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नयी दिल्ली. सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों (एआरडीबी) से कहा कि सहकारिता बैंकों को केवल बैंकिंग तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि खेती के विस्तार, उपज बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि को सुगम व किसानों को समृद्ध बनाने के लिए गांव-गांव में किसानों से संवाद कर उन्हें जागरूक बनाना भी एआरडीबी की ही जिम्मेदारी है। शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र का डेटाबेस बनाने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र का कोई भी एकीकृत डेटाबेस नहीं है और डेटाबेस नहीं होने पर क्षेत्र के विस्तार के बारे में नहीं सोचा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘विस्तार तभी हो सकता है जब आप जानते हो कि विस्तार कहां करना है।''
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों को देश में सिंचिंत भूमि को बढ़ाने के उद्देश्य से कर्ज प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘एआरडीबी सिंचाई परियोजनाओं और अन्य अवसंरचनाओं समेत कृषि क्षेत्र को लंबी अवधि के और कर्ज देने पर ध्यान दें।'' शाह ने कहा कि छोटे किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए सहकारी बैंकों को इस बारे में सोचना चाहिए कि सहकारिता की भावना के साथ इस तरह के छोटे खेतों में किस तरह काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में 49.4 करोड़ एकड़ कृषि भूमि है, जो अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा है। यदि पूरी कृषि भूमि को सिंचित किया जाए तो भारत पूरी दुनिया का पेट भर सकता है। एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘यदि आप पीछे मुड़कर देखेंगे और सहकारिता संस्थानों के जरिए दीर्घकालिक ऋण की पिछले 90 वर्ष की यात्रा पर गौर करेंगे कि यह कैसे कम हुआ है तो आंकड़ों को देखने पर पाएंगे कि यह बढ़ा ही नहीं है।'' उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक ऋण में कई बाधाएं हैं और अब समय आ गया है कि सहकारिता की भावना के साथ इन अवरोधकों से पार पाया जाए। शाह ने कहा कि सहकारिता बैंकों को केवल बैंकों के तौर पर काम नहीं करना चाहिए बल्कि सिंचाई जैसी कृषि अवसंरचना की स्थापना जैसी अन्य सहकारी गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को बहुआयामी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इसके लिए आदर्श उप-नियम बनाकर प्रदेशों में चर्चा के लिए भेजे है। सहकारिता के तत्व को बढ़ाते हुए हम 70-80 साल पुराने कानूनों को बदलकर पैक्स में नई-नई गतिविधियां जोड़ने काम कर रहे है।'' शाह ने कहा, ‘‘अनेक बैंकों ने नए-नए सुधार किए मगर वे सुधार बैंकों तक ही सीमित रह गए और उनका लाभ पूरे क्षेत्र को नहीं मिला। बैंक केंद्रित सुधार इस क्षेत्र को नहीं बदल सकते। अगर क्षेत्र में सुधार आएंगे तो सहकारिता अपने आप मजबूत हो जाएगी।'' उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से 70 साल में 64 लाख हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य बनी, लेकिन प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 8 साल में 64 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में वृद्धि हुई और कृषि का निर्यात पहली बार 50 अरब डॉलर को पार कर गया है। शाह ने कहा कि यह किसान कल्याण के प्रति मोदी सरकार की निष्ठा को दर्शाता है। -
जालौन (उप्र) .प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुफ्त में सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली राजनीति की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘रेवड़ी कल्चर'' देश के विकास के लिए बहुत घातक है। मोदी ने शनिवार को जालौन जिले की उरई तहसील के कैथेरी गांव में लगभग 14,850 करोड़ रुपये की लागत से बने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ये ‘रेवड़ी कल्चर' वाले कभी आपके लिए नए एक्सप्रेसवे नहीं बनाएंगे, नए एअरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनाएंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘ रेवड़ी कल्चर वालों को लगता है कि जनता जनार्दन को मुफ्त की रेवड़ी बांटकर, उन्हें खरीद लेंगे। हमें मिलकर उनकी इस सोच को हराना है, ‘रेवड़ी कल्चर' को देश की राजनीति से हटाना है।'' मोदी ने ‘कनेक्टिविटी' की कमी के लिए उत्तर प्रदेश में पिछली सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि ‘‘डबल-इंजन'' की सरकार अब तेजी से बेहतर कनेक्टिविटी के साथ राज्य में बड़ा बदलाव सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से चित्रकूट से दिल्ली की दूरी तीन-चार घंटे कम हो गई है, लेकिन इसका फायदा इससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे यहां सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा, बल्कि यह पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बुंदेलखंड की एक और चुनौती को कम करने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने के लिए हम ‘जल जीवन मिशन' पर काम कर रहे हैं।'' उन्होंने लोगों, खासकर युवाओं को ‘‘रेवड़ी कल्चर'' के प्रति आगाह किया और कहा कि यह देश के विकास के लिए ‘‘बहुत घातक'' हो सकता है। मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और तेजी से सुधार के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ‘‘डबल इंजन'' सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ‘‘डबल इंजन'' शब्द का इस्तेमाल केंद्र और राज्य में पार्टी के सत्ता में होने का उल्लेख करने के लिए करते हैं। मोदी ने कहा कि देश जिस विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है उसके मूल में दो पहलू हैं- ‘‘इरादा और मर्यादा''। उन्होंने कहा, ‘‘हम न केवल वर्तमान के लिए नयी सुविधाएं बना रहे हैं बल्कि देश का भविष्य भी बना रहे हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जिस उत्तर प्रदेश में रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री, सिर्फ डिब्बों का रंग-रोगन करके काम चला रही थी, उस उत्तर प्रदेश में अब बुनियादी ढांचे पर इतनी गंभीरता से काम हो रहा है कि उसने अच्छे-अच्छे राज्यों को भी पछाड़ दिया है। पूरे देश में अब उत्तर प्रदेश की पहचान बदल रही है।'' मोदी ने 29 फरवरी, 2020 को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था। इस एक्सप्रेसवे का काम 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोदी को स्थानीय बुंदेली वस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया। 296 किलोमीटर लंबे इस चार लेन वाले एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) के तत्वावधान में लगभग 14,850 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और आगे चलकर इसे छह लेन तक भी विस्तारित किया जा सकता है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास गोंडा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-35 से लेकर इटावा जिले के कुदरैल गांव तक फैला हुआ है, जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ मिल जाता है। यह एक्सप्रेसवे सात जिलों यानी चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरता है। बयान के मुताबिक, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इस इलाके की कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा, क्योंकि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के ढेरों अवसर सृजित होंगे। बांदा और जालौन जिलों में इस एक्सप्रेसवे के समीप औद्योगिक गलियारा बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के उत्तर प्रदेश आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत करते हुए ट्वीट किया, ‘‘महान ऋषि-मुनियों की तपोस्थली, सृजन की धरा, विभिन्न संस्कृतियों की संगमस्थली, उत्तर प्रदेश की क्रांति भूमि पर ‘नए भारत' के ‘शिल्पकार' आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।'' -
नयी दिल्ली | भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अपने समृद्ध स्टांप भंडारण का डिजिटलीकरण शुरू कर दिया है, जिन्हें इसकी मैसूर स्थित पुरालेख (एपिग्राफी) शाखा में रखा गया है। एएसआई के इस कदम से दुर्लभ सामग्रियों तक इतिहासकारों और शोधकर्ताओं की पहुंच बढ़ जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को मैसूर में पुरालेख विभाग कार्यालय में एएसआई महानिदेशक वी विद्यावती ने डिजिटलीकरण प्रक्रिया का औपचारिक उद्घाटन किया। एएसआई ने एक बयान में कहा, ‘‘डिजिटल डेटा को ‘कॉम्पैक्ट माइक्रोफिल्म' में भी परिवर्तित किया जाएगा और आर्कटिक वर्ल्ड आर्काइव (एडब्ल्यूए) में अनंत काल के लिए दुनिया की मानवता की स्मृति के रूप में रखा जाएगा।'' इसमें कहा गया है कि एएसआई का एपिग्राफी विभाग वर्ष 1887 से भारत के सभी कोनों से जुटाए गए स्टांप (अभिलेखों की कागजी प्रतियां) का भंडार रहा है। अधिकारियों ने कहा कि इन अभिलेखों की व्याख्या प्रशिक्षित पुरालेखविदों द्वारा की जाती है और ग्रंथों के प्रतिलेख तैयार किए जाते हैं। बयान में कहा गया है कि विभिन्न भारतीय भाषाओं, यथा- तमिल, संस्कृत, पाली, प्राकृत, तेलुगु, बंगाली, कन्नड़, अरबी, फारसी, आदि में लगभग एक लाख इस तरह के स्टांप और संबंधित सामग्री उपलब्ध हैं। एएसआई ने कहा कि हालांकि इस तरह से कॉपी किए गए सभी अभिलेखों को उनकी खोज के वर्ष के आधार पर ‘एनुअल रिपोर्ट ऑन इंडियन एपिग्राफी' (एआरआईई) में प्रकाशित किया गया है, लेकिन उनकी डिजिटल प्रतियां इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं थीं। आसान खोज क्षमता के लिए एआरआईई डाटा मेटा-डेटा के रूप में काम करेगा। व्यापक प्रसार के लिए डेटाबेस को सार्वजनिक वेबसाइट पर डाला जाएगा।
- नयी दिल्ली |देशभर के निर्वाचित विधायक राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश के विधायकों का मत मूल्य सबसे अधिक होगा, जबकि सिक्किम के विधायकों का मत मूल्य सबसे कम होगा। वहीं, सांसदों का मत मूल्य उनसे कहीं अधिक 700 होता है।उत्तर प्रदेश के 403 विधायकों में से प्रत्येक का मत मूल्य 208 है, यानी उनका कुल मूल्य 83,824 है। तमिलनाडु और झारखंड के प्रत्येक विधायक का मत मूल्य 176 है। इसके बाद महाराष्ट्र का 175, बिहार का 173 और आंध्र प्रदेश के हरेक विधायक का मत मूल्य 159 है। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा का कुल मत मूल्य 41,184 है और झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा का कुल मत मूल्य 14,256 है। महाराष्ट्र विधानसभा के 288 विधायकों का मत मूल्य 50,400 है और बिहार विधानसभा के 243 सदस्यों का मत मूल्य 42,039 है। वहीं, 175 सदस्यीय आंध्र प्रदेश विधानसभा का कुल मत मूल्य 27,825 है। किसी विधायक का मत मूल्य 1971 की जनगणना के अनुसार उस राज्य की कुल आबादी के आधार पर गिना जाता हैछोटे राज्यों में सिक्किम के प्रत्येक विधायक का मत मूल्य सात है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम का मत मूल्य आठ-आठ, नगालैंड का नौ, मेघालय का 17, मणिपुर का 18 और गोवा का मत मूल्य 20 है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के एक विधायक का मत मूल्य 16 है। सिक्किम में 72 सदस्यीय विधानसभा का कुल मत मूल्य 224, मिजोरम विधानसभा में 40 सदस्यों का मत मूल्य 320, अरुणाचल प्रदेश के 60 विधायकों का मत मूल्य 480, नगालैंड के 60 सदस्यों का मत मूल्य 540, मेघालय के 60 सदस्यों का मत मूल्य 1,020, मणिपुर विधानसभा के 60 सदस्यों का मत मूल्य 1,080 और 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा का मत मूल्य 800 है। वहीं, संसद के एक सदस्य का मत मूल्य 708 से घटाकर 700 कर दिया गया है क्योंकि जम्मू कश्मीर में अभी कोई विधानसभा नहीं है। राष्ट्रपति चुनाव में किसी सांसद का मत मूल्य राज्य विधानसभाओं और दिल्ली, पुडुचेरी तथा जम्मू कश्मीर समेत केंद्र शासित प्रदेशों में निर्वाचित सदस्यों की संख्या के आधार पर तय होता है। राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन मंडल में लोकसभा, राज्यसभा के सदस्य तथा राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के सदस्य शामिल होते हैं। अगस्त 2019 में लद्दाख और जम्मू कश्मीर के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने से पहले जम्मू कश्मीर राज्य विधानसभा की 83 सीटें थीं। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन कानून के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में विधानसभा होगी जबकि लद्दाख पर केंद्र सरकार का शासन होगा।
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नयी दिल्ली. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में मानसून की बारिश प्रगति करेगी, जो खरीफ की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धान के रकबे के बारे में टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 15 जुलाई तक, धान की बुवाई चालू खरीफ सत्र में 17.4 प्रतिशत घटकर 128.50 लाख हेक्टेयर (एलएच) रह गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 155.53 लाख हेक्टेयर थी। हालांकि, दलहन, मोटे अनाज और तिलहन के बुवाई रकबा 7-9 प्रतिशत अधिक हैं। मौसम विभाग ने इस साल सामान्य मानसून रहने का अनुमान जताया है।
खरीफ बुवाई के काम की प्रगति और धान के कम रकबे के बारे में पूछे जाने पर, तोमर ने कहा, ‘‘अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मुझे उम्मीद है कि मानसून की बारिश आगे बढ़ेगी।'' यह पूछे जाने पर कि क्या धान के रकबे में 17 प्रतिशत की गिरावट की भरपाई हो सकेगी, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। हमें इंतजार करना चाहिए।'' मंत्री भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 94वें स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे।
पूर्व कृषि आयुक्त एस के मल्होत्रा ने कहा कि धान की बुवाई के लिए 10 अगस्त तक का समय है और इस अंतर को पाटने के लिए पर्याप्त समय है। अपने पिछले सप्ताह की तुलना में पिछले सप्ताह, धान खेती के रकबे में सुधार हुआ है। आठ जुलाई तक बुवाई 24 प्रतिशत कम थी। धान के रकबे में गिरावट की भरपाई के लिए इस महीने की बारिश महत्वपूर्ण होगी। भारत में इस मौसम में सामान्य से 14 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में कम बारिश हुई है। उत्तर प्रदेश में वर्षा की कमी सामान्य से 65 प्रतिशत कम थी, जबकि राज्य में एक जून से 15 जुलाई के बीच सामान्य 220 मिमी की तुलना में केवल 77.3 मिमी वर्षा हुई थी। झारखंड में वर्षा की कमी 49 प्रतिशत थी जबकि बिहार में वर्षा की कमी 42 प्रतिशत थी। खाद्यान्न श्रेणी में, दलहन खेती का रकबा नौ प्रतिशत बढ़कर 72.66 लाख हेक्टेयर हो गया, जो एक साल पहले की अवधि में 66.69 लाख हेक्टेयर था। मोटे अनाज का बुवाई क्षेत्र 87.06 लाख से 8 प्रतिशत बढ़कर 93.91 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि मक्का का रकबा 56.69 लाख से घटकर 49.90 लाख हेक्टेयर रह गया है। बाजरा खेती का रकबा 20.88 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 34.46 लाख हेक्टेयर हो गया। गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन का क्षेत्र 124.83 लाख हेक्टेयर से 7.38 प्रतिशत बढ़कर 134.04 लाख हेक्टेयर हो गया। तिलहन के तहत सोयाबीन का रकबा 90.32 लाख हेक्टेयर से 10 प्रतिशत बढ़कर 99.35 लाख हेक्टेयर हो गया है। कपास का रकबा अब तक 6.44 प्रतिशत बढ़कर 96.58 लाख हेक्टेयर से 102.8 लाख हेक्टेयर हो गया है। गन्ने का रकबा 53.70 लाख लाख हेक्टेयर से मामूली रूप से घटकर 53.31 लाख हेक्टेयर रह गया है। जूट और मेस्टा खेती का रकबा अब तक थोड़ा कम यानी 6.89 लाख हेक्टेयर है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह रकबा 6.92 लाख हेक्टेयर था। खरीफ फसलों की खेती का रकबा पिछले वर्ष की इसी अवधि के 591.3 लाख हेक्टेयर से मामूली वृद्धि के साथ चालू खरीफ सत्र में 15 जुलाई तक 592.11 लाख हेक्टेयर हो गया है। खरीफ फसलों की बुवाई जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है। धान एक प्रमुख खरीफ (गर्मी में बोई जाने वाली) फसल है। -
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ आगामी छह अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार होंगे। राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सर्वोच्च नीति निर्धारक ईकाई संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने यह घोषणा की। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘किसान पुत्र जगदीप धनखड़ राजग के उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी होंगे। धनखड़ जी, एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को पार करते हुए अपने जीवन में उच्च लक्ष्य को प्राप्त किया और देश की सेवा करने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी।' उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में धनखड़ ने लोगों के दिल पर राज करने वाले राज्यपाल के रूप में पहचान बनाई।
संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और नड्डा के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद थे। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 जुलाई है और मतदान छह अगस्त को निर्धारित है। मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। देश के उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है, जिनमें से केवल भाजपा के 394 सांसद हैं। जीत के लिए 390 से अधिक मतों की आवश्यकता होती है। भाजपा ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है। यदि मुर्मू चुनाव जीत जाती हैं, तो वह देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। राजग ने 2017 में उपराष्ट्रपति पद के लिए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नायडू को अपना उम्मीदवार बनाया था। भाजपा इस बार भी अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए मजबूत स्थिति में है।
- श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के दौरान पिछले 36 घंटों में छह तीर्थयात्रियों और एक टट्टू चालक की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।तीर्थयात्रा के दौरान अब तक कुल 49 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 15 वे यात्री शामिल हैं, जिनकी आठ जुलाई को अचानक आई बाढ़ में मौत हो गई थी। 30 जून से शुरू हुई तीर्थयात्रा के दौरान अब तक 47 यात्रियों और दो टट्टू चालकों की मौत हो चुकी है। एक टट्टू चालक की मौत पहलगाम में गहरी खाई में गिरने से हो गई थी। आठ जुलाई को अमरनाथ गुफा के पास अचानक आई बाढ़ में 15 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 55 लोग घायल हो गए थे। अब तक 1.5 लाख से अधिक तीर्थयात्री गुफा में दर्शन कर चुके हैं। file photo
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नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया ने कहा है कि पांच करोड़ से अधिक लोगों को ई-संजीवनी टेली-परामर्श का लाभ मिला है। रोगी, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस अभिनव डिजिटल माध्यम का उपयोग करके दैनिक आधार पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों से परामर्श करते हैं। ई-संजीवनी सुविधा से, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने में व्यापक सुधार हुआ है। डॉक्टर मांडविया ने ट्वीट कर कहा कि देश के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले गरीबों को स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह मिल रही है। उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी, डिजिटल स्वास्थ्य का सबसे अच्छा उदाहरण है और लोग ऐप के माध्यम से ई-संजीवनी टेली-परामर्श का लाभ उठा सकते हैं।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव के तहत आगामी 18 जुलाई को होने वाले मतदान के दौरान सांसदों और विधायकों को अलग-अलग रंग के मतपत्र दिए जाएंगे। सांसदों को जहां हरे रंग के मतपत्र दिए जाएंगे, वहीं विधायकों को गुलाबी रंग के मतपत्र मिलेंगे। राष्ट्रपति चुनाव में विधायकों का वोट उस राज्य की आबादी पर निर्भर करता है, जिसका वह प्रतिनिधित्व करते हैं। इस बार एक सांसद के मत की कीमत 700 है। चूंकि अलग-अलग रंग के मतपत्र होंगे, लिहाजा निर्वाचन अधिकारियों को मतों की गिनती में आसानी होगी।मतपत्रों में दो कॉलम छपे हुए हैं। पहले कॉलम में उम्मीदवारों के नाम हैं तो दूसरे में निर्वाचक मंडल के सदस्यों को प्रत्येक उम्मीदवार के लिए वरीयता क्रम लिखने की जगह निर्धारित की गई है।इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार हैं, तो विपक्ष की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को संयुक्त उम्मीदवार बनाया गया है।राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और दिल्ली तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी सहित सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं।राज्यसभा और लोकसभा या राज्यों की विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य निर्वाचक मंडल में शामिल होने के पात्र नहीं हैं, इसलिए, वे चुनाव में भाग लेने के हकदार नहीं होते। इसी तरह, विधान परिषदों के सदस्य भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदाता नहीं होते हैं।राष्ट्रपति चुनाव में मतदान संसद भवन और राज्यों की विधानसभाओं में होता है। मतों की गिनती संसद भवन में होती है। इस बार मतगणना 21 जुलाई को होगी। जम्मू कश्मीर में विधानसभा नहीं होने की वजह से इस बार सांसदों के मतों का मूल्य 708 से घटकर 700 हो गया है।राज्यों में विधायकों के मतों के मूल्य अलग-अलग हैं। उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधायक का राष्ट्रपति चुनाव में मत मूल्य अन्य किसी राज्य के विधायक से अधिक है। उत्तर प्रदेश के विधायकों के मत का मूल्य 208 है, जबकि झारखंड और तमिलनाडु के विधायकों का मूल्य 176 है। महाराष्ट्र में यह 175, सिक्किम में सात, नगालैंड में नौ और मिजोरम में आठ है। मुर्मू अगर यह चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बन जाती हैं, तो स्वतंत्रता के बाद जन्मी इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली नेता होंगी। वह देश की पहली आदिवासी और सबसे युवा राष्ट्रपति भी होंगी।
- नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन जांच के तहत पश्चिम बंगाल की रश्मि समूह की कंपनियों के कई परिसरों में छापेमारी की और लगभग 95 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि के लेन देन पर रोक लगा दी। ईडी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ईडी, कंपनी और उसके प्रवर्तकों की जांच कर रही है। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि मामला ‘‘लौह अयस्क के परिवहन के लिए माल ढुलाई के कम शुल्क का लाभ लेने के इरादे से भारतीय रेलवे की दोहरी माल ढुलाई नीति का गलत इस्तेमाल करके सरकारी खजाने को 73.40 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने से संबंधित है।’’बयान में कहा गया है कि 13 जुलाई को पश्चिम बंगाल में तीन स्थानों पर छापेमारी की गयी थी। धन शोधन का मामला रश्मि समूह की कंपनियों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सामने आया है। इनमें रश्मि सीमेंट लिमिटेड और रश्मि मेटालिक लिमिटेड शामिल हैं। ईडी ने कहा कि इसके अलावा छापेमारी के दौरान परिसर से 1.01 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है।
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नयी दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में देश में शीर्ष संस्थानों की सूची जारी की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थान बन कर उभरा है। भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु भारत रैंकिंग-2022 में सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय है। रैंकिंग के अनुसार, भारतीय प्रबंधन संस्थान-आई आई एम अहमदाबाद देश का सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन संस्थान बना है। आई आई एम बैंगलोर दूसरे और आई आई एम कलकत्ता तीसरे स्थान पर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज और चेन्नई में सविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज सबसे अच्छा दंत चिकित्सा कॉलेज है। आई आई टी मद्रास सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेज बन कर उभरा है। इसके बाद आई आई टी दिल्ली और आई आई टी, बम्बई का स्थान है। दिल्ली का मिरांडा हाउस, सबसे सर्वश्रेष्ठ कॉलेज है। दिल्ली का हिंदू कॉलेज दूसरे और चेन्नई का प्रेसीडेंसी कॉलेज तीसरे स्थान पर है। जामिया हमदर्द देश का सर्वश्रेष्ठ फार्मेसी संस्थान है।
रैंकिंग-2022 की सूची जारी करने के अवसर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 21वीं सदी ज्ञान और नवाचार की सदी होगी। उन्होंने कहा कि नवाचार और उद्यमिता राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क और राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद का हिस्सा होंगे। श्री प्रधान ने कहा कि सभी संस्थानों को मान्यता और रैंकिंग के दोनों फ्रेमवर्क में आना होगा।उच्च शिक्षा सचिव के. संजय मूर्ति, स्कूल शिक्षा सचिव अनीता करवाल, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे, राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष के.के. अग्रवाल, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी, राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद के अध्यक्ष निर्मलजीत सिंह कलसी भी इस अवसर पर मौजूद थे। -
नोएडा. गौतमबुद्ध नगर के थाना बादलपुर क्षेत्र में कुड़ी खेड़ा गांव निवासी एक व्यक्ति की उसकी पत्नी ने अपने दोस्त की मदद से कथित तौर पर हत्या कर दी। पत्नी ने दोस्त के साथ मिलकर पति का सिर ईंट से कुचल दिया था। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि थाना बादलपुर क्षेत्र के गांव कुड़ी खेड़ा के रहने वाले भूपन (30 वर्ष) पुत्र महेंद्र की उसकी आरोपी पत्नी शोभा देवी ने अपने दोस्त आरोपी सागर उर्फ गोलू के साथ मिलकर ईंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी। मीडिया प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने मृतक के शव को अंबुजा सीमेंट के पास फेंक दिया था। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या कथित तौर पर अवैध संबंधों के चलते हुई और मृतक शराब पीने का आदी था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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मऊ . जिले में बृहस्पतिवार को बारिश के बीच गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं की मृत्यु हो गई तथा एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हलधरपुर थाना क्षेत्र के नवलपुर रतोही गांव में शाम करीब छह बजे तीन महिलाएं पशु चरा रही थीं। तभी अचानक बारिश होने लगी। उन महिलाओं ने अपने जानवरों को लेकर घर जाने की कोशिश की। तभी रास्ते में तेज कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली उन तीनों महिलाओं पर गिर गई। इस हादसे में उषा चौहान (35) तथा देवलती (34) नामक महिलाओं की मृत्यु हो गई जबकि कौशल्या को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
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नयी दिल्ली. देश में बीते कुछ वर्षों में अविवाहित युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। सरकार की ओर से कराए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक देश में 15-29 वर्ष के आयु वर्ग के अविवाहित व्यक्तियों का अनुपात 2019 में बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया, जो 2011 में 17.2 प्रतिशत था। राष्ट्रीय युवा नीति-2014 के अनुसार देश में 15 से 29 वर्ष की आयु के लोगों को युवा के रूप में वर्गीकृत किया गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ऐसे पुरुषों की आबादी 2011 में 20.8 प्रतिशत थी, जिन्होंने कभी शादी नहीं की थी। यह अनुपात 2019 में बढ़कर 26.1 प्रतिशत हो गया है। सर्वेक्षण के मुताबिक कभी शादी नहीं करने वाली महिलाओं के अनुपात में भी इसी तरह की वृद्धि दर्ज की गयी है। सर्वेक्षण के मुताबिक, अविवाहित महिलाओं का अनुपात 2011 में 13.5 प्रतिशत था, जो 2019 में बढ़कर 19.9 प्रतिशत हो गया। सर्वेक्षण के अनुसार, देश में 2019 में जम्मू-कश्मीर में ऐसे युवाओं का प्रतिशत सबसे अधिक था, जिन्होंने कभी शादी नहीं की थी। उसके बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब का स्थान था। वहीं, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में देश के अन्य हिस्सों की अपेक्षा शादी नहीं करने वाले युवाओं का प्रतिशत सबसे कम था। हालांकि, रिपोर्ट में अविवाहित युवाओं की आबादी बढ़ने का कारण नहीं बताया गया है।
हालांकि, सर्वेक्षण में यह कहा गया है कि देश में युवा आबादी मौजूदा समय में बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन 2011-2036 की अवधि के उत्तरार्ध में इसमें गिरावट शुरू हो जाएगी। देश में 1991 में कुल युवा आबादी 22.27 करोड़ थी, जो 2011 में बढ़कर 33.34 करोड़ हो गई और इसके 2021 तक 37.14 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान था तथा उसके बाद यह 2036 तक घटकर 34.55 करोड़ हो जाएगी। -
नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने राज्यों को यह सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है कि स्पुतनिक वी टीका उपलब्ध करा रहे निजी टीकाकरण केंद्र टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ लाभार्थियों तक इसकी दूसरी और एहतियाती खुराक के लिए पहुंच बनाएं। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बृहस्पतिवार को कहा कि देखने में आया है कि जिन लोगों को स्पुतनिक वी टीके की एहतियाती खुराक लेनी है, उनकी संख्या की केवल 0.5 प्रतिशत की प्राप्ति की गयी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय को इस रूसी टीके की एहतियाती खुराक के बारे में प्रश्न प्राप्त हुए हैं। भूषण ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पांच मई को भेजे एक ईमेल का जिक्र किया जिसमें उल्लेख है कि टीके की दो खुराक लगवाने वालों को स्पुतनिक वी के कंपोनेंट 1 का इस्तेमाल करते हुए निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों में एहतियाती खुराक दी जा सकती है। भूषण ने छह जुलाई के एक आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरी और तीसरी खुराकों के बीच अंतराल को अब सभी टीकों के लिए घटाकर छह महीने या 26 सप्ताह कर दिया गया है। इस टीके के लाभार्थी बूस्टर खुराक लें, इसके लिए इसकी प्राप्ति को बढ़ाने के लिहाज से स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों से स्पुतनिक वी टीके (कंपोनेंट 1) की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों की सक्रियता सुनिश्चित करने को कहा है।
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बेंगलुरु. केंद्रीय स्वास्थ्य, रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार को 12 साल से कम आयु के बच्चों के लिए टीकों पर वैज्ञानिक समुदाय से कोई सलाह नहीं मिली है। मंत्री ने एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम वैज्ञानिक समुदाय की सलाह पर निर्णय लेते हैं। हमें 12 साल से ऊपर के बच्चों के लिए अनुमति मिली है। आने वाले दिनों में वैज्ञानिक समुदाय की सलाह के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे। अब तक, हमें वैज्ञानिकों से कोई सलाह नहीं मिली है।'' उन्होंने कहा कि यह फैसला किया गया है कि स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के अवसर पर 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को 15 जुलाई से अगले 75 दिनों के लिए कोविड-19 की एहतियाती खुराक दी जाएगी। यह लोगों में प्रतिरक्षा-स्तर को बढ़ावा देगा और कोविड-19 से लड़ने में मदद मिलेगी। टीकों की उपलब्धता के बारे में मांडविया ने कहा कि देश में छह कंपनियां टीके बनाती हैं और उनकी उत्पदन क्षमता लगभग 20 करोड़ खुराक मासिक है। इन टीकों में कोर्बावैक्स, कोविशील्ड और कोवैक्सिन शामिल हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘ये कंपनियां न केवल देश की बल्कि दुनिया की भी जरूरत पूरी कर रही हैं। सौ से अधिक देशों में टीकों का निर्यात किया जा रहा है ताकि विश्व समुदाय को कोविड-19 से बचाया जा सके।'' उर्वरकों की आपूर्ति के बारे में पूछे जाने पर मांडविया ने स्वीकार किया कि दुनिया में उर्वरक संकट है और कीमतें बढ़ रही हैं। मंत्री ने यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को उर्वरकों और यूरिया के संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा चीन के उर्वरक उत्पादन में भी कमी आई है। उन्होंने कहा, ‘‘इन्हीं वजहों से यूरिया और अन्य उर्वरकों के दाम बढ़ रहे हैं। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें निर्देश दिया है कि उर्वरकों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए और उर्वरक की बढ़ी हुई कीमत का बोझ किसानों पर नहीं पड़ना चाहिए।''
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नयी दिल्ली. ऑनलाइन कैब सेवा देने वाली कंपनी उबर ने बृहस्पतिवार को कहा कि अब वह अपने कैब ड्राइवरों को बुकिंग के समय सवारी के गंतव्य स्थल की जानकारी देने की सुविधा शुरू करेगी। उबर इंडिया ने एक बयान में कहा कि बुकिंग के बाद यात्रा निरस्त करने की घटनाओं में कमी लाने के लिए ड्राइवरों को यात्रा के गंतव्य स्थल के बारे में जानकारी देने का फैसला किया गया है। उबर की नवगठित राष्ट्रीय ड्राइवर सलाहकार परिषद से मिले सुझावों के आधार पर यह कदम उठाया है। कैब सेवा से जुड़े चालकों की राय जानने के लिए कंपनी ने इस परिषद का गठन मार्च, 2022 में किया था। उबर ने कहा, ‘‘सवारी एवं ड्राइवर दोनों की बेचैनी को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब उबर के मंच पर मौजूद ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के पहले गंतव्य स्थल को देख पाएंगे।'' अभी तक उबर के ड्राइवरों को गंतव्य स्थल के बारे में जानकारी ऐप के जरिये नहीं मिल पाती थी। इसकी वजह से बुकिंग स्वीकार करने के बाद कई ड्राइवर सवारी को ले जाने से इनकार कर देते थे। इससे सवारियों को भी काफी समस्याएं होती रही हैं। इसके अलावा उबर ने अपने ऑटो एवं मोटो ड्राइवरों को अपने ऐप में एक होम बटन देने का भी फैसला किया है जिसकी मदद से वे जरूरत पड़ने पर सहयोग मंगा सकेंगे।
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देवरिया (उत्तर प्रदेश) .देवरिया जिले के लार कस्बे में बृहस्पतिवार को मामूली विवाद को लेकर एक महिला ने अपनी बड़ी बहन की कथित तौर पर चाकू से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि लार कस्बे के फतेहाबाद वार्ड निवासी नीलोफर शाहीन (45) और उसकी छोटी बहन गजाला और आरोपी तबस्सुम के बीच बुधवार रात किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। आज सुबह करीब सात बजे आरोपी तबस्सुम ने नीलोफर पर चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार किए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस सिलसिले में मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
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नई दिल्ली। भारत, अमरीका, इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि आई 2 यू 2 सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा संकट और स्वच्छ ऊर्जा पर ध्यान केंदित किया गया। एक संयुक्त बयान में आई 2 यू 2 नेताओं ने कहा कि उन्होंने अनाज उत्पादन और खाद्य वितरण प्रणालियों में अधिक विविधता लाने के लिए दीर्घावधि के उपाय सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया। इसका लक्ष्य वैश्विक खाद्य संकट से बेहतर ढंग से निपटना है।
संयुक्त अरब अमीरात ने घोषणा की कि वह भारत में एकीकृत फूड पार्को की श्रृंखला विकसित करने के लिए दो अरब डॉलर निवेश करेगा। इन पार्को में अत्याधुनिक और जलवायु की दृष्टि से स्मार्ट प्रौद्योगिकी इस्तेमाल की जाएगी ताकि खाद्य पदार्थों की बर्बादी और उन्हें खराब होने से बचाने में मदद की जा सके। भारत इस परियोजना के लिए समुचित भूमि प्रदान करेगा और किसानों को फूड पार्को से जोड़ने में सहायता करेगा। इस परियोजना में विशेषज्ञता और नवाचार समाधान के लिए अमरीका और इस्राइल को आमंत्रित किया जाएगा। इस दिशा में निवेश से फसल पैदावार अधिकतम बढ़ाने और दक्षिण एशिया तथा मध्य पूर्व में खाद्य असुरक्षा से निपटने में मदद मिलेगी। इससे पहले आई 2 यू 2 सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस समूह के फ्रेमवर्क के अंतर्गत भारत-इस्राइल-संयुक्त अरब अमीरात और अमरीका जल, ऊर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उपाय कर रहे हैं।श्री मोदी ने कहा कि आई-टू यू-टू ने पहले शिखर सम्मेलन से ही सकारात्मक रूपरेखा तय कर दी है और यह समूह मिलकर मानवता की भलाई के लिए कार्य कर सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आई-टू यू-टू देश खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करेंगे और विश्व में विकास कार्यों को बढ़ावा देंगे। श्री मोदी ने कहा कि कई क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की पहचान कर ली गई है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा भी तैयार की गई है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में यह मिलकर काम करने का बढ़िया मॉडल है। श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि आई-टू यू-टू ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक वृद्धि की दिशा में उल्लेखनीय योगदान करेगा।नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने समूह के अन्य नेताओं के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने पर विशेष रूप से चर्चा की। श्री क्वात्रा ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का सकारात्मक, रचनात्मक और स्पष्ट एजेंडा था, जिसमें विशेष संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर चर्चा शामिल थी। -
बेंगलुरु। केंद्रीय स्वास्थ्य, रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को राज्यों से स्वदेशी रूप से विकसित नैनो उर्वरकों को लोकप्रिय बनाने और रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर इसको उपयोग में लाने की अपील की। मंत्री ने कहा कि किसानों को 266 रुपये की लागत से उर्वरक बैग दिए जाते हैं, जबकि सरकार को वास्तविक लागत 2,300 रुपये पड़ती है। उन्होंने यहां राज्य कृषि और बागवानी मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा, ‘‘भारत की उर्वरक खपत दुनिया का 35 प्रतिशत है और भारत हर साल 70 लाख से 100 लाख टन उर्वरक का आयात करता है।'' उन्होंने कहा, किसानों को 266 रुपये में खाद की बोरियां दी जाती हैं, जिसकी कीमत सरकार को 2,300 रुपये पड़ती है। ‘‘देश किसानों को अत्यधिक रियायती दर पर उर्वरक देता है।'' मांडविया ने कहा, ‘‘भारत सरकार उर्वरकों पर सब्सिडी के रूप में 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करती है, जो कर्नाटक जैसे किसी भी बड़े राज्य के वार्षिक बजट के बराबर है।'' मंत्री ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने सरकार के सामने आने वाली समस्याओं को महसूस किया है और नैनो उर्वरक का विकास किया है। नैनो उर्वरक की हर बोतल की कीमत 240 रुपये होती है।
मांडविया ने कहा, ‘‘एक करोड़ नैनो उर्वरक की बोतलें चार लाख टन उर्वरक बैग के बराबर होती हैं। क्या हम उन्हें लोकप्रिय बना सकते हैं? मैंने खुद अपनी 100 एकड़ जमीन में इसका इस्तेमाल किया है और इसे बहुत प्रभावी पाया है।'' मंत्री ने यह भी कहा कि नैनो उर्वरक की बोतलों पर अध्ययन किया गया है और इन्हें सुरक्षित और प्रभावी पाया गया। इसके अलावा यह स्वदेशी है और 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर एक कदम है। मांडविया ने बताया कि 2025 तक देश में दो लाख टन रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल को नैनो उर्वरकों से बदलने के लक्ष्य के साथ नौ नैनो उर्वरक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। मांडविया ने राज्यों से उद्योगों को सब्सिडी वाले उर्वरकों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की भी अपील की । केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, कर्नाटक के कृषि मंत्री बी सी पाटिल, विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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बेंगलुरु। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र इ-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। यह एक ऑनलाइन कारोबार मंच है। सरकार का यह प्रयास भारत में कृषि जिंसों, कृषि व्यवसाय को और अधिक पारदर्शी बनाने के लक्ष्य से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि अबतक 1,000 कृषि मंडियों (एपीएमसी बाजारों) को इ-नाम परियोजना से जोड़ा जा चुका है और 1.5 लाख करोड़ रुपये के कारोबारी लेनदेन हुए हैं। तोमर ने शहर में कृषि और बागवानी मंत्रियों के दो दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा, ‘‘हम अधिक पारदर्शिता के लिए इ-नाम प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।'' तोमर ने कहा कि सरकार ‘डिजिटल' कृषि को बढ़ावा देना चाहती है ताकि किसानों को बाजार न जाना पड़े और बिचौलियों पर निर्भर न होना पड़े। इस संबंध में उन्होंने एक विशेष क्षेत्र में उगाई जाने वाली कृषि उपज की निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया। मंत्री ने कहा, ‘‘यदि हम किसी विशेष क्षेत्र में फसलों का डेटाबेस बनाते हैं, तो आपदाओं के कारण फसल के नुकसान की स्थिति में हम तुरंत मुआवजा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए मिशन के रूप में काम कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार मोटे अनाज को लोकप्रिय बनाना चाहती है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र से दुनियाभर में बाजरे को लोकप्रिय बनाने के लिए एक पूरा साल समर्पित करने का आग्रह किया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय ‘मिलेट' वर्ष घोषित किया था।
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जयपुर। राजस्थान के गंगानगर शहर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को बिजली का करंट लगने से एक दंपत्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि सुखाड़िया सर्किल के पास मोटरसाइकिल सवार दंपत्ति की करंट लगने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान अनिल और ममता के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि करंट लगने के बाद दंपत्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के लिए शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। (प्रतीकात्मक फोटो)
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि बढ़ती हुई वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच 'आई2यू2' समूह व्यावहारिक सहयोग का एक अच्छा मॉडल है, जिसकी पहली ही बैठक में एक ‘‘सकारात्मक एजेंडा'' स्थापित कर लिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘‘आई2यू2'' समूह वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान करेगा। ‘‘आई2यू2'' समूह की पहली बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘हमने कई क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की पहचान की है और उनमें आगे बढ़ने का खाका भी बनाया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती हुई वैश्विक अनिश्चिताओं के बीच हमारा कोऑपरेटिव फ्रेमवर्क व्यावहारिक सहयोग का एक अच्छा मॉडल भी है। मुझे पूरा विश्वास है कि ‘आई2यू2' से हम वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान करेंगे।'' इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, इजराइल के प्रधानमंत्री यायर लापिड, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि ‘‘आई2यू2'' का दृष्टिकोण और उसका एजेंडा प्रगतिवादी और व्यवहारिक है। अपने देश की परस्पर मजबूती, पूंजी, विशेषज्ञता और बाजार को संगठित करके हम इसे गति दे सकते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि यह सही मायने में रणनीतिक साझेदारों की बैठक है और इसमें शामिल नेता अच्छे मित्र भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी के दृष्टिकोण में भी समानता है। आज की इस पहली बैठक ने एक सकारात्मक एजेंडा स्थापित कर लिया है। हमने कई क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की पहचान की है और उनमें आगे बढ़ने का खाका भी बनाया है।
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नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के थाना सूरजपुर क्षेत्र के घंटाघर चौक के पास से महिला का पर्स लूटकर भाग रहे कुख्यात बदमाश का एक बहादुर यातायात पुलिसकर्मी ने पैदल ही पीछा करना शुरू कर दिया और करीब एक किलोमीटर दौड़ाने के बाद उसे पकड़ लिया। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि झटपमार से पर्स बरामद कर इसे पीड़ित महिला को वापस दिलाने वाले पुलिसकर्मी की काफी तारीफ हो रही है। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि थाना सूरजपुर क्षेत्र के घंटाघर चौक पर बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे एक 20-21 साल की युवती खड़ी थी,तभी एक बदमाश ने महिला का पर्स लूट लिया। मीडिया प्रभारी ने बताया कि बदमाश पर्स लूटकर भागने लगा, तो महिला ने शोर मचाया। उन्होंने बताया कि चौक पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी आशीष कुमार ने बदमाश का पीछा किया तथा एक किलोमीटर तक दौड़ाकर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि उसके पास से महिला का लूटा गया पर्स भी बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि यातायात आरक्षी ने पकड़े गए लुटेरे को थाना सूरजपुर पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में अग्रिम करवाई थाना सूरजपुर पुलिस द्वारा की जा रही है। इस बहादुरी के कारण 28 वर्षीय कुमार को न केवल पीड़ित महिला, बल्कि सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं की ओर से भी प्रशंसा मिल रही है। लोग उनकी फिटनेस और समर्पण के लिए कुमार की सराहना कर रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने भी पुलिसकर्मी के प्रयास की सराहना करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया और इनाम की घोषणा की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना के समय मौके पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन केवल सिपाही ने चोर का पीछा करने की हिम्मत जुटाई। पुलिसकर्मी कुमार ने कहा, ‘‘महिला दहशत में थी और उसने मदद की गुहार लगाई। मैं ड्यूटी पर था और ट्रैफिक के व्यस्त समय के दौरान चौराहे पर रुके टेम्पो को हटा रहा था।'' कुमार ने कहा, ‘‘ मैंने तुरंत चोर का पीछा किया, जो पहले दादरी रोड की ओर भागा और फिर परी चौक की ओर दिशा बदली। मैंने लगभग एक किलोमीटर तक उसका पीछा किया और अंत में उसे पकड़ लिया।'' कुमार मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं और तीन साल पहले उनकी गौतमबुद्ध नगर में तैनाती हुई थी। कुमार ने कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के लिए वह सप्ताह में तीन-चार बार कसरत करते हैं।
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अहमदाबाद। अहमदाबाद के बाहरी इलाके में गुरुवार को भारी बारिश के बीच एक फार्महाउस की दीवार एक छप्पर पर गिर गई, जिसमें रह रहीं दो महिला मजदूरों और उनके साथ काम करने वाली 16 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना आज सुबह ओगनाज इलाके में हुई और ये दोनों महिलायें तथा लड़की वहां एक बंगले के निर्माण कार्य में शामिल समूह का हिस्सा थीं। पुलिस निरीक्षक एन.आर. वाघेला ने कहा, ''दीवार गिरने के बाद कुल पांच महिला मजदूर घायल हो गईं। दमकलकर्मी उन्हें सोला सिटी अस्पताल ले गए। हालांकि उनमें से तीन की मौत हो गई जबकि दो अन्य का उपचार किया जा रहा है।'' वाघेला ने कहा कि मृतकों की पहचान शीतल थांगा (16), वनीता मिथिया (19) और अस्मिता सगोड़ (22) के रूप में हुई है जबकि रिंकू मिथिया (19) और कविता थांगा (35) घायल हो गईं हैं। वाघेला ने कहा, ''ये मजदूर साइंस सिटी के निकट ओगनाज इलाके में स्थित फार्महाउस की दीवार के बराबर में बनाए गए छप्पर में रह रहीं थीं। हमारी प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं बारिश के कारण दीवार गिरी होगी।''







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