सेवा संकल्प अभियान- सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम
0- हेलमेट, यातायात नियम और पीएम राहत योजना पर दी गई जानकारी
0- बीआईएस केयर ऐप से हेलमेट की प्रामाणिकता जांचने की अपील
0- सड़क हादसे में घायलों के कैशलेस उपचार की योजना पर भी हुई चर्चा
बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज परिवहन विभाग द्वारा जिला संयुक्त कार्यालय के सभा कक्ष में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सुरक्षित वाहन चालन, मानक हेलमेट के उपयोग, यातायात नियमों के पालन तथा सड़क दुर्घटना में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।
आईएस 4151 मानक वाला हेलमेट खरीदने की अपील
कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो के अभियान की जानकारी देते हुए बताया गया कि मोटरसाइकिल चालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप हेलमेट का उपयोग करना चाहिए। भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार मोटरसाइकिल चालकों के सुरक्षात्मक हेलमेट के लिए आईएस 4151: 2015 मानक निर्धारित है।
वक्ताओं ने नागरिकों से हेलमेट खरीदते समय उसके मानक चिह्न और लाइसेंस संबंधी विवरण की जांच करने की अपील की। बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उत्पाद पर दिए गए लाइसेंस विवरण की प्रामाणिकता जांची जा सकती है। बीआईएस केयर ऐप में वेरिफाई लाइसेंस डिटेल सुविधा उपलब्ध है।
पीएम राहत योजना से सड़क हादसे में घायलों को कैशलेस उपचार
बैठक में पीएम राहत योजना के संबंध में डिस्ट्रिक्ट रोल आउट मैनेजर श्री टिकेन्द्र देशमुख ने विस्तार से जानकारी दी। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा कैशलेस ट्रिटमेंट आफ रोड एक्सिडेंट विक्टिम्स स्कीम 2025 लागू की गई है। योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक प्रति व्यक्ति प्रति दुर्घटना 1.50 लाख रूपए तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उपचार मिलने से गंभीर स्थिति वाले घायलों के उपचार में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। योजना का उद्देश्य उपचार में आर्थिक बाधा को कम करना और सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता पर जोर
कार्यक्रम में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, अस्पतालों तथा आम नागरिकों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के महत्व को रेखांकित किया गया। योजना के दिशा-निर्देशों में पुलिस, अस्पतालों तथा संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वित व्यवस्था का प्रावधान है।
राहवीर योजना और सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा
इस जागरूकता कार्यक्रम में राहवीर योजना से संबंधित प्रावधानों तथा सड़क दुर्घटनाओं के दौरान नागरिकों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने सड़क सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति में वाहन चलाने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की।
प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर के वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद देवांगन उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि डॉ देवांगन सीएसवीटीयू भिलाई के प्रोफेसर, भिलाई इस्पात संयंत्र के पूर्व उप महाप्रबंधक, जल संसाधन प्रबंधन के पूर्व तकनीकी प्रमुख तथा नगरीय प्रशासन विभाग के पूर्व सलाहकार के पद पर भी रहे हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधु हर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्री राम कुमार सोनकर, एसडीओपी श्रीमती माया शर्मा तथा जिला परिवहन अधिकारी श्री योगेश भंडारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षित यातायात के लिए लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं नागरिकों ने हस्ताक्षर कर सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सभी ने ठप्ै मानक वाला हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने तथा अन्य लोगों को भी सुरक्षित एवं प्रमाणित हेलमेट के उपयोग के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।








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