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- नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह सही लड़की मिलने पर शादी करेंगे और चूंकि, उनके माता-पिता की ‘शादीशुदा जिंदगी बेहद खुशहाल थी’, इसलिए अपनी जीवनसंगिनी को लेकर उनकी अपेक्षाएं काफी ज्यादा हैं। यू-ट्यूब पर फूड एवं ट्रेवल मंच ‘कर्ली टेल्स’ के साथ हल्की-फुल्की बातचीत में राहुल (52) ने राजनीति से इतर कई विषयों पर चर्चा की, जिनमें उनके बचपन की यादों से लेकर पसंदीदा व्यंजन और व्यायाम से लगाव तक शामिल है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उन्हें शादी करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अपने पिता राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता की शादीशुदा जिंदगी बेहद खुशहाल थी और वे एक-दूसरे से बेइंतेहां प्यार करते थे, इसलिए मेरी अपेक्षाएं बहुत ज्यादा हैं।”राहुल ने कहा, “सही लड़की मिलने पर मैं शादी कर लूंगा। मेरा मतलब है कि जब वो मिलेगी, तो अच्छा रहेगा।”यह पूछे जाने पर कि क्या अपनी जीवनसंगिनी में वांछित खूबियों को लेकर उन्होंने कोई सूची बना रखी है, राहुल ने कहा, “नहीं। मुझे केवल एक प्रेम करने वाली लड़की चाहिए, जो समझदार भी हो।”‘भारत जोड़ो यात्रा’ के राजस्थान चरण में राहुल के कंटेनर के बाहर ‘डिनर’ के दौरान हुई इस बातचीत का वीडियो कांग्रेस ने रविवार को ट्विटर पर साझा किया।वीडियो में राहुल यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वह खाने में ज्यादा मीन-मेख नहीं निकालते और जो कुछ भी उपलब्ध रहता है, खा लेते हैं, लेकिन उन्हें ‘मटर और कटहल’ पसंद नहीं है।सितंबर 2022 में तमिलनाडु के कन्याकुमारी से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने वाले राहुल फिलहाल जम्मू-कश्मीर में हैं। बातचीत में उन्होंने कहा कि घर पर वह अपने खानपान को लेकर ‘बहुत सख्त’ हैं, लेकिन “यात्रा के दौरान उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं।”कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि तेलंगाना का भोजन उनके हिसाब से ‘थोड़ा तीखा और चटपटा है।’ उन्होंने कहा, “वहां के खाने में मिर्च थोड़ी ज्यादा रहती थी। मैं इतनी ज्यादा मिर्च नहीं खाता।”यह पूछे जाने पर कि उनके घर पर कैसा खाना बनता है, राहुल ने बताया कि दिन में “देसी खाना” बनता है और रात में कोई कॉन्टिनेंटल (यूरोपीय देशों का)व्यंजन। उन्होंने कहा कि वह संयमित आहार लेते हैं और मीठा खाने से परहेज करते हैं।राहुल ने बताया कि वह ‘मांसाहार के शौकीन हैं’ और उन्हें चिकन, मटन और समुद्री आहार, सब पसंद है।पसंदीदा व्यंजन के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें चिकन टिक्का, सीख कबाब और ऑमलेट खाना अच्छा लगता है। उन्होंने यह भी बताया कि वह सुबह एक कप कॉफी पीना पसंद करते हैं।राष्ट्रीय राजधानी में खाने के अपने पसंदीदा जगहों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि पहले वह पुरानी दिल्ली जाया करते थे, लेकिन अब उन्हें मोती महल, सागर, स्वागत और सरवण भवन का खाना पसंद है। मोती महल में मुगलई व्यंजन परोसा जाता है, जबकि सागर, स्वागत और सरवण भवन अपने दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए जाने जाते हैं। राहुल ने कहा कि वह एक कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में बस गया था।अपने दादा फिरोज खान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दादा एक पारसी थे। इसलिए मैं पूरी तरह से मिश्रित (नस्ल का) हूं।”राहुल ने कहा कि उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनकी पढ़ाई-लिखाई घर पर ही हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनके पिता राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे।उन्होंने उस समय को करते हुए कहा, “यह वाकई में सदमे जैसे था। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि हम स्कूल नहीं जा सकते। मैं एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रहा था, लेकिन दादी की हत्या से पहले उन्होंने हमें वहां से निकाल लिया था। जब दादी की हत्या हो गई, तब उन्होंने हमें वापस नहीं जाने दिया।”राहुल ने कहा कि स्कूल में कुछ शिक्षक उनसे बहुत अच्छी तरह से पेश आते थे, लेकिन कुछ उनके परिवार की गरीब-हितैषी राजनीति के कारण उनके साथ रूखा व्यवहार करते थे।राहुल से उनकी उच्च शिक्षा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं एक साल सेंट स्टीफन में था और मैंने वहां इतिहास की पढ़ाई की। इसके बाद मैं हार्वर्ड विश्वविद्यालय चला गया, जहां मैंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की।”कांग्रेस नेता ने बताया कि मई 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो गईं। राहुल ने कहा कि उन्हें फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज भेज दिया गया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि उनके पास ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से ‘डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स’ में ‘मास्टर्स डिग्री’ भी है।अपनी पहली नौकरी के बारे में राहुल ने बताया कि उन्होंने लंदन की रणनीतिक सलाहकार फर्म ‘मॉनिटर कंपनी’ में सेवा दी और तब वह 24-25 साल के रहे होंगे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें पहली तनख्वाह के रूप में ढाई से तीन हजार पाउंड का चेक मिला था।राहुल ने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री बनेंगे, तो तीन चीजें करेंगे, पहली-शिक्षा प्रणाली में बदलाव, दूसरी-लघु एवं मध्यम उद्यमों की सहायता और तीसरी-मुश्किल दौर से गुजर रहे लोगों, जैसे कि किसानों और बेरोजगार नौजवानों की मदद।कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का मकसद भारत में फैल रही नफरत, गुस्सा और हिंसा का मुकाबला करना है।उन्होंने कहा, “तपस्या हमारी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, ताकि हम खुद को और दूसरों को समझ सकें… इस यात्रा का एक मकसद यह भी है।”अपनी पदयात्रा का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा, “मैं अकेला नहीं हूं। मेरे साथ कई अन्य लोग भी यह तपस्या कर रहे हैं। यहां बहुत सारे तपस्वी हैं, अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं और साथ चल रहे हैं।”फिटनेस के लिए सुर्खियां बटोर रहे राहुल ने स्कूबा डाइविंग, फ्री डाइविंग, साइक्लिंग, बैकपैकिंग (अकेले घूमने की आदत) और मार्शल आर्ट एकिदो में अपनी दिलचस्पी के बारे में भी बात की।उन्होंने कहा, “मैं कॉलेज में मुक्केबाजी करता था। मैंने हमेशा कोई न कोई व्यायाम किया है। मार्शल आर्ट बहुत सुविधाजनक हैं; वे हिंसक होना नहीं सिखाते, बल्कि इसके बिल्कुल विपरीत हैं। लेकिन मार्शल आर्ट की गलत व्याख्या की जाती है कि लोगों को नुकसान पहुंचाओ, उन पर हमला करो। लेकिन अगर आप इसके उद्देश्य को अच्छी तरह से समझेंगे तो ये आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे।”राहुल ने बताया कि वह यात्रा के दौरान रोजाना मार्शल आर्ट की एक ‘क्लास’ लेते हैं।सोते समय सिरहाने रखी चीजों के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा कि उनके बेड की दराज में रुद्राक्ष, शिव सहित अन्य देवी-देवताओं के चित्र और उनका बटुआ होता है।
- जम्मू। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी की तरह सफेद रंग की आधी बाजू की टी-शर्ट पहने शामिल हो रहे उनके हमशक्ल फैसल चौधरी लोगों का बरबस ध्यान खींच रहे हैं। यात्रा में शामिल हुए फैसल ने कहा कि जो लोग कांग्रेस नेता से मिल नहीं पाए और उनके साथ तस्वीरें नहीं ले पाए, उन्होंने उनके साथ तस्वीरें लीं। भारत जोड़ो यात्रा’ में गांधी के बाद लोगों ने फैसल की सबसे अधिक तस्वीरें लीं हैं। यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है।फैसल की वीडियो क्लिप और तस्वीरें सोशल मीडिया पर हैं। उन्हें विभिन्न वीडियो में गांधी के अन्य समर्थकों के साथ चलते देखा जा सकता है। फैसल बागपत (उत्तर प्रदेश-दिल्ली सीमा) से पांच जनवरी को यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा, लोग मेरे पाए आए और उन्होंने मेरे साथ तस्वीरें लीं और वीडियो भी बनाए। मुझे बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से प्यार होने के कारण लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचाते हैं।फैसल ने कहा, लोग राहुल जी से प्यार करते हैं, इसलिए जब वे राहुल जी के साथ तस्वीरें नहीं ले पाते, तो वे मेरे साथ तस्वीरें लेते हैं और वीडियो बनाते हैं। मुझे उनका हमशक्ल होना पसंद है। उन्होंने कहा, मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मैं राहुल जी का हमशक्ल हूं। पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते मेरा चेहरा मेरी पार्टी के शीर्ष नेता से मिलता है, लेकिन मैं हमेशा उनका कार्यकर्ता बना रहूंगा।उत्तर प्रदेश के रहने वाले फैसल की भी राहुल गांधी की तरह दाढ़ी है। यात्रा के शामिल अन्य लोग जैकेट और स्वेटर पहनते हैं, लेकिन फैसल राहुल की तरह सफेद टी-शर्ट में नजर आते हैं। उन्होंने कहा, यदि राहुल जी टी-शर्ट पहन सकते हैं, तो कोई और इसे क्यों नहीं पहन सकता। मैं यह पहन रहा हूं। मुझे कोई समस्या नहीं है।यात्रा को जम्मू-कश्मीर में लोगों का समर्थन नहीं मिलने के भारतीय जनता पार्टी के दावे पर फैसल ने कहा, जम्मू-कश्मीर के लोगों ने राहुल जी को खुले दिल से प्यार दिया है और उनकी यात्रा का समर्थन किया है। हजारों लोग बाहर निकलकर आयोजन स्थलों पर आ रहे हैं। हम उन्हें धन्यवाद देते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह यात्रा शत-प्रतिशत सफल रहेगी। नया सवेरा होगा।
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रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी एवं दो मासूम बच्चों की कथित तौर पर कुल्हाड़ी के वार से हत्या हत्या कर तीनों के शवों को अपने घर में ही फर्श के नीचे गाड़ दिया। यह जानकारी रतलाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने रविवार को दी। एसपी तिवारी ने बताया कि यह घटना करीब दो महीने पहले कनेरी रोड पर स्थित विंध्यवासिनी कॉलोनी में हुई और पुलिस ने रविवार शाम को घर के फर्श की खुदाई कर तीन शवों को वहां से बरामद कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में हत्या करने वाले आरोपी सोनू तलवाड़े उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के अलावा उसके एक साथी आरोपी बंटी कैथवास को भी रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसने साक्ष्य छुपाने में उसकी मदद की थी। उन्होंने कहा कि लाश दफनाने के बाद आरोपी उसी घर में करीब दो महीनों से रह रहा था।
रतलाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस को इस जघन्य घटना का पता तब चला, जब परिवार के गायब होने और हत्या की सूचना मिली। इसकी जांच में पुलिस को सनसनीखेज तथ्य मिले, तो पुलिस ने मकान के फर्श की खुदाई की योजना बनाई। उन्होंने कहा, रविवार शाम शहर के सभी थाना प्रभारी, भारी संख्या में पुलिस बल और फोरेसिंक विशेषज्ञ आदि के साथ विंध्यवासिनी कॉलोनी पंहुचे। इस दल ने आरोपी सोनू तलवाड़े के मकान के फर्श की खुदाई शुरू की। वहां जमीन से तीन लाशें निकली, जो आरोपी सोनू की पत्नी निशा 27, उसकी चार साल की बेटी खुशी और सात साल के बेटे अमन की थी। तिवारी ने बताया कि आरोपी सोनू ने अपने साथी आरोपी बंटी कैथवास की मदद से तीनों की लाश को घर में ही छुपा दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कालेज भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इनका डीएनए जांच भी कराएगी। -
गोपेश्वर. जमीन धंसने से प्रभावित जोशीमठ में रविवार तक 275 परिवारों के 925 सदस्यों को अस्थाई रूप से विस्थापित किया जा चुका है जबकि 552 प्रभावितों को 371.27 लाख रुपये की धनराशि अंतरिम सहायता के रूप में वितरित की जा चुकी है। चमोली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली से मिली जानकारी के अनुसार, जोशीमठ नगर के नौ वार्डों के 863 भवनों में दरारें मिली हैं जिनमें से 181 मकानों को असुरक्षित चिन्हित किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन द्वारा अब तक 275 परिवारों के 925 सदस्यों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। राहत कार्यो के तहत जिला प्रशासन द्वारा अबतक 552 प्रभावितों को 371.27 लाख रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। जोशीमठ में बारिश और बर्फवारी के बाद शीतलहर के हालात को देखते हुए 10 स्थानों पर नियमित रूप से बड़े अलाव जलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, राहत शिविरों में रह रहे प्रभावितों के लिए हीटर, ब्लोअर, पानी की बोतलों और कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है।
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हैदराबाद. हैदराबाद की एक मुख्य सड़क पर रविवार को तीन अज्ञात लोगों ने सरेआम 30 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हुए हैं। इन वीडियो में एक व्यक्ति सड़क पर पड़ा हुआ दिख रहा है और दो व्यक्ति उस पर धारदार हथियारों से हमला करते, जबकि एक अन्य व्यक्ति उसके पैरों को पकड़े हुए दिख रहा है। वीडियो में इस वारदात के दौरान सड़क पर वाहन गुजरते नजर आ रहे हैं। एक अन्य वीडियो में हमलावर शख्स पर हमला करने के बाद भागते नजर आ रहे हैं।
व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो जाती है, जिसकी जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान की गई।
कुलसुमपुरा थाने के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हत्या के मकसद का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है और घटनास्थल से भागे आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीम का गठन किया गया है। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने रविवार को मध्य प्रदेश और असम के लिए राजनीतिक मामलों की समिति गठित की और दोनों राज्यों की पार्टी इकाइयों में पदाधिकारियों की नियुक्ति की। कांग्रेस ने पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में 16 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वहां की पार्टी महिला इकाई की नयी अध्यक्षा के तौर पर लक्ष्मी बर्मन को नियुक्त किया। मध्यप्रदेश के लिए गठित 21 सदस्यीय समिति में मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अलावा गोविंद सिंह, कांति लाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अर्जुन सिंह, विवेक तन्खा, नकुल नाथ, जीतू पटवारी, महेंद्र जोशी और शोभा ओझा को जगह दी गई है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई में उपाध्यक्ष, महासचिवों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश इकाई में अभय दुबे, अजय चोर्डिया, अर्चना जायसवाल, शोभा ओझा और नूरी खान सहित 50 नए उपाध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इनके अलावा 105 महासचिवों की भी नियुक्ति की गई है। पार्टी ने असम इकाई में भी 16 नए उपाध्यक्षों, 32 महासचिवों, 51 सचिवों और 15 संयुक्त सचिवों की नियुक्ति की है। कांग्रेस ने असम के लिए गठित राजनीतिक मामलों की समिति में अन्य के साथ राज्य के प्रभारी जितेंद्र सिंह, भूपेन कुमार बोरा, देबब्रत सैकिया, गौरव गोगोई, प्रद्युत बोरदोलोई और नंदिता दास को भी जगह दी है।
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चंडीगढ़. पंजाब पुलिस पतंगबाजी प्रतियोगिताओं के दौरान खासकर बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के मद्देनजर राज्य में प्रतिबंधित ‘चीनी मांझे' की बिक्री पर नकेल कस रही है। लुधियाना जिले में समराला के निकट कुछ दिन पहले चीनी मांझा चार साल के एक बच्चे की गर्दन में लिपट गया था, जिसके बाद उसके चेहरे पर 100 से अधिक टांके आए। बच्चा एक कार में यात्रा कर रहा था और उसने उड़ती पतंग देखने के लिए कार की खिड़की से अपना सिर बाहर निकाला था। इसी दौरान मांझा उसकी गर्दन में लिपट गया। उसे लुधियाना के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ‘चीनी डोर' या ‘चीनी मांझे' का विरोध करने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में शामिल अमृतसर के निवासी किरपाल सिंह पाली ने दावा किया कि राज्य में नोएडा से इसकी आपूर्ति होती है और इसे फिर लुधियाना एवं जलंधर से वितरित किया जाता है। अमृतसर में, चार दिन पहले 28 वर्षीय एक युवक के गले में चीनी मांझा उलझ जाने से उसकी गर्दन पर गहरी चोट आई थी और उसे 20 टांके लगवाने पड़े थे। मोगा में 15 जनवरी को 10 साल का एक लड़का उस समय गंभीर रूप से झुलस गया था, जब उसकी पतंग की चीनी डोर हाई-वोल्टेज विद्युत तारों के संपर्क में आ गई थी। अबोहर में तीन दिन पहले चीनी डोर से एक व्यक्ति की नाक पर गहरी चोट आई थी। रूपनगर में पिछले साल नवंबर में साइकिल पर सवार 13 वर्षीय एक लड़के के गले में चीनी डोर फंस जाने से उसकी मौत हो गई थी। पतंगों का कारोबार करने वाले एक दुकानदार ने कहा, ‘‘चीनी डोर नायलॉन या सिंथेटिक धागे से बनती है और इसे धारदार बनाने के लिए पाउडर ग्लास एवं धातु कणों का इस्तेमाल किया जाता है।'' पाली ने बताया कि यह सूती डोर की तुलना में धारदार और सस्ती होती है, इसलिए कुछ पतंग प्रेमी इसमें शामिल जोखिमों को नजरअंदाज करते हुए इसे खरीदना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक सामान्य सूती मांझे की चरखी की कीमत 400 रुपये (1,000 मीटर) होती है, जबकि इतनी ही कीमत पर 4,000 मीटर ‘चीनी मांझे' की चरखी खरीदी जा सकती है।'' सूती डोर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली से लाई जाती है।
पाली ने कहा कि राज्य सरकार को ‘चीनी डोर' के कारण गंभीर चोट लगने के मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘तभी इसकी बिक्री और खरीद पर लगाम लग सकती है।'' राज्य में चीनी डोर की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है लेकिन इसका उल्लंघन बेरोकटोक जारी है। पंजाब पुलिस ने अब ‘चीनी डोर' की खरीद-फरोख्त के खिलाफ अभियान शुरू किया है।
पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि राज्य में कई स्थानों से चीनी डोर की 10,000 से अधिक गट्ठी जब्त की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने चीनी डोर बेचने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है और चीनी डोर की 10,269 गट्ठी बरामद करने के बाद 176 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 188 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।'' गिल ने कहा कि चीनी डोर के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। -
वाराणसी. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि सार्वजनिक तेल कंपनियों के पिछले घाटे को देखते हुए पेट्रोल की कीमतों में जल्द कटौती होने की उम्मीद नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों तेल विपणन कंपनियों- आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने पिछले 15 महीनों से पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में लागत के अनुरूप बदलाव नहीं किया है। लागत के अनुरूप कीमतें नहीं बढ़ने से इन कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरने से कंपनियों पर दबाव कुछ कम हुआ है लेकिन उन्होंने पिछले नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है। पुरी ने यहां एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा, "मुझे उम्मीद है कि नुकसान की भरपाई हो जाने पर कीमतें कम हो जानी चाहिए।" उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल के दाम में आए उछाल के बावजूद तेल कंपनियों ने जिम्मेदार आचरण किया और खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की। उन्होंने कहा, "हमने उन्हें कीमतें स्थिर रखने को नहीं कहा था। उन्होंने खुद ही यह फैसला किया था।" हालांकि ऊंचे दाम पर कच्चा तेल खरीदने से उनकी लागत बढ़ गई। जून 2022 के अंत में उन्हें एक लीटर पेट्रोल पर 17.4 रुपये और डीजल पर 27.2 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा था। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने छह अप्रैल, 2022 को अंतिम बार पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें संशोधित की थीं। पुरी ने कहा कि कीमतें स्थिर रखने से चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में इन कंपनियों को कुल 21,201.18 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की भरपाई होनी बाकी है।
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बक्सर . बिहार के बक्सर स्थित एक हिंदू मंदिर से चोरी गई भगवान की अष्टधातु से बनी चार प्रतिमाओं को 12 घंटे के भीतर बरामद कर लिया। पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और चोरी में संलिप्त चार अन्य की तलाश की जा रही है। सहायक पुलिस अधीक्षक राज ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘सभी चार प्रतिमाएं आरोपी दिल कुमार के पास से मिली हैं जिसे रविवार को भोजपुर से गिरफ्तार किया गया था। चार अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया है। चोरी गई प्रतिमाओं की कीमत करोड़ों रुपये हैं।'' इससे पहले दिन में प्रतिमा चोरी की जानकारी मिलने के बाद बड़ता धाकाइच गांव के स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 84 को बाधित कर दिया था और सड़क पर टायर जलाकर अपना विरोध व्यक्त किया था। कुछ लोगों की मांग है कि मंदिर के बाहर स्थायी रूप से सुरक्षा की व्यवस्था की जाए क्योंकि छह साल पहले भी मंदिर से प्रतिमाएं चोरी हो गई थीं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों के नाम पर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के 21 बड़े द्वीपों का नामकरण किया। इस सिलसिले में पोर्ट ब्लेयर में आयोजित समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पराक्रम दिवस के अवसर पर देश के नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय समारक का भी अनावरण किया। गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों के नाम पर द्वीपों के नामकरण से इन शूरवीरों को हमेशा याद किया जाता रहेगा। रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के पुनर्निमित कर्तव्य पथ पर इस बार की परेड में जहां दर्शकों को उत्तर प्रदेश के अयोध्या के दीपोत्सव की झांकी देखने को मिलेगी, वहीं हरियाणा की झांकी में भगवान कृष्ण के ‘विराट स्वरूप' को प्रतिम्बित किया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस परेड में इस बार झारखंड के प्रसिद्ध देवघर मंदिर और जम्मू-कश्मीर की ‘अमरनाथ गुफा' की झलक देखने को मिल सकेगी। जम्मू- कश्मीर ने पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन में पुनरुत्थान को प्रदर्शित करते हुए अमरनाथ के गुफा मंदिर को 'नया जम्मू-कश्मीर' विषय के साथ अपनी झांकी में चित्रित किया है। राष्ट्रीय राजधानी के पुनर्निमित कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गुजरात, पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की रंगारंग झांकियां दर्शकों का मन मोहेंगी। विभिन्न राज्यों द्वारा इस वर्ष अपनाई गई थीम काफी हद तक सांस्कृतिक विरासत और अन्य विषयों के अलावा 'नारी शक्ति' है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक और सामाजिक प्रगति को दर्शाने वाली कुल 23 झांकियां 26 जनवरी को औपचारिक परेड का हिस्सा होंगी। इन झांकियों में से 17 विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तथा छह झांकियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी। राज्य के सूचना और जनसंपर्क विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की झांकी में भगवान राम और देवी सीता को वनवास से लौटने पर अयोध्या के लोगों द्वारा स्वागत करते हुए दिखाया गया है। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने पहले कहा था कि अयोध्या दीपोत्सव उत्तर प्रदेश का मुख्य विषय है। उत्तर प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने कहा, “झांकी के साइड पैनल अयोध्या में सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी को दर्शाते हैं और एक बड़ा 'दीपोत्सव द्वार' बनाया गया है। इसमें महाऋषि वशिष्ठ की मूर्ति भी है।” हरियाणा ने गणतंत्र दिवस की झांकी के लिए भगवद् गीता को अपनी प्रेरणा के रूप में चुना है, जिसमें चार अश्वों द्वारा खींचे जाने वाले रथ का एक विशाल मॉडल इसका मुख्य आकर्षण है। अधिकारी के अनुसार, ‘‘झांकी में भगवान कृष्ण को कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अर्जुन के सारथी के रूप में सेवा करते हुए और उन्हें उपदेश देते हुए दिखाया गया है। झांकी के सामने के हिस्से में भगवान कृष्ण को उनके 'विराट स्वरूप' रूप में दिखाया गया है।'' रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, “ट्रेलर के साइड पैनल महाभारत युद्ध के दृश्य दिखाते हैं।” मंत्रालय ने बताया है कि यदि इन दो झांकी में कालातीत महाकाव्यों से तैयार किए गए विषय की झलक मिलती है, तो पश्चिम बंगाल की झांकी में देवी दुर्गा की पवित्र छवि झलकती है। पश्चिम बंगाल की झांकी में कोलकाता की दुर्गा पूजा को दर्शाया गया है और यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में इसके शामिल होने का जश्न मनाया गया है। असम की झांकी में पौराणिक अहोम सेनापति लचित बोरफुकन और प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर सहित इसके सांस्कृतिक स्थलों को गर्व से दिखाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि गृह मंत्रालय दो झांकी प्रदर्शित करेगा, जिनमें स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक-एक झांकी शामिल होगी। अधिकारी के अनुसार, कृषि मंत्रालय, जनजातीय मामलों के मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय की एक-एक झांकी कर्तव्य पथ पर दर्शकों को आकर्षित करेगी। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी भी कर्तव्य पथ पर नजर आएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या रेल मंत्रालय की तरफ से भी कोई झांकी निकाली जाएगी, उन्होंने कहा, “नहीं, इस साल की परेड में रेल मंत्रालय की कोई झांकी नहीं होगी।” पिछले साल राजपथ का नाम बदलकर 'कर्तव्य पथ' किए जाने के बाद इस ऐतिहासिक पथ में आयोजित यह पहला गणतंत्र दिवस समारोह होगा। फुल ड्रेस रिहर्सल परेड सोमवार को होगी। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले कहा था कि 74वां गणतंत्र दिवस समारोह पुनर्निमित सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में होगा और सरकार ने जनता के लिए 32,000 टिकट ऑनलाइन बिक्री के लिए रखे हैं।
- मुंबई । आईएनएस वागीर को भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है। प्रोजेक्ट 75 के तहत कलवारी क्लास की यह पांचवी सबमरीन है, जिसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। मुंबई के नेवल डॉकयार्ड पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार की मौजूदगी में आईएनएस वागीर को नौसेना में कमीशन किया गया।आईएनएस वागीर पूरी तरह से भारत में बनी है। इसे फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप के साथ मिलकर मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है। इस सबमरीन की खासियत ये है कि इस सबमरीन को एंटी सबमरीन युद्ध, खूफिया सूचना जुटाने, समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने और सर्विलांस के काम में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सबमरीन को समुद्र के तट पर और मध्य समुद्र दोनों जगह तैनात किया जा सकता है। इस सबमरीन के ट्रायल हो चुके हैं।डीजल इलेक्ट्रिक क्लास की सबमरीन आईएनएस वागीर समुद्र में 37 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकती है। यह सबमरीन समुद्र की सतह पर एक बार में 12 हजार किलोमीटर का सफर तय कर सकती है तो समुद्र के भीतर यह एक बार में एक हजार किलोमीटर की दूरी तय सकती है। आईएनएस वागीर समुद्र में अधिकतर 350 मीटर की गहराई तक जा सकती है और लगातार 50 दिन तक समुद्र के भीतर रह सकती है।आईएनएस वागीर की खास बात ये है कि यह बेहद खामोशी से अपने मिशन को अंजाम देती है, यही वजह है कि इसे साइलेंट किलर कहा जा रहा है। यह सबमरीन स्टील्थ तकनीक से लैस है, जिसके चलते रडार भी आसानी से इसे नहीं पकड़ पाते। इस सबमरीन में 533 एमएम के 8 टारपीडो ट्यूब हैं, जिनमें मिसाइलें लोड की जा सकती हैं। यह सबमरीन समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने का भी काम कर सकती है, जिसकी वजह से यह दुश्मन को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। इसकी खूबियों को देखते हुए इसे सैंड शार्क का नाम दिया गया है। हिंद महासागर में बढ़ती चीन की चुनौती से निपटने में यह सबमरीन अहम साबित हो सकती है।
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अहमदाबाद। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रविवार को कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर बीएसएफ ने गुजरात के कच्छ जिले और राजस्थान के बाड़मेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘ऑपरेशन अलर्ट' अभ्यास शुरू किया है। ‘बीएसएफ गुजरात फ्रंटियर' ने एक विज्ञप्ति में कहा कि शनिवार से शुरू हुई यह कवायद गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ‘‘राष्ट्रविरोधी तत्वों के किसी भी बुरे मंसूबे को विफल करने'' के लिए की जा रही है।
इसमें कहा गया है कि ‘ऑपरेशन अलर्ट' अभ्यास 21 जनवरी को शुरू हुआ था और 28 जनवरी तक सर क्रीक (दलदली क्षेत्र) से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ गुजरात में कच्छ के रण और राजस्थान के बाड़मेर जिले तक जारी रहेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीएसएफ इस कवायद के तहत अग्रिम और गहराई वाले क्षेत्रों के साथ-साथ खाड़ियों और ‘हरामी नाला' में विशेष अभियान चलाएगा।
गुजरात में कच्छ के साथ भारत-पाकिस्तान सीमा संवेदनशील है क्योंकि कई पाकिस्तानी नागरिक अतीत में मछली पकड़ने के लिए भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद नावों के साथ पकड़े गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीएसएफ ने 2022 में गुजरात के इस क्षेत्र से 22 पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा था। इसके अनुसार बीएसएफ ने मछली पकड़ने की 79 नाव और 250 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन और 2.49 करोड़ रुपये मूल्य की चरस जब्त की थी। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को विजेता के भाव रूपी विरासत को संभालने का मंत्र देते हुए कहा कि ‘आज मोदी है तो मुमकिन है' केवल भारत का नारा नहीं, बल्कि वैश्विक मंत्र बन गया है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए योगी ने भारत की जी-20 अध्यक्षता और उत्तर प्रदेश के चार शहरों में होने वाली समूह की बैठकों का जिक्र करते हुए कहा, “हम सब विजेता के भाव से आगे बढ़ें, हमारे पास अनेक संभावनाएं आएंगी।” उन्होंने 10 से 12 फरवरी को आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की चर्चा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कर कमलों से इसे आगे बढ़ाएंगे। उत्तर प्रदेश नए निवेश के गंतव्य के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता को अपनी टीम के साथ आगे आने की आवश्यकता है।” योगी ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “दुनिया में जहां भी संकट खड़ा हो रहा है, वहां का हर व्यक्ति उम्मीद से प्रधानमंत्री मोदी की ओर देख रहा है। जो नारा 2019 में लगा था कि ‘मोदी है तो मुमकिन है', वह आज केवल भारत का नारा नहीं, बल्कि वैश्विक मंत्र बन गया है। जी-20 की अध्यक्षता इसका उदाहरण है।” उन्होंने कहा, “मोदी जी ने जी-20 के साथ प्रत्येक भारतवासी को जोड़ने का कार्य किया है। आगरा, लखनऊ, वाराणसी और गौतमबुद्धनगर में जी-20 से संबंधित 11 सम्मेलन होने हैं।” भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की विरासत का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा, “कल आपने प्रयागराज में मौनी अमावस्या का स्नान देखा होगा। दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। अगर इस सामर्थ्य को पिछली सरकारों ने समझने का प्रयास किया होता और इसे सम्मान देने का कार्य किया होता तो उन्हें दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं।” उन्होंने कहा कि विरासत को जो भी सम्मान देगा, समृद्धि उसके लिए द्वार खोलेगी और जो भी उसे अपमानित करेगा, उसे दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेंगी। प्रदेश में सात महीने बाद हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, “यह हम सबके उत्साह और उमंग का क्षण है। आज से सात महीने पहले जब हम मई 2022 में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के अवसर पर मिले थे, तो उस समय हम लोग प्रदेश में नयी सरकार के गठन के एक नए उत्साह के साथ एकत्र हुए थे और नए संकल्प के साथ आगे बढ़े थे।” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पहली बार कोई सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आई है। यह भाजपा जैसे दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के उत्साह और उमंग का परिणाम था।” योगी ने कहा कि विजेता के रूप में काम कैसे होना चाहिए, यह भाजपा बहुत अच्छी तरीके से जानती है और करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो उपचुनाव आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा क्षेत्र में संपन्न हुए और विधानसभा चुनाव की तर्ज पर तमाम विश्लेषकों के पूर्वानुमानों को ध्वस्त करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम और मोदी जी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में पार्टी ने दोनों उपचुनावों में जीत हासिल कर विजेता की अपनी भूमिका को बरकरार रखा। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज जब हम सात महीने बाद फिर से एकत्र हुए हैं, तो देश के प्रमुख राज्य गुजरात में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और वहां सातवीं बार पार्टी की सरकार बनना, हमें एक नए उत्साह, एक नए उमंग के साथ प्रेरित कर रहा है। विजेता के रूप में कैसे काम करना चाहिए, यह उत्साह व उमंग हम सबके सामने है।” नगरीय निकाय चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को सजग करते हुए योगी ने कहा, “762 नगर निकायों में चुनाव होने हैं। ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आयोग की रिपोर्ट आते ही चुनाव की घोषणा हो जाएगी। 2014, 2017, 2019, 2022 की तरह ही नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा का परचम लहराता हुआ नजर आना चाहिए।” योगी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश को हमने कर्म साधना के रूप में चुना है। हमारा सौभाग्य है कि संसद में प्रधानमंत्री मोदी व रक्षा मंत्री उप्र (क्रमश: वाराणसी और लखनऊ) से प्रतिनिधित्व करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘उप्र का सामर्थ्य व असीम संभावनाएं हमारी उपलब्धि है। आजादी का अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संकल्प दिलाया था कि जब देश आजादी का शताब्दी महोत्सव मनाएगा तब तक की व्यापक कार्य योजना बनाकर कार्य करेंगे।'' उन्होंने पंच प्रण की याद दिलाई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है, जिसके लिए पहले देश, फिर दल हित है। 'मेरा हित' सबसे पीछे की भावना है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘1998 से गोरखपुर में सांसद के रूप में सेवा का अवसर मिला। 1999 में गोरखपुर व आसपास दिमागी बुखार से मौत की बात सामने आई। काम करने पर पता चला कि 38 जनपदों में यह बीमारी फैली है। 40 साल में 50 हजार बच्चों की मौत हुई।'' योगी ने कहा कि जापान ने 1905 में दिमागी बुखार का वैक्सीन खोज निकाला और इसे नियंत्रित किया, लेकिन भारत में दिमागी बुखार का वैक्सीन आने में 100 साल लगा। कांग्रेस का बिना नाम लिए उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 55 साल तक शासन करने वालों को उत्तर प्रदेश के वह मासूम बच्चे नहीं दिखे, क्योंकि उनके एजेंडे में गरीब, किसान, मजदूर, युवा, जिनके मासूम दम तोड़ रहे थे, वह मां नहीं थी, उनके एजेंडे में जाति, मजहब था। योगी ने कहा कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली 90 फीसदी मौतें अल्पसंख्यक व अनुसूचित समाज से होती थी। अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए उन्होंने कहा कि अब इंसेफेलाइटिस से 95 फीसदी मौत पर भी नियंत्रित करने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें विरासत पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। राम मंदिर आंदोलन के समय आपमें से भी अधिकांश युवा रहे होंगे। अपनी जवानी इस आंदोलन के लिए समर्पित की। सभी के मन में यही भाव था कि प्रभु राम के मंदिर निर्माण के लिए खुद को समर्पित कर रहा हूं। कोई चाह नहीं थी कि सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बनूंगा, एक ही भाव था विजेता का। विजयी होने के भाव का परिणाम हमें मिल गया।'' योगी ने कहा कि हमने पलायन का रास्ता नहीं अपनाया, भौतिक ताकत नहीं थी, लेकिन आत्मिक ताकत थी कि मातृभूमि व प्रभु राम के लिए लड़ेंगे। इससे पहले, अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश की सभी 80 सीटों को जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री जनरल वी. के. सिंह, पंकज चौधरी, संजीव बालियान, कौशल किशोर, साध्वी निरंजन ज्योति, भानु प्रताप वर्मा और प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारी समेत 700 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को क्षमताओं का पूरा लाभ उठाते हुए राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया और प्रौद्योगिकी समाधान अपनाने के साथ-साथ पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिस तंत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 57वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अप्रचलित आपराधिक कानूनों को निरस्त करने, राज्यों में पुलिस संगठनों के लिए मानकों के निर्माण का सुझाव दिया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री ने क्षमताओं का लाभ उठाने और सर्वोत्तम तरीकों को साझा करने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।'' बयान के मुताबिक, उन्होंने उन्होंने अधिकारियों द्वारा लगातार दौरे कर सीमा के साथ-साथ तटीय सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने पुलिस बल को अधिक संवेदनशील बनाने और उन्हें उभरती प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया और एजेंसियों में डाटा विनिमय को सुचारू बनाने के लिए ‘राष्ट्रीय डाटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क' के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां पुलिस बल को बायोमेट्रिक्स आदि जैसे तकनीकी समाधानों का और अधिक लाभ उठाना चाहिए, वहीं पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिस तंत्र को और मजबूत करने की भी आवश्यकता है। मोदी ने जेल प्रबंधन में सुधार के लिए जेल सुधारों का भी समर्थन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने और अपनी टीम के बीच सर्वोत्तम तरीकों को विकसित करने के लिए राज्य और जिला स्तरों पर डीजीपी/आईजीपी सम्मेलनों के मॉडल को दोहराने का आह्वान किया। सम्मेलन में पुलिस तंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें आतंकवाद रोधी, जवाबी कार्रवाई और साइबर सुरक्षा शामिल हैं। तीन दिवसीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित अन्य ने हिस्सा लिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हाइब्रिड मोड में विभिन्न स्तरों के लगभग 600 और अधिकारियों ने सम्मेलन में भाग लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में पहले कहा गया था, ‘‘2014 से मोदी ने डीजीपी के सम्मेलन में गहरी दिलचस्पी ली है। पहले के प्रधानमंत्रियों की प्रतीकात्मक उपस्थिति के विपरीत, वह सम्मेलन के सभी प्रमुख सत्रों में हिस्सा लेते हैं।'' बयान में यह भी कहा गया था कि प्रधानमंत्री न केवल सभी सूचनाओं को धैर्यपूर्वक सुनते हैं, बल्कि स्वतंत्र और अनौपचारिक चर्चा को भी प्रोत्साहित करते हैं ताकि नए विचार सामने आ सकें। बयान में कहा गया था कि यह देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को प्रधानमंत्री को प्रमुख पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर सीधे जानकारी देने और खुली और स्पष्ट सिफारिशें देने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करता है। एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर सम्मेलन में पुलिसिंग और सुरक्षा में भविष्य के विषयों पर चर्चा शुरू हुई। तीन दिवसीय बैठक में नेपाल और म्यांमा के साथ भूमि सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों, भारत में लंबे समय तक रहने वाले विदेशियों की पहचान करने की रणनीति और माओवादी गढ़ों को लक्षित करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। मोदी ने विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक भी वितरित किए। वार्षिक बैठक 2013 तक नयी दिल्ली में आयोजित की गई थी। अगले साल जब मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई तो राष्ट्रीय राजधानी के बाहर गृह मंत्रालय और खुफिया ब्यूरो के कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस बार सम्मेलन का आयोजन दिल्ली के पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में किया गया। इससे पहले, राष्ट्रीय राजधानी में बैठक का स्थान विज्ञान भवन हुआ करता था। -
उन्नाव . जिले के अचलगंज क्षेत्र में रविवार देर शाम तेज रफ्तार डंपर ने एक कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि रविवार देर शाम करीब सात बजे अचलगंज थाना क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आजाद मार्ग चौराहे के नजदीक एक तेज रफ्तार डंपर ने कार को टक्कर मार दी और कार को खींचता हुआ खाई में जा गिरा। उन्होंने बताया कि इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई है। उनमें से पांच की शिनाख्त छोटेलाल (32), शिवांग (30), विमलेश (60), रामप्यारी (45) और शिवानी (13) के रूप में हुई है जबकि एक मृतक की अभी पहचान नहीं हो पाई है। मीणा ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि कार में सवार दो लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी जबकि चार अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क रास्ता जाम कर दिया जिसकी वजह से लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने रास्ता जाम कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया तो उन्होंने कथित रूप से पुलिस पर पथराव कर दिया। बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। पुलिस ने हादसे में मारे गए लोगों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से किए गए ट्वीट में कहा गया "उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद उन्नाव में सड़क हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।" एक अन्य ट्वीट में कहा गया "मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनका समुचित उपचार कराने तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर राहत कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। -
ठाणे. प्रसिद्ध हिंदुस्तानी गायिका डॉ. प्रभा अत्रे को रविवार को पंडित हरिप्रसाद चौरसिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने यहां राम गणेश गडकरी रंगायतन सभागार में आयोजित एक समारोह में डॉ. अत्रे को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया। शिंदे ने इस कार्यक्रम में डॉ. प्रभा अत्रे को एक प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये प्रदान किए। इस दौरान उनके 90वें जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए 90 बांसुरीवादकों ने बांसुरी वादन कर एक विशेष प्रस्तुति भी दी। शिंदे ने इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार कला को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और शास्त्रीय संगीत को भी बढ़ावा देगी। -
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने रविवार को पिछले उपचुनावों में मिली हार-जीत की चर्चा के साथ ही कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी 80 सीटें जीतकर नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाना है।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए चौधरी ने कहा, “बिना रुके, बिना थके परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले भाजपा के देवतुल्य कार्यकर्ताओं ने जहां प्रदेश में हुए उपचुनावों (आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव, गोला गोकर्णनाथ और रामपुर विधानसभा उपचुनाव) में भाजपा को जिताने का काम किया, वहीं खतौली और मैनपुरी में मिली असफलताओं ने उन्हें यह संदेश भी दिया कि हमें मिलकर अभी ‘‘और परिश्रम, और ज्यादा परिश्रम'' करने की जरूरत है।”
चौधरी ने कहा, “2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की बाकी सीटों को जीतकर मिशन-2024 के 80 सीटों पर जीत के लक्ष्य को हासिल करते हुए प्रचंड बहुमत के साथ नरेंद्र भाई मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाने की प्रतिबद्धता पूर्ण करनी है।” उन्होंने कहा, “यह लक्ष्य हम सब मिलकर पूरा करेंगे। आने वाले सभी चुनावों में हम भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम और जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से निश्चित रूप से विजयी होंगे।”
चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नगर निकायों के चुनाव अब तक संपन्न हो चुके होते, लेकिन विपक्षी दलों ने जिस तरह हथकंडे अपनाकर अड़ंगा लगाने का कुत्सित प्रयास किया, उससे आज निकाय प्रशासन तंत्र के अधीन चला गया है, लेकिन मुझे विश्वास है कि समाज के सभी वर्गों के हितों की चिंता करने वाली हमारी सरकार न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए जल्द निकाय चुनाव कराएगी।
उन्होंने दावा किया कि अदालत की अनुमति के बाद जिस दिन निकाय चुनाव होंगे, भाजपा चुनाव को बाधित करने वाले दलों को जरूर पराजित करेगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “संसदीय उपचुनावों में कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से हमने विपक्ष को आधारहीन किया और विधानसभा उपचुनाव तक में विपक्ष को यह बता दिया कि अब उनके लिए दिल्ली बहुत दूर है।”
उन्होंने कहा, “हालांकि, तमाम सफलताओं के बीच हमने असफलता भी देखी है, लेकिन हम सभी जानते हैं कि पराजय का डर हमारे अंदर आता ही नहीं है, क्योंकि हमारी यात्रा के हर पड़ाव ने हम सभी को दोगुनी शक्ति हर बार दी है। हमारा विश्वास तो इस बात से बढ़ता है कि......क्या हार में क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत हम, कर्तव्य पथ पर जो मिले यह भी सही, वह भी सही।” उन्होंने कहा कि इस सूत्र को लेकर हम सब अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर गतिमान हैं और इसीलिये हमारा संगठन भी सतत प्रवाहमान है।
चौधरी ने कहा, “भारत को मिली जी-20 समूह और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठनों की अध्यक्षता ने देश में इतिहास के एक नए अध्याय का सूत्रपात किया है। वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश जैसे सबसे बड़े प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए तीसरा सम्मेलन करने को तैयार है।”
बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़ों के नाम पर राजनीति करके सत्ता प्राप्त करने वाले दलों के नेताओं ने अब तक सिर्फ अपने परिवार और अपने कुछ चहेतों का ही भला किया है, लेकिन जातियों की राजनीति करने वाले परिवारवादी दल ये भूल चुके हैं कि उत्तर प्रदेश की जनता अब चुनाव में जाति और भाई-भतीजावाद की राजनीति को नकार चुकी है। चौधरी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सराहना करते हुए कहा कि जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी नयी ऊंचाई छू रही है। -
जयपुर। राजस्थान सरकार उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव में मदद के लिए राज्य के निम्न आय वर्ग के किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराएगी। ये ड्रोन किसानों को कम समय और सीमित लागत में बड़े कृषि क्षेत्र में रसायनों का छिड़काव करने के साथ ही फसलों की निगरानी करने की सुविधा भी प्रदान करेंगे। राज्य सरकार अगले दो साल में ‘कस्टम हायरिंग सेंटर' पर करीब 1,500 ड्रोन उपलब्ध कराएगी।
‘कस्टम हायरिंग सेंटर' पर आधुनिक कृषि उपयोगी मशीनें किराये पर दी जाती हैं। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख सचिव दिनेश कुमार ने कहा, “कृषि संबंधी कार्यों के लिए दुनियाभर में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। राजस्थान में भी सरकार प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है, ताकि किसान अपनी आय और उपज बढ़ा सकें।” उन्होंने कहा, “राज्य के प्रगतिशील किसानों ने खेती में ड्रोन का इस्तेमाल पहले ही शुरू कर दिया है।
आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में ड्रोन की मांग और उपयोगिता में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए सरकार ने उन किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराने का फैसला किया है, जिनकी आय सीमित है और जो उन्नत एवं महंगे ड्रोन नहीं खरीद सकते हैं।” मालूम हो कि पारंपरिक कृषि पद्धतियों में या तो हाथों से या फिर ट्रैक्टर पर लगे ‘स्प्रेयर' की मदद से कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है। ‘स्प्रेयर' में अधिक मात्रा में कीटनाशक और पानी की जरूरत पड़ती है। यही नहीं, छिड़काव के दौरान ‘स्प्रे' (पानी में घुले कीटनाशक) का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है।
हालांकि, बेहतर अनुप्रयोग और जैव-दक्षता के कारण ड्रोन-आधारित स्प्रे में कम मात्रा में पानी और कीटनाशकों की आवश्यकता पड़ती है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पारंपरिक छिड़काव की तुलना में ड्रोन से छिड़काव कर 70 से 80 प्रतिशत पानी बचाया जा सकता है। कृषि आयुक्त कानाराम ने कहा, “ड्रोन के जरिये खड़ी फसल में पोषक तत्वों की कमी का आसानी से पता लगाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि सिंचाई निगरानी, फसल स्वास्थ्य निगरानी, कीट विश्लेषण, फसल क्षति आकलन, टिड्डी नियंत्रण, रासायनिक छिड़काव ऐसे कार्य हैं, जिन्हें ड्रोन के जरिये बेहतर तरीके से किया जा सकता है। कृषि विभाग द्वारा खेती में ड्रोन की उपयोगिता को दर्शाने के लिए पिछले बुधवार को जोबनेर के जोशीवास गांव में राज्य स्तरीय ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया गया था। इस अवसर पर राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया भी मौजूद थे। कृषि विशेषज्ञ शिवपाल सिंह राजावत ने कहा कि पैदावार बढ़ाने के लिए वर्तमान कृषि पद्धतियों को अद्यतन करना महत्वपूर्ण और आवश्यक है।
जयपुर के किसान हेमराज शर्मा कहते हैं, “पारंपरिक रूप से मानव निगरानी के जरिये फसलों पर नजर रखी जाती है। वहीं, कीटनाशकों का छिड़काव या तो हाथों या फिर ट्रैक्टर पर लगे स्प्रेयर से किया जाता है। ड्रोन के इस्तेमाल से ये दोनों ही काम कम समय में ज्यादा प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। ड्रोन की उपयोगिता को देखते हुए मैं भी अपने खेत में इनका इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा हूं।”फाइल फोटो
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त्रिशूर। केरल के त्रिशूर जिले में प्रसिद्ध गुरुवायुर श्रीकृष्ण मंदिर ने घोषणा की है कि उसके पास खजाने में 260 किलोग्राम से अधिक सोना है। हाल में मंदिर ने 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि होने का खुलासा किया था।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जवाब में, मंदिर के अधिकारियों ने कहा कि मंदिर के पास 263.63 किलोग्राम सोना है जिसमें कीमती आभूषण और सिक्के हैं तथा लगभग 20,000 सोने के लॉकेट हैं। मंदिर के प्रबंधन ने पूर्व में सुरक्षा कारणों से ब्योरा देने से इनकार कर दिया था।
आरटीआई के तहत एक अपील के बाद प्रदान किए गए दस्तावेज से पता चला है कि मंदिर के पास 6,605 किलोग्राम चांदी, सोने के 19,981 लॉकेट और चांदी के 5,359 लॉकेट हैं। हालांकि, जवाब में सोने और चांदी के कुल मूल्य का खुलासा नहीं किया गया है। पिछले साल दिसंबर में, आरटीआई जवाब में खुलासा किया गया था कि बैंक जमा राशि 1,737.04 करोड़ रुपये और 271.05 एकड़ की भूमि है, जिसके मूल्य का आकलन किया जाना बाकी है।
सदियों पुराने गुरुवायुर मंदिर में हर साल देश भर से हजारों लोगों आते हैं। गुरुवायुर के एम के हरिदास और प्रॉपर चैनल नामक संस्था के अध्यक्ष के आरटीआई आवेदन के बाद संपत्ति का ब्योरा दिया गया। हरिदास ने आरोप लगाया कि मंदिर के विकास और इसके भक्तों के कल्याण के संबंध में मंदिर देवस्वओम की उपेक्षा और निष्क्रियता ने उन्हें आरटीआई के माध्यम से विवरण मांगने के लिए प्रेरित किया। -
वाराणासी। वाराणसी में गंगा तट के आसपास शोर और वायु प्रदूषण को कम करने की रणनीति के तहत अब नौकाएं पर्यावरण-अनुकूल सीएनजी पर चलने लगी हैं। अभी तक 583 नौकाओं को सीएनजी-चालित नौकाओं में बदला जा चुका है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वाराणसी में गंगा पर चलने वाली नावों के पूरे बेड़े को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन से बदलने की योजना है। इन नावों को सीएनजी की आपूर्ति नमो घाट पर गेल की तरफ से स्थापित देश के पहले तैरते हुए सीएनजी स्टेशन से की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, 'पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवित्र गंगा पर सीएनजी वाली नौकाएं चलाने की इच्छा जताई थी।
500 नावों के लक्ष्य के मुकाबले 583 नावों को पहले ही सीएनजी में बदला जा चुका है। हम 2,000 नावों को सीएनजी-चालित बनाने के लिए काम कर रहे हैं।' सीएनजी ईंधन को बढ़ावा देने के लिए इस पवित्र शहर के तट पर सीएनजी से चलने वाली नावों का लक्ष्य रखा गया है। पुरी ने कहा कि डीजल इंजन की तुलना में सीएनजी इंजन कम प्रदूषणकारी होता है और ये सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों का उत्सर्जन भी नहीं करते हैं।
इसके अतिरिक्त सीएनजी इंजन काफी शांत भी होते हैं, जिससे जलीय जीवन और घाटों के साथ स्थित ऐतिहासिक धरोहरों पर डीजल इंजनों के तेज शोर के प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सकता है। पुरी ने कहा, ''हमारे लिए यह बेहद महत्वपूर्ण कदम है। वाराणसी दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक है जहां परंपरा आधुनिकता के साथ मिलती है।'' उन्होंने कहा कि सीएनजी इंजन से न केवल प्रदूषण में कमी आती है बल्कि नाविकों के लिए प्रति वर्ष 25,000 रुपये से 30,000 रुपये बचाने में भी मदद मिलेगी।फाइल फोटो
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नयी दिल्ली. दक्षिणी दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में 18 वर्षीय एक युवक की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में दो किशोरों को पकड़ा गया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि शनिवार अपराह्न दो बजकर 23 मिनट पर टेलीफोन मोहल्ले में राधा कृष्ण मंदिर के पास एक शव पड़ा होने की सूचना मिली। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मृतक के शरीर पर चाकू के वार के कई निशान थे। मृतक की पहचान भाटी माइंस स्थित संजय कॉलोनी निवासी हर्ष के रूप में हुई।
अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में मैदान गढ़ी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल की और दो आरोपी किशोरों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, एक नाबालिग ने हर्ष का मोबाइल फोन छीन लिया था जिसका विरोध करने पर नाबालिग आरोपियों ने उस पर चाकू से कई वार किए और उसका गला रेत दिया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से मृतक का मोबाइल फोन, सिम कार्ड और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया गया है। -
बलिया (उत्तर प्रदेश)। जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के पटपर गांव के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, खेजुरी थाना क्षेत्र के पटपर गांव के समीप बलिया - सिकंदरपुर मार्ग पर शनिवार की रात एक अज्ञात वाहन की टक्कर से अक्षय खरवार उर्फ सोनू (28) , विपिन खरवार (42) व सुनील खरवार (30) गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने अक्षय और विपिन को मृत घोषित कर दिया। खेजुरी के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) बीपी पांडेय ने बताया कि सुनील खरवार की स्थिति गंभीर होने के कारण वाराणसी रेफर किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में मृत विपिन खरवार के पिता शंभू खरवार की तहरीर पर रविवार को अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की सुसंगत धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। -
सीतापुर (उत्तर प्रदेश)। जिले के लहरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को अविवाहित जोड़े ने एक पेड़ से फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, लहरपुर थाना क्षेत्र के दारापुर गांव में अविवाहित प्रेमी जोड़े ने परिजनों से विवाह की मंजूरी नहीं मिलने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सीतापुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजीव दीक्षित ने बताया कि अंकुर (20) और उसके पड़ोस में रहने वाली कांति (20) ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि आज घटना की सूचना मिली और प्रारंभिक छानबीन में पता चला कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन अपने-अपने परिवारों के विरोध के कारण उन्होंने यह घातक कदम उठाया। दीक्षित ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन की जा रही है। -
देहरादून. उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना के कारण 'असुरक्षित' इमारतों को गिराने का काम शनिवार को मौसम में सुधार के साथ शुरू हो गया। अधिकारियों ने बताया कि दरार वाली इमारतों की संख्या बढ़कर 863 हो गयी है। उन्होंने बताया कि यहां जेपी कॉलोनी के निकट जल प्रवाह को घटाकर 136 एलपीएम कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन के सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘वहां (जेपी कॉलोनी) पानी का प्रवाह शुरू में 540 एलपीएम था। इसमें पर्याप्त कमी एक सकारात्मक संकेत है।'' दो जनवरी से कॉलोनी के पास एक जगह से पानी बह रहा है।
उन्होंने कहा, अब तक अंतरिम राहत के रूप में 242 प्रभावित परिवारों को 3.62 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।'' उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को हुई बर्फबारी और बारिश के कारण ठंड बढ़ गयी है, जिससे अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे जोशीमठ के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने कहा था, ‘‘जोशीमठ में असुरक्षित होटलों और घरों को खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।'' सिन्हा के अनुसार, जोशीमठ में भूमि धंसने के बाद 863 घरों में दरारें आ गई हैं और 269 परिवारों को अस्थायी राहत केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है। शनिवार सुबह मौसम साफ होने के साथ ही होटलों- मलारी इन और माउंट व्यू- तथा पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण बंगले को ध्वस्त करने में ड्रिलिंग मशीन और बुलडोजर लगा दिये गये। यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘जोशीमठ में प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करना वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शीर्ष प्राथमिकताओं में है।बयान में कहा गया है कि प्रभावित लोगों को ठंड से बचाने के लिए अस्थाई राहत केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, 76 परिवारों को हीटर और ब्लोअर, 110 लोगों को गर्म पोशाकें, 175 को गर्म पानी की बोतलें, 516 को ऊनी टोपी, 280 को गर्म मोजे और 196 लोगों को शॉल की आपूर्ति की गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 771 लोगों को खाद्यान्न, 601 को कंबल और 114 को दैनिक इस्तेमाल की चीजों की आपूर्ति की गई है। बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों तथा अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग के लिए मशहूर औली के लिए प्रवेश द्वार कहलाने वाला जोशीमठ इमारतों, सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं में दिखाई देने वाली दरारों के कारण संकट में दिखाई दे रहा है। भीषण सर्दी में प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने को लेकर राज्य सरकार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।



























