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- समयावधि में कार्य पूर्ण करने के दिये निर्देश
दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर जिले के पाटन एवं दुर्ग विकासखण्ड अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन समूह जल परियोजनाओं के अद्यतन प्रगति का निरीक्षण/अवलोकन किया। उन्होंने पीएचई विभाग के अधिकारियों और कांट्रेक्टरों से चर्चा कर परियोजना अंतर्गत कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। साथ ही समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मिशन के उद्देश्य हर घर जल को ध्यान में रखते हुए कार्य में प्रगति लाये ताकि मिशन के लक्ष्य के मुताबिक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओदरागहन-सूरपा समूह जल परियोजना, कौही-रानीतराई समूह जल परियोजना, चंदखुरी समूह जल परियोजना और निकुम समूह जल परियोजना अंतर्गत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, एमबीआर और खारून एवं शिवनाथ नदी किनारे बनाये जा रहे इंटकवेल का अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि एमबीआर एक बड़ी पानी टंकी होती है जो मुख्य पाईपलाईन से आने वाले पानी को जमा करती है और फिर गांव की छोटी टंकियों में वितरित करती है। इसकी क्षमता 210 किलोलीटर की है। ओदरागहन-सूरपा समूह जल परियोजना से 19 गांवों को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। कौही-रानीतराई समूह जल परियोजना से 14 गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी। चंदखुरी समूह जल परियोजना से 31 गांवों को और निकुम समूह जल परियोजना से 13 गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी। प्रत्येक इंटकवेलों में 18-18 हार्सपावर के तीन-तीन पम्प स्थापित किये गये हैं।कलेक्टर श्री सिंह ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और इंटकवेलों में विद्युत आपूर्ति के संबंध में जानकारी ली। साथ ही ई.पी.एच.ई. को ट्रांसफार्मर लगाने हेतु विद्युत विभाग को डिमांड राशि जमा कराने निर्देशित किया। उन्होंने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक लगाये गये अन्डर ग्राऊण्ड पाईपलाईन की पहचान के लिए संकेत चिन्ह लगाने तथा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट क्षेत्र का सीमांकन कराकर बाउण्ड्रीवॉल बनाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री उत्कर्ष पाण्डेय, विभाग के सहायक इंजीनियर, सब इंजीनियर एवं कांट्रेक्टर उपस्थित थे। -
भिलाई नगर। नगर निगम भिलाई के जोन-4 अंतर्गत आने वाले नंदनी रोड क्षेत्र में आज निगम प्रशासन द्वारा सड़क बाधा हटाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने हेतु बड़ी कार्यवाही की गई। व्यापारियों द्वारा सड़क पर सामान फैलाकर किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ बेदखली अभियान चलाते हुए 20,000 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि नंदनी रोड पर व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों का सामान सड़कों और फुटपाथ पर फैलाकर रखा जा रहा है। इस अतिक्रमण के कारण मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा था और राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नागरिकों की असुविधा को गंभीरता से लेते हुए निगम प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।कार्यवाही के दौरान निगम की टीम ने सड़क पर रखे सामानों को जब्त कर मार्ग को खाली कराया। नियमों का उल्लंघन करने वाले 4 व्यापारियों पर कुल 20,000 रुपये की चालानी कार्यवाही की गई। जिसमें हरियाणा ट्रेडर्स, गुड्डू ट्रेडर्स, प्रिया सेल्स एवं अन्य शामिल हैं। साथ ही, सभी व्यापारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि भविष्य में सड़क पर सामान पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।इस अभियान को सफल बनाने के लिए निगम टीम, राजस्व और पुलिस प्रशासन का संयुक्त दल मौके पर मौजूद रहा । जिसमें मुख्य रूप से शहर पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार डिकेश्वर साहू, थाना प्रभारी, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, बाल कृष्ण नायडू, बेदखली प्रभारी विनय शर्मा, सहायक प्रभारी हरिओम गुप्ता, निगम की बेदखली टीम एवं पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। नगर निगम भिलाई शहर की यातायात व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान निरंतर जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। -
भिलाईनगर। शासन के महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकानहीन परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर पालिक निगम भिलाई सभागार कक्ष में प्रधानमंत्री आवास आबंटन की लाटरी का आायोजन किया गया। लाटरी कार्यक्रम में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, सभापति गिरवर बंटी साहू, आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, भाजपा जिला अध्यक्ष पुरूषोत्तम देवांगन, महापौर परिषद के सदस्य संदीप निरंकारी, पार्षद महेश वर्मा, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, पार्षद हरिओम तिवारी एवं अधीक्षण अभियंता सह आवास नोडल अधिकारी अजीत तिग्गा की उपस्थिति में 33 हितग्राहियों को आवास आबंटित किया गया है। भिलाई शहर में निवास कर रहे नागरिक जिनके पास स्वयं का पक्का मकान नहीं है, उन्हे सरकार द्वारा पक्का मकान उपलब्ध कराने की योजना चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत नागरिकों को न्यूनतम दर पर पक्का मकान दिया जा रहा है। नागरिक नियमानुसार नगर निगम भिलाई के आवास शाखा में आवेदन किये है। आवेदक द्वारा जमा किये गये आवेदनों का सक्षम स्वीकृति लेने पश्चात आवास आबंटन की लाटरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज निगम सभागार कक्ष में कुल 33 पात्र हितग्राहियों का लाटरी निकालकर आवास आबंटित किया गया है। लाटरी के दौरान आवास प्रभारी विदयाधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, नम्रता ठाकुर, जी मोहन राव, नूतन साहू सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- - अधिकारियों की कार्यक्षमता होगी और सशक्तबिलासपुर / सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार आईगॉट ( iGoT) कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कल 13 फरवरी को पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक संभागायुक्त कार्यालय, कोनी बिलासपुर के चेतना सभा कक्ष में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई है। संभागायुक्त सुनील जैन की अध्यक्षता में यह प्रशिक्षण होगी। इस अवसर पर राज्य स्तर से सुश्री अंजू सिंह, अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं नोडल अधिकारी (iGoT कर्मयोगी) अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को आईगॉट प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग के लिए प्रेरित करना तथा उनकी कार्यकुशलता और दक्षता को बढ़ाना है। कार्यक्रम में कलेक्टर, जिला बिलासपुर सहित बिलासपुर जिले के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहेंगे। वहीं संभाग के अन्य जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। संबंधित जिलों के नोडल अधिकारी भी प्रशिक्षण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे। यह प्रशिक्षण प्रशासनिक क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को और गति मिलेगी।
- बिलासपुर / शासकीय आयुर्वेद औषधालय घुटकू में पदस्थ औषधालय सेवक ऋषिकेश भारद्वाज को लंबे समय से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित कर दिया गया है। वे दिनांक 28 अक्टूबर 2025 से अपने कर्तव्यों से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला आयुष अधिकारी, बिलासपुर द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए तथा कलेक्टर बिलासपुर के अनुमोदन पश्चात भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है।निलंबन अवधि के दौरान श्री भारद्वाज का मुख्यालय शासकीय आयुर्वेद औषधालय पुडू, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में अनुशासनहीनता और अनधिकृत अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा।
- -संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन और कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने युवाओं से किया संवाद-आईटीआई प्रबंधन को पुराने ट्रेड बंद कर नई तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण कोर्स शुरू करने के दिए निर्देश-पहले दिन 200 से अधिक युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र-रोजगार मूलक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने निजी कंपनियों के साथ किया जाएगा समझौताबिलासपुर /राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मॉडल आईटीआई कोनी में 12 एवं 13 फरवरी को दो दिवसीय संभाग स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया है। रोजगार मेले में 26 निजी कंपनियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने मेले में युवाओं से संवाद किया और नियोक्ता कंपनियों से चर्चा की। इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप कुछ चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।मॉडल आईटीआई कोनी में आयोजित संभाग स्तरीय मेले में अधिकारियों ने नियोक्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप आईटीआई के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किए जाने का सुझाव दिया साथ ही आईटीआई के संयुक्त संचालक ए के सोनी को कंपनियों के साथ एमओयू करने के निर्देश भी दिए ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।संभाग आयुक्त ने आई टीआई प्रबंधन को निर्देश दिए कि पुराने ट्रेड को बन्द कर नए प्रचलित रोजगारमूलक ट्रेड शुरू किए जाएं ताकि युवाओं को रोजगार आसानी से उपलब्ध हो सके।संभाग के सभी जिलों से लगभग 1300 से अधिक युवाओं ने आज के लिए ऑनलाइन पंजीयन किया, 800 से अधिक युवा रोजगार मेले में शामिल हुए। 329 युवाओं का चयन विभिन्न पदों के लिए प्राथमिक स्तर पर हुआ है वहीं 207 युवाओं का अंतिम चयन विभिन्न कंपनियों द्वारा किया गया है। मेले में आज 23 नियोक्ता कंपनियां मौजूद रहीं। संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने चयनित युवाओं राजकुमार पटेल और अभिषेक बंजारे को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। दोनों का चयन कोरबा की एक कंपनी में टेक्निशियन पद पर हुआ है, जहां उन्हें 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। चयनित युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए रोजगार मेले के वृहद आयोजन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।रोजगार मेले में वित्त, कृषि, प्रबंधन, मेडिकल एवं फार्मेसी, सोलर एनर्जी, टेक्सटाइल उद्योग, सर्विस टेक्निकल, मैन्युफैक्चरिंग, सिक्योरिटी सर्विस, इंश्योरेंस, ऑटोमोबाइल तथा ज्वेलरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगभग चार हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया 13 फरवरी को भी होगी। संभाग स्तरीय रोजगार मेले में श्री अमरचंद पहारे, डिप्टी डायरेस्टर, प्रवर्तन कक्ष, रोजगार, पीएस तिग्गा डिप्टी डायरेक्टर जिला रोजगार कार्यालय, संभाग के विभिन्न जिलों के रोजगार अधिकारी, आदर्श आईटीआई कोनी व लाइवलीहुड कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
- -ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की सड़कें शामिल-रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 81.47 करोड़ एवं अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक फोर-लेन के लिए 61.34 करोड़ मंजूर-कोनी-मोपका फोर-लेन बायपास के लिए 59.55 करोड़ तथा धमतरी में सिहावा चौक से नहर नाका फोरलेन के लिए 59.06 करोड़ स्वीकृतबिलासपुर ।ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में सुगम यातायात, फास्ट ट्रैफिक एवं सुव्यवस्थित परिवहन के लिए लोक निर्माण विभाग ने पिछले दो वर्षों में 15 फोर-लेन सड़कों के लिए 644 करोड़ 18 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने जन आकांक्षाओं को देखते हुए लोगों की सुविधाओं तथा चौड़ी एवं मजबूत सड़कों के निर्माण के लिए ये राशि मंजूर की हैं।लोक निर्माण विभाग ने रायगढ़ जिले के मुख्य जिला मार्ग रायगढ़-लोइंग-महापल्ली के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोर-लेन सड़क के निर्माण के लिए 81 करोड़ 47 लाख रुपए, ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी में फोर-लेन के लिए 41 करोड़ 48 लाख रुपए तथा रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक फोर-लेन निर्माण एवं विद्युतीकरण के लिए 55 करोड़ 28 लाख रुपए मंजूर किए हैं। विभाग ने संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी फोर-लेन सड़क के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए तथा बिलासपुर में करीब 14 किमी लंबे कोनी-मोपका फोर-लेन बायपास के लिए 59 करोड़ 55 लाख रुपए की स्वीकृति दी है।लोक निर्माण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर में 4.80 किमी लंबे शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के चौड़ीकरण व फोर-लेन निर्माण के लिए 22 करोड़ 78 लाख रुपए तथा गुढ़ियारी के शुकवारी बाजार से रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर-5 रेलवे फाटक तक 5 किमी फोर-लेन के लिए 26 करोड़ 52 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। विभाग ने रायपुर जिले के भैंसा-भंडार-तेलासी-सिरपुर मार्ग के किमी 5/2 से किमी 10/10 तक फोर-लेन निर्माण के लिए 32 करोड़ 72 लाख रुपए एवं राजिम में 3.50 किमी लंबाई के नवीन मेला स्थल (चाबेबांधा) से लक्ष्मण झूला तक फोर-लेन के लिए 34 करोड़ 19 लाख रुपए की मंजूरी दी है।विभाग द्वारा दुर्ग में मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोर-लेन के लिए 28 करोड़ 57 लाख रुपए, महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोर-लेन के लिए 23 करोड़ 96 लाख रुपए तथा भिलाई में 7 किमी लंबे स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आईआईटी जेवरा सिरसा तक फोर-लेन के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। धमतरी में सिहावा चौक से नहर नाका तक 5 किमी फोर-लेन सड़क के लिए 59 करोड़ 6 लाख रुपए और राजनांदगांव-गुंडरदेही मार्ग में मुजगहन से रत्नाबांधा चौक धमतरी तक 5 किमी फोर-लेन के लिए 42 करोड़ 41 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक 7 किमी के फोर-लेन में उन्नयन एवं डिवाइडर निर्माण के लिए 54 करोड़ 21 लाख रुपए भी स्वीकृत किए हैं।
- -कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रेरक पहल से निर्माण कार्य में आई तेजी-निर्माण कार्य शुरू करने वाले हितग्राहियों का श्रीफल से सम्मान, अन्य लोग भी ले रहे प्रेरणाबिलासपुर /प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्माण कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से जनपद पंचायत तखतपुर की ग्राम पंचायत भरारी में प्रेरणादायक पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल के निर्देश पर यह पहल की जा रही है। सीईओ तखतपुर श्री सत्यव्रत तिवारी और उनकी टीम द्वारा लंबे समय से अप्रारंभ आवासों को शुरू कराने के लिए हितग्राहियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं जनप्रतिनिधि गांव में घर-घर पहुंचकर हितग्राहियों को नारियल (श्रीफल) और लड्डू भेंट कर सम्मानित कर रहे हैं। जो हितग्राही बार-बार समझाइश के बाद अपने तय समय में आवास निर्माण कार्य प्रारंभ कर रहे हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जा रहा है। इस पहल से गांव में सकारात्मक माहौल बना है और अन्य हितग्राही भी निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए आगे आ रहे हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत हितग्राही विजय कुमार उजागर द्वारा प्लिंथ स्तर तक का कार्य शुरू नहीं किया गया था। लगातार प्रेरणा और मार्गदर्शन के बाद उन्होंने निर्माण कार्य प्रारंभ किया। उनकी इस पहल की सराहना करते हुए ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच एवं आवास मित्र द्वारा श्रीफल एवं मिठाई देकर सम्मानित किया गया।इसी प्रकार दीना राम यादव, सावित्री बाई, कमलेश निर्मलकर एवं सरस्वती ने भी 3 से 4 माह से बंद पड़े अपने आवास निर्माण कार्य को दोबारा शुरू किया। उन्हें भी मिठाई और श्रीफल भेंट कर प्रोत्साहित किया गया। इस अभिनव पहल से ग्राम पंचायत भरारी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्य में तेजी आई है और अन्य हितग्राही भी प्रेरित होकर अपने आवास निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं।
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-तालाब गहरीकरण एवं ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा
रायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आज जनपद पंचायत आरंग अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा-3 में वीबीजी राम जी के कार्यों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत संचालित नए तालाब गहरीकरण कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर डॉ सिंह ने श्रमिकों से चर्चा कर मजदूरी भुगतान की स्थिति की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों से विकसित भारत जी-राम जी योजना के संबंध में भी संवाद कर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।इसके पश्चात कलेक्टर ने ग्राम परसदा में ही स्थापित ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। तकनीकी सहायक सुश्री अंजु निषाद ने प्लांट की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्रणाली के माध्यम से घरेलू अपशिष्ट जल का उपचार कर उसे पुनः उपयोग योग्य बनाया जाता है। उपचारित जल का उपयोग सिंचाई एवं अन्य गैर-पीने योग्य कार्यों में किया जा सकता है। जल शोधन की प्रक्रिया दो चरणों में होती है - पहले सेटलर चेंबर में ठोस कण नीचे बैठ जाते हैं, तत्पश्चात फिल्ट्रेशन चेंबर में वैजयंती पौधों की सहायता से प्राकृतिक रूप से जल का शोधन किया जाता है। इस प्रणाली से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और जल का पुनः उपयोग संभव हो पाता है।निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरंजन, एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा, जनपद पंचायत आरंग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक बनर्जी, तहसीलदार आरंग श्रीमती ज्योति मसियारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ग्राम परसदा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाए गए नल कनेक्शनों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने घर के बाहर लगे कनेक्शन में सोखता गड्ढा निर्माण एवं टोटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचकर पेंशन, राशनकार्ड सहित विभिन्न अभिलेखों व पंजियों की जांच की। जन्म-मृत्यु पंजीयन, आय एवं जाति प्रमाण पत्र की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों से संवाद कर शासकीय योजनाओं की जानकारी ली।
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भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई के नागरिकों को सूचित किया जाता है कि चंद्रा मौर्या उच्चस्तरीय जलागार टंकी में आवश्यक संधारण कार्य के अंतर्गत नवीन आउटलेट वाल्व लगाने का कार्य किया जाना है। इस तकनीकी सुधार कार्य के कारण संबंधित क्षेत्रों में जल आपूर्ति प्रभावित रहेगी ।
13 फरवरी 2026, शुक्रवार शाम की जल आपूर्ति पूर्णत बंद रहेगी। 14 फरवरी 2026, शनिवार सुबह की जल आपूर्ति प्रभावित/बंद रहेगी। कार्य पूर्ण होने के पश्चात 14 फरवरी 2026 की शाम से जल आपूर्ति पुनः सुचारू रूप से बहाल कर दी जाएगी।नगर निगम प्रशासन प्रभावित क्षेत्र के निवासियों से अपील करता है कि कृपया अपनी आवश्यकतानुसार जल का संचय पहले से कर लें ताकि असुविधा से बचा जा सके। संधारण कार्य का उद्देश्य भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।असुविधा के लिए हमें खेद है। -
रायपुर।शासकीय प्राथमिक उ. मा. विद्यालय कोसरंगी, आरंग में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई और उन्हें इस बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया।उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता और दवा सेवन से फाइलेरिया जैसी बीमारी को खत्म किया जा सकता है। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा, सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
- -अवैध नल कनेक्शनो को अभियान चलाकर विच्छेद करने की कार्यवाही के दिये निर्देश-टैंकरो और हाईड्रोलिक वाहनो को आवश्यक रूप से सुधारने कहा, जल कार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू सहित अधिकारियों की ली बैठक- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर मुख्यालय महात्मा गांधी सदन में सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ ने नगर निगम जलकार्य विभाग अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू की विशेष उपस्थिति में नगर निगम रायपुर में नवगठित जलबोर्ड में सम्मिलित अधिकारियों नगर निगम अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौड, कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा जुनियर, सहायक अभियंता श्री अनुराग पाटकर, उपअभियंता श्री योगेन्द्र साहू, श्री शुभम तिवारी की उपस्थिति में नगर निगम जल बोर्ड के कार्य दायित्वो एवं गतिविधियों को लेकर आवश्यक बैठक कार्यालय कक्ष में ली एवं गर्मी की पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर जलबोर्ड के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। सभापति ने जल बोर्ड अधिकारियों को रायपुर नगर निगम क्षेत्र की सभी लगभग 46 पानी टंकियो और जलागारो में प्रतिदिन सुबह शाम जल का पूर्ण भराव नियमित सतत मॉनिटरिंग कर सुनिश्चित करने निर्देशित किया है ताकि नगर वासियों को गर्मी में पर्याप्त प्रेशर से पेयजल आपूर्ति सतत की जा सके।सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ ने जलबोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन नियमित रूप से शहर के विभिन्न जोनो के विभिन्न वार्डो में सुबह 6 बजे से और शाम 6 बजे से 1 घंटे फील्ड में रहकर पाईप लाईनो का सर्वे कर जल समस्या निरीक्षण कर उसका त्वरित निदान स्थल पर करवाने कार्यवाही करें। ताकि पेयजल वितरण व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से गर्मी में निरंतर जारी रहें और सभी लगभग 46 जलागारो और टंकियो से शहर के नागरिको को टेल एण्ड तक पर्याप्त प्रेशर से पानी मिल सके। सभापति ने नगर निगम जलबोर्ड के सभी अधिकारियों को तत्काल गर्मी में सुगम पेयजल आपूर्ति की तैयारी व्यापक स्तर पर करने फील्ड पर जाकर पसीना बहाने और मेहनत की पराकाष्ठा करने का सुझाव दिया है।सभापति ने अभियान चलाकर नगर निगम क्षेत्र के सभी जोनो और वार्डो में अवैध नल कनेक्शनो को विच्छेद कर उनका नियमितिकरण करवाकर उन्हें करारोपण में शामिल करने की कार्यवाही निगम हित में प्राथमिकता से करने जलबोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया है। सभापति ने जोनो की टीम के साथ फील्ड में पाईप लाईन सर्वे कर नालियों से गुजर रही पाईप लाईनो को तत्काल अभियान चलाकर शिफ्ट करने का कार्य योजनाबद्ध तरीके से करने के निर्देश जल बोर्ड के अधिकारियों को दिये है।सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ ने नगर निगम जलबोर्ड के अधिकारियों को शहर हित में सुझाव दिया कि वे प्रशासनिक व्यवस्था अंतर्गत नगर निगम रायपुर में आपस में बैठक कर विभिन्न जोनो के क्षेत्र में कार्य करने कार्य विभाजन सहमति बनाकर करें एवं इस संबंध में शीघ्र निर्देश जारी करवाकर प्रतिदिन सुबह व शाम पेयजल आपूर्ति के समय फील्ड में रहे एवं नागरिको को पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति टेल एण्ड तक करवाना जोनो की टीम के साथ मिलकर सुनिश्चित करें। जल विभाग एवं जोनो के टैंकरो और हाईड्रोलिक वाहनो की प्राथमिकता से आवश्यकतानुरूप मरम्मत और सुधार का कार्य करवाया जाये ताकि लगभग डेढ माह बाद गर्मी प्रारंभ होने पर टैंकरो से पेयजल आपूर्ति की जा सके। सभापति ने जलबोर्ड के अधिकारियों को वार्ड पार्षदो से समन्वय रखकर वार्डो की पेयजल समस्याओ का अभी से तैयारी कर त्वरित निदान करने निर्देशित किया है साथ ही विगत वर्ष के पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रो का स्थल भ्रमण कर समस्या से अवगत होकर फील्ड में उतरकर पेयजल समस्या से ग्रस्त उक्त क्षेत्रो को चिन्हित कर समस्या निदान का कार्य प्राथमिकता से करने निर्देशित किया है।
- बिलासपुर /जिले के बिल्हा विकासखंड के भैंसबोड़ क्लस्टर के ग्राम भोजपुरी की निर्मला कोशले की कहानी हजारों महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर न केवल आर्थिक प्रगति की मिसाल है, बल्कि ग्रामीण भारत में नारी सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर भी प्रस्तुत करता है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित ‘मिनी माता’ स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर निर्मला ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सही अवसर, मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिल जाए, तो कोई भी महिला अपनी तकदीर स्वयं लिख सकती है।समूह से जुड़ने से पहले निर्मला का जीवन सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह घर-गृहस्थी और खेत तक सीमित था। 13 मार्च 2018 को जब ‘मिनी माता’ स्व-सहायता समूह का गठन हुआ और उन्हें समूह की जिम्मेदारी मिली, तभी से उनके जीवन ने नई दिशा पकड़ी। जिम्मेदारी ने उन्हें डराया नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को जगाया। समूह के माध्यम से उन्हें 1 हजार रुपये की आरएफ (रिवॉल्विंग फंड) राशि, 20 हजार रुपये की सीआईएफ सहायता तथा 10 हजार रुपये का बैंक ऋण प्राप्त हुआ। बाद में समूह को भी 15 हजार रुपये आरएफ, 60 हजार रुपये सीआईएफ तथा 3 लाख रुपये का बैंक ऋण मिला। छोटी प्रतीत होने वाली ये राशियाँ उनके जीवन में बड़े परिवर्तन की आधारशिला बनीं।कृषि कार्य को जारी रखते हुए निर्मला ने एक साथ कई आजीविका गतिविधियाँ प्रारंभ कीं। उन्होंने हल्दी, मिर्च और मसालों का लघु प्रसंस्करण इकाई स्थापित की, श्रृंगार सामग्री की दुकान खोली तथा पशुपालन को भी आय का स्रोत बनाया। पहले उनकी वार्षिक आय केवल कृषि पर आधारित लगभग 55 हजार रुपये थी। लेकिन नई गतिविधियों से आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई-श्रृंगार दुकान से लगभग 65 हजार रुपये वार्षिक आय, मसाला प्रसंस्करण से लगभग 36 हजार रुपये, पशुपालन से लगभग 36 हजार रुपये अतिरिक्त आय।इस प्रकार उनकी कुल वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 92 हजार रुपये तक पहुँच गई। अब उनका परिवार न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहा है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और बेहतर भविष्य की योजनाएँ भी बना रहा है। निर्मला की प्रगति केवल आय वृद्धि तक सीमित नहीं रही। पहले वे केवल घर तक सीमित थीं, आज वे समूह की सचिव, सफल उद्यमी और ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जाती हैं। वे घर के महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, बैंक से सीधे संवाद करती हैं और बाजार में आत्मविश्वास के साथ अपने उत्पाद बेचती हैं। समूह बैठकों और प्रशिक्षण ने उन्हें बचत की आदत, वित्तीय प्रबंधन, निवेश की समझ और व्यवसाय संचालन का ज्ञान दिया। एनआरएलएम टीम के मार्गदर्शन ने उन्हें यह आत्मविश्वास प्रदान किया कि किस गतिविधि में कितना निवेश करना है और बाजार की मांग के अनुसार व्यवसाय को कैसे आगे बढ़ाना है। आज निर्मला केवल स्वयं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।निर्मला कोशले अब केवल एक नाम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले, तो वे आर्थिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सामूहिक प्रयास से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए बिजली दरों (टैरिफ) के निर्धारण और राजस्व आवश्यकताओं से संबंधित याचिकाओं पर दुर्ग क्षेत्र(दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले) के उपभोक्ताओं के लिए जन-सुनवाई आयोजित की जा रही है। सीएसईआरसी द्वारा पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों के विभिन्न उपभोक्ताओं को उक्त जनसुनवाई की प्रक्रिया में हिस्सा लेने हेतु क्षेत्रवार ऑनलाईन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य की बिजली कंपनियों (उत्पादन, पारेषण, वितरण एवं लोड डिस्पैच सेंटर) द्वारा प्रस्तुत याचिकाओं पर आम जनता, किसान और उद्योगपति अपने सुझाव व आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।दुर्ग क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आयोग के रायपुर कार्यालय से सीधे जुड़ने के लिए दिनांक 17 फरवरी 2026 को प्रातः 10ः30 से दोपहर 12ः00 बजे तक रायपुर नाका दुर्ग स्थित मुख्य अभियंता/कार्यपालक निदेशक कार्यालय, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग पर उपस्थित हो सकते हैं।यदि कोई उपभोक्ता सीधे रायपुर आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बात रखना चाहता है, तो दिनांक 19 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक कृषि एवं कृषि संबंधी कार्य दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक घरेलू उपभोक्ता एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक गैर-घरेलू उपभोक्ता उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी तरह 20 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक स्थानीय निकाय, नगर निगम एवं ट्रेड यूनियन आदि, दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक निम्न दाब उद्योग एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक उच्च दाब उद्योग अपनी सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे। याचिकाओं का विस्तृत विवरण आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर उपलब्ध है। दुर्ग क्षेत्र के सभी इच्छुक सम्मानीय उपभोक्ता और विभिन्न संगठन इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपने सुझाव दे सकते हैं।
- - बालोद जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी जलाशय में हो रहा आयोजनबालोद । सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का 13 फरवरी को भव्य शुभारंभ होगा। बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय के मनोरम पर्यटन स्थल में 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बैंबू राफ्टिंग, फ्लोटिंग बलून, हाॅट एयर बलून, बोटिंग, एडवेंचर एक्टिविटी, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय व्यंजन, बच्चों के लिए मनोरंजन, युवाओं के लिए एडवेंचर आदि गतिविधियां की जाएगी। जिला प्रशासन बालोद द्वारा आयोजित यह इको एडवेंचर फेस्ट स्थानीय महिलाओं को सशक्त बनाने, रोजगार तथा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल है।
- - 12 ज्योतिर्लिंग की झांकियों के बीच सुबह नौ बजे से 61 जोड़े महिला आचार्यों के मार्गदर्शन में करेंगे लघु दुग्ध रुद्राभिषेक- महाराष्ट्र संस्कार केंद्र की रजत जयंती पर 23 वर्षों से लगातार पूजन में बैठ रहे दंपतियों का किया जाएगा सम्मानरायपुर। महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में महाशिवरात्रि पर रविवार, 15 फरवरी को सामूहिक लघु रुद्राभिषेक किया जाएगा। महाराष्ट्र संस्कार केंद्र का 25वां वर्ष होने के कारण इस वर्ष मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सामूहिक लघु रुद्राभिषेक को और भी भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है। अजय पोतदार के मार्गदर्शन में बनाई जाने वाली 12 ज्योतिर्लिंग की झांकियां सभागृह में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी।महाराष्ट्र मंडल के सचिव, महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संस्थापक और कार्यक्रम प्रमुख आचार्य चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्र संस्कार केंद्र का महाशिवरात्रि पर यह लगातार 23वां आयोजन है। इस विशेष मौके को यादगार बनाने के लिए गत 23 सालों से लगातार लघु रुद्राभिषेक पूजन में बैठने वाले दंपतियों का सम्मान किया जाएगा।आचार्य चेतन के मुताबिक इस वर्ष 61 जोड़े दूध से लघु रुद्राभिषेक करेंगे। पूजन में बैठने के लिए महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। बताते चलें कि गत कुछ वर्षों की तरह इस साल भी महाराष्ट्र मंडल की महिला आचार्यों की ओर से लघु रूद्र के अनेक आवर्तन का पाठ किया जाएगा। साथ ही शिव तांडव स्त्रोत का समूह गायन भी होगा। लघु रुद्राभिषेक के बाद हमेशा की तरह महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण जुटेंगे।
- - बड़ी संख्या में जुटे भक्तगण, महिला श्रद्धालुओं की संख्या व उत्साह ज्यादारायपुर। संत श्रीगजानन महाराज प्रकटोत्सव पर तात्यापारा स्थित मंदिर परिसर से संतश्री की पालकी शोभायात्रा अभूतपूर्व उत्साह के साथ निकाली गई। इस मौके पर श्रद्धालुओं में गजानन महाराज की पालकी को लेकर जितनी श्रद्धा- भक्ति दिखी, उतना ही उत्साह ट्रेक्टर ट्रॉली में रखे महाराज के आदमकद तैलचित्र वाली झांकी को लेकर भी देखा गया।मंगलवार रात को बैंड- बाजे और माइक पर संतश्री के जयकारों के साथ निकाली गई पालकी शोभायात्रा का तात्यापारा चौक पर महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति की ओर से फूलों की पंखुडियों से श्रद्धामय स्वागत किया गया। इस मौके पर मंडल की सखी निवास प्रभारी नमिता शेष, शंकर नगर बाल वाचनालय- उद्यान प्रभारी रेणुका पुराणिक ने अन्य पदाधिकारियों के साथ पालकी की आरती उतारी। युवा समिति के सह प्रभारी शुभम् पुराणिक, रीना बाबर, तन्मय बक्षी, साक्षी जोशी, अक्षता पंडित, सुरभि शेष, अस्मिता कुसरे, आराधना शेष, पर्यावरण समिति के समन्वयक अभय भागवतकर, प्रभारी वैभव बर्वे, सांस्कृतिक समिति के समन्वयक प्रेम उपवंशी सहित अनेक पदाधिकारी इस मौके पर उपस्थित रहे।कुछ विलंब से निकली गजानन महाराज की पालकी शोभायात्रा का नेतृत्व मंदिर के अध्यक्ष अविनाश बल्लाल सहित जयंत तापस, अरुण डोनगांवकर, विश्वास कुसरे, प्रशांत ढवले, नवीन देशमुख, सुधीर परेतकर, राजा भट सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने किया। साथ ही इसमें चारुदत्त जोशी, रत्नाकर हिशीकर, विजय वराडपांडे, कल्पना लांबे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शामिल हुए।
- -शहर के अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक बनेगी सड़क और सामुदायिक भवन का होगा निर्माणकवर्धा। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज कवर्धा नगर के विकास को नई गति देते हुए कुल 2 करोड़ 80 लाख रुपए के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक बी.टी. रोड एवं नाली निर्माण तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नगर के विकास के लिए सड़क, नाली और सामुदायिक भवन जैसे मूलभूत कार्य अत्यंत आवश्यक हैं। अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से बी.टी. रोड एवं नाली का निर्माण किया जाएगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास 20 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण होगा, जिससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर के सर्वांगीण विकास के लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने मोहल्लावासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क गैस सिलेंडर एवं चूल्हा वितरित किया।श्री शर्मा ने कहा कि अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों के लिए आवास स्वीकृत होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उन्होंने बताया कि जो लोग जिस स्थान पर काबिज हैं और वहां समेकित कर, बिजली बिल तथा संपत्ति कर जमा कर रहे हैं या जिनके पास पुराना पट्टा है लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं हुआ है, ऐसे सभी पात्र लोगों का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया जाएगा। नगर पालिका द्वारा उन्हें कब्जे का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद आवास की स्वीकृति में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष को कहा कि ऐसे सभी लोगों को शीघ्र प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को 2 लाख 36 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपने अनुरूप बेहतर घर बना सकेंगे।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबेडकर चौक के पास 30 लाख रुपए की लागत से सियान सदन बनाया जाएगा, जहां वरिष्ठ नागरिक बैठकर समय व्यतीत कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें घर से लाने-ले जाने की व्यवस्था भी की जाएगी। शहर के सभी प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए भी 20-20 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने वाली है, जिसमें गाडगे जी, सहस्त्रबाहु जी, सेन जी और महाराज करपात्री जी महाराज से जुड़े चौकों का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही कवर्धा कॉलेज परिसर में 4.5 करोड़ रुपए की लागत से नालंदा परिसर के रूप में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही है। भोजपुरी तालाब के समीप हनुमंत वाटिका का निर्माण किया जा चुका है, वहीं घोटिया क्षेत्र में 354 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। रायपुर–बिलासपुर मार्ग के 7.8 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाते हुए कवर्धा एंट्रेंस का विकास किया जाएगा, जिसके लिए 54 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा का चौमुखी विकास उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में लगातार हो रहा है और यह पूरे शहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि 4 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से गौरव पथ रोड का निर्माण कराया गया है। ठाकुर देव से नया बस स्टैंड तक तक 11 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शहीद वीर स्तंभ चौक में शहीदों की प्रतिमा स्थापित की गई है और शहर के हर क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं। चौपाटी, हनुमंत वाटिका और बूढ़ा महादेव मंदिर में कांवड़ियों के विश्राम के लिए निर्माण किया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित 2.60 करोड़ सड़क का आज भूमिपूजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही 20 लाख रुपये की लागत से एक नए सामुदायिक भवन का निर्माण भी किया जाएगा, जो सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
- कवर्धा। विकासखंड कवर्धा के ग्राम खपरी में आयुष विभाग द्वारा 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर वाणी विद्या मंदिर स्कूल प्रांगण में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें क्षेत्रवासियों को आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं योग चिकित्सा के माध्यम से निःशुल्क परामर्श और उपचार की सुविधा दी जाएगी। शिविर में विशेष रूप से वात, चर्म रोग, पेट संबंधी रोग, बच्चों के रोग, बवासीर, स्त्री रोग, पुरानी खांसी, श्वास, सर्दी-जुकाम, बुखार, पीलिया, मधुमेह, निम्न रक्तचाप, गठिया एवं हड्डी संबंधी बीमारियों का इलाज किया जाएगा। साथ ही रोगियों को आयुर्वेदिक उपचार पद्धति और योग के महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। आयुष विभाग के अधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों से इस स्वास्थ्य मेले में शामिल होकर निःशुल्क जांच और उपचार का लाभ लेने की अपील की है। कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुष अधिकारी, कबीरधाम के मार्गदर्शन में किया जाएगा।
- -उन्नत पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन सीखने बनासकाठा गुजरात रावाना हुए कबीरधाम के पशुपालक और बिहान की दीदियां-मुख्यमंत्री श्री साय सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है- उपमुख्यंत्री विजय शर्मारायपुर, / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा के समनापुर पुल के पास से डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी कोऑपरेटिव बनासकाठा गुजरात के शैक्षणिक भ्रमण पर जाने वाले पशुपालकों और बिहान की दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने बस में पहुंचकर बिहान समूह की दीदियों एवं पशुपालकों से आत्मीय संवाद किया तथा भ्रमण के उद्देश्य और अपेक्षित सीख के संबंध में चर्चा की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बनासकाठा जाकर वहां की उन्नत व्यवस्थाओं को गंभीरता से देखें, समझें और सीखें। यह भ्रमण केवल देखने भर का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सीखने और उसे लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे वहां के सफल डेयरी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गहन अध्ययन कर जिले में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से प्रतिभागियों को उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, डेयरी कोऑपरेटिव की अवधारणा, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण तथा विपणन व्यवस्था के संबंध में व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। साथ ही उन्हें यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि किस प्रकार सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूह (एनआरएलएम) की दीदियां एवं 17 पशुपालक इस शैक्षणिक भ्रमण में शामिल हो रहे हैं। यह दल गुजरात के बनासकाठा डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का अवलोकन करेगा, जो देश-विदेश में अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और सहकारी मॉडल के लिए प्रसिद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। बिहान समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू, श्री मनिराम साहू, श्री विजय पाटिल, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, पार्षद श्री बिहारी धुर्वे, श्री अजय ठाकुर, श्री योगेश चंद्रवंशी, श्री दीपक सिन्हा, श्री केशरीचंद सोनी, श्री संजीव, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, श्री केशरीचंद सोनी, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री उमंग पाण्डेय, डॉ. आनंद मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बिहान समूह की दीदियां एवं पशुपालक उपस्थित थे।
- -प्रदेश के 7,315 किसान हुए लाभान्वित-किसानों से 22,000 रुपये प्रति टन की दर से हो रही है सीधी खरीदीरायपुर। खाद्य तेल में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ में ऑयल पाम की खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 10,796 हेक्टयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती हो रही है। जिसमें 7,315 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जिला प्रशासन भी ऑयल पाम के लिए जमीन चिहांकित कर रकबा बढ़ाने प्रयासरत हैं। इसी क्रम में संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग एवं बेमेतरा जिलों के किसानों के खेतों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम लगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया।उद्यानिकी संचालक श्री लोकेश कुमार ने निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन, समेकित उद्यानिकी विकास कार्यक्रम तथा नेशनल मिशन ऑन ऑयल पाम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।गौरतलब है कि राज्य में ऑयल पाम की खेती वर्ष 2012-13 से की जा रही है। वर्तमान में राज्य के समस्त जिलों में लगभग 10,796 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण किया जा चुका है, जिससे 7,315 किसान लाभान्वित हुए हैं। अब तक लगभग 1,394.88 टन फ्रेश फ्रूट बंच का उत्पादन हुआ है। भारत सरकार द्वारा फ्रेश फ्रूट बंच का न्यूनतम मूल्य 16,460.46 रुपये प्रति टन निर्धारित कया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में किसानों से 22,000 रुपये प्रति टन की दर से सीधी खरीदी की जा रही है।संचालक श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग जिले के ग्राम ढाबा में श्रीमती सुनिती देवी मढरिया के एक हेक्टेयर में लगाए गए ऑयल पाम के साथ टमाटर की अंतरवर्ती फसल तथा श्री प्रवीण मढरिया के एक हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम के साथ केले की खेती का अवलोकन किया। यहां किसानों से सब्सिडी और अनुदान से जुड़ी जानकारी साझा की। इसके पश्चात दुर्ग जिले के ही परसदापार, चिखला एवं राजपुर तथा बेमेतरा जिले के डोंगीतराई गांव में चयनित और लाभान्वित किसानों के खेतों में रोपित ऑयल पाम, केला, आम, फेंसिंग और अंतरवर्ती फसलों का अवलोकन किया।संचालक श्री लोकेश कुमार ने किसानों को योजना के अंतर्गत ऑयल पाम पौध, फेंसिंग, ट्यूबवेल, ड्रिप सिंचाई तथा अंतरवर्ती फसलों पर मिलने वाली आर्थिक सहायता और उत्पाद की बाजार व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑयल पाम की खेती किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प बन रही है। राजपुर स्थित शासकीय बीज प्रगुणन प्रक्षेत्र में प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट का निरीक्षण कर इसे शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी मौसम में किसानों को गुणवत्तायुक्त पौध उपलब्ध कराई जा सके।
- -सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़, कहा - छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला-“छत्तीसगढ़ ने भारतीय होने का गर्व कराया” – पत्रकार सुश्री अर्चना प्रधान-सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात-मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, किसान हितैषी योजनाओं, उद्योग नीति तथा नक्सल पुनर्वास नीति को मिली सराहनारायपुर। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर प्रदेश है और धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित इस धरा को हमारी सरकार सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में सिक्किम राज्य से अध्ययन भ्रमण पर पहुंचे पत्रकारों के दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया और उनसे छत्तीसगढ़ को लेकर ढेर सारी बातें साझा की। उन्होंने सभी अतिथियों को राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ में स्वागत और अभिवादन किया। मुख्यमंत्री की सहृदयता और आतिथ्य पाकर सभी पत्रकार अभिभूत हुए और उन्हें सिक्किम आने का निमंत्रण भी दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ 44 प्रतिशत वन क्षेत्र से आच्छादित है तथा यहां 31 प्रतिशत आदिवासी समुदाय निवासरत है। वनोपज संग्रहण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘जशप्योर’ ब्रांड के अंतर्गत उत्पाद तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए सरकार द्वारा 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना के तहत निःशुल्क चप्पल प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। हाल ही छह हजार से अधिक जोड़े इस योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नवदंपतियों को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता एवं 15 हजार रुपये का सामग्री सहयोग प्रदान किया जाता है। नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सफल नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। राज्य सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50 हजार रुपये की सहायता तथा तीन वर्षों तक प्रति माह 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 2,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। श्री साय ने बताया कि जगदलपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा ‘बस्तर पंडुम’ कैफे का सफल संचालन इसका सशक्त उदाहरण है।मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के अंतर्गत 17 शासकीय योजनाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है, जिससे सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं। पर्यटन की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं, अबूझमाड़ के वन और धुड़मारास जैसे स्थल प्रदेश की पहचान हैं। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होम स्टे को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसके तहत ग्रामीणों को पांच कमरों तक निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं औद्योगिक विकास के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है, जहां निम्न आय वर्ग के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने प्रदेश की आकर्षक नवीन औद्योगिक नीति का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसके तहत राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना से प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।सिक्किम की पत्रकार सुश्री अर्चना प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मेक इन इंडिया’ का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। भिलाई स्टील प्लांट में रेल पटरियों सहित विभिन्न इस्पात उत्पादों का निर्माण प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इकाइयों को हमें करीब से देखने का मौका मिला और हम जान पाए है कि इस प्रदेश का देश के विकास में कितना महत्वपूर्ण योगदान है।मुख्यमंत्री से भ्रमण उपरांत मिलने पहुंचे पत्रकारों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला है। उन्होंने भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। सिक्किम से आए पत्रकारों ने अपने पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान भिलाई स्टील प्लांट, गेवरा ओपन माइंस, नवा रायपुर तथा जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया। पत्रकारों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भ्रमण की सुंदर स्मृतियों को अपने साथ लेकर जा रहे हैं, जो उन्हें आजीवन याद रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, किसानों के हित में की गई घोषणाओं, स्वच्छ वातावरण तथा पुनर्वास नीति की सराहना की।पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को सिक्किम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ‘थांका’ पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस उपहार के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे स्नेह और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बताया। पत्रकारों ने बताया कि सिक्किम का थांका पेंटिंग एक पवित्र स्मृति चिन्ह है, जो सूती या रेशमी कपड़े पर बौद्ध देवताओं, मंडलों और बुद्ध के जीवन दृश्यों को दर्शाता है। यह हस्तनिर्मित कला सिक्किम की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे अक्सर घर की सजावट और सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाया जाता है। इन्हें रोल करके आसानी से ले जाया जा सकता है, जो यात्रियों के लिए एक बेहतरीन सोवेनियर है। यह पारंपरिक कलाकृति सिक्किम के निवासियों के लिए धार्मिक विश्वास और आस्था का प्रतीक है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, पीआईबी गंगटोक के सहायक निदेशक श्री मानस प्रतिम शर्मा, पीआईबी रायपुर के सहायक निदेशक श्री सुदीप्तो कर, श्री पुरुषोत्तम झा और श्री सरद बसनेत,पत्रकार श्री बेनु प्रकाश तिवारी, श्री विकास क्षेत्री, श्री होमनाथ दाबरी, श्री ईश्वर, सुश्री अर्चना प्रधान, सुश्री अनुशीला शर्मा, श्री प्रकाश अधिकारी, श्री ललित दहल, श्री विनोद तमंग, श्री मोहन कुमार कार्की, श्री नार बहादुर क्षेत्री उपस्थित थे।
- -उपकेंद्र , ट्रांसफार्मर और लाइन नेटवर्क में बड़ा विस्ताररायपुर ।मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पिछले 25 वर्षों में बिजली व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2000 में अविभाजित कोरिया जिले का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में अब विद्युत उपभोक्ताओं, उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों और लाइनों के नेटवर्क में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसका सीधा लाभ कृषि, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं को मिला है।वर्ष 2000 में जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6,228 वर्ग किमी था, जो 2022 में पृथक जिला बनने के बाद 4,227 वर्ग किमी रह गया। क्षेत्रफल कम होने के बावजूद बिजली सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है।जिले में कुल विद्युत उपभोक्ता वर्ष 2000 में 21,209 थे, जो बढ़कर 57,549 हो गए हैं। उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ता 15 से बढ़कर 37 और निम्न दाब (एलटी) उपभोक्ता 9,505 से बढ़कर 57,549 तक पहुंच गए हैं।बीपीएल कनेक्शन 3,562 से बढ़कर 22,679 हो गए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 7,999 से बढ़कर 27,213 हो गई है।सिंचाई पंप उपभोक्ताओं की संख्या 128 से बढ़कर 1,159 हो गई है, जो लगभग 9 गुना वृद्धि है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है।132/33 केवी उपकेंद्र 1 से बढ़कर 2 (चैनपुर और बहरासी) हो गए हैं। 33/11 केवी उपकेंद्र 4 से बढ़कर 13 हो गए।पावर ट्रांसफार्मर 5 से बढ़कर 17 और वितरण ट्रांसफार्मर 276 से बढ़कर 3,018 हो गए हैं।उच्च दाब लाइनें 734 किमी से बढ़कर 3,718 किमी और निम्न दाब लाइनें 368 किमी से बढ़कर 3,429 किमी तक पहुंच गई हैं।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा एक जोन और 8 वितरण केंद्रों के माध्यम से जिले के सभी गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में 57 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बिजली अधोसंरचना के इस विस्तार ने जिले में विकास की रफ्तार को तेज किया है। कृषि, लघु उद्योग और घरेलू सुविधाओं में सुधार के साथ एमसीबी जिले में बिजली अब विकास की मजबूत धुरी बन गई है।
- रायपुर। प्रधानमंत्री पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत् राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र तेजी के साथ जगमग हो रही है। सूरजपुर जिले के सिलफिली निवासी श्री मनोज विश्वास योजना के सफल लाभार्थी बनकर दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। श्री विश्वास ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर न केवल बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत की है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सूरजपुर जिले में पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जो आमजन की बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले में 25 सक्रिय वेंडर कार्यरत हैं, जिससे आवेदन से लेकर सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन तक की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो रही है। हितग्राही श्री मनोज विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर अन्य नागरिक भी इस योजना से जुड़ रहे हैं। यह योजना आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी जन आंदोलन बनती जा रही है।







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