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- नई दिल्ली। टाटा मोटर्स ने शनिवार को अपनी प्रीमियम हैचबैक अल्ट्रोज का आई-टर्बो पेट्रोल संस्करण पेश किया। इस मॉडल के लिए शुरुआती कीमत मौजूदा पेट्रोल संस्करण से करीब 60 हजार रुपये अधिक है।कंपनी ने अल्ट्रोज श्रृंखला में पेट्रोल और डीजल ईंधन विकल्प के तहत एक्सजेड प्लस संस्करण भी जोड़ा है। दिल्ली शोरूम में इसके पेट्रोल संस्करण की कीमत 8.26 लाख रुपये और डीजल संस्करण का दाम 9.46 लाख रुपये है। कंपनी ने बयान में कहा कि अल्ट्रोज आई-टर्बो का दाम अल्ट्रोज रिवोट्रॉन पेट्रोल संस्करण से 60 हजार रुपये अधिक है। अभी दिल्ली शोरूम में इसके पेट्रोल संस्करण का दाम 5.7 लाख से 8.86 लाख रुपये है। टाटा मोटर्स ने कहा कि आई-टर्बो संस्करण को आईआरए-कनेक्टेड कार प्रौद्योगिकी के साथ पेश किया गया है। इसमें वॉयस प्रौद्योगिकी के साथ 27 कनेक्टेड फीचर्स हैं। इसके जरिये कार न केवल हिंदी और अंग्रेजी में बल्कि हिंग्लिश में भी कमांड को समझ सकती है। इस कार में 1.2 लीटर का टर्बोचाज्र्ड भारत चरण-छह पेट्रोल इंजन लगा है।टाटा मोटर्स के अध्यक्ष यात्री वाहन कारोबार इकाई शैलेश चंद्रा ने कहा कि जनवरी 2020 में इसे पेश किए जाने के बाद से हैचबैक श्रेणी में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 5.4 प्रतिशत बढ़ी है।
- नयी दिल्ली। इस सप्ताह तीसरी बार दरों में वृद्धि के बाद पेट्रोल की कीमत शुक्रवार को मुंबई में 92 रुपये प्रति लीटर को पार कर गयी, जबकि डीजल की कीमत सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गयी। सरकारी तेल विपणन कंपनियों की एक मूल्य अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25-25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गयी। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 85.45 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 92.04 रुपये हो गयी। राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमत 75.63 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गयी, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है। मुंबई में भी डीजल की कीमत 82.40 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गयी। इस सप्ताह 18 और 19 जनवरी को भी पेट्रोल व डीजल की कीमतों में 25-25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गयी थी। देश में ईंधन की कीमतें अब रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। इससे उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिये उत्पाद शुल्क में कटौती की मांगें उठ रही हैं। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस सप्ताह की शुरुआत में तेल की कीमतों में वृद्धि के लिये सऊदी अरब के द्वारा उत्पादन में कटौती को जिम्मेदार बताया था। शीर्ष उत्पादक सऊदी अरब ने फरवरी और मार्च में कच्चे तेल के उत्पादन प्रति दिन 10 बैरल की अतिरिक्त स्वैच्छिक कटौती का वादा किया है। इसके कारण महामारी के बाद से कच्चे तल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
- मुंबई। सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक का मुनाफा दिसंबर, 2020 में समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 514 करोड़ रुपये रहा है। एक अप्रैल, 2020 से इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हुआ है। इसी के अनुरूप 31 दिसंबर, 2019 और 31 मार्च, 2020 के लिए दोनों बैंकों के अंकेक्षित आंकड़ों के आधार पर सामूहिक वित्तीय परिणाम निकाला गया है। एक साल पहले समान तिमाही में सामूहिक रूप से विलय वाले बैंकों को 1,739 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि, एकल आधार पर इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में इंडियन बैंक ने 247.16 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। इंडियन बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पद्मजा चंदुरु ने संवाददाताओं से कहा, बैंक मुख्य रूप से डूबे कर्ज को कम करने और संपत्ति की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान दे रहा है। इसके अच्छे नतीजे मिले हैं। सकल एनपीए और शुद्ध एनपीए दोनों में उल्लेखनीय कमी आई है। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) तिमाही के दौरान 0.42 प्रतिशत बढ़कर 2.71 प्रतिशत से 3.13 प्रतिशत पर पहुंच गया। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 31 प्रतिशत बढ़कर 4,313 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,293 करोड़ रुपये थी। कोविड-19 की वजह से बैंक का पुनगर्ठित पोर्टफोलियो 5,581 करोड़ रुपये रहा, जो उसके मानक ऋण का 1.62 प्रतिशत है। तिमाही के दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घटकर कुल ऋण का 9.04 प्रतिशत रह गईं, जो एक साल पहले समान अवधि में 12.69 प्रतिशत थीं। समीक्षाधीन अवधि में बैंक का शुद्ध एनपीए घटकर 2.35 प्रतिशत रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 4.22 प्रतिशत था।
- मुंबई। किफायती सेवाएं उपलब्ध कराने वाली एयरलाइन गोएयर ने घरेलू नेटवर्क पर बेहद कम किराये में 10 लाख सीटों की पेशकश की है। गणतंत्र दिवस से पहले घोषित सीमित अवधि की इस विशेष पेशकश के तहत किराया दरें 859 रुपये के निचले स्तर तक होंगी। गोएयर ने शुक्रवार को बयान में कहा कि इस पेशकश के तहत टिकटों की बुकिंग 22 जनवरी से 29 जनवरी तक की जा सकती है। इस पेशकश के तहत एक अप्रैल से 31 दिसंबर तक यात्रा की जा सकती है। टिकट बुकिंग एक तरफ की यात्रा के लिए होगी। इसके अलावा इस पेशकश के तहत बुक की गई टिकटों पर यात्रा से 14 दिन पहले तक कोई बदलाव शुल्क नहीं लगेगा।
- नई दिल्ली। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी रेल योजनाओं में से एक 'वंदे भारत' के लिए 44 जोड़ी नई रेलगाडिय़ां बनाई जाएंगी। इसे बनाने का कॉन्ट्रैक्ट भारतीय कंपनी मेधा सर्वो ड्राइव्स को मिला है। कंपनी 'मेक इन इंडिया' के तहत इनका निर्माण करेगी।भारतीय रेलवे ने मेधा सर्वो ड्राइव्स लिमिटेड को 'वंदे भारत' के 44 सेट (16 डिब्बे हर सेट में) बनाने के ऑर्डर दिए हैं। ये कॉन्ट्रैक्ट 2,211 करोड़ रुपयों का है। खास बात ये है कि इस ट्रेन का 90 फीसदी सामान भारत में ही बना होगा। योजना के तहत 44 सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन सेट का निर्माण किया जाना है।-----
- मुंबई । बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 167 अंक के नुकसान से 49,624.76 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में कारोबार के दौरान सेंसेक्स पहली बार ऐतिहासिक 50,000 अंक के स्तर के पार गया। इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स ने अपना शुरुआती लाभ गंवा दिया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अंत में 167.36 अंक या 0.34 प्रतिशत के नुकसान से 49,624.76 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 54.35 अंक या 0.37 प्रतिशत टूटकर 14,590.35 अंक पर आ गया।सेंसेक्स की कंपनियों में ओएनजीसी का शेयर सबसे अधिक करीब चार प्रतिशत टूट गया। भारती एयरटेल, एसबीआई, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, सन फार्मा और आईटीसी के शेयर भी नीचे आए। वहीं दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, बजाज ऑटो, रिलायंस, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स के शेयर लाभ में रहे। अन्य एशियाई बाजारों में चीन के शंघाई कम्पोजिट, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और जापान के निक्की में लाभ रहा। हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख था। इस बीच, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.89 प्रतिशत के नुकसान से 55.58 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
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नई दिल्ली। आगामी बजट में मांग सृजन, बुनियादी अवसंरचना पर खर्च बढ़ाने और सामाजिक क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण में भारतीय उद्योग जगत ने इस तरह की राय जाहिए की है। उद्योग संगठन फिक्की और ध्रुव एडवाइजर्स के द्वारा किये गये सर्वेक्षण के अनुसार, उद्योग जगत को सरकार से उम्मीद है कि वह बजट में विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, अनुसंधान व विकास को बढ़ावा देने और आगामी बजट में भविष्य की प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहित करने पर नीतिगत पहलों को जारी रखेगी। सर्वेक्षण में कहा गया कि देश में एक तरफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है। ऐसे में समय आ गया है कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों में और तेजी लायी जाये। सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार, लगभग 40 प्रतिशत प्रतिभागियों को लगता है कि व्यक्तिगत कर राहत इस वर्ष के बजट में प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों का प्रमुख विषय होना चाहिये।
- नई दिल्ली। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने फ्यूचर ग्रुप को रिलायंस को अपनी परिसंपत्ति बेचने की योजना को बुधवार को मंजूरी दे दी। इसके बाद बंबई स्टॉक एक्सचेंज ने भी 24,713 करोड़ रुपये के इस सौदे पर अपनी मुहर लगा दी।अमेजन ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और अन्य नियामक एजेंसियों को कई पत्र लिखकर इस सौदे को अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया था। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने कुछ शर्तों के साथ इस सौदे को मंजूरी दे दी है। पिछले साल अगस्त में इस सौदे की घोषणा की गयी थी। बीएसई ने यह भी कहा है कि फ्यूचर-रिलायंस ग्रुप के इस सौदे पर सेबी की अनुमति अदालत में लंबित मामलों के नतीजों पर निर्भर करेगी।--
- - सूचकांक में झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार का स्थान सबसे नीचे रहानई दिल्ली। नीति आयोग द्वारा बुधवार को जारी दूसरे नवाचार सूचकांक में कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल को शीर्ष पांच राज्यों में स्थान मिला। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और सीईओ अमिताभ कांत द्वारा जारी सूचकांक को ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की तर्ज पर विकसित किया गया है।सूचकांक में झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार का स्थान सबसे नीचे रहा। भारत नवाचार सूचकांक 2020 नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों तथा उनके सापेक्ष प्रदर्शन के आधार पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्थान देता है। इस सूचकांक का मकसद नवचार के क्षेत्र में राज्यों की ताकत और कमजोरियों का पता लगाकर उन्हें इस दिशा में मजबूती लाने के लिए प्रेरित करना है। इस सूचकांक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तुलना के लिहाज से 17 प्रमुख राज्यों, 10 पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों तथा नौ शहरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है।
- नई दिल्ली। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने बुधवार को कहा कि उसकी निर्माण शाखा को बांग्लादेश में 5 हजार करोड़ रुपये तक का ठेका मिला है। कंपनी ने बताया कि लार्सन एंड टुब्रो के बिजली पारेषण और वितरण कारोबार को बांग्लादेश में पारेषण लाइन के लिए यह ठेका मिला। इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी ने ठेके की कीमत के बारे में नहीं बताया, लेकिन कहा कि उसकी परियोजना वर्गीकरण के अनुसार यह ''बड़ा'' ठेका है, जिसकी कीमत 2,500 करोड़ रुपये से 5 हजार करोड़ रुपये के बीच है। कंपनी ने बताया इस ठेके तहत उच्च वोल्टेज वाली पारेषण लाइनों का डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और उसे चालू करना शामिल हैं।
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नयी दिल्ली। सिद्धार्थ मोहंती को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। कार्मिक मंत्रालय के आदेश में यह जानकारी दी गई है। मोहंती वर्तमान में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि मोहंती को एलआईसी का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति एक फरवरी को अथवा उसके बाद कार्यभार ग्रहण करने के दिन से प्रभावी होगी। वह सेवानिवृति के दिन 30 जून 2023 तक एलआईसी के प्रबंध निदेशक रहेंगे। मंत्रालय के एक अन्य आदेश में कहा गया है कि संजीव कुमार को पांच साल के लिये टेलिकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड का चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। कुमार महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) में निदेशक (तकनीकी) हैं।
- मुंबई। रिजर्व बैंक ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक घरेलू प्रणालीगत रूप से महतवपूर्ण बैंक (डी--एसआईबी) अथवा संस्थान हैं और ये इतने विशाल हैं कि इन्हें असफल नहीं होने दिया जा सकता है।आरबीआई ने कहा कि एसआईबी के दायरे में आने वाले बैंकों की उच्चस्तरीय निगरानी की जाती है और बराबर नजर रखी जाती है जिससे कि इन बैंकों के कामकाज को दुरुस्त रखा जा सके और वित्तीय सेवाओं में होने वाली किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। रिजर्व बैंक ने प्रणालीगत तौर पर महत्वपूर्ण बैंकों के बारे में व्यवस्था को जुलाई 2014 में जारी किया था। डी- एसआईबी के दायरे में आने वाले बैंकों का नाम बताना होता है। यह व्यवस्था 2015 से चल रही है और इन बैंकों को उनके प्रणाली में महत्व के लिहाज से उचित मानदंडों के दायरे में रखा जाता है। रिजर्व बैंक ने एक वक्तव्य में कहा है, ''एसबीआई, आईसीआईसी बैंक और एचडीएफसी बैंक की पहचान घरेलू प्रणाली के लिहाज से महत्वपूर्ण बैंक के तौर पर बनी रहेगी और वह 2018 की ऐसे बैंकों की सूची में उसी ढांचे के तहत बने रहेंगे।-
- नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जनजातीय मामलों के मंत्रालय से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) मंत्रालय के साथ समन्वय बिठाने तथा देश के प्रत्येक आदिवासी गांवों में 25 युवाओं को रोजगार प्रदान करने की योजना का मसौदा तैयार करने को कहा। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को इसकी जानकारी दी गयी।केंद्रीय एमएसएमई तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि इस साल एमएसएमई क्षेत्र को रोजगार के पांच करोड़ अवसरों का सृजन करना चाहिये। उन्होंने कहा कि देश भर में 6.5 करोड़ एमएसएमई इकाइयां हैं और इस क्षेत्र ने अब तक रोजगार के 11 करोड़ अवसर सृजित किये हैं। गडकरी ने कहा कि अभी ग्रामीण उद्यमों का टर्नओवर 80 हजार करोड़ रुपये है, जिसे बढ़ाकर पांच लाख करोड़ रुपये करने की जरूरत है। मंत्री ने जनजातीय मामलों के मंत्रालय के सचिव से कहा, ''मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप हमारे साथ समन्वय बिठाकर हर आदिवासी गांवों में 25 युवाओं को रोजगार देने की योजना का मसौदा तैयार करें, जिसका वित्तपोषण हम करेंगे।'' उन्होंने कहा, मैंने सुना है कि बांस पर भारी आयात शुल्क लगाने के निर्णय के चलते चीन के कुछ हिस्सों में मेरे पुतले जलाये गये हैं। गडकरी समझौते पर हस्ताक्षर के लिये हुए एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग और जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने स्थानीय रोजगार पैदा करने तथा खादी कारीगरों और जनजातीय आबादी को सशक्त करने के लिये दो समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के भाव चढऩे से दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी मंगलवार को सोना 198 रुपये बढ़कर 48 हजार 480 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिकयुरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले दिन सोने का बंद भाव 48 हजार 282 रुपये प्रति दस ग्राम रहा था। चांदी में भी तेजी का रुख रहा और मंगलवार को भाव 1,008 रुपये बढ़कर 65 हजार 340 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। इससे पिछले दिन यह 64, हजार 332 रुपये प्रति किलो पर थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों में ही तेजी रही। सोना जहां बढ़कर 1,843 डालर प्रति औंस पर पहुंच गया वहीं चांदी भी 25.28 डालर प्रति औंस हो गई।
वायदा कीमतों में भी तेजीमजबूत हाजिर मांग के कारण सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा कारोबार में मंगलवार को सोना 81 रुपये की तेजी के साथ 48,975 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में फरवरी महीने में डिलिवरी वाले सोना वायदा की कीमत 81 रुपये यानी 0.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 48 हजार 975 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसमें 7,006 लॉट के लिये कारोबार किया गया। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा की गई ताजा सौदों की लिवाली से सोना वाायदा कीमतों में तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार, न्यूयॉर्क में सोना 0.69 प्रतिशत की तेजी दर्शाता 1,842.50 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।चांदी भी चमकीमजबूत हाजिर मांग के कारण सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा कारोबार में मंगलवार को चांदी का भाव 520 रुपये की तेजी के साथ 65 हजार 949 रुपये प्रति किलो हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में मार्च महीने में डिलिवरी वाली चांदी की वायदा की कीमत 520 रुपये यानी 0.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 65 हजार 949 रुपये प्रति किलो हो गई। इसमें 12208 लॉट के लिये कारोबार किया गया। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा किए गए ताजा सौदों की लिवाली से चांदी की वायदा कीमतों में तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार, न्यूयॉर्क में चांदी 1.87 प्रतिशत की तेजी दर्शाती 25.33 डॉलर प्रति औंस चल रही थी। - - एकतरफा बदलावों को सरकार ने अनुचित और अस्वीकार्य बतायानई दिल्ली। सरकार ने व्हाट्सऐप कंपनी से कहा है कि वह अपनी निजता यानी प्राइवेसी नीति में हाल में किए गए बदलावों को वापस ले ले। सरकार ने यह भी कहा है कि एकतरफा तरीके से किए गए कोई भी बदलाव अनुचित और अस्वीकार्य हैं।इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने कठोर शब्?दावली वाला एक पत्र व्हाट्सऐप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विल कैथकार्ट को लिखा है, जिसमें कहा गया है कि व्हाट्सऐप की सेवा-शर्तों और निजता नीति में उपयोगकर्ताओं को छोडने का विकल्प दिए बिना किए जा रहे प्रस्तावित बदलाव, गंभीर चिंताएं पैदा करते हैं। इनसे भारतीय नागरिकों की स्वायत्तता और उनके चुनने की स्वतंत्रता को लेकर कई दुष्परिणाम उत्पन्न हो सकते हैं। मंत्रालय ने कहा है कि भारत में व्हाट्सऐप का उपयोग करने वालों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है और यह व्हाट्सऐप की सेवाओं के लिए सबसे बड़ा बाजार भी है। सूचना टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने व्?हाट्सऐप से कहा है कि वह प्रस्तावित बदलावों को वापस ले ले और सूचना संबंधी निजता, चुनने के विकल्प और डाटा सुरक्षा के बारे में अपनी नीति पर पुनर्विचार करे।
- मुंबई। वैश्विक बाजारों में तेजी के रुख से घरेलू शेयर बाजारों में भी मंगलवार को जोरदार तेजी रही और बीएसई 30 सेंसेक्स 834 अंक उछल कर बंद हुआ। सेंसेक्स में बड़ा वजन रखने वाले एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 834.02 अंक यानी 1.72 प्रतिशत उछलकर 49,398.29 अंक पर और एनएसई निफ्टी 239.85 अंक यानी 1.68 प्रतिशत बढ़कर 14,521.15 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स के शेयरों में बजाज फिनसर्व सबसे अधिक करीब 7 प्रतिशत चढ़ गया। इसके बाद बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी, लार्सन एण्ड टुब्रो, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और एनटीपीसी के शेयरों में भी वृद्धि दर्ज की गई। इसके विपरीत टेक महिन्द्रा, आईटीसी और महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा में गिरावट का रुख रहा। रिलायंस सिक्युरिटीज के रणनीति प्रमुख बिनोद मोदी के अनुसार पिछले दो कारोबारी सत्रों में जबर्दस्त गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजारों में मुख्य तौर पर वैश्विक बाजारों से बेहतर संकेत मिलने का असर रहा। उन्होंने कहा, ''जेनेट येलेन की ओर से अर्थव्यवस्था को मजबूत समर्थन देने की संभावना जैसा सकारात्मक बयान दिये जाने से दुनियाभर में निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।''अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फैडरल रिजर्व के पूर्व प्रमुख जानेट येलेन को वित्त मंत्री के लिये नामित किया है। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से आह्वान किया है कि आर्थिक मंदी से लडऩे और यहां तक कि और ज्यादा गिरावट से बचने के लिये और कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। येलेन ने कहा कि कोरोना वायरस टीके के वितरण के लिये और सहायता की जरूरत है। एशिया के अन्य बाजारों में हांग कांग, सिओल और टोक्यो अच्छी बढ़त लेकर बंद हुये वहीं शंघाई में गिरावट रही। यूरोप के शेयर बाजारों में शुरुआत सकारात्मक रही। इस बीच वैश्विक कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत बढ़कर 55.42 डालर प्रति बैरल पर चल रहा था।
- नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन कीमतों में बढ़ोतरी की। इससे राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को पेट्रोल की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई, जबकि डीजल रिकॉर्ड ऊंचाई के नजदीक पहुंच गया। तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 85.20 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 91.80 रुपये प्रति लीटर हो गई। ताजा बदलावों के बाद डीजल की कीमत दिल्ली में 75.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 82.13 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल और डीजल की कीमत में सोमवार को भी 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, जबकि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के पार हुई है। दिल्ली में डीजल चार अक्टूबर 2018 को 75.45 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर था। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने छह जनवरी को लगभग एक महीने बाद कीमतों की दैनिक समीक्षा शुरू की थी। तब से पेट्रोल के दाम में 1.49 रुपये और डीजल में 1.51 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
- नयी दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग उद्योग ने पूरे क्षेत्र के लिये मानक नियमन बनाने के उद्देश्य से एक स्व नियमन निकाय बनाने का सोमवार को अनुरोध किया। दी ऑनलाइन रमी फेडरेशन ने एक बयान में कहा कि फैंटेसी स्पोर्ट्स की तरह स्किल गेमिंग इंडस्ट्री भी अलग-अलग राज्यों में अलग कानूनों वाली समस्या का सामना करता है। यदि अधिक न कहें, तो कम से कम व्यापक स्किल गेमिंग इंडस्ट्री के नियमन की जरूरत है। नीति आयोग ने हाल ही में ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स उद्योग के लिये एक एकल स्व नियमन निकाय स्थापित करने की वकालत की है। नीति आयोग ने इस उद्योग के उपयोक्ताओं की न्यूनतम उम्र 18 साल करने का भी सुझाव दिया है। गेम्स 24x7 के सह-संस्थापक एवं सीईओ भाविन पांड्या ने स्किल गेमिंग उद्योग के योगदान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में मनोरंजन का एक स्वस्थ और जिम्मेदार रूप प्रदान करने की जबरदस्त क्षमता है।
- नयी दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी और रुपये के मूल्य में गिररावट आने के बाद सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 117 रुपये बढ़कर 48,332 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने इसकी जानकारी दी। इससे पहले शुक्रवार को सोना 48,215 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।चांदी भी 541 रुपये बढ़कर 64,657 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी। यह शुक्रवार को 64,116 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुर्इ थी। अन्तरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे की गिरावट दर्शाता 73.28 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लाभ के साथ 1,834 डॉलर प्रति औंस हो गया। जबकि चांदी लाभ दर्शाता 25 डॉलर प्रति औंस हो गया।
- मुंबई । अमेरिकी डॉलर में मजबूती तथा घरेलू शेयर बाजारों में नरमी के बीच सोमवार को रु,पये में गिरावट दर्ज की गयी और यह एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। अंतरबैंकिंग मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 21 पैसे नरम होकर 73.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया 73.21 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 73.30 प्रति डॉलर के दिवस के निचले स्तर और 73.18 प्रति डॉलर के दिवस के उच्चतम स्तर के दायरे में रहा। अंतत: यह पिछले दिवस के मुकाबले 21 पैसे गिरकर 73.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया शुक्रवार को 73.07 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।इस बीच छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के बास्केट में डॉलर का सूचकांक 0.15 प्रतिशत बढ़कर 90.91 पर आ गया। शेयरखान बाय बीएनपी परिबास के शोध विश्लेषक सैफ मुकदम ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार में जोखिम से बचाव की प्रवृत्ति उभरने तथा डॉलर में मजबूती आने से रुपया नरम हुआ है।'' उन्होंने कहा कि शेयर बाजारों में गिरावट तथा दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने से डॉलर की मांग निवेशकों के बीच बढ़ी है। घरेलू मोर्चे पर बीएसई का सेंसेक्स 470.40 अंक यानी 0.96 प्रतिशत गिरकर 48,564.27 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 152.40 अंक यानी 1.06 प्रतिशत घटकर 14,281.30 अंक पर बंद हुआ। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) पूंजी बाजार में शुद्ध खरीदार बने रहे। अस्थायी विनिमय आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने शुक्रवार को शुद्ध आधार पर 971.06 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच कच्चा तेल का वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54.97 डालर प्रति बैरल पर चल रहा था। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विदेशी मुद्रा एवं बुलियन विश्लेषक गौरांग सोमैया ने कहा, ‘‘सत्र की शुरुआत से मध्य तक रुपया सीमित दायरे में मजबूती के साथ बना रहा, लेकिन उसके बाद घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट के चलते लुढ़क गया। प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के तेज होने से रुपया नरम हुआ।
- नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने जीएसटी क्षतिपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए राज्यों को 6 हजार करोड़ रुपये की 12 वीं साप्ताहिक किस्त जारी की है। इसमें से 23 राज्यों को पांच हजार 516 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है, जबकि तीन केंद्रशासित प्रदेशों दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुद्दुचेरी के लिए 483 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। बाकी पांच राज्यों, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम में जीएसटी को लागू करने के कारण राजस्व में कोई अंतर नहीं आया है।वित्त मंत्रालय ने कहा है कि 65 हजार 582 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्यों को जारी की गई है और 6 हजार 417 करोड़ रुपये से अधिक राशि विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों को जारी की गई है। इसके साथ ही अनुमानित जीएसटी क्षतिपूर्ति की 65 प्रतिशत राशि जारी की जा चुकी है।----
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कोविड-19 से लोगों को बचाने के किए कार्य : इम्पैक्ट लीडर अवार्ड से सम्मानित
रायपुर/रायगढ़। जेएसपीएल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल को भारत-सीएसआर नेटवर्क द्वारा आयोजित 'इंडिया सीएसआर लीडरशिप समिट - 2021 में इम्पैक्ट लीडर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। वह देश की उन 10 शीर्ष लीडर्स में शुमार की गई हैं, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान आगे आकर गरीबों, जरूरतमंदों और समुदायों की सेवा की।
यह सम्मान ग्रहण करते हुए श्रीमती जिन्दल ने कहा, हम जेएसपीएल फाउंडेशन में राष्ट्र निर्माण और नागरिक सशक्तीकरण की नीतियों में विश्वास करते हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह इस महामारी से मानवता को बचाए और कामना करते हैं कि दुनिया हमेशा ऐसी तबाही से मुक्त रहे। हम पंक्ति के आखिरी व्यक्ति की सेवा करते हुए अपनी सेवाओं को सदैव जारी रखने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने इस सम्मान के लिए इंडिया-सीएसआर नेटवर्क को धन्यवाद दिया। श्रीमती जिन्दल कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में सरकार और प्रशासन का सहयोग करने वाली अग्रणी शख्सियतों में से हैं। उन्होंने श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे जेएसपीएल फाउंडेशन को सार्थक नेतृत्व प्रदान करते हुए देश में 5 लाख से अधिक लोगों को सूखा राशन व पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया और हजारों परिवारों की आजीविका की रक्षा की। जब कोविड-19 की रोकथाम के लिए देश में लॉकडाउन लागू हुआ तब जेएसपीएल फाउंडेशन ने श्रीमती शालू जिन्दल के मार्गदर्शन में मिशन जीरो हंगर के तहत प्रवासी श्रमिकों, दैनिक वेतन भोगियों, सड़क पर रहने वालों, निराश्रितों, ट्रक चालकों, गृह विहीन परिवारों और सामाजिक रूप से कमजोर अन्य लोगों को छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड के साथ-साथ देश की राजधानी दिल्ली में पका हुआ भोजन और सूखा राशन का इंतजाम कराया।
फाउंडेशन ने इसके अलावा आदिवासियों और कमजोर वर्ग के लोगों को सैनिटाइजर, हैंडवाश, कीटाणुनाशक और सेल्फ हेल्प ग्रुपों से जुड़ी हजारों महिलाओं के हाथों बनाए गए मास्क उपलब्ध कराए। इससे महिलाओं को महामारी की मंदी में अपने परिवार को चलाने में बहुत मदद मिली। महामारी के दौरान रोज कमाने-खाने वालों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए फाउंडेशन ने पुख्ता बंदोबस्त किया। उसने हजारों डेयरी, सब्जी और मशरूम किसानों को प्लांट टाउनशिप में उचित दामों पर अपने उत्पाद बिक्री की सहूलियतें दी। जहां तक चिकित्सा सुविधाओं की बात है तो जेएसपीएल फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ स्थित दोनों फोर्टिस-ओपी जिन्दल अस्पताल में कोविड-19 से बचाव के लिए 133 बेड और वेंटीलेटर के साथ 15 आईसीयू केयर यूनिटें समर्पित की। इसके अलावा अस्पताल और व्यावसायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त वेंटीलेटर, पीपीई किट, ऑक्सीजन सिलेंडर और आइसोलेशन वार्ड के साथ-साथ कोविड-19 देखभाल केंद्रों का बंदोबस्त किया गया।
जेएसपीएल फाउंडेशन की पहल पर संचालित शैक्षिक संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था कर बच्चों की पढ़ाई नियमित रखी गई। दिव्यांगों की देखभाल के लिए संचालित आशा- द होप केंद्रों ने भी पूरी मुस्तैदी से बच्चों की सेवा की। ऑनलाइन के साथ-साथ जरूरत पडऩे पर कोविड-19 निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों को घर पर भी मदद पहुंचाई गई। करीब 3000 बच्चों को इन केंद्रों से लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा, फाउंडेशन ने महामारी से बचाव के लिए समुदायों में विभिन्न माध्यमों से जागरूकता भी पहुंचाई। जेएसपीएल ने केंद्र सरकार का सहयोग करते हुए पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये का योगदान किया है। कोविड-19 से बचाव के लिए जेएसपीएल फाउंडेशन द्वारा किये गए कार्यों की सर्वत्र सराहना हो रही है और इसी आधार पर श्रीमती शालू जिन्दल को 10 प्रभावशाली लीडर्स की श्रेणी में रखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया है। - बेंगलुरू। भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के लिये वर्ष 2021 अच्छा साल रहेगा और इस क्षेत्र की अधिकांश कंपनियां 10 प्रतिशत तक की ऊंची एक अंकीय वृद्धि दर्ज कर सकती हैं।आईटी क्षेत्र के अनुभवी वी. बालाकृष्णन ने यह अनुमान व्यक्त किया है। बालाकृष्णन प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी रह चुके हैं। वह अभी एक्सफिनिटी वेंचर पार्टनर्स के चेयरमैन एवं पार्टनर हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों ने घर से काम की नयी व्यवस्था को अपनाने तथा महामारी के मद्देनजर नये अवसरों को लपकने के संदर्भ में अच्छा काम किया है। सभी प्रमुख वैश्विक कंपनियां अब क्लाउड सेवाएं अपनाना चाहती हैं और लागत कम करना चाहती हैं। बालकृष्णन ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''यही कारण है कि बड़े सौदे आ रहे हैं और भारतीय कंपनियों को इनमें ठीक-ठाक हिस्सा मिल रहा है। 2021 अच्छा प्रतीत हो रहा है क्योंकि भारतीय कंपनियों को कई बड़े सौदे हासिल हुए हैं। इनमें से अधिकांश 10 प्रतिशत तक की ऊंची वृद्धि दर्ज कर सकती हैं।''भारतीय आईटी कंपनियों के समक्ष अगले एक दशक के दौरान चुनौतियों और उनकी व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा हर तीन से चार साल में आर्थिक मोर्चे पर या फिर प्रोद्योगिकी के मोर्चे पर बड़ी उठापटक देखने को मिल सकती है। बालकृष्णन ने कहा, ''नई प्रौद्योगिकियां उभरेंगी या फिर किसी बड़ी अर्थव्यवसथा को लेकर कोई चिंता खड़ी होगी।'' उन्होंने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों को हर समय आने वाले परिस्थिति के लिये तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा, ''उन्हें नई प्रौद्योगिकी में निवेश करते रहना होगा। स्टार्टअप परिवेश के साथ नजदीकी से काम करते रहना होगा। जहां नवोन्मेष पर ध्यान दिया जा रहा है, आंतरिक तौर पर लोगों में निवेश किया जा रहा है ... जो लोग उद्योग और बिक्री अथवा विपणन क्षेत्र के बारे में जानकारी रखते हैं।'' भारतीय कंपनियां यदि यह काम करती रहेंगी तो वह हर समय दौड़ में बनी रहेंगी क्योंकि आर्थिक क्षेत्र में उसकी वृद्धि में उतार - चढ़ाव आते रहते हैं।
- नयी दिल्ली। महामारी के कारण भले ही लगभग हर प्रकार के कर संग्रह में कमी आयी हो, लेकिन उत्पाद शुल्क संग्रह में चालू वित्त वर्ष के दौरान 48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इसका कारण डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क दर में रिकॉर्ड वृद्धि है। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान उत्पाद शुल्क का संग्रह 2019 की इसी अवधि के 1,32,899 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,96,342 करोड़ रुपये हो गया। उत्पाद शुल्क संग्रह में यह वृद्धि चालू वित्त वर्ष के आठ महीने की अवधि के दौरान डीजल की बिक्री में एक करोड़ टन से अधिक की कमी के बावजूद हुई। डीजल भारत में सबसे ज्यादा खपत होने वाला ईंधन है। पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से नवंबर 2020 के दौरान डीजल की बिक्री साल भर पहले के 5.54 करोड़ टन से कम होकर 4.49 करोड़ टन रह गयी। इस दौरान पेट्रोल की खपत भी साल भर पहले के 2.04 करोड़ टन से कम होकर 1.74 करोड़ टन रही। पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था से बाहर रखा गया है। देश में जुलाई 2017 से जीएसटी व्यवस्था अमल में आई है।
- नयी दिल्ली। लक्जरी कार कंपनियों मर्सिडीज-बेंज, ऑडी और लैम्बोर्गिनी को उम्मीद है कि सरकार आगामी आम बजट में वाहनों पर करों में कटौती करेगी। इन कंपनियों का कहना है कि ऊंचे कराधान की वजह से प्रीमियम कारों का बाजार आगे नहीं बढ़ पा रहा है। कोरोना वायरस महामारी से भी वाहनों का यह खंड बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि लक्जरी कारों पर यदि करों में बढ़ोतरी होती है, तो इससे मांग प्रभावित होगी और यह क्षेत्र पिछले साल शुरू हुई अड़चनों से उबर नहीं पाएगा। मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मार्टिन श्वेंक ने कहा, ‘‘कोई भी ऐसी चीज जिससे क्षेत्र की मांग प्रभावित होती हो, उससे हमें बचना चाहिए, क्योंकि अंत में इससे समस्या पैदा होगी।'' उनसे पूछा गया था कि कंपनी आगामी बजट में करों के मोर्चे पर सरकार से क्या उम्मीद कर रही है। वाहनों पर कर कटौती की मांग करते हुए श्वेंक ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र पर कर की दर पहले ही काफी ऊंची है। आयात शुल्क से लेकर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तक, लक्जरी कारों पर उपकर 22 प्रतिशत तक है। मेरा मानना है कि हमारा लक्ष्य क्षेत्र की वृद्धि को समर्थन देना और कर घटाने का होना चाहिए। हमें इसका रास्ता ढूंढना चाहिए।'' इसी तरह की राय जताते हुए ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि लक्जरी कार बाजार अभी कोविड-19 की वजह से पैदा हुई अड़चनों से उबर रहा है। आगे क्षेत्र के लिए काफी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक चुनौती निश्चित रूप से लक्जरी कारों पर ऊंचे कराधान की है। यह एक चुनौती है कि क्योंकि इसकी वजह से देश का लक्जरी कार बाजार कुल वाहन बाजार के एक प्रतिशत पर बना हुआ है। पिछले साल यानी 2020 में यह संभवत: घटकर 0.7 से 0.8 प्रतिशत रह गया है। ऊंचा कर सबसे बड़ी चुनौती है।'' लैम्बोर्गिनी इंडिया के प्रमुख शरद अग्रवाल ने कहा कि सुपर लक्जरी खंड को सरकार से निरंतरता कायम रखने की उम्मीद है। इस खंड को 2020 में काफी नुकसान हुआ है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि 2021 में यह क्षेत्र कम से कम 2019 के स्तर पर पहुंच जाए। हम अभी वृद्धि की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि यह क्षेत्र 2019 का स्तर हासिल कर ले। यदि लक्जरी कारों पर कर बढ़ता है, तो इस क्षेत्र पर काफी अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।'










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