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- 0- जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न योजना के तहत हितग्राहियों को बांटे सामग्री व चेकबलौदाबाजार. राज्य शासन के निर्देशानुसार जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित रूप से सेवाओं क़ी उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत शनिवार को विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत दतरेंगी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में दतरेंगी सहित 15 ग्राम पंचायत के लोग शामिल हुए। शिविर में प्राप्त 1299 आवेदनों में से 385 का मौक़े पर ही निराकरण किया गया।शिविर में विभिन्न योजना अंतर्गत लगभग 254 हितग्राहियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सामग्री व चेक वितरित किया । इसमें खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा डिजिटल किसान किताब, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा जॉब कार्ड, पीएम आवास योजना अंतर्गत आवास क़ी चाबी, मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स, उद्यानिक़ी विभाग द्वारा हितग्राहियों को फलदार पौधे,खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बच्चों को स्पोर्ट्स किट शामिल हैं। शिविर में विभागीय स्टॉल के साथ ही स्वस्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैम्प लगाया गया जिसमें ग्रामीणों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच व दवा का लाभ उठाया।
- बलौदाबाजार. अवैध रूप से संचालित संचालित क्लिनिको की जिला प्रसाशन द्वारा सख़्ती से जांच व निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व की संयुक्त टीम के द्वारा शनिवार को बलौदाबाजार के रिसदा क्षेत्र में संचालित क्लिनिको की जांच की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के मार्गदर्शन में रिसदा क्षेत्र में संचालित अवैध क्लीनिकों पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ नवदीप बांधे तथा तहसीलदार निवेश कोरेटी की संयुक्त टीम ने छापा मारा।क्षेत्र में सूरज भोंसले द्वारा संचालित ऋषभ क्लीनिक को वैध लाइसेंस न होने पर भी संचालित किया जाना पाया गया जिसे पंचनामा बना कर सील कर दिया गया । इस क्लीनिक की शिकायत भी प्रशासन को प्राप्त हुई थी।इसीतरह सूरज प्रकाश साहू द्वारा संचालित कबीर क्लीनिक की जांच की गई जिसमें संचालक के पास दस्तावेज अपूर्ण पाए गए और कोई डॉक्टर भी उपस्थित नहीं थे जिस पर उसका पंचनामा तैयार कर क्लीनिक बन्द करने की नोटिस देते हुए समझाईश दी गई कि नियमानुसार नर्सिंग होम एक्ट के तहत आवेदन देकर क्लीनिक का पंजीकरण उपरांत ही वह क्लीनिक संचलित किया जाय। कार्यवाही के दौरान सरपंच गंगाराम साहू एवं रिसदा के फील्ड स्टाफ उपस्थित रहे।
- 0- राष्ट्रीय आम महोत्सव में उमड़ी आम प्रेमियों की भीड़0- शेफ आकांक्षा राय के द्वारा निर्मित आम के व्यंजनों ने मन मोह लियारायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव में आमों की सुगंध और स्वाद से रायपुर शहर सराबोर हो गया है। महोत्सव के दूसरे दिन बड़ी संख्या में आम प्रेमी एवं दर्शक पहुँचे। आगंतुकों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित आम की विभिन्न दुर्लभ, लोकप्रिय एवं उन्नत किस्मों का अवलोकन कर उनकी विशेषताओं, स्वाद, रंग, आकार एवं उत्पादन संबंधी जानकारी प्राप्त की। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा राॅय द्वारा आम प्रेमियों को आमों के विभिन्न व्यंजनों की रेसिपी सिखाई गई। उनके द्वारा बनाये गए आमों के विभिन्न व्यंजनों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। आम महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादक कृषक द्वारा आम की विविध किस्मों के फलों का विक्रय किया जा रहा है। विक्रय स्टॉलों पर भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। आगंतुकों ने अपनी पसंदीदा किस्मों के आमों की खरीदारी की। अल्फांसों, केसर, दशहरी, फज़ली और अरूणिमा किस्मों की अधिक मांग रही। महोत्सव में आम की विविधता, स्वाद और कृषि नवाचारों को करीब से जानने का अवसर मिलने से दर्शकों में विशेष उत्साह देखा गया। यह आयोजन आम उत्पादकों, उद्यमियों एवं आम प्रेमियों के लिए ज्ञान, व्यापार और स्वाद का एक अनूठा मंच बनकर उभर रहा है।विशेषज्ञों ने आम उत्पादन एवं प्रबंधन के सिखाए गुरइंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के द्वितीय दिवस तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कृषकों ने भाग लिया। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने आम की खेती से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। कृषकों के साथ आम उत्पादन, पौध रोपण की वैज्ञानिक विधियों, उन्नत किस्मों के चयन, कीट एवं रोग प्रबंधन, पोषण प्रबंधन तथा बागवानी की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विशेषज्ञों ने समाधान प्रस्तुत करते हुए व्यावहारिक सुझाव भी दिए। तकनीकी सत्र में आम उत्पादन की लागत कम करने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ाने तथा बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। इस संवादात्मक सत्र से कृषकों को आम उत्पादन से जुड़ी नई तकनीकों एवं वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धतियों की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई, जो भविष्य में उनकी आय वृद्धि और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायक होगी।मैंगो व्यंजन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरणइंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, उद्यानिकी विभाग एवं प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा आयोजित आम महोत्सव में आम के बने व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। निर्णायक एवं मुख्य वक्ता प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा राय द्वारा आम के विभिन्न व्यंजनों की रेसिपी बताई गई। मुख्य अतिथि श्रीमती ममता चंदेल अध्यक्ष, जय हरीतिमा लेडिस क्लब रायपुर द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। व्यंजन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार शंपा यादव, द्वितीय पुरस्कार अंशिका नायक तथा तृतीय पुरस्कार सान्वी नायडू को प्राप्त हुआ।
- भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (सेल) की सेवा से मई माह 2026 में कुल 101 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए, जिसमें खदान बिरादरी के 10 सदस्यों सहित 17 कार्यपालक व 74 गैर-कार्यपालक शामिल हैं।कार्यपालकों हेतु विदाई समारोह का आयोजन इस्पात भवन स्थित निदेशक प्रभारी सभागार में किया गया। निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने कार्यपालकों को सेवानिवृत्ति आदेश प्रदान किया तथा उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ एवं सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए के चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री प्रबीर कुमार सरकार, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री तुषार कांत उपस्थित रहे।निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों से आत्मीय संवाद कर संयंत्र के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उनके अनुभव और सुझाव आमंत्रित किए, जिन पर निदेशक प्रभारी एवं कार्यपालक निदेशकों ने विस्तार से चर्चा की। सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों ने अपने कार्यकाल की यात्रा साझा करते हुए अनुभवों एवं विचारों को व्यक्त किया। अंत में कार्यपालक निदेशकों ने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों को जीवन के नए पड़ाव के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं।30 मई को भिलाई निवास में आयोजित समारोह में संयंत्र के गैर-कार्यपालकों को भावभीनी विदाई दी गई। भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, महाप्रबंधक (आई एंड एस) सुश्री के. सुपर्णा, उप महाप्रबंधक ( मानव संसाधन- मिल्स) श्री प्रताप शेखर नायक और उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन-एससीसीए) श्री राजेंद्र प्रसाद ने कार्मिकों को सेवानिवृत्ति आदेश प्रदान किया। संयंत्र प्रबंधन ने विदा होने वाले इस्पात बिरादरी के सदस्यों के योगदान को रेखांकित करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की।
- 0- तीन दिवसीय निःशुल्क योग एवं पंचकर्म चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर कोहका में शुरूभिलाई नगर। स्वामी रामदेव के शिष्य एवं पतंजलि योग समिति के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव के सानिध्य में तीन दिवसीय निशुल्क योग एवं पंचकर्म चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ शनिवार की सुबह हुआ। मनसा कॉलेज कोहका में आयोजित इस शिविर के पहले दिन लगभग 600 से 700 शिविरार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।अपने उद्बोधन में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मुख्य केंद्रीय प्रभारी स्वामी परमार्थ देव ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में उपयोगी सरल घरेलू औषधियों एवं स्वास्थ्यवर्धक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, निरोग और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योग और आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने पतंजलि योगपीठ के उन समर्पित कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया जो योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यकर्ता भविष्य के निरोग, सशक्त और संस्कारित भारत के वास्तविक निर्माता हैं।कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन अनूप बंसल (सह राज्य प्रभारी, भारत स्वाभिमान न्यास), जयंत विष्णु भारती (राज्य प्रभारी, युवा भारत) तथा नरेंद्र पटेल (जिला प्रभारी, पतंजलि योग समिति) द्वारा किया जा रहा है।शिविर के उद्घाटन अवसर पर राकेश दुबे (सदस्य, योग आयोग), छविराम साहू (राज्य प्रभारी, भारतीय शिक्षा बोर्ड), मनसा कॉलेज के डायरेक्टर संजीव सक्सेना और मेजर सिंह (सेक्रेटरी, योगासन इंडिया) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।शिविर की व्यवस्था एवं संचालन में तिजऊ राम साहू, बिसेन, राजेश तिवारी, शंभू कुशवाहा, शत्रुघ्न साहू, बलवंत सिंह, सुमन भारती, अनामिका पुरी, सुधा सोनी, श्री पाटिल, जागेश्वर साहू, विमला राय, बसंत वर्मा और आर.पी. शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं का विशिष्ट सहयोग है। शिविर आगामी 1 जून तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें योग, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा एवं पंचकर्म से संबंधित व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- 0- कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्जदुर्ग। दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार द्वारा व्यापारी के आधार कार्ड और बैंक खाते में उनके पिता का नाम बदलकर खुद को उनका पुत्र बताने और संपत्ति हड़पने का षडयंत्र रचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोहन नगर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी मुकेश लालवानी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार पद्मनाभपुर निवासी फल व्यवसायी कैलाश माखीजा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग की अदालत में परिवाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि उनका रिश्तेदार मुकेश लालवानी, जो वर्तमान में कृषि उपज मंडी दुर्ग में फल व्यवसाय करता है, ने स्वयं को उनका पुत्र बताकर विभिन्न दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। परिवाद में कहा गया है कि आरोपी के पिता श्रीचंद लालवानी की मृत्यु के बाद मानवीय आधार पर उसे अपने साथ रखा गया था। बाद में आरोपी व्यवसाय में सहयोग करने लगा, लेकिन उस पर लाखों रुपये के गबन और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगे, जिसके बाद उसे व्यवसाय से अलग कर दिया गया।आवेदक ने आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपी ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ खुद को उनका पुत्र बताते हुए आधार कार्ड, बैंक खाता और अन्य दस्तावेज तैयार करा लिए। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने कभी भी आरोपी को कानूनी रूप से गोद नहीं लिया।जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने राजनांदगांव नगर निगम के जन्म रिकॉर्ड और शैक्षणिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि आरोपी का वास्तविक नाम मुकेश लालवानी है तथा उसके पिता का नाम श्रीचंद लालवानी दर्ज है। इसके बावजूद आरोपी द्वारा कथित रूप से स्वयं को "मुकेश माखीजा" बताकर दस्तावेज तैयार किए गए।परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में आपत्ति जताई और दस्तावेजों को सही कराने की बात कही तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।मामले में पूर्व में थाना मोहन नगर एवं पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी शिकायत दी गई थी। कार्रवाई नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के निर्देश पर मोहन नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 468 और 471 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है तथा जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- 0-जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर अधिकारियों को दी गई विस्तृत जानकारीमोहला। मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के तत्वावधान में मुख्यमंत्री सहायता हेल्पलाइन 1076 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित उक्त प्रशिक्षण में कलेक्टर तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, डिप्टी कलेक्टर समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी राकेश कुमार गोलछा तथा अंशुल वर्मा तथा विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ राकेश सिंह ने प्रशिक्षण में मौजूद अधिकारियों को हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण की प्रक्रिया, ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए सुशासन की दिशा में हेल्पलाइन की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा भी किया गया।दूसरी ओर अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारियों को विभागीय कार्यप्रणाली में प्रभावी रूप से लागू करने तथा आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री सहायता हेल्पलाइन 1076 को शासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि शिकायतों के त्वरित निराकरण से आमजन का शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक संवेदनशील, जवाबदेह एवं परिणाममूलक बनाना है।
- कोंडागांव। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब जरूरतमंद लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है। इसका सकारात्मक उदाहरण कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के ग्राम सोड़मा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में देखने को मिला, जहां ग्राम सोड़मा निवासी श्रीमती सनबती बाई और ग्राम जैतपुरी निवासी श्रीमती कुमारी मानिकपुरी को मौके पर ही नया राशन कार्ड प्रदान किया गया।दोनों हितग्राहियों ने बताया कि राशन कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला चावल एवं अन्य आवश्यक खाद्यान्न प्राप्त नहीं हो पा रहा था। सुशासन तिहार के तहत गांव में आयोजित शिविर में उन्होंने अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका राशन कार्ड बनाया गया और वितरित किया गया।राशन कार्ड मिलने के बाद अब दोनों परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही आयुष्मान भारत योजना सहित शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिल सकेगा। श्रीमती सनबती बाई और श्रीमती कुमारी मानिकपुरी ने अपनी समस्या के त्वरित समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
- गौरेला पेंड्रा मरवाही. जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन नगर पालिका परिषद पेंड्रा के तरणताल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में आकांक्षी विकासखंड गौरेला के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा जाति के बालक और बालिकाओं को विशेष अवसर दिया गया है। बैगा परिवार मुखिया से मान मनौव्वल करके उनके गांव से स्वीमिंगपूल तक लाया गया है। जो प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों पालियों में तैराकी के खेल कौशल से रूबरू व पारंगत हो रहे हैं।राष्ट्रीय स्तर के पदक प्राप्त खिलाड़ी प्रशिक्षकों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यों तों तैराकी खेल को सीखने के लिए ज्यादा समय चाहिए, लगातार अभ्यास से ही इस विधा को सीखा जा सकता है, दूरस्थ अंचल से आकर सभी विधा को नहीं सीखा जा सकता। इसमें फ्रीस्टाइल, बैक स्ट्रोक, बटर स्ट्रोक, ब्रेस्ट स्ट्रोक, मिडले आदि को इतने कम समय पर नहीं सीखा जा सकता। लेकिन ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति के खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। शिविर में रह कर बैगा बच्चों ने बहुत कुछ सीखा है। यों तो ईन बैगा बच्चों को जंगल पहाड़ नदी-नालों से रोज पाला पड़ता है लेकिन तरणताल में और नदी में बहुत अंतर होता है जिसे ये खिलाड़ी नजदीक से अनुभव लेकर प्रफुल्लित हैं। शिविर को सफल बनाने में दिनेश सिंह दाऊ प्रभारी अधिकारी, टीम के सदस्य सोमेश्वर सिंह धुर्वे, राजेन्द्र केंवट और न्यासा पैकरा लगातार लगे हुए हैं।
- 0- समय-समय पर कराएं आधार अद्यतन, अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पर प्रशासन की अपीलमोहला। आधार केवल 12 अंकों की संख्या नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की विशिष्ट पहचान है। वर्तमान समय में आधार हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग सेवाएं, पेंशन, राशन, छात्रवृत्ति, आयुष्मान योजना, गैस सब्सिडी, मोबाइल सिम सत्यापन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं में आधार की महत्वपूर्ण भूमिका है।आधार से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय समय-समय पर आधार अद्यतन कराना है। यदि किसी नागरिक ने पिछले 10 वर्षों के भीतर अपना आधार अपडेट नहीं कराया है, तो आधार निष्क्रिय होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार माता-पिता के बायोमेट्रिक के आधार पर बनाया जाता है। बच्चा जब 5 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेता है, तब उसका बायोमेट्रिक अद्यतन कराना अनिवार्य होता है। इसी प्रकार 15 से 17 वर्ष की आयु के दौरान भी बायोमेट्रिक अपडेट आवश्यक है। समय के साथ व्यक्ति की आंखों, उंगलियों के निशान एवं चेहरे की बनावट में परिवर्तन होता है, इसलिए आधार का बायोमेट्रिक अद्यतन समय-समय पर कराया जाना जरूरी है, ताकि हितग्राही विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) 5 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर तथा 15 से 17 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर कराया जाना आवश्यक है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा 30 सितंबर 2026 तक बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को निःशुल्क किए जाने की घोषणा की गई है। इसके पश्चात बायोमेट्रिक अपडेट कराने पर निर्धारित शुल्क देय होगा।जिला प्रशासन ने नागरिकों एवं पालकों से अपील की है कि वे समय रहते आधार अद्यतन एवं बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी शासकीय सेवा एवं योजना का लाभ लेने में असुविधा न हो।
- 0- विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों की दी गई जानकारीमोहला। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी द्वारा बैंकर्स के सहयोग से रैंप योजना के अंतर्गत विकासखंड मानपुर में बैंकर्स-उद्यमी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा पीएमएफएमई एवं पीएमईजीपी योजनाओं के हितग्राहियों ने भाग लिया।कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए उद्यमियों को वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं, मुद्रा योजना तथा सीजीटीएमएसई के लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान प्रतिभागियों को बैंक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने अपने व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को साझा किया। बैंक अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। कार्यक्रम के दौरान कई ऋण प्रस्तावों पर प्रारंभिक कार्यवाही भी की गई। साथ ही सफल उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए नए एवं भावी उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि स्वरोजगार केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार प्रदाता बनने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक युवाओं एवं महिलाओं से शासन की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री राम कुमार गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम उद्यमिता क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे भावी उद्यमियों को उचित मार्गदर्शन और सही दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही तथा सभी बैंक अधिकारियों और उपस्थित उद्यमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
- 0- एक माह में बैंकों ने स्वीकृत किए लगभग 49 करोड़ रुपए के ऋण, स्वरोजगार और उद्यमिता को मिला बढ़ावामोहला। सुशासन तिहार 2026 के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले के सभी बैंकों द्वारा शुक्रवार को आरसेटी भवन मानपुर में जिला स्तरीय मेगा क्रेडिट कैंप का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, एसडीएम मानपुर श्री अमित योगी, सीईओ जनपद पंचायत मानपुर श्री मोहम्मद हनीस, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री आर.के. गुप्ता, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के प्रारंभ में बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर एवं लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर श्री के.एम. सिंह ने मेगा क्रेडिट कैंप के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सुशासन तिहार के दौरान इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को बैंक ऋण योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने जानकारी दी कि सुशासन तिहार 2026 के दौरान 1 मई से 28 मई 2026 तक जिले के विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 48 करोड़ 99 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत लगभग 39 करोड़ रुपये, स्वयं सहायता समूहों को सवा करोड़ रुपये, पीएमईजीपी योजना में 25 लाख रुपये, व्यक्तिगत ऋण के रूप में 5 करोड़ रुपये, मुद्रा योजना के तहत 3 करोड़ रुपये तथा एंटरप्राइज फाइनेंस के अंतर्गत 15 लाख रुपये के ऋण शामिल हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के स्थानीय उत्पादों एवं संसाधनों पर आधारित व्यवसायों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर ने अपने सहज एवं छत्तीसगढ़िया अंदाज में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्वरोजगार एवं व्यवसाय के लिए बैंक ऋण का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का समुचित उपयोग कर लोग आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर ने मेगा क्रेडिट कैंप के सफल आयोजन के लिए जिले के सभी बैंकरों एवं संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। मेगा क्रेडिट कैंप के माध्यम से जिले में वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
- महासमुंद. जिले में खाद भंडारण और वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। अब किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुट चुके है। सहकारी समिति से किसान खाद का उठाव कर रहें हैं। उप संचालक कृषि, से प्राप्त जानकारी अनुसार सहकारी समिति में यूरिया 9589 टन, डीएपी 4128 टन, एमओपी 1887 टन, एसएसपी 5616 टन, एनपीके 3005 टन कुल 24225 टन उर्वरको का भण्डारण किया जा चुका है इसके अतिरिक्त जिला विपणन अधिकारी महासमुन्द के भण्डारण गृह में यूरिया 5931 टन, डीएपी 572 टन, एमओपी 795 टन, एसएसपी 1328 टन, एनपीके 90 टन कुल 8716 टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है।पूरे प्रदेश में कृषकों को खरीफ सीजन भर खाद की आपूर्ति कि जा सकें इस हेतु कृषि भूमि के रकबे वार अलग से व्यवस्था कि गई है जिसमें कृषक (2.5 एकड़ से कम) को एक मुश्त खाद वितरण, सीमांत कृषकों (2.5 एकड़ से 5 एकड़ तक) को दो किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) खाद वितरण एवं दीर्घ कृषक (2.5 एकड़ से अधिक) को तीन किस्तो में (20 दिवस के अंतराल पर) उर्वरको का वितरण निजी एवं सहकारी दोनो क्षेत्रो में किया जावेगा। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी व अधिक मूल्य पर उर्वरको के विक्रय पर अंकुश लगाने हेतु जिले भर में कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा सतत् निगरानी का कार्य किया जा रहा है। जिले में अनियमित रूप से यूरिया वितरण करने पर 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिवस के लिये निलंबित किया जा चुका है एवं 4 फर्मों पर एफ.आई.आर. करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा तीन फर्मों के यहां पॉस एवं भौतिक स्टॉक में अंतर के कारण उर्वरक जप्ती की कार्यवाही की गई है।--
- बालोद. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज जिला मुख्यालय बालोद स्थित राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन के निवास स्थल पहुंचे। वहाँ उन्होंने श्री जैन की भाभी स्वर्गीय लक्ष्मी देवी जैन के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किया एवं शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
- 0- 31 मई को मतदान दलों को किया जाएगा रवाना, सभी 15 मतदान केंद्रों पर महिला अधिकारी निभाएंगी दायित्व0- नगर पंचायत पलारी में पहली बार होगा निर्वाचन, सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा मतदानबालोद. बालोद जिले के नगर पंचायत पलारी में नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत अध्यक्ष और 15 पार्षदों के चुनाव के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार का निर्वाचन बेहद खास होने जा रहा है, क्योंकि पूरे नगर पंचायत में मतदान संपन्न कराने की कमान पूरी तरह से महिला मतदान कर्मियों के हाथों में सौंपी गई है।निर्वाचन को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों में 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। खास बात यह है कि सभी केंद्रों के लिए पीठासीन अधिकारी से लेकर मतदान अधिकारी क्रमांक 1, 2 और 3 के पदों पर केवल महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। चुनाव कार्य के लिए कुल 15 मुख्य मतदान दल गठित किए गए हैं, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 3 अतिरिक्त (रिजर्व) मतदान दलों को भी तैयार रखा गया है।नगर पंचायत पलारी में 01 जून को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान सम्पन्न होगा। पलारी नगर पंचायत में इस बार कुल 3,766 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिसमें 1,912 महिला मतदाता और 1854 पुरुष मतदाता शामिल हैं। सुरक्षा और सुव्यवस्थित मॉनिटरिंग के लिए पूरे 15 मतदान केंद्रों को 2 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। दोनों ही सेक्टरों में कानून व्यवस्था और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए दो सेक्टर ऑफिसर तैनात किए गए हैं।निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 31 मई 2026 को प्रातः 8:00 बजे से स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से मतदान सामग्री का वितरण शुरू किया जाएगा। सामग्री प्राप्त करने के बाद, प्रशासन द्वारा तैयार किए गए विशेष रूट चार्ट के अनुसार सभी मतदान दल अपने-अपने निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए बसों और वाहनों के माध्यम से रवाना होंगे। प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण और भारी संख्या में मतदान करने की अपील की है।
- -ग्रामीण और शहरी अंचलों में सुचारू उत्पाद आवाजाही के लिए मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैनातरायपुर ।देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) शामिल हैं—ने छत्तीसगढ़ राज्य में ईंधन की मांग में आए भारी उछाल के बीच अपने परिचालन और लॉजिस्टिक्स तालमेल को मजबूत किया है। इंडियन ऑयल के रायपुर मंडल कार्यालय के डिविजनल रिटेल सेल्स हेड (DRSH) एवं छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय समन्वयक श्री नितिन चव्हाण द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 मई से 28 मई 2026 की अवधि के दौरान राज्य में हाई-स्पीड डीजल (HSD) की खुदरा बिक्री में व्यापक विकास देखा गया है, जिसमें विशेष रूप से 4 प्रमुख जिलों—बालोद (40.6%), बस्तर (35.2%), कोरिया (34.0%) और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (30.3%)—ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की शानदार विकास दर हासिल की है। इसके साथ ही, 7 अन्य जिलों, जिनमें सक्ती (29%), राजनांदगांव (26.9%), सूरजपुर (23.5%), दुर्ग (23.5%), रायपुर (22.6%), कोंडागांव (20.9%) और कांकेर (20.3%) शामिल हैं, ने डीजल की बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत के बीच जोरदार वृद्धि दर्ज की है, जबकि महासमुंद, बलौदाबाजार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बीजापुर, सुकमा, सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर और धमतरी सहित 11 जिलों में यह वृद्धि 10 से 20 प्रतिशत के दायरे में रही है; वहीं जांजगीर (13.1%), कांकेर (12.8%) और रायपुर (12.1%) जैसे जिलों में पेट्रोल की खुदरा बिक्री में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।ईंधन की मांग में इस निरंतर वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण स्थानीय और आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें मुख्य रूप से ग्रामीण कृषि क्षेत्रों में चल रही सीजन की चरम जुताई, बुवाई और कटाई से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ ही, क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) और अन्य निजी तेल आपूर्तिकर्ताओं के बीच कीमतों में मौजूद स्पष्ट अंतर की वजह से भारी वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं का रुझान बड़े पैमाने पर पीएसयू (PSU) आउटलेट्स की तरफ हुआ है, जिसने खुदरा मांग को नई ऊंचाई दी है। पेट्रोलियम उत्पादों के इस उच्च उठाव के बावजूद, बिक्री के ये मजबूत आंकड़े प्रमाणित करते हैं कि बिना किसी बड़े व्यवधान या स्थानीय किल्लत के पूरे छत्तीसगढ़ संभाग में ऑटोमोटिव ईंधन की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति सफलतापूर्वक कायम रखी गई है।इस भारी लॉजिस्टिक्स आवश्यकता को पूरा करने के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों और खुदरा काउंटरों के अपने व्यापक देशव्यापी नेटवर्क के माध्यम से निरंतर आपूर्ति चक्र चला रही हैं। बाजारों में उत्पादों की सुचारू आवाजाही और समय पर पुनः आपूर्ति (रेपलीनिशमेंट) सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों की समर्पित आपूर्ति टीमें, परिवहन नेटवर्क और terminal संचालन इकाइयां चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के साथ मिलकर चौबीसों घंटे (24x7) काम कर रही हैं। तेल उद्योग इस संबंध में राज्य प्रशासन के साथ निरंतर सीधा और कड़ा समन्वय बनाए हुए है। तेल उद्योग के नेतृत्व ने समस्त उपभोक्ताओं को पुनः आश्वस्त किया है कि देश और राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देते हुए अपना सामान्य खरीदारी व्यवहार बनाए रखें, घबराहट में आकर अनावश्यक भंडारण (पैनिक बाइंग) से बचें और सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों व तेल कंपनियों के आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।
- -ग्राम बेलदगी के जीत नारायण को मिला आयुष्मान कार्ड, अब 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से योजनाओं का लाभ पहुंच रहा सीधे ग्रामीणों के द्वाररायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ प्रदेश में सुशासन और जनकल्याण की नई मिसाल बन रहा है। इस अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य को प्रभावी रूप से साकार किया जा रहा है। प्रशासन अब गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहा है, जिससे आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं और योजनाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।इसी क्रम में सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलदगी के निवासी श्री जीत नारायण सिंह को ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आयुष्मान कार्ड का लाभ प्राप्त हुआ। लंबे समय से आयुष्मान कार्ड नहीं बनने के कारण वे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुरक्षा से वंचित थे। शिविर में आवेदन प्रस्तुत करने के बाद विभागीय अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रदान किया।आयुष्मान कार्ड प्राप्त होने पर श्री जीत नारायण सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनके परिवार को 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि पहले कार्ड नहीं बनने के कारण उन्हें भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब यह चिंता समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी राहत यह रही कि उन्हें किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े और गांव में ही उनकी समस्या का समाधान हो गया।श्री सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘सुशासन तिहार’ आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी पहल साबित हो रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है।उल्लेखनीय है कि ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से प्रदेशभर में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। यह अभियान शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ सेवा, संवेदनशीलता और सुशासन की भावना को भी सशक्त बना रहा है।
- -ग्राम बेलदगी की हितग्राही को मिला राशन कार्ड, खाद्य सुरक्षा की चिंता हुई दूर-तीन बच्चों के परिवार को मिला राहत का संबल, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है, जिससे वर्षों से लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलदगी की निवासी श्रीमती सीतारानी इसकी एक प्रेरक उदाहरण हैं, जिनकी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंता ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से दूर हुई।श्रीमती सीतारानी लंबे समय से राशन कार्ड नहीं होने के कारण शासन की खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही थीं। तीन छोटे बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी के बीच परिवार को राशन जुटाने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के लिए नियमित खाद्यान्न की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया था।गांव में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के जनसमस्या निवारण शिविर में सीतारानी ने अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रखी। आवेदन प्राप्त होते ही संबंधित अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्रता का परीक्षण किया और बिना किसी विलंब के उनका नया राशन कार्ड जारी कर दिया। राशन कार्ड प्राप्त होने के साथ ही उनके परिवार की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो गई।राशन कार्ड मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती सीतारानी ने कहा कि अब उनके परिवार को नियमित रूप से राशन प्राप्त होगा, जिससे बच्चों के पालन-पोषण और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले राशन कार्ड नहीं होने के कारण परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उनकी चिंता समाप्त हो गई है।श्रीमती सीतारानी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘सुशासन तिहार’ जैसी पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल रही है और लोगों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही हो रहा है।उल्लेखनीय है कि ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से प्रदेशभर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। यह अभियान सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की भावना को मजबूत करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहा है।
- -शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा तेलीबांधा में आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में शामिल होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके महान बलिदान को मानवता, सत्य तथा सेवा की रक्षा का अमर संदेश बताया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राहगीरों को शरबत एवं प्रसादी वितरित कर सेवा परंपरा में सहभागी बनते हुए समाज को परोपकार, संवेदना और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में उनके दिव्य जन्म से लेकर शहादत तक की प्रेरक और गौरवपूर्ण यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया था। इसमें गुरु गद्दी की प्राप्ति, हरमिंदर साहिब गुरुद्वारा के निर्माण, आदि ग्रंथ साहिब के संकलन, जहांगीर से वैचारिक संघर्ष, गिरफ्तारी, असहनीय यातनाओं के बीच अडिग आस्था का विस्तृत चित्रण शामिल था।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री गुरु अर्जुन देव जी त्याग, तपस्या, सत्य, सेवा और मानवता की महान प्रतिमूर्ति थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज को प्रेम, समानता, करुणा, समर्पण और मानव कल्याण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने अन्याय, अत्याचार और दमन के सामने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। असहनीय यातनाओं के बावजूद उनका धैर्य, साहस, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आज भी संपूर्ण मानवता के लिए अमर प्रेरणा का स्रोत है।मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस पर आयोजित ‘छबील सेवा’ केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, भाईचारे और मानवता की जीवंत अभिव्यक्ति है। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाना निस्वार्थ मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सिक्ख परंपरा में छबील सेवा मानवता के प्रति समर्पण, सह-अस्तित्व और परोपकार की भावना को जीवंत बनाए रखने का माध्यम रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी को श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन, संघर्ष, आध्यात्मिक चेतना और महान बलिदान से परिचित कराने का अत्यंत सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इतिहास तभी जीवंत रहता है, जब नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के विचारों, मूल्यों और त्याग से जुड़ी रहती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों से गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सत्य, सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने इस गरिमामय एवं पुनीत आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज को साधुवाद भी दिया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव सहित छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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-मुख्यमंत्री के निर्देश पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली जानकारी, परिजनों को हर संभव सहायता का दिया भरोसा
रायपुर ।छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया में प्रतिष्ठित करने वाली सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्मविभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई के अस्वस्थ होने की सूचना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने तत्काल पहल की। उन्होंने अपने सहयोगी को एम्स रायपुर भेजकर पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली।मंत्री श्री अग्रवाल ने दूरभाष पर तीजन बाई के परिजनों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि राज्य शासन उनकी चिकित्सा एवं आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उपचार संबंधी हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।श्री अग्रवाल ने कहा कि तीजन बाई केवल लोक कलाकार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं की जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने अपनी अद्भुत गायन शैली, प्रभावशाली प्रस्तुति और लोककला के प्रति समर्पण से पंडवानी को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनके योगदान ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।एम्स रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई का उपचार जारी है। चिकित्सकों की सतत निगरानी और बेहतर चिकित्सा प्रबंधन के चलते उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक उपचार दे रही है।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा की पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई ने अपनी अनुपम कला साधना से न केवल पंडवानी परंपरा को संरक्षित किया, बल्कि नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनकी उपलब्धियां और कला यात्रा देशभर के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने लोककला को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया है, वह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।मंत्री श्री अग्रवाल ने ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ आज उनकी कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और चिकित्सकों के प्रयासों से श्रीमती तीजन बाई जल्द स्वस्थ होकर पुनः अपनी कला के माध्यम से लोगों को प्रेरित करेंगी। -
-मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान
-227 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांचदंतेवाड़ा । मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम बैलाडीला के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित सुदूर ग्राम बड़ेपल्ली पहुंची, जहां पहुंचने के लिए टीम को लगभग 13 किलोमीटर का कठिन पहाड़ी मार्ग पैदल तय करना पड़ा। घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और दुर्गम पहाड़ियों को पार करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने गांव तक पहुंचकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। अभियान का उद्देश्य ऐसे पहुंचविहीन क्षेत्रों में निवासरत लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जहां सामान्य परिस्थितियों में चिकित्सा सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती हैं।स्वास्थ्य शिविर के दौरान ग्राम बड़ेपल्ली में कुल 227 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर में लोगों की विभिन्न प्रकार की आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें मलेरिया, सिकल सेल, हीमोग्लोबिन, मधुमेह (शुगर), रक्तचाप सहित अन्य आवश्यक लैब परीक्षण शामिल रहे। जांच के माध्यम से कई मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के साथ बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। जांच के दौरान एक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की पहचान की गई, जिसे बेहतर उपचार एवं सुरक्षित प्रसव के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं हाइपरटेंशन और डायबिटीज से पीडि़त 12 मरीजों को आगे के उपचार हेतु उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जरूरतमंद ग्रामीणों को निशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। शिविर के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आयुष्मान कार्ड के लाभों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करते हुए सुरक्षित मातृत्व के महत्व को समझाया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से जिले के सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। अभियान के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें जिला अस्पताल तथा आवश्यकता पड़ने पर रायपुर स्थित उच्च चिकित्सा संस्थानों तक उपचार के लिए भेजा जा रहा है।उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार ऐसे गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित थी। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान न केवल ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अभियान से दूरस्थ अंचलों के लोगों में विश्वास बढ़ा है और उन्हें घर के समीप स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। - -1 जून तक जमा किए जा सकते है आवेदनदंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 के प्रावधानों के तहत विकासखंड कुआकोण्डा एवं नगरपालिका बड़े बचेली क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए पात्र महिला स्व सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों, सेवा सहकारी समितियों एवं अन्य पात्र संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जारी सूचना के अनुसार विकासखण्ड कुआकोण्डा अंतर्गत नवीन ग्राम पंचायत मुलेर, मड़कामीरास एवं बड़ेहड़मामुण्डा में शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आबंटन किया जाना है। वहीं नगरपालिका बड़े बचेली क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 611002002 के संचालन हेतु भी पात्र संस्थाओं का चयन किया जाएगा। इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ संस्था का पंजीयन प्रमाण पत्र, विगत एक वर्ष का बैंक खाता विवरण, संस्था का प्रस्ताव, अध्यक्ष, प्रबंधक एवं सचिव के आधार कार्ड की छायाप्रति तथा उपविधि की प्रति संलग्न कर प्रस्तुत करना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 1 जून 2026 निर्धारित की गई है। सभी आवेदन संबंधित कार्यालय में शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के सभी पात्र महिला स्व सहायता समूहों एवं संस्थाओं से समय अवधि के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा - हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता-प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण-महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां बनीं आत्मनिर्भर, 10 हजार से अधिक समूह निर्माण कार्य से जुड़ेरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्रदेश में 10 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां निर्माण सामग्री आपूर्ति कार्य से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- -अनियमितता पर 29 को नोटिस और 06 केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंधमुंगेली। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी व अनियमितता रोकने के लिए निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक जिले के 90 से अधिक उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 29 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, वहीं गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 06 विक्रय केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।उपसंचालक वीणा ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद के भंडारण, वितरण, रेट सूची, पॉश मशीन के उपयोग तथा किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान सभी विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया कि किसानों को संतुलित मात्रा में और शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद वितरित किया जाए। साथ ही किसानों को खाद की कमी संबंधी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ नील हरित शैवाल, हरी खाद एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग करने समझाइश दी गई। इन वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
- -सेमी पत्ते के रस से उभरते हैं सदियों पुराने अक्षर, रायगढ़ में सुरक्षित है नाड़ी विज्ञान और आयुर्वेद का अद्भुत ज्ञान भंडाररायपुर। आधुनिक तकनीक और डिजिटल युग के बीच भारत की हजारों वर्ष पुरानी ज्ञान परंपरा आज भी ताड़ पत्रों में जीवंत है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में संरक्षित दुर्लभ ताड़ पत्र पांडुलिपियां न केवल आयुर्वेद और नाड़ी विज्ञान की विलक्षण विरासत को संजोए हुए हैं, बल्कि भारतीय चिकित्सा परंपरा के उस अद्भुत अध्याय को भी सामने लाती हैं, जिसने सदियों तक मानव जीवन को दिशा दी। इन पांडुलिपियों की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि इनमें लिखे अक्षर सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देते। सेमी के पत्तों के रस के प्रयोग से प्राचीन अक्षर उभरकर स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। भारत सरकार द्वारा संचालित ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ के अंतर्गत रायगढ़ जिला प्रशासन इन अमूल्य धरोहरों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। प्रशासन की टीम जिले में विभिन्न स्थानों पर संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें संरक्षित करने में जुटी है। इसी क्रम में टीम रायगढ़ के कोतरा रोड स्थित उस स्थान तक पहुंची, जहां प्रख्यात नाड़ी वैद्याचार्य स्वर्गीय पंडित विश्वनाथ मिश्रा से जुड़ी दुर्लभ ताड़ पत्र पांडुलिपियां आज भी सुरक्षित रखी गई हैं। स्वर्गीय पंडित विश्वनाथ मिश्रा अपने समय के प्रसिद्ध नाड़ी वैद्याचार्य थे। वे रायगढ़ रियासत के राजा चक्रधर सिंह के नवरत्नों में शामिल थे तथा राजकीय वैद्य के रूप में अपनी सेवाएं देते थे। कहा जाता है कि वे इन्हीं ताड़ पत्र पांडुलिपियों के आधार पर लोगों की नाड़ी जांच कर रोगों का उपचार करते थे। इन पांडुलिपियों को आज भी उनके परिवार द्वारा अत्यंत सावधानी और श्रद्धा के साथ सुरक्षित रखा गया है। पंडित विश्वनाथ मिश्रा के सुपुत्र श्री पीतांबर मिश्रा ने बताया कि ये पांडुलिपियां पूर्णतः आयुर्वेद और नाड़ी विज्ञान से संबंधित हैं तथा उडि़या भाषा में लिखी गई हैं। उन्होंने कहा कि इन ताड़ पत्रों पर अंकित अक्षर सामान्य रूप से दिखाई नहीं देते। इन्हें पढ़ने की एक विशिष्ट पारंपरिक पद्धति है, जिसमें ताड़ पत्रों पर सेमी के पत्ते का रस लगाया जाता है। इसके बाद सदियों पुराने अक्षर स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आते हैं। लगभग दो सौ ताड़ पत्रों को इसी विधि से तैयार किया गया है।श्री पीतांबर मिश्रा ने बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा तैयार किया गया यह ज्ञान भंडार केवल परिवार की धरोहर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और चिकित्सा विज्ञान की अमूल्य संपत्ति है। परिवार के सदस्य श्री सत्येंद्र मिश्रा एवं श्री राजेंद्र कुमार मिश्रा वर्षों से इन पांडुलिपियों को संरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ताड़ पत्रों में संरक्षित यह ज्ञान भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान, सांस्कृतिक इतिहास और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का जीवंत दस्तावेज है। इनका संरक्षण केवल अतीत को सहेजने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।उल्लेखनीय है कि ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ का उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण, डिजिटलीकरण और अध्ययन को बढ़ावा देना है। यह अभियान भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, चिकित्सा विज्ञान, दर्शन, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जिले में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों को सुरक्षित रखा जा सके तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। प्रशासन की यह पहल न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आने वाली पीढि़यों के लिए ज्ञान और इतिहास का अमूल्य खजाना भी सिद्ध होगी।



























