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- नयी दिल्ली। दूरसंचार विभाग (डॉट) ने बुधवार को सरकारी दूरसंचार कंपनी एमटीएनएल को प्रौद्योगिकी भागीदार के रूप में सी-डॉट के साथ 5जी परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इससे पहले जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को मई में ही भारत के चुनिंदा शहरों में 5जी परीक्षण करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने कहा, ‘‘डॉट ने दिल्ली में 5जी इंटरनेट परीक्षण के लिए एमटीएनएल को स्पेक्ट्रम आवंटित किया है। कंपनी सी-डॉट के साथ साझेदारी में परीक्षण करेगी।'' सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में 5जी इंटरनेट परीक्षण का संचालन करेगी। डॉट के अनुसार 5जी तकनीक, 4जी इंटरनेट के मुकाबले दस गुना अधिक डाउनलोड गति और तीन गुना अधिक स्पेक्ट्रम दक्षता प्रदान करेगी। वर्तमान में परीक्षणों की अवधि छह महीने है। इसमें उपकरणों की खरीद और स्थापना के लिए दो महीने की समयावधि शामिल है। भारती एयरटेल ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में 5जी परीक्षण शुरू कर दिया है जबकि जियो ने दिल्ली, मुंबई, गुजरात और हैदराबाद में 5जी परीक्षण के लिए आवेदन किया है। बीएसएनएल ने 5जी परीक्षण के लिए अभी आवेदन नहीं किया है।
- नयी दिल्ली। दक्षिण कोरिया की शीर्ष प्रौद्योगिकी कंपनी सैमसंग ने मंगलवार को 6जी प्रौद्योगिकी अनुसंधान में 5जी के मुकाबले 50 गुना ज्यादा तेज रफ्तार हासिल करने का दावा किया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उत्पाद रणनीति, नेटवर्क व्यापार प्रमुख वोनिल रोह ने नये 5जी ट्रांसमिशन उपकरण से जुड़ी कंपनी की प्रस्तुति में कहा कि सैमसंग ने 5जी नेटवर्क पर 5.23 गिगाबिट प्रति सेकेंड (जीबीपीएस) की रफ्तार हासिसल की है। सैंमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के नेटवर्क व्यापार वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उन्नत संचार अनुसंधान के प्रमुख सुंघयुन चोई ने कहा, "6जी उभरती विविध तकनीकों के साथ अवसरों की एक दुनिया का निर्माण करेगा जिससे उभरते अनुभवों एवं सेवाओं के प्रतिमान को पूर्ण आकार मिलेगा। हम 6जी को वास्तविकता का रूप देने के लेकर उत्साहित हैं। असल में हम पहले ही टेराहर्टज संचार का प्रदर्शन कर चुके हैं जो 6जी से जुड़ी हमारी प्रगति को दिखाता है।" प्रस्तुति में कहा गया कि सैमसंग की 6जी प्रौद्योगिकी की रफ्तार 5जी से 50 गुना ज्यादा है।कंपनी के श्वेत पत्र के मुताबिक सैमसंग को 6जी मानक और उसका व्यवसायीकरण कम से कम 2028 तक और व्यापक व्यवसायीकरण 2030 के आसपास पूरा होने की उम्मीद है।
- मुंबई। निजी क्षेत्र के देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने मंगलवार को कहा कि वह अगले दो साल में आईटी बुनियादी ढांचा में सुधार के लिये विशेष परियोजना के तहत 500 लोगों को नियुक्त करेगा। बैंक ने एक बयान में कहा कि वह भविष्य में नए डिजिटल उत्पादों और सेवाओं को पेश करने और अपने आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए एक ‘डिजिटल इकाई' और एक ‘उद्यम इकाई' स्थापित कर रहा है। ये इकाइयां बैंक को चलाने और समय के अनुसार उसमें बदलाव लाने को लेकर प्रौद्योगिकी रूपांतरण का हिस्सा है। बैंक ने कहा कि वह अगले दो साल में विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले 500 लोगों को नियुक्त करेगा। इसमें आंकड़ा विश्लेषण, कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग, डिजाइन, क्लाउड आदि क्षेत्र शामिल हैं। बैंक के कर्मचारियों की संख्या मार्च की स्थिति के अनुसार 1.2 लाख है और उसे पिछले कुछ साल से तकनीकी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। साथ ही रिजर्व बैंक ने बैंक पर नये क्रेडिट कार्ड या नये डिजिटल उत्पाद पेश करने पर पाबंदी लगायी हुई है।
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नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) काटने और टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) संग्रह करन वालों के लिए एक नई व्यवस्था तैयार की है। इसके जरिये रिटर्न फाइल नहीं करने वाले उन ‘निर्दिष्ट व्यक्तियों' की पहचान में आसानी होगी जिन पर एक जुलाई से ऊंची दर से कर वसूला जाएगा। इससे अनुपालन बोझ कम होगा। एक जुलाई से पिछले दो वित्त वर्षों में आयकर रिटर्न नहीं भरने वाले उन लोगों के मामले में स्रोत पर कर कटौती और स्रोत पर कर संग्रह अधिक दर से होगा, जिन पर दो वर्षों में प्रत्येक में 50,000 रुपये या उससे अधिक कर कटौती बनती है। इसका प्रावधान वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में किया गया है। नई व्यवस्था के तहत टीडीएस काटने वाले और टीसीएस संग्रह करने वालों को केवल वित्त वर्ष की शुरूआत में संबंधित इकाई के पैन को तैयार की गयी नई सुविधा पर जांच करनी होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को रिटर्न नहीं भरने वाले ऐसे लोगों के मामले में उच्च दर से कर कटौती/संग्रह को लेकर धारा 206एबी अैर 206सीसीए के क्रियान्वयन को लेकर परिपत्र जारी किया। सीबीडीटी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इन दोनों प्रावधानों को लागू करने के लिए टीडीएस काटने या टीसीएस संग्रह करने वालों के लिए खुद को संतुष्ट होने को लेकर इस बारे में अतिरिक्त जांच-परख करना आवश्यक था कि भुगतान प्राप्तकर्ता/संग्रह प्राप्तकर्ता एक ‘निर्दिष्ट व्यक्ति' है या नहीं। इसके परिणामस्वरूप इस तरह के कर कटौतीकर्ता/संग्रहकर्ता पर अनुपालन का अतिरिक्त बोझ पड़ता था। विभाग के अनुसार, ‘‘इस अनुपालन बोझ को कम करने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक नई सुविधा धारा 206एबी और 206सीसीए के लिए अनुपालन जांच शुरू की है। यह सुविधा पहले से ही आयकर विभाग के रिपोर्टिंग पोर्टल (https://report.insight.gov.in) के माध्यम से दी जा रही है।'' टीडीएस काटने वाला या टीसीएस प्राप्त करने वाला पोर्टल पर संबंधित इकाई एक पैन (पैन सर्च) या एक से अधिक पैन (बल्क सर्च) को डाल सकता है और यदि यह भुगतान प्राप्तकर्ता/संग्रह प्राप्तकर्ता एक ‘निर्दिष्ट व्यक्ति है', तो वह इस सुविधा के माध्यम से संबंधित प्रतिक्रिया या जवाब प्राप्त कर सकता है। बयान के अनुसार, ‘‘इस नई व्यवस्था से टीडीएस काटने वाले या टीसीएस संग्रह करने वालों के लिये अनुपालन बोझ कम होगा....।'' आयकर विभाग ने 2021- 22 की शुरुआत में ‘विशिष्ट व्यक्तियों' की सूची तैयार कर ली है। यह सूची तैयार करते समय 2018- 19 और 2019- 20 को पिछले दो संबंधित वर्षों पर गौर किया गया है। इस सूची में उन करदाताओं के नाम हैं जिन्होंने आकलन वर्ष 2019- 20 और 2020- 21 के लिये रिटर्न दाखिल नहीं की है और इन दोनों वर्ष में प्रत्येक में उनका कुल टीडीएस और टीसीएस 50,000 रुपये अथवा इससे अधिक रहा है। बयान के अनुसार इस नई सुविधा के जरिए सरकार ने करदाताओं के अनुपालन बोझ को कम करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
- हैदराबाद ।: भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी ने मंगलवार को कहा कि 31 मार्च को समाप्त तिमाही में उसका कर पश्चात मुनाफा 708 प्रतिशत बढ़कर 2,838 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान 351 करोड़ रुपये था। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वित्तवर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही के दौरान 3,187 करोड़ रुपये के कारोबार की तुलना में वित्तवर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही के दौरान, 6,848 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इस प्रभावशाली प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, सुमित देब ने कहा, ‘‘यह लौह और इस्पात क्षेत्र के लिए एक उत्कृष्ट वर्ष रहा है और टीम एनएमडीसी द्वारा हासिल किए गए इन प्रभावशाली परिणामों को साझा करते हुए मुझे बहुत गर्व हो रहा है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक से अधिक कारणों से चुनौतीपूर्ण रहे वर्ष में हासिल हुआ है। वित्तवर्ष 2020-21 में एनएमडीसी का कारोबार वित्तवर्ष 2019-20 के दौरान 11,699 करोड़ रुपये के कारोबार के मुकाबले 15,370 करोड़ रुपये रहा, जो 31 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
- नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इन्फोसिस से कहा कि आयकर विभाग के नये पोर्टल में आ रही खामियों को तुरंत दूर किया जाये। वहीं साफ्टवेयर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने आश्वासन देते हुये कहा कि पिछली आईटीआर देखने, इलेक्ट्रानिक- प्रक्रिया बढ़ाने सहित पांच तकनीकी खामियों का एक सप्ताह के भीतर समाधान कर लिये जाने की उम्मीद है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नये पोर्टल के कामकाज को लेकर इन्फोसिस के अधिकारियों के साथ नये आयकर ई- फाइलिंग पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर समीक्षा बैठक की। पोर्टल सात जून को जारी किया गया उसके बाद से ही इसमें तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मंत्रालय को पिछले कुछ दिनों में प्राप्त 700 से अधिक ईमेल में विभिन्न हितधारकों ने नए पोर्टल में 2,000 से ज्यादा कमियां गिनायी थीं। इनमें खासतौर से नये पोर्टल से जुड़ी 90 समस्यायें बताई गई। आयकर विभाग का नया ई- पोर्टल इन्फोसिस ने तैयार किया है। सीतारमण के साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, राजस्व सचिव तरुण बजाज, सीबीडीटी चेयरमैन जगन्नाथ माहपात्र और वित्त मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। इस दौरान इन्फोसिस के अधिकारियों के साथ नये आयकर ई- पोर्टल में आ रही दिक्कतों को लेकर बिंदुवार विचार विमर्श किया गया।बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक वित्त मंत्री ने इन्फोसिस को आयकर पोर्टल को अधिक व्यवहारिक और सरल बनाने को कहा। सीतरमण ने नये पोर्टल में उपयोगकर्ताओं के समक्ष आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पोर्टल से करदाताओं को बेहतर अनुभव मिलना चाहिये। बैठक के दौरान इन्फोसिस के सीईओ सलिल पारेख और मुख्य परिचालन अधिकारी प्रवीण राव के साथ कंपनी के अन्य अधिकारियों ने विभिन्न पक्षों द्वारा उठाये गये मुद्दों को नोट किया। उन्होंने पोर्टल के कामकाज में आ रहे तकनीकी मुद्दों को स्वीकार करते हुये उनके समाधान के लिये किये जा रहे प्रयासों और ताजा स्थिति से अवगत कराया। इन्फोसिस ने शेष बचे तकनीकी मुद्दों के बारे में सरकार को आश्वस्त किया कि उनकी टीम इस पर काम कर रही है और काम पूरा होने को लेकर संभावित समयसीमा की जानकारी दी। इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आईसीएआई) और आल इंडिया फेडरेशन आफ टैक्स प्रेक्टीशनर्स (एआईएफटी़पी) प्रतिनिधियों के अलावा 10 कर पेशेवरों ने भी इस बैठक में भाग लिया। आयकर विभाग का यह नया पोर्टल सात जून को शुरू किया गया लेकिन उसी दिन से इसमें कई तरह की खामियां सामने आई हैं। इसमें लॉगइन का समय अधिक लग रहा है, आधार सत्यापन के लिये ओटीपी जारी करने में समस्या खड़ी हो रही है और पिछले सालों के आयकर रिटर्न भी इसमें उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। आईसीएआई ने बैठक के बाद जारी एक वक्तव्य में कहा है कि उसे सीबीडीटी और इन्फोसिस इस संबंध में मुद्दों के त्वरित समाधान के लिये जरूरी जानकारी और समर्थन देते रहने को कहा गया है।
- नयी दिल्ली। वाहन-ईंधन की कीमतों में एक और वृद्धि के बाद ओडिशा में भी डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया है। इससे पहले राजस्थान में डीजल के दाम 100 रुपये के आंकड़े के पार निकले थे। वाहन ईंधन की कीमतों में मंगलवार को फिर बढ़ोतरी हुई।सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल के दाम 28 पैसे प्रति लीटर और डीजल के 26 पैसे प्रति लीटर और बढ़ाए गए हैं। चार मई से वाहन ईंधन कीमतों में यह 28वीं बढ़ोतरी है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल अपने सर्वकालिक उच्चस्तर 97.50 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं डीजल 88.23 रुपये प्रति लीटर पर है। मूल्यवर्धित कर (वैट) और भाड़े की वजह से विभिन्न राज्यों में ईंधन के दाम भिन्न-भिन्न होते हैं।इस वजह से अब कई स्थानों पर पहले पेट्रोल और अब डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया है।देश में सबसे अधिक इस्तेमाल वाले ईंधन डीजल का दाम इसी महीने राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकला था। अब यह ओडिशा के मल्कानगिरी (101.12 रुपये लीटर) और कोरापुट (100.46 रुपये लीटर) में 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया है। नौ राज्यों और संघ शासित प्रदेशों....राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और लद्दाख में पेट्रोल का खुदरा दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है। महानगरों में मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है। अब मुंबई में पेट्रोल 103.63 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.72 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। चार मई से वाहन ईंधन कीमतों में 28वीं बढ़ोतरी हुई है। 28 बार में पेट्रोल का दाम 7.10 रुपये और डीजल का 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ा है।
- नयी दिल्ली । भारत में 2020 में मोबाइल फोन की कुल बिक्री में करीब 45 प्रतिशत फोन की बिक्री ऑनलाइन माध्यमों के जरिये हुई। काउंटरप्वाइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल दुनिया भर में करीब 26 प्रतिशत मोबाइल फोन की बिक्री ई-कॉमर्स मंचों के जरिए हुई। इसका मतलब है कि हर चार में से एक फोन ऑनलाइन खरीदा गया। रिपोर्ट में कहा गया, "उपभोक्ताओं के व्यवहार में इस बदलाव में कोविड-19 की बड़ी भूमिका रही है। प्रमुख देशों में (मोबाइल की) बिक्री की भारत में सबसे ज्यादा 45 प्रतिशत आनलाइन बिक्री हुई, इसके बाद 39 प्रतिशत के साथ ब्रिटेन और 34 प्रतिशत के साथ चीन का स्थान रहा।" इसी तरह ब्राजील में मोबाइल फोन की कुल बिक्री में ऑनलाइन बिक्री का हिस्सा 31 प्रतिशत, अमेरिका में 24 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया में 16 प्रतिशत और नाइजीरिया में आठ प्रतिशत रहा। दुनियाभर में 2020 में आनलाइन मोबाइल फोन बिक्री पिछले साल के मुकाबले 6 प्रतिशत अंक बढ़ गई जबकि बाजार आकार के मुताबिक इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की बिक्री हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आनलाइन बिक्री में वृद्धि का यह रुख कुछ समय के लिये धीमा पड़ सकता है और इस साल यह पिछले साल के बराबर ही रह सकता है या फिर कुछ कम हो सकता है।
- नई दिल्ली। दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 45 रुपये की मामूली तेजी के साथ 46 हजार 213 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले दिन सोना 46 हजार168 रुपये पर बंद हुआ था।इसके विपरीत चांदी 86 रुपये की गिरावट के साथ 66 हजार 389 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले दिन बंद भाव 66 हजार 475 रुपये था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, कल रात अमेरिकी बाजार में सोने में आये सुधार तथा रुपये की विनिमय दर में नरमी के असर से दिल्ली में 24 कैरेट सोना 45 रुपये तेज रहा।'' विनिमय बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 74.20 रुपये प्रति डॉलर पर चल रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,778 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था जबकि चांदी 25.84 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित थी।
- मुंबई।बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को मामूली 14 अंक बढ़त के साथ स्थिर बंद हुआ। मानक सूचकांक एक समय 53,000 अंक के ऊपर चला गया था लेकिन उच्च स्तर पर निवेशकों की मुनाफावसूली से बड़ी तेजी बरकरार नहीं रह पायी। कारोबारियों के अनुसार रुपये की विनिमय दर में गिरावट से भी धारणा पर असर पड़ा।तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय 53,057.11 अंक के अबतक के उच्चतम स्तर तक चला गया था। लेकिन बाद में मुनाफावसूली से यह नीचे आया और अंत में 14.25 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 52,588.71 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 26.25 अंक यानी 0.17 अंक की हल्की तेजी के साथ 15,772.75 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरो में सर्वाधिक 5.25 प्रतिशत से अधिक की तेजी मारुति के शेयर में रही। सोमवार को इसमें सर्वाधक गिरावट आयी थी। इसके अलावा एल एंड टी, अल्ट्राट्रेक सीमेंट, टीसीएएस, टाइटन, टाटा स्टील और बजाज ऑटो भी 2.20 प्रतिशत तक की अच्छी बढ़त में रहे। दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, एचयूएल, इंडसइंड बैंक और सन फार्मा समेत अन्य शेयर 1.91 प्रतिशत तक नुकसान में रहे। एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि सकारात्मक वैश्विक रुख और टीकाकरण में तेजी के साथ बाजार मजबूती के साथ खुला। मंगलवार को जिन शेयरों में तेज गतिविधियां देखी गयी, वे ‘लॉकडाउन' में ढील के बाद बाजार खोले जाने से संबंधित थे।'' उन्होंने कहा कि बाजार 53,000 अंक के ऊपर निकल गया था लेकिन दोपहर कारोबार में चौतरफा मुनाफावसूली की गयी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘शुरूआती कारोबार में घरेलू बाजार में अच्छी तेजी रही। इसका कारण पश्चिमी बाजारों में मजबूती थी, जहां मुख्य रूप से ध्यान अब फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति में बदलाव को लेकर चिंता के बजाए आर्थिक पुनरूद्धार पर गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि मुख्य सूचकांकों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने के बाद...मुनाफावसूली की गयी। कोविड संक्रमण की दर में कमी तथा टीकाकरण में तेजी से तीव्र आर्थिक पुनरूद्धार को लेकर उम्मीद बंधी है, जिसका असर बाजार पर देखने को मिला।'' एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, सोल और तोक्यो लाभ में रहे जबकि हांगकांग नुकसान में रहा।यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुख रहा।इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74.55 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 27 पैसे टूटकर 74.37 पर बंद हुआ।शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 1,244.71 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
- नयी दिल्ली। सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर गलत एवं भारी छूट के साथ धोखाधड़ी पूर्ण बिक्री पर प्रतिबंध लगाने तथा डीपीआईआईटी के साथ इन कंपनियों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखते हुए उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 में संशोधन करने के लिए सुझाव आमंत्रित किये है। सरकार इसके अलावा इंटरनेट पर खोज परिणामों में हेराफेरी करके उपयोगकर्ताओं को गुमराह करने पर प्रतिबंध और मुख्य अनुपालन अधिकारी एवं निवासी शिकायत अधिकारी की नियुक्ति सहित कुछ अन्य संशोधनों पर भी विचार कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों में ई-कॉमर्स संस्थाओं को किसी भी कानून के तहत अपराधों की रोकथाम, पता लगाने और जांच और अभियोजन के लिए सरकारी एजेंसी से आदेश प्राप्त होने के 72 घंटे के भीतर सूचना प्रदान करनी होगी। उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 को पहली बार पिछले साल जुलाई में अधिसूचित किया गया था। इसके उल्लंघन में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ई-कॉमर्स संस्थाओं को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में पंजीकरण कराने की योजना भी बना रही है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा, ‘‘प्रस्तावित संशोधनों पर विचार/टिप्पणियां/सुझाव 15 दिनों के भीतर (6 जुलाई, 2021 तक) ईमेल द्वारा जेएस-सीए@एनआईसी.आईएन ([email protected]) पर भेजे जा सकते हैं।'' सरकार ने एक अलग बयान में कहा कि उसे पीड़ित उपभोक्ताओं, व्यापारियों और संघों से ई-कॉमर्स प्रक्रिया में व्यापक धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ शिकायत के कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। मंत्रालय ने हालांकि कहा कि पारंपरिक तौर पर आयोजित होने वाली ई-कॉमर्स रियायती बिक्री पर प्रतिबंध नहीं होगा। केवल विशिष्ट तौर पर ग्राहकों को घेरने के लिहाज से की जाने वाली बिक्री या बार-बार फ़्लैश बिक्री, कीमतों में वृद्धि करती है तथा सबके के लिए एक समान अवसर वाला मंच उपलब्ध कराने से रोकती है, ऐसी बिक्री की अनुमति नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में इ-कॉमर्स कंपनियां कंपनी अधिनियम, भारतीय भागीदारी अधिनियम या सीमित देयता भागीदारी अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं न कि डीपीआईआईटी के साथ अलग से। मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में पारदर्शिता लाना और नियामक व्यवस्था को और मजबूत करना है।
- नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने सोमवार को कहा कि उसने टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) काटने और टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) संग्रह करने वालों के लिये उन व्यक्तियों की पहचान करने में मदद की एक नई व्यवस्था विकसित की है, जिन पर एक जुलाई से ऊंची दर से कर वसूला जाएगा। वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में यह प्रावधान किया गया है कि पिछले दो वित्त वर्षों में आयकर रिटर्न नहीं भरने वाले उन लोगों के मामले में स्रोत पर कर कटौती और स्रोत पर कर संग्रह अधिक दर से होगा, जिन पर दो वर्षों में प्रत्येक में 50,000 रुपये या उससे अधिक कर कटौती बनती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को परिपत्र जारी कर रिटर्न नहीं भरने वाले ऐसे लोगों के मामले में उच्च दर से कर कटौती/संग्रह को लेकर धारा 206एबी अैर 206सीसीए के क्रियान्वयन को लेकर परिपत्र जारी किया। आयकर विभाग ने ट्विट पर लिखा है, ‘‘धारा 206एबी और 206सीसीए के लिये अनुपालन जांच को लेकर नई व्यवस्था जारी की गयी है। इससे स्रोत पर कर काटने वाले तथा टीसीएस संग्रहकर्ता के लिये अनुपालन बोझ कम होगा।'' सीबीडीटी ने कहा कि चूंकि टीडीएस काटने वाले या टीसीएस संग्रहकर्ता को व्यक्ति की पहचान को लेकर इस पर उचित ध्यान और कार्य करने की आवश्यकता होगी, अत: इससे उन पर अतिरिक्त अनुपालन बोझ पड़ सकता है। बोर्ड ने कहा कि नई व्यवस्था - धारा 206एबी और 206सीसीए के लिए अनुपालन जांच' - उन पर इस अनुपालन बोझ को कम करेगा। नई व्यवस्था के तहत टीडीएस अथवा टीसीएस संग्रहकर्ता को उस भुगतानकर्ता अथवा टीसीएस देनदार का पैन प्रक्रिया में डालना है जिससे यह पता चल जायेगा कि वह ‘‘विशिष्ट व्यक्ति'' है अथवा नहीं। आयकर विभाग ने 2021- 22 की शुरुआत में ‘विशिष्ट व्यक्तियों' की सूची तैयार कर ली है। यह सूची तैयार करते समय 2018- 19 और 2019- 20 को पिछले दो संबंधित वर्षों पर गौर किया गया है। इस सूची में उन करदाताओं के नाम हैं जिन्होंने आकलन वर्ष 2019- 20 और 2020- 21 के लिये रिटर्न दाखिल नहीं की है और इन दोनों वर्ष में प्रत्येक में उनका कुल टीडीएस और टीसीएस 50,000 रुपये अथवा इससे अधिक रहा है।-
- मुंबई। बैंक कर्ज चार जून, 2021 को समाप्त पखवाड़े में सालाना आधार पर 5.74 प्रतिशत बढ़कर 108.43 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं जमा 9.73 प्रतिशत बढ़कर 153.13 लाख करोड़ रुपये हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़े के अनुसार एक साल पहले पांच जून, 2020 को समाप्त पखवाड़े में बैंक कर्ज 102.55 लाख करोड़ रुपये और जमा राशि 139.55 लाख करोड़ रुपये रही थी। इससे पूर्व, 21 मई, 2021 को समाप्त पखवाड़े में बैंक ऋण 5.98 प्रतिशत जबकि जमा 9.66 प्रतिशत बढ़ी थी। केंद्रीय बैंक के आंकड़े के अनुसार समूचे वित्त वर्ष 2020-21 में बैंक कर्ज 5.56 प्रतिशत और जमा 11.4 प्रतिशत बढ़ी।
- नयी दिल्ली। विप्रो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) थिएरी डेलापोर्ट का मानना है कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग की वृद्धि काफी हद तक अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों तथा सेवाओं पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि डेटा, क्लाउड और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में जबर्दस्त बढ़ी हुई वृद्धि देखने को मिलेगी। विप्रो ने वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी छमाही के दौरान अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में कई अधिग्रहण पूरे किए हैं। इससे बेंगलुरु की इस कंपनी को अपनी स्थानीय मौजूदगी और सेवाओं की पेशकश को मजबूत करने में मदद मिली है। डेलापोर्ट ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में एक नोट में कहा, ‘‘हम इस बात को जानते हैं कि अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियां और सेवाएं उद्योग की वृद्धि की अगुवाई करेंगी। ऐसे में हमें डिजिटल, क्लाउड, डेटा, इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में जबर्दस्त बढ़ी हुई वृद्धि देखने को मिलेगी।'' डेलापोर्ट ने कहा कि क्लाउड निश्चित रूप से आज उपभोक्ताओं की बातचीत का केंद्र है। यह सिर्फ पसंद वाला परिचालन का मंच ही नहीं बन रहा है, बल्कि डिजिटल बदलाव को एक बुनियादी हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज ‘वर्क फ्रॉम एनिवेयर' या क्राउडसोर्सिंग जैसे नई कार्य मॉडल अस्तित्व में आ चुके हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए साइबरसुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विप्रो अपने ग्राहकों को आईटी बदलाव में पूर्ण मदद कर रही है। डेलापोर्ट ने पिछले साल जुलाई में विप्रो के सीईओ का पद संभाला था।-
- नयी दिल्ली । देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने सोमवार को कहा कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते वह चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी। एमएसआई ने शेयर बाजार को बताया, ‘‘पिछले एक साल में विभिन्न कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी के वाहनों की लागत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में कंपनी के लिए कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए उपरोक्त अतिरिक्त लागत का कुछ प्रभाव ग्राहकों पर डालना अनिवार्य हो गया है।'' कंपनी ने अभी यह नहीं बताया कि कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी।कंपनी ने कहा कि कीमतों में वृद्धि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर अवधि) में की जाएगी और यह विभिन्न मॉडलों के लिए अलग-अलग होगी।
- नयी दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में तेजी और रुपये में गिरावट के बीच सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 250 रुपये मजबूत हो कर 46,277 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46,027 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।इसी तरह चांदी भी 258 रुपये बढ़कर 66,842 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 66,584 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना बढ़त के साथ 1,782 डॉलर प्रति औंस और चांदी भी मामूली लाभ के साथ 26.05 डॉलर प्रति औंस पर थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, पिछले 15 महीने में सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट दर्ज करने के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में सुधार देखा गया। डॉलर में मजबूती के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में गिरावट से सोने की कीमतों को समर्थन मिला।'' मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी रिसर्च के उपाध्यक्ष नवनीत दमानी ने कहा, ‘‘सोने की कीमतों में छह प्रतिशत की गिरावट के बाद इसमें उछाल देखा गया।
- नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने विभिन्न नियमों का उल्लंघन करने के लिए सोमवार को मुंबई के मोगावीरा को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड सहित तीन सहकारी बैंको पर 23 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। मोगावीरा को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 12 लाख रुपए का, इंदापुर अर्बन को-ओपरेटिव बैंक पर 10 लाख रुपए का और बारामती के दि बारामती सहकारी बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। रिजर्व बैंक ने मोगावीरा को- ओपरेटिव बैंक को लेकर कहा कि 31 मार्च, 2019 को बैंक की वित्तीय स्थिति के आधार पर उसकी निरीक्षण रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि बैंक ने बिना दावे वाले जमा धन का जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरुकता (डीईए) कोष में पूरी तरह से हस्तांतरण नहीं किया था और साथ ही निष्क्रिय खातों की वार्षिक समीक्षा भी नहीं की। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि बैंक में खातों के जोखिम संबंधी वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। रिजर्व बैंक ने इंदापुर कोओपरेटिव बैंक को लेकर कहा कि 31 मार्च, 2019 को बैंक की वित्तीय स्थिति के आधार पर उसकी निरीक्षण रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि उसने असुरक्षित अग्रिमों पर एकीकृत सीमा का पालन नहीं किया और उसके पास बैंक में खातों के जोखिम संबंधी वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। साथ ही बैंक में ग्राहकों के जोखिम संबंधी वर्गीकरण के लिहाज से लेन-देन के असंगत होने की स्थिति में अलर्ट तैयार करने के लिए मजबूत व्यवस्था नहीं थी।
- मुंबई। जर्मनी की प्रमुख कृषि रसायन कंपनी बायर ने सोमवार को कहा कि उसने सेमिनिस ब्रांड के तहत भारत में तरबूज की पहली पीली किस्म ‘येलो गोल्ड 48' की शुरुआत की है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस पीले तरबूज को बायर के वैश्विक अनुसंधान और विकास प्रयासों के तहत बेहतर जर्मप्लाज्म से विकसित किया गया है। पीले तरबूज की किस्म को दो साल के स्थानीय परीक्षणों के बाद भारत में व्यावसायिक रूप से पेश किया गया है। येलो गोल्ड 48 के साथ, तरबूज उत्पादकों को बढ़ी हुई उपज क्षमता, बेहतर रोग और कीट सहनशीलता और अधिक लाभ का फायदा सकता है। येलो गोल्ड 48 किस्म अक्टूबर से फरवरी तक खेती के लिए और अप्रैल से कटाई के लिए सबसे उपयुक्त है और जुलाई के मध्य तक बाजार में उपलब्ध रहेगी। बायर वेजिटेबल सीड्स, साउथ एशिया के प्रमुख, के ई मुथु ने कहा, “येलो गोल्ड 48 अपनी उच्च उपज और आय क्षमता के साथ तरबूज उत्पादकों को नई श्रेणियों को अपनाने में विविधता लाने और विदेशी फलों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सशक्त बनाएगा। हम पीले तरबूज उत्पादकों को सीधे बड़े खरीदारों और खाद्य खुदरा स्टोर से जोड़कर बाजार भी विकसित कर रहे हैं।
- नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने सोमवार को कहा कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते वह चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी।एमएसआई ने शेयर बाजार को बताया, पिछले एक साल में विभिन्न कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी के वाहनों की लागत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में कंपनी के लिए कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए उपरोक्त अतिरिक्त लागत का कुछ प्रभाव ग्राहकों पर डालना अनिवार्य हो गया है। कंपनी ने अभी यह नहीं बताया कि कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी ने कहा कि कीमतों में वृद्धि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर अवधि) में की जाएगी और यह विभिन्न मॉडलों के लिए अलग-अलग होगी।
- -जेएसपीएल के रायपुर स्थित मशीनरी डिवीजन में कोविड एहतियात का ध्यान रखते हुए ऑनलाइन मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवसरायपुर। जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के चेयरमैन और कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद श्री नवीन जिन्दल ने देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देते हुए अपने संदेश में कहा है कि योग का नियमित अभ्यास करके स्वस्थ रहें क्योंकि इससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और मन शांत रहता है।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर प्रात: योगाभ्यास के बाद दिये अपने ट्वीटर संदेश में श्री जिन्दल ने कहा है कि योग दो दशक से उनके जीवन का अभिन्न अंग है। योगाभ्यास से उनके शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और मन भी शांत रहता है। उन्होंने एक खिलाड़ी के रूप में निशानेबाजी और पोलो में अपने बेहतर होते प्रदर्शन का श्रेय योग को दिया।
आज इस अवसर पर जेएसपीएल के रायपुर स्थित मशीनरी डिवीजन में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। कोविड संबंधी एहतियात का ध्यान रखते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऑनलाइन प्रात: 7.30 बजे से 8.15 बजे तक योगाभ्यास कर सभी को योग के माध्यम से स्वस्थ रहने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में परिवार वालों ने भी भाग लिया। योगाभ्यास में मुख्य रूप से भाग लेने वालों में प्रेसिडेंट श्री प्रदीप टंडन, प्लांट हेड श्री अरविंद तगई, कार्मिक प्रमुख श्री सूर्योदय दुबे, श्री मुकेश तिवारी, श्री सुनील गुप्ता आदि प्रमुख थे।
- नई दिल्ली। बाजार में बढ़ते पेट्रोल डीजल की कीमत की वजह से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में रिवोल्ट मोटर्स की इलेक्ट्रिक बाइक आरवी 400 को लेकर लोगों में कुछ ज्यादा ही क्रेज दिख रहा है। इस बाइक की बुकिंग ओपन होते ही यह कुछ घंटों में बंद हो जाती है। 18 जून को इस बाइक की दोबारा बुकिंग शुरू हुई थी और बस दो घंटे में कंपनी ने इसकी बुकिंग बंद कर दी। कंपनी ने का कहना है कि 2 घंटे में ही 50 करोड़ रुपये के बाइक की बुकिंग हुई है। आइये जानते हैं इस बाइक की खासियत.कंपनी का कहना कि आरवी 400 इलेक्ट्रिक बाइक की ज्यादा बुकिंग इसलिए हुई है क्योंकि सरकार के फेम 2 सब्सिडी के बाद इसकी कीमत काफी कम हो गई है। फेम 2 सब्सिडी में हुए संशोधन के बाद इस बाइक को दिल्ली के ग्राहक एक लाख रुपये से भी कम में खरीद सकते हैं। साथ ही कंपनी का कहना है कि इसने अपने डिस्ट्रिब्यूटर सर्विस को भारत के 35 शहरों में बढ़ाने में कामयाब हो गई है।कंपनी ने बताया कि भारत के कई शहरों में इस इलेक्ट्रिक बाइक की काफी डिमांड है। कंपनी ने कहा, 'दिल्ली, मुंबई, पुणे, चेन्नई, अहमदाबाद और हैदराबाद समेत 6 शहरों में इस बाइक की काफी डिमांड देखने को मिली है और लोग इसको बुक करने के लिए काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे।'इसकी खरीदी में दिल्ली सरकार के ईवी पॉलिसी द्वारा दिए जा रहे डिस्काउंट का भी लाभ लिया जा सकता है जिसमें आपको 16,200 रुपये का एडिशनल बेनिफिट मिलेगा। दिल्ली सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ और सब्सिडी के लाभ के बाद इसे मात्र 90 हजार 799 रुपए में खरीदा जा सकता है। इन दोनों डिस्काउंट को जोड़ा जाए तो आप इसमें कुल 28 हजार 200 रुपये की छूट पा सकते हैं।
- -कंपनी सस्ता लैपटॉप जियो बुक भी लांच करने की तैयारी मेंनई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो जल्द ही भारत में सबसे सस्ता 5 जी स्मार्टफोन और लैपटॉप लॉन्च करने वाली ह। दावा किया जा रहा है कि ये फीचर्स के मामले में भी कंपनी के बेस्ट प्रोडक्ट होंगे। आगामी 24 जून को होने वाली रिलायंस अपने 44वें रियालंस एनुअल जनरल मीटिंग में अपने इन अपकमिंग प्रोडक्ट्स से पर्दा उठा सकती है।दरअसल बीते दिनों रिलायंस से मुंबई में 5जी का ट्रायल शुरू किया और वह नोकिया, सैमसंग और एरिक्सन से बातचीत कर और भी शहरों में 5जी कनेक्टिविटी का ट्रायल करने का प्रयास कर रही है। रिलायंस ने पिछले एजीएम में घोषणा की थी कि वह गूगल की मदद से भारत में सस्ता 5जी स्मार्टफोन लॉन्च करेगी और अब गूगल और जियो की मदद से भारत में किफायती 5 जी फोन लॉन्च होने वाला है, जो कि फिलहाल टेस्टिंग फेज में है। माना जा रहा है कि जैसे ही भारत में 5जी नेटवर्क की शुरुआत हो जाएगी, वैसे ही एयरटेल और जियो अपने यूजर्स के लिए 5जी कनेक्टिविटी की शुरुआत कर देगी। इस खबर के साथ भारत में बीते करीब एक साल से 5जी स्मार्टफोन्स की बिक्री ज्यादा की जा रही है। अब तो भारत में 15 हजार रुपये के रेंज में भी अच्छे 5 जी स्मार्टफोन मिल जा रहे हैं। रिपोट्र्स की माने जो मोबाइल फोन के मामले में भी जियो बाजी मारने की तैयारी में है और कंपनी 5000 रुपये से कम के रेंज में अपना 5 जी फोन लॉन्च कर सकती है।वहीं कंपनी के लैपटॉप की बात करें तो यह जियो बुक भी कम कीमत वाला होगा। माना जा रहा है कि जियोबुक का स्क्रीन रिजॉल्यूशन 1366म768 पिक्सल होगा जियो बुक को 2 जीबी और 4 जीबी रैम के साथ ही 32 जीबी और 64 जीबी स्टोरेज ऑप्शन में पेश किया जा सकता है। जियोबुक में जियो का अपना ऑपरेटिंग सिस्टम होगा। अब लैपटॉप की कीमत क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।----
- नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में सुधार के बीच शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 188 रुपये की बढ़त के साथ 46 हजार 460 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46 हजार 272 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसी तरह चांदी भी 173 रुपये चढ़कर 67 हजार 658 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 67 हजार 485 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।वैश्विक बाजार में कीमतअंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना बढ़त के साथ 1,791 डॉलर प्रति औंस और चांदी भी मामूली लाभ के साथ 26.35 डॉलर प्रति औंस पर थी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के उपाध्यक्ष (जिंस अनुसंधान) नवनीत दमानी ने कहा, पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में स्थिरता का रुख था। सोने और चांदी की वैश्विक कीमतों में उतार चढ़ाव का असर घरेलू बाजार में इन बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर भी दिखता है।हाजिर मांग से सोना वायदा कीमतों में तेजीमजबूत हाजिर मांग के चलते सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की, जिससे स्थानीय वायदा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 222 रुपये की तेजी के साथ 47 हजार 180 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अगस्त महीने की डिलिवरी के लिए सोने की कीमत 222 रुपये यानी 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 47,180 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसमें 10 हजार 853 लॉट के लिये कारोबार हुआ।चांदी वायदा कीमतों में भी तेजीहाजिर बाजार में मजबूती के रुख के बीच सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की, जिससे वायदा कारोबार में शुक्रवार को चांदी की कीमत 981 रुपये की तेजी के साथ 68 हजार 580 रुपये प्रति किलो हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी के जुलाई डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध का भाव 981 रुपये यानी 1.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 68 हजार 580 रुपये प्रति किलो हो गया। इस वायदा अनुबंध में 10 हजार 800 लॉट के लिये सौदे किए गए।
- नई दिल्ली। मुंबई और हैदराबाद के बाद बेंगलुरु तीसरा महानगर हो गया है, जहां पेट्रोल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया है। वाहन ईंधन की कीमतों में शुक्रवार को फिर बढ़ोतरी हुई।सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल के दाम 27 पैसे प्रति लीटर और डीजल के 28 पैसे प्रति लीटर और बढ़ाए गए हैं। पिछले करीब सात सप्ताह में वाहन ईंधन कीमतों में यह 26वीं बढ़ोतरी है। इससे देश में पेट्रोल और डीजल के दाम ऐतिहासिक उच्चस्तर पर पहुंच गए हैं।राजधानी दिल्ली में पेट्रोल अपने सर्वकालिक उच्चस्तर 96.93 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं डीजल 87.69 रुपये प्रति लीटर पर है। मूल्य वर्धित कर (वैट) और ढुलाई भाड़े की वजह से विभिन्न राज्यों में ईंधन के दाम भिन्न-भिन्न होते हैं। इसी वजह से अब आठ राज्यों और संघ शासित प्रदेशों....राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का खुदरा दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है।कर्नाटक के कई जिलों में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर को छू गया था। राज्य की राजधानी बेंगुलरु में पेट्रोल शुक्रवार को 100 रुपये के आंकड़े को पार कर गया। शहर में अब पेट्रोल 100.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.97 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु तीसरा महानगर है जहां पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकला है। मुंबई में 29 मई को पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार हुआ था। इस समय मुंबई में पेट्रोल 103.08 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.14 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।जहां लेह में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर चुका था, वहीं श्रीनगर में शुक्रवार को यह इस आंकड़े के पार निकल गया। शहर में इंडिया ऑयल कॉरपोरेशन के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल 99.99 रुपये प्रति लीटर और एचपीसीएल के पंपों 100.04 रुपये प्रति लीटर है। राजस्थान का श्रीगंगानगर देश का पहला जिला है जहां पेट्रोल सबसे पहले 100 रुपये प्रति लीटर के पार हुआ था। फरवरी के मध्य में वहां पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया था। पिछले सप्ताह श्रीगंगानगर में डीजल भी 100 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया। अब शहर में पेट्रोल 108.07 रुपये प्रति लीटर और डीजल 100.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- नई दिल्ली। हिंदुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिडेट (एचपीसीएल) जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की आपूर्ति शुरू करने वाली पहली तेल कंपनी बन गयी है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि लद्दाख क्षेत्र में ईंधन की आपूर्ति उसके लेह डिपो से की जाएगी जो 11 हजार 500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है।बयान के अनुसार, "मजबूत गुणवत्ता जांच के साथ इतनी ऊंचाई/कम तापमान पर ईंधन की जरूरत को पूरा करने के साथ एचपीसीएल लद्दाख क्षेत्र में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल पेश करने वाली देश की पहली तेल विपणन कंपनी बन गयी है।"गौरतलब है कि सरकार ने उत्सर्जन में कटौती और तेल के आयात पर होने वाला खर्च कम करने के मकसद से तेल कंपनियों को पेट्रोल में एथनॉल मिलाने का आदेश दिया है। 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य रखा गया है। एचपीसीएल के लेह डिपो की भंडारण क्षमता 4,450 किलोलीटर है और यह 2018 में चालू किया गया था।









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