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- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में बालोद विकासखण्ड के ग्राम तरौद के सुरेश कुमार महिपाल ने आबादी भूमि का पट्टा प्रदान दिलाने, डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खैरवाही के श्री दिवाकर सिवाना ने कृषक सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने हेतु एवं डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम अंडी के श्री दीपक कुमार साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किश्त की राशि दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
- 0- एलपीजी, पेट्रोल, डीजल एवं अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एडीएम श्री चंद्रकांत कौशिक नोडल अधिकारी नियुक्तबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न परिस्थिति में आम नागरिकों को घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल आदि आवश्यक वस्तुओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले में घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल अन्य सभी आवश्यक वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति और वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर द्वारा अनुभाग स्तर पर गठित दल के अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, प्राप्त, शिकायतों का निराकरण की जानकारी जिला स्तरीय नोडल अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
- 0- सतत मानिटरिंग के लिए अनुविभाग स्तरीय समिति गठित0- अनुविभाग स्तरीय समिति को आवश्यक वस्तुओं की रेण्डम जांच करने निर्देश0- आम जनता से प्राप्त सूचना एवं शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति के फलस्वरूप घरेलु गैस, पेट्रोल, डीजल एवं उर्वरक आदि आवश्यक वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की सतत माॅनिटरिंग हेतु अनुभाग स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत जिले के सभी पांचों राजस्व अनुविभागों में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं संबंधित तहसीलदारों के अलावा सहायक खाद्य अधिकारी/खाद्य निरीक्षक, सहकारिता विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को अलावा अनुविभाग स्तरीय कमेटी का सदस्य बनाया गया है।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अनुविभाग स्तरीय कमेटी के सदस्यों को पश्चिम एशियाई संकट के परिपेक्ष्य में अपने-अपने प्रभार क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की रेण्डम जांच करने के अलावा इस संबंध में प्राप्त शिकायत तथा आम जनता से प्राप्त सूचना एवं शिकायतों का तत्काल निराकरण कर इस संबंध में की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
- 0- राजस्व संबंधी समस्याओं का किया जाएगा त्वरित निराकरणबालोद. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए जिले के सभी तहसीलों के अंतर्गत आने वाले हल्के एवं उनके अधीनस्थ ग्राम पंचायतों के ग्रामों में ’राजस्व पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा। ’राजस्व पखवाड़ा’ अप्रैल से जून तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। जिसके अंतर्गत अप्रैल माह में 01 अपै्रल से 15 अप्रैल 2026, मई माह में 04 मई से 18 मई 2026 तथा जून माह में 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। राजस्व पखवाड़ा में अविवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन के समय-सीमा के बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण करना, सीमांकन (ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों), व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई का समय सीमा से बाहर के प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण करना, नक्शा बंटाकन की प्रगति सुनिश्चित करना, भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाइल नं., किसान किताब एवं जेंडर की प्रविष्टि शत-प्रतिशत करना, शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदन जैसे फौती नामांतरण एवं बँटवारा, अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन अपलोड पर हल्का पटवारी द्वारा प्रतिवेदन, पंचनामा, सूची की प्रविष्टि एवं नोटिस ईश्तिहार जारी कर पक्षकारों को तामिली कराना एवं निराकरण करना कार्ययोजना में शामिल है।इसी तरह जनहानि-फसल क्षति, पशु हानि से संबंधित आर.बी.सी. 6-4 के तहत प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करना, भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण तथा भू-अर्जन प्रकरणों में लिये गये सेवा शुल्क की जानकारी अद्यतन किया जाएगा। स्वामित्व योजनांतर्गत लगभग अधिकार अभिलेखों का कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानीय जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति मे वितरण करना, वार्षिक कृषि सांख्यिकी सारणी तथा ऋतु एवं फसल प्रतिवेदन (जींसवार वर्ष 2025-26 का अप्रैल तक शत-प्रतिशत अद्यतन जानकारी उपलब्ध करना, अभिलेख शुद्धता (संकलन हेतु त्रुटि खसरा, विलोपन योग्य संदेहास्पद खसरा, शून्य रकबा वाले खसरा, भूमिस्वामी विहीन खसरा, भूमिस्वामी के विवरण में स्पेशल कैरेक्टर युक्त खसरा, संयुक्त खातेदार का नाम पृथक-पृथक दर्ज न होकर एक साथ दर्ज होने, त्रुटिपूर्ण खसरा भूमिस्वामी क्रमांक निर्धारण हेतु त्रुटि खसरा की संख्या) अंतर्गत शत-प्रतिशत निराकरण करना, मौके पर बी-01, खसरा एवं किसान किताब के प्राप्त आवेदनों का शिविर स्थल पर निराकरण करना है। इसी तरह आय, जाति, निवास संबंधी समस्त आवेदनों का शिविर स्थल पर ही लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टि एवं समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण करना, शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों एवं उन पर कार्यवाही की जानकारी प्रत्येक दिवस निर्धारित प्रपत्र में इस कार्यालय को उपलब्ध कराना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवाओं की अदायगी हेतु समय-सीमा में कार्यवाही करना, राजस्व पखवाड़ा शिविर आयोजन के संबंध में प्रत्येक ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराना है।
- 0- बैठक में जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम सुनिश्चित करने चर्चा0- मादक पदार्थों के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाने उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गईबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक की अध्यक्षता में आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में बालोद जिले में मनः प्रभावी पदार्थों के अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में जिले में मनः प्रभावी पदार्थों के अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम की पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा इसके संबंध में जनजागरूता अभियान चलाने के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग और कृषि एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए जरूर उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री जेएल उइके, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम, उप पुलिस अधीक्षक श्री बोनीफास एक्का, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में अपर कलेक्टर श्री कौशिक ने विभागवार जिले में मनः प्रभावी पदार्थों के अवैध बिक्री, तस्करी की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नशामुक्ति हेतु मेडिकल सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए जिला अस्पताल में विशेष कक्ष भी क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर मनः प्रभावी पदार्थों के बिक्री एवं परिवहन की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु चिन्हित स्थानों पर नियमित रूप से जाँच किया जा रहा है। संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिले के स्कूल, काॅलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के अलावा अन्य चिन्हित स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाकर नशापान से दूर रहने की समझाईश दी जा रही है।--
- -सभी जोनों के राजस्व विभाग में सम्पतिकरदाता नागरिक उमड़े और अपना देय सम्पतिकर अदा किया-31 मार्च 2026 को सम्पतिकर अदायगी हेतु अंतिम नियत तिथि, अदा नहीं करने वालों से 17 प्रतिशत अधिभार सहित राजस्व वसूली की जाएगी-राजस्व नगर निगम को अदा नहीं करने वालों पर व्यवसायिक परिसरों में सीलबंदी और घरों में नल विच्छेद करने की कार्रवाई सभी जोनों में निरन्तर जारी-31 मार्च 2026 को महावीर जयन्ती के शासकीय अवकाश दिवस पर सभी 10 जोनों के राजस्व विभाग सामान्य कार्य दिवस की तरह जनसुविधा हेतु राजस्व वसूली हेतु खुले रहेंगेरायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोनों के राजस्व विभागों में सम्पतिकर अदा करने सम्पतिकरदाता नागरिक उमड़ पड़े. सभी 10 जोनों में सम्पतिकरदाता नागरिक स्वयं आकर सुबह 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक अपना देय सम्पतिकर सहजता और सरलता से अदा करते रहे.आज 30 मार्च को सुबह 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक आज नगर निगम राजस्व विभाग को 8768 सम्पतिकरदाता नागरिकों ने 9 करोड़ 58 लाख 61442 रूपये सम्पतिकर अदा किया है.दिनांक 31 मार्च 2026 को सम्पतिकर अदा करने अंतिम नियत तिथि निर्धारित है. 31 मार्च के अंतिम दिवस तक राजस्व अदा नहीं कर पाने वाले सम्पतिकरदाता नागरिकों से नियमानुसार दिनांक 1 अप्रैल से 17 प्रतिशत अधिभार सहित राजस्व वसूली रायपुर नगर निगम के राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी.आज 30 मार्च को नगर निगम के सभी सभी जोनों के राजस्व विभाग द्वारा वार्डो में नगर निगम को राजस्व बकाया अदा नहीं करने वाले दुकानदारों के सम्बंधित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सीलबंद करने की कार्रवाई और घरों में बकाया राजस्व अदा नहीं करने पर नल विच्छेद की कार्रवाई सभी जोनों में राजस्व विभाग द्वारा आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों की अगुवाई और अभियंताओं, जोन सहायक राजस्व अधिकारियों सहित राजस्व कर्मचारियों द्वारा लगातार सुबह से रात्रि तक जारी रही.
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय स्वीकृति का पत्र जारी-एक्सप्रेस-वे और वीआईपी रोड पर यातायात होगा तेज और सुव्यवस्थितरायपुर। राज्य शासन ने रायपुर में अटल पथ एक्सप्रेस-वे पर फुण्डहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के निर्माण के लिए 87 करोड़ 53 लाख 13 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके निर्माण से इस रुट पर यातायात तेज होगा। इससे एक्सप्रेस-वे के साथ ही वीआईपी रोड पर भी यातायात तेज और सुव्यवस्थित होगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण के समय से ही शहरवासी इसकी मांग कर रहे थे।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।
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- जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर फील्ड में जाकर कार्य करें - प्रभारी सचिव
राजनांदगांव । प्रभारी सचिव श्री अविनाश चंपावत ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर फील्ड में जाकर कार्य करें और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल एवं ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सभी प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। प्रभारी सचिव ने जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को और बेहतर तरीके से करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदकों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करानी पड़े, दोनों पक्षों की सुनवाई कर मामलों का निष्पक्ष एवं शीघ्र निराकरण किया जाए। प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को जनहित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेजी और पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धान उठाव, पीएम आशा योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की। प्रभारी सचिव ने जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक घरों पर सोलर कनेक्शन लगने पर बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी राजनांदगांव निवासी श्री संजय कुमार रघुवेन्द्र और कंचनबाग राजनांदगांव निवासी श्रीमती केकती साहू प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी राजनांदगांव निवासी श्री संजय कुमार रघुवेन्द्र और कंचनबाग राजनांदगांव निवासी श्रीमती केकती साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने घर की छत पर रूपटॉफ सोलर पैनल लगाया है। जिससे उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और भविष्य में अतिरिक्त बिजली उत्पादन पर उन्हें आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - रायपुर । कभी बारिश पर निर्भर रहने वाले जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बम्हनीडीह के ग्राम सरवानी के किसान हेमंत साहू के जीवन में अब बड़ा बदलाव आया है। मनरेगा के तहत खेत में बने कुएं ने उनकी खेती को नई दिशा दी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।हेमंत साहू बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण वे साल में केवल एक फसल ही ले पाते थे। खेत अक्सर सूखे रहते थे और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता था। भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी। मनरेगा योजना के तहत उनके खेत में व्यक्तिगत कुआं निर्माण स्वीकृत हुआ। लगभग 2.99 लाख रुपये की लागत से बने इस कुएं ने स्थायी सिंचाई की समस्या को दूर कर दिया। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान 357 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिससे गांव के मजदूरों को काम मिला।कुएं के निर्माण के बाद अब हेमंत साहू सालभर खेती कर रहे हैं। उनके खेत में टमाटर, बैंगन, भिंडी, पत्तागोभी, लौकी, मिर्च, करेला, खीरा और ककड़ी जैसी सब्जियों की खेती हो रही है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।हेमंत साहू का कहना है कि अब हर मौसम में खेती संभव हो गई है और वे भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वासी हैं। श्री साहू की सफलता की इस बात का प्रमाण है कि सही योजना, स्थानीय सहयोग और मेहनत से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। मनरेगा ने न केवल सिंचाई की समस्या हल की, बल्कि किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
- -प्रकृति प्रेमियों को मिल रहा अनूठा अनुभव, बढ़ रही संरक्षण के प्रति जागरूकतारायपुर ।वन विभाग खैरागढ़ द्वारा ईको कैंप छिंदारी में शुरू की गई ‘बर्डवॉक’ पहल प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। यह पहल वन मंत्री श्री केदार कश्यप की प्रेरणा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वर्ष 2026 से प्रारंभ इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को विशेषज्ञों की देखरेख में पक्षी भ्रमण (बर्डवॉक) आयोजित किया जा रहा है। इसमें आम नागरिकों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों को भाग लेने का अवसर मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि ईको कैंप छिंदारी जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है, जहां छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली पक्षियों की लगभग 35 प्रतिशत प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं। यहां आने वाले पर्यटक विभिन्न रंग-बिरंगे पक्षियों को नजदीक से देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। हाल के बर्डवॉक कार्यक्रमों में खैरागढ़ के संगीत एवं कला के छात्र- छात्राओं सहित दुर्ग, रायपुर और राजनांदगांव से आए पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को पक्षियों के व्यवहार, घोंसला निर्माण और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह पहल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की सीख भी देती है। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को शांत रहने, प्लास्टिक का उपयोग न करने और वन्यजीवों के आवास का सम्मान करने जैसे नियमों का पालन कराया जाता है।पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए वयस्कों से 200 रुपए तथा विद्यार्थियों से 50 रुपए का सहयोग शुल्क निर्धारित किया गया है। ईको कैंप का संचालन स्थानीय समुदाय द्वारा किया जा रहा है, जिसे वन विभाग का वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्राप्त है। ईको कैंप छिंदारी में बर्डवॉक के साथ-साथ बोटिंग, टेंटिंग, कैंपिंग तथा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों जैसे फरा, ठेठरी और खुरमी का आनंद लेने की भी सुविधा उपलब्ध है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थल पर्यटकों के लिए एक आदर्श पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वन विभाग ने इच्छुक नागरिकों से बर्डवॉक में शामिल होने के लिए अग्रिम पंजीकरण कराने का आग्रह किया है, ताकि सभी को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके। यह पहल इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की पुण्यतिथि (31 मार्च) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. श्री मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
- रायपुर। भारत की अर्थव्यवस्था में सहकारी क्षेत्र की अहम भूमिका के मद्देनज़र इसके वास्तविक आर्थिक योगदान और रोजगार सृजन का समग्र आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा ‘कार्यात्मक सहकारी समितियों का त्वरित सर्वेक्षण’ (Rapid Survey of Functional Cooperatives - आरएसएफसी) 1 अप्रैल 2026 से देशभर में प्रारंभ किया जाएगा। यह सर्वेक्षण छह माह तक संचालित होगा।सहकारी क्षेत्र कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, आवास, रोजगार सृजन तथा समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, किंतु इसके उत्पादन मूल्य और रोजगार सृजन संबंधी विश्वसनीय आंकड़ों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (National Sample Survey - एनएसएस) द्वारा यह सर्वेक्षण सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation - एमओसी) के राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस के आधार पर किया जा रहा है।सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2020-21 तथा 2023-24 को संदर्भ अवधि के रूप में लिया जाएगा, जिससे सहकारी समितियों की परिचालन एवं आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार से जुड़े पहलुओं का तुलनात्मक विश्लेषण संभव हो सके। सर्वेक्षण के सुचारू संचालन हेतु राज्य सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार तथा जिला रजिस्ट्रार कार्यालयों का सहयोग लिया जाएगा, जो संबंधित समितियों की पहचान और मैदानी कार्य में सहायता करेंगे।इसी क्रम में रायपुर स्थित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सोमवार को एक दिवसीय ‘क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर’ का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य क्षेत्रीय अधिकारियों को सर्वेक्षण की अवधारणाओं, परिभाषाओं, प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराना था, ताकि आरएसएफसी का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के उप महानिदेशक श्री अल्ताफ हुसैन हाजी ने की। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया तथा अपने संबोधन में आरएसएफसी की आवश्यकता और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य सहकारी अधिकारियों और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए सर्वेक्षण के सफल संचालन हेतु राज्य स्तर पर पूर्ण सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सर्वेक्षण के दौरान राज्य सहकारी संस्थाओं के साथ मजबूत संवाद स्थापित करें।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर की उप निदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष सुश्री अग्रवाल सचिता राकेश ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण शिविर के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण 30 विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्राथमिक सहकारी समितियों को कवर करेगा, जिनसे संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।प्रशिक्षण शिविर में सहकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें कोरबा के उप रजिस्ट्रार श्री एम.आर. ध्रुव तथा रायपुर के सहायक रजिस्ट्रार श्री विनय कश्यप सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे, ने सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी श्री निरंजन कुमार पटेल ने आभार व्यक्त किया। यह सर्वेक्षण सहकारी क्षेत्र की वास्तविक आर्थिक स्थिति और रोजगार क्षमता का सटीक आकलन प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भविष्य की नीतियों के निर्माण को ठोस आधार मिल सकेगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय कार्य मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने में जनजातीय ज्ञान प्रणालियाँ प्रभावी सिद्ध हो सकती हैं। उन्होंने जनजातीय समुदायों को सतत विकास का सक्रिय भागीदार बताते हुए उनके पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति-आधारित जीवन शैली को नीति निर्माण में समुचित स्थान देने की आवश्यकता पर बल दिया।श्री नेताम हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा 28 मार्च को आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “लॉ, राइट्स एंड इंडिजिनस फ्यूचर्स: रीथिंकिंग ट्राइबल जस्टिस इन अ ग्लोबलाइज्ड वर्ल्ड” के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और गरिमा के संवैधानिक मूल्यों पर आधारित समावेशी नीतियाँ समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और सामाजिक असमानता जैसी समकालीन चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की उपयोगिता को रेखांकित किया।कार्यक्रम की शुरुआत हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉक्टर) वी. सी. विवेकानंदन के उद्घाटन वक्तव्य से हुई। उन्होंने समकालीन विधिक विमर्श में जनजातीय न्याय की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने वाली जनजातीय प्रणालियाँ “प्रकृति पर नियंत्रण” आधारित विकास मॉडल के कारण धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं। उन्होंने केवल शैक्षणिक विश्लेषण तक सीमित न रहकर ठोस नीतिगत कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।यह सम्मेलन “सेंटर फॉर स्टडी ऑफ लॉ एंड इंडिजिनस पीपल” द्वारा आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व केंद्र प्रमुख डॉ. अयान हाजरा ने किया। कार्यक्रम में प्रभारी रजिस्ट्रार डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि श्री आशुतोष कुमार आहिरे ने सम्मेलन के संयोजक के रूप में दायित्व निभाया।दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, विधि विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न तकनीकी सत्रों में जनजातीय अधिकार और संवैधानिक ढांचा, संस्कृति और विधिक बहुलवाद, जलवायु न्याय एवं पर्यावरणीय सततता, विकास और विस्थापन, तथा जनजातीय समुदायों में लैंगिक मुद्दों जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।29 मार्च को आयोजित समापन सत्र में छत्तीसगढ़ शासन के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री सोनमणि बोरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जनजातीय समुदायों के न्याय, समावेशन और सशक्तिकरण के लिए सुशासन, नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संस्थागत समन्वय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।स्कूल ऑफ लॉ एंड ह्यूमैनिटीज के निदेशक डॉ. अविनाश सामल ने प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संवाद और विचार-विमर्श को सार्थक बताया।सम्मेलन का समापन सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। यह आयोजन कानून, समाज और जनजातीय ज्ञान प्रणालियों के बीच सतत संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जो समावेशी एवं सतत भविष्य के निर्माण में सहायक होगा।
- भिलाई । भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited - SAIL) के प्रमुख संयंत्र भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में हॉट मेटल उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 6 मिलियन टन का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि संयंत्र की परिचालन उत्कृष्टता, तकनीकी दक्षता और सामूहिक प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।उल्लेखनीय है कि संयंत्र ने वर्ष 2005–06 में पहली बार 5 मिलियन टन हॉट मेटल उत्पादन का स्तर हासिल किया था, उस समय सात ब्लास्ट फर्नेस संचालित थे। इसके विपरीत वर्तमान में केवल चार ब्लास्ट फर्नेस के संचालन के साथ 6 मिलियन टन उत्पादन का यह मील का पत्थर प्राप्त किया जाना संयंत्र की उन्नत तकनीक, संसाधनों के बेहतर उपयोग और परिचालन अनुशासन को दर्शाता है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार तथा वरिष्ठ प्रबंधन ने ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े सभी कर्मियों और हितधारकों को बधाई दी है। प्रबंधन ने ब्लास्ट फर्नेस के प्रदर्शन में निरंतर सुधार की सराहना करते हुए इस उपलब्धि को भविष्य की प्रगति के लिए एक नया मानक बताया और टीमों को इसी प्रतिबद्धता एवं उत्साह के साथ आगे बढ़ते हुए उच्चतर उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
- -नक्सलवाद अब इतिहास बन कर रह जाएगा - संतोष पांडेयरायपुर। भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा सदन में चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की पूर्ण समाप्ति को लेकर कहा कि सदन में देश की आंतरिक सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण विषय वामपंथी उग्रवाद पर सरकार के पक्ष में बोलते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि किस प्रकार से भ्रमजाल पैदा किया गया और सशस्त्र आंदोलन के नाम पर लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से को नक्सलवाद ने जकड़ रखा गया था। अब नक्सलवाद इतिहास बन कर रह जाएगा। आज नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। दशकों तक लाल आतंक का साया हमारे आदिवासी क्षेत्रों पर मंडराता रहा है और आज जब 31 मार्च 2026 तक भारत को हथियारबंध नक्सलवाद से मुक्त करेंगे तो यह केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं है बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की साझा प्रतिज्ञा है और यह प्रतिज्ञा जब नेतृत्व लेता है तो पूरा देश उन पर विश्वास करते हुए उनके पीछे खड़ा होता है। यह दृढ़ इच्छा शक्ति के संकल्प का प्रभाव है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि भारत के इतिहास में जब आंतरिक सुरक्षा के ऊपर चर्चा की जाएगी, शोध किया जाएगा तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी और देश के गृहमंत्री अमित शाह का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। जिस तरह देश के एकीकरण के लिए जब रियासतों का विलयीकरण हुआ था तब देश के पूर्व गृह मंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल के फौलादी नेतृत्व और इतिहास को हम सब स्मरण करते हैं और आज जब छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, भानुप्रतापपुर, मानपुर, मोहला, मदनवाड़ा, बगड़गट्टा, रेंगाखार, गरियाबंद, संपूर्ण छत्तीसगढ़ की ओर से मैं अपने नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने खड़ा हुआ हूं।आगे उन्होंने कहा कि देश के अंगभूत हम सभी घटक हैं किंतु हमारा यह नेतृत्व और उस कर्तव्य को आपने निभाया। बस्तर जिसे दण्डकारण्य कहते हैं पूरे छत्तीसगढ़ को आपने नक्सल मुक्त किया है इस पर हम छत्तीसगढ़ वासी उऋण नहीं हो सकते। इस ऋण को हम कभी नहीं चुका सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक टाईमलाइन के तहत एक लक्ष्य लेकर, एक टारगेट निर्धारित के नक्सलवाद का समूल नाश किया है। उन्होंने कहा कि 40 साल तक माओवाद नहीं यह मवाद था जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को रेड कॉरिडोर बना रखा था। ऐसे मवाद को केन्द्र सरकार ने ऑपरेशन करके निकालने का काम किया है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई वीभत्स घटनाएं विभीषिका घटित हुई जिसे छत्तीसगढ़ की जनता जानती है और जिसके ऊपर गुजारा है वह जानता है। माओवादियों ने कई बड़े-बड़े हमले किए 2010 में 76 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए हो गए, किंतु दिल्ली के जेएनयू में जश्न मनाया गया। वह कौन लोग हैं जो बस्तर में हमारे सीआरपीएफ के सैनिक, जवान, प्रहरी शहीद होते हो रहे थे तो जश्न मनाते थे। अब यह देश की जनता जान चुकी है। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हिड़मा से लेकर पापाराव तक 2013 में झीरम घाटी में नरसंहार हुआ था उसका भी गुनहगार हिड़मा ही था जिसने नेताओं को मौत के घाट उतार दिया। 2021 में बस्तर-सुकमा के बीच में 22 जवान शहीद हुए थे और मेरे क्षेत्र के आठ विधानसभा में से सात विधानसभा नक्सलवाद से प्रभावित रहा हैं। मदनवाड़ा में 29 जवान के साथ एसपी विनोद चौबे शहीद हुए थे। जिन परिवारों के साथ घटना घटित हुई उसका दर्द वही जान सकता है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि जितनी हत्याएं देश की सीमाओं में नहीं हुई उतनी हत्या छत्तीसगढ़ में हुई है। इस दर्द को मिटाने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने किया है। इस संवेदना को समझ करके केन्द्र सरकार आगे बढ़ रही है। नक्सलियों के समूल नाश में लगे सीआरपीएफ के कोबरा फोर्स, आरटीबीपी, बीएसएफ, एसएसबी, डीआईजी, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, एसटीएफ, छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स, बस्तर फाइटर, झारखंड जैगुवार ऐसे लगभग 18 से 19 फोर्सेस ने अपना सर्वस्व अर्पण किया।उन्होंने सदन में बताया कि आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश को वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार के ठोस प्रयासों पर चर्चा की शुरुआत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह जी के सशक्त रणनीति के मार्गदर्शन में देश मे नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य यह केवल संकल्प नहीं, बल्कि केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सुरक्षा बलों और जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बनने की दिशा में एक मजबूत कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार, पुलिस बल और हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, समर्पण और बलिदान इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। सांसद पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संयुक्त प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
- जगदलपुर/रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में नक्सलवाद को लेकर दिए गए सख्त और स्पष्ट बयान का समर्थन करते हुए छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज जब देश नक्सलवाद के खात्मे की ओर निर्णायक रूप से बढ़ रहा है, तब कांग्रेस नेताओं की बेचैनी साफ नजर आ रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जो कहा है, वह जमीनी हकीकत पर आधारित है। 31 मार्च तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का जो लक्ष्य रखा गया है, वह केवल एक घोषणा नहीं बल्कि सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुसंगठित रणनीति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक और परिणामकारी कार्रवाई हो रही है, जिसका असर छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे सशक्त अभियान की सराहना करते हुए उनका भी धन्यवाद ज्ञापित किया।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर भ्रम फैलाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। “झीरम हत्या कांड का सबूत जेब में होने” की बात कहकर पांच वर्षों तक उसे सार्वजनिक न करना कांग्रेस की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आज जब नक्सलवाद कमजोर पड़ रहा है और सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है, तब कांग्रेस के नेताओं की पीड़ा स्वाभाविक रूप से सामने आ रही है।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने वास्तव में ठोस कार्रवाई की होती, तो प्रदेश को इतने लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से जूझना नहीं पड़ता। उनके कार्यकाल में केवल बैठकें, बयान और कागजी दावे अधिक देखने को मिले, जबकि आज डबल इंजन सरकार के तहत जमीन पर बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है—नए सुरक्षा कैंप, सड़कों का जाल, विकास कार्यों की गति और आम जनता का बढ़ता विश्वास इसका प्रमाण है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि नक्सलवाद कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित का विषय है। इस पर राजनीति करने के बजाय सभी को एकजुट होकर इसका समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यवश कांग्रेस आज भी तथ्यों से परे जाकर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति के चलते छत्तीसगढ़ बहुत जल्द नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान के साथ आगे बढ़ेगा।
- -खिलाड़ियों ने जीत के लिए लगाया दमरायपुर /खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में आयोजित कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी मुकाबले का रोमांच जारी रहा। खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक दांवपेंच लगाकर जीत के लिए जोर लगाया। इस दौरान विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान किया गया।कड़े मुकाबले के बीच विजेता पदक प्राप्त करने वालों में आज महिला सीनियर 53 किलोग्राम में झारखंड की नेहा ओराँव ने गोल्ड, असम की प्रतिमा खाखलरी ने सिलवर, असम की मैनारी खाखलरी एवं मिज़ोरम की लालवेनहीमी ने कांस्य पदक जीता। महिला सीनियर 76 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक की मनीषा जुवाव सिद्दी ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश की मुस्कान ने सिल्वर, मिजोरम की लालहमंगहिसँगी ने कांस्य पदक जीता।इसी प्रकार पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन सीनियर 60 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक के रोहन एम दोद्दामनी को गोल्ड, राजस्थान के दिनेश सोलंकी को सिल्वर, मेघालय के झु पा यू झु नोंगतडु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम भारवर्ग में जम्मू कश्मीर के हमाम हुसैन ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार ने सिल्वर, जम्मू कश्मीर के मोहम्मद वसीम चौधरी ने कांस्य पदक जीता। ग्रीको रोमन सीनियर में 87 किलोग्राम भारवर्ग में हिमाचल प्रदेश के पीयूष गुज्जर को गोल्ड,जम्मू कश्मीर के रियाज़ हुसैन को सिल्वर एवं हिमाचल प्रदेश के टेकचंद ने कांस्य पदक जीता। फ्रीस्टाइल सीनियर में 65 किलोग्राम भारवर्ग में बिहार के मुलायम खरवार को गोल्ड, राजस्थान के राकेश कुमार मीना को सिल्वर एवं कर्नाटक के कैम्पानगौड़ा वी केम्प्पणवार ने कांस्य पदक जीता।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी के सत्य, अहिंसा, करुणा और अपरिग्रह के सिद्धांत आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर समाज में शांति, सद्भाव और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन हमें आत्मसंयम, त्याग और सह-अस्तित्व की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उनका संदेश केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए सदैव आगे आएं।
- -जगदलपुर में बेमौसम बारिश के कारण एथलेटिक्स का शाम का सत्र रद्द-कुश्ती में दो स्वर्ण के साथ कर्नाटक ने पदक तालिका में 17 स्वर्ण के साथ बढ़त मजबूत की-पहलवान मुलायम खरवार ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में जीतकर बिहार का खाता खोलारायपुर / अरुणाचल प्रदेश की मिडिल-डिस्टेंस धाविका नेडी न्गी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता, जबकि महाराष्ट्र ने पुरुष वर्ग में शानदार 1-2 स्थान हासिल किया। वहीं, बेमौसम बारिश के कारण सोमवार को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के छठे दिन एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के उद्घाटन दिन का शाम का सत्र रद्द करना पड़ा। नेडीन्गी ने अधिकांश दौड़ में खुद को संयमित रखा और अंतिम 200 मीटर में जोरदार स्प्रिंट लगाते हुए 18:24.66 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र के गोविंद पाडेकर (15:11.35 सेकंड) और सूरज माशी (15:11.64 सेकंड) ने बेहतरीन तालमेल के साथ दौड़ते हुए क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते।नेडीन्गी ने दौड़ के बाद साई मीडिया से कहा, “मैं अकादमियों पर ध्यान देने के बाद वापसी कर रही हूं और यहां स्वर्ण पदक जीतकर बेहद खुश हूं। अब जब मेरी ग्रेजुएशन पूरी हो गई है, तो मैं नेशनल कैंप में जगह बनाने और आगे चलकर बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम में चयनित होने पर ध्यान देना चाहती हूं।”अरुणाचल प्रदेश की नेडी न्गी के स्वर्ण पदक जीतने से राज्य ने पदक तालिका में अपना तीसरा स्थान मजबूत किया, जहां उसके खाते में अब छह स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक हो गए हैं।अंबिकापुर में कुश्ती से मिले दो स्वर्ण पदकों के साथ कर्नाटक ने तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। रोहन डोड्डामनी ने स्विमिंग पूल के बाहर कर्नाटक का पहला स्वर्ण पदक दिलाया, जब उन्होंने 60 किग्रा ग्रीको-रोमन फाइनल में राजस्थान के दिनेश सोलंकी को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया।इसके बाद मनीषा ने दिन का समापन करते हुए हिमाचल प्रदेश की मुस्कान को कड़े मुकाबले में 12-8 से हराकर कर्नाटक के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता। कर्नाटक के अब कुल 17 स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य पदक हो गए हैं। ओडिशा नौ स्वर्ण, चार रजत और 10 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है।वहीं, मुलायम खरवार ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में राजस्थान के राकेश मीणा को एकतरफा मुकाबले में हराकर बिहार को दिन का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। कर्नाटक के केवी केम्प्पन्नावर ने इस वर्ग में कांस्य पदक जीता।रायपुर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पसंदीदा टीम ओडिशा ने फाइनल में जगह बनाते हुए मिजोरम से मुकाबला तय किया। सेमीफाइनल में ओडिशा ने मध्य प्रदेश को 8-0 से हराया, जबकि मिजोरम ने झारखंड को 3-2 से मात दी।परिणामएथलेटिक्समहिला5000 मीटर: स्वर्ण – नेडी न्गी (अरुणाचल प्रदेश) 18:24.66 सेकंड; रजत – आरती दावर (मध्य प्रदेश) 18:29.28 सेकंड; कांस्य – त्सुचोई टी (नागालैंड) 18:35.60 सेकंडपुरुष5000 मीटर: स्वर्ण – गोविंद पाडेकर (महाराष्ट्र) 15:11.35 सेकंड; रजत – सूरज माशी (महाराष्ट्र) 15:11.64 सेकंड; कांस्य – रंगलाल डोडियार (मध्य प्रदेश) 15:22.48 सेकंडहॉकी (सेमीफाइनल)महिला: मिजोरम ने झारखंड को 3-2 से हराया; ओडिशा ने मध्य प्रदेश को 8-0 से हरायाकुश्तीमहिला53 किग्रा: स्वर्ण – नेहा उरांव (झारखंड); रजत – प्रीतीमा खाखलारी (असम); कांस्य – मैनारी खाखलारी (असम), लालवेनहिमी (मिजोरम)76 किग्रा: स्वर्ण – मनीषा सिद्दी (कर्नाटक); रजत – मुस्कान (हिमाचल प्रदेश); कांस्य – लालहमंगाईहसांगी (मिजोरम)पुरुष65 किग्रा फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – मुलायम खरवार (बिहार); रजत – राकेश मीणा (राजस्थान); कांस्य – केवी केम्प्पन्नावर (कर्नाटक)97 किग्रा फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – हमाम हुसैन (जम्मू-कश्मीर); रजत – मोहित कुमार (हिमाचल प्रदेश); कांस्य – मोहम्मद वसीम चौधरी (जम्मू-कश्मीर)60 किग्रा ग्रीको-रोमन: स्वर्ण – रोहन डोड्डामनी (कर्नाटक); रजत – दिनेश सोलंकी (राजस्थान); कांस्य – जुह पा यू जुह नोंगतडू (मेघालय)87 किग्रा ग्रीको-रोमन: स्वर्ण – पियूष गुज्जर (हिमाचल प्रदेश); रजत – रियाज हुसैन (जम्मू-कश्मीर); कांस्य – टेक चंद (हिमाचल प्रदेश)
- रायपुर / 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए।पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
- -पल्लवी की बेटी महज छह महीने की थी जब उन्होंने दोबारा वेटलिफ्टिंग पर ध्यान देने का फैसला किया-बीएसएफ में कार्यरत पति के सहयोग के बगैर आसान नहीं था यह वापसी का सफररायपुर / जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है।यह फैसला आसान नहीं था।बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं।इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया।रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”
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- 296 दिव्यांगजनों को मिला लाभ
दुर्ग/ स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य में एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड की कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर के सहयोग से मानस भवन (रविशंकर स्टेडियम के पास) में आयोजित किया गया।
विगत दिवस भिलाई-03, नगर पालिक निगम सुपेला भिलाई और जिला पंचायत परिसर में दिव्यांगजनों के लिए चिन्हांकन शिविर लगाए गए थे। साथ ही 18 से 20 फरवरी तक मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों का चयन किया गया था। कार्यक्रम में कुल 296 हितग्राहियों को 584 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें बैसाखी 86, व्हीलचेयर 41, मोटराइज्ड ट्राइसायकल 68, श्रवण यंत्र 128, स्मार्टफोन 11, सामान्य ट्राइसायकल 53, ब्रेल किट 20, स्मार्ट केन 30, क्रच एल्बो लार्च 34, वॉकिंग स्टिक 13, टीएलएम किट 21, वॉकर 13, कुशन 20, कृत्रिम पैर एवं कैलिपर 27, टेट्रापॉड 10, सीपी व्हीलचेयर 4 और रोलैटर 5 शामिल हैं।
इस अवसर पर मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सुविधा होगी और वे सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक और संसाधनों की मदद से दिव्यांगजन हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे और अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरस्वती बंजारे, एनटीपीसी कंपनी से श्री नील कुमार शर्मा, श्री जे.के. दलाई, समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी.गौतम, अध्यक्ष जनभागीदारी समिति श्री शिवेन्द्र परिहार, पार्षदगण श्री ज्ञानेश्वर ताम्रकार, श्री देवनारायण चंद्राकर, श्री शिव नायक, श्री मनीष कोठारी, श्री गुलशन साहू, श्री संजय अग्रवाल सहित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। -
- संभाग आयुक्त श्री राठौर के मार्गदर्शन में ई-आफिस का सफल संचालन
दुर्ग/ सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गतिशीलता और पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन में दुर्ग संभागीय कार्यालय ने पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, ई-फाइल काउण्ट के मामले में संभागीय कार्यालय दुर्ग 1373 फाइलों के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान में रहते हुए अपना दबदबा कायम रखा है। यह उपलब्धि संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर के कुशल मार्गदर्शन और उनके द्वारा दी गई निर्देशन का प्रतिफल है। सभागीय कार्यालय में इस प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे कार्यालयीन फाइलों के निपटान में तेजी आई है। साथ ही प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनी है। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने स्पष्ट किया है कि ई-ऑफिस केवल एक सॉफ्टवेयर मात्र नहीं, कार्य संस्कृति में एक क्रांतिकारी बदलाव है, जिससे आम जनता के कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो रहा है।
प्रदेश के सभागीय कार्यालय स्तर पर ई-ऑफिस की वर्तमान स्थिति के अनुसार दुर्ग संभागीय कार्यालय में 1373 ई-आफिस काउण्ट के साथ संभाग प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसके अलावा सरगुजा में 1054 ई-आफिस काउण्ट, बस्तर में 929 ई-आफिस काउण्ट, रायपुर में 356 ई-आफिस काउण्ट तथा संभागीय कार्यालय बिलासपुर में 327 ई-आफिस काउण्ट किया गया है। दुर्ग संभागाीय कार्यालय ने अपनी सक्रियता और बेहतर प्रशिक्षण रणनीति के माध्यम से बहुत कम समय में प्रथम स्थान हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप, संभाग स्तरीय सभी सरकारी कार्यालयों में अब भौतिक फाइलों के स्थान पर डिजिटल फाइलों के चलन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे भविष्य में ’जीरो पेंडेंसी’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी। -
1अप्रैल से 15 जुलाई तक रायपुर जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित
बिना अनुमति बोर खनन करने पर होगी कार्रवाई
रायपुर/ गर्मी के मौसम में पेयजल की कमी को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर जिले में नवीन बोर खनन (नलकूप) पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के तहत जिले को 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक जलाभाव (पानी की कमी) वाला क्षेत्र घोषित किया गया है। इस अवधि में बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति या संस्था नया बोर/नलकूप नहीं खोद सकेगी, चाहे वह पेयजल के लिए हो या किसी अन्य उपयोग के लिए।
इस नियम के अपवाद स्वरूप कुछ शासकीय विभाग जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) को पूरे जिले में तथा नगर निगम और नगर पंचायतों को अपने क्षेत्र में केवल पेयजल के लिए बोर खनन हेतु अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए एडीएम रायपुर, एसडीएम रायपुर, एसडीएम आरंग, एसडीएम अभनपुर और एसडीएम तिल्दा को अपने क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अनुमति देने के लिए अधिकृत किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -
दुर्ग/ विगत 28 मार्च को मुख्यालय स्थित केन्द्रीय जेल दुर्ग का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला दुर्ग (छ.ग.) द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उन्होंने महिला प्रकोष्ठ में निरूद्ध महिला बंदियों से उनकी प्रकरण की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, साफ सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली गई। तत्पश्चात जेल अस्पताल में बीमार बंदियों के स्वास्थ्य के बारे में व्यक्तिगत चर्चा कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं से अवगत हुए। उन्होंने पुनर्वास आधारित योजनाएँ के तहत कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बंदियों, एल.ई.डी. बल्ब, आचार, फर्नीचर एवं अन्य सामग्री तैयार कर रहे बंदियों से उनके प्रकरण में बारे में जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में सजायाफ्ता बंदियों के अपील संबंधी प्रकरणों को अद्यतन करने एवं बंदियों को प्रकरण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के निर्देश जेल अधिकारियों को दिये।
उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उनकी दैनिक दिनचर्या से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नालसा की निःशुल्क और सक्षम विधिक सेवाएँ के तहत नव आगंतुक बंदियों को उनके प्रकरण से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के विषय में बताया गया तथा जो बंदी निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता सलाह प्रदान कर उनकी पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की नियुक्ति किए जाने की जानकारी दी गई। जेल प्रशासन को ऐसे बंदी जिन्हें परिहार का लाभ दिया जा सकता है, उनके आवेदन के लंबित रहने के कारणों सहित जानकारी प्राधिकरण को प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने स्वच्छता का विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए जेल प्रशासन को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बंदियों को प्रदान की जाने वाली सभी मौलिक सुविधाएं, जिनमें स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित चिकित्सा जाँच और शिक्षा के अवसर भी सम्मिलित हैं, को बिना किसी व्यवधान के प्रदान किया जाना सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कैदियों का डेटा (ट्रायल स्थिति, जमानत, सजा अवधि) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सत्यापित किये जाने के संबंध में जानकारी लेकर लंबित मामलों वाले बंदियों की पहचान कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव, जेल अधीक्षक, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी, एलएडीसीएस के कौंसिल व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।











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