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- रायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ज़िला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में संचालित योगिता टी स्टॉल में प्रतिबंधित सामग्री (गुटखा पाउच) इत्यादि पाए जाने पर उन्होंने तत्काल सामान जब्त किया। साथ ही उन्होंने दुकान संचालक पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकान संचालक को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की गुटखा, तंबाकू या अन्य प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है। भविष्य में पुनः ऐसी सामग्री मिलने पर दुकान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर । प्रशासनिक पारदर्शिता, शोध सुविधा एवं ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायपुर में प्रशासनिक एवं ऐतिहासिक प्रोजेक्ट दस्तावेज ग्रंथालय की स्थापना की गई है। यह पहल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में की गई है।इस पहल के अंतर्गत अविभाजित मध्यप्रदेश काल के ऐतिहासिक नियम-कानून, अधिनियम, विधानसभा एवं विधान परिषद की कार्यवाहियों सहित अन्य महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों का सुव्यवस्थित संकलन किया गया है। अब तक 1062 से अधिक पुस्तकों एवं अभिलेखों का संग्रह किया जा चुका है। इनमें वर्ष 1911 से 1971 तक की जनगणना से संबंधित पुस्तकें तथा प्रशासनिक, विधायी एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। इस संग्रह से प्रशासन, शोध एवं विधिक कार्यों में व्यापक लाभ मिलेगा। इसमें राजस्व, वित्त, योजना, कृषि, सिंचाई, अभिलेख, जेल सहित विभिन्न विभागों के अभिलेख, उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायिक संदर्भ सामग्री भी उपलब्ध है। यह संग्रह प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विधि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त संदर्भ केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन के मार्गदर्शन में जिला पंचायत कार्यालय के द्वितीय तल पर इस प्रोजेक्ट दस्तावेज ग्रंथालय को सुव्यवस्थित किया गया है, जहां पाठकगण अध्ययन हेतु उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल प्रदेश की प्रशासनिक एवं विधायी धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ सुशासन, पारदर्शिता एवं ज्ञान-आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है। भविष्य में इन दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की भी योजना है, जिससे इतिहासकारों एवं शोधार्थियों को और अधिक सुविधा मिल सके।
- रायपुर । प्रदेश के कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने बजट में कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किए गए आश्वासन को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट भाषण में औपचारिक रूप से शामिल करते हुए इसे लागू करने की घोषणा की।राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ए.के. चेलक एवं प्रदेश महामंत्री श्री बोधी राम निषाद ने संयुक्त वक्तव्य जारी कर कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के हित में ऐतिहासिक एवं बहुप्रतीक्षित कदम है।उल्लेखनीय है कि 11 जनवरी 2026 को रायपुर में आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी। उसी अवसर पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग भी प्रमुखता से रखी गई थी, जिस पर शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया गया था। बजट में की गई घोषणा से यह वादा पूरा हुआ है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते चिकित्सा व्यय एवं गंभीर बीमारियों के उपचार की ऊंची लागत कर्मचारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। कैशलेस चिकित्सा योजना लागू होने से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार की सुविधा प्राप्त होगी तथा आर्थिक बोझ में कमी आएगी।
- रायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज पशु चिकित्सा कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आधार आधारित उपस्थिति (Aadhaar Based Attendance) की जांच की तथा उपस्थिति पंजी एवं डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान किया।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से आधार आधारित उपस्थिति दर्ज करें तथा समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करें।कलेक्टर ने कार्यालय के स्टोर रूम एवं अन्य कक्षों का भी निरीक्षण किया एवं वहां उपलब्ध दवाइयों, उपकरणों एवं अन्य सामग्रियों की स्थिति की जानकारी ली तथा स्टॉक रजिस्टर का परीक्षण किया।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पशु चिकित्सा सेवाएं ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए कार्यालय की कार्यप्रणाली सुव्यवस्थित होनी चाहिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, संयुक्त संचालक पशु स्वास्थ्य सेवाएं डॉ शंकर लाल उइके सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -आधुनिक डिजिटल टूल्स से हो रहे परिचितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक 2614 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- रायपुर /कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिहं ने डाक सेवकों की ली समीक्षा बैठक। कलेक्टर डॉ. सिंह ने डाक सेवकों को निर्देशित करते हुए कहा कि आप सभी रोजाना अपने डाक घरों में 0 से 05 वर्ष की आयु के बच्चों का आधार कार्ड बनाने का लक्ष्य 25 से अधिक रखें ताकि सभी बच्चों का आधार कार्ड जल्द से जल्द बन सके एवं आप सभी अपनी डेली मॉनिटरिंग रिपोर्ट भेजें। डाक सेवक यह सुनिश्चित करें कि शासन की इस महत्वकांशी योजना का लाभ हर नागरिक को मिले।कलेक्टर ने परिजनों से आग्रह किया कि जिनके बच्चों की उम्र 0 से 05 वर्ष की है वे 31 मार्च से पूर्व निःशुल्क रूप से अपने बच्चों का आधार कार्ड बनवालें, मार्च 2026 के बाद यूआईडीएआई द्वारा आधार कार्ड बनाने पर शुल्क लिया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -डूंडा में करीब 50 करोड़ मूल्य की जमीन को कराया गया मुक्त-329 स्थानों पर अवैध प्लाटिंग सहित 675 प्रमुख स्थानों पर की गई सख़्त कार्यवाहीरायपुर / टीम प्रहरी द्वारा रोजाना राजधानी की प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण हटाने, अवैध प्लॉटिंग एवं यातायात व्यवस्थित करने के लिए कार्रवाई की जाती है। रायपुर शहर में अब तक 329 स्थानों पर अवैध प्लाटिंग की शिकायतों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गयी है। अब तक शहर के 675 प्रमुख स्थानों पर कार्यवाही की जा चुकी है एवं नियमों का उल्लघन करने वालों पर 65 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। टीम प्रहरी द्वारा मालवीय रोड तेलीबांधा रोड, संतोषी नगर चौक, पचपेड़ी नाका चौक, गौरव पथ, एन.आई.टी. कॉलेज के सामने, टाटीबंध, समता कालोनी, लालपुर चौक, अम्लीडीह मार्ग, तेलीबांधा चौक से मरीन ड्राइव चौक तक, जेल रोड फाफाडीह चौक, मौदहापारा, घड़ी चौक, जयस्तंभ चौक, विधानसभा एवं अवंति विहार मुख्य मार्ग सहित अन्य स्थानों पर जाकर अतिक्रमण हटाने एवं रायपुर में अवैध निर्माण पर रोकथाम की कार्यवाही करते हैं। हाल ही में सेक्टर-10 डूंडा क्षेत्र में आर.डी.ए. की 26 एकड़ भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया, जिसका अनुमानित वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 50 करोड़ रूपये है। यह भूमि पुनः रायपुर विकास प्राधिकरण को वापस सौंप दी गयी है।उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा 25 जनवरी 2025 को ‘टीम प्रहरी’ की शुरूआत की गई थी। जिसका उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था और अवैध अतिक्रमण को हटाना है। इस टीम में रायपुर नगर पालिक निगम के 30 पुरुष एवं 20 महिला सदस्य, जिला प्रशासन के 05 अधिकारी, पुलिस विभाग के 15 जवान और यातायात विभाग के 10 अधिकारी शामिल हैैं।
- रायपुर /कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आज जिला चिकित्सालय पंडरी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर डॉ. सिंह ने जीवनदीप समिति के कर्मचारी श्री सूरज सोनी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आदेशित किया कि निर्देशों की अवहेलना एवं कार्य में शिथिलता के कारण उनकी वेतन वृद्धि रोकी जाए। डॉ. सिंह ने संबंधित सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर कार्यरत अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन उपस्थित रहे।
- -कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, एक्शन मोड में जिला प्रशासनरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संभावित हीटवेव की स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय में की गई तैयारियों का निरीक्षण किया। कलेक्टर के निर्देशानुसार अस्पताल में बाथ टब एवं बर्फ बनाने की मशीन इंस्टॉल की गई है, ताकि लू या अत्यधिक गर्मी से प्रभावित मरीजों को तत्काल राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने आपातकालीन वार्ड में आवश्यक दवाओं, ओआरएस एवं शीतल पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को गर्मी के मौसम में बढ़ने वाले स्वास्थ्य संबंधी मामलों के मद्देनजर पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः सतर्क है।
- रायपुर, / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आज जिला चिकित्सालय पंडरी के निरीक्षण के दौरान आईसीयू में भर्ती कुशालपुर निवासी नंदिता की माता श्रीमती राजनंदिनी से मुलाकात कर उपचार की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मरीज की तबीयत में सुधार है और उपचार जारी है। कलेक्टर ने चिकित्सकों को गंभीर मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके पश्चात कलेक्टर दीर्घायु वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती मनीष, उनकी माता निर्मला बघेल तथा तुषार और उनकी माता निशा मानिकपुरी से चर्चा की। उन्होंने बढ़ी शुगर की शिकायत के साथ भर्ती 53 वर्षीय श्री पंकज पारेख से भी हाल चाल पूछा। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं एवं दवाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- रायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक टेबल पर उंगली फिराई तो धूल की परत उनकी उंगली पर लग गई जिसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकारा और ठीक से सफाई न रखने के लिए नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि अस्पताल में साफ-सफाई न रखने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इसका विशेष ख्याल रखा जाए।उन्होंने चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा या असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि अस्पताल के मुख्य द्वार पर हेल्प डेस्क बनाये जहा बैठे कर्मचारी अस्पताल आने वाले मरीजों एवं परिजनों का उचित मार्गदर्शन कर सकें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे
- रायपुर, । अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर ने पीएम श्री स्कूल खोरपा, शासकीय उचित मूल्य दुकान खोरपा एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोरपा अभनपुर का निरीक्षण किया ।निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री राठौर ने स्कूल में विद्यार्थीयों लिए पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व शासकीय उचित मूल्य दुकान में चावल और नमन का जांच किया।
- -आरंग विकासखण्ड के स्कूलों में ‘यू-शेप’ में बैठने की, की गई व्यव्स्था, बच्चों में खत्म हूई झिझक, बढ़ा संवादरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा ‘Project U-Shape’ आरंभ किया गया है। जिसके तहत आरंग विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला गिधवा में वर्षों से चली आ रही पारंपरिक बैठने की व्यवस्था को बदलते हुए स्कूलों में नई बैठक व्यवस्था प्रस्तुत की गई है। अब बच्चे पंक्तियों में पीछे छूटने के बजाय ‘यू-आकार’ में बैठते हैं, जहाँ हर छात्र शिक्षक की सीधी दृष्टि में होता है। ब्लैकबोर्ड-केंद्रित व्यवस्था के स्थान पर यह पूर्णतः ‘छात्र-केंद्रित’ मॉडल है, जो सक्रिय अधिगम (Active Learning) को बढ़ावा देता है। यू-शेप में बैठने से विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद (Peer Learning) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बच्चे एक-दूसरे को देखते और सुनते हुए चर्चा में भाग लेते हैं। इससे झिझक कम हुई है और आत्मविश्वास में वृद्धि देखी गई है। समूह गतिविधियों और कक्षा चर्चाओं का संचालन भी अब अधिक प्रभावी ढंग से हो पा रहा है।पालकों और विद्यार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया स्कूलों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार विद्यार्थियों में उत्साह स्पष्ट रूप से बढ़ा है। बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल जाने के लिए प्रेरित दिखाई देते हैं। पालकों का कहना है कि उनके बच्चों की एकाग्रता में सुधार हुआ है और वे घर लौटकर स्कूल की गतिविधियों के बारे में उत्साहपूर्वक चर्चा करते हैं।Project U-Shape केवल बैठने की नई व्यवस्था नहीं, बल्कि शिक्षण प्रक्रिया में सकारात्मक परिवर्तन की एक सशक्त शुरुआत है।
- रायपुर । आरंग एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा ने 10वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र पीएम श्री शासकीय वीरांगना अवंतीबाई लोधी प्राथमिक शाला आरंग, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल रीवा एवं भानसोज व प्राइवेट सर्वोदय हायर सेकेंडरी स्कूल फ़रफौद का निरीक्षण किया ।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा ने परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों के लिए पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए।
- रायपुर । रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे ने 10वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र पीएम श्री हायर सेकेंडरी स्कूल माना कैंप रायपुर निरीक्षण किया ।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री चौबे ने परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों के लिए पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।
- राजनांदगांव । आज भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय, राजनांदगांव में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के वर्ष 2026-27 के बजट का सीधा प्रसारण सामूहिक रूप से देखा गया। इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत , योगेश दत्त मिश्रा,रवि सिन्हा, दादूराम सोनकर, गिन्नी चावला , नादान सेन , मूलचंद लोधी,दीपक सिन्हा ,रमेश सोनवानी एवं अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने बजट को प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों, कर्मचारियों एवं व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्गों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना के विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन तथा रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है।पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करेगा तथा विकास की गति को और तेज करेगा। ग्रामीण सड़कों, नगरीय विकास, पेयजल, विद्युत, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास से जुड़े प्रावधानों की सराहना की गई।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम जनता के सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने का रोडमैप है। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से हर वर्ग को लाभ मिलेगा और छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने बजट के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया तथा इसे जनहितैषी और विकासोन्मुखी बजट बताया।
- रायपुर / विद्यालय की बगिया से थाली तक एक अनूठी पहल है, जिसमें छात्र स्कूल परिसर में उगी ताजी, जैविक सब्जियां सीधे अपने मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) में खाते हैं। यह न केवल पौष्टिक आहार सुनिश्चित करता है, बल्कि छात्रों को प्रकृति, श्रम और खेती का व्यावहारिक ज्ञान भी देता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं।छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर के विद्यालयों में किचन गार्डन की एक अनूठी पहल बच्चों के पोषण और व्यावहारिक शिक्षा दोनों को नई दिशा दे रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला पतरापाली का किचन गार्डन पोषण सुदृढ़ीकरण का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। विद्यालय परिसर में शिक्षकों के मार्गदर्शन में विकसित इस बगीचे से नियमित रूप से ताज़ी एवं पौष्टिक सब्जियाँ प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें मध्यान्ह भोजन में शामिल कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किचन गार्डन से लगभग 4 किलोग्राम ताज़ी सेमी (फली) की तुड़ाई की।बच्चों ने स्वयं पौधों की देखभाल, सिंचाई, निदाई-गुड़ाई और तुड़ाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे उन्होंने श्रम का महत्व तो समझा ही, साथ ही कृषि एवं पर्यावरण के प्रति व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित किया। विद्यालय के शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना, जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। ताज़ी सब्जियों के उपयोग से मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है।विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में प्रकृति प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करती हैं। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक कृष्णकुमार यादव, अनिता सिंह, योगेश साहू, रघुनाथ जायसवाल सहित अभिभावकगण एवं स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएँ बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। विद्यालय प्रशासन ने संकल्प व्यक्त किया है कि आगे भी किचन गार्डन में विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती जारी रखी जाएगी, ताकि बच्चों को पोषण और ज्ञान दोनों निरंतर मिलते रहें।
- -प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।
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रायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 को प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में दूरदर्शी, संतुलित और विकासोन्मुख बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त कार्ययोजना है।
उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 5 करोड़ रुपए से अधिक तथा गृह विभाग के लिए 8,380 करोड़ रुपए का प्रावधान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। शिक्षा, कौशल विकास, अधोसंरचना, निवेश, अंत्योदय, आजीविका और कुशल मानव संसाधन निर्माण पर केंद्रित यह बजट सर्वस्पर्शी विकास का प्रतीक है। आवासहीनों को सम्मानजनक जीवन देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना एवं विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए 4-4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान राज्य की संवेदनशील और प्रतिबद्ध सरकार का प्रमाण है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद के प्रभाव से उबरते बस्तर में अब विकास की नई धारा बहेगी। 1500 बस्तर फाइटरों की भर्ती स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाली एजुकेशन सिटी क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगी।प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण और 200 करोड़ रुपए के आवास निर्माण हेतु तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान जनजातीय अंचलों के समग्र उत्थान का मार्ग प्रशस्त करेगा।सीजी एसीई योजना के लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान कर राज्य सरकार ने नीट, जेईई, क्लैट, यूपीएससी, सीजीपीएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मजबूत आधार दिया है। मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को रेंटल आवास सुविधा हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित कवर्धा, रायगढ़, जशपुर और जगदलपुर में नए सीजीआईटी संस्थानों के लिए 38 करोड़ रुपए तथा 36 सीजी इनोवेशन केंद्र एवं एसटीपीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 35 करोड़ रुपए का प्रावधान युवाओं को तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊर्जा देगा।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 1725 करोड़ रुपए से 70 नई सड़कों और 21 पुलों का निर्माण किया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 150 से अधिक नई सड़कों के लिए 475 करोड़ रुपए का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेगा।बजट में बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़, सक्ती और बलरामपुर में 5 नए साइबर थानों की स्थापना, 15 नए पुलिस थानों का गठन और 25 थानों के नवीन भवन निर्माण का प्रावधान राज्य में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का संकेत है। महिला अपराधों की रोकथाम हेतु महिला थानों की संख्या बढ़ाकर 10 करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। अपराध विवेचना को वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित बनाने के लिए सीन ऑफ क्राइम यूनिट हेतु 3.50 करोड़ रुपये का प्रावधान पुलिस तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में सराहनीय पहल है।मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से एआई टैलेंट विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक एआई मानचित्र पर स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं निपुण (NIPUN) मिशन युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाने की दिशा में नई संभावनाएं खोलेगा।बवरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता बनाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में 'सियान गुड़ी' को वरिष्ठ नागरिकों के डे-केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा जो समाज के विकास में एक बेहतर कदम है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, युवाओं को व्यापक अवसर प्रदान करेगा और ग्रामीण-शहरी संतुलन के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा। -
- -महिलाओं की सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मिला सशक्त आधार
-रानी दुर्गावती योजना से बेटियों को 1.50 लाख रुपए की सहायता-मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना से महिला उद्यमिता को प्रोत्साहनरायपुर ।छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे ‘महतारी गौरव वर्ष’ के संकल्पों को साकार करने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट बताया।उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को समर्पित है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों के आत्मविश्वास को सशक्त करने का ठोस खाका है। सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को नीति के केंद्र में रखकर समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश दिया है।महिला उद्यमिता को नया आयाममंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को राज्य एवं देश के सफल आजीविका मॉडलों का अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और महिला उद्यमिता को नई दिशा प्राप्त होगी।सुरक्षित और सशक्त सामाजिक ढांचामहिलाओं के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करने हेतु 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये सदन महिला संवाद, प्रशिक्षण, परामर्श और सामाजिक सहयोग के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त मंच मिलेगा।पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूतीप्रदेश में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती माताओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य कुपोषण के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है।बेटियों के भविष्य को आर्थिक संबलमंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से रानी दुर्गावती योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 18 वर्ष पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार बनेगी।सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदममंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “महतारी गौरव वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि माताओं और बेटियों के स्वाभिमान, अधिकार और सशक्तिकरण का संकल्प है। यह बजट सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवेदनशील शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा तथा आने वाले वर्षों में लाखों महिलाओं और बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा। -
-उप मुख्यमंत्री ने नए बजट को बताया विकसित छत्तीसगढ़ की ओर निर्णायक कदम बढ़ाने वाला, हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए है प्रावधान
रायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज विधानसभा में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत श्री विष्णु देव साय सरकार के तीसरे बजट को राज्य के विकास को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाला बजट बताया है। उन्होंने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम जिस संकल्प को लेकर सरकार में आए हैं, यह बजट ठीक उसी के अनुरूप है। छत्तीसगढ़ को हमने बनाया है और हम ही इसे संवारेंगे। छत्तीसगढ़ को संवारने का यह बजट एक-एक क्षेत्र, एक-एक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का बजट है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट हर क्षेत्र और हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें अनेक नई योजनाओं और नवाचारी प्रावधानों को शामिल किया गया है। राज्य के शहरों को आधुनिक और सुविधासंपन्न बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना’ का प्रावधान किया गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सड़क अधोसंरचना को नई गति देने के लिए ‘द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना’ भी इसमें शामिल है। इन योजनाओं से शहरी विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।श्री साव ने कहा कि नया बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगा और युवाओं, किसानों, महिलाओं तथा व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी विकास सुनिश्चित करना है जिससे हर नागरिक को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का मूल संकल्प है और यह बजट उसी दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम है। प्रदेश के लोगों के विश्वास और अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए सरकार आगामी वर्षों में विकास की रफ्तार को और तेज करेगी। प्रदेशवासियों के कल्याण और समग्र विकास को केंद्र में रखकर यह बजट तैयार किया गया है। -
- रायपुर । कृषि और आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट ‘संकल्प’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट संकल्प राज्य के किसानों गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए मील का पत्थर का साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रहा है। विगत वर्षो में प्रस्तुत बजट, ज्ञान, गति के बाद अब संकल्प राज्य के उत्तरोतर विकास के लिए राह आसान करेगी। इसके साथ ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत /2047 की संकल्पों को पूरा करने में भी सहायक होगी।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह बजट राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कृषि को मजबूत करने वाला है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करेगा। जनजातीय सुरगुड़ी स्टूडियो के लिए बजट प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ का प्रावधान है। पिछड़ा वर्ग के हित में विभागाध्यक्ष भवन के लिए बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा आवास निर्माण के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम पंचायतों में बैगा एवं पुजारी के लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निश्चित ही यह बजट राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।मंत्री श्री नेताम ने प्रतिक्रिया में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि हमारी संस्कृति है। किसानों के खाते में विगत इन तीन वर्षों में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हो चुका है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी। मार्कफेड को धान उपार्जन के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आलू प्रदर्शन विकास योजना की शुरुआत होगी। आईजीकेव्ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान है। किसानों और मजदूरों के दुर्घटना बीमा के लिए बजट प्रावधान किया गया है।भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़ रुपये, कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये, पीएम कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 130 करोड़ रुपये, पीएम मत्स्य संपदा योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, डेयरी विकास के लिए 90 करोड़ रुपये समग्र पशु संवर्धन योजना के लिए 8 करोड़ रुपये तथा पशुओं को साल भर हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए हरा चारा उत्पादन हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट किसानों की आय बढ़ाने सिंचाई बीमा और पशुपालन को मजबूत करने पर केंद्रित है जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। आदिवासी और पिछड़े वर्गों के उत्थान से समावेशी विकास सुनिश्चित होगा। -
-खेल से सुदृढ़ होता है राष्ट्र निर्माण - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर । प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई में चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का सोमवार को विधिवत शुभारंभ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेल और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 24 से 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में देशभर की पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 30 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें लगभग 450 खिलाड़ी शामिल हैं। विशेष बात यह है कि 10 राज्यों के 30 से अधिक ओलंपिक, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और साउथ एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें अर्जुन पुरस्कार विजेता असम के डीएसपी श्री जनता तालुकार एवं राजस्थान के डीएसपी श्री रजत चौहान भी प्रतियोगी के रूप में शामिल हुए।अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस बल केवल कानून - व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता से पुलिस बलों के बीच समन्वय, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ को इसकी मेजबानी मिलना राज्य के लिए गर्व का विषय है।पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि खेल गतिविधियां पुलिस बलों में शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन और अनुशासन को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।इस कार्यक्रम में दुर्ग नगर की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, एडीजी श्री एस.आर.पी. कल्लूरी, एडीजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल श्री विवेकानंद सिन्हा, आईजी श्री ओ.पी. पाल, आईजी श्री अजय यादव, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, आईजी श्री बी.एस. ध्रुव, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, डीआईजी श्री एम.आर. आहिरे, डीआईजी मध्य रेंज एवं आयोजन सचिव श्री सदानंद कुमार, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री राठौर तथा प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी कमांडेंट एवं पुलिस खेल अधिकारी श्री राजेश कुकरेजा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही पद्मश्री सम्मानित समसाद बेगम, श्री भारती बंधू, श्री आलोक निरंजन एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। -
-राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक: स्वास्थ्य मंत्री
-स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट में मिली प्राथमिकता पर स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का जताया आभाररायपुर ।छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली ऐतिहासिक प्राथमिकता पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह इस सरकार का तीसरा बजट है, जो प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो वर्षो में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यो की दिशा में आगे बढने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है।स्वास्थ्य मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बजट प्रदेश के लिए लाभदायक और हर वर्ग के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री की वित्तीय प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग को व्यापक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक है।मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि बजट में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर एवं धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण, रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तरों वाले एमसीएच की स्थापना तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगी।उन्होंने कहा कि दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र, दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टिट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।इसके साथ ही 25 डायलिसिस केंद्र, 50 जन औषधि केंद्र तथा 25 से अधिक PHC, SHC एवं CHC भवन निर्माण का प्रावधान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट तथा रायपुर में राज्य के पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना को भी मंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय बताया।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। मंत्री श्री जायसवाल ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के प्रति मैं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। - प्रो.बी. एल. सोनेकरअर्थशास्त्र अध्ययन शालापं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर (छ.ग.)
-रायपुर। बजट 2026-27 : छत्तीसगढ का बजट 2026-27 में GYAN और GATI को बढ़ाते हुए SANKALP पर बल दिया गया है।
S. समावेशी विकासA. अधोसंरचनाN. निवेशK. कुशल मानव संसाधनA.अंत्योदयL.लाइवलीहुडP.पॉलिसी से परिणामS. समावेशी विकास व आर्थिक असमानता दूर करने* के लिए पिछड़े क्षेत्र (बस्तर व सरगुजा पर) विशेष ध्यान दिया गया। परिवहन-मुख्यमंत्री बस सेवा पिछड़े क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुगम होगा व इन क्षेत्रों में पर्यटनको बढ़ावा मिलेगा तथा इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को Available, Affordable, Accessible बनाने के लिए नए संस्थान मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज खोलने के प्रस्ताव से स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता के स्तर को बेहतर करने में कारगर साबित होगा।A .अधोसंरचना निर्माणछ्रुतगामी सड़क योजना जिससें आर्थिक केंद्र जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने में एक अहम पहल है। यात्री उड़ानों को पुनः शुरू होने से क्षेत्र में एयर कनेक्टिविटी बेहतर होगी जिससे ट्रैवल टाइम घटेगा।N. निवेशउद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को सब्सिडी में तीन गुना वृद्धि से रोजगार के नए अवसर के साथ-साथ उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ में क्रिटिकल मिनरल की खोज पर बल दिया जा रहा है जो भविष्य में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।K .कुशल मानव संसाधनकॉलेज को Center of Excellence के रूप में उन्यन करने हेतु 5 महाविद्यालयों को चुना गया है।जो अन्य सस्थानों के लिए भी एक रोल मॉडल का काम करेंगे और यह केवल पढ़ने लिखने तक सीमित न होकर नवाचार में वृद्धि करने में सहायक होगा। उच्च शिक्षा में अनुदान में वृद्धि करते हुए 731 करोड़ का प्रावधान है तथा कौशल विकास पर फोकस करते हुए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।A .अंत्योदयजनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए सुरगुडी स्टूडियो की पहल की गईहै। प्रवासी मजदूरों के लिए नया रायपुर में प्रवासी मजदूर आवासीय परिसर की स्थापना से प्रवासी मजदूरों को आवास की सुविधा मिलेगी, जिससे प्रवासी मजदूरों को लाभ होगा।L. लाइवलीहुडजब सरकार बजट में लाइवलीहुड की बात करती है तब उसका मतलब होता है कि ऐसे कार्यक्रम और योजनाएं जिससे लोगों की आय बड़े और रोजगार के अवसर पैदा हो सके और छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कहीं-कहीं कृषि क्षेत्र में पशुपालन, ग्रामोद्योग या वनों पर जुड़ी हुई है। यही कारण है कि सरकार विभिन्न आजीविका योजनाएं चलाई जा रही है।जैसे- ग्रामीण विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अनेक योजनाएं चलाई जा रहे हैं ताकि पलायन काम हो और गांव का भी विकास हो सके। इसी प्रकार महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत सरकार स्वस्थ सहायता कार्यक्रम और महतारी वंदन योजना भी चला रही है] ताकि महिला आर्थिक रूप से सशक्त हो सके इसी प्रकार आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ को बनाने के लिए सरकार छोटे उद्योग कृषि पशुपालन बढ़ावा दे रहे हैं । न केवल लोगों को रोजगार मिल सके बल्कि गांव का भी विकास हो सके इसीलिए सरकार इस बजट में लाइवलीहुड को अपने संकल्प पर स्थान दिया है ताकि छत्तीसगढ़ विकसित राज्य की ओर बढ़ सके।P .पॉलिसी से परिणामGovernance में सुधार के लिए E - file biometric attendance की शुरुआत की गई है तथा योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए अटल मॉनिटरिंग पोर्टल की स्थापना की गई है। बजट 2026 27 में कुल प्राप्तियां 1 लाख 72 हजार करोड़ तथा विनियोग का आकार 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ है,-राज्य का सकल वित्तीय घाटा 28,900 करोड अनुमानित है, जिसमें-ऋण से 8 हजार 500 करोड़, शुद्ध वित्तीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ है जो कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.87 प्रतिशत है जो कि पिछले बजट अनुमान से 2.97 प्रतिशत की तुलना में कम है।



























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