पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की
लिस्बन (पुर्तगाल) . दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बृहस्पतिवार को अंतराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि वह अब पुर्तगाल के लिए नहीं खेलेंगे। रोनाल्डो ने छह फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया, यूरोपीय चैंपियनशिप खिताब जीता और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल करने का पुरुष खिलाड़ियों का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनके शानदार करियर का आगाज यूरो 2004 से कुछ समय पहले हुआ और यह दो दशक से अधिक समय तक चला। उनके शानदार करियर का अंत हालांकि निराशाजनक अंदाज में हुआ। कोच जॉर्ज जीसस के साथ मतभेद के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम से दूरी बना ली। इस 41 वर्षीय महान खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर जारी एक लंबे वीडियो संदेश में कहा, ''पुर्तगाल के लोगों, वह दिन आ गया है जब मैं अपनी राष्ट्रीय टीम की सात नंबर की जर्सी वापस सौंप रहा हूं।'' उन्होंने कहा, ''मैंने कभी नहीं माना कि यह जर्सी सिर्फ मेरी थी, लेकिन 23 वर्षों तक इसे पहनने, इसकी गरिमा बनाये रखने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ लेकर उतरने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मुझे मिली।'' उन्होंने कहा, ''आज इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। यह फैसला लेना आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं लिए जाते, बल्कि उनमें दिल की भी भूमिका होती है। अगस्त 2003 में शुरू हुआ सफर, जिसने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी, अब समाप्त हो गया है।'' उनके लंबे समय के समकालीन लियोनेल मेस्सी ने पिछले महीने अर्जेंटीना के लिए विदाई मैच खेलने के बाद अपना अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त किया। रोनाल्डो का पुर्तगाल के लिए आखिरी मुकाबला 24 सितंबर को वेल्स के खिलाफ रहा। नेशंस लीग के इस मैच में पुर्तगाल ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। इसके बाद जीसस ने अगले मैच में रोनाल्डो को शुरुआती एकादश में जगह नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले मुकाबले में भी रोनाल्डो को शुरुआत से खिलाने की उनकी योजना नहीं है। इसके बाद रोनाल्डो ने टीम का शिविर छोड़ने का फैसला किया। जीसस ने हालांकि बाद में कहा कि रोनाल्डो का टीम में वापस स्वागत है और वापसी का फैसला उन्हें ही करना है। पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने देश के लिए रोनाल्डो के योगदान प्रति 'कृतज्ञता और सम्मान' व्यक्त करते हुए बयान जारी किया। महासंघ ने कहा, ''क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगाल की पहचान और प्रतिष्ठा को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने उन युवा पीढ़ियों को प्रेरित किया है, जो उनके नक्शेकदम पर चलने का सपना देखते हैं। हममें से बहुत से लोगों के लिए वह सर्वकालीन महानतम खिलाड़ी हैं।'' महासंघ ने यह भी कहा कि वह रोनाल्डो के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रशंसकों और पूरे देश को एक बार फिर उस खिलाड़ी की सराहना और जश्न मनाने का मौका मिलेगा, जिसने पुर्तगाल को बहुत कुछ दिया है। मेस्सी की तरह रोनाल्डो भी क्लब स्तर पर खेलना जारी रखेंगे। उम्मीद है कि सऊदी अरब के क्लब अल-नासर के साथ मौजूदा सत्र के अंत में उनका क्लब करियर भी समाप्त हो जाएगा। रोनाल्डो फिलहाल अपने करियर के 1,000 गोल से सिर्फ 15 गोल दूर है। इनमें से पुर्तगाल की ओर से 234 अंतरराष्ट्रीय मैचों में रिकॉर्ड 146 गोल भी शामिल है। रोनाल्डो ने 2003 में कजाखस्तान के खिलाफ एक मैत्री मैच में लुई फिगो की जगह मैदान पर उतरकर पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उस समय तक पुर्तगाल ने कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब नहीं जीता था। इसके बाद रोनाल्डो और उनके साथ खेलने वाली प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों ने पुर्तगाल को प्रमुख फुटबॉल टूर्नामेंटों में नियमित रूप से खेलने वाली टीम बना दिया। पुर्तगाल ने 2016 में यूरोपीय चैंपियनशिप जीतकर अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किया। इसके बाद 2019 और 2025 में नेशंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया। रोनाल्डो ने कहा, ''राष्ट्रीय टीम के साथ अपने पूरे करियर में मैंने हमेशा अपनी क्षमता से आगे बढ़कर खुद को साबित करने की कोशिश की। मैं जीतना चाहता था। मैं बेहतर बनना चाहता था। मैं इतिहास रचना चाहता था।'' उन्होंने कहा,''मैंने हमेशा खुद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की अपेक्षा की। मैं हमेशा इससे भी अधिक हासिल करना चाहता था। मुझे हमेशा विश्वास था कि हम और आगे जा सकते हैं। इस जर्सी के लिए मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया।'' रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर से पहले पुर्तगाल ने केवल तीन बार 1966, 1986 और 2002 में फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था लेकिन उनके टीम में आने के बाद पुर्तगाल ने हर विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया। यही सिलसिला यूरोपीय चैंपियनशिप में भी देखने को मिला। रोनाल्डो के आने से पहले पुर्तगाल ने केवल तीन बार 1984, 1996 और 2000 में इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। उनके आने के बाद टीम ने हर बार इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। रोनाल्डो के यूरो पदार्पण के दौरान 2004 में पुर्तगाल ने घरेलू मैदान पर फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। विश्व कप में रोनाल्डो के रहते पुर्तगाल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में रहा, जब टीम चौथे स्थान पर रही। यह रोनाल्डो का पहला विश्व कप था। इसके बाद भी पुर्तगाल लगभग हर बार खिताब के दावेदारों में शामिल रहा, हालांकि 2022 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। रोनाल्डो ने कहा, ''कुछ दोपहर और रातें बेहद शानदार रहीं। कुछ जीत ऐसी थीं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। वहीं कुछ हार ऐसी भी थीं, जिन्हें याद करने पर आज भी दर्द होता है। मैंने गलतियां कीं। मैंने तकलीफें झेलीं। ऐसे मौके भी आए, जब मैं पुर्तगाल के लोगों को वह खुशी नहीं दे सका, जिसकी उन्हें बेसब्री से उम्मीद थी। लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी और पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व करना कभी नहीं छोड़ा।'' विश्व कप में पुर्तगाल का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1966 में तीसरा स्थान हासिल करना रहा है। उस टूर्नामेंट में महान फुटबॉलर यूसेबियो ने टीम का नेतृत्व किया था। यह 1986 तक पुर्तगाल कीविश्व कप में एकमात्र भागीदारी थी। रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होगी। वह छह अलग-अलग फीफा विश्व कप में गोल करने वाले दुनिया के पहले पुरुष फुटबॉलर बने।
इस वर्ष के विश्व कप में उनके गोलों की संख्या 11 हो गई, जिससे उन्होंने यूसेबियो के नौ गोल के पुर्तगाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने 2004 से 2026 तक लगातार 23 कैलेंडर वर्षों में पुर्तगाल के लिए गोल किए। पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 200 मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने। उनके नाम अब तक 234 अंतरराष्ट्रीय मैच दर्ज हैं, जो इस श्रेणी में सर्वाधिक हैं। रोनाल्डो के नाम यूरोपीय चैंपियनशिप में सर्वाधिक 30 मैच खेलने और 14 गोल करने का रिकॉर्ड है।
रोनाल्डो का पहला अंतरराष्ट्रीय गोल यूरो 2004 में आया था। उस टूर्नामेंट में मेजबान पुर्तगाल को फाइनल में यूनान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई की घोषणा करने वाले वीडियो में रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर के कई यादगार पलों और पुर्तगाल के प्रशंसकों के उत्साह की झलकियां भी शामिल थीं। वीडियो के अंत में रोनाल्डो ने कहा, ''मैंने अपनी पूरी जिंदगी दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने के लिए मेहनत की। आज मुझे एहसास हुआ है कि मेरी सबसे बड़ी जीत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देश का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान हासिल करना था।'' उन्होंने कहा, ''इन 23 वर्षों के लिए धन्यवाद। मुझ पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद। मुझे उस सपने को जीने का मौका देने के लिए धन्यवाद, जिसकी शुरुआत मदीरा में एक छोटे से बच्चे के रूप में फुटबॉल के पीछे दौड़ने से हुई थी। रोनाल्डो ने कहा, ''सात नंबर की जर्सी हमेशा बनी रहेगी। इसे पहनने का गर्व हमेशा मेरे साथ रहेगा।''








.jpeg)
.jpg)
Leave A Comment