ब्रेकिंग न्यूज़

 युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री

-राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
-मुख्यमंत्री ने कहा - सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना
-सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं एनएसएस स्वयंसेवक : स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति के लिए समाज को करें प्रेरित
-युवाओं के लिए शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, स्टार्टअप, एआई और खेल के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवसर
--मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को दिया जाएगा एआई प्रशिक्षण, मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान
-वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य, युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें : मुख्यमंत्री श्री साय
-नई औद्योगिक विकास नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता, डेढ़ वर्षों में मिले 8.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव
-प्रदेश में तैयार हो रहे नालंदा परिसर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा बेहतर वातावरण
-मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को किया सम्मानित
 रायपुर। युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।
 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना - ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं।उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना - ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि एनएसएस से मिले सेवा और नेतृत्व के संस्कार जीवन में कितनी दूर तक साथ चलते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है - सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस के युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में भी लोगों को इन अभियानों से जोड़ने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। जब युवा किसी अच्छे उद्देश्य के लिए आगे आते हैं तो उनके साथ परिवार, समाज और समुदाय भी जुड़ता है। इसलिए एनएसएस स्वयंसेवकों की एक छोटी पहल भी व्यापक और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है।उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में भी 1 हजार 235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जिससे इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा सहित अलग-अलग योग्यताओं वाले युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है और वर्षाकाल के बाद रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ-साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8 लाख 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं में धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।उन्होंने कहा कि उद्योग नीति तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि प्रदेश में आने वाले निवेश का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिले। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण, पुस्तकें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलते समय में रोजगार को लेकर हमारी सोच भी व्यापक होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी पाने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार, प्रतिभा और उद्यमशीलता के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने वाले भी बनें। राज्य सरकार इसके लिए स्टार्टअप और उद्यमिता का अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता, कौशल और नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपने विचारों को उद्यम में बदलें और छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में इन तकनीकों की भूमिका बढ़ेगी। इसलिए छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीक की समझ के साथ भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के साथ खेल के क्षेत्र में भी प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय नौकरी का रास्ता साफ किया गया है। सरकार चाहती है कि मैदान में कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप सम्मान और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। विकसित भारत का यह लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं का साझा संकल्प है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ के युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, परिश्रम, नवाचार और सेवा भावना इस यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति है। आज एनएसएस के माध्यम से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का जो संस्कार युवा अपने भीतर विकसित कर रहे हैं, वही आने वाले समय में उन्हें राष्ट्र निर्माण का सक्षम नेतृत्व प्रदान करेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है और शिक्षा को रोजगार तथा कौशल से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि किसी राज्य की वास्तविक शक्ति केवल उसकी भौतिक संपदा में नहीं, बल्कि उसके युवाओं की चेतना, ऊर्जा और समाज के प्रति संवेदनशीलता में निहित होती है। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाने का अवसर प्रदान करती है। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित होता है तथा वे राष्ट्रभक्त एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ते हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित कर उनके सेवा कार्यों की सराहना की।इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव श्री अविनाश चम्पावत, आयुक्त श्रीमती रीता यादव सहित राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, कार्यक्रम अधिकारी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित थे।

 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english