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- नयी दिल्ली. स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्टेम सेल थेरेपी का इस्तेमाल मानक चिकित्सकीय उपचार के तौर पर केवल स्वीकृत बीमारियों के लिए ही किया जाए, जबकि ऑटिज्म के मामले में इसका इस्तेमाल विधिवत मंजूर क्लीनिकल परीक्षणों तक सीमित रखा जाए। मंत्रालय ने यह परामर्श 16 सितंबर को उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किया, जिन्होंने क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) अधिनियम, 2010 को अपनाया है। यह कदम स्टेम सेल थेरेपी के नियमन से संबंधित उच्चतम न्यायालय के 30 जनवरी के यश चैरिटेबल ट्रस्ट एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में दिए गए फैसले के बाद उठाया गया है। परामर्श में स्टेम सेल अनुसंधान और थेरेपी के लिए मौजूदा नियामकीय व्यवस्था को दोहराते हुए कहा गया है कि नियमित चिकित्सकीय सेवाओं में स्टेम सेल थेरेपी को मानक उपचार के तौर पर केवल उन्हीं बीमारियों या चिकित्सकीय संकेतों के लिए अनुमति दी जानी चाहिए, जिन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंजूरी दी है।ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) के मामले में मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के स्टेम सेल के चिकित्सकीय इस्तेमाल को विधिवत मंजूर क्लीनिकल परीक्षणों तक सीमित रखा जाना चाहिए। यह व्यवस्था भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा संयुक्त रूप से जारी राष्ट्रीय स्टेम सेल अनुसंधान दिशानिर्देश, 2017 तथा समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा जारी अन्य लागू निर्देशों के अनुरूप होगी। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को सभी राज्य एवं जिला नियामक प्राधिकरणों तथा स्टेम सेल अनुसंधान, उपचार, प्रचार या प्रशासन से जुड़े सरकारी और निजी क्लीनिकल प्रतिष्ठानों तक पहुंचाने को कहा है, ताकि लागू नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके। परामर्श में स्टेम सेल थेरेपी से संबंधित नियामकीय व्यवस्था का पालन नहीं करने के परिणामों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है।उच्चतम न्यायालय ने 30 जनवरी के अपने फैसले में कहा था कि वैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें आईएमसी विनियम, 2002 के विनियम 7.22 के तहत पेशेवर कदाचार की कार्रवाई के साथ-साथ क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) अधिनियम, 2010 की धाराओं 32 और 40 के तहत पंजीकरण रद्द करने तथा जुर्माने जैसी कार्रवाई शामिल है। मंत्रालय ने संबंधित राज्य एवं जिला नियामक प्राधिकरणों और क्लीनिकल प्रतिष्ठानों से स्टेम सेल अनुसंधान एवं थेरेपी से संबंधित लागू नियामकीय व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। नियामकीय स्थिति को स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने भी पांच सितंबर को जारी अपने परामर्श में दोहराया था कि स्टेम सेल थेरेपी को मानक चिकित्सकीय उपचार के तौर पर केवल स्वीकृत चिकित्सकीय संकेतों के लिए ही दिया जा सकता है। आयोग ने राज्य चिकित्सा परिषदों से भी कहा है कि उनके संज्ञान में आने वाले कथित उल्लंघनों के मामलों की जांच करें और उचित प्रक्रिया के बाद यदि किसी पंजीकृत चिकित्सक का पेशेवर कदाचार साबित होता है तो लागू वैधानिक एवं नियामकीय प्रावधानों के अनुसार उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।
- नयी दिल्ली. कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 16वें दौर की बृहस्पतिवार को शुरुआत की और हितधारकों को बोली में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया। मंत्रालय ने इस दौर में विभिन्न राज्यों में स्थित 25 कोयला खदानें बिक्री के लिए पेश की हैं। इनमें से 21 पूरी तरह से खोजी गई हैं, जबकि चार आंशिक रूप से खोजी गई खदानें हैं। ये खदानें ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना और अरुणाचल प्रदेश में स्थित हैं। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने नीलामी की शुरुआत करते हुए कहा, ''हम निवेशकों से नीलामी के इस दौर में हिस्सा लेने का आह्वान करते हैं। नीलामी के इस नए दौर में रोजगार के बड़े अवसर सृजित करने और क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करने की क्षमता है।''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2020 में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी शुरू की थी। मंत्रालय के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में 15 नीलामी प्रक्रियाएं पूरी हुईं। इस दौरान 147 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है। इससे क्षेत्र में 44 नई कंपनियां आई हैं। नीलाम की गई इन खदानों से सालाना करीब 47,500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। इसके अलावा लगभग 55,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने और कोयला उत्पादक राज्यों में करीब 4.9 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक निजी इस्तेमाल और वाणिज्यिक कोयला खदानों से देश का कोयला उत्पादन 21.04 करोड़ टन रहा। यह वित्त वर्ष 2025-26 के 19.09 करोड़ टन के मुकाबले 10.22 प्रतिशत अधिक है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शासन और नीति-निर्माण से जुड़े प्रमुख पहलुओं पर चर्चा करने तथा सुधारों पर विशेष ध्याने के लिये अगले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ दो दिवसीय 'चिंतन बैठक' की अध्यक्षता करेंगे। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी । सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में शासन और नीति निर्माण से जुड़े अहम पहलुओं पर चर्चा होगी, जिसमें सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मामले से अवगत सूत्रों ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि विचार-विमर्श का यह सत्र 23 और 24 सितंबर को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सभी कैबिनेट मंत्रियों को अगले सप्ताह बैठक की तैयारी और इसमें शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में रहने को कहा गया है।यह तत्काल स्पष्ट नहीं है कि राज्य मंत्रियों को भी इस सत्र में शामिल होने के लिए बुलाया गया है या नहीं। सूत्रों ने बताया कि कुछ मंत्री अपनी-अपनी मंत्रालयों की ओर से किए गए नीतिगत फैसलों और विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रस्तुति दे सकते हैं। प्रधानमंत्री पहले भी सुधारों पर जोर देते रहे हैं और उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से कहा है कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना व जीवन को आसान बनाना सरकार के प्रमुख उद्देश्य होने चाहिए। सूत्रों के अनुसार, 'चिंतन बैठक' में इन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। प्रस्तुतियों में नीति निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और परिणामदायी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के क्रियान्वयन, समय प्रबंधन, विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय और जनसेवा उपलब्ध कराने के साथ-साथ आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा होने की संभावना है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किए हैं और समावेशी विकास को अभूतपूर्व गति देने के साथ-साथ उसे नयी दिशा भी प्रदान की है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।'' उन्होंने कहा, ''पिछले 25 वर्षों में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में आपके कार्यकाल के दौरान आपने सुशासन के अनेक नए मानदंड स्थापित किए हैं तथा समावेशी विकास को अभूतपूर्व गति और नयी दिशा प्रदान की है।'' प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के छोटे से कस्बे वडनगर में हुआ था।
राष्ट्रपति ने कहा कि सांस्कृतिक गौरव की भावना के साथ आधुनिक प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए देशवासी विरासत और विकास के बीच सामंजस्य को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करती हूं, ताकि आप जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के अपने अभियान को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।'' -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई देते हुए उन्हें ''आधुनिक भारत का निर्माता'' बताया और कहा कि उनकी 25 वर्षों की 'तपस्या' से करोड़ों भारतीयों के जीवन और विचारों में बदलाव आया। नवीन ने कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत विकास और आत्मनिर्भरता की नयी ऊंचाइयों को छू रहा है। गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर 1950 को जन्मे मोदी बृहस्पतिवार को 76 वर्ष के हो गए।
नवीन ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''140 करोड़ देशवासियों के नेतृत्वकर्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें।'' उन्होंने कहा कि 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प से प्रेरित मोदी की यात्रा सेवा, सुशासन और जन कल्याण की एक प्रेरक गाथा रही है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देशवासियों के उस सामूहिक स्वप्न की भी यात्रा है, जिसे आपने अपने कर्म और साधना से दिशा दी है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत विकास और आत्मनिर्भरता के नए आयाम गढ़ रहा है और विश्व पटल पर अपनी नई पहचान और सामर्थ्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। नवीन ने कहा, ''ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा की शक्ति प्रदान करें।'' उन्होंने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक रक्तदान शिविर का उद्घाटन भी किया और रक्तदान किया।
मोदी का जन्मदिन 'सेवा दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है, और देशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शाम को पार्टी 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम भी आयोजित करेगी।
लोगों से शाम छह बजे से सात बजे के बीच अपने घरों में दीया प्रज्वलित करने की अपील की गई है।
नवीन ने शिविर का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मोदी को ''आधुनिक भारत का निर्माता'' बताया। उन्होंने कहा कि उनका जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है तथा देशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आज ही के दिन हम भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी करते हैं। हम कह सकते हैं कि सृष्टि के रचयिता के साथ-साथ आज आधुनिक भारत के निर्माता, हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का भी जन्मदिन है।'' नवीन ने कहा कि मोदी की 25 वर्षों की ''तपस्या'' से करोड़ों भारतीयों के जीवन और विचारों में बदलाव आया है। उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि न केवल लोगों के जीवन में, बल्कि लाखों-करोड़ों भारतीयों की विचारों में भी बदलाव आया है। आज हर भारतीय 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है और काम कर रहा है।'' उन्होंने कहा कि देशभर के लोग मोदी के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया' जलाएंगे और उनके लंबे जीवन तथा सफलता की प्रार्थना करेंगे। नवीन ने कहा कि यह अभियान विकसित भारत के दृष्टिकोण और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को भी सुदृढ़ करेगा। -
नासिक. महाराष्ट्र के नासिक जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन ने उस समय अप्रत्याशित मोड़ ले लिया, जब प्रदर्शनकारी एक नगर निकाय कार्यालय में दो आवार कुत्तों को लेकर आए और उन्होंने मुख्य अधिकारी की मेज पर कुत्तों को छोड़ दिया। बुधवार की घटना के एक वायरल वीडियो में शिवसेना (उबाठा) की जिला युवा शाखा के पदाधिकारी विक्रम रंधावे को दो बोरियों से कुत्ते निकालते हुए और उन्हें निफाड नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे की मेज़ पर छोड़ते हुए देखा जा सकता है। रंधावे हैरान अधिकारी से कहते हुए दिखाई देते हैं, "हम पिछले छह महीनों से आपको आवारा कुत्तों की समस्या के बारे में बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आपने हमारे अनुरोधों की अनदेखी कर दी।" अधिकारी ने उन्हें बताया कि नगर निकाय ने आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए पहले ही निविदा जारी कर दी हैं। रंधावे ने कहा, "अगर आपने कोई कदम नहीं उठाया, तो अगली बार हम आपके कार्यालय में और कुत्ते लेकर आएंगे। हम उन बच्चों और महिलाओं को भी साथ लाएंगे जो इस समस्या से परेशान हैं।" रंधावे ने नगर प्रशासन के इस मामले को संभालने के तरीके का विरोध करने के लिए मुख्य अधिकारी की मेज पर नोटों की माला भी रखी। उन्होंने दावा किया कि नगर पंचायत इलाके में 400 से ज़्यादा आवारा कुत्ते घूमते हैं और हर महीने 100 से ज़्यादा लोग कुत्तों के काटने का शिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों के आतंक का असर बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कुत्तों के काटने के बाद पीड़ितों को दर्दनाक उपचार से गुजरना पड़ता है। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि रंधावे के विरोध प्रदर्शन को उनकी पार्टी का समर्थन प्था या नहीं।
रंधावे ने कहा कि कई नागरिकों को कुत्तों ने काटा है और जारी गणेश उत्सव के दौरान, लोगों खासकर बच्चों के लिए, ये कुत्ते बड़ा खतरा बन रहे हैं। निफाड थाने के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सरकारी कर्मचारी को उसके आधिकारिक कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के आरोप में रंधावे और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या इस मामले में रंधावे के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। -
नयी दिल्ली. भारत में अमेरिकी दूतावास ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। दूतावास ने ये शुभकामनाएं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रेषित कीं।
इसने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में दोनों नेताओं की मुलाकात की एक पुरानी तस्वीर भी साझा की। दूतावास ने कहा, ''राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। हम आने वाले वर्ष में आपके उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य की कामना करते हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर, 1950 को हुआ था। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर बृहस्पतिवार को राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर, 1950 को जन्मे प्रधानमंत्री मोदी बृहस्पतिवार को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ''दृढ़ संकल्प के साथ देश को आगे बढ़ाया है।'' शर्मा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''सेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प लेकर भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।'' उन्होंने कहा, ''पहले गुजरात में सरकार और बाद में भारत के प्रमुख के तौर पर पिछले 25 वर्षों से उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ देश को आगे बढ़ाया है।'' बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। उन्होंने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर राज्यवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। चौधरी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''आज का दिन विशेष है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र और देशसेवा के लिए समर्पित किया है। उनके दीर्घ राष्ट्रसेवा के सफर को नमन करते हुए उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की मंगलकामना करता हूं।'' उन्होंने कहा, ''17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे बिहार में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। 'सेवा सेतु अभियान' के तहत सभी प्रखंडों एवं विधानसभा क्षेत्रों में 'सरकार आपके द्वार' समाधान शिविर आयोजित करके नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। वहीं मार्च 2027 तक 'कायाकल्प अभियान' के माध्यम से विकास कार्यों में तेजी, स्वच्छता तथा सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को और प्रभावी बनाया जाएगा।'' आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''प्रदेश की जनता और अपनी ओर से मैं आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। आपके परिवर्तनकारी शासन और ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के तहत भारत अब सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित है।'' मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।...गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व करने से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्र का मार्गदर्शन करने तक आपकी यात्रा ने भारत की विकास गाथा को नई गति दी है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ''सेवा, संकल्प और सुशासन'' का दृष्टिकोण देशभर के लोगों को प्रेरित करता रहता है। युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी और देश की सेवा के लिए उनके उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु की कामना की। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए उनके समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। तमांग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''सिक्किम सरकार और राज्य की जनता की ओर से मैं सिक्किम तथा पूर्वोत्तर के प्रति प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, समर्थन और निरंतर प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करता हूं।'' तमांग ने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, प्रसन्नता और उनके सतत ऊर्जा से भरे रहने की प्रार्थना करता हूं ताकि वह ऐसे ही देश की सेवा करते रहें।'' उन्होंने कहा कि सिक्किम और पूरा पूर्वोत्तर मोदी के मार्गदर्शन में अधिक शांति, समृद्धि और विकास की ओर आगे बढ़ता रहेगा। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और अन्य नेताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। वर्ष 2047 के लिए प्रधानमंत्री की योजना पर जोर देते हुए राज्यपाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''विकसित भारत-2047' का दृष्टिकोण हर नागरिक से व्यापक विकास, नवाचार, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की दिशा में देश की यात्रा में योगदान देने का आह्वान करता है।'' मुख्यमंत्री विजय ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''एक मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में समर्पण के साथ काम कर रहे भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मैं जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।'' द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 'एक्स' पर प्रधानमंत्री मोदी की ''दूरदर्शी सोच और अथक प्रयासों'' को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वैश्विक मंच पर भारत के गौरव और ताकत को बढ़ा रहे हैं। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''देश की प्रगति, जन कल्याण और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के प्रति आपका समर्पण और प्रतिबद्धता अत्यंत प्रेरणादायी है। मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना करता हूं।'' मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा, ''मरांग बुरु आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ जीवन प्रदान करें, यही कामना करता हूं।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के.टी. परनाइक ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने में मदद की है। परनाइक ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान, भारत ने ''प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास, जन कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि में उल्लेखनीय प्रगति'' देखी है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपने संदेश में अरुणाचल प्रदेश के विकास के प्रति प्रधानमंत्री के अभूतपूर्व समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। खांडू ने मोदी के लंबे जीवन और 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए निरंतर सेवा की प्रार्थना करते हुए कहा, ''सीमावर्ती बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था से लेकर परिवर्तनकारी विकास पहलों तक, आपके दृष्टिकोण और समर्थन ने अरुणाचल प्रदेश को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया है।'' उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने भी मोदी को बधाई दी और बुनियादी ढांचे, डिजिटल और समाज कल्याण जैसे क्षेत्रों में प्रगति लाने के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की। ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने मोदी के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 वर्षों की जनसेवा की सराहना की। उन्होंने कहा, ''गुजरात की सेवा करने से लेकर देश का नेतृत्व करने तक, नरेन्द्र मोदी की यात्रा विकास, सुशासन और जनता की आकांक्षाओं के प्रति एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं। कामना करता हूं कि उनका दृष्टिकोण और नेतृत्व एक मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देता रहे।'' मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने से पहले एक वीडियो संदेश में कहा, ''प्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए दीर्घायु, स्वस्थ जीवन और असीम शक्ति प्रदान करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी का ''दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य के प्रति अटूट स्नेह'' लोगों को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध ओडिशा बनाने के लिए प्रेरित करता रहता है। मुख्यमंत्री ने बाद में लोक सेवा भवन परिसर में पौधारोपण किया और भुवनेश्वर में भाजपा की युवा शाखा द्वारा आयोजित एक रक्तदान शिविर में भी भाग लिया। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।'' केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा, ''भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।'' मलयालम फिल्म उद्योग के अभिनेताओं और गायकों ने भी इस अवसर पर मोदी को बधाई दी।
सुपरस्टार ममूटी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं।'' गायिका के एस चित्रा ने भी फेसबुक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ''आपका दूरदर्शी नेतृत्व और हमारे राष्ट्र के प्रति अथक समर्पण लाखों लोगों को प्रेरित करता रहता है।'' -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा पूर्व मेदिनीपुर जिले में एक शीर्ष माओवादी नेता को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य में 'लाल आतंक' की वापसी बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने जिले के पटाशपुर क्षेत्र के ललाट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य एवं पश्चिम बंगाल राज्य समिति-1 के सचिव असीम मंडल उर्फ आकाश का सफलतापूर्वक पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बल की सराहना की। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, आकाश माओवादी कमांडर मल्लोजुला कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी का करीबी सहयोगी था, जिसे 2011 में सुरक्षा बलों ने झारग्राम के जंगलों में मार गिराया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अंतरराज्यीय वन क्षेत्रों में 15 वर्षों से अधिक समय तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते रहे आकाश को सटीक तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया जाना हमारे पुलिस बल की असाधारण अभियान क्षमता को दर्शाता है।'' शुभेंदु ने कहा, ''मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की सीमाओं के भीतर 'लाल आतंक' के नेटवर्क को फिर से खड़ा करने या उसका विस्तार करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। किसी भी उग्रवादी विचारधारा को लोगों की सुरक्षा और राज्य के विकास को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'' उन्होंने कहा, ''कानून ऐसे किसी भी दुस्साहसिक प्रयास को पूरी कठोरता से कुचलने की दिशा में काम करेगा।'' आकाश को लंबे समय से पश्चिम बंगाल में माओवादी संगठन के प्रमुख नेताओं में से एक माना जाता है और वह चिकित्सीय उपचार के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से पटाशपुर आया था। सूत्रों ने बताया कि उसकी तबीयत खराब है और वह उच्च रक्तचाप से पीड़ित है।
उन्होंने बताया कि उम्र अधिक होने के कारण सुरक्षा बलों से बचते हुए कई किलोमीटर तक पहाड़ी इलाकों में पैदल चलना भी आकाश के लिए थकाऊ हो गया था। आकाश 1980 के दशक में कॉलेज के दिनों से ही वामपंथी गतिविधियों में शामिल था और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। आकाश ने पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा से लगे जंगलों में करीब चार दशक बिताए हैं। इसमें 2004 में पार्टी के गठन के आसपास का समय भी शामिल है। पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य किशनजी की मौत के बाद आकाश को भाकपा (माओवादी) का राज्य सचिव बनाया गया था। सूत्रों के अनुसार, उसने करीब ढाई दशक तक सक्रिय रहने वाली पार्टी की राज्य सैन्य शाखा को हाल में भंग कर दिया था। आकाश को पकड़ने के लिए हाल में पश्चिम बंगाल-झारखंड अंतरराज्यीय सीमा से लगे जंगलों में व्यापक तलाश अभियान चलाया गया था, लेकिन वह सुरक्षा बलों को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। इस अभियान के दौरान झारखंड के रोल्लाहातु से दो इंसास राइफल, 103 कारतूस और छह मैगजीन बरामद की गई थीं. -
कोलकाता/नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र महिला अन्नपूर्णा योजना के लाभों से वंचित न रहे और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। कोलकाता के पास साल्ट लेक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में हर साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन 'अन्नपूर्णा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा, क्योंकि महिलाओं के लिए 3,000 रुपये की मासिक सहायता योजना की गारंटी उन्होंने ही दी थी। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आयोजित 'अन्नपूर्णा दिवस' कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों के जीवन से जुड़ी हर समस्या का समाधान करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। मोदी ने कहा, ''पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार बनने के कुछ ही दिनों के भीतर अन्नपूर्णा योजना पर काम शुरू हो गया। आज, कई महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है। कोई बिचौलिया नहीं है और कोई 'कट मनी' नहीं है। हमारी सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र महिला अन्नपूर्णा योजना के लाभ से वंचित न रहे। हम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनवरत काम कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए यहां तेजी से काम भी किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत बंगाल में महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 3,000 रुपये की निश्चित राशि जमा की जाती है, जिसके लिए उन्हें किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मोदी ने कहा, ''यह उनके लिए एक बड़ा संबल है। आज, लगभग 1.5 करोड़ बहनों के खातों में अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त पहुंच रही है। इस योजना के तहत 3,000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा मानना है कि पश्चिम बंगाल की महिलाओं के पास निर्णय लेने की शक्ति और आगे बढ़ने का साहस, दोनों होना चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अन्नपूर्णा योजना के माध्यम से पश्चिम बंगाल की माताओं और बहनों का एक नया सशक्तीकरण हुआ है। मोदी ने कहा, ''मैं इस योजना से लाभान्वित होने वाली प्रत्येक माता और बहन को बधाई देता हूं और उन्हें अपनी शुभकामनाएं देता हूं। परिवार में हमारी माताओं और बहनों के कंधों पर कई जिम्मेदारियां होती हैं। कई छोटे-बड़े फैसलों के बीच, एक महिला हर तरह से परिवार की देखभाल करती है, और जब उनके लिए जरूरी खर्चों की चिंता कम हो जाती है, तो उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ जाता है।'' उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा योजना बंगाल की महिलाओं का आत्मविश्वास मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''हर साल 17 सितंबर को 'अन्नपूर्णा दिवस' के रूप में मनाया जाएगा, क्योंकि अन्नपूर्णा योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है। हमने इसे महिलाओं के एक बड़े वर्ग के लिए पहले ही लागू कर दिया है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नपूर्णा योजना के तहत सितंबर की किस्त के तहत 1.58 करोड़ लाभार्थियों में से ज्यादातर के बैंक खातों में नकद राशि भेज दी गई है और शेष लाभार्थियों के खातों में भी बृहस्पतिवार शाम तक यह राशि भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50 लाख लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है। पौलोमी घटक, इंदु पुरी और ज्योतिर्मयी सिकदर सहित महिला खेल हस्तियों ने अन्नपूर्णा दिवस मनाने के लिए कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने बाल विवाह के संदर्भ में कहा, ''मैं भरोसा दिलाता हूं कि इस सरकार के कार्यकाल में 18 साल से कम उम्र की किसी भी लड़की की शादी नहीं होने दी जाएगी। जिन्होंने ऐसा किया है और जिन्होंने ऐसी शादियों में मदद की है, उन्हें कानून के मुताबिक सज़ा दी जाएगी। -
-वारंगल द्वार की चांदी की प्रतिकृति शामिल
नयी दिल्ली. काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति, 'रॉयल नेवी' के प्रमुख पोत 'एचएमएस विक्ट्री' की हाथ से बारीकी से तैयार की गई प्रतिकृति और दमन में एक आधुनिक इमारत के वास्तु चित्रण को दर्शाने वाली जरदोजी कढ़ाई की कलाकृति बृहस्पतिवार से शुरू हुई प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की आठवीं ई-नीलामी का हिस्सा हैं। इस संस्करण में 1,498 स्मृति चिह्न और उपहार शामिल हैं, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के विभिन्न हिस्सों में कई अवसरों पर भेंट किए गए थे। यह ई-नीलामी 17 सितंबर की सुबह शुरू हुई, जो मोदी के 76वें जन्मदिन का अवसर है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा था कि यह ई-नीलामी 31 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने यह भी बताया था कि पिछली सात ई-नीलामी के दौरान 7,400 से अधिक वस्तुओं की नीलामी की गई, जिससे 52 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी भारत की विरासत, कला, शिल्प और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है। इसके साथ ही यह जनता की भागीदारी को बढ़ावा देती है और 'नमामि गंगे' कार्यक्रम में योगदान देती है। नीलामी के आठवें संस्करण में 50 ''चिह्नित प्रमुख वस्तुएं'' भी शामिल हैं, जिनमें कर्नाटक से भगवान राम का चांदी का स्मृति चिह्न शामिल है, जिसकी आधार कीमत 13.50 लाख रुपये रखी गई है। वहीं, काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति की शुरुआती कीमत नौ लाख रुपये है। जीवन वृक्ष को दर्शाने वाली गोंड कलाकृति की भी नीलामी की जाएगी, जिसकी आधार कीमत 7.5 लाख रुपये है। रथ पर भगवान जगन्नाथ परिवार की कलाकृति और सोने की परत चढ़ी राधा-कृष्ण कलाकृति को भी नीलामी में शामिल किया गया है, जिनकी आधार कीमत क्रमश: छह लाख रुपये और 5.40 लाख रुपये है। काकतीय कला तोरणम, जिसे 'वारंगल द्वार' के नाम से भी जाना जाता है, भारत में काकतीय वंश से संबंधित 12वीं शताब्दी की एक शानदार वास्तुशिल्प कृति है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि कई दशकों से अनंत नाग जी के सहज अभिनय, अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा और कलात्मक कौशल ने भारतीय सिनेमा, विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान पूरी तरह से उनके हक का है और भारतीय सिनेमा में श्री अनंत नाग जी के बड़े योगदान को दर्शाता है। उन्होंने इस विशेष अवसर पर इस बेहतरीन कलाकार को शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने X पर पोस्ट किया:“दिग्गज कलाकार अनंत नाग जी को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई।कई दशकों से उनके सहज अभिनय, अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा और बेहतरीन कला ने भारतीय सिनेमा, विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा पर बहुत गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने जो भी भूमिका निभाई, उसमें उन्होंने अनोखी गहराई और सच्चाई दिखाई। सच में यह बेहतरीन कलाकार के लिए पूरी तरह से योग्य सम्मान है।”पांच दशकों में 250 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके 78 वर्षीय अनंत नाग थिएटर की दुनिया में भी एक जाना-माना नाम हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान, दादा साहब फाल्के पुरस्कार से 22 सितंबर को गुजरात के केवड़िया में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में सम्मानित किया जाएगा। -
मुंबई. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को गणेश उत्सव के बीच मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर और लालबागचा राजा के दर्शन किए तथा भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। नवीन गणेश उत्सव के अवसर पर मुंबई और पुणे के एक दिवसीय दौरे पर हैं। गणेश उत्सव सोमवार से शुरू हुआ है। उनके साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम भी थे।
नवीन ने संवाददाताओं से कहा कि वह गणेश उत्सव के अवसर पर महाराष्ट्र आने पर खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं जो भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद राज्य का उनका पहला दौरा है। उन्होंने कहा, ''मैं अभिभूत हूं और महाराष्ट्र तथा देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। -
मुंबई. मुंबई में 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों के बीच भगवान गणेश की 61,600 से अधिक मूर्तियों का बुधवार को मुंबई में विभिन्न जलाशयों में विसर्जन किया गया। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह छह बजे तक कुल 61,640 मूर्तियों का विसर्जन किया जा चुका था। श्रद्धालुओं ने बारह दिन तक होने वाले गणेश उत्सव के पहले ड़ेढ दिन में इन प्रतिमाओं का विसर्जन किया। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें 301 प्रतिमाएं सार्वजनिक गणपति मंडलों की और 61,247 घरेलू प्रतिमाएं शामिल हैं। इस दौरान 92 हरतालिका (देवी पार्वती) प्रतिमाओं का भी विसर्जन किया गया। इसके साथ कुल विसर्जित प्रतिमाओं की संख्या 61,640 हो गई। अधिकारी ने बताया कि विसर्जन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
नगर निकाय ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मुंबई में विसर्जन स्थलों की व्यवस्था की है, जिसमें कृत्रिम तालाब भी शामिल हैं। विभिन्न परंपराओं के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन डेढ़ दिन, पांचवें दिन, सातवें दिन और उत्सव के अंतिम दिन किया जाता है। बारह दिवसीय गणेश उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। शाह ने कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए यह कार्रवाई की गई है। गृह मंत्री ने 'एक्स' पर कहा, ''यह समूह सीमापार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल है। इसके अलावा यह युवाओं और अपराधियों को आतंकवाद के लिए उकसाता है। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द के ताने-बाने को निशाना बनाते हुए, इस गिरोह ने नफरत फैलाने वाली डिजिटल सामग्री भी प्रकाशित की।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी राजपत्र अधिसूचना में यूएपीए की धारा 35(1)(ए) का हवाला देते हुए ''शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)'' को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है। इस अनुसूची में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची दर्ज है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि केंद्र का मानना है कि एसबीएन '' भारत में आतंकवाद की विभिन्न घटनाओं में शामिल है।'' अधिसूचना में कहा गया है, ''शहजाद भट्टी नेटवर्क एक ऐसा संगठन है, जिसका उद्देश्य भोले-भाले युवाओं और स्थानीय अपराधियों को शामिल कर सीमापार से हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी करना है। यह आतंकवादी गतिविधियों के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।'' अधिसूचना में कथित एसबीएन सदस्यों के खिलाफ यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम जैसे कानूनों के तहत दर्ज आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया है। यूएपीए के तहत किसी संगठन को पहली अनुसूची में शामिल करने से वह औपचारिक रूप से भारतीय कानून के तहत ''आतंकवादी'' घोषित संगठनों की सूची में आ जाता है।
एसबीएन इस सूची में 46वां संगठन है। अधिसूचना के अनुसार एसबीएन प्रलोभन देकर ''भोले-भाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने'', उन्हें राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने और अन्य प्रतिबंधित संगठनों तथा इसी तरह नामित संस्थाओं के साथ मिलीभगत कर राष्ट्र-विरोधी कृत्यों के लिए संसाधन जुटाने में शामिल है। इसमें कहा गया है, ''शहजाद भट्टी नेटवर्क हिंसक गतिविधियों के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बाधित होती है। साथ ही यह विभिन्न डिजिटल संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर भड़काऊ संदेश प्रसारित कर रहा है, जिससे देश की अखंडता के लिए गंभीर चुनौती पैदा हो रही है।'' -
नई दिल्ली। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरजेंसी में सक्रिय भूमिका निभाई थी। नरेंद्र मोदी ने गिरफ्तारी से बचते हुए लोगों को जागरूक किया। इमरजेंसी खत्म होते ही सिर्फ 23 दिन में ही खाना-पीन छोड़कर इमरजेंसी के दौरान गुजरात में संघर्ष पर किताब लिखी थी।
25 जून 1975 की आधी रात को नागरिकों की आजादी छीन ली गई, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई और सुबह होने से पहले ही विपक्ष के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। विरोध करने वालों में गुजरात के 24 साल के आरएसएस प्रचारक नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। गिरफ्तारी से बचते हुए उन्होंने छिपकर काम किया, संविधान को सार्वजनिक रूप से पढ़ने के कार्यक्रम आयोजित किए और पूरे गुजरात में कम्युनिटी और धार्मिक नेटवर्क के जरिए इमरजेंसी-विरोधी साहित्य फैलाने में मदद की। 21 महीनों तक, जब डर का माहौल बना दिया गया था, युवा नरेंद्र मोदी उस आंदोलन का हिस्सा बने रहे, जिसने लोकतांत्रिक विरोध की भावना को जिंदा रखा।1977 में जब इमरजेंसी खत्म हुई, तब नरेंद्र मोदी ने एक किताब लिखनी शुरू की। सिर्फ 23 दिनों में बिना किसी रेफरेंस बुक के और पूरी तरह अपनी याददाश्त के भरोसे, उन्होंने ‘संघर्ष मा गुजरात’ किताब पूरी की। लिखते समय उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था और सिर्फ नींबू पानी पीकर काम चलाया। यह किताब उन आम भारतीयों की कहानी थी, जिन्होंने छिपकर इमरजेंसी का विरोध किया था और जिनके त्याग के इतिहास में खो जाने का डर था।गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूभाई जशभाई पटेल ने किताब का पहला संस्करण जारी किया था। पुस्तक के विमोचन के अवसर पर जसभाई पटेल ने पुस्तक के वास्तविक अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा था, “संघर्ष एक ऐसा विषय है जिस पर कोई भी बड़ी-बड़ी बातें लिख सकता है लेकिन छोटी-छोटी बातों को लिखने के लिए शोध की आवश्यकता होती है। इस संघर्ष में गुजरात के आम लोगों का योगदान कभी भी आधिकारिक इतिहास में दर्ज नहीं होगा। उनके लिए, इसे लिखा जाना आवश्यक था।”उन्होंने सभा को आपातकाल के वास्तविक अर्थ की याद दिलाते हुए कहा था, “तीस वर्षों में हम धीरे-धीरे, इंच-इंच करके, तानाशाही की ओर बढ़ते चले गए। शासन करने वाले यह भूल गए कि वे गरीबों के उत्थान की बात करते थे, लेकिन वास्तव में उन्होंने केवल अपना ही उत्थान किया।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वह कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे।
तीन दिवसीय SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ थीम के साथ किया जाएगा। इसमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन से जुड़ी भारतीय और वैश्विक कंपनियां, नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, शिक्षण संस्थान और छात्र हिस्सा लेंगे।सम्मेलन में भारत में सहयोग, निवेश, इनोवेशन और प्रतिभाओं के विकास को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। इसके साथ ही डिस्प्ले इंडस्ट्री में नए विकास, सहयोग और ज्वाइंट वेंचर को बढ़ावा देने के लिए छह Country Roundtables और महिलाओं के नेतृत्व से जुड़े एक फोरम समेत कई सत्र आयोजित किए जाएंगे।SEMICON India 2026 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें सेमीकंडक्टर मटेरियल, उपकरण और चिप डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम्स तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई जाएगी।कार्यक्रम में नया ‘Sand to Silicon to Systems’ Value Chain Experience भी होगा, जो सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विभिन्न चरणों की पूरी यात्रा को प्रदर्शित करेगा।इस आयोजन में 600 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी और करीब 50,000 लोगों के आने की उम्मीद है। इसमें 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से ज्यादा एग्जीक्यूटिव और 150 से अधिक स्पीकर शामिल होंगे।प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह Country Pavilions होंगे। इसके अलावा 12 State booths, Startup Pavilion, Innovation Showcase, Student Hackathon और Workforce Development Pavilion भी आयोजित किए जाएंगे। - मुंबई. इंजीनियरिंग क्षेत्र में उम्मीदवारों की उपलब्धता और भर्ती की मांग के बीच अंतर बढ़ रहा है। प्रवेश स्तर की नौकरियों की तलाश करने वाले उम्मीदवार कुल प्रतिभा का 45 प्रतिशत हैं, जबकि ऐसी नौकरियों की मांग केवल 28 प्रतिशत है। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई। प्रतिभा मंच फाउंडइट (मॉन्स्टर) की रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग प्रतिभाओं की उपलब्धता और मांग के बीच सबसे अधिक अंतर प्रवेश स्तर पर है। 0-3 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवर सक्रिय इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के कुल पूल का करीब 45 प्रतिशत हैं, लेकिन उनके लिए उपलब्ध नौकरियों की हिस्सेदारी केवल 28 प्रतिशत है। रिपोर्ट अगस्त में ऑनलाइन मंचों पर जारी की गई इंजीनियरिंग क्षेत्र की नौकरियों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें सक्रिय नौकरी विज्ञापनों को शामिल किया गया है, जबकि उम्मीदवारों की उपलब्धता का आंकड़ा 'फाउंडइट' के प्रतिभा डेटाबेस से लिया गया है। अगस्त, 2026 के अनुमान के अनुसार, कुल 39.59 लाख सक्रिय इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के मुकाबले इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाली 6.68 लाख नौकरियां उपलब्ध थीं। यानी हर एक नौकरी के लिए 5.9 उम्मीदवार थे।हालांकि, यह अनुपात इंजीनियरिंग की अलग-अलग धाराओं में काफी अलग है।मोटर वाहन/स्वचालन इंजीनियरिंग में हर नौकरी के लिए 1.1 उम्मीदवार से लेकर 'इलेक्ट्रॉनिक्स' और 'इंस्ट्रूमेंटेशन' में 11.5 उम्मीदवार तक हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग करियर की शुरुआत में उम्मीदवारों की उपलब्धता सबसे अधिक होती है और तीन साल से अधिक अनुभव होने के बाद यह काफी कम हो जाती है। 0-3 वर्ष के अनुभव वाले इंजीनियर उम्मीदवारों का सबसे बड़ा समूह हैं। वहीं, 15 वर्ष से अधिक अनुभव वाले समूह में उम्मीदवारों और नौकरियों का अनुपात 9.5 से घटकर 4.1 रह जाता है, यानी आधे से भी कम हो जाता है। इंजीनियरिंग क्षेत्र में कुल मांग में 4-10 वर्ष के अनुभव वाले लोगों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 54 प्रतिशत है। फाउंडइट के मुख्य उत्पाद एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीपीटीओ) तरुण शर्मा ने कहा, ''आज इंजीनियरिंग में करियर अब किसी एक क्षेत्र या पारंपरिक करियर मार्ग तक सीमित नहीं हैं। प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ने के साथ इंजीनियर के पास अपना करियर बनाने के लिए अधिक व्यापक अवसर हैं। अवसर यह है कि उद्योग जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उसके अनुरूप लगातार खुद को विकसित किया जाए और उभरते क्षेत्रों में इंजीनियरिंग की अपनी बुनियादी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जाए।'' रिपोर्ट में कहा गया कि प्रौद्योगिकी इंजीनियर के लिए सबसे बड़ा एकल क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन इंजीनियरिंग से जुड़ी ज्यादातर नौकरियां अब इसके बाहर हैं।
- नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा करेंगे। वह मिलवॉकी में होने वाली जी20 के सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस दौरान गोयल के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी उम्मीद है। दो दिवसीय जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक 30 सितंबर से शुरू होगी। वर्ष 2026 के लिए अमेरिका जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, ''गोयल की यात्रा के दौरान दोनों देशों के मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है...। बैठक की तारीख और अन्य विवरण तय होने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी।'' उन्होंने कहा, ''द्विपक्षीय बैठक होने पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही, दोनों देशों के बीच जारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत और इसे आगे बढ़ाने के उपाय भी एजेंडे में शामिल होंगे।''जी20 यानी समूह-20 दुनिया की प्रमुख विकसित एवं उभरती अर्थव्यवस्थाओं का अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां आर्थिक नीतियों पर चर्चा और समन्वय किया जाता है। गोयल की अमेरिका यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। अग्रवाल ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते के बारे में कहा कि इस पर इस साल के अंत से पहले हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय आयोग ने समझौते को मंजूरी के लिए यूरोपीय परिषद के पास भेज दिया है। इसके बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। अग्रवाल ने कहा, ''हमें इस साल के अंत से पहले इस पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। हस्ताक्षर के बाद इसे मंजूरी के लिए यूरोपीय संसद के पास भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में कुछ समय लगता है, लेकिन हमें उम्मीद है कि वह भी पूरी हो जाएगी। अब तक हस्ताक्षर और अनुमोदन की प्रक्रिया के लिहाज से यह सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला समझौता है।''
- नयी दिल्ली. देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की बेरोजगारी दर अगस्त में मामूली घटकर पांच प्रतिशत रही। जुलाई में यह 5.1 प्रतिशत थी। मंगलवार को जारी आवधिक यानी नियमित अंतराल पर होने वाले श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। आधिकारिक बयान के अनुसार, बीते साल अगस्त में भी बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत थी।ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर मासिक आधार पर अगस्त में घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई। जुलाई में यह 4.5 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में यह आलोच्य महीने में मामूली बढ़कर 6.8 प्रतिशत रही जबकि जुलाई में यह 6.7 प्रतिशत थी। अगस्त, 2025 की तुलना में अगस्त, 2026 में कुल और शहरी बेरोजगारी दर लगभग समान रही, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर 0.2 प्रतिशत घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई। अगस्त, 2025 में यह 4.3 प्रतिशत थी। जनवरी, 2026 के बाद ग्रामीण बेरोजगारी दर अगस्त में सबसे निचले स्तर पर रही।पंद्रह वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में बेरोजगारी दर लगातार तीसरे महीने घटी और अगस्त में 4.9 प्रतिशत रही। मई, 2026 में यह 5.4 प्रतिशत थी। ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर अगस्त में कम होकर 4.3 प्रतिशत रही जबकि जुलाई में यह 4.6 प्रतिशत थी। वहीं शहरी पुरुषों में यह 5.9 प्रतिशत से बढ़कर 6.1 प्रतिशत हो गई। महिलाओं में कुल बेरोजगारी दर लगातार दूसरे महीने घटकर अगस्त में 5.1 प्रतिशत रह गई। जून, 2026 में यह 5.9 प्रतिशत थी। ग्रामीण महिलाओं में बेरोजगारी दर अगस्त में घटकर 3.9 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 4.3 प्रतिशत थी। वहीं शहरी महिलाओं में यह पिछले महीने की तुलना में लगभग स्थिर रही। सालाना आधार पर अगस्त, 2026 में पुरुषों और महिलाओं दोनों की कुल बेरोजगारी दर में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। अखिल भारतीय स्तर पर अगस्त के मासिक अनुमान 3,70,160 लोगों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं।पीएलएफएस सर्वेक्षण के तौर-तरीकों में जनवरी, 2025 से बदलाव किया गया है। इसका मकसद देश में श्रम बल से जुड़े संकेतकों के मासिक और तिमाही अनुमान उपलब्ध कराना है। अगस्त, 2026 का मासिक बुलेटिन इस श्रृंखला की 17वीं रिपोर्ट है। पंद्रह वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की कुल श्रम बल भागीदारी दर अगस्त में बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 55.4 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह दर बढ़कर अगस्त में 58.2 प्रतिशत हो गई जो जुलाई में 58 प्रतिशत थी। शहरी क्षेत्रों में यह 50.4 प्रतिशत पर स्थिर रही। अगस्त, 2025 की तुलना में कुल श्रम बल भागीदारी दर 0.6 प्रतिशत अंक बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गई। एक साल पहले यह 55 प्रतिशत थी। इसी अवधि में ग्रामीण श्रम बल भागीदारी दर 57 प्रतिशत से बढ़कर 58.2 प्रतिशत हुई, जबकि शहरी दर मामूली 50.9 प्रतिशत से घटकर 50.4 प्रतिशत रह गई। महिलाओं में कुल श्रम बल भागीदारी दर अगस्त में बढ़कर 34.8 प्रतिशत हो गई जो जुलाई में 34.4 प्रतिशत थी। इसमें ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी का प्रमुख योगदान रहा, जहां यह जुलाई के 38.8 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 39.4 प्रतिशत हो गई।शहरी महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर मामूली बढ़कर अगस्त में 25.4 प्रतिशत रही जो जुलाई में 25.3 प्रतिशत थी। सालाना आधार पर महिलाओं की कुल श्रम बल भागीदारी दर अगस्त, 2026 में 1.1 प्रतिशत अंक बढ़कर 34.8 प्रतिशत हो गई जो बीते साल में 33.7 प्रतिशत थी। ग्रामीण महिलाओं में यह 37.4 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हुई, जबकि शहरी महिलाओं में 26.1 प्रतिशत से घटकर 25.4 प्रतिशत रह गई। कुल कामगार आबादी अनुपात अगस्त में बढ़कर 52.8 प्रतिशत हो गया जो जुलाई में 52.5 प्रतिशत था। ग्रामीण क्षेत्रों में कामगारों की भागीदारी बढ़ने से कुल कामगार आबादी अनुपात बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अनुपात अगस्त में बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गया जो जुलाई में 55.4 प्रतिशत था। जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 47 प्रतिशत पर स्थिर रहा। अगस्त, 2025 की तुलना में कुल कामगार आबादी अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 0.6 प्रतिशत अंक बढ़कर 52.8 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 54.5 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत हुआ, जबकि शहरी क्षेत्रों में 47.5 प्रतिशत से घटकर 47 प्रतिशत रह गया। सालाना आधार पर महिलाओं के कामगार आबादी अनुपात में भी वृद्धि हुई। अगस्त, 2026 में यह 33 प्रतिशत रहा, जबकि अगस्त, 2025 में 32 प्रतिशत था।
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अयोध्या. श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण में शामिल कंपनियों को 'बैंक गारंटी' देनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आने वाले वर्षों में उनके काम की गुणवत्ता बनी रहे। मिश्रा ने अयोध्या की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन संवाददाताओं से कहा कि यह मुद्दा मंदिर निर्माण में शामिल कंपनियों, विशेष रूप से लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और टाटा को अंतिम भुगतान पर चर्चा के दौरान उठा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जैसे जैसे काम आगे बढ़ा कंपनियों को लगातार भुगतान किए जाते रहे हैं। अब प्रक्रिया अंतिम भुगतान और जरूरी समायोजन के चरण में पहुंच गई है। मिश्रा ने प्रक्रिया को समझाते हुए कहा, ''पिछले पांच वर्षों के दौरान काम की प्रगति के आधार पर भुगतान किया जाता था लेकिन अब समायोजन करना होगा।'' उन्होंने कहा कि अंतिम भुगतान प्रक्रिया के तहत हर कंपनी को मंदिर के निर्माण कार्य के संबंध बैंक गारंटी देनी होगी ताकि यह सुनिश्चत हो सके कि आने वाले वर्षों में उनके काम की गुणवत्ता बनी रहेगी। मिश्रा ने कहा कि बैठकों के दौरान बैंक गारंटी से संबंधित कटौती के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि अंतिम बिल का प्रस्तावित तृतीय-पक्ष ऑडिट भी एक अन्य प्रमुख मुद्दा था।
मिश्रा ने कहा कि टाटा पहले से ही परियोजना प्रबंधन परामर्श में शामिल था लेकिन ट्रस्ट ने अतिरिक्त ऑडिट के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को शामिल करने का भी फैसला किया था। उन्होंने कहा, ''इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को अंतिम बिल का कम से कम 60 से 70 प्रतिशत ऑडिट करने के लिए कहा गया है।'' उन्होंने कहा, ''इसका चयन कंपनियों के संबंधित ऑर्डर और लागू प्रतिशत गुणांकों के आधार पर किया जाएगा।'' मिश्रा ने कहा कि मंदिर का निर्माण पूरा होने के साथ अब ध्यान अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय और अन्य संबंधित कार्यों पर है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के अंदर एक सभागार और परिसर के बाहर एक अन्य सुविधा निर्माणाधीन है जिसके काम में लगभग तीन से चार महीने की देरी हुई। मिश्रा ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि जनवरी-फरवरी तक काम जरूर पूरा हो जाएगा।''
मिश्रा मंदिर परिसर और संबंधित परियोजनाओं की तीन दिवसीय समीक्षा के लिए रविवार को अयोध्या पहुंचे। पहले दिन उन्होंने एक स्मारक स्तंभ का निरीक्षण किया जिसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने निर्माण एवं अन्य संबंधित परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों, ठेकेदारों और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने से पहले पुराने अस्थायी मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने सोमवार को मंदिर परिसर के अंदर निर्धारित निर्माण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों, ठेकेदारों एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं।
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नयी दिल्ली. सरकारी कार्यालयों में चलाए गए विशेष अभियानों के तहत पिछले पांच वर्षों में कबाड़ बेचकर 5,100 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त किया गया है। केंद्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इन अभियानों का उद्देश्य सभी सरकारी दफ्तरों में 'स्वच्छता' को संस्थागत रूप देना है।
कार्मिक मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि वर्ष 2021 से इस अभियान के पांच सालाना संस्करणों और सचिवालय में सुधारों की मासिक निगरानी (जुलाई 2026 तक) के जरिए 24.20 लाख से अधिक स्थलों पर अभियान चलाया गया, 180.48 लाख से अधिक फ़ाइलों को हटाया या बंद किया गया है, और कबाड़ बेचकर 5,102.91 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि अकेले 'अभियान-5' में 11.6 लाख स्थलों से कुल 29.52 लाख फाइलों को हटाया गया, 233.75 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थल खाली कराया गया और कबाड़ बेचकर लगभग 833.92 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। कार्मिक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह बुधवार को 'अभियान 6' की प्रगति की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत करेंगे। यह अभियान दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच चलाया जाएगा। इससे पहले 16 सितंबर से 30 सितंबर तक तैयारी का चरण होगा।
तैयारी के चरण के दौरान, मंत्रालय और विभाग चुनिंदा श्रेणियों में लंबित मामलों की पहचान करेंगे, जमीनी स्तर के कर्मचारियों को एकत्र करेंगे, अभियान की जगहों को अंतिम रूप देंगे, रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगे और जगह के प्रबंधन की योजना बनाने के साथ-साथ चिह्नित कबाड़ का निस्तारण करेंगे। बयान के मुताबिक 19 से 25 दिसंबर तक चलने वाले 'सुशासन सप्ताह'के दौरान बेहतरीन तौर-तरीके पेश किए जाएंगे। कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को होने वाले कार्यक्रम के दौरान, केंद्र के सभी 84 मंत्रालयों और विभागों में 'अभियान 6' के नोडल अधिकारियों, जन शिकायतों से जुड़े नोडल अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों की एक बैठक होगी। बयान के मुताबिक बैठक को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), डाक, कोयला, खान और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संबोधित करेंगे।
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भोपाल. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन में उनके 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन में 17 सितंबर को आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस आयोजन के मद्देनजर भाजपा ने शिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में करीब 25 लाख दीप जलाए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में जल, थल और नभ में भारत का परचम लहरा रहा है, तो वहीं समाज के हर वर्ग के उत्थान में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा, "नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन को सारा देश सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाता है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में विकास का दीप जलाने एवं अभियान का आरम्भ करने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 17 सितंबर को मध्यप्रदेश पधार रहे हैं।" यादव ने कहा, "विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत करता हूं।" भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद नवीन पहली बार मध्यप्रदेश आ रहे हैं।
नवीन का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब 19 सितंबर को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करने आ रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि जब से राहुल गांधी का इंदौर में कार्यक्रम तय हुआ है तभी से भाजपा उसे बाधित करने का कोई ना कोई प्रयास कर रही है लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, भले नितिन नवीन आएं या कोई और। भाजपा ने एक बयान में कहा कि नितिन नवीन 17 सितंबर को दोपहर इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा पहुंचेंगे और स्थानीय गांधी नगर मैदान में ग्रामीण आबादी को जमीन का मालिकाना हक देने वाली स्वामित्व योजना के तहत निशुल्क रजिस्ट्री वितरण की शुरूआत करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत नवीन उज्जैन के रामघाट पर शिप्रा आरती और 'आशीर्वाद का दीया' नाम से आयोजित दीपोत्सव में भाग लेंगे। पार्टी के मुताबिक, नवीन रामघाट पर आयोजित भजन संध्या में भी शामिल होंगे और अगले दिन और अगले दिन 18 सितंबर को प्रातः श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल होंगे। भाजपा अध्यक्ष इसके बाद इंदौर हवाई अड्डा पहुंचेंगे और वहां से पंजाब के लिए रवाना हो जाएंगे।
भाजपा ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रमों की घोषणा की है, जिनमें प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उज्जैन में बड़ा दीपोत्सव कार्यक्रम भी शामिल है। राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले भाजपा अध्यक्ष के मध्यप्रदेश दौरे पर आने के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रभारी मुकेश नायक ने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा कि इंदौर ऐसा शहर है जो सभी का स्वागत करता है। उन्होंने कहा, "लेकिन इंदौर में जब दूषित पानी से 35 लोगों की मौत हो गई तब राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित भाजपा का कोई अन्य बडा़ नेता क्यों नहीं आया।" नायक ने कहा कि चाहे कोई भी आए, राहुल गांधी के कार्यक्रम के स्वरूप पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
उन्होंने दावा किया, "राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह है और यह अब तक हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रमों में सबसे सफल साबित होगा।" कांग्रेस ने शुरुआत में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के आयोजन के लिए शहर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की अनुमति मांगी थी लेकिन मंजूरी नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर से बदलकर 19 सितंबर कर दी गई। - नयी दिल्ली. सरकार के कई उपायों के बाद सोमवार को देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत लगातार चौथे दिन 60 रुपये प्रति किलोग्राम से कम रही। हालांकि, त्योहारों से जुड़ी मांग के कारण कुछ क्षेत्रों में कीमतों पर बढ़ने का दबाव बना हुआ है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीनी की औसत खुदरा कीमत सोमवार को 59.57 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जो एक दिन पहले 58.99 रुपये प्रति किलोग्राम थी। शुक्रवार को चीनी की कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गई थी और पिछले तीन दिनों में इसमें और नरमी आई है। औसत खुदरा कीमत अब भी 58.23 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है। 21 अगस्त को यह कीमत इतनी थी, जब केंद्र ने पहली बार चीनी के आयात की अनुमति दी थी और मिठास देने वाली इस वस्तु की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए अन्य कदम उठाए थे। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को अधिकतम खुदरा कीमत 85 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही, जबकि न्यूनतम कीमत 40 रुपये प्रति किलोग्राम थी। दक्षिणी राज्यों में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में खुदरा कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि तमिलनाडु और केरल में मामूली गिरावट दर्ज की गई। आंध्र प्रदेश में औसत खुदरा कीमत सोमवार को बढ़कर 55.56 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई जो 21 अगस्त को 49.58 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसी अवधि में केरलम में यह 56.75 रुपये से मामूली बढ़कर 57.8 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। चीनी के प्रमुख उत्पादक राज्यों में कीमतों में नरमी आई। महाराष्ट्र में औसत खुदरा कीमत 59 रुपये से घटकर 58.22 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 59.64 रुपये से घटकर 57.88 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अन्य राज्यों की बात करें तो मध्य प्रदेश में कीमतों में अधिक गिरावट दर्ज की गई। वहां चीनी की कीमत 62.36 रुपये से घटकर 56.57 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। वहीं, पश्चिम बंगाल में कीमत मामूली घटकर 60.43 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जो 21 अगस्त को 60.95 रुपये प्रति किलोग्राम थी। सरकार ने 21 अगस्त को चीनी के आयात की अनुमति देने के साथ थोक उपयोगकर्ताओं और डीलर के लिए भंडारण सीमा संबंधी नियमों को और कड़ा कर दिया था। सरकार ने चीनी मिलों पर कीमतें ''बढ़ाने'' का आरोप लगाया है और कहा है कि देश में मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त भंडार है। हालांकि, उसने 2025-26 के विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान पहले के 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया है। देश में सालाना घरेलू मांग 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है।
- नयी दिल्ली. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले उच्चस्तरीय कार्य बल को परीक्षा सुधारों पर सिफारिशों का एक सेट सौंपा है जिसमें अधिक पारदर्शिता, मजबूत सुरक्षा उपायों और प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दो चरणीय प्रणाली जैसे सुझाव दिए गए हैं। छात्र संगठन ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी। संगठन ने कहा कि उसकी सिफारिशें पुणे, नागपुर, भोपाल, दिल्ली, चंडीगढ़ और दक्षिण बिहार में आयोजित गोलमेज सम्मेलनों के दौरान छात्रों और विशेषज्ञों के साथ परामर्श पर आधारित हैं। इसमें कहा गया है कि सिफारिशों में तत्काल, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक सुधारों को शामिल किया गया है जिनका उद्देश्य नीट सहित विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र-अनुकूल बनाना है। उसने कहा कि एक प्रमुख सुझाव प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करना है जिसमें पहला चरण उम्मीदवारों को 'शॉर्टलिस्ट' करने के लिए हो और दूसरा चरण अंतिम चयन के लिए। एबीवीपी ने साल में दो बार नीट परीक्षा आयोजित करने की व्यवहार्यता पर भी विचार करने का सुझाव दिया है, जिसमें अधिकतम प्राप्तांक पर विचार किया जा सकता है।अन्य सिफारिशों में कंप्यूटर-आधारित परीक्षाओं पर अधिक जोर, मजबूत प्रश्न-पत्र सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों के लिए समान राष्ट्रीय मानक और मजबूत उम्मीदवार सत्यापन और डेटा सुरक्षा तंत्र शामिल हैं। एबीवीपी ने दीर्घकालिक सुधारों के लिए पाठ्यक्रम, शिक्षण, मूल्यांकन और प्रवेश परीक्षाओं के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया है। उसने कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए संस्थागत शिक्षा को मजबूत करने, कैरियर परामर्श और योग्यता-आधारित मूल्यांकन शुरू करने, प्रमुख सुधारों को प्रायोगिक परियोजनाओं , समीक्षाओं और स्वतंत्र ऑडिट के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से लागू करने की भी सिफारिश की। एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, ''छात्रों को अपने ज्ञान और कड़ी मेहनत के आधार पर प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम होना चाहिए, न कि उन्हें परीक्षा प्रणाली में खामियों का परिणाम भुगतना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सिफारिशों में पंजीकरण और परीक्षा से लेकर मूल्यांकन और चयन तक की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया है।












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