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नई दिल्ली/केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा है कि मोदी सरकार आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक समिति ने 2024 के दौरान अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान से प्रभावित पांच राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत 1554.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है।
वर्ष 2024 के दौरान आई बाढ़/अचानक बाढ़, भूस्खलन, चक्रवाती तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा को धनराशि मिलेगी। दरअसल केंद्र सरकार का यह कदम, प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले इन पांच राज्यों के लोगों की मदद करने के संकल्प को दर्शाता है
अमित शाह ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। आज गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ के तहत आंध्र प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा को 1554.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। यह एनडीआर फंड के तहत केंद्र की ओर से 27 राज्यों को जारी की गई 18,322.80 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त है।”
गृह मंत्रालय के अनुसार यह अतिरिक्त सहायता केंद्र द्वारा राज्यों को राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) से जारी की गई धनराशि के अतिरिक्त है, जो पहले से ही राज्यों के पास उपलब्ध है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ में 27 राज्यों को 18,322.80 करोड़ रुपये और एनडीआरएफ से 18 राज्यों को 4,808.30 करोड़ रुपये, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 14 राज्यों को 2208.55 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 8 राज्यों को 719.72 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
आपको बता दें, केंद्र सरकार ने आपदाओं के तुरंत बाद, औपचारिक ज्ञापन की प्राप्ति की प्रतीक्षा किए बिना, इन राज्यों में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (IMCTs) को भेज दिया था। -
नई दिल्ली /भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका से जुड़े इसके राज को एक बार फिर सामने लाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने खोज शुरू कर दी है। समुद्र में डूबी भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका के सभी पहलुओं और साक्ष्य जुटाने के लिए एएसआई ने खोज शुरू कर दी है। एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक (पुरातत्व) प्रो. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में पांच पुरातत्वविदों की एक टीम ने मंगलवार को द्वारका तट पर पानी के नीचे खोज शुरू की। इस टीम में निदेशक (खुदाई एवं अन्वेषण) एचके नायक, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. अपराजिता शर्मा, पूनम बिंद और राजकुमारी बारबिना ने प्रारंभिक जांच के लिए गोमती क्रीक के पास एक क्षेत्र का चयन किया है।
एएसआई के अनुसार इस अन्वेषण के माध्यम से द्वारका नगरी के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक साक्ष्य जुटाया जाएगा। पानी के अंदर की जा रही खोज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए एएसआई के मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एएसआई के नवीनीकृत अंडरवाटर पुरातत्व विंग (यूएडब्ल्यू) को हाल ही में द्वारका और बेट द्वारका में अपतटीय सर्वेक्षण और जांच करने के लिए पुनर्जीवित किया गया है। यूएडब्ल्यू 1980 के दशक से पानी के नीचे पुरातात्विक अनुसंधान में सबसे आगे रहा है। 2001 से विंग बंगाराम द्वीप (लक्षद्वीप), महाबलीपुरम (तमिलनाडु), द्वारका (गुजरात), लोकतक झील (मणिपुर) और एलीफेंटा द्वीप (महाराष्ट्र) जैसे स्थलों पर अन्वेषण कर रहा है। इससे पहले अंडरवाटर पुरातत्व विंग ने 2005 से 2007 तक द्वारका में अपतटीय और तटवर्ती खुदाई की थी।
नौसेना और पुरातत्व विभाग की संयुक्त खोज पहले 2005 फिर 2007 में एएसआई के निर्देशन में भारतीय नौसेना के गोताखोरों ने समुद्र में समाई द्वारिका नगरी के अवशेषों के नमूनों को सफलतापूर्वक निकाला। वर्ष 2005 में नौसेना के सहयोग से प्राचीन द्वारिका नगरी से जुड़े अभियान के दौरान समुद्र की गहराई में कटे-छंटे पत्थर मिले और लगभग 200 नमूने एकत्र किए गए। गुजरात में कच्छ की खाड़ी के पास स्थित द्वारका नगरी समुद्र तटीय क्षेत्र में नौसेना के गोताखोरों की मदद से पुरा विशेषज्ञों ने व्यापक सर्वेक्षण के बाद समुद्र के भीतर उत्खनन कार्य किया गया और वहां पड़े चूना पत्थरों के खंडों को भी ढूंढ निकाला।
पुरातत्वविद् प्रो. एसआर राव और उनकी टीम ने 1979-80 में समुद्र में 560 मीटर लंबी द्वारिका की दीवार की खोज की। उस दौरान उन्हें वहां पर बर्तन भी मिले, जो 1528 ईसा पूर्व से 3000 ईसा पूर्व के हैं। इसके अलावा सिन्धु घाटी सभ्यता के भी कई अवशेष उन्होंने खोजे। उस जगह पर भी उन्होंने खुदाई में कई रहस्य खोले, जहां पर कुरुक्षेत्र का युद्ध हुआ था। -
नई दिल्ली/केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने मंगलवार को जल सुरक्षा पर दूसरे राज्य जल मंत्रियों की बैठक का उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है। इस मिशन के तहत अब 25 लाख महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं फील्ड टेस्टिंग किट्स का उपयोग कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि उनके गांवों में पहुंचने वाला पानी सुरक्षित और स्वच्छ हो। इसके अलावा, नल से पानी मिलने से महिलाओं का हर दिन करीब 5.5 करोड़ घंटे बच रहा है जिससे वे आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग ले सकती हैं।
बैठक में केंद्रीय मंत्री पाटिल ने जल जीवन मिशन (JJM) की उपलब्धियों पर जोर दिया और सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन तेजी से सफल हो रहा है और अब तक 80% ग्रामीण परिवारों को नल के पानी की सुविधा मिल चुकी है। इससे 15 करोड़ से अधिक परिवारों को साफ पानी मिल रहा है।
जल जीवन मिशन का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक इस पहल से डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से होने वाली 4 लाख मौतों को रोका गया है। इसके अलावा, स्वास्थ्य पर खर्च कम होने से ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर भी सुधरा है।
सी. आर. पाटिल ने यह भी बताया कि “जल सुरक्षा, विकसित भारत @ 2047 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।” सरकार और समुदाय की भागीदारी से जल जीवन मिशन को सफल बनाकर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। -
नई दिल्ली/ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों के ज्यादा सेवन को लेकर चेतावनी जारी की है। इसको लेकर भारत के कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि अल्कोहल के अत्यधिक सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। डब्ल्यूएचओ अल्कोहल को एक विषैला, मनोवैज्ञानिक और लत पैदा करने वाला पदार्थ मानता है, जिसे इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने दशकों पहले ग्रुप 1 कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया था। इसका मतलब है कि यह पदार्थ कैंसर पैदा करने के सबसे बड़े खतरों में से एक है, जैसे एस्बेस्टस, रेडिएशन और तंबाकू।
डॉ. पुनीत गर्ग ने बताया कि अल्कोहल के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है
नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के वैस्कुलर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट और एंडोवैस्कुलर सर्जन डॉ. पुनीत गर्ग ने बताया कि अल्कोहल के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ता है और यह 20 से अधिक प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। अल्कोहल से होने वाले आम कैंसरों में मुंह, गला, भोजन नली, पेट, बृहदान्त्र, मलाशय और अग्न्याशय के कैंसर शामिल हैं। इसके अलावा, अल्कोहल महिलाओं में स्तन कैंसर और पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का भी कारण बनती है।
भारत में अल्कोहल के बढ़ते सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ा
ओडिशा के भुवनेश्वर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सहायक प्रोफेसर डॉ. ताराप्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि भारत में अल्कोहल के बढ़ते सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ा है। अल्कोहल चयापचय (मेटाबॉलिज्म) के दौरान एसिटेल्डिहाइड (एक जहरीला यौगिक जो डीएनए और प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकता है) में बदल जाती है। ये डीएनए और प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) होता है और कैंसर का विकास शुरू होता है। इसके अलावा, अल्कोहल शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों जैसे फोलेट, विटामिन ए, सी, डी और ई को अवशोषित करने की क्षमता को बाधित करती है, ये स्वस्थ कोशिकाओं को बनाए रखने और कैंसर को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
अल्कोहल एक प्रसिद्ध कार्सिनोजेन
अल्कोहल को एक प्रसिद्ध कार्सिनोजेन माना जाता है, जो वैश्विक स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया भर में कैंसर के मामलों का लगभग 4 प्रतिशत अल्कोहल के सेवन के कारण होता है। हाल ही में लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है कि भारत में 2020 में लगभग 62,100 नए कैंसर के मामले अल्कोहल के सेवन से संबंधित थे।
अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति मादक पेय पदार्थों पर कैंसर की चेतावनी देने की सिफारिश की
इसके अलावा, अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने स्तन, यकृत और बृहदान्त्र के कैंसर को रोकने के लिए मादक पेय पदार्थों पर कैंसर की चेतावनी देने की सिफारिश की है। इससे उपभोक्ताओं को इसके सेवन को लेकर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है और अल्कोहल से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ सकती है।
अल्कोहल का नियमित सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करता है
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्कोहल का नियमित सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करता है, जिससे कैंसर कोशिकाओं की पहचान और उनका नाश करने की क्षमता घट जाती है। अल्कोहल का सेवन कई प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ है, जिनमें से प्रत्येक का प्रारंभिक संकेत अलग हो सकता है। मुंह में लगातार छाले, बिना किसी कारण के रक्तस्राव, गाल में गांठ या मोटा होना, निगलने में कठिनाई या गले में खराश जो ठीक नहीं होती, ये मुंह और गले के कैंसर के संकेत हो सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को एसोफैजियल कैंसर होता है, तो उसे निगलने में कठिनाई, सीने में तकलीफ, वजन कम होना, पुरानी खांसी या स्वर बैठना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लीवर कैंसर में पेट में सूजन, पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), बिना किसी कारण के वजन कम होना, भूख न लगना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का जल्दी पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण है
स्तन कैंसर के लक्षणों में स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा में गड्ढे या निप्पल से स्राव होना शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर का जल्दी पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि समय पर इलाज से इसके परिणामों में सुधार हो सकता है। उन्नत उपचारों के साथ, जल्दी पहचान होने पर इलाज और बचने की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। लेकिन अगर कैंसर का पता देर से चलता है और इसे अनदेखा किया जाता है, तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है, जिसे मेटास्टेसिस कहा जाता है। इन मेटास्टेसिस को सर्जरी और कीमोथेरेपी से निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
अल्कोहल का सेवन कम करने से कैंसर के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है
डॉ. गर्ग ने कहा कि उन्नत चरणों में, कैंसर कोशिकाएं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करती हैं और मस्तिष्क, यकृत, हृदय, गुर्दे और फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए, विशेषज्ञों ने नियमित जांच और उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के लिए चिकित्सा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, त्रिपाठी ने कहा कि अल्कोहल का सेवन कम करने से कैंसर के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अल्कोहल का सेवन किसी भी मात्रा में सुरक्षित नहीं है, क्योंकि सीमित मात्रा में भी अल्कोहल का सेवन कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। -
नई दिल्ली /देश के नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए पहला कदम मतदान है। इसलिए भारत का हर नागरिक जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उन्हें मतदाता जरूर बनना चाहिए और मतदान जरूर करना चाहिए। भारत के संविधान, चुनावी कानूनों, नियमों और उसमें जारी निर्देशों के अनुसार चुनाव आयोग मतदाताओं के साथ था, है और रहेगा।
सीईसी ने युवा मतदाताओं से खास अपील की
आज सुबह ज्ञानेश कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण किया। इसके बाद सीईसी ने युवा मतदाताओं से खास अपील की। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी मतदान है, इसलिए जो 18 साल की आयु पार कर चुका है, उसे मतदान करना चाहिए।
बता दें कि 17 फरवरी को चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नियुक्त किया गया। कानून मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चयन समिति ने इस संबंध में दिल्ली में बैठक की थी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के उत्तराधिकारी के तौर पर ज्ञानेश कुमार को चुना गया।
हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया
वहीं, हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को ज्ञानेश कुमार की पदोन्नति के बाद चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए सुखबीर सिंह संधू अपने पद पर बने रहेंगे।
राजीव कुमार ने भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य किया
इस बीच, निवर्तमान सीईसी राजीव कुमार, जिन्होंने भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य किया। उन्होंने चुनाव आयोग को “लोकतंत्र की पूजा का स्थान” बताते हुए मंगलवार को पद छोड़ दिया। उन्होंने संस्थान के भविष्य और नई टीम के नेतृत्व पर भरोसा जताया। चुनाव आयोग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार राजीव कुमार 1 सितंबर, 2020 को चुनाव आयुक्त के रूप में ईसीआई में शामिल हुए और 15 मई, 2022 को उन्होंने सीईसी के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संरचनात्मक, तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में मौन लेकिन गहन सुधार लागू किए।
कौन हैं ज्ञानेश कुमार ?
आपको बता दें, केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार तीन सदस्यीय पैनल के दो आयुक्तों में से वरिष्ठ हैं, जिसका नेतृत्व राजीव कुमार ने किया था। पैनल के दूसरे आयुक्त उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं।
ज्ञानेश कुमार 1988 केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। गृह मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में ज्ञानेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका
गौरतलब हो, जम्मू-कश्मीर मामलों को संभालने में ज्ञानेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब 2019 में अनुच्छेद 370 को अप्रभावी घोषित किया गया था, तब वह गृह मंत्रालय में जम्मू-कश्मीर डेस्क के प्रभारी थे।
उन्होंने केरल में विभिन्न पदों पर भी काम किया है, जिनमें एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर और केरल राज्य सहकारी बैंक के एमडी के पद शामिल हैं।
उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है और आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस तथा हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पर्यावरण अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।उन्होंने 15 मार्च, 2024 को चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला और वे उत्तराखंड कैडर के सुखबीर संधू के साथ चयन पैनल द्वारा नियुक्त दो आयुक्तों में से एक थे।
नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 को समाप्त होगा। उनकी देखरेख में इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव होंगे। -
नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की और उन्हें ‘‘भारत का सबसे अच्छा मित्र'' बताया। मोदी ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनके परिवार से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने कई मसलों पर सार्थक बातचीत की। सुनक भारत के बहुत अच्छे मित्र हैं तथा भारत-ब्रिटेन संबंधों को और भी मजबूत बनाने के लिए उत्सुक हैं।'' सुनक के साथ उनकी सास, लेखिका एवं राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति और परिवार के अन्य सदस्य भी थे।
- पुणे. महाराष्ट्र के पशुपालन विभाग के अधिकारियों और पुलिस ने पुणे में एक आवासीय सोसाइटी के फ्लैट का दौरा किया, जहां 300 बिल्लियां पाले जाने की शिकायत मिली थी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। हडपसर पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि फ्लैट मालिक को बिल्लियों को उचित स्थान पर पहुंचाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हडपसर में मार्वल बाउंटी हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों ने शिकायत की थी कि एक फ्लैट मालिक ने अपने फ्लैट के अंदर 300 से अधिक बिल्लियां पाल रखी हैं, जिससे सफाई संबंधी समस्याएं पैदा हो रही हैं। बिल्लियों के कारण लगातार दुर्गंध और अत्यधिक शोर की खबरें थीं।'' अधिकारी ने कहा, ‘‘इन शिकायतों के आधार पर, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में पशुपालन विभाग की एक टीम ने पुलिस के साथ सोसाइटी का दौरा किया। हमें 3.5 बीएचके फ्लैट के अंदर 300 बिल्लियां मिलीं। वहां बहुत ज्यादा बदबू थी।'
- उत्तरकाशी. इस महीने के आखिर में उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जादूंग-जनकताल और नीलापानी-मुलिंगना दर्रे ट्रैक की शुरुआत भी करेंगे। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट ने यह जानकारी देते हुए कहा, ‘‘हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री के इन दो ट्रैकों की शुरुआत करने से नेलांग और जादूंग घाटी में साहसिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।'' वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद नेलांग और जादूंग घाटी सहित आसपास का इलाका छावनी में तब्दील हो गया था और यहां स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। बिष्ट ने बताया कि अब भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर इसे लद्दाख की तर्ज पर विकसित करने की योजना शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नेलांग और जादूंग गांव को बसाने के लिए वाइब्रेंट योजना के तहत 'होम स्टे' निर्माण भी शुरू हो गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री के 27 फरवरी के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने सोमवार को मुखबा और हर्षिल में तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को प्रधानमंत्री के दौरे के लिए गंगोत्री मंदिर के साथ ही पूरे मुखबा गांव को फूलों से सजाने तथा इसके लिए मंदिर समिति और ग्राम पंचायत के साथ तालमेल बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। मुखबा पहुंचने के बाद गंगोत्री मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद कुर्वे ने गांव में व्यू प्वाइंट निर्माण, रंग रोगन, पैदल मार्ग निर्माण आदि का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को समय पर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री को स्थानीय हस्तशिल्प से बना उपहार दिए जाने के निर्देश भी दिए। राज्य सरकार ने पिछले साल से गढ़वाल हिमालय के चारधामों के नाम से प्रसिद्ध बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा की शुरुआत की है और उनमें श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो गया है। राज्य सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री के आगामी दौरे से चारधामों की शीतकालीन यात्रा को और बढ़ावा मिलेगा। हर साल अक्टूबर-नवंबर में सर्दियों के लिए चारधामों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं जिसके बाद भगवान की पालकियों को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल लाया जाता है और वहीं उनकी पूजा की जाती है। मां गंगोत्री की शीतकालीन पूजा मुखबा, मां यमुनोत्री की खरसाली, केदारनाथ की उठीमठ और बदरीनाथ की ज्योतिर्मठ में की जाती है।
- महाकुंभ नगर . महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर-सात में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के मंडप में सोमवार को सफाई कर्मचारियों को नमस्ते योजना के तहत पीपीई किट और आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री बी एल वर्मा ने कार्यक्रम में कहा, ‘‘ नमस्ते योजना के तहत अभी तक सीवर सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले 65,060 कर्मचारियों का प्रोफाइल तैयार किया जा चुका है और 32,734 कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान की गयी है और 15,153 कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया जा चुका है।'' इस कार्यक्रम में नमामि गंगे के तहत काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नमस्ते योजना के तहत उत्तर प्रदेश में सीवर सेप्टिक टैंक के 11,420 सफाई कर्मियों की प्रोफाइल तैयार की गई है जिसमें से 3,339 कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सीवर सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करना है और मंत्रालय द्वारा उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे जान को जोखिम में डाले बगैर सीवर की सफाई कर सकें।
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महाकुंभ नगर . महाकुंभ-2025 ने अपने उत्कृष्ट प्रबंधन से देश और दुनिया के लिए एक मिसाल पेश की है। इसका अध्ययन करने के लिए देश और दुनिया से लोग आ रहे हैं। इसी क्रम में नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 के सफल आयोजन की तैयारी के लिए नासिक से वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल सोमवार को प्रयागराज पहुंचा है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, 20 सदस्यीय यह दल महाकुंभ 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा किए गए प्रबंधन को देखेगा और उससे सीख लेकर 2027 में नासिक में होने जा रहे कुंभ की तैयारी करेगा। इस दल का नेतृत्व कर रहे नासिक के मंडलायुक्त प्रवीण गेडम ने कहा, “महाकुंभ 2025 का प्रबंधन अद्वितीय और अनुकरणीय है। यहां से मिली सीख को हम नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ 2027 में लागू करेंगे।” उन्होंने कहा, “यह अध्ययन दौरा हमारे लिए बेहद उपयोगी है। कुंभ जैसे विशाल आयोजन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और सेवा भावना का महत्व सबसे बड़ा है। 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा और शांति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। यहां के अनुभवों से हम नासिक कुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।” नासिक के मंडलायुक्त प्रवीण गेडम के साथ नासिक के जिलाधिकारी जलज शर्मा और स्पेशल आईजी (नासिक रेंज) दत्तात्रय कराले शामिल हैं। यह दल मंगलवार और बुधवार को महाकुंभ में विभिन्न स्थलों का दौरा करेगा। दल के सदस्य भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया, यातायात और परिवहन प्रबंधन, घाट और नदी जल प्रबंधन, स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था, टेंट सिटी और आवास प्रबंधन, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन, पेयजल और शौचालय सुविधाएं, अखाड़ों और महंतों के साथ समन्वय समेत प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करेंगे।
- नयी दिल्ली, 16 फरवरी . दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ की जांच रविवार को शुरू कर दी और वह वहां की सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि भगदड़ मचने से ठीक पहले की घटनाएं किस क्रम में हुई थीं। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारा मुख्य लक्ष्य भगदड़ के मुख्य कारण की जांच करना है। हम सीसीटीवी फुटेज और उस दौरान रेलवे द्वारा की गई उद्घोषणाओं का सारा डेटा एकत्र करेंगे।'' शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर प्रयागराज (महाकुंभ जाने) के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि घटना के समय, पटना होते हुए इस्लामपुर जाने वाली मगध एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 14 पर खड़ी थी और नई दिल्ली-जम्मू उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 15 पर थी। उन्होंने भगदड़ का कारण बताते हुए कहा, ‘‘कुछ लोग सीढ़ियों का उपयोग कर फुटओवर ब्रिज से प्लेटफॉर्म संख्या 14 और 15 की ओर उतर रहे थे, वे फिसल गए और दूसरे यात्रियों पर गिर गए।'' सूत्रों ने बताया कि ट्रेनों के विलंब से परिचालित होने तथा हर घंटे 1,500 जनरल टिकट की बिक्री के कारण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई होगी।
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महाकुंभ . महाकुंभ में रविवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और धर्मेंद्र प्रधान, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं उत्तर प्रदेश के मंत्री राकेश सचान, योगेंद्र उपाध्याय और दयाशंकर सिंह ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। संगम में पत्नी के साथ स्नान करने के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मीडिया से कहा, ‘‘गंगा में स्नान और दर्शन पूजन बहुत अच्छे से हुआ। हमारे शहर नागपुर से हजारों की संख्या में लोग अपनी गाड़ियां लेकर यहां आ रहे हैं। हमें लगता है कि गंगा मां का आशीर्वाद सबको मिलेगा।'' वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संगम में स्नान के बाद कहा, ‘‘संगम में स्नान कर आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा और एकता का सबसे बड़ा संगम है।'' इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रदेश के मंत्री राकेश सचान, योगेंद्र उपाध्याय और दयाशंकर सिंह ने भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, ‘‘हम संगम में डुबकी लगाने के बाद एक अलग प्रकार का अनुभव कर रहे हैं। देश-विदेश से यहां आकर डुबकी लगा रहे लोगों को मेरी ओर से बधाई।'' मंत्री राकेश सचान ने कहा कि महाकुंभ का यह आयोजन भारतीय संस्कृति की अखंडता और शक्ति का प्रतीक है। वहीं, मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह आयोजन उनके लिए केवल स्नान का अवसर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के मूल तत्वों को आत्मसात करने का माध्यम भी है। मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि महाकुंभ न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
- नयी दिल्ली. आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा के अमेरिका से संभावित प्रत्यर्पण से 2008 में मुंबई आतंकवादी हमलों से कुछ दिन पहले उत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उसकी यात्राओं के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक 64 वर्षीय राणा 2023 में 14 साल की सजा पूरी करने के बाद लॉस एंजिल्स के एक महानगरीय हिरासत केंद्र में हिरासत में है। वह पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी और मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि उनके प्रशासन ने राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। प्रत्यर्पित होने के बाद, राणा इस मामले में भारत में मुकदमे का सामना करने वाला वाला तीसरा आतंकी होगा। इससे पहले अजमल कसाब और जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जंदल को इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। नवंबर 2012 में, एकमात्र जीवित बचे पाकिस्तानी आतंकवादी कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी पर लटका दिया गया था। अमेरिकी संघीय एजेंसी ‘एफबीआई' ने 27 अक्टूबर 2009 को राणा को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ 2011 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आतंकवाद की रोकथाम संबंधी ‘सार्क कन्वेंशन' की धारा 6(2) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था। भारत में हेडली के ठिकानों की पड़ताल करते हुए, केंद्रीय सुरक्षा अधिकारियों को पता चला कि राणा ने 13 नवंबर से 21 नवंबर 2008 के बीच अपनी पत्नी समराज राणा अख्तर के साथ हापुड़, दिल्ली, आगरा, कोच्चि, अहमदाबाद और मुंबई की यात्रा की थी। राणा ने अपने पते के प्रमाण के तौर पर ‘इमिग्रेंट लॉ सेंटर' से व्यावसायिक प्रायोजक पत्र और कुक काउंटी से संपत्ति कर भुगतान नोटिस प्रस्तुत किया था। अधिकारियों ने कहा कि राणा को भारत लाये जाने पर उसकी इन यात्राओं का उद्देश्य स्थापित हो जाएगा। वर्ष 2009 में गिरफ्तार होने के बाद, राणा को 2011 में दोषी ठहराया गया और 14 साल की सजा सुनाई गई।राणा को डेनमार्क में आतंकवादी साजिश के लिए सहायता प्रदान करने की साजिश के एक मामले और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को सहायता प्रदान करने के एक मामले में अमेरिका में दोषी ठहराया गया था। मुकदमे के साक्ष्य में रिकॉर्ड की गई बातचीत के टेप भी शामिल थे, जिनमें सितंबर 2009 की बातचीत भी शामिल थी। इससे पता चला कि हेडली और राणा ने उन खबरों के बारे में बात की थी कि एक सह-प्रतिवादी और कथित पाकिस्तानी आतंकवादी नेता इलियास कश्मीरी की हत्या कर दी गई। अन्य बातचीत में राणा ने हेडली से कहा कि मुंबई आतंकी हमले में शामिल हमलावरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च मरणोपरांत सैन्य सम्मान मिलना चाहिए। वर्ष 2009 की गर्मियों के अंत में, राणा और हेडली इस बात पर सहमत हुए कि राणा को प्रदान की गई धनराशि का इस्तेमाल डेनमार्क में हेडली के काम को सुविधाजनक बनाने के लिए किया जा सकता है। साक्ष्य से पता चला कि राणा ने डेनमार्क में आव्रजन कार्यालय स्थापित करने के लिए वहां के एक समाचार पत्र को ईमेल भेजते समय हेडली होने का नाटक किया था। एनआईए ने राणा को ‘‘सह-साजिशकर्ता'' के रूप में आरोपपत्र में नामजद किया था, जिसने भारत में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की आपराधिक साजिश के लिए हेडली और अन्य सह साजिशकर्ताओं को वित्तीय और अन्य सहायता प्रदान की थी। राणा की फर्स्ट वर्ड इंटरनेशनल फर्म का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा समूह द्वारा राणा को सौंपे गए आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए किया गया था। इसी कंपनी के जरिए हेडली ने मुंबई में ‘इमिग्रेंट लॉ सेंटर' का एक शाखा कार्यालय स्थापित करने के उद्देश्य से भारत में मल्टीपल एंट्री बिजनेस वीज़ा के लिए आवेदन किया था। राणा ने जुलाई 2007 में 10 साल के लिए उसके वीजा विस्तार में भी मदद की थी। दस पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक समूह ने 26 नवंबर 2008 को अरब सागर में समुद्री मार्ग से भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में घुसपैठ करने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो लक्जरी होटल और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था। मारे गए 166 लोगों में अमेरिकी, ब्रिटिश और इजराइली नागरिक भी शामिल थे। करीब 60 घंटे तक इस हमले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी और भारत और पाकिस्तान को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन ने उनकी मुलाकात की तस्वीरें ‘एक्स' पर साझा कीं।राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘एक्स' हैंडल से किये गए एक पोस्ट के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।''
- लुधियाना. पंजाब में लुधियाना के एक गांव के समीप आम आदमी पार्टी (आप) के एक नेता की पत्नी की लुटेरों ने हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि यहां से करीब 40 किलोमीटर दूर रूरका गांव के समीप शनिवार रात यह वारदात हुई।पुलिस ने बताया कि आप नेता अनोख मित्तल और उनकी पत्नी लिप्सी मित्तल लुधियाना-मलेरकोटला रोड स्थित एक होटल से खाना खाकर घर लौट रहे थे। उसने बताया कि डकैतों ने उनकी कार रूकवाई और धारदार हथियारों से मित्तल दंपति पर हमला किया।पुलिस के अनुसार लिप्सी मित्तल की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि अनोख मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गये और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लिप्सी मित्तल के रिश्तेदारों ने रविवार शाम अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। अनोख मित्तल एक स्थानीय व्यापारी हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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नयी दिल्ली/ केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय देशभर के राज्य जल मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन का आयोजन राजस्थान के उदयपुर में करेगा। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘भारत-2047 - जल सुरक्षित राष्ट्र' है और इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित और जल सुरक्षित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप देश के जल सुरक्षा एजेंडे को आगे बढ़ाना है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जनवरी 2023 में भोपाल में आयोजित पहले सम्मेलन में रखी गई नींव पर आधारित यह कार्यक्रम ‘वाटर विजन-2047' को लागू करने के लिए ठोस उपायों पर ध्यान केंद्रित करेगा। भोपाल सम्मेलन में पांच प्रमुख क्षेत्रों (जल सुरक्षा, जल उपयोग दक्षता, शासन, जलवायु लचीलापन और जल गुणवत्ता) की पहचान की गई थी जिसके परिणामस्वरूप 22 कार्रवाई योग्य सिफारिशें सामने आईं, जिन्होंने तब से राज्य-स्तरीय जल प्रबंधन रणनीतियों का मार्गदर्शन किया है।
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महाकुंभ नगर।महाकुंभ में अमृत स्नान पर्व और अन्य स्नान पर्व माघी पूर्णिमा बीत जाने के बाद भी आस्था का जनसैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा और रविवार को शाम आठ बजे तक 1.49 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक रविवार को शाम आठ बजे तक 1.49 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में स्नान किया, जबकि 13 जनवरी से अभी तक 52.96 करोड़ लोगों ने महाकुंभ में स्नान किया है।
इस बीच, रविवार को महाकुंभ का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ महाकुंभ मेला में यातायात और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की और प्रयागराज आ रहे सभी श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा ना करें, बल्कि निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें। योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से भंडारे और प्रसाद वितरण की पवित्र व्यवस्था को अनवरत जारी रखने की भी अपील की। प्रयागराज में महाकुंभ मेले में सभी दिशाओं से आ रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने 17 से 20 फरवरी तक ग्रामीण एवं नगर क्षेत्र में स्थित कक्षा एक से आठ तक के समस्त परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त और अन्य समस्त बोर्ड से मान्यता प्राप्त अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यमों के विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया है।
वहीं, उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए रविवार को 238 ट्रेनें चलाई गईं और 10.96 लाख से अधिक यात्रियों ने प्रयागराज के विभिन्न स्टेशनों से यात्रा की। उन्होंने बताया कि रेलवे ने शनिवार को 339 ट्रेनें चलाई थीं जिससे 14.76 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। उल्लेखनीय है कि शनिवार को 1.36 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में स्नान किया, जबकि इससे पूर्व शुक्रवार को करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान कर महाकुंभ में स्नान करने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या को 50 करोड़ के पार पहुंचाया था। -
नयी दिल्ली/ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि देश में जारी विकास पहलों ने आदिवासी समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। ‘आदि महोत्सव, 2025' के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारे देश का वास्तविक विकास तभी होगा जब हमारे आदिवासी समुदाय आगे बढ़ेंगे।'' राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विकास पहलों ने अरुणाचल प्रदेश से लेकर गुजरात और जम्मू-कश्मीर से लेकर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तक के आदिवासी समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा, ‘‘इन प्रयासों ने न केवल आदिवासी परिवारों को अवसर प्रदान किए हैं, बल्कि उनकी संस्कृति और योगदान के बारे में जागरूकता भी बढ़ाई है।'' राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा इन प्रयासों का मूल है, जिससे आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए सशक्त बनाया जा सकेगा। मुर्मू ने यह भी कहा कि शिक्षा के अवसरों को और बढ़ाने के लिए लगभग 250 नए एकलव्य स्कूल निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि लाखों आदिवासी छात्र छात्रावास सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और उन्हें विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘शिक्षा किसी भी समाज के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह बहुत संतोष की बात है कि 470 से अधिक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) देश भर में 1.25 लाख आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने के लिए आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 30 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। ‘आदि महोत्सव', एक वार्षिक उत्सव है, जो आदिवासी विरासत, शिल्प और उद्यमशीलता का जश्न मनाता है और आदिवासी परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। -
प्रयागराज/वाराणसी/अयोध्या/कानपुर / महाकुंभ में देश के हर कोने से आ रही लोगों की भारी भीड़ और शनिवार को नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना को देखते हुए प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, कानपुर और मिर्जापुर समेत धार्मिक आस्था से जुड़े नगरों के स्टेशनों पर पूर्व में जारी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया, हम पूर्व में जारी प्रोटोकॉल का ही सख्ती से लागू करना सुनिश्चित कर रहे हैं। हमने मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी जैसे स्नान पर्वों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया है और आगे भी यही प्रोटोकॉल जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोटोकॉल के तहत प्रयागराज जंक्शन पर शहर की तरफ से प्रवेश और सिविल लाइंस की तरफ से निकासी कराई जा रही है और ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आने तक यात्रियों को ‘होल्डिंग एरिया' में रोककर रखा जाता है। प्रयागराज जंक्शन पर तैनात आरपीएफ के निरीक्षक शिव कुमार ने बताया कि प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ नियंत्रण में है।
रेलवे पुलिस के अपर महानिदेशक (एडीजी) प्रकाश डी. ने कहा, हमने यात्रियों को रखने के लिए होल्डिंग एरिया चिह्नित किया है, क्योंकि ट्रेनों की क्षमता सीमित है। प्लेटफॉर्म की भी क्षमता सीमित है। स्टेशन पर आने वाले अतिरिक्त यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रखा जाता है।" प्रकाश ने कहा, "प्रयागराज में हमने 90 होल्डिंग एरिया की पहचान की है, क्योंकि हमारे पास आठ रेलवे स्टेशन हैं। प्रयागराज में रोजाना 500 ट्रेनें चलती हैं और हमारा यात्रियों से अनुरोध है कि वे पुलिस और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।" उन्होंने कहा कि प्रयागराज में तीर्थयात्रियों के आवागमन के प्रवाह का आकलन करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। - नयी दिल्ली, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी 17-18 फरवरी को भारत के राजकीय दौरे पर आएंगे और इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि अमीर की यात्रा ‘हमारी बढ़ती बहुआयामी साझेदारी को और गति प्रदान करेगी'।विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि उनके (अमीर के) साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा। बयान के मुताबिक, “प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल-थानी 17-18 फरवरी 2025 को भारत के राजकीय दौरे पर आएंगे।” यह कतर के अमीर का भारत का दूसरा राजकीय दौरा होगा। बयान के मुताबिक, इससे पहले अमीर मार्च 2015 में भारत आए थे।
- महाकुंभ नगर . महाकुंभ में शुक्रवार को 50 करोड़ से अधिक लोगों के गंगा और संगम में स्नान करने का रिकॉर्ड बनने के दूसरे दिन शनिवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर एक करोड़ से अधिक लोगों ने यहां स्नान किया। वहीं दूसरी ओर, त्रिजटा स्नान के साथ, माघ माह के कल्पवास में प्रथम साधक दंडी स्वामी संतों का भी महाकुंभ नगर से शनिवार को प्रस्थान हो गया। इससे पूर्व माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ कल्पवासी और बसंत पंचमी के अमृत स्नान के बाद 13 अखाड़ों के साधु संत महाकुंभ मेले से प्रस्थान कर चुके हैं। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को शाम आठ बजे तक कुल 1.36 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया तथा 13 जनवरी के बाद से अभी तक कुल 52.83 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। संगम की पावन रेती पर एक महीने से प्रवास कर रहे सनातन धर्म के संरक्षक माने जाने वाले दंडी स्वामी संतों ने शनिवार को महाकुंभ में अपना अंतिम स्नान किया और उसके बाद अपने-अपने मठों की तरफ प्रस्थान कर गए। अखिल भारतीय दंडी परिषद के प्रमुख जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि माघ के महीने का कल्पवास तो माघी पूर्णिमा स्नान के साथ पूर्ण हो जाता है, लेकिन कल्पवास करते समय जाने अनजाने में कभी कोई पाप हो जाए तो ये पाप संगम में त्रिजटा स्नान के बाद ही कटता है। शनिवार को आम लोगों के संगम स्नान के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पत्नी सोनल शाह, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता अपर्णा बिष्ट यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सांसद और बीसीसीआई के सचिव राजीव शुक्ला ने भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई।
- नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने सभी जोन और मंडलों को पर्याप्त अधिकारियों के साथ ‘वॉर रूम' बनाने को कहा है, ताकि ‘‘रेल-मदद'' के माध्यम से प्राप्त यात्रियों की शिकायतों की सक्रियता से निगरानी और समाधान किया जा सके। शिकायत निवारण तंत्र, ‘‘रेल-मदद'' एक एकीकृत शिकायत-समाधान पहल है, जिसके तहत यात्री 139 नंबर पर कॉल करके या रेलवे के संबद्ध एप्लिकेशन (ऐप) या पोर्टल का उपयोग कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या सुझाव दे सकते हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने हाल ही में मंडलों के निरीक्षण दौरे पर पाया कि उनमें से कई में उपयुक्त ‘‘वॉर रूम'' उपलब्ध नहीं है। मंडल नियंत्रण कार्यालय में शिकायत निवारण तंत्र की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए रेलवे बोर्ड ने विभिन्न जोन और मंडलों को भेजे अपने पत्र में कहा, ‘‘सभी मंडलों और जोन में रेल-मदद के जरिये मिलने वाली शिकायतों की सक्रिय निगरानी के लिए एक वॉर रूम होना चाहिए।'' कुछ मंडलों ने बोर्ड के निर्देशों को लागू करना शुरू कर दिया है, जिसमें संबंधित विभागों को वॉर रूम में अधिकारियों को तैनात करने के लिए कहा गया है। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि कुमार ने कुछ मंडलों का निरीक्षण किया, जिसका उद्देश्य ‘‘वॉर रूम'' की वर्तमान स्थिति का पता लगाना और आवश्यक पहल के साथ उन्हें मजबूत करने के तरीके सुझाना था।
- नयी दिल्ली/ मुंबई के एनसीपीए में अक्टूबर 2016 में संगीतमय नाटक ‘मुगल-ए-आजम' के मंचन से तीन दिन पहले नाटक के निर्देशक फिरोज अब्बास खान ‘नर्वस ब्रेकडाउन' (अत्यधिक तनावपूर्ण स्थिति) के करीब पहुंच गए थे। खान ने तब इस नाटक के मंचन को अपने जीवन की सबसे बड़ी मुसीबत के रूप में देखा और खुद को ऐसा कुछ करने के लिए कोसा, जो ‘असंभव' था। लगभग नौ साल बाद, दिलीप कुमार और मधुबाला अभिनीत फिल्म पर आधारित इस नाटक का 300 से अधिक बार मंचन हो गया है। भारतीय रंगमंच के इतिहास में सबसे शानदार इस संगीतमय नाटक का मंचन आठ देशों में हो चुका है और अब संभवतः आखिरी बार दिल्ली में हो रहा है। खान ने कहा, “जब भी मैं कोई शो करता हूं, तो मुझे घबराहट होती है। यह चीज मुझे परेशान करती रहती है। मैं लगभग ‘नर्वस ब्रेकडाउन' की स्थिति में पहुंच गया था, क्योंकि कुछ भी काम नहीं कर रहा था, सब कुछ गलत हो रहा था। मैं बैठा और मैंने कहा ‘मैंने ऐसा क्यों किया, मुझे ऐसा करने की जरूरत नहीं थी। मैंने ऐसा कुछ क्यों किया, जो असंभव है'।” शो में मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन किए गए 550 से अधिक बेहतरीन परिधान, नील पटेल व डेविड लैंडर जैसे कलाकारों द्वारा बनाए गए भव्य सेट, मुकेश छाबड़ा द्वारा 150 से अधिक कलाकारों की कास्टिंग, मयूरी उपाध्याय द्वारा शानदार कथक कोरियोग्राफी और पीयूष कनौजिया का संगीत शामिल है। पीछे मुड़कर देखते हुए खान कहते हैं कि उन्हें नहीं लगता था कि यह 50 से ज़्यादा शो चला पाएगा। और अब देखिए यह कहां पहुंच गया है। शापूरजी पल्लोनजी समूह के दीपेश सालगिया द्वारा निर्मित इस नाटक में निसार खान ने अकबर और शहाब अली ने सलीम की भूमिका निभाई है। ‘मुगल-ए-आजम' फिल्म में क्रमशः इन किरदारों को पृथ्वीराज कपूर और दिलीप कुमार ने निभाया था। इस संगीतमय नाटक में मूल फिल्म के 12 गीत शामिल हैं, जिनमें कव्वाली ‘तेरी महफिल में किस्मत', ‘मोहे पनघट पे' और विद्रोही प्रेम गीत ‘प्यार किया तो डरना क्या' शामिल हैं।
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रांची. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ‘मशीन लर्निंग' के क्षेत्र में दूरगामी प्रगति के साथ भविष्य में बड़े बदलाव होंगे। मुर्मू ने कहा कि केंद्र उच्च शिक्षा में एआई को एकीकृत करने के लिए कदम उठा रहा है और यह गर्व की बात है कि रांची स्थित ‘बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान' (बीआईटी), मेसरा 2023 में संबंधित पाठ्यक्रम शुरू कर इस क्षेत्र में अग्रणी है। मुर्मू ने बीआईटी मेसरा के ‘प्लेटिनम' जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमारा युग प्रौद्योगिकी का युग है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नयी प्रगति ने हमारे जीने के तरीके को बदल दिया है। कल तक जो अकल्पनीय था, वह आज वास्तविकता बन गया है। आने वाले वर्षों में और भी बड़े बदलाव होने वाले हैं और विशेष रूप से एआई और ‘मशीन लर्निंग' में दूरगामी प्रगति की उम्मीद है।'' उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि एआई तेजी से अर्थव्यवस्थाओं को बदल रहा है इसलिए भारत सरकार ने उभरते परिदृश्य के अनुसार तेजी से कदम उठाए हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में एआई को एकीकृत करने के लिए कई पहल की जा रही हैं।'' हालांकि, उन्होंने नवोन्मेषकों और उद्यमियों को पारंपरिक समुदायों के ज्ञान आधार को नजरअंदाज न करने के लिए आगाह करते हुए कहा, ‘‘समस्याओं के समाधान के लिए अकसर बड़े तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पैदा किए जा रहे अवसरों को हाशिए पर पड़े समुदायों को भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए और बड़े परिवर्तन का लाभ सभी को मिलना चाहिए।'' मुर्मू ने संकाय और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें बीआईटी मेसरा की समृद्ध विरासत पर गर्व है जिसने अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार के 70 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान अंतरिक्ष इंजीनियरिंग और ‘रॉकेट विज्ञान' में अग्रणी है और इसने कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं का उत्साह और प्रतिबद्धता ‘विकसित भारत' बनाने की कुंजी होगी।''
मुर्मू ने कहा कि उन्हें ‘‘हमारी बेटियों'' पर गर्व है जो विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और गणित में पीछे नहीं हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि प्लेटिनम जयंती इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और संबद्ध क्षेत्रों में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में बीआईटी मेसरा के योगदान का जश्न मनाने और सम्मान करने का एक उपयुक्त अवसर है। उन्होंने कई क्षेत्रों में अग्रणी होने के लिए संस्थान की सराहना की। देश में अंतरिक्ष इंजीनियरिंग और रॉकेट विज्ञान का पहला विभाग 1964 में यहां स्थापित किया गया था। इसके अलावा इंजीनियरिंग उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पहला विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता पार्क (एसटीईपी) भी 1975 में यहां स्थापित किया गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बीआईटी मेसरा भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सतत विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा। राष्ट्रपति ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष और उद्यमिता को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुर्मू दो दिवसीय दौरे के तहत शुक्रवार को झारखंड पहुंची थीं और उन्होंने राजभवन में रात्रि विश्राम किया। उनके दौरे के मद्देनजर झारखंड की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। -
नयी दिल्ली, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए मसौदा तैयार किया है। उन्होंने साथ ही पिछली सरकारों पर बुनियादी ढांचे के विकास पर उचित ध्यान नहीं देने का आरोप भी लगाया।
मांडविया ने टाइम्स समूह के 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट' (जीबीएस) के 9वें संस्करण में कहा कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के कई अवसर आए और चले गए, लेकिन देश सही समय पर तैयार नहीं था। श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे मंत्री ने बुनियादी ढांचे के लिए स्पष्ट मसौदे की कमी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मसौदा तैयार किया है। उन्होंने कहा, ''भारत की आर्थिक वृद्धि की जडें हमारी विरासत में होनी चाहिए और इसमें नवाचार को भी शामिल करना चाहिए। सिंधु घाटी के व्यापारियों से लेकर आचार्य चाणक्य तक, हमारे पूर्वजों ने आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की नींव रखी और वे सबक आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।'' मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने 'स्टार्टअप इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों के जरिए इस भावना को फिर से जगाया है। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले भारत में सिर्फ चार यूनिकॉर्न थे, आज हमारे पास 118 यूनिकॉर्न हैं। इससे साबित होता है कि प्रतिभा और नवाचार को बढ़ावा देने से हमारी अर्थव्यवस्था बदल सकती है। उन्होंने परंपरा को आधुनिक प्रगति के साथ जोड़ने के महत्व पर भी जोर दिया।


























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