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चंडीगढ़. हरियाणा में करनाल जिले के तरावड़ी इलाके में एक चावल मिल की तीन मंजिला इमारत ढहने से बिहार के चार प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे जब यह घटना हुई तब 150 से ज्यादा श्रमिक मिल में मौजूद थे। करनाल के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार ने बताया, ''घटना में बिहार के चार मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गये।'' करनाल के उपायुक्त अनीश यादव ने संवाददाताओं से कहा, " घटना में कुल 24 लोग प्रभावित हुए। ढांचे में लगभग 150 लोग रहते थे और कुछ लोग समय पर खिड़कियों से बाहर आने में कामयाब रहे।" उन्होंने कहा, “ 24 प्रभावित लोगों में से 20 घायल हैं और चार की मौत हो गई है।
इमारत गिरने की वजह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि इमारत असुरक्षित थी। इसके लिए उपमंडल मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। कार्यपालक अभियंता (भवन एवं सड़क) इसके सदस्य होंगे। वे घटना की रिपोर्ट सौंपेंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या इमारत के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने कहा, “कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई करनी होगी, हम करेंगे।” घटनास्थल से मलबा हटाने का काम जारी है। - नयी दिल्ली। दुनिया में 2018 में टाइप 2 मधुमेह के एक करोड़ 41 लाख से अधिक मामलों के पीछे खराब आहार एक प्रमुख कारण था । वैश्विक स्तर पर ये आंकड़े 70 प्रतिशत से अधिक नए मामलों से जुड़े हैं। इसमें राहत वाली बात यह है कि भारत में अस्वास्थ्यकर भोजन से संबंधित टाइप 2 मधुमेह के सबसे कम मामले थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के दायरे में आए 30 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में, भारत, नाइजीरिया और इथियोपिया में अस्वास्थ्यकर भोजन से संबंधित टाइप 2 मधुमेह के सबसे कम मामले थे।जर्नल ‘नेचर मेडिसिन’ में प्रकाशित इस विश्लेषण में 1990 और 2018 के आंकड़ों को देखा गया, जिसमें महत्वपूर्ण बात यह पता चली कि कौन कौन से आहार कारक विश्व में टाइप 2 मधुमेह के बोझ को बढ़ा रहे हैं।शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन 11 आहार कारकों पर विचार किया गया, उनमें से तीन का टाइप 2 मधुमेह की बढ़ती वैश्विक घटनाओं में बहुत बड़ा योगदान था । इसमें साबुत अनाज का अपर्याप्त सेवन, परिष्कृत चावल, गेहूं की अधिकता और प्रसंस्कृत मांस का अधिक सेवन शामिल थे।उन्होंने कहा कि बहुत अधिक फलों का रस पीने और पर्याप्त गैर-स्टार्च वाली सब्जियां, सूखे मेवे नहीं खाने जैसे कारकों का रोग के नए मामलों पर कम प्रभाव देखा गया।अमेरिका में टफ्ट्स विश्वविद्यालय के वरिष्ठ लेखक दारीश मोजाफेरियन ने कहा, ‘‘हमारे अध्ययन से पता चलता है कि खराब कार्बोहाइड्रेट गुणवत्ता वाला आहार, टाइप 2 मधुमेह का विश्व स्तर पर एक प्रमुख कारक है। ये नए निष्कर्ष पोषण में सुधार और मधुमेह के बोझ को कम करने के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सामने लाते हैं।’’टाइप 2 मधुमेह में इंसुलिन के प्रति शरीर की कोशिकाएं प्रतिरोध करती हैं। इंसुलिन अग्न्याशय द्वारा बनाया गया एक हार्मोन है जो किसी भी समय रक्तप्रवाह में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है।अध्ययन में शामिल 184 देशों में से, सभी ने 1990 और 2018 के बीच टाइप 2 मधुमेह के मामलों में वृद्धि देखी, जो व्यक्तियों, परिवारों और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों पर बढ़ते बोझ को दर्शाता है।शोध दल का मॉडल, ग्लोबल डाइटरी डेटाबेस की जानकारी के साथ-साथ जनसांख्यिकी, वैश्विक टाइप 2 मधुमेह की घटनाओं के अनुमान, मोटापे और टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों को प्रभावित करने वाले डेटा पर आधारित था। विश्लेषण से पता चला है कि खराब आहार वैश्विक स्तर पर पुरुषों बनाम महिलाओं, युवा बनाम वृद्ध वयस्कों और शहरी बनाम ग्रामीण निवासियों में कुल टाइप 2 मधुमेह की घटनाओं का एक बड़ा हिस्सा बना रहा है।शोधकर्ताओं ने कहा कि मध्य और पूर्वी यूरोप एवं मध्य एशिया- विशेष रूप से पोलैंड और रूस में, जहां आहार लाल मांस, प्रसंस्कृत मांस और आलू से भरपूर होता है, वहां आहार से जुड़े टाइप 2 मधुमेह के मामलों की सबसे बड़ी संख्या थी। लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में भी टाइप 2 मधुमेह के मामलों की संख्या काफी थी विशेष रूप से कोलम्बिया और मैक्सिको में, जिसके लिए शक्कर युक्त पेय, प्रसंस्कृत मांस की उच्च खपत और साबुत अनाज के कम सेवन को जिम्मेदार पाया गया।ऐसे क्षेत्र जहां आहार का टाइप 2 मधुमेह के मामलों पर प्रभाव कम था, उनमें दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका शामिल थे । हालांकि 1990 और 2018 के बीच खराब आहार के कारण टाइप 2 मधुमेह में सबसे बड़ी वृद्धि उप-सहारा अफ्रीका में देखी गई थी।शोध का संचालन करने वाले अध्ययन के पहले लेखक मेघन ओहर्न ने कहा, ‘‘ये निष्कर्ष चिकित्सकों, नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र की पोषण संबंधी प्राथमिकताओं को तय करने में मदद कर सकते हैं क्योंकि वे स्वस्थ आहार विकल्पों को प्रोत्साहित करते हैं जो इस वैश्विक महामारी का समाधान है।’’
- चंडीगढ़। हरियाणा में करनाल जिले के तरावड़ी इलाके में एक चावल मिल की तीन मंजिला इमारत ढहने से बिहार के चार प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे जब यह घटना हुई तब 150 से ज्यादा श्रमिक मिल में मौजूद थे। करनाल के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार ने बताया, ”घटना में बिहार के चार मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गये।” करनाल के उपायुक्त अनीश यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘ घटना में कुल 24 लोग प्रभावित हुए। ढांचे में लगभग 150 लोग रहते थे और कुछ लोग समय पर खिड़कियों से बाहर आने में कामयाब रहे।’उन्होंने कहा, “ 24 प्रभावित लोगों में से 20 घायल हैं और चार की मौत हो गई है।’इमारत गिरने की वजह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि इमारत असुरक्षित थी। इसके लिए उपमंडल मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। कार्यपालक अभियंता (भवन एवं सड़क) इसके सदस्य होंगे। वे घटना की रिपोर्ट सौंपेंगे।’यह पूछे जाने पर कि क्या इमारत के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने कहा, “कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई करनी होगी, हम करेंगे।”घटनास्थल से मलबा हटाने का काम जारी है।
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नई दिल्ली। उच्च शिक्षा सचिव श्री के. संजय मूर्ति, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी और शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार ने सोमवार को भुवनेश्वर में शिक्षा कार्य समूह की आगामी तीसरी बैठक और अग्रगामी कार्यक्रमों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री मूर्ति ने बताया कि शिक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक 27-28 अप्रैल, 2023 को भुवनेश्वर में होगी और जी20 शिक्षा कार्य समूह की बैठकों के अग्रगामी कार्यक्रम 23-26 अप्रैल, 2023 को होंगे। "कार्य का भविष्य" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जो 23-25 अप्रैल और फिर 27 और 28 अप्रैल के बीच जनता के लिए खुली रहेगी।
जी20 देशों के प्रतिनिधि इन बैठकों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा कार्य समूह के तहत कार्यक्रम, विषयों का चयन और देश के युवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के विजन और मार्गदर्शन में चल रहा है। ओडिशा के मामले में, जहां विषय 'कार्य का भविष्य' है, गतिविधियां इस दृष्टि पर आधारित हैं कि उभरती हुई कौशल आवश्यकताओं और निरंतर कुशल कौशल और कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर हर जिले में जिले के लिए प्रासंगिक के रूप में व्यापक विचार-विमर्श और प्रभावी पहुंच होनी चाहिए।मीडिया को संबोधित करते हुए श्री अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि अभूतपूर्व प्रगति और डिजिटलीकरण के साथ, काम की प्रकृति में मूलभूत परिवर्तन देखा जा रहा है। यह परिवर्तन उत्पादकता लाभ को बढ़ाने और विकास को प्रोत्साहित करते हुए अपार आर्थिक क्षमता भी लाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि जी20 राष्ट्र भी कई क्षेत्रों में इस सक्रिय विकास का अनुभव कर रहे हैं और इसे युवाओं को केवल प्रासंगिक कौशल, गति और चपलता से लैस करके ही तैयार कर सकते हैं। इस बदलाव को स्वीकार करते हुए और काम के भविष्य से संबंधित सबसे अहम मुद्दों के समाधान खोजने के लिए, हम भुवनेश्वर में शिक्षा कार्य समूह की आगामी तीसरी बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अग्रगामी कार्यक्रम और एक प्रदर्शनी, विशेषज्ञों, हितधारकों और विचारकों को एक साथ लाने से सुधारों को प्राथमिकता देने, सीखने की फिर से कल्पना करने, प्रतिभा को फिर से परिभाषित करने और साथ ही कार्य के भविष्य के लिए सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक नेतृत्व को तैयार करने के साथ-साथ उसकी रूपरेखा निर्धारित करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण का पता लगाने में मदद मिलेगी।श्री संजय कुमार ने स्कूली पाठ्यक्रम में कौशल के एकीकरण और बच्चों के लिए आजीवन शिक्षण के क्रम में भविष्य के कौशल से लैस करने के बारे में बात की। उन्होंने वर्किंग ग्रुप मीटिंग के 25 अप्रैल को भारत और सिंगापुर के बीच ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ पर वर्कशॉप में 'इंटीग्रेशन ऑफ स्किल्स इन स्कूल करिकुलम' पर ब्रेकआउट सेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को आजीवन शिक्षण के क्रम में 'भविष्य के कौशल के साथ बच्चों को लैस करने' पर भी चर्चा आयोजित की जाएगी। सचिव ने यह भी बताया कि एनईपी 2020 के तहत सिफारिश के अनुसार, कक्षा 6 से कौशल शिक्षा का एक्सपोजर प्रदान किया जाएगा। यह कक्षा 9 और 10 के लिए वैकल्पिक और कक्षा 11 और 12 के लिए अनिवार्य होगा।सम्मेलन के दौरान, यह बताया गया कि 'जन भागीदारी' को भारत की जी20 अध्यक्षता का एक मजबूत तत्व बनाने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रेरणा लेते हुए, ओडिशा राज्य में 1 अप्रैल, 2023 से महीने भर चलने वाले कार्यक्रम शुरू हो गए हैं, जिसे "उत्कल दिबासा” या “ओडिशा दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है। अब तक, 86,000 लोगों ने जनभागीदारी कार्यक्रमों में भाग लिया है, जैसे क्विज प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, युवा संवाद आदि। काम के भविष्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर सेमिनार आयोजित किए गए हैं, जैसे कृषि में ड्रोन एप्लिकेशन, भविष्य पर कार्यशाला रोबोटिक्स, पशुधन उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, कार्बन उत्सर्जन से मुक्त होने के क्रम में केमिकल इंजीनियरिंग का भविष्य, डीकार्बोनाइजेशन एल्यूमीनियम उत्पादन आदि। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित कॉलेजों के छात्र, एनएसटीआई और जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के लाभार्थी इन आयोजनों में भाग ले रहे हैं। ये कार्यक्रम और क्रियाकलाप यूथ-नेतृत्व और महिला-नेतृत्व वाले हैं। राज्य भर में इन कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए जी20 के सहयोगी समूह, जैसे स्टार्ट अप 20, बी20 आदि भी सहायता प्रदान कर रहे हैं।विभिन्न संस्थानों, जैसे आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईएम संबलपुर, केंद्रीय विश्वविद्यालय, एनआईटी, आईएमएमटी भुवनेश्वर, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद के सहयोग से पूर्ववर्ती कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डेलॉइट, सीआईआई और यूएसआईबीसी विभिन्न आयोजनों के लिए उद्योग से जुड़े संगठन हैं। सप्ताह भर चलने वाले इस विचार-विमर्श में भविष्य के काम के लिए एक रूपरेखा तैयार करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समर्थन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।चूंकि ओडिशा राज्य में एक महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी है, इसलिए ओडिशा की जनजातियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा और उनके उत्पादों को विभिन्न कार्यक्रमों और क्रियाकलापों के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। जैसा कि 2023 अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष है, फूड फेस्टिवल जहां मिलेट और स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे, ताकि जी20 प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों को भारत के पारंपरिक भोजन से परिचित कराया जा सके। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी लोगों से नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय जाने का अनुरोध किया है। सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री चंद्रशेखर के पुत्र श्री नीरज शेखर द्वारा प्रधानमंत्री संग्रहालय की अपनी यात्रा के बारे में किए गए ट्वीट का जवाब देते हुए, प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा;
“यह मेरा सौभाग्य था कि चंद्रशेखर जी जैसे महान व्यक्तित्व के साथ मुझे समय बिताने का मौका मिला और बहुत कुछ सीखने को मिला। प्रधानमंत्री संग्रहालय में देशवासी चंद्रशेखर जी के साथ ही अपने सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को देख पाएंगे। मैं हर किसी से अनुरोध करूंगा कि वो यहां जरूर जाएं।” -
नई दिल्ली। केन्द्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी.के. रेड्डी ने सोमवार को नई दिल्ली में आगामी पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के संबंध में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
श्री जी. के. रेड्डी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 अप्रैल को नई दिल्ली में पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। संस्कृति मंत्रालय अपने अनुदानग्राही निकाय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से 20-21 अप्रैल को अशोक होटल में इस वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन (जीबीएस) की मेजबानी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र सरकार आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है और केन्द्र सरकार ने यह निर्णय किया है कि पहला अंतरराष्ट्रीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित किया जाएगा।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पहली बार विभिन्न देशों के प्रमुख बौद्ध भिक्षु भारत आयेंगे और इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस शिखर सम्मेलन में बौद्ध दर्शन और विचार की मदद से समकालीन चुनौतियों से निपटने के बारे में चर्चा होगी। यह वैश्विक शिखर सम्मेलन बौद्ध धर्म में भारत की प्रासंगिकता और उसके महत्व को रेखांकित करेगा, क्योंकि बौद्ध धर्म का जन्म भारत में ही हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि इस दो-दिवसीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का विषय “समकालीन चुनौतियों के प्रति प्रतिक्रिया: दर्शन से अभ्यास तक” है।श्री जी. किशन रेड्डी ने यह भी बताया कि यह वैश्विक शिखर सम्मेलन अन्य देशों के साथ सांस्कृतिक एवं राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी साबित होगा। केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इस शिखर सम्मेलन में लगभग 30 देशों के प्रतिनिधि और विदेशों के लगभग 171 प्रतिनिधि और भारतीय बौद्ध संगठनों के 150 प्रतिनिधि भाग लेंगे।इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिष्ठित विद्वान, संघ के नेता और धर्म के अनुयायी भाग ले रहे हैं। भाग लेने वालों में 173 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी शामिल हैं जिनमें 84 संघ सदस्य हैं और 151 भारतीय प्रतिनिधि शामिल हैं जिनमें 46 संघ सदस्य, 40 नन और दिल्ली के बाहर के 65 सामान्य धर्मोपासक शामिल हैं। इस सम्मेलन में एनसीआर क्षेत्र के लगभग 200 व्यक्ति भी भाग लेंगे, जिनमें विदेशी दूतावासों के 30 से अधिक राजदूत शामिल हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधि आज के प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित बुद्ध के धम्म में इसके समाधानों की खोज करेंगे।चर्चाएं निम्नलिखित चार विषयों के तहत होंगी:1. बुद्ध धम्म और शांति2. बुद्ध धम्म: पर्यावरणीय संकट, स्वास्थ्य और स्थिरता3. नालंदा बौद्ध परंपरा का संरक्षण4. बुद्ध धम्म तीर्थयात्रा, जीवंत विरासत और बुद्ध अवशेष: दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशिया के देशों के साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का एक सुदृढ़ आधार।संघ और अकादमिक सत्रों के लिए क्रमश: वियतनाम बौद्ध संघ के सुप्रीम पैट्रिआर्क परम पावन थिच ट्राई क्वांग और प्रोफेसर रॉबर्ट थुरमैन द्वारा दो मुख्य व्याख्यान दिए जायेंगे।भारत में उत्पन्न होने वाली धार्मिक परंपराएं ‘प्राचीन धर्म, जीवन का शाश्वत तरीका’ का हिस्सा हैं। प्राचीन भारत में बुद्ध धम्म ने मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दुनिया में इसके प्रसार से ज्ञान एवं संस्कृतियों के क्षेत्र में एक व्यापक मंथन हुआ और दुनिया भर में विविध आध्यात्मिक एवं दार्शनिक परंपराओं का विकास हुआ।उम्मीद है कि इस सम्मेलन में होने वाले विभिन्न विचार-विमर्शों के माध्यम से इस बात का पता लगाएगा कि बुद्ध धम्म के मौलिक मूल्य समकालीन माहौल में किस तरह प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं, जहां तकनीकी प्रगति एवं उपभोक्तावाद को आगे बढ़ाए जाने के बावजूद पृथ्वी एक विनाशकारी संकट से जूझ रही है और विभिन्न समाजों में तेजी से हो रहे मोहभंग की समस्या सामने आ रही है।इस शिखर सम्मेलन का मुख्य दृष्टिकोण शाक्यमुनि बुद्ध की शिक्षाओं पर गौर करना है जो सदियों से बुद्ध धम्म के अभ्यास से लगातार समृद्ध होती रही हैं। इसका उद्देश्य बौद्ध विद्वानों और धर्मगुरुओं के लिए एक मंच स्थापित करना है। यह सम्मेलन धर्म के मूल मूल्यों के अनुरूप, सार्वभौमिक शांति और सद्भाव की दिशा में काम करने के उद्देश्य से शांति, करुणा एवं सद्भाव के बुद्ध के संदेश की गहन पड़ताल करेगा और वैश्विक मंच पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संचालन हेतु एक उपकरण के रूप में इसके उपयोग के लिए इसकी व्यवहार्यता का अध्ययन करने व आगे के अकादमिक शोध के लिए एक दस्तावेज तैयार करेगा।संस्कृति मंत्रालय ने आईबीसी, जोकि एक वैश्विक बौद्ध समग्र निकाय है और जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है, के साथ पार-सांस्कृतिक संबंध को फिर से स्थापित करने और एससीओ देशों के विभिन्न संग्रहालयों के संग्रह में मध्य एशिया की बौद्ध कला, कला शैलियों, पुरातात्विक स्थलों एवं पुरातनता के बीच समानताओं की खोज करने हेतु हाल ही में साझा बौद्ध विरासत के संबंध में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों के विशेषज्ञों की एक सफल अंतरराष्ट्रीय बैठक आयोजित की थी।जीबीएस-2023 बौद्ध एवं सार्वभौमिक सरोकारों के मुद्दे पर वैश्विक बौद्ध धम्म नेतृत्व एवं विद्वानों को एकजुट करने और उन सरोकारों को सामूहिक रूप से पूरा करने हेतु नीतिगत सुझावों को सामने रखने का एक वैसा ही प्रयास है। -
नई दिल्ली। सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए 2023-24 के लिए ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा कल से शुरू हो गई है। परीक्षा कल देश के एक सौ 76 स्थानों में 375 केंद्रों पर आयोजित की गई। यह परीक्षा 26 अप्रैल तक जारी रहेगी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय सेना ने पहले चरण में कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत के साथ अग्निवीरों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और अन्य श्रेणियों की भर्ती के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया है। शिक्षा मंत्रालय के अधीन मिनी रत्न कंपनी एजुकेशन कंसल्टेंसी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड की सहायता से ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही है। नई भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले में सभी उम्मीदवार जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन किया है, वे ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा देंगे। दूसरे चरण में, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को भर्ती रैलियों के लिए जून 2023 से कई समूहों में बुलाया जाएगा, जहां उनका शारीरिक परीक्षण होगा। तीसरे चरण में चयनित उम्मीदवारों की चिकित्सा जांच होगी। मंत्रालय ने कहा कि संशोधित भर्ती प्रक्रिया से भर्ती सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी और इसे नवीनतम सूचना प्रणाली का उपयोग कर डिज़ाइन किया गया है।
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नई दिल्ली। सोशल मीडिया मंच ट्विटर ने कहा है कि घृणा फैलाने वाले ट्वीट के संबंध में कार्रवाई के सिलसिले में वह अधिक पारदर्शिता बरतेगा। इसके पहले चरण में नियम तोडने वाले ट्वीट्स को चिन्हित किया जाएगा। इससे यह पता लगाने में सहायता मिलेगी कि ट्वीटर ने कुछ ऐसे ट्वीट की दृश्यता सीमित कर दी है। इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर नहीं पडेगा लेकिन जो ट्वीट नियमों के अनुकूल नहीं होंगे उन्हें नई सीमाओं के तहत कम देखा जा सकेगा। ट्वीटर ने कहा है कि वह पारदर्शिता बढाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस मंच से अवैध सामग्री तथा बुरे लोगों को हटाने का काम जारी रखेगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई केवल ट्वीट के स्तर पर होगी और इससे किसी उपयोगकर्ता के खाते पर असर नहीं पडेगा।
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नई दिल्ली। राजस्थान में कुछ जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। चुरू और फलोदी में कल अधिकतम तापमान 42 दशमलव दो सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जयपुर मौसम विभाग के अनुसार आज दोपहर बाद जोधपुर, बीकानेर, अजमेर संभाग और शेखावटी क्षेत्र के कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवा के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। जोधपुर और बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर मध्यम और तेज़ धूलभरी आंधी आ सकती है।
कल जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर में तेज हवा के साथ हल्की व मध्यम वर्षा की संभावना है। भीषण गर्मी के कारण बिहार के 23 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। शेखपुरा जिले में कल अधिकतम तापमान 43 दशमलव चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान पटना, औरंगाबाद और नवादा सहित छह जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।भीषण गर्मी के कारण बिहार के 23 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। शेखपुरा जिले में कल अधिकतम तापमान 43 दशमलव चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान पटना, औरंगाबाद और नवादा सहित छह जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों, बिहार, सिक्किम, ओडिसा और झारखंड में भीषण गर्मी पडने के आसार हैं। पश्चिमोत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों के बडे भाग में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अगले चार दिनों के दौरान कहीं- कहीं गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ, दिल्ली और राजस्थान में अगले दो दिनों में छिटपुट वर्षा का अनुमान है। जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बल्तिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान और इसके आसपास के क्षेत्रों में चक्रवातीय स्थिति बन रही है। अगले चार दिनों में महाराष्ट्र के कुछ भागों में गरज के साथ हल्की वर्षा होने और बिजली कडकने की भी आशंका है। -
नई दिल्ली। सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सडक परिवहन क्षेत्र में बदलाव के लिए उपयुक्त नीतियों और मजबूत रणनीति बनाने के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से सक्रिय सहायता की अपील की है। नई दिल्ली में कल राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि इस दौरान कई मिले जुले नीतिगत मामलों पर चर्चा हुई। इनमें सडक यातायात से संबंधित नियमों की समीक्षा, गाडियों के फिटनेस की जांच के लिए केन्द्रों की स्थापना, ई बसों के लिए वित्त की व्यवस्था और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया सरल बनाने से जुडे मुद्दे शामिल हैं।
पन्द्रह राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों ने इस बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से की गई पहलों का समर्थन किया और उनकी सराहना की। उन्होंने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की ओर से उठाये गए विभिन्न कदमों के बारे में भी बताया और सडक परिवहन क्षेत्र में बदलाव के लिए नीतियों को और मजबूत बनाने के संबंध में अपने सुझाव दिये। लर्नर्स ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी बैठक में विशेष रूप से चर्चा हुई। इस दौरान सडक यातायात संबंधी नियमों और जिम्मेदारी से गाडी चलाने के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए चालकों को शिक्षित करने पर भी जोर देने का सुझाव दिया गया। - बेंगलुरु। कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टिकट नहीं मिलने पर नाराज पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर सोमवार को कांग्रेस में शामिल हो गए।भाजपा पर उन्हें ‘‘सम्मानजनक विदाई’’ न देकर उनका ‘‘अपमान’’ करने का आरोप लगाते हुए भाजपा की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस में शामिल होकर वह अपने जीवन का एक ‘‘नया अध्याय’’ शुरू कर रहे हैं। शेट्टर छह बार के विधायक, विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। भाजपा के हुब्बल्ली-धारवाड़ मध्य सीट से उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट न देने पर उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला किया।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला (कर्नाटक प्रभारी), कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सहित अन्य लोगों की उपस्थिति में वह पार्टी में शामिल हुए। शेट्टर के इस कदम से कांग्रेस का हौंसला बढ़ा है। पार्टी की प्रचार समिति के अध्यक्ष एम. बी. पाटिल ने कहा, ‘‘ इससे लिंगायत भाजपा के खिलाफ होकर कांग्रेस का रुख करेंगे।’’ पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं लिंगायत नेता लक्ष्मण सावदी ने भी अथानी सीट से उन्हें टिकट न मिलने पर पिछले हफ्ते भाजपा छोड़ दी थी और वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।आगामी चुनाव के लिए हुब्बल्ली-धारवाड़ (मध्य) विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में शिवकुमार ने शेट्टर को ‘बी’ प्रपत्र दिया। शेट्टर ने रविवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।भाजपा के शीर्ष नेताओं ने उन्हें दूसरों के लिए रास्ता बनाने के वास्ते विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह आखिरी बार चुनाव लड़ना चाहते हैं।शेट्टर ने कहा, ‘‘ मैं आज भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं। कई लोग इस बात से हैरान होंगे कि आखिर क्यों एक पूर्व मुख्यमंत्री, दो बार का नेता प्रतिपक्ष और पार्टी अध्यक्ष भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो रहा है। कई जगह से मुझ पर दबाव बनाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई मेरा दर्द नहीं समझ रहा जो बतौर एक वरिष्ठ नेता में पिछले कुछ महीनों से झेल रहा हूं।’’
- नोएडा ।उत्तर प्रदेश के जनपद गौतमबुध नगर के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर 150 स्थित एक सोसायटी में रहने वाले अभियंता से अज्ञात ठगों ने 31.85 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।थाना नॉलेज पार्क के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अभियंता श्याम सुंदर शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि अज्ञात साइबर ठगों ने उनसे संपर्क किया तथा क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का लालच दिया।शिकायत में कहा गया है कि ठगों ने उनसे कई बार में 31.85 लाख रुपए की ठगी कर ली।उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।पुलिस ने बताया कि थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के सेक्टर-22 में रहने वाले एक व्यक्ति से अज्ञात साइबर ठगों ने ऑनलाइन टास्क पूरा करने के एवज में मोटी कमाई होने का लालच देकर दो लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली।
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नई दिल्ली । केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 62 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथजी यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो गया है। केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 62 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथजी यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो गया है। अनंतनाग जिले के पहलगाम और गांदरबल जिले के बालताल दोनों के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है।
ऑफ़लाइन पंजीकरण देश भर में 542 बैंक शाखाओं में किया जा सकता है, जिसमें पंजाब नेशनल बैंक की 316, जम्मू-कश्मीर बैंक की 90, यस बैंक की 37 और स्टेट बैंक की 99 शाखाएँ शामिल हैं। इस वर्ष पंजीकरण में एक नई सुविधा आधार-आधारित पंजीकरण शुरू की गई है जिसमें पंजीकरण के लिए तीर्थयात्री के अंगूठे का स्कैन लिया जाएगा।दिशानिर्देशों के अनुसार, 13 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्ति अमरनाथजी यात्रा 2023 के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं और तीर्थ यात्रा के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य है। छह सप्ताह या उससे अधिक की गर्भावस्था वाली महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं है।जम्मू-कश्मीर प्रशासन एक सुचारू और सुविधाजनक तीर्थ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी श्रद्धालुओं और सेवा प्रदाताओं को उत्तम श्रेणी की स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगा। तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले दूरसंचार सेवाओं को भी शुरू कर दिया जाएगा। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, बिहार और तटीय आन्ध्र प्रदेश में अगले चार से पांच दिन के दौरान लू चलने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार पंजाब और हरियाणा में कुछ स्थानों पर अगले दो दिन लू की स्थिति रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत और पडोसी मध्य प्रदेश तथा पूर्वी भारत के अधिकतर मैदानी क्षेत्रों में अधिकमत तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहेगा। उत्तर पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा।
मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्से भी लू की चपेट में हैं। ठाणे वेधशाला ने कल अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। -
नयी दिल्ली. चीन को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया में सर्वाधिक आबादी वाला देश बनने की दहलीज पर है, ऐसे में विशेषज्ञों ने साक्षरता का अभाव, गर्भनिरोधक और गर्भपात के बारे में जागरूकता की कमी को भी जनसंख्या वृद्धि के कारण बताये हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में गर्भपात कराने की दर अधिक है और यह ग्रामीण क्षेत्रों में 2.5 प्रतिशत की तुलना में 4 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार बिना स्कूली पृष्ठभूमि वाली 1.9 प्रतिशत महिलाओं ने और 10-11 साल की शिक्षा वाली 3.5 प्रतिशत महिलाओं ने गर्भपात कराने का विकल्प चुना। छाया देवी (25) के दो और बच्चे होने के बाद बेटी को डॉक्टर बनाने की उसकी योजना बदल गई। तीन बच्चों की मां छाया ने कहा, ‘‘बच्चे भगवान की देन हैं, लेकिन क्या होगा अगर आपके पास उनके लालन-पालन के लिए पैसे नहीं हों और इस स्थिति का प्रभाव आपके अन्य बच्चों पर भी पड़ता है।'' नोएडा में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली छाया चौथे बच्चे को जन्म देने वाली है। अब वह इसे लेकर चिंतित है कि वह अपने बच्चों के लिए अच्छा जीवन कैसे सुनिश्चित करेगी। संयुक्त परिवार में रहने वाली छाया ने कहा, ‘‘मैंने एक सरकारी अस्पताल की डॉक्टर से परामर्श लिया। उन्होंने फिर से गर्भवती होने पर मुझे डांटा, लेकिन वह नहीं समझती कि मेरी सहमति कभी नहीं ली जाती है।'' केवल छाया ही नहीं, बल्कि पारिवारिक मामलों में बोलने का अधिकार नहीं रहने और गर्भ निरोधकों के प्रति पति की स्वीकार्यता नहीं होने के कारण उस जैसी लाखों महिलाएं बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर हैं। भारत की आबादी जनवरी में 140 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई और यह जल्द ही चीन की आबादी को पीछे छोड़ देगी। कुछ अनुमानों के अनुसार संभव है कि भारत की जनसंख्या पहले ही चीन को पार कर गई हो, लेकिन जब तक आधिकारिक जनगणना नहीं हो जाती, तब तक इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी निदेशक पूनम मुत्तरेजा ने कहा कि किसी भी देश के लिए, कम जनसंख्या वृद्धि दर के लक्ष्य के लिए गर्भनिरोधकों के अधिक प्रचलन की आवश्यकता होती है, जिसे केवल परिवार नियोजन और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान को मजबूत करके ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें गर्भपात सेवाओं तक पहुंच भी शामिल है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सभी गर्भधारण में 0.9 प्रतिशत मामलों में ही गर्भपात कराया जाता है। हालांकि, एनएफएचएस के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में गर्भपात की दर अधिक है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के 2.5 प्रतिशत की तुलना में 4 प्रतिशत है।
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर ने स्टार्टअप पारिस्थितिकी को समर्थन देने वाले राज्यों की रैंकिंग में केंद्रशासित प्रदेशों और पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच शानदार प्रदर्शन किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के आयुक्त सचिव सौरभ भगत ने रविवार को बताया कि पिछले कुछ साल में जम्मू-कश्मीर में 84 स्टार्टअप स्थापित हुए हैं। भगत ने कहा, “राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पांच श्रेणियों- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला, शीर्ष प्रदर्शन करने वाला, नेतृत्वकर्ता, आकांक्षी नेतृत्वकर्ता और उभरते स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र में बांट दिया गया है।” उन्होंने कहा, “केंद्रशासित प्रदेशों, पूर्वोत्तर और एक करोड़ से कम जनसंख्या वाले राज्यों की श्रेणी में जम्मू-कश्मीर इस रैंकिंग में ‘शीर्ष' प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा जबकि मेघालय सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य रहा।” माइक्रोचिप्स और विनिर्माण के बहुत बड़े पैमाने पर एकीकरण (वीएलएसआई) के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तहत भगत ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), जम्मू में ‘हिमालयन चैप्टर ऑफ नॉर्दर्न इंडिया' का उद्घाटन किया। यह जम्मू कश्मीर, लद्धाख एवं हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों एवं शीर्ष संस्थानों को सेवाएं देगा। स्टार्टअप फर्मों को बदलावकारी बताते हुए आयुक्त सचिव ने कहा कि सरकार बेहतरीन विचारों और समाधानों को आर्थिक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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देहरादून. डेढ़ दशक पहले सांस की बीमारी के कारण दम तोड़ने वाले महज सात दिन के शिशु के माता—पिता ने उसकी आंखे दो नेत्रहीन बच्चों के जीवन को रोशन करने के लिए दान कर दी थीं लेकिन कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के खिलाफ देश की लड़ाई में बच्चे का योगदान अब तक अनसुना है। संभवत: सबसे कम उम्र के अंगदाता उत्तराखंड के रहने वाले अर्जुन को अपनी आंखे दान किए 16 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन एक नेत्र बैंक का नाम उसके नाम पर रखने का प्रस्ताव अब तक हकीकत का रूप नहीं ले पाया है। उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल के के पॉल ने आठ साल पहले देहरादून के गांधी शताब्दी नेत्र अस्पताल में प्रस्तावित नेत्र बैंक का नाम बच्चे के नाम पर रखने पर अपनी सहमति दी थी। इस संबंध में 2015 में तत्कालीन मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को लिखे एक पत्र में स्पष्ट रूप से कहा था कि राज्यपाल ने अस्पताल में प्रस्तावित नेत्र बैंक का नाम अर्जुन के नाम पर रखने की सहमति दे दी है । उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर में रहने वाले बच्चे के पिता संदीप चावला ने बताया कि कुछ साल पहले राज्य में एक नेत्र बैंक का नाम अर्जुन के नाम पर रखने की कार्यवाही शुरू हुई थी लेकिन वह मंजिल तक नहीं पहुंच पाई । उन्होंने कहा कि तब से उत्तराखंड में दो सरकारें और चार मुख्यमंत्री आ चुके हैं लेकिन अस्पताल में प्रस्तावित नेत्र बैंक ही अस्तित्व में नहीं आ पाया । चावला ने कहा, “अर्जुन हमारा पहला बच्चा था। उनके जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसे खो देना बेहद दर्दनाक था। लेकिन नेत्रदान अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने के कारण हमने उस मुश्किल घड़ी में भी हमने उसकी आंखें किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करने का फैसला किया।' उन्होंने बताया कि अर्जुन की आंखों से दो दृष्टिहीन बच्चों की दुनिया रोशन होने की बात उजागर होने के बाद इसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया क्योंकि इतने छोटे शिशु द्वारा अंगदान करने की बात इससे पहले किसी ने नहीं सुनी थी। चावला ने कहा कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी अर्जुन को सबसे कम उम्र का नेत्रदाता बताया है । शिशु के पिता के पास ऐसे कई दस्तावेज हैं जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने राज्य में एक नेत्र बैंक स्थापित करने और उसका नामकरण अर्जुन के नाम पर करने की सिफारिश की है। चावला ने कहा, “हालांकि, वे सभी दस्तावेज अब सरकारी फाइलों में दबे हुए हैं । खटीमा पंजाबी सभा ने इस मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष भी उठाया था लेकिन शायद उन्हें भी यह ज्यादा ध्यान देने लायक नहीं लगा।' इस संबंध में संपर्क किए जाने पर कोरोनेशन अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शिखा जंगपांगी ने कहा कि गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय में एक नेत्र बैंक स्थापित करने का प्रयास किया गया था लेकिन कुछ समस्याएं आ गयीं। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल नेत्र बैंक के लिए निर्धारित तकनीकी मापदंडों को पूरा नहीं करता है ।
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रदेश में बदलाव लाने वाले लोगों की प्रेरक कहानियां साझा करते हुए रविवार को कहा कि उनका प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश की ''सच्ची विकास क्षमता'' हासिल करने के लिए प्रयासरत है। उपराज्यपाल ने अपने मासिक ‘आवाम की आवाज़' रेडियो कार्यक्रम में कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन आम नागरिकों की भागीदारी के साथ केंद्र शासित प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में बदलाव ला रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा सामूहिक प्रयास एक अधिक प्रगतिशील, विकासोन्मुख और आकांक्षी समाज का निर्माण करना है और विकास की दिशा में अगले 25 वर्षों की यात्रा के लिए एक मजबूत नींव रखना है। सिन्हा ने कहा कि कश्मीर संभाग में 'पीली क्रांति' देखी जा रही है, जिसमें तिलहन की फसलों में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘तेल निष्कर्षण और मूल्यवर्धन के अतिरिक्त अवसर होंगे और इसलिए लोगों के लिए अधिक उद्यमशीलता के अवसर होंगे।'' सिन्हा ने कहा, ‘‘ एक अनुमान के मुताबिक, इस साल केवल कश्मीर में ही 800 करोड़ रुपए के सरसों तेल का उत्पादन होगा। इसके परिणामस्वरूप सरसों के तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा जम्मू-कश्मीर। '' उन्होंने प्रसिद्ध बशोली पेंटिंग को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग मिलने पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उपराज्यपाल ने स्व-निर्मित महिला उद्यमियों, राजौरी की शालिनी खोखर और पट्टन की शमशादा बेगम की प्रेरक यात्रा को भी साझा किया। उपराज्यपाल ने स्वच्छ अभियान को जनभागीदारी में बदलने और स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए अनंतनाग के सादिवारा गांव के सरपंच फारूक अहमद गनी द्वारा शुरू किए गए ‘प्लास्टिक दो और सोना लो' अभियान की सराहना की। उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2023 में विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त करने के लिए उधमपुर की सिरा ग्राम पंचायत, कुपवाड़ा की फालमर्ग और बारामूला की फतेहपोरा ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच और जिला प्रशासन को बधाई दी। सिन्हा ने 60,000 से अधिक पौधे लगाने के लिए जम्मू के बाहरी इलाके अखनूर के गुराह ब्राह्मणा गांव की सोनिया वर्मा के काम की भी सराहना की। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण चेतना के इस प्रेरक उदाहरण का अनुसरण करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘ महिला उद्यमी जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और हमने क्षमता निर्माण, क्रेडिट और मार्केटिंग लिंकेज तक आसान पहुंच के लिए उचित कदम उठाए हैं।
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मुंबई. महाराष्ट्र में पिछले साल 2022 में सड़क हादसों में कुल 14,883 लोगों की मौत हुई जबकि तीन साल पहले 2019 में यह आंकड़ा 12,788 था। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में तीन साल के दौरान सड़क हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या में 2,095 का इजाफा हुआ है जबकि ऐसी घटनाओं की संख्या में तीन साल पहले की तुलना में 2022 में 144 की वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार 2019 में 32,925 की तुलना में पिछले साल राज्य में 33,069 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। जबकि 2019 की तुलना में 2022 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 0.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, मृत्यु दर में 16.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई, हालांकि इस अवधि के दौरान दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या 28,628 से घटकर 27,218 थी। सड़क हादसों का मुद्दा तब सुर्खियों में आया जब राज्य के रायगढ़ जिले में पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग पर शनिवार को एक संगीत मंडली के युवक और युवतियों को ले जा रही एक बस के खाई में गिरने से पांच नाबालिगों सहित 13 लोगों की मौत हो गई और 29 घायल हो गए। बस में कुल 42 लोग सवार थे और यह पुणे से मुंबई जा रही थी जब यह बोर घाट पर्वत के पास 300 फीट गहरी खाई में गिर गई। यह हादसा मुंबई से 70 किलोमीटर दूर खोपोली के पास हुआ। बोर घाट पर्वत को खंडाला घाट के नाम से भी जाना जाता है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लागू किए गए लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र में 2020 में सड़क दुर्घटनाओं और उसके कारण होने वाली मौतों में कमी देखी गई थी, लेकिन 2021 में यह संख्या बढ़ गई और 2022 में यह सिलसिला जारी रहा।
महाराष्ट्र में चार करोड़ से अधिक वाहन हैं और लगभग 18,000 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों सहित राज्य के 3.25 लाख किलोमीटर के सड़क नेटवर्क पर वाहनों का घनत्व हर साल बढ़ रहा है। आठ मार्च को प्रकाशित महाराष्ट्र की नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, एक जनवरी, 2023 तक राज्य में वाहनों की संख्या 4.33 करोड़ थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र के 34 जिलों और 11 बड़े शहरों में, अधिकांश जिलों और शहरों में सड़क दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में वृद्धि हुई है। इन जिलों और शहरों में केवल कुछ ही ऐसे हैं, जहां दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक वृद्धि यवतमाल (454) में हुई, इसके बाद अहमदनगर (256), पिंपरी-चिंचवड़ शहर (249), पुणे ग्रामीण (213) और पालघर जिले (132) का स्थान रहा। मृत्यु दर में सबसे अधिक वृद्धि अहमदनगर (135), उसके बाद बुलढाणा (96), चंद्रपुर (75), यवतमाल (72) और सोलापुर जिले (69) में हुई। - राजकोट । गुजरात के राजकोट जिले में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी ने कथित रूप से ‘गिलोटिन' जैसे उपकरण का इस्तेमाल करके अपना सिर काटकर आत्महत्या कर ली ताकि वे अपने सिर की बलि दे सकें। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दम्पति ने उक्त ‘गिलोटिन' उपकरण घर पर ही बनाया था।विंछिया थाने के उप निरीक्षक इंद्रजीतसिंह जडेजा ने बताया कि हेमूभाई मकवाना (38) और उसकी पत्नी हंसाबेन (35) ने विंछिया गांव में अपने खेत में एक झोपड़ी में उपकरण के ब्लेड से सिर काटकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी ने आत्महत्या की इस योजना को तरह से अंजाम दिया कि उनके सिर कटने के बाद लुढ़क कर अग्निकुंड में चले जाएं। उन्होंने कहा कि मौके पर एक सुसाइड नोट मिला है। जडेजा ने कहा, ‘‘दंपति ने रस्सी से बंधे गिलोटिन जैसे यंत्र के नीचे अपना सिर रखने से पहले एक अग्निकुंड तैयार किया। जैसे ही उन्होंने रस्सी को छोड़ा, लोहे का ब्लेड उन पर गिरा जिससे उनके सिर धड़ से अलग हो गए और अग्निकुंड में लुढ़क गए।'' उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान शनिवार रात किया गया। उन्होंने कहा कि मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। दंपति के परिवार के सदस्यों ने कहा कि दोनों पिछले एक साल से हर दिन झोपड़ी में पूजा कर रहे थे।अधिकारी ने कहा कि दंपति के दो बच्चे, माता-पिता और अन्य रिश्तेदार हैं जो पास ही रहते हैं। अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों को इस बारे में सूचना रविवार सुबह हुई और उन्होंने पुलिस को सूचित किया। उन्होंने कहा कि दंपति के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपने रिश्तेदारों से माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने का आग्रह किया है। अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनावश मृत्यु का एक मामला दर्ज किया गया है और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिये गए हैं।
- पणजी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) फिर से सरकार बनाएगी जहां अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। दक्षिण गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी के अभियान की शुरुआत की। शाह ने कहा कि ओडिशा और तेलंगाना में लोगों का मिजाज भाजपा के पक्ष में है।उन्होंने गोवा और उत्तराखंड जैसे “छोटे राज्यों” में भाजपा की जीत पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर उन पर कटाक्ष किया। शाह ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस के लिए पूर्वोत्तर राज्यों में हुए चुनाव में प्रचार किया, जहां पार्टी का सफाया हो गया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में अल्पसंख्यकों की अच्छी खासी आबादी होने के कारण कांग्रेस हमेशा पूर्वोत्तर राज्यों को अपना गढ़ मानती थी, लेकिन हाल के चुनावों के नतीजे भाजपा के पक्ष में रहे। उन्होंने कहा, "मैंने ओडिशा और तेलंगाना में लोगों का मूड भाजपा के पक्ष में देखा। मैं खरगे जी और राहुल बाबा से कहना चाहता हूं कि भाजपा कर्नाटक में फिर से सरकार बनाएगी।" शाह ने कहा, “जब हमने गोवा और उत्तराखंड में चुनाव जीते तो कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वे छोटे राज्य हैं। लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि छोटे राज्य देश के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।” उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों के प्रति केंद्र की बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि वे भारत के महत्वपूर्ण अंग हैं। शाह ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोवा व उत्तराखंड जैसे राज्यों में पूर्ण बहुमत का आशीर्वाद प्राप्त है। उन्होंने कहा, “छोटे राज्य हमारे देश की 'धरोहर' हैं और उनका महत्व बड़े राज्यों के बराबर है।”शाह ने कहा, “भाजपा कर्नाटक में फिर से सरकार बनाएगी।” पूर्वोत्तर में हाल ही में हुए चुनावों में कांग्रेस की हार की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा' का नेतृत्व करने के बाद, राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर चुनावों में प्रचार किया। उन्होंने कहा, ''लेकिन इन राज्यों से कांग्रेस पार्टी का सफाया हो गया और लोगों ने भाजपा के पक्ष में अपना फैसला सुनाया।''
- मुंबई। नवी मुंबई में रविवार 'महाराष्ट्र भूषण' पुरस्कार समारोह का आयोजन के दौरान तेज धूप के कारण 11 लोगों मौत हो गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अनुसार कार्यक्रम संपन्न हो गया मगर अंत में ये घटना हुई। मृतकों के परिजनों को सरकार की तरफ से 5 लाख रुपए मदद दी जाएगी। जिन लोगों का इलाज जारी है मैंने उनसे मुलाकात की है। मैंने डॉक्टरों को कहा है कि उनका अच्छा इलाज किया जाए। उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार करेगीगौरतलब है कि ये समारोह खुले मैदान में आयोजित किया गया था। जहां हजारों की भीड़ जमा थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार इस दौरान तेज धूप की चपेट में आने से 11 लोगों की मौत हो गई , वहीं जबकि 50 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इस संबंध में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने नवी मुंबई के एक अस्पताल के बाहर संवाददाताओं से कहा कि अस्पताल में कम से कम 50 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 24 अभी भी भर्ती हैं जबकि बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद वहां से छुट्टी दे दी गई। सीएम शिंदे ने इन मौतों को 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है।वहीं पुलिस अधिकारी के मुताबिक ठीक होने वाले मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि कुछ अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं और डॉक्टर्स की देखरेख में हैं। नवी मुंबई के खारघर में आयोजित इस समारोह में लाखों की संख्या में लोग पहुंचे थे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुरस्कार वितरण किया। इस मौके पर अप्पासाहेब धर्माधिकारी को महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम दोपहर में आयोजित किए जाने की वजह से यहां मौजूद लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। जिस वजह से लोगों की तबीयत खराब हुई।उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और NCP नेता अजीत पवार ने एमजीएम कमोठे अस्पताल पहुंचकर खारघर में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार समारोह के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज करा रहे लोगों से मुलाकात की।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में मीडिया कर्मी बनकर आए तीन हमलावरों द्वारा हत्या किए जाने के बाद पत्रकारों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का फैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में पत्रकार बनकर आए तीन हमलावरों द्वारा अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या किए जाने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। अहमद और अशरफ की शनिवार रात को उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान, दोनों भाइयों को करीब से गोली मार दी गई थी। यह घटना तब हुई, जब अतीक और अशरफ को पुलिसकर्मी चिकित्सा जांच के लिए एक मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहे थे।
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बांदा. उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार देर रात एक परिवार के चार लोगों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। बांदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनंदन ने बताया कि रविवार सुबह जानकारी मिली कि गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में चुन्नू कुशवाहा (65), उसकी पत्नी कैलशिया (62), भाभी तिजनिया (76) और पोते प्रियांशु (आठ) की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई है। अभिनंदन के मुताबिक, घर में किसी के जबरन घुसने के सबूत नहीं मिले हैं। अभिनंदन ने बताया कि फील्ड यूनिट और खोजी कुत्तों के जरिये साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अभिनंदन के अनुसार, चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
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आजमगढ़. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को एक युवक ने अपने अपने माता-पिता और बहन की कथित रूप से हत्या कर दी। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि कप्तानगंज थाना क्षेत्र के धनधारी गांव में भानु प्रताप सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने अपने बेटे आरोपी राजन सिंह को दो दिन पूर्व किसी बात को लेकर डांटा था, जिससे वह उनसे नाराज हो गया था। आर्य ने बताया कि शनिवार रात को परिवार के सभी सदस्य भोजन कर सो गये, तभी देर रात आरोपी राजन सिंह ने कुल्हाड़ी से प्रहार कर अपने पिता भानु प्रताप सिंह (45), मां सुनीता सिंह (42) और 13 वर्षीय बहन राखी सिंह की कथित तौर पर निर्मम हत्या कर दी। उनके अनुसार सुबह घटना ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। तिहरे हत्याकांड की जानकारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित आला अधिकारी खोजी कुत्ता व फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे ले लिया और घटना की छानबीन में जुट गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी राजन सिंह फरार हो गया है जिसकी तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई हैं।


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