ने भी भागीदारी की। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा कि भारत में 2027 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है। मित्तल ने कहा कि सामान्य रूप से व्यवसायों को निर्णायक नेतृत्व की जरूरत होती है और भारत में लंबे समय के बाद न केवल पूर्ण बहुमत वाली सरकार है बल्कि एक ऐसा नेता भी है, जिसे वैश्विक नेता के रूप में मान्यता प्राप्त है। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों की सोच में बदलाव लाये हैं और अपने सेवाभाव से देश के लोगों का भरोसा हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर था, जबकि 2014 से भ्रष्टाचार का नाम भी नहीं है। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पिछले नौ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और प्रत्येक श्रेणी में इसने हर गुजरते साल के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि आंकड़ों से परे ''कुछ ऐसा है, जो मुझे आपको बताना है। आज सोच बदल गई है। शासन करने वालों ने अपनी सोच बदल दी है। जिन लोगों ने ऐसी सरकार को वोट दिया है, वे अपने दोस्तों और परिवारों के बीच भी सोच में बदलाव देखते हैं।'' उन्होंने कहा, ''पहले की सरकार से लोगों को कोई उम्मीद नहीं थी। हमने सोचा था कि यह देश भ्रष्टाचार के लिए ही जाना जाएगा। लोगों ने इस देश में व्यवसाय करना छोड़ दिया। लेकिन आज, भारत में सोच बदली है। लोगों को लगता है कि सरकार उनके प्रति जवाबदेह है। उनकी भलाई के लिए काम करेगी। ऐसा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण हुआ।'' केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में आम आदमी के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव सिर्फ इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि मतदाताओं ने निर्णय लेने वाले एक नेता का समर्थन किया। ठाकुर ने दावा किया कि पहले भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत खराब थी और वह भ्रष्टाचार से जूझ रही थी, लेकिन मोदी के नेतृत्व में यह दुनिया की पांच शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों और जमीनी स्तर पर उठाये गये कदमों के कारण भारत दो साल में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद 2014 से देश में तेजी से सामाजिक और आर्थिक बदलाव आया है।बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिए कहा कि उन्होंने पिछले नौ वर्षों में कई परिवर्तनकारी पहल हुईं, जिसने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया है।
- नयी टिहरी. उत्तराखंड के टिहरी जिले के गाजा-खादी मोटर मार्ग पर शनिवार को कार के 500 मीटर गहरी खाई में गिर जाने से 50 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी पत्नी की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। तहसीलदार रेनू सैनी ने बताया कि दंपति भलियालपानी से दिल्ली जा रहे थे। गाजा से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर यह हादसा हुआ। सैनी ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रीतम सिंह चौहान और उनकी पत्नी भरोसी देवी (45) के रूप में हुई है। राजस्व पुलिस और एसजीआरएफ कर्मियों को शवों को बरामद करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लोगों के सपने और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिये केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘टीम इंडिया' के रूप में करने के साथ दीर्घकालीन साझा दृष्टिकोण तैयार करने की जरूरत है। वर्ष 2047 भारत की आजादी का सौवां साल है। नीति आयोग संचालन परिषद की शनिवार को आठवीं बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने राज्यों से राजकोषीय अनुशासन बनाये रखने को भी कहा। उन्होंने सूझ-बूझ के साथ ऐसे वित्तीय निर्णय लेने को कहा जो लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करे। प्रधानमंत्री ने राज्यों से न केवल बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक के लिये बल्कि स्थानीय क्षेत्र विकास तथा सामाजिक बुनियादी ढांचा सृजित करने के लिये गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग करने का आग्रह किया। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीवीआर सुब्रमणियम ने परिषद की बैठक के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि इसमें 19 राज्यों के मुख्यमंत्री और छह केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टनेंट गवर्नर शामिल हुए। हालांकि 11 राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं हुए। ये राज्य हैं...पंजाब, बिहार, तमिलनाडु, कर्नाटक, दिल्ली, तेलंगाना, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, केरल, मणिपुर और राजस्थान। यह पहली बैठक थी जो हाल में प्रगति मैदान में बने सम्मेलन केंद्र में हुई। इसी सम्मेलन केंद्र में इस साल जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने संचालन परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिये राज्यों और जिलों के दृष्टिकोण का राष्ट्रीय सोच के साथ तालमेल जरूरी है। इससे पहले, नीति आयोग ने ट्विटर पर लिखा था, ‘‘नीति आयोग संचालन परिषद की आठवीं बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब राज्य बढ़ते हैं, तो भारत बढ़ता है। उन्होंने 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करने के महत्व पर जोर दिया।'' उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नीति आयोग के साथ मिलकर काम करने को कहा ताकि देश अमृत काल के दृष्टिकोण को हासिल करने में लंबी छलांग लगा सके। प्रधानमंत्री ने राज्यों से वित्तीय मामलों में सूझबूझ के साथ निर्णय लेने को कहा। उन्होंने कहा कि यह उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत बनाएगा और नागरिकों के कल्याण के लिये कार्यक्रमों को लागू करने में सक्षम बनाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री/लेफ्टिनेंट गर्वनर ने नीतियों के स्तर पर कई सुझाव दिये। उन्होंने राज्यों से संबंधित कुछ मुद्दों का जिक्र किया जिसके लिये केंद्र-राज्य सहयोग जरूरत है। उन्होंने बेहतर गतिविधियों के लिये कुछ प्रमुख सुझाव दिये, उसमें हरित रणनीति अपनाना, क्षेत्रवार योजना तैयार करना, शहरी नियोजन, कृषि, लॉजिस्टिक आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति आयोग राज्यों की चिंताओं, चुनौतियों और बेहतर गतिविधियों का अध्ययन करेंगे तथा उसके अनुसार आगे का रास्ता तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि नीति आयोग राज्यों को अगले 25 साल के लिये उनकी रणनीति तैयार करने तथा उसे राष्ट्रीय विकास एजेंडा के साथ तालमेट बैठाने में मदद करने के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। नीति आयोग संचालन परिषद की बैठक में भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के मकसद से स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण और बुनियादी ढांचा विकास समेत कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल के साथ उत्तर प्रदेश, असम, झारखंड तथा मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। पश्चिम बंगाल, पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने बैठक का बहिष्कार किया।
आप प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को पत्र लिखा था और केंद्र के हाल के अध्यादेश के खिलाफ नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश में सहयोगपूर्ण संघवाद को ‘मजाक' बना दिया गया है। पंजाब की आप सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी बैठक का बहिष्कार किया।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2019 में परिषद की बैठक में शामिल नहीं होने पर कहा था कि आयोग के पास कोई शक्ति नहीं है और इन बैठकों का कोई मतलब नहीं है। परिषद की पूर्ण बैठक हर साल होती है। पिछले साल मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक सात अगस्त को हुई थी। परिषद की पहली बैठक आठ फरवरी, 2015 को हुई थी। कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020 में बैठक नहीं बुलायी गयी थी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नये संसद भवन का रविवार को उद्घाटन किये जाने के साथ ही 1927 से देश की गाथा का गवाह रहा पुराना संसद भवन इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा। स्व-शासन की ओर पहले कदम से लेकर स्वतंत्रता की सुबह तक और देश के परमाणु शक्ति के रूप में उभरने और उससे आगे तक, पुराना संसद भवन लगभग एक सदी से देश की गाथा का गवाह बना हुआ है। संसद भवन संविधान के निर्माण, महात्मा गांधी की मृत्यु की घोषणा के बाद के दृश्यों के साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना के बिना शर्त आत्मसमर्पण की घोषणा का भी साक्षी रहा है। पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का दिल को छू लेने वाला भाषण, लाल बहादुर शास्त्री के शांत लेकिन दृढ़ संकल्प, इंदिरा गांधी की वाक्पटुता, अटल बिहारी वाजपेयी की काव्य प्रतिभा और नरेंद्र मोदी की शक्तिशाली भाषणकला संसद के कक्षों में गूंजी है। पुरानी संसद भवन की आधारशिला वर्ष 1921 में ड्यूक ऑफ कनॉट, प्रिंस आर्थर द्वारा रखी गई थी और इसका उद्घाटन 18 जनवरी, 1927 को किया गया था। संसद का हाल ही में समाप्त हुआ मानसून सत्र शायद पुराने भवन में अंतिम हो। वायसराय लॉर्ड इरविन ने 24 जनवरी, 1927 को तीसरी विधानसभा के पहले सत्र में कहा, ‘‘आज आप दिल्ली में अपने नए और स्थायी भवन में पहली बार मिल रहे हैं। इस कक्ष में, विधानसभा के लिए इसकी गरिमा और महत्व के मद्देनजर एक व्यवस्था की गई है।'' पंडित मदन मोहन मालवीय, मोहम्मद अली जिन्ना, पंडित मोतीलाल नेहरू, लाला लाजपत राय, सी.एस. रंगा अय्यर, माधो श्रीहरि अणे, विठ्ठलभाई पटेल सहित अन्य तीसरी विधानसभा के सदस्य थे। भारत सरकार अधिनियम, 1919 के जरिये अंग्रेजों ने सरकार में भारतीयों की अधिक भागीदारी की अनुमति दी थी। दो साल बाद, क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने सदन द्वारा विवादास्पद व्यापार विवाद विधेयक पारित किए जाने के बाद सार्वजनिक गैलरी से विधानसभा कक्ष में बम फेंके। आठ अप्रैल, 1929 की विधानसभा की कार्यवाही की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इस चरण में आगंतुक दीर्घा से दो बम फेंके गए जो सदस्यों की सीट के बीच फट गए, जिससे कुछ सदस्यों को चोटें आईं। कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति रही और अध्यक्ष ने कुछ समय के लिए काम करना बंद कर दिया। बाद में वह अपने आसन पर वापस आ गए।'' विट्ठलभाई पटेल विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष (प्रेसीडेंट) थे, बाद में देश में संसदीय लोकतंत्र विकसित होने के बाद यह पद अध्यक्ष (स्पीकर) के रूप में जाना जाने लगा। स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर, संविधान सभा की बैठक रात 11:00 बजे राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई। उत्तर प्रदेश की एक सदस्य सुचेता कृपलानी ने विशेष सत्र की शुरुआत के मौके पर ‘वंदे मातरम' का पहला छंद गाया। पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध ‘‘नियति से साक्षात्कार'' (ट्रिस्ट विद डेस्टिनी) भाषण दिया, जिसके बाद संविधान सभा के सदस्यों ने स्वयं को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया। अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर ने 2 फरवरी, 1948 को लोकसभा की एक बैठक के दौरान महात्मा गांधी की मृत्यु की घोषणा की। मावलंकर ने कहा, ‘‘आज हम एक दोहरी आपदा की छाया में बैठक कर रहे हैं, हमारे युग की सबसे कद्दावर हस्ती का दुखद निधन हो गया है जिसने हमें गुलामी से आजादी की ओर अग्रसर किया और हमारे देश में राजनीतिक हिंसा की फिर से शुरुआत हो गई है।'' वहीं, नेहरू ने कहा, ‘‘एक गौरव चला गया है और हमारे जीवन को गर्म और उज्ज्वल करने वाला सूर्य अस्त हो गया है और हम ठंड और अंधेरे में कांप रहे हैं।'' इसी सदन से तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश से हर हफ्ते एक समय भोजन छोड़ने की अपील की थी क्योंकि भारत भोजन की कमी से जूझ रहा था और 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ा था। वर्ष 1975 में आपातकाल लागू होने के बाद जब लोकसभा की बैठक हुई, तो सदन में मुद्दों को उठाने के निजी सदस्यों के अधिकारों को निलंबित करने के सरकार के कदम के खिलाफ सदन में कई सदस्यों का विरोध देखा गया। उप गृहमंत्री एफ.एच. मोहसिन ने 21 जुलाई, 1975 को लोकसभा की बैठक में राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल लगाये जाने की घोषणा की। लोकसभा सदस्य सोमनाथ चटर्जी, इंद्रजीत गुप्ता, जगन्नाथराव जोशी, एच.एन. मुखर्जी, पी.के. देव ने अपने अधिकारों के निलंबन का विरोध किया। वर्ष 1989 में देश की राजनीति के गठबंधन युग में प्रवेश करने के साथ ही संसद 1998 तक लगातार सरकारें बदलने की गवाह बनी, जब भाजपा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में गठबंधन बनाया था। एक साल के भीतर वाजपेयी सरकार 17 अप्रैल, 1999 को तब गिर गई जब वह लोकसभा में एक वोट से विश्वास मत हार गए थे। हालांकि, बाद में हुए आम चुनावों के बाद वाजपेयी सरकार फिर से सत्ता में आ गई। वर्ष 1974 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 22 जुलाई को संसद में एक विस्तृत बयान दिया, जिसमें सदन को पोखरण में ‘‘शांतिपूर्ण परमाणु परीक्षण'' और अन्य देशों की प्रतिक्रिया से अवगत कराया गया। लगभग 24 साल बाद 1998 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी ने वैज्ञानिकों द्वारा उस वर्ष 11 मई और 13 मई को पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद भारत को परमाणु हथियार संपन्न देश घोषित किया। उन्होंने दुनिया को आश्वस्त करने की कोशिश करते हुए पहले इस्तेमाल नहीं करने की नीति की भी घोषणा की, जो परीक्षणों के बारे में अनजान थी। वर्ष 2008 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर मतभेद के बाद वामपंथी दलों द्वारा समर्थन वापस लेने के मद्देनजर विश्वास मत के दौरान अपनी गठबंधन सरकार का सशक्त तरीके से बचाव किया।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के स्तर पर लोगों की मानसिकता को बदला है और अपने सेवाभाव से देश के लोगों का भरोसा हासिल किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह बात कही। उन्होंने मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर था, जबकि 2014 से भ्रष्टाचार का नाम भी नहीं है। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पिछले नौ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और प्रत्येक श्रेणी में इसने हर गुजरते साल के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि आंकड़ों से परे ''कुछ ऐसा है, जो मुझे आपको बताना है। आज मानसिकता बदल गई है। शासन करने वालों ने अपनी मानसिकता बदल दी है। जिन लोगों ने ऐसी सरकार को वोट दिया है, वे अपने दोस्तों और परिवारों के बीच भी मानसिकता में बदलाव देखते हैं।'' उन्होंने आगे कहा, ''मानसिकता में बदलाव तब आता है, जब सरकार लोगों पर भरोसा करती है और जब लोग बदले में सरकार पर भरोसा करते हैं।'' सीतारमण ने साथ ही जोड़ा कि लोगों को भरोसा है कि प्रधानमंत्री मोदी कभी भी कुछ भी गलत या देश के खिलाफ कुछ भी नहीं करेंगे और वह हमेशा देश की सेवा करने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा, ''पहले की सरकार से लोगों को कोई उम्मीद नहीं थी। हमने सोचा था कि यह देश भ्रष्टाचार के लिए ही जाना जाएगा। लोगों ने इस देश में व्यवसाय करना छोड़ दिया। लेकिन आज, भारत में मानसिकता बदली है। लोगों को लगता है कि सरकार उनके प्रति जवाबदेह है। उनकी भलाई के लिए काम करेगी। ऐसा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण हुआ। सीतारमण ने कहा, ''यही वजह है कि आज भी बहुत सारे वैश्विक नेताओं की तुलना में, वह (नरेन्द्र मोदी) अधिक लोकप्रिय हैं।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करने से एक दिन पहले शनिवार को अपने आवास पर अधीनम (पुजारियों) से मिले और उनका आशीर्वाद लिया। तमिलनाडु से दिल्ली आए अधीनम ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें ‘सेंगोल (राजदंड)' सहित विशेष उपहार दिए। मोदी ने उनका आशीर्वाद लिया और उनका अभिनंदन किया। कई विपक्षी दलों द्वारा कार्यक्रम का बहिष्कार करने के बीच प्रधानमंत्री रविवार को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से सुसज्जित नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि नया संसद भवन प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित करेगा। उन्होंने नए परिसर का वीडियो भी साझा किया था।
-
कोटा। राजस्थान के कोटा में हुए एक सड़क हादसे में जैन संत की मौत हो गई। 2 लोग गंभीर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि चलती गाड़ी का अचानक टायर फट गया था। बेकाबू कार 50 फीट दूर खेत में जा गिरी। हादसे में जैन संत कार के गेट के नीचे दब गए थे। घटना जिले के बपावरकलां थाना क्षेत्र में शुक्रवार की है। कार सवार सभी लोग खानपुर से मध्यप्रदेश जा रहे थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जैन संत अरहंत सागर (66) खानपुर से एमपी सोनागिर जा रहे थे। कुछ देर के लिए चांदखेड़ी रुके थे। उनके साथ एक महिला ऊषा जैन व कार ड्राइवर भूरा लाल था। जैन संत कार में ड्राइवर के पास वाली सीट पर बैठे हुए थे। बपावर थाने से थोड़ी दूर उनकी गाड़ी का टायर फट गया और तेज धमाका हुआ।
गाड़ी पलटी खाते हुए 50 मीटर दूर खेत में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने घायल को बाहर निकाला। जैन संत गाड़ी के गेट के नीचे दब गए थे। थाने के एएसआई पुरुषोत्तम ने बताया कि उनके शरीर में कट लगे। इससे उनकी मौत हो गई। महिला ऊषा जैन व ड्राइवर भूरा को हल्की चोट लगी। जिन्हें इलाज के लिए बारां रेफर किया।
बपावरकलां थाना एसएचओ रणजीत सिंह ने बताया कार हादसे में घायलों को बपावरकलां हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां से उन्हें बारां रेफर कर दिया, जबकि जैन संत का शव बिना पोस्टमार्टम के सुपुर्द किया। -
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में माजरा के पास दो ट्रॉलों की आपस में टक्कर हो गई। हादसे के बाद एक ट्रॉला में भीषण आग लग गई, जबकि दूसरा ट्रॉला डिवाइडर कूदकर दूसरी साइड जाकर टकरा गया। हादसे में एक ट्रॉला सवार क्लीनर की जलने से मौत हो गई, जबकि दूसरे ट्रॉला के चालक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
पुलिस ने बताया कि मरने वालों में यूपी के जिला रामपुर निवासी बिरेन्द्र व हरियाणा महेन्द्रगढ़ जिला निवासी दीपक शामिल है। बिरेन्द्र सिंह अपने ट्रॉला लेकर नारनौल से रेवाड़ी की तरफ आ रहा था। इसी दौरान खोल थाना क्षेत्र में पडऩे वाले रेवाड़ी-जैसलमेर नेशनल हाईवे नंबर-11 पर गांव माजरा के समीप रोडिय़ों से भरे दूसरे ट्रॉला से टक्कर हो गई। टक्कर लगने के बाद रोड़ी से भरे ट्रॉला में भीषण आग लग गई। आगजनी के बाद ट्रॉला चालक केबिन से कूद कर बाहर निकलने में कामयाब हो गया, लेकिन उसमें बैठा क्लीनर दीपक अंदर ही फंस गया। देखते ही देखते केबिन पूरी तरह जल गया और उसके अंदर फंसे दीपक की जलने के कारण मौत हो गई। फिलहाल पुलिस शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी है। -
कैमूर। कैमूर जिले के चांद थाना क्षेत्र के कुरई गांव के पास शुक्रवार देर शाम ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रैक्टर के नीचे दबकर एक महिला और एक पुरुष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 2 लोग इंजन के नीचे दब गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। इसके बाद चैनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जेसीबी बुलाकर ट्रैक्टर के इंजन को हटवाया। घायलों को सीएचसी चैनपुर लाया गया, जहां से सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया गया।
थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि मृतकों में चांद थाना क्षेत्र कचौरी गांव निवासी स्व. मनोहर शाह के पुत्र राकेश जायसवाल और चंद्रमा साह की पत्नी गीता देवी है। घायलों में ट्रैक्टर चालक बिहारी साह के पुत्र मनोज गुप्ता और चंद्रमा साह के पुत्र मंटू शाह शामिल हैं। सभी लोग चांद थाना क्षेत्र के चौरी गांव के रहने वाले हैं। जो किराना का समान और लकड़ी की खरीदारी करने के बाद गांव की तरफ आ रहे थे तभी यह घटना घटी। प्रत्यक्षदर्शी रतन सिंह ने कहा कि आंधी-पानी दौरान ट्रैक्टर कुरई गांव के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें चार लोग दब गए। ट्रैक्टर के नीचे दब जाने से एक महिला और एक पुरुष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ड्राइवर और एक व्यक्ति उसके नीचे दब गए। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। -
नई दिल्ली। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में असीमित विकास किया है जो इससे पहले के करीब छह दशकों में हुई प्रगति से कहीं अधिक है। नई दिल्ली में इंडिया डिफेंस कॉन्क्लेव 2023 को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा उपकरणों के स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले नौ वर्षों में कई नीतिगत पहल की हैं, जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र आपस में जुड़े हुए हैं और इन क्षेत्रों के नीतिगत अंतर को समाप्त कर प्रधानमंत्री मोदी ने तेज और स्वदेशी विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। हाल के वैश्विक संघर्षों के मद्देनजर अंतरिक्ष की रणनीतिक प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि दोहरे उपयोग वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्र के रूप में अंतरिक्ष एक महत्वपूर्ण बहुआयामी सामर्थ्य के रूप में उभर रहा है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2023-24 से 2030-31 तक छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत पर राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं से आग्रह किया है कि वे संसद या राष्ट्रपति को किसी भी तरह के विवाद में शामिल करने से बचें। एक ट्वीट संदेश में उन्होंने कहा कि नया संसद भवन भारत के लोकतांत्रिक संकल्प तथा 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं की एक सशक्त अभिव्यक्ति के रूप में तैयार हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा कि नये संसद भवन का उद्घाटन समारोह एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक अवसर होगा।
-
नई दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शनिवार सुबह तेज हवाएं चलने के साथ बारिश हुई।दिल्ली के कई इलाकों में बारिश के कारण जलभराव देखा गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सुबह करीब साढ़े छह बजे बताया कि बादलों का एक समूह दिल्ली-एनसीआर के ऊपर से गुजर रहा है, जिसके कारण यहां और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो घंटों में हल्की से मध्यम तीव्रता वाली बारिश होगी और 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। -
नई दिल्ली। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आज 27 मई को 59वीं पुण्यतिथि है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में स्मारक शांति वन पहुंचकर पंडित नेहरू को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। दोनों नेताओं ने स्मारक पर पुष्प चढ़ाए और उन्हें नमन किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के योगदान के बिना 21वीं सदी के भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी, उनके प्रगतिशील विचारों ने चुनौतियों के बावजूद भारत के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को दृढ़ता से आगे बढ़ाया। ‘हिन्द के जवाहर’ को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। देश के निर्माण में अहम योगदान देने वाले पंडित नेहरू को आज पूरा देश याद कर रहा है
पंडित नेहरू का 74 साल की उम्र में 27 मई 1964 को निधन हुआ था। इसके बाद तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक पीएम बनाया गया था। चार दिन बाद लाल बहादुर शास्त्री को नेता चुना गया और वे देश के अगले पीएम बने थे। नेहरू 16 साल 9 महीने और 12 दिन भारत के प्रधानमंत्री रहे, यह आज तक का रिकॉर्ड है। इन लोगों ने भी दी श्रद्धांजलि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। वहीं, राजस्थान के सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि स्वतंत्रता सेनानी व आधुनिक भारत के शिल्पकार पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न पंडित जवाहरलाल नेहरु जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि। देश की स्वतंत्रता व नव भारत के निर्माण में आपके अमूल्य योगदान का सम्पूर्ण राष्ट्र ऋणी है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नया संसद भवन हर भारतीय को गौरवान्वित करेगा। श्री मोदी ने ट्वीट में एक वीडियो साझा किया जिसमें प्रतिष्ठित भवन की झलक दिखाई गई है। उन्होंने लोगों से इस वीडियो को स्वयं की आवाज़ के साथ हैशटैग MyParliamentMyPride पर साझा करने का अनुरोध किया है। श्री मोदी ने कहा कि इससे उनके विचार व्यक्त होंगे। प्रधानमंत्री उनमें से कुछ ट्वीट को रीट्वीट करेंगे।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के आज नौ वर्ष पूरे हो गए हैं। भाजपा केंद्र में अपनी सरकार के नौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 30 मई से एक महीने का जनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है। इस अभियान के तहत, भारतीय जनता पार्टी 30 जून तक देश भर में कई कार्यक्रमों और रैलियों का आयोजन करेगी। जिला, ब्लॉक तथा बूथ स्तर पर कई कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे और लोकसभा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाये जाएंगे। एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री, भाजपा के पदाधिकारी और पार्टी के नेता केंद्र सरकार की नीतियों तथा उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करेंगे।
-
कोलकाता. हावड़ा और कोलकाता शहर को जोड़ने वाले, हुगली नदी पर बने 80 साल पुराने ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज की 11 साल के अंतराल के बाद विस्तृत जांच करायी जाएगी। इस पुल का रखरखाव करने वाले कोलकाता बंदरगाह के शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। कोलकाता बंदरगाह के अध्यक्ष रथेंद्र रमन ने बताया कि कैंटीलीवर पुल की व्यापक जांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास से विचार विमर्श करने के बाद की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित जांच पुल की नियमित मरम्मत के अतिरिक्त की जाएगी।
रमन ने बुधवार को कहा, ‘‘हमने हावड़ा पुल की मजबूती पर एक गहन अध्ययन कराने का फैसला किया है, जो एक दशक से अधिक समय से नहीं हुआ है। यह अध्ययन हमें अहम जानकारियां देगा कि कैसे पुल के जीवनकाल में सुधार लाया जाए।'' एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुल की मजबूती की व्यापक जांच 11 साल पहले की गयी थी।रबींद्र सेतु के नाम से भी पहचाने जाने वाले हावड़ा ब्रिज की लंबाई 405 मीटर और चौड़ाई 21.6 मीटर है। इसे 1943 में इसके उद्घाटन के बाद से ही कोलकाता का प्रतीक माना जाता है। सर आर एन मुखर्जी के नेतृत्व में 1926 में एक आयोग ने हुगली नदी पर एक खास तरह का सस्पेंशन पुल बनाए जाने की सिफारिश की थी जिसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया। हावड़ा ब्रिज से हर दिन करीब 80,000 गाड़ियां और 4,00,000 पैदल यात्री गुजरते हैं और यह उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। -
नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने धर्मार्थ एवं धार्मिक ट्रस्ट के लिए पंजीकरण का आवेदन करने की समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। आयकर कानून के तहत धर्मार्थ संस्थानों, धार्मिक ट्रस्ट, चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों को आमदनी पर कर छूट मिली हुई है। लेकिन इस छूट का लाभ लेने के लिए उन्हें आयकर विभाग के पास अपना पंजीकरण कराना जरूरी होता है। आयकर विभाग का संचालन करने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बुधवार को एक परिपत्र में कहा कि धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्ट के लिए आवेदन जमा करने और पुनर्पंजीकरण एवं अनुमति की समयसीमा को 25 नवंबर, 2022 से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2023 कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्थायी रूप से पंजीकृत एवं स्वीकृत धर्मार्थ संस्थानों एवं धार्मिक ट्रस्ट के लिए भी नियमित पंजीकरण की आवेदन तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है।
-
नयी दिल्ली. बेमौसम बारिश के बावजूद, खेती के रकबे में वृद्धि और उपज अधिक होने के कारण चालू फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) में देश में गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 27.4 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में 50 लाख टन अधिक है। कृषि मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। गेहूं के अलावा, चावल, मक्का, तिलहन और गन्ने में रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन भी फसल वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 33 करोड़ 5.3 लाख टन होने का अनुमान है। जबकि तीसरे अनुमान के अनुसार पिछले फसल वर्ष में 31 करोड़ 56.1 लाख टन का वास्तविक उत्पादन हुआ था। प्रमुख खाद्यान्नों में गेहूं, चावल, पोषक-मोटे अनाज और दाल शामिल हैं।कृषि मंत्रालय ने कहा, ‘‘देश में गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 27.4 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में 50 लाख टन अधिक है।'' फसल वर्ष 2021-22 में प्रमुख उत्पादक राज्यों में लू के कारण गेहूं का उत्पादन घटकर 10 करोड़ 77.4 लाख टन रह गया था। गेहूं उत्पादन में पिछला रिकॉर्ड 10 करोड़ 95.9 लाख टन फसल वर्ष 2020-21 के दौरान हासिल किया गया था। मुख्य रबी (सर्दियों) फसल गेहूं की बुवाई अक्टूबर से शुरू हो गई थी, जबकि कटाई इस साल 15 जून तक होने की उम्मीद है। तीसरे अनुमान के अनुसार, चावल उत्पादन, फसल वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 13 करोड़ 55.4 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वर्ष 12 करोड़ 94.7 लाख टन था। मक्का का उत्पादन भी रिकॉर्ड तीन करोड़ 59.1 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल की समान अवधि में तीन करोड़ 37.3 लाख टन था। मक्का सहित पोषक मोटे अनाज का कुल उत्पादन फसल वर्ष 2022-23 में बढ़कर पांच करोड़ 47.4 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष 5.11 करोड़ टन था। दलहन के मामले में, पिछले वर्ष के दो करोड़ 73 लाख टन की तुलना में फसल वर्ष 2022-23 में उत्पादन मामूली बढ़त के साथ 2.75 करोड़ टन होने का अनुमान है। फसल वर्ष 2022-23 में चना और मूंग को छोड़कर अरहर और उड़द का उत्पादन कम रहने का अनुमान है।अरहर का उत्पादन पहले के 42.2 लाख टन के मुकाबले 34.3 लाख टन कम रहना आंका गया है। उड़द का उत्पादन पहले के 27.7 लाख टन के मुकाबले 26.1 लाख टन रहने का अनुमान है। जबकि इसी अवधि में चने का उत्पादन एक करोड़ 35.4 लाख टन पर अपरिवर्तित रहने का अनुमान है। हालांकि, तिलहन का उत्पादन फसल वर्ष 2022-23 में चार करोड़ 9.9 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान लगाया गया है। यह पिछले वर्ष के तीन करोड़ 79.6 लाख टन की तुलना में अधिक है। इसका कारण सोयाबीन और सरसों दाना का उत्पादन अधिक होना है। सोयाबीन का उत्पादन एक करोड़ 29.8 लाख टन के मुकाबले रिकॉर्ड एक करोड़ 49.7 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि रेपसीड-सरसों का उत्पादन उक्त अवधि में पहले के एक करोड़ 19.6 लाख टन के मुकाबले रिकॉर्ड एक करोड़ 24.9 लाख टन होने की संभावना है। नकदी फसलों के मामले में, गन्ना उत्पादन फसल वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 49 करोड़ 42.2 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन 43 करोड़ 94.2 लाख टन का हुआ था। इस वर्ष कपास का उत्पादन तीन करोड़ 43.4 लाख गांठों (एक गांठ-170 किलोग्राम का) से अधिक होने का अनुमान है, जबकि फसल वर्ष 2021-22 में यह उत्पादन तीन करोड़ 11.1 लाख गांठों का हुआ था। जूट/मेस्ता का उत्पादन, फसल वर्ष 2022-23 में 94.9 लाख गांठ (एक गांठ बराबर 180 किलो) आंका गया है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन एक करोड़ 1.4 लाख गांठ था। सरकार फसल पकने और कटाई के विभिन्न चरणों में अंतिम अनुमान से पहले कुल चार अनुमान जारी करती है।



.jpg)

.jpg)

















.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

