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आपने बड़े चाव से अपनी ड्रेस के मेचिंग के लेदर फुटवियर खरीदें, लेकिन एक दो बार पहनने के बाद ही दबाव पड़ने से अगर उनमें लकीरें बनने लगे तो आपका मूड और लुक दोनों खराब हो जाता है। फैशन की दुनिया में आपके लुक को कंप्लीट करने के साथ अट्रैक्टिव बनाए रखने में जूतों को सबसे अहम रोल माना जाता है। यही वजह है कि पैरों में पहने जाने के बावजूद लोग अच्छी क्वालिटी के ही फुटवियर खरीकर पहनना ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन कई बार अच्छी क्वालिटी के होने के बावजूद भी जूतों और बूट को कुछ दिन पहनने के बाद ही उन पर लाइनें नजर आने लगती हैं, जो सामने से देखने में बहुत खराब लगती हैं। अगर आप भी अपने जूतों का कम्फर्ट और लुक अच्छा बनाए रखना चाहते हैं तो ये सोशल मीडिया पर वायरल शिवानी गौतम का यह फैशन हैक आपके काम आ सकता है।
जूतों की दरारों को गायब कर देगा ये फैशन हैक
जूतों की दरारों को गायब करने के लिए आपको सबसे पहले एक अखबार या कपड़ा लेकर उसे अपने जूतों या बूट्स के अंदर डाल देना है। कपड़े या अखबार को जूतों में डालते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि आपका जूता अंदर से दबा हुआ नहीं रहना चाहिए। इसके बाद अब एक बर्तन में पानी लेकर उसमें तौलिया डुबोएं। अब पानी में भीगे हुए तौलिए को अच्छी तरह निचोड़कर लकीरों वाले जूतों या बूट्स के ऊपर लपेट दें। अब एक हल्की गर्म प्रेस को एक से दो मिनट के लिए जूतों पर लिपटे गीले तौलिए पर चलाएं। आपके इस ईजी फैशन हैक की मदद से जूतों पर मौजूद सभी लाइन्स और दरारें गायब हो जाएंगी। इमरजेंसी में यह फैशन ट्रिक आपके बहुत काम आने वाली है। -
सर्दियां जब खत्म होने लगती हैं और हवाएं चलती हैं तो स्किन में रूखापन बढ़ जाता है। खासतौर पर हाथ-पैर जो अभी तक स्वेटर के अंदर छिपे थे। वहां की स्किन बिल्कुल बेजान और सख्त दिखती है। इस सख्त और बेजान रूखी स्किन को सॉफ्ट और शाइनी बनाने के लिए रोज नहाने के बाद इस घर में बने स्पेशल मॉइश्चराइजर को लगाना शुरू कर दें।
घर में ऐसे बनाएं मॉइश्चराइजर
मार्केट में मिलने वाले बॉडी लोशन से पर्याप्त मात्रा में मॉइश्चर और न्यूट्रीशन स्किन को नहीं मिलती। इसीलिए जैसे ही इनका असर खत्म होता है स्किन फिर से रूखी और बेजान दिखने लगती है। लेकिन घर में नेचुरल ऑयल और इंग्रीडिएंट्स की मदद से जब मॉइश्चराइजर बनाकर लगाते हैं। तो ये स्किन को अंदर से नरिश करती है और सॉफ्ट बनाती है।
घर में मॉइश्चराइजर बनाने का तरीका
एक चम्मच बोरोलीन या कोई बॉडी लोशन
एक चम्मच एलोवेरा जेल
एक चम्मच ग्लिसरीन
दो चम्मच बेबी ऑयल
दो चम्मच तिल का तेल
किसी कांच के बाउल में बोरोलीन क्रीम और एलोवेरा जेल को लेकर फेंट लें। फिर इसमे ग्लिसरीन, बेबी ऑयल और तिल के तेल को डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब किसी साफ शीशी में ये मॉइश्चराइजर भरकर रख लें।
नहाने के फौरन बाद बाथरूम में ही इस मॉइश्चराइजर को हाथ-पैरों में लगाकर मसाज कर लें। ये स्किन को सॉफ्ट और शाइनी बनाने में मदद करेगी। - लाइफस्टाइल सिर्फ फिजिकल हेल्थ को ही इंपैक्ट नहीं करता बल्कि साथ ही हमारे ब्रेन पर भी असर डालता है। ऐसे में अगर आप अपने ब्रेन को शार्प और हेल्दी बनाए रखना चाहते हैं, तो अपने डेली रूटीन में कुछ छोटी हैबिट्स को शामिल कर सकते हैं। खासतौर से रात का समय ब्रेन को रीसेट करने और आराम देने के लिए बेस्ट टाइम होता है। ऐसे में अगर आप अपने नाइट टाइम रूटीन में कुछ हेल्दी आदतों को शामिल कर लेते हैं, तो ये आपकी ब्रेन हेल्थ और ब्रेन फंक्शनिंग को इंप्रूव करने में मदद करती हैं। ये हैबिट्स आप अपने साथ-साथ अपने बच्चों के रूटीन में भी एड कर सकते हैं, जिससे उनकी ब्रेन हेल्थ भी बूस्ट हो सके।डीप ब्रीदिंग और योग को बनाएं नाइट टाइम रूटीन का हिस्सादिन भर की थकान और स्ट्रेस के बाद, रात के समय ब्रेन को शांत करना बहुत जरूरी होता है। इससे ब्रेन रेस्ट और रिपेयर मोड में आ जाता है, जो ब्रेन की फंक्शनिंग को इंप्रूव करने के साथ-साथ डीप स्लीप में भी मदद करता है। इसके लिए आप सोने से पहले डीप ब्रीदिंग यानी गहरी सांस लेना और बेड पर होने वाले कुछ योगासन जैसे सुखासन, शवासन आदि प्रैक्टिस कर सकते हैं। इनसे स्ट्रेस रिलीज होने के साथ-साथ ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन इंप्रूव होता है, जो ओवरऑल ब्रेन हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होता है।अपना स्क्रीन टाइम करें कमरात में सोने से पहले आपको अपना स्क्रीन टाइम कम कर देना चाहिए। कोशिश करें कि लगभग आधा घंटा पहले फोन, लैपटॉप या टीवी से दूरी बना लें। दरअसल जब आप सोने से पहले भी स्क्रीन पर अपनी आंखे गड़ाए रहते हैं, तो ये आपके ब्रेन को एक्टिव मोड में ले आते हैं; जिससे नींद आने में भी परेशानी होती है। इसके अलावा ज्यादा फोन चलाने से ब्रेन का अटेंशन और फोकस भी कम होता है।हेल्दी नट्स और सीड्स को करें डाइट में शामिलरात को सोने से पहले अपने ब्रेन को हेल्दी डोज देना ना भूलें। इसके लिए आप बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं; जो ब्रेन हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। सोने से पहले एक गिलास गुनगुना दूध और मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स आपकी ओवरऑल हेल्थ के साथ-साथ ब्रेन हेल्थ के लिए जादूई साबित हो सकता है।किताब पढ़ें या खेलें कोई दिमागी खेलरात को सोने से पहले आप फोन में बिजी रहने के बजाए अपने पसंदीदा टॉपिक से जुड़ी किताबें पढ़ सकते हैं। सोने से पहले किताब पढ़ना आपके ब्रेन के लिए काफी रिलैक्सिंग हो सकता है। दिनभर के स्ट्रेस और मेंटल लोड को कम करने का यह सबसे बेहतरीन तरीका है। इसके अलावा सोने से पहले किसी तरह का पजल या पहेली सॉल्व कर सकते हैं। ये शॉर्ट टर्म मेमोरी को बढ़ाने के अलावा आपके मूड, मेमोरी और फोकस तीनों को बूस्ट करने का काम करते हैं।किसी करीबी से करें दिल खोलकर बातदिन भर की थकान और स्ट्रेस के बाद कोई ऐसा मिल जाए जिससे दिल खोलकर बातें कर ली जाएं, तो बड़ी राहत मिलती है। कई स्ट्डीज में भी यह बात सामने आई है कि किसी करीबी से कुछ घंटों बातें करने से स्ट्रेस भी कम होता है और साथ ही मेंटल हेल्थ भी सही रहती है। ऐसे में कोशिश करें कि डिनर के बाद किसी करीबी से कुछ खुलकर गपबाजी करें। इस दौरान काम की स्ट्रेस भरी बातों को लाने से बचें और उन मुद्दों पर बात करें जो आपके चेहरे पर हंसी लाते हों।
- कुछ सब्जियां सर्दियों के मौसम की जान होती हैं, 'हरी मटर' भी इन्हीं में से एक है। मटर से ढेरों डिशेज बनाकर तैयार की जाती हैं, और तो और दूसरी सब्जियों में भी मटर डाल दो तो उनका स्वाद भी दोगुना हो जाता है। हालांकि हरी-हरी फ्रेश मटर का स्वाद सिर्फ सर्दियों में ही मिल पाता है। गर्मियों में अगर आपको मटर खानी है तो फ्रोजन मटर का ऑप्शन ही बचता है। अब ना तो इनमें फ्रेश मटर जैसा स्वाद होता है और केमिकल से प्रिजर्व होने के चलते ये हमारी सेहत के लिए भी ठीक नहीं होते। अब क्या कुछ ऐसा तरीका है कि आप सालभर फ्रेश हरी मटर का स्वाद ले सकें? जी, बिल्कुल है और उसी से जुड़ी कुछ कमाल की टिप्स हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।इन टिप्स से साल भर लें मटर का मजा1) मटर का मौसम खत्म होने के बाद भी अगर इसका मजा लेना चाहती हैं, तो इसके लिए सरसों तेल की मदद लें। मटर का छिलका छील लें। एक किलो मटर में एक चम्मच सरसों तेल लगाएं। मटर के दानों को कुछ देर सूखने दें और फिर जिपर बैग में डालकर फ्रीजर में स्टोर करें।2) पानी उबालें। दूसरे पैन में बर्फ वाला पानी रखें। उबलते पानी में मटर के दानों को डालें। तीन-मिनट बाद इन्हें गर्म पानी से निकालकर बर्फ वाले पानी में डाल दें। मटर को पानी से निकालकर सूती कपड़े पर फैलाएं। जब पानी सूख जाए तो जिपर बैग में डालकर फ्रीजर में स्टोर करें।3) अगर आप साल भर मीठे-मीठे मटर का स्वाद लेना चाहती हैं, तो इसके लिए सामान्य मटर की जगह पेंसिल मटर चुनें। इनके दाने छोटे-छोटे और मीठे होते हैं। इनमें स्टार्च की मात्रा कम होती है, जिस वजह से वे लंबे समय तक फ्रेश रहते हैं।4) फ्रीजर में मटर को रखने के लिए कंटेनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मटर सुरक्षित रहेंगे और उन्हें आसानी से निकाला भी जा सकेगा। आप मटर को सूखे बोतल या जार में भी स्टोर कर सकती हैं। इससे मटर लंबे समय तक फ्रेश रहेंगे।5) वैक्यूम सील्ड पैकेट्स में मटर को रखें और इनमें से हवा निकाल दें। अब मटर वाले इस पैकेट को फ्रीजर में रखें। इससे मटर की ताजगी बनी रहती है और ये लंबे समय तक इस्तेमाल भी किए जा सकते हैं।
- - संध्या शर्मादही को ज्यादातर लोग घर पर बनाना पसंद करते हैं। लेकिन सर्दियों में इसे जमाना काफी मुश्किल होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि को दही को जमने के लिए गर्माहट चाहिए होती है। लेकिन सर्दी के दिनों में ठंड बहुत ज्यादा होती है इसलिए दही जमाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में यहां बताए गए तरीके ठंड में परफेक्ट दही जमाने में आपकी मदद कर सकते हैं।ठंड में जल्दी तैयार होगा दही1 ठंड के मौसम में स्टील के बर्तन की जगह कैसरोल में दही जमाएं। यह सर्दियों में दही जमाने का सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि कैसरोल को गर्मी बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है। ऐसे में दूध लंबे समय तक गर्म रहता है, जो जल्दी दही जमने के लिए बहुत जरूरी है।2 दूध को अच्छी तरह से उबाल लें और इसमें एक चम्मच दही डालकर इसे दूध में अच्छी तरह से फेंट लें। अब एक हरी मिर्च को धोकर सुखाएं और इसे दूध में डाल दें। मिर्च का डंठल ना तोड़ें वरना दही में तीखापन आ जाएगा। अब बर्तन को ढककर कपड़े या गर्म पानी में रखकर एक कोने में रख दें।3 ठंड के मौसम में दही हमेशा दिन में ही जमाएं क्योंकि ठंड के मौसम में दिन का समय थोड़ा गर्म रहता है, ऐसे में दही जमने में आसानी होगी। वहीं, ठंड के मौसम में रात के वक्त तापमान और ज्यादा कम हो जाता है।4 ठंड के मौसम में दही को जमाने के लिए एक बर्तन में पानी गरम करके रख लें। अब उसमें दही जमाने वाले बर्तन को अच्छे से ढककर रख दें। यह भी दही जमाने का असरदार तरीका है क्योंकि पानी की गर्माहट से दूध का सही तापमान बरकरार रहता है।5 ठंड में दही को अच्छी तरह से जमाने के लिए गर्म दूध में जामन की मात्रा औसत से थोड़ी ज्यादा डालें। इससे भी बहुत ज्यादा ठंड वाले मौसम में भी दही जमाना आपके लिए थोड़ा आसान हो जाएगा।
- -सीमा उपाध्यायसुबह के नाश्ते में जमकर खाया जाता है। पराठे की स्टफिंग अलग-अलग चीजों से आसानी से की जा सकती है। हालांकि, कुछ महिलाएं स्टफ पराठे घर में बनाने की जगह बाहर से ऑर्डर करती हैं, क्योंकि उनके द्वारा बनाए गए स्टफ पराठे या तो फट जाते हैं या फिर उनकी स्टफिंग एक तरफ चली जाती है। ऐसे में परफेक्ट पराठे बनाने के लिए यहां टिप्स देखें-अब नहीं फटेगा पराठा1) सही तरीके से आटा गूंदने से बेलते वक्त आपका स्टफ्ट पराठा भी नहीं फटेगा। इसके लिए आटा गूंदते वक्त उसमें एक चम्मच बेसन और एक चम्मच घी मिला लें। इसके बाद गुनगुने पानी से आटा गूंदें। आटा मुलायम होगा और परांठा फटने का डर कम रहेगा।2) कुछ लोग आटा गूंदने के तुरंत बाद परांठा बनाना शुरूकर देते हैं, जिसके कारण परांठा अच्छा नहीं बन पाता है। आटा को अच्छी तरह से गूंदने के बाद उसे 10 से 15 मिनट ढककर रख दें। इससे ग्लूटेन सेट हो जाएगा और परांठा काफी स्वादिष्ट बनेगा।3) पराठे के लिए भरावन तैयार करते वक्त सब्जियों से अतिरिक्त पानी निकाल दें। उबले आलू से नमी कम करने के लिए उसे फ्रिज में रख दें। वहीं गोभी, मूली और मेथी जैसी सब्जियों को निचोड़कर पानी निकाल लें।4) साधारण पराठों की तुलना में डबल लेयर वाला परांठा बेहद स्वादिष्ट होता है। रोटी बेलकर आधे हिस्से पर स्टफिंग रखें और फिर रोटी को बीच से मोड़ दें। फिर से आधे हिस्से पर भरावन लगाकर रोटी को दोबारा मोड़ें और तिकोना आकार दें। अब पराठे को बेलकर तवे पर सेंक लें।5) भरावन कम होने पर पराठे में कोई खास स्वाद नहीं आता है। वहीं ज्यादा भरावन होने से पराठा बेलना मुश्किल हो जाता है और फटने लगता है। स्वादिष्ट और खूबसूरत भरावन परांठा बनाना चाहती हैं, तो ऐसे में भरावन की मात्रा का ध्यान रखें।
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लंच हो या डिनर, गरमा-गरम दाल खाना भला किसे नहीं पसंद। दाल चावल हों या दाल फुल्का, हम भारतीयों की डाइट का एक बड़ा हिस्सा हैं। स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर, अब इससे बेहतर ऑप्शन भला क्या होगा। खैर, दाल बनाने की बात करें तो हर घर की अपनी एक अलग ही रेसिपी होती है। अब रोज-रोज वही सेम तरीके से दाल खाना थोड़ा तो बोरिंग हो ही जाता है। तो चलिए आज आपको बिल्कुल ढाबे जैसी दाल बनाने की एक सीक्रेट टिप बताते हैं। इसके लिए आपको एक ड्राई मसाला बनाकर तैयार करना है और तड़के के वक्त बस एक चम्मच इसे मिला लेना है। इस मसाले से दाल बनाएंगी तो यकीन मानिए दाल इतनी टेस्टी बनेगी कि उसके आगे ढाबे वाली दाल भी फीकी लगेगी।
दाल मसाला बनाने के लिए सामग्रीदाल को और भी स्वादिष्ट बनाने वाले इस दाल मसाला को बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं - जीरा (3 छोटी चम्मच), दो बड़ी इलायची, काली मिर्च (आधी चम्मच), लौंग (लगभग 7 से 8), छोटा सा दालचीनी का टुकड़ा, साबुत धनिया (एक चम्मच), तेज पत्ता (लगभग 3), साबुत सूखी लाल मिर्च ( 10-12), कसूरी मेथी ( दो बड़े चम्मच), हल्दी ( एक चौथाई चम्मच), सूखी हुई लहसुन की कलियां ( लगभग 15 से 20), आमचूर ( आधी चम्मच), जायफल का पाउडर (दो चुटकी) और आधा छोटा चम्मच हींग।ऐसे बनाएं दाल मसाला पाउडरदाल मसाला पाउडर बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में कुछ खड़े मसाले जैसे जीरा, बड़ी इलायची, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी का टुकड़ा, साबुत धनिया और तेज पत्ता डालें। अब इन्हें बहुत ही धीमी आंच पर भून लें। लगभग एक से दो मिनट रोस्ट करने के बाद इनमें साबुत सूखी हुई लाल मिर्च भी मिलाएं। अब इन सभी को चलाते हुए लो फ्लेम पर भूनते रहें। जब जीरे में से थोड़ा-थोड़ा धुआं उठने लगे उसी वक्त गैस को बंद कर दें। गैस बंद होते ही मसाले में कसूरी मेथी मिलाएं और कुछ देर चलाने के बाद एक प्लेट में अलग निकाल कर रख लें।अब बारी आती है मसाले पीसने की। इसके लिए मिक्सर जार में सभी रोस्ट की हुई चीजों को डालें। इसके साथ हल्दी और सूखी हुई लहसुन की कलियां भी मिलाएं। आप चाहें तो गार्लिक पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें अमचूर पाउडर, दो चुटकी जायफल का पाउडर और आधा चम्मच हींग मिलाएं। अब इन सभी चीजों को पीसकर एक फाइन पाउडर बनाकर तैयार करें। आपका सीक्रेट दाल मसाला पाउडर रेडी है। इसे आप एयरटाइट डब्बे में स्टोर कर के रख सकते हैं।ऐसे करें इस्तेमालदाल मसाला पाउडर को इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इसके लिए आप नॉर्मली जैसे दाल कुक करते हैं, वैसे कर लें। तड़का लगाने के बाद जब दाल को पकाने के लिए रखें तो उसमें एक चम्मच दाल पाउडर एड कर दें। इसके बाद आपको ज्यादा देर डाल पकाने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि ये मसाला पहले से ही अच्छी तरह पका हुआ है। इससे आपकी दाल बहुत ही स्वादिष्ट और खुशबूदार बनेगी। - पसीने की बदबू से छुटकारे के साथ एक फ्रेश फील लेने के लिए, ज्यादातर लोग परफ्यूम लगाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं आपके तन और मन को महकाने वाला परफ्यूम, कई बार आपकी सेहत के लिए बड़ा खतरा भी पैदा कर सकता है। जी हां, विशेषज्ञों के अनुसार परफ्यूम को बनाने के साथ उसकी खुशबू को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए कंपनियां कई तरह के रसायनों का प्रयोग करती हैं। जिनके संपर्क में आने से व्यक्ति को सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं घेर सकती हैं।किन बीमारियों का खतरा बढ़ाता है परफ्यूमपरफ्यूम में इस्तेमाल किए जाने वाले रसायनों से हार्मोनल असंतुलन और स्किन एलर्जी का होना सामान्य बात है। इन रसायनों के संपर्क में आते ही त्वचा में जलन, चकत्ते, बांझपन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के होने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ लोगों में परफ्यूम एलर्जी का भी कारण बनता है। ऐसे लोगों के लिए परफ्यूम की गंध सूजन के लक्षण पैदा करके गंभीर सिरदर्द और स्किन इन्फेक्शन का खतरा भी पैदा करती है। बता दें, हार्वर्ड हेल्थ की एक स्टडी के अनुसार, दस में से लगभग एक व्यक्ति को परफ्यूम में पाए जाने वाले केमिकल से एलर्जी हो सकती है।शरीर के किन हिस्सों पर नहीं लगाना चाहिए परफ्यूम-परफ्यूम को अंडरआर्म्स में लगाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से वहां की त्वचा में जलन और रैशेज की समस्या हो सकती है।-चोट या घाव के आसपास भी परफ्यूम लगाने से बचना चाहिए। इससे जलन और दर्द महसूस हो सकता है।-अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो आपको पेट और नाभि के आसपास की त्वचा पर भी परफ्यूम नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा में जलन हो सकती है।-मुंह और नाक के आसपास परफ्यूम लगाने से बचना चाहिए। ऐसा ना करने से हानिकारक केमिकल्स शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचते हैं।
- ऑफिस के लिए हर महिला अपने मुताबिक तैयार होकर जाती है। ऐसे में एक चीज जो सभी में कॉमन होती है वह है मेकअप। मेकअप और ड्रेसिंग सेंस से लड़कियों का आत्म विश्वास काफी बढ़ जाता है। हालांकि, ऑफिस के लिए कैसा मेकअप करें इसे लेकर ज्यादातर लड़कियों को कंफ्यूजन रहती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार मेकअप डार्क हो जाता है या फिर कई बार बहुत लाइट हो जाता है। ऐसे में आज हम आपको ऑफिशियल मेकअप करने का सही तरीका बता रहे हैं । अगर आप यहां बताए गए मेकअप स्टेप्स को अपनाएंगी तो 10 मिनट में मेकअप करके तैयार हो जाएंगी।प्राइमरएक बार जब आप चेहरा धो कर मॉइश्चराइजर लगा लेते हैं तो अपनी स्किन को तैयार करने और अपने मेकअप को बेहतर दिखाने के लिए प्राइमर का इस्तेमला करें। प्राइमर बड़े रोमछिद्रों को कम कर सकता है और आपके मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रख सकता है। इन दिनो कुछ प्राइमर ऐसा भी आ रहे हैं जो फिल्टर वाला लुक देते हैं तो आप इस तरह के प्राइमर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।फाउंडेशनऑफिस मेकअप में हल्के और लंबे समय तक टिकने वाले फाउंडेशन का इस्तेमाल करें जो आपकी स्किन के रंग से मैच होता हो।कंसीलरदाग-धब्बों और काले घेरों को छिपाने के लिए कंसीलर का इस्तेमाल करें।आईलाइनरऑफिस मेकअप में जेल बेस्ड आईलाइनर का इस्तेमाल करें। ये आसानी से खराब नहीं होगा। अच्छे लुक के लिए आईलाइनर की एक पतली लेयर लगाएं और फिर इसे थोड़ा स्मज कर दें।ब्लशअपने गालों और नाक के ऊपरी हिस्से पर थोड़ी ब्लश लगाएं। बहुत ज्यादा डार्क रंग का ब्लश लगाने से बचें। ऑफिस लुक में नैचुरल रंग का ब्लश ही अच्छा लगता है।होंठअपने होठों को लिप कलर से भरें। ऑफिस के लिए आप हल्के रंगों को ही चुनें।आंखेंट्रांसपेरेंट मस्कारा लगाकर ऑफिस मेकअप लुक को पूरा करें।
- - संध्या शर्माभारतीय खानपान का शुरुआत से ही रोटी एक बहुत अहम हिस्सा रही है। आज भी लंच या डिनर में कम से कम एक टाइम तो रोटियां बनना मानों तय है। यूं तो रोटी बनाने के लिए ढेरों तरह के आटे मौजूद हैं लेकिन रोजाना खाई जाने वाली रोटी आमतौर पर गेहूं के आटे से ही बनी होती है। अब जब ये हमारी डाइट का इतना जरूरी हिस्सा है तो इसका हेल्दी होना भी बहुत जरूरी है। वैसे तो रोटी में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होते हैं लेकिन अन्य पोषक तत्वों की कमी होती है। इसके अलावा रोटी बनाने का गलत तरीका भी इन्हें जरा अनहेल्दी बना सकता है। तो चलिए आज रोजाना वाली रोटी को और हेल्दी बनाया जाए, कुछ आसान सी टिप्स को आजमाकर।गेहूं के आटे में मिलाएं ये पौष्टिक चीजेंरोजाना वही सिंपल गेहूं के आटे की रोटी खाने के बजाए आप इसमें कुछ और पौष्टिक चीजें शामिल कर सकते हैं। अपने टेस्ट और जरूरत के हिसाब से आप इसमें मेथी दाना का पाउडर, अलसी या कद्दू के बीजों का पाउडर, अजवाइन, चने और सोयाबीन का चूरा जैसी चीजें मिला सकते हैं। इसके अलावा जो भी मौसमी सब्जियां घर में मौजूद हैं, उन्हें कद्दूकस कर के भी आटे में मिक्स किया जा सकता है। इससे रोटियां हेल्दी होने के साथ-साथ खूब स्वादिष्ट भी बनेंगी।आटा गूंथते हुए रखें इन बातों का ध्यानरोटी के लिए आटा गूंथते समय भी कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रख कर रोटियों को और हेल्दी बनाया जा सकता है। कुछ लोग सॉफ्ट रोटियां बनाने के चक्कर में आटा गूंथने के लिए दूध, तेल और मैदा का इस्तेमाल करते हैं, जो सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं। आटा गूंथने के लिए हमेशा नॉर्मल गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा रोटियों को और पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाने के लिए आप आटा गूंथने के लिए छाछ, चावल का पानी, चुकंदर या पालक के पेस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।हमेशा तवे पर ही सेंके रोटियांआमतौर पर घरों में रोटी सेंकने का गलत तरीका इस्तेमाल में लाया जाता है। इसमें रोटी को तवे पर हल्का पकाने के बाद सीधा गैस की आंच पर सेंका जाता है, जो बिल्कुल भी ठीक नहीं। दरअसल जब आप सीधा आंच पर रोती सेंकते हैं, तो रोटी पूरी तरह से पक नहीं पाती। इस कच्ची रोटी में पोषक तत्व भी कम होते हैं, साथ ही पचाने में भी मुश्किल होती है। ऐसे में सही तरीका यही है कि रोटी को हमेशा केवल तवे पर ही सेंका जाए। इसमें थोड़ा सा समय जरूर ज्यादा लगता है लेकिन रोटियां हेल्दी और स्वादिष्ट बनकर तैयार होती हैं।इन बातों का भी रखें ध्यानरोटियों को और हेल्दी बनाने के लिए कुछ और छोटी-छोटी बातें भी ध्यान में रखना जरूरी है। पहला, कभी भी आटा लगाने के तुरंत बाद रोटियां ना बनाएं। आटा गूंथने के बाद उसे लगभग 10 से 20 मिनट के लिए यूं ही रखा छोड़ दें। इससे आटे में गुड बैक्टीरिया का विकास होता है और रोटी शरीर को लगती है। इसके अलावा रोटी पकाने के लिए नॉन स्टिक तवे की जगह मिट्टी या लोहे के तवे का इस्तेमाल करें। रोटियों रखने के लिए एल्यूमीनियम फॉयल का इस्तेमाल भूलकर भी ना करें।
- -सीमा उपाध्यायरोज का वही सादा-सिंपल खाना खाने से जब हम बोर हो जाते हैं तो अक्सर घर में कुछ फ्राइड फूड बनाया जाता है। वो गरमा-गरम ब्रेड पकौड़े हों या आलू और प्याज के पकौड़े, क्रिस्पी कटलेट हों या समोसे जैसा कोई स्नैक। हालांकि इनका मजा तभी आता है जब ये एकदम क्रिस्पी और कुरकुरे बनते हैं। घर में फ्राइड फूड बनाते हुए अक्सर महिलाओं की यही शिकायत होती है कि उनके स्नैक बाजार की तरह क्रिस्पी नहीं बनते। कई बार जहां ये काफी सॉगी हो जाते हैं, तो कई बार इनमें तेल भर जाता है। आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए आज हम आपके साथ कुछ कुकिंग टिप्स शेयर कर रहे हैं, जो हर बार आपके स्नैक्स को क्रिस्पी और बिल्कुल बाजार जैसा बनाने में मदद करेंगी।इन टिप्स से क्रिस्पी बनेगा हर स्नैक्स1) फ्राइड फूड को क्रिस्पी बनाने के लिए उसके ऊपर कॉर्नस्टार्च या ब्रेड क्रम्ब्स आदि की कोटिंग करें। दरअसल, इस र्कोंटग से खाद्य पदार्थ और तेल के बीच में एक परत बन जाती है। र्कोंटग करने से फ्राइड फूड अंदर से मुलायम रहता है, जबकि बाहर से यह एकदम क्रिस्पी हो जाता है।2) तला-भुना खाना कुरकुरा भी रहे, इसमें तेल का सही तापमान अहम भूमिका निभाता है। यदि तेल पर्याप्त गर्म नहीं होगा तो भोजन बहुत अधिक तेल सोख लेगा और खाने पर मुंह में तेल का स्वाद आएगा। पहले तेल को गर्म करें। जब उससे धुआं निकलने लगे तो आंच मध्यम करें और फिर तलें।3) अगर आप जल्दबाजी में एक बार में ढेर सारे पकौड़े तलती हैं, तो यकीन मानिए वह कभी क्रिस्पी नहीं बनेंगे। ज्यादा मात्रा में एक बार में तलने से वह ठीक से पकेगा नहीं। साथ ही साथ, इससे तेल का तापमान भी कम हो जाता है।4)अगर आप सच में अपने फूड को ज्यादा क्रिस्पी बनाना चाहती हैं तो उसे दो बार तलें। पहले खाने को तलने के बाद उसे तेल से हटा दें। सर्व करने से ठीक पहले तेल को ज्यादा तापमान पर गर्म करके खाद्य पदार्थ को दोबारा तलें। डबल फ्राई करने से खाना बेहद ही क्रिस्पी और टेस्टी लगेगा।5) अगर आप चाहती हैं कि आपके बनाए पकौड़े तेल कम सोखें, तो गर्म तेल में आधा चम्मच नमक डालकर पकौड़े तलें। पकौड़े न सिर्फ तेल कम मात्रा में सोखेंगे बल्कि पकौड़ा या फिर आप जो भी स्नैक्स तल रही हैं, वह क्रिस्पी भी बनेगा।
- - संध्या शर्मासर्दियों में मौसम में ज्यादातर घरों में ठंड से बचने के लिए लोग मेवे, गोंद, तिल जैसी कई चीजों के लड्डू बनाकर पहले से ही स्टोर कर लेते हैं। ये लड्डू ना सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी होते हैं बल्कि शरीर की गर्माहट बनाए रखकर सेहत को भी कई तरह के फायदे देते हैं। हालांकि कई बार लड्डू बनाते समय की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां ना सिर्फ लड्डू का स्वाद बल्कि उसकी बनावट भी खराब कर देती हैं। जिससे लड्डू खाने में सख्त पत्थर जैसे लगने लगते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अगली बार लड्डू बनाते समय इन आसान कुकिंग टिप्स को जरूर फॉलो करें। ताकि आपके लड्डू भी परफेक्ट बन सके।अनुपात का रखें ध्यानलड्डू बनाते समय सबसे पहले उसमें डाली जीने वाली हर चीज के सही अनुपात का ध्यान रखें। आटे में घी की मात्रा कम रहने से लड्डू सख्त बनते हैं। ऐसे में लड्डू बनाते समय घी की मात्रा की खास ख्याल रखें। लड्डू में पर्याप्त मात्रा में डाला गया घी उन्हें नरम बनाता है।सही तरह से भूना हुआ हो लड्डू का मिश्रणअगर लड्डू के बेसन या आटे की भुनाई अच्छी तरह से नहीं होती है तो लड्डू के स्वाद में कच्चापन आने के साथ वो सख्त भी बनते हैं। इस बात का खास ख्याल रखें कि लड्डू का आटा हमेशा धीमी आंच पर भूना जाता है, जिससे वो अंदर तक पक जाता है। आटे को लो फ्लेम पर तब तक भूनें, जब तक उसका रंग हल्का भूरा होने के साथ अच्छी खुशबू ना देने लगें।मीठा डालते हुएलड्डू में मिठास बनाए रखने के लिए उसमें चीनी या गुड़ का मिश्रण डालने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। अगर आप लड्डू में पाउडर चीनी का यूज कर रहे हैं, तो इसे लड्डू के ठंडे मिश्रण में मिलाएं। जबकि गुड़ का यूज करने पर इसे घी में हल्का पिघलाकर डालें। चीनी की चाशनी डालते समय ध्यान रखें कि एक तार की चाशनी लड्डू को सॉफ्ट बनाए रखती है।
- -सीमा उपाध्यायसर्दियों में मिलने वाली मूली ना सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी होती है बल्कि सेहत से जुड़े कई अनगिनत फायदे भी देती है। यही वजह है कि लोग नाश्ते से लेकर लंच तक में मूली से बनी कई चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना पसंद करते हैं। आपने आज तक मूली के पराठे, सलाद जैसी कई चीजें बनाकर खाई होंगी लेकिन क्या आपने मूली से बने कटलेट का स्वाद चखा है। ये कटलेट धनिया-पुदीना की हरी चटनी हो या सॉस, दोनों के साथ खाने में बेहद टेस्टी लगते हैं। आप इसे शाम के नाश्ते में बनाकर खा सकते हैं। इन मूली से बने कटलेट का स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक को बेहद पसंद आता है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कैसे बनाए जाते हैं टेस्टी मूली के कटलेट।मूली के कटलेट बनाने के लिए सामग्री---2 कप कद्दूकस की हुई मूली-2 मीडियम साइज उबले हुए आलू-1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक-2 बड़े चम्मच बारीक कटी हुई धनिया पत्ती-1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर-2 बारीक कटी हुई हरी मिर्च-1/2 छोटा चम्मच जीरा पाउडर-1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर-1/2 छोटा चम्मच गरम मसालामूली के कटलेट बनाने का तरीका--मूली के कटलेट बनाने के लिए सबसे पहले मूली को कद्दूकस करके उसका सारा पानी अच्छी तरह निचोड़ लें। इसके बाद एक बड़े बाउल में कद्दूकस की हुई मूली, मैश किए हुए आलू, ब्रेड क्रम्ब्स, हरी मिर्च, अदरक, धनिया पत्ती और बाकी बचे सभी मसाले डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर आटे की तरह गूंध लें। इसके बाद हाथों पर थोड़ा सा तेल लगाकर कटलेट के शेप में टिक्की बनाकर तैयार कर लें। अब कढ़ाई में तेल गर्म करके एक-एक करके कटलेट को तेल में डालकर दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन होने तक डीप फ्राई करें। इसके बाद कटलेट को एक टिशू पेपर पर निकालकर उनसे अतिरिक्त तेल हटा लें। आपके टेस्टी मूली के कटलेट बनकर तैयार हैं। आप इन कटलेट को धनिया-पुदीना की चटनी या सॉस के साथ गरमा-गरम परोस सकते हैं।
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सर्दियां शुरू होते ही मार्केट में हरा साग मिलने लगता है। यह साग ना सिर्फ खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्वों की वजह से सेहत को कई गजब के फायदे भी देता है। हालांकि साग को लेकर घर की महिलाओं की एक शिकायत अकसर बनी रहती है कि साग साफ करके आप इसे स्टोर करके कुछ दिनों के लिए नहीं रख सकते हैं। इसकी पत्तियां जल्दी खराब होकर गलने लगती हैं। अगर साग को लेकर आपकी भी यही शिकायत अकसर बनी रहती है तो टेंशन छोड़कर आपको ये आसान किचन टिप्स अपनाने चाहिए। ये सभी किचन टिप्स, साग की फ्रेशनेस और पोषक तत्वों को बनाए रखने में मदद करते हैं।
जिपर बैग
हरी पत्तेदार सब्जियों को स्टोर करने का सबसे आसान तरीका उसे जिपर बैग में स्टोर करना है। इस उपाय को करने के लिए साग-सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद, उन्हें साफ तौलिये से थपथपाकर सुखा लें, ताकि उसमें मौजूद अतिरिक्त नमी हट जाए। इसके बाद हरी सब्जियों को एक जिपर बैग में डालकर हवा पास होने के लिए एक छोटा सा छेद करके बंद करके रेफ्रिजरेटर में रखें। इस टिप को अपनाने से हरी सब्जियों में जल्दी नमी नहीं आती और वो हफ्ते भर फ्रेश बनी रहती हैं।
रेफ्रिजरेटर
साग को स्टोर करने के लिए आप उसे रेफ्रिजरेटर में भी रख सकते हैं। इस उपाय को करने के लिए सबसे पहले साग की नमी को सोखने के लिए उसे एक किचन टॉवल या पेपर टॉवल में लपेटकर रखें। उसके बाद उसे एक प्लास्टिक बैग या कंटेनर में रखकर रेफ्रिजरेटर में स्टोर करके रखें। इस उपाय को करते समय समय-समय पर साग-सब्जियों की जांच करते रहें। और खराब पत्तियों को हटा दें।
स्टोर करने के लिए सुखाएं
साग को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए उसे सुखाकर रखना एक अच्छा और पुराना तरीका है। इस उपाय को करने के लिए हरी सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उनकी अतिरिक्त नमी हटाने के लिए उन्हें अच्छी तरह हवादार, छायादार जगह में एक साफ कपड़े पर फैलाकर रखे। जब सब्जी हवा में पूरी तरह सूख जाए तो उसे एक एयरटाइट कंटेनर में भरकर ठंडी, सूखी जगह पर रखें। -
हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए महिलाएं हाथों में कड़े, चूड़ियां और चूड़ा पहनती हैं। आजकल चूड़ा काफी ट्रेंड में हैं और ज्यादातर महिलाएं इन्हें ही पहनना पसंद करती हैं। ये देखने में भी बहुत सुंदर लगते हैं और एक चूड़ा सेट लगभग हर तरह के आउटफिट और रंग के साथ आराम से पेयर किया जा सकता है। डेली वियर, ऑफिस वियर या किसी स्पेशल ऑकेजन के लिए अलग-अलग तरह के चूड़े मार्केट में अवेलेबल हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने लिए नया चूड़ा खरीदने जा रही हैं, तो एक बार जरूर जान लें कि क्या ट्रेंड में है।
ब्राइडल शाही चूड़ा
अगर आप नई नई दुल्हन हैं या दुल्हन बनने वाली हैं तो इस तरह का शाही ब्राइडल चूड़ा आपको जरूर खरीद लेना चाहिए। किसी खास मौके पर पहनने के लिए इस तरह का चूड़ा एकदम परफेक्ट है। इसके भारी गोल्ड कड़े और कुंदन का काम आपके हाथों को बिल्कुल महारानियों वाला लुक देगा।
डेली वियर के लिए मिनिमल चूड़ा
अगर आप डेली वियर के लिए या ऑफिस में पहनने के लिए कोई चूड़ा खरीदने की सोच रही हैं, तो इस तरह का मिनिमल डिजाइन चूज करें। ये हमेशा ही देखने में काफी ट्रेंडी और खूबसूरत लगते हैं। आप मौके के हिसाब से इन्हें कम या ज्यादा पहन सकती हैं। हर लुक के साथ ही ये परफेक्ट जाएंगे।
लटकन वाला चूड़ा डिजाइन
नई नवेली बहुओं के पास तो एक लटकन वाला चूड़ा होना ही चाहिए। ये काफी ज्यादा हेवी और एलिगेंट लुक देता है। आपकी हेवी साड़ियों और सूटों के साथ कुछ इस तरह के लटकन वाले चूड़े एकदम परफेक्ट लगेंगे। आजकल चूड़ियों के साथ इस तरह के लटकन वाले कड़े भी काफी ज्यादा ट्रेंड में बने हुए हैं।
नगों वाला चूड़ा डिजाइन
चूड़ियां और कड़े हों या फिर कोई भी ज्वैलरी, नगों वाला डिजाइन कभी भी पुराना नहीं होता। ऐसे में आपके कलेक्शन में एक सिल्वर नग वाला चूड़ा सेट तो जरूर शामिल होना चाहिए। ये हर रंग के आउटफिट के साथ परफेक्टली मैच होता है। इसके साथ ही इसका शाइनी शिमरी लुक हर एक स्पेशल ऑकेजन के लिए परफेक्ट होता है।
मारवाड़ी चूड़ा डिजाइन
आजकल रंग-बिरंगा मारवाड़ी चूड़ा भी काफी ट्रेंड में है। इसमें गोल्डन, ग्रीन, रेड और येलो जैसे ब्राइट रंगों का इस्तेमाल होता है। साथ ही इसपर खूबसूरत पैटर्न की डिटेलिंग भी की जाती है। इस तरह का चूड़ा भी आप हर रंग के सूट या साड़ी के साथ पहन सकती हैं। ऐसे में कुछ अलग हटकर ट्राई करना है तो एक मारवाड़ी स्टाइल चूड़ा अपने कलेक्शन में जरूर शामिल करें।
शाही गोल्डन चूड़ा
हेवी कुंदन और पर्ल वर्क वाला एक शाही चूड़ा तो आपके कलेक्शन में शामिल होना ही चाहिए। ये ज्यादा हेवी ब्राइडल लुक वाला नहीं है, ऐसे में आप इसे बड़े आराम से किसी भी ऑकेजन में वियर कर सकती हैं। सिंपल से आउटफिट के साथ कुछ इस तरह का चूड़ा आपको एकदम एलिगेंट और रॉयल लुक देगा। -
बालों को टूटने-झड़ने से बचाने के बाद भी बालों में वॉल्यूम नहीं दिखता। पतले, बिल्कुल बेजान और हल्के से बाल अक्सर लड़कियों के लिए प्रॉब्लम बने रहते हैं। क्योंकि ऐसे बालों में स्टाइलिंग भी नहीं हो पाती है और बाल जल्दी से टूटने लगते हैं। बाल बिल्कुल पतले रेशे जैसे हो गए हैं तो उन्हें मजबूत बनाने के लिए इन चीजों से करें हेयर वॉश।
बटरमिल्क में ग्रीन टी मिलाकर धोएं बाल
सिर के बालों में वॉल्यूम कम होना मतलब कि कई सारे न्यूट्रिशन की कमी। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ जाने की वजह से बाल पतले और बेजान होने लगते हैं। ऐसे में छाछ की मदद से बालों को घना और मोटा बनाया जा सकता है।
कैसे धोएं छाछ से बाल
बालों को धोने के लिए छाछ में ग्रीन टी मिलाकर उबाल लें। जब ये छाछ ठंडा हो जाए तो शैंपू की तरह बालों में लगाकर हल्की मसाज करें और फिर बालों को नॉर्मल टेंपरेचर पानी से धो लें। छाछ में लेक्टिक एसिड, प्रोटीन, विटामिन ए और बी 12 होते हैं। साथ ही आयरन, पोटैशियम और सोडियम की भी अच्छी खासी मात्रा होती है। जिससे बाल ना केवल घने होते हैं बल्कि काले होने में भी मदद मिलती है।
सर्दियों का डैंड्रफ भी दूर हो जाएगा
सर्दियों में होने वाले डैंड्रफ को भी दूर भगाने में बटरमिल्क मदद करेगा। सप्ताह में कम से कम दो से तीन बार छाछ में ग्रीन टी मिलाकर बालों को साफ करें। इससे बालो में शाइन भी आएगी। - - संध्या शर्मासर्दियों के दिनों में अक्सर सुबह देर हो जाती है। ऐसे में समझ नहीं आता कि ब्रेकफास्ट में क्या बनाएं जो हेल्दी भी हो और टेस्टी भी। साथ ही बच्चों-बड़ों सबको पसंद आए। फटाफट ब्रेकफास्ट बनाना चाहती हैं तो बाजरे के आटे में पालक मिलाकर टेस्टी पैनकेक बनाएं। जिसका स्वाद सबको पसंद आएगा। बस नोट कर ले बिना प्री प्रिपरेशन के बनने वाला ये टेस्टी नाश्ता।पालक बाजरे पैनकेक बनाने की सामग्रीदो कप बारीक कटे हुए पालक के पत्तेआधा कप धनिया का पत्ता बारीक कटा हुआधनिया मूली की चटनी बनाने की सामग्री5-6 छोटे टुकड़े मूलीपालक बाजरा पैनकेक बनाने की विधि-सबसे पहले बारीक कटे बाजरा को किसी बड़े बर्तन में लें।-इसमे डेढ़ कप बाजरे का आटा मिला दें।-साथ ही जीरा, अजवाइन, नमक, लाल मिर्च, हल्दी पाउडर डालकर मिक्स करें।-आधा कप दही और जरूरत के मुताबिक पानी डालकर घोल तैयार करें। ध्यान रहे कि घोल बहुत ज्यादा पतला ना हो। नहीं तो पैनकेक नहीं बनेगा।-अब किसी पैन में थोड़ा सा तेल या बटर डालें।-साथ में सफेद तिल दो चुटकी डालकर तैयार बाजरे और पालक का बैटर डाल दें।ढंक दें और धीमी आंच पर पकाएं। एक से दो मिनट में पलटकर दूसरी तरफ से पका लें।-बस रेडी है टेस्टी बाजरे और पालक का टेस्टी पैनकेक।धनिया मूली की चटनी रेसिपी-साथ में धनिया और मूली की चटनी का कॉम्बिनेशन सर्दियों में परफेक्ट लगता है।-धनिया के साथ ही मूली के छोटे टुकड़े ग्राइंडर जार में डाल दें।-साथ में लहसुन, अदरक और नींबू का रस डालें।-हरी मिर्ची और नमक डालकर पीस लें। जरूरत हो तो एक चम्मच पानी डाल दें। बस रेडी है टेस्टी चटपटी हरी चटनी। इसके साथ पैनकेक सर्व करें।
- -सीमा उपाध्यायमक्के की रोटी स्वाद में अच्छी लगती है और ये सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद होती है। हालांकि, बहुत सी महिलाओं को इसे बनाना काफी मुश्किल लगता है। ऐसे में वह इसे गेहूं के आटे में मिलाकर बनाती हैं। जिसकी वजह से वैसा स्वाद नहीं मिलता जो सिर्फ मक्के के आटे से बनी रोटी में आता है। ऐसे में यहां 5 टिप्स बता रहे हैं जिनसे आप आसानी से मक्के की रोटी घर पर बना सकते हैं।1 मक्के का ताजा और बारीक पिसा आटा लें। फिर इसमें थोड़ा-सा नमक डालकर अच्छे से मिला लें। अब गुनगुने पानी से आटा गूंदें। इससे न केवल आटा मुलायम होता है, बल्कि रोटी भी अच्छी बनती है। गूंदे हुए आटे को 15-20 मिनट के लिए ढक दें और फिर रोटी बेलें।2 मक्के का आटा गूंदने का एक और तरीका है। एक पैन में पानी और नमक डालें। पानी को उबालें। उबलते पानी में मक्के का आटा डालें और लगातार मिलाएं। जब आटा पानी सोख ले तो गैस ऑफ करें। आटा को दूसरे बर्तन में निकालें और थोड़ा ठंडा होने पर गूंदें और रोटी बेलें।3 मक्के की रोटी को बेलने से पहले लोई में घी लगा लें। इसके अलावा आप चकले पर भी घी लगा सकती हैं। इससे रोटी बेलने में आसानी होगी। अगर आप हाथ पर रोटी बनाती हैं, तो मोटी लोई लें और हाथ में घी लगाकर रोटी बनाएं।4 अगर तवे से रोटी को निकालने में वह टूट जाती है, तो इसके लिए आप बेकिंग शीट या फिर मोटी पॉलिथीन का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। बेकिंग शीट पर थोड़ा-सा घी लगाएं और लोई रखकर बेल लें। अब पेपर को रोटी सहित उठाकर सीधे तवे पर पलट लें।5 मक्के की रोटी को पकाने में सही तापमान को भी बहुत बड़ा योगदान होता है। ध्यान रखें कि आंच न ज्यादा कम हो और न ज्यादा तेज। मक्के की रोटी को दोनों ओर से सेंकने के बाद हल्के हाथों से दबाएं ताकि रोटी फूल जाए।
- - संध्या शर्मासर्दियों के मौसम में हरी-हरी ताजी मटर खाने का अलग ही मजा है। कोई भी सब्जी बन रही हो उसमें मटर के दाने डाल दो, बस स्वाद दोगुना हो जाता है। आलू मटर की सब्जी और मटर की पूड़ी और कचौड़ियां भी सर्दियों में जीभ का स्वाद बढ़ाती हैं। हालांकि मटर के साथ एक छोटी सी दिक्कत है और वो है इन्हें छीलना। थोड़ी बहुत मटर तो फिर भी आराम से छिल जाती है लेकिन जब पूरे परिवार के लिए ढेर सारी सब्जी बनानी हो, तो किलो भर मटर छीलना बड़ा टाइम टेकिंग और उबाऊ काम हो जाता है। आज आपकी इसी मेहनत को कम करने के लिए हम आपके साथ कुछ कमाल की टिप्स साझा कर रहे हैं। इन टिप्स की मदद से आप ढेर सारी मटर छीलने का काम मिनटों में निपटा लेंगी।आजमाकर देखें ये टिप्सकिलोभर ताजी हरी मटर को मिनटों में छीलने के लिए आपको बस ये आसान सी ट्रिक आजमाने की जरूरत है। इसके लिए सबसे पहले अपनी मटर को अच्छे से वॉश कर लें। लगभग दो से तीन बार आपको अपनी मटर को धो लेना है। अब एक बड़े पतीले में पानी भर कर गैस पर चढ़ाएं। इसमें सारी मटर डाल दें। थोड़ी देर तक इन्हें गर्म पानी में पकने दें। पानी में उबाल आने से पहले ही गैस बंद को कर दें और पानी को थोड़ा सा हल्का ठंडा होने दें। पानी गुनगुना रहे उस दौरान मटर को पीछे से दबाते हुए छीलें। आपको पूरा छिलका उतारने की जरूरत नहीं। बस उसे स्क्वीज करते हुए छीलें और देखें कैसे फटाफट आपकी मटर छिल जाएगी।इसके अलावा एक-एक मटर को छीलने के बजाए आप एक साथ भी ढेर सारी मटर छील सकते हैं। इसके लिए मुट्ठीभर मटर हाथ में लें और उन्हें तोड़ते हुए मसलते रहें। ऐसे करने से आपके मटर के दाने बड़े आराम से निकल जाएंगे और बर्तन में स्टोर हो जाएंगे। इस ट्रिक से आप एक बार में ही बिना मेहनत के ढेर सारे मटर छील पाएंगे।ऐसे करें मटर को स्टोरमटर छीलने के बाद उन्हें स्टोर करने का सही तरीका भी जान लें। मटर लंबे समय तक फ्रेश रहें इसके लिए उन्हें सबसे पहले अच्छी तरह धो लें और फिर किसी कपड़े से पोंछ लें। अब इन्हें किसी बर्तन में रख कर फ्रिज में स्टोर कर लें। अगर आप घर पर ही फ्रोजन मटर बनाना चाहते हैं तो इन्हें किसी एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करें और फ्रीजर में रख दें। जब भी इनका इस्तेमाल करना हो, तो इन्हें गर्म पानी में निकाल लें। मटर कुकिंग के लिए तैयार हो जाएंगे।
- -सीमा उपाध्यायसर्दियों में जिन सब्जियों की सबसे ज्यादा डिमांड होती है, गाजर भी उन्हीं में से एक है। गाजर में एंटीऑक्सीडेंट्स, बीटा कैरोटीन, फाइबर, विटामिन के और पोस्टेशियम जैसे ढेरों पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने से ले कर आई हेल्थ, डाइजेशन, स्किन हेल्थ, हार्ट हेल्थ और बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करते हैं। गाजर को कई तरह से अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है लेकिन अधिकतर लोग सुबह खाली पेट गाजर का जूस पीना प्रिफर करते हैं। अब घर में जूसर मशीन हो तो जूस बनाना मिनटों का काम है लेकिन कई बार जूसर मशीन ना होने की वजह से लोग जूस का मजा उठा ही नहीं पाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा ही है तो आज हम आपको बिना जूसर के गाजर का जूस बनाने के दो आसान तरीके बताने वाले हैं। आइए जानते हैं।बिना जूसर और मिक्सर के ऐसे बनाएं जूसअगर आपके घर में जूसर और मिक्सर दोनों ही नहीं है तब भी आप बड़ी आसानी से गाजर का जूस बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले सही गाजर का चयन करें। इसके लिए गाजर को थोड़ा सा काट कर देखें। अगर गाजर में पीला भाग कम है तो इसका मतलब गाजर में अच्छी मात्रा में जूस मौजूद है। जूस निकालने के लिए हमेशा थोड़ी लाल गाजर का इस्तेमाल करें। इससे ढेर सारा जूस बनकर तैयार होता है।जूस बनाने के लिए गाजर को अच्छी तरह धो कर छील लें। अब ग्रेटर की मदद से गाजर को अच्छी तरह कद्दूकस कर लें। अब एक गिलास में उतना पानी भरें जितना आपको जूस पीना है। इसमें कद्दूकस की हुई गाजर मिला दें। गाजर की मात्रा अच्छी खासी होनी चाहिए। अब गिलास को ढक कर लगभग तीन घंटे के लिए छोड़ दें। इससे गाजर के पोषक तत्व पानी में अच्छी तरह मिल जाएंगे। जब भी आपको जूस पीना हो लगभग तीन घंटे पहले उसे बनने के लिए रख दें। इसे छानकर, इसमें थोड़ा सा नींबू का रस, काली मिर्च, काला नमक डालकर पीएं।इस ट्रिक से भी बना सकते हैं गाजर का जूसअगर आपके घर में मिक्सर ग्राइंडर मौजूद है लेकिन जूसर नहीं है, तो आप मिक्सर की मदद से ही फटाफट गाजर का हेल्दी और टेस्टी जूस बनाकर तैयार कर सकते हैं। इसके लिए गाजर को अच्छी तरह धो कर छील लें। अब इसे छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सर में डाल दें। पेस्ट बनाने के लिए हल्का सा पानी भी एड करें। जब ये एक अच्छा सा पेस्ट बन जाए तो किसी बड़ी छलनी में डालकर चम्मच से प्रेस करते हुए जूस निकाल लें। इस तरीके से आप मिनटों में ही ढेर सारा गाजर का जूस बना लेंगे, वो भी बिना जूसर के।
- - संध्या शर्मासर्दियों का मौसम हो और बात गरमा-गरम पराठों की ना हो, ऐसा तो मुमकिन ही नहीं है। ज्यादातर भारतीय लोग सुबह के नाश्ते में गरमा-गरम पराठे खाना पसंद करते हैं। इस मौसम में आलू, मूली, गोभी, प्याज जैसे कई तरह के पराठे घरों में बनाए जाते हैं। ऐसे में अगर आप एक पराठा लवर हैं लेकिन रोज-रोज एक जैसा टेस्ट वाला पराठा खाकर बोर हो चुके हैं तो ये खबर आपके बड़े काम की हो सकती है। इस खबर में आज आपको बताएंगे कि कैसे आप किचन में रखी कुछ आसानी से मिल जाने वाली चीजों की मदद से अपने पराठे में एक नया स्वाद जोड़ सकते हैं।पराठे को टेस्टी बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्सकसूरी मेथीआपकी सब्जी में स्वाद और खुशबू बढ़ाने वाली कसूरी मेथी आपके पराठों का टेस्ट भी बदलकर रख सकती है। कसूरी मेथी पराठों में हल्का कड़वा स्वाद जोड़ती है। जो उसके टेस्ट को और ज्यादा बढ़ा देता है। इसके लिए पराठे के आटे में एक मुट्ठी कसूरी मेथी के पत्तों को कुछ सेकंड भूनकर हल्का मैश करते हुए मिलाएं। कसूरी मेथी का ये टिप आपके सादे पराठों से लेकर आलू के पराठों तक का स्वाद बढ़ा सकता है।कद्दूकस किया हुआ लहसुनअगर आप खाने में लहसुन का स्वाद पसंद करते हैं तो आपके पराठों में ये गार्लिक टच आपको बेहद पसंद आने वाला है। इसके लिए पराठे के आटे या स्टफिंग में ताजा कसा हुआ लहसुन डालें। इसके अलावा आप लहसुन को घी में हल्का रोस्ट करके पराठे के मसाले में हरी मिर्च और धनिया के साथ मैश करते हुए मिला दें। यह टिप आपके पराठे के स्वाद को अलग ही लेवल पर लेकर जाएगा।अजवायन और चिल्ली फ्लेक्स का साथअजवायन ना सिर्फ पराठों का स्वाद बढ़ाती हैं बल्कि व्यक्ति के पाचन तंत्र का भी ख्याल रखकर गैस जैसी समस्या को दूर रखने में मदद करती है। इन सिंपल पराठों का स्वाद बढ़ाने के लिए आटे को गूंथने से पहले उसमें अजवायन और चिल्ली फ्लेक्स मिला लें।
- -सीमा उपाध्यायसर्दियों में खाने-पीने की कई ऐसी चीजें हैं, जिनका सेवन सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। ऐसी ही एक चीज का नाम गुड़ है। गुड़ एंटीऑक्सीडेंट और जिंक से भरपूर होने के साथ तासीर में भी गर्म होता है। जो शरीर को गर्म बनाए रखने में मदद करता है। जबकि इसमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी1, बी6, और विटामिन सी मोटापा कम करके वेट लॉस जर्नी को आसान बनाते हैं। गड़ का नियमित सेवन पाचन से जुड़ी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस और अपच को ठीक करने में भी असरदार है। सेहत के लिए इतना फायदेमंद होने की वजह से ज्यादातर घरों में भोजन करने के बाद गुड़ का टुकड़ा जरूर खाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं भोजन के साथ परोसी गई गुड़ की चटनी, ना सिर्फ सेहत से जुड़े फायदे देती है बल्कि खाने का स्वाद भी बढ़ा देती है। आइए जानते हैं सर्दी के मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कैसे बनाई जाती है गुड़ की चटनी।गुड़ की चटनी बनाने के लिए सामग्री-4-5 बड़े चम्मच सरसों का तेल-एक कटोरी कुचले हुए जैतून-दो चम्मच पंच फोरन के बीज-एक चम्मच लाल मिर्च पाउडरगुड़ की चटनी बनाने का तरीकागुड़ की चटनी बनाने के लिए सबसे पहले गुड़ को पिघला लें। इसके लिए एक पैन में सरसों का तेल डालकर कुछ देर गर्म करके उसमें गुड़ डालकर मीडियम आंच पर पकाएं। अब पैन में कुचले हुए जैतून डालकर नरम होने तक पकाएं। जैतून को जलने से बचाने के लिए उन्हें बीच-बीच में हिलाते रहें। अब पैन में नमक, पंचफोरन बीज, भुना जीरा और लाल मिर्च पाउडर डालकर 2-3 मिनट तक पकाएं। इसके बाद मसालों में शहद मिलाकर आंच बंद कर दें। सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसे चावल और करी के साथ परोसे।
- साल 2024 खत्म होने को हैं। नया साल आने के साथ पुराना साल कुछ न कुछ खास यादें देकर जा रहा है। वहीं इंडियन टेलीविजन और बॉलीवुड के लिहाज से देखा जाए तो कई सेलेब्स के लिए भी ये साल काफी अच्छा रहा। दरअसल इस साल कई इंडियन सेलेब्स ने अपने फिजनेस गोल को पूरा किया है, जिसमें उन्होने न सिर्फ वेट लॉस किया है, बल्कि एक बेहतर रूटीन फॉलो करने की भी कोशिश की है। सेलेब्स ने एक्सरसाइज, डाइटिंग, इन्फ्लेमेटरी डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद से अपना वजन कम करने में कामयाबी हासिल की है।साल 2024 में इन इंडियन सेलेब्स ने किया वेट लॉस -हिमांशी खुरानापंजाबी एक्ट्रेस और मॉडल हिमांशी खुराना साल 2024 में अपने फिटनेस के कारण सुर्खियों में रही। दरअसल, हिमांशी ने अपना 11 किलो वजन कम करके अपने फैंस को चौंका दिया। हिमांसी ने अपने वजन कम होने का सीक्रेट शेयर करते हुए बताया था कि, "मैंने ज्यादा जिम नहीं किया, घर का सिंपल खाना, रोजाना घी का परांठा, बाहर के खाने से परहेज और हफ्ते में सिर्फ दो बार शारीरिक गतिविधि करती थीं।" हिमांशी खुराना ने सिर्फ इस सिंपल डाइट और हेल्दी मेंटल हेल्थ की मदद से अपना 11 किलो वजन कम करने के साथ कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से भी छुटकारा पाया।विद्या बालनबॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन भी साल 2024 में अपने वेट लॉस जर्नी के कारण काफी चर्चा में रहीं। विद्या बालन लंबे समय से अपने बढ़ते वजन के कारण काफी परेशान थी, जिसे कम करने के लिए उन्हें कई तरीके अपनाएं, जिम में घंटों एक्सरसाइज किया और कई तरह की डाइटिंग भी की, लेकिन इसके बाद भी उनका वजन कम नहीं हुआ। इसके बाद विद्या बालन को पता चला कि उनका वजन ज्यादा नहीं है बल्कि सूजन के कारण शरीर फूला हुआ है। जिसके बाद उन्होने इन्फ्लेमेटरी डाइट फॉलो की और अपनी डाइट से कुछ फूड्स को हटा दिया, जिसके बाद कुछ समय में ही वे काफी फिट नजर आने लगी।ओर्रीइंटरनेट सनसनी ओरहान अवत्रामणि, जिसे ओर्री के नाम से जाना जाता है, ने साल 2024 में जीरो-शुगर डाइट फॉलो करके अपना काफी वजन कम किया है। ओरी ने एक साल से ज्यादा समय में 73 किलो से अपना वजन घटाकर 50 किलो कर लिया है। एक पॉडकास्ट के दौरान ओरी ने बताया कि उन्होने चीनी का सेवन कम करके, ऑमलेट जैसे फूड्स का सेवन करके और अन्य कई तरीकों को अपनाकर अपना वेट लॉट किया है।सामंथा रूथ प्रभुएक्ट्रेस सामंथा रूथ प्रभु भी साल 2024 में अपना वजन कम करने को लेकर चर्चा में रही। दरअसल सामंथा साल मायोसिटिस नाम की ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित थी, जिस कारण उनके शरीर में काफी सूजन आ गई। लेकिन, एक्ट्रेस ने इस साल सख्त एंटी-इन्फ्लेमेटरी डाइट फॉलो करके अपना काफी वजन कम किया और एक बार दोबारा से फिट शरीर पाने में कामयाब रहीं।मोना सिंह"जस्सी जैसी कोई नहीं" सीरियल से घर-घर में अपना पहचान बनाने वाली मशहूर एक्ट्रेस मोना सिंह भी साल 2024 में अपने फिटनेस के कारण काफी सुर्खियां बतोरी हैं। मोना सिंग ने सिर्फ 6 महीने में योग, संतुलित आहार और नियमित रूप से एक्सरसाज करके 15 किलो वजन कम किया है।करण जौहरसाल 2024 में भारतीय फिल्म डायरेक्टर, निर्माता, स्क्रीनराइटर करण जौहर भी अपने वेट लॉस को लेकर काफी अटकलों और विवादों की बीच घिरे रहे। कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने वजन कम करने के लिए ओजेम्पिक दवा का इस्तेमाल किया है। हालांकि, करण जौहर ने इस बात से पूरी तरह इनकार कर दिया है, और अपने वजन कम होने का कारण अपने हेल्दी लाइफस्टाइल को बताया है।
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आचार्य चाणक्य की गणना देश के महान विद्वानों में की जाती हैं, उन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि आचार्य चाणक्य को न केवल राजनीति विज्ञान बल्कि अर्थशास्त्र, युद्ध रणनीति, ज्योतिष और चिकित्सा का भी ज्ञान था, इतना ही नहीं उन्होंने खगोल विज्ञान और समुद्र शास्त्र जैसे विषयों में भी महारत हासिल की हुई थी।
कहते हैं कि चाणक्य ने अपने जीवन काल में एक महान नीति शास्त्र की रचना की थी, जिसे 'चाणक्य नीति' के नाम से जाना जाता है, इस नीति शास्त्र में जीवन से जुड़ी कई बातों का उल्लेख है जिसका अध्ययन करने पर नए नजरिए की प्राप्ति होती हैं।
चाणक्य नीति में विद्यार्थियों के लिए भी कई सफलता सूत्र हैं जिन्हें अपनाने पर विद्यार्थी जीवन सरल बनता है। चाणक्य के अनुसार हमारे पूरे जीवन काल में छात्र होने का समय सबसे किमती और खूबसूरत होता है, यह वो समय है जब छात्र अपने सपनों को पूरा करने की रेस में दौड़ते हैं, लेकिन इस दौरान विद्यार्थियों को कुछ खास बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए, नहीं तो समस्याएं हो सकती हैं, आइए इसके बारे में जानते हैं।
सुखार्थिनः कुतो विद्या विद्यार्थिनः कुतो सुखम् ।।
इस श्लोक का अर्थ है कि विद्या प्राप्ति के समय विद्यार्थी को सुख-सुविधाओं की आशा नहीं करनी चाहिए, उन्हें केवल लक्ष्य के प्रति कठोर तप करना चाहिए। आचार्य चाणक्य के अनुसार कठोर परिश्रम करने पर ही विद्या की प्राप्ति हो सकती है।
अनुशासन का पालन
जीवन में सफलता हासिल करने के लिए विद्यार्थी को सर्वप्रथम अनुशासन का पालन करना चाहिए। अगर अनुशासन का पालन न किया जाए, तो कार्यों को पूरा करने में हमेशा बाधाएं आती हैं। चाणक्य नीति के अनुसार अनुशासन के माध्यम से विद्यार्थी अपने समय का सदुपयोग करते हैं, जिससे सफलता हासिल करने में आसानी होती हैं।
लालच न करें
विद्यार्थियों को कभी भी किसी भी तरह के 'लालच' में नहीं पड़ना चाहिए। लालच सफलता प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे व्यक्ति का कठोर परिश्रम भी प्रभावित होता है। चाणक्य के अनुसार लालच विद्यार्थियों के सुखी जीवन में परेशानियों के द्वार खोलता है, इसलिए कभी भी लालच के मार्ग को नहीं अपनाना चाहिए।
कभी न करें गुरु का अपमान
आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवन में कभी भी गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए। गुरु जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, इतनी ही नहीं कार्यों में आ रही समस्याओं का निवारण भी हमारे गुरूजन करते हैं, इसलिए कभी भी उनका अपमान नहीं करना चाहिए। गुरु, व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। -
फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर एक्टर धर्मेंद्र 89 साल के हैं लेकिन, इस उम्र में भी अपनी फिटनेस से लोगों को हैरान कर देते हैं। वे इस उम्र में भी एक्टिव और हेल्दी रहते हैं। बता दें कि बॉलीवुड के ही-मैन कहे जाने वाले धर्मेंद्र इस उम्र में भी रेग्यूलर एक्सरसाइज करते हैं और खुद को फिट रखने के लिए काफी मेहनत करते हैं। यह उनकी एक्टिव लाइफस्टाइल की ही देन है कि धर्मेंद्र इस उम्र में भी ना केवल सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं बल्कि फिल्मों और टीवी शोज़ पर भी अपीयरेंस देते रहते हैं। बीते साल फिल्म 'रानी और रॉकी की प्रेम कहानी' में धर्मेंद्र ने एक स्पेशल भूमिका निभाई और सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा।
रोज करते हैं एक्सरसाइजधर्मेंद्र ट्रेडिशनल और मॉडर्न टेक्निक्स की मदद से एक्सरसाइज करते हैं। धर्मेंद्र हर मौसम में कसरत करते हैं। वे रोजाना कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज करते हैं। इसके अलावा उन्हें स्वीमिंग करने का भी शौक है और रोजाना सुबह जल्दी उठकर वर्कआउट और फिर स्विमिंग करना धर्मेंद्र का रूटीन है।ऑर्गेनिक फल-सब्जियां खाते हैंअभिनेता शहर के शोरगुल से दूर अपना अधिकांश समय अपने फार्म हाउस पर ही बिताते हैं। यहां वे बागवानी और खेती जैसे कामों में भी हाथ बंटाते हैं। फार्म हाउस में उगनेवाली सब्जियों-फलों, हर्ब्स और मसालों का ही इस्तेमाल वे अपने रोजमर्रा के खाने में करते हैं। उनकी डाइट में नेचुरल और ऑर्गेनिक फूड्स का ही समावेश होता है।20 साल से नहीं खायी शक्करधर्मेंद्र हर हाल में शक्कर से परहेज करते हैँ। उन्हें कई साल पहले ही शक्कर खानी छोड़ दी। धरम की तरह हेमा मालिनी भी शक्कर नहीं खातीं और शक्कर की जगह गुड़ और शहद जैसे नेचुरल स्वीटनर्स का इस्तेमाल करती हैं।हेल्दी फैट्स के लिए इस तेल में पकता है धर्मेंद्र का खानाधर्मेंद्र रिफाइंड ऑयल की बजाय कच्ची घानी में तैयार सरसों के तेल का सेवन करते हैं। वहीं, वे देसी घी का भी सेवन करते हैं।







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