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अहिल्यानगर (महाराष्ट्र). केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) और पोटाश उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए देश भर की 15 सहकारी चीनी मिलों को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से वित्तपोषण के लिए चुना जाएगा। अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव तहसील में सहकार महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी साखर कारखाना में एक सीबीजी इकाई, एक स्प्रे ड्रायर और पोटाश दाना विनिर्माण केंद्र के उद्घाटन पर शाह ने कहा कि ये परियोजनाएं भारत के सहकारी क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं निदेशक विवेक कोल्हे को बताना चाहता हूं कि यह काम पूरे देश में फैलेगा। मोदी सरकार एनसीडीसी से वित्त-पोषण के लिए 15 सहकारी चीनी मिलों का चयन करेगी, ताकि उनके परिसर में ऐसे संयंत्र स्थापित किए जा सकें। यह एक नई शुरुआत होगी।'' मंत्री ने कहा कि कोपरगांव में शुरू की गई इकाइयां देश में अपनी तरह की पहली हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पचपन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सीबीजी संयंत्र प्रतिदिन 12 टन सीबीजी और 75 टन पोटाश का उत्पादन करेगा। ये दोनों उत्पाद वर्तमान में आयात किए जाते हैं और यह पहल आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हुए विदेशी मुद्रा की बचत करेगी।'' शाह ने कहा कि परियोजना ने सीबीजी की खरीद के लिए गेल, बीपीसीएल, इफको और राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के साथ पहले ही समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य वृत्तीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) हासिल करना है। महाराष्ट्र की सहकारी विरासत की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि राज्य ने कभी चीनी सहकारी आंदोलन का नेतृत्व किया था, उसे अब ‘सर्कुलर इकोनॉमी' क्षेत्र में अग्रणी होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों- एकनाथ शिंदे और अजित पवार- से अनुरोध है कि यदि महाराष्ट्र ऐसी मिलों का समर्थन करता है तो केंद्र सरकार भी पूरी सहायता प्रदान करेगी।" शाह ने विविधता का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक लाभ कमाने वाली चीनी मिल को फल प्रसंस्करण भी शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘इससे फल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और मिलों को अतिरिक्त आय होगी।''
दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए हाल ही में स्वीकृत मिशन का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2025-26 से 2030-31 तक के छह वर्षीय कार्यक्रम के लिए 11,440 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम दालों के लिए 1,000 प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करेंगे और किसानों को 38 लाख उच्च-गुणवत्ता वाले बीज किट वितरित करेंगे।'' शाह ने यह भी कहा कि हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों से कृषि क्षेत्र पर बोझ कम हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘ट्रैक्टर, उनके पुर्जों, हार्वेस्टर, थ्रेशर, मधुमक्खी पालन उपकरण, स्प्रिंकलर, टपक सिंचाई प्रणाली और पोल्ट्री मशीनरी पर कर घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे किसानों की लागत बचेगी।'' घरेलू उत्पादन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को चौथे स्थान पर ला दिया है। हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बहुत करीब हैं। हालांकि, नंबर एक अर्थव्यवस्था बनने के लिए स्वदेशी के अलावा कोई विकल्प नहीं है। प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी उत्पादों को अपनाना चाहिए।'' -
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 21 लाख महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए की तीसरी किस्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी।
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास, एक ऐनी मार्ग पर आयोजित किया गया, जहाँ लाभार्थियों के खातों में राशि सीधे जमा की गई।इस योजना के तहत अब तक 1.21 करोड़ महिलाओं को 10 हजार रुपए की राशि मिल चुकी है। इससे पहले, 3 अक्टूबर को 25 लाख महिलाओं को और 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन के दिन 75 लाख महिलाओं को सहायता राशि दी गई थी।मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की घोषणा 29 अगस्त को की गई थी और एक महीने के भीतर इसे लागू कर दिया गया। यह योजना आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महिलाओं के सशक्तिकरण की सबसे बड़ी पहल के रूप में सामने आई है।सरकार का उद्देश्य इस योजना के ज़रिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। साथ ही, यह पहल महिला मतदाताओं तक सरकार की पहुँच को भी मजबूत करेगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “बिहार सरकार उन महिलाओं को 2 लाख तक की सहायता देगी जिनका व्यवसाय सफल रहेगा। इस छोटे निवेश से पूरा परिवार लाभान्वित होगा।”उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2005 से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठाए गए हैं। पंचायत चुनावों में 50% आरक्षण, नगर निकायों में 2007 से समान आरक्षण और इस साल सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण दिया गया है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज राज्य में 1.40 करोड़ जीविका दीदियाँ स्व-सहायता समूहों के ज़रिए सक्रिय हैं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की 264 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया, जिनकी कुल लागत ₹5,847.66 करोड़ है। इन परियोजनाओं में बिजली उपकेंद्रों की स्थापना, ट्रांसफॉर्मर लगाना और पुराने तारों को बदलना शामिल है, जिससे बिहार की बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे। - नयी दिल्ली. अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड वित्त वर्ष 2027-28 तक अपनी एल्युमीनियम क्षमता को 31 लाख टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक बढ़ाने के लिए 13,226 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी की वर्तमान क्षमता 24 लाख टन प्रति वर्ष है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वेदांता लिमिटेड एल्युमीनियम को अपनी वृद्धि रणनीति के केंद्र में रख रही है और एक विस्तार योजना के तहत वित्त वर्ष 2027-28 तक इसकी क्षमता 31 लाख टन प्रति वर्ष हो जाएगी।उन्होंने बताया कि कंपनी इस विस्तार के लिए अगले कुछ वर्षों में 13,226 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। इस्पात के बाद दुनिया में दूसरी सबसे अधिक खपत वाली धातु एल्युमीनियम है और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी बुनियादी ढांचे तथा एयरोस्पेस में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। वेदांता घरेलू बाजार में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी के साथ देश की अग्रणी एल्युमीनियम उत्पादक है। कंपनी के सूत्रों ने बताया कि बाल्को, जिसमें वेदांता की बहुलांश हिस्सेदारी है, भी 10 लाख टन उत्पादन क्षमता हासिल करने के लिए तैयार है।
- नयी दिल्ली. पिछले सप्ताह देश की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में सात का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 74,573.63 करोड़ रुपये बढ़ गया। इस दौरान एचडीएफसी बैंक को सबसे ज्यादा लाभ हुआ। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 780.71 अंक या 0.97 प्रतिशत चढ़ा, और निफ्टी में 239.55 अंक या 0.97 प्रतिशत की तेजी आई। एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को फायदा हुआ, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और इंफोसिस के मूल्यांकन में गिरावट आई। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 30,106.28 करोड़ रुपये बढ़कर 14,81,889.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 20,587.87 करोड़ रुपये बढ़कर 5,72,507.17 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय स्टेट बैंक का मूल्यांकन 9,276.77 करोड़ रुपये बढ़कर 8,00,340.70 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मूल्यांकन 7,859.38 करोड़ रुपये बढ़कर 5,97,806.50 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 19,351.44 करोड़ रुपये घटकर 18,45,084.98 करोड़ रुपये रह गया। भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 12,031.45 करोड़ रुपये घटकर 10,80,891.08 करोड़ रुपये और इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 850.32 करोड़ रुपये घटकर 6,00,954.93 करोड़ रुपये रह गया। देश में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।
- मुंबई. अंतरराष्ट्रीय यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र अगले 10 वर्षों में 9.1 करोड़ नई नौकरियों का सृजन करेगा, जो वैश्विक स्तर पर सृजित प्रत्येक तीन नौकरियों में से एक के बराबर है। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। 'फ्यूचर ऑफ द ट्रैवल एंड टूरिज्म वर्कफोर्स' नामक रिपोर्ट में कहा गया कि यदि जनसांख्यिकीय और संरचनात्मक बदलावों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे कार्यबल में 4.3 करोड़ से अधिक लोगों की कमी हो सकती है। यह रिपोर्ट 20 अर्थव्यवस्थाओं पर केंद्रित है। डब्ल्यूटीटीसी यात्रा और पर्यटन उद्योग के मुद्दों पर सरकारों के साथ काम करती है, तथा इस क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक योगदान पर यह एक वैश्विक प्राधिकरण है।एक विज्ञप्ति में कहा गया कि हाल ही में रोम में आयोजित 25वें डब्ल्यूटीटीसी वैश्विक शिखर सम्मेलन में जारी की गई यह रिपोर्ट व्यापक वैश्विक शोध पर आधारित है, जिसमें व्यापारिक दिग्गजों और पर्यटन निकाय के सदस्यों तथा अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ गहन साक्षात्कार शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ''2024 में यात्रा और पर्यटन की मांग पहले से कहीं अधिक मजबूत थी। इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान 8.5 प्रतिशत बढ़कर 10,900 अरब डॉलर तक पहुंच गया। साथ ही, यात्रा सेवाएं देने वाली कंपनियों ने 2.07 करोड़ नई नौकरियां पैदा कीं, जिससे इस क्षेत्र में दुनिया भर में कुल रोजगार की संख्या 35.7 करोड़ हो गई है।'' रिपोर्ट में कहा गया कि अगले दशक में इस क्षेत्र में 9.1 करोड़ नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है, जो वैश्विक स्तर पर सृजित प्रत्येक तीन नई नौकरियों में से एक होगी। रिपोर्ट में कहा गया कि 2035 तक यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में कर्मचारियों की वैश्विक मांग, आपूर्ति के मुकाबले 4.3 करोड़ से ज्यादा बढ़ जाएगी।
- नयी दिल्ली. निर्यात व्यावसायिक वृद्धि में सहायक होने के साथ ही भारतीय कारखानों को हरित भी बना रहा है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ ने दो दशकों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद किए गए एक अध्ययन में यह पाया। अध्ययन में इस बात की जांच की गई कि क्या निर्यात के कारण भारतीय विनिर्माण कंपनियां हरित प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं। आईआईएम-लखनऊ में अर्थशास्त्र और व्यावसायिक पर्यावरण के प्रोफेसर चंदन शर्मा के नेतृत्व में किया गया यह अध्ययन प्रतिष्ठित एनर्जी इकोनॉमिक्स (एल्सेवियर) पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। विकासशील देशों में पर्यावरणीय दबाव बढ़ाने के लिए अक्सर व्यापार की आलोचना की जाती है, लेकिन इस बात के सीमित प्रमाण हैं कि निर्यात आधारित कंपनियां हरित प्रथाओं…
- भुवनेश्वर. ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने घोषणा की है कि वह दुर्गा पूजा समितियों को 1.10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने शनिवार को बताया कि यह निर्णय सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और पारंपरिक उत्सवों का समर्थन करने के लिए लिया गया है। उन्होंने बताया कि समितियों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है- विरासत दुर्गा पूजा, 75 वर्ष पुरानी दुर्गा पूजा और 50 वर्ष पुरानी दुर्गा पूजा। संस्कृति मंत्री ने बताया कि विरासत दुर्गा पूजा के लिए 215 समितियों को 1.10 लाख रुपये दिए जाएंगे जबकि दूसरी और तीसरी श्रेणी को क्रमश: 75,000 रुपये और 50,000 रुपये मिलेंगे। सूरज ने बताया कि दूसरी श्रेणी में 197 पूजा समितियां और तीसरी श्रेणी में 673 पूजा समितियां हैं। उन्होंने कहा कि कुल 1,085 दुर्गा पूजा समितियों को सहायता प्रदान की जाएगी।
- नयी दिल्ली. आने वाले सप्ताह में सोने के दाम अस्थिर रह सकते हैं, क्योंकि निवेशक अमेरिकी सरकार के वित्त पोषण विधेयक, श्रम बाजार के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के बयानों पर नजर रखेंगे। विश्लेषकों ने यह जानकारी दी। विश्लेषकों ने कहा कि बृहस्पतिवार को फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक के विवरण जारी होने से भी सर्राफा बाजार की धारणा प्रभावित होने की संभावना है। जेपीएम फाइनेंशियल सर्विसेज के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, ''आने वाला सप्ताह अपेक्षाकृत कम आंकड़ों वाला है, लेकिन अस्थिरता ज्यादा रहने की उम्मीद है। मुनाफावसूली बढ़ सकती है, जिसके बाद नए सिरे से खरीदारी भी हो सकती है। आने वाले सप्ताह में ध्यान अमेरिकी सरकार के वित्त पोषण विधेयक पर रहेगा, जबकि आंकड़ों के मोर्चे पर श्रम बाजार पर नजर होगी।''उन्होंने कहा, ''फेडरल रिजर्व की आधिकारिक टिप्पणी पर बृहस्पतिवार को फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल के भाषण के साथ कड़ी नजर रहेगी।'' मेर ने कहा कि पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में 3.5 से 4 प्रतिशत और वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी कमजोर अमेरिकी डॉलर और आंशिक अमेरिकी सरकार के बंद होने की चिंताओं के कारण हुई है, जिससे महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों के जारी होने में देरी हुई है। उन्होंने कहा, ''बाजार सहभागी इस महीने के अंत में फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं।'' मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने के भाव पिछले सप्ताह में 3,222 रुपये यानी 2.8 प्रतिशत बढ़ गए। शुक्रवार को सोना 1,18,113 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो इस सप्ताह पहले दर्ज किए गए अपने इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर 1,18,444 रुपये के करीब था। अल्फा मनी में इक्विटी और पीएमएस के प्रबंध साझेदार ज्योति प्रकाश ने कहा कि पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में 2.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में बढ़ती हिस्सेदारी, केंद्रीय बैंकों की संभावित नई मांग और सट्टेबाजी की मजबूत स्थिति सोने की कीमतों में इस उछाल को बढ़ावा दे रही है। विश्लेषकों ने कहा कि त्योहारों और शादी के मौसम के कारण भारत में सितंबर में सोने और चांदी का आयात अगस्त की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है।
- अहिल्यानगर (महाराष्ट्र). केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के चीनी सहकारी क्षेत्र को काफी लाभ हुआ है। वह अहिल्यानगर जिले में डॉ. विट्ठलराव विखे पाटिल सहकारी चीनी कारखाने की विस्तारित क्षमता का उद्घाटन करने के बाद एक किसान रैली को संबोधित कर रहे थे। शाह ने चीनी सहकारी समितियों से गैर पेराई सत्र में भी मल्टी-फीड एथनॉल का उत्पादन करने की अपील की।मंत्री ने कहा, ''एथनॉल मिश्रण के कारण चीनी सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति बदल गई है... मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र को लाभ हुआ है।'' शाह ने कहा, ''केंद्र सरकार हाल ही में भारी बारिश से प्रभावित महाराष्ट्र के किसानों को हर संभव सहायता देगी।'' उन्होंने राज्य के किसानों के लिए केंद्रीय सहायता हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार की सराहना की। शाह ने सहकारिता आंदोलन की एक प्रमुख हस्ती विट्ठलराव विखे पाटिल और उनके बेटे तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महाराष्ट्र में भारी बारिश से नुकसान झेलने वाले किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हाल में हुई भारी बारिश और बाढ़ आने से व्यापक नुकसान हुआ है। शाह ने कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों - एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ एक विस्तृत बैठक की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से, मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि एक बार विस्तृत रिपोर्ट हमें सौंप दिए जाने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी महाराष्ट्र के किसानों को कोई भी मदद देने में देरी नहीं करेंगे।'' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछले वर्ष की सहायता में से 3,132 करोड़ रुपये पहले ही जारी कर चुकी है, जिसमें इस वर्ष अप्रैल में दी गई 1,631 करोड़ रुपये की सहायता भी शामिल है। शाह ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने भी 2,215 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रदान की है, जिससे 31 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की परेशानी कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को 10,000 रुपये की नकद सहायता और 35 किलोग्राम अनाज उपलब्ध कराया है। ऋण वसूली रोक दी गई है, ई-केवाईसी मानदंडों में एक बार के लिए ढील दी गई है और राजस्व कर और स्कूल फीस में राहत दी गई है।''
- नयी दिल्ली. देश में पीएम-सेतु योजना के तहत विश्वसनीय उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) स्थापित किए जाएंगे। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि ये एसपीवी क्लस्टरों का प्रबंधन करेंगे और परिणाम-आधारित प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को शुरू की गई प्रधानमंत्री कौशल एवं पीएम-सेतु योजना के तहत देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई संस्थानों को आधुनिक और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण केंद्रों में बदलने की तैयारी है। इस योजना के अंतर्गत नए और मांग के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा इस योजना के तहत मौजूदा पाठ्यक्रमों को भी उद्योगों के सहयोग से नया रूप दिया जाएगा।यह योजना दीर्घकालिक डिप्लोमा, अल्पकालिक पाठ्यक्रम और कार्यकारी कार्यक्रमों के लिए मार्ग बनाने में भी मदद करेगी।पीएम-सेतु (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार रूपांतरण) 'केंद्र एवं शाखा' मॉडल का अनुसरण करेगा, जिसमें 200 केंद्र आईटीआई को 800 शाखा आईटीआई से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक केंद्र उन्नत बुनियादी ढांचे, नवाचार और इन्क्यूबेशन केंद्रों, उत्पादन इकाइयों, प्रशिक्षण सुविधाओं और नियोजन सेवाओं से सुसज्जित होगा, जबकि शाखाएं पहुंच का विस्तार करेंगे। इस योजना में भुवनेश्वर (ओडिशा), चेन्नई (तमिलनाडु), हैदराबाद (तेलंगाना), कानपुर (उत्तर प्रदेश), लुधियाना (पंजाब) में पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को वैश्विक साझेदारी के साथ उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में मजबूत करने की भी परिकल्पना की गई है।पीएम-सेतु योजना के पहले चरण के तहत देश भर में 15 'केंद्र एवं शाखा' आईटीआई क्लस्टर चुने गए है, जो विविध क्षेत्रों और औद्योगिक पारिस्थितिकी प्रणालियों में फैले हुए हैं।इन क्लस्टरों में सोनीपत (हरियाणा), विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), बिजनौर और मेरठ (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश), बेंगलुरु शहरी (कर्नाटक), भरतपुर (राजस्थान), दरभंगा और पटना (बिहार), होशियारपुर (पंजाब), हैदराबाद (तेलंगाना), संभलपुर (ओडिशा), चेन्नई (तमिलनाडु), और गुवाहाटी (असम) शामिल हैं। शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम-सेतु एक बहुत ही महत्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण योजना है। मंत्री ने कहा, ''आईटीआई 169 ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान करते हैं और इस वर्ष लगभग नौ लाख छात्रों ने राष्ट्रीय ट्रेड प्रमाणपत्र (एनटीसी) हासिल किया है। भारत के इतिहास में शायद यह पहली बार है कि पीएम-सेतु के माध्यम से आईटीआई में इतने बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।''
- पाटन (गुजरात). गुजरात के पाटन जिले के राधनपुर के पास रविवार को एक पिकअप वैन के ट्रक और दो मोटरसाइकिल से टकराने पर चार लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) वसंत नयी ने बताया कि दुर्घटना सुबह करीब 10 बजे मोती पिपली गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। एसपी ने बताया, ‘‘लगभग 15 यात्रियों को ले जा रही एक पिकअप वैन सड़क पर अन्य वाहन से आगे निकलने की कोशिश में एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर वाली जगह पर सड़क निर्माण कार्य के कारण एक तरफ यातायात अवरुद्ध था। इस दौरान वैन ने उन दो मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जिन पर दो-दो लोग सवार थे।'' उन्होंने आगे कहा, ‘‘मृतकों में वैन में सवार दो यात्री और दो मोटरसाइकिल सवार शामिल हैं। 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'' राधनपुर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान लक्ष्मण देसाई, यश उन्चोसन, कानू रावल और नसीब खान के रूप में हुई है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारी बारिश एवं भूस्खलन के कारण दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना में लोगों की मौत होने से बहुत दुःख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, मैं उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग तथा आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग की पहाड़ियों में शनिवार को कई जगह लगातार बारिश के कारण भूस्खलन होने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग लापता हो गए। भूस्खलन के कारण कई मकान बह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और दूरदराज के कई गांवों का संपर्क टूट गया। दार्जिलिंग उप-मंडलीय अधिकारी (एसडीओ) रिचर्ड लेप्चा ने ‘भाषा' को बताया कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा मोचन दल की मदद से बचाव और राहत अभियान जारी है। पश्चिम बंगााल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है लेकिन उन्होंने राशि का कोई जिक्र नहीं किया। बनर्जी ने कहा कि वह छह अक्टूबर को उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी और उस क्षेत्र की स्थिति का आकलन करेंगी, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं। -
नयी दिल्ली. चंद्रमा पर भेजे जाने वाले अंतरिक्ष यान ‘शक्तिसैट' को विकसित करने वाली टीम में शामिल मध्यप्रदेश की छात्राओं ने दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। ये छात्राएं चेन्नई स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘स्पेस किड्ज इंडिया' की वैश्विक, पूर्ण बालिका पहल का हिस्सा हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात की और ‘शक्तिसैट' अभियान के बारे में अद्यतन जानकारी दी। ‘शक्तिसैट' अभियान के तहत इस वर्ष दिसंबर में पृथ्वी की निचली कक्षा में और अगले साल चंद्रमा पर एक उपग्रह भेजने की योजना है। ‘स्पेस किड्ज इंडिया' की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीमती केसन ने कहा, “शक्तिसैट अभियान विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्र में सशक्तीकरण के लिए एक अभूतपूर्व वैश्विक पहल है, जो चंद्रमा की सतह पर भेजे जाने वाले अंतरिक्ष यान की डिजाइनिंग, विकास और प्रक्षेपण के लिए किए जा रहे सहयोगात्मक प्रयास में 108 देशों के 12,000 छात्रों को एकजुट करता है।” केसन ने बताया कि अभियान में शामिल मध्यप्रदेश की कई छात्राएं ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों से आती हैं और अपने परिवार में शिक्षा हासिल करने वाली पहली पीढ़ी हैं, जो वास्तव में समावेशी विकास के राष्ट्र के दृष्टिकोण को साकार करती हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़कियां उत्सुक छात्राओं से आत्मविश्वास से भरी नवप्रवर्तकों में तब्दील हो रही हैं और कक्षीय यांत्रिकी, उपग्रह उप-प्रणालियों तथा कोडिंग में महारत हासिल कर रही हैं। केसन ने कहा, “उनकी उल्लेखनीय यात्रा शिक्षा, सशक्तीकरण और वैज्ञानिक प्रगति से प्रेरित भविष्य के निर्माण की भारत की आकांक्षाओं को दर्शाती है।” उन्होंने बताया कि ‘शक्तिसैट' अभियान के तहत दो पेलोड विकसित किए जाएंगे, जिनमें से एक पृथ्वी की निचली कक्षा (एलईओ) और दूसरा चंद्रमा के लिए होगा। केसन के मुताबिक, एलईओ पेलोड को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित किया जाएगा और यह चंद्रमा मिशन के लिए जमीन तैयार करने का काम करेगा। उन्होंने बताया कि चंद्रमा पर भेजे जाने वाले पेलोड को जापान की निजी अंतरिक्ष कंपनी ‘आईस्पेस' के ‘रिसिलिएंस' मिशन के तहत प्रशेक्षित किए जाने की संभावनाएं खंगाने के लिए बातचीत की जा रही है। केसन के अनुसार, राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान छात्राओं ने उन्हें बताया कि ‘शक्तिसैट' अभियान ने किस तरह उनमें आत्मविश्वास, दृढ़ता और वैश्विक जुड़ाव की भावना पैदा की है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक भागीदार देश से 108 छात्रों को शामिल करने का मिशन का मकसद प्रतिभा को पोषित करना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना और अंतरिक्ष विज्ञान में मौजूद व्यापक संभावनाओं में दिलचस्पी जगाना है, जिससे अंततः एक ऐसा प्रभाव पैदा होगा, जो दुनियाभर में लाखों युवा लड़कियों को प्रेरित करेगा। ‘स्पेस किड्ज इंडिया' ने 19 बैलूनसैट, तीन सबऑर्बिटल पेलोड और चार ऑर्बिटल सैटेलाइट प्रक्षेपित किए हैं। यह स्टार्टअप दुनिया का पहला ऐसा संगठन होना का दावा करता है, जिसने हाईस्कूल और कॉलेज के छात्रों की मदद से उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं।
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गुवाहाटी. गुवाहाटी विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसर को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा संकलित विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। एक बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के अनुसार, उत्कृष्टता के प्रोफेसर भूपेंद्र नाथ गोस्वामी, एक प्रसिद्ध मौसम विज्ञानी, रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर प्रदीप फुकन, और गणित विभाग के प्रोफेसर बिपन हजारिका को उनके निरंतर शोध योगदान के लिए इस सूची में शामिल किया गया है। इसमें कहा गया है कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा व्यापक रैंकिंग प्रतिवर्ष तैयार की जाती है, जिसमें सख्त मानदंडों का उपयोग किया जाता है। इस बीच, गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति नानी गोपाल महंत ने कहा, ‘‘यह मान्यता विश्वविद्यालय और असम के लिए बहुत गर्व की बात है। यह हमारे संकाय के समर्पण, नवाचार और वैश्विक प्रभाव के बारे में बहुत कुछ बताता है।''
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नयी दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईआईएस) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला ‘विकसित भारत बिल्डथॉन' के ब्रांड एंबेसडर हैं। यह एक राष्ट्रव्यापी नवाचार आंदोलन है जो छठी से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों के छात्रों को शामिल करने के लिए बनाया गया है। बिल्डथॉन, अब तक का सबसे बड़ा स्कूल हैकाथॉन है जो देश भर के 1.5 लाख स्कूलों के एक करोड़ से अधिक छात्रों को चार विषयों के तहत प्रोटोटाइप बनाने और डिजाइन करने के लिए प्रेरित करेगा। यह हैकाथॉन शिक्षा मंत्रालय द्वारा अटल नवाचार मिशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘शुक्ला विकसित भारत बिल्डथॉन-2025 के ब्रांड एंबेसडर हैं। शनिवार को उन्होंने स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार से मुलाकात की। उन्होंने बिल्डथॉन के दृष्टिकोण और पहलों पर चर्चा की, जो छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है, ताकि उन्हें विकसित भारत की विकास यात्रा में भविष्य के लिए तैयार योगदानकर्ता बनने के लिए सशक्त किया जा सके।'' भारतीय वायुसेना के 39 वर्षीय अधिकारी और परीक्षण पायलट ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। यह इसरो और नासा द्वारा समर्थन प्राप्त एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ान थी जिसे एक्सिओम स्पेस द्वारा संचालित किया गया। बिल्डथॉन 23 सितंबर को शुरू हुआ और पंजीकरण छह अक्टूबर तक खुले हैं। लाइव बिल्डथॉन 13 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा और विजेताओं की घोषणा दिसंबर में की जाएगी। बिल्डथॉन छठी से 12वीं कक्षा तक के छात्रों से विभिन्न टीम में शामिल होने, रचनात्मक रूप से सोचने और वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने वाले विचार और प्रोटोटाइप विकसित करने का आह्वान करता है। छात्र राष्ट्रीय महत्व के चार विषयों पर काम करेंगे: आत्मनिर्भर भारत - आत्मनिर्भर प्रणालियों और समाधानों का निर्माण; स्वदेशी - स्वदेशी विचारों और नवाचार को बढ़ावा देना; वोकल फॉर लोकल - स्थानीय उत्पादों, शिल्प और संसाधनों को बढ़ावा देना; और समृद्धि - समृद्धि और सतत विकास के मार्ग बनाना।
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शिरडी (महाराष्ट्र). महाराष्ट्र के एक दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शिरडी स्थित साईंबाबा मंदिर में रविवार को पूजा-अर्चना की। शाह के साथ राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं अजित पवार तथा अन्य लोग भी थे। शाह अहिल्यानगर जिले के शिरडी मंदिर नगर शनिवार रात पहुंचे।
वह महाराष्ट्र में सहकारिता क्षेत्र की अग्रणी हस्ती डॉ. विट्ठलराव विखे पाटिल और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे। राज्य के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, विट्ठलराव विखे पाटिल के पोते और बालासाहेब विखे पाटिल के पुत्र हैं। केंद्रीय मंत्री शाह अहिल्यानगर जिले में एक किसान रैली को भी संबोधित करेंगे। -
सतना (मध्यप्रदेश). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि चाहे कोई खुद को किसी भी भाषा या संप्रदाय का माने, लेकिन सच्चाई यह है कि ‘‘हम सब एक हैं, हम सब हिन्दू हैं।'' भागवत ने यहां सिंधी कैंप स्थित गुरुद्वारा का उद्घाटन करने के बाद स्थानीय बीटीआई मैदान में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने अखंड भारत की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘जो लोग अपना घर और मकान वहां छोड़कर आए हैं, कल वापस लेकर फिर से डेरा डालना है।" संघ प्रमुख ने कहा, ‘‘आज हम लोगों की स्थिति ऐसी है कि हम एक टूटा हुआ आईना देखकर अपने आपको अलग मान रहे हैं। एकता चाहिए... झगड़ा क्यों है? चाहे हम अपने आप को किसी भी भाषा या संप्रदाय का कहें लेकिन यह सत्य है कि हम सब एक हैं। हम सब लोग हिन्दू हैं।'' भागवत ने कहा कि एक चतुर अंग्रेज यहां आया, हमसे लड़ाई की, हमें हराकर हम पर राज किया।
उन्होंने कहा, ‘‘उसने हमारे हाथ से आध्यात्मिकता का दर्पण छीन लिया और उसकी जगह भौतिकवाद का टूटा हुआ दर्पण थमा दिया। तब से हम खुद को अलग-अलग मानने लगे और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ने लगे।” उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि बंटवारे के समय सिंधी समुदाय के लोग पाकिस्तान नहीं गए, बल्कि वे अविभाजित भारत आए। उन्होंने कहा, “जो लोग अपना घर छोड़कर आए हैं, और जिनका घर, कपड़े और जमीन हड़प ली गई, उन्हें कल वापस लेकर फिर से वहीं डेरा डालना है।” भागवत ने कहा कि नयी पीढ़ी को इस दिशा में विचार करना चाहिए।
संघ प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भीषण हिंसा हुई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। सुरक्षाबलों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़पों में अनेक लोग घायल हुए। अपने संबोधन में भागवत ने भाषा विवाद पर भी विचार रखते हुए कहा कि भारत में भाषाएं अनेक हैं, लेकिन भाव सबका एक ही होता है। उन्होंने कहा, “सारी भाषाएं भारत की राष्ट्रभाषाएं हैं। प्रत्येक नागरिक को कम से कम तीन भाषाएं आनी चाहिए — स्थानीय भाषा, जिस राज्य में रह रहे हैं उसकी भाषा और राष्ट्र की भाषा।” -
दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) . पश्चिम बंगाल के मिरिक और दार्जिलिंग पहाड़ियों में रविवार को लगातार बारिश के कारण हुए भारी भूस्खलन में कई बच्चों सहित कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण कई घर बह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, दूरदराज के कई गांवों का संपर्क टूट गया तथा सैकड़ों पर्यटक फंस गए। एनडीआरएफ और जिला प्रशासन द्वारा संकलित रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों - सरसली, जसबीरगांव, मिरिक बस्ती, धार गांव (मेची), नागराकाटा और मिरिक झील क्षेत्र से लोगों के मारे जाने की खबर है। उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने जान-माल के नुकसान को दुखद बताते हुए ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि स्थिति “चिंताजनक” है। उन्होंने शाम को कहा, “अभी तक मृतकों की संख्या 20 है। यह संख्या बढ़ने की आशंका है। मैं इलाके के लिए रवाना हो रहा हूं।” एनडीआरएफ के बयान के अनुसार, भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मिरिक में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है और सात घायलों को क्षेत्र से बचा लिया गया है। दार्जिलिंग में सात लोगों की मौत हो गई और पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमों की मदद से बचाव अभियान जारी है। दार्जिलिंग उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) रिचर्ड लेप्चा ने बताया, “कल रात से हो रही भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग उपखंड में हुए भीषण भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई है। बचाव और राहत कार्य जारी है।” दुर्गा पूजा और पूजा के बाद के उत्सवों का आनंद लेने के लिए दार्जिलिंग की पहाड़ियों में आए सैकड़ों पर्यटक भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन के कारण फंस गए हैं। उनमें से कई, जिनमें कोलकाता और बंगाल के अन्य हिस्सों से आए परिवार और समूह शामिल थे, मिरिक, घूम और लेपचाजगत जैसे लोकप्रिय स्थानों पर जा रहे थे। पहाड़ियों पर शनिवार से ही बारिश हो रही थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की, लेकिन राशि का उल्लेख नहीं किया और कहा कि वह छह अक्टूबर को उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी और क्षेत्र की स्थिति का आकलन करेंगी, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मरने वालों का कोई आंकड़ा नहीं दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौतों पर शोक व्यक्त किया और कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नागराकाटा के धार गांव में मलबे से कम से कम 40 लोगों को बचाया गया जहां भारी भूस्खलन के कारण कई घर ध्वस्त हो गए। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पास जानकारी है कि इस आपदा में 21 लोगों की जान चली गई। भूस्खलन के कारण मिरिक-सुखियापोखरी सड़क सहित प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हो गया जबकि कई पहाड़ी बस्तियों की संचार लाइनें टूट गईं। टीवी9 बांग्ला समाचार चैनल से फोन पर बात करते हुए बनर्जी ने स्थिति को “गंभीर” बताया।
उन्होंने कहा, “भूटान में लगातार बारिश के कारण पानी उत्तर बंगाल में बह गया है। यह आपदा दुर्भाग्यपूर्ण है - प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। हम बहुत दुखी हैं। मैंने मुख्य सचिव के साथ पांच प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ डिजिटल माध्यम से बैठकें कीं। मैं सुबह छह बजे से स्थिति पर नजर रख रही हूं।” बनर्जी के अनुसार, केवल 12 घंटों में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे कम से कम सात जगहों पर भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ। उन्होंने इस स्थिति की तुलना पिछले महीने त्योहारों के मौसम में कोलकाता में आई भीषण बाढ़ से की। उन्होंने कहा, “12 घंटे से लगातार भारी बारिश हो रही है। सात जगहों पर भूस्खलन हुआ है। मैं कड़ी नजर रख रही हूं और उम्मीद है कि सोमवार अपराह्न तीन बजे तक वहां पहुंच जाऊंगी।” भूस्खलन और सड़क मार्ग पर अवरोधों के कारण पूरे क्षेत्र में हजारों पर्यटक फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था करेगी और पर्यटकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और वहां से निकलने की जल्दबाजी न करें। उन्होंने कहा, “कई पर्यटक फंसे हुए हैं। मैं उनसे अनुरोध करती हूं कि वे हड़बड़ी न करें। कृपया जहां हैं वहीं रहें। होटल वालों को उनसे ज्यादा पैसे नहीं लेने चाहिए। उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा।” बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि आपदा में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी मुआवजा और उनके एक सदस्य को रोजगार मिलेगा। हालांकि उन्होंने राशि का जिक्र नहीं किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारी और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्य में भारी बाधा आई है। उन्होंने कहा, “यह इलाका फिसलन भरा है और कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नुकसान का आकलन अब भी किया जा रहा है। इन ढलानों पर मशीनों के लिए काम करना बेहद मुश्किल हो रहा है।” मिरिक में कई परिवारों को एहतियाती उपाय के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि स्थानीय गैर सरकारी संगठनों और जिला प्रशासन के समन्वय से अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से बहुत दुःख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग सहित उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर तक अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही, मिट्टी की नाजुक स्थिति के कारण और अधिक भूस्खलन और सड़कों पर अवरोध पैदा होने की चेतावनी दी है। एनडीआरएफ के अनुसार, दार्जिलिंग जिले और उत्तरी सिक्किम में सड़क संपर्क गंभीर रूप से बाधित है और सिलीगुड़ी को मिरिक-दार्जिलिंग मार्ग से जोड़ने वाला एक लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे इस क्षेत्र तक पहुंच बाधित हो गई है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर दौरे पर हैं। उनका यह दौरा सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से किया गया है। अहिल्यानगर के लोणी बाजार में गृहमंत्री अमित शाह के आगमन के अवसर पर किसान सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
इस सभा में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि और सहकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को सरकार की नई नीतियों और सुविधाओं से अवगत कराते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के विकास और समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने महाराष्ट्र के सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए नई योजनाओं की भी घोषणा करने की संभावना जताई।कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रवर शुगर फैक्ट्री की बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने विचार रखे और इस विकास को किसानों के हित में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को नई संभावनाएं मिल रही हैं और राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग कर रही है।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अजित पवार सहित कई अतिथि मौजूद थे। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न हो। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरडी के साईं मंदिर में पूजा-अर्चना की। वहां से सीधे वह अहिल्यानगर पहुंचे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमित शाह का शिरडी में पहुंचने पर स्वागत किया।किसान सभा में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखी गई और उन्होंने केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर अपनी उम्मीदें जताई। यह सभा किसानों के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई कि उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता में है। किसानों को नई योजनाओं और विकास की दिशा में बढ़ावा देने के साथ-साथ यह दौरा राज्य और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल का भी प्रतीक माना जा रहा है। आगामी समय में इस क्षेत्र में कृषि उत्पादन और सहकारिता के क्षेत्र में और भी उन्नति की उम्मीद जताई जा रही है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने ‘संडे ऑन साइकिल’ एंथम लॉन्च किया। रविवार को उन्होंने राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित ‘संडे ऑन साइकिल’ मैराथन में भी हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष संस्करण के रूप में आयोजित किया गया।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘संडे ऑन साइकिल’ एंथम शेयर करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ ने हर घर में फिटनेस की लहर ला दी है। इस दिशा में रविवार को ‘संडे ऑन साइकिल’ एंथम लॉन्च किया।”इससे पहले, मनसुख मांडविया ने ‘संडे ऑन साइकिल’ मैराथन में प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। मैराथन का उद्देश्य लोगों को नियमित व्यायाम और साइकिलिंग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। उन्होंने कहा, “संडे ऑन साइकिल एक आंदोलन बन गया है। देश भर में लाखों लोग हर रविवार को फिट रहने के लिए साइकिल चलाते हैं। मुझे खुशी है कि भारत भर के 10,500 से ज्यादा स्थानों से शिक्षक संडे ऑन साइकिल से जुड़ रहे हैं।”इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षकों से बड़ी अपील की। उन्होंने कहा, “यहां इतनी बड़ी संख्या में शिक्षक हैं। शिक्षक छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं। ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान से जुड़कर आपको बच्चों को पढ़ाने, समाज को शिक्षित करने और समुदाय को प्रेरित करने का एक शानदार अवसर मिलता है। जब हम साइकिल चलाते हैं, तो हमें संतुलन बनाए रखने की जरूरत होती है। इसी तरह, जब जीवन में संतुलन होता है, तभी हम आगे बढ़ सकते हैं।”दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भी बच्चों की मैराथन दौड़ का आयोजन हुआ, जिसमें एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने हिस्सा लिया। उन्होंने फिटनेस के लिए संस्थानों की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रम की सराहना की।इस मौके पर दिव्य प्रयास फाउंडेशन की अध्यक्ष सारिका जैन ने कहा, “दिव्य प्रयास फाउंडेशन और किडीविडी की ओर से आयोजित इस दौड़ में लगभग 800 बच्चों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने लाल किले से और ‘मन की बात’ के 119वें एपिसोड में भी इस पहल के बारे में बात की थी और यह भी कहा था कि अगर हमारा देश खाने में तेल की खपत को अगर 10 प्रतिशत भी कम कर दे, तो इससे जन स्वास्थ्य को लाभ होगा।” - नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने शनिवार को कहा कि 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान के तहत देश भर में लगभग 18 लाख स्वास्थ्य शिविरों में 6.5 करोड़ महिलाओं की जांच की गई है। नड्डा ने इसे एक "ऐतिहासिक उपलब्धि" करार देते हुए कहा कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के राष्ट्र के सामूहिक संकल्प को दर्शाता है। नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से 17 सितंबर को शुरू किया गया दो सप्ताह का स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान दो अक्टूबर को संपन्न हुआ। इस दौरान देश भर में आयोजित लगभग 18 लाख स्वास्थ्य शिविरों में 6 करोड़ 50 लाख महिलाओं की जांच की गई।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह असाधारण उपलब्धि महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखने के राष्ट्र के सामूहिक संकल्प को दर्शाती है।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, "सराहनीय प्रयास! उन सभी को बधाई जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम करके इसे इतना प्रभावशाली और हमारी नारी शक्ति के लिए लाभकारी बनाया है। यह जीवन को बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है।” स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया था कि अभियान के दौरान 1.78 करोड़ से ज़्यादा लोगों की उच्च रक्तचाप और 1.72 करोड़ से ज़्यादा लोगों की मधुमेह की जांच की गई। 37 लाख से ज़्यादा महिलाओं की स्तन कैंसर और 19 लाख से ज़्यादा महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा (सर्विकल) कैंसर की जांच की गई। 69 लाख से ज़्यादा लोगों की मुख कैंसर की जांच की गई।
- नागपुर. इटली में नागपुर के एक होटल व्यवसायी और उनकी पत्नी अपनी छुट्टियों के आखिरी दिन दो अक्टूबर को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई जबकि उनके बच्चे घायल हो गए, घायलों में से एक की हालत गंभीर है। अधिकारियों और परिजनों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उनके रिश्तेदार और सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक इकबाल आजमी ने बताया कि सिविल लाइंस निवासी जावेद अख्तर (57), उनकी पत्नी नादरा, बेटा जाजेल (15), बेटियां आरजू(22) और शिफा (18) इटली और फ्रांस के दस दिवसीय यात्रा पर गए थे। आजमी ने बताया कि,"उनकी नौ-सीटर टैक्सी दो अक्टूबर की सुबह ग्रोसेटो (टस्कनी) में एक वाहन से टकरा गई। जावेद और नादरा की मौत हो गई, जबकि आरजू गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसका ऑपरेशन हुआ है और वह फिलहाल बेहोशी की हालत में है। शिफा और जाजेल को भी चोटें आई हैं।," उन्होंने कहा कि, "हमने शिफा से वीडियो कॉल पर बात की। हमारे दो रिश्तेदार इटली के लिए रवाना हो गए हैं। महाराष्ट्र प्रशासन और मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस हमें जरूरी मदद मुहैया करा रहे हैं। परिवार नागपुर में गुलशन प्लाजा होटल का मालिक है। यह उनकी यात्रा का आखिरी दिन था।" नागपुर के जिलाधिकारी विपिन इटनकर ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि शवों को वापस लाने के प्रयासों के तहत अधिकारी इटली स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। इटनकर ने बताया कि जिले के अधिकारियों ने मृतकों के घर का दौरा किया।अख्तर के प्रतिष्ठान के बगल में स्थित होटल स्टेटस के मालिक विजय चौरसिया ने बताया कि इस त्रासदी ने यहां के होटल कारोबार से जुड़ा समुदाय दुखी है। चौरसिया ने कहा, "हमें कल ही इस घटना के बारे में पता चला।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार पर विशेष जोर देते हुए 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों का शनिवार को अनावरण किया। मोदी ने 60,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक केंद्र प्रायोजित योजना पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योग्यता परिवर्तन उन्नत आईटीआई के जरिये) की शुरुआत की। इस योजना में 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को ‘हब-एंड-स्पोक' मॉडल में उन्नत करने की परिकल्पना की गई है जिसमें 200 ‘हब' आईटीआई और 800 ‘स्पोक' आईटीआई शामिल हैं। ‘हब एंड स्पोक' मॉडल एक वितरण प्रणाली है जो साइकिल के पहिये की तरह काम करती है जिसमें एक ‘हब' (केंद्र) होता है जो सभी ‘स्पोक' (छोटे, सहायक स्थानों) को आपस में जोड़ता है। प्रत्येक ‘हब' औसतन चार ‘स्पोक' से जुड़ा होगा जिससे उन्नत बुनियादी ढांचे, आधुनिक उद्यमों, डिजिटल शिक्षण प्रणालियों और इनक्यूबेशन सुविधाओं से सुसज्जित संकुलों का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा, ‘‘सामूहिक रूप से पीएम-सेतु भारत के आईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से परिभाषित करेगा, इसे सरकारी स्वामित्व वाला लेकिन उद्योग-प्रबंधित बनाएगा और इसमें विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक से वैश्विक सह-वित्तपोषण सहायता भी मिलेगी।'' बयान के मुताबिक योजना के कार्यान्वयन के पहले चरण में बिहार के पटना और दरभंगा में आईटीआई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें कहा गया कि कार्यक्रम का विशेष बल बिहार में परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर होगा जो राज्य की समृद्ध विरासत और युवा जनसांख्यिकी को प्रतिबिंबित करेगा। मोदी ने बिहार की संशोधित ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना' की भी शुरुआत की जिसके तहत हर साल लगभग पांच लाख स्नातकों को दो साल तक 1,000-1,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा और मुफ्त कौशल प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। उन्होंने नए सिरे से तैयार की गई ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना की भी शुरुआत की जिसके तहत चार लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत 3.92 लाख से अधिक छात्र पहले ही 7,880 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त कर चुके हैं। बयान के मुताबिक मोदी ने राज्य में युवा सशक्तीकरण को और मजबूत करने के लिए बिहार युवा आयोग का औपचारिक उद्घाटन किया जो 18 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए एक वैधानिक आयोग है। इसका उद्देश्य राज्य की युवा आबादी की क्षमता का उपयोग करना है। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बिहार केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकारों की कई विकास और कल्याणकारी पहलों के केंद्र में रहा है। प्रधानमंत्री ने जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करने के लिए उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है।
- चेन्नई. तमिलनाडु सरकार ने शनिवार को घोषणा कि वह 20 अक्टूबर को होने वाली दिवाली से पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग परिवार कार्डधारकों के घर तक जरूरी वस्तुएं पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन द्वारा अगस्त में शुरु की गई 'थायुमानवर' योजना के तहत घर-घर वितरण किया जाएगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि वितरण पूरे राज्य में एक साथ किया जाएगा।विज्ञप्ति के अनुसार 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग परिवारों के राशन कार्डधारकों को मासिक राशन लेने के लिए अपने पड़ोस की उचित दर दुकानों पर जाकर कतारों में इंतजार करने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि दुकानों से वाहन जरूरी वस्तुओं को सीधे लाभार्थियों के घर तक पहुंचाएंगे। साथ ही सटीक और पारदर्शी वितरण के लिए पीडीएस कर्मचारी इलेक्ट्रॉनिक तराजू और ई-पीओएस मशीनों का इस्तेमाल करेंगे। इस पहल से तमिलनाडु भर में कुल 21.7 लाख कार्डधारक लाभान्वित होंगे।उचित दर दुकानों को यह जानकारी अपने सूचना बोर्ड पर लगाने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने बुजुर्गों और दिव्यांग जनों से इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
- नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार ने लगभग 1,000 इमारतों पर सौर पैनल स्थापित करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य 55 मेगावॉट बिजली का उत्पादन करना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले महीनों में सैकड़ों स्कूलों, 40 से अधिक फायर स्टेशनों, दिल्ली जल बोर्ड के 24 कार्यालयों और दिल्ली नगर निगम की 70 से अधिक इमारतों पर ये सौर पैनल लगाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से बिजली बिलों में सालाना 50 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में 46,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड की कमी आएगी। दिल्ली सरकार ने 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली अपनी इमारतों की छत पर सोलर पैनल लगाना अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी 3,880 चिन्हित सरकारी इमारतों में से 1,200 से अधिक पर पहले ही सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। पिछले महीने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रिठाला में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1,000 सरकारी इमारतों की छत पर सोलर पैनल लगाकर 55 मेगावॉट बिजली के उत्पादन से जुड़ी परियोजना की शुरुआत की। रिठाला में ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट' में 25 किलोवॉट के सौर संयंत्र का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, "यह काम अगले साल जनवरी तक पूरा हो जाएगा। सरकारी इमारतों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का काम आने वाले दिनों में शुरू हो जाएगा।"





















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