सेवा की कहानी- बंगोली की निधि और 5 हजार रुपये की मुस्कान
0- मातृ वंदन योजना से मिली बच्चे के स्वस्थ भविष्य को संवारने की मदद
रायपुर। बच्चे का जन्म हर परिवार के लिए खुशियों का पल होता है। लेकिन छोटे बच्चे की देखभाल, पौष्टिक आहार, दवाइयों और टीकाकरण की जिम्मेदारी के साथ आर्थिक जरूरतें भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में शासन की आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बनती है। तिल्दा परियोजना के ग्राम बंगोली की निवासी निधि वर्मा के जीवन में भी मातृ वंदन योजना से मिली सहायता ने मातृत्व की जिम्मेदारियों को निभाने में मदद की है।
निधि वर्मा के घर कुछ महीने पहले पहले बच्चे का जन्म हुआ। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन सीमित आमदनी के कारण बच्चे की बेहतर देखभाल को लेकर उन्हें खर्चों की चिंता भी रहती थी। बच्चे के लिए समय पर टीकाकरण, पौष्टिक आहार और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था करना उनके लिए महत्वपूर्ण था।
इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से उन्हें शासन की मातृ वंदन योजना के तहत मिलने वाली 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की जानकारी मिली। योजना के तहत राशि उनके खाते में पहुंची, तो निधि को अपने बच्चे की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहारा मिला।
बच्चे के पोषण और स्वास्थ्य पर किया राशि का उपयोग
निधि ने मिली सहायता का उपयोग बच्चे की देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया। उन्होंने बच्चे का समय पर टीकाकरण कराया, डॉक्टर की सलाह के अनुसार पोषण और स्वास्थ्य का ध्यान रखा तथा परिवार की जरूरतों के अनुरूप पौष्टिक खाद्य सामग्री और फल की व्यवस्था की। साथ ही, बच्चे की बेहतर देखभाल के लिए अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना शुरू किया।
निधि के लिए यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि मां के रूप में अपने बच्चे की जरूरतों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण सहारा बनी। बच्चे की किलकारियां और उसकी मुस्कान उनके मन में संतोष और खुशी भर देती हैं।
ये 5 हजार रुपये मेरे बच्चे की सेहत की नींव हैं
निधि वर्मा कहती हैं, “ये 5 हजार रुपये मेरे लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि मेरे बच्चे की सेहत की नींव हैं। इस राशि से मुझे बच्चे की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। सरकार की इस योजना से मुझे मां के रूप में अपने बच्चे की बेहतर देखभाल करने का सहारा मिला है।”
आर्थिक सहायता से मातृत्व को मिला संबल
मातृ वंदन योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य एवं पोषण का ध्यान रख सकें। ग्राम बंगोली की निधि के लिए 5 हजार रुपये की यह सहायता उनके बच्चे की देखभाल में उपयोगी साबित हुई। एक मां की चिंता को राहत में बदलने वाली यह मदद स्वस्थ बचपन की दिशा में एक सार्थक कदम है।












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