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नई दिल्ली। इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारतीय नागरिकों की निकासी के लिए शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंधु’ में अपनी भागीदारी के लिए इंडिगो ने शुक्रवार को भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ऑपरेशन सिंधु के तहत निकासी प्रयासों में योगदान देकर हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
एयरलाइन ने भारत सरकार को इस अवसर के लिए धन्यवाद किया व्यक्तइस संबंध में इंडिगो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हमें इजरायल-ईरान युद्ध के कारण फंसे अपने नागरिकों को भारत वापस लाने में ऑपरेशन सिंधु का हिस्सा बनकर निकासी प्रयासों में योगदान देने पर गर्व है।”एयरलाइन ने भारत सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को इस अवसर के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। इंडिगो ने सेवा की भावना दर्शाते हुए कहा कि नागरिकों की मदद करने के लिए हम फ्लाइट के जरिए अधिक से अधिक भारतीयों को घर ला रहे हैं।भारत सरकार ने इजरायल से भी नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ को लेकर एक एडवाइजरी जारी कीभारत सरकार ने इजरायल-ईरान युद्ध के बीच ईरान से भारतीय नागरिकों की निकासी के बाद, इजरायल से भी नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। ऑपरेशन सिंधु पर विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इजरायल और ईरान के बीच मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने उन भारतीय नागरिकों को इजरायल से निकालने का फैसला किया है, जो इजरायल से निकलना चाहते हैं। इजरायल से भारत तक उनकी यात्रा पहले लैंड बॉर्डर के जरिए होगी और इसके बाद हवाई मार्ग से भारत पहुंचने की व्यवस्था होगी।तेल अवीव में भारतीय दूतावास भारतीयों को निकालने की करेगा व्यवस्थामंत्रालय की ओर से एक बयान में कहा गया है कि ‘ऑपरेशन सिंधु’ के मद्देनजर, तेल अवीव में भारतीय दूतावास भारतीयों को निकालने की व्यवस्था करेगा। मंत्रालय ने सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे तेल अवीव में भारतीय दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें। साथ ही, किसी भी प्रश्न के मामले में मंत्रालय ने भारतीय दूतावास, तेल अवीव में स्थापित 24/7 नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी है।विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रखेगी। दूतावास सभी संभव सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है। -
नई दिल्ली। बाजार के विश्लेषकों ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने और दरों में कटौती के लिए अधिक क्रमिक मार्ग का संकेत दिए जाने के बाद सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
केंद्रीय बैंक को टैरिफ और अन्य कारकों के बीच आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति में वृद्धि की उम्मीदअमेरिकी फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक को टैरिफ और अन्य कारकों के बीच आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति में वृद्धि की उम्मीद है, जो एक सतर्क नीति रुख को मजबूत करता है। जबकि बाजारों ने शुरुआत में आशावादी प्रतिक्रिया दी, पॉवेल ने उम्मीदों को कम करते हुए दोहराया कि कम और स्थिर बेरोजगारी के साथ, फेड कोई भी कदम उठाने से पहले डेटा की प्रतीक्षा करने के लिए अच्छी स्थिति में है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि सितंबर में एक लाइव बैठक हो सकती है। फेड को अभी भी 2025 में कुल 50 आधार अंकों की दर कटौती का अनुमान है, लेकिन अब 2026 और 2027 में केवल 25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद है।भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने बाजार की अनिश्चितता को बढ़ा दिया हैमोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटी रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, “पॉवेल ने जोर देकर कहा कि ये पूर्वानुमान खासकर मुद्रास्फीति के रुझानों पर अत्यधिक निर्भर हैं। इस बीच, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने बाजार की अनिश्चितता को बढ़ा दिया है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-इजरायल संघर्ष पर ईरान के साथ बैठक करने का विचार पेश किया है और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ ठोस शांति वार्ता के लिए तत्परता व्यक्त की है।”इजरायल और ईरान पर अभी भी कोई समाधान नहीं निकला है और युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई हैइजरायल और ईरान पर अभी भी कोई समाधान नहीं निकला है और युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, हालांकि कीमतों में ढील की उम्मीदें कीमतों पर भारी पड़ रही हैं। उन्होंने आगे कहा, “अमेरिका में साप्ताहिक बेरोजगारी के दावे भी उम्मीदों से कम बताए गए, जिससे कीमतों को झटका लगा। अस्थिरता कम हो सकती है क्योंकि सार्वजनिक अवकाश के कारण अमेरिकी बाजार बंद हैं।”कलंत्री ने कहा, “इस सप्ताह की शुरुआत में तेज उछाल के बाद चांदी की कीमतें 35.70 डॉलर प्रति औंस से नीचे गिर गईंमेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटीज वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतें हाल के उच्च स्तर से गिरकर एक सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गई हैं और तीन सप्ताह में पहली बार साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रही हैं। कलंत्री ने कहा, “इस सप्ताह की शुरुआत में तेज उछाल के बाद चांदी की कीमतें 35.70 डॉलर प्रति औंस से नीचे गिर गईं। यह गिरावट तब आई जब निवेशकों ने इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अन्य जगहों पर घाटे को कवर करने के लिए बुलियन में अपनी पोजीशन खत्म कर दी।”गुरुवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी अपनी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखा, जिससे कीमती धातुओं की तेजी सीमित रहीउन्होंने आगे कहा, “गुरुवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी अपनी मौद्रिक नीति बैठकों में दरों को स्थिर रखा, जिससे कीमती धातुओं की बढ़त सीमित हो गई। हालांकि, इजरायल-ईरान युद्ध के बढ़ने और कमजोर डॉलर इंडेक्स से कीमती धातुओं की सुरक्षित खरीदारी को बढ़ावा मिल रहा है। रुपए में कमजोरी से भी घरेलू बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिल रहा है।”सोने को 3340-3315 डॉलर पर सपोर्ट मिल रहा है, जबकि प्रतिरोध 3380-3400 डॉलर पर हैसोने को 3340-3315 डॉलर पर सपोर्ट मिल रहा है, जबकि प्रतिरोध 3380-3400 डॉलर पर है। चांदी को 35.75-35.50 डॉलर पर सपोर्ट मिल रहा है, जबकि प्रतिरोध 36.35-36.55 डॉलर पर है। उन्होंने कहा, “भारतीय रुपए के संदर्भ में, सोने को 98,750-98,550 रुपए पर समर्थन मिल रहा है, जबकि प्रतिरोध 99,550-99,740 रुपए पर है। चांदी को 106,380-105,500 रुपए पर समर्थन मिल रहा है, जबकि प्रतिरोध 1,08,350-1,09,000 रुपए पर है।” - मुंबई।”. एयर इंडिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि 21 जून से 15 जुलाई के बीच 16 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानें कम की जाएंगी और तीन विदेशी गंतव्यों पर उड़ानें निलंबित की रहेंगी। अहमदाबाद में 12 जून को हुए घातक विमान हादसे के बाद व्यवधानों से जूझ रही टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने कहा कि इसका उद्देश्य कार्यक्रम स्थिरता बहाल करना और यात्रियों को अंतिम समय में होने वाली असुविधा को कम करना है। विस्तृत घोषणा उस समय की गई है जब एक दिन पहले एयरलाइन ने कहा था कि वह अस्थायी रूप से बड़े आकार वाले विमानों से संचालित उड़ानों में 15 प्रतिशत की कटौती करेगी। एयरलाइन ने बयान में कहा, “ये कटौती 21 जून, 2025 से प्रभावी होगी और कम से कम 15 जुलाई, 2025 तक जारी रहेगी।” दिल्ली-नैरोबी, अमृतसर-लंदन (गैटविक) और गोवा (मोपा)-लंदन (गैटविक) पर 15 जुलाई तक सेवाएं निलंबित रहेंगी। इसके अलावा, उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और सुदूर पूर्व के शहरों को जोड़ने वाले 16 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों में कमी की जाएगी। बयान में कहा गया, “यह कटौती स्वैच्छिक रूप से उड़ान-पूर्व सुरक्षा जांच बढ़ाने के निर्णय के साथ-साथ पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र बंद होने से उत्पन्न अतिरिक्त उड़ान अवधि को समायोजित करने के कारण हुई है।” बृहस्पतिवार को एयर इंडिया ने इन कटौती से प्रभावित यात्रियों से फिर से माफी मांगी। एयरलाइन ने कहा कि वह प्रभावित यात्रियों से संपर्क कर रही है ताकि उन्हें उनकी पसंद के अनुसार वैकल्पिक उड़ानों में पुनः स्थान, निःशुल्क पुनर्निर्धारण या पूर्ण धन वापसी की पेशकश की जा सके।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी ने लद्दाख में वाणिज्यिक परिचालन के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के उपक्रम सिडको (सिंधु इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) को पांच हाइड्रोजन ईंधन सेल बसें सौंपी हैं। बुधवार को वाहनों की आपूर्ति की गई। एनटीपीसी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि इस पहल से भारत में हाइड्रोजन ईंधन बसों का वाणिज्यिक उपयोग शुरू हो गया है और यह दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर हाइड्रोजन बसों का संचालन करके हरित परिवहन के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क स्थापित करती है। एनटीपीसी ने पिछले साल नवंबर में लेह में दुनिया का पहला हाइड्रोजन ईंधन स्टेशन और अपनी तरह का पहला हरित हाइड्रोजन परिवहन स्टेशन पेश किया था। समुद्र तल से 11,562 फुट ऊपर ईंधन स्टेशन अपनी संपूर्ण परिचालन जरूरतों को नवीकरणीय ऊर्जा प्रदान करने के लिए 1.7 मेगावाट के सौर संयंत्र के साथ स्थित है। हाइड्रोजन परिवहन परियोजना से सालाना लगभग 350 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने तथा वायुमंडल में प्रति वर्ष 230 टन शुद्ध ऑक्सीजन उपलब्ध होने की उम्मीद है, जो 13,000 वृक्षारोपण के बराबर है।
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नई दिल्ली। हाल ही में अहमदाबाद में हुए दुखद विमान हादसे के बाद एयर इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। एयरलाइन ने बुधवार को घोषणा की कि वह 20 जून से अपने वाइड-बॉडी विमानों से संचालित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 15 प्रतिशत की कटौती करेगी। यह फैसला जुलाई के मध्य तक लागू रहेगा। एयर इंडिया ने कहा कि यह कदम विमानों की रिजर्व उपलब्धता बढ़ाने के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी या सुरक्षा से जुड़ी समस्या का समय पर समाधान किया जा सके। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि इसका मकसद संचालन में स्थिरता बनाए रखना, यात्रियों को बेहतर सेवा देना और अनावश्यक असुविधा से बचाना है।
गौरतलब है कि यह फैसला उस समय लिया गया है जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 241 यात्री और क्रू मेंबर्स की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। एयर इंडिया ने प्रभावित यात्रियों से माफी मांगी है और कहा है कि उन्हें अग्रिम सूचना दी जाएगी। उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में समायोजित किया जाएगा। यात्री चाहें तो अपनी यात्रा को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दोबारा शेड्यूल कर सकते हैं या पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।एयर इंडिया ने बताया कि 20 जून से लागू होने वाला नया अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। इस बीच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया के बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों पर ‘एन्हांस्ड सेफ्टी इंस्पेक्शन’ अनिवार्य कर दिया है। कुल 33 में से 26 विमानों की जांच पूरी कर ली गई है और उन्हें उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई है। बाकी विमानों की जांच आने वाले दिनों में पूरी की जाएगी। इसके अलावा बोइंग 777 विमानों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जाएगी। एयर इंडिया ने कहा कि वह गुजरात सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर मृतकों के परिवारों और घायल यात्रियों की हर संभव मदद कर रही है। एयरलाइन ने कहा, “यह फैसला परिचालन स्थिरता के लिए जरूरी है और हम यात्रियों को अंतिम समय में असुविधा से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें विश्वास है कि देश के लोगों और सभी हितधारकों के सहयोग से हम इस कठिन समय से उबरेंगे।” - हैदराबाद। जीएमआर हैदराबाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएचआईएएल) ने तेलंगाना की राजधानी में राजीव गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट (आरजीआईए) के बड़े विस्तार के लिए करीब 14,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना तैयार की है। इस योजना को वित्त वर्ष 2031 तक लागू किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसमें मौजूदा टर्मिनल की क्षमता बढ़ाना, एक नया टर्मिनल एवं दूसरा रनवे बनाना, सड़क एवं मेट्रो कनेक्टिविटी में सुधार करना और पार्किंग एवं कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करना शामिल है ।हैदराबाद एयरपोर्ट देश का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। हाल में वर्षों में वहां यात्रियों की आवाजाही काफी बढ़ी है। यात्री यातायात वित्त वर्ष 2018 में 1.83 करोड़ से 7.1 फीसदी वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 2.95 करोड़ हो चुका है। जीएचआईएएल ने कहा कि इस वृद्धि के कारण हवाई अड्डा को सालाना 3.4 करोड़ यात्री की मौजूदा डिजाइन क्षमता के करीब ला दिया है।जीएचआईएएल ने एक आंतरिक दस्तावेज में मौजूदा टर्मिनल को 47 एमपीपीए (मौजूदा 34 एमपीपीए से) तक विस्तारित करने और उत्तरी परिसर में अतिरिक्त 20 एमपीपीए क्षमता वाले एक नए टर्मिनल का निर्माण शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। इसे दूसरे रनवे और दो टर्मिनलों को जोड़ने वाले एक एलिवेटेड क्रॉस-टैक्सीवे से जोड़ा जाएगा।नए टर्मिनल और रनवे के निर्माण की समय-सीमा करीब 3 साल रखी गई है। उत्तरी हिस्से पर काम वित्त वर्ष 2027 में शुरू और सितंबर 2029 तक उसे तैयार करने का प्रस्ताव है। नए टर्मिनल का विस्तार यातायात को ध्यान में रखते हुए विभिन्न चरणों में किया जाएगा। नया रनवे 3,800 मीटर लंबा और पहली श्रेणी के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम से लैस होगा। इससे विमानों को कम दृश्यता की स्थिति में भी सुरक्षित लैंडिंग करने में मदद मिलेगी। रनवे पर करीबी नजर रखने के लिए पीएपीआई और एसएमआर जैसे उन्नत नेविगेशन उपकरणों को भी लगाया जाएगा।
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नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार ढांचे पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की। सेबी ने बुधवार को जिन अहम उपायों की घोषणा की उनमें स्टार्टअप संस्थापकों को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) सौंपते समय ईसॉप और तथाकथित अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय प्रतिभूतियां रखने की अनुमति देना शामिल हैं। सेबी ने यह भी कहा कि इस कदम से उन कंपनियों को मदद मिलेगी जो ‘रिवर्स फ्लिपिंग’ की योजना बना रही हैं। रिवर्स फ्लिपिंग वह प्रक्रिया है जिसमें कोई कंपनी विदेश से अपने मूल देश में वापस आ जाती है।सेबी ने प्रवर्तकों को डीआरएचपी से एक साल पहले जारी ईसॉप उनके पास रखने की अनुमति दी है। मगर डीआरएचपी सौंपने की प्रक्रिया के दौरान नए ईसॉप जारी नहीं किए जाएंगे।
सेबी ने विदेशी वेंचर अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के नियंत्रण वाले शेयरों को न्यूनतम प्रवर्तक आवश्यकताओं के रूप में मान्यता दे दी।सेबी बोर्ड की बैठक में क्लीयरिंग कॉर्पोरेशन पर तो चर्चा नहीं हुई मगर सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि बाजार नियामक ने शुल्कों को अलग करने पर विचार करने के लिए एक कार्यशील समूह का गठन किया है।सेबी ने नैशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसईएल) प्रकरण से जुड़े ब्रोकरों के लिए एक निपटान योजना को भी मंजूरी दे दी है। वेंचर कैपिटल फंडों के लिए भी एक निपटान योजना शुरू की गई है।सेबी ने ऐसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के लिए एक अलग स्वैच्छिक गैर-सूचीबद्धता (शेयर बाजार से हटने) ढांचा पेश करने का फैसला किया जिनमें सरकार के पास 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। इसके साथ ही बोर्ड ने उन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए अनुपालन नियमों को आसान बनाने का फैसला किया, जो केवल भारत सरकार के बॉन्ड (आईजीबी) में निवेश करते हैं। सेबी ने निदेशकों और प्रमुख प्रबंध कर्मचारियों सहित चुनिंदा शेयरधारकों के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल करने से पहले डीमैट रूप में शेयर रखना भी अनिवार्य कर दिया है।भारत सरकार के बॉन्ड में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए नियम सरल एवं नियामकीय अनुपालन सुगम बनाने का फैसला किया गया। सेबी के इस कदम का उद्देश्य भारत में अधिक दीर्घकालिक बॉन्ड निवेशकों को आकर्षित करना है। फिलहाल विदेशी निवेशक तीन रास्तों – सामान्य, स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (वीआरआर) और पूर्ण सुलभ मार्ग (एफएआर) के जरिये भारतीय ऋण प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। इनमें से वीआरआर और एफएआर अधिक बंदिशों के बगैर निवेश की अनुमति देते हैं। जी-सेक में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए स्वीकृत छूट के तहत ऐसे एफपीआई के लिए अनिवार्य केवाईसी समीक्षा की अवधि को आरबीआई के प्रावधानों के अनुरूप बनाया जाएगा। -
नई दिल्ली। मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) मध्य प्रदेश के सिंगरौली में स्थानीय समुदाय में योग और इसके स्वास्थ्य लाभों को बढ़ावा देने के लिए 15 जून से 20 जून, 2025 तक व्यापक जागरूकता अभियान चला रही है। एनसीएल का उद्देश्य लोगों को शारीरिक कल्याण, मानसिक शांति तथा प्रकृति और अपने समुदाय के साथ मजबूत संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना है।
कोयला मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अभियान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के मद्देनजर है,जो हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” है, जो इस बढ़ती समझ को दर्शाता है कि मानव स्वास्थ्य हमारे ग्रह के स्वास्थ्य से निकटता से जुड़ा हुआ है। एनसीएल अपनी पहल के माध्यम से लगभग 25,000 लोगों को जोड़ने की योजना बना रहा है। यह अभियान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक महत्व का संदेश फैलाएगा।एनसीएल का उद्देश्य लोगों को शारीरिक कल्याण, मानसिक शांति तथा प्रकृति और अपने समुदाय के साथ मजबूत संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना है।इन पहलों के माध्यम से, कंपनी अपने कार्यस्थल में योग को एक स्थायी अभ्यास बनाने तथा अपने कर्मचारियों, उनके परिवारों और आसपास के हितधारकों के लिए सतत स्वास्थ्य पहलों को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। एनसीएल के व्यापक जागरूकता अभियान में समुदाय-उन्मुख कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शामिल है-योग जागरूकता रैलियां – सभी कर्मचारियों, संविदा श्रमिकों, छात्रों और आसपास के हितधारकों सहित समुदाय के हर कोने तक योग के लाभ पहुंचाने के लिए।निबंध लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं – सिंगरौली क्षेत्र के स्थानीय बच्चों और युवाओं को स्वास्थ्य और कल्याण में योग की भूमिका पर रचनात्मक रूप से विचार करने में सक्षम बनाना।सार्वजनिक योग सत्र – बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी के लिए सामान्य योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का पालन करना।स्कूलों और कॉलेजों में कार्यशालाएं – छोटी उम्र से ही योग की आदत को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।उल्लेखनीय है, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यानी 21 जून, 2025 को कंपनी के सभी क्षेत्रों और इकाइयों में 10,000 से अधिक लोग योग सत्र में भाग लेंगे। -
नई दिल्ली। इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि देश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इस समय चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। बातचीत करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “इजरायल और ईरान संघर्ष के बीच मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और इस समय चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।”
वर्तमान में दुनिया में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और हमारे कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं की संख्या अब बढ़कर 40 हो गई है, जो कि पहले 27 थीपुरी ने आगे कहा कि वर्तमान में दुनिया में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और हमारे कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं की संख्या अब बढ़कर 40 हो गई है, जो कि पहले 27 थी। इसके अलावा हम खुद भी कच्चे तेल का उत्पादन कर रहे हैं। हमारा आउटपुट भी बढ़ रहा है और हमारे पास काफी स्टॉक है।ईरान होर्मुज स्ट्रेट के उत्तरी किनारे पर भी है, जिसके माध्यम से दुनिया में 20 एमबीपीडी से अधिक कच्चे तेल का व्यापार होता हैएमके ग्लोबल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान प्रतिदिन लगभग 3.3 मिलियन बैरल (एमबीपीडी) कच्चे तेल का उत्पादन करता है और लगभग 1.5 एमबीपीडी का निर्यात करता है। ईरान होर्मुज स्ट्रेट के उत्तरी किनारे पर भी है, जिसके माध्यम से दुनिया में 20 एमबीपीडी से अधिक कच्चे तेल का व्यापार होता है।ईरान-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि देश को कच्चे तेल के आयात में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता हैइस कारण मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि देश को कच्चे तेल के आयात में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।आज उज्ज्वला योजना का लाभ 10.33 करोड़ गरीब परिवारों को मिल रहा हैपुरी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत की गई है। अब इस योजना का लाभ 10.33 करोड़ गरीब परिवारों को मिल रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “पहले केवल शहरी इलाकों तक ही गैस सिलेंडर की सुविधा सीमित थी, लेकिन मोदी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश के ग्रामीण इलाकों में भी एलपीजी सिलेंडर आसानी से पहुंचे।” इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2014 में हमने बायोफ्यूल ब्लेंडिंग 1.4 प्रतिशत से शुरू की थी, जो आज 20 प्रतिशत पर पहुंच गई है।( -
नई दिल्ली। क्रिसिल की बुधवार को आई एक रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि जिस तरह मुख्य मुद्रास्फीति सूचकांक से फूड और फ्यूल कैटेगरी को बाहर रखा जाता है, उसी तरह कीमतों पर घरेलू मांग के दबाव के वास्तविक प्रभाव का आकलन करते समय सोने को भी बाहर रखा जा सकता है। खासकर तब जब उच्च वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता की अवधि के दौरान सोने की कीमतें बढ़ने लगती हैं। रिपोर्ट में पाया गया है कि मुख्य मुद्रास्फीति सूचकांक में अन्य वस्तुओं की तुलना में 2.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के बावजूद सोने की मुद्रास्फीति ने मई 2025 को समाप्त होने वाले 12 महीनों में मुख्य मुद्रास्फीति में 17 प्रतिशत की वृद्धि का योगदान दिया।
वित्त वर्ष 2025 के दौरान, सोने की मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2024 में 15.1 प्रतिशत के मुकाबले औसतन 24.7 प्रतिशत तक बढ़ गईरिपोर्ट में तर्क किया गया है, “वित्त वर्ष 2025 के दौरान, सोने की मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2024 में 15.1 प्रतिशत के मुकाबले औसतन 24.7 प्रतिशत तक बढ़ गई, जबकि अन्य श्रेणियों ने प्रवृत्ति को तोड़ते हुए केवल 2.4 प्रतिशत की संयुक्त मुद्रास्फीति दर दर्ज की।”मई 2024 और मई 2025 के बीच, कोर सीपीआई मुद्रास्फीति 111 बीपीएस से बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गईमई 2024 और मई 2025 के बीच, कोर सीपीआई मुद्रास्फीति 111 बीपीएस बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई। जबकि कोर मुद्रास्फीति के भीतर अधिकांश सब-कैटेगरी में कीमतों में गिरावट आई, लेकिन पांच सब-कैटेगरी ने इस प्रवृत्ति को उलट दिया और मुद्रास्फीति में वृद्धि दर्ज की, जिनमें मोबाइल टैरिफ, ट्रैवल एंड ट्रांसपोर्ट, प्रसाधन सामग्री, चांदी और सोना शामिल थे। इनमें से, सोने की मुद्रास्फीति में सबसे तेज वृद्धि देखी गई। वैश्विक कीमतों में उछाल आया क्योंकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने दुनिया भर में धातु के लिए सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा दिया।क्रिसिल की रिपोर्ट में बताया गया है, “हालांकि सोने का हेडलाइन सीपीआई (कुल सूचकांक का 1.1 प्रतिशत) में कम वजन होता है, लेकिन कोर सीपीआई गणना में इसे शामिल करने से खासकर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के समय घरेलू मूल्य संकेत विकृत होते हैं।” कोर मुद्रास्फीति में वृद्धि को आम तौर पर कीमतों पर घरेलू मांग के दबाव का संकेत माना जाता है। हालांकि, सोने की कीमतें वैश्विक कारकों से काफी हद तक प्रभावित होती हैं, इसलिए जरूरी नहीं कि ये घरेलू खपत के रुझान को दर्शाती हों।अनिश्चित वैश्विक समय में, सोने की कीमतें मुख्य मुद्रास्फीति के आउटलुक को प्रभावित कर सकती हैं और इसे विश्लेषण से बाहर रखा जाना चाहिएवर्तमान जैसे अनिश्चित वैश्विक समय में, सोने की कीमतें मुख्य मुद्रास्फीति के आउटलुक को प्रभावित कर सकती हैं और इसे विश्लेषण से बाहर रखा जाना चाहिए।रिपोर्ट के अनुसार, उदाहरण के लिए अगर सोने की कीमतें अपने सामान्य रुझान का पालन करतीं तो मई में मुख्य मुद्रास्फीति 4.2 प्रतिशत की रिपोर्ट के बजाय 3.4 प्रतिशत होती। सोने को बाहर रखने से पता चलता है कि मई 2025 को समाप्त होने वाले 12 महीनों में मुख्य सीपीआई में केवल 65 आधार अंक (बीपीएस) की वृद्धि हुई, जबकि आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य उपाय में 111 बीपीएस की वृद्धि हुई। प्रमुख केंद्रीय बैंक भी अपने मुख्य मुद्रास्फीति सूचकांक में सोने को शामिल करते हैं, लेकिन इसका भार भारत की तुलना में काफी कम है, जिससे उनके मुख्य मुद्रास्फीति माप पर इसका प्रभाव सीमित हो जाता है। - नयी दिल्ली.। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (जेएफएसएल) ने 104.54 करोड़ रुपये में जियो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड में भारतीय स्टेट बैंक की पूरी 17.8 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। हिस्सेदारी खरीद के साथ, जियो पेमेंट्स बैंक जेएफएसएल की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी बन गई है। जेएफएसएल ने बुधवार को एक नियामकीय सूचना में कहा कि कंपनी ने चार जून को भारतीय रिजर्व बैंक से प्राप्त अनुमोदन के अनुसार एसबीआई से जियो पेमेंट्स बैंक के 7,90,80,000 इक्विटी शेयरों का कुल 104.54 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया। इस अधिग्रहण के परिणामस्वरूप, जियो पेमेंट्स बैंक कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी बन गई है। हिस्सेदारी खरीदने से पहले, जियो फाइनेंशियल के पास जियो पेमेंट्स बैंक में 82.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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कोलकाता. अग्रणी रेटिंग एजेंसी इक्रा ने अनुमान जताया है कि चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रहेगी। एजेंसी ने अपने ताजा परिदृश्य में कहा कि इसी अवधि के दौरान देश की वास्तविक सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) वृद्धि 6.3 प्रतिशत से अधिक होगी। जहां जीडीपी देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को निर्धारित करता है, वहीं जीवीए उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य में से मध्यवर्ती वस्तुओं और सेवाओं की लागत को घटाने पर प्राप्त होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति के संबंध में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर के 4.2 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है, जबकि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) चालू वित्त वर्ष के लिए 2.7 प्रतिशत से अधिक रहेगा। इक्रा ने राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
इक्रा के अनुसार, रबी के नकदी प्रवाह और सामान्य से अधिक जलाशय स्तर की सहायता से ग्रामीण मांग में तेजी बनी रहने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट में आयकर में बड़ी राहत, दरों में कटौती से ईएमआई (मासिक किस्त) में कमी और खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी से घरेलू खर्च योग्य आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के वस्तु निर्यात में सुस्ती निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है। इक्रा के अनुमान के अनुसार, सेवा निर्यात वस्तु निर्यात वृद्धि से आगे निकलने की संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 2025-26 में 10.1 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जिससे निवेश गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। - नयी दिल्ली। कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसने अब तक कुल 200 कोयला ब्लॉक आवंटित किए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘ कोयला मंत्रालय ने अपनी 200वीं कोयला खदान के आवंटन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जो भारत के कोयला क्षेत्र को बदलने के उसके अथक प्रयास को रेखांकित करती है।'' इसमें कहा गया, मध्य प्रदेश में सिंघल बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड को मरवाटोला-II कोयला ब्लॉक का आवंटन क्षेत्रीय सुधारों, निजी भागीदारी को बढ़ावा देने और कोयला उत्पादन में राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। नामित प्राधिकरण ने निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने, प्रक्रियागत बाधाओं को कम करने तथा देश भर में कोयला ब्लॉक के शीघ्र परिचालन को सक्षम बनाने के लिए मंत्रालय की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। बयान के अनुसार, पिछले कई वर्ष में कोयला मंत्रालय ने कई परिवर्तनकारी सुधार किए हैं, जिनमें वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत और एकल खिड़की मंजूरी प्रणाली की शुरुआत से लेकर डिजिटल निगरानी एवं कामकाज से जुड़े माध्यमों को अपनाना शामिल है। इसमें कहा गया है कि इन उपायों ने सामूहिक रूप से कोयला क्षेत्र के परिचालन परिदृश्य को पुनर्परिभाषित किया है, निजी उद्यम के लिए नए अवसर खोले हैं और संसाधन विकास के लिए अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं भविष्य के लिए तैयार ढांचा सुनिश्चित किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2020 में वाणिज्यिक खनन के लिए 41 कोयला ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जिसने भारत के कोयला क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया।
- भुवनेश्वर.। टाटा पावर की पूर्ण अनुषंगी कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने ‘घर घर सोलर' अभियान के तहत ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में किफायती ‘रूफटॉप सोलर' समाधान पेश करने की मंगलवार को घोषणा की। इस अभियान के तहत कंपनी अगले तीन से पांच साल में छतों पर ओडिशा में तीन लाख और देश भर में 10 लाख सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने का लक्ष्य रखा है। टीपीआरईएल के बयान के अनुसार, उसका सुलभ, उपभोक्ता-केंद्रित वित्तपोषण मॉडल ओडिशा की आबादी के व्यापक वर्ग के लिए छतों पर लगने वाली सौर प्रणाली (रूफटॉप सोलर) को सस्ता बनाता है। लोग एक किलोवाट के लिए 2,499 रुपये, दो किलोवाट के लिए 4,999 रुपये और तीन किलोवाट के लिए 7,999 रुपये से शुरू होने वाले न्यूनतम शुरुआती निवेश के साथ इस प्रणाली को लगा सकते हैं। कंपनी ने कहा कि उसने राज्य में छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने को लेकर ओडिशा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (ओआरईडीए) के साथ गठजोड़ किया। बयान के अनुसार, यह पहल घरों के लिए सौर ऊर्जा को आकांक्षा से एक आर्थिक रूप से व्यवहारिक विकल्प में बदल रही है। कंपनी ने कहा कि यह कदम राज्य में छतों पर सौर ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाने में मददगार होगा। इसके तहत ग्राहक कुल राशि का केवल एक तिहाई भुगतान कर सौर प्रणाली लगा सकेंगे। इससे सौर ऊर्जा अधिक सुलभ और सस्ता होगा तथा लोग घरों में इस लगाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इसमें कहा गया, ओडिशा के उपभोक्ताओं को पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत तीन किलोवाट तक के सौर ऊर्जा प्रणाली के लिए 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है, जो इसे स्थापित करने की लागत का करीब 40 प्रतिशत है। वहीं राज्य सरकार द्वारा एक किलोवाट की प्रणाली के लिए 25,000, दो किलोवाट के लिए 50,000 और तीन किलोवाट के लिए 60,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी से इस पहल को और बल मिलेगा।
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नयी दिल्ली. ऑनलाइन कैब सेवा प्रदाता ओला ने मंगलवार को कहा कि वह वाहन चालकों से कोई कमीशन नहीं लेगा। इससे उससे जुड़े 10 लाख से अधिक ड्राइवर सवारी या आय संबंधी किसी सीमा के बगैर किराये से हुई पूरी कमाई रख सकेंगे। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस पहल के तहत कैब ड्राइवर अपनी योजना खुद चुन सकते हैं और बिना किसी कटौती या सीमा के पूरा किराया भी रख सकते हैं। यह कमीशन मॉडल पूरे देश में लागू हो चुका है। इसके दायरे में ऑटो-रिक्शा, बाइक और कैब सेवाएं आती हैं।
ओला कंज्यूमर के प्रवक्ता ने कहा, "पूरे भारत में शून्य प्रतिशत कमीशन मॉडल की शुरुआत सवारी सेवा व्यवसायों में एक मौलिक बदलाव को दर्शाती है। कमीशन हटाने से साझेदार ड्राइवर को बहुत अधिक स्वामित्व और अवसर मिलता है।" प्रवक्ता ने साझेदार ड्राइवर को परिवहन परिवेश की रीढ़ बताते हुए कहा, "उन्हें अपनी कमाई पर पूरा नियंत्रण देने से देश भर में एक अधिक लचीला और टिकाऊ सवारी कारोबार नेटवर्क बनाने में मदद मिलेगी।" ओला ने कहा कि नए कमीशन मॉडल को चरणों में लागू किया गया, जिसकी शुरुआत ओला ऑटो से हुई और फिर ओला बाइक्स और ओला कैब्स में यह लागू हुआ। इसके साथ ही ओला ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि ड्राइवर की पृष्ठभूमि की जांच, वाहन की गुणवत्ता के मानक और ऐप पर आपातकालीन सुविधाओं सहित अन्य कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। - रायपुर। जाने-माने उद्योगपति और कुरुक्षेत्र से सांसद श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर को " कृषि प्रोत्साहन" और" " वरिष्ठ नागरिक कल्याण" के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ग्रीनटेक अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर हुए सामाजिक कार्यों के मूल्यांकन के बाद 14 जून को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में कंपनी को उपरोक्त दोनों ही क्षेत्रों में सराहनीय योगदान के लिए ये दोनों सम्मान प्रदान किये गए, जो श्रीमती शालू जिन्दल के नेतृत्व वाले जिन्दल फाउंडेशन के माध्यम से समाज में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाने के जेएसपी के व्यापक दृष्टिकोण का परिचायक है।जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने इस अवसर पर कहा," ;इन दोनों ग्रीनटेक पुरस्कारोंको पाकर हम गौरवान्वित हैं। यह सम्मान हमें पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक विकास की लौ पहुंचाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। चाहे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक उपलब्ध कराना हो या बुजुर्गों के लिए गौरव और सम्मान का वातावरण तैयार करना, हमारे सभी प्रयास सेवा भावना से प्रेरित हैं। यह पुरस्कार मैं अपनी टीम और उन जुझारू समुदायों को समर्पित करती हूं, जिनके साथ हम निरंतर काम कर रहे हैं।" दोनों क्षेत्रों में मिले सम्मान के लिए उन्होंने निर्णायक मंडल का भी आभार व्यक्त किया।" कृषि प्रोत्साहन " के लिए मिला पुरस्कार इस बात की पहचान है कि जिन्दल फाउंडेशन ने गांवों और आदिवासी क्षेत्रों में किसानों को आगे बढ़ाने के लिए अच्छा काम किया है। फाउंडेशन ने अब तक 25,000 से अधिक किसानों को जैविक खेती, पानी की बचत वाली सिंचाई, खेती के नए उपकरणों के प्रयोग और मिट्टी की अच्छी सेहत बनाए रखने की ट्रेनिंग दी है। इससे किसानों की फसल का उत्पादन बढ़ा, आमदनी बढ़ी और साथ ही साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला।हाल ही में, अंगुल जिले में किसानों के लिए मोबाइल सॉइल टेस्टिंग लैब की शुरुआत श्रीमती शालू जिन्दल ने की, जो श्री नवीन जिन्दल के दृष्टिकोण पर आधारित प्राकृतिक खेती के मिशन का अगला चरण है।जिन्दल फाउंडेशन की वाटरशेड विकास परियोजना और बाड़ी कार्यक्रम की तो अनेक राष्ट्रीय मंचों पर सराहना की गई है।" वरिष्ठ नागरिक कल्याण" के लिए मिला ये पुरस्कार इस बात का सबूत है कि जिन्दल स्टील एंड पावर बुजुर्गों के मान-सम्मान और उनकी देखभाल को अपना दायित्व मानती है। जिन्दल फाउंडेशन की मोबाइल हेल्थ क्लिनिक, डे-केयर सेंटर, घर-घर जाकर दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं और मानसिक सेहत के लिए परामर्श जैसे कार्यक्रम विशेष रूप से गांवों में रहने वाले हजारों बुजुर्गों के लिए लाभकारी साबित हुए हैं। इन पहलों से बुजुर्गों के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सामाजिक जुड़ाव में सुधार हुआ है।फाउंडेशन जरूरतमंद बुजुर्गों के पोषण और देखभाल के लिए विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी कर रहा है और शीघ्र ही " ;जिन्दल अपना घर " के नाम से एक आधुनिक सुविधा-संपन्न वृद्धाश्रम की स्थापना करने जा रहा है, जहां वरिष्ठ नागरिक गरिमापूर्ण और स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। इन दो ग्रीनटेक पुरस्कारों के माध्यम से जेएसपी और जिन्दल फाउंडेशन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि इनोवेशन और समावेशन को साथ लेकर चलने वाली उनकी सोच, भारत में सामाजिक परिवर्तन की एक प्रेरक शक्ति है।
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नयी दिल्ली. प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मेटा ने अरुण श्रीनिवास को भारत में परिचालन के लिए नया प्रबंध निदेशक और प्रमुख नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति एक जुलाई, 2025 से प्रभावी होगी। यह नियुक्ति, पहले भारत का नेतृत्व कर रही संध्या देवनाथन के बाद हुई है, जिन्हें भारत और दक्षिण पूर्व एशिया दोनों की जिम्मेदारी दी गई थी। मेटा ने एक ब्लॉग में कहा कि अपनी नई स्थिति में, श्रीनिवास कंपनी की वृद्धि को गति देने के लिए भारत में मेटा के लिए व्यापार, नवोन्मेष और राजस्व प्राथमिकताओं को देखेंगे। श्रीनिवास सीधे संध्या देवनाथन को रिपोर्ट करेंगे।
मेटा में उपाध्यक्ष (भारत और दक्षिण पूर्व एशिया) देवनाथन ने कहा, ‘‘भारत में मेटा कृत्रिम मेधा (एआई) अपनाने, व्हाट्सएप और रील्स में अग्रणी है, और उच्च प्रदर्शन करने वाली टीम को तैयार करने, नवोन्मेषी उत्पादों को आगे बढ़ाने और मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देने के अरुण का रिकॉर्ड प्रभावशाली है....। भारत में कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ ही वह मेरे साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।'' आईआईएम कोलकाता के पूर्व छात्र श्रीनिवास को हिंदुस्तान यूनिलीवर, रीबॉक, ओला और निवेश फर्म वेस्टब्रिज कैपिटल में काम करने का लगभग 30 साल का अनुभव है। वह वर्ष 2020 से मेटा के साथ हैं। -
मुंबई. मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं पेट्रोलियम शेयरों में खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से सोमवार को स्थानीय शेयर बाजारों में तेजी लौट आई। मानक सूचकांक सेंसेक्स में करीब 678 अंक और निफ्टी में 228 अंक की बढ़त दर्ज की गई। विश्लेषकों ने कहा कि ईरान और इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष तेज होने के बावजूद स्थानीय बाजार में तेल एवं गैस और आईटी शेयरों को कम मूल्य पर खरीदने का रुझान देखा गया। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 677.55 अंक यानी 0.84 प्रतिशत उछलकर 81,796.15 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 747.22 अंक बढ़कर 81,865.82 अंक पर पहुंच गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 227.90 अंक यानी 0.92 प्रतिशत चढ़कर 24,946.50 अंक पर बंद हुआ। इसके साथ ही शेयर बाजारों में दो दिन के अंतराल के बाद तेजी लौट आई। ईरान-इजराइल संघर्ष छिड़ने से पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स 1,396.54 अंक और निफ्टी 422.8 अंक गिर गया था। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स, अदाणी पोर्ट्स और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "ईरान-इजराइल संघर्ष से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजार दिग्गज शेयरों के दम पर बढ़त लेने में सफल रहे। निवेशकों ने उतार-चढ़ाव भरे समय में दीर्घकालिक बुनियादी पहलुओं पर अपनी स्थिति बरकरार रखी। हालांकि निकट अवधि में इस तनाव का बाजार की धारणा पर असर पड़ने की आशंका है।" मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.93 प्रतिशत की तेजी रही जबकि छोटी कंपनियों से जुड़ा स्मालकैप सूचकांक 0.38 प्रतिशत चढ़ गया। तेजी के बीच सभी क्षेत्रवार सूचकांकों में तेजी देखी गई। सर्वाधिक 1.50 प्रतिशत की बढ़त आईटी खंड में दर्ज की गई जबकि प्रौद्योगिकी खंड में 1.35 प्रतिशत और तेल एवं गैस खंड में 1.22 प्रतिशत की तेजी रही। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.81 प्रतिशत गिरकर 73.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
इस बीच, मई में थोक मुद्रास्फीति घटकर 0.39 प्रतिशत पर आ गई जो 14 महीने का सबसे निचला स्तर है। खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में नरमी के कारण मई में थोक मुद्रास्फीति घटी है। आशिका स्टॉक ब्रोकिंग में तकनीकी एवं डेरिवेटिव विश्लेषक सुंदर केवट ने कहा, "पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजारों ने जुझारूपन दिखाया।" शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,263.52 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। शुक्रवार को सेंसेक्स 573.38 अंक गिरकर 81,118.60 अंक और निफ्टी 169.60 अंक गिरकर 24,718.60 अंक पर बंद हुआ था। -
नयी दिल्ली. यूपीआई के जरिए लेनदेन सोमवार से और तेज होने जा रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने भुगतान के लिए प्रतिक्रिया समय को घटाकर 10 सेकंड कर दिया है। यूपीआई या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक तत्काल भुगतान प्रणाली है, जिसे एनपीसीआई ने मोबाइल फोन के जरिए बैंकों के बीच लेनदेन की सुविधा के लिए विकसित किया है। एनपीसीआई के हाल के परिपत्र के अनुसार धन हस्तांतरण, स्थिति जांच और वापसी सहित लेनदेन अब 30 सेकंड के बजाय 10 से 15 सेकंड में पूरे हो जाएंगे। इस तरह 16 जून से, यूपीआई भुगतान में पता सत्यापित करने में लगने वाला समय अब पहले के 15 सेकंड की तुलना में केवल 10 सेकंड लगेगा। एनपीसीआई ने कहा कि प्रतिक्रिया समय में संशोधन का मकसद ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना है।
एनपीसीआई के एक अन्य परिपत्र के अनुसार, ग्राहक जल्द ही अपने यूपीआई ऐप के जरिए दिन में 50 बार अपने खाते का बैलेंस चेक कर सकेंगे। एक विशेषज्ञ के अनुसार अभी तक एक दिन में खाते की शेष राशि की जांच करने की कोई सीमा नहीं है और प्रणालीगत दक्षता को ध्यान में रखते हुए 50 की सीमा शुरू की गई है। -
नई दिल्ली। भारत के जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने सोमवार को सार्वजनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की, जिससे उनका 45 वर्षों का सरकारी करियर समाप्त हो गया।उन्होंने कहा, “सरकारी सेवा में 45 वर्षों की समर्पित भूमिका के बाद मैंने जीवन में नए अवसरों को अपनाने और आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। मैं भारत के प्रधानमंत्री का अत्यंत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे कई विकासात्मक पहलों को आगे बढ़ाने का अवसर दिया।”
अमिताभ कांत को 2022 में G20 Sherpa नियुक्त किया गया था। यह भूमिका 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान काफी अहम बन गई थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन पर भूराजनीतिक मतभेदों के बीच सहमति बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।उन्होंने भारत की G20 अध्यक्षता को समावेशी और डिसेंट्रलाइज्ड बताया, जिसके तहत देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान भारत ने अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाने की भी जोरदार वकालत की, जो नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में साकार हुई। कांत ने अपने सार्वजनिक सेवा करियर के खास पलों को कैद करने वाली तस्वीरों का एक कोलाज भी साझा किया, जिसमें वैश्विक और राष्ट्रीय नेताओं के साथ बातचीत और जी-20 कार्यकाल की घटनाएं शामिल हैं। -
नई दिल्ली। भारत में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर मई में 14 महीनों के निचले स्तर 0.39 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 0.85 प्रतिशत थी। सरकार की ओर से सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
यह लगातार तीसरा महीना है जब थोक महंगाई दर में कमी देखने को मिलीयह लगातार तीसरा महीना है जब थोक महंगाई दर में कमी देखने को मिली है। इससे पहले मई 2024 में थोक महंगाई दर 2.74 प्रतिशत थी।खाद्य, ईंधन और प्राथमिक वस्तुओं सहित ज्यादातर श्रेणियों में महंगाई हुई कम केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मई 2025 में खाद्य, ईंधन और प्राथमिक वस्तुओं सहित ज्यादातर श्रेणियों में महंगाई कम हुई है।बीते महीने खाद्य वस्तुओं में थोक महंगाई दर कम होकर 1.72% हो गईmबीते महीने खाद्य वस्तुओं में थोक महंगाई दर कम होकर 1.72 प्रतिशत हो गई है, जो कि अप्रैल में 2.55 प्रतिशत थी। यह ट्रेंड दिखाता है कि देश में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आ रही है।सब्जियों की महंगाई दर मई में घटकर -21.62 प्रतिशत रह गईखाद्य वस्तुओं की श्रेणी में सब्जियों की महंगाई दर मई में घटकर -21.62 प्रतिशत रह गई, जो अप्रैल में -18.26 प्रतिशत थी। मई महीने में दालों में महंगाई दर -10.41 प्रतिशत रही, जबकि गेहूं की महंगाई दर 5.75 प्रतिशत रही। अंडे, मांस और मछली की महंगाई दर अप्रैल में -0.29 प्रतिशत से घटकर मई में -1.01 प्रतिशत रह गई। आलू और प्याज की महंगाई दर क्रमशः -29.42 प्रतिशत और -14.41 प्रतिशत रही।मई में ईंधन और ऊर्जा पर महंगाई दर (-)2.27 प्रतिशत रहीमई में ईंधन और ऊर्जा पर महंगाई दर (-)2.27 प्रतिशत रही है, जो कि अप्रैल में (-) 2.18 प्रतिशत थी।प्राथमिक वस्तुओं के लिए महंगाई दर मई में कम होकर (-) 2.02 प्रतिशत रह गई है, जो कि अप्रैल में (-) 1.44 प्रतिशत थी। डब्ल्यूपीआई मुख्य महंगाई दर, जिसमें फूड और फ्यूल नहीं शामिल होता है, घटकर 0.9 प्रतिशत हो गई है, जो कि अप्रैल में 1.5 प्रतिशत थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स पर महंगाई दर मई में 2.04 प्रतिशत रही है, जो कि अप्रैल में 2.62 प्रतिशत थी। -
नयी दिल्ली. उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों में लगातार पड़ रही गर्मी ने जून में कमरे वाले एयर-कंडीशनर (आरएसी) की बिक्री में उछाल ला दिया है। हालांकि, देश के कई हिस्सों में सबसे ज्यादा मांग वाले सीजन के दौरान रुक-रुक कर हो रही बारिश ने कंपनियों को इस साल बिक्री अनुमान को घटाकर 10-15 प्रतिशत करने पर मजबूर कर दिया है। कमरे वाले एसी के लिए सर्वाधिक मांग वाले सीजन गर्मियों में इस बार एसी विनिर्माताओं को निराशा हाथ लगी है। हालांकि, जून में गर्मी के कारण तेज खरीदारी के कारण कुछ उम्मीद की किरणें भी दिख रही हैं।
आरएसी विनिर्माताओं ने कहा कि फरवरी और मार्च में उत्साहजनक संख्या के बाद, गर्मियों के जल्दी आने से उन्हें मदद मिली, वे पिछले साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की उच्च दोहरे अंकों की मात्रा वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे, और उन्होंने भंडारण भी बना लिया था। ब्लू स्टार के प्रबंध निदेशक बी त्यागराजन ने कहा, “हम सभी ने 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि की योजना बनाई थी, जो नहीं होने जा रही है। यह एक निराशाजनक गर्मी है; यह सच है। यह खेल का एक अभिन्न अंग है।” उन्होंने कहा, “हमें स्थिति को संभालना होगा और आगे बढ़ना होगा। फरवरी और मार्च में अच्छी शुरुआत के बावजूद, इस वर्ष आरएसी उद्योग 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ समाप्त होगा।” भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पिछले सप्ताह कहा था कि जून के मध्य से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के आने से ठंडी हवाएं, बारिश और आंधी आने की संभावना है।
वोल्टास के एमडी और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रदीप बख्शी ने कहा कि पिछले दो महीनों में 2024 की बिक्री की तुलना में उद्योग के लिए शायद ही कोई वृद्धि हुई है। बख्शी ने कहा, “बल्कि, वास्तव में, उद्योग के लिए वृद्धि में गिरावट आई है। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि लोग अब पहली तिमाही (जून तिमाही) में बड़ी वृद्धि संख्या की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले साल की संख्या को छूना अपने आप में एक चुनौती होगी।” उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा गर्मी वाले महीनों पर मौसम का असर पड़ा है। इसने खेल बिगाड़ दिया। अप्रैल और मई के नुकसान के बाद, बाकी 10 महीनों में उबरना मुश्किल है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों से अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं, क्योंकि गर्मियां अपने चरम पर हैं, तापमान बढ़ रहा है, खासकर देश के उत्तरी क्षेत्र में, जिससे आने वाले महीनों में बेहतर परिणाम मिलने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। टाटा समूह की कंपनी वोल्टास की हालिया सालाना रिपोर्ट के अनुसार, इसने 25 लाख से अधिक एसी की बिक्री और पांच लाख से अधिक एयर कूलर की बिक्री के साथ रिकॉर्ड-तोड़ मील के पत्थर हासिल किए हैं। हायर अप्लायंसेज इंडिया के अध्यक्ष एन एस सतीश ने कहा कि आरएसी के लिए सालाना वृद्धि 30 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा, “लेकिन अप्रैल और मई के महीने अच्छे नहीं रहे। वास्तव में इसमें 10 से 15 प्रतिशत की गिरावट आई। जबकि जून में बिक्री में फिर से तेजी आई है।” भारतीय आरएसी बाज़ार दुनिया भर में सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक है, जिसमें 12 से 15 कंपनियां प्रतिस्पर्धा करती हैं। अनुमान है कि यह बाज़ार लगभग 1.5 करोड़ इकाई का है। -
नई दिल्ली। सोने और चांदी दोनों की कीमत में इस हफ्ते बढ़त देखी गई है। सोने के दाम में 1,900 रुपए से अधिक का इजाफा हुआ। वहीं, चांदी का भाव 800 रुपए से अधिक बढ़ गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 99,058 रुपए है, जबकि एक हफ्ते पहले इसी दिन यह 97,145 रुपए थी, जो कि सोने की कीमत में 1,913 रुपए की बढ़त को दर्शाता है।
22 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 90,737 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 88,985 रुपए था22 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 90,737 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 88,985 रुपए था। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 72,859 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 74,294 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं, समीक्षा अवधि में चांदी की कीमत 882 रुपए बढ़कर 1,06,167 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 1,05,285 रुपए प्रति किलो थी। चांदी अपने उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। 10 जून को चांदी ने 1,07,000 रुपए प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई बनाया था।हाल के दिनों में ऐसे कई वैश्विक घटनाक्रम हुए हैं, जिन्होंने सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ाने में मदद की हैहाल के दिनों में ऐसे कई वैश्विक घटनाक्रम हुए हैं, जिन्होंने सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ाने में मदद की है। इनमें ईरान-इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष और रूस और यूक्रेन के बीच लगातार तनाव शामिल हैं। वैश्विक अनिश्चितता के समय सुरक्षित माने जाने के कारण दुनिया भर में सोने और चांदी की मांग बढ़ जाती है और मांग के मुकाबले सीमित आपूर्ति के कारण इनकी कीमतों में इजाफा होता है।1 जनवरी से अब तक 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम 76,162 रुपए से 22,896 रुपए या 30.06 प्रतिशत बढ़कर 99,058 रुपए पर पहुंच गया है1 जनवरी से अब तक 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम 76,162 रुपए से 22,896 रुपए या 30.06 प्रतिशत बढ़कर 99,058 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 20,150 रुपए या 23.42 प्रतिशत बढ़कर 1,06,167 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है।( -
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, भारत की दो प्रमुख एयरलाइनों, एयर इंडिया और इंडिगो, ने ईरान के एयरस्पेस के बंद होने के कारण उड़ानों में देरी और रूट बदले जाने को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी की है।
एयर इंडिया ने शनिवार को कहा कि कंपनी ने ईरान का एयरस्पेस बंद होने के कारण कई उड़ानों के मार्ग में परिवर्तन किया है। एयरलाइन ने घोषणा की कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसकी कुछ उड़ानें अब लंबे, वैकल्पिक मार्गों पर संचालित हो रही हैं।एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक अपडेट साझा किया, जिसमें कहा गया, “ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में उभरती स्थिति के कारण हवाई क्षेत्र के बंद होने और हमारे यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हमारी कुछ उड़ानें वैकल्पिक विस्तारित मार्गों पर चल रही हैं। हम हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण अपने यात्रियों को होने वाली किसी भी असुविधा को कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम दोहराना चाहेंगे कि एयर इंडिया में, हमारे यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।”यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्रीय तनाव की एक सीरीज के बाद ईरान और आस-पास के क्षेत्रों में हवाई क्षेत्र बंद है।इस स्थिति ने कई अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है जो आमतौर पर ईरान से गुजरते हैं। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी एक्स के माध्यम से एक बयान जारी कर यात्रियों को संभावित व्यवधानों के बारे में चेतावनी दी है।एयरलाइन ने अपनी एडवाइजरी में कहा, “ईरान और उसके आस-पास के इलाकों में हवाई क्षेत्र अभी भी उपलब्ध नहीं है। कुछ उड़ान मार्गों को एडजस्ट करने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे यात्रा की अवधि बढ़ सकती है या देरी हो सकती है।”वहीं, इंडिगो ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपने फ्लाइट स्टेटस की जांच करें।एयरलाइन ने आश्वासन दिया कि उसकी कस्टमर सर्विस टीम इन देरी से प्रभावित यात्रियों की सक्रिय रूप से सहायता कर रही है।दोनों एयरलाइनें वैकल्पिक हवाई गलियारों के माध्यम से प्रभावित उड़ानों को फिर से रूट करने के लिए काम कर रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप उड़ान का समय लंबा हो सकता है। परिणामस्वरूप, यूरोप, खाड़ी और मध्य एशिया से आने-जाने वाली कई सेवाएं 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक की देरी का सामना कर रही हैं। - नयी दिल्ली. सरकार ने हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 54,166 टन मूंग और उत्तर प्रदेश से 50,750 टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी है। वर्ष 2025-26 की ग्रीष्मकालीन फसलों की खरीद केंद्रीय मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत की जाएगी, जो बाजार दरें एमएसपी से नीचे आने पर सक्रिय होती है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए पीएसएस के तहत फसलों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी। मंत्री ने आंध्र प्रदेश में खरीद अवधि को 26 जून तक 15 दिन के लिए बढ़ाने को भी मंजूरी दी। सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित करने, घरेलू दलहन उत्पादन को बढ़ाने और आयात निर्भरता को कम करने के लिए पीएसएस के तहत वर्ष 2024-25 में तुअर, उड़द और मसूर के 100 प्रतिशत उत्पादन की खरीद की अनुमति दी है। इस पहल को 2028-29 तक चार साल के लिए बढ़ा दिया गया है। पीएसएस के तहत खरीद केंद्रीय नोडल एजेंसियों भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) द्वारा की जाती है।







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