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क्रेडिट कार्ड बकाया जनवरी में 29.6 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
नयी दिल्ली. कोविड-19 महामारी के बाद उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ने और डिजिटलीकरण में तेजी से जनवरी, 2023 में क्रेडिट कार्ड का बकाया 29.6 प्रतिशत बढ़कर 1.87 लाख करोड़ के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह के दौरान क्रेडिट कार्ड का बकाया 20 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ गया। जून में सर्वाधिक 30.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। एसबीआई कार्ड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रामा मोहन राव अमारा ने बताया, ‘‘कई श्रेणियों का डिजिटलीकरण होने के चलते मौजूदा ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड के जरिये अधिक खर्च कर रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि सुगमता से भुगतान करने की सुविधा ने वृद्धि में निश्चित ही योगदान दिया है खासकर स्वास्थ्य एवं फिटनेस, शिक्षा, पानी-बिजली के बिल आदि श्रेणियों में। क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को लेकर मासिक रुझानों के बारे में राव ने कहा कि बीते कुछ महीनों से क्रेडिट कार्ड के जरिये खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है। इस वर्ष जनवरी में क्रेडिट कार्ड के जरिये 1.28 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए जो दिसंबर, 2022 में 1.26 लाख करोड़ रुपये थे। राव ने बताया कि सालाना आधार पर यह वृद्धि 45 प्रतिशत है और बीते 11 महीनों से क्रेडिट कार्ड से व्यय एक लाख करोड़ रुपये से अधिक बना हुआ है। जनवरी, 2023 के अंत तक विभिन्न बैंकों ने करीब 8.25 करोड़ क्रेडिट कार्ड जारी किए थे। क्रेडिट कार्ड जारी करने के मामले में देश के पांच शीर्ष बैंक हैं एचडीएफसी बैंक, एसबीआई कार्ड, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक बैंक। रिजर्व बैंक के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि जनवरी, 2023 में क्रेडिट कार्ड बकाया में वार्षिक वृद्धि 29.6 प्रतिशत रही जो एक साल पहले समान महीने में करीब 10 प्रतिशत थी। जनवरी, 2022 में बकाया राशि 1,41,254 करोड़ रुपये थी जो जनवरी 2023 में बढ़कर 1,86,783 करोड़ रुपये हो गई। -
नयी दिल्ली. व्यापार के बजाय देश की घरेलू अर्थव्यवस्था भारत की वृद्धि का प्रमुख इंजन है। मूडीज एनालिटिक्स ने मंगलवार को यह बात कही। मूडीज ने इसके साथ ही कहा कि पिछले साल के आखिर में अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती अस्थायी ही होगी। सरकार ने पिछले सप्ताह जो आंकड़े जारी किए उनसे पता चलता है कि अक्टूबर-दिसंबर, 2022 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि घटकर 4.4 प्रतिशत रह गई जो तीन तिमाहियों का निचला स्तर है। इसकी मुख्य वजह निजी उपभोग व्यय में कमी और विनिर्माण में नरमी है। चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निजी उपभोग की रफ्तार भी सुस्त पड़कर 2.1 प्रतिशत रह गई। मूडीज ने इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सालाना आधार पर वृद्धि में उल्लेखनीय कमी आई है। 2021 की दूसरी तिमाही में जब कोविड-19 का अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा था उसके बाद से यह पहली बार है जब निजी खपत की वजह से पूरी जीडीपी की रफ्तार मंद पड़ी है। इसमें कहा गया, ‘‘हमारा मानना है कि बीते वर्ष के आखिरी में रफ्तार का कम होना अस्थायी है, बल्कि कुछ हद तक लाभदायक भी होगा क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था के पूरी तरह से रुके बिना मांग संबंधी दबाव दूर होने में मदद मिलेगी। अमेरिका और यूरोप में शुरुआती पुनरुद्धार में बेहतर वृद्धि का लाभ भी साल के मध्य में भारत को मिलेगा।'' मूडीज ने कहा कि व्यापार के बजाय भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था इसकी वृद्धि का मुख्य स्रोत है। उसने कहा कि इसी बात को ध्यान में रखकर ही भारत की चौथी तिमाही के प्रदर्शन को सतर्कता से देखा जा रहा है। चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में निजी खपत व्यय से करीब से जुड़े विनिर्माण और कृषि जैसे क्षेत्रों में वृद्धि लगभग नहीं हुई या फिर संकुचन हुआ है।
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ई20 ईंधन की मांग बढ़ने की संभावना के मद्देनजर एथनॉल का ‘कैरीओवर स्टॉक' बनाने पर विचार
नयी दिल्ली.देश में ई20 ईंधन की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार अगले साल के लिए एथनॉल का कैरीओवर स्टॉक (पिछले स्टॉक से बनाया गया भंडार) बनाने की योजना बना रही है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। ई20 ईंधन पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत एथनॉल का मिश्रण है। सरकार का लक्ष्य 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का है। खाद्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव सुबोध कुमार ने कहा, ‘‘एथनॉल मिश्रण का काम अच्छी तरह से चल रहा है। पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने देश के 31 शहरों में लगभग 100 बिक्री केन्द्रों में ई20 ईंधन का वितरण शुरू कर दिया है। हमने ई20 ईंधन शुरू कर दिया है, अगर यह ठीक से चलता है तो आवश्यकता अधिक मात्रा की होगी।'' उन्होंने कहा कि चीनी की तरह सरकार एथनॉल वर्ष 2023-24 (दिसंबर-नवंबर) के लिए ओएमसी और डिस्टिलरीज के साथ ‘‘एथनॉल का कैरीओवर स्टॉक बनाने की योजना बना रही है'' और इसके लिए अधिक गन्ना शीरे का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने चालू एथनॉल वर्ष 2022-23 में 12 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण लक्ष्य रखा है, जबकि अगले वर्ष के लिए 15 प्रतिशत का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारी ने कहा, 'फरवरी के अंत तक करीब 120 करोड़ लीटर एथनॉल पेट्रोल में मिलाया जा चुका है। हम लगातार 12 प्रतिशत मिश्रण कर रहे हैं। एथनॉल की उपलब्धता और उत्पादन क्षमता इस साल के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।' चालू वर्ष के लिए, लगभग 50 लाख टन चीनी या गन्ना शीरे को एथनॉल उत्पादन के लिए उपयोग में लाये जाने का अनुमान है, जो 2021-22 में 36 लाख टन के आंकड़े से कहीं अधिक है। अधिकारी ने कहा कि अगले साल 15 प्रतिशत सम्मिश्रण लक्ष्य को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 150 करोड़ लीटर एथनॉल की जरूरत होगी और सरकार चीनी मिलों और डिस्टिलरी को उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस साल फरवरी तक एथनॉल उत्पादन क्षमता 1,040 करोड़ लीटर हो गई है। सरकार ब्याज सहायता योजना के तहत एथनॉल क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित कर रही है। अधिकारी ने कहा कि सरकार ने 243 परियोजनाओं को मंजूरी दी है और बैंकों ने पहले ही 20,334 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया है और इसमें से 11,093 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह सरकार ने आगामी परियोजनाओं की समीक्षा की और अगले 9-10 महीनों में लगभग 250-300 करोड़ लीटर एथनॉल क्षमता आ जाएगी। केंद्र ने वर्ष 2001 में एथनॉल मिश्रित प्रायोगिक परियोजना शुरू की थी और ‘फील्ड' परीक्षणों की सफलता ने अंततः जनवरी, 2003 में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया। पिछले साल भारत में पेट्रोल में 10.02 प्रतिशत एथनॉल मिलाया गया था। - नयी दिल्ली. इन्फोसिस की एक अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल प्रौद्योगिकियों से वृद्धि को प्रोत्साहन देने वाले परिचालन ढांचे एवं संस्कृति का सही मेल सिर्फ सात प्रतिशत कंपनियों में ही मौजूद है। इन्फोसिस नॉलेज इंस्टिट्यूट की यह रिपोर्ट कहती है कि उच्च गुणवत्ता और पारदर्शी आंकड़ों पर आधारित निर्णय लेने वाली और जिम्मेदार जोखिम लेने की संस्कृति के निर्माण पर जोर देने वाली कंपनियों के मुश्किल वृहद-आर्थिक परिस्थितियों में लाभप्रद वृद्धि करने की अधिक संभावनाएं हैं। इसके अलावा प्रक्रिया के बजाय उत्पादों के इर्दगिर्द अपनी गतिविधियों को संचालित करने से कंपनियों के लिए नए उत्पादों का तेजी से विपणन कर पाना संभव हो पाता है। इससे कंपनियों को शुरुआती उत्पाद पेश करने का लाभ भी मिलता है। यह रिपोर्ट अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन एवं भारत की कंपनियों में काम करने वाले करीब 2,700 अधिकारियों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण पर आधारित है। इसे दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी इन्फोसिस की वैचारिक इकाई ने तैयार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दस में से नौ कंपनियों में डिजिटल वृद्धि का लाभ उठाने के लिए अनुकूल संगठनात्मक ढांचे एवं संस्कृति का अभाव है। इसके अलावा डिजिटल प्रौद्योगिकी से पैदा होने वाले वृद्धि अवसरों का फायदा उठाने के लिए संस्कृति एवं परिचालन ढांचे का सही तालमेल भी सिर्फ सात प्रतिशत कंपनियों में ही पाया जाता है। इस रिपोर्ट में कंपनियों की सफलता के लिए तीन कारक बताए गए हैं। इनमें आंतरिक स्तर पर आंकड़ों का इस्तेमाल, जिम्मेदार जोखिम लेने के लिए संगठन के भीतर संस्कृति बनाना और उत्पादों के इर्दगिर्द कारोबार खड़ा करना शामिल हैं। लेकिन तीनों पहलुओं में संतुलन साधने का काम 10 प्रतिशत से भी कम कंपनियां कर पाई हैं।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने अपने आवास ऋण पर ब्याज की दर में रविवार को 0.40 प्रतिशत की कटौती करते हुए 8.5 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही बैंक ने एमएसएमई ऋण पर ब्याज की दरों को भी घटा दिया। बैंक एमएसएमई ऋण पर 8.4 प्रतिशत की दर से ब्याज लेना शुरू करेगा। बीओबी ने एक बयान में कहा कि ब्याज दरों में किए गए दोनों बदलाव पांच मार्च, 2023 से 31 मार्च, 2023 तक ही प्रभावी रहेंगे। बैंक ने दावा किया कि यह उद्योग में सबसे कम और सबसे प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें हैं। इसके अलावा,बैंक आवास ऋण पर प्रक्रिया शुल्क में पूरी छूट दे रहा है जबकि एमएसएमई ऋण में प्रक्रिया शुल्क पर 50 प्रतिशत की छूट दे रहा है।
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नयी दिल्ली। इस बार गर्मी का मौसम समय से पहले ही शुरू हो जाने से आइसक्रीम और शीतल पेय उत्पादों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसी स्थिति में रोजमर्रा के उपभोग वाले उत्पाद बनाने वाली एफएमसीजी और दुग्ध उत्पाद कंपनियों को इन उत्पादों की बिक्री में दहाई अंक में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
कोविड महामारी के समय लगे प्रतिबंध हटने के बाद इस गर्मी में उपभोक्ताओं की आवाजाही बढ़ने से भी उत्पादों की बिक्री में लाभ मिलेगा। इससे घर से बाहर होने वाले उत्पादों के खंड को भी दो साल के अंतराल के बाद बिक्री में उछाल की उम्मीद है। कंपनियां इस साल अपने उत्पादों की भारी मांग की उम्मीद करते हुए नई और अनूठी पेशकश लेकर आ रही हैं और इसके लिए उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है।
प्रमुख दुग्ध उत्पाद और आइसक्रीम कंपनी मदर डेयरी ने कहा कि वह तापमान बढ़ने के साथ अभी से उत्पादों की मांग में उछाल देख रही है और यह रुझान आगे भी बना रहेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक मनीष बंदलिश ने कहा, “हमने विभिन्न माध्यमों पर मांगों में वृद्धि को देखते हुए अपना भंडारण बढ़ा दिया है।” अच्छे मौसम की उम्मीद करते हुए एफएमसीजी कंपनियों ने विज्ञापनों पर भी खर्च बढ़ा दिया है।
शीतल पेय कंपनी पेप्सिको ने कहा कि वह गर्मी जल्दी आने से काफी उत्साहित है और 2023 में पेय उद्योग के लिए यह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पेप्सिको इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शीतलपेय) जॉर्ज कोवूर ने कहा, "हम आशांवित हैं कि हमारे उत्पाद गर्मी से बेहाल उपभोक्ताओं की मांग पर खरा उतरने में सफल रहेंगे।"
इसी तरह डाबर इंडिया ने भी पेय एवं ग्लूकोज उत्पादों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद जताई है। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी आदर्श शर्मा ने कहा कि अभी से उत्पादों की मांग बढ़ने लगी है और इसे देखते हुए स्टॉक को बढ़ाया जाने लगा है। -
नयी दिल्ली. देश में एक अप्रैल से सोने के उन्हीं ज़ेवरात और कलाकृतियों की बिक्री हो पाएगी जिनपर छह अंकों वाली ‘हॉलमार्क अल्फ़ान्यूमेरिक यूनीक आइडेंटिफिकेशन' (एचयूआईडी) संख्या अंकित होगी। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी है। इसका मतलब है कि 31 मार्च के बाद बिना एचयूआईडी के पुराने हॉलमार्क आभूषणों की बिक्री की अनुमति दुकानदारों को नहीं होगी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित करने के लिए सभी पक्षकारों के साथ सलाह-मशविरे के बाद इस संबंध में 18 जनवरी को फैसला किया गया था। स्वर्ण हॉलमार्क सोने की शुद्धता का प्रमाण पत्र होता है। यह 16 जून 2021 से स्वैच्छिक था। छह अंकों की एचयूआईडी संख्या को एक जुलाई 2021 से लगाया गया है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के पास मौजूद पुराने हॉलमार्क वाले आभूषण वैध रहेंगे।
- नयी दिल्ली । बजाज इलेक्ट्रिकल्स की ईपीसी इकाई को 'साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड' (एसबीपीडीसीएल) से 564.87 करोड़ रुपये का अनुबंध मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि यह अनुबंध संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत घरेलू इकाई एसबीपीडीसीएल द्वारा वस्तुओं और सेवा की आपूर्ति से संबंधित है। कंपनी ने कहा कि बिहार के सासाराम और मुंगेर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के वितरण संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संयंत्रों की आपूर्ति और उनकी अवस्थापना भी इस अनुबंध का हिस्सा है। बजाज इलेक्ट्रिकल्स ने कहा, “ये परियोजनाएं अनुबंध जारी होने के 30 महीनों के अंदर पूरी होंगी। इनका कुल मूल्य 564.87 करोड़ रुपये है।” बजाज इलेक्ट्रिकल्स देश के अग्रणी औद्योगिक घराने बजाज समूह का हिस्सा है। वित्त वर्ष 2021-22 में इसका कारोबार 4,813 करोड़ रुपये रहा था।
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नयी दिल्ली। सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती करते हुए 0.50 रुपये प्रति लीटर करने के साथ ही विमान ईंधन एटीएफ पर लगने वाले कर को शून्य कर दिया है। सरकार की तरफ से शुक्रवार रात को जारी एक आदेश में यह जानकारी दी गई। इसके साथ ही घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर लगने वाले शुल्क में हल्की वृद्धि करने का भी फैसला किया गया है। इस आदेश के मुताबिक, ओएनजीसी जैसी तेल उत्पादक कंपनियों के कच्चे तेल उत्पादन पर लगने वाले शुल्क को 4,350 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 4,400 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। जमीन एवं समुद्र के भीतर से उत्खनित कच्चे तेल का शोधन कर उसे पेट्रोल, डीजल एवं विमान ईंधन जैसे अलग-अलग ईंधनों में परिवर्तित किया जाता है। सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले कर में भी कटौती कर उसे 2.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। यह डीजल के निर्यात पर लगने वाला न्यूनतम अप्रत्याशित लाभ कर है। इसके अलावा निर्यात किए जाने वाले विमान ईंधन पर लगने वाले कर को 1.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। आदेश के मुताबिक, नई कर दरें चार मार्च की तारीख से प्रभावी हो गई हैं।यह घरेलू ईंधनों पर कर कटौती का एक पखवाड़े में दूसरा मौका है। इसके पहले 16 फरवरी को भी ईंधनों पर लगने वाले कर में कटौती की गई थी। दरअसल हर पखवाड़े में इन कर दरों की समीक्षा कर जरूरी संशोधन किए जाते हैं। सरकार ने गत वर्ष जुलाई में पहली बार तेल उत्पादक कंपनियों पर अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था।
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नई दिल्ली। सरकार ने 01 अप्रैल से हॉलमार्क वाले ऐसे स्वर्ण आभूषणों और स्वर्ण कलाकृतियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है जिन पर छह अंक का कोड नहीं होता। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय छोटे विक्रेताओं के स्तर पर भी गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में, कल भारतीय मानक ब्यूरो की समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।
मंत्रालय के अनुसार, छोटे बिक्री स्तरों पर भी गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए उत्पादों के प्रमाणन अथवा न्यूनतम मार्किंग शुल्क में 80 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी राज्यों के विक्रेताओं को 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी मिलती रहेगी। श्री गोयल ने कहा कि सरकार उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानक सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से छोटी इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, परीक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों में गुणवत्ता के प्रति जागरुकता बढ़ेगी। - मुंबईः। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बिगड़ती वित्तीय स्थिति के कारण शुक्रवार को तमिलनाडु स्थित मुसिरी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर विभिन्न प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों में पैसा निकालने पर 5,000 रुपए की सीमा लगाया जाना शामिल है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, सहकारी बैंक पर प्रतिबंध तीन मार्च को कारोबार बंद होने से छह महीने तक लागू रहेगा और समीक्षा के अधीन होगा। प्रतिबंधों के साथ, सहकारी बैंक, आरबीआई की मंजूरी के बिना, ऋण नहीं दे सकता है, कोई निवेश नहीं कर सकता है और कोई भुगतान नहीं कर सकता है। बैंक अन्य चीजों के अलावा अपनी किसी भी संपत्ति का निपटारा भी नहीं कर सकता है। रिजर्व बैंक ने कहा, ‘‘विशेष रूप से, सभी बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते में कुल शेष राशि के 5,000 रुपए से अधिक राशि के निकासी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है ...।'' इसके अलावा, पात्र जमाकर्ता जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम से पांच लाख रुपए तक की जमा राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे।हालांकि, रिजर्व बैंक ने कहा कि इन निर्देशों को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है, ‘‘बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग व्यवसाय करना जारी रखेगा।'' उसने कहा कि यह परिस्थितियों के आधार पर निर्देशों में संशोधन पर विचार कर सकता है।
- नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने स्वास्थ्य, विकास एवं जलवायु जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति की सराहना की है। गेट्स ने कहा कि देश यह दिखा रहा है जब नवाचार में निवेश किया जाता है, तो क्या-क्या संभव है। ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स ने ‘कई सुरक्षित, प्रभावी और किफायती टीके विकसित करने की अद्भुत क्षमता’ के लिए भारत की प्रशंसा की। इनमें से कई टीके विकसित करने में ‘गेट्स फाउंडेशन’ ने मदद की है।उन्होंने कहा कि इन टीकों ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान लाखों लोगों का जीवन बचाया और दुनियाभर में अन्य बीमारियों को फैलने से रोका। गेट्स ने कहा कि उन्होंने भारत की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।उन्होंने एक लेख में कहा, ‘ऐसे समय में जब दुनिया के सामने इतनी सारी चुनौतियां हैं, भारत जैसी गतिशील और रचनात्मक जगह की यात्रा से प्रेरणा मिलती है।’ गेट्स ने कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण पिछले तीन वर्षों में उन्होंने ज्यादा यात्रा नहीं की, लेकिन वह खासकर कोविड के टीके विकसित करने और भारत की स्वास्थ्य प्रणालियों में निवेश के मामलों को लेकर मोदी के संपर्क में रहे।उन्होंने कहा कि नये जीवनरक्षक टीकों के उत्पादन के अलावा, भारत उनके वितरण में भी उत्कृष्ट रहा और उसकी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली ने कोविड टीकों की 2.2 अरब से अधिक खुराक वितरित की हैं। गेट्स ने कहा कि भारत ने ‘को-विन’ नामक ऐप बनाई, जिसकी मदद से लोगों को टीकाकरण के लिए निर्धारित समय दिया गया और टीके लगने के बाद लोगों के लिए डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किये गये।उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि को-विन दुनिया के लिए एक आदर्श है और मैं इससे सहमत हूं।’ उन्होंने कहा कि भारत ने महामारी के दौरान 20 करोड़ महिलाओं सहित 30 करोड़ लोगों को आपातकालीन डिजिटल भुगतान किये। गेट्स ने कहा, ‘यह केवल इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि भारत ने डिजिटल आईडी प्रणाली (जिसे ‘आधार’ कहा जाता है) में निवेश करके और डिजिटल बैंकिंग के लिए नवोन्मेषी मंच बनाकर वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता दी है। यह याद दिलाता है कि वित्तीय समावेशन एक शानदार निवेश है।’उन्होंने गति शक्ति कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह इस बात का एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे डिजिटल प्रोद्यौगिकी सरकारों को बेहतर काम करने में मदद कर सकती है। गेट्स ने कहा कि उन्होंने इस साल भारत द्वारा G20 की अध्यक्षता किये जाने को लेकर मोदी के साथ चर्चा की और कहा कि G20 की अध्यक्षता यह दर्शाने का एक शानदार अवसर है कि कैसे देश में विकसित नवोन्मेष दुनिया को लाभान्वित कर सकते हैं।उन्होंने कहा, ‘भारत स्वास्थ्य, विकास और जलवायु के क्षेत्र में जो प्रगति कर रहा है, प्रधानमंत्री के साथ बातचीत ने मुझे उसे लेकर और भी आशावादी बना दिया है। यह देश दिखा रहा है कि जब हम नवाचार में निवेश करते हैं तो क्या-क्या संभव है। मुझे उम्मीद है कि भारत इस प्रगति को जारी रखेगा और अपने नवाचारों को दुनिया के साथ साझा करता रहेगा।’
- नई दिल्ली।. मजबूत वैश्विक रुख के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 160 रुपये की मजबूती के साथ 55,940 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 55,780 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 220 रुपये बढ़कर 64,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स (जिंस बाजार) में सोने की कीमतों में मामूली तेजी रही।’’अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तेजी के साथ 1,843 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी भी मजबूती के साथ 21.03 डॉलर प्रति औंस पर थी। रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक श्रीराम अय्यर ने कहा, ‘‘विदेशी बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में तेजी के बीच सोने की कीमतों में मजबूती आई। हालांकि, शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपये के मजबूत होने से तेजी पर कुछ अंकुश लगा।’’
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अमेजन पे (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर 3.06 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना प्रीपेड भुगतान उपकरणों (पीपीआई) और अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) से संबंधित कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने पर लगाया गया।
आरबीआई ने एक बयान में कहा, ”यह पाया गया कि संस्था केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) आवश्यकताओं पर आरबीआई के निर्देशों का पालन नहीं कर रही थी।”आरबीआई ने अमेजन पे (इंडिया) को एक कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा था कि आखिर निर्देशों का पालन न करने के लिए उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।इसके बाद कंपनी के जवाब पर विचार करने के बाद आरबीआई इस नतीजे पर पहुंचा कि उसके निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप सही हैं और ऐसे में उस पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया।केंद्रीय बैंक ने हालांकि कहा कि यह जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों के कारण लगाया गया है और इसका मकसद अमेजन पे (इंडिया) का अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर टिप्पणी करना नहीं है। अमेजन पे ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन की डिजिटल भुगतान शाखा है। - नई दिल्ली। वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी कोषों (foreign funds) की ताजा लिवाली के चलते शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स करीब 900 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी में 272 अंक से ज्यादा का उछाल आया। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 899.62 अंक या 1.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,808.97 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह 1,057.69 अंक यानी 1.79 प्रतिशत बढ़कर 59,967.04 पर पहुंच गया था। इसी तरह निफ्टी 272.45 अंक यानी 1.57 प्रतिशत बढ़कर 17,594.35 पर बंद हुआ।सेंसेक्स में भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी और टाइटन बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, नेस्ले और एशियन पेंट्स में गिरावट रही। अन्य एशियाई बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में बंद हुए।अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 12,770.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”मुद्रास्फीति के बारे में चिंता करने की तुलना में आज बाजार के पास खुश होने के अधिक कारण थे।अदाणी के शेयरों में विदेशी निवेश की रिपोर्ट के चलते पीएसयू बैंकों में तेजी आई। इससे कमजोर भावनाओं को दूर करने में मदद मिली। एफआईआई की लिवाली से इस धारणा को और बल मिला।”बता दें कि मुश्किल दौर से गुजर रहे अदाणी समूह ने अपनी चार सूचीबद्ध कंपनियों में कुछ हिस्सेदारी अमेरिकी संपत्ति प्रबंधक कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स को 15,446 करोड़ रुपये में बेची है। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.07 प्रतिशत घटकर 84.69 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था।
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नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। इससे पहले समूह ने अपनी चार सूचीबद्ध कंपनियों की कुछ हिस्सेदारी अमेरिकी संपत्ति प्रबंधन कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स को 15,446 करोड़ रुपये में बेच दी थी। अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर बीएसई पर 16.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,879.35 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। दिन के कारोबार के दौरान यह 18.56 प्रतिशत के उछाल के साथ 1,905 रुपये प्रति शेयर तक भी पहुंच गए।
तीन कारोबारी सत्रों में ग्रुप की 10 सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में 1.42 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं, अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में 9.81 प्रतिशत, अदाणी ट्रांसमिशन, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी टोटल गैस के शेयरों में पांच-पांच प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।अदाणी पावर के शेयर में 4.99 प्रतिशत बढ़त हुई। अदाणी विल्मर के शेयर 4.99 प्रतिशत, एनडीटीवी के शेयर में 4.98 प्रतिशत बढ़त और एसीसी के शेयर में 5.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। ग्रुप की ज्यादातर कंपनियों के शेयर सुबह के कारोबार में अपने उच्च स्तर पर पहुंच गये।शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 899.62 अंक या 1.53 प्रतिशत बढ़कर 59,808.97 पर पहुंच गया।अदाणी समूह ने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड, अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड और अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड में अल्पांश हिस्सेदारी अमेरिकी कंपनी को बेचे हैं।इससे पहले गुरुवार को अदाणी ग्रुप की सभी 10 सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर कारोबार के अंत में बढ़त के साथ बंद हुए थे। - नई दिल्ली। मैटर एनर्जी ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकल मैटर ऐरा लॉन्च कर दी है, जिसका मुकाबला रिवॉल्ट आरवी 400, टॉर्क क्रैटॉस और ओबेन रोर जैसी पॉपुलर इलेक्ट्रिक बाइक से मुकाबला होगा। मैटर की इलेक्ट्रिक बाइक के Aera 5000 और Aeroa 5000+ जैसे दो वेरिएंट पेश किए हैं और इनकी सिंगल चार्ज पर बैटरी रेंज 125 किलोमीटर तक की है। मैटर ऐरा भारतीय बाजार में गियर वाली पहली इलेक्ट्रिक बाइक है, जिसके लुक और फीचर्स भी जबरदस्त हैं।मैटर ऐरा के दोनों वेरिएंट की कीमतMatter Aera 5000 वेरिएंट की कीमत 1.44 लाख रुपयेMatter Aera 5000+ वेरिएंट की कीमत 1.54 लाख रुपयेमैटर ऐरा इलेक्ट्रिक बाइक में 5kWh का बैटरी पैक दिया गया है और इसमें 10.5 किलोवॉट का लिक्विड कूल्ड इलेक्ट्रिक मोटर लगा है। मैटर की इस ईवी की सबसे खास बात यह है कि यह भारत की पहली गियर वाली इलेक्ट्रिक बाइक है। इसमें 4 स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है। मैटर ऐरा को 5 घंटे में फुल चार्ज कर सकते हैं और इसकी सिंगल चार्ज रेंज 125 किलोमीटर तक की है। मैटर ऐरा इलेक्ट्रिक बाइक में LED लाइट सेटअप और बाइफंक्शनल एलईडी प्रोजेक्टर लगे हैं। इसका डिजाइन भी काफी स्पोर्टी है। मैटर ऐरा को 4 डुअल टोन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। वहीं, फीचर्स की बात करें तो इसमें 7 इंच का टच डिस्प्ले, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, पार्क असिस्ट, कीलेस एंट्री, एक्सिडेंट डिटेक्शन, ऑटो कॉल रिप्लाई और डुअल चैनल एबीएस समेत अन्य खूबियां हैं।मैटर एनर्जी की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकल मैटर ऐरा पर 3 साल की बैटरी और बाइक वॉरंटी है? इसका अहमदाबाद में पहला एक्सपीरियंस सेंटर खुलने वाला है और फिर अगले 3 वर्षों में देशभर में 20 डीलरशिप खुलने वाले हैं। फिलहाल दिल्ली, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, कोलकाता समेत अन्य शहरों में इस इलेक्ट्रिक बाइक को बुक करा सकते हैं।
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नयी दिल्ली. सभी प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में गेहूं की फसल की स्थिति सामान्य है। सरकार की एक समिति ने यह कहा है। गेहूं की फसल पर तापमान में वृद्धि के प्रभाव की निगरानी के लिए 20 फरवरी को समिति का गठन किया गया था। गेहूं की फसल की स्थिति की निगरानी के लिए कृषि विभाग द्वारा गठित समिति की एक बैठक हाल ही में आईसीएआर- भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल में आयोजित की गई थी। बृहस्पतिवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, आईएमडी, आईसीएआर, प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों के राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक में भाग लिया। गेहूं की फसल की स्थिति पर विस्तार से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्यों द्वारा चर्चा की गई, जहां गेहूं के रकबा 85 प्रतिशत से अधिक है। बयान में कहा गया, ‘‘समिति ने आकलन किया कि आज की तारीख में सभी प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में गेहूं की फसल की स्थिति सामान्य है।''
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नयी दिल्ली। दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल की 5जी सेवा के उपभोक्ताओं की संख्या मुंबई में 10 लाख को पार कर गई है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की। एयरटेल ने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर भी 5जी उपभोक्ताओं के मामले में एक करोड़ का आंकड़ा पार किया था।
सुनील मित्तल की अगुवाई वाली दूरसंचार कंपनी ने बयान में कहा कि वह मार्च, 2024 के अंत तक एयरटेल 5जी सेवा हर कस्बे और प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए तैयार है। कंपनी ने कहा, “देश में 5जी सबसे पहले एयरटेल लेकर आई और मुंबई द्रुत गति की एयरटेल 5जी प्लस सेवा लेने वाले आठ प्रमुख शहरों में शामिल है।
एयरटेल 5जी सेवा आज देशभर के 140 शहरों में उपलब्ध है।” मुंबई में एयरटेल 5जी प्लस की सेवाएं गेट वे ऑफ इंडिया, नरीमन पॉइंट, फिल्म सिटी, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, घाटकोपर और अंधेरी में मुंबई मेट्रो जंक्शन, छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनस (सीएसटी) में मिल रही हैं। भारती एयरटेल, मुंबई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विभोर गुप्ता ने कहा, “हम देशभर में और स्थानों पर भी अपना नेटवर्क पहुंचाना जारी रखेंगे।” - नयी दिल्ली। रूस की कंपनी सीजेएससी ट्रांसमैशहोल्डिंग और रेल विकास निगम लि. (टीएमएच-आरवीएनएल) के गठजोड़ ने 200 वंदेभारत ट्रेनों के विनिर्माण और रखरखाव संबंधी 58,000 करोड़ रुपये के अनुबंध के लिए सबसे कम बोली लगाई है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, टीएमएच और आरवीएनएल के गठजोड़ ने वंदेभारत की एक ट्रेन सेट के लिए 120 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। यह आईसीएफ-चेन्नई द्वारा बनाई गई वंदेभारत ट्रेनों पर आई 128 करोड़ रुपये की विनिर्माण लागत से भी कम है। सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े अनुबंध के लिए दूसरी सबसे कम बोली भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (बीएचईएल) और टीटागढ़ वैगंस के गठजोड़ ने लगाई है। बीएचईएल और टीटागढ़ वैगंस के गठजोड़ ने प्रति ट्रेन सेट 140 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि इस गठजोड़ को निविदा में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए सबसे निचली बोली के बराबर बोली लगाने का एक मौका दिया जाएगा। करीब 58,000 करोड़ रुपये मूल्य के इस अनुबंध के तहत 200 वंदेभारत ट्रेनों का विनिर्माण और 35 वर्षों तक रखरखाव का दायित्व शामिल है।
- नयी दिल्ली। त्वरित संदेश भेजने वाले मंच व्हॉट्सऐप ने शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जनवरी में 29 लाख भारतीय खातों पर रोक लगा दी। मेटा के स्वामित्व वाली व्हॉट्सऐप ने अपनी मासिक उपयोगकर्ता सुरक्षा रिपोर्ट में यह जानकारी दी। इसके मुताबिक, उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए इन खातों पर रोक लगाई गई है। इस कदम का मकसद मंच के दुरुपयोग को रोकना है। व्हॉट्सऐप के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘नवीनतम मासिक रिपोर्ट से पता चलता है कि 29 लाख से अधिक खातों पर जनवरी में रोक लगाई गई।'' इनमें से 10.38 लाख खाते व्हॉट्सऐप ने कोई शिकायत मिले बगैर अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित किए हैं।
- नयी दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने बुधवार को हुई ई-नीलामी के चौथे दौर में आटा चक्की जैसे थोक उपभोक्ताओं को 5.40 लाख टन गेहूं बेचा। पिछले तीन दौर में खाद्यान्न और गेहूं के आटे की खुदरा कीमतों को कम करने के प्रयास के तहत खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत लगभग 18.05 लाख टन गेहूं थोक उपयोगकर्ताओं को बेचा गया था। अगली साप्ताहिक ई-नीलामी आठ मार्च को होगी। एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘कुल 11.57 लाख टन गेहूं की पेशकश की गई और 23 राज्यों में 1,049 बोलीदाताओं को 5.40 लाख टन गेहूं बेचा गया।'' चौथी नीलामी के दौरान गेहूं अखिल भारतीय भारित औसत आरक्षित मूल्य 2,137.04 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचा गया था। इसमें कहा गया है कि अधिकतम मांग 100 से 499 टन की सीमा में गेहूं की मात्रा के लिए थी।बयान में कहा गया, ‘‘नीलामी के दौरान उद्धृत कुल मूल्य से पता चलता है कि बाजार नरम पड़ा है और गेहूं का मूल्य औसतन 2,200 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे है।'' इसमें कहा गया है कि फरवरी के अंत तक बोली लगाने वालों द्वारा करीब 14.35 लाख टन गेहूं का उठाव किया गया। इसका मतलब है कि ओएमएस बिक्री ने पूरे देश में गेहूं और आटा की कीमत को ठंडा करने में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है, जो कि खुली बिक्री के लिए भविष्य की निविदाओं के साथ स्थिर रहने की संभावना है।
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नई दिल्ली। . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 एचटीटी-40 बेसिक प्रशिक्षण विमान की खरीद को मंजूरी देने के सुरक्षा से संबंधित केन्द्रीय मंत्रिमंडल समिति के फैसले को महत्वपूर्ण बताया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को मजबूती देगा और उद्योग क्षेत्र को भी लाभान्वित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन कैडेट प्रशिक्षण विमानों के अधिग्रहण के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी देने का एक और फैसला नौसेना की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करेगा और इसे और मजबूत करेगा।
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नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के नवीन वैज्ञानिक उपायों का आह्वान करते हुए भारत से इसका नेतृत्व करने की अपील की है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दुनिया भर की आधुनिक अर्थव्यवस्थाएं ऊर्जा के अत्यधिक इस्तेमाल पर आधारित हैं। कुल ऊर्जा आवश्यकता की 80 प्रतिशत से अधिक निर्भरता जीवाष्म ईंधन पर है। उन्होंने कहा कि हमें भरोसेमंद और वैकल्पिक श्रोतों को अपनाने की आवश्यकता है। बिल गेट्स ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अभी विश्व भर में बदलाव हो रहा है और दुनिया को भरोसा है कि भारत इसमें केन्द्रीय भूमिका निभाएगा। श्री गेट्स ने कहा कि इसके समाधान के लिए दुनिया भर में नवाचार की आवश्यकता है और भारत से सबसे अधिक आशा है। उन्होंने कहा कि धरती का तापमान बढ़ाने वाले अधिकांश कार्बन उत्सर्जक विकसित देश हैं लेकिन इसका दुष्प्रभाव अधिकांश रूप से भूमध्य रेखा के पास के मध्य और निम्न आय वाले देशों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे उबरने के लिए व्यापक तौर पर कदम उठाने की आवश्यकता है।
- नयी दिल्ली। मसाला बोर्ड वर्ष 2030 तक 10 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल करने की रणनीति बना रहा है। एक सरकारी विज्ञप्ति में बुधवार को यह जानकारी दी गई। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले मसाला बोर्ड ने सभी अंशधारकों से उभरते बाजारों में निर्यात की खेप को बढ़ाने तथा व्यापार में आने वाली बाधाओं के संदर्भ में तरीकों के बारे में अपने सुझाव देने का आग्रह किया है। मसाला बोर्ड के सचिव डी साथियान ने कोच्चि में निर्यातकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘बोर्ड वर्ष 2030 तक मसालों के निर्यात में 10 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करने की रणनीति बना रहा है।'' इस कार्यक्रम में वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि निर्यात बाजारों के विविधीकरण तथा मसाला क्षेत्र में ‘ब्रांड इंडिया' बनाने से भारत को, मसालों के निर्यात में अधिक टिकाऊ और सहिष्णु बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर अर्थव्यवस्था के भीतर और अधिक मूल्यवर्धन होता है, तो इससे यह क्षेत्र और अधिक अनुकूल बनेगा।

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