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- -वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को दिए जाएंगे पुरस्कार और सम्मान-मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ी व कोच चयनित-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरणरायपुर ।राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्राॅफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा। ????
- रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कांग्रेस पार्टी के अनुसूचित जनजाति विरोधी राजनीतिक चरित्र पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि कांग्रेस ने दशकों तक आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया, जबकि भाजपा ने आदिवासियों को वास्तविक सशक्तीकरण, सम्मान और शासन में सर्वोच्च नेतृत्व प्रदान किया है। श्री मरकाम ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में भाजपा की संवेदनशील सरकार में आदिवासी समाज का गौरव पूरे देश में बढ़ा है। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री मरकाम ने शीर्ष नेतृत्व और प्रतिनिधित्व की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में स्वयं आदिवासी समाज के सपूत कमान सम्भाल रहे हैं। साथ ही मंत्रिमण्डल में दो सशक्त कैबिनेट मंत्रियों सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों में अजजा वर्ग को भरपूर प्रतिनिधित्व देकर नीति-निर्माण के केंद्र में स्थापित किया गया है। इसी प्रकार बस्तर विकास प्राधिकरण और सरगुजा विकास प्राधिकरण पूरी सक्रियता के साथ दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के विस्तार में जुटे हैं। इन प्राधिकरणों के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तेजी से विकास कार्य स्वीकृत हो रहे हैं। आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का उल्लेख कर श्री मरकाम ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर में ऐतिहासिक वृद्धि कर संग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ पहुँचाया जा रहा है। लघु वनोपजों के मूल्य संवर्धन, वन-धन केंद्रों के विस्तार, चरण पादुका योजना और परम्परागत औषधीय ज्ञान के संरक्षण से आदिवासी भाई-बहनों की आर्थिकी मजबूत हो रही है। वनांचलों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, उन्नत स्वास्थ्य शिविरों और स्थानीय स्वास्थ्य परम्पराओं को संस्थागत संरक्षण देकर अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। श्री मरकाम ने कहा कि कांग्रेस के पास आदिवासियों के उत्थान के नाम पर केवल खोखले वादे थे, जबकि भाजपा सरकार धरातल पर ठोस योजनाएँ लागू कर अजजा वर्ग का सर्वतोमुखी विकास सुनिश्चित कर रही है। आदिवासी समाज अब कांग्रेस के दोहरे चरित्र को भली-भाँति समझ चुका है और पूरी मजबूती के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है।
- -गायत्री परिवार का संदेश : भूल सुधारकर श्रेष्ठ जीवन की शुरुआतरायपुर:। परिवार और समाज की मुख्यधारा से दूर रहकर अपनी गलतियों का प्रायश्चित कर रहे बंदियों के जीवन में इस रक्षाबंधन आत्मिक उजियारा फैल गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, रायपुर के तत्वावधान में केंद्रीय जेल रायपुर में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायी रक्षाबंधन पर्व मनाया गया, जिसने पत्थर से दिल को भी पिघला दिया। बहनों के आंचल की छांव और ममता भरे अहसास ने जेल में बंद बंदियों में सलाखों के दर्द को कुछ पल के लिये भुला दिया। इस आत्मीय आयोजन के दौरान गायत्री परिवार की बहनों ने लगभग 200 बंदी भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। राखी बंधवाते ही कई बंदी भाइयों के सब्र का बांध टूट गया और उनकी आंखों से छलक आए आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि भाई-बहन का यह पवित्र बंधन हर दूरी और हर दीवार से बहुत ऊपर है।इस अवसर पर केवल रस्म अदायगी नहीं हुई, बल्कि बंदियों के मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान पर विशेष जोर दिया गया। गायत्री परिवार की ओर से सभी को सत्संकल्प का पाठ कराया गया। जिला समन्वयक श्री लच्छुराम निषाद ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि, “कानून की नजर में भले ही व्यक्ति अपराधी हो सकता है, लेकिन ईश्वर की नजर में हर आत्मा में सुधार की असीम संभावना होती है। जेल कोई अंत नहीं, बल्कि खुद को टटोलने और एक नया इंसान बनकर उभरने का स्वर्णिम अवसर है।” उन्होंने युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों का स्मरण कराते हुए कहा कि सद्विचार, सदाचार और आत्मसंयम ही मनुष्य के सबसे बड़े आभूषण हैं।कार्यक्रम का सबसे मर्मस्पर्शी क्षण वह था जब गायत्री परिवार की बहन श्रीमती प्रेमलता चंद्राकर ने ममता और भाई-बहन के स्नेह से ओत-प्रोत भावुक गीत प्रस्तुत किया। सुरों की उस रागमय पुकार ने जेल के उस कठोर माहौल को पूरी तरह भावनात्मक बना दिया। अपनों से बिछड़ने का दर्द और बहनों का अहेतुकी प्रेम देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।जेल के भीतर इस सकारात्मक और पारिवारिक माहौल को तैयार करने में केंद्रीय जेल अधीक्षक श्री योगेश क्षत्रिय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके विशेष मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग से ही इस आध्यात्मिक अनुष्ठान को इतने अनुशासित और भव्य रूप में मूर्त रूप दिया जा सका।आयोजन को सफल बनाने में प्रोटोकॉल एवं मीडिया प्रभारी श्री अमित डोये, श्रीमती प्रेमलता चंद्राकर, श्रीमती अनोखी निषाद, श्रीमती कीर्ति चंद्रा, श्रीमती गीता शर्मा, श्रीमती द्रोपति यदु, कु. गायत्री शर्मा, श्रीमती उमा केशरवानी, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री घनश्याम केशरवानी, श्री उमेंद्र यदु एवं श्री देवेंद्र कुमार निषाद सहित समस्त गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाएँ दीं।यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि गायत्री परिवार का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि पतितों और उपेक्षितों के जीवन में उजाला भरकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
- -बहनों के लिए भेंट का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक समयरायपुर / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों को राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जेल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 28 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल बहनों को ही बंदियों से मिलने और राखी बांधने के लिए जेल के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी।मुलाकात के लिए आने वाली बहनों के पास वैध पहचान-पत्र होना आवश्यक है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा कारणों से एक बंदी से मिलने और राखी बांधने के लिए अधिकतम 3 बहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बहनों को प्रति बंदी केवल 100 ग्राम मिठाई ले जाने की छूट होगी, जिसकी पहले जांच की जाएगी। मिठाई के अलावा अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मोबाइल, पर्स, नकदी और किसी भी प्रकार का कीमती सामान जेल के भीतर ले जाना सख्त मना है। जेल परिसर में इन्हें जमा कराने की कोई व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि वे ये सामान साथ न लाएं।सुरक्षा के दृष्टिगत जेल प्रवेश से पहले महिला कर्मचारियों द्वारा तीन स्तरों पर तलाशी ली जा सकती है। केन्द्रीय जेल अधीक्षक ने सभी परिजनों से व्यवस्था बनाए रखने और तलाशी प्रक्रिया में जेल प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
- -’महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से बढ़ी खुशियां, महिलाओं को मिला आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का भरोसा’रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशियों और आर्थिक संबल की सौगात लेकर पहुंची है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि महिलाओं को अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं में सहयोग करने का आत्मविश्वास दे रही है।जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम अवरीद निवासी श्रीमती धनेश्वरी धीवर के लिए भी महतारी वंदन योजना आर्थिक सहारे का मजबूत आधार बनी है। योजना की 31वीं किस्त के रूप में 1,000 रुपये की राशि उनके बैंक खाते में पहुंची। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि ने उनके त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया।श्रीमती धनेश्वरी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में बेहद उपयोगी साबित होती है। अब छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे योजना से प्राप्त राशि का उपयोग राशन, घरेलू सामान और अपनी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से अपने निर्णय लेने और परिवार में सहयोगी भूमिका निभाने का आत्मविश्वास मिला है।उनके लिए योजना की 31वीं किस्त महज 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और अपनत्व का एहसास भी लेकर आई है। रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि पहुंचने पर धनेश्वरी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “महतारी वंदन के किस्त रक्षाबंधन के पहिली मिल गे, हमर खुशी दुगुना हो गे। हमर विष्णु भैया बहिनी मन के जरूरत ला समझत हवंय। अब छोटे-छोटे जरूरत बर दूसर के ऊपर निर्भर नई रहना पड़य।”श्रीमती धनेश्वरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहभागी बनने का अवसर दिया है। उनके लिए यह योजना आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन गई है। महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार तैयार कर रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त का मिलना महिलाओं के लिए “बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान” की भावना को और मजबूत कर रहा है। योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा यह नियमित आर्थिक संबल उनके वर्तमान को मजबूत करने के साथ बेहतर और आत्मनिर्भर भविष्य की राह भी आसान बना रहा है।
- रायपुर। मनेंद्रगढ़ , चिरमिरी भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की अनीता सिंह आज अपने हुनर को आत्मनिर्भरता की नई पहचान दे रही हैं। बिहान योजना से जुड़े स्व-सहायता समूह के साथ उन्होंने रक्षाबंधन के लिए आकर्षक राखियां तैयार कीं, जिन्हें हसदेव ब्रांड के नाम से बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पहचान मिली।अनीता बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और घर की जिम्मेदारियों के साथ आय अर्जित करने का अवसर मिला है। वहीं महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि ने रक्षाबंधन की खुशियों को और बढ़ा दिया।अनीता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि “विष्णु भैया के नेतृत्व में महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे हैं।” अनीता की यह सफलता कहानी प्रदेश की उन बहनों के बढ़ते आत्मविश्वास की तस्वीर है, जिनके चेहरों की खुशी और होठों की मुस्कान में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का सपना झलक रहा है।
- -भानुप्रतापपुर के छात्रों ने किया केटीयू का शैक्षणिक भ्रमणरायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर में शासकीय महर्षि वाल्मीकि कॉलेज, भानुप्रतापपुर के पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान बस्तर अंचल से आए विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की उन्नत प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और कुलपति प्रो. मनोज दयाल से संवाद कर जनसंचार की बारीकियों को समझा।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि सकारात्मक और निष्पक्ष पत्रकारिता ही एक सशक्त व नए समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे मीडिया क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता को निखारें और समाचार पत्र, टीवी, रेडियो तथा डिजिटल मीडिया का नियमित तुलनात्मक अध्ययन करें।छात्रों ने विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो श्संवाद में अपने संदेश रिकॉर्ड किएभ्रमण में विद्यार्थियों ने केटीयू के टीवी स्टूडियो, कम्युनिटी रेडियो, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय और निर्माणाधीन एआई व मीडिया रिसर्च लैब का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। महर्षि वाल्मीकि कॉलेज के शिक्षक श्रीदाम ढ़ाली के मार्गदर्शन में आए छात्रों ने विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो ”संवाद 98.2 एफएम” में अपने संदेश भी रिकॉर्ड किए। इस दौरान छात्रों ने जनसंचार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विज्ञापन व जनसंपर्क विभाग के प्राध्यापकों और शोधार्थियों से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के सृजनात्मक क्लबों व शोध पीठों की कार्यप्रणाली को समझा।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल, कुलसचिव सुनील शर्मा और सहायक कुलसचिव देव सिंह पाटिल सहित विभिन्न विभागाध्यक्षों से मार्गदर्शन प्राप्त कर इसे एक अत्यंत ज्ञानवर्धक व प्रेरणादायक अनुभव बताया।
- -घमंडी के बच्चों को गांव में ही मिली शाला और जाति प्रमाण पत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिले नारायणपुर में कलेक्टर के मार्गदर्शन में संचालित ‘स्कूल केईन्ता’ ( School Keinta ) अभियान दूरस्थ और दुर्गम वनांचलों में शिक्षा की नई अलख जगा रहा है। इस अभिनव पहल के जरिए न केवल बच्चों तक शिक्षा पहुंच रही है, बल्कि उन्हें आवश्यक सरकारी दस्तावेजों से जोड़कर उनका भविष्य भी संवारा जा रहा है।हाल ही में संकुल केंद्र गारपा के तहत आने वाले ग्राम घमंडी की वैकल्पिक प्राथमिक शाला में नामांकित 22 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को शासकीय योजनाओं और आगे की शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सकेगा।इससे पूर्व, घमंडी गांव के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए 10 किलोमीटर दूर कोड़ेनार पैदल जाना पड़ता था। ऊबड़-खाबड़ और कठिन रास्तों के कारण बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पाते थे। जिला प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए गांव में ही वैकल्पिक प्राथमिक शाला की शुरुआत की है। इस शाला में वर्तमान में 30 बच्चे अध्ययनरत हैं, जहां स्थानीय श्शिक्षा दूतश् कोसा राम वड्डे समर्पित भाव से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गौरतलब है कि ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान के तहत अत्यंत दुर्गम और भौगोलिक रूप से कटे क्षेत्रों में शिक्षा पहुंचाने के लिए 34 नई वैकल्पिक शालाएं शुरू की गईं। इस अभियान के माध्यम से अब तक 2 हजार से अधिक बच्चों का सफल नामांकन कराकर उन्हें शिक्षा से जोड़ा गया है। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज स्थानीय स्तर पर तैयार कर वितरित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का यह कदम साबित करता है कि यदि नीयत और प्रयास सही हों, तो घने जंगलों और दुर्गम पहाडि़यों के बीच भी बच्चों के सपनों को उड़ान दी जा सकती है।
- -‘बिहान’ से मिला आर्थिक संबल, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं निरा राजवाड़े-मुनिता स्व-सहायता समूह को मिला ऋण, 10 वर्ष की लीज पर तालाब लेकर शुरू किया मछली पालनरायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित कर उन्हें आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाएं अपनी रुचि और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप आजीविका गतिविधियां शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं।ऐसी ही प्रेरक कहानी लखनपुर विकासखंड की ग्राम पुहपुटरा की महिलाओं की, मुनिता स्व-सहायता समूह की सचिव श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्होंने समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर मछली पालन को आजीविका का साधन बनाया है। उन्होंने समूह को 1 लाख 20 हजार रुपए का ऋण लिया, और इसका उपयोग मछली पालन की गतिविधि शुरू करने में किया है।श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि समूह ने 10 वर्ष की लीज पर तालाब लिया है। इसी तालाब में समूह की महिलाएं मछली पालन कर रही हैं। समूह द्वारा ऋण राशि का उपयोग आजीविका गतिविधि को आगे बढ़ाने के लिए कर रही हैं। मछली पालन से आने वाले समय में आय प्राप्त होगी, और समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।उन्होंने बताया कि मछली पालन एक ऐसी गतिविधि है, जिसमें समूह की महिलाएं सामूहिक रूप से कार्य कर रही हैं। तालाब की देखरेख, मछली पालन से संबंधित कार्य और भविष्य में मछलियों की बिक्री के माध्यम से होने वाली आय से समूह की आजीविका को बढ़ाने की योजना है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर भी मिलेगा।निरा राजवाड़े बताती हैं कि पहले वे स्व-सहायता समूह से नहीं जुड़ी थीं। उस समय उनके पास नियमित रूप से कोई आजीविका गतिविधि नहीं थी। ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से सामूहिक रूप से काम करने का अवसर मिला।उन्होंने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं को अलग-अलग गतिविधियों से जुड़ने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का रास्ता मिला है। पहले जहां काम के अवसर सीमित थे, वहीं अब समूह के माध्यम से महिलाएं मिलकर आजीविका गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।मुनिता समूह की महिलाओं के लिए मछली पालन केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समूह को मिले ऋण का उपयोग उत्पादन आधारित गतिविधि में किया जा रहा है। मछली पालन से प्राप्त होने वाली आय से समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहयोग मिलेगा।श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें अपने स्तर पर आर्थिक गतिविधि करने का अवसर मिला है। समूह के माध्यम से महिलाएं अब अपनी मेहनत और सामूहिक प्रयास से आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह की गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।श्रीमती निरा राजवाड़े ने ‘बिहान’ योजना के माध्यम से समूह को मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान से जुड़कर महिलाओं को संगठित होकर कार्य करने, ऋण प्राप्त करने और आजीविका गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला है।उन्होंने कहा कि मछली पालन के माध्यम से आगे चलकर समूह की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलने से परिवार में भी उनकी आर्थिक भूमिका मजबूत हुई है।निरा राजवाड़े ने कहा कि ‘बिहान’ से जुड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए स्वयं प्रयास कर रही हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया कह कर आभार व्यक्त किया।मुनिता स्व-सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सामूहिक प्रयास, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और संस्थागत सहयोग के माध्यम से आजीविका संवर्धन का उदाहरण है। तालाब आधारित मछली पालन से समूह की महिलाएं नियमित आय के अवसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को साकार करने का प्रयास कर रही हैं।
- -100 किलोलीटर जलागार और पाइपलाइन नेटवर्क से 436 परिवारों को मिला घरेलू नल कनेक्शनरायपुर । जल जीवन मिशन के माध्यम से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड छुईखदान के ग्राम कटंगी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों के दैनिक जीवन में सुविधाएं बढ़ी हैं। गांव में जलापूर्ति की बेहतर व्यवस्था होने से ग्रामीणों को अब घर के पास ही नल से पेयजल उपलब्ध हो रहा है।ग्राम कटंगी में 100 किलोलीटर क्षमता के उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण कर पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है। इसके माध्यम से करीब दो हजार की आबादी वाले गांव के 436 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल के लिए दूर स्थित जलस्रोतों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हुई है और घर पर ही पानी की सुविधा उपलब्ध हो रही है।ग्राम कटंगी निवासी श्रीमती ललिता यादव ने बताया कि पहले परिवार की जरूरत के लिए पानी जुटाने में काफी समय और मेहनत लगती थी। घर में नल कनेक्शन मिलने के बाद पानी की व्यवस्था काफी आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि अब घर के पास ही पानी उपलब्ध हो जाता है, जिससे रोजमर्रा के काम समय पर पूरे करने में सुविधा होती है।श्रीमती ललिता यादव ने बताया कि नल से पानी मिलने का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को हुआ है। पहले पानी भरने और उसे घर तक लाने में काफी समय व्यतीत होता था। अब यह समय घरेलू कार्यों, बच्चों की देखभाल और अन्य जरूरी कामों में लग रहा है।जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से पहले ग्रामीण परिवार हैंडपंप एवं अन्य पारंपरिक जलस्रोतों पर निर्भर रहते थे। विशेषकर महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था के लिए काफी समय और श्रम लगाना पड़ता था। घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध होने से महिलाओं के श्रम और समय की बचत हो रही है। बच्चों को भी पानी लाने की जिम्मेदारी से राहत मिली है, जिससे वे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय दे पा रहे हैं।योजना के माध्यम से ग्रामीणों में स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। जल स्रोतों की देखरेख, नियमित क्लोरीनेशन तथा पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने गांव में पेयजल की समस्या को कम करने के साथ उनके दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाया है। घर में नल से पानी मिलने से परिवारों को समय और श्रम की बचत हो रही है तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर भरोसा बढ़ा है। ग्राम कटंगी में जल जीवन मिशन के माध्यम से 100 किलोलीटर जलागार, पाइपलाइन नेटवर्क और 436 घरेलू नल कनेक्शनों की सुविधा ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है। योजना के जरिए गांव में “हर घर जल” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
- -महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि से चंचल दास के परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां हुईं दोगुनी-रक्षाबंधन से पहले मिली राशि से राखी, मिठाई और त्योहार की तैयारियां कर पा रहीं महिलाएं, मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभाररायपुर। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता उनके दैनिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक खुशियों में भी सहारा बन रही है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरोली निवासी श्रीमती चंचल दास बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले वह घरेलू महिला थीं और परिवार की आजीविका उनके पति की कमाई पर निर्भर थी। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से अब उन्हें अपनी आवश्यकताओं और छोटे-छोटे त्योहारों की तैयारियों के लिए आर्थिक संबल मिल रहा है।श्रीमती चंचल दास ने बताया कि पहले परिवार की जरूरतें पति की आय से पूरी हो जाती थीं, लेकिन महतारी वंदन योजना शुरू होने के बाद महिलाओं के हाथ में भी नियमित रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध होने लगी है। इससे उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भरता का अनुभव हो रहा है। वे कहती हैं कि अब छोटे-छोटे त्योहार भी पहले की तुलना में अधिक खुशी और उत्साह के साथ मना पाती हैं।रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि मिलने से चंचल दास के परिवार में विशेष खुशी है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन 19 तारीख को है और उससे पहले महतारी वंदन योजना की ₹1,000 की राशि मिलने से उन्हें त्योहार की तैयारियां करने में सुविधा हुई। इस राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीद पा रही हैं। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के लिए भी अपनी ओर से राखी भेजने की भावना व्यक्त की।श्रीमती चंचल दास ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। त्योहारों के समय इस सहायता का महत्व और अधिक महसूस होता है, क्योंकि महिलाएं अपनी पसंद से परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने के साथ त्योहार की खुशियों में भी योगदान दे पाती हैं।उन्होंने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना राशि मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली आर्थिक सहायता से इस बार रक्षाबंधन की तैयारियां उत्साह के साथ कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने से परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में भी उनका आर्थिक योगदान बढ़ रहा है। चंचल दास की कहानी इस बात का उदाहरण है कि योजना की राशि महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनने के साथ उनके आत्मविश्वास और खुशियों को भी बढ़ाने में सहायक हो रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। ग्राम मुसवाडीही की ज्योति साहू, जो साहेब बंदगी स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं, इन प्रयासों से प्रेरित होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।ज्योति बताती हैं कि स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने हुनर को पहचानने और आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर काम करने, नई चीजें सीखने और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। अब वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक रूप से भी योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।ज्योति कहती हैं कि “विष्णु भैयाष् की सरकार में हम बहनों के हुनर और मेहनत को सम्मान मिल रहा है। स्वसहायता समूह से जुड़कर हमें आगे बढ़ने का अवसर मिला है। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है और हमें लगता है कि हम भी अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार को मजबूत बना सकती हैं।उन्होंने कहा कि श्साहेब बंदगीश् स्वसहायता समूह उनके लिए केवल एक समूह नहीं, बल्कि सीखने, आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का माध्यम है। समूह से जुड़ी महिलाएं एक-दूसरे का सहयोग करते हुए अपने हुनर को नई पहचान देने का प्रयास कर रही हैं।ज्योति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को अवसर और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे बढ़ने का विश्वास पैदा हुआ है। “बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान” की भावना के साथ ज्योति साहू जैसी ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर को ताकत बनाकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।
- -‘विष्णु भैया‘ की सरकार में ‘बिहान‘ से मिला स्वरोजगार का नया अवसर’रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत बिलासपुर के विकासखण्ड बिल्हा के ग्राम अकलतरी की जय भारत महिला स्वसहायता समूह की ‘लखपति दीदियां‘ आज स्वरोजगार की नई मिसाल पेश कर रही हैं। समूह की महिलाओं द्वारा ग्राम अकलतरी में संचालित बिलासा पशु आहार संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का निर्माण किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों की सहायता से तैयार किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण आहार से जहां पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर पशु आहार उपलब्ध हो रहा है, वहीं महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का नया जरिया मिला है।समूह की महिलाओं ने पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ते हुए पशु एवं पक्षी आहार निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा है। संयंत्र में उत्पादन को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर मशीन, फीड पैलेट मशीन तथा फीड क्रम्बल मशीन स्थापित की गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से विभिन्न प्रक्रियाओं को सुगम बनाकर पशु एवं पक्षी आहार तैयार किया जा रहा है।‘बिहान‘ के माध्यम से महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में ‘जय भारत‘ महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने पशु आहार निर्माण को आजीविका का माध्यम बनाया है। समूह की महिलाएं संयंत्र के संचालन, पशु आहार निर्माण, पैकेजिंग और अन्य कार्यों में सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रही हैं।बिलासा पशु आहार संयंत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। पशुपालन एवं कुक्कुट पालन से जुड़े ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही पशु एवं पक्षी आहार मिलने से समय की बचत और परिवहन में सुविधा हो रही है। यह पहल अन्य स्वसहायता समूहों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।राखी के पर्व पर आत्मनिर्भरता की यह कहानी बहनों के बढ़ते आत्मविश्वास की तस्वीर पेश कर रही है। ‘विष्णु भैया‘ की सरकार में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास ग्रामीण परिवारों को नई मजबूती दे रहे हैं।
- -महतारी वंदन किस्त से रक्षाबंधन की तैयारी हुई आसान, परिवार की जरूरतों में करेंगी खर्चरायपुर। रक्षाबंधन के त्योहार से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि मिलने से महिलाओं में उत्साह है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की हितग्राही योगेश्वरी पांडेय के खाते में भी योजना की राशि पहुंची है। उन्होंने कहा कि त्योहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी। योगेश्वरी पांडेय ने कहा कि बहनों की तरक्की, परिवार की शान, विष्णु भैया का यही अभियान। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक रूप से काफी मददगार है। रक्षाबंधन के अवसर पर वे इस राशि से राखी और परिवार के लिए आवश्यक सामान की खरीदारी करेंगी। त्योहार के समय समय पर मिलने वाली यह सहायता परिवार के बजट को संभालने में भी सहयोग करती है।उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “रक्षाबंधन के पहले महतारी वंदन योजना की किस्त मिलने से मुझे बहुत खुशी हुई है। हमारे विष्णु भैया अपनी बहनों का ध्यान रखते हैं। इस राशि से मैं राखी और घर के लिए जरूरी सामान खरीद सकूंगी। इसके लिए विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद और रक्षाबंधन की बधाई।” योगेश्वरी पांडेय ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी जरूरतों के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय स्वयं भी खर्च कर पा रही हैं। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं की खुशियों को बढ़ाने का काम किया है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू जरूरतों के साथ त्योहारों की तैयारियों में भी सहयोग प्रदान कर रही है।
- रायपुर। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने माताओं और बहनों के जीवन में सुविधा और सहजता लाने का काम किया है। स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों की रसोई में बड़ा बदलाव आया है। कभी लकड़ी और सिगड़ी के सहारे खाना पकाने वाली महिलाओं के लिए अब गैस चूल्हा रोजमर्रा के काम को आसान बनाने का माध्यम बन गया है। कोरबा जिले के ग्राम दादर खुर्द की श्रीमती पुष्पा बाई भी ऐसी ही हितग्राही हैं, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रसोई की मुश्किलें कम हुई हैं और खाना बनाना पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक हो गया है।श्रीमती पुष्पा बाई बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने से पहले घर में खाना पकाने के लिए उन्हें सिगड़ी और लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ता था। रोजमर्रा के भोजन की तैयारी के लिए पहले लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। कई बार लकड़ियां आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं। बरसात के मौसम में समस्या और बढ़ जाती थी। बारिश में लकड़ी गीली हो जाने के कारण सिगड़ी जलाना कठिन होता था। ऐसे समय में खाना तैयार करने में अधिक समय और मेहनत लगती थी। वह बताती हैं कि पहले सिगड़ी जलाने के बाद खाना पकाने में काफी समय लगता था। धुएं के बीच रसोई का काम करना पड़ता था और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती थी। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खाना बनाने का यह काम उनके दैनिक जीवन का एक कठिन हिस्सा बन गया था। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गैस कनेक्शन मिलने के बाद अब उनके लिए यही काम काफी आसान हो गया है। पुष्पा कहती हैं कि अब जब भी खाना बनाना होता है, वे जरूरत के अनुसार गैस का उपयोग कर लेती हैं। इससे खाना बनाने में लगने वाला समय और मेहनत कम हुई है। खासकर बरसात के दिनों में अब उन्हें गीली लकड़ियों और सिगड़ी जलाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती। रसोई का काम अधिक सुविधाजनक और सहज हो गया है। उनके लिए यह बदलाव केवल रसोई की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके दैनिक जीवन में आई सहजता का अनुभव भी है। वे कहती हैं कि पहले जहां खाना बनाने के लिए कई तरह की तैयारियां करनी पड़ती थीं, वहीं अब गैस की सुविधा से जरूरत के समय आसानी से भोजन तैयार कर लेती हैं। इससे उन्हें अपने अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी समय मिल जाता है।योजना से मिले लाभ पर खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती पुष्पा बाई ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “विष्णु भैया ने हम माताओं-बहनों की जरूरत और स्वास्थ्य को समझते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाया है। गैस की सुविधा मिलने से हमारा जीवन पहले से कहीं आसान हो गया है। अब खाना बनाना सुविधाजनक हो गया है और जरूरत के समय आसानी से गैस का उपयोग कर लेते हैं। हम महिलाओं की चिंता करने और हमारे लिए ऐसी उपयोगी योजना लाने के लिए मैं ‘विष्णु भैया‘ को हृदय से धन्यवाद देती हूं।”
- कलेक्टर संजय अग्रवाल ने ली अंतर्विभागीय समन्वय बैठक, चारा उत्पादन और गौधामों को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोरबिलासपुर/ कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में घुमंतू पशुओं के विस्थापन एवं गौधामों के सुचारू संचालन को लेकर अंतर्विभागीय समन्वय बैठक ली। उन्होंने जिले के राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर विचरण करने वाले घुमंतू पशुओं को सुरक्षित रूप से गौधामों में विस्थापित करने तथा गौधामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को समन्वित कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने जिले के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के चिन्हांकित स्ट्रेच में घुमंतू पशुओं की स्थिति की समीक्षा की। इनमें नेहरू चौक से भोजपुरी, पेंड्रीडीह से पाराघाट, पेंड्रीडीह से पंडरापथरा, नेहरू चौक से तखतपुर तथा नेहरू चौक से बछौद तक के मार्ग शामिल हैं। उन्होंने इन मार्गों पर घुमंतू पशुओं की जप्ती एवं सुरक्षित व्यवस्थापन के लिए एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।नवीन स्वीकृत गौधामों में शुरू होगा पशुओं का विस्थापनकलेक्टर ने गौसेवा आयोग से नवीन अनुमोदित गौधामों में पशुओं के विस्थापन की प्रक्रिया प्रारंभ करने की अनुमति दी। छतौना, पाराघाट, लावर, किरारी, निरतु, घुटकू, काठाकोनी, मोपका एवं रहंगी के गौधामों के अनुबंध एवं सुरक्षा निधि संबंधी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन गौधामों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए एनएच एवं एसएच से घुमंतू पशुओं का समुचित व्यवस्थापन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी स्वीकृत गौधामों में चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संबंधित योजना के तहत राशि स्वीकृत करने के निर्देश भी दिए, ताकि गौधामों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।प्रजनन योग्य सांडों का निःशुल्क वितरण जिले की अभिनव पहलबैठक में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रस्तुत जिले की अभिनव पहल प्रजनन योग्य सांडों के निःशुल्क वितरण पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने एसडीएम, जनपद पंचायत के सीईओ, नगरीय निकायों के अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बैठक कर योजना की जानकारी देने और पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय से इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए, ताकि पशुधन की नस्ल सुधार एवं पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके।गौधामों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोरकलेक्टर ने जिले में पूर्व से संचालित गौधामों के संचालन की जानकारी ली तथा उन्हें भविष्य में स्वावलंबी गौधाम के रूप में विकसित करने के लिए नवाचारों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने गौधाम ओखर के संचालक से वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। संचालक ने बताया कि गौधाम में गोबर से धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन सामग्री एवं दीये तथा गौमूत्र से अर्क तैयार कर बेंगलुरु में विक्रय किया जा रहा है, जिससे गौधाम को आय प्राप्त हो रही है। गोबर एवं गौमूत्र से तैयार उत्पादों के माध्यम से आय अर्जित करने की इस पहल की कलेक्टर ने सराहना की। उन्होंने जिले के सभी संचालित तथा भविष्य में स्थापित होने वाले गौधामों को स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए ऐसे नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गौधाम केवल पशुओं के संरक्षण का केंद्र न होकर स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्त माध्यम भी बन सकते हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉक्टर जीएसएस तंवर, नगर निगम के उपायुक्त सहित जिले के सभी एसडीएम एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी तथा संचालित गौधामों के अध्यक्ष उपस्थित थे।
- *अतिक्रमण और यातायात नियमों के उल्लंघन पर होगी नियमित कार्रवाई**इस वर्ष आठ माह में 212 लोगों की सड़क हादसों में मौत, मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में 161 की गई जान*बिलासपुर/ कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुर्घटनाओं के एक-एक कारण की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्धारित उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाया गया है और इस पर सबसे पहला अधिकार पैदल यात्रियों का है। उन्होंने नगर निगम को फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट द्वारा भी निगरानी की जा रही है, इसलिए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।उन्होंने सड़कों को सुरक्षित रखने के साथ सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम प्रत्येक सप्ताह आकस्मिक कार्रवाई करेगी। उन्होंने सड़क किनारे अवैध कब्जे, यातायात में बाधा बनने वाली गतिविधियों और अन्य सुरक्षा संबंधी कमियों को चिन्हांकित कर तत्काल निराकरण करने को कहा।*आठ माह में 212 मौतें, 161 मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में*एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने बताया कि इस वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 212 लोगों की मृत्यु हुई है। इनमें 161 मौतें मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में हुई हैं, जिनमें अधिकांश मामले आमने-सामने की टक्कर से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग कई मामलों में जान बचा सकता था। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को न्यूनतम करना सभी विभागों का साझा लक्ष्य होना चाहिए। एसएसपी ने सड़क पर आवारा पशुओं के बैठने को भी दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि जिले में 8 नए गोधाम स्वीकृत किए गए हैं, जिससे पशुओं के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय कर पशुओं को सड़कों से हटाने और सुरक्षित स्थानों पर रखने की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।*शहर की यातायात व्यवस्था और त्योहारों में सुरक्षा पर विशेष जोर*एसएसपी श्री सिंह ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जवाली नाला और गुरुनानक चौक जैसे क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों के दौरान विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले मंडपों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उन्होंने मंडपों में विद्युत कनेक्शन के लिए अवैध हुकिंग नहीं किए जाने की सख्त निगरानी के निर्देश दिए, ताकि विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को रोका जा सके।*राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास नियमों का कड़ाई से पालन*बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास भवन निर्माण एवं भूमि उपयोग संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्र से 40 मीटर के दायरे में आवासीय तथा 75 मीटर के दायरे में व्यावसायिक उद्देश्य से भूमि उपयोग पर लागू प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन कराने तथा नियम विरुद्ध गतिविधियों पर कार्रवाई करने कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडिशनल एसपी पंकज पटेल, एडिशनल एसपी ट्रैफिक श्री करियारे, आरटीओ, एसडीएम, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर/प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-26 के दौरान जनपद पंचायतों के हितग्राहियों के स्वीकृति आवास निर्माण के लिए राशि जारी किया गया, जिसमें जनपद पंचायत बिल्हा में 18653 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 207.18 करोड़ राशि दिया जा चुका है, इसी प्रकार जनपद पंचायत कोटा में 17760 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 186.07 करोड़, जनपद पंचायत मस्तूरी में 18999 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 206.52 करोड़ एवं जनपद पंचायत तखतपुर में 16310 स्वीकृत आवास निर्माण के लिए 168.80 करोड़ राशि दिया जा चुका है। जिले में कुल 71722 स्वीकृत आवासों के निर्माण के लिए हितग्राहियों को कुल 768 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए निर्धारित किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डी.बी.टी के माध्यम से राशि अंतरित की जा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित एवं पक्के आवास का सपना साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। आवास निर्माण के साथ-साथ हितग्राहियों को अन्य शासकीय योजनाओं से भी लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की तस्वीर तेजी से बदल रही है। करीब 768 करोड़ रुपये के विकास संकल्प के तहत पक्के आवास, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आधार मिला है। यह पहल केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक व्यापक प्रयास के रूप में सामने आ रही है। वर्ष 2024-26 तक जिला बिलासपुर में 768 करोड़ की राशि का वितरण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- बिलासपुर/आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कोनी में आज अप्रेंटिसशिप अवेयरनेस प्रोग्राम एवं एल्युमनी मीट का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, प्रशिक्षणार्थियों एवं युवाओं को अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा रोजगार के अवसरों की जानकारी देना और आईटीआई के पूर्व प्रशिक्षणार्थियों को संस्था से पुनः जोड़ना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात मॉडल आईटीआई कोनी के प्राचार्य श्री नवीन कुमार साहू ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों, एल्युमनी, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्री बसंत साहू, डायरेक्टर, एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स ने अपने उद्बोधन में युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अप्रेंटिसशिप युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ उद्योग जगत में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है, जिससे उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।संयुक्त संचालक श्री ए.के. सोनी ने अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के महत्व एवं इसके माध्यम से युवाओं को मिलने वाले रोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान श्री विक्रम प्रताप सिंह द्वारा अप्रेंटिसशिप योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदान की गई। कार्यक्रम में 50 से अधिक एल्युमनी की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। इसके अलावा विभिन्न विद्यालयों से 150 से अधिक विद्यार्थी एवं शिक्षक भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने अप्रेंटिसशिप, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में आईटीआई की ओर से श्री विक्रम प्रताप सिंह, श्री आशीष श्रीवास, श्री दुर्गेश साहू, श्री अनुराग कुमार तिवारी, श्री जोगेन्द्र पात्रे, श्रीमती पूनम मिश्रा, श्रीमती कुमुद चंद्राकर, श्रीमती खुशबू ठाकुर, श्रीमती प्रतिभा दुबे एवं श्री यज्ञ कुमार साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- *260 गौवंश की क्षमता में 560 गौवंश कैसे पहुंचे?” महापौर ने अधिकारियों से पूछा, व्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी**फुंडहर गौठान के संचालक के भुगतान के दिए निर्देश**अटारी, गोकुलधाम गोकुल नगर और जरवाय में क्षमता के अनुरूप मिले गौवंश, फुंडहर में क्षमता से अधिक संख्या पर जांच के आदेश:मीनल चौबे*रायपुर। नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने शहर के विभिन्न गौठानों का औचक निरीक्षण कर वहां गौवंश के रखरखाव, साफ-सफाई, चारा-पानी, स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महापौर ने फुंडहर, अटारी, गोकुलधाम, गोकुल नगर एवं जरवाय गौठानों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान फुंडहर गौठान में निर्धारित क्षमता से दोगुने से अधिक गौवंश पाए जाने पर महापौर मीनल चौबे ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। गौठान की क्षमता लगभग 260 गौवंश की है, जबकि मौके पर लगभग 560 गौवंश पाए गए।इस पर महापौर ने अधिकारियों से स्पष्ट सवाल किया—“जब गौठान की क्षमता 260 गौवंश की है, तो यहां 560 गौवंश कैसे पहुंचे? इतनी बड़ी संख्या में गौवंश को रखने की व्यवस्था किस आधार पर की गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है?”महापौर ने कहा कि क्षमता से अधिक गौवंश होने की स्थिति में चारा-पानी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित रखरखाव प्रभावित हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं गौठान संचालक को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने तथा गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।फुंडहर गौठान से जुड़े रिकॉर्ड में भी सामने आई अनियमितता, जांच के आदेशनिरीक्षण के दौरान फुंडहर गौठान से संबंधित जोन कमिश्नर द्वारा महापौर को जानकारी दी गई कि 1 नवंबर 2025 को 236 गौवंश के साथ फुंडहर गौठान के संचालक को गौवंश सौंपे गए थे, जबकि 30 नवंबर 2025 को मात्र एक माह के भीतर ही रिकॉर्ड में गौवंश की संख्या 465 दर्ज हो गई।जिसमें बक़ायदा संबंधित जोन के कर्मचारियों के दस्तख़त। है.महापौर ने कहा कि गौठानों में गौवंश की संख्या से संबंधित रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी और वास्तविक होना चाहिए। रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की विसंगति या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।गौवंश की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता, व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहींमहापौर ने फुंडहर गौठान की साफ-सफाई, पर्याप्त चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य सुविधा एवं सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।फुंडहर गौठान के संचालक द्वारा भुगतान से संबंधित विषय महापौर के संज्ञान में लाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमों के तहत लंबित भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो तथा आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए।अटारी, गोकुलधाम, गोकुल नगर एवं जरवाय में क्षमता के अनुरूप मिले गौवंशमहापौर ने अटारी, गोकुलधाम गोकुल नगर एवं जरवाय गौठानों का भी निरीक्षण किया। इन गौठानों में गौवंश की संख्या निर्धारित क्षमता के अनुरूप पाई गई और व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं।महापौर ने अधिकारियों से कहा कि जब अन्य गौठानों में क्षमता के अनुरूप गौवंश रखा जा रहा है, तो फुंडहर गौठान में निर्धारित क्षमता से दोगुने से अधिक गौवंश पहुंचने की स्थिति कैसे बनी, इसकी पूरी जांच आवश्यक है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक गौठान से दूसरे गौठान में गौवंश के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखा जाए तथा संबंधित जोन अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें, ताकि किसी एक गौठान पर क्षमता से अधिक भार न पड़े।हर गौठान का नियमित निरीक्षण करें जोन अधिकारीमहापौर श्रीमती मीनल चौबे ने संबंधित जोन अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गौठानों का नियमित रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए। गौवंश के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए पशु चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा चारा-पानी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य एवं रखरखाव की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।महापौर ने कहा—“गौवंश की सुरक्षा और सेवा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। गौठानों की व्यवस्था केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। जब गौठान की क्षमता निर्धारित है, तो उससे अधिक गौवंश वहां कैसे पहुंचे, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और जहां भी कमी मिले, उसे तत्काल दूर कराएं।”उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौठानों के रखरखाव, गौवंश की देखभाल अथवा रिकॉर्ड संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रत्येक गौठान में गौवंश के लिए पर्याप्त चारा-पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधा एवं सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिकता है।
- गन्दगी मिली, लगभग 5 क्विंटल पानी पाउच, पॉलीथिन को जप्त कर किया 15000 रूपये का जुर्माना*रायपुर/रायपुर नगर निगम जोन 7 में प्राप्त गन्दगी से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा दिए गए निर्देश पर नगर निगम जोन 7 की टीम द्वारा जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता श्री शत्रुहन देशलहरे की उपस्थिति में जोन क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 22 के क्षेत्र में सरोना में शराब दुकान अहाता की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. औचक निरीक्षण के दौरान गन्दगी मिली एवं लगभग 5 क्विंटल पानी पाउच एवं पॉलीथिन मिला, जिसे तत्काल जप्त किया गया और सम्बंधित शराब दुकान अहाता संचालक जको स्वच्छता व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश सहित भविष्य में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देकर जोन 7 जोन कमिश्नर के निर्देश पर तत्काल स्थल पर 15000 रूपये का जुर्माना शराब दुकान अहाता संचालक पर किया गया एवं प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के मार्गदर्शन एवं कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके, उपअभियंता श्री टिकेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत भाठागांव ब्रम्हदेव कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माणाधीन दो भवनों में फ्रंट एमओएस भवन के भाग को सम्बंधित निर्माणकर्ता को नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत नोटिस देने के उपरांत हटाने अभियानपूर्वक कार्रवाई की.
- -नगर निगम जोन 5 के वार्ड 67 में बीएसयूपी कॉलोनी भाठागांव में नवीन आँगनबाड़ी केन्द्र भवन का लोकार्पण-भक्तमाता कर्मा वार्ड क्रमांक 67 की पार्षद श्रीमती ममता तिवारी एवं गणमान्यजनों, वार्डवासियों की रही उपस्थिति*रायपुर/ पुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 5 अंतर्गत भक्तमाता कर्मा वार्ड क्रमांक 67 क्षेत्र अंतर्गत भाठागांव बीएसयूपी कॉलोनी परिसर में 11 लाख 69 हजार रूपये की स्वीकृत लागत से नवीन आँगनबाड़ी केन्द्र भवन का लोकार्पण कर शानदार सौगात दी.नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र भवन के लोकार्पण के अवसर पर बीएसयूपी कॉलोनी भाठागांव परिसर में भक्त माता कर्मा वार्ड क्रमांक 67 के पार्षद श्रीमती ममता तिवारी सहित नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके और राजधानी शहर रायपुर के गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों बच्चों, रहवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही.
- -रायपुर जिला प्रशासन, रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग, कला केन्द्र रायपुर द्वारा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों हेतु विशेष आयोजन*-आडिशन टाउनहाल रायपुर में 30 अगस्त को प्रातः 11 बजे से रात्रि 7 बजे तकरायपुर - रायपुर जिला प्रशासन, रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग एवं कला केन्द्र रायपुर द्वारा शिक्षक दिवस दिनांक 5 सितम्बर 2026 को शहीद स्मारक भवन में तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 गुरू वन्दन उत्सव ग्रेंड फिनाले का आयोजन रखा गया है.शिक्षकों एवं विद्यार्थियों हेतु यह विशेष आयोजन रखा गया है.इस विशेष आयोजन में दो आयु वर्ग जूनियर वर्ग में 5 वर्ष से 15 वर्ष आयु वर्ग तक के मध्य के प्रतिभागियों और सीनियर वर्ग में 15 वर्ष से 70 वर्ष आयु वर्ग तक के प्रतिभागियों के मध्य गायन और नृत्य की प्रतियोगिता रखी गयी है, जिसके लिए आडिशन दिनांक 30 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे से रात्रि 7 बजे तक के मध्य टाउनहाल रायपुर में रखा गया है. प्रतियोगिता के माध्यम से गीत और नृत्य के क्षेत्र में हर आयु वर्ग के प्रतिभागियों को अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करने सहित कला की प्रतिभा को निखारने का सुअवसर रायपुर जिला प्रशासन, रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग और कला केन्द्र रायपुर के इस गरिमामयी आयोजन में सुअवसर सहज और सरल तरीके से प्राप्त हो सकेगा.
- मंत्री, सांसद, विधायक और महापौर हुए शामिल*दुर्ग/ भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की जिला इकाई दुर्ग द्वारा देशप्रेम, सामाजिक समरसता और राष्ट्रनायकों के सम्मान की दिशा में एक अनुकरणीय पहल करते हुए महान क्रांतिकारी सुखदेव राज की प्रतिमा शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग के परिसर में स्थापित की गई। महान क्रांतिकारी शिवराम राजगुरु की जयंती के अवसर पर सोमवार को आयोजित भव्य समारोह में प्रतिमा का अनावरण छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक श्री गजेंद्र यादव ने किया। कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, अहिवारा विधायक एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, श्री अरुण वोरा पूर्व विधायक दुर्ग,भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव, शाला प्रबंधन समिति की अध्यक्ष श्रीमती झरना वर्मा, वार्ड पार्षद श्रीमती सरिता चंद्राकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने रिमोट कंट्रोल के माध्यम से क्रांतिकारी सुखदेव राज की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा के अनावरण के साथ ही उपस्थित लोगों ने महान क्रांतिकारी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।इस अवसर पर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपकर महान क्रांतिकारी सुखदेव राज की जीवनगाथा एवं उनके राष्ट्र तथा समाजसेवा संबंधी कार्यों को राज्य के स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग रखी। श्री नामदेव ने कहा कि सुखदेव राज का जीवन त्याग, संघर्ष, राष्ट्रप्रेम और समाजसेवा की प्रेरणादायी मिसाल है तथा नई पीढ़ी को ऐसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से परिचित कराना आवश्यक है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने इस मांग पर सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिलाया। वहीं प्रतिमा की सुरक्षा एवं संरक्षण के संबंध में ध्यान आकर्षित किए जाने पर उन्होंने प्रतिमा स्थल पर शेड निर्माण कराने की घोषणा भी की।अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ जिला दुर्ग द्वारा किए गए इस महत्वपूर्ण कार्य की सराहना की। उन्होंने क्रांतिकारी सुखदेव राज के जीवन को प्रेरणादायी बताते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की स्मृति को जीवंत रखना समाज की जिम्मेदारी है और विद्यालय परिसर में स्थापित प्रतिमा विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम एवं समाजसेवा की प्रेरणा देगी।दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि सुखदेव राज आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन के सिलसिले में दुर्ग आए और इसके बाद दुर्ग के ही होकर रह गए। उन्होंने यहां कुष्ठ रोगियों की सेवा का अनुकरणीय कार्य किया। श्री बघेल ने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा कन्या शाला परिसर में स्थापित होने से यहां अध्ययनरत छात्राओं को सेवा, समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प लेने की प्रेरणा मिलेगी।दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने नगर निगम क्षेत्र में क्रांतिकारी सुखदेव राज की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में पेंशनर्स संगठन की सक्रिय भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी पेंशनर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने पेंशनरों के सेवाभाव, समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए उनका आभार व्यक्त किया।भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव ने अपने संबोधन में दुर्ग जिला इकाई की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद के साथी महान क्रांतिकारी सुखदेव राज की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए किया गया यह कार्य अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स महासंघ केवल पेंशनरों के अधिकारों और समस्याओं के लिए संघर्ष करने वाला संगठन ही नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। सुखदेव राज की प्रतिमा स्थापना इसी भावना का प्रमाण है।कार्यक्रम के दौरान भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ जिला दुर्ग के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री बी. के. वर्मा द्वारा क्रांतिकारी सुखदेव राज के जीवन पर लिखित पुस्तक “एक गुमनाम स्वामी - क्रांतिवीर सुखदेव राज” का अतिथियों के करकमलों से विमोचन किया गया। पुस्तक के माध्यम से क्रांतिकारी सुखदेव राज के जीवन, उनके संघर्ष और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।कार्यक्रम को भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ जिला दुर्ग के अध्यक्ष श्री बी. के. वर्मा तथा जिला महासचिव श्री पी. आर. साहू ने भी संबोधित किया और सुखदेव राज के जीवन तथा उनके समाजसेवा कार्यों पर प्रकाश डाला।समारोह में रायपुर से प्रमुख रूप से प्रदेश महामंत्री श्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संगठन मंत्री श्री टी. पी. सिंह, कोषाध्यक्ष श्री बी. एस. दसमेर, दैनिक वेतन भोगी पेंशनर कल्याण प्रकोष्ठ के संयोजक श्री अनिल पाठक, दुर्ग संभाग अध्यक्ष श्री बी. एल. गजपाल, रायपुर जिला अध्यक्ष श्री आर. जी. बोहरे, सचिव श्री ओ. डी. शर्मा, श्री आर. के. दीक्षित आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य सुश्री ए शांता, अनुराधा चंद्राकर समस्त स्टाफ सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती ममता ध्रुव ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्री बी. के. शर्मा ने किया।दुर्ग में स्थापित क्रांतिकारी सुखदेव राज की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रप्रेम, त्याग, सेवा, सामाजिक समरसता और समर्पण की प्रेरणा का केंद्र बनेगी। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पेंशनर समाज अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए राष्ट्र के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को भी जीवंत रखने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।




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