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हैदराबाद. तेलंगाना के राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को कहा कि राज्य में लू की चपेट में आने के कारण 16 लोगों की मौत हो गई है। रेड्डी ने लू के कारण उत्पन्न स्थिति पर अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि राज्य के सात जिलों में 16 लोगों की मौत हुई है। मंत्री ने जिलाधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जयशंकर भूपलपल्ली जिले में चार लोगों की मौत हुई जबकि वारंगल, करीमनगर और निजामाबाद में तीन-तीन और जोगुलम्बा गडवाल, रंगा रेड्डी और सूर्यापेट जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।
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नयी दिल्ली. हाल में आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को इस सदन की याचिका समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस समिति के लिए नामित किया। राज्यसभा की एक अधिसूचना में कहा गया, ''राघव चड्ढा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अधिसूचना में कहा गया कि राज्यसभा के सभापति ने समिति का पुनर्गठन किया है जो 20 मई से प्रभाव में है।
समिति में चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी. अन्य सदस्य हैं। राज्यसभा सचिवालय ने एक अन्य अधिसूचना में कहा, ''राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 संबंधी संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया है।'' लोकसभा की एक भिन्न अधिसूचना में, अध्यक्ष ने अरविंद गणपत सावंत को कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त समिति में नामित किया है और यह निर्णय 21 मई से प्रभावी है। - नयी दिल्ली।. केंद्र सरकार ने 33,660 करोड़ रुपये की 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (भव्य) के तहत 50 औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए राज्यों से आवेदन मांगे हैं और इसके लिए चार महीने की समयसीमा तय की है। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 मार्च को देशभर में 100 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना को मंजूरी दी थी। ये ऐसे औद्योगिक पार्क होंगे जहां सारी जरूरी सुविधाएं पहले से तैयार हों और कंपनी अपना काम फौरन शुरू कर सके। 'भव्य' योजना का उद्देश्य विश्व स्तरीय औद्योगिक अवसंरचना विकसित करना, विनिर्माण क्षमता को बढ़ाना और देश की आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करना है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि पहले दो महीनों में 20 औद्योगिक पार्क के लिए और उसके बाद के दो महीनों में 30 अन्य पार्क के लिए राज्यों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। पहले चरण में इन 50 पार्क को मंजूरी दी जाएगी और शेष 50 पार्क को अगले चरण में स्वीकृति प्रदान करने की योजना है। यह योजना राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ साझेदारी में लागू की जाएगी।गोयल ने कहा कि इस योजना के तहत 100 से 1000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्कों का विकास किया जाएगा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पहाड़ी राज्यों के लिए 25 एकड़ भूमि पर भी औद्योगिक पार्क के विकास को मंजूरी दी जा सकती है।गोयल ने कहा कि चयन 'प्रतिस्पर्धा आधारित प्रक्रिया' के तहत किया जाएगा और जमीन, पानी एवं बिजली जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले राज्यों में निवेशकों को आकर्षित करने की अधिक संभावना होगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा जैसे राज्य इस योजना को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता हूं। हम आज से अगले चार महीनों तक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं। हम 50 औद्योगिक पार्क के लिए आवेदन मांग रहे हैं ताकि हम इस योजना को पूरे देश में शीघ्रता से लागू कर सकें।'' गोयल ने उम्मीद जताई कि तीन साल के भीतर 50 औद्योगिक पार्क चालू हो जाएंगे। यह योजना विनिर्माण इकाइयों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप तथा तैयार औद्योगिक बुनियादी ढांचा तलाश रहे वैश्विक निवेशकों के लिए लाभकारी होगी।
- नयी दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं, विशेष रूप से रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों, पर विचार-विमर्श किया। रूबियो ने कोलकाता की संक्षिप्त यात्रा के बाद विमान से नयी दिल्ली उतरने के कुछ समय बाद प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि रूबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में अमेरिका की यात्रा का न्यौता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलकर मुझे प्रसन्नता हुई। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।" उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक हित के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा और दोनों देशों के लागों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में निरंतर प्रगति के बारे में जानकारी दी।'' प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अमेरिका का दृष्टिकोण साझा किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मोदी ने शांति प्रयासों के लिए भारत के निरंतर समर्थन की पुष्टि की और संघर्षों का संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान दोहराया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश मंत्री रूबियो से राष्ट्रपति ट्रंप को उनकी शुभकामनाएं देने का अनुरोध किया और कहा कि वे भविष्य में भी आपसी संवाद और आदान-प्रदान जारी रहने की आशा रखते हैं।" राजदूत गोर ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से निमंत्रण दिया। रविवार को रूबियो जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।अमेरिकी विदेश मंत्री सोमवार को आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे और फिर मंगलवार सुबह क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए दिल्ली लौटेंगे। इस चार-दिवसीय यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सुधारना है, जिनमें पिछले साल के मध्य से ही तनाव है। रूबियो ने आज सुबह कोलकाता पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ''भारत पहुंच गया हूं। एक शानदार यात्रा की उम्मीद है।'' राजधानी दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता स्थित ''सेंट टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी'' के मुख्यालय 'मदर हाउस' का दौरा किया।
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नयी दिल्ली. लिपुलेख और नाथू ला दर्रों के रास्ते होने वाली आगामी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए बृहस्पतिवार को एक हजार तीर्थयात्रियों का चयन किया गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इन तीर्थयात्रियों का चयन कंप्यूटरीकृत ड्रा के माध्यम से किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि मानसरोवर यात्रा लिपुलेख और नाथू ला दर्रों के रास्ते होगी।इस महीने के आरंभ में नेपाल ने भारत और चीन द्वारा काठमांडू से परामर्श किए बिना लिपुलेख दर्रे से वार्षिक तीर्थयात्रा की तैयारियां करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। नेपाल का दावा है कि यह क्षेत्र उसका है। भारत ने इस क्षेत्र पर नेपाल के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था।चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा हिंदुओं के साथ-साथ जैन और बौद्ध धर्मावंलिबयों के लिए भी धार्मिक महत्व रखती है। भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष लगभग पांच साल बाद यह यात्रा फिर शुरू की गयी थी। कोविड-19 महामारी के कारण इसे पहले 2020 में स्थगित कर दिया गया था और बाद में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण भी इसे स्थगित किया गया। वर्ष 2026 की कैलाश मानसरोवर यात्रा जून में शुरू होगी और अगस्त में समाप्त होगी।विदेश मंत्रालय ने बताया कि निष्पक्ष, कंप्यूटर-जनित, यादृच्छिक और लैंगिकता-संतुलित चयन प्रक्रिया के माध्यम से कुल 1,000 तीर्थयात्रियों का चयन किया गया है। चयनित तीर्थयात्री 50-50 यात्रियों के 20 समूहों में लिपुलेख और नाथू ला दर्रों से होकर यात्रा करेंगे।मंत्रालय ने कहा, ''दोनों ही मार्ग अब वाहन के चलने लायक हैं। उन पर थोड़ी ट्रैकिंग भी करनी होगी।'' -
कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 500 कंपनियों की तैनाती चुनाव बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 जून तक बढाने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्रीय बलों की तैनाती चुनाव के बाद अक्टूबर के अंत तक बढ़ाने का अनुरोध किया था। मंत्रालय ने कहा, ''पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर विचार किया गया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सीएपीएफ की 500 कंपनियां 20 जून तक राज्य में तैनात रहेंगी। इनमें सीआरपीएफ की 200, बीएसएफ की 150 और सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की 50-50 कंपनियां शामिल हैं। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद के लिए इन बलों को रखा गया है। अधिकारी ने कहा, ''तैनाती का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। राज्य पुलिस और सीएपीएफ के बीच समन्वय जारी है।'' केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में तैनात केंद्रीय बलों के लिए आवश्यक साजोसामान, आवास और अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों के प्रचार अभियान के दौरान अपनी एक रैली में कहा था कि चुनाव के बाद हिंसा पर काबू के लिए सीएपीएफ की 500 कंपनियां 60 दिनों तक राज्य में रहेंगी। -
नयी दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या में कमी आई है।" भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा हर साल तीन चरणों -- प्रारंभिक, मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण -- में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को होने वाली है। आयोग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है। कुमार ने कहा, "तीन नये केंद्र जोड़ने का मकसद भीड़भाड़ को कम करना और अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा देना है।" उन्होंने बताया कि आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिलना भी सुनिश्चित किया है। -
नयी दिल्ली. गंगा नदी के समुद्र में गिरने से पहले उसके मुख्य प्रवाह मार्ग के अंतिम राज्य पश्चिम बंगाल में पिछली राज्यों से अपशिष्ट और औद्योगिक भार बढ़ने के बाद भी उसके प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नमामि गंगे परियोजना में यह दावा किया गया है। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल में नदी का अंतिम भाग हिमालय से घनी आबादी वाले गंगा बेसिन से होकर बहने वाली हर चीज को अपने साथ लाता है। नमामि गंगा ने कहा, ''गंगा का आखिरी हिस्सा सब कुछ अपने साथ लाता है। पश्चिम बंगाल पहुंचते-पहुंचते, यह हिमालय से लेकर ऊपर के सभी राज्यों, सभी शहरों, सभी नालों का संयुक्त भार वहन कर रही होती है।'' उसने कहा, ''और यही वह हिस्सा है जिसमें सबसे अधिक सुधार हुआ है।
मिशन ने पिछले सात वर्षों में जल गुणवत्ता में आए बदलाव को रेखांकित करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषित नदी क्षेत्रों (पीआरएस) के आकलन का हवाला दिया। नमामि गंगे के अनुसार, पश्चिम बंगाल में त्रिवेणी से डायमंड हार्बर तक फैले नदी क्षेत्र को 2018 में 'प्राथमिकता तृतीय' प्रदूषित क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया था। सीपीसीबी के 2025 के आकलन में, यह क्षेत्र बहरामपुर से डायमंड हार्बर तक स्थानांतरित हो गया है और अब इसे 'प्राथमिकता पंचम' श्रेणी में रखा गया। मिशन ने कहा कि हालांकि नवीनतम आकलन में प्रदूषित क्षेत्र भौगोलिक रूप से लंबा दिखाई देता है, लेकिन वास्तविक प्रदूषण भार में काफी कमी आई है। उसमें कहा गया है, ''जब तक आप इसे ध्यान से नहीं पढ़ते, तब तक यह बात विरोधाभासी लगती है: मानचित्र पर एक लंबी रेखा नजर आती है, लेकिन पानी में प्रदूषण काफ़ी कम है।'' इस मिशन ने परिवर्तन का श्रेय पश्चिम बंगाल में नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत अब तक स्वीकृत 5,028 करोड़ रुपये की 34 मलजल-अवसंरचना परियोजनाओं को दिया, जिनकी कुल क्षमता 816 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) है। नमामि गंगे ने कहा कि बुनियादी ढांचे का निर्माण हुगली क्षेत्र के आसपास केंद्रित है, जहां नदी में कोलकाता महानगर क्षेत्र और आसपास के शहरों से भारी मात्रा में अशोधित जल आता है। -
नैनीताल. उत्तराखंड में नैनीताल जिले के भवाली क्षेत्र में बृहस्पतिवार को एक कार के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। हालांकि, कार में सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। नैनीताल के पुलिस अधीक्षक (अपराध) डॉ. जगदीश चंद्रा ने बताया कि हादसे के समय लखनऊ का रहने वाला यह परिवार सैनेटोरियम-रातीघाट बाइपास मार्ग से कैंची धाम जा रहा था। ढैला गांव से पहले उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टी.सी. ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण राहत कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान भूपेंद्र सिंह चुफाल (48), सीमा कैड़ा चुफाल (45), वासू चुफाल (19), रवि चुफाल (12) और वाहन चालक अनुज कुमार मिश्रा (34) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वह कैंचीधाम के लिए प्रस्तावित बाइपास है और वहां निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि मार्ग पर कई स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम अपर्याप्त हैं और तीव्र मोड़ों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना भी प्रकट की है।
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नयी दिल्ली. चुनाव विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि 2014 में शुरू हुआ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक दबदबे का मौजूदा दौर ''कम से कम 20 साल'' तक जारी रह सकता है। 'द एक्सिस माई इंडिया' सर्वेक्षण संस्था के प्रमुख गुप्ता ने तर्क दिया कि सत्तारूढ़ दल की स्थिति तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक उसके शासन का प्रदर्शन बहुत कमजोर नहीं हो जाता। कांग्रेस के लंबे समय तक रहे राजनीतिक प्रभुत्व के साथ तुलना करते हुए, गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति एक पार्टी के प्रभाव के एक और दौर की साक्षी बन रही है। गुप्ता ने कहा, ''राजनीति में एक सीमा होती है। पहले, कांग्रेस ने 1977 तक लगातार शासन किया। उसके बाद, उसे मुश्किलें आने लगीं। उन दिनों, हम लगभग 20 साल तक चलने वाली राजनीतिक पीढ़ी की बात करते थे। वह 20 साल का दौर अब भी बना रहेगा।'' उन्होंने कहा कि भाजपा भी इसी तरह लंबे समय तक भारतीय राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनी रह सकती है।
उनके विचार में, सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों का भविष्य काफी हद तक मौजूदा सरकार के कामकाज पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, ''इतना बड़ा जनादेश मिलने के बाद, भाजपा से उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए भाजपा और राजग को अब शानदार कामकाज करना होगा।'' गुप्ता ने कहा, ''जब तक उनका प्रदर्शन कमजोर या खराब नहीं होता, वे जीतते रहेंगे और विपक्ष हारता रहेगा।'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर पहले कुशासन रहने की धारणाओं से जुड़े 'विरासत में मिले मुद्दों' का बोझ बना हुआ है जिससे उसके राजनीतिक नुकसान की भरपाई एक लंबी प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने कहा, ''अगर आप 2029 की भी बात करें, तो इसका मतलब होगा लगभग 15 साल (कांग्रेस के लिए सत्ता से बाहर रहने के)। मुझे लगता है कि उन्हें पूरे देश को मनाने में कम से कम पांच साल और लग सकते हैं।'' गुप्ता ने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभुत्व ने जनता की आकांक्षाएं भी बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा, ''जब आप बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं, तो बाद में नीचे आने की भी प्रवृत्ति बनी रहती है। भाजपा भी उस स्तर पर पहुंच गई है जहां उससे आकांक्षाएं बढ़ गई हैं।'' - नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने बुधवार को यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी। एनटीए ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। उसने बताया कि परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। एनटीए के मुताबिक, आवेदन पत्र में विवरण में बदलाव करने के लिए सुधार विंडो अब 22 से 24 मई के पूर्व निर्धारित समय के बजाय 25 मई से 27 मई तक रात 11:50 बजे तक खुली रहेगी। एजेंसी ने कहा, "यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों से कई अभ्यावेदन मिले थे।" उसने कहा कि यह फैसला 29 अप्रैल को जारी उस सार्वजनिक नोटिस के सिलसिले में लिया गया है, जिसमें भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेज में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) प्रदान करने, सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति और पीएचडी में दाखिले के लिए यूजीसी-नेट जून 2026 के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
- मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बकाया कर्ज की वसूली के दौरान सख्त और अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत बैंक चूककर्ता उधारकर्ताओं के मोबाइल फोन की सेवाओं को बंद या सीमित नहीं कर सकेंगे। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को जारी संशोधित मसौदा दिशानिर्देशों में कहा कि कोई भी बैंक कर्ज वसूली के लिए ऐसी प्रौद्योगिकी व्यवस्था का इस्तेमाल नहीं कर सकता, जिससे उधारकर्ता के मोबाइल फोन या टैबलेट की कार्यक्षमता बाधित हो। हालांकि, आरबीआई ने इस नियम के अपवाद के तौर पर कहा है कि यदि मोबाइल फोन को खुद बैंक द्वारा आवंटित कर्ज से ही खरीदा गया है, तो बैंक उसकी कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकता है। इसके लिए भी शर्त यह है कि मोबाइल फोन का वह ऋण 90 दिन से अधिक समय तक बकाया हो और उधारकर्ता ने नोटिस के बावजूद भुगतान न किया हो। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक किसी प्रौद्योगिकी की मदद से इंटरनेट, इनकमिंग कॉल, आपातकालीन एसओएस और सरकारी सुरक्षा संदेश जैसी जरूरी सेवाओं को बाधित नहीं कर सकेंगे। यदि उधारकर्ता बकाया चुका देता है, तो एक घंटे के भीतर सभी सेवाएं बहाल करनी होंगी। ऐसा न करने पर बैंक को 250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा देना होगा। रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्ज वसूली के लिए नियुक्त एजेंटों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर उधारकर्ता की जानकारी साझा करना, या बार-बार कॉल करना और संदेश भेजना 'कठोर वसूली तरीकों' में शामिल होगा। इन सभी तरीकों पर रोक रहेगी। दिशानिर्देशों के मसौदे के अनुसार, बैंकों को वसूली कॉल का रिकॉर्ड रखना होगा, जिसमें कॉल की संख्या, समय और बातचीत का विवरण शामिल होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इन प्रस्तावित नियमों को एक अक्टूबर, 2026 से लागू करने की योजना है। हितधारक 31 मई तक अपने सुझाव दे सकते हैं।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में आने वाले आगंतुक अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लैस महात्मा गांधी के '3डी अवतार' के साथ संवाद कर सकते हैं। संग्रहालय ने बुधवार को एआई-संचालित प्रदर्शनी की शुरूआत की, जो अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से बापू की भावना को जीवंत करती है। 'पीटीआई' ने 26 अप्रैल को सबसे पहले यह खबर जारी की थी कि संग्रहालय ने मई के अंत में एआई-संचालित प्रदर्शनी शुरू करने की योजना बनाई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बेहतर संवाद और आगंतुकों की संतुष्टि के लिए संग्रहालय ने प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाया है। उन्होंने कहा, ''संग्रहालय ने आज अपना तीसरा एआई-संचालित संवादात्मक 'होलोबॉक्स' पेश किया है। इससे संग्रहालय के आगंतुक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ वास्तविक जीवन जैसk संवाद कर सकेंगे।'' पूर्व में, संग्रहालय में सरदार वल्लभभाई पटेल (सितंबर 2025) और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के एआई-संचालित 'होलोबॉक्स इंस्टॉलेशन' को पेश किया गया था। अधिकारी ने बताया कि संग्रहालय जल्द ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी इसी तरह का इंस्टॉलेशन पेश करने की योजना बना रहा है। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, इसे जून के अंत तक पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) के निदेशक अश्विनी लोहानी ने महात्मा गांधी को दर्शाने वाले एआई-संचालित संवादात्मक 'होलोबॉक्स' की शुरूआत की पूर्व संध्या पर कहा था कि इस तरह की पहल, भारत की राजनीतिक और लोकतांत्रिक विरासत को समग्र रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री संग्रहालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- कोलकाता. रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड ने बुधवार को गश्ती पोत 'संघमित्रा' का जलावतरण किया। यह भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे अगली पीढ़ी के चार गश्ती पोत में पहला है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता स्थित जीआरएसई लिमिटेड परिसर में पारंपरिक अनुष्ठानों और श्लोकों के उच्चारण के बीच वाइस एडमिरल संजय वात्सयान की पत्नी सरिता वात्सयान ने इस पोत का जलावतरण किया। कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल संजय वात्सयान ने कहा कि भारतीय नौसेना केवल युद्ध की तैयारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब वह सहयोग, उपस्थिति और परिचालन तत्परता के माध्यम से एक स्थिर समुद्री वातावरण बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध बल के रूप में विकसित हुई है। उन्होंने कहा, ''इस व्यापक संदर्भ में, अगली पीढ़ी के गश्ती पोत संबंधी परियोजना का विशेष महत्व है।''वाइस एडमिरल वात्सयान ने पिछले वित्तीय वर्ष में भारतीय नौसेना को आठ पोत सौंपने के लिए जीआरएसई की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि अगली पीढ़ी के ये गश्ती पोत पारंपरिक गश्ती जहाजों की तुलना में काफी बड़े हैं और इनकी मारक क्षमता भी अधिक है। उन्होंने कहा कि इस पोत की लंबाई लगभग 113 मीटर और चौड़ाई 14.6 मीटर है, जबकि इसका विस्थापन 3,000 टन है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पोत लंबी दूरी तक परिचालन करने में सक्षम है और 14 नॉट की गति पर लगभग 8,500 नौटिकल मील तक की दूरी तय कर सकता है। उन्होंने बताया कि इसकी अधिकतम गति 23 नॉट तक है, जिससे यह तटीय और अपतटीय दोनों क्षेत्रों में तेजी से तैनाती और कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
- नयी दिल्ली. वित्तीय सेवा सचिव (डीएफएस) एम. नागराजू ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत न्यूनतम 1,000 रुपये की श्रेणी में सर्वाधिक अंशधारक होने पर चिंता जताई है। उन्होंने वित्तीय संस्थानों से लोगों को उनकी आय के मुताबिक उच्च पेंशन श्रेणी को चुनने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया है। प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना एपीवाई से नौ करोड़ लोग जुड़ चुके हैं और वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए अंशधारक जोड़े गए। उन्होंने यहां पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (एफआरडीए) द्वारा आयोजित अटल पेंशन योजना वार्षिक सम्मान कार्यक्रम में कहा, '' इस उल्लेखनीय प्रगति के बीच, मुझे आपका ध्यान इस गंभीर चिंता की ओर आकर्षित करना होगा कि 1,000 रुपये मासिक पेंशन योजना में नामांकन की संख्या बेहद अधिक है।'' नागराजू ने कहा, '' जब हम अपने नामांकन आंकड़ों का जश्न मनाते हैं, तो हमें खुद से पूछना चाहिए: क्या 20 या 30 साल बाद 1,000 रुपये प्रति माह हमारे अंशधारकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेगा? एक श्रेणी में इतने लोगों का होना दर्शाता है कि नामांकन के समय हमारी परामर्श प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता है। हमारे बैंकिंग भागीदारों को ग्राहकों को सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करना चाहिए ताकि वे एक ऐसा उपयुक्त विकल्प चुन सकें जो वास्तव में उनकी भविष्य की जरूरतों एवं वर्तमान सामर्थ्य को दर्शाता हो।'' इसे सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए कुछ ऐसे क्षेत्रों का उल्लेख किया जो एपीवाई ग्राहकों को जोड़ने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग साझेदारों को नियमित योगदान सुनिश्चित करने पर ध्यान देते हुए निरंतरता एवं स्थायित्व को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि एक पंजीकृत खाता जीवनभर की सुरक्षा का आधार बन सके। नागराजू ने कहा कि अन्य शहरी क्षेत्रों में बड़ी अप्रयुक्त संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा, '' मैं विशेष रूप से निजी क्षेत्र के बैंकों से आग्रह करता हूं कि वे अपने शहरी नेटवर्क को पूरी तरह सक्रिय करें ताकि असंगठित कार्यबल, रेहड़ी पटरी वाले, डिलिवरी साझेदार और घरेलू सहायकों तक पहुंच बनाई जा सके जो हमारे शहरों की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं लेकिन उनके पास सुरक्षा नहीं है।'' नागराजू ने कहा कि बैंकों को पेंशन के लाभ के बारे में लोगों को बताने के नए तरीके विकसित करते रहना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर नागरिक चाहे उसकी साक्षरता का स्तर कुछ भी हो, वह यह समझ सके कि यह केवल बचत योजना नहीं बल्कि उनके भविष्य की गारंटी की सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक ने इसमें दो करोड़ ग्राहकों का ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल किया है।वित्तीय सेवा सचिव ने साथ ही कहा, '' मैं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और निजी बैंकों की भी सराहना करना चाहता हूं।'' इस अवसर पर पीएफआरडीए के चेयरमैन एस. रमण ने कहा कि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) इस योजना की पुनः समीक्षा कर रहा है कि क्या इसमें अधिक पेंशन प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों ने प्रतिक्रिया दी है कि एपीवाई के तहत 5,000 रुपये प्रति माह की ऊपरी गारंटी 15 या 20 वर्ष बाद पर्याप्त नहीं हो सकती। रमण ने कहा कि पीएफआरडीए इस मुद्दे पर डीएफएस के साथ बातचीत करेगा और इस पर विस्तृत रिपोर्ट देगा। साथ ही इस योजना में सरकारी हिस्सा है, इसलिए कई पहलुओं पर विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगा।कार्यक्रम के दौरान सचिव ने एपीवाई की सफलता के प्रति उत्कृष्ट प्रतिबद्धता दिखाने वाले कई बैंकों को सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वाले बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं। अटल पेंशन योजना मई 2015 में शुरू की गई थी जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आय सुरक्षा प्रदान करना है। यह 60 वर्ष की आयु से 1,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह तक की न्यूनतम गारंटी पेंशन प्रदान करती है जो अंशदान पर आधारित है। एपीवाई को देशभर में व्यापक रूप से लागू किया गया है। 18 मई, 2026 तक कुल नामांकन 9.10 करोड़ से अधिक था।
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तिरुवनंतपुरम. केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने सिल्वरलाइन सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को रद्द करने का फैसला किया है। यह पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना थी।
सतीशन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचनाएं वापस ले ली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने उनकी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार सिल्वरलाइन परियोजना का विरोध करने वालों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की सिफारिश भी करेगी। हालांकि यह अदालत के निर्णय के अधीन होगा। सतीशन ने संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत में कहा, ''मंत्रिमंडल ने तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक प्रस्तावित सेमी-हाई स्पीड रेल गलियारा परियोजना 'सिल्वरलाइन' को रद्द करने का फैसला किया है।'' वाम मोर्चा सरकार की 530 किलोमीटर लंबी सिल्वरलाइन परियोजना को 'के-रेल' द्वारा तैयार किया गया था, जो केरल सरकार और रेल मंत्रालय का एक संयुक्त उपक्रम है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के दो छोरों पर स्थित जिलों के बीच यात्रा समय को घटाकर केवल चार घंटे करना था। इस परियोजना के खिलाफ पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे जिनका नेतृत्व कांग्रेस ने किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि परियोजना को अधर में छोड़ दिया गया था और भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचित जमीनों से संबंधित कोई लेनदेन नहीं हो पा रहा था जिससे आम लोग प्रभावित हो रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा परियोजना छोड़ दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने भी इसे मंजूरी नहीं दी। सतीशन ने कहा कि इसी कारण परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी विज्ञापनों को निरस्त किया जाएगा। परियोजना के विरोध को लेकर विभिन्न अदालतों और पुलिस थानों में लंबित मामलों की जांच गृह विभाग करेगा और उन्हें वापस लेने की सिफारिश करेगा। उन्होंने कहा, ''उन्हें वापस लेने के लिए अदालत की अनुमति जरूरी होगी।''
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग को निर्देश दिया गया है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत विभिन्न स्थानों पर लगाए गए पीले कंक्रीट मार्कर हटाए जाएं। सतीशन ने कहा कि यूडीएफ किसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के खिलाफ नहीं है बशर्ते उससे केरल पर वित्तीय या पर्यावरणीय बोझ न पड़े। उन्होंने कहा, ''हमने सिल्वरलाइन का विरोध इसलिए किया था क्योंकि इसके पास उचित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तक नहीं थी। यदि इसे लागू किया जाता तो यह पर्यावरणीय आपदा साबित होती क्योंकि 300 किलोमीटर तक 30 फुट ऊंचे तटबंध और अन्य 200 किलोमीटर तक 10 फुट ऊंची दीवारें बनाने की योजना थी।'' उन्होंने तर्क दिया, ''मानसून के दौरान यह पर्यावरणीय आपदा में बदल जाता। यह टिकाऊ परियोजना नहीं थी।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञों से चर्चा के बाद यूडीएफ इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि यह परियोजना व्यवहारिक नहीं है। सतीशन ने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल ने लोक सेवा आयोग की रैंक सूचियों की वैधता 30 नवंबर तक बढ़ाने का भी फैसला किया है, क्योंकि चुनाव अवधि के दौरान बमुश्किल ही कोई नियुक्ति हुई। उन्होंने कहा कि उन सभी पीएससी रैंक सूचियों की वैधता बढ़ाकर 30 नवंबर तक कर दी जाएगी जिनकी अवधि 31 अगस्त तक समाप्त हो रही है और इस संबंध में केरल लोक सेवा आयोग को निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सामान्यतः रैंक सूची की वैधता नहीं बढ़ाई जाती लेकिन इस बार चुनाव और उससे जुड़े कार्यों के कारण कोई नियुक्तियां नहीं हो सकीं इसलिए इसकी अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सतीशन ने कहा, ''नियुक्तियां नहीं होने से कई युवाओं को निराशा हुई और उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।'' उन्होंने यूडीएफ के घोषणापत्र का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें किए गए वादों को उनके क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार विभिन्न विभागों के बीच बांटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ''हमने इसे 'विजन 2031' नाम दिया है। जनता से घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को लागू करने के लिए तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 2031 में इस सरकार का कार्यकाल समाप्त होने से पहले उन्हें पूरा किया जा सके।'' उन्होंने यह भी कहा कि एक जून से 100 दिनों के भीतर सरकार सबसे पहले घोषणापत्र में किए उन वादों को पूरा करने की कोशिश करेगी जिन्हें कम हस्तक्षेप के साथ जल्दी लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में पद्म पुरस्कारों के लिए केंद्र सरकार को नाम सुझाने हेतु एक उप-समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया। सतीशन ने कहा कि इसके अलावा मंत्रिमंडल ने अधिवक्ता मोहम्मद शाह को केरल उच्च न्यायालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त करने का भी फैसला किया। -
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने टेट्रा पैक और पाउच जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर बुधवार को केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने 'कम्युनिटी एगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग' नामक संगठन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता विपिन नायर ने कहा कि आबकारी व्यवस्था के तहत बोतल की परिभाषा ''अस्पष्ट'' है और इस संबंध में कुछ मानक तय किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ''वे फलों के जूस और शराब को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। पैक पर सेब की तस्वीर होती है, लेकिन उसके अंदर वोडका होती है।'' उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होने वाली एक नीति बनाए और टेट्रा पैक तथा पाउच जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाए। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार राज्यों को उनके संबंधित आबकारी कानूनों, नियमों और नीतियों में संशोधन करने के लिए नीति तैयार करे, ताकि ''बोतल'' की एक समान परिभाषा अपनाई जा सके, जिसे केवल कांच की बोतलों या अन्य पारदर्शी कंटेनरों तक सीमित रखा जाए।
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नयी दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मानव रहित हवाई यान (यूएवी) से दागी जाने वाली सटीक निर्देशित मिसाइल (यूएलपीजीएम)-वी3 के 'हवा से जमीन' और 'हवा से हवा' मोड में विकास संबंधी अंतिम परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि ये परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुरनूल के निकट डीआरडीओ के परीक्षण क्षेत्र में एकीकृत ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम (जीसीएस) का उपयोग करके किए गए, जिसके माध्यम से यूएलपीजीएम हथियार प्रणाली का नियंत्रण किया गया। मंत्रालय के अनुसार, जीसीएस में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे तैयारी और प्रक्षेपण संबंधी प्रक्रियाओं का स्वचालन संभव हुआ। मंत्रालय ने कहा, "डीआरडीओ ने यूएलपीजीएम-वी3 के अंतिम विकास परीक्षण 'हवा से जमीन' और 'हवा से हवा' मोड में सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।" रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूएलपीजीएम-वी3 के 'हवा से सतह' मोड में टैंक रोधी भूमिका तथा 'हवा से हवा' मोड में ड्रोन, हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई लक्ष्यों के लिए सफल विकास परीक्षणों पर डीआरडीओ, सार्वजनिक उपक्रमों, रक्षा उत्पादन साझेदारों और उद्योग जगत से जुड़े पक्षों को बधाई दी। उन्होंने इसे रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में हासिल एक रणनीतिक उपलब्धि करार दिया।
अधिकारियों के अनुसार, डीआरडीओ ने मिसाइलों के विकास और उत्पादन के लिए दो उत्पादन एजेंसियों — भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, हैदराबाद और अडाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, हैदराबाद — के साथ साझेदारी की है। वर्तमान परीक्षणों के लिए इस प्रणाली को बेंगलुरु स्थित न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित यूएवी के साथ एकीकृत किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, परीक्षणों ने यह पुष्टि की है कि देश में पूरी तरह परिपक्व घरेलू आपूर्ति शृंखला उपलब्ध है, जो तत्काल बड़े पैमाने पर उत्पादन करने में सक्षम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ अध्यक्ष समीर वी कामत ने सफल परीक्षणों से जुड़े सभी दलों को बधाई दी। -
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने जन स्वास्थ्य संबंधी व्यापक परामर्श जारी किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत आयुष वर्टिकल द्वारा जारी इस सलाह में गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है।
परामर्श में आम जनता, संवेदनशील समूहों, नियोक्ताओं, श्रमिकों और बड़े सार्वजनिक एवं खेल आयोजनों में भाग लेने वाले लोगों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय सीधे सूर्य की रोशनी से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और मौसमी फलों व इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है। आयुष मंत्रालय ने कहा है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग लू के दौरान अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोगों के लिए अतिरिक्त देखभाल और निगरानी की आवश्यकता बताई गई है। परामर्श में कार्यस्थलों, सार्वजनिक आयोजनों और बाहरी गतिविधियों के लिए भी विशेष सावधानियां सुझाई गई हैं। इनमें छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था, नियमित जलपान अवकाश, श्रमिकों के लिए अनुकूलन उपाय और गर्मी से होने वाले तनाव के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।आयुष मंत्रालय ने नागरिकों को चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्यधिक तापमान, निर्जलीकरण, दौरे पड़ना और बेहोशी जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। परामर्श में हीटस्ट्रोक को चिकित्सा आपातस्थिति बताते हुए कहा गया है कि गंभीर स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर 108 और 102 आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। DGHS के आयुष वर्टिकल द्वारा जारी परिशिष्ट में आयुर्वेद, सिद्ध, योग, यूनानी और होम्योपैथी जैसी विभिन्न आयुष पद्धतियों के पारंपरिक स्वास्थ्य और निवारक उपायों को भी शामिल किया गया है। आयुर्वेद विभाग ने मठ्ठा, नारियल पानी और नींबू आधारित पेयों के सेवन की सलाह दी है। साथ ही निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका जैसे पारंपरिक पेयों का सेवन करने को कहा गया है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। सिद्ध और योग अनुभागों में शीतलता प्रदान करने वाले पेयों के साथ शीतली प्राणायाम और हल्के योग अभ्यास अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे और गर्मी के तनाव को कम किया जा सके। वहीं यूनानी पद्धति में धूप से झुलसने और डीहाइड्रेशन से बचाव के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह दी गई है। होम्योपैथी अनुभाग में भीषण गर्मी के दौरान एहतियाती उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है।परामर्श में लोगों को खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसे हाइड्रेटिंग एवं शीतलता देने वाले खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही नागरिकों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अपडेट पर नियमित नजर रखने और लू संबंधी चेतावनियों के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। -
मौसम विभाग का अनुमान
तिरूवनंतपुरम. मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई को केरल पहुंचने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह भी कहा कि मानसून के आगमन की तारीख में चार दिन का अंतर देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने कहा कि अगले पांच दिनों में केरल और माहे के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, ऐसा दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो सकता है, जिससे केरल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण लक्षद्वीप से सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में निम्न वायु दाब का क्षेत्र बन गया है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मानसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और कन्याकुमारी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, यह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, अंडमान सागर के अधिकांश भाग, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ चुका है। आईएमडी ने केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना को लेकर दो जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और 10 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया, जबकि त्रिशूर और पलक्कड़ को छोड़कर 10 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मंगलवार के लिए, आईएमडी ने नौ जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
'ऑरेंज अलर्ट' 11 सेंटीमीटर से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश को, जबकि 'येलो अलर्ट' 6 सेमी से 11 सेमी के बीच की भारी बारिश को दर्शाता है। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने एक जून से महिलाओं को 3,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करने वाली 'अन्नपूर्णा' योजना को सोमवार को मंजूरी देने के साथ ही अगले महीने से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की भी अनुमति दे दी। राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राज्य सचिवालय नबान्न में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली और मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के मद्देनजर मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए न्यायाधिकरणों का रुख करने वाली महिलाओं को भी 'अन्नपूर्णा' योजना का लाभ मिलेगा। राज्य कैबिनेट की दूसरी बैठक के बाद मंत्री पॉल ने कहा, ''मंत्रिमंडल ने महिलाओं को एक जून से 3,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करने वाली 'अन्नपूर्णा' योजना को मंजूरी दे दी है। साथ ही, मंत्रिमंडल ने अगले महीने से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।'' भाजपा ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान यह वादा किया था कि उसकी सरकार सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुनिश्चित करेगी तथा उन्हें प्रति माह 3,000 रुपये की सहायता प्रदान करेगी, जबकि राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की 'लक्ष्मीर भंडार' योजना के तहत 1,500 रुपये दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों, शिक्षा बोर्ड और राज्य द्वारा संचालित शिक्षा संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सातवें राज्य वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्या महंगाई भत्ते (डीए) का मुद्दा उठा, पॉल ने कहा, "आज डीए पर कोई चर्चा नहीं हुई। ऐसी चर्चा बाद में की जाएंगी।" पॉल ने कहा, "बंगाल मंत्रिमंडल ने धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता जून से बंद करने का निर्णय लिया है। सरकार ने मौजूदा राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची भी कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के तहत रद्द कर दी है और आरक्षण पात्रता निर्धारित करने के लिए एक जांच समिति का गठन करने का निर्णय किया।" उन्होंने कहा कि सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर चलाई जा रही योजनाएं इस महीने के अंत तक जारी रहेंगी और जून से इन्हें बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था में सुधार और नागरिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के कार्य को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहरों और कस्बों में कचरा हटाने का काम तुरंत फिर से शुरू करने तथा पूरे राज्य में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट की शीघ्र मरम्मत का निर्देश दिया है। पॉल ने कहा कि सरकार ने कैबिनेट बैठक हर 15 दिन में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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तिरुवनंतपुरम. केरल के नामित मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सदस्यों के नामों की घोषणा रविवार को की। सतीशन और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य सोमवार को शपथ ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेताओं के साथ चर्चा के बाद मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है और इस दौरान गठबंधन के भीतर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा गया है। सतीशन ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। केरल की सत्ता पर 10 साल बाद काबिज होने जा रहे कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने वरिष्ठ विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष नामित करने का फैसला किया गया, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। सतीशन ने कहा कि कांग्रेस को 63 सीटें मिलने के बावजूद कई योग्य नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। उन्होंने इसे राज्य में पार्टी की सबसे बड़ी जीत में से एक बताया। नामित मुख्यमंत्री ने कहा, ''सूची में शामिल और सूची से बाहर भी कई योग्य नेता हैं। लेकिन कांग्रेस जैसी पार्टी को ऐसे निर्णय लेते समय सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और कई अन्य कारकों पर विचार करना होता है।'' उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच विभागों के आवंटन पर चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है, केवल कुछ मामूली मामले लंबित है। अंतिम सूची औपचारिक रूप से राज्यपाल को प्रस्तुत की जाएगी और अनुमोदन के बाद आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से अधिसूचित की जाएगी।
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गांधीनगर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में डिजाइनरों को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने के लिए एक अलग विभाग बनाने की वकालत की और इसकी तुलना आईपीएल द्वारा क्रिकेट में लाए गए बदलाव से की। एनआईडी के गांधीनगर परिसर में 'इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर' का उद्घाटन करने के बाद छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारत अपनी डिजाइन क्षमता का पूर्ण उपयोग तभी कर पाएगा जब डिजाइन को एक व्यवहार्य करियर विकल्प के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विभाग का ध्यान व्यावसायीकरण पर होना चाहिए क्योंकि एनआईडी जैसे संस्थानों में डिजाइन विशेषज्ञ तो पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन रचनात्मकता को बाजार की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए तंत्र की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ''आपने 'इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर स्थापित करने में उत्कृष्ट कार्य किया है। लेकिन जो लोग इस क्षेत्र को करियर के रूप में चुनते हैं, उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं और वित्तीय अवसरों से जोड़ा जाना चाहिए।" शाह ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि यह तभी संभव है जब आप इसके लिए एक अलग विभाग बनाएं, क्योंकि यहां के लोग डिजाइनर हैं, व्यावसायीकरण के विशेषज्ञ नहीं। एनआईडी को इन दोनों को एक साथ लाना होगा।" उन्होंने देश के प्रमुख डिजाइन स्कूल एनआईडी से आग्रह किया कि वह डिज़ाइन कौशल रखने वाले लोगों को सफल करियर से जोड़ने की दिशा में काम करे ताकि अधिक से अधिक युवा आत्मविश्वास के साथ इस क्षेत्र को पेशेवर रूप से अपना सकें। शाह ने कहा कि वित्तीय अवसरों और सामाजिक स्वीकृति की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली व्यक्ति कला के क्षेत्र में पेशेवर रूप से आगे नहीं बढ़ पाते हैं। क्रिकेट से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने सीमित आय के कारण इस खेल को करियर के रूप में नहीं देखा, लेकिन व्यावसायिक अवसरों में वृद्धि के बाद सोच बदल गई। क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए शाह ने कहा कि एक समय था जब टेस्ट मैचों के लिए खिलाड़ियों को बहुत कम पारिश्रमिक मिलता था, जिससे परिवार अपने बच्चों को पेशेवर रूप से क्रिकेट खेलने की अनुमति देने से हिचकते थे। उन्होंने कहा, ''आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के बाद, माता-पिता अब बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए कहते हैं क्योंकि वे इससे अपना भविष्य बना सकते हैं। उसी तरह, डिज़ाइन की व्यावसायिक क्षमता का भी पूरी तरह से पता लगाया जाना चाहिए।'' इससे पहले दिन में अहमदाबाद में एक अन्य कार्यक्रम में शाह ने कहा कि विनिर्माण, इंजीनियरिंग और हरित ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करने के बाद गुजरात को अब सेवा क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुंचना होगा।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रवासी भारतीयों से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास और परिवर्तन के नए दौर से गुजर रहा है और दुनिया की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के स्वागत से अभिभूत होकर कहा कि नीदरलैंड में बसे भारतीय मूल के लोग दोनों देशों के बीच मित्रता के जीवंत सेतु के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने डच समाज में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने विशेष रूप से सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका भारत से ऐतिहासिक और भावनात्मक जुड़ाव बेहद गहरा है। उन्होंने समुदाय द्वारा अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को पीढ़ियों तक सहेजकर रखने के प्रयासों की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय पेशेवर और डच विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्र भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट और हॉकी जैसे खेलों के जरिए दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और अधिक प्रगाढ़ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार इसके प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।पीएम मोदी ने कहा कि नीदरलैंड यूरोप में भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्यों में शामिल है और भारत के प्रमुख निवेश साझेदारों में से एक है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रणाली जैसे क्षेत्रों में तेज गति से परिवर्तन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आत्मविश्वास के साथ अपना भविष्य गढ़ रहा है और वैश्विक समृद्धि में भी योगदान दे रहा है।पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भरोसा दिलाया कि विदेश में रहने वाले प्रत्येक भारतीय के कल्याण के लिए भारत सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय अपने अनुभव और विशेषज्ञता के जरिए ‘विकसित भारत’ अभियान को नई दिशा दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि नीदरलैंड मुख्यभूमि यूरोप में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। यहां लगभग दो लाख सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लिए ओसीआई पात्रता को चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक किए जाने का भी उल्लेख किया।
- नई दिल्ली। दिल्ली में सीएनजी फिर से महंगी हो गई है। रविवार को इसकी कीमतों में 1 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। सिर्फ दो दिनों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यात्रियों पर ईंधन लागत का बोझ और बढ़ गया है। दिल्ली में सीएनजी की कीमत एक रुपए बढ़ने के बाद 80.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। यह पहली बार है जब राजधानी में सीएनजी के दाम 80 रुपए प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गए हैं। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत अब 88.70 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था।उस समय दिल्ली में सीएनजी की दर बढ़कर 79.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई थी। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। ईंधन की कीमतों में यह उछाल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की लगातार नाकेबंदी के बीच आया है। वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है और आपूर्ति में रुकावटों के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हो रही आलोचना पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखने में सफल रहा है। किरण रिजिजू ने बताया कि कई देशों में ईंधन की कीमतों में 20% से लेकर लगभग 100% तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः केवल 3.2% और 3.4% की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को महंगाई के बड़े असर से बचाने के लिए लंबे समय तक नुकसान उठाया।



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