आयुष्मान भारत योजना से रामप्रसाद को मिला नया जीवन
0- सेवा संकल्प अभियान- कूल्हे की गंभीर चोट के बाद जिला अस्पताल में सफल हिप रिप्लेसमेंट
0- सेवा भाव और विशेष उपचार से फिर अपने पैरों पर खड़े हुए राजमिस्त्री रामप्रसाद
बालोद. गरीबी और मजबूरी के बीच जब कोई गंभीर बीमारी या दुर्घटना परिवार के सामने चुनौती बनकर खड़ी होती है, तब सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंदों के लिए बड़ी उम्मीद बनती हैं। आयुष्मान भारत योजना ने बालोद विकासखंड के ग्राम जुंगेरा निवासी 44 वर्षीय राजमिस्त्री श्री रामप्रसाद के जीवन में भी ऐसी ही उम्मीद जगाई। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उनके कूल्हे का जटिल प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया और वे उपचार के अगले ही दिन बिना किसी सहारे के चलने लगे।
हादसे ने छीनी चलने की ताकत, परिवार पर छाया संकट
श्री रामप्रसाद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। 11 अगस्त को अपने घर की छत पर काम करते समय अचानक गिर जाने से उनके कूल्हे की हड्डी गंभीर रूप से टूट गई। हादसे के बाद वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। दर्द के कारण दैनिक कामकाज करना भी मुश्किल हो गया था। शुरुआत में उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपचार कराया, लेकिन दर्द और परेशानी से राहत नहीं मिली। आखिरकार परिजन उन्हें बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जटिल समस्या का किया समाधान
जिला अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार सोरी एवं उनकी टीम ने रामप्रसाद की चिकित्सकीय एवं रेडियोलॉजिकल जांच की। जांच में कूल्हे की हड्डी की गंभीर क्षति सामने आई। चिकित्सकों ने परिजनों को आवश्यक उपचार की जानकारी देते हुए कूल्हे के प्रत्यारोपण की सलाह दी।
श्री रामप्रसाद को विगत 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती किया गया। आवश्यक जांच और तैयारी के बाद 23 सितंबर को डॉ. पंकज कुमार सोरी के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने कूल्हे का जटिल प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया।
अगले ही दिन बिना सहारे चलने लगे रामप्रसाद
सफल सर्जरी के बाद रामप्रसाद के जीवन में खुशी का वह पल आया, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था। 24 सितंबर को उन्होंने वाकर के सहारे चलना शुरू कर दिया। कुछ समय पहले तक लाठी के सहारे चलने को मजबूर रामप्रसाद को अपने पैरों पर खड़ा देखकर उनके परिजनों की आंखों में खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया।
आयुष्मान कार्ड बना इलाज का सहारा
निजी अस्पतालों में महंगा होने वाला यह जटिल उपचार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जिला अस्पताल में रामप्रसाद का निःशुल्क किया गया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह सुविधा किसी बड़ी राहत से कम नहीं थी।
रामप्रसाद ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी भी नहीं सोचा था कि हमारे जिला अस्पताल में इतनी बड़ी सर्जरी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क की जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा भाव ने लौटाई मुस्कान
रामप्रसाद की कहानी केवल एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधा, चिकित्सकों के सेवा भाव और मानवीय संवेदना के साथ किसी जरूरतमंद के जीवन में बदलाव लाने की कहानी है। जिला अस्पताल की टीम ने विशेषज्ञता के साथ संवेदनशीलता का परिचय देते हुए रामप्रसाद को फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर दिया।
अपने पैरों पर दोबारा चलते हुए रामप्रसाद और उनके परिवार के चेहरों पर आई मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि सही समय पर मिला उपचार किसी परिवार के लिए कितनी बड़ी राहत बन सकता है।
रामप्रसाद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसी स्वास्थ्य सुविधा ने उनके जैसे जरूरतमंद परिवार को महंगे उपचार की चिंता से मुक्त किया है।






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