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जयपुर. राजस्थान के जैसलमेर जिले के फलसूंड थाना क्षेत्र में सोमवार को एक विवाहिता ने घरेलू कलह के चलते घर के पास खेत में बने एक कुंड में अपनी छह साल की मासूम बेटी के साथ कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। थानाधिकारी भंवरलाल ने बताया कि धर्मासर गांव में लक्ष्मी (30) ने अपनी बेटी कुंजन (6) के साथ घर के पास खेत में बने पानी के कुंड में कूदकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। भंवरलाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि मृतका ने यह कदम घरेलू कलह के चलते उठाया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम मंगलवार सुबह करवाया जायेगा। शवों को फलसूंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने बताया कि मृतका के परिजनों के आने पर मामला दर्ज किया जायेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- पुरुलिया (पश्चिम बंगाल),। पश्चिम बंगाल में पुरुलिया जिले के एक सुदूर गांव में जारगो हाई स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा सीमा महतो को अब रात में अकेले घर से बाहर जाने में डर नहीं लगता क्योंकि आत्मरक्षा के प्रशिक्षण ने उसका आत्मविश्वास बढ़ाया है। सीमा जारगो गांव की उन अनेक छात्राओं में शामिल है जिन्हें आत्मविश्वास पैदा करने के लिए इस तरह का प्रशिक्षण दिया गया है। सीमा महतो ने कहा, ‘‘स्कूल में हमारे मार्शल आर्ट के शिक्षक ने सिखाया है कि कोई हम पर हमला कर दे तो हमें कैसे बचना है। मैंने ताइक्वांडो सीखा है और किक मारकर ईंट तक तोड़ सकती हूं।'' उसने कहा, ‘‘मेरे माता-पिता पहले मुझे शाम होने के बाद अकेले बाहर नहीं जाने देते थे। अब उनकी सोच बदल गयी है। मुझे अब अकेले बाहर जाने में डर नहीं लगता क्योंकि मैं ताइक्वांडो जानती हूं और अगर मुझ पर कोई हमला करता है तो मैं अपना बचाव कर सकती हूं।'' इसी विद्यालय की 11वीं कक्षा की छात्रा शकुंतला महतो ने भी सीमा की बात का समर्थन करते हुए कहा कि लड़कियों को मार्शल आर्ट सीखने के बाद डर भगाने में मदद मिली है। सीमा और शकुंतला की तरह और भी लड़कियां अपने आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आनंद ले रही हैं। लड़कियों को इस प्रशिक्षण के तहत कराटे और ताइक्वांडो सिखाया गया है। शकुंतला ने कहा कि पहले जब वह शाम को बाहर जाती थी तो परिवार का कोई एक सदस्य हमेशा साथ रहता था, लेकिन इस प्रशिक्षण के बाद, अब वह ट्यूशन पढ़़ने या मित्रों के घर अकेले जा सकती है।
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ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे जिले में तीन लोगों ने लूटपाट का विरोध करने पर 26 वर्षीय सब्जी विक्रेता को कथित रूप से पांच मंजिला इमारत से नीचे धकेल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने मुंब्रा इलाके में सब्जी विक्रेता से 12 हजार रुपये भी लूट लिए। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यह घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात तीन बजे की है जब पीड़ित सुजीत राजाराम गुप्ता सब्जियों के खाली क्रेट लेने के लिए मुंब्रा आया था। अधिकारी ने कहा कि तीनों ने गुप्ता से पैसे लूटने की कोशिश की और जब वह बचकर भागे तो उनका इमारत की छत तक पीछा किया और पैसे छीनने के बाद उन्हें छत से धक्का दे दिया। उन्होंने बताया कि बाद में गुप्ता का शव खून से लथपथ मिला और उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। पीड़ित के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और लूटपाट का मामला दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। -
नयी दिल्ली। दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बेलीज देश के एक नागरिक के पास से करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की गई है। सीमा शुल्क विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। सीमा शुल्क विभाग की ओर से जारी एक वक्तव्य के मुताबिक आरोपी व्यक्ति को रविवार को दोहा से लौटने के बाद रोका गया। बयान के अनुसार इसके बाद आरोपी के सामान की गहन जांच करने पर उसके ट्रॉली बैग के नीचे और ऊपर के हिस्से में कुछ सामग्री मिली। बयान के अनुसार उसके सामान में से 9.95 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गयी, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 69.95 करोड़ रुपये बतायी जा रही है। विभाग ने कहा कि आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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कोटा . राजस्थान के बूंदी जिले में सोमवार को एक तालाब में नहाने के दौरान दो लड़कों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना दोपहर करीब साढ़े बारह बजे बिजलावा गांव के पास हुई जब तीन दोस्त आशीष बैरवा (17), सुशील उर्फ सोनू (16) और विनोद तालाब में नहाने गए। एसएचओ (नैनवान) सुभाष कटारा ने बताया कि किनारे पर बैठे विनोद ने पाया कि गहरे पानी में गए उसके दो दोस्त वापस नहीं आए। उन्होंने कहा कि वह भागकर गांव पहुंचा और लड़कों के परिवार के सदस्यों को सूचित किया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन किया और मौके पर पहुंचे। एसएचओ ने कहा कि जब तक पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, आशीष और सुशील डूब चुके थे। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
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नयी दिल्ली. सेवानिवृत्ति कोष निकाय ईपीएफओ ने छह महीने से भी कम समय में सेवानिवृत्त होने वाले अपने अंशधारकों को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत जमा राशि निकालने की सोमवार को अनुमति दे दी। फिलहाल कर्मचारी भविष्य निधि कोष (ईपीएफओ) ग्राहकों को छह महीने से कम सेवा बाकी रहने पर अपने कर्मचारी भविष्य निधि खाते में ही जमा राशि की निकासी की अनुमति मिली हुई है। ईपीएफओ के शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी मंडल (सीबीटी) की सोमवार को संपन्न 232वीं बैठक में सरकार को अनुशंसा की गई कि ईपीएस-95 योजना में कुछ संशोधन कर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके अंशदाताओं को पेंशन कोष में जमा राशि निकालने की अनुमति दी जाए। श्रम मंत्रालय के बयान के मुताबिक, सीबीटी ने सरकार से सिफारिश की है कि छह महीने से भी कम सेवा अवधि वाले सदस्यों को अपने ईपीएस खाते से निकासी की सुविधा दी जाए। इसके अलावा न्यासी मंडल ने 34 वर्षों से अधिक समय से इस योजना का हिस्सा रहे सदस्यों को आनुपातिक पेंशन लाभ देने की भी अनुशंसा की है। इस सुविधा से पेंशनधारकों को सेवानिवृत्ति लाभ के निर्धारण के वक्त ज्यादा पेंशन पाने में मदद मिलेगी। श्रम मंत्रालय ने कहा कि ईपीएफओ के न्यासी मंडल ने एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) यूनिट में निवेश के लिए एक विमोचन नीति को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफओ के कामकाज पर तैयार 69वीं वार्षिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी गई जिसे संसद में पेश किया जाएगा। -
अहमदाबाद। गुजरात के मोरबी में एक केबल पुल टूटने से 134 लोगों की मौत के एक दिन बाद सोमवार को अहमदाबाद नगर निगम ने शहर में साबरमती नदी पर केवल पैदल चलने के लिए निर्धारित अटल पुल पर लोगों की संख्या को 3,000 व्यक्ति प्रति घंटे सीमित करने का फैसला किया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। साबरमती नदी के पश्चिमी छोर पर फूलों के बगीचे और पूर्वी छोर पर कला एवं संस्कृति केंद्र को जोड़ने वाले 300 मीटर लंबे और 14 मीटर चौड़े अटल पुल को 27 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था। यह पुल तब से ही लोगों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया है। इस पुल का प्रबंधन करने वाले साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने एक बयान में कहा, ‘‘पुल लगभग 12,000 व्यक्तियों के वजन को सहन करने में सक्षम है, लेकिन अहमदाबाद नगर निगम ने मोरबी पुल त्रासदी को देखते हुए अटल पुल पर आगंतुकों की संख्या को सीमित करने का निर्णय लिया है।'' बयान में कहा गया, ‘‘एहतियात के तौर पर हमने अटल पुल पर आगंतुकों की संख्या को सीमित करने का फैसला किया है। अब, हर घंटे केवल 3,000 आगंतुकों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रति घंटे 3,000 से अधिक व्यक्तियों को पुल पर खड़े होने की अनुमति नहीं दी जाएगी और बाकी को रिवरफ्रंट पर अपनी बारी का इंतजार करने को कहा जाएगा।'' साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कहा कि पुल बहुत मजबूत और सुरक्षित है लेकिन यह निर्णय आगंतुकों की सुरक्षा के लिए लिया गया है। उसने इस मुद्दे पर लोगों से सहयोग की अपील की।
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मोरबी। दिवाली की छुट्टियों का लुत्फ़ उठाने 10 वर्षीय शिवम अपने परिवार के साथ मोरबी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल “झूलता पुल” (केबल पुल) पहुंचा था और रोमांच को महसूस भी कर रहा था लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह राजकोट में अपने माता-पिता और भाई के शवों के साथ लौटा। हादसे में जान गंवाने वाले 134 लोगों में शिवम के परिजन भी शामिल थे।
शिवम ने हाथ से पुल के एक तार को पकड़ लिया था जिससे उसकी जिंदगी बच गई लेकिन उसके माता-पिता और बड़े भाई की किस्मत ने साथ नहीं दिया। पुल पर घूमने आईं अमीना बानो के लिये भी यह मंजर ताउम्र भूल पाना शायद मुमकिन न हो। वह अपने 36 रिश्तेदारों के साथ पुल पर घूमने आई थीं लेकिन इस हादसे ने उनमें से छह की जान ले ली। राजकोट से लोकसभा सदस्य मोहन कुंदरिया ने एक न्यूज़ एजेंसी ' को बताया कि मोरबी कस्बे में पुल गिरने से उनके 12 रिश्तेदारों की मौत हो गई। इस हादसे में बचे कई लोगों ने अपने परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों को खोया है।
बानो ने कहा, “मैं अपने बच्चों समेत परिवार के 36 लोगों के साथ पुल पर गयी थी। इस घटना में मेरे चचेरे भाई और उसके बच्चों सहित मेरे परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई।” भयावह घटना को याद करते हुए बानो ने कहा कि शुरुआत में कोई भी मदद के लिए नहीं आया और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। उन्होंने पूछा, “उन्होंने प्रति व्यक्ति 17 रुपये टिकट शुल्क के तौर पर लिए। कंपनी ने पुल पर इतने लोगों को आने की इजाजत क्यों दी? कंपनी ने कहा कि उसने पुल के नवीकरण पर दो करोड़ रुपये खर्च किए। क्या लोगों की जान की कीमत 17 रुपये है?” राजकोट का रहने वाला शिवम मोरबी में अपने नाना-नानी के घर आया था। रविवार शाम को जब लोगों से भरे पुल पर हादसा हुआ उस वक्त वह, उसके माता-पिता और भाई भी पुल पर मौजूद थे। उसने संवाददाताओं को बताया, “पुल जब अचानक गिरा तो वहां काफी भीड़ थी। मैं बच गया क्योंकि मैंने एक लटकते हुए तार को पकड़ लिया और धीरे-धीरे ऊपर चढ़ गया। लेकिन मेरे भाई, पिता और मां अब भी लापता हैं।” बाद में, राजकोट से उसके रिश्तेदार मोरबी पहुंचे और शिवम के परिवार के सदस्यों के शवों को तलाशा जिन्हें नदी से बाहर निकाला गया था। शवों को राजकोट ले जाया गया और शिवम उनके साथ गया। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में, कुछ युवाओं को पुल के गिरने से कुछ मिनट पहले अन्य पर्यटकों को डराने के लिए पुल के तारों को लात मारते और हिलाते हुए देखा गया था। पुल हादसे में बचे लोगों में से एक मेहुल रावल ने कहा कि जिस वक्त पुल के तार टूटे और वह नदी में गिरा उस वक्त उस पर कम से कम 300 लोग थे। मोरबी के सरकारी अस्पताल में रावल ने संवाददाताओं से कहा, “जब हम पुल पर थे तभी वह टूट गया। सभी लोग नदी में गिर गए। पुल ढहने की मुख्य वजह वहां ज्यादा भीड़ का होना था।” मोहन कुंदरिया ने कहा कि इस हादसे में उनके 12 रिश्तेदारों की मौत हो गई। उन्होंने कहा, “वे रविवार को पिकनिक स्थल पर आए थे लेकिन हादसे में मारे गए।
मोरबी के एक अन्य निवासी ने भी कहा कि हादसे के समय पुल पर कम से कम 300 लोग थे। उसने कहा कि यह पुल मरम्मत के बाद कुछ ही दिनों पहले आम लोगों के लिये खोला गया था। उन्होंने कहा, “पीड़ितों में ज्यादातर बच्चे थे जो दिवाली की छुट्टी का आनंद ले रहे थे। घटना के फौरन बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और कई लोगों को जिंदा नदी से बाहर निकाला। -
जयपुर. राजस्थान में जयपुर ग्रामीण के कोटपुतली थाना क्षेत्र में चार-पांच नकाबपोश बदमाश रविवार तड़के एक बैंक के लगभग 14 लाख रुपये के नोटों से भरे एटीएम को उखाड़कर अपने साथ ले गए। पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र ने बताया कि जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुख्य बाजार में लगे बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) के एटीएम को बदमाशों ने गैस कटर से काटकर अपने वाहन में रखा और घटनास्थल से फरार हो गए। उपनिरीक्षक के मुताबिक, बैंक प्रबंधन की ओर से इस संबंध में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि एटीएम में लगभग 14 लाख रुपये के नोट भरे हुए थे। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के जरिये वाहन और बदमाशों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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नयी दिल्ली. पटरियों पर मवेशियों के ट्रेन से कटने के कारण अक्टूबर के पहले नौ दिनों में 200 रेलगाड़ियां प्रभावित हुई हैं। भारतीय रेल के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अभी तक मवेशियों के पटरी पर कटने के कारण 4,000 ट्रेन प्रभावित हुई हैं। ऐसी घटनाओं से सबसे ज्यादा ‘मुंबई-अहमदाबाद वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन' प्रभावित हुई है। एक अक्टूबर से शुरू हुई इस ट्रेन सेवा को मवेशियों के कटने के कारण अभी तक तीन बार परेशानियों का सामना करना पड़ा है और ट्रेन को भी नुकसान पहुंचा है। अधिकरियों का कहना है कि जिन जगहों पर ऐसी घटनाओं की आशंका ज्यादा है, वहां रेलवे ने पटरियों के आसपास चाहरदीवारी खड़ी की है, लेकिन देश भर में फैली हजारों/लाखों किलोमीटर लंबी पटरियों को घेरना संभव नहीं है, क्योंकि कई जगहों पर यह आवासीय क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं। एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने उन जगहों को चिह्नित किया है, जहां मवेशियों के कटने की घटनाएं ज्यादा हुई हैं और वहां घेराव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन जगहों पर बाड़ लगाने का काम 40 फीसदी तक पूरा हो चुका है। भारतीय रेल के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक अमिताभ शर्मा ने बताया, ‘‘रेलवे पटरियों पर मवेशियों के कटने की घटनाओं में कमी लाने के लिए तमाम प्रयास कर रहा है। हम उन जगहों को चिह्नित कर रहे हैं, जहां ऐसी घटनाएं होती हैं। हम उन जगहों का मुआयना कर रहे हैं और इन घटनाओं का कारण पता करने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार ऐसे कारण सामने आते हैं, जिनका समाधान किया जा सकता है, लेकिन कई बार कोई प्रत्यक्ष कारण नहीं होता है। फिर भी हमारी टीम आसपास के गांवों में जाती है और वहां के सरपंच से बातें करती है। हम ग्रामीणों को पटरियों पर मवेशियों के कटने से होने वाले नुकसान के बारे में समझाते हैं।'' शर्मा ने कहा, ‘‘कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि पटरियों के बीच से अवैध रास्ते का निर्माण हुआ है। कई बार, कई जगहों पर बाड़ लगाने की जरूरत होती है।'' उत्तर-मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के क्षेत्रों में इन घटनाओं के मद्देनजर जिन जगहों को चिह्नित किया गया है, वे हैं... झांसी डिविजन में वीरांगना लक्ष्मीबाई-ग्वालियर स्टेशन, प्रयागराज डिविजन में पंडित दीन दयाल उपाध्याय-प्रयागराज सेक्शन, मुरादाबाद डिविजन में आलम नगर से शाहजहांपुर के बीच, लखनऊ डिविजन में आलम नगर से लखनऊ के बीच। भारतीय रेल में 2020-21 में पटरियों पर मवेशियों के कटने की 26,000 घटनाएं हुई थीं, जिनमें से उत्तर-मध्य रेलवे में 6,500 घटनाएं हुई हैं। भारतीय रेल का यह सेक्शन पटरियों पर मवेशियों के कटने की घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसके तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर की 3,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी रेलवे लाइन आती है। इसमें आगरा, झांसी और प्रयागराज डिविजन आते हैं और पूर्वी भारत से देश के उत्तरी हिस्सों में पहुंचने के लिए यही से होकर गुजरना पड़ता है।
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नागपुर. महाराष्ट्र के अमरावती शहर में रविवार को एक जर्जर दो मंजिला इमारत ढहने से पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घटना दोपहर करीब दो बजे हुई। अमरावती पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने कहा, ‘‘शहर के प्रभात चौक इलाके में स्थित इमारत ढह गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।'' जिलाधिकारी पवनीत कौर ने कहा कि इमारत ढहने के बाद मलबे में दबे लोगों के शवों को बचाव दल ने बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य अभी भी जारी है। कौर ने कहा कि घटना की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमरावती नगर निगम (एएमसी) के एक अधिकारी ने कहा कि निगम ने इस साल जुलाई में इमारत को गिराने के लिए नोटिस जारी किया था क्योंकि यह पुरानी और जर्जर हो गई थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर दुख व्यक्त किया। फडणवीस ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रत्येक मृतक के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। फडणवीस ने कहा कि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट में कहां कि संभाग आयुक्त को घटना की जांच करने का निर्देश दिया गया है।
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नयी दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को डिजिटल भुगतान को ‘जीरो-बैलेंस बेसिक बचत खाता जमा' (बीएसबीडी) पर निकासी पाबंदी के दायरे से बाहर रखना चाहिए। भारती प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे की एक रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ई-कॉमर्स लेनदेन पर ‘मर्चेंट डिकाउंट दर (एमडीआर)' के बदले में एकसमान 0.3 फीसदी का शुल्क लगाने की इजाजत भी सरकार को दी जानी चाहिए। रिपोर्ट कहती है कि ई-कॉमर्स मंचों पर इलेक्ट्रॉनिक तरीकों से होने वाले सभी भुगतान पर 0.3 फीसदी के एकसमान शुल्क के जरिये 5,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकेंगे। इस राशि का उपयोग यूपीआई ढांचे को मजबूत करने और उसकी देखरेख के लिए किया जा सकेगा। बीएसबीडी पर निकासी पाबंदी के बारे में रिपोर्ट कहती है कि डिजिटल भुगतान के मौजूदा चरण में आरबीआई को डिजिटल भुगतान को बचत जमा में निकासी प्रतिबंधों की पुरानी परिभाषा से बाहर रखने के तरीके और साधन तलाशने होंगे। कुछ बैंकों ने बीएसबीडी खातों से लेनदेन की संख्या पर पाबंदी लगाई हुई है। मसलन, मुंबई के एक बैंक ने बीएसबीडी खाते से हर महीने दस बार निकासी की ही सीमा तय की हुई है। रिपोर्ट में कहा गया कि खाते की भिन्न श्रेणी के लिए सेवा शुल्क भी भिन्न हो सकता है लेकिन बचत खाते के लिए लेनदेन को कहीं पर सीमित करना और कहीं पर न करना भेदभावपूर्ण है और यह समानता के अधिकार का विरोधाभासी है।
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नयी दिल्ली. दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावनी इलाके में बंदूक का डर दिखा तीन लोगों ने 35 वर्षीय एक व्यक्ति से उसकी एसयूवी कथित तौर पर लूट ली। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह 5.19 बजे दिल्ली छावनी थाने को झरेड़ा गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-8 से कार लूट की सूचना मिली। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी शिकायतकर्ता राहुल ने बताया कि तीन अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और बंदूक का डर दिखा उनसे उनकी सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर कार लूट ली। अधिकारी ने कहा कि दिल्ली छावनी थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 397 (डकैती, लूटपाट के साथ जान को नुकसान पहुंचाने या गंभीर चोट पहुंचाना) और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच जारी है। घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में, ड्राइवर अपनी सफेद फॉर्च्यूनर कार को उस स्थान के पास पार्क करता है, जहां तीन व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए थे। एसयूवी के मालिक राहुल जब गाड़ी से बाहर आते हैं तो एक शख्स अपनी जेब से पिस्टल निकालता है और उन्हें धमकाता है। दो अन्य बंदूकधारी आरोपी भी वहां आए और कार लेकर तीनों मौके से फरार हो गए।
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कानपुर. जिले के चौबेपुर क्षेत्र में रविवार को एक सेप्टिक टैंक की शटरिंग हटाते वक्त जहरीली गैस के संपर्क में आने से तीन लोगों की मृत्यु हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) विजय ढुल ने बताया कि चौबेपुर के निवासी नंदू (18), उसका बड़ा भाई मोहित (24) और पड़ोस में रहने वाला 16 वर्षीय साहिल बिठूर क्षेत्र में कुछ महीने पहले बने एक सेप्टिक टैंक की शटरिंग हटाने के लिए उसमें दाखिल होने के बाद जहरीली गैस के संपर्क में आने से बेहोश हो गए। उन्होंने बताया कि साहिल शटरिंग हटाने के लिए टैंक में उतरा था लेकिन जहरीली गैस की वजह से वह बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए नंदू और मोहित भी टैंक में उतर गए लेकिन वे भी बेहोश हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने तीनों को बाहर निकाला और उन्हें लाला लाजपत राय अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि मृतकों के परिजन की शिकायत पर मामला दर्ज किया जाएगा।
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वडोदरा . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय वायु सेना के लिए सी-295 सैन्य परिवहन विमान की विनिर्माण सुविधा की आधारशिला रखी। इसके साथ ही, उन्होंने वैश्विक रक्षा कंपनियों से दुनिया के लिए भारत में सैन्य साजो-सामान का निर्माण करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ‘‘मेक इन इंडिया'' और ‘‘मेक फॉर द ग्लोब'' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियां ‘‘स्थिर, अनुमानित और भविष्योन्मुखी'' हैं जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है। पिछले साल सितंबर में 21,935 करोड़ रुपये के समझौते के तहत, टाटा समूह यूरोप की कंपनी एयरबस के सहयोग से वडोदरा इकाई में 40 सी-295 परिवहन विमान का विनिर्माण करेगा। समझौते के मुताबिक, उड़ान के लिए तैयार 16 विमानों को सितंबर, 2023 से लेकर अगस्त, 2025 के बीच भारतीय वायुसेना को सौंप दिया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘आज हमने भारत को परिवहन विमान का विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।'' देश में यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें एक सैन्य विमान का विनिर्माण निजी कंपनी की तरफ से किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत कम लागत वाले विनिर्माण और उच्च उत्पादन के अवसर पेश कर रहा है। आज भारत एक नयी सोच, एक नयी कार्य-संस्कृति के साथ काम कर रहा है।'' प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र की कंपनियों से देश में विनिर्माण के लिए अनुकूल वातावरण का लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत परिवहन विमानों का एक प्रमुख निर्माता बनने जा रहा है और उन्हें वह दिन दिखाई दे रहा है जब देश में बड़े वाणिज्यिक विमान बनाए जाएंगे। भारत में यात्री और मालवाहक विमानों की बढ़ती मांग का उल्लेख करते हुए, मोदी ने कहा कि देश को अगले 15 वर्षों में 2,000 से अधिक विमानों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द ग्लोब' के वादे को वडोदरा से नया प्रोत्साहन मिलेगा क्योंकि यह सुविधा भविष्य में अन्य देशों को निर्यात के लिए ऑर्डर लेने में सक्षम होगी। मोदी ने कहा कि वडोदरा में सी-295 विमान के विनिर्माण से न केवल सेना को ताकत मिलेगी बल्कि इससे विमानों के विनिर्माण का नया ‘इकोसिस्टम' भी तैयार होगा। मोदी ने कहा, ‘‘वडोदरा जो एक सांस्कृतिक और शिक्षा केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है, विमानन क्षेत्र के केंद्र के रूप में एक नयी पहचान बनाएगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘पिछले आठ वर्षों में'' 160 से अधिक देशों की कंपनियों ने भारत में निवेश किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विदेशी निवेश कुछ उद्योगों तक सीमित नहीं हैं बल्कि अर्थव्यवस्था के 61 क्षेत्रों में फैले हुए हैं और भारत के 31 राज्यों को कवर करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 2025 तक अपने रक्षा निर्माण को 25 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक करना है। हमारा रक्षा निर्यात भी 5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो जाएगा।'' मोदी ने कहा कि भारत ने आज विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक ‘‘बड़ा कदम'' उठाया है, साथ ही देश लड़ाकू विमान, टैंक, पनडुब्बी, दवाएं, टीके, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और कार बना रहा है जो कई देशों में लोकप्रिय हैं। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की भारत की आकांक्षा में मील का पत्थर बताया। इन विमानों का विनिर्माण टाटा समूह और यूरोप की एयरोस्पेस कंपनी एयरबस का गठजोड़ करेगा। टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘यह न केवल टाटा समूह के लिए बल्कि देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि यह भारत को वास्तव में आत्मनिर्भर देश बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है।'' एयरबस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिलाउम फाउरी ने कहा कि उनकी कंपनी ‘‘भारत में एयरोस्पेस के लिए ऐतिहासिक क्षण'' में एक भूमिका निभाने को लेकर सम्मानित महसूस कर रही है। उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, ‘‘एयरबस की हमारी टीम सी-295 कार्यक्रम के साथ भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो देश में निजी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के विकास में भी योगदान देगा।'' इस संयंत्र में बनने वाले इन मध्यम दर्जे के परिवहन विमानों की आपूर्ति भारतीय वायुसेना को की जाएगी। इसके अलावा विदेशी बाजारों को भी ये विमान भेजे जाएंगे। पिछले साल सितंबर में भारत ने प्रमुख विमान विनिर्माता कंपनी एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ समझौता किया था जिसके तहत वायुसेना के पुराने पड़ चुके परिवहन विमान एवरो-748 की जगह लेने के लिए एयरबस से 56 सी-295 विमानों की खरीद का प्रावधान था। एवरो विमानों को 1960 के दशक में सेवा में शामिल किया गया था। इस समझौते के तहत एयरबस स्पेन के सेविले स्थित अपनी असेंबली इकाई से 16 विमानों को पूरी तरह तैयार स्थिति में चार साल के भीतर भारत को सौंपेगी। बाकी 40 विमानों को भारत में ही टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के सहयोग से बनाया जाएगा। वहीं, भारत में स्थानीय स्तर पर बनने वाला पहला सी-295 विमान वडोदरा विनिर्माण संयंत्र में सितंबर, 2026 तक तैयार हो जाएगा। बाकी 39 विमानों को अगस्त, 2031 तक बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। मोदी ने कहा कि परिचालन की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और भारत लागत प्रतिस्पर्धात्मकता के साथ-साथ गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत कम लागत निर्माण और उच्च उत्पादन का अवसर प्रस्तुत कर रहा है।'' उन्होंने आगे कहा कि भारत में कुशल जनशक्ति का एक विशाल समूह है। मोदी ने कहा कि ‘‘एक समय'' प्रमुख विचार सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना था क्योंकि विनिर्माण को पहुंच से बाहर माना जाता था। मोदी ने पिछली सरकार के ‘‘दृष्टिकोण'' पर भी अफसोस जताया, जहां विनिर्माण क्षेत्र को सब्सिडी के माध्यम से बमुश्किल क्रियाशील रखा गया था। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति या पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा की गई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने निर्णय लेने के अस्थायी दृष्टिकोण को त्याग दिया है और निवेशकों के लिए विभिन्न नए प्रोत्साहनों के साथ आए हैं।'' भारतीय वायु सेना दुनिया भर में 35वां सी-295 ऑपरेटर बन जाएगा। अब तक, कंपनी को दुनिया में 285 ऑर्डर मिल चुके हैं जिनमें से 200 से अधिक विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है। कुल 34 देशों के 38 ऑपरेटर की तरफ से ये ऑर्डर आए थे। वर्ष 2021 में, सी-295 विमानों ने पांच लाख से अधिक उड़ान घंटे दर्ज किए। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने कहा कि इस संयंत्र में बनने वाला विमान उन्नत लैंडिंग ग्राउंड के अलावा कामचलाऊ हवाई-पट्टियों से भी उड़ान भर पाने में सक्षम होगा। एयरबस का यह परिवहन विमान पहली बार यूरोप से बाहर किसी देश में बनाया जाएगा। भारतीय वायुसेना के लिए निर्धारित 56 विमानों की आपूर्ति करने के बाद एयरबस को इस संयंत्र में तैयार विमानों को दूसरे देशों के असैन्य विमान परिचालकों को भी बेचने की इजाजत होगी। हालांकि, दूसरे देशों में इन विमानों की मंजूरी के पहले एयरबस को भारत सरकार से मंजूरी लेनी होगी। छोटी या आधी-अधूरी हवाई पट्टियों से परिचालन की प्रमाणित क्षमता के साथ, सी-295 का इस्तेमाल 71 सैनिकों या 50 पैराट्रूपर्स के सामरिक परिवहन के लिए और उन स्थानों पर साजो सामान पहुंचाने के अभियान के लिए किया जाता है जो वर्तमान भारी विमानों के लिए सुलभ नहीं हैं। विमान पैराट्रूप्स और सामग्री को एयरड्रॉप कर सकता है, और इसका इस्तेमाल हताहत या चिकित्सा निकासी के लिए भी किया जा सकता है। विमान विशेष मिशन के साथ-साथ आपदा प्रतिक्रिया और समुद्री गश्ती दायित्वों को पूरा करने में सक्षम है। टाटा कंसोर्टियम द्वारा विमान का एक एकीकृत प्रणाली के रूप में परीक्षण किया जाएगा। विमान का उड़ान परीक्षण किया जाएगा और टाटा कंसोर्टियम सुविधा में एक वितरण केंद्र के माध्यम से वितरित किया जाएगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से 600 उच्च कुशल नौकरियां, 3,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार और एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्र में 42.5 लाख से अधिक मानव कार्य घंटे के साथ 3000 अतिरिक्त मध्यम-कौशल स्तरीय रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना के लिए स्पेन में एयरबस सुविधा में लगभग 240 इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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कोलकाता। वायु प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के मकसद से पश्चिम बंगाल सरकार अगले दो वर्षों में कोलकाता में लगभग 1,200 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत करेगी, जिनमें से 400 बसों का संचालन जनवरी 2023 तक होने लगेगा। एक वरिष्ठ परिवहन अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में सीएनजी आधारित बसें चलाने की दिशा में भी काम कर रहा है। अधिकारी ने कहा, ‘‘विभाग अगले दो वर्षों में कोलकाता नगर निगम क्षेत्र की सड़कों पर 1,180 इलेक्ट्रिक बसें उतारेगा, जिनका संचालन पश्चिम बंगाल परिवहन निगम (डब्ल्यूबीटीसी) करेगा। इनमें से 400 बसों का संचालन अगले साल जनवरी तक होने लगेगा।'' पर्यावरण कार्यकर्ता सुभाष दत्ता ने इस कदम का स्वागत किया और इसे ‘अच्छी शुरुआत' बताया।
उन्होंने कहा, “कोलकाता महानगरीय क्षेत्र में करीब 10 से 12 लाख निजी वाहनों के चलने के मद्देनजर यह बहुत छोटी, लेकिन सकारात्मक पहल है। कम से कम पर्यावरण की सेहत में सुधार शुरू होगा, इलेक्ट्रिक बसें निश्चित रूप से कार्बन उत्सर्जन के स्तर में कमी लाएंगी।'' वर्तमान में पूर्वी महानगर में लगभग 80 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं, जिन्हें केपेक्स (पूंजीगत व्यय) मॉडल के तहत अधिग्रहित किया गया था। डब्ल्यूबीटीसी वाहनों की खरीद के सथा-साथ इन्हें संचालित भी कर रहा है। डब्ल्यूबीटीसी के अधिकारी ने बताया कि कोलकाता से सटे साल्ट लेक और न्यू टाउन इलाकों के लिए 50 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की गई है। इनमें से 11 का संचालन भी शुरू किया जा चुका है। उन्होंने कहा, नयी 1,180 बसों को ओपेक्स (परिचालन व्यय) मॉडल के तहत अधिग्रहित किया जा रहा है। टाटा निर्मित ये बसें एक एजेंसी द्वारा प्रदान की जाएंगी। अधिकारी के मुताबिक, हम प्रत्येक किलोमीटर के आधार पर कंपनी को भुगतान करेंगे। बस के चालक फर्म द्वारा प्रदान किए जाएंगे, जबकि परिचालक डब्ल्यूबीटीसी से होंगे।'' परिवहन विभाग के अधिकारी ने कहा कि सीएनजी से चलने वाली नयी बसें दो अन्य राज्य परिवहन उपक्रमों (एसटीयू)-दुर्गापुर मुख्यालय स्थित एसबीएसटीसी (दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम) और कूचबिहार मुख्यालय स्थित एनबीएसटीसी (उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम) द्वारा अधिग्रहित की जाएंगी। -
नयी दिल्ली। निर्वाचन आयोग इस सप्ताह गुजरात के आगामी विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। 2017 में अपनाई गई परंपरा का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग ने इस महीने की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों के साथ गुजरात के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की थी। हिमाचल में 12 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती आठ दिसंबर को की जाएगी।
आयोग ने हिमाचल प्रदेश के लिए मतगणना की तारीख को मतदान के करीब एक महीने बाद रखते हुए स्पष्ट संकेत दिया था कि गुजरात चुनाव के वोटों की गिनती भी आठ दिसंबर को होगी। 2017 में दोनों राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर चुनाव की घोषणा की गई थी, लेकिन मतगणना 18 दिसंबर को एक साथ हुई थी। दरअसल, गुजरात में बाढ़ के चलते निर्वाचन आयोग को राज्य में हिमाचल चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद मतदान कराना पड़ा था। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में साल 1998, 2007 और 2012 में एक साथ चुनाव हुए थे। 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी 2023 को समाप्त हो रहा है। -
भोपाल । पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ओ पी रावत ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव' अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा है कि 2024 में लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का मौका है, लेकिन इस पर आगे बढ़ने से पहले सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान चुनाव प्रणाली में किसी भी बदलाव के लिए कई संवैधानिक संशोधनों की आवश्यकता होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर जोर दिया है, जबकि निर्वाचन आयोग (ईसी), विधि आयोग और नीति आयोग जैसे प्रमुख निकायों ने भी अलग-अलग चुनावों को कराने में हो रहे भारी व्यय को देखते हुए इस विचार को उपयोगी बताया है। देश में सालभर नियमित अंतराल में कोई न कोई चुनाव होता रहता है, जिससे सभी राजनीतिक दल हर समय चुनावी मोड में रहते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक साथ चुनाव कराने के विचार का पूरा समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस ने सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया है। हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों और विश्लेषकों ने इसके प्रति बहुत उत्साह नहीं दिखाया है।
रावत ने कहा, निर्वाचन आयोग ने पहले सरकार को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर विस्तृत योजना सौंपी थी। मेरा मानना है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव हर पांच साल में एक साथ कराए जा सकते हैं, जैसा कि देश में 1967 तक होता था। उन्होंने कहा, ‘‘यह सत्तारूढ़ दल द्वारा सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर और उनके बीच आम सहमति कायम कर संवैधानिक संशोधन के जरिये किया जा सकता है।'' रावत ने कहा कि इसके अलावा, विधि आयोग ने 30 अगस्त 2018 को जारी एक मसौदा रिपोर्ट में और नीति आयोग ने अपने चर्चा पत्र में लोकसभा एवं सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने और इस प्रक्रिया को 2019 के लोकसभा चुनाव से शुरू करने की सिफारिश के साथ एक विस्तृत योजना दी थी। उन्होंने कहा, “2019 में विधि आयोग की सिफारिश और नीति आयोग के सुझाव के अनुसार एक साथ चुनाव कराने का जो अवसर था, वह अब 2024 (जब लोकसभा चुनाव होने हैं) में एक बार फिर उपलब्ध होगा। -
नयी दिल्ली। भारत 2035 तक अपना खुद का अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की सोच रहा है और ऐसे में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारी-भरकम पेलोड कक्षा में स्थापित करने में सक्षम पुन: इस्तेमाल योग्य रॉकेट विकसित करने में उसके साथ साझेदारी के लिए उद्योग जगत के सामने प्रस्ताव रखा है। ऐसे रॉकेट को अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान (एनजीएलवी) कहा गया है। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी रॉकेट के डिजाइन पर काम कर रही है और चाहेगी कि इसके विकास में उद्योग उसके साथ साझेदारी करें। सोमनाथ ने कहा, ‘‘विकास प्रक्रिया में उद्योग जगत को साथ लाने का इरादा है। हमें सारा पैसा निवेश करने की जरूरत नहीं है। हम चाहते हैं कि हम सभी के लिए इस रॉकेट के निर्माण में उद्योग निवेश करे।'' उन्होंने कहा कि रॉकेट से भूस्थैतिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में 10 टन पेलोड ले जाने या पृथ्वी की निचली कक्षा में 20 टन पेलोड ले जाने की योजना है। इसरो के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि नया रॉकेट मददगार होगा क्योंकि भारत की 2035 तक अपना अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की योजना है और गहरे अंतरिक्ष मिशन पर, मानवीय अंतरिक्ष उड़ानों, मालवहन मिशनों और एक ही समय में कक्षा में अनेक संचार उपग्रहों को स्थापित करने पर भी उसकी नजर है। एनजीएलवी को भारी मात्रा में उत्पादन के लिए सामान्य, मजबूत मशीन के रूप में डिजाइन किया गया है। इससे अंतरिक्ष में परिवहन किफायती होगा। सोमनाथ ने कहा कि ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) 1980 के दशक में विकसित प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं और भविष्य में रॉकेट प्रक्षेपित करने में इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसरो की एनजीएलवी की डिजाइन एक साल में तैयार करने की योजना बनाई है और 2030 में संभावित रूप से प्रस्तावित इसके पहले प्रक्षेपण के साथ उद्योग जगत को इनके उत्पादन के लिए पेशकश की जा सकती है। एनजीएलवी हरित ईंधन से संचालित तीन स्तर वाला रॉकेट हो सकता है जिसमें मीथेन और तरल ऑक्सीजन या केरोसिन और तरल ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जा सकता है। सोमनाथ द्वारा इस महीने की शुरुआत में एक सम्मेलन में दिये गये प्रस्तुतिकरण के अनुसार एनजीएलवी पुन: उपयोग वाले स्वरूप में 1900 डॉलर प्रति किलोग्राम की लागत में और उत्सर्जनीय स्वरूप में 3000 डॉलर प्रति किलोग्राम की दर से पेलोड ले जा सकता है।
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गुरुग्राम। गुरुग्राम में रविवार को अज्ञात हमलावरों ने 42 वर्षीय प्रापर्टी डीलर की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी जब वह सो रहा था। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, डूंडाहेड़ा गांव निवासी धर्मेश यादव सेक्टर-22 स्थित अपने निर्माणाधीन मकान में सो रहे थे, जहां देर रात करीब दो बजे दो हथियारबंद लोगों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस उपायुक्त दीपक सराहन ने बताया कि हत्या करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। उसी इमारत में सो रहे एक अन्य कर्मचारी ने शव देखने के बाद शोर मचाया और परिवार को सूचित किया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस का दल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने से पहले शव सौंपने से इनकार कर दिया। अधिकारी ने कहा, ''हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चला है।
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जम्मू । पुलिस ने आरएस पुरा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट ड्रोन से गिराए गए हथियारों की एक खेप बरामद की है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने कहा कि पुलिस को रविवार तड़के बासपुर बंगला इलाके में ड्रोन की गतिविधि का पता चला, जिसके बाद क्षेत्र के सभी पुलिस थानों को सतर्क किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंद्र बोस और शमशेर सिंह के रूप में हुई है।सिंह ने कहा कि चार पिस्तौल, आठ मैगजीन और 47 राउंड बरामद किए गए हैं।
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गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में संदिग्ध परिस्थितियों में एक इमारत की आठवीं मंजिल से गिरकर 12वीं कक्षा के एक छात्र की हुई मौत के मामले में पुलिस ने पिता की शिकायत पर उसके दोस्त के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। छात्र गुरुग्राम के सेक्टर 45 में एक आवासीय परिसर स्थित एक इमारत की चौथी मंजिल पर शनिवार को अपने दोस्त से मिलने गया था । मरने वाले छात्र के पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि शनिवार को लगभग एक बजे उनकी पत्नी के पास एक फोन आया कि उनका बेटा ठीक महसूस नहीं कर रहा है। पिता ने कहा, ‘‘जब मेरी पत्नी सोसाइटी में पहुंची तो मेरा बेटा खून से लथपथ पड़ा था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेरे बेटे की हत्या हुई है और मैं दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना चाहता हूं। पुलिस के अनुसार, कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और उसके (मृतक के) मोबाइल फोन की जांच की जा रही है । शिकायत के बाद, भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सेक्टर 40 पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है ।
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नई दिल्ली। देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए असम, अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर और मिजोरम के पांच शहरों से तीन नई उड़ानें शुरू की गई हैं। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन उड़ानों का उद्घाटन किया। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) उडान के अंतर्गत इंफाल और आईजोल के बीच विमान सेवा सप्ताह में पांच बार संचालित की जाएगी, जबकि शिलॉंग और लीलाबाड़ी के बीच सप्ताह में चार दिन उड़ान संचालित होगी। लीलाबाड़ी और जीरो के बीच भी सप्ताह में दो दिन उड़ान भरी जाएगी।
श्री सिंधिया ने यह घोषणा भी कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान के अंतर्गत दो नए मार्गों पर भी विमान सेवाए उपलब्ध होंगी। ये हैं- अगरतला से चट्टगांव और इम्फाल से मंडाले। नई विमान सेवाओं से देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा। श्री सिंधिया ने कहा कि सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में हवाई संपर्क बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा पिछले आठ वर्षों में इस क्षेत्र में सात हवाई अड्डे बनाए गए हैं। - एकता नगर (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के एकता नगर में 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास एक भूलभुलैया उद्यान सहित तीन आकर्षणों को लोगों को समर्पित किया। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने ‘मियावाकी' वन और एक हाउसबोट का भी उद्घाटन किया। विज्ञप्ति के अनुसार, अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ इन नए आकर्षणों का उद्घाटन करने के लिए नर्मदा जिले के एकता नगर पहुंचे, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था। विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘2,100 मीटर के मार्ग के साथ तीन एकड़ में फैला यह नया जुड़ा भूलभुलैया उद्यान देश का सबसे बड़ा भूलभुलैया उद्यान है और इसे केवल आठ महीने की छोटी अवधि में विकसित किया गया है।'' विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘इसे एक ‘यंत्र' के आकार में बनाया गया है जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इस उद्यान की उलझन भरी सड़कों पर घूमना पर्यटकों के मन, शरीर और इंद्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।'' इस भूलभुलैया उद्यान के पास ‘मियावाकी' वन के रूप में 1,80,000 पौधे लगाए गए हैं, जिसे मूल रूप से ‘डंपिंग साइट' (कचरा स्थल) के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले स्थान पर बनाया गया है। इस तरह के वन का नाम जापानी वनस्पतिशास्त्री और पारिस्थितिक विज्ञानी डॉ अकीरा मियावाकी के नाम पर किया जाता है जिन्होंने इस तरह के वन को विकसित करने की तकनीक इजाद की। इसमें पौधे एक-दूसरे के करीब लगाए जाते हैं जो घने शहरी जंगल में विकसित होते हैं। इस विधि से पौधों की वृद्धि दस गुना तेज होती है और इसके परिणामस्वरूप विकसित वन तीस गुना अधिक सघन होता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास गुजरात की पहली हाउसबोट सेवा ‘ओयो एकता हाउसबोट' का भी उद्घाटन किया। एक बयान में ओयो कंपनी ने कहा कि हाउसबोट शिल्प कौशल का एक समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से विविध संगम प्रदान करता है। कंपनी ने कहा कि पोत 90 फीट लंबा और 20 फीट चौड़ा है जिसमें दो शानदार बेडरूम, एक डाइनिंग रूम, एक ड्राइंग रूम, एक किचन, एक फ्रंट डेक तथा एक अपर ऑब्जर्वेशन डेक है।
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गुजरात में भयानक हादसा; मोरबी में केबल पुल टूटने से कम से कम 60 लोगों की मौत
मोरबी. गुजरात के मोरबी शहर में रविवार की शाम मच्छु नदी पर बना केबल पुल टूटने से कम से कम 60 व्यक्तियों की मौत हो गई। यह पुल करीब एक सदी पुराना था और मरम्मत के बाद हाल ही में इसे लोगों के लिए खोला गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि हाल ही में मरम्मत के बाद जनता के लिए चार दिन पहले ही फिर से खोले गए इस पुल पर लोगों की काफी भीड़ थी। उन्होंने बताया कि पुल शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया। गुजरात के मंत्री बृजेश मेरजा ने कहा, ‘‘हादसे में कम से कम 60 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई।''प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि अंग्रेजों के समय के ‘‘हैंगिंग ब्रिज'' पर उस समय कई महिलाएं और बच्चे थे, जब वह टूट गया। इससे लोग नीचे पानी में गिर गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कुछ लोगों को पुल पर कूदते और उसके बड़े तारों को खींचते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पुल उस पर "लोगों की भारी भीड़" के कारण टूट कर गिर गया हो। उन्होंने बताया कि पुल गिरने के चलते लोग एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े। दीपावली की छुट्टी और रविवार होने के कारण प्रमुख पर्यटक आकर्षण पुल पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ी हुई थी। एक निजी संचालक ने लगभग छह महीने तक पुल की मरम्मत का काम किया था। पुल को 26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष दिवस पर जनता के लिए फिर से खोला गया था। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को नदी से निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम नावों की मदद से बचाव कार्य कर रहे हैं। नदी में करीब 40-50 लोग हैं।'' गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि वह त्रासदी से दुखी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन को घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। मैं इस संबंध में जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं।'' प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना के संबंध में मुख्यमंत्री पटेल और अधिकारियों से बात की। मोदी इस समय गुजरात में हैं। पीएमओ ने कहा, ‘‘उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी) बचाव अभियान के लिए दलों को तत्काल तैनात करने को कहा है। उन्होंने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने को कहा है।''

























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