केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई कोष को मंजूरी दी
नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश के इरादे से 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई वृद्धि कोष स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इसका मकसद भविष्य के दिग्गज उद्यम तैयार करने में मदद करना है। एसएमई वृद्धि कोष (एसजीएफ) भारत के लघु और मझोले उद्यमों के लिए वृद्धि आधारित पूंजी को बढ़ावा देगा। साथ ही यह विनिर्माण, सेवाओं, प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित क्षेत्रों और रणनीतिक मूल्य शृंखलाओं में अग्रणी भारतीय उद्यम तैयार करेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने ''भविष्य के दिग्गज उद्यम तैयार करने के लिए लघु एवं मझोले उद्यमों में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की स्थापना'' को मंजूरी दी है। इस कोष की घोषणा आम बजट 2026-27 में की गई थी। इस पहल के तहत सरकार एसजीएफ ढांचे के तहत स्थापित वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) में कुल 10,000 करोड़ रुपये का योगदान देगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस कोष का विवरण साझा किया। दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराकर यह पहल भारतीय एसएमई को परिचालन का दायरा बढ़ाने, प्रौद्योगिकी तथा विनिर्माण क्षमता में निवेश करने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने, वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जुड़ने और रणनीतिक निवेश करने में सक्षम बनाएगी।










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