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नई दिल्ली। गुजरात के अरावली जिले में शुक्रवार को एक कार की टक्कर से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना अरावली के मालपुर तालुका के कृष्णापुर गांव के पास हुई। पुलिस के अनुसार श्रद्धालु भद्रवी पूनम मेले में शामिल होने के लिए पैदल अंबाजी मंदिर की ओर जा रहे थे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के निकट परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अरावली जिला अधिकारी को घायलों का समय पर आवश्यक चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने को कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सडक दुर्घटना में मारे गए लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है। एक ट्वीट में श्री मोदी ने दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि पीडितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। -
बदायूं (उत्तर प्रदेश). जनपद मूसाझाग थाना क्षेत्र के बदायूं-दातागंज मार्ग पर बृहस्पतिवार शाम तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पेड़ से जा टकराई। दुर्घटना में बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल बच्चे को नजदीकी सीएससी में भर्ती कराया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीन लोग कस्बा मूसाझाग के बाजार से बाइक से अपने गांव लौट रहे थे, उसी दौरान उनकी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार सुभाष (20) और छविराम (30) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि नौ वर्षीय पंकज घायल हो गया। पुलिस अधीक्षक (नगर क्षेत्र) अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि थाना मूसाझाग क्षेत्र के मेहरी बजर गांव निवासी सुभाष एवं छविराम की मोटरसाइकिल पेड़ से टकरा गई जिसमें दोनों की मौत हो गई जबकि एक बच्चा घायल हो गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। -
नयी दिल्ली. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने बृहस्पतिवार को कहा कि गर्भाशय ग्रीवा (सर्विकल) कैंसर की रोकथाम के लिए पहला स्वदेश विकसित ‘क्वाड्रीवैलेंट' ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (एचपीवी) टीका जल्द ही 200 से 400 रुपये के किफायती दाम पर लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगा। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह टीकों की वैज्ञानिक प्रक्रिया पूरी होने की घोषणा के लिए आयोजित समारोह में शामिल हुए। सिंह ने कहा कि टीका किफायती होगा और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि यह आमजन को उपलब्ध हो। वैज्ञानिक प्रक्रिया पूरी होने का अर्थ है कि टीके से संबंधित अनुसंधान एवं विकास कार्य पूरा हो चुका है और अब अगला चरण उसे आमजन के लिए उपलब्ध कराना है। सिंह ने समारोह में कहा कि कोविड ने स्वास्थ्य देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाई है जिसके कारण गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी बीमारियों के टीके विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने हमें निवारक स्वास्थ्यसेवा के बारे में सोचने पर मजबूर किया और अब हम इसे वहन कर सकते हैं। जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने इस मामले में अग्रणी भूमिका निभाई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘वैज्ञानिक प्रयासों को कभी-कभी वह पहचान नहीं मिल पाती जिसके वे हकदार होते हैं। यह समारोह वैज्ञानिक प्रक्रिया के पूरा होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया।'' पूनावाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का टीका किफायती होगा और यह 200 से 400 रुपये में उपलब्ध होगा। बहरहाल, अंतिम कीमत अभी तय नहीं की गई है।'' पूनावाला ने कहा कि ‘‘गर्भाशय ग्रीवा का टीका अन्य टीकों की तुलना में बहुत किफायती होगी। उन्होंने कहा कि टीका संभवत: इस साल के अंत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले सरकार के माध्यम से टीका उपलब्ध कराया जाएगा और अगले साल से कुछ निजी भागीदार भी इसमें शामिल होंगे। पूनावाला ने कहा कि उनकी योजना 20 करोड़ खुराक तैयार करने की है और पहले भारत में टीका उपलब्ध कराया जाएगा और उसके बाद ही इसे अन्य देशों की जरूरतें पूरी करने के लिए उसे निर्यात किया जाएगा। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव राजेश गोखले ने कहा कि इस टीके को विकसित करने की प्रक्रिया में देश भर में 2,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के अनुसंधान में निजी-सार्वजनिक साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण होती जा रही है, यह सह-निर्माण दुनिया में बदलाव लाने वाला है।'' वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक डॉ एन कलैसेल्वी ने कहा कि यह इस क्षेत्र में पहला अहम कदम एवं अनुसंधान है और यह आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने इस प्रकार के नवोन्मेष के लिए अत्यधिक सावधानी बरती है, ताकि हम ‘आत्मनिर्भर' बन पाए। अधिकारियों के मुताबिक, एचपीवी टीका सेरवावैक ने एचपीवी के सभी लक्षित प्रकारों के खिलाफ निर्धारित आधार से करीब 1,000 गुना अधिक एंटीबॉडी प्रतिक्रिया प्रदर्शित की। भारत में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर 15 से 44 वर्ष के आयु वर्ग की महिलाओं में दूसरा सर्वाधिक संख्या में पाया जाने वाला कैंसर है।
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देहरादून. जिले के कालसी क्षेत्र में एक कार के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार हिमाचल प्रदेश के तीनों लोगों की मृत्यु हो गयी। पुलिस ने यहां बताया कि दुर्घटना कोठी इच्छाड़ी में हुई जहां कार अचानक अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। उन्होंने बताया कि कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और बचाव एवं राहत कार्य चलाया। घटनास्थल पर पहुँचकर रस्सी के माध्यम से टीम गहरी खाई में उतरी और शवों को कार से बाहर निकालकर स्ट्रेचर की मदद से सड़क तक पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान हिमाचल प्रदेश के नेखा के रहने वाले दिलशाद (24) और डकोली के पमिश (34) के रूप में हुई है जबकि तीसरे व्यक्ति की पहचान नहीं हो पायी है।
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मुंबई । उपनगरीय इलाके सेवरी में झुग्गियों में रहने वाली महिलाओं के घरों में खिड़की और दरवाजे की दरार या टिन की दीवारों से झांक कर महिलाओं के वीडियो बनाने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने 2019 और 2020 में यह कृत्य किये और रविवार को दो व्यक्तियों के बीच झड़प के दौरान इसका खुलासा हुआ। अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में, सेवरी के बोटहार्ट रोड झुग्गी के निवासी आरोपी सतीश (29), आरोपी स्टीफेन नादर (21) और आरोपी सरवन (23) पर भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पोर्ट जोन की पुलिस उपायुक्त गीता चव्हाण ने कहा, “हमें आरोपी के मोबाइल फोन में कई वीडियो मिले जिसमें महिलाओं की निजी गतिविधियां दिख रही थीं। हमें फाउंटेन पेन ड्राइव मिलीं जिसमें ये वीडियो सेव किये गए थे।” उन्होंने कहा, “अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने अपने लिए ये वीडियो बनाये थे। हम इसकी जांच कर रहे हैं कि इन वीडियो को सोशल मीडिया पर डाला या किसी को बेचा गया था या नहीं।” डीसीपी ने कहा कि एक झगड़े के दौरान वीडियो सामने आने के बाद एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद आरोपियों को पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया।
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न्यूयार्क। सोशल मीडिया मंच ट्विटर पर आप स्थायी रूप से गलत लिखे गए ट्वीट को जल्द ही संशोधन कर सकेंगे। ट्विटर ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह उपयोगकर्ताओं को अपने ट्वीट संपादित करने की अनुमति देने वाले 'एडिट' बटन पर काम कर रही है। ट्विटर ने कहा कि यह अब तक की सबसे अधिक अनुरोध वाली सुविधाओं में से एक है।
सोशल मीडिया कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि वह ट्वीट संशोधित करने की सुविधा का आंतरिक रूप से परीक्षण कर रही है और इस महीने के अंत में अपनी ‘प्रीमियम ट्विटर ब्लू' सेवा के ग्राहकों के लिए इसे शुरू करने की योजना बना रही है। ‘एडिट' सुविधा उपयोगकर्ताओं को पहली बार ट्वीट प्रकाशित करने के बाद गलतियों को ठीक करने या हैशटैग जोड़ने जैसे बदलाव करने के लिए 30 मिनट का समय देगा। यह स्पष्ट करने के लिए कि एक ट्वीट को संशोधित किया गया है कि नहीं, उपयोगकर्ताओं को एक लेबल और आइकन निर्धारित समय के साथ दिखाई देगा। उपयोगकर्ता लेबल पर ‘टैप' करके ट्वीट के पिछले संस्करणों को देख सकेंगे। ट्विटर ने कहा कि वह उपयोगकर्ताओं के एक छोटे समूह के साथ 'एडिट' सुविधा का परीक्षण कर रहा है ताकि वह संभावित मुद्दों की पहचान और समाधान कर सके। -
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने सभी विभागों से कहा है कि उन्हें भर्तियों के लिए लंबे समय तक एक ही विशेषज्ञ पर बार-बार भरोसा करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए। इसके साथ ही केंद्र ने स्वायत्त संगठनों में नियुक्तियों के लिए ‘तलाश-सह-चयन' समितियों के गठन के लिए ‘‘क्या करें और क्या नहीं करें'' संबंधी नया निर्देश जारी किया। कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि पद के लिए सही उम्मीदवार की पहचान हो सके, ऐसी समितियों में नए लोगों को शामिल करने की जरूरत है। मंत्रालय ने (स्वायत्त संगठनों में पदों के लिए) ‘तलाश-सह-चयन' समितियों की स्थापना के लिए पालन किए जाने वाले सिद्धांतों और दिशानिर्देशों के संबंध में एक व्यापक आदेश जारी किया है। ऐसी समितियों के लिए समेकित और संशोधित निर्देशों का ब्यौरा देते हुए आदेश में कहा गया है कि चयन समितियों का गठन पदों के विज्ञापन का विकल्प नहीं हो सकता है और उनकी भूमिका केवल विज्ञापनों के माध्यम से भर्ती प्रयास के पूरक होने का है। इसमें कहा गया है कि ऐसे पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन के जवाब में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम चार सप्ताह का समय दिया जा सकता है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के 31 अगस्त के आदेश में कहा गया है कि भर्तियों के लिए समान विशेषज्ञों पर ही बार-बार भरोसा करने की प्रवृत्ति से बचा जाना चाहिए।
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देवघर। झारखंड के देवघर जिले में बृहस्पतिवार को बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गयी और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जसीडीह थाना क्षेत्र के मथुरापुर में जिस दौरान यह घटना हुई तब साप्ताहिक बाजार (हाट) लगा हुआ था। बाजार में अपनी उपज बेचने के लिए बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए थे। पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र जाट ने कहा, ‘‘अचानक बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'' मृतकों की पहचान अहमद शेख (65), कलीमुद्दीन अंसारी (50) और लक्ष्मण कुमार मंडल (22) के रूप में हुई है। दुमका में जरमुंडी थाना क्षेत्र के सकरी गांव में बिजली गिरने से 36 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गयी। उपमंडल अधिकारी महेश्वर महतो ने बताया कि मृतक की पहचान दौलत गोस्वामी के रूप में हुई है।
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नयी दिल्ली। संदेश मंच व्हॉट्सएप ने जुलाई, 2022 के दौरान 23.87 लाख से अधिक भारतीय खातों पर प्रतिबंध लगाया है। इसमें से 14 लाख से अधिक खातों को उपयोगकर्ताओं द्वारा किसी भी शिकायत से पहले हटा दिया गया। व्हॉट्सएप ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि जुलाई के आंकड़े चालू वित्त वर्ष के किसी भी महीने में अबतक सबसे अधिक हैं। व्हॉट्सएप ने जून, 2022 में 22 लाख से अधिक भारतीय खातों को अपने शिकायत निवारण चैनल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और उल्लंघनों के आधार अपने तंत्र के माध्यम से प्रतिबंधित कर दिया गया था। वहीं, मई में कंपनी ने इस तरह के 19 लाख, अप्रैल में 16 लाख और मार्च में 18.05 लाख खतों को बंद किया था। पिछले साल लागू हुए नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत बड़े डिजिटल मंच (50 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं वाले) को हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना, प्राप्त शिकायतों और की गई कार्रवाई के विवरण का उल्लेख करना अनिवार्य है। व्हॉट्सएप ने अपनी मासिक अनुपालन रिपोर्ट में कहा, ‘‘एक जुलाई, 2022 और 31 जुलाई, 2022 के बीच 23,87,000 खातों पर प्रतिबंध लगाया। इनमें से 14,16,000 खातों को उपयोगकर्ताओं की किसी भी रिपोर्ट से पहले सक्रिय रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।'
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नयी दिल्ली। विश्व की प्रतिष्ठित हाफ मैराथन में शामिल वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 17वें सत्र का आयोजन यहां 16 अक्टूबर को किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में हाफ मैराथन का आयोजन नहीं किया गया था। दिल्ली हाफ मैराथन में हाफ मैराथन, ओपन 10के (10 किमी), ग्रेट दिल्ली रन (पांच किमी), सीनियर सिटिजन रन (तीन किमी) और द चैंपियन विद द डिसेबिलिटी (तीन किमी) स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। इन सभी स्पर्धाओं के लिए पंजीकरण की शुरुआत दो सितंबर सुबह सात बजे होगी और चार अक्टूबर या फिर सभी स्थान भरे जाने तक पंजीकरण कराया जा सकता है। पंजीकरण वेबसाइट ‘वेदांतादिल्लीहाफमैराथन.प्रोकैम.इन' के जरिए किए जा सकते हैं। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन वर्चुअल रन का भी आयोजन होगा। प्रतिभागी इसमें वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन ऐप के जरिए हिस्सा ले सकते हैं। इस वर्ग में हाफ मैराथन, ओपन 10के और ग्रेट दिल्ली रन (पांच किमी) रेस होंगी। वर्चुअल वर्ग के लिए पंजीकरण दो सितंबर को सुबह सात बजे शुरू होंगे और 11 अक्टूबर तक जारी रहेंगे।
कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के कम से कम दो टीके लगाने वालों को ही आवेदन करने की स्वीकृति होगी। उन्हें आवेदन करते समय टीकाकरण प्रमाणपत्र की प्रति अपलोड करनी होगी। प्रतियोगिता की कुल इनामी राशि दो लाख 68 हजार डॉलर होगी। स्पर्धाओं की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से होगी।File phto -
नयी दिल्ली। सड़क परिवहन मंत्रालय ने बैटरी सुरक्षा मानकों में अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान शामिल किया है। ये मानक एक अक्टूबर से प्रभाव में आएंगे। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं को लेकर चिंता के बीच मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, संशोधनों में बैटरी, ‘ऑन-बोर्ड चार्जर', ‘बैटरी पैक' का डिजाइन और आंतरिक सेल शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण थर्मल प्रसार से संबंधित अतिरिक्त सुरक्षा आवश्यकताएं शामिल है। विज्ञप्ति के अनुसार, एक अक्टूबर, 2022 से संबंधित श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये संशोधित मानकों को अनिवार्य करने की अधिसूचना का कार्य प्रगति पर है। उल्लेखनीय है कि इस साल अप्रैल में ओला इलेक्ट्रिक, ओकिनावा ऑटोटेक और प्योर जैसे दोपहिया वाहन विनिर्माताओं के इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं को देखते हुए सरकार ने एक समिति गठित की थी। विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में की गयी सिफारिशों के आधार पर मंत्रालय ने 29 अगस्त, 2022 को एआईएस (वाहन उद्योग मानक) 156 में संशोधन जारी किये हैं।'' इन संशोधनों में इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन (इंजन) के साथ एल श्रेणी के मोटर वाहनों के लिये विशिष्ट आवश्यकताएं और एम श्रेणी और एन श्रेणी के मोटर वाहनों की इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन के लिये जरूरतें शामिल हैं। एल श्रेणी के मोटर वाहन वे हैं जिसमें चार से कम पहिये हैं जबकि एम श्रेणी के वाहन वे हैं जिनमें कम-से-कम चार पहिये होते हैं और जिनका उपयोग यात्रियों को लाने-ले जाने के लिये किया जाता है। वहीं एन श्रेणी के वाहन वे हैं जिनमें कम-से-कम चार पहिये होते हैं और जिनका उपयोग माल ढुलाई के अलावा व्यक्तियों को लाने-ले जाने में भी किया जा सकता है। -
नयी दिल्ली। देश में प्रतिदिन विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में औसतन 90 लाख प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) का भुगतान किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में 28.4 करोड़ डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘भारत आज दुनिया में डिजिटल भुगतान की अगुवाई कर रहा है। इसके अलावा भारत नागरिकों के जीवन में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने वाला भी प्रमुख देश है। भारत डिजिटल की अगुवाई कर रहा है और डिजिटल भारत की। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को धन्यवाद।''
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भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य सरकार की आजीविका एवं आय संवर्धन (केएएलआईए) योजना के तहत बृहस्पतिवार को 41.85 लाख किसानों को 869 करोड़ रुपये वितरित किये। एक अधिकारी के मुताबिक, ओडिशा में रबी की फसल के लिए इस योजना के तहत 41 लाख छोटे एवं सीमांत किसानों और अन्य 85,000 भूमिहीन किसानों के बैंक खातों में दो-दो हजार रुपये भेजे गये। राज्य सरकार ने 2018 में यह योजना शुरू की थी जिसके तहत किसानों को दो समान किस्तों में कुल 4,000 रुपये दिये जाते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आज गुरुवार (कृषि पर्व) नुआखाई के अवसर पर किसानों को दूसरी किस्त भेजी गई।''
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पहली किस्त अक्षय तृतीया के अवसर पर किसानों के बैंक खातों में भेजी गई थी। -
नई दिल्ली। देश में बिजली की खपत अगस्त माह में सालाना आधार पर करीब दो प्रतिशत बढ़कर 130.35 अरब यूनिट (बीयू) पर पहुंच गई। विद्युत मंत्रालय से जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पिछले वर्ष अगस्त में बिजली की खपत 127.88 अरब यूनिट रही थी, जबकि 2020 के इसी महीने में यह 109.21 अरब यूनिट थी।एक दिन में बिजली की अधिकतम पूरी की गई मांग अगस्त 2022 के दौरान घटकर 194.94 गीगावॉट रही। अगस्त, 2021 में बिजली की अधिकतम आपूर्ति 196.27 गीगावॉट और अगस्त, 2020 में 167.52 गीगावॉट थी।
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण अगस्त, 2020 में बिजली की खपत और मांग प्रभावित हुई थी। वहीं महामारी से पहले की अवधि अगस्त, 2019 में बिजली की अधिकतम मांग 177.52 गीगावॉट थी।विशेषज्ञों के अनुसार, अगस्त में मानसून के सक्रिय होने के कारण देशभर में बिजली की खपत और मांग कम रही। उन्होंने कहा कि सामान्य आर्थिक गतिविधियों और त्योहारी सीजन के मद्देनजर आने वाले महीनों में बिजली की खपत और मांग में वृद्धि होगी। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश में निर्मित पहला विमानवाहक पोत आई एन एस विक्रान्त राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना के नये ध्वज का भी अनावरण किया। उपनिवेश काल के ध्वज को हटाकर प्रतिस्थापित यह ध्वज भारतीय नौसेना की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज प्रत्येक भारतीय नये भविष्य के उदय का साक्षी है और आई एन एस विक्रांत विश्व के क्षितिज पर नये भारत के उदय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सक्षम और सशक्त भारत का स्वतंत्रता सेनानियों का स्वप्न साकार हो रहा है। श्री मोदी ने कहा कि यह विशाल पोत कई मायनों में विशिष्ट है। यह केवल एक युद्धपोत नहीं बल्कि कठिन परिश्रम, प्रतिभा और 21वीं सदी में भारत की प्रतिबद्धता और बढ़ते प्रभाव का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य दूर हो, यात्रा लम्बी हो, समुद्र का विस्तार और चुनौतियां अंतहीन हों तो इन पर विजय का समाधान है- विक्रांत। प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्धपोत विक्रांत आजादी के अमृत महोत्सव का अतुल्य अमृत है और आत्मनिर्भर भारत का प्रतिबिम्ब है।प्रधानमंत्री ने नौसेना, कोचीन शिपयार्ड के इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और विशेष रूप से इस परियोजना पर काम करने वालों के योगदान की सराहना की। उन्होंने आई एन एस विक्रांत को लाल किले के प्राचीर से घोषित पांच प्रण का जीवंत प्रतिमान बताया।प्रधानमंत्री ने कहा कि जब विक्रांत समुद्री सुरक्षा के लिए तैनात होगा तो अनेक महिला नौसैनिक भी देश की सुरक्षा में योगदान देंगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में मौजूदा व्यवधान हटाये जा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक वोकल फॉर लोकल के मंत्र को अपने जीवन में उतार ले तो आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य प्राप्त करना दूर नहीं होगा।इस अवसर पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सर्बानन्द सोनोवाल, वी0 मुरलीधरन, अजय भट्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और नौसेना प्रमुख आर0 हरि कुमार भी मौजूद थे।
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गाजीपुर। जिले के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के सोफीपुर गांव में बृहस्पतिवार की शाम खेत में काम कर रहे पति-पत्नी और पुत्र की बिजली गिरने से मौत हो गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी रविंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि सोफीपुर गांव के रहने वाले हीराराम (63) अपनी पत्नी फूलमती (60) और पुत्र रमेश कुमार (31) के साथ आज शाम खेत में धान की निराई कर रहे थे, उसी दौरान अचानक बादल गरजने के साथ बिजली गिरी जिसकी चपेट में आकर तीनों बुरी तरह घायल हो गये। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उपजिलाधिकारी जखनिया आशुतोष कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से इस संबंध में तय अनुग्रह राशि मृतकों के परिजन को दी जाएगी। -
नई दिल्ली। सुरक्षा मामलों से संबंद्ध कैबिनेट समिति ने तेजस मार्क-2 परियोजना को मंजूरी दे दी है। सी.सी.एस. ने प्रोटोटाइप्स के साथ तेजस मार्क-2 फाइटर जेट के डिजाइन और विकास, उड़ान परीक्षण और प्रमाणन के लिए साढे छह हजार करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह धनराशि हिन्दुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड को पहले दी गई दो हजार पांच सौ करोड़ रुपये की राशि से अलग है।
हलके लड़ाकू विमान तेजस के अत्याधुनिक संस्करण में कई विशेषताएं शामिल की गई हैं जो इसकी युद्धक और मारक क्षमताओं में वृद्धि करती हैं। तेजस के दूसरे संस्करण में शक्तिशाली जी.ई-एफ 414 इंजन लगाया गया है जो इसकी फ्लाइट रेंज का विस्तार करेगा और उसे मौजूदा विमान की तुलना में अधिक पेलोड और हथियार ले जाने में सक्षम बनाएगा। तेजस मार्क-2 की पेलोड क्षमता मौजूदा विमान की तीन टन क्षमता की तुलना में चार टन होगी।वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने कहा कि तेजस मार्क-2 के आने से क्षमता संबंधी एक महत्वपूर्ण कमी दूर होगी। उन्होंने कहा कि इस विमान के भारतीय वायु में समय पर शामिल किए जाने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।वायु सेना अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के इस फैसले से अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के देश में डिजाइन और विकास को बढा़वा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे विमान वि-निर्माण के क्षेत्र में आत्म-निर्भर भारत के तहत किए जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा। -
नई दिल्ली। कर्नाटक में मुरुगा मठ के मुख्य महंत शिवमूर्ति मुरुगा शरणारू को .गुरुवार को रात पॉस्को कानून के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया गया। शिवमूर्ति को नाबालिगों के यौन उत्पीड़न मामले में पॉस्को कानून के अंतर्गत एफआईआर दर्ज होने के छह दिन बाद गिरफ्तार किया गया। शिवमूर्ति पर चित्रदुर्ग जिले में उनके मठ द्वारा संचालित उच्च विद्यालय में लड़कियों के छात्रावास में दो नाबालिग छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप है। पुलिस ने बताया कि शिवमूर्ति को हिरासत में लेने से पहले उनकी चिकित्सीय जांच के लिए उन्हें जिले के अस्पताल ले जाया गया। शिवमूर्ति को .गुरुवार को रात न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां उन्हें चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें चित्रदुर्ग जिला कारागार ले जाया गया।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण-एन.आई.ए. ने अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के बारे में जानकारी देने पर 25 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। एन.आई.ए. ने दाऊद के सहयोगी छोटा शकील पर भी 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। तीन अन्य सहयोगियों पर 15-15 लाख रुपये का इनाम रखा गया है।
एन.आई.ए. ने कहा है कि दाऊद इब्राहिम और कुछ अन्य तत्व अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी गुट लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा के साथ मिलकर सक्रिय हैं। वे विभिन्न आतंकी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं जिनमें हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी, अंडरवर्ल्ड से आपराधिक गुटों का संचालन, धन की अवैध आवाजाही और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के लिए प्रमुख संपत्तियों पर अवैध कब्जा शामिल है। -
नयी दिल्ली. सरकार की प्रमुख फसल बीमा योजना (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना-पीएमएफबीवाई) में कुछ बीमा कंपनियों द्वारा मुनाफा कमाने की खबरों के बीच केंद्र प्रीमियम दर को युक्तिसंगत बनाने और अधिक बीमाकर्ताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए इसमें सुधार की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार, योजना में संभावित महत्वपूर्ण बदलाव फसल वर्ष 2023-24 (जुलाई-जून) से केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद लागू किए जाएंगे। फरवरी, 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल के नुकसान/क्षति से पीड़ित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत, किसानों द्वारा देय अधिकतम प्रीमियम खरीफ (गर्मी) के मौसम में उगाई जाने वाली सभी खाद्य और तिलहन फसलों के लिए दो प्रतिशत, रबी (सर्दियों) के मौसम में उगाई जाने वाली समान फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए पांच प्रतिशत है। किसानों द्वारा देय प्रीमियम और बीमा शुल्क की दर के बीच का अंतर केंद्र और राज्यों द्वारा समान रूप से साझा किया जाता है। किसानों की स्वैच्छिक भागीदारी को संभव बनाने और किसी भी घटना के 72 घंटे के भीतर फसल के नुकसान की रिपोर्ट करने के लिए इस योजना को अंतिम बार वर्ष 2020 में संशोधित किया गया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना में और सुधार की आवश्यकता महसूस की गई क्योंकि पीएमएफबीवाई में बीमा कंपनियों की भागीदारी घट रही थी। इसके कारण प्रतिस्पर्धा की कमी हो रही थी जिसकी वजह से मौजूदा बीमाकर्ता अधिक प्रीमियम दर वसूलने के लिए बाध्य हुए। नीति के अनुसार, बीमा कंपनियों को एक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से तीन फसल वर्षों के लिए सूचीबद्ध किया जाता है। वर्ष 2019-20 से वर्ष 2022-23 तक की अवधि के लिए लगभग 18 बीमा कंपनियों को पैनल में रखा गया था। हालांकि, उनमें से आठ कंपनियां बाहर हो गई और 10 कंपनियां अब इस योजना में भाग ले रही हैं। सूत्रों ने कहा कि उच्च दावा अनुपात के बाद भारी नुकसान के कारण आठ बीमा कंपनियों फसल वर्ष 2021-22 में कारोबार से बाहर हो गईं, जिनमें सरकारी और निजी क्षेत्र से चार-चार कंपनियां शामिल थीं। हालांकि, प्रतिस्पर्धा के अभाव में जो बीमा कंपनियां मैदान में रह गई थीं, उन्होंने उच्च प्रीमियम तय किया। नतीजतन, कुछ कंपनियों ने पिछले फसल वर्ष के दौरान भारी मुनाफा कमाया क्योंकि फसल के नुकसान के दावे कम थे। सूत्रों ने कहा कि इससे कुछ राज्य सरकारों को यह भरोसा हो गया कि पीएमएफबीवाई से केवल बीमा कंपनियों को फायदा हो रहा है, किसानों को नहीं। सूत्रों ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए कृषि मंत्रालय द्वारा 2021 में गठित एक कार्यसमूह ने पूरे मुद्दे की जांच की और एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। सूत्रों ने कहा कि कार्यसमूह ने पीएमएफबीवाई को लागू करने के लिए दो दृष्टिकोणों की सिफारिश की है।
एक ‘जोखिम हस्तांतरण दृष्टिकोण' है, जिसका वर्तमान में पालन किया जा रहा है, जिसमें पूरा जोखिम, लागू करने वाली बीमा कंपनियों को स्थानांतरित किया जाता है। इसमें बीमा कंपनी द्वारा संपूर्ण दावा देयता वहन करना शामिल है। दूसरा ‘जोखिम भागीदारी दृष्टिकोण' है, जिसके तहत राज्यों को अपनाने के लिए तीन वैकल्पिक मॉडल की सिफारिश की जाती है। इसमें दावों के साथ-साथ अधिशेष प्रीमियम राशि (दावे को मंजूरी देने के बाद अर्जित) को इसे लागू करने वाले राज्यों और बीमाकर्ता के बीच पारस्परिक रूप से सहमत फॉर्मूले के अनुसार साझा किया जाता है। तीन मॉडल हैं: लाभ और हानि साझा करने वाला मॉडल; कप और कैप मॉडल (60:130); और कप और कैप मॉडल (80-110)। सूत्रों ने कहा कि लाभ और हानि के बंटवारे के मॉडल के तहत बीमा कंपनियों और सरकार के बीच लाभ और हानि को साझा करने के लिए एक राज्य विशिष्ट जोखिम दायरा बनाया जाएगा। उदाहरण के लिए, बिहार के लिए यह दायरा महाराष्ट्र से अलग होगा। कप और कैप मॉडल (60:130) के तहत, बीमा कंपनियां तब भुगतान करेंगी जब दावा सकल प्रीमियम के 60 से 130 प्रतिशत के बीच होगा। मान लीजिए कि दावा, सकल प्रीमियम के 60 प्रतिशत से कम का है, तो इसे सरकार द्वारा भुगतान किया जायेगा। अगर यह दावा सकल प्रीमियम के 130 प्रतिशत से ऊपर राशि के लिए है तो सरकार बीमा कंपनियों के जरिये दावा राशि का भुगतान करेगी। सूत्रों ने कहा कि तीसरा मॉडल कप और कैप मॉडल (80:110) का सुझाव दिया गया है जो ऊपर जैसा ही है। लेकिन यदि यह दावा सकल प्रीमियम के 80 से 110 प्रतिशत के बीच का है, तो बीमा कंपनियां दावों को मंजूरी दे देंगी। सूत्रों ने कहा कि यह मॉडल मौजूदा समय में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कार्यदल ने फसल नुकसान के त्वरित आकलन और किसानों के दावों के शीघ्र भुगतान के लिए ड्रोन जैसी नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल का भी सुझाव दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में दावा अनुपात सकल प्रीमियम का 62.3 प्रतिशत रहा। रिपोर्ट किए गए दावे 19,022 करोड़ रुपये के लिए थे, जिसमें से अब तक 17,676 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। आंकड़ों से पता चलता है कि फसल वर्ष 2022-23 के दौरान पीएमएफबीवाई के तहत दावे 9,867 करोड़ रुपये के लिए थे, जिसमें से अबतक 8793 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्रालय ने खाद्य तेल आयात पर रियायती सीमा शुल्क को मार्च, 2023 तक और छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। इस कदम का उद्देश्य खाद्य तेलों की घरेलू आपूर्ति को बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रण में रखना है। एक अधिसूचना में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा कि निर्दिष्ट खाद्य तेलों पर मौजूदा रियायती आयात शुल्क की समयसीमा को 31 मार्च, 2023 तक बढ़ाया जाएगा। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने कहा, ‘‘कच्चे पाम तेल, आरबीडी पामोलिन, आरबीडी पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल, रिफाइंड सोयाबीन तेल, कच्चे सूरजमुखी तेल और रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर मौजूदा शुल्क संरचना 31 मार्च, 2023 तक अपरिवर्तित रहेगी।'' फिलहाल कच्चा पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल किस्मों पर आयात शुल्क शून्य है। हालांकि, पांच प्रतिशत के कृषि उपकर और 10 प्रतिशत के सामाजिक कल्याण उपकर को ध्यान में रखते हुए इन तीन खाद्य तेलों की कच्ची किस्मों पर प्रभावी शुल्क 5.5 प्रतिशत है। पामोलिन और पाम तेल की रिफाइंड किस्मों पर मूल सीमा शुल्क 12.5 प्रतिशत है, जबकि सामाजिक कल्याण उपकर 10 प्रतिशत है। अतः प्रभावी शुल्क 13.75 प्रतिशत बनता है। रिफाइंड सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल पर मूल सीमा शुल्क 17.5 प्रतिशत है और 10 प्रतिशत सामाजिक कल्याण उपकर को ध्यान में रखते हुए प्रभावी शुल्क 19.25 प्रतिशत बैठता है। एसईए के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने कहा कि सरकार ने उपभोक्ता हित में रियायती शुल्क की समयसीमा को मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन जैसी खरीफ तिलहन की फसल घरेलू बाजार में आने के बाद सरकार को अक्टूबर में शुल्क ढांचे पर फिर से विचार करने की जरूरत होगी। मेहता ने कहा कि वैश्विक कीमतों में गिरावट के कारण खाद्य तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘किसान अपनी तिलहन फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम से कम 15-20 प्रतिशत अधिक मूल्य पाना चाहते हैं। इसलिए यदि थोक मूल्य एमएसपी से नीचे जाते हैं या एमएसपी के आसपास रहते हैं तो सरकार को खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।'' वैश्विक बाजार में खाद्य तेल कीमतों में गिरावट और आयात शुल्क कम होने से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में काफी कमी आई है। हालांकि, आम आदमी के लिए कीमतें अब भी अधिक हैं। पिछले कुछ महीनों में खाद्य मंत्रालय ने खाद्य तेल कंपनियों को वैश्विक कीमतों में गिरावट का लाभ घरेलू उपभोक्ताओं को देने का निर्देश दिया था। उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, एक सितंबर की स्थिति के अनुसार, मूंगफली तेल का औसत खुदरा मूल्य 188.04 रुपये प्रति किलोग्राम, सरसों का तेल 172.66 रुपये प्रति किलोग्राम, वनस्पति 152.52 रुपये प्रति किलोग्राम, सोयाबीन तेल 156 रुपये प्रति किलोग्राम, सूरजमुखी तेल 176.45 रुपये प्रति किग्रा और पाम तेल 132.94 रुपये प्रति किग्रा है। पिछले साल भर में खाद्य तेल की कीमतों के उच्चस्तर पर बने रहने के साथ, सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई मौकों पर पाम तेल पर आयात शुल्क में कटौती की थी। चूंकि भारत अपनी खाद्य तेल की आवश्यकता का 60 प्रतिशत से अधिक आयात करता है, ऐसे में वैश्विक बाजार के अनुरूप पिछले कुछ महीनों में खुदरा कीमतें दबाव में आ गईं। अक्टूबर को समाप्त होने वाले तेल विपणन वर्ष 2020-21 में भारत ने 1.17 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड खाद्य तेल का आयात किया।
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नयी दिल्ली. बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय परिसंचरण क्षेत्र बनने के संकेत मिलने के बाद मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि उत्तर प्रदेश एवं बिहार के उन हिस्सों में मानसून के लौटने से पहले अभी और वर्षा हो सकती है जिनमें इस मौसम में अभी तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में दक्षिणपूर्व मानसून के शीघ लौट जाने के पिछले सप्ताह के अनुमान को खारिज कर दिया तथा मौसम की वर्षा अधिक समय तक होने की घोषणा की। महापात्रा ने कहा, ‘‘ वैसे तो हमें दक्षिणपश्चिम मानसून के शीघ्र वापसी की उम्मीद थी लेकिन पश्चिम मध्य तथा उसके निकटवर्ती बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम हिस्से के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण मानसून को सात सितंबर के आसपास दक्षिण की ओर धकेलेगा। इससे मध्य और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में वर्षा में वृद्धि होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘ अत: मानसून की शीघ्र वापसी के लिए अनुकूल स्थितियां नहीं हैं। '' उन्होंने कहा कि मौसम विभाग स्थिति पर नजर बनाये रखेगा। मौसम विभाग ने 25 अगस्त को दक्षिणपश्चिम मानसून की शीघ्र वापसी का अनुमान व्यक्त किया था जबकि उसका निर्धारित समय 17 सितंबर है। भारत में इस मानसून में छह प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मणिपुर, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के व्यापक हिस्से में कम वर्षा होने की सूचना है जिससे इस खरीफ मौसम में धान की फसल पर बुरा असर पड़ा है। महापात्रा ने कहा कि सितंबर में वर्षा में संभावित वृद्धि से पश्चिम और दक्षिण उत्तर प्रदेश तथा उत्तर-पश्चिोत्तर बिहार के कई हिस्सों में बारिश में कमी की भरपाई में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सितंबर में औसत वर्षा 109 प्रतिशत रहने की संभावना है, इस माह के लिए दीर्घावधि औसत वर्षा 167.9 मिलीमीटर है। महापात्रा ने कहा, ‘‘ पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तथा पूर्व एवं पश्चिमोत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर भारत के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य और सामान्य से अधिक वर्षा रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तथा पूर्व एवं पश्चिमोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की संभावना है।'' उन्होंने कहा कि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के हिस्सों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।
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कोच्चि(केरल). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ‘‘आदि शंकर जन्म भूमि क्षेत्रम'' में प्रार्थना की, जो केरल के एर्णाकुलम जिला स्थित कलाडी गांव में आदि शंकराचार्य की जन्म स्थली है। केरल की दो दिनों की यात्रा पर आए मोदी की कलाडी स्थित मंदिर के पदाधिकारियों ने अगवानी की, जहां प्रधानमंत्री ने 45 मिनट बिताये और पूजा अर्चना की। मोदी ने मंदिर में प्रार्थना की। इससे पहले, उन्होंने नेदुम्बासरी में कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के पास एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारत के इन दार्शनिक संत के योगदान को याद किया और कहा कि आदि शंकर की धरोहर को श्री नारायण गुरु, चट्टम्पी स्वामीकल और अय्यंकाली जैसे कई संत एवं समाज सुधारक केरल से बाहर ले गये। आदि शंकर अपने ‘अद्वैत' दर्शन को लेकर जाने जाते हैं।
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गुरुग्राम. हरियाणा में गुरुग्राम के सदर बाज़ार इलाके में हथियारबंद हमलावरों ने दिन दहाड़े भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय नेता की बृहस्पतिवार को गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि मृतक के बेटे ने एक रिश्तेदार और उसके साथियों पर अपने पिता की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। मृतक के बेटे सोहना बाज़ार समिति के उपाध्यक्ष हैं। पुलिस के मुताबिक, ‘रैमंड शोरूम' में लगे सीसीटीवी कमरों में हमलावरों की तस्वीरें कैद हो गई हैं। इसी शोरूम में हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। फुटेज में दिख रहा है कि भाजपा नेता की हत्या करने के बाद पांच हमलावर शोरूम से बाहर जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि चार हमलावरों ने मास्क लगाया हुआ था जबकि पांचवां शख्स तौलिए से अपना चेहरा छुपा रहा था। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान सुखबीर खटाना उर्फ सुखी के तौर पर हुई है जो रिठोज गांव के रहने वाले थे। खटाना के साथ शोरूम में मौजूद राजेंद्र ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया, “ सुखबीर ने कुछ कपड़े खरीदे और कार्ड के जरिए भुगतान किया। इसी दौरान चार-पांच हथियारबंद बदमाश शोरूम में घुसे और सुखबीर पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी।” उन्होंने बताया, “ कई गोलियां मारने के बाद, आरोपी भाग गए।”
गंभीर रूप से घायल खटाना को पास के आरवी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पश्चिमी गुरुग्राम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दीपक सहराण के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने मौके का मुआयना किया। उनके साथ फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी थी। सूत्रों ने बताया कि खटाना हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी थे और सोहना से जिला परिषद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उनके फेसबुक अकाउंट के मुताबिक, खटाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता थे। हत्या से तीन घंटे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पेज पर अपनी ‘प्रोफाइल पिक्चर' अपडेट की थी। खटाना के बेटे अनुराग ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि खटाना के करीबी रिश्तेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके पिता की गोली मारकर हत्या की है। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) और सशस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम शुक्रवार को कराया जाएगा।
सहराण ने कहा, 'हमने कई दल गठित किए हैं जिसमें अपराध ईकाई की टीम भी शामिल है जो आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। उन्होंने कहा, "ज्यादातर आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -
सागर (मप्र). मध्य प्रदेश के सागर शहर में पिछले 72 घंटों में अलग-अलग घटनाओं में तीन चौकीदारों की हत्या कर दी गई, जिससे यहां दहशत फैल गई है। हत्याओं के तरीके से एक ही व्यक्ति द्वारा घटनाओं को अंजाम दिए जाने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है, लेकिन सागर पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह जांच का विषय है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस ने संदिग्ध हत्यारे का स्केच भी जारी किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने बताया कि कैंट थाना क्षेत्र में 28-29 अगस्त की दरमियानी रात एक कारखाने में तैनात चौकीदार कल्याण लोधी (50) की सिर पर हथौड़ा मारकर हत्या कर दी गई, जबकि दूसरी घटना में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 29-30 अगस्त की दरमियानी रात कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में ड्यूटी पर तैनात एक अन्य चौकीदार शंभू नारायण दुबे (60) की सिर पर पत्थर मार कर हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि तीसरी घटना में मोती नगर थाना इलाके में 30-31 अगस्त की दरमियानी रात अज्ञात आरोपी ने एक मकान की रखवाली करने वाले मंगल अहिरवार के सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी। कुशवाहा ने कहा कि घटनाक्रम की अवधि व तरीका किसी एक व्यक्ति की संलिप्तता का संकेत देता है, लेकिन आरोपी एक से ज्यादा या अलग अलग भी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने संदिग्ध हत्यारे का स्केच जारी किया है और उम्मीद है कि उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक तरुण नायक ने कहा कि कैंट और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों में हुई हत्याएं एक जैसी प्रकृति की थीं और ऐसा प्रतीत होता है कि घटना को एक ही व्यक्ति ने अंजाम दिया होगा। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हत्यारे को पकड़ने के लिए काम कर रही है। नायक ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि अपराधी 'साइको या सीरियल किलर' है।
उन्होंने बताया कि पुलिस को अपराधी के बारे में कुछ ठोस सुराग मिले हैं और उसे पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। वर्ष 2018 में पुलिस ने एक दशक में 34 ट्रक चालकों और परिचालकों की हत्या के आरोप में मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मंडीदीप से आदेश खामरा को गिरफ्तार किया था। सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) बिट्टू शर्मा ने बताया कि आरोपी खामरा फिलहाल राज्य की राजधानी भोपाल की जेल में बंद है और मामले की सुनवाई चल रही है। इसी बीच, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मीडिया से कहा, ‘‘हमने घटना का संज्ञान लिया है। पुलिस अलर्ट मोड पर है। इसके अलावा, रात्रि गश्त पर तैनात चौकीदारों को भी सतर्क किया गया है। पूरे सागर शहर से सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज में एक-दो जगह एक व्यक्ति मौके से भागता नजर आ रहा है। बहुत जल्द हम इन घटनाओं के निष्कर्ष पर पहुंचेंगे।'' मिश्रा ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इन घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति का हाथ है, लेकिन जब तक पुलिस उसे पकड़ नहीं लेती, तब तक कुछ भी कहना संभव नहीं है क्योंकि इससे भ्रम की स्थिति पैदा होगी।
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