सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज से विद्यार्थियों को मिला नवाचार का मंच
घनश्याम सिंह गुप्त महाविद्यालय एवं शासकीय आईटीआई बालोद में आयोजित हुई कार्यशाला
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के अंतर्गत घनश्याम सिंह गुप्त महाविद्यालय एवं शासकीय आईटीआई बालोद में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन प्रक्रिया, आमंत्रित किए जा रहे आवेदनों के विभिन्न क्षेत्रों, आवेदक वर्ग तथा प्रतिभागियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई।
दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान को नवाचार के रूप में समझाया
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नवाचार का अर्थ केवल कोई बड़ा वैज्ञानिक शोध करना नहीं है। दैनिक जीवन में सामने आने वाली किसी समस्या या आवश्यकता को पहचानकर उसका उपयोगी समाधान तैयार करना भी नवाचार है। यदि किसी समस्या के लिए सरल और प्रभावी समाधान का विचार विकसित किया जाता है, तो उसे आगे बढ़ाकर उपयोगी उत्पाद या सेवा के रूप में विकसित किया जा सकता है और इससे आय का अवसर भी बनाया जा सकता है।
विद्यार्थियों से अधिक संख्या में पंजीयन की अपील
कार्यशाला में विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को सामने लाने और प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं से अधिक से अधिक संख्या में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के लिए पंजीयन कराने की अपील की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है।








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