ब्रेकिंग न्यूज़

शरद विषुव : प्रकृति को समझें, अंधविश्वास से नहीं, विज्ञान से जुड़ें

- डॉ. दिनेश मिश्र
अध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति
 रायपुर/ शरद विषुव (Autumnal Equinox) पृथ्वी की खगोलीय व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटना है। यह हमें प्रकृति की अद्भुत व्यवस्था को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर देता है।
 शरद विषुव वह खगोलीय क्षण है जब सूर्य का प्रत्यक्ष Subsolar Point भूमध्य रेखा (Equator) पर पहुँचता है। इस समय सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर लगभग लंबवत पड़ती हैं। इसके बाद सूर्य का प्रत्यक्ष मार्ग उत्तरी गोलार्ध से दक्षिणी गोलार्ध की ओर बढ़ता हुआ दिखाई देता है।
 इसके साथ ही उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु से शरद ऋतु की ओर, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में शीत ऋतु से वसंत ऋतु की ओर ऋतु परिवर्तन का क्रम आगे बढ़ता है।
 दिन और रात लगभग बराबर
 ‘Equinox’ का अर्थ Equal Night अर्थात ऐसी स्थिति है, जब दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है। हालांकि, वायुमंडलीय अपवर्तन तथा सूर्योदय और सूर्यास्त की वैज्ञानिक परिभाषाओं के कारण अधिकांश स्थानों पर दिन और रात बिल्कुल 12-12 घंटे के नहीं होते।
-भूमध्य रेखा पर ‘Zero Shadow’
 विषुव के आसपास भूमध्य रेखा पर दोपहर के समय सूर्य लगभग सिर के ठीक ऊपर दिखाई दे सकता है। इसलिए किसी सीधी खड़ी वस्तु की छाया उस समय बहुत छोटी हो सकती है और कुछ स्थानों पर लगभग ‘Zero Shadow’ जैसी स्थिति दिखाई दे सकती है।
 पृथ्वी की गति और ऋतु परिवर्तन
 ऋतु परिवर्तन के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और उसकी धुरी लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव और सूर्य के चारों ओर उसकी परिक्रमा के कारण वर्ष भर सूर्य की प्रत्यक्ष स्थिति तथा पृथ्वी के विभिन्न भागों में मिलने वाले सूर्य के प्रकाश की मात्रा बदलती रहती है।
 इसलिए सूर्य की स्थिति में होने वाले परिवर्तन, दिन-रात की अवधि और ऋतु-चक्र को किसी चमत्कार या अलौकिक घटना के रूप में देखने के बजाय इनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझना चाहिए।
 अंधविश्वास के स्थान पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण
 प्रकृति में होने वाली प्रत्येक घटना को समझने के लिए जिज्ञासा, प्रश्न करने की प्रवृत्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक है। ग्रहण, विषुव, संक्रांति, ऋतु परिवर्तन या आकाशीय घटनाओं को लेकर समाज में प्रचलित भ्रांतियों और अंधविश्वासों को तथ्यों तथा वैज्ञानिक जानकारी के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
 विज्ञान हमें डरना नहीं, समझना सिखाता है।
प्रश्न करना सिखाता है, अंधविश्वास करना नहीं।
 अतः शरद विषुव के अवसर पर आइए हम प्रकृति की इस अद्भुत खगोलीय व्यवस्था को समझें और समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं तर्कशील सोच को बढ़ावा दें।
 “प्रकृति को समझें, उसके रहस्यों को जानें।
अंधविश्वास नहीं—वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएँ।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english