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- सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले में गांव ककरोई-महलाना रोड पर बैंयापुर माइनर के पास रविवार की सुबह एक युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। युवक की गोली मारकर हत्या की गई थी। शरीर पर चोट के निशान भी थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गांव तिहाड़ मलिक फिलहाल मयूर विहार के सागर पुत्र सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई। पिता सुरेंद्र सिंह ने सदर थाना पुलिस को बताया कि उसके बेटे ने 4 माह पहले रोहतक में प्रेम विवाह किया था। छोटा बेटा सावन सोनीपत जेल में बंद है।सागर ने शनिवार देर शाम को बताया था कि उसके दोस्त के कई साथी सोनीपत जेल में बंद हैं। वह उससे मिलने जा रहा है, ताकि वे जेल में भाई सावन की कुछ मदद करा सकें। उसके बाद सागर बाइक लेकर चला गया। रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो सागर की तलाश शुरू हुई।सागर का मोबाइल बंद आ रहा था। रविवार सुबह सूचना मिली कि एक युवक का शव ककरोई के पास पड़ा मिला है। वे मौके पर पहुंचे तो पुलिस शव को लेकर सामान्य अस्पताल पहुंच गई थी। वहां पहुंचकर शव की पहचान की, जो सागर का ही था। पुलिस हत्या के एंगल से केस की जांच कर रही है।
- नई दिल्ली। भारत में अब तक कोविड-19 टीके की 27.62 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है। इसमें शनिवार को दी गई 33 लाख 72 हजार 742 खुराक भी शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि शनिवार को 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को टीके की 20 लाख 49 हजार 101 पहली खुराक दी गई, जबकि 78 हजार 394 दूसरी खुराक दी गई। टीकाकरण अभियान का का तीसरा चरण शुरू होने के बाद से देश के 37 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 5 करोड़ 39 लाख 11 हजार 586 लोगों को पहली खुराक दी गई और कुल 12 लाख 23 हजार 196 को दूसरी खुराक दी गई है। असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 18 से 44 आयु वर्ग के 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक दी गई है। शनिवार शाम सात बजे संकलित की गई अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में कुल 27 करोड़ 62 लाख 55 हजार 304 खुराक दी गई।टीकाकरण अभियान के 155 वें दिन शनिवार को कुल 33 लाख 72 हजार 742 खुराक दी गई। कुल 29 लाख 953 लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक दी गई, जबकि 4 लाख 71 हजार 789 को दूसरी खुराक दी गई।
- बहराइच (उप्र) । बहराइच जिले के रिसिया थानांतर्गत आसाम रोड पर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज पर शनिवार को कटी पतंग के चाइनीज मांझे में फंसकर गर्दन कटने से एक मोटरसाइकिल सवार युवक की मौके पर मौत हो गयी।पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने पत्रकारों को बताया कि परिगेश यादव उर्फ दीपक (24) आज मोटरसाइकिल पर रिसिया से बहराइच की तरफ आ रहे थे। रास्ते में आसाम रोड पर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के ऊपर से एक कटी पतंग के चाइनीज मांझे में फंसकर परिगेश की गर्दन कट गयी और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर विधिक कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय पुलिस को पतंगबाज एवं उक्त मांझा बेचने वालों की तलाश करने का निर्देश दिया गया है।गौरतलब है कि पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा काफी मजबूत होता है। इसकी चपेट में आने पर गर्दन कटने का डर रहता है लेकिन मांझा नहीं टूटता। बिजली के तारों से छूने पर पतंगबाज को करंट लगने का खतरा बना रहता है। 16 नवम्बर 2017 को जारी शासनादेश के तहत प्रदेश में चाइनीज मांझे की बिक्री व इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध है। बावजूद इसके शहरों व कस्बों में चोरी छिपे हो रही इनकी बिक्री नहीं रूक पा रही। अक्सर चाइनीज मांझे की चपेट में आकर दोपहिया वाहन सवार दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं।
- जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में शनिवार को एक जांच चौकी पर सेना के कुछ जवानों ने एक पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर हमला किया जिसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना पोशाना में हुई जब राजौरी पुलिस थाने के थाना प्रभारी निरीक्षक समीर जिलानी अपनी बीमार मां से मिलने कश्मीर जा रहे थे।उन्होंने बताया कि जिलानी को मुगल रोड पर चौकी पर तैनात सेना के जवानों ने रोका। मुगल रोड जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी जिलों को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले से जोडऩे वाला एक वैकल्पिक मार्ग है। अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों ने एसएचओ पर कथित तौर पर हमला किया। खुद को एक पुलिस अधिकारी बताने के बावजूद एसएचओ के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पुलिस ने एक बयान में कहा, "मुगल रोड पर पोशाना जांच चौकी पर एक पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की आज की घटना के संबंध में उक्त कर्मियों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी थाना सुरनकोट में दर्ज की गई है।" पुलिस ने कहा कि आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही चल रही है।
- जालना। महाराष्ट्र के जालना जिले में एक इस्पात विनिर्माण इकाई में शनिवार को विस्फोट होने से दस श्रमिक घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) क्षेत्र में स्थित सपाश्रृंगी स्टील मिल में एक बॉयलर फट गया और गर्म पिघला हुआ लोहा श्रमिकों पर गिर गया। पुलिस उपनिरीक्षक प्रमोद बोंडले ने बताया कि चार श्रमिकों को जालना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि छह अन्य को औरंगाबाद ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के प्रबंधक के खिलाफ कथित लापरवाही के लिए मामला दर्ज किया गया है और इस सिलसिले में जांच की जा रही है।
- कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के विधायक जयंत नसकर का शनिवार को कोलकाता एक अस्पताल में निधन हो गया। वह मई में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। हालांकि, शुक्रवार को सामने आई जांच रिपोर्ट में विधायक के संक्रमणमुक्त होने की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि गोसाबा सीट से तीन बार विधायक रहे 73 वर्षीय नसकर ने शनिवार रात करीब 8:20 बजे अंतिम सांस ली। अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे दो मई को आने के बाद ही जयंत नसरक कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। उन्होंने बताया कि शुरुआत में विधायक का उपचार सरकारी अस्पताल में किया गया और अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नसकर के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि गोसाबा के तीन बार विधायक रहने के दौरान उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा को समर्पित किया।
- नई दिल्ली। दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में स्थित एक घर में शनिवार को गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 13 लोग झुलस गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि पुलिस को शाम छह बजकर 44 मिनट पर सिलेंडर में धमाके की सूचना मिली। धमाके के चलते लगी आग पर काबू पा लिया गया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाडिय़ों को मौके पर भेजा गया था। पुलिस उपायुक्त (बाहरी) परविंदर सिंह ने कहा कि गणेश नाम के व्यक्ति के घर में विस्फोट उस समय हुआ जब उसकी पत्नी सावित्री सिलेंडर बदल रही थी और गैस लीक होने के चलते यह फट गया। पुलिस ने कहा कि इस घटना में सावित्री, सचिन, गीता, प्रिंस, लक्ष्मी, विनोद, विवेक, छतरपाल, संजू, संध्या, निर्मला, महिमा और मोनिष्का घायल हो गए जिन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि अधिक झुलस जाने के कारण बाद में सावित्री, सचिन, गीता और प्रिंस को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया।
- सासाराम (बिहार)। बिहार के सासाराम के निकट राजमार्ग पर शनिवार को एक ट्रक की चपेट में आने से दो बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो गई और सात अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया कि यह दुर्घटना रोहतास जिले के शिवसागर पुलिस थाने के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर तड़के हुई जब उत्तर प्रदेश में ईंट भट्ठे में काम करने वाले कुछ कामगार झारखंड के लातेहार जिले में अपने घरों को लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि कामगारों की संख्या 30के करीब थी और वे एक ट्रक में यात्रा कर रहे थे। इस ट्रक को खाने-पीने की एक दुकान के पास रोका गया था और कामगार जलपान करने जा रहे थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने कामगारों को कुचल दिया जिसमें संतोष लोहार (36),उसका बेटा बलवंत कुमार (3),दिलीप लोहार (30) और आशीष कुमार (2) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया, पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है। घायलों को सासाराम जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया है।
- मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक कार ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में टक्कर मार दी जिससे कार में सवार दो लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को भोपा बाइपास के समीप हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए हादसे में दिल्ली निवासी जीत सिंह (40) और सम्राट सिंह (32) की मौत हो गयी। दोनों दिल्ली से उत्तराखंड के हरिद्वार जा रहे थे। उन्होंने बताया कि हादसे में घायल राहुल (23) और कार के चालक अब्बास (35) का यहां एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- हैदराबाद। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने शनिवार को कहा कि 2022 तक वायुसेना में 36 राफेल विमान शामिल कर लिये जायेंगे। फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान प्राप्त करने की समय सीमा के बारे में एक संवाददाता द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राफेल को शामिल करने की योजना पर वायु सेना का लक्ष्य निश्चित है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2022 है। यह एकदम निश्चित है। मैंने पहले भी इसका उल्लेख किया था। एक या दो विमानों को छोड़कर, कोविड संबंधी कारणों से थोड़ी देर हो सकती है, लेकिन कुछ विमान समय से पहले आ रहे हैं।” उन्होंने कहा, “इसलिए राफेल को शामिल करने की योजना पर हमारा लक्ष्य एकदम तय है। संचालन की योजना पर जैसा कि आप जानते हैं, हम पूरी तरह तैयार हैं, इसलिए समय के संदर्भ में हम एकदम समय पर काम पूरा करेंगे।” एयर चीफ मार्शल भदौरिया, यहां डुंडीगल में वायु सेना अकादमी की ‘कम्बाइंड ग्रेजुएशन परेड' का निरीक्षण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। वर्ष 2016 में भारत ने फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके अनुसार, 59,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमान खरीदे जाने थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फरवरी में कहा था कि अप्रैल 2022 तक देश में लड़ाकू विमानों की पूरी खेप मौजूद होगी। पूर्वी लद्दाख की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि चीन और भारत के बीच बातचीत जारी है और पहला कदम यह है कि समझौता कर आगे बढ़ा जाए और संघर्ष के बिंदुओं पर पीछे हटने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाए। वायु सेना बेड़े से मिग-21 विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के संबंध में भदौरिया ने कहा कि पुराने विमानों के वर्तमान स्क्वाड्रन को उनके काम करने के आधार पर अगले दो-तीन सालों में हटा दिया जायेगा और उनके स्थान पर ‘हल्के लड़ाकू विमान' (एलसीए) शामिल किए जाएंगे। एयर चीफ मार्शल ने कहा, “विमानों को शामिल करने की योजना पहले से है…, जैसा कि आप जानते हैं कि एलसीए की चार स्क्वाड्रन के आर्डर दिए गए हैं। उन्हें अगले साढ़े तीन सालों में शामिल किया जाएगा।” इससे पहले ‘कम्बाइंड ग्रेजुएशन परेड' को संबोधित करते हुए वायु सेना प्रमुख ने कहा कि वायु सेना हर पहलू में विशिष्ट प्रौद्योगिकियों और युद्ध शक्ति के साथ एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रही है।
- नयी दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारतीय डाक 21 जून को बुक किए गए सभी डाक पर विश्व योग दिवस के सार को दर्शाने वाला एक विशेष रद्दीकरण मुहर लगाएगा। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विशेष सचित्र रद्दीकरण मुहर एक चित्रात्मक स्याही अंकन या छाप होगी जिसमें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2021 हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखा होगा। रद्दीकरण को डाक निशान के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसका उपयोग डाक टिकट के पुन: उपयोग को रोकने के लिए किया जाता है। इस तरह के रद्दीकरण मूल्यवान संग्रह और अक्सर डाक टिकट-संग्रह संबंधी अध्ययन के विषय होते हैं। सभी डिलीवरी और नॉन-डिलीवरी प्रधान डाकघर 21 जून को कार्यालय में बुक किए गए सभी डाक पर यह विशेष रद्दीकरण मुहर लगाएंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है।
- भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने कोविड-19 और अन्य संक्रामक रोगों के अनुसंधान के लिए राज्य स्तरीय संस्थान स्थापित करने का निर्णय किया है । प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी और अन्य संक्रामक रोगों पर शोध के लिये भोपाल में राज्य स्तरीय जन स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने की योजना बनाई है।'' सारंग ने कहा कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उनकी इस योजना पर चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति जतायी है । उन्होंने बताया, ‘‘इस संस्थान के माध्यम से डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी चलाए जाएंगे। संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाएगा।'' चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं में कैंसर का पता लगाने के लिए राज्य स्तरीय गुलाबी अभियान चलाने का भी निर्णय किया है । सारंग ने कहा, ‘‘यह देखा गया है कि महिलाएं पारिवारिक और सामाजिक कारणों से कैंसर जैसी घातक बीमारी का खुलासा नहीं करती हैं। हमने शहर, कस्बा और पंचायत स्तर पर महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए गुलाबी अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत जल्द ही राज्य में स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया जाएगा।'' मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ब्लैक फंगस को शुरुआती चरण में ही रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने ब्लैक फंगस के उपचार में इस्तेमाल होने वाली एंटीफंगल दवा एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की है।
- खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन में पुलिस ने बचत योजनाओं में पैसा लगाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी करने के आरोप में डाकघर के दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) शैलेंद्र सिंह चौहान ने शनिवार को बताया कि मुख्य आरोपी जगदीश काग को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ के आधार पर एक अन्य आरोपी दीपेश भटेरे को खरगोन से गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि दोनों आरोपी एजेंटों ने लोगों को विश्वास में लिया और उनसे डाकघर की छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने के लिए धन जमा किया लेकिन आरोपियों ने लोगों का धन डाकघर में जमा कराने के बजाय अपने पास रख लिया और नकली सील का इस्तेमाल कर लोगों की पासबुक में फर्जी प्रविष्टियां दर्ज कर दीं। उन्होंने बताया कि पीड़ितों में से अधिकांश लोग सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और अनुमान है कि दोनों एजेंटों ने लोगों को लगभग छह करोड़ रुपये का चूना लगाया है। अधिकारी ने बताया कि संबंधित डाकघरों में निवेशकों द्वारा संपर्क करने के बाद धोखाधड़ी की बात उजागर हुई तो मुख्य आरोपी गायब हो गया। इसके बाद लोगों ने मामले में पुलिस को शिकायत की।
- नयी दिल्ली। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिवब डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र का शनिवार को कोविड-19 से जुड़ी समस्या से निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गोयल और कैबिनेट सचिव राजीव गौबा सहित रिजर्व बैंक के गवर्नर तथा उद्योग जगत के लोगों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। महापात्र (59) को अप्रैल के मध्य में एम्स में भर्ती किया गया था। महापात्र भारत सरकार के पहले सेवारत सचिव हैं, जिनका कोविड-19 से निधन हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ डीपीआईआईटी सचिव महापात्र के निधन पर दुखी हूं। मैंने गुजरात और केंद्र में व्यापक रूप से उनके साथ काम किया था। उन्हें प्रशासनिक मुद्दों की गहरी समझ थी और वह अपने नवोन्मेषी उत्साह के लिए जाने जाते थे। उनके परिवारजनों तथा मित्रों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति'।'' गृह मंत्री शाह ने ट्वीट किया, ‘‘डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र एक काफी सक्षम और मेहनती अधिकारी थे। उनके आकस्मिक निधन से काफी दुख हुआ है। मैं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।'' वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने भी ट्वीट कर महापात्र के निधन पर दुख जताया है।गोयल ने कहा, ‘‘डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र के निधन की खबर से मैं अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने देश की लंबे समय तक सेवा की। उनके परिजनों और मित्रों के प्रति मैं संवदेना जताता हूं।'' पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने कहा कि महापात्र के निधन से देश ने एक सक्षम प्रशासक को खो दिया है।कैबिनेट सचिव गौबा ने डीपीआईआईटी सचिव के असमय निधन पर शोक व्यक्त किया है।गौबा ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘डॉ. माहपात्रा एक प्रिय सहयोगी थे। वह असाधारण गुणों वाले एक उत्कृष्ट प्रशासनिक अधिकारी थे।'' गौबा ने कहा कि वह एक अधिकार प्राप्त समूह के प्रमुख थे। कोविड-19 महामारी के खिलाफ वह पूरे समर्पण से लड़ाई लड़ रहे थे। कैबिनेट सचिव ने कहा कि पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी वह लगातार घंटों काम करते रहे और उन्होंने देश में ऑक्सीजन आपूर्ति की निगरानी की। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा कि महापात्र एक काफी योग्य और समक्ष अधिकारी थे।विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने महापात्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डीपीआईआईटी सचिव के निधन से मुझे काफी दुख हुआ है। उन्हें एक सक्षम, प्रतिबद्ध और जोश वाले अधिकारी के रूप में याद रखा जाएगा। उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने महापात्र के निधन पर दुख जताते हुए कहा है कि उन्हें उनके नवोन्मेषी विचारों के लिए याद किया जाएगा। सीआईआई ने विनिर्माण, एफडीआई, कारोबार सुगमता आदि क्षेत्रों में उनके योगदान की सराहना की। उद्योग मंडल ने कहा कि इन क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए कार्यों से उद्योग को काफी लाभ मिला। महापात्र को अप्रैल के मध्य एम्स में भर्ती कराया गया गया था। गुजरात कैडर के 1986 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी महापात्र अगस्त, 2019 में डीपीआईआईटी के सचिव बने थे। उससे पहले वह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के चेयरमैन थे। वह पहले वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव भी रहे थे।गुजरात सरकार में महापात्र सूरत के निगम आयुक्त भी रहे थे।
- नयी दिल्ली।केंद्र ने शनिवार को राज्य सरकारों से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले में संलिप्त लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करने और सख्त महामारी (संशोधन) कानून, 2020 लगाने को कहा। कोविड-19 महामारी के बीच देश के अलग-अलग हिस्से में डॉक्टरों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों पर हमले की कई घटनाओं के मद्देनजर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह पत्र लिखा है। भल्ला ने लिखा है, आप इस बात से सहमत होंगे कि डॉक्टरों या स्वास्थ्य पेशेवरों पर धमकी या हमले की कोई भी घटना उनके मनोबल को कम कर सकती है और उनमें असुरक्षा की भावना पैदा कर सकती है। इससे स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।'' गृह सचिव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह जरूरी हो गया है कि स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए। आप स्थिति के हिसाब से महामारी (संशोधन) कानून, 2020 के प्रावधानों को भी लागू कर सकते हैं।'' इस कानून के अनुसार, डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों पर हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को पांच साल तक की कैद और दो लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। इसके अलावा, यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी को हिंसा की कार्रवाई से गंभीर नुकसान होता है, तो अपराध करने वाले व्यक्ति को सात साल तक की कैद और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। ये अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। भल्ला ने कहा, ‘‘मैं यह भी दोहराना चाहूंगा कि सोशल मीडिया की आपत्तिजनक विषयवस्तु पर भी कड़ी नजर रखी जाए। कोविड-19 से निपटने में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए जा रहे बहुमूल्य योगदान के बारे में बताने के लिए अस्पतालों, सोशल मीडिया आदि में पोस्टर के माध्यम से ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।''
- नयी दिल्ली। रेलवे ने पिछले सात दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों से 32.56 लाख यात्रियों को उनके स्थानों पर पहुंचाया। यह जानकारी रेलवे ने शनिवार को दी। यह शहरों के धीरे-धीरे अनलॉक होने के बाद प्रवासी श्रमिकों की उनके कार्यस्थलों पर वापसी का संकेत है। रेलवे ने एक बयान में कहा कि इन यात्रियों ने 11-17 जून के बीच अपने मूल राज्यों से दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद और चेन्नई की यात्रा लंबी दूरी की मेल एक्सप्रेस ट्रेनों से की। रेलवे ने कहा, ‘‘रेलवे श्रमिकों को वापस लाने में मदद कर रहा है जब शहर धीरे-धीरे अनलॉक हो रहे हैं। बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों से मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई आदि महानगरों में प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे मेल/एक्सप्रेस स्पेशल, हॉलिडे स्पेशल और समर स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।'' रेलवे ने कहा, ‘‘इन सभी ट्रेनों को कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से आरक्षित ट्रेनों के रूप में संचालित किया जा रहा है। इन ट्रेनों की बुकिंग यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के माध्यम से आरक्षण काउंटरों पर और ऑनलाइन माध्यम से ई-टिकटिंग सिस्टम का उपयोग करके उपलब्ध है।'' 18 जून की स्थिति के अनुसार भारतीय रेलवे द्वारा 983 मेल या एक्सप्रेस और हॉलिडे स्पेशल (कोविड-पूर्व स्तर का 56 प्रतिशत) का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, काम की जगह पर लौटने के इच्छुक लोगों की आवाजाही की सुविधा के लिए लगभग 1309 ग्रीष्मकालीन स्पेशल भी संचालित की गई हैं। ये समर स्पेशल मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम जैसे राज्यों से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों से सम्पर्क प्रदान करती हैं।
- बरेली (उप्र)। बरेली जिला जेल में 32 वर्षीय एक बंदी ने शुक्रवार की देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जेल के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने बंदी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।जेल प्रशासन के अनुसार यह बंदी मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में जेल में बंद था। जिला जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने शनिवार को बताया कि जिले के सरोली थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर के भूरा (32) को पुलिस ने चार फरवरी को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेजा गया था। सिंह के अनुसार जिला जेल में उसे पृथक-वास बैरक में रखा गया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात एक अन्य बंदी बेरिक शौचालय में गया तो उसने देखा कि भूरा ने शौचालय के दरवाजे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने तत्काल इस घटना की जानकारी ड्यूटी पर तैनात बंदी रक्षक को दी। जेल अधीक्षक सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- बेंगलुरु। बोइंग इंडिया ने डॉक्टर्स फॉर यू (डीएफवाई) और सेल्को फाउंडेशन के साथ मिलकर बेंगलुरु में कोविड-19 के मध्यम लक्षण वाले रोगियों के लिये आक्सीजन की सुविधा युक्त 100 बिस्तरों का देखभाल केंद्र शुरू किया है। एक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बोइंग इंडिया के बयान में कहा गया कि बेंगलुरु के येलहांका में कर्नाटक राज्य बिजली निगम लिमिटेड (केएसपीसीएल) के परिसर में स्थापित किये गए इस केंद्र को कर्नाटक सरकार को सौंप दिया गया है। बयान में कहा गया, “बोइंग इंडिया ने इस केंद्र के लिये राशि दी है। डीएफवाई आवश्यक कर्मी और देखभाल की जरूरत का जिम्मा उठा रहे हैं जबकि सेल्को फाउंडेशन ने पूर्वनिर्मित सुविधा को तैयार किया है। केएसपीसीएल ने अस्पताल स्थापित करने के लिये जरूरी जमीन उपलब्ध कराई है।” बयान के मुताबिक अस्पताल को 20 दिन से भी कम समय में तैयार कर दिया गया। इसमें कहा गया, “ऑक्सीजन युक्त 100 बिस्तरों में से 10 आईसीयू सेवा के लिये निर्धारित हैं जबकि 20 बिस्तर उच्च निर्भरता इकाई (एचडीयू) वार्ड के तौर पर उपलब्ध होंगे।” इसमें कहा गया कि येलहांका में केएसपीसीएल परिसर के चयन की वजह इसका पहले से मौजूद ऑक्सीजन संयंत्र के पास स्थिति होना है।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 महामारी और सामूहिक गतिविधियों पर लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित होने वाला प्रमुख कार्यक्रम एक टेलीविजन कार्यक्रम होगा। इस टीवी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन होगा। आयुष मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘सभी दूरदर्शन चैनलों पर सुबह 6:30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री किरेन रिजिजू का संबोधन और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के योग प्रदर्शन का सीधा प्रसारण भी शामिल है।'' बयान में कहा गया कि सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ऐसे समय में आया है, जब विश्व कोविड-19 से लड़ रहा है लेकिन महामारी ने योग को लेकर उत्साह को कम नहीं किया है। इस साल के योग दिवस की मुख्य विषयवस्तु 'तंदुरूस्ती के लिए योग' है। बयान के मुताबिक, ‘‘लगभग 1000 अन्य हितधारक संस्थानों के साथ मंत्रालय की कई डिजिटल पहलों ने महामारी के चलते लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद योग के अभ्यास को जनता के लिए सुलभ बना दिया।'' साथ ही विदेशों में स्थित भारत के मिशन अपने-अपने देशों में 21 जून तक विभिन्न गतिविधियों का समन्वय कर रहे हैं और रिपोर्टों के अनुसार वैश्विक स्तर पर लगभग 190 देशों में योग दिवस मनाया जाएगा। बयान में कहा गया पिछले कुछ वर्षों में योग दिवस ने न केवल योग की लोकप्रियता बढ़ायी है, बल्कि कई नए क्षेत्रों में इसे अपनाने के लिए प्रेरित करके अपनी भौगोलिक उपस्थिति का भी विस्तार किया है। बयान में कहा गया, ‘‘इस आयोजन ने योग के क्षेत्र में नई प्रगति को भी गति दी है। इनमें सभी उम्र के लोगों के लिए सार्वभौमिक योग प्रोटोकॉल का विकास, जीवन शैली की बीमारियों का समाधान करने वाले विशिष्ट प्रोटोकॉल का विकास और उत्पादकता बढ़ाने वाले उपकरण के रूप में योग की क्षमता पर शोध करना शामिल हैं।'' मंत्रालय ने कहा कि इस महामारी के अनुभव ने योग के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जनता को अधिक जागरूक बना दिया है और इस अनुभव को आयुष मंत्रालय ने अपने प्रचार प्रयासों में विधिवत समायोजित किया है। उसने कहा, ‘‘कोविड-19 पर मंत्रालय की सलाह ने प्रतिरक्षा स्तर को बढ़ावा देने और कोविड-19 से निपटने के लिए योग के नियमित अभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला। इन सलाहों को सरकार और अन्य हितधारकों के कई माध्यमों के जरिए व्यापक रूप से प्रचारित किया गया और जनता के साथ-साथ स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए भी उपयोगी पाया गया था।'' मंत्रालय ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आई रिपोर्टों से इस बात के संकेत मिलते हैं कि कोविड-19 मरीजों के इलाज में सहायक प्रक्रियाओं के रूप में कई अस्पतालों में योग अभ्यासों को सफलतापूर्वक शामिल किया गया है और योग इस बीमारी से तेजी से ठीक होने में अपना योगदान देता है।
- नयी दिल्ली।केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से अपील की है कि वह टीकाकरण अभियान को तेज करें और कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन हटाते समय कोविड अनुकूल व्यवहार, जांच-निगरानी-इलाज, टीकाकरण जैसी ‘अति महत्वपूर्ण' पांच रणनीतियां अपनाएं। वहीं एक विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि अगर कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया गया तो भारत में छह से आठ सप्ताह में तीसरी लहर आ सकती है। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे संदेश में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि संक्रमण के प्रसार की कड़ी को तोड़ने के लिए मौजूदा परिदृश्य में कोविड-19 रोधी टीकाकरण बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि ऐसे में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश टीकाकरण की गति तेज करें। गृह सचिव ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और कइयों ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाए। उन्होंने कहा, ‘‘ संक्रमण के मामलों में कमी को देखते हुए कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने प्रतिबंधों में राहत देना शुरू किया है, ऐसे में मैं यह रेखांकित करना चाहूंगा कि लॉकडाउन हटाने की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक व्यवस्थित और जमीनी स्थिति के आकलन के आधार पर हो।'' गृह सचिव ने कहा कि संक्रमण से निपटने के लिए कोविड अनुकूल व्यवहार की नियमित निगरानी की जरूरत है ताकि खामियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार में मास्क का इस्तेमाल, हाथ धोना, सामाजिक दूरी बनाये रखना और बंद स्थलों का हवादार होना सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ राज्यों में प्रतिबंधों में राहत से बाजार में भीड़ एकत्र हो गई और कोविड-19 से बचाव संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया।'' उन्होंने कहा कि संक्रमण के प्रसार पर सतत आधार पर नियंत्रित करने के लिए यह आवश्यक है कि जांच-निगरानी-इलाज जैसी रणनीति का सहारा लिया जाए और खासतौर पर यह सुनिश्चित हो कि जांच दर में कमी न होने पाए। इस बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को चेतावनी दी कि यदि कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया गया तो अगले छह से आठ सप्ताह में वायरल संक्रमण की अगली लहर देश में दस्तक दे सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक बड़ी संख्या में आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक कोविड-उपयुक्त व्यवहार का आक्रामक तरीके से पालन करने की आवश्यकता है। इससे पहले, भारत के महामारी विज्ञानियों ने संकेत दिया था कि कोविड-19 की तीसरी लहर अपरिहार्य है और इसके सितंबर-अक्टूबर से शुरू होने की आशंका है। भल्ला ने कहा कि चूंकि महामारी की स्थिति में बदलाव होता रहता है, ऐसे में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में वृद्धि या फिर संक्रमण दर में वृद्धि की शुरुआती संकेत पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लघु स्तर पर एक ऐसा तंत्र बनाने की जरूरत है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि जब कभी भी छोटे स्थलों पर मामले बढ़ने शुरू हो, उससे वहीं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दिशानिर्देशों के अनुसार स्थानीय नियंत्रण कदमों के जरिए निपटा जाए। देश में एक दिन में कोविड-19 के 60,753 नए मामले आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,98,23,546 हो गयी है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 7,60,019 हो गयी है जो 74 दिनों में सबसे कम है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, 1,647 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 3,85,137 हो गयी है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 2.55 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर 96.16 प्रतिशत है।-file photo
- जींद। हरियाणा के जींद जिले के गांव बद्दोवाला में खेतों में पानी देकर लौट रहे मोटरसाइकिल सवार दो युवकों की ट्राले की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि टक्कर लगने के बाद सड़क पर गिरे एक युवक के ऊपर से ट्राला निकल गया, जिससे मौके पर उसकी मौके ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे व्यक्ति की मौत उपचार के दौरान हो गयी । उन्होंने बताया कि मरने वालों की पहचान जगदीप और रणदीप के रूप में की गयी है।उन्होंने बताया कि चालक ट्राले को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्राले को कब्जे में लेकर अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं ।
- मेदिनीनगर (झारखंड)। पलामू जिले में बिन ब्याही मां बनी 23 वर्षीया एक स्नातकोत्तर युवती ने अपने हक के लिए जिला पुलिस से इंसाफ की गुहार की है । पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह मामला पाण्डु थानाक्षेत्र के एक गांव का है जहां स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही एक छात्रा एक युवक के प्रेम जाल में फंस कर डेढ़ वर्ष पूर्व मां बन गई और अब युवक उसे अपनाने से इनकार कर रहा है।युवती के परिजनों ने बताया कि पाण्डु थाना पहुंची पीडि़ता को पुलिस ने डांट कर भगा दिया था, तब विवश होकर उसने जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में विश्रामपुर अनुमंडल पुलिस अधिकारी सुरजीत कुमार को लिखित शिकायत की जिसके आधार पर उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश पाण्डु के थानेदार को दिया है । फिलहाल पीडि़ता मेदिनीनगर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्थानीय नेता राजीव कुमार के आवास पर रहकर इंसाफ की बाट जोह रही है । पीडि़त युवती के अनुसार ट्यूशन पढऩे के दौरान उसका अपनी सहेली के चचेरे भाई आरोपी मिथिलेश कुमार से प्रेम हुआ और उससे शारीरिक संबंध भी बने, जिससे पैदा हुआ उसका अपना डेढ़ साल का एक बच्चा है । उसने बताया कि उसका प्रेम प्रसंग 2017 से शुरू हुआ और अक्तूबर 2019 को बगैर शादी के वह मां बन गई। पीडि़ता ने बताया कि प्रारंभ में आरोपी मिथिलेश शादी के लिए तैयार था, मगर जैसे ही वन विभाग में उसकी नौकरी लगी, वह शादी से मुकर गया । इस मामले में महिला थाना में आरोपी मिथिलेश के विरुद्ध शिकायत दर्ज हुई और वह छह माह जेल में था, बाद में सुलह होने पर इस शर्त पर आरोपी जेल से निकला कि वह युवती को अपना लेगा, मगर जेल से बाहर आते ही एक बार फिर आरोपी शादी करने से मुकर गया । अनुमंडल पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच पुलिस गंभीरता से कर रही है और शीघ्र ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
- नई दिल्ली। देश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान को गति और मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार सोमवार से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नि:शुल्क कोविड टीकों का वितरण आरंभ करेगी।अभियान के इस चरण में कुल कोविड टीकों का 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी। इस अभियान में 18 से 44 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के साथ सभी आयु वर्ग के व्यक्ति शामिल होंगे। फिलहाल केंद्र सरकार कुल टीका खुराक का 50 प्रतिशत हिस्सा नि:शुल्क उपलब्ध करा रही थी। केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला ने इसे 75 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति दी है। इससे सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सभी लोगों को टीका दिया जा सकेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात जून को इस संबंध में राष्ट्र के नाम संबोधन में घोषणा की थी। इस नीति के शुरू होने के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीका खरीद के लिए कोई भुगतान नहीं करना होगा और सारा व्यय केंद्र सरकार वहन करेगी। शुरूआती अनुमानों के अनुसार नई नीति के कारण केंद्र सरकार पर 15 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। पहले टीकाकरण के लिए 35 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। केंद्र सरकार कोविड टीका की खरीद पर पांच प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर - जी एस टी का भी भुगतान करेगी। इससे यह टीका सभी लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध हो सकेगा।
- नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के बाद प्रतिबंधों में छूट के बावजूद कोताही न बरतें। राज्यों को कोविड अनुकूल व्यवहार, जांच, निगरानी, उपचार और टीकाकरण की पांच सूत्रीय रणनीति का पालन करने की सलाह दी गई है। कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने कोविड मरीजों की संख्या घटने के साथ विभिन्न गतिविधियों को फिर से खोलना शुरू कर दिया है।केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इस संबंध में राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि वास्तविक स्थिति के आकलन के आधार पर ही प्रतिबंध लागू करने या छूट देने का फैसला किया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि समूची प्रक्रिया सावधानीपूर्वक चलाई जानी चाहिए और पर्याप्त जांच भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढऩे या उच्च संक्रमण दर के आरंभिक संकेतों पर भी कड़ी नजर रखने की सलाह दी गई है। श्री भल्ला ने संक्रमितों की बढ़ती संख्या पर काबू पाने के लिए छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाने की नीति अपनाये जाने की सलाह दी है। कोरोना वायरस के संक्रमण की श्रृखंला तोडऩे के लिए टीकाकरण को महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाने के प्रयास तेज किए जाएं।
- नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की 2.87 करोड़ से अधिक खुराक अब भी मौजूद हैं तथा उन्हें अगले तीन दिन में 52.26 लाख से अधिक खुराक और मिल जाएंगी।मंत्रालय ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्यक्ष राज्य खरीद श्रेणी के जरिए और केंद्र की ओर से मुफ्त मुहैया कराई गई खुराकों के जरिए कुल 28 करोड़ 50 लाख 99 हजार 130 खुराक मुहैया कराई गई हैं, जिनमें से 25 करोड़ 63 लाख 28 हजार 45 खुराक की खपत हो चुकी है। इनमें बर्बाद हुई खुराक भी शामिल हैं। उसने बताया कि राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी 2 करोड़ 87 लाख 71 हजार 85 खुराक हैं। इसके अलावा 52 लाख 26 हजार 460 से अधिक खुराक राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को आगामी तीन दिन में मुहैया कराई जाएंगी।


























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