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- -सड़क, पहुंच मार्ग, मिनी स्टेडियम एवं यात्री प्रतीक्षालय सहित अनेक विकास कार्यों की देंगे सौगातरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी 1 जून को रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सड़क, पहुंच मार्ग, मिनी स्टेडियम एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री चौधरी दोपहर 3:30 बजे मिडमिडा में हाई स्कूल पहुंच मार्ग के भूमिपूजन एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात शाम 4:15 बजे त्रिभोना में त्रिभोना से कोड़पाली पहुंच मार्ग एवं सड़क निर्माण कार्य के भूमिपूजन तथा सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेंगे।शाम 5:00 बजे वे तुरंगा में मिनी स्टेडियम, शेड एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 5:45 बजे कोतासुरा में गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी शाम 6:30 बजे कोंडातराई पहुंचेंगे, जहां वे पुसौर-सुरजगढ़ मार्ग के भूमिपूजन, शेड, सीसी सड़क एवं यात्री प्रतीक्षालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहेंगे।
- -राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से ‘अचीवर्स’ श्रेणी में शामिल-स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभाग को दी बधाईरायपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीम भावना से किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप मुंगेली जिला आज प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और 50 प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के कारण मुंगेली जिला वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में शामिल हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी ‘स्वास्थ्यांक’ ग्रेडिंग में मुंगेली जिले को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ‘मुख्यमंत्री अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की सतत समीक्षा की जा रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम मुंगेली जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मुंगेली जिले की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासन, सतत मॉनिटरिंग और टीमवर्क के माध्यम से जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिले की इस उपलब्धि पर कहा कि आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरलता से पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में 98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99.98 रहा। यह जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता को दर्शाता है। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने 103 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विशेष अभियान चलाकर पलायन कर लौटे परिवारों के बच्चों का भी टीकाकरण सुनिश्चित किया गया, जिससे शत-प्रतिशत कवरेज संभव हो सका।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग 100 प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में चिन्हित 99.9 प्रतिशत बीमार बच्चों का उपचार भी सुनिश्चित किया गया।राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन में मुंगेली जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों की स्क्रीनिंग में जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। जिला अस्पताल में संचालित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से मरीजों को जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में मुंगेली जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। मधुमेह स्क्रीनिंग में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और फॉलोअप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं। जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 100 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड तैयार किए गए हैं। लगभग 92 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी भी बनाई जा चुकी है। टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में जिले ने 78 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। उल्लेखनीय है कि विशेष आयुष्मान महाअभियान के दौरान मात्र तीन दिनों में 66 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए थे, जिसके बाद मुंगेली जिला प्रदेश में 27वें स्थान से सीधे चौथे स्थान पर पहुंच गया था।जिला चिकित्सालय आज आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है। यहां घुटना प्रत्यारोपण, निःशुल्क डायलिसिस, कम दर पर सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू सुविधा, नवजात शिशु देखभाल इकाई और अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय में 04 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है, जिससे मरीजों को जिले में ही सस्ती और त्वरित जांच सुविधा मिल रही है। अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। डायलिसिस सेवा के तहत लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक डायलिसिस सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिले के 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है।
- -वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, 8 केंद्रों पर बैनरायपुर / भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं। कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।वैज्ञानिकों की अनुशंसा के आधार पर इस बार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक और हरी खाद के संतुलित उपयोग पर जोर है। सहकारी समितियों में पिछले वर्ष की मांग के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा नैनो यूरिया/वैकल्पिक उर्वरकों और डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा नैनो डीएपी/एनपीके के माध्यम से दी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, यह पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।कोरबा जिले की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है।सहकारी क्षेत्र के लिए 12 हजार 700 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्य के विरुद्ध 7 हजार 132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरक भंडारित किया जा चुका है। किसान अब तक 1 हजार 129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव कर चुके हैं, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन खाद अभी भी समितियों में शेष है। नैनो तरल उर्वरक का कोरबा जिले में कुल 11 हजार 886 लीटर (6 हजार 842 लीटर नैनो यूरिया और 5 हजार 44 लीटर नैनो डीएपी) का भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर का वितरण हो चुका है और 11 हजार 402.50 लीटर स्टॉक में उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा बीज (8 किग्रा/एकड़) और मूंग बीज (4 किग्रा/एकड़) का वितरण भी किया जा रहा है। किसानों को सही दाम और गुणवत्तापूर्ण खाद दिलाने के लिए उर्वरक निरीक्षकों की टीमें लगातार विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। अनियमितता मिलने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 8 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस/बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक केंद्र पर अवैध कार्रवाई करते हुए 58 बोरी यूरिया जब्त किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार कीअनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेशए 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियमए 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के तहत बिलासपुर जिले में “मोर गांव, मोर तरिया” अभियान को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ गांवों में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत नींव भी तैयार हो रही है। राज्य सराकर के जल संरक्षण अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत मस्तूरी की ग्राम पंचायत बोहारडीह में नवीन तरिया (तालाब) निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत वर्षाकाल शुरू होने से पहले निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी सीजन में वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके।जल संकट के स्थाई समाधान के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में कुल 38 नवीन तरिया (तालाब) निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी स्वीकृत तालाबों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि वर्षाकाल में पानी रोकने की मजबूत व्यवस्था विकसित हो। इन तालाबों के निर्माण से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, मवेशियों के लिए निस्तारी की सुविधा होगी और गर्मियों में होने वाले जल संकट से मुक्ति मिलेगी।“मोर गांव, मोर तरिया” अभियान दोहरे लाभ के साथ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इन निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों को नियोजित किया गया है। गांवों में तालाबों के रूप में स्थाई जल संपदा का निर्माण हो रहा है। श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से पलायन पर रोक लगी है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी निर्माण स्थलों की सतत मॉनिटरिंग (निगरानी) की जा रही है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।
- -भू-स्वामियों को एक करोड़ से अधिक का मुआवजा का भुगतान-जमीरापाट स्थित बॉक्साइट खदान खनन कार्य अभी प्रारंभ नहींरायपुर / छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में तहसील कुसमी के ग्राम जमीरापाट स्थित बॉक्साइट खदान में अभी खनन कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। राज्य शासन ने कहा है कि प्रभावित किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के सख्त निर्देश दिए हैं। भू-अधिग्रहण नियमों के दायरे में और अत्यंत पारदर्शी तरीके से की जा रही है। ग्राम जमीरापाट के पारा डम्हाटोली में जिस पंचायत रोड एवं शासकीय मार्ग के मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया गया है, वह पूरी तरह जनहित और शासकीय प्रयोजन के लिए है। जिला प्रशासन यह पूरी तरह स्पष्ट करता है कि 31 मई 2026 की स्थिति में खदान क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सी.एम.डी.सी. के पक्ष में केवल भू-प्रवेश की अनुमति जारी की गई है, जिसका उद्देश्य आवश्यक तैयारियां करना है, न कि उत्खनन। प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित किसानों का हित प्रशासन के लिए सर्वाेपरि है। खदान के कुल निर्धारित क्षेत्र में से 9.049 हेक्टेयर निजी भूमि के भू-स्वामियों को फसल क्षति मुआवजा मद के अंतर्गत एक करोड़ 1 लाख 74 हजार 26 रुपये की राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कलेक्टर द्वारा किया जा चुका है। लंबित मुआवजा प्रकरणों के भी शीघ्र निराकरण के सख्त निर्देश दिए गए हैं।वर्तमान में कुल 15.743 हेक्टेयर क्षेत्र में ही भू-प्रवेश की अनुमति दी गई है, जिसमें से अधिकतम हिस्सा शासकीय भूमि (6.694 हेक्टेयर) का है। निजी भूमियों के मामले में नियमानुसार केवल फसल कटाई का मुआवजा भुगतान कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पूरी कार्यवाही भू-अधिग्रहण नियमों के दायरे में और अत्यंत पारदर्शी तरीके से की जा रही है। सी.एम.डी.सी. द्वारा 28 मई 2026 को ग्राम जमीरापाट के पारा डम्हाटोली में जिस पंचायत रोड एवं शासकीय मार्ग के मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया गया है, वह पूरी तरह जनहित और शासकीय प्रयोजन के लिए है। इस कार्य की शुरुआत स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम सरपंच की गरिमामयी उपस्थिति में की गई है। इस मार्ग के सुधार से क्षेत्र के ग्रामीणों को ही आवागमन में बड़ी सुविधा होगी।लेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा है कि जिला प्रशासन हर परिस्थिति में प्रभावित ग्रामीणों और किसानों के साथ खड़ा है। किसी भी पात्र हितग्राही के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सभी शासकीय और कानूनी प्रक्रियाएं नियमों के तहत ही संपन्न की जा रही हैं। पात्र लोगों को मुआवजा वितरण के साथ-साथ वहां मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों के कल्याण के लिए पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।
- -छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार और तकनीकी रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी पहलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है।उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के निवास पहुंचकर व्यक्त की गहरी संवेदना, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थनारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय श्री दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक श्री रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। उन्होंने स्वर्गीय श्री दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -आम प्रदर्शनी में शामिल विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रादर्शाें को किया गया पुरस्कृत-कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव का भव्य समापनरायपुर / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शाें को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, विभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया।उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
- रायपुर । राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के ग्राम राम्हेपुर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा उनके आदर्शों और लोककल्याणकारी कार्यों को स्मरण किया।समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण शासन, जनसेवा, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। अहिल्याबाई होलकर ने न केवल मालवा क्षेत्र को समृद्ध और सुशासित बनाया, बल्कि देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और जनहित के निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आस्था को सशक्त आधार प्रदान किया।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन महिला सशक्तिकरण, सुशासन, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धैर्य, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए समाज के लिए आदर्श स्थापित किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया और अपने शासनकाल में न्याय, समानता एवं लोककल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्रपाल धनकर, श्री विदेशी राम धुर्वे, जिलाध्यक्ष श्री भाईराम पाली, श्री मिलू साहू सहित जनप्रतिनिधिगण, गडरिया समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा - जनता के बीच पहुंचकर सरकार दे रही अपने काम का रिपोर्ट कार्ड-251 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और नगरीय अधोसंरचना को मिलेगी नई गति-दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन निर्माण की घोषणारायपुर। सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज दुर्ग जिले के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 376 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को नई दिशा देने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक मई से प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में यह अभियान संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि शासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिविर में युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल वितरण, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था और खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही सभी आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना लागू की है, जिसके तहत माताओं और बहनों के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास परिवार और समाज दोनों को मजबूत करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ लंबे समय से झेल रहे नक्सलवाद के दंश से निर्णायक रूप से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने नेतानार में स्थापित सेवा डेरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ग्रामीणों और आदिवासियों को इमली प्रसंस्करण, ढेकी चावल, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से परिणय सूत्र में बंधना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। उन्होंने इसे सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक जनभागीदारी का उदाहरण बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं का विस्तार कर रही है। उन्होंने बिजली समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को राहत, सुविधा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता देने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ ही 112 हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन एवं महिला सहायता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाया गया है।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले दुर्ग जिले के विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यही युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की आधारशक्ति हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज लोकार्पित आईटी पार्क दुर्ग के युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और तकनीकी अवसरों का नया द्वार खोलेगा। उन्होंने इसे जिले के आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर में नालंदा परिसर और छात्रावास निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण मिलेगा और यहां से आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च सेवाओं में चयनित होने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार होगी।उन्होंने इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के भूमिपूजन को शहर के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे यातायात दबाव कम होगा, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी और व्यापारिक गतिविधियों को सुविधा मिलेगी।समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री श्री साय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ रुपए से अधिक की विकास सौगात आने वाले समय में विकास का नया अध्याय लिखेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वामित्व योजना, लखपति दीदी, आयुष्मान भारत, महिला कोष ऋण योजना, आदिवासी छात्र प्रोत्साहन, मत्स्य विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सुशासन तिहार में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड श्री जितेन्द्र साहू, खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -30 से अधिक महिलाओं को मिला स्थानीय रोजगार-स्वरोजगार योजनाओं से आत्मनिर्भर बन रहीं बस्तर की ग्रामीण महिलाएंरायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार की रोजगारपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं के चलते बस्तर अंचल की महिलाओं की जिंदगी में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ रहा है। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने सुकमा जिले के कुम्हाररास स्थित इमली प्रोसेसिंग केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां कार्यरत स्व-सहायता समूह की महिलाओं से सीधा संवाद किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में कार्यरत 30 से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने महिला आयोग की सदस्य को बताया कि यह इमली प्रसंस्करण यूनिट उनके लिए आजीविका का एक मजबूत और स्थाई माध्यम बन चुकी है। यहाँ काम करने से हमें हर महीने नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है। अब हम पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार के पालन-पोषण और जिम्मेदारियों में बराबर की भागीदारी निभा पा रही हैं। महिलाओं से संवाद करते हुए सुश्री दीपिका सोरी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सुश्री सोरी ने सभी उपस्थित महिलाओं को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का भी अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कुम्हाररास केंद्र की तारीफ करते हुए कहा कि यह यूनिट महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ महिलाएं सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रही हैं।चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र की महिलाओं ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। महिलाओं का कहना है कि इन रोजगारपरक योजनाओं के कारण बस्तर की ग्रामीण महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में सेक्टर-05 स्थित बालाजी मंदिर की 52वीं वर्षगांठ पर शनिवार को भगवान बालाजी एवं माताओं श्रीदेवी-भूदेवी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पंडित गोपालाचारी, द्वारिका तिरुमला तथा तिरुमला के अतिथि पंडितों के सान्निध्य में पारंपरिक आस्था, वैदिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच संपन्न इस दिव्य आयोजन में दक्षिण भारतीय समाज सहित विभिन्न समुदायों के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। समिति के अध्यक्ष पीवी राव एवं सचिव पीएस राव के नेतृत्व में निकली शोभायात्रा रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक झालरों, झूमरों और सतरंगी रोशनी से सजे वाहन पर विराजमान भगवान बालाजी और दोनों देवियों के उत्सव विग्रहों के साथ प्रारंभ हुई। शेषनाग आसन पर देवियों श्रीदेवी और भूदेवी संग विराजमान इष्टदेव के अलौकिक दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।धूम-धड़ाके के साथ निकली बालाजी की सवारीढोल-नगाड़ों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, गाजे-बाजों और आतिशबाजी के बीच निकली शोभायात्रा बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर सेंट्रल एवन्यू रोड, 2.5 मिलियन टन चौक, सेक्टर 04 के मुख्य मार्गों से होते हुए रात को पुनः बालाजी मंदिर लौटी, जहां भगवान को एकांत सेवा अर्पित की गई। शोभायात्रा के स्वागत में महिलाओं एवं युवतियों ने मार्गों पर पारंपरिक और आधुनिक रंगोलियां सजाईं। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का अभिनंदन किया। जगह-जगह आरती उतारी गई तथा श्रद्धालुओं के लिए शीतलपेय तथा फलाहार की व्यवस्था की गई। इस दौरान आंध्र महिला मंडली की महिलाओं ने गरबा की तर्ज पर दक्षिण भारतीय पारंपरिक लोकनृत्य ‘कोलाटम’ की रास्ते भर मनोहारी प्रस्तुति दी। युवक-युवतियां, बच्चे और बुजुर्ग ढोल की थाप पर भगवान की भक्ति में झूमते नजर आए।सुप्रभातम से हुआ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभधार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में ‘सुप्रभातम’ से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान बालाजी से तीनों लोकों के कल्याण की प्रार्थना की गई। इसके पश्चात पंडित गोपालाचारी ने पंचामृत एवं शिवनाथ नदी से लाए गए पवित्र अभिमंत्रित जल से भगवान का अभिषेक कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान की कृपा प्राप्ति हेतु सहस्रनामार्चना में भाग लिया। अष्टोत्तर शत कलशाभिषेकम के अंतर्गत भगवान बालाजी को 108 पवित्र कलशों से जलाभिषेक किया गया। इस अवसर पर भिलाई नादस्वरम ग्रुप के पीवी दयाकर व विनोद कुमार ने नादस्वरम, पीवी स्वामी ने ढोल और पी प्रवलिका ने झांझ पर संगत देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।सनातन परंपराओं के साथ हुआ कल्याणोत्सवसहस्रनामार्चना के पश्चात भगवान बालाजी एवं माताओं श्रीदेवी-भूदेवी का भव्य कल्याणोत्सव (विवाहोत्सव) संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और सनातन विधि-विधान के बीच भगवान बालाजी को वर तथा श्रीदेवी-भूदेवी को वधू स्वरूप अलंकृत किया गया। स्वर्णाभूषणों और नवीन वस्त्रों से सुसज्जित दिव्य विग्रहों के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने गोदान, वस्त्रदान एवं कन्यादान जैसी सनातन रस्में निभाईं। पंडितों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से देवियों को मंगलसूत्र अर्पित किया गया। इस पावन आयोजन में टीवीएन शंकर तथा के लक्ष्मीनारायण दंपति मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। दोपहर को श्रद्धालुओं में महाप्रसाद एवं भोग वितरण किया गया।
- -हितग्राही श्री भरत निषाद को आजीविका संवर्धन हेतु मिली ₹1 लाख की वित्तीय सहायतादुर्ग/ सुशासन शिविरों के माध्यम से शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तियों तक लगातार पहुंचाया जा रहा है। ये शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। इसी कड़ी में, जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरी कला निवासी श्री भरत निषाद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्री निषाद लंबे समय से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वे अपने इस पैतृक व्यवसाय के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विगत कुछ समय से वित्तीय सहायता की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। जब वे विगत दिन मलपुरी कला गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे तब विभाग द्वारा उनकी मांग एवं पात्रता का परीक्षण कर त्वरित कार्यवाही की गई। इसके फलस्वरूप, मत्स्य पालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु ₹1 लाख की वित्तीय सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। चेक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही भरत निषाद ने बताया कि इस आजीविका अनुदान राशि से वे मत्स्य पालन हेतु आवश्यक संसाधनों का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहयोग उनके व्यवसाय को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिवार के आर्थिक स्तर को उन्नत बनाने और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। हितग्राही ने इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। श्री निषाद की यह कहानी इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जिला प्रशासन के ये सुशासन शिविर धरातल पर लक्षित समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में निरंतर सफल हो रहे हैं।
- “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं मेरा लेखन” विषय पर विशेष व्याख्यान एवं चर्चारायपुर/ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT), छत्तीसगढ़ द्वारा 29 मई 2026 को “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं मेरा लेखन” विषय पर एक महत्वपूर्ण बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में प्रख्यात कथाकार, लेखक, संपादक एवं साहित्यकार श्री बलराम प्रेमनारायण (श्री बलराम जी) उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में श्री बलराम कथाकार ,पत्रकार, आलोचक को 'डॉ. बालेन्दु शेखर तिवारी स्मृति लघुकथा सम्मान -2026' से नवाजा गया। श्री जयप्रकाश मानस ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि प्रसिद्ध कथाकार एवं समीक्षक श्री बलराम प्रेमनारायण छत्तीसगढ़ एवं मध्य भारत के साहित्य जगत में अत्यंत सम्मानित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने लघु कथा एवं कहानी विधा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।श्री बलराम जी (प्रेम नारायण) ने ‘इंद्रावती’ नामक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ का संपादन किया है।यह पुस्तक बस्तर (छत्तीसगढ़) के आदिम जन-जीवन पर केंद्रित एक गंभीर संदर्भ ग्रंथ है।इसमें बस्तर की आदिवासी संस्कृति, उनकी जीवनशैली, परंपराएँ, संघर्ष, प्राकृतिक पर्यावरण और इंद्रावती नदी क्षेत्र (जो बस्तर की जीवन रेखा मानी जाती है) के सामाजिक-मानवीय यथार्थ को विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है। उल्लेखनीय योगदान दिया है।कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण एवं वक्ता:श्री बलराम प्रेमनारायण — मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता-उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्धि, उसकी आधुनिक प्रासंगिकता तथा अपने साहित्य में इसकी भूमिका पर गहन चर्चा की।इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार श्री जयप्रकाश मानस की रचनाओं का पुस्तकों का विमोचन किया गया, जिसमें उनकी दो लघु कथाएं 'बची हुई हवा' और 'दो कतार पीछे' पुस्तकों का विमोचन हुआ। साथ ही उनके पुस्तकों की समीक्षा भी की गई। अन्य प्रमुख वक्ता: श्री शशांक शर्मा, पद्मश्री डॉ. महेंद्र कुमार मिश्र, डॉ. सुशील त्रिवेदी, ,श्री प्रभात मिश्रा ,डॉ. चितरंजन , श्री सुभाष मिश्रा, श्री अरविंद मिश्रा अपने वक्तव्य दिए।इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री पद्मश्री श्री महेंद्र मिश्र, श्री शशांक शर्मा ,श्री प्रभात मिश्रा ,डॉ. चितरंजन कर , डॉ.बिहारी लाल साहू, डॉ. सुशील त्रिवेदी, डॉ .सुनील कुमार, डॉ.गिरीश पंकज, डॉ.श्री दिवाकर मुक्तिबोध , श्री सुभाष मिश्रा, डॉ संजय अलंग, श्री अरविंद मिश्रा, श्री सतीश जायसवाल ,श्री रामकुमार तिवारी, श्री राम पटवा, श्री लोक बाबू ,श्री विनोद मिश्रा ,शायर मुमताज, श्री ऋषि गजपाल, डॉ. रत्ना वर्मा, श्री सुधीर शर्मा, श्री महेंद्र कुमार ठाकुर, श्रीमती शकुंतला तरार ,डॉ.सीमा निगम,ममता अहार,उपस्थित हुए।गरिमामयी कार्यक्रम में श्री जयप्रकाश 'मानस' की लघुकथा पर समीक्षा प्रस्तुत की गई,जिसमें डॉ. चितरंजन कर, पद्मश्री डॉ. महेंद्र मिश्र ,शोधार्थी श्रुति शर्मा ने समीक्षा प्रस्तुत की। डॉ. सुभाष मिश्रा, श्री प्रभात मिश्रा ने समीक्षा प्रस्तुत की ।एससीईआरटी से डॉ. जयभारती चंद्राकर ने लघुकथा संग्रह 'बची हुई हवा'की समीक्षा प्रस्तुत की । समस्त वक्तागणों ने अपने वक्तव्य दिए।श्री जयप्रकाश मानस का लघुकथा विधा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।वे सिर्फ़ कवि नहीं । सिर्फ़ निबंधकार भी नहीं और सिर्फ़ सभ्यता समीक्षक लेखक ही नहीं । उनकी लघुकथाएँ विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं (जैसे कथाक्रम, वर्तमान साहित्य, साहित्य अमृत, हंस, वागर्थ ) में प्रकाशित हुई हैं।हिंदी में एक से कम 1 हज़ार लघुकथाओं की श्रृंखला उनकी रचनात्मकता को चरितार्थ करती हैं । 'बची हुई हवा' यह आपकी प्रमुख लघुकथा कृति है। 2025 में प्रकाशित इस संग्रह में मानवीय अंतर्द्वंद्व, सामाजिक यथार्थ, प्रकृति-चेतना और अस्तित्व संबंधी गहन संवेदनाएँ प्रमुख हैं। उनकी कृति हिंदी लघुकथा की उस परंपरा का सशक्त विस्तार है जो संक्षिप्तता को हथियार बनाकर यथार्थ की सच्ची तस्वीर खींचती है। इस कार्यक्रम में एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अकादमिक सदस्य श्री सुशील राठोर, डॉ सीमा श्रीवास्तव, डॉ अर्चना वर्मा, श्री डेकेश्वर वर्मा, श्रीमती पुष्पा चंद्रा, श्री हेमंत साव, श्री संतोष तंबोली, श्रीमती अग्रवाल, श्रीमती प्रीति सिंह,श्रीमती चंचल देवांगन , श्री नरेंद्र जांगड़े,श्रीमती तृप्ता जोशी, डॉ.अलका पंडा ,डाइट प्राचार्य डॉ.जे .के. अग्रवाल एवं स्टाफ और शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय की समस्त स्टाफ, शोधार्थी एवं छत्तीसगढ़ के साहित्यकार उपस्थित हुए। प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ.एम. विजयलक्ष्मी द्वारा आभार प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पुस्तक चर्चा, मुख्य व्याख्यान, सम्मान एवं संवाद के सत्र शामिल थे। यह कार्यक्रम एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के YouTube चैनल पर लाइव प्रसारित किया गया।एसीईआरटी छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ में भारतीय ज्ञान प्रणाली और साहित्य को जोड़ने का एक सार्थक प्रयास बताया।
- अवैध भंडारण पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 368 बोरी उर्वरक जब्तबिना अनुमति गोदाम में रखा गया उर्वरक सीलबंद,नोटिस जारीबिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम द्वारा जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है।निरीक्षण अभियान के दौरान ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना प्राप्त होने पर कृषि विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए छापामार कार्रवाई की। विकासखंड बिल्हा के ग्राम सेंदरी में कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी एवं लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान तथा गोदामों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर भंडारित पाया गया, जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण किया जाना पाया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों एवं लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, किंतु संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम द्वारा संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम एवं गुणवत्ता संबंधी विवरण अवश्य जांचें। विभाग ने किसानों को खुले अथवा बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने तथा किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने की सलाह दी है।
- अब सिर्फ 8 पंच और 3 सरपंच पदों के लिए 01 जून को होगा मतदानबालोद/बालोद जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप-निर्वाचन 2026 अंतर्गत 32 पंच और 2 सरपंच निर्विरोध चुने गए है। अब केवल 8 पंच और 3 सरपंच पदों के लिए 01जून को मतदान होगा। उल्लेखनीय है कि त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 अंतर्गत विकासखंड गुण्डरदेही में ग्राम पंचायत देवरी ख, मचौद, सांकरी, परना में 04 पंच पद एवं 01 सरपंच पद हेतु ग्राम पंचायत हल्दी में निर्वाचन किया जाएगा। इसी तरह विकासखण्ड डौण्डीलोहारा में ग्राम पंचायत कापसी के वार्ड क्र. 05 में एवं ग्राम पंचायत टटेंगा में वार्ड क्र. 03, 10 एवं 12 में चार पंच पद निर्वाचन किया जाना है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत टटेंगा में 01 सरपंच पद एवं ग्राम पंचायत करेंगांव में 01 सरपंच पद का निर्वाचन किया जाएगा। इसी तरह निर्विरोध अभ्यर्थियों के अंतर्गत विकासखण्ड बालोद में 03 पंच पद हेतु ग्राम पंचायत हथौद, डेंगरापार, लाटाबोड में निर्वाचन निर्विरोध चुने गए। इसी तरह विकासखण्ड गुरूर में 04 पंच पद हेतु ग्राम पंचायत कंवर, धनेली, कोलिहामार, बालोदगहन में निर्वाचन निर्विरोध एवं 01 सरपंच पद हेतु ग्राम पंचायत डढारी में नाम निर्देशन पत्र अप्राप्त हुआ है।इसी तरह विकास खण्ड गुण्डरदेही में 08 पंच पद हेतु ग्राम पंचायत डूडिया, बोरगहन अ, हल्दी, कसौंदा साजा, जेवरतला, बोरगहन फ, खपरी ब. एवं 02 सरपंच पद हेतु ग्राम पंचायत सियनगरा, साजा, में निर्विरोध चुने गए। इसी तरह विकासखण्ड डौण्डीलोहारा 15 पंच पद हेतु ग्राम पंचायत टटेंगा में वार्ड क्र. 01,02,04,05,06, 07,08,09 एवं 11 तथा ग्राम पंचायत कोरगुडा, करेंगांव, डेंगरापार, भडेरा, बैहाकुआ, कसही लो. में निर्वाचन निर्विरोध हुआ है।इसी तरह विकासखण्ड डौण्डी में 02 पंच पद हेतु ग्राम पंचायत ठेमाबुजूर्ग एवं अवारी में निर्वाचन निर्विरोध हुआ है।इस तरह बालोद जिले के अंतर्गत 05 विकास खण्डों में 40 पंच पद का निर्वाचन किया जाना था जिसमें 32 पंच पद निर्विरोध तथा 08 पंच पद का निर्वाचन किया जाना है।बालोद जिले के अंतर्गत 05 विकास खण्डों में 06 सरपंच पद का निर्वाचन किया जाना था, जिसमें 02 सरपंच पद निर्विरोध तथा 01 सरपंच पद का नाम निर्देशन पत्र अप्राप्त तथा 03 सरपंच पद का निर्वाचन किया जाएगा।
- भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः संकल्पितभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी योजना की अभूतपूर्व उपलब्धियों पर जताया आभाररायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) और 'लखपति दीदी' योजना के तहत मिल रही युगान्तरकारी सफलताओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति गहरा आभार व धन्यवाद प्रकट किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अंत्योदय के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। 'हर गरीब को पक्का घर' देने के प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प को राज्य में जिस तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है, वह बेहद सराहनीय है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की केंद्रीय और राज्यांश राशि जारी करना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। श्री देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का रिकॉर्ड गति से निर्माण होना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 10.60 लाख से अधिक आवास सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन की सरकार गरीबों के कल्याण के लिए पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से कार्य कर रही है। श्री देव ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पक्के आवास उपलब्ध कराने का साय सरकार का यह प्रयास अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय कदम है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ में रोजाना 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 8,46,931 नए आवासों की बड़ी स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 10 हजार से अधिक बहनें 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। श्री देव ने कहा कि राज्य में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं और सरकार ने 10 लाख बहनों को इस श्रेणी में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही 'लखपति दीदी' योजना की सराहना करते हुए श्री देव ने कहा कि आवास निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े हजारों समूहों के माध्यम से अकेले निर्माण क्षेत्र से ही 10 हजार से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः संकल्पित है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने इन शानदार उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त कर्मठ जनता, हितग्राही परिवारों और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर मातृशक्ति को बधाई दी है। श्री देव ने विश्वास जताया कि साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के नित नए मापदण्ड स्थापित करता रहेगा।
- 0- भंडारण एवं वितरण में अनियमितता मिलने पर दो कृषि केंद्रों पर कार्रवाई, एक प्रतिष्ठान सीलबंदजांजगीर। किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले में निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 2638 बोरी रासायनिक उर्वरक जब्त किए हैं।उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान चांपा स्थित थोक विक्रेता मेसर्स दिशा सेल्स में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए 1150 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल), 428 बोरी एसएसपी (दानेदार), 630 बोरी एसएसपी (पाउडर) तथा 98 बोरी जिंकेटेड एसएसपी सहित कुल 2306 बोरी उर्वरकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें जब्त किया गया।इसी प्रकार विकासखंड बलौदा के ग्राम पिसौद स्थित राजकुमार साहू कृषि केंद्र में छापामार कार्रवाई के दौरान 98 बोरी यूरिया, 94 बोरी जिंकेटेड एसएसपी, 70 बोरी ट्रिपल सुपर फॉस्फेट तथा 70 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल) का अवैध भंडारण पाया गया। इस पर 332 बोरी उर्वरक जब्त कर विक्रय प्रतिष्ठान को सीलबंद कर दिया गया।कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा, उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले के सभी सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- 0- डोंगनाला का हरिबोल स्वयं सहायता समूह बना महिला सशक्तिकरण का प्रेरक मॉडल0- हर्बल उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनीं 12 आदिवासी महिलाएं0- करोड़ों का कारोबार कर रची सफलता की नई इबारतकोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोरबा जिले के कटघोरा वन प्रभाग अंतर्गत डोंगनाला की आदिवासी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। डोंगनाला का हरिबोल स्वयं सहायता समूह आज हर्बल उद्यमों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का एक आदर्श बनकर उभरा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप 12 आदिवासी महिलाओं से गठित इस समूह की सदस्य पहले दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर थीं। सीमित रोजगार और अस्थिर आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन शासन की वन धन विकास केंद्र योजना से जुड़ने के बाद इन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया।स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औषधीय पौधों और लघु वनोपज की संभावनाओं को देखते हुए महिलाओं को संगठित किया गया। उन्हें आयुर्वेद विशेषज्ञों तथा छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा हर्बल प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद समूह ने त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, हर्बल फेस पैक, हर्बल हेयर पाउडर और टूथ पाउडर जैसे गुणवत्तापूर्ण हर्बल उत्पाद तैयार करना शुरू किया। गुणवत्ता और प्रभावशीलता के कारण इन उत्पादों की स्थानीय तथा संस्थागत बाजारों में अच्छी मांग बनी।समूह को उस समय बड़ी सफलता मिली जब उन्हें आयुष विभाग से बड़ा ऑर्डर प्राप्त हुआ। इस ऑर्डर से समूह को लगभग 20 लाख रुपए का लाभ हुआ। इससे समूह की विश्वसनीयता बढ़ी और नए बाजारों के द्वार खुले। वित्तीय वर्ष 2024-25 में समूह ने लगभग 38.90 लाख रुपए का लाभ और कमीशन अर्जित किया। इससे सदस्यों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया।वर्ष 2020 से मार्च 2026 तक वीडीवीके डोंगनाला ने लगभग 26.11 करोड़ रूपए की संचयी बिक्री दर्ज की है। यह उपलब्धि समूह की निरंतर मेहनत, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और प्रभावी विपणन रणनीति का परिणाम है।इस पहल से समूह की प्रत्येक सदस्य की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1.7 लाख रुपए हो गई है। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति भी बढ़ी है।हर्बल प्रसंस्करण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए समूह को ट्रायफेड (ज्त्प्थ्म्क्) तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।हरिबोल स्वयं सहायता समूह की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं, कौशल विकास, संस्थागत सहयोग और बाजार उपलब्धता के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। डोंगनाला की यह सफलता आज पूरे प्रदेश और देश के स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई।
- कोरबा। आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने, किसी भी प्रकार की कालाबाजारी और अनियमितता रोकने जिला प्रशासन द्वारा ये कार्यवाही की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए विभाग ने विशेष सतर्कता अपनाई है। 29 मई को 18 दुकानों की जांच की गई, जिनमें 6 दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। एक दुकान पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया एवं सिद्धी विनायक ट्रेड्स, सिरली (पाली) से 56 बोरी यूरिया जप्त की गई। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से अब तक कोरबा जिले के 115 सहकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। अनियमितता पाए जाने पर 28 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं तथा 5 निजी दुकानों पर 21 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है। सिरली (पाली) स्थित सिद्धी विनायक ट्रेड्स से अवैध रूप से भंडारित 56 बोरी यूरिया की जप्ती की गई।कोरबा जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलता है या बिल देने से मना करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित विकासखंड कृषि अधिकारी या जिला स्तर के कंट्रोल रूम में दर्ज कराए। किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने उर्वरक दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण एवं कठोर निगरानी अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।
- 0- मुख्यमंत्री के निर्देश पर वनांचल की बैगा महिलाओं का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशनखैरागढ़। सुशासन तिहार के अंतर्गत 4 मई 2026 को खैरागढ़- छुई खदान- गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान के दूरस्थ वनांचल एवं बैगा जनजातीय ग्राम सरौधी में आयोजित मुख्यमंत्री चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया गया। इस दौरान ग्राम कुम्ही की हरेलिया बाई गोंड एवं ग्राम सरौधी की मनमत बाई बैगा ने आंखों में मोतियाबिंद की समस्या बताते हुए उपचार की मांग रखी, जिस पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में जिला कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बघेल के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। नेत्र सहायक अधिकारी नरेंद्र निषाद ने बैगा जनजातीय क्षेत्र में नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की जांच की, जिसमें दोनों महिलाओं सहित कुल 6 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई।सभी मरीजों को आदि आरोग्य रथ के माध्यम से निःशुल्क उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल राजनांदगांव भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण किया गया। उपचार के बाद मरीजों को सुरक्षित पुनः उनके गांव तक पहुंचाया गया। वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी विनय रामटेके ने ऑपरेशन उपरांत मरीजों का फॉलोअप करते हुए उन्हें दवाइयों के नियमित सेवन, आंखों की साफ-सफाई तथा धूल-धुएं से बचाव संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिए।स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि आंखों या अन्य किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में निकटतम उप स्वास्थ्य केंद्र, मितानिन अथवा स्वास्थ्य कर्मचारियों को तत्काल सूचना दें, ताकि समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके। यह पहल दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रही है।
- महासमुन्द. जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम अछरीडीह के प्रगतिशील कृषक श्री रतिराम पटेल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए अपनी आय में अच्छी वृद्धि की है। कृषक श्री पटेल बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत के बावजूद सीमित आय प्राप्त होती थी। बेहतर आमदनी और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और साग-सब्जी एवं मसाला फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया।वर्ष 2025-26 में श्री पटेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया फसल का उत्पादन किया। विभाग द्वारा उन्हें योजना के तहत 17,400 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रदान किया गया। उन्होंने खेती में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे उत्पादन लागत में कमी आई और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।श्री रतिराम पटेल बताते हैं कि पूर्व में धान की खेती से उन्हें कुल लाभ सीमित ही मिलता था। वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्हें लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा कुल लाभ लगभग 50,000 रुपए तक पहुंच गया। श्री रतिराम पटेल की सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान तथा उनके रिश्तेदार भी उद्यानिकी फसलों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हो रहे हैं।
- 0- लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया आदेश, अब प्रदेश में एक ही परीक्षा से होगी भर्तीरायपुर। छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में चल रही संविदा भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में जिलों के स्तर पर शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के लिए की जा रही संविदा भर्ती की कार्यवाही अब रोक दी गई है।पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग ने निर्णय लिया है कि केंद्रीकृत परीक्षा: अब इन पदों के लिए भर्ती जिला स्तर के बजाय संचालनालय द्वारा आयोजित 'केंद्रीकृत परीक्षा' के माध्यम से की जाएगी। इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर ही शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के लिए योग्यता सूची (Merit List) तैयार की जाएगी, जिसे बाद में संबंधित जिलों को प्रेषित किया जाएगा।इस नई केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द ही अलग से जारी किए जाएंगे। संचालक, लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय समितियों को इस आदेश का तत्काल पालन करने के निर्देश दिए हैं।
- 0-जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती अपनाने किया प्रेरित0- जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण ही सुशासन की पहचान - मंत्री श्री नेतामरायपुर। सुशासन को जन-जन तक पहुँचाने एवं आमजनों की समस्या का त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत विजयनगर में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस दौरान शिविर में विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्टालों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं निराकरण की जानकारी ली। इस दौरान 05 बच्चों का अन्नप्राशन, 05 गर्भवती माताओं के गोदभराई की रश्म की गई। साथ विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया।शिविर में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और यही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने एग्रीस्टेक में किसानों को पंजीयन कराने की बात कही उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में कई महत्वपूर्ण योजनाओं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है उन्होंने एग्रीस्टेक में अवश्य रूप से पंजीयन करने की बात कही।मंत्री श्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं। मंत्री श्री नेताम ने किसानों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए टपक सिंचाई पद्धति अपनाने तथा दलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुरूप उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढि़यों के लिए भी उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनता के प्रति जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत की। जिनका संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही शेष आवेदनों को निराकरण किया जा रहा है।आम जनता की सहूलियत के लिए आयोजित किए जा रहे सुशासन शिविर अब सिर्फ समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रह गया हैं, बल्कि ग्रामीणजनों को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जागरूक कर रहा है।रामचन्द्रपुर विकासखंड के विजयनगर में लगे सुशासन शिविर में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण, नील हरित शैवाल, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन से जुड़े कई जीवंत मॉडल प्रदर्शित किया गया।शिविर में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर के साथ-साथ सोख्ता गड्ढा, जैविक खेती के लिए नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जीवंत मॉडलों ने ग्रामीणों को आकर्षित किया।शिविर में जल संरक्षण की एक और बेहद आसान और असरदार तकनीक 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर, सोख्ता गड्ढा का सजीव मॉडल बनाकर लोगों को जागरूक किया गया। जो अतिरिक्त पानी या बारिश के जल को संरक्षण का बेहतर तरीका है। शिविर में बने इस मॉडल को देखकर कई ग्रामीणों ने इसे अपने घरों और हैंडपंपों के पास बनाने की बात कही।कृषि विभाग द्वारा नील-हरित शैवाल बनाने की जानकारी दी गई।। शिविर में एक छोटा तालाबनुमा ढांचा बनाकर इसे तैयार करने और इस्तेमाल करने की विधि दिखाई गई। साथ ही हरी खाद और संतुलित उर्वरक के सम्बंध में भी बताया गया। किसानों को बताया गया कि धान की फसल के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक नाइट्रोजन देने वाला जैव उर्वरक है। इसके इस्तेमाल से न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और फसल की पैदावार सुधरती है, खेती की लागत कम करने का यह तरीका मौजूद किसानों को बेहद पसंद आया।पर्यावरण को साफ-सुथरा और सेहतमंद बनाए रखने के लिए शिविर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरा प्रबंधन का भी सजीव प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि कैसे वे अपने घरों के गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। अलग-अलग रंगों के डस्टबिन के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद बनाने और सूखे या खतरनाक कचरे के सही निपटान की जानकारी दी गई।????
- 0- प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया व 1 -1 बोरी डीएपी-एमओपी विक्रय केंद्रों में ले सकेंगे किसानबलौदाबाजार. खरीफ वर्ष 2026-27 हेतु खेती के लिये जिले के सहकारी समितियो में खाद एवं बीज़ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान समितियों से उर्वरक और बीज़ का अग्रिम उठाव तेजी से कर रहे हैं। इस वर्ष समितियो में उर्वरक भण्डारण हेतु 58350 मेट्रिक टन का लक्ष्य हैं जिसके विरुद्ध 24299 मेट्रिक टन भण्डारण एवं समितियो के द्वारा 4102 मेट्रिक टन खाद का वितरण किया गया है।समितियों में 20197 मेट्रिक टन खाद शेष है।बीज भण्डारण लक्ष्य 32690 क्विंटल के विरुद्ध 6593 क्विंटल भण्डारण एवं 3338 क्विंटल वितरण किया गया है।किसानों को खेती किसानी में दिक्कत न हो इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा ट्रेक्टर में आवश्यकता अनुसार डीजल देने पेट्रोल पम्प को निर्देशित नहीं किया गया है। इसके साथ ही ट्रेक्टर के लिये डिब्बा या जरिकेन में भी डीजल ले सकते हैं।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में सतत कृषि विकास के लिए वैज्ञानिकों के एकीकृत पोषक प्रबंधन के सुझाव के अनुसार किसानों को रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद और हरी खाद का उपयोग करने की सलाह दी गई है। खरीफ 2026 में भूमि धारिता के आधार पर किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80% मात्रा तथा डीएपी की 60% मात्रा ही वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। शेष 20% यूरिया और 40% डीएपी वैकल्पिक उर्वरकों (एनपीके) या नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को नैनो उर्वरक लेने के लिए किसी भी स्थिति में बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की अनुशंसा के आधार पर चार्ट तैयार कर सभी विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध कराया गया है। इसमें नैनो उर्वरक न लेने पर प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया, एवं 1 -1बोरी डीएपी व एमओपी देने का प्रावधान है।

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